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  • गणेश जी की कृपा पाने का आसान तरीका बुधवार को इस विधि से करें पूजा मनोकामना पूरी होने की मान्यता

    गणेश जी की कृपा पाने का आसान तरीका बुधवार को इस विधि से करें पूजा मनोकामना पूरी होने की मान्यता


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव कहा जाता है और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी की आराधना करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बुधवार के दिन अगर विधि विधान के साथ गणपति की पूजा की जाए तो भक्तों को विशेष लाभ मिल सकता है।

    बुधवार के दिन पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर को स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें। पूजा शुरू करने से पहले मन को शांत रखें और भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद गणेश जी के सामने दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें। पूजा के दौरान गणपति को लाल या पीले फूल चढ़ाए जा सकते हैं।

    भगवान गणेश को दूर्वा यानी दूब बेहद प्रिय मानी जाती है। इसलिए पूजा के समय गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं। दूर्वा चढ़ाते समय श्रद्धा और भक्ति का भाव रखना सबसे जरूरी है। इसके साथ भगवान गणेश को मोदक या उनके प्रिय माने जाने वाले अन्य प्रसाद का भोग लगाया जा सकता है।

    पूजा के दौरान गणेश जी को सिंदूर अर्पित करने की भी परंपरा है। इसके बाद भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें। अगर संभव हो तो गणेश जी के बीज मंत्र या गणेश गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है। मंत्र जाप के दौरान अपना ध्यान भगवान गणेश पर केंद्रित रखें। धार्मिक मान्यताओं में माना जाता है कि नियमित रूप से गणेश जी की आराधना करने से बुद्धि विवेक और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

    बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा के साथ जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना भी शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार अन्न वस्त्र या अन्य जरूरी सामान का दान किया जा सकता है। किसी जरूरतमंद को भोजन कराना भी पुण्यदायी माना जाता है। गणेश जी की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा और विश्वास होता है इसलिए पूजा के दौरान मन में नकारात्मक विचार रखने से बचना चाहिए।

    पूजा पूरी होने के बाद भगवान गणेश की आरती करें और परिवार की सुख शांति के लिए प्रार्थना करें। इसके बाद प्रसाद सभी लोगों में बांटें। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी अपने भक्तों के जीवन से विघ्न दूर करने वाले देवता हैं। इसलिए बुधवार को उनकी पूजा करते समय अपनी मनोकामना भगवान के सामने रखी जा सकती है।

    हालांकि पूजा और धार्मिक उपाय आस्था से जुड़े विषय हैं। इनके फल को लेकर अलग अलग मान्यताएं हो सकती हैं। इसलिए इन्हें श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ करना चाहिए। बुधवार को भगवान गणेश की सरल पूजा विधि अपनाकर भक्त अपने दिन की शुरुआत शुभ भावना के साथ कर सकते हैं और जीवन में सुख शांति एवं समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

  • 18 सितंबर को कन्या में उदय होंगे बुध, 3 राशियों के लिए खुल सकते हैं धन और सफलता के रास्ते

    18 सितंबर को कन्या में उदय होंगे बुध, 3 राशियों के लिए खुल सकते हैं धन और सफलता के रास्ते


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़ा ग्रह माना जाता है। 18 सितंबर 2026 को बुध अपनी प्रिय और उच्च राशि कन्या में उदित होने जा रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध के उदय से उनकी प्रभाव क्षमता बढ़ती है और कन्या राशि में उदय होने पर भद्र राजयोग को भी बल मिलता है। इसका असर तीन राशियों के लिए आर्थिक लाभ, करियर और सफलता के नए अवसरों के रूप में देखा जा रहा है।

    बुध के इस परिवर्तन से खासतौर पर निवेश, कारोबार, नौकरी और शिक्षा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं किन तीन राशियों के लिए 18 सितंबर से समय अनुकूल माना जा रहा है।

    वृषभ: निवेश से मिल सकता है बड़ा रिटर्न

    वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का उदय उनकी राशि से पांचवें भाव में होगा। ज्योतिष में यह भाव ज्ञान, बुद्धि, निवेश और अचानक होने वाले लाभ से जुड़ा माना जाता है।

    इस गोचर के दौरान पहले किए गए किसी निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना बन सकती है। शेयर बाजार और ट्रेडिंग से जुड़े लोगों को भी लाभ मिल सकता है। लॉटरी जैसे सट्टा आधारित मामलों को लेकर हालांकि सावधानी जरूरी है। विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन का हो सकता है। एकाग्रता और समझने की क्षमता बढ़ने से सफलता के रास्ते खुलने की संभावना है।

    मिथुन: प्रॉपर्टी से नौकरी तक लाभ के योग

    मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध राशि स्वामी हैं और उनका उदय चौथे भाव में होने जा रहा है। चौथा भाव सुख-सुविधा, संपत्ति और वाहन से जुड़ा माना जाता है।

    ऐसे में नया मकान या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद चल रहा है तो उसमें भी राहत मिलने की संभावना जताई गई है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।

    मीडिया, मार्केटिंग, आईटी और बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए भी यह अवधि आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    कन्या: निर्णय क्षमता और कारोबार में तेजी

    कन्या राशि के जातकों के लिए यह बुध का उदय विशेष माना जा रहा है, क्योंकि बुध इसी राशि में उदित होंगे। बुध कन्या राशि के प्रथम भाव में स्थित होकर जातकों के व्यक्तित्व और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेंगे।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान सोचने-समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है। लंबे समय से अटके कामों में तेजी आने की संभावना है। कारोबारियों को कोई बड़ी डील मिल सकती है, जिससे अच्छा मुनाफा होने के योग बन सकते हैं।

    इसके साथ ही कार्यस्थल और सामाजिक जीवन में प्रभाव बढ़ने तथा मान-सम्मान मिलने की संभावना भी जताई गई है।

    बुध उदय पर किए जा सकते हैं ये उपाय

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं—

    – बुधवार को भगवान गणेश को 21 दूर्वा चढ़ाएं और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
    – जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या स्टेशनरी का दान करें।
    – तुलसी की माला से रोजाना कम से कम 108 बार बुध देव के बीज मंत्र का जाप करें।
    – बुधवार या नियमित रूप से गाय को हरा चारा अथवा पालक खिलाएं।

  • UPI पर नया नियम: ग्राहक से नहीं लिया जाएगा चार्ज, बड़े व्यापारियों पर लगेगा शुल्क

    UPI पर नया नियम: ग्राहक से नहीं लिया जाएगा चार्ज, बड़े व्यापारियों पर लगेगा शुल्क


    नई दिल्ली। UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए राहत की बात है कि प्रस्तावित नए MDR ढांचे में उन्हें सीधे कोई चार्ज नहीं देना होगा। 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इस फ्रेमवर्क के मुताबिक, 2,000 रुपए से अधिक के कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.40% MDR लगाया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन होगी। छोटे दुकानदारों को इससे बाहर रखा गया है।

    नए नियम को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चार्ज किससे लिया जाएगा, छोटे दुकानदारों की पहचान कैसे होगी और क्या इसका बोझ ग्राहक पर डाला जा सकेगा? आइए 12 सवालों में समझते हैं पूरा मामला।

    1. क्या UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहक को चार्ज देना होगा?

    नहीं। दिए गए फ्रेमवर्क के मुताबिक MDR P2M यानी Person-to-Merchant लेनदेन पर लागू होगा। ग्राहक 2,000 रुपए से ज्यादा का UPI भुगतान करता है तो भी उससे सीधे कोई MDR नहीं लिया जाएगा। यह शुल्क पात्र मर्चेंट से जुड़ेगा।

    2. कितना MDR देना होगा?

    2,000 रुपए से ज्यादा का भुगतान प्राप्त करने वाले पात्र बड़े व्यापारी पर 0.40% MDR लगेगा। हालांकि इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन तय की गई है। यानी किसी एक लेनदेन पर 300 रुपए से अधिक MDR नहीं लिया जाएगा।

    3. छोटे व्यापारियों को क्या छूट मिलेगी?

    छोटे व्यापारियों को MDR से छूट दी गई है। यानी पात्र छोटे व्यापारी 2,000 रुपए से कम या अधिक का UPI भुगतान प्राप्त करें, उन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।

    4. छोटे व्यापारी की पहचान कैसे होगी?

    फ्रेमवर्क में P2PM यानी छोटे मर्चेंट की श्रेणी रखी गई है। इसके तहत दुकानदार और छोटे कारोबारी आते हैं। दिए गए नियम के अनुसार, QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपए तक का भुगतान प्राप्त करने वाले ऐसे व्यापारियों को MDR से छूट मिलेगी।

    5. 2,000 रुपए से कम के पेमेंट पर बड़े व्यापारी को भी MDR देना होगा?

    नहीं। 2,000 रुपए से कम के UPI भुगतान पर MDR लागू नहीं होगा। यह छूट छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों के लिए होगी।

    6. कितने व्यापारियों पर पड़ेगा असर?

    दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2,000 रुपए से अधिक का भुगतान प्राप्त करने वाले बड़े व्यापारियों की हिस्सेदारी कुल UPI पेमेंट में करीब 5% है। वहीं करीब 95% छोटे व्यापारी बताए गए हैं, जिन पर नया MDR लागू नहीं होगा।

    7. सब्जी वाले, चाय की दुकान और छोटे दुकानदारों पर क्या असर होगा?

    छोटे कारोबारियों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। P2PM श्रेणी में आने वाले ऐसे दुकानदार, जिनका QR कोड के जरिए मासिक डिजिटल कलेक्शन 1 लाख रुपए तक है, उन्हें 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर भी MDR नहीं देना होगा।

    8. क्या दुकानदार यह चार्ज ग्राहक से वसूल सकते हैं?

    नहीं। दिए गए नियमों के मुताबिक MDR का बोझ ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे UPI ऐप्स के जरिए इस MDR के नाम पर ग्राहक से अलग से प्लेटफॉर्म फीस वसूलने की बात भी इस फ्रेमवर्क में नहीं है।

    9. सरकार MDR का नया मॉडल क्यों ला रही है?

    दिए गए विवरण के अनुसार, UPI नेटवर्क के विस्तार, सर्वर क्षमता बढ़ाने और साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए बैंकों और फिनटेक कंपनियों को लगातार खर्च करना पड़ता है। नए MDR मॉडल के जरिए इस डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने का तर्क दिया गया है।

    इसके अलावा MDR से मिलने वाली राशि का 5% हिस्सा विशेष फंड में जाने की बात कही गई है। इसका इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए किया जाना है।

    10. छोटे व्यापारी के खाते में अचानक 1 लाख रुपए आ जाएं तो क्या होगा?

    यह स्थिति मासिक कलेक्शन की सीमा पर निर्भर करेगी। दिए गए नियम के मुताबिक जिन व्यापारियों का मासिक भुगतान प्राप्त करने का आंकड़ा 1 लाख रुपए से कम है, उन्हें MDR से छूट मिलेगी। यदि किसी महीने उनका कलेक्शन निर्धारित सीमा से ऊपर चला जाता है, तो उस महीने उनकी MDR पात्रता प्रभावित हो सकती है।

    वहीं, 2,000 रुपए से कम के व्यक्तिगत भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। यानी केवल छोटे-छोटे लेनदेन होने से व्यापारी पर यह शुल्क नहीं आएगा।

    11. बीमा, रिचार्ज, रेलवे और पेट्रोल-डीजल पर कितना MDR होगा?

    कुछ विशेष सेक्टर के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। दिए गए विवरण के मुताबिक 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर अधिकतम 5 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन MDR लिया जाएगा।

    इसमें टेलीकॉम में 2,000 रुपए से अधिक का रिचार्ज, बीमा में 2,000 रुपए से अधिक का प्रीमियम, रेलवे टिकट और पेट्रोल-डीजल से जुड़े 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान शामिल हैं।

    12. क्या UPI का MDR कार्ड या वॉलेट से ज्यादा होगा?

    दिए गए फ्रेमवर्क के अनुसार UPI पर लागू MDR को क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या वॉलेट के मुकाबले कम रखने की बात कही गई है। यानी नए शुल्क का उद्देश्य UPI को महंगा भुगतान विकल्प बनाना नहीं, बल्कि बड़े मर्चेंट लेनदेन के लिए MDR व्यवस्था तैयार करना बताया गया है।

    ग्राहक के लिए सबसे जरूरी बात

    नए ढांचे को लेकर फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि ग्राहक से सीधे UPI MDR नहीं लिया जाना है। 2,000 रुपए से कम के भुगतान पर MDR नहीं है, जबकि छोटे व्यापारियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत छूट दी गई है। मुख्य असर 2,000 रुपए से अधिक के पात्र बड़े मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर पड़ेगा, जहां 0.40% की दर और 300 रुपए की अधिकतम सीमा बताई गई है।

  • आज किस राशि पर बरसेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान 16 सितंबर का राशिफल जानें

    आज किस राशि पर बरसेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान 16 सितंबर का राशिफल जानें


    नई दिल्ली। 16 सितंबर का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के कामकाज रिश्तों धन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। आज कुछ राशि वालों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी जबकि कुछ लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा। दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करने और महत्वपूर्ण कामों को योजना बनाकर पूरा करने से परिस्थितियां बेहतर हो सकती हैं।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी करने वालों को जिम्मेदारी मिल सकती है जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने की संभावना है। परिवार में किसी सदस्य के साथ चल रही नाराजगी दूर हो सकती है। धन के मामले में खर्च पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा।

    वृषभ राशि के जातकों को आज अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिल सकता है। व्यापार करने वालों को लाभ का अवसर मिल सकता है लेकिन किसी भी बड़े निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान देने का दिन है।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन मिलाजुला रह सकता है। काम के दबाव के कारण थकान महसूस हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से बातचीत भविष्य में लाभ दे सकती है। आर्थिक मामलों में अचानक खर्च सामने आ सकता है इसलिए बजट का ध्यान रखना जरूरी होगा। रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए बातचीत करते समय संयम रखें।

    कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी बात को महत्व मिल सकता है। कारोबार में नए संपर्क बन सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य को लेकर दिनचर्या पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि वालों को आज अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। नौकरी में तरक्की या नई जिम्मेदारी की चर्चा हो सकती है। व्यापार में सोच समझकर लिया गया फैसला लाभ दे सकता है। हालांकि किसी के साथ बहस करने से बचें। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रह सकती है।

    कन्या राशि के लिए आज का दिन योजना बनाकर आगे बढ़ने का है। रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। धन संबंधी मामलों में राहत मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। परिवार के साथ किसी जरूरी विषय पर बातचीत हो सकती है।

    तुला राशि वालों के लिए आज रिश्तों और करियर दोनों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहने की संभावना है। किसी करीबी से मुलाकात मन को खुशी दे सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों को आज धैर्य से काम लेना चाहिए। किसी पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने का मौका मिल सकता है। नौकरी और कारोबार में जल्दबाजी से बचें। धन के मामले में जोखिम लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर हो सकता है।

    धनु राशि के लिए दिन उत्साह से भरा रह सकता है। नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। नौकरी में सकारात्मक बदलाव की संभावना है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। यात्रा से जुड़ी योजना बन सकती है।

    मकर राशि वालों को आज मेहनत का परिणाम मिलने की उम्मीद है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नई योजना उपयोगी हो सकती है। स्वास्थ्य के लिए आराम और नियमित दिनचर्या पर ध्यान दें।

    कुंभ राशि वालों के लिए दिन नए विचार और अवसर लेकर आ सकता है। काम में रचनात्मकता की तारीफ हो सकती है। व्यापारियों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। रिश्तों में भरोसा बनाए रखना जरूरी होगा।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। किसी पुराने काम में सफलता मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और धन संबंधी मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी। महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय भावनाओं के बजाय व्यावहारिक सोच से काम लेना बेहतर होगा।

    यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लेना चाहिए। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में अपनी परिस्थितियों और विवेक को प्राथमिकता देना उचित है।

  • MP में मानसून की विदाई से पहले फिर होगी बारिश, 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम

    MP में मानसून की विदाई से पहले फिर होगी बारिश, 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जो मजबूत रहा तो प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो सकता है; अभी सामान्य औसत 37.3 इंच के मुकाबले 33 इंच बारिश हुई है।

    88.5% बारिश, लक्ष्य तक पहुंचने 4.3 इंच बाकी

    प्रदेश में मानसून सीजन खत्म होने में अब करीब 14 दिन बाकी हैं। मंगलवार तक 33 इंच यानी सामान्य बारिश की 88.5% बारिश हो चुकी है। सामान्य औसत 37.3 इंच है, ऐसे में सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी 4.3 इंच बारिश और चाहिए।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि में होने वाली बारिश ही मानसून के आंकड़ों में शामिल की जाती है। हालांकि कई बार मानसून अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह तक विदा होता है। इस बार सितंबर के आखिरी हिस्से में इसकी विदाई शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में उससे पहले होने वाली बारिश प्रदेश के कुल आंकड़े को सामान्य के करीब ले जा सकती है।

    17 से 21 सितंबर के बीच बारिश का जोर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 17 से 19 सितंबर के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अधिक व्यापक हो सकती हैं। वहीं, 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    इसके बाद 19 सितंबर के बाद बनने वाला नया सिस्टम प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि इसकी ताकत अच्छी रही और इसका प्रभाव व्यापक रहा तो मानसून के बचे दिनों में होने वाली बारिश से प्रदेश सामान्य बारिश के आंकड़े को छू सकता है।

    मंगलवार को लो प्रेशर एक्टिव, लेकिन तेज बारिश नहीं

    मंगलवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) सक्रिय रहा। मानसून ट्रफ की गतिविधि भी देखने को मिली, लेकिन इसका असर तेज बारिश के रूप में सामने नहीं आया। प्रदेश के किसी भी जिले में भारी बारिश दर्ज नहीं हुई।

    भोपाल में दिनभर धूप खिली रही। इंदौर और उज्जैन में भी मौसम लगभग ऐसा ही रहा। यानी सिस्टम सक्रिय होने के बावजूद मंगलवार को प्रदेश में बारिश का जोर देखने को नहीं मिला।

    18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अब तक प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक पानी गिर चुका है। ऐसे में मानसून के बचे दिनों में यहां होने वाली बारिश को अतिरिक्त बारिश के तौर पर देखा जाएगा।

    37 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे

    दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिले अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं। इनमें आलीराजपुर की स्थिति सबसे कमजोर है, जहां सामान्य की आधी बारिश भी अब तक नहीं हुई है।

    इसके विपरीत निवाड़ी में सामान्य से 49% ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है। इस तरह प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। अब निगाह 19 सितंबर के बाद सक्रिय होने वाले संभावित सिस्टम पर है कि वह कितनी व्यापक बारिश कराता है और प्रदेश को मानसून के सामान्य आंकड़े के कितने करीब पहुंचाता है।

  • मक्का तक पहुंचा हूती हमलों का खतरा, सऊदी के छह शहरों में बजे इमरजेंसी सायरन; 13 लोग घायल

    मक्का तक पहुंचा हूती हमलों का खतरा, सऊदी के छह शहरों में बजे इमरजेंसी सायरन; 13 लोग घायल

    रियाद। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद मंगलवार को देश के छह प्रमुख शहरों में आपातकालीन चेतावनी जारी की गई। इनमें मक्का, जिद्दा और ताइफ जैसे महत्वपूर्ण शहर भी शामिल रहे। सऊदी अरब के लिए यह स्थिति इसलिए बेहद संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि पहली बार मक्का तक संभावित हमले का खतरा पहुंचा और वहां भी लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई।

    सऊदी अरब के सिविल डिफेंस ने अपने नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिद्दा, ताइफ, आभा, जाजान प्रांत, अल-उला और यान्बू सहित छह क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया। चेतावनी मिलते ही प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय घरों अथवा नजदीकी सुरक्षित स्थानों के भीतर रहने की अपील की। लोगों को खिड़की, दरवाजे, बालकनी और छत से दूर रहने तथा सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ नहीं लगाने की सलाह दी गई। प्रशासन ने लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा।

    दक्षिणी सऊदी में हमले, 13 नागरिक घायल

    यह अलर्ट सोमवार को यमन की दिशा से हुए सिलसिलेवार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद जारी किया गया। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, 14 सितंबर को हुए हमलों में आम नागरिकों और उनके रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाया गया।

    अल-मलिकी ने बताया कि मिसाइल और ड्रोन मुख्य रूप से खमीस मुशैत, आभा और ताइफ शहरों में पहुंचे। हमलों में 13 लोग घायल हुए, जबकि कम से कम सात आवासीय मकानों और दो निजी वाहनों को नुकसान पहुंचा।

    हूतियों ने सऊदी एयरबेस को निशाना बनाने का किया दावा

    दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के भीतर काफी अंदर तक सैन्य कार्रवाई की। हूतियों के अनुसार, उनका मुख्य निशाना खमीस मुशैत में स्थित सऊदी अरब का महत्वपूर्ण सैन्य एयरबेस था।

    हूती प्रवक्ताओं ने दावा किया कि यह हमला यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की एयरस्ट्राइक के जवाब में किया गया। उनके मुताबिक, मिसाइल और ड्रोन से एयरबेस के लड़ाकू विमानों के हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद के भंडार को निशाना बनाया गया तथा वहां भारी नुकसान हुआ।

    2022 के सीजफायर के बाद फिर बढ़ा तनाव

    हूती हमलों के दावों के बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़ा जवाब देने की बात कही है। मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि सऊदी अरब अपने नागरिकों और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने में सक्षम है तथा भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की कोशिशों से हुआ सीजफायर प्रभावी नहीं रह गया है। दोनों पक्षों के बीच शांति प्रयासों में ठहराव के बीच क्षेत्र में एक बार फिर सैन्य गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं।

    तेल ढांचे पर भी मंडरा रहा खतरा

    सऊदी अरब की चिंता केवल मिसाइल और ड्रोन हमलों तक सीमित नहीं है। देश के महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे पर भी हमलों का खतरा बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह एक हवाई हमले के कारण सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन का संचालन प्रभावित हुआ था। हालांकि, उस हमले के लिए हूतियों को जिम्मेदार नहीं बताया गया, बल्कि इराक में सक्रिय ईरान समर्थित शिया गुटों पर संदेह जताया गया।

    सऊदी सिविल डिफेंस के अनुसार, छहों क्षेत्रों में जारी आपातकालीन चेतावनी बाद में हटा ली गई और खतरा टल गया। हालांकि, मक्का और जिद्दा जैसे महत्वपूर्ण शहरों तक सुरक्षा अलर्ट पहुंचना इस बात का संकेत है कि यमन से जुड़ा संघर्ष अब व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

  • भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, 62,500 प्रतिष्ठानों पर फैसले का इंतजार

    भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, 62,500 प्रतिष्ठानों पर फैसले का इंतजार

    भोपाल । शहर के रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई। जस्टिस के अवकाश पर होने के कारण अब इस मामले की सुनवाई बाद में होगी। फिलहाल नई तारीख तय नहीं हुई है।

    इस सुनवाई में भोपाल के रहवासी क्षेत्रों में चल रहे करीब 62,500 प्रतिष्ठानों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला आने की उम्मीद थी। इसी मामले में मंगलवार, 15 सितंबर को सुनवाई तय थी। नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करनी थी। अब सुनवाई टलने के बाद अगली तारीख का इंतजार है।

    इस मामले में भोपाल नगर निगम अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश कर चुका है। वहीं, रहवासी पक्ष ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपने दस्तावेज कोर्ट में पेश किए हैं।

    याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी का आरोप है कि निगम ने कार्रवाई को लेकर जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें कई बातें सही नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, उनमें से कई दोबारा खुल गए हैं। रहवासी पक्ष ने निगम की कार्रवाई को लेकर कोर्ट के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

    दरअसल, 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। करीब 15 दिनों तक नोटिस देने का अभियान चला।

    इस दौरान सूची में शामिल करीब 62,500 प्रतिष्ठानों में से 8,084 को नोटिस दिए गए। इसके बाद निगम ने 3 दिनों तक कार्रवाई करते हुए करीब 190 प्रतिष्ठानों को बंद किया था। हालांकि, व्यापारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रोक दी गई।

    निगम की नोटिस और सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी सड़क पर उतर आए थे। व्यापारियों के विरोध के बाद निगम ने कार्रवाई रोक दी। पिछले करीब 15 दिनों से इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर, रहवासी निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी हो रही है।

    भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

    कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दुकान संचालकों को दिए गए राहत और स्टे ऑर्डर भी निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    रहवासियों की मांग है कि आवासीय इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां बंद की जाएं। दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाले शोर और भीड़ को रोका जाए। बढ़ते ट्रैफिक और व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाली सार्वजनिक परेशानी को कम किया जाए। रहवासी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की मांग की गई है। साथ ही नियमों के खिलाफ चल रहे प्रतिष्ठानों पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग है।

    अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। नई तारीख तय होने के बाद 62,500 प्रतिष्ठानों और भोपाल के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर आगे की स्थिति साफ हो सकेगी।

  • MP में 17 से 20 सितंबर तक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम, नितिन नवीन, राहुल गांधी, मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले रहेंगे मौजूद

    MP में 17 से 20 सितंबर तक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम, नितिन नवीन, राहुल गांधी, मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले रहेंगे मौजूद

     मध्यप्रदेश । अगले चार दिन मध्यप्रदेश की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। 17 से 20 सितंबर के बीच प्रदेश में देश के कई बड़े चेहरे नजर आएंगे। एक तरफ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा होगा, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी युवाओं के बीच पहुंचेंगे। इसी दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी प्रदेश में मौजूद रहेंगे। ऐसे में इन चार दिनों के दौरान मध्यप्रदेश का राजनीतिक और सामाजिक माहौल काफी सक्रिय रहने वाला है और इन सभी कार्यक्रमों पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

    17 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मध्यप्रदेश के दौरे पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर उनका मंदसौर, इंदौर और उज्जैन में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम है। बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। नितिन नवीन मध्यप्रदेश में इससे जुड़े आयोजनों में हिस्सा लेंगे।

    नितिन नवीन मंदसौर में SVAMITVA योजना से जुड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति और आवासीय जमीन से जुड़े अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार कर लोगों को दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। उनके दौरे में गांधी सागर अभयारण्य भी महत्वपूर्ण रहेगा। यहां चीता पुनर्वास योजना के तहत कार्यक्रम होना है। कूनो के बाद गांधी सागर को भी चीतों के लिए विकसित किया जा रहा है।

    17 और 18 सितंबर को RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत उज्जैन में रहेंगे। उज्जैन पहुंचने के बाद वे संघ के स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे मध्यप्रदेश की पहली ‘युवा धर्म संसद’ में युवाओं से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में स्वामी अवधेशानंद गिरि, गीतकार मनोज मुंतशिर और IIM इंदौर के निदेशक हिमांशु राय समेत कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रहेगी।

    मोहन भागवत उज्जैन में आयोजित बड़े दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का भी हिस्सा बनेंगे। उनके दौरे को लेकर संघ के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया है। पुलिस और प्रशासन भी सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुटा है।

    19 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंदौर पहुंचेंगे। यहां ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए वे युवाओं और Gen Z से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई है। राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस संगठन की तैयारियां तेज हो गई हैं।

    चार दिनों के इस सिलसिले का अंतिम बड़ा कार्यक्रम 20 सितंबर को भोपाल में होगा। RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले लाल परेड मैदान में आयोजित ‘शाखा संगम’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के शामिल होने की तैयारी है। इनमें 30 हजार से ज्यादा Gen-Z स्वयंसेवक शामिल होंगे, जबकि कुल उपस्थिति करीब 50 हजार बताई जा रही है।

    संघ के अनुसार भोपाल विभाग के पांच जिलों और छह नगरों की करीब 800 शाखाओं से जुड़े स्वयंसेवक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों की ओर से शारीरिक अभ्यास और दंड प्रदर्शन भी किया जाएगा। दत्तात्रेय होसबाले अपने संबोधन में समाज के सामने मौजूद चुनौतियों, भविष्य के लक्ष्यों और इतिहास से मिलने वाली सीख पर बात करेंगे।

  • ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई, CBI ने मांगा एक सप्ताह का समय

    ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई, CBI ने मांगा एक सप्ताह का समय


    जबलपुर:
     एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर मंगलवार को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। करीब तीन सप्ताह से लंबित याचिका पर अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से पेश वकीलों की दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।

    गिरिबाला सिंह फिलहाल जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए नियमित जमानत की मांग की है। मंगलवार की सुनवाई में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत के सामने गिरिबाला सिंह की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत दिए जाने की दलील रखी।

    गिरिबाला सिंह के वकील के मुताबिक, उनकी मुवक्किल की ओर से ऐसा कोई कृत्य नहीं किया गया है, जिसके आधार पर उन्हें अपराध में संलिप्त माना जाए। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि ट्विशा शर्मा ने आत्महत्या की थी। वकील ने गिरिबाला सिंह की ओर से किसी तरह की गलती किए जाने से इनकार किया।

    सुनवाई के दौरान CBI की ओर से अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। एजेंसी ने कहा कि वह मामले की केस डायरी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना चाहती है और जमानत याचिका पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराना चाहती है। इसके लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया।

    अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद मामले की आगे की सुनवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। फिलहाल गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनकी जमानत का निर्णय अगली सुनवाई में CBI के जवाब और मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ेगा।

    मामले के अनुसार, ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। उनकी मौत के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और गिरिबाला सिंह तथा उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया गया। दोनों पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

    फिलहाल गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह जेल में हैं। इसी मामले में गिरिबाला सिंह की ओर से नियमित जमानत के लिए अदालत का रुख किया गया है। मंगलवार को हुई सुनवाई में बचाव पक्ष ने उम्र और स्वास्थ्य से जुड़ी परिस्थितियों को जमानत के पक्ष में रखा, जबकि CBI ने जवाब और केस डायरी प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा।

    अदालत द्वारा अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिए जाने के बाद अब मामले में CBI का जवाब महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद अदालत जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलों और जांच से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आगे सुनवाई करेगी। अभी पूर्व जज गिरिबाला सिंह को जमानत नहीं मिली है और वह न्यायिक हिरासत में हैं।

  • एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, विकास कार्यों के लिए 10,630 करोड़ मंजूर; सड़क, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर जोर

    एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, विकास कार्यों के लिए 10,630 करोड़ मंजूर; सड़क, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर जोर

    मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, साइबर सुरक्षा और भूमि संबंधी नीतियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए कुल 10 हजार 630 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी।

    कैबिनेट ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस के माध्यम से 12 प्रमुख मार्गों के निर्माण के लिए 4,600 करोड़ रुपये का ऋण लेने की अनुमति दी। इस ऋण के लिए राज्य सरकार की ओर से गारंटी प्रदान की जाएगी। प्रस्तावित मार्गों में भोपाल-विदिशा, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास, नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़, इंदौर-देपालपुर, चापड़ा-नेवरी-देवास, दिनारा-दतिया-सेवड़ा, आगर-सारंगपुर, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई-खिमलासा और अन्य मार्ग शामिल हैं।

    राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व नाममात्र मूल्य पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके बदले निगम राज्य सरकार के पक्ष में अपनी अंश पूंजी जारी करेगा। ऋण और ब्याज का भुगतान टोल संग्रह तथा अन्य प्राप्तियों से किए जाने का प्रावधान है। परियोजनाओं में राशि का उपयोग आवश्यकता के अनुसार जस्ट इन टाइम सिद्धांत पर किया जाएगा।

    कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट मार्ग के लिए भी बड़ा फैसला लिया। 91.64 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को चार लेन और पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए कुल 3,960 करोड़ 9 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें निर्माण लागत, संचालन अवधि में भुगतान और भू-अर्जन सहित अन्य पूर्व निर्माण कार्य शामिल हैं। यह मार्ग सिवनी और बालाघाट को जोड़ने के साथ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों, खनिज क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों से संपर्क बेहतर करेगा। इससे लगभग 8 से 10 लाख आबादी को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की बात कही गई है।

    सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की 19 योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026 से 2031 तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इन योजनाओं में पेंशन, परिवार सहायता, कन्या विवाह-निकाह सहायता, दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक मदद, प्रशिक्षण, कृत्रिम अंग वितरण, वरिष्ठ नागरिकों और नशा पीड़ितों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

    मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रभावी संचालन के लिए कुल 244 पदों और व्यक्तियों की स्वीकृति दी गई। इनमें 154 नियमित, एक संविदा और 89 आउटसोर्स पद शामिल हैं। इससे स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा से संबंधित प्रशासनिक और अकादमिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने का उद्देश्य है।

    कैबिनेट ने राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट-रेसपॉन्स ऑपरेशन सेंटर के संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 80 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसमें नए पद, तकनीकी संसाधन, साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक और इंसीडेंट रिस्पॉन्स से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अलावा प्रशिक्षित साइबर सुरक्षा मानव संसाधन तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग स्नातकों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी मंजूर की गई।

    नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन और संबंधित कार्यालयों के संचालन तथा प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार के लिए भी राशि स्वीकृत की गई। आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन को मंजूरी देते हुए ग्रामीण कृषि भूमि के लिए पुनर्वास अनुदान संबंधी प्रावधान में बदलाव किया गया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को भारतीय न्याय संहिता की परिवर्तित धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए अधिकृत करने संबंधी अधिसूचना में संशोधन को भी मंजूरी मिली।

    इसके अलावा महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 ब्लाइंड में स्वर्ण पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ियों को कुल 75 लाख रुपये और उनके तीन प्रशिक्षकों को कुल 3 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। खिलाड़ियों सुनिता सराठे, दुर्गा येबले और सुषमा पटेल को 25-25 लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि तीन प्रशिक्षकों को एक-एक लाख रुपये की राशि मिलेगी।