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  • पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट

    पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट


    नई दिल्ली ।
    संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहर दुबई ने पर्यटन गतिविधियों को गति देने और अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस पहल के तहत दुबई में रहने वाले लोग यदि अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को शहर घूमने के लिए आमंत्रित करते हैं, तो उन्हें 3,000 दिरहम से अधिक मूल्य के विशेष लाभ और छूट उपलब्ध कराई जाएगी। भारतीय मुद्रा में इन लाभों का मूल्य लगभग 80 हजार रुपये के बराबर माना जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में फिर से तेजी लाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

    नई योजना के तहत दुबई के निवासी ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से अपने परिचितों को आमंत्रित कर सकेंगे। आमंत्रित मेहमानों को होटल में ठहरने, रेस्तरां में भोजन, प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट तथा अन्य मनोरंजन सेवाओं पर विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि स्थानीय निवासियों की भागीदारी से अधिक संख्या में पर्यटक दुबई पहुंचेंगे और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।

    यह कार्यक्रम 20 जुलाई से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। यह अवधि ऐसे समय को ध्यान में रखकर तय की गई है जब दुबई में भीषण गर्मी के कारण सामान्य रूप से पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। गर्मियों के दौरान तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में यह योजना ऑफ-सीजन के दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास मानी जा रही है।

    पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े क्षेत्रीय तनाव और संघर्षों का प्रभाव पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बनी चिंताओं के कारण कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दीं या अन्य गंतव्यों का रुख किया। इसका असर होटल, रेस्तरां, परिवहन और मनोरंजन उद्योग सहित पर्यटन से जुड़े अनेक क्षेत्रों पर देखने को मिला। नई योजना के जरिए प्रशासन इस गिरावट की भरपाई करने का प्रयास कर रहा है।

    दुबई लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, ऊंची इमारतें, लक्जरी होटल, समुद्री तट, रेगिस्तानी पर्यटन और विश्वस्तरीय मनोरंजन सुविधाएं इसे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच विशेष पहचान दिलाती हैं। हर वर्ष करोड़ों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। यही कारण है कि पर्यटकों की संख्या बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि रेफरल आधारित यह मॉडल पर्यटन उद्योग के लिए प्रभावी साबित हो सकता है। जब स्थानीय निवासी अपने परिचितों को व्यक्तिगत रूप से किसी स्थान पर आने के लिए प्रेरित करते हैं, तो यात्रियों का विश्वास बढ़ता है और यात्रा का निर्णय लेना आसान हो जाता है। साथ ही आकर्षक लाभ और विशेष छूट इस योजना को और अधिक उपयोगी बनाते हैं।

    दुबई प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान आने वाले महीनों में होटल अधिभोग, स्थानीय व्यापार, रेस्तरां, मनोरंजन उद्योग और अन्य पर्यटन सेवाओं को सकारात्मक बढ़ावा देगा। यदि योजना को अपेक्षित सफलता मिलती है, तो भविष्य में ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रमों का विस्तार भी किया जा सकता है। फिलहाल यह पहल पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने और वैश्विक यात्रियों को फिर से दुबई की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बड़ा दावा, विश्वविद्यालय हॉस्टलों में हो रही ड्रग्स की सप्लाई

    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बड़ा दावा, विश्वविद्यालय हॉस्टलों में हो रही ड्रग्स की सप्लाई


    उत्तर प्रदेश । मेरठ स्थित Chaudhary Charan Singh University के 38वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल Anandiben Patel ने विश्वविद्यालयों में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि कई विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों में बाहर से आने वाले खाने के जरिए ड्रग्स की सप्लाई हो रही है और परिसर के बाहर शराब की बोतलें भी मिली हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह कई कुलपतियों और हॉस्टल प्रबंधन को तस्वीरें भी दिखा चुकी हैं।

    समारोह में राज्यपाल ने 199 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे व्यक्ति के सपनों, प्रतिभा, स्वास्थ्य और परिवार की उम्मीदों को खत्म कर देता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने लगभग 15 विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों का निरीक्षण किया है, जहां कई चिंताजनक स्थितियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि चार पीढ़ियों से उनके परिवार में चाय तक नहीं पी जाती, जबकि आज के कई युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से हॉस्टलों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की अपील की।

    अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना किसी विषय की पूरी जानकारी के केवल भीड़ का हिस्सा बन जाना उचित नहीं है। विद्यार्थियों को देशहित, संविधान और महापुरुषों के विचारों को समझकर आगे बढ़ना चाहिए।

    राज्यपाल ने बेटियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस दीक्षांत समारोह में लगभग 75 प्रतिशत स्वर्ण पदक छात्राओं ने हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और समाज को उनके प्रति अपनी सोच बदलनी चाहिए।

    उन्होंने शिक्षकों से भी शोध और लेखन पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया। उनका कहना था कि लंबे समय तक अध्यापन करने वाले शिक्षकों को अधिक पुस्तकें और शोध कार्य प्रकाशित करने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को बेहतर शैक्षणिक सामग्री मिल सके।

    राज्यपाल ने अपने हालिया रेल सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रेलवे ट्रैक के आसपास गंदगी और जलभराव की तस्वीरें संबंधित अधिकारियों को भेजने के बाद सफाई कराई गई। साथ ही उन्होंने युवाओं से अंतरिक्ष विज्ञान, नई तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि देश के वैज्ञानिक और इंजीनियर वैश्विक स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।

  • भारत-चीन संबंधों पर जयशंकर का स्पष्ट संदेश, सीमा पर स्थायी शांति के बिना सामान्य रिश्तों की नहीं बन सकती मजबूत नींव

    भारत-चीन संबंधों पर जयशंकर का स्पष्ट संदेश, सीमा पर स्थायी शांति के बिना सामान्य रिश्तों की नहीं बन सकती मजबूत नींव

    नई दिल्ली । भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में जारी प्रयासों के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के रिश्तों में स्थायी सुधार तभी संभव है, जब सीमा क्षेत्रों में पूरी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांतिपूर्ण माहौल दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सामान्य संबंधों की सबसे पहली तथा अनिवार्य शर्त है। यह संदेश उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दिया, जिसमें दोनों देशों के संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान भारत ने यह भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान, समान हितों और संवेदनशीलता के सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और चीन जैसे बड़े तथा प्रभावशाली पड़ोसी देशों के बीच स्थिर और संतुलित संबंध केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एशिया और वैश्विक स्तर पर भी उनका व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करने के लिए संवेदनशील मुद्दों का समाधान जिम्मेदारी और संवाद के माध्यम से किया जाना आवश्यक है।

    विदेश मंत्री ने सीमा क्षेत्रों में हालात सुधारने के लिए पिछले कुछ समय में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने विभिन्न स्तरों पर संवाद और समन्वय के जरिए कई सकारात्मक पहल की हैं। इसके बावजूद सीमा क्षेत्रों में स्थायी शांति बनाए रखने के लिए सैन्य और राजनयिक तंत्र के बीच निरंतर संपर्क तथा सक्रिय सहयोग की आवश्यकता बनी हुई है। उन्होंने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के तनाव की संभावना कम हो सके।

    भारत ने बैठक के दौरान आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय कंपनियों को चीन के बाजार में निष्पक्ष और पारदर्शी अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार असंतुलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे संतुलित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने भरोसेमंद और स्थिर सप्लाई चेन की अहमियत पर बल देते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आर्थिक सहयोग को अधिक पारदर्शी और संतुलित बनाना समय की मांग है।

    बैठक में दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई गई। विदेश मंत्री ने कहा कि नियमित संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, यात्रा सुविधाओं में सुधार और विभिन्न द्विपक्षीय तंत्रों की सक्रिय बैठकों से आपसी विश्वास को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर संवाद बनाए रखना भविष्य के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

    भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें विवाद या टकराव में बदलने से रोकना दोनों पक्षों की साझा जिम्मेदारी है। विदेश मंत्री ने कहा कि संवाद और कूटनीति ही ऐसे मुद्दों का सबसे प्रभावी समाधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत रचनात्मक सहयोग और सकारात्मक संबंधों का पक्षधर है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा की स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    हाल के समय में दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में संवाद और सहयोग बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिली है। हालांकि भारत का स्पष्ट मानना है कि सीमा पर स्थायी शांति और विश्वास का वातावरण ही भविष्य में मजबूत, संतुलित और दीर्घकालिक भारत-चीन संबंधों की वास्तविक आधारशिला बन सकता है।

  • बागपत में नम आंखों से अंतिम विदाई, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अनुराग धनखड़ का अंतिम संस्कार

    बागपत में नम आंखों से अंतिम विदाई, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अनुराग धनखड़ का अंतिम संस्कार


    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में बुधवार को त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और इसके बाद उनके बेटे अभिषेक ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम विदाई दी।

    मंगलवार देर रात जब अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास बड़ौत पहुंचा, तो वहां का माहौल बेहद भावुक हो गया। उनकी मां बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर बिलख पड़ीं। उन्होंने गाल सहलाकर आखिरी बार बेटे को दुलार किया और बार-बार “मेरे बच्चे” कहकर रोती रहीं। पत्नी कल्पना भी पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। बेटे अभिषेक ने मां को संभालने की कोशिश की, लेकिन खुद भी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और पिता के शव से लिपटकर रो पड़े।

    अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर त्रिपुरा से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था। वहां से सड़क मार्ग से बागपत के बड़ौत स्थित उनके घर पहुंचाया गया। अंतिम यात्रा में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल हुए।

    इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री असीम अरुण ने भी परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अनुराग धनखड़ एक समर्पित और कुशल पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मृत्यु के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

    पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल सहित कई स्थानीय लोगों ने भी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उनका कहना है कि इतने वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसका निष्पक्ष और विस्तृत खुलासा होना चाहिए।

    गौरतलब है कि अनुराग धनखड़ का शव 20 जुलाई को त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय में मिला था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है, हालांकि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही उनकी मौत के कारणों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • लखनऊ में BJP-कांग्रेस आमने-सामने, कांग्रेस कार्यालय घेरने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

    लखनऊ में BJP-कांग्रेस आमने-सामने, कांग्रेस कार्यालय घेरने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका


    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया, जब भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे।

    स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया और काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने से रोक दिया। मौके पर कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई।

    दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई थी। कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता लाठी लेकर परिसर में तैनात नजर आईं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता शांतिप्रिय है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए और उनके पोस्टरों पर जूते-चप्पल भी बरसाए। दोनों दलों के समर्थकों के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही।

    यह प्रदर्शन 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन की प्रतिक्रिया के रूप में आयोजित किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय के घेराव का ऐलान किया गया था। विपक्ष के उस प्रदर्शन में राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया था, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

    पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी की व्यवस्था की। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

  • इंग्लैंड दौरे के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर विराट, अनुष्का संग प्रेमानंद महाराज के दर्शन

    इंग्लैंड दौरे के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर विराट, अनुष्का संग प्रेमानंद महाराज के दर्शन


    उत्तर प्रदेश । भारतीय क्रिकेट स्टार Virat Kohli और अभिनेत्री Anushka Sharma बुधवार तड़के वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने Premanand Maharaj के नए आश्रम यमुना विहार कुंज में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दोनों सुबह करीब चार बजे आश्रम पहुंचे और सादगी के साथ नंगे पैर भीतर गए। लगातार बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ था, ऐसे में विराट पूरे रास्ते अनुष्का का हाथ थामे चलते दिखाई दिए।

    आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने दोनों का स्वागत किया। विराट और अनुष्का करीब एक घंटे तक आश्रम में रहे। बाहर निकलते समय विराट के माथे पर चंदन का तिलक था और उनके हाथ में प्रसाद भी दिखाई दिया। इसके बाद दोनों कार से लगभग 15 किलोमीटर दूर महाराज के गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और वहां भी दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आश्रम के बाहर दोनों को देखने के लिए श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। विराट और अनुष्का ने चेहरे पर मास्क पहन रखा था तथा हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी को उनके पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

    यह पहली बार नहीं है जब यह दंपती वृंदावन पहुंचा हो। दोनों अब तक आठ बार प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। इस वर्ष यह उनकी चौथी यात्रा है। इससे पहले आईपीएल जीतने के बाद 2 जून को भी दोनों आश्रम पहुंचे थे, जहां उन्होंने करीब दो घंटे तक समय बिताया था।

    विराट कोहली हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने के बाद भारत लौटे हैं। तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 144 रन बनाए, जिसमें निर्णायक मुकाबले में 74 रन की महत्वपूर्ण पारी भी शामिल रही। क्रिकेट व्यस्तताओं के बीच उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रकोप, उफान पर नदियां, पेड़ गिरने से युवक की मौत

    उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रकोप, उफान पर नदियां, पेड़ गिरने से युवक की मौत


    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले दस दिनों से जारी बारिश के कारण प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे तटीय गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। खेत, सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचते दिखाई दिए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

    सोनभद्र जिले में घाघरा नदी के तेज बहाव ने जिला जेल को जोड़ने वाली सड़क का बड़ा हिस्सा बहा दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। वहीं गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और चेतावनी स्तर के पार पहुंचने के बाद प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। जिले की सभी बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    वाराणसी में गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। पिछले एक सप्ताह में नदी करीब 10 फीट ऊपर आ चुकी है। अस्सी घाट से नमो घाट तक करीब 50 छोटे-बड़े मंदिर जलमग्न हो गए हैं। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

    मौसम का असर राजधानी लखनऊ, नोएडा, कानपुर, आगरा और अन्य शहरों में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह से कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जबकि पूरे प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

    बारिश के बीच हादसों का सिलसिला भी जारी है। उन्नाव में तेज हवा के दौरान चलती बाइक पर अचानक पेड़ गिर गया, जिससे युवक की गर्दन टूट गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना लगातार खराब मौसम के बीच सावधानी बरतने की जरूरत को भी रेखांकित करती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में व्यापक बारिश हुई। अब मानसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक रही है, जिससे अगले एक-दो दिनों में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद बारिश में कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन 26 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होकर प्रदेश में तेज बारिश का नया दौर शुरू कर सकता है।

  • ई20 पेट्रोल पर सरकार का बड़ा स्पष्टीकरण, पुराने वाहनों में मामूली माइलेज गिरने की बात स्वीकार, इंजन नुकसान के दावों को बताया निराधार

    ई20 पेट्रोल पर सरकार का बड़ा स्पष्टीकरण, पुराने वाहनों में मामूली माइलेज गिरने की बात स्वीकार, इंजन नुकसान के दावों को बताया निराधार

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ई20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं और आशंकाओं के बीच स्पष्ट किया है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से ई10 मानक के अनुसार तैयार किए गए कुछ पुराने वाहनों में माइलेज में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन इससे इंजन को नुकसान पहुंचने या वाहन के बड़े पैमाने पर खराब होने का कोई सत्यापित प्रमाण उपलब्ध नहीं है। सरकार का कहना है कि इस विषय पर फैलाए जा रहे कई दावे तथ्यों से मेल नहीं खाते और उपलब्ध तकनीकी जानकारी इसके विपरीत संकेत देती है।

    सरकार के अनुसार ई10 मानक के अनुरूप तैयार किए गए पुराने वाहनों में ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल से ईंधन दक्षता में सामान्यतः लगभग 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी देखी जा सकती है। हालांकि यह गिरावट सीमित मानी गई है और इसे वाहन की समग्र कार्यक्षमता पर गंभीर प्रभाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार का कहना है कि इस बदलाव को केवल एथेनॉल मिश्रण से जोड़कर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि माइलेज कई अन्य तकनीकी और परिचालन संबंधी कारणों से भी प्रभावित होता है।

    सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन का वास्तविक माइलेज चालक की ड्राइविंग शैली, वाहन के नियमित रखरखाव, टायरों में सही हवा, व्हील अलाइनमेंट, इंजन की स्थिति और एयर कंडीशनर के उपयोग जैसी अनेक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ऐसे में यदि किसी वाहन की ईंधन दक्षता में बदलाव दिखाई देता है तो उसके पीछे केवल ई20 पेट्रोल को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।

    सरकार ने यह भी बताया कि ई20 पेट्रोल के कई तकनीकी लाभ हैं। इसमें पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक ऑक्टेन रेटिंग मिलती है, जिससे इंजन में बेहतर एंटी-नॉक प्रदर्शन प्राप्त होता है। इसके साथ ही ईंधन का दहन अधिक प्रभावी होता है, जिससे इंजन का संचालन अधिक स्मूथ रहता है और एक्सीलरेशन भी बेहतर महसूस हो सकता है। सरकार का मानना है कि इन विशेषताओं के कारण आधुनिक वाहनों के लिए ई20 मिश्रित ईंधन एक उपयोगी विकल्प बनकर उभर रहा है।

    हाल के दिनों में ई20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इंजन खराब होने तथा वाहनों को नुकसान पहुंचने जैसे कई दावे सामने आए थे। इन आशंकाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने दोहराया कि अब तक ऐसा कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो सके कि ई20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन का इंजन व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ हो। सरकार का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी परीक्षण और अनुभव ऐसे दावों की पुष्टि नहीं करते।

    इसी क्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी हाल ही में ई20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि यदि किसी वाहन को इस ईंधन से वास्तविक नुकसान हुआ हो तो उसका प्रमाण प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ई20 को लेकर कई भ्रामक दावे फैलाए जा रहे हैं, जबकि इसका उद्देश्य स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना और पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करना है।

    सरकार का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का विस्तार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, आयातित ईंधन पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी कारण ई20 पेट्रोल को लेकर वैज्ञानिक तथ्यों और तकनीकी परीक्षणों के आधार पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो और उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके।

  • बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    नई दिल्ली । अदाणी समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए कारोबार के कई प्रमुख मानकों पर नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,305 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार परिचालन क्षमता में सुधार, वित्तीय लागत पर प्रभावी नियंत्रण और लगातार जारी पूंजीगत निवेश के कारण यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी।

    पहली तिमाही के दौरान कंपनी के कुल समेकित राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का राजस्व 26.6 प्रतिशत बढ़कर 17,936 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 14,167 करोड़ रुपये था। प्रबंधन का कहना है कि बिजली की बिक्री में बढ़ोतरी और बेहतर औसत टैरिफ के कारण आय में यह मजबूत वृद्धि देखने को मिली। देश में बिजली की लगातार बढ़ती मांग ने भी कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की।

    अदाणी पावर ने परिचालन लाभ के मोर्चे पर भी नया इतिहास रचा है। कंपनी का समेकित निरंतर ईबीआईटीडीए 21.6 प्रतिशत बढ़कर 6,983 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही ईबीआईटीडीए है। ईंधन लागत में वृद्धि के बावजूद प्रभावी लागत प्रबंधन, उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग और परिचालन दक्षता के कारण कंपनी यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रही।

    बिजली उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में भी कंपनी ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। पहली तिमाही में बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट हो गई, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 24.6 बिलियन यूनिट थी। कंपनी का कहना है कि उत्पादन क्षमता में विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग ने बिक्री को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत बिजली की बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। इस श्रेणी में बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई। वहीं प्रति यूनिट औसत टैरिफ 8.5 प्रतिशत बढ़कर 5.95 रुपये हो गया। मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बाजार में भी कंपनी को बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ, जहां औसत प्राप्ति 13.1 प्रतिशत बढ़कर 7.04 रुपये प्रति यूनिट रही। मजबूत बाजार मांग और अनुकूल व्यावसायिक परिस्थितियों का लाभ कंपनी को मिला।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि अदाणी पावर ने एक बार फिर अपनी लागत-कुशल उत्पादन क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी 45 गीगावाट उत्पादन क्षमता के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और विभिन्न नई परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के भीतर काम जारी है। उनका कहना है कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है।

    कारोबार विस्तार की रणनीति के तहत कंपनी ने कई महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का अधिग्रहण भी किया है। कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के अंतर्गत स्वीकृत योजना के अनुसार कंपनी ने 180 मेगावाट क्षमता वाले चुर्क थर्मल पावर प्लांट के साथ जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड और प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड में हिस्सेदारी हासिल की है। इसके अलावा कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलविद्युत परियोजनाओं में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है तथा भविष्य में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है। कंपनी का मानना है कि इन विस्तार योजनाओं से आने वाले वर्षों में उसकी उत्पादन क्षमता और बाजार में प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी।

  • संसद की मर्यादा पर जेपी नड्डा का विपक्ष पर निशाना, कहा- लोकतांत्रिक परंपराओं का हो रहा उल्लंघन, चर्चा से नहीं भाग रही सरकार

    संसद की मर्यादा पर जेपी नड्डा का विपक्ष पर निशाना, कहा- लोकतांत्रिक परंपराओं का हो रहा उल्लंघन, चर्चा से नहीं भाग रही सरकार

    नई दिल्ली । राज्यसभा में बुधवार को विपक्ष के हंगामे और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संसद लोकतांत्रिक संवाद का सर्वोच्च मंच है, लेकिन जिस तरह से सदन की कार्यवाही बाधित की जा रही है, उससे संसदीय मर्यादाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने दोहराया कि सरकार हर महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

    सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नीट परीक्षा और कथित प्रश्नपत्र लीक सहित सभी संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराने में उसे कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना था कि सरकार पारदर्शी तरीके से काम करने में विश्वास रखती है और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सदन का सुचारु रूप से चलना भी आवश्यक है।

    इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष से हंगामे के बजाय चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार मानसून सत्र की शुरुआत से ही इस विषय पर चर्चा के पक्ष में रही है। चर्चा किस नियम और प्रक्रिया के तहत होगी, इस पर सभी दलों के साथ सहमति बनाई जा सकती है, लेकिन पहले सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चलनी चाहिए।

    सरकार का कहना है कि युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सरकार अपनी ओर से उठाए गए कदमों और निर्णयों की जानकारी सदन के माध्यम से देश के सामने रखना चाहती है। इसके लिए सभी दलों का सहयोग आवश्यक बताया गया।

    जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सार्थक चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है और लगातार नारेबाजी के माध्यम से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में बहस, तर्क और संवाद लोकतंत्र की मूल भावना हैं। यदि चर्चा की बजाय व्यवधान को प्राथमिकता दी जाएगी तो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर प्रभावी विमर्श संभव नहीं हो पाएगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी विषय पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उसका समाधान संसदीय प्रक्रिया और संवाद के माध्यम से ही निकाला जाना चाहिए। उनका मानना था कि जनता की अपेक्षा भी यही है कि संसद में मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो और समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाए।

    संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट परीक्षा और कथित प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बना हुआ है। विपक्ष इस मामले पर तत्काल चर्चा और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सभी नियमों और संसदीय प्रक्रियाओं के तहत विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

    फिलहाल दोनों पक्षों के बीच चर्चा की प्रक्रिया और सदन की कार्यवाही को लेकर गतिरोध बना हुआ है। हालांकि सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह संवाद और बहस के माध्यम से सभी मुद्दों पर अपनी बात रखने तथा विपक्ष के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए प्रतिबद्ध है।