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  • आज का राशिफल : कन्या-वृषभ की चमकेगी किस्मत, कुंभ और तुला रहें सतर्क, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    आज का राशिफल : कन्या-वृषभ की चमकेगी किस्मत, कुंभ और तुला रहें सतर्क, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 24 जुलाई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र और शुक्ल योग के प्रभाव से कई लोगों के लिए धन लाभ, करियर में प्रगति और पारिवारिक खुशियों के योग बन रहे हैं। वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य, विवाद और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की जरूरत होगी।

    मेष राशि के जातकों को आकस्मिक धन लाभ मिल सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होंगी। हालांकि कानूनी मामलों में लापरवाही से बचें।

    वृषभ राशि वालों के लिए दिन बेहद शुभ रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी, प्रमोशन या सम्मान मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन आर्थिक लेन-देन सोच-समझकर करें।

    मिथुन राशि के लोग ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। नए कार्य शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें और समय का सदुपयोग करें।

    कर्क राशि के जातकों को धन लाभ और पारिवारिक सुख मिलने के संकेत हैं। किसी शुभ समाचार से घर में खुशी का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से राहत मिलेगी।

    सिंह राशि वालों का मान-सम्मान बढ़ेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। हालांकि व्यापार में नई साझेदारी करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर लें।

    कन्या राशि वालों के लिए दिन सबसे अधिक लाभकारी रहेगा। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। करियर में सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।

    तुला राशि के लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। अचानक लाभ के योग हैं, लेकिन स्वास्थ्य और वाहन चलाते समय सावधानी जरूरी है। किसी को उधार पैसा देने से बचें और पारिवारिक विवादों से दूर रहें।

    वृश्चिक राशि के जातकों को अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना होगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन व्यापार में साझेदारी सोच-समझकर करें।

    धनु राशि वालों को जोखिम भरे फैसलों से बचने की सलाह दी गई है। उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए समय अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखें।

    मकर राशि वालों के लिए दिन मिश्रित रहेगा। परिवार में शुभ कार्य की संभावना है, लेकिन यात्रा के दौरान कीमती सामान का ध्यान रखें। माता की सेहत को लेकर लापरवाही न करें।

    कुंभ राशि वालों के लिए शुक्रवार चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यस्थल पर विवाद या झूठे आरोप की स्थिति बन सकती है। वाणी पर संयम रखें और किसी भी विवाद में पड़ने से बचें। जीवनसाथी की सलाह लाभदायक साबित होगी।

    मीन राशि के जातकों को धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। कारोबार में अपेक्षा से कम लाभ मिल सकता है, लेकिन योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर स्थिति सुधरेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और क्रोध से बचें।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्रवार का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है, लेकिन तुला और कुंभ राशि के जातकों को विशेष रूप से स्वास्थ्य, वाहन और विवादों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

  • मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हड़कंप 100 डॉलर की ओर बढ़ता क्रूड भारत के लिए क्यों बना चिंता का कारण

    मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हड़कंप 100 डॉलर की ओर बढ़ता क्रूड भारत के लिए क्यों बना चिंता का कारण


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते भू राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल दर्ज किया जा रहा है और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा रेड सी क्षेत्र में तेल टैंकरों पर बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी लगातार मजबूत बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते निवेशक तेजी से खरीदारी कर रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी चेतावनी दी है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

    तेल की कीमतों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ता तनाव माना जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में शामिल है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके अलावा रेड सी में जहाजों पर बढ़ते हमलों ने भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल परिवहन को प्रभावित किया है जिससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

    भारत के लिए यह स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर आयात बिल पर पड़ता है। यदि लंबे समय तक कच्चा तेल महंगा बना रहता है तो सरकारी तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है और पेट्रोल तथा डीजल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना भी मजबूत हो जाएगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चा तेल 95 से 120 डॉलर प्रति बैरल के बीच लंबे समय तक बना रहता है तो पेट्रोल और डीजल के दाम में प्रति लीटर पांच से आठ रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे केवल वाहन चालकों की जेब पर असर नहीं पड़ेगा बल्कि माल ढुलाई की लागत बढ़ने से फल सब्जियां दूध अनाज और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। इसका असर खुदरा महंगाई पर भी देखने को मिल सकता है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि वैश्विक तनाव कम होता है और सप्लाई सामान्य रहती है तो कीमतों में राहत मिल सकती है। लेकिन यदि हालात और बिगड़ते हैं तो आने वाले दिनों में आम लोगों को ईंधन और रोजमर्रा की वस्तुओं पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।

    फिलहाल बाजार की नजर मिडिल ईस्ट की स्थिति और वैश्विक तेल आपूर्ति पर टिकी हुई है। आने वाले कुछ सप्ताह यह तय करेंगे कि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं या फिर नया रिकॉर्ड बनाती हैं।

  • इंदौर दूषित जल कांड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, भूजल तक पहुंचा था मलमूत्र का जानलेवा बैक्टीरिया

    इंदौर दूषित जल कांड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, भूजल तक पहुंचा था मलमूत्र का जानलेवा बैक्टीरिया


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा मोहल्ले में पिछले वर्ष दूषित जल से 36 लोगों की मौत होने के बाद जांच के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) को सौंप दी है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि भागीरथपुरा के भूमिगत जल तक मलमूत्र में पाया जाने वाला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पहुंच गया है। इससे पहले उच्च न्यायालय में पेश एक रिपोर्ट में बताया जा चुका है कि भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के 52 नमूनों में से 50 में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिले।

    बीमारी का जलापूर्ति लाइन में सीवर के पानी का मिल
    स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण नगर निगम की जलापूर्ति लाइन में सीवर के पानी का मिलना था। प्रभावित लोगों ने पानी के स्वाद और गंध में बदलाव की शिकायत की थी, लेकिन समय रहते नगर निगम के अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की।

    भूमिगत जल तक खतरनाक बैक्टीरिया पहुंचा

    पेश रिपोर्ट में बताया गया कि विशेषज्ञ समिति ने घटना के तीन महीने बाद अलग-अलग स्रोतों के 43 नमूने लिए थे। उनमें से 10 नमूने नर्मदा पाइपलाइन के थे। इसमें ई-कोलाई नहीं मिला। यही पानी भागीरथपुरा में आपूर्ति किया जाता है। पास की कान्ह नदी के तीन नमूनों में ई-कोलाई की भारी मौजूदगी मिली। वहीं एक बोरवेल में भी ई-कोलाई की हानिकारक मात्रा पाई गई। इससे साफ हुआ कि भूमिगत जल तक खतरनाक बैक्टीरिया पहुंच चुका है।

    इधर, भागीरथपुरा जल प्रदूषण मामले की रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल आपूर्ति एवं जल प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भोपाल स्थित राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी की क्षेत्रीय पीठ के न्यायिक सदस्य जस्टिस शेओ कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने अहम टिप्पणी की।

    एनजीटी ने कहा है कि इंदौर में पेयजल आपूर्ति और जल प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय पहले से सुनवाई कर रहा है। ऐसे में उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।

    सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कहा कि इंदौर में जल प्रदूषण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दे पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से विचाराधीन हैं। विशेष रूप से भागीरथपुरा जल प्रदूषण प्रकरण में हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय करने के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।

    नजीटी ने स्पष्ट किया कि इन सभी बिंदुओं की जांच उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग कर रहा है। चूंकि पूरा मामला हाईकोर्ट के विचाराधीन है, इसलिए आयोग की रिपोर्ट और कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।

    सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बताया गया कि मामले में अपनी रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। इस पर एनजीटी ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट की प्रति ई-मेल के माध्यम से सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तीन सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां या जवाब प्रस्तुत कर सकें।

    न्यायाधिकरण के सदस्य न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने इंदौर के दूषित जलकांड को लेकर कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में हुई लापरवाही की कीमत आम लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई है, इसलिए अब जिम्मेदारी तय किए बिना मामला नहीं छोड़ा जा सकता। एनजीटी ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को निर्धारित की है। तब तक संबंधित पक्षों से जवाब और रिपोर्ट पर प्रतिक्रियाएं प्राप्त होने की उम्मीद है।

    गौरतलब है कि भागीरथपुरा कांड के बाद एनजीटी की केंद्रीय जोन पीठ के सामने रशीद नूर खान और कमल कुमार राठी ने जनवरी में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। उसके बाद पीठ ने विशेषज्ञ समिति बनाकर जांच कराने का निर्देश दिया था।

  • मप्र के सिवनी जिले के सीताफल को मिला जीआई टैग, अब राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की तैयारी

    मप्र के सिवनी जिले के सीताफल को मिला जीआई टैग, अब राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की तैयारी


    सिवनी।
    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के प्रसिद्ध सीताफल को जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग मिलने के बाद अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में गुरुवार को कलेक्टर नेहा मीना ने छपारा विकासखंड के बकौड़ासिवनी और भूतबंधानी गांव का दौरा किया।

    कलेक्टर नेहा मीना ने सीताफल उत्पादक किसानों एवं कृषक उत्पादक संगठन के सदस्यों से आत्मीय संवाद कर जिले के सीताफल को जीआई टैग मिलने पर उन्हें बधाई दी तथा इस उपलब्धि का पूरा श्रेय किसानों की मेहनत और वर्षों से विकसित पारंपरिक उत्पादन पद्धति को दिया। इस दौरान उन्होंने एफपीओ की गतिविधियों, किसानों के अनुभवों तथा सीताफल उत्पादन की वर्तमान स्थिति की विस्तार से जानकारी ली।

    उन्होंने कहा कि जीआई टैग केवल सम्मान नहीं, बल्कि सिवनी के सीताफल को देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाने का अवसर है। इस अवसर का लाभ उठाते हुए उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता बनाए रखने, वैज्ञानिक खेती अपनाने तथा संगठित विपणन व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है।

    बैठक में सीताफल की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग तथा देश के विभिन्न महानगरों तक इसकी त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। एफपीओ सदस्यों, उत्पादक किसानों एवं प्रसंस्करण कार्य से जुड़ी महिला समूहों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विपणन, भंडारण और प्रसंस्करण से संबंधित आवश्यकताओं से कलेक्टर को अवगत कराया।

    किसानों द्वारा सिंचाई संसाधनों की आवश्यकता बताए जाने पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत को अधिक से अधिक खेत तालाब बनाने एवं अमृत सरोवर निर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत के करने निर्देश दिए, ताकि वर्षाजल का बेहतर संरक्षण हो सके और सीताफल उत्पादन का रकबा लगातार बढ़ाया जा सके।

    उन्होंने सीताफल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही बायर-सेलर मीट आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों का सीधा संपर्क बड़े खरीदारों और विपणन संस्थाओं से स्थापित हो सके। कलेक्टर ने सीताफल आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने पल्प निर्माण सहित अन्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने, कोल्ड स्टोरेज जैसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करने तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही जिले में उत्पादित समस्त जीआई टैग प्राप्त सीताफल का एक समान ब्रांड एवं साझा ब्रांडिंग बैनर के माध्यम से विपणन किए जाने पर भी सहमति बनी, जिससे बाजार में सिवनी सीताफल की विशिष्ट पहचान और अधिक सशक्त हो सके।

    दौरे के दौरान कलेक्टर नेहा मीना भूतबंधानी ग्राम भी पहुंचीं। यहां उन्होंने प्राकृतिक रूप से उपलब्ध सीताफल के पौधों के साथ-साथ विभाग द्वारा कराए गए पौधरोपण कार्य का अवलोकन किया तथा किसानों से चर्चा कर उन्हें अधिकाधिक सीताफल पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृषक राजकुमार भलावी के खेत में किए जा रहे पौधरोपण का निरीक्षण किया तथा स्वयं भी सीताफल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं बागवानी विस्तार का संदेश दिया।

    कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, पौधरोपण और वैज्ञानिक बागवानी को बढ़ावा देकर सिवनी जिले को देश में सीताफल उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाया जा सकता है। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सदम सिंह वरकड़े, सीईओ अंजली शाह, सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग आशा उपवंशी सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और कृषकों की उपस्थिति रही।

  • जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जाएंगे विशेष प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जाएंगे विशेष प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा स्थानीय कला और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती पर अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमर शहीद महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली ने मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी 120वीं जयंती पर चंद्रशेखर आजाद नगर आना गौरव और सौभाग्य का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, भाषा-बोली, कला, प्राकृतिक खेती व संपदा और वनोपज के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि आलीराजपुर जिले को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाया जाएगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव आलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, रतलाम सहित विभिन्न जिलों से आए कृषि, जनजातीय संस्कृति, ग्रामीण विकास और सामाजिक विषयों पर कार्य कर रहे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक बदलाव लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

    उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से कृषि, प्राकृतिक खेती, जनजातीय संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण नवाचार जैसे विषयों पर प्रभावी डिजिटल सामग्री तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की सकारात्मक छवि, किसानों की सफलता की कहानियां, जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में इन्फ्लूएंसर चंद्रभान सिंह भदौरिया ने वनोपज की बेहतर विपणन व्यवस्था करने की बात कही। कादुसिंह सिंह ने उड़द फसल को जीआई टैग दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उड़द प्रदेश की प्रमुख फसलों में शामिल है और इसकी गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उड़द को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का पारंपरिक भगोरिया उत्सव मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि जनजातीय संस्कृति का गौरव पूरे विश्व तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और लोक कलाएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रश्न पर प्रियंका तोमर से कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति नारी सम्मान की संस्कृति है। हमारा देश “भारत माता की जय” का उद्घोष करने वाला विश्व का अनूठा राष्ट्र है। माँ सीता, माता पार्वती, देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती और माँ जगदंबा हमारी संस्कृति की प्रेरणा हैं। प्रदेश सरकार भी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा प्रत्येक माह लाड़ली बहनों को सम्मानपूर्वक आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके सशक्तिकरण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में कैबिनेट में यूसीसी को मंजूरी दी गई है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी महिलाओं पर समर्पित है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुषार पालीवाल के जनजातीय क्षेत्रों में कैबिनेट आयोजित करने संबंधी प्रश्न पर कहा कि प्रदेश में जनजाति सहित सभी क्षेत्रों में कैबिनेट आयोजित की जाएगी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने सहित स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास की मुख्य धारा में प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    संवाद कार्यक्रम में राजेंद्र बासुनिया ने जनजातीय संस्कृति पर आधारित गीत प्रस्तुत किया, जिसकी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष योजनाएँ तैयार की जाएंगी।

    सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर आशीष पांडे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आकर्षक पोर्ट्रेट तथा साक्षी भयड़िया ने पिथौरा कला पर आधारित सुंदर पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री डॉने इन उपहारों की सराहना करते हुए स्थानीय कला के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पिथौरा जैसी पारंपरिक जनजातीय कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स राजेंद्र बासुनिया, प्रियंका तोमर, साक्षी भयड़िया, भरत सस्तिया एवं रितेश राठौड़ को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।

    कार्यक्रम संवाद में मुख्यमंत्री ने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया और उनसे आह्वान किया कि वे राज्य शासन की जनकल्याणकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं पर आधारित प्रभावी रील्स, वीडियो और डिजिटल सामग्री तैयार करें ताकि अधिक से अधिक किसानों, युवाओं और आम नागरिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचे और वे उनका अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि युवा इन्फ्लूएंसर्स समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी वाहक बन सकते हैं और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

  • मध्य प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए तीर्थ समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए तीर्थ समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के आलीराजपुर सहित पूरे जनजातीय क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव नजर आ रहा है। झाबुआ, अलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट सहित प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए एक तीर्थ के समान है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव और चंद्रशेखर आजाद की जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद नगर में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वी जयंती पर नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धरती के एक जोशीले युवा ने नायक बनकर आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए अपने जन्म को सार्थक बनाया। आलीराजपुर के वीर योद्धा छीतू किराड़, राजा आलिया भील, क्रांति सूर्य टंट्या मामा जैसे अनेक जनजातीय क्रांतिकारियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। राज्य सरकार इन शहीदों के बलिदान का स्मरण करते हुए आदरांजलि अर्पित करती है। कार्यक्रम में बताया गया कि डही नर्मदा पाइप लाइन परियोजना सिंचाई परियोजना पूर्ण हो गई है, जिसका शीघ्र ही लोकार्पण होगा। जोबट तक भी शीघ्र नर्मदा जल पहुंच जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, धार, झाबुआ और बड़वानी के बाद आलीराजपुर जिले में बलराम कृषि महोत्सव हो रहा है। महोत्सव में उन्नत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का सम्मान किया गया, जिससे अन्य किसान भी आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। आलीराजपुर के किसानों ने इस बार कम वर्षा के बाद भी हौसला दिखाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना के तहत 10 हजार 136 हितग्राहियों को लाभ मिला है और 331 हितग्राहियों को भूखंड प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 हजार 124 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिले के 5 लाख 70 हजार 179 हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी मिल रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए संकल्पित है। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की सौगात मिलती है।

    सीमा पर जवान और खेतों में किसान का योगदान महत्वपूर्ण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का परिश्रम बराबर है। दोनों का महत्वपूर्ण योगदान है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। आलीराजपुर के 47 हजार 852 किसानों को अब तक फसल बीमा का लाभ मिल चुका है। खेती के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करवाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम जारी है।

    डेयरी क्षेत्र में आदर्श राज्य गुजरात की तर्ज पर मप्र में प्रयास

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दूध के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिस प्रकार अमूल के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में आदर्श राज्य गुजरात में दूध उत्पादन हो रहा है। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य शासन ने गोपालन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना की शुरुआत की है, जिसमें उन्नत नस्ल की 25 गोमाताओं के साथ डेयरी शुरू करने पर 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश किसान भाइयों की सभी प्रकार से चिंता करने वाला अग्रणी राज्य है। उन्होंने आह्वान किया कि किसान भाई प्राकृतिक खेती अपनाएं।

    लोकार्पण, भूमि-पूजन और प्रमुख घोषणाएं: रानी काजल माता लोक बनाया जायेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर को लगभग 357 करोड़ रुपये लागत के 271 विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें भाभरा विकासखंड में 120 करोड़ लागत की 64 सड़कें और कड़वानिया में 22 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय शामिल है। कोंडवा सिंचाई परियोजना से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाभरा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित विशाल पार्क बनेगा। रानी काजल माता लोक बनाया जाएगा। कन्या छात्रावासों में आवास सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से डही उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नर्मदा पाइपलाइन परियोजना का लोकार्पण इसी वर्ष दीपावली तक किया जाएगा,जिससे किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा।उन्होंने बताया कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से लगभग 70 हजार किसानों के 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की मेडिकल कॉलेज की फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना, विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, सकारात्मक संदेशों के प्रसार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स का सम्मान किया।

    यूसीसी विधेयक सभी के हित में

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी नागरिकों के हित में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित करवाया है। हमारे लिए सभी धर्मों के नागरिक समान हैं। जनजातीय परंपराओं का सम्मान करते हुए जनजातीय वर्ग को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।

    प्रदर्शनी का अवलोकन
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग की सीप कल्टीवेशन संबंधी प्रदर्शनी को विशेष रुचि से देखा, जो आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही कृषि विभाग, आयुष विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मोटे अनाज (श्रीअन्न) से तैयार पौष्टिक एवं पारंपरिक व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने विभागों के नवाचारों एवं प्रदर्शित गतिविधियों की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों और हितग्राहियों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद अनीता चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

  • गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया

    गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया


    खेड़ा।
    गुजरात के खेड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मातर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। खेड़ा–मातर हाईवे पर मोतीपुरा गांव के निकट अहमदाबाद के एक ही परिवार की कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे नाले (गरनाला) में जा गिरी। कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से चार की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार मोतीपुरा गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान भारी बारिश के कारण पानी से भरे नाले में कार अनियंत्रित होकर गिर गई। तेज बहाव के कारण कार पलट गई और पानी में बहने लगी, जिससे उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। खेड़ा के नायब कलेक्टर सूरज बारोट, मातर मामलतदार और खेड़ा फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने कार से दो लोगों को जीवित बाहर निकाला। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से खेड़ा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान कार में फंसे अन्य लोगों की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद चार शव बरामद किए गए। इस हादसे में अहमदाबाद के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    प्रारंभिक जांच में भारी बारिश, सड़क पर जलभराव और कम दृश्यता को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस ने बताया की उनके द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन मृतकों के परिजनों को सूचना देने के साथ दुर्घटना के सटीक कारणों की भी जांच कर रहा है।

  • अयोध्याः संतों ने चढ़ावा चोरी के प्रकरण को लेकर देशभर में फैले दुष्प्रचार का पुरजोर प्रतिवाद किया

    अयोध्याः संतों ने चढ़ावा चोरी के प्रकरण को लेकर देशभर में फैले दुष्प्रचार का पुरजोर प्रतिवाद किया


    अयोध्या।
    श्री राम सत्संग भवन धर्म मंडपम, मणिराम दास छावनी में सन्त मण्डल अयोध्या धाम की संगोष्ठी गुरुवार को संपन्न हुई। संगोष्ठी के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मंच संचालन – महन्त श्री रामानन्द दास जी महाराज ने किया।

    संचालन करते हुए महन्त डॉ रामानन्द दास जी ने कहा कि योगी जी ने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना दिया। उनके कारण पूरे देश में अयोध्या का सम्मान बढ़ा है। प्रत्येक समाज में अच्छे-बुर लोग होते हैं। श्रीरामजन्मभूमि के एक दुर्भाग्यपूर्ण प्रसंग का दुष्प्रचार करके राजनैतिक लोगों ने देशभर भर में भ्रम फैला दिया है। परन्तु गोस्वामी जी ने कहा है कि संत हंस गुन गहहिं पय, परिहरि बारि बिकार। सन्त जन नीर-क्षीर विवेक से जल का त्याग करके दुग्ध ग्रहण करते हैं। आज विरोधी तत्वों को अयोध्या और देश का विकास अच्छा नहीं लग रहा है। वे भांति-भांति के उपद्रव करते हैं। महापुरुष ऐसी शक्तियों को सफल नहीं होने देंगे। आगामी चुनाव में भी वे इन षडयन्त्रों को विफल करेंगे।

    प्रस्तावना : अधिकारी श्री राजकुमारदसमी जी महाराज

    अयोध्या धाम सप्तपुरियों में प्रथम मोक्षदा पुरी है। श्री अयोध्या धाम सात मोक्षदा पुरियों में मुख्यतम है। यह केवल आध्यात्मिक ही नहीं अपितु मानवीय आदशों का भी केन्द्र है। सन्त के इसके अनादिसिद्ध प्रक्ता हैं। अयोध्या के पूज्य सन्त ही अयोध्या के गौरव के प्रमाण हैं। हमें अपनी पूर्वाचार्य-परम्परा के अनुरूप अपने इष्ट-धाम के गौरव बोध के लिए सतत सजग रहना ही चाहिये। यह कितना आश्चर्यजनक एवं त्रासद है कि जिनकी व्यवस्था में चोरी हुई, जो इस दुर्घटना के पीड़ित हैं, उन्हें ही अपराधी बनाने का खेल चल पड़ा।

    यह वास्तव में श्रीराममन्दिर से संगठित और एकात्म हुए हिन्दू समाज की आस्था को छलने का दुष्चक्र था, जिसमें विपक्षियों को काफी सफलता भी प्राप्त हुई। क्योंकि इस दुष्प्रचार को रोकने में हम-आप वैसे सक्रिय नहीं हो सके, जैसे विरोधी हुए। अभद्र टिप्पणियां, व्यक्तिगत लांछन तथा निराधार आरोपों के बवंडर ने सहज श्रद्धा को तार-तार करने का काम किया। हमें समझना होगा कि यह आन्दोलन चोरी के विरुद्ध नहीं, बल्कि श्रीराम मन्दिर से निर्मित हुई धार्मिक-सांस्कृतिक एकजुटता के विरुद्ध है। देश-दुनिया में बसे भारत-भाव के शत्रु हमारी धार्मिक-सांस्कृतिक अस्मिता को आहत करने के लिए संसद से सड़क तक सक्रिय हैं। वास्तव में यह हमारे सचेत होने का समय है। उन्होंने तुलसीदास जी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा- जाके प्रिय न राम वैदेही, तजिये ताहि कोटि बैरी सम जद्यपि परम सनेही।

    अपने सम्बोधन में महन्त राघवेश दासजी महाराज ने कहा आज के दौर में कुछ षडयन्त्रकारी श्रीराम मन्दिर पर कुचक्र चला रहे हैं। वो लोग कभी कल्पना नहीं करते थे कि कभी श्रीराम मन्दिर का निर्माण होगा, लेकिन विहिप एवं आरएसएस के अथक प्रयत्न से सफल हुआ। चम्पत राय जी गलत नहीं हैं। हाँ, कुछ चूक हुई है पर हमें एकजुट होकर सब ठीक करना है।

    रामायणी श्री रामकृष्ण दासजी ने कहा कि वास्तव में इस प्रकरण से अयोध्या की जो छवि बनी थी, उसमें कुछ विकृतियां आयी हैं। उनके परिहार के लिए हम सबको लगना होगा। 05 सदस्यीय सन्त-महान्त का धार्मिक समिति में चयन हुआ है। इससे सन्तों का नेतृत्व प्रमुख होगा और सब विघ्न बाधायें दूर होंगी।

    रामायणी श्री कमला दासजी ने कहा कि काल सुभाव करम बरिआईं। भलेउ प्रकृति बस चुकइ भलाई॥ अच्छे लोग भी कभी काल के प्रभाव से चूक जाते हैं। पर महापुरुष उस चूक को सुधार देते हैं। ट्रस्ट में जिन पर अंगुलियां उठाई जा रही हैं वे निर्दोष हैं। दुष्प्रचार को दूर करने के लिए हमें संगठित होना होगा। सन्त समाज का नेतृत्व होने से सबका समाधान होगा।

    महान्त वैदेही वल्लभशरण जी महाराज ने ट्रस्ट में सन्तचरणों के चयन पर सभी को साधुवाद देते हुए कहा कि जिन्होंने राम को कभी स्वीकार नहीं किया वे आज राम मन्दिर में महापुरुषों पर लांछन लगा रहे हैं। हमें ऐसे कालनेमियों को पहचानना चाहिए। हम सब सदैव रामभक्त सरकार के साथ रहे हैं और रहेंगे। विहिप और आरएसएस ने सभी सन्तों को एक मार्ग पर लाने का कार्य किया।

    महान्त शशिकान्त दासजी महाराज आंजनेय सेवा संस्थान ने कहा कि श्रीराममन्दिर के विषय में जो अर्नंगल प्रलाप-चल रहा है वह पूर्णतया निराधार है। पंच परमेश्वर के माध्यम से इसे दूर करने का प्रयास चल रहा है। जिन्होने रामजन्मभूमि के लिए संघर्ष किये उन्हें ही आज कुचक्र चलाकर बदनाम किया जा रहा है। ऐसे दोषियों को किसी प्रकार से बख्शा नहीं जायेगा।

    श्री रामदास जी महाराज – नाका हनुमानगढ़ी ने कहा कि संवाद से बड़े-बड़े विवाद हल हो जाते हैं। उन्होंने धार्मिक समिति के सभी चयनित पांचों महापुरुषों को हार्दिक बधाई दी। वे बोले कि आज अयोध्या के सभी धर्मावलम्बी समाज को अपने सम्बन्धों के आधार पर यहाँ के दूषित वातावरण को अच्छे विचारों द्वारा सुधार करने की आवश्यकता है।

    डॉ भरतदासजी महाराज – रानोपाली ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि की मर्यादा को धूमिल करने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए हम सभी सन्त महापुरुषों को एकसाथ एक विचार का संवहन करने की आवश्यकता है। हमें सुनी-सुनाई बातों पर मनन करके ही अपने विचार व्यक्त करना चाहिए। हमें व्यक्ति के सम्बन्ध में जान-समझ कर ही वक्तव्य देना चाहिए। हमारी पूजा पद्धति श्रीरामानन्द पद्धति के अनुसार नये सदस्यों के आने से सतत चलती रहेगी।

    महन्त गिरीशदासजी महाराज डांडिया मन्दिर ने कहा कि आज हमें श्रद्धालुओं, धर्मानुरागी व्यक्तियों में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। यह हम अयोध्यावासियों की नैतिक जिम्मेदारी है। चम्पतराय जी परम सन्त हैं। उनपर लगाये गये आरोप मिथ्या हैं। उन्होंने स्वयं की प्रेरणा से त्यागपत्र दिया। वे निःस्वार्थ श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन में विगत पचासों वर्षों से लगे हुए हैं। उन्होंने जन भावनाओं के अनुकूल श्रीरामनला के आगमन के पथ को प्रशस्त करने में महती भूमिका निभाने का कार्य किया। सभी ट्रस्ट के पदाधिकारियों से निवेदन है कि रामलला दर्शन हेतु अयोध्यावासियों के आधार कार्ड को ही आधार बनाया जाय।

    महन्त मनीष दास जी महाराज पत्थर मन्दिर ने अत्यन्त ओजस्वी वक्तव्य देते हुए कहा कि आज की बैठक का विचार बहुत पहले आ जाना चाहिए। श्री अयोध्या के सन्तों को विषम परिस्थितयों में वक्तव्य देने के बजाय मौन हो जाना ही बेहतर होगा। हमें अपने इष्टधाम के प्रति कदापि गलतबयानी नहीं करना चाहिए। सन्तोष दुबे जैसे लोग हमारे आराध्य के वैभव के संवाहक सन्तों पर गलतबयानी करते हैं यह ठीक नहीं है। अयोध्या में वही होगा जो अयोध्या का सन्त समाज चाहेगा। हम अपने आराध्य देव के लिए विहिप, आरएसएस एवं भाजपा की सकारात्मक भूमिका को कभी भुला नहीं सकते।

    श्रीमहन्त जनार्दन दासजी – तुलसीदास छावनी ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामजन्मभूमि की घटना को मीडिया ने अनावश्यक प्रचार-प्रसार से बढ़ा दिया। यह घटना उतनी बड़ी नहीं है। हम रामजी के अनुरागी है। राक्षस हर युग में रूप बदल कर साधुवेश में सन्तों की बदनामी कराते रहते हैं। हम धर्म की रक्षा के लिए रामजी की बरह कहीं भी रहें शस्त्र-शास्त्र का त्याग नहीं करते। ट्रस्ट के विधिवत संचालन में सन्त-महापुरुषों को गुण-दोषों के आधार पर रखना चाहिए। उत्सवों आदि के समय इनका विशेष सहयोग लेना चाहिए। हमारे सन्त समाज के महापुरुषों को धर्मसभा के माध्यम से अग्रणी भूमिका में रखना चाहिए।

    महन्त परशुराम दास जी महाराज (हनुमत किला) बोले कि हमें सनातन और हिन्दुत्व को बदनाम करने वालों के प्रति सजग रहना चाहिए। तथाकथित धर्मगुरुओं के लिए एक समिति का गठन करके कार्यवाही करनी चाहिए। मीडिया पर बोलने के लिए हमे व्यक्ति का निर्धारण करना चाहिए।

    जयराम दास जी महाराज-श्रीराम आश्रम ने कहा कि श्री रामानन्दीय परम्परा के अनुसार श्रीरामलला सरकार के सभी उत्सव मनाये जायेंगे। पूज्य सन्तों को ट्रस्ट ने धार्मिक समिति में लिया इसका स्वागत है।

    महन्त श्री सत्यनारायणदास ने कहा कि स्वयं प्रभु भगवान् श्रीराम जी ने व्यक्ति रूप में जीवन जीने का तरीका सिखाया। दानवी प्रवृत्तियाँ अति उत्साह के साथ भगवान से प्रेरित होकर सद्वृत्ति की ओर अग्रसर हों। हम एक जैसी बात ही करें इससे सभी का कल्याण होगा।

    निर्वाणी अनी अखाड़ा- महन्त गौरी शंकरदासजी ने कहा कि जिनका सनातन धर्म एवं मन्दिर से कभी सम्बन्ध नहीं था वे आज मन्दिर में चढ़ावा चोरी पर चर्चा कर रहे है। हम सभी उस महापुरुष के साथ हैं। जो अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है हमसब एकजुट होकर उसका पुरजोर विरोध करेंगें।

    श्री रामानुज दासजी महाराज- सीताकान्त सदन ने कहा कि हमें अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। हम गुरु-शिष्य परंपरा के संवाहक हैं, जो भी आदेश-निर्देश आचार्यों का हो, हमें उसका पालन करना चाहिए, मनमाना बयान नहीं देना चाहिए।

    श्री सत्येन्द्र दासजी – श्री सीताराम निवासकुंज ने धर्म समिति के चयनित सदस्यों के प्रति का धन्यवाद ज्ञापित किया। अयोध्या में इस तरह की कुचर्चा बिल्कुल बर्दाश्त नही की जायेगी। आज मीडिया के माध्यमों से अयोध्या को बदनाम किया जा रहा है। सन्त मण्डल संगोष्ठी की बैठक पूर्व में ही होनी चाहिए थी।

    महन्त संजय दास – अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा कि मन्दिर आन्दोलन में प्रारम्भकाल से ही श्री चम्पत राय के संघर्ष को आज तक भुलाया नहीं जा सकता। सन्तों की संगोष्ठी दो तीन माह में होती रहनी चाहिए। अनर्गल प्रलाप करने का वालों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।

    महन्त मुरलीदास जी महाराज-हनुमान गढ़ी ने मानस की चौपाई का सन्दर्भ देकर कहा कि जिनकर मन इन सन नहिं राता। ते जनु बंचित किए बिधाता। जिनको श्रीराम जी से प्रेम नहीं वे अभागे हैं। हमें हमारे जीवन में ही श्री रामजन्मभूमि मन्दिर दर्शन प्राप्त हुआ। इसके लिए संघ और विहिप के विचार परिवार को साधुवाद ।

    श्री राजकुमार दासजी महाराज अधिकारी श्रीरामवल्लभा कुंज ने आह्वान करते हुए कहा कि हमें सनातन विरोधियों के बहकावे में नहीं जाना चाहिए। हमें सनातन के मान बिन्दुओं की सदैव रक्षा हेतु अग्रसर रहना चाहिए। हमने रामविरोधी विचारधारा का समय भी देखा है। संगठन ने समाज को जोड़ा है। मिथ्या आरोप से बचने की आवश्यकता है। जो चोर हैं वे सलाखों के पीछे हैं। हमे भ्रामक प्रचार से बचना चाहिए।

    आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण जी श्री सिद्धपीठ श्री हनुमंत निवास ने कहा कि कहीं अग्निकांड होने पर यह पता किया जाता है कि अग्निशमन मन्त्र काम कर रहा था या नहीं। हिन्दू विरोधी शक्तियाँ सतत सक्रिय हैं। जब यह प्रवाद फैला तो तत्काल हम उसके प्रतिकार में सामने नहीं आ सके। जिससे मिथ्या प्रचार को बढ़ावा मिला। दुष्प्रचार से पूर्व हमें दृढता से प्रतिवाद करना था। उन्होंने हाल ही मे दिये अनुपम खेर के वक्तव्य का उल्लेख करते हुये कहा कि “चोरी होने पर हम चोर पकड़े जाते हैं, मालिक को नहीं। परन्तु राममन्दिर में सेवादारों पर ही आरोप लागाने का नाटक हो रहा है।” हमें छद्मवेश वाले धूत्तों से सावधान रहते हुए प्रवाद से बचना चाहिए। दान की वस्तु दाता की नहीं रह जाती, वह पानेवाले की हो जाती है। किन्तु दुष्प्रचार के कारण दाताओं का चित्त व्याकुल हो गया वे हिसाब माँगने का पाप करने लगे। असल में प्रतिकूलता केवल बल का नहीं, बल्कि विवेक का भी हरण करती है। सन्त श्रीरामजी की मर्यादाओं का अनुसरण करते हैं। धार्मिक समिति बनने से पूजा पद्धति में सुचारुता आयेगी। मीडिया को भाव और वेष का अन्तर नहीं पता है। वे बस कंटेंट खोजते हैं। एक नैरेटिव-वार चल रहा है। उसकी पहचान होनी आवश्यक है। हमे अयोध्या के स्वरूप की रक्षा हेतु सम-सामयिक विषयों पर मासिक बैठक कर विचार-विमर्श करना चाहिए। अयोध्या का एक स्वर होना होना चाहिए। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में अयोध्या का पक्ष रखते हुए हमें भ्रमित नहीं होना चाहिए।

    महान्त कमलनयन दासजी महाराज श्री मणिरामदास छावनी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि जो हमेशा न्यायालय में रामजी विरोध में साक्ष्य देते थे, वही आज राममन्दिर में चोरी के प्रति चिन्तित हैं। चोरी नहीं हुई, विश्वासघात हुआ है। उन सभी को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। समय के साथ दूध का दूध और पानी का पानी होगा। समय आ गया है, हमें दुष्प्रचार पर ध्यान देकर बचना और बचाना है। विदेशों से दुष्प्रचार और सनतान की असुरक्षा हेतु फण्डिंग हो रही है। हमें संगठित होकर, विचार-विमर्श करके कुचक्र को विफल करन होगा।

    श्रीरामजन्मभूमि में सामने आये चोरी के प्रकरण को लेकर देश भर में फैले दुष्प्रचार का पूज्य सन्तों ने पुरजोर प्रतिवाद किया। इस बारे में मीडिया/सोशल मीडिया में अनर्गल प्रलाप करने वाले वक्ताओं को आड़े हाथों लिया। संगोष्ठी में अयोध्या की एकता और सद्भाव का आह्वान करते हुए सन्तों ने मिथ्यारोप लगाने वालों को पहचानने और उनका बहिष्कार करने की बात भी कही। इस विशाल सन्त-सभा में सैकडौं सन्त-महान्त सम्मिलित हुए।

  • वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

    वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया


    हरारे।
    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में भारत ने 126 रन का लक्ष्य केवल 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    मैच के सबसे बड़े आकर्षण वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अर्धशतक लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 16 वर्ष 56 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    यह जीत श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम की पहली अंतरराष्ट्रीय जीत भी रही। इससे पहले उनकी कप्तानी में भारत को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। टीम की ओर से वेस्ली मधेवेरे ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि तदिवानाशे मरुमानी ने नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी खेली।

    भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट झटके। मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और बाद में डियोन मायर्स का विकेट भी अपने नाम किया। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली, जबकि मधेवेरे रन आउट हुए।

    आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी ने टीम की जीत सुनिश्चित करने के साथ भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा भी दे दिया।

  • पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से और महंगा हुआ कच्चा तेल, बेंट क्रूड 101 डॉलर के पार

    पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से और महंगा हुआ कच्चा तेल, बेंट क्रूड 101 डॉलर के पार


    नई दिल्ली।
    अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग और खाड़ी के देशों से क्रूड ऑयल की ग्लोबल सप्लाई बाधित होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड दो महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया। आज ब्रेंट क्रूड तेजी दिखाते हुए 101 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी आज 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ने आज 1.16 डॉलर प्रति बैरल की उछाल के साथ 95.23 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। ट्रेडिंग शुरू होने के बाद इसकी कीमत उछल कर 101.01 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले दो महीने के दौरान ब्रेंट क्रूड का ये सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि बाद में इसकी कीमत में मामूली गिरावट भी आई। भारतीय समय के मुताबिक रात 8:30 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 6.59 डॉलर प्रति बैरल यानी 7.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    उल्लेखनीय है कि दो महीने पहले 24 मई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 94.92 डॉलर प्रति बैरल से लेकर 96.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति होने की उम्मीद की वजह से क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट का रुख बन गया था, जिसकी वजह से एक जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंड क्रड 71.44 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया था। हालांकि छह जुलाई के बाद इसकी कीमत में एक बार फिर तेजी का रुख बन गया।

    ब्रेंट क्रूड की तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने आज 0.90 डॉलर प्रति बैरल की बढ़त के साथ 87.73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से आज के कारोबार की शुरुआत की। दिन के कारोबार में डब्ल्यूटीआई क्रूड उछल कर 92.15 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसकी कीमत में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। भारतीय समय के मुताबिक शाम 8:30 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.20 डॉलर प्रति बैरल यानी 5.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 92.03 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल हो जाने, सीजफायर खत्म होने और दोनों देशों द्वारा एक दूसरे के ठिकानों पर लगातार हमला करने की वजह से कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के ऊपर चला गया था। इसके बाद तीन दिन तक सुस्ती का माहौल बना रहा, लेकिन पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन से कच्चे तेल की कीमत में एक बार फिर तेजी का रुख बन गया है, जिसकी वजह से आज इसने पिछले दो महीने के सबसे ऊंचे स्तर को पार कर लिया है।

    जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल की सौ डॉलर के स्तर के ऊपर जा सकती है। कच्चे तेल की कीमत मे होने वाली बढ़ोतरी भारत जैसे कच्चे तेल के आयातक देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के एक्जेक्यूटिव डायरेक्टर अनिल भंसाली का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक तेज बनी रही तो भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट काफी बढ़ सकता है। इसके साथ ही देश का इंपोर्ट बिल भी लक्ष्य से काफी अधिक हो सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत के कारण फॉरेन कैपिटल आउटफ्लो (विदेशी पूंजी की निकासी) भी तेज हो सकता है, जिसके कारण भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकती है।