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  • मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे आसान उपाय शुक्रवार की पूजा में रखें इन नियमों का ध्यान मिलेगा सुख समृद्धि और वैभव

    मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे आसान उपाय शुक्रवार की पूजा में रखें इन नियमों का ध्यान मिलेगा सुख समृद्धि और वैभव


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन धन की अधिष्ठात्री देवी माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सच्ची श्रद्धा और पूर्ण विधि विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करने वाले भक्तों पर देवी की विशेष कृपा बनी रहती है। जिन घरों में नियमित रूप से शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन किया जाता है वहां सुख समृद्धि वैभव और खुशहाली का वास होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि पूजा के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी आवश्यक माना गया है। इन नियमों का पालन करने से माता लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और जीवन में आर्थिक उन्नति के साथ मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।

    शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के मंदिर और मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए क्योंकि स्वच्छता को माता लक्ष्मी का सबसे प्रिय गुण माना गया है। घर के प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाना और दीपक जलाना भी शुभ फलदायी माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

    पूजा के समय माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र को स्वच्छ लाल या गुलाबी वस्त्र पर स्थापित करें। देवी को कमल का फूल अर्पित करना सबसे शुभ माना गया है। इसके साथ लाल पुष्प अक्षत रोली हल्दी चंदन धूप दीप और नैवेद्य अर्पित करें। माता को खीर बताशे मिश्री सफेद मिठाई या दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है। पूजा के दौरान श्रीसूक्त लक्ष्मी चालीसा और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

    शुक्रवार के दिन घर में किसी भी प्रकार का कलह विवाद या कटु वचन बोलने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि जिस घर में प्रेम शांति और सम्मान का वातावरण रहता है वहां माता लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करती हैं। इस दिन क्रोध अहंकार और नकारात्मक विचारों से दूर रहना भी आवश्यक माना गया है।

    यदि संभव हो तो शुक्रवार का व्रत रखें और सात्विक भोजन ग्रहण करें। लहसुन प्याज और तामसिक भोजन से परहेज करना शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु इस दिन सफेद रंग की वस्तुओं का दान भी करते हैं। जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र या धन का दान करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आर्थिक बाधाएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं।

    शुक्रवार की शाम घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दीपक की पवित्र ज्योति घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सुख समृद्धि का मार्ग खोलती है। पूजा के बाद पूरे परिवार के साथ माता लक्ष्मी की आरती करना और प्रसाद ग्रहण करना चाहिए। इससे परिवार में एकता प्रेम और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

    धार्मिक ग्रंथों में यह भी उल्लेख मिलता है कि माता लक्ष्मी केवल धन ही नहीं बल्कि सौभाग्य संतोष सफलता और खुशहाली की भी प्रतीक हैं। इसलिए उनकी पूजा केवल आर्थिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सदाचार ईमानदारी और परिश्रम के साथ जीवन को बेहतर बनाने की भावना से करनी चाहिए। सच्ची श्रद्धा स्वच्छ मन और नियमों के साथ की गई शुक्रवार की पूजा व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि और नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

  • टीबी समझकर शुरू कर दी दवा, निकली फेफड़ों की दूसरी बीमारी, डॉक्टरों ने बताई सही जांच की अहमियत

    टीबी समझकर शुरू कर दी दवा, निकली फेफड़ों की दूसरी बीमारी, डॉक्टरों ने बताई सही जांच की अहमियत


    नई दिल्ली । टीबी यानी क्षय रोग आज भी देश के सामने एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी के इलाज में सबसे बड़ी गलती बिना पुष्टि के दवा शुरू कर देना है। केवल एक्स-रे में दिखाई देने वाले धब्बों या सामान्य लक्षणों के आधार पर टीबी का इलाज शुरू करना मरीज के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इससे न केवल वास्तविक बीमारी का इलाज देर से शुरू होता है बल्कि अनावश्यक दवाओं के दुष्प्रभाव भी झेलने पड़ सकते हैं। लखनऊ के सिविल अस्पताल में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहां मरीजों को टीबी समझकर दवा दी गई लेकिन विस्तृत जांच में बीमारी कुछ और निकली।

    ऐसा ही एक मामला राजधानी के अहिमामऊ निवासी 46 वर्षीय प्रेमचंद का सामने आया। उन्हें लगातार खांसी सांस फूलने और वजन कम होने की शिकायत थी। एक निजी चिकित्सक ने एक्स-रे में फेफड़ों पर धब्बे देखकर टीबी की दवा शुरू कर दी। करीब एक सप्ताह तक दवा लेने के बावजूद उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में सिविल अस्पताल में विस्तृत जांच कराई गई तो पता चला कि उन्हें टीबी नहीं बल्कि फेफड़ों में गांठ यानी लंग नोड्यूल की समस्या है। इसके बाद तुरंत टीबी की दवा बंद कर सही बीमारी का उपचार शुरू किया गया।

    वरिष्ठ क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि एक्स-रे में दिखाई देने वाला हर धब्बा टीबी का संकेत नहीं होता। कई बार फेफड़ों का कैंसर ब्रोंकाइटिस अस्थमा या लंग नोड्यूल जैसी बीमारियां भी एक्स-रे में लगभग वैसी ही दिखाई देती हैं। उनके अनुसार लगभग 30 प्रतिशत मामलों में केवल एक्स-रे के आधार पर किया गया आकलन गलत साबित हो सकता है। इसलिए टीबी की पुष्टि के लिए बलगम जांच सीबीनॉट जीन एक्सपर्ट सीटी स्कैन और मरीज की पूरी चिकित्सीय पृष्ठभूमि का मूल्यांकन करना बेहद जरूरी होता है। सभी जांचों के बाद ही उपचार शुरू किया जाना चाहिए।

    विशेषज्ञों के मुताबिक समय पर सही जांच होने से टीबी का इलाज अब पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो गया है। वर्तमान में टीबी से ठीक होने की दर 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद यदि मरीज बीच में दवा छोड़ देता है तो बीमारी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी में बदल सकती है जिसका इलाज अधिक कठिन और लंबा होता है। यदि इसका भी उपचार अधूरा छोड़ दिया जाए तो एक्सटेंसिव ड्रग रेजिस्टेंट टीबी जैसी गंभीर स्थिति विकसित हो सकती है जिसका इलाज करीब दो वर्ष तक चल सकता है।

    डॉ. दुबे बताते हैं कि टीबी का जीवाणु परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलने की क्षमता रखता है। दवाओं से अधिकांश सक्रिय जीवाणु नष्ट हो जाते हैं लेकिन कुछ सुप्त अवस्था में मौजूद जीवाणु शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होने पर फिर सक्रिय हो सकते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर द्वारा निर्धारित पूरी अवधि तक नियमित रूप से दवा लेना बेहद जरूरी होता है।

    टीबी का संक्रमण मरीज के खांसने या छींकने से हवा में फैलने वाली संक्रमित बूंदों के माध्यम से फैलता है। बंद अंधेरे और नम वातावरण में यह जीवाणु लंबे समय तक सक्रिय रह सकता है। बिना मास्क और पर्याप्त दूरी के लंबे समय तक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय पर जांच उपचार और सावधानी न केवल मरीज बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान नशीले पदार्थों का सेवन कुपोषण मधुमेह एचआईवी कैंसर एनीमिया और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में टीबी का खतरा अधिक रहता है। यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी बुखार वजन कम होना भूख न लगना या बलगम में खून आने जैसी शिकायत हो तो तुरंत सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीबी की जांच करानी चाहिए। सरकार टीबी मरीजों को उपचार के दौरान हर महीने पोषण सहायता भी उपलब्ध कराती है ताकि इलाज नियमित रूप से जारी रखा जा सके।

    इसी बीच आधुनिक चिकित्सा तकनीक भी टीबी और फेफड़ों की अन्य बीमारियों की सटीक पहचान में मददगार साबित हो रही है। एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड तकनीक के जरिए बिना किसी बड़ी सर्जरी के फेफड़ों के अंदर की जांच संभव हो गई है जिससे टीबी फेफड़ों के कैंसर और लिम्फ नोड्स से जुड़ी बीमारियों का शुरुआती चरण में ही सही पता लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही जांच समय पर इलाज और जागरूकता ही टीबी मुक्त भारत की दिशा में सबसे प्रभावी कदम साबित होंगे।

  • सऊदी टैंकरों पर हमले के बाद पाकिस्तान की सिर्फ बयानबाजी, रक्षा समझौते के बावजूद किया किनारा

    सऊदी टैंकरों पर हमले के बाद पाकिस्तान की सिर्फ बयानबाजी, रक्षा समझौते के बावजूद किया किनारा


    नई दिल्‍ली । पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shehbaz Sharif) के सामने जब सऊदी अरब (Saudi Arabia) को दिया वादा निभाने की जिम्मेदारी आई तो उन्होंने अपना असली रंग दिखा दिया. लाल सागर में जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल टैंकर पर हमला किया तो पाकिस्तान ने जी भरकर इसकी आलोचना की. शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस (Crown Prince) को फोन लगाकर उनके साथ सॉलिडरिटी जताई, सऊदी को बिरादर मुल्क बताया, हूतियों की निंदा की. लेकिन असल एक्शन के नाम पर पाकिस्तान के पास जुबानी जमा खर्च करने के अलावा कुछ नहीं था.

    सवाल है कि शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के साथ कौन सा कमिटमेंट किया है. बताना चाहेंगे कि सऊदी अरब और पाकिस्तान ने डिफेंस डील किया है. इसके तहत दोनों देशों ने कहा है कि एक के ऊपर हमला दूसरे पर भी अटैक माना जाएगा और दोनों देश मिलकर इस हमले का जवाब देंगे.

    यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार तड़के लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया. सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के मुताबिक पाकिस्तान को ऐसे किसी सिचुएशन में सऊदी अरब की तरफ से हूती विद्रोहियों को जवाब देकर अपना सिक्योरिटी कमिटमेंट पूरा करना चाहिए था.

    कहां गया सऊदी-पाकिस्तान का डिफेंस डील
    लेकिन इस दौरान पाकिस्तान खामोश रहा. यहां अहम यह है कि पाकिस्तान ईरान का भी हितैषी होने का गेम खेल रहा है. ईरान के गृह मंत्री ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा खत्म किया है. इस दौरान ईरान-पाकिस्तान ने दोस्ती को नई ऊंचाई पर ले जाने का वादा किया.

    पाकिस्तान के सामने समस्या यह है कि हूती विद्रोही ईरान के इशारे पर ही चलते हैं. अगर पाकिस्तान हूतियों के खिलाफ कुछ करता है तो वह ईरान की दुश्मनी मोल लेगा. जिसके साथ उसकी लंबी सीमा है. लेकिन अगर पाकिस्तान लाल सागर में सऊदी अरब के टैंकरों पर हमला कर रहे हूती विद्रोहियों पर कोई एक्शन नहीं लेता है तो इससे सऊदी अरब को उसकी असलियत समझ आ जाएगी.

    ऐसी हरकतें मंज़ूर नहीं
    फिलहाल इस बार जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो टैंकरों को ब्लास्ट कर आग के हवाले कर दिया तो पाकिस्तान ने क्राउन प्रिंस सलमान को फोन कर एक बार फिर से बड़े बड़े वादे किए.

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हूतियों के हमले की निंदा की है और उन्हें चेतावनी दी है. शहबाज ने एक्स पर लिखा, “आज सुबह मैंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री, महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद से टेलीफ़ोन पर बातचीत की. मैंने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हूतियों के हमलों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की. ऐसी हरकतें मंज़ूर नहीं हैं; ये अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करती हैं, समुद्री आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा हैं और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा को कमज़ोर करती हैं.”

    पाक विदेश मंत्रालय की चेतावनी
    बाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों को चेतावनी देकर जरूर भड़ास निकाली. हालांकि पाकिस्तान की ये चेतावनी उसके जहाजों पर हमलों की आशंका को लेकर थी. पाकिस्तान ने कहा कि लाल सागर में उसके झंडे वाले जहाजों या समुद्री हितों के खिलाफ किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जाएगा. उसने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतों को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “गंभीर खतरा” माना जाएगा.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों या उसके कमर्शियल जहाजों पर किसी भी हमले को “पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा और उसका तुरंत जवाब दिया जाएगा.”

    हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है. उन्होंने कहा था कि वे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी जहाजों को रोकेंगे. यह कदम उन्होंने यमन में बंदरगाहों और हवाई अड्डों की रियाद द्वारा की गई नाकेबंदी के जवाब में उठाया है.

  • ग्लासगो में खेलों का महासंग्राम शुरू, मीराबाई-लवलीना बनीं भारत की शान, कॉमनवेल्थ गेम्स का शानदार शुभारंभ

    ग्लासगो में खेलों का महासंग्राम शुरू, मीराबाई-लवलीना बनीं भारत की शान, कॉमनवेल्थ गेम्स का शानदार शुभारंभ


    नई दिल्ली । स्कॉटलैंड के ऐतिहासिक शहर ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का शानदार आगाज हो गया। रंगों रोशनी संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी भव्य उद्घाटन समारोह ने दुनिया भर से पहुंचे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। ओवीओ हाइड्रो एरिना में आयोजित इस समारोह में स्कॉटलैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसी के साथ अगले 11 दिनों तक चलने वाले खेलों के इस महाकुंभ का औपचारिक शुभारंभ हुआ जहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पदकों के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे।

    कॉमनवेल्थ की परंपरा के अनुरूप ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय ने आधिकारिक रूप से खेलों का उद्घाटन किया। वर्ष 2014 के बाद एक बार फिर ग्लासगो को इन प्रतिष्ठित खेलों की मेजबानी का अवसर मिला है। उद्घाटन समारोह में स्कॉटलैंड की संस्कृति लोक परंपराओं और आधुनिक कला का अनूठा प्रदर्शन हुआ। प्रसिद्ध कलाकारों केटी टुनस्टॉल नाथन इवांस और सेंट फीनिक्स की शानदार प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी यादगार बना दिया। संगीत नृत्य और रोशनी के शानदार संयोजन ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।

    भारत के लिए उद्घाटन समारोह बेहद गर्व का क्षण साबित हुआ जब ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ने भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए परेड ऑफ नेशंस में तिरंगा थामा। जैसे ही भारतीय दल एरिना में पहुंचा पूरा स्टेडियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने राष्ट्रीय ध्वज को गर्व के साथ थामा जबकि टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ बैटन के साथ भारत की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व किया। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी ने भारतीय दल का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।

    इस बार भारत ने 125 सदस्यीय मजबूत दल ग्लासगो भेजा है जो पैरा खेलों सहित 13 विभिन्न खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा। हालांकि इस संस्करण में प्रतियोगिताओं की संख्या पिछले संस्करणों की तुलना में कम रखी गई है लेकिन भारतीय दल में कई ओलंपिक और विश्व स्तरीय पदक विजेता खिलाड़ियों की मौजूदगी देश की पदक उम्मीदों को मजबूत बनाती है। भारत का लक्ष्य एक बार फिर कॉमनवेल्थ खेलों में अपनी खेल शक्ति का दम दिखाना और पदक तालिका में मजबूत स्थान हासिल करना है।

    दिलचस्प बात यह रही कि उद्घाटन समारोह से पहले ही भारत का अभियान शुरू हो चुका था। भारतीय लॉन बॉल्स टीम सबसे पहले मैदान पर उतरी और उससे बर्मिंघम 2022 जैसे ऐतिहासिक प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद की जा रही है। पिछली बार लॉन बॉल्स में भारत ने ऐतिहासिक सफलता हासिल कर पूरे देश को गौरवान्वित किया था और इस बार भी खिलाड़ियों से वैसी ही उम्मीदें हैं।

    कॉमनवेल्थ गेम्स के 23वें संस्करण में 74 देशों और क्षेत्रों के हजारों खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताएं 10 खेलों में आयोजित की जाएंगी जिनके मुकाबले स्कॉटिश इवेंट कैंपस स्कॉटस्टाउन स्टेडियम टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर और ग्लासगो एरिना जैसे विश्वस्तरीय मैदानों पर खेले जाएंगे। आयोजन का दायरा भले ही पहले की तुलना में थोड़ा छोटा हो लेकिन प्रतियोगिता का स्तर पहले की तरह बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है।

    भारत की नजरें इस बार कई बड़े सितारों पर टिकी होंगी। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा एथलेटिक्स में देश की सबसे बड़ी उम्मीद होंगे जबकि मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में और लवलीना बोरगोहेन बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। इसके अलावा भारतीय मुक्केबाजी दल भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है। उद्घाटन समारोह के साथ अब नजरें मैदान पर होने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा पर टिक गई हैं जहां पदकों रिकॉर्ड और नए इतिहास का इंतजार पूरी दुनिया को रहेगा।

  • वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड

    वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत टीम इंडिया ने बेहद शानदार अंदाज में की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने मेजबान टीम को 7 विकेट से करारी शिकस्त देते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस जीत की सबसे बड़ी खासियत 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी रही जिन्होंने अपनी तूफानी पारी से मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। भारत ने 126 रन के लक्ष्य को सिर्फ 13.2 ओवर में हासिल कर लिया और 40 गेंद शेष रहते मुकाबला समाप्त कर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 120 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गेंदों के लिहाज से अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    इस मुकाबले में पहले गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद भी विकेटों का पतन लगातार जारी रहा और 32 रन तक जिम्बाब्वे अपने चार प्रमुख बल्लेबाज गंवा चुका था। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन और लेंथ के साथ मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    मुश्किल परिस्थिति में रेयान बर्ल और वेस्ली मधेवेरे ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को कुछ हद तक संकट से बाहर निकाला। मधेवेरे ने बाद में तादिवानाशे मारुमानी के साथ भी उपयोगी रन जोड़े जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर सम्मानजनक स्थिति तक पहुंच सका। मधेवेरे ने 39 रन बनाए जबकि मारुमानी 27 रन बनाकर नाबाद लौटे। रेयान बर्ल ने 26 रन का योगदान दिया और जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए।

    भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट अपने नाम किए। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई ने भी एक-एक विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को कभी खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अनुशासित गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम ने लक्ष्य को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई।

    126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भले ही अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने से हुई लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक तेवर से मैच का रंग बदल दिया। उन्होंने ईशान किशन के साथ तेज साझेदारी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। वैभव ने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें चार चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। इस अर्धशतक के साथ उन्होंने इतिहास रचते हुए 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा पुरुष बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।

    वैभव के आउट होने के बाद ईशान किशन ने 35 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 28 रन बनाकर जीत की औपचारिकता पूरी की। अंत में तिलक वर्मा ने भी नाबाद रहकर टीम को आसान जीत तक पहुंचाया। जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजरबानी ने दो विकेट लिए जबकि रिचर्ड नगारवा को एक सफलता मिली।

    यह मुकाबला कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास रहा क्योंकि बतौर कप्तान उन्हें लगातार निराशाओं के बाद पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत मिली। इससे पहले आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब भारत की नजरें शेष दो मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर खेले जाने वाले अगले दोनों मैचों में भारतीय टीम अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी जबकि जिम्बाब्वे वापसी की कोशिश करेगा।

  • कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज

    कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के खिलाफ 25 जुलाई से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है। चयनकर्ताओं ने इस बार युवा प्रतिभा और अनुभव के संतुलन पर भरोसा जताया है। सबसे ज्यादा चर्चा बाएं हाथ के स्पिनर जोशुआ बिशप की हो रही है जिन्हें पहली बार कैरेबियाई टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बिशप को लंबे समय से राष्ट्रीय टीम में मौका मिलने की उम्मीद थी और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई है। पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

    जोशुआ बिशप ने पिछले तीन वेस्टइंडीज चैंपियनशिप सीजन में बारबाडोस प्राइड और वेस्टइंडीज अकादमी के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 91 विकेट हासिल किए हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है जहां उन्होंने केवल 25 मुकाबलों में 116 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा लिस्ट ए क्रिकेट में भी उन्होंने 54 मैचों में 79 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। लगातार दमदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का भरोसा जीता और अब पहली बार टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

    टीम की कमान एक बार फिर रोस्टन चेज के हाथों में रहेगी। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान दाहिनी तर्जनी उंगली में चोट लगने के कारण वह मैदान से दूर थे लेकिन अब पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं। उप कप्तान की जिम्मेदारी अनुभवी स्पिनर जोमेल वारिकन को सौंपी गई है। चयन समिति ने उस मजबूत टीम पर भरोसा बरकरार रखा है जिसने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी। इससे साफ है कि टीम प्रबंधन जीत के संयोजन को ज्यादा छेड़ना नहीं चाहता।

    बल्लेबाज किर्क मैकेंजी की भी लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई है। वर्ष 2024 के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है। वह चोटिल जॉन कैंपबेल की जगह टीम में शामिल किए गए हैं। कैंपबेल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट का शिकार हो गए थे। मैकेंजी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए छह पारियों में 323 रन बनाए और 64.6 की औसत से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उनकी वापसी से बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि उन्होंने निजी कारणों से खुद को चयन के लिए उपलब्ध नहीं कराया। उनकी अनुपस्थिति तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए चुनौती जरूर होगी लेकिन शमार जोसेफ केमार रोच और जायडेन सील्स जैसे गेंदबाज इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार हैं।

    दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहला मुकाबला 25 से 29 जुलाई के बीच ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी में खेला जाएगा जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 2 से 6 अगस्त तक ऐतिहासिक क्वींस पार्क ओवल में आयोजित होगा। मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में वेस्टइंडीज आठवें स्थान पर है जबकि पाकिस्तान नौवें और अंतिम स्थान पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमें इस सीरीज में जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव के साथ वेस्टइंडीज की टीम पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।

  • CJP आंदोलन पर पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया, बोला- यह भारत का आंतरिक मामला, टिप्पणी से किया इनकार

    CJP आंदोलन पर पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया, बोला- यह भारत का आंतरिक मामला, टिप्पणी से किया इनकार


    नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर पहली बार पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

    साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से CJP आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह भारत का घरेलू विषय है और पाकिस्तान ऐसे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करता।

    पांचवें सप्ताह में पहुंचा आंदोलन
    CJP का प्रदर्शन अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

    ‘संसद चलो’ मार्च के बाद बढ़ा तनाव
    20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया गया।

    पेपर लीक मामलों पर सरकार का सख्त रुख
    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    सरकार ने फिर दिया बातचीत का प्रस्ताव
    केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों से संवाद की पहल भी दोहराई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार सरकार चार बार CJP को बातचीत का प्रस्ताव दे चुकी है और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ वार्ता के लिए तैयार है। हालांकि, CJP ने नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक करने से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत की मांग रखी है।

    सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन
    इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 25 दिन से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की संभावना को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

  • आज से बन रहा बुध-शुक्र का दुर्लभ लाभ दृष्टि राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की, धनलाभ के रास्‍ते

    आज से बन रहा बुध-शुक्र का दुर्लभ लाभ दृष्टि राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की, धनलाभ के रास्‍ते


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज 24 जुलाई को देवशयनी एकादशी से एक दिन पहले बुध और शुक्र की शुभ युति से लाभ दृष्टि राजयोग बन रहा है। बुध को बुद्धि, व्यापार और संवाद का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख, समृद्धि और वैभव का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों मित्र ग्रहों के शुभ प्रभाव से कुछ राशियों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस योग के प्रभाव से रुके हुए कार्य गति पकड़ सकते हैं और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

    क्यों खास माना जाता है यह राजयोग?
    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुध और शुक्र के शुभ संबंध से निर्णय क्षमता मजबूत होती है, व्यापार में लाभ मिलने की संभावना बढ़ती है और रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता के योग बनते हैं। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार और करियर में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग लाभकारी माना जा रहा है। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन रही है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं, जबकि कला, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यक्तित्व दोनों के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। नई नौकरी या बेहतर अवसर मिलने के योग हैं। व्यापार में बड़ी डील पूरी हो सकती है। प्रमोशन और वेतन वृद्धि की संभावना भी बन रही है। निवेश के लिए भी समय सकारात्मक माना जा रहा है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के लिए यह राजयोग लंबे समय से रुके कार्यों को पूरा कराने वाला साबित हो सकता है। अचानक धन लाभ के संकेत मिल रहे हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ सकता है और भाग्य का सहयोग मिलने से कई महत्वपूर्ण योजनाएं सफल हो सकती हैं।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए यह योग करियर में नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। मनचाही नौकरी मिलने, व्यापार में लाभ बढ़ने और नया कारोबार शुरू करने के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। विदेश से जुड़े कार्यों या रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

    इस दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
    – हर महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।
    – नए अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश करें।
    – सकारात्मक सोच बनाए रखें।
    – रचनात्मक और कौशल आधारित कार्यों पर अधिक ध्यान दें।

  • एमपी के रतलाम-मंदसौर समेत 5 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, जाने मौसम के ताजा हाल

    एमपी के रतलाम-मंदसौर समेत 5 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, जाने मौसम के ताजा हाल


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

    एक महीने में 12.8 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से कम
    प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। तब से अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी।

    हालांकि बीते कुछ दिनों में बारिश की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा की कमी 17 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में भी होगी बारिश
    भारी बारिश के अलर्ट वाले पांच जिलों के अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    जुलाई के अंतिम सप्ताह तक रहेगा बारिश का दौर
    मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

    14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    प्रदेश में फिलहाल 15 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है, जबकि 41 जिलों में अब भी वर्षा सामान्य से कम दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी एकमात्र ऐसा जिला है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई है। वहीं प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि बाकी 41 जिले अब भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं।

  • शुक्रवार का व्रत ऐसे करें मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन और सुख समृद्धि जानें पूजा से लेकर पारण तक के नियम

    शुक्रवार का व्रत ऐसे करें मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन और सुख समृद्धि जानें पूजा से लेकर पारण तक के नियम


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन धन वैभव ऐश्वर्य और सुख समृद्धि की अधिष्ठात्री मां लक्ष्मी तथा मां संतोषी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं परिवार में खुशहाली आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो लोग लंबे समय से धन संबंधी समस्याओं नौकरी व्यापार में रुकावट या पारिवारिक तनाव का सामना कर रहे हैं उनके लिए शुक्रवार का व्रत विशेष फलदायी माना गया है। हालांकि इस व्रत का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे विधि विधान और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।

    शुक्रवार के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ या सफेद अथवा गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर की साफ सफाई कर मां लक्ष्मी और मां संतोषी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान कमल का फूल सफेद पुष्प धूप दीप चंदन अक्षत और मिठाई अर्पित करना शुभ माना जाता है। मां लक्ष्मी को खीर बताशे या सफेद मिठाई का भोग लगाया जाता है जबकि मां संतोषी को गुड़ और चने का प्रसाद अर्पित किया जाता है।

    व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन मन और वाणी दोनों पर संयम रखना चाहिए। किसी के प्रति कटु शब्द बोलने झूठ कहने क्रोध करने या विवाद में पड़ने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं बल्कि मन की शुद्धता और सकारात्मक सोच का भी प्रतीक है। इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को भोजन वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहायता देने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

    यदि आप मां संतोषी का व्रत कर रहे हैं तो इस दिन खट्टी चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। नींबू इमली अचार कच्चा आम या किसी भी प्रकार की खट्टी वस्तु खाने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता। वहीं मां लक्ष्मी के व्रत में सात्विक भोजन ग्रहण करना और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना गया है।

    शाम के समय दीपक जलाकर मां लक्ष्मी की आरती करें और श्रीसूक्त कनकधारा स्तोत्र या लक्ष्मी मंत्र का जाप करें। परिवार के साथ मिलकर आरती करने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और सुख समृद्धि का वास होता है। पूजा के बाद प्रसाद सभी लोगों में बांटें और अगले दिन श्रद्धापूर्वक व्रत का पारण करें।

    ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित रूप से शुक्रवार का व्रत करने से धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होते हैं वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और घर में सुख शांति बनी रहती है। यह व्रत केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि आत्मसंयम सकारात्मक सोच और सेवा भावना को मजबूत करने का भी एक प्रभावी माध्यम माना जाता है।