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  • सोलो घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहाँ मिलेगा सुकून

    सोलो घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहाँ मिलेगा सुकून


    नई दिल्ली। आज के समय में ज़्यादातर लोग अकेले ही घूमना पसंद करते हैं। अगर आप सोलो ट्रिप के लिए कोई प्लान बनाना चाहते हैं लेकिन आपको उसमें काफी टिकत आ रही हैं और जगह नहीं चुन पा रहे हैं? तो हम आपके लिए लाए हैं, भारत की कुछ ऐसी जगह जहाँ जाने पर आपको सुकून, नेचर की खूबसूरती और बहुत कुछ देखने को मिलेगा।आइए जानते हैं इन जगहों के बारे में।

    अकेले घूमने के लिए खास जगहें
    अगर आप पहली बार अकेले घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मन में थोड़ा डर और बहुत सारी उम्मीदें होती हैं। अकेले घूमना सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि खुद को समझना, अपनी ज़िंदगी जीने और सुकून हासिल करने का मौका देता है।

    ऋषिकेश
    हिमालय की गोद में गंगा नदी के किनारे बसा ऋषिकेश अकेले घूमने के लिए एक खास जगह है। यहां का शांत वातावरण, योग और ध्यान आपको खुद से जोड़ने का मौका देता है। अगर आप एडवेंचर पसंद करते हैं, तो रिवर लिफ्टिंग, नेचर वॉक और पहाड़ी ट्रेल्स आपको रोमांच से भर देंगे। ये जगह घूमने के लिए काफी खास मानी जाती है।

    गोवा
    गोवा सिर्फ पार्टी और नाइटलाइफ़ के लिए ही मशहूर नहीं है। बल्कि, साउथ गोवा के पालोलेम और अगोंडा जैसे बीच शांत माहौल और खूबसूरत सनसेट के लिए जाने जाते हैं। यहां स्कूटर पर घूमना, समुद्र किनारे तैरते आसमान में पक्षियों को उड़ता देखना बहुत सुकून देता है। गोवा का फ्रेंडली माहौल और आसान ट्रांसपोर्टेशन इसे अकेले घूमने वालों के लिए सबसे अच्छा बनाता है।

    कामला
    अगर आप समुद्र किनारे सुकून की तलाश है तो कामला आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अरब सागर के ऊपर ऊंची चट्टानों पर बसा यह शहर सुकून भरा अनुभव देता है। वहीं क्लिफ कैफे से सनसेट देखना या योग सीखना कामला सोलो ट्रैवलिंग के लिए परफेक्ट माना जाता है। आप यहां पर आकर आप अपना खास समय घूम सकते हैं।

  • मिस इंडिया से आध्यात्मिक सफर तक: तनुश्री दत्ता के जीवन के अनसुने और चौंकाने वाले किस्से

    मिस इंडिया से आध्यात्मिक सफर तक: तनुश्री दत्ता के जीवन के अनसुने और चौंकाने वाले किस्से


    नई दिल्ली। जमशेदपुर की गलियों से निकलकर मिस इंडिया यूनिवर्स 2004 का खिताब जीतने वाली तनुश्री दत्ता का जीवन सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उनके जीवन में कई ऐसे पहलू हैं जो किसी रहस्यमयी कहानी से कम नहीं लगते 19 मार्च को जन्मीं तनुश्री ने बॉलीवुड में अपनी पहचान फिल्म Aashiq Banaya Aapne और Dhol जैसी फिल्मों से बनाई लेकिन उनके निजी अनुभव अक्सर ज्यादा चर्चा में रहे

    तनुश्री दत्ता ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़ा ऐसा दावा किया था जिसने हर किसी को चौंका दिया उन्होंने बताया कि उन्हें बहुत छोटी उम्र से ही परलौकिक शक्तियों का अहसास होने लगा था उनका कहना था कि जब वह महज चार साल की थीं तब उन्हें अलग-अलग तरह की ऊर्जा दिखाई देती थीं जो कभी बच्चों के रूप में तो कभी किसी और रूप में उनके सामने आती थीं

    उन्होंने दावा किया कि ये ऊर्जा उनसे बात करती थीं उनके साथ खेलती थीं और कभी-कभी उन्हें आने वाली घटनाओं के बारे में चेतावनी भी देती थीं एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें छह महीने पहले ही आभास हो गया था कि उनके पड़ोस के एक घर में कुछ बुरा होने वाला है उस समय उन्होंने अपनी मां से भी कहा था कि उस जगह पर नहीं जाना चाहिए

    तनुश्री के मुताबिक छह महीने बाद उस घर में एक महिला की मौत हो गई जिससे उनका विश्वास और गहरा हो गया कि उन्हें मिलने वाले ये संकेत सामान्य नहीं थे उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल के दिनों में भी उन्हें ऐसी ऊर्जा बच्चों के रूप में दिखाई देती थीं और वे उनसे बातचीत करती थीं

    हालांकि इन दावों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं लेकिन तनुश्री हमेशा अपनी आध्यात्मिक सोच और अनुभवों को लेकर खुलकर बात करती रही हैं अपने करियर के पीक पर उन्होंने अचानक फिल्मों से दूरी बनाकर आत्मचिंतन और साधना का रास्ता चुना

    उन्होंने लद्दाख के मठों में समय बिताया और बाद में अमेरिका में भी अपनी आध्यात्मिक यात्रा को जारी रखा उनके इस फैसले ने यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमर की दुनिया तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं बल्कि जीवन के गहरे पहलुओं को समझने की तलाश में थीं

    तनुश्री दत्ता का यह सफर उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है जहां एक ओर उन्होंने फिल्मों में बोल्ड इमेज से पहचान बनाई वहीं दूसरी ओर उनका आध्यात्मिक और रहस्यमयी पक्ष लोगों के लिए आज भी जिज्ञासा का विषय बना हुआ है

  • इंदौर अग्निकांड: 8 की दर्दनाक मौत, सीएम डॉ मोहन यादव ने जताया दुख

    इंदौर अग्निकांड: 8 की दर्दनाक मौत, सीएम डॉ मोहन यादव ने जताया दुख


    भोपाल/इंदौर। इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के हुई भीषण अग्नि दुर्घटना ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर में लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, जिनमें मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सिमरन भी शामिल हैं।

    जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना तब घटी जब मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट के कारण आग पकड़ गई। चिंगारियां घर तक पहुंच गईं और देखते ही देखते तीन मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया। हादसे के समय घर में कई लोग सो रहे थे, जिनमें से 7-8 लोग अंदर फंस गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहरा दुख जताया। कि इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है और दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    सीएम डॉ मोहन यादव ने आग लगने के समय की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे और अन्य सुरक्षा उपकरण सुरक्षा के लिए अच्छे हैं, लेकिन कभी-कभी ये उपकरण मुसीबत का कारण भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुबह 4 बजे हुई घटना में यह स्पष्ट हो गया कि तकनीकी उपकरण सुरक्षा तो देते हैं, लेकिन इनसे जुड़े जोखिमों से निपटना चुनौतीपूर्ण भी है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन टीम ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। तीन मंजिला मकान में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोग अंदर फंस गए। राहत और बचाव कार्य में पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे रहे।

    यह घटना शहर और राज्य के लिए एक बड़ा सदमा है। इंदौर के नागरिकों और व्यवसायियों के लिए यह दुर्घटना आग सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग उपकरणों के सही तरीके से उपयोग और समय-समय पर रखरखाव अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

    इस अग्निकांड ने तकनीकी उपकरणों के फायदे और खतरों दोनों को उजागर कर दिया। मृतकों के परिवारों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनकी आर्थिक और सामाजिक मदद सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।

    इंदौर अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को सदमे में डाल दिया है। नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने आग सुरक्षा और तकनीकी उपकरणों के सुरक्षित उपयोग को लेकर चेतावनी जारी की है।

  • चेहरे पर जमी टैनिंग की हो जाएगी छुट्टी, बस अपनाएं यह ट्रिक

    चेहरे पर जमी टैनिंग की हो जाएगी छुट्टी, बस अपनाएं यह ट्रिक

     नई दिल्ली। आज के समय में देखा जाता है कि महिलाएं अपने चेहरे को सुंदर और ग्लोइंग बनाने के लिए मार्केट से कई सारे प्रोडक्ट बेचती हैं, जबकि उनका उतना अच्छा रिस्पॉन्स उन्हें नहीं मिल पाता है। कई बार बार-बार धूप में जाना काम करना इसके साथ ही घर पर भी स्किन केयर को ज्यादा अच्छे से फॉलो ना कर पाने की वजह से आपके चेहरे को काफी डैमेज हो जाते हैं कई तरह की स्किन प्रॉब्लम आपको होने लगती है। सबसे छुटकारा पाने के लिए आपके घर में ही एक खास स्क्रब बनाना चाहिए तो भरोसे उसके बारे में बताते हैं।

    घर में ही बना सकती हैं होममेड स्क्रब
    अगर आप भी अपने चेहरे की खूबसूरती बढ़ाना चाहती हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप घर में आसानी से डी टैन स्क्रब का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि इसे बनाने के लिए कुछ सामग्री की ज़रूरत पड़ेगी।

    बनाने के लिए उसकी सामग्री
    शहद
    चावल का आटा
    ग्लिसरीन
    नारियल तेल

    स्क्रब बनाने का तरीका
    इसे बनाने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा चावल का आटा लें। फिर इसमें थोड़ा सा शहद और ग्लिसरीन मिला लें। अब सभी को अच्छे से मिक्स कर लें और नारियल तेल मिक्स करें। इन सभी चीज़ों को तब तक फेंटे, जब तक यह गाढ़ा न हो जाए। अब इसको स्क्रब को मिक्स कर लें, और इसको एयर टाइट डिश में भरकर रख दें। इस स्क्रब को आप रात में सोने से पहले फेस पर 30-40 मिनट के लिए लगाएं। अब कच्चा दूध हाथ में लेकर हल्के हाथों से फेस की मसाज करें।

    इन बातों का ध्यान रखें
    अगर आप इसको पहली बार इस्तेमाल कर रही हैं, तो पहले स्क्रब टेस्ट जरूर करें। इस स्क्रब को लगाने के बाद आपके चेहरे में कई तरह के बदलाव आए ना शुरू हो जाएंगे हफ्ते में दो-तीन बार अगर आपको इस स्क्रब को लगते हैं तब धीरे-धीरे आपका चेहरा साफ होने लगेगा और काफी निखरने लगेगा हालांकि इसके साथ-साथ आपको अपने खान-पान पर भी पूरा ध्यान रखना चाहिए ताकि आपका चेहरा हमेशा अच्छा और ताजगी भरा रहे ताकि आपको मार्केट के बड़े प्रोडक्ट की जरूरत ना पड़े।

  • NABFID Recruitment 2026: 29 सीनियर एनालिस्ट पदों के लिए आवेदन शुरू, जानें योग्यता

    NABFID Recruitment 2026: 29 सीनियर एनालिस्ट पदों के लिए आवेदन शुरू, जानें योग्यता

    नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है National Bank for Financing Infrastructure and Development यानी NABFID ने सीनियर एनालिस्ट के 29 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है इस भर्ती के जरिए योग्य उम्मीदवारों को देश के एक महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान में काम करने का मौका मिलेगा

    इस भर्ती में कुल 29 पद शामिल हैं जिनमें 25 पद रेगुलर और 4 पद कॉन्ट्रैक्ट बेसिस के हैं रेगुलर पदों में इंटरनल ऑडिट एडमिनिस्ट्रेशन कंपनी सेक्रेटेरिएट विजिलेंस इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेजरी आईटी बिजनेस एनालिस्ट टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट और कंप्लायंस जैसे क्षेत्रों के पद शामिल हैं इसके अलावा लीगल इंटरनल ऑडिट आईएस ऑडिट और ह्यूमन रिसोर्स के 2-2 पद जबकि रिस्क मैनेजमेंट के 5 और लेंडिंग ऑपरेशन के 6 पद तय किए गए हैं

    वहीं कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पदों में कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी पार्टनरशिप एंड इकोसिस्टम डेवलपमेंट के 3 पद और इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेजरी से जुड़ा 1 पद शामिल है

    ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 8 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा और सभी आवश्यक जानकारी भरनी होगी

    शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र के अनुसार बीई बीटेक एलएलबी पोस्ट ग्रेजुएशन सीए एमबीए एमसीए आईसीडब्ल्यूए या सीएफए जैसी डिग्री होना जरूरी है साथ ही संबंधित अनुभव और अन्य पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा

    आयु सीमा 21 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है जिसकी गणना 28 फरवरी के आधार पर होगी वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट प्रदान की जाएगी

    चयन प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग ऑनलाइन लिखित परीक्षा पर्सनल इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल होंगे लिखित परीक्षा मई में आयोजित होने की संभावना है

    आवेदन शुल्क जनरल ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के लिए 800 रुपए जबकि एससी एसटी और पीडब्ल्यूबीडी वर्ग के लिए 100 रुपए निर्धारित किया गया है जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा

    इस तरह NABFID की यह भर्ती न केवल बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत करने का शानदार मौका है बल्कि यह उन उम्मीदवारों के लिए भी बेहतरीन अवसर है जो वित्तीय क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाना चाहते हैं

  • इंदौर: संभाग आयुक्त कार्यालय को बम धमकी, प्रशासन अलर्ट

    इंदौर: संभाग आयुक्त कार्यालय को बम धमकी, प्रशासन अलर्ट


    इंदौर । इंदौर में बुधवार को संभाग आयुक्त कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी अज्ञात ईमेल आईडी saurabh@21 से आई थी जिसमें दोपहर 2:10 बजे बम फटने और गैस रिसाव जैसी स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी गई थी। मेल सीधे संभाग आयुक्त कार्यालय और श्रम आयुक्त कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा गया था।

    ईमेल मिलने के बाद अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और सुरक्षा बल मौके पर तैनात कर दिए गए। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल पहुंचा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यालय परिसर को खाली कराया गया। अंदर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

    मौके पर पहुंचे एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लेते हुए पूरे भवन की तलाशी करवाई गई। बम स्क्वॉड की टीम ने हर कमरे गलियारे और कार्यालय की जांच की लेकिन तलाशी के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता नहीं चला। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह से सावधानी और गंभीरता के साथ की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।

    पुलिस ने कहा कि ईमेल किसने और कहां से भेजा इसकी जांच साइबर सेल टीम को सौंपी गई है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ईमेल आईडी फर्जी होने की संभावना है लेकिन पुलिस किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रही। सुरक्षा के मद्देनजर संभाग आयुक्त कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाके में भी निगरानी तेज कर दी गई है।

    अधिकारियों ने कहा कि धमकी झूठी साबित हो सकती है लेकिन प्रशासन इसे हल्के में नहीं ले रहा। दोषी की पहचान कर पकड़ने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं कर्मचारियों और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

    यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी साबित हुई है कि साइबर माध्यम से किसी भी तरह की धमकी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इंदौर पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध ईमेल या संदेश की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

    हादसे के संभावित खतरे और फर्जी धमकी के बावजूद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई कर सुरक्षा सुनिश्चित की। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और पुलिस बल की तैनाती ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी अप्रिय घटना को टालने में मदद की। इस बीच साइबर जांच से जल्द ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन है और उसका मकसद क्या था।

    इंदौर का यह प्रशासनिक परिसर अब पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बनाए रखी जा रही है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि ऐसे किसी भी अपराध को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार को सख्त कार्रवाई के तहत लाया जाएगा।

  • 9 साल में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा सीएम योगी बोले भयमुक्त माहौल में मन रहे सभी पर्व

    9 साल में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा सीएम योगी बोले भयमुक्त माहौल में मन रहे सभी पर्व


    नई दिल्ली। Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश में सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा और इसे 25 करोड़ जनता की सामूहिक शक्ति का परिणाम बताया। लोक भवन में नव निर्माण के 9 वर्ष पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार की नीतियों ने प्रदेश को नई दिशा दी है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश के बदले माहौल पर जोर देते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सभी धर्मों के त्योहार भयमुक्त वातावरण में मनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक ओर नवरात्र की शुरुआत हो रही है तो दूसरी ओर रमजान का पवित्र महीना भी जारी है और जल्द ही ईद का पर्व भी मनाया जाएगा लेकिन कहीं कोई तनाव या अव्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है। यह स्थिति प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    सीएम योगी ने 2017 से पहले की परिस्थितियों को याद करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। कृषि संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद किसान परेशान थे और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होते थे। कारीगर और युवा रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे थे जबकि भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार व्याप्त था। कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब थी कि महिलाएं व्यापारी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।

    उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सरकार ने सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश रोजगार सृजन किसान कल्याण महिला सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान पर व्यापक कार्य किए हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है। शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इन 9 वर्षों की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसकी शुरुआत बसंत नवरात्र से हो रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और विकास के विजन को साझा करने का प्रयास किया जाएगा।

    उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास को नई गति देगा। यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में सुरक्षा सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करता रहेगा।

  • नवरात्र में मां दुर्गा को अर्पित करें यह लाल फल, मिलेगा सुख समृद्धि और सेहत का आशीर्वाद

    नवरात्र में मां दुर्गा को अर्पित करें यह लाल फल, मिलेगा सुख समृद्धि और सेहत का आशीर्वाद


    नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र का पावन पर्व शुरू होते ही पूरे देश में भक्ति और आस्था का माहौल बन जाता है इस दौरान भक्त मां दुर्गा की आराधना में विभिन्न प्रकार के फल फूल और प्रसाद अर्पित करते हैं लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एक ऐसा विशेष फल है जो भगवती को अत्यंत प्रिय माना जाता है और वह है अनार जिसे दादिमा भी कहा जाता है

    मान्यता है कि मां दुर्गा को लाल रंग अत्यधिक प्रिय है और अनार के लाल दाने शक्ति ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक होते हैं यही कारण है कि नवरात्र के दौरान अनार चढ़ाने की परंपरा बेहद शुभ मानी जाती है शास्त्रों में भी इसका उल्लेख मिलता है कि सभी फलों में अनार देवी को विशेष प्रिय है और इसे अर्पित करने से सुख समृद्धि संतान सुख और कर्ज मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है

    धार्मिक दृष्टि से अनार को अखंड और पवित्र फल माना गया है जैसे नारियल को श्रीफल कहा जाता है उसी तरह अनार भी पूजा में विशेष स्थान रखता है इसकी लालिमा मां दुर्गा के शक्ति स्वरूप से जुड़ी मानी जाती है और इसे अर्पित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सौभाग्य बढ़ता है

    नवरात्र के दौरान कई श्रद्धालु विशेष रूप से आर्थिक समृद्धि और जीवन की परेशानियों से मुक्ति के लिए अनार चढ़ाते हैं ऐसा माना जाता है कि यह फल न केवल देवी को प्रसन्न करता है बल्कि भक्तों के जीवन में संतुलन और शांति भी लाता है

    धार्मिक महत्व के साथ-साथ अनार स्वास्थ्य के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है आयुर्वेद में इसे बेहद गुणकारी फल बताया गया है यह रक्त को शुद्ध करता है और शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने में मदद करता है इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और हृदय को भी लाभ मिलता है

    अनार में विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट फाइबर और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं गर्मियों में यह शरीर को ठंडक देता है और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक होता है अनार का जूस पीने से थकान दूर होती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है

    इस तरह अनार एक ऐसा फल है जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है नवरात्र के इस पावन अवसर पर मां दुर्गा को अनार अर्पित करना जीवन में सुख समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना का सुंदर माध्यम बन सकता है
  • सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    बुधनी । मध्यप्रदेश के मशहूर शक्तिपीठ मां विजयासन देवी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का उत्सव फिर से देखने को मिलेगा। 19 मार्च 2026 से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि के लिए मंदिर समिति ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में स्थित यह दिव्य धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र बनता है और इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

    गुरुवार सुबह 10:47 बजे शुभ मुहूर्त में घट स्थापना और ज्योति स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। यह पर्व 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होगा। भक्तों की आस्था उत्साह और भक्ति का संगम इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    मंदिर समिति ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी छांव और परिक्रमा मार्ग में कारपेट बिछाने जैसी व्यवस्थाओं का खास इंतजाम किया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए समिति हर संभव प्रयास कर रही है। मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्त लगभग 1400 सीढ़ियों का रास्ता तय कर सकते हैं। इसके अलावा रोपवे और सड़क मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे बुजुर्ग और छोटे बच्चों वाले परिवार भी आसानी से दर्शन कर सकते हैं।

    सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। नवरात्रि के दौरान सैकड़ों पुलिस जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे ताकि भक्तों के लिए व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी तरह की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    मंदिर का वातावरण नवरात्रि की शुरुआत से ही भक्तिमय हो जाएगा। श्रद्धालु सुबह शाम पूजन हवन और आरती में भाग लेंगे। इस दौरान देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा और भजन कीर्तन का आयोजन भी होगा। मंदिर के आसपास स्थानीय बाजार भी सज धज कर उत्सव का रंग बिखेरेंगे जहां भक्त पूजा सामग्री और नवरात्रि से जुड़े अन्य सामान खरीद सकते हैं।

    भक्ति श्रद्धा और उत्साह के इस महापर्व में सलकनपुर एक बार फिर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। हर उम्र के भक्त इस अवसर पर माता के दर्शन के लिए दूर दूर से यहां पहुंचते हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी की उपासना करेंगे और मंदिर परिसर में चारों ओर भक्तों की भीड़ भजन और आरती का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।

    सलकनपुर और मां विजयासन देवी मंदिर इस बार भी श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव देने के लिए पूरी तरह सज धज कर तैयार हैं। नवरात्रि के इस महापर्व में हर कोई आस्था उल्लास और भक्तिभाव में डूबकर माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेगा।

  • मराठा आरक्षण पर फिर गरमाई राजनीति मुंबई मार्च की तैयारी साथ ही मालाड जमीन आवंटन पर

    मराठा आरक्षण पर फिर गरमाई राजनीति मुंबई मार्च की तैयारी साथ ही मालाड जमीन आवंटन पर


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है जहां एक ओर मराठा समाज ने आरक्षण को लेकर मुंबई मार्च की तैयारी शुरू कर दी है वहीं दूसरी ओर मुंबई के मालाड इलाके में जमीन आवंटन में कथित गड़बड़ी को लेकर सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं

    मराठा आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कहा है कि समुदाय अब दोबारा मुंबई की ओर कूच करने के लिए तैयार है उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वादे पूरे नहीं किए गए तो इसके गंभीर परिणाम होंगे उनका कहना है कि अगर सरकार आरक्षण देने के पक्ष में नहीं थी तो पहले ही संबंधित आदेश जारी नहीं किए जाने चाहिए थे

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मराठा समाज अब पूरी तरह संगठित और जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाला नहीं है इससे साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य में एक बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है

    इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के मालाड इलाके में प्रोजेक्ट प्रभावित व्यक्तियों के लिए जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए हैं यह मामला तब सामने आया जब विधानसभा में इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए गए

    राज्य की शहरी विकास मंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में की जाएगी और जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक किसी भी तरह की आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी

    यह मुद्दा कांग्रेस नेता असलम शेख द्वारा उठाया गया था जिसके बाद भाजपा के योगेश सागर और मुर्जी पटेल ने भी इस पर सवाल खड़े किए

    विधानसभा में आरोप लगाया गया कि जमीन आवंटन के दौरान डेवलपर को ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स और प्रीमियम सामान्य दर से कहीं अधिक दिया गया जिससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है

     महाराष्ट्र इस समय दो बड़े मुद्दों से जूझ रहा है एक तरफ मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन की आहट तेज हो रही है और दूसरी तरफ जमीन आवंटन में गड़बड़ी के आरोपों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों का राजनीतिक और सामाजिक असर और गहरा होने की संभावना है