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  • टीएमसी के 17 सांसद भाजपा में जा सकते हैं, यूसुफ पठान समेत तीन ने NDA को बाहर से समर्थन देने का किया ऐलान

    टीएमसी के 17 सांसद भाजपा में जा सकते हैं, यूसुफ पठान समेत तीन ने NDA को बाहर से समर्थन देने का किया ऐलान

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। टीएमसी छोड़कर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI में शामिल हुए बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि गुट के 17 सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उनके इस दावे के बाद यूसुफ पठान, सायोनी घोष समेत कई नेताओं को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, बागी गुट के एक अन्य नेता ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा में शामिल होने की कोई योजना नहीं है।

    बसुनिया के अनुसार, 17 सांसद भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं और इस संबंध में प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दल बदल की प्रक्रिया दुर्गा पूजा के बाद हो सकती है। इससे पहले टीएमसी के 20 सांसद अलग होकर NCPI में शामिल हुए थे और उन्होंने NDA को समर्थन देने की घोषणा की थी।

    बागी गुट में शामिल अबू ताहेर खान ने बसुनिया के दावे पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बसुनिया को पूरे गुट की ओर से बयान देने का अधिकार नहीं है। खान ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा में नहीं जाएंगे और न ही NDA में शामिल होंगे। उन्होंने जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान और बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान का भी नाम लिया। उनके मुताबिक तीनों सांसद NDA को बाहर से समर्थन देंगे, लेकिन भाजपा या NDA का हिस्सा नहीं बनेंगे।

    अबू ताहेर खान ने यह भी स्पष्ट किया कि यूसुफ पठान, खलीलुर रहमान और उनके जैसे नेता भाजपा या NDA की बैठकों में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से विकास से जुड़े मुद्दों पर बुलाई जाने वाली बैठकों में शामिल होने पर उन्होंने सहमति जताई है।

    सायोनी घोष को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। बसुनिया ने 17 सांसदों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। ऐसे में यह तय नहीं है कि घोष उन सांसदों में शामिल हैं या नहीं। कुल 20 सांसदों के टीएमसी से अलग होने की बात सामने आई है, जिनमें से तीन ने भाजपा में शामिल नहीं होने और NDA को बाहर से समर्थन देने की बात कही है। इसलिए बाकी सांसदों को लेकर अलग-अलग दावे और अटकलें जारी हैं।

    यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में कोलकाता नगर निगम और हावड़ा नगर निगम समेत स्थानीय चुनावों की तैयारियां चल रही हैं। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह इन चुनावों में अपने दम पर मैदान में उतरेगी। पार्टी के सत्ता में आने के बाद राज्य में पहली बार होने वाले इन चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।

    भाजपा की ओर से भी फिलहाल बागी सांसदों को पार्टी में शामिल करने की किसी तत्काल योजना से इनकार किया गया है। पार्टी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार टीएमसी या NCPI से कोई भी व्यक्ति भाजपा में शामिल नहीं हो रहा है। उन्होंने टीएमसी शासन के दौरान इन नेताओं और सांसदों की भूमिका पर भी सवाल उठाया।

    इसी बीच आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों के उपचुनाव को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। टीएमसी में सांसदों के अलावा विधायक स्तर पर भी टूट की चर्चा है। ऋताब्रत बनर्जी गुट के साथ 60 से अधिक विधायकों के होने का दावा किया जा रहा है। पार्टी ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में सांसदों के संभावित दल बदल को लेकर चल रही अटकलों के बीच आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • रणबीर कपूर से पहले इन एक्टर्स ने निभाया राम का किरदार, जानिए अरुण गोविल से प्रभास तक किसे मिली कितनी फीस

    रणबीर कपूर से पहले इन एक्टर्स ने निभाया राम का किरदार, जानिए अरुण गोविल से प्रभास तक किसे मिली कितनी फीस


    नई दिल्ली ।
    नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रणबीर कपूर को राम का किरदार निभाने के लिए प्रति फिल्म 75 करोड़ रुपये फीस मिल रही है। फिल्म के दो हिस्से होने की वजह से उनकी कुल फीस 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस फीस ने राम का किरदार निभाने वाले पहले के कलाकारों की कमाई को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है।

    राम के किरदार को टेलीविजन और फिल्मों में कई कलाकारों ने पर्दे पर निभाया है। इनमें अरुण गोविल का नाम सबसे ज्यादा चर्चित रहा है। रामानंद सागर की ‘रामायण’ में अरुण गोविल ने भगवान राम की भूमिका निभाई थी। इस शो के लिए उन्हें पूरी सीरीज के लिए करीब 40 लाख रुपये फीस मिलने की जानकारी दी गई थी। उस दौर में टेलीविजन कलाकारों के लिए यह रकम काफी बड़ी मानी जाती थी।

    अरुण गोविल ने राम के किरदार को जिस तरह पर्दे पर पेश किया, उससे उनकी पहचान इस भूमिका के साथ लंबे समय तक जुड़ी रही। आज भी दर्शकों के बीच उनके राम के रूप को याद किया जाता है। उनकी लोकप्रियता का असर इस भूमिका के प्रति लोगों के जुड़ाव में भी दिखाई देता है।

    इसके बाद वर्ष 2008 में ‘रामायण’ को नए रूप में टेलीविजन पर प्रस्तुत किया गया। इस सीरियल में राम की भूमिका गुरमीत चौधरी ने निभाई। उस समय गुरमीत चौधरी मनोरंजन जगत में नए कलाकार थे। शुरुआत में उन्हें प्रति एपिसोड 40 से 50 हजार रुपये फीस मिलती थी। बाद में उनकी फीस बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति एपिसोड कर दी गई।

    गुरमीत चौधरी का यह प्रोजेक्ट कुल 300 एपिसोड का था। इस हिसाब से उन्हें पूरी सीरीज के लिए करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये फीस मिलने की जानकारी दी गई है। राम के किरदार ने उन्हें टेलीविजन पर एक अलग पहचान दिलाई और यह भूमिका उनके करियर के महत्वपूर्ण कामों में शामिल रही।

    इसके बाद आशीष शर्मा ने वर्ष 2015 में प्रसारित हुए धारावाहिक ‘सिया के राम’ में भगवान राम का किरदार निभाया। उस समय तक आशीष शर्मा टेलीविजन पर स्थापित अभिनेता बन चुके थे। वह डांस रियलिटी शो ‘झलक दिखला जा’ भी जीत चुके थे।

    टीवी से जुड़ी ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशीष शर्मा ने ‘सिया के राम’ में राम की भूमिका के लिए प्रति एपिसोड एक लाख से 1.25 लाख रुपये तक फीस ली थी। इस धारावाहिक के कुल 304 एपिसोड प्रसारित हुए थे। इस आधार पर उनकी कुल कमाई करीब 3 से 3.5 करोड़ रुपये बताई गई है।

    वर्ष 2023 में प्रभास ने फिल्म ‘आदिपुरुष’ में राघव यानी राम का किरदार निभाया। फिल्म में प्रभास की भूमिका को लेकर काफी चर्चा रही थी। उपलब्ध खबरों के मुताबिक, उन्हें राम का किरदार निभाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये फीस मिली थी।

    ‘आदिपुरुष’ की रिलीज के बाद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया भी चर्चा में रही और ओटीटी रिलीज के बाद भी इसे अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने की बात सामने आई।

    इन आंकड़ों के आधार पर रणबीर कपूर की ‘रामायण’ के लिए बताई जा रही 150 करोड़ रुपये की कुल फीस अब तक राम का किरदार निभाने वाले कलाकारों में सबसे अधिक बताई जा रही है। हालांकि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है और रणबीर की फीस से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है।

  • सुनीता आहूजा ने बेटे यश के साथ घर में किया गणपति बप्पा का स्वागत, गोविंदा की गैरमौजूदगी की बताई वजह

    सुनीता आहूजा ने बेटे यश के साथ घर में किया गणपति बप्पा का स्वागत, गोविंदा की गैरमौजूदगी की बताई वजह

    नई दिल्ली ।सुनीता आहूजा ने सोमवार को अपने बेटे यशवर्धन के साथ घर में गणपति बप्पा का स्वागत किया। हर साल गोविंदा और उनके बेटे यशवर्धन बप्पा को घर लेकर आते थे, लेकिन इस बार सुनीता खुद गणपति की प्रतिमा लेकर घर पहुंचीं। इस मौके पर उनके बच्चे भी उनके साथ नजर आए, जबकि गोविंदा परिवार के साथ मौजूद नहीं थे। सुनीता ने उनकी गैरमौजूदगी की वजह भी बताई।

    सुनीता आहूजा ने बताया कि गोविंदा इस समय अमेरिका में हैं और रात में वापस आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अगर गोविंदा यात्रा के बाद थके हुए होंगे तो वह सोमवार को गणपति के दर्शन के लिए नहीं आएंगे और अगले दिन दर्शन कर सकते हैं। सुनीता ने यह भी कहा कि यह उनका घर है, इसलिए उन्हें वहां आना ही है।

    सुनीता ने बताया कि हर साल गणपति बप्पा को घर लाने की जिम्मेदारी गोविंदा और उनके बेटे यशवर्धन निभाते थे। इस बार उन्होंने खुद बप्पा को घर लाने का फैसला किया। सुनीता के मुताबिक, उन्होंने गणपति को घर पर नाच-गाने के साथ लेकर आने का फैसला किया क्योंकि पिछले एक साल में उन्हें बप्पा का आशीर्वाद और अपने काम में सफलता मिली है।

    उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में बप्पा ने उन्हें काफी फेम दिया और उनके लिए चीजें अच्छी रही हैं। इसी वजह से उन्होंने तय किया कि इस बार वह अपने हाथों से गणपति बप्पा को घर लेकर आएंगी। सुनीता ने इस परंपरा को अपने परिवार के लिए खास बताया।

    सुनीता के अनुसार, उनके घर में गणपति उत्सव की परंपरा उनकी दिवंगत सास निर्मला देवी ने शुरू की थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा यह तय किया है कि जब तक वह जीवित हैं, हर साल गणपति बप्पा को घर लेकर आएंगी। उनके मुताबिक यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।

    सुनीता ने बताया कि वह गणपति बप्पा को डेढ़ दिन के लिए घर लेकर आती हैं। उन्होंने कहा कि अगर बप्पा को अधिक दिनों के लिए घर में रखा जाए तो उसके अनुसार पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक प्रक्रियाएं भी करनी होती हैं। इसलिए उनके घर में डेढ़ दिन के गणपति उत्सव की परंपरा है।

    सुनीता आहूजा और गोविंदा के रिश्ते में पिछले कुछ समय से तनाव की खबरें भी सामने आती रही हैं। सुनीता को कुछ समय पहले फैमिली कोर्ट के बाहर देखा गया था, जहां वह गोविंदा के खिलाफ दायर तलाक का मामला वापस लेने पहुंची थीं। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुईं।

    तलाक का मामला वापस लेने के बाद सुनीता और राखी सावंत की बातचीत से जुड़ा एक ऑडियो-वीडियो भी सामने आया था। इसमें सुनीता ने दावा किया था कि गोविंदा दूसरी शादी करने की योजना बना रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने तलाक का मामला वापस लेने का फैसला किया।

    इसके अलावा गोविंदा की सह-कलाकार रानी स्वर्णकार के साथ तस्वीरें और मुलाकात को लेकर भी सुनीता की प्रतिक्रिया सामने आई थी। उन्होंने गोविंदा पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद अभिनेता की ओर से भी प्रतिक्रिया आई थी। दोनों के बीच रिश्ते को लेकर सामने आए इन बयानों के बावजूद सुनीता ने अपने घर की गणपति परंपरा जारी रखने की बात कही है।

  • आमिर खान को सुपरहीरो फिल्म के लिए किया गया अप्रोच, पहली बार साजिद नाडियाडवाला और आर बाल्की संग काम की तैयारी

    आमिर खान को सुपरहीरो फिल्म के लिए किया गया अप्रोच, पहली बार साजिद नाडियाडवाला और आर बाल्की संग काम की तैयारी


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान जल्द ही सुपरहीरो के किरदार में नजर आ सकते हैं। निर्माता साजिद नाडियाडवाला एक बड़े स्तर की सुपरहीरो फिल्म बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं और इस प्रोजेक्ट के लिए आमिर खान को अप्रोच किया गया है। आमिर ने फिल्म को लेकर दिलचस्पी दिखाई है, हालांकि उन्होंने अभी तक इस प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर साइन नहीं किया है।

    जानकारी के मुताबिक, यह फिल्म अभी शुरुआती चरण में है और इसकी कहानी तथा स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है। फिल्म के निर्देशन के लिए आर बाल्की के नाम पर चर्चा हो रही है। अगर यह प्रोजेक्ट तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है और आमिर इसका हिस्सा बनते हैं, तो अभिनेता पहली बार साजिद नाडियाडवाला और आर बाल्की के साथ काम करते नजर आएंगे।

    मेकर्स फिल्म को बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। अगले कुछ महीनों में कहानी, स्क्रीनप्ले और मुख्य किरदार को अंतिम रूप देने पर काम किया जाएगा। बड़े स्तर की इस फिल्म के लिए प्रोडक्शन डिजाइन और पूरे लुक पर भी विशेष तैयारी की जाएगी। फिल्म के सुपरहीरो किरदार को ध्यान में रखते हुए इसके विजुअल और प्रोडक्शन से जुड़े पहलुओं पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।

    फिल्म के स्क्रीनप्ले को लेकर भी आमिर खान की भागीदारी की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, फिल्ममेकर्स आमिर के साथ मिलकर स्क्रीनप्ले तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल प्रोजेक्ट को लेकर अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा बाकी है।

    साजिद नाडियाडवाला और आमिर खान लंबे समय से एक-दूसरे के दोस्त बताए जाते हैं, लेकिन दोनों ने अब तक किसी फिल्म में साथ काम नहीं किया है। ऐसे में यदि यह सुपरहीरो फिल्म आगे बढ़ती है और आमिर इसमें शामिल होते हैं, तो यह दोनों की पहली फिल्मी साझेदारी होगी।

    वहीं, आर बाल्की के लिए भी आमिर खान के साथ काम करना नया अनुभव होगा। आर बाल्की ने अपने करियर में अमिताभ बच्चन के साथ कई फिल्मों में काम किया है। उनकी निर्देशित फिल्मों में ‘चीनी कम’, ‘पा’, ‘शमिताभ’, ‘की एंड का’, ‘पैडमैन’, ‘चुप’, ‘लस्ट स्टोरीज 2’ और ‘घूमर’ शामिल हैं।

    आर बाल्की ने वर्ष 2017 में एक बातचीत के दौरान फिल्म इंडस्ट्री के प्रमुख खान अभिनेताओं के साथ काम करने को लेकर अपनी राय जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि अगर वह ऐसे प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के बारे में सोचेंगे तो इसमें काफी समय लग सकता है। अब आमिर के साथ संभावित सुपरहीरो फिल्म को लेकर उनका नाम सामने आना चर्चा का विषय बन गया है।

    आमिर खान के अन्य प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वह आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘ललकार’ में नजर आ सकते हैं। यह पीरियड स्पोर्ट्स ड्रामा 1952 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए क्रिकेट मैच की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। आमिर इसमें क्रिकेटर लाला अमरनाथ की भूमिका निभा सकते हैं। फिल्म की शूटिंग नवंबर 2026 से शुरू होने की संभावना बताई गई है।

    इसके अलावा आमिर खान के राजकुमार हिरानी के साथ ‘थ्री इडियट्स’ के सीक्वल में काम करने की भी चर्चा है। वर्ष 2009 में रिलीज हुई ‘थ्री इडियट्स’ में आमिर खान, आर. माधवन, शर्मन जोशी और करीना कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया था और यह आमिर खान के करियर की चर्चित सफल फिल्मों में शामिल रही है।

  • अफगानिस्तान यात्रा के दौरान मुसीबत में फंसी केरल की ट्रैवल व्लॉगर, गिरफ्तारी का दावा कर मदद की लगाई गुहार

    अफगानिस्तान यात्रा के दौरान मुसीबत में फंसी केरल की ट्रैवल व्लॉगर, गिरफ्तारी का दावा कर मदद की लगाई गुहार

    नई दिल्ली ।केरल की लोकप्रिय ट्रैवल व्लॉगर अरुणिमा ने अफगानिस्तान के बामियान शहर से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया कि उन्हें मुजाहिदीन ने गिरफ्तार कर लिया है। अरुणिमा कुछ समय से अफगानिस्तान की यात्रा पर हैं और वहां से लगातार वीडियो तथा तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रही थीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में भारतीय दूतावास से संपर्क करने में मदद मांगी है।

    अरुणिमा ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक कथित आधिकारिक संदेश का अनुवाद भी साझा किया। उनके अनुसार, इस संदेश में बताया गया है कि अफगानिस्तान में मुजाहिदीन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पोस्ट में उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर चिंता जताई और बताया कि वह बामियान में हैं। उन्होंने भारतीय दूतावास तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लोगों से मदद मांगी।

    हालांकि, अरुणिमा की कथित गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में विदेश मंत्रालय की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

    अरुणिमा की पोस्ट में उनकी कथित हिरासत की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किस स्थान पर और किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया। उनके द्वारा साझा किए गए कथित आधिकारिक संदेश में गिरफ्तारी का उल्लेख होने की बात कही गई है, लेकिन घटना से जुड़ी अन्य जानकारी सामने नहीं आई है।

    अरुणिमा पिछले कुछ दिनों से अफगानिस्तान में यात्रा कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने वहां के अलग-अलग स्थानों से कई वीडियो और तस्वीरें अपने सोशल मीडिया पेज पर साझा कीं। उनकी पोस्ट में अफगानिस्तान के स्थानीय माहौल और वहां के लोगों के साथ बिताए गए समय की झलक भी दिखाई देती रही है।

    अफगानिस्तान में अपनी यात्रा के दौरान अरुणिमा ने तालिबान शासन के तहत महिलाओं की स्थिति पर भी बात की थी। उन्होंने अपने वीडियो में अफगान महिलाओं की परिस्थितियों, स्थानीय लोगों के डर और वहां लागू पाबंदियों का जिक्र किया था। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मुलाकात और बातचीत से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की थीं।

    बामियान अफगानिस्तान का एक प्रमुख क्षेत्र है, जहां अरुणिमा अपनी यात्रा के दौरान पहुंची थीं। सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों से पता चलता है कि वह वहां के स्थानीय जीवन और परिस्थितियों को अपने दर्शकों तक पहुंचा रही थीं। इसी दौरान सामने आई उनकी कथित गिरफ्तारी की पोस्ट ने चिंता बढ़ा दी है।

    फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अरुणिमा ने खुद को मुश्किल में होने की बात कहते हुए भारतीय दूतावास से संपर्क कराने की अपील की है। उनकी पोस्ट में कथित हिरासत का दावा किया गया है, लेकिन आधिकारिक स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।

  • इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने दूसरी शादी की, करोड़पति फाइनेंसर कैमरन ओ राइली बने जीवनसाथी

    इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने दूसरी शादी की, करोड़पति फाइनेंसर कैमरन ओ राइली बने जीवनसाथी


    नई दिल्ली ।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने दूसरी शादी कर ली है। जेमिमा ने आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी और फाइनेंसर कैमरन ओ राइली के साथ विवाह किया है। गोल्डस्मिथ परिवार की ओर से इस शादी की पुष्टि की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने सप्ताहांत में एक समारोह के दौरान शादी की।

    जेमिमा गोल्डस्मिथ पेशे से फिल्म निर्माता हैं और उनकी उम्र 52 वर्ष बताई गई है। इससे पहले उनकी शादी पाकिस्तान के क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान से हुई थी। दोनों का विवाह करीब नौ साल तक चला। वर्ष 2004 में उनका तलाक हो गया। इमरान और जेमिमा के दो बेटे हैं, सुलेमान और कासिम।

    जेमिमा की दूसरी शादी की जानकारी उनके परिवार से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आई। उनके भाई बेन की पत्नी जेमिमा जोन्स ने अपने पति के साथ एक तस्वीर साझा की और शादी के जश्न की जानकारी दी। पोस्ट में जेमिमा और कैमरन के साथ खुशी के इस अवसर का उल्लेख किया गया था।

    कैमरन ओ राइली 62 वर्षीय आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी हैं। दोनों की नजदीकी फिल्मों और वृत्तचित्रों में समान रुचि के कारण बढ़ी। जेमिमा गोल्डस्मिथ फिल्म और टेलीविजन निर्माण से लंबे समय से जुड़ी रही हैं। उन्होंने इंस्टिंक्ट प्रोडक्शंस नाम की निर्माण कंपनी की स्थापना की थी और कई फिल्मों तथा कार्यक्रमों की कहानियों के लेखन और निर्माण से जुड़ी रही हैं।

    जेमिमा के काम से जुड़ी चर्चित फिल्मों में शेखर कपूर के निर्देशन में बनी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘व्हाट्स लव गॉट टू डू विद इट?’ भी शामिल है। फिल्म निर्माण और रचनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता के कारण उनका नाम लंबे समय से मनोरंजन जगत से जुड़ा रहा है।

    दूसरी ओर, इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं। पाकिस्तान को 1992 में क्रिकेट विश्व कप जिताने वाले इमरान खान वर्ष 2023 से भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में हैं। मौजूदा समय में वह रावलपिंडी की जेल में बंद हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर भी लगातार चिंता जताई जाती रही है।

    इमरान खान की तबीयत को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों ने चिंता व्यक्त की है और उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। दुनिया की अलग-अलग टीमों के 21 पूर्व कप्तानों ने भी पाकिस्तानी अधिकारियों को पत्र लिखकर उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी। इनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर माइकल एथरटन भी शामिल थे।

    इमरान के दोनों बेटों सुलेमान और कासिम ने भी अपने पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। दोनों ने दावा किया था कि जेल में उनके पिता को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि वर्ष 2022 में इमरान पर हुए हत्या के प्रयास के बाद से वे उनसे आमने-सामने नहीं मिले हैं। दोनों के अनुसार, मार्च में उनकी अपने पिता से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी।

    जेमिमा और इमरान के तलाक के बाद दोनों की राहें अलग हो गई थीं। अब जेमिमा ने दूसरी शादी कर ली है, जबकि इमरान खान पाकिस्तान में जेल में बंद हैं। जेमिमा की शादी की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार की ओर से खुशी जाहिर की गई है।

  • राष्ट्रपति का ADC बनने की राह कितनी कठिन? 14 दिन चलता है इंटरव्यू, ऐसे होता है अधिकारियों का चयन

    राष्ट्रपति का ADC बनने की राह कितनी कठिन? 14 दिन चलता है इंटरव्यू, ऐसे होता है अधिकारियों का चयन


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रपति भवन में महामहिम के साथ साए की तरह नजर आने वाले सैन्य अधिकारियों को देखकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर ये अधिकारी कौन होते हैं और राष्ट्रपति के एडीसी यानी Aide-de-Camp तक कैसे पहुंचते हैं। यह पद भारतीय सेना के सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदारी वाले पदों में शामिल है। ‘नेशनल क्रश’ के नाम से चर्चित रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल के एडीसी पद से अचानक इस्तीफे के बाद एक बार फिर लोगों की दिलचस्पी इस पद की चयन प्रक्रिया को लेकर बढ़ गई है।

    राज शमानी के साथ बातचीत में मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने राष्ट्रपति के एडीसी से जुड़ी चयन प्रक्रिया और इस पद की जिम्मेदारियों के बारे में कई अहम बातें बताई हैं। उन्होंने बताया कि एक सामान्य सैन्य अधिकारी से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने का सफर बेहद कठिन, अनुशासित और कड़े परीक्षणों से होकर गुजरता है।

    कौन बन सकता है राष्ट्रपति का ADC?

    राष्ट्रपति का एडीसी पद किसी सामान्य भर्ती प्रक्रिया के तहत नहीं भरा जाता। आम नागरिक इस पद के लिए सीधे आवेदन नहीं कर सकते। भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के कमिशंड अधिकारी ही इसके लिए पात्र होते हैं।

    सेना में कमिशंड अधिकारी बनने के लिए युवाओं को यूपीएससी की NDA या CDS जैसी कठिन परीक्षाओं को पास करना पड़ता है। सैन्य अधिकारी के रूप में करीब 5 से 7 साल की सेवा पूरी करने के बाद उनके सेवा रिकॉर्ड, शारीरिक क्षमता और गोपनीय रिपोर्ट यानी ACR जैसे मानकों के आधार पर एडीसी पद के लिए अधिकारियों के नाम शॉर्टलिस्ट किए जाते हैं।

    तीनों सेनाओं से कुल मिलाकर करीब 20 से 30 बेहतरीन अधिकारियों को चयन प्रक्रिया के शुरुआती चरण के लिए चुना जाता है। यानी एडीसी बनने की दौड़ में शामिल होने से पहले ही अधिकारी का अपनी यूनिट में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी होता है।

    पहले सर्विस हेडक्वॉर्टर में इंटरव्यू, फिर राष्ट्रपति भवन की परीक्षा

    एडीसी के चयन की प्रक्रिया बेहद कठिन मानी जाती है। शुरुआती स्क्रीनिंग में चुने गए अधिकारियों को संबंधित सर्विस हेडक्वॉर्टर के इंटरव्यू से गुजरना होता है। इस दौरान करेंट अफेयर्स और सिचुएशनल अवेयरनेस समेत कई विषयों पर उनकी क्षमता परखी जाती है।

    इसके बाद केवल 5 अधिकारियों को दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन बुलाया जाता है। यहां चयन प्रक्रिया का सबसे कठिन चरण शुरू होता है, जिसमें लगातार 14 दिनों तक मैराथन इंटरव्यू चलता है।

    14 दिन तक उम्मीदवारों की कमजोरियां तलाशता है पैनल

    मेजर ऋषभ सिंह संब्याल के मुताबिक राष्ट्रपति भवन में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और राष्ट्रपति के सचिव उम्मीदवारों को काफी मानसिक दबाव में परखते हैं। मकसद यह पता लगाना होता है कि दबाव और आपात स्थिति में अधिकारी किस तरह प्रतिक्रिया देगा।

    उन्होंने बताया कि अगर किसी उम्मीदवार की जियोपॉलिटिक्स या किसी अन्य विषय में कमजोरी नजर आती है तो पैनल उसी विषय से जुड़े सवाल बार-बार पूछ सकता है। खास बात यह होती है कि 14 दिनों के दौरान उम्मीदवारों को उनकी कमियों के बारे में सीधे नहीं बताया जाता।

    इसके बजाय यह देखा जाता है कि उम्मीदवार रात में अपनी कमी को समझकर तैयारी करता है या नहीं और अगले दिन उसी विषय पर बेहतर प्रदर्शन कर पाता है या नहीं। इस तरह केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि सीखने की क्षमता और दबाव में खुद को सुधारने की योग्यता भी जांची जाती है।

    ADC बनने के बाद निजी जिंदगी से भी करना पड़ता है समझौता

    मेजर ऋषभ के अनुसार राष्ट्रपति का एडीसी होना जितना प्रतिष्ठित है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है। इस पद पर रहते हुए अधिकारी को अपने परिवार और निजी जीवन से काफी हद तक दूरी बनानी पड़ती है।

    राष्ट्रपति के साथ लगातार मौजूद रहने के कारण सामान्य दिनचर्या और निजी जीवन के लिए समय बेहद सीमित हो जाता है। अधिकारी को हर समय सतर्क रहना होता है और देश-दुनिया की घटनाओं से लगातार अपडेट रहना उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा होता है।

    शान के पीछे छिपा है कड़ा अनुशासन

    राष्ट्रपति का एडीसी होना सैन्य अधिकारी के लिए बेहद सम्मान और गौरव की बात मानी जाती है। हालांकि इस प्रतिष्ठित जिम्मेदारी तक पहुंचने के लिए कठोर चयन प्रक्रिया, मानसिक दबाव, निरंतर सतर्कता और निजी जीवन से समझौता करना पड़ता है।

    यही वजह है कि राष्ट्रपति के एडीसी का पद केवल प्रोटोकॉल निभाने या राष्ट्रपति के साथ चलने तक सीमित नहीं है। यह ऐसी जिम्मेदारी है, जिसमें अधिकारी को हर पल राष्ट्रपति की सुरक्षा, जरूरतों और परिस्थितियों के प्रति पूरी तरह सजग रहना होता है।

  • कंगना रनौत ने राखी सावंत के बयान पर किया पलटवार, बोलीं- सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना बंद करें

    कंगना रनौत ने राखी सावंत के बयान पर किया पलटवार, बोलीं- सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना बंद करें

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी को लेकर राखी सावंत की विवादित टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में आ गया है। राखी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना रनौत ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया और सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति पर निशाना साधा।

    यह पूरा विवाद एक पॉडकास्ट में हुई बातचीत के बाद शुरू हुआ। बातचीत के दौरान राखी सावंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई महिला नेताओं को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का जिक्र किया और पूछा कि उन्हें मंत्री बनाने के लिए इन महिलाओं ने क्या दिया है।

    राखी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अगर इन महिलाओं ने प्रधानमंत्री को कुछ दिया है तो वह भी ऐसा कर सकती हैं। उनके इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया और सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना होने लगी। इसी विवाद के बीच कंगना रनौत ने अपनी प्रतिक्रिया सामने रखी।

    कंगना ने सोशल मीडिया स्टोरी के जरिए राखी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केवल राखी ही नहीं, बल्कि कई असफल और कड़वाहट से भरे लोग सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाकर अपनी जलन, ईर्ष्या, असफलता और अहंकार को सही साबित करने की कोशिश करते हैं।

    कंगना ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि लोग लगातार और जानबूझकर किए जाने वाले ऐसे हमलों के सामने कमजोर पड़ना बंद करें। उन्होंने लोगों से ऐसी बातों के कारण खुद को अपमानित या आहत महसूस करना बंद करने और हर बात पर सफाई देने की जरूरत नहीं समझने की बात कही।

    इसके बाद कंगना ने राखी सावंत पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए सफलता और प्रतिभा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल किसी को खुश करने या किसी तरह का फायदा पहुंचाने की कोशिश से सफलता हासिल नहीं की जा सकती।

    कंगना ने अपनी पोस्ट में राखी को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए कोई भी कुछ करने को तैयार हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सामने वाले को उसकी जरूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल किसी को दिए गए फेवर किसी व्यक्ति को नौकरी तक नहीं दिला सकते, क्योंकि उसके लिए भी गुणवत्ता और प्रतिभा जरूरी होती है।

    कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी कहा कि राखी चाहे फेवर करें या न करें, इससे उनके लिए कोई बदलाव नहीं होने वाला। उन्होंने राखी को अपनी रील्स देखने और रोते रहने की बात भी कही।

    इस पूरे विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का नाम राखी सावंत की टिप्पणी के कारण सामने आया। इसके बाद कंगना ने अपने जवाब में सफल महिलाओं के खिलाफ होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों और चरित्र पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति को मुद्दा बनाया।

    राखी की टिप्पणी और कंगना की प्रतिक्रिया के बाद दोनों के बीच बयानबाजी चर्चा में है। कंगना ने अपने जवाब में जहां महिलाओं की सफलता और प्रतिभा का मुद्दा उठाया, वहीं राखी की टिप्पणी पर सीधे तौर पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।

  • Gold Price Prediction: सोने में फिर आएगी तेजी? एक्सपर्ट का अनुमान- साल के अंत तक

    Gold Price Prediction: सोने में फिर आएगी तेजी? एक्सपर्ट का अनुमान- साल के अंत तक


    नई दिल्ली।
    सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद अब बाजार में फिर तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। लगातार बढ़त के बाद कीमती धातुओं में मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजार के बदले माहौल का असर कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाला त्योहारी और शादी का सीजन घरेलू मांग को बढ़ा सकता है, जिससे सोने-चांदी के भाव को दोबारा मजबूती मिल सकती है।

    बाजार विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुमान के मुताबिक, सितंबर के अंत तक 10 ग्राम सोने का भाव 1.6 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, साल के अंत तक सोने की कीमत 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जाने की संभावना जताई गई है। चांदी को लेकर भी तेजी का अनुमान है और इसका भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है।

    लगातार तेजी के बाद क्यों फिसले सोने-चांदी के भाव?

    पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट को बाजार की सामान्य हलचल के तौर पर देखा जा रहा है। लगातार तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली शुरू हुई, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का असर भी घरेलू कीमतों पर पड़ा।

    एमसीएक्स के आंकड़ों के मुताबिक, हाल की सात कारोबारी दिनों की अवधि में सोने की कीमत करीब 4 फीसदी, जबकि चांदी लगभग 2 फीसदी कमजोर हुई है। तीन महीने की अवधि में सोने में करीब 3 फीसदी और चांदी में लगभग 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। छह महीने की अवधि में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली है।

    सितंबर के अंत तक सोना 1.6 लाख तक पहुंचने का अनुमान

    केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद भारत में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। भारतीय बाजार में सोना केवल निवेश का साधन नहीं है, बल्कि त्योहारों और शादियों से इसकी खरीद सीधे जुड़ी हुई है।

    इसी घरेलू मांग को देखते हुए सितंबर के अंत तक 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.6 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। अगर बाजार में मांग मजबूत रहती है तो इसके बाद कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

    अक्टूबर से बढ़ सकती है खरीदारी

    त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ सोने की खरीदारी में तेजी आने की उम्मीद है। इसके बाद शादी का सीजन शुरू होगा, जिससे आभूषणों की मांग बढ़ सकती है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक मांग बढ़ने की स्थिति में मौजूदा कीमतों को और सहारा मिल सकता है।

    पोपली ग्रुप के निदेशक राजीव पोपली के अनुसार, कीमतों में गिरावट को ग्राहक खरीदारी के अवसर के तौर पर देख सकते हैं। उनका कहना है कि त्योहारों के बाद यदि सोने की कीमत में कोई बड़ी गिरावट आती है तो बाजार में खरीदारी बढ़ने की संभावना है।

    साल के अंत तक 1.8 लाख रुपये हो सकता है सोना

    न्यूज18 तमिल की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर त्योहारी और शादी के सीजन में सोने की मांग मजबूत रहती है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां भी कीमतों के अनुकूल बनी रहती हैं, तो साल के अंत तक 10 ग्राम सोने का भाव 1.8 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

    इसी तरह चांदी के भाव में भी तेज बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है और यह 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच सकती है।

    इन फैक्टर्स पर भी निर्भर करेगा सोने का भाव

    हालांकि, 1.8 लाख रुपये का अनुमान बाजार विशेषज्ञों का आकलन है, कोई निश्चित कीमत नहीं। सोने और चांदी के भाव पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर की चाल, ब्याज दरें, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और घरेलू मांग जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।

    ऐसे में मौजूदा गिरावट को देखते हुए भविष्य में कीमतें किस स्तर तक जाएंगी, इसे लेकर पक्की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। निवेशकों और खरीदारों को बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए।

  • पहले टी20 में शानदार प्रदर्शन के बाद वरुण चक्रवर्ती फिर चोटिल, अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के बाकी मैच नहीं खेलेंगे

    पहले टी20 में शानदार प्रदर्शन के बाद वरुण चक्रवर्ती फिर चोटिल, अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के बाकी मैच नहीं खेलेंगे

    नई दिल्ली ।अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले वरुण चक्रवर्ती चोटिल होने के कारण सीरीज के बाकी दोनों मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मैच में वरुण ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

    पहले मुकाबले में वरुण चक्रवर्ती ने अपने चार ओवर के स्पेल में केवल 16 रन दिए और एक विकेट हासिल किया। भारत ने यह मुकाबला सात विकेट से जीता था। मैच में उनके प्रदर्शन के बाद वह टीम के अहम गेंदबाजों में नजर आए, लेकिन मुकाबला समाप्त होने के बाद उनकी चोट की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर होना पड़ा।

    वरुण के बाहर होने से कप्तान श्रेयस अय्यर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीम को अब अफगानिस्तान के खिलाफ बाकी मुकाबलों में उनके विकल्प पर फैसला करना होगा। वरुण का बाहर होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लंबे समय के बाद मैदान पर वापसी करने के बाद इस सीरीज में उतरे थे।

    वरुण चक्रवर्ती के लिए 2026 का साल चोटों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। आईपीएल के दौरान उनके पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ था। इस चोट के कारण वह आयरलैंड दौरे पर टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वापसी की थी।

    इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में भी वरुण की फिटनेस ज्यादा समय तक उनका साथ नहीं दे सकी। तीसरे मुकाबले के बाद उन्हें हैमस्ट्रिंग यानी मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हुई और उन्हें दोबारा टीम से बाहर होना पड़ा। इसके बाद फिटनेस हासिल करने के लिए उन्हें लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।

    अफगानिस्तान सीरीज के लिए चयन से पहले वरुण ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब प्रक्रिया पूरी की थी। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस साबित करने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया था। ऐसे में वापसी के तुरंत बाद फिर चोटिल होना उनके लिए निराशाजनक स्थिति है।

    दिल्ली में पहले टी20 मैच के बाद वरुण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया था। उस समय उनकी नई चोट की जानकारी सामने नहीं आई थी। चोटों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के लिए चोट लगना आम बात है। उनके मुताबिक, यह बताता है कि खिलाड़ी कितनी मेहनत कर रहे हैं और अपनी सीमाओं से आगे जाकर खेल रहे हैं।

    वरुण ने यह भी कहा था कि जब शरीर जवाब देने लगता है तो खिलाड़ियों को थोड़ा पीछे हटना पड़ता है, ताकि वे और मजबूत होकर वापसी कर सकें। अब एक बार फिर चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर होना पड़ा है।

    19 सितंबर से एशियन गेम्स शुरू होने हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की कोशिश होगी कि वरुण चक्रवर्ती जल्द फिट हों और उपलब्ध होने पर टीम का हिस्सा बनें। अफगानिस्तान सीरीज से उनके बाहर होने के बाद उनकी फिटनेस पर आगे भी नजर बनी रहेगी।