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  • 12 साल पुराना आयोजन रुका: भोपाल में धर्मसभा पर प्रशासनिक अड़चन और कानूनी पेंच

    12 साल पुराना आयोजन रुका: भोपाल में धर्मसभा पर प्रशासनिक अड़चन और कानूनी पेंच


    मध्यप्रदेश। भोपाल में 31 मई को प्रस्तावित धर्मसभा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। धर्मरक्षक संस्था द्वारा गांधीनगर क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम को प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंच गया था। सुनवाई में देरी और कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंचने के कारण आयोजकों ने फिलहाल कार्यक्रम को टालने का निर्णय लिया है।

    यह आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा था और इसे इस बार भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी थी। लेकिन अनुमति संबंधी अड़चनों के चलते कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि अब आगामी तिथि और आगे की रणनीति अदालत के निर्णय के बाद ही तय की जाएगी।

    इसी बीच धर्मसभा को लेकर एक नया विवाद भी सामने आया है। आयोजक पक्ष के शिशुपाल ठाकुर ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हैदराबाद से आने वाले हिंदूवादी नेता और विधायक टी. राजा सिंह को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    ठाकुर का कहना है कि पिछले दो दिनों से इस तरह की धमकियों के संदेश सोशल मीडिया पर देखे जा रहे हैं, जो कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या नागरिक को इस तरह की धमकी देना गंभीर अपराध है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ साक्ष्य पुलिस प्रशासन को सौंपे गए हैं और जल्द ही संबंधित थानों में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने मांग की है कि धमकी देने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    दूसरी ओर, प्रशासन द्वारा अनुमति निरस्त किए जाने के फैसले को आयोजक संस्था ने न्यायालय में चुनौती दी है। फिलहाल इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, जिसके चलते 31 मई की धर्मसभा को स्थगित करना पड़ा।

    संस्था के अनुसार अब कार्यक्रम की अगली तारीख न्यायालय के आदेश और प्रशासनिक स्थिति को देखते हुए तय की जाएगी। आयोजन लंबे समय से जारी परंपरा का हिस्सा रहा है, लेकिन इस बार कानूनी और सुरक्षा कारणों ने इसे प्रभावित किया है।

  • ट्विशा केस में CBI की पूछताछ, पूर्व जज की तबीयत बिगड़ने का दावा

    ट्विशा केस में CBI की पूछताछ, पूर्व जज की तबीयत बिगड़ने का दावा


    मध्यप्रदेश। भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में गिरफ्तार पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश और मृतका की सास गिरिबाला सिंह से एजेंसी लगातार पूछताछ कर रही है। फिलहाल वे 5 दिन की CBI रिमांड पर हैं और जांच एजेंसी ने कई अहम बिंदुओं पर उनसे विस्तृत जवाब तलब किए हैं।

    सूत्रों के अनुसार पूछताछ का मुख्य केंद्र क्राइम सीन से जुड़े साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डिजिटल रिकॉर्ड हैं। CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद साक्ष्यों को सुरक्षित रखने में कोई लापरवाही या छेड़छाड़ तो नहीं की गई।

    पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने एंग्जायटी और घबराहट की शिकायत की है। बताया जा रहा है कि वे लगातार बेचैनी का हवाला देकर पूछताछ को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं, हालांकि CBI की महिला अधिकारी उनसे लगातार सवाल कर रही हैं।

    एजेंसी ने पूर्व जज से FIR में लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष पूछा है। साथ ही यह भी सवाल किया गया है कि शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद उनकी भूमिका को सीमित क्यों माना जाए। CBI ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही, केस डायरी और गवाहों के बयानों पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।

    जांच एजेंसी ने विशेष रूप से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों को लेकर सवाल किए हैं। अधिकारियों ने पूछा कि मृतका के शरीर पर मिले कथित मृत्यु-पूर्व चोटों के निशान कैसे आए और क्या परिवार के सदस्य घटना के समय मौजूद थे। इन सवालों पर गिरिबाला सिंह की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाने की बात सामने आई है।

    CBI ने डिजिटल साक्ष्यों को जांच का प्रमुख आधार बनाया है। व्हाट्सऐप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा के जरिए यह समझने की कोशिश की जा रही है कि शादी के बाद मृतका और ससुराल पक्ष के बीच संबंध कैसे थे और क्या किसी तरह का मानसिक या शारीरिक दबाव बनाया गया था।

    इसके अलावा यह भी पूछा गया कि जांच के दौरान जारी नोटिसों के बावजूद वे पूछताछ में क्यों उपस्थित नहीं हुईं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या जांच से बचने या साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोई कोशिश की गई थी, जिसे गिरिबाला सिंह ने नकार दिया है।

    CBI ने घटनास्थल से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की भी बारीकी से जांच की है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फुटेज निकालने की प्रक्रिया में कौन लोग शामिल थे और क्या किसी स्तर पर रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई थी।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि गवाहों के बयान, डिजिटल रिकॉर्ड और पूछताछ में दिए गए जवाबों का मिलान किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के बाद जांच की दिशा को प्रभावित करने का कोई प्रयास हुआ था या नहीं।

    12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस मामले में ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का मामला बताया है। फिलहाल CBI की जांच पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट, 47 जिलों में बारिश और 8 में ओलों की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट, 47 जिलों में बारिश और 8 में ओलों की चेतावनी


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में इस बार नौतपा का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर नौतपा के दिनों में प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहता है, वहीं इस बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

    राजधानी भोपाल में शनिवार रात करीब साढ़े बारह बजे से तड़के तीन बजे तक तेज आंधी का दौर चला। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। तेज हवाओं के कारण भवनों और छतों पर लगे उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। रविवार सुबह शहर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ घंटों तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर मालवा, छतरपुर, कटनी, मैहर, उमरिया और शहडोल जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग सभी जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

    पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक टीकमगढ़, दतिया, नौगांव, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रीवा, सागर, सतना, रतलाम, धार, मंदसौर, खंडवा, बालाघाट, झाबुआ और श्योपुर समेत अनेक जिलों में बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम और अधिक ठंडा हो गया।

    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। छतरपुर जिले के नौगांव में तीन दिन के भीतर तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। 27 मई को जहां यहां का अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शनिवार को यह घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। ग्वालियर में 35.6 डिग्री, जबलपुर में 38.2 डिग्री, इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री और भोपाल में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    विशेष बात यह है कि मौसम विभाग ने प्रदेश में कहीं भी लू चलने की संभावना नहीं जताई है। मई माह में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर लगभग समाप्त हो गया है। नौतपा के दौरान आमतौर पर पड़ने वाली तेज गर्मी की जगह इस बार बादल, बारिश और ठंडी हवाओं ने ले ली है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव के कारण आगामी एक-दो दिनों तक प्रदेश में मौसम इसी तरह बना रह सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर पहुंचाई है, लेकिन तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सतर्कता बरतना भी जरूरी होगा।

  • दिग्विजय सिंह ने बीच कार्यक्रम में जीतू पटवारी को टोका, चर्चा में आया मंच

    दिग्विजय सिंह ने बीच कार्यक्रम में जीतू पटवारी को टोका, चर्चा में आया मंच


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन कई ऐसे घटनाक्रमों का गवाह बना जिसने सियासी गलियारों में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया। कहीं सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई तो कहीं कांग्रेस के कार्यक्रम में अव्यवस्था ने नेताओं को असहज कर दिया। इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के भीतर चल रही हलचलों को उजागर कर दिया।

    गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के मंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले नेताओं पर खुलकर हमला बोला। खराब बिजली व्यवस्था को लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे शाक्य ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें नाकारा तक कह दिया। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे जनसेवक नहीं चाहिए जो केवल दिखावे के काम करें बल्कि ऐसे लोग चाहिए जो ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि कोई मुख्यमंत्री की छवि खराब करेगा तो वे स्वयं भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से ऐसे मंत्रियों को हटाने का आग्रह करेंगे।

    शाक्य ने गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री किसी को भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीब नहीं आने देते। उनके इस बयान ने भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक जानकार इसे मूल भाजपा और सिंधिया समर्थक खेमे के बीच जारी असहजता के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

    उधर विदिशा जिले के सिरोंज में भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का अलग ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नई सब्जी मंडी में फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं से नाराज विधायक सीधे कचरे के ढेर पर जाकर बैठ गए। उन्होंने वहीं से प्रशासनिक अधिकारियों और नगरपालिका अमले को मौके पर बुलाया। अधिकारियों के पहुंचने के बाद विधायक उन्हें पूरे परिसर में घुमाते रहे और सफाई व्यवस्था की बदहाली दिखाते रहे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा सरकार में भाजपा विधायक को ही कचरे में बैठकर विरोध करना पड़े तो स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    इधर उज्जैन जिले की तराना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक महेश परमार भी चर्चा में रहे। राजस्थान से भेड़ चराने आए गड़रिया समुदाय के लोगों से मिलने पहुंचे विधायक ने ऊंट की सवारी की और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने चाय पी और ग्रामीण जीवन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर भी मजाकिया टिप्पणियां देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे पेट्रोल और डीजल बचाने का नया तरीका बताया तो कुछ ने मशहूर कहावतों को नए अंदाज में पेश किया।

    राजधानी भोपाल में एनएसयूआई द्वारा आयोजित पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन भी चर्चा का विषय बना रहा। कार्यक्रम के दौरान मंच पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुरुआत में मंच पर जाने से ही इनकार कर दिया। बाद में जब वे संबोधन के लिए पहुंचे तो उन्होंने मंच से ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को कार्यकर्ताओं के कमजोर उत्साह को लेकर टोका। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर हाथ उठाने को कहा गया तो कार्यकर्ताओं ने उत्साह क्यों नहीं दिखाया। इसके बाद जीतू पटवारी को स्वयं कार्यकर्ताओं से समर्थन जताने की अपील करनी पड़ी।

    इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि प्रदेश की राजनीति में केवल विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच ही नहीं बल्कि दोनों दलों के भीतर भी कई तरह की चुनौतियां और असहमतियां मौजूद हैं। आने वाले दिनों में ये घटनाएं राजनीतिक चर्चाओं का अहम विषय बनी रह सकती हैं।

  • 31 मई की रात बनेगी यादगार, चांद दिखेगा छोटा और कम चमकीला; जानिए क्या है ब्लू माइक्रोमून

    31 मई की रात बनेगी यादगार, चांद दिखेगा छोटा और कम चमकीला; जानिए क्या है ब्लू माइक्रोमून


    नई दिल्ली। खगोल विज्ञान और अंतरिक्षीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए 31 मई 2026 की रात एक यादगार अनुभव लेकर आ रही है। आज रात आसमान में एक ऐसा दुर्लभ खगोलीय संयोग देखने को मिलेगा, जिसे वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी समान रूप से विशेष मानते हैं। इस अवसर पर ‘ब्लू मून’ और ‘माइक्रोमून’ एक साथ दिखाई देंगे। यही वजह है कि इसे ‘ब्लू माइक्रोमून’ कहा जा रहा है। खास बात यह है कि यह वर्ष 2026 का सबसे छोटा पूर्णिमा का चंद्रमा भी होगा।

    नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार ‘ब्लू मून’ शब्द को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है। नाम में ब्लू यानी नीला शब्द होने के बावजूद चंद्रमा का रंग नीला नहीं होगा। खगोलीय परिभाषा के अनुसार जब किसी एक अंग्रेजी महीने में दो बार पूर्णिमा पड़ती है, तब दूसरी पूर्णिमा को ‘ब्लू मून’ कहा जाता है। मई 2026 में पहली पूर्णिमा 1 मई को हुई थी, जबकि दूसरी पूर्णिमा 31 मई को पड़ रही है। इसी कारण आज का पूर्ण चंद्रमा ब्लू मून कहलाएगा।

    इस दुर्लभ घटना को और भी खास बनाता है माइक्रोमून का संयोग। दरअसल आज चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी यानी एपोजी के आसपास रहेगा। इस दौरान पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। अधिक दूरी होने के कारण चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 5 से 7 प्रतिशत छोटा और करीब 10 प्रतिशत कम चमकीला दिखाई देगा। इसी स्थिति को खगोल विज्ञान में माइक्रोमून कहा जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मंथली ब्लू मून और माइक्रोमून का एक साथ दिखाई देना बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है। यही कारण है कि दुनियाभर के खगोल प्रेमियों की नजरें आज रात के आसमान पर टिकी हुई हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार आज अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा। इसी वजह से इसे ‘स्कार्पियो ब्लू मून’ भी कहा जा रहा है।

    आज रात का एक और आकर्षण वृश्चिक तारामंडल का सबसे चमकीला लाल तारा ‘एंटारेस’ होगा। चंद्रमा इस तारे के बेहद करीब दिखाई देगा, जिससे आसमान का दृश्य और अधिक मनमोहक बन जाएगा। अच्छी बात यह है कि इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए किसी टेलिस्कोप या बाइनाकुलर की आवश्यकता नहीं होगी। साफ मौसम में यह दृश्य पूरी रात सामान्य आंखों से देखा जा सकेगा।

    खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार ब्लू मून की अगली प्रमुख घटनाएं 20 मई 2027 को सीजनल ब्लू मून, 31 दिसंबर 2028 को पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ मंथली ब्लू मून और 24 अगस्त 2029 को सीजनल ब्लू मून के रूप में देखने को मिलेंगी। ऐसे में 31 मई 2026 की यह रात खगोल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। आसमान में सजा यह दुर्लभ महासंयोग विज्ञान और प्रकृति के अद्भुत मेल का शानदार उदाहरण बनेगा।

  • देश के लिए पदक का सपना अधूरा रह गया: पैरा खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या से खेल जगत स्तब्ध

    देश के लिए पदक का सपना अधूरा रह गया: पैरा खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या से खेल जगत स्तब्ध


    नई दिल्ली। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने का सपना देख रहे युवा पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। महज 24 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके चिराग की गाजियाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के खुलासे के बाद सामने आई जानकारी ने सभी को हैरान कर दिया, क्योंकि हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि उनका पुराना साथी और पैरा खिलाड़ी निकला।

    गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली गांव निवासी चिराग त्यागी देश के उभरते हुए पैरा एथलीटों में गिने जाते थे। हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। इस जीत के साथ उन्होंने अक्टूबर में जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए भी अपनी जगह लगभग सुनिश्चित कर ली थी। परिवार और गांव में उनकी सफलता का जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह खुशी कुछ ही दिनों में मातम में बदल जाएगी।

    पुलिस के अनुसार साईं कुंज इलाके में एक युवक का शव मिलने की सूचना के बाद जांच शुरू की गई। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने पाया कि चिराग को बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसकी पहचान यश खटीक के रूप में हुई।

    पूछताछ के दौरान यश खटीक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि यश भी पैरा एथलेटिक्स से जुड़ा खिलाड़ी है और पहले चिराग के साथ प्रशिक्षण लिया करता था। दोनों ब्लाइंड कैटेगरी की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। आरोपी ने बताया कि कुछ समय पहले दस्तावेज सत्यापन से जुड़े एक मामले में चिराग ने उसके खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के बाद उसका क्वालिफिकेशन रद्द हो गया और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गया था। इसी बात को लेकर वह चिराग से नाराज चल रहा था और बदला लेने की योजना बना रहा था।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अवैध रूप से पिस्तौल की व्यवस्था की और मौका मिलते ही चिराग को निशाना बना दिया। हत्या के बाद वह फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से उसे जल्द ही पकड़ लिया गया।

    परिजनों के अनुसार चिराग घर से यह कहकर निकले थे कि वह हॉस्टल जा रहे हैं। काफी देर तक संपर्क न होने पर परिवार चिंतित हो गया था। इसी बीच पुलिस को एक शव मिलने की सूचना मिली और बाद में उसकी पहचान चिराग के रूप में हुई। इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    चिराग त्यागी की असमय मौत ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे खेल समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ऐसा खिलाड़ी, जो कुछ महीनों बाद जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला था, अब सिर्फ यादों में रह गया है।

  • IPL 2026 फाइनल का करोड़ों का दांव! RCB या GT, चैंपियन बनते ही मिलेगी इतनी बड़ी प्राइज मनी

    IPL 2026 फाइनल का करोड़ों का दांव! RCB या GT, चैंपियन बनते ही मिलेगी इतनी बड़ी प्राइज मनी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है और अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru और Gujarat Titans के बीच 31 मई को होने वाला खिताबी मुकाबला सिर्फ ट्रॉफी की जंग नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की इनामी राशि का भी मुकाबला है। ऐसे में फैंस के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आईपीएल 2026 की प्राइज मनी में कोई बदलाव हुआ है या नहीं और विजेता टीम को आखिर कितनी रकम मिलने वाली है।

    अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket in India ने आईपीएल 2026 की प्राइज मनी में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। इसका मतलब है कि पिछले कई वर्षों से चली आ रही इनामी राशि इस सीजन में भी बरकरार रहने की संभावना है।

    आईपीएल के मौजूदा प्राइज स्ट्रक्चर के अनुसार टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को 20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि प्रदान की जाएगी। वहीं फाइनल में हारने वाली रनरअप टीम को लगभग 13 करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा। इसके अलावा प्लेऑफ में तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 7 करोड़ रुपये और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 6.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

    दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी, तब विजेता टीम को सिर्फ 4.8 करोड़ रुपये और उपविजेता को 2.4 करोड़ रुपये मिलते थे। टूर्नामेंट की लोकप्रियता और व्यावसायिक सफलता बढ़ने के साथ-साथ इनामी राशि में भी लगातार वृद्धि हुई। वर्ष 2010 में विजेता राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई, जबकि 2014 में यह बढ़कर 15 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके बाद 2016 में आखिरी बार बड़ा बदलाव हुआ और विजेता टीम की प्राइज मनी 20 करोड़ रुपये निर्धारित की गई। तब से लेकर अब तक यही राशि जारी है।

    टीमों को मिलने वाली इनामी राशि के अलावा खिलाड़ियों के लिए भी कई व्यक्तिगत पुरस्कार रखे गए हैं। पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को ऑरेंज कैप के साथ 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को पर्पल कैप और 10 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर को 15 लाख रुपये तथा इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन को 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

    इसके अलावा सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और फेयर प्ले अवॉर्ड जैसी श्रेणियों में भी 10-10 लाख रुपये की राशि दी जाती है। ये पुरस्कार खिलाड़ियों और टीमों के पूरे सीजन के प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं।

    अब जब आईपीएल 2026 अपने चरम पर पहुंच चुका है, तो करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर ट्रॉफी और 20 करोड़ रुपये की इनामी राशि पर कौन कब्जा जमाता है। क्या रजत पाटीदार की कप्तानी में आरसीबी लगातार दूसरी बार खिताब जीत पाएगी या शुभमन गिल की गुजरात टाइटंस नया इतिहास रचेगी, इसका फैसला आज रात मैदान पर होगा।

  • ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा

    ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा


    नई दिल्ली। अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन उनकी विवादित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का मुद्दा अभी भी चर्चा में बना हुआ है। फिल्म के टाइटल को लेकर हुए भारी विरोध और कानूनी विवाद के बीच अब मनोज बाजपेयी ने पहली बार विस्तार से बताया है कि इस पूरे मामले ने उन्हें और उनके परिवार को किस तरह प्रभावित किया।

    दरअसल, इस साल की शुरुआत में एक ओटीटी प्लेटफॉर्म ने अपने 2026 कंटेंट लाइनअप की घोषणा की थी, जिसमें मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ भी शामिल थी। फिल्म का नाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। कई संगठनों, सामाजिक समूहों और राजनीतिक नेताओं ने इस टाइटल पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद अदालत और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। बाद में अदालत के निर्देश और बढ़ते विरोध को देखते हुए मेकर्स ने फिल्म का टाइटल वापस लेने और बदलने का फैसला किया।

    हाल ही में पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा कि फिल्म की टीम को इस तरह के बड़े विवाद की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह महसूस हुआ कि बड़ी संख्या में लोग फिल्म के नाम से आहत हैं, मेकर्स ने सिर्फ दो दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। मनोज के मुताबिक अगर किसी रचनात्मक कार्य से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, तो उसे सुधारने में कोई हर्ज नहीं है।

    उन्होंने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए किसी फिल्म का टाइटल बदलना कोई बड़ी बात नहीं होती। उनके अनुसार फिल्म निर्माता और लेखक कई नए और बेहतर नाम सोच सकते हैं। इसलिए फिल्म के नाम को लेकर उनकी ओर से कभी कोई जिद नहीं थी।

    हालांकि विवाद का सबसे कठिन पहलू वह था जब यह व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया। मनोज बाजपेयी ने खुलासा किया कि इस दौरान उन्हें लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग, गालियां और धमकियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, कई लोगों ने उनके परिवार को भी इस विवाद में घसीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके परिजन परेशान और चिंतित हो गए थे।

    मनोज ने कहा कि जब उन्हें धमकियां मिल रही थीं तब भी वह लगातार यात्रा कर रहे थे और अपने काम में व्यस्त थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई डर महसूस नहीं हुआ, लेकिन जब किसी व्यक्ति के परिवार को निशाना बनाया जाता है, तब स्थिति दुखद हो जाती है। अभिनेता ने कहा कि ऐसे लोगों के प्रति उन्हें गुस्से से ज्यादा सहानुभूति महसूस होती है।

    उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के राय बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। मनोज का कहना है कि आज कई लोग किसी विषय को समझने से पहले ही निष्कर्ष निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह पढ़े-लिखे और समझदार व्यक्ति हैं तथा किसी मुद्दे को गहराई से समझने में विश्वास रखते हैं। लेकिन जो लोग बिना तथ्य जाने राय बना लेते हैं, उनसे बहस करने में न तो उनकी रुचि है और न ही समय।

    गौरतलब है कि विवाद के बाद फिल्म का मूल टाइटल वापस ले लिया गया था और नए नाम की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मनोज बाजपेयी की नई फिल्म ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज होने वाली है, जिससे उनके प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे विवाद पर मनोज बाजपेयी का बयान एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी विषय पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों को समझना कितना जरूरी है।

  • ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई, नाकेबंदी तोड़ने पर जहाज के इंजन रूम पर दागी मिसाइल, किया निष्क्रिय

    ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई, नाकेबंदी तोड़ने पर जहाज के इंजन रूम पर दागी मिसाइल, किया निष्क्रिय


    नई दिल्ली। ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए ईरान की ओर बढ़ रहे एक व्यावसायिक जहाज को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गांबिया के झंडे वाले एम/वी लियान स्टार (M/V Lian Star) नामक जहाज ने अमेरिकी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसके इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया।

    20 से ज्यादा चेतावनियों के बाद हुआ एक्शन
    CENTCOM के मुताबिक अमेरिकी बलों ने जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ओमान की खाड़ी से गुजरते हुए देखा था। जहाज के क्रू को रेडियो संदेशों के जरिए 20 से अधिक बार चेतावनी दी गई कि वह अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा है और तुरंत अपना रास्ता बदले। लेकिन चेतावनियों के बावजूद जहाज आगे बढ़ता रहा।

    हेलफायर मिसाइल से इंजन किया निष्क्रिय
    अमेरिकी सेना ने बताया कि आदेश नहीं मानने पर एक सैन्य विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर हेलफायर मिसाइल दागी। हमले के बाद जहाज का इंजन बंद हो गया और वह समुद्र में निष्क्रिय अवस्था में बहता रह गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जहाज पर कब्जा नहीं किया गया है, लेकिन उसे ईरान पहुंचने से रोक दिया गया।

    ईरान से युद्धविराम के बीच सख्त निगरानी
    अमेरिका का कहना है कि ईरान के साथ लागू युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में नाकेबंदी और समुद्री सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। CENTCOM के अनुसार अप्रैल में नाकेबंदी शुरू होने के बाद यह छठा मामला है जब किसी जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की गई। अब तक 116 से अधिक जहाजों का मार्ग बदला जा चुका है और कई व्यावसायिक जहाजों को निष्क्रिय किया गया है।

    वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर
    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार इस स्थिति का प्रभाव तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला पर भी देखा जा रहा है, जबकि क्षेत्र में युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत जारी है।

    बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
    विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री नाकेबंदी लागू करने के लिए इस तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य नाकेबंदी लागू करना और समुद्री मार्गों पर नियंत्रण बनाए रखना है, न कि संघर्ष को और बढ़ाना।

  • UP : गाजियाबाद पुलिस का बड़ा एक्शन, सूर्या मर्डर केस का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर

    UP : गाजियाबाद पुलिस का बड़ा एक्शन, सूर्या मर्डर केस का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर


    लखनऊ । गाजियाबाद के खोड़ा में बकरीद पर 17 साल के सूर्या चौहान की हत्या कर दी गई थी. अब इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी असद को पकड़ लिया था. हालांकि, मुठभेड़ के दौरान लगी गोली के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान असद की मौत हो गई है.

    पुलिस को बीती देर रात एक पुख्ता सूचना मिली थी. जानकारी के मुताबिक, इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने किसी दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा इलाके में आने वाला था. पैसे लेने के बाद उसका प्लान शहर छोड़कर भागने का था. सूचना मिलते ही गाजियाबाद पुलिस ने असद को दबोचने के लिए इलाके में एक जाल बिछाया और घेराबंदी की. कुछ ही समय बाद असद एक दूसके व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचा और पुलिस ने उसे दबोच लिया.

    एनकाउंटर में एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल
    पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने उसे रुकने का इशारा किया. हालांकि, असद ने रुकने के बजाय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षा में तुरंत जवाबी कार्रवाई की. दोनों तरफ से हुई इस फायरिंग में असद को गोली लग गई और वो गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इस मुठभेड़ में एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ है.

    पिस्तौल और बाइक बरामद, दूसरा आरोपी फरार
    गाजियाबाद पुलिस ने घटनास्थल से वो मोटरसाइकिल बरामद कर ली है जिससे आरोपी आया था. इसके साथ ही असद के पास से एक देसी पिस्तौल भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल उसने पुलिस पर फायरिंग के लिए किया था. हालांकि, इस मुठभेड़ के दौरान मोटरसाइकिल पर असद के साथ मौजूद उसका दोस्त मौके से भागने में कामयाब रहा. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश कर रही है.

    सूर्या की हत्या का सीसीटीवी वीडियो भी आया था सामने
    सूर्या चौहान की हत्या का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था जिसमें कुछ युवक उस पर चाकू से हमला करते दिखाई दिए थे. पुलिस ने इस मामले में पहले ही 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और दो आरोपी फरार थे. असद इस हत्याकांड का चौथा और मुख्य आरोपी था, जिसपर पुलिस ने 50 हजार का ईनाम भी घोषित किया था. अब पुलिस को पांचवें आरोपी की तलाश है.

    सूर्या के परिजनों ने आरापियों के एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन की मांग भी की थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी सुरक्षा के बीच सूर्या का अंतिम संस्कार किया गया था.