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  • 200 करोड़ कमाने वाली ‘हनुमान अंश’ ऑस्कर की रेस से बाहर डेडलाइन चूकी टीम ने खुद बताई वजह

    200 करोड़ कमाने वाली ‘हनुमान अंश’ ऑस्कर की रेस से बाहर डेडलाइन चूकी टीम ने खुद बताई वजह


    नई दिल्ली। नीम करोली बाबा की भक्ति और हनुमान जी से जुड़ी कहानी पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ इस समय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। बेहद कम बजट में बनी इस फिल्म ने दर्शकों के बीच ऐसी पकड़ बनाई है कि इसकी कमाई 200 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। करीब छह सप्ताह से सिनेमाघरों में बनी हुई फिल्म को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच फिल्म के ऑस्कर की रेस में शामिल न हो पाने को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है।

    फिल्म की प्रोड्यूसर नम्रता सिंह ने हाल ही में बातचीत के दौरान बताया कि ‘हनुमान अंश’ के पास ऑस्कर के लिए सबमिट होने का मौका था लेकिन टीम तय समय सीमा का ध्यान नहीं रख सकी। उनके मुताबिक फिल्म को ऑस्कर के लिए भेजने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी लेकिन उनकी टीम को इस डेडलाइन की जानकारी नहीं थी। जब फिल्म की सफलता के बीच लोगों ने उनसे सवाल किया कि आखिर इतनी चर्चा में रहने वाली फिल्म ऑस्कर के लिए क्यों नहीं भेजी गई तो उन्होंने इस चूक के बारे में खुलकर बात की।

    नम्रता सिंह ने बताया कि उनकी टीम काफी छोटी है और एक साथ कई जिम्मेदारियां संभाल रही थी। फिल्म की सफलता के बाद अब उसका तेलुगू वर्जन तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा दूसरी भाषाओं में रिलीज की तैयारी भी चल रही है। टीम फिल्म को दिव्यांग दर्शकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। ऐसे में ऑस्कर सबमिशन की अहम डेडलाइन पर पर्याप्त ध्यान नहीं जा सका।

    फिल्म के कलाकार और निर्देशक भी अलग अलग जगहों पर प्रचार और अन्य जरूरी कामों में व्यस्त हैं। इसी वजह से प्रोडक्शन ऑफिस में भी पूरी टीम मौजूद नहीं थी। नम्रता के लिए यह अनुभव इसलिए भी चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि ‘हनुमान अंश’ उनके प्रोड्यूसर के तौर पर शुरुआती बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी भी पहली बार इस तरह की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

    फिल्म को दुनियाभर में रिलीज करना भी टीम के लिए आसान नहीं रहा। अलग अलग देशों में फिल्म रिलीज करने के लिए कई तरह की प्रक्रियाओं और नियमों को पूरा करना पड़ा। सेंसर से जुड़े काम और विदेशी बाजार में रिलीज की तैयारियों के दौरान टीम ने कई चीजें पहली बार सीखीं। इसके बावजूद फिल्म को इंटरनेशनल स्तर पर पहुंचाने की कोशिश जारी रही।

    टीम के लिए 11 सितंबर की तारीख भी बेहद खास रही क्योंकि इसी दिन नीम करोली बाबा का महासमाधि दिवस मनाया जाता है। फिल्म के मेकर्स बाबा के भक्त हैं और इसी वजह से वे इस खास दिन फिल्म को विदेशों में भी रिलीज करना चाहते थे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए टीम ने पूरी ताकत लगा दी और फिल्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया।

    अब ‘हनुमान अंश’ की कहानी को आगे बढ़ाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। प्रोड्यूसर नम्रता सिंह के मुताबिक फिल्म पर आधारित एक वीडियो गेम बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इसे वही कंपनी तैयार कर रही है जिसने लोकप्रिय गेम FAU-G बनाया है। इसके अलावा फिल्म की कहानी को कॉमिक बुक के रूप में भी आगे बढ़ाने की तैयारी है और इसके लिए एक बड़े कॉमिक पब्लिशर से बातचीत चल रही है।

    फिल्म के दूसरे पार्ट ‘हनुमान अंश 2’ को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इसके साथ विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के कैमियो को लेकर भी अटकलें सामने आई हैं हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में ऑस्कर का मौका भले ही हाथ से निकल गया हो लेकिन ‘हनुमान अंश’ की कहानी अब फिल्म से आगे गेम कॉमिक और संभावित सीक्वल के जरिए एक बड़े संसार का रूप लेती नजर आ रही है।

  • अहंकार या प्यार कौन जीतेगा ‘मैं ना रहा मेरा’ के फर्स्ट लुक ने मचाई हलचल आतिफ असलम को लेकर उठे सवाल

    अहंकार या प्यार कौन जीतेगा ‘मैं ना रहा मेरा’ के फर्स्ट लुक ने मचाई हलचल आतिफ असलम को लेकर उठे सवाल


    नई दिल्ली। क्या अहंकार प्यार से बड़ा हो सकता है यही सवाल आने वाली रोमांटिक म्यूजिकल फिल्म ‘मैं ना रहा मेरा’ की कहानी के केंद्र में है। फिल्म में अध्ययन सुमन और दिविता राय मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। खास बात यह है कि दिविता राय इसी फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रख रही हैं। मेकर्स ने अब फिल्म का पहला मोशन पोस्टर जारी कर दिया है जिसके बाद कहानी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।

    मोशन पोस्टर की शुरुआत एक गहरी आवाज के साथ होती है जिसमें पूछा जाता है कि क्या गुरूर इश्क से बड़ा हो सकता है। इसके साथ ही फिल्म की भावनात्मक दुनिया की झलक देखने को मिलती है। पोस्टर से साफ है कि फिल्म में प्यार के साथ तड़प रिश्तों की उलझन दिल टूटने और अहंकार जैसे पहलुओं को भी प्रमुखता दी गई है। फिल्म की कहानी एक ऐसे रिश्ते के इर्द गिर्द घूमती है जिसमें प्यार और पुराने जख्म आमने सामने दिखाई देते हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म में अध्ययन सुमन का किरदार राज नाम के एक युवा का है। राज की रोमांस को लेकर सोच 90 के दशक की क्लासिक प्रेम कहानियों से प्रभावित है। कहानी में वह एकतरफा प्यार में अपनी सिमरन को खो देता है। इसके करीब 12 साल बाद राज की मुलाकात दोबारा सिमरन से होती है। यह मुलाकात उसके भीतर दब चुकी पुरानी भावनाओं को फिर से जगा देती है। साथ ही उसे अपने अतीत से जुड़े उन दर्दनाक सवालों का सामना करना पड़ता है जिनसे वह लंबे समय से बचता आया है।

    फिल्म के फर्स्ट लुक के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक और सवाल तेजी से चर्चा में है। कई यूजर्स का दावा है कि मोशन पोस्टर के बैकग्राउंड में सुनाई देने वाली आवाज पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम की है। इसी वजह से फैंस यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आतिफ असलम भी इस फिल्म से जुड़े हैं या फिर उनकी आवाज का इस्तेमाल किसी गाने के लिए किया गया है।

    सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने आतिफ की आवाज पहचानने का दावा किया है। किसी ने आतिफ इज बैक लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी तो किसी ने मेकर्स से आतिफ का वर्जन रिलीज करने की मांग की। कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर आवाज आतिफ की है तो फिल्म में उनके योगदान को लेकर आधिकारिक जानकारी कब सामने आएगी।

    हालांकि अभी तक मेकर्स की तरफ से आतिफ असलम के फिल्म से जुड़े होने या मोशन पोस्टर में उनकी आवाज इस्तेमाल किए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल इसे फैंस की अटकल ही माना जा रहा है। इस पूरे मामले की तस्वीर फिल्म के टीजर के सामने आने के बाद और साफ हो सकती है।

    अध्ययन सुमन ने फिल्म को अपने दिल के करीब बताया है। वहीं दिविता राय के लिए यह पहला अभिनय प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया है कि उनका किरदार कई तरह की खूबसूरत और मुश्किल भावनाओं से गुजरता है। फिल्म का निर्देशन अमित कसारिया ने किया है जबकि धर्मेश संगानी इसके निर्माता हैं। अध्ययन सुमन फिल्म से जुड़े हैं और राहुल नायर ने इसके म्यूजिक पर काम किया है। अब दर्शकों की नजर 16 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाले फिल्म के टीजर पर है। टीजर से कहानी के साथ साथ आतिफ असलम को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

  • Ganesh Chaturthi 2026: बप्पा की स्थापना से पहले जुटा लें पूजा सामग्री, चौकी से मोदक और पंचामृत तक पूरी तैयारी रखें

    Ganesh Chaturthi 2026: बप्पा की स्थापना से पहले जुटा लें पूजा सामग्री, चौकी से मोदक और पंचामृत तक पूरी तैयारी रखें

    नई दिल्ली । गणेश चतुर्थी पर घर में भगवान गणेश की स्थापना को लेकर तैयारियां शुरू हो जाती हैं। बप्पा के स्वागत के लिए पूजा स्थल सजाने से लेकर पूजा की सामग्री जुटाने तक कई काम पहले से करने पड़ते हैं। यदि आप भी इस बार घर पर गणपति स्थापना करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की पूरी सूची पहले ही तैयार कर लेना बेहतर रहेगा। इससे स्थापना के समय किसी जरूरी सामान की कमी नहीं होगी और पूजा की तैयारी व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

    गणपति को विराजमान करने के लिए सबसे पहले एक साफ चौकी की जरूरत होती है। चौकी पर बिछाने के लिए लाल या पूजा के अनुकूल साफ कपड़ा रखा जा सकता है। इसी स्थान पर गणपति की मूर्ति स्थापित की जाती है। मूर्ति के साथ अक्षत, रोली, कुमकुम, सिंदूर, हल्दी की गांठ और सिक्का जैसी पूजा सामग्री भी पहले से तैयार रखी जा सकती है।

    गणेश स्थापना में कलश का भी महत्व बताया गया है। इसके लिए तांबे या पीतल का कलश, गंगाजल, आम या अशोक के पत्ते, नारियल और कलावा जैसी सामग्री जुटाकर रखी जा सकती है। पूजा के समय इन चीजों की जरूरत पड़ती है, इसलिए इन्हें पहले से एक स्थान पर रखना सुविधाजनक रहेगा।

    गणपति पूजा की सामग्री में दूर्वा और सुपारी भी खास तौर पर शामिल की जाती है। बप्पा को अर्पित करने के लिए ताजे फूल भी तैयार रखें। इसके अलावा जनेऊ, पानी वाला नारियल और गुड़-नारियल का गोला भी पूजा की सामग्री में रखा जा सकता है। इनका इस्तेमाल पूजा और भोग की तैयारी में किया जाता है।

    भगवान गणेश को भोग लगाने के लिए मोदक या लड्डू, फल और पंचमेवा तैयार रखना चाहिए। यदि घर पर मोदक बनाने की तैयारी है तो उन्हें पूजा के समय से पहले बनाकर रख लेना बेहतर रहेगा। पंचामृत भी पूजा के लिए तैयार किया जा सकता है। इससे स्थापना और पूजा के दौरान जरूरी सामग्री पहले से उपलब्ध रहेगी।

    पूजा की थाली में घी का दीपक और धूप भी जरूर रखें। आरती और पूजा के दौरान इनकी जरूरत होती है। पूजा की सभी छोटी-बड़ी चीजों को एक साथ व्यवस्थित करके रखने से स्थापना के समय सामान तलाशने में परेशानी नहीं होगी।

    गणेश चतुर्थी की पूजा में कई तरह की सामग्री का इस्तेमाल होता है। इसलिए आखिरी समय की भागदौड़ से बचने के लिए पूजा का सामान एक दिन पहले ही जुटा लेना बेहतर रहेगा। चौकी, कपड़ा, गणपति मूर्ति, अक्षत, रोली, कुमकुम, सिंदूर, हल्दी, सिक्का, कलश, गंगाजल, पत्ते, नारियल, कलावा, सुपारी, दूर्वा, फूल और जनेऊ जैसी सामग्री की तैयारी पहले की जा सकती है।

    इसी तरह भोग के लिए मोदक या लड्डू, फल, पंचमेवा और पंचामृत भी समय से तैयार रखें। दीपक और धूप को भी पूजा की सामग्री के साथ रख दें। इस तरह गणपति स्थापना के समय जरूरी सामान पहले से तैयार रहेगा और पूजा की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

  • सलमान ने लगाई घरवालों की क्लास काजी तौकीर बने Weekend Ka Vaar के स्टार

    सलमान ने लगाई घरवालों की क्लास काजी तौकीर बने Weekend Ka Vaar के स्टार


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 के घर में अब धीरे धीरे रिश्तों की सच्चाई और कंटेस्टेंट्स के बीच की खटास सामने आने लगी है। शो के छह एपिसोड पूरे होने के बाद पहला वीकेंड का वार भी दर्शकों के सामने आ गया। शनिवार को प्रसारित हुए इस एपिसोड में सलमान खान ने घरवालों के साथ जमकर मस्ती की और इसी के साथ कई कंटेस्टेंट्स को उनके गेम का आईना भी दिखाया। इस दौरान काजी तौकीर का अंदाज भी खूब चर्चा में रहा और सलमान ने उन्हें घर का सुपरस्टार तक बता दिया।

    वीकेंड का वार में सलमान ने बिग लॉस नाम का टास्क कराया। इसमें घरवालों को यह बताना था कि उनकी नजर में कौन कंटेस्टेंट गेम में नुकसान साबित हो रहा है और कौन बेहतर खेल रहा है। टास्क के दौरान कई कंटेस्टेंट्स ने अपने मन की भड़ास निकाल दी। दोस्ती के चलते कुछ लोगों की तारीफ हुई तो वहीं आपसी दुश्मनी के कारण कई कंटेस्टेंट्स पर खुलकर निशाना साधा गया। अमन गांधी और आसिफ खान के बीच भी एक बार फिर बहस देखने को मिली। आसिफ ने अमन पर मक्खन लगाने का आरोप लगाया जिसके बाद अमन ने अपनी तरफ से सफाई दी।

    एपिसोड का एक और मजेदार हिस्सा अरिश्फा खान का एक्सपोज टास्क रहा। सलमान ने उन्हें घरवालों को अलग अलग टैग देने का मौका दिया। अरिश्फा ने लव को ऐसा सदस्य बताया जिसके पेट में कोई बात नहीं पचती। वहीं काजी तौकीर को उन्होंने आसानी से किसी के बहकावे में आने वाला बताया। कनिका मान को सिल्वर स्पून का टैग मिला जबकि आम्रपाली दुबे को घर की सबसे ज्यादा परेशान करने वाली आवाज बताया गया। आसिफ को भी उन्होंने ग्रुप के सहारे आगे बढ़ने वाला कंटेस्टेंट बताया। इस टास्क में घरवालों के बीच के रिश्ते और उनकी सोच खुलकर सामने आई।

    हालांकि एपिसोड सिर्फ हंसी मजाक तक सीमित नहीं रहा। कनिका और यंग के बीच चल रहा तनाव भी एक बार फिर सामने आया। टास्क के दौरान कनिका ने यंग पर आरोप लगाया कि वह घर की हर चीज अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं। इसके बाद पानी के स्प्रे वाला टास्क हुआ जिसने माहौल को और गर्म कर दिया। इसी दौरान अरिश्फा और आम्रपाली दुबे के बीच पुरानी तकरार फिर सामने आ गई। बहस बढ़ने के बाद अरिश्फा भावुक होकर रो पड़ीं। इस पल ने दिखाया कि बिग बॉस के घर में मुकाबला केवल रणनीति और गेम का नहीं बल्कि भावनाओं की परीक्षा का भी है।

    वीकेंड का वार का सबसे अहम हिस्सा तब आया जब सलमान खान ने अमन गांधी और उदिति सिंह को उनके गेम को लेकर फटकार लगाई। सलमान ने साफ किया कि शो में आने से पहले मेकर्स कंटेस्टेंट्स को चुनने में काफी मेहनत करते हैं लेकिन घर में आने के बाद कुछ सदस्य अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। उदिति को रॉकस्टार बनने की जगह सिर्फ रॉक बनकर बैठे रहने पर सलमान ने तंज किया। वहीं रोहेद को भी शुरुआती एपिसोड्स में ज्यादा नजर नहीं आने को लेकर सवाल किया गया।

    इस समय अरिश्फा उदिति लव और कनिका पर एविक्शन का खतरा बना हुआ है। सलमान ने इन कंटेस्टेंट्स को समझाया कि अगर उन्हें मौके नहीं मिल रहे हैं तो उन्हें खुद मौके पैदा करने होंगे। कुल मिलाकर पहला वीकेंड का वार मनोरंजन मस्ती तकरार और इमोशन से भरपूर रहा। वहीं काजी तौकीर की मौजूदगी और सलमान की तारीफ ने उन्हें इस एपिसोड के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल कर दिया।

  • US Open में रिबाकिना का तूफान सबालेंका को हराकर जीता खिताब अब करियर में 3 ग्रैंड स्लैम

    US Open में रिबाकिना का तूफान सबालेंका को हराकर जीता खिताब अब करियर में 3 ग्रैंड स्लैम


    नई दिल्ली। कजाकिस्तान की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेना रिबाकिना ने यूएस ओपन 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए आर्यना सबालेंका को शिकस्त देकर पहली बार इस प्रतिष्ठित खिताब पर कब्जा कर लिया है। न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में रिबाकिना ने वर्ल्ड नंबर दो सबालेंका को 6-4 5-7 6-2 से हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब 2 घंटे 21 मिनट तक चला और निर्णायक सेट में रिबाकिना ने अपने आक्रामक खेल से मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया।

    फाइनल का सबसे खास पल तब आया जब रिबाकिना ने चैंपियनशिप प्वाइंट पर शानदार ऐस लगाकर मुकाबला खत्म किया। उनके करियर का यह तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले वह 2022 में विम्बलडन चैंपियन बनी थीं। इसके बाद 2026 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। अब उसी साल यूएस ओपन जीतकर रिबाकिना ने अपने करियर के सबसे शानदार दौर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।

    इस जीत के साथ रिबाकिना ने आर्यना सबालेंका का लगातार तीसरी बार यूएस ओपन चैंपियन बनने का सपना भी तोड़ दिया। सबालेंका के पास ओपन एरा में लगातार तीन बार यूएस ओपन खिताब जीतने वाली चुनिंदा महिला खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने का बड़ा मौका था लेकिन रिबाकिना ने उनके अभियान पर रोक लगा दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच हाल के मुकाबलों में भी रिबाकिना ने लगातार अपनी मजबूत चुनौती पेश की है। उन्होंने इससे पहले डब्ल्यूटीए फाइनल्स और इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी सबालेंका को हराया था।

    फाइनल के पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में अपनी सर्विस बचाई लेकिन रिबाकिना लगातार दबाव बनाने में सफल रहीं। 2-2 के स्कोर के बाद उन्हें ब्रेक प्वाइंट मिला और उन्होंने इसका फायदा उठाते हुए 3-2 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस को मजबूती से संभाला और सबालेंका को वापसी का मौका नहीं दिया। रिबाकिना ने पहला सेट 6-4 से जीतकर मुकाबले में शुरुआती बढ़त बना ली।

    दूसरे सेट में सबालेंका ने जोरदार वापसी की। उन्होंने अहम मौकों पर ब्रेक प्वाइंट बचाए और रिबाकिना की आक्रामकता का सामना करते हुए स्कोर को बराबरी के करीब पहुंचा दिया। 4-4 के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। रिबाकिना ने 4-5 पर दो ब्रेक प्वाइंट बचाए लेकिन इसके बाद सबालेंका ने दबाव बनाए रखा। रिबाकिना की कुछ गलतियों का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा सेट 7-5 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक सेट में पहुंचा दिया।

    तीसरे सेट में रिबाकिना ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। 2-1 के बाद उन्होंने सबालेंका की सर्विस तोड़ दी और अपनी बढ़त मजबूत कर ली। सबालेंका ने वापसी की कोशिश की लेकिन रिबाकिना की तेज सर्विस और सटीक ग्राउंडस्ट्रोक के सामने वह ज्यादा देर टिक नहीं सकीं। 4-2 के बाद रिबाकिना ने एक और ब्रेक हासिल किया और मैच पूरी तरह अपनी मुट्ठी में कर लिया। आखिरकार 5-2 पर खिताब के लिए सर्व करते हुए उन्होंने मुकाबला खत्म किया और पहली बार यूएस ओपन चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    जीत के बाद रिबाकिना ने रैकेट गिराकर दोनों हाथ ऊपर उठाए और भावुक अंदाज में जश्न मनाया। दूसरी ओर सबालेंका इस हार से बेहद निराश नजर आईं और उन्होंने गुस्से में अपना रैकेट तोड़ दिया। रिबाकिना की यह जीत न सिर्फ उनके लिए बल्कि महिला टेनिस के लिहाज से भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी को हराकर यूएस ओपन की नई चैंपियन के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है।

  • श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला

    श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के मुकाबलों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के कुछ अहम नॉकआउट मुकाबलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर में खेले जाने वाले मुकाबले अब जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजे की जगह 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगे। इसका सीधा असर भारतीय टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर भी पड़ेगा। हालांकि महिला क्रिकेट के मुकाबलों की टाइमिंग में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेलेगी। यह मैच जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। जापान भारत से 3 घंटे 30 मिनट आगे है इसलिए भारतीय दर्शक इस मुकाबले को सुबह 10 बजे से देख सकेंगे। वहीं सुबह के स्लॉट में होने वाले मुकाबले पहले की तरह जापान में सुबह 9 बजे शुरू होंगे जिसका मतलब भारत में इनका प्रसारण सुबह 5 बजकर 30 मिनट से होगा।

    टाइमिंग में यह बदलाव केवल क्वार्टर फाइनल तक सीमित नहीं है। 1 अक्टूबर को होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भी जापान के समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा। भारतीय टीम के इस चरण तक पहुंचने की पूरी संभावना मानी जा रही है। इसके बाद 3 अक्टूबर को होने वाला गोल्ड मेडल मुकाबला भी दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू किया जाएगा। ऐसे में अगर श्रेयस अय्यर की टीम फाइनल तक पहुंचती है तो भारत में क्रिकेट फैंस को गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला सुबह 10 बजे से देखने को मिलेगा। वहीं पहला क्वार्टर फाइनल जिसमें पाकिस्तान शामिल है पहला सेमीफाइनल और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला सुबह 9 बजे के जापानी समय से ही खेले जाएंगे।

    मैचों की टाइमिंग में बदलाव की वजह भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जिस स्थान पर एशियन गेम्स के क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए जाएंगे वहां फ्लडलाइट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जापान में शाम जल्दी होने के कारण आयोजकों को लंबे चलने वाले पुरुष मुकाबलों को समय से पहले समाप्त कराने की जरूरत महसूस हुई। इसी वजह से दोपहर वाले मैचों को आधा घंटा पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इस बदलाव की जानकारी सभी संबंधित पक्षों तक पूरी तरह नहीं पहुंची थी। भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों ने भी इस संबंध में अनभिज्ञता जताई थी जबकि आधिकारिक कार्यक्रम में संशोधित समय अपडेट कर दिया गया है।

    एशियन गेम्स में भारत की टीम को बेहद मजबूत माना जा रहा है। पिछली बार ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता था। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर वरुण चक्रवर्ती रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची और नागोया में होना है। भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को होने वाला टी20 मुकाबला एशियन गेम्स क्रिकेट प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। यह मुकाबला अलग कार्यक्रम के तहत सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम की मजबूत स्क्वॉड को देखते हुए इस बार भी गोल्ड मेडल की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

  • गणेश जी ने तुलसी को क्यों दिया असुर से विवाह का श्राप? जानिए गणेश चतुर्थी पर तुलसी न चढ़ाने की वजह

    गणेश जी ने तुलसी को क्यों दिया असुर से विवाह का श्राप? जानिए गणेश चतुर्थी पर तुलसी न चढ़ाने की वजह


    नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की आराधना और उनके स्वागत का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना की जाती है और विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में माना जाता है इसलिए 14 सितंबर को ही गणेश चतुर्थी का मुख्य पर्व मनाया जाएगा।

    भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा घास मोदक लाल फूल और कई तरह की पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। लेकिन एक ऐसी पवित्र मानी जाने वाली चीज भी है जिसे गणेश जी को चढ़ाना वर्जित माना गया है और वह है तुलसी। तुलसी को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र पौधा माना जाता है और भगवान विष्णु की पूजा में इसका विशेष महत्व है। इसके बावजूद गणेश जी की पूजा में तुलसी पत्र नहीं चढ़ाया जाता। इसके पीछे एक रोचक पौराणिक कथा बताई जाती है।

    पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान गणेश नदी के किनारे गहरे ध्यान में लीन होकर तपस्या कर रहे थे। उसी दौरान देवी तुलसी वहां से गुजरीं। उन्होंने तपस्या में लीन गणेश जी के तेजस्वी और आकर्षक स्वरूप को देखा तो उनके मन में गणेश जी से विवाह करने की इच्छा उत्पन्न हो गई। देवी तुलसी ने गणेश जी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। उस समय गणेश जी ने स्वयं को ब्रह्मचारी बताते हुए उनके प्रस्ताव को स्वीकार करने से विनम्रता से इनकार कर दिया।

    गणेश जी के इनकार से देवी तुलसी नाराज हो गईं। क्रोध में उन्होंने गणेश जी को श्राप दे दिया कि उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह होगा। देवी तुलसी के श्राप से गणेश जी भी क्रोधित हो गए और उन्होंने तुलसी को जवाब में श्राप दिया कि उनका विवाह किसी देवता से नहीं बल्कि एक असुर से होगा। यह सुनकर तुलसी जी को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने गणेश जी से क्षमा मांगी।

    देवी तुलसी की प्रार्थना सुनकर गणेश जी ने उन्हें क्षमा कर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में तुलसी भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय होंगी और उनकी पूजा में तुलसी का विशेष महत्व होगा। हालांकि गणेश जी की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी कथा के कारण आज भी गणेश जी को तुलसी पत्र अर्पित करना वर्जित माना जाता है।

    गणेश चतुर्थी पर भक्त भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा में विशेष रूप से दूर्वा अर्पित करते हैं। मान्यता है कि दूर्वा गणेश जी को अत्यंत प्रिय है और इसे अर्पित करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऐसे में गणेश चतुर्थी के दिन पूजा करते समय तुलसी की जगह दूर्वा लाल फूल मोदक और अन्य प्रिय सामग्री अर्पित करने की परंपरा निभाई जाती है। हालांकि ये बातें धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित हैं।

  • Besan Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर घर में बनाएं खस्ता मावा मोदक, बेसन और मेवों से तैयार करें स्वादिष्ट भो

    Besan Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर घर में बनाएं खस्ता मावा मोदक, बेसन और मेवों से तैयार करें स्वादिष्ट भो


    नई दिल्ली ।
    गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। आमतौर पर मोदक चावल के आटे से तैयार किए जाते हैं, लेकिन इस बार घर में मौजूद बेसन से भी स्वादिष्ट मोदक बनाए जा सकते हैं। बेसन का सोंधापन और मावा-मेवों की भरावन इस मिठाई को अलग स्वाद देती है। गणेश चतुर्थी के मौके पर घर पर तैयार किए गए इन मोदक को बप्पा को भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।

    बेसन मावा मोदक बनाने के लिए सबसे पहले इसकी बाहरी परत के लिए सामग्री तैयार करनी होगी। इसके लिए डेढ़ कप बेसन, आधा कप देसी घी, दो बड़े चम्मच सूजी, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और तीन चौथाई कप पिसी चीनी की जरूरत होगी।

    मोदक के अंदर भरने वाली स्टफिंग के लिए आधा कप मावा या खोया लिया जाता है। इसमें दो बड़े चम्मच कद्दूकस किया हुआ नारियल, दो बड़े चम्मच बारीक कटे काजू-बादाम, एक छोटा चम्मच चिरौंजी, चुटकी भर जायफल और इलायची पाउडर तथा दो बड़े चम्मच पिसी चीनी मिलाई जाती है।

    मोदक की स्टफिंग तैयार करने के लिए सबसे पहले एक पैन में मावा डालकर धीमी आंच पर करीब दो से तीन मिनट तक भूनें। मावा हल्का गुलाबी होने लगे तो इसमें कटे हुए काजू-बादाम, चिरौंजी और कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें। इसके बाद जायफल और इलायची पाउडर मिलाकर गैस बंद कर दें।

    मिश्रण को हल्का गुनगुना होने दें। इसके बाद इसमें दो बड़े चम्मच पिसी चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें। तैयार मावा-मेवे की स्टफिंग को एक तरफ रख दें।

    अब मोदक की बाहरी परत तैयार करने की बारी है। इसके लिए भारी तले की कढ़ाई में देसी घी गर्म करें। इसमें दो बड़े चम्मच सूजी और डेढ़ कप बेसन डालें। दोनों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। करीब आठ से दस मिनट तक भूनने के बाद बेसन से सोंधी खुशबू आने लगेगी और उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाएगा।

    बेसन अच्छी तरह भुन जाने के बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। जब यह हाथ लगाने लायक गुनगुना रह जाए, तब इसमें पिसी चीनी और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।

    अब मोदक का सांचा लें और उसमें हल्का सा घी लगा दें। सांचे में बेसन का मिश्रण दोनों तरफ दबाकर भरें और बीच में थोड़ी जगह बना लें। इसी खाली जगह में तैयार मावा और मेवों की स्टफिंग भरें। इसके बाद ऊपर से थोड़ा बेसन का मिश्रण लगाकर सांचे को नीचे की तरफ से बंद कर दें।

    सांचे को खोलने पर बेसन मावा मोदक तैयार हो जाएगा। इसी प्रक्रिया से बाकी मोदक भी बनाए जा सकते हैं। बेसन से तैयार बाहरी परत का सोंधापन और मावा, नारियल, काजू, बादाम तथा चिरौंजी से बनी स्टफिंग इसके स्वाद को खास बनाती है। गणेशोत्सव के दौरान इन मोदक को बप्पा को भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।

    इस तरह घर में उपलब्ध बेसन से बिना पारंपरिक चावल के आटे के भी मोदक तैयार किए जा सकते हैं। रेसिपी में बेसन को धीमी आंच पर अच्छी तरह भूनना और स्टफिंग को सही तरीके से तैयार करना इसके स्वाद और बनावट का अहम हिस्सा है। तैयार मोदक देखने में आकर्षक और खाने में खस्ता तथा सोंधे होते हैं।

  • BRICS: नई दिल्ली घोषणापत्र पर ईरान को राजी करने के लिए करनी पड़ी मशक्कत

    BRICS: नई दिल्ली घोषणापत्र पर ईरान को राजी करने के लिए करनी पड़ी मशक्कत


    नई दिल्ली।
    ब्रिक्स देशों (BRICS Nations) ने एकतरफा टैरिफ, व्यापार प्रतिबंधों और संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के बिना लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों पर कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को सर्वसम्मति से जारी ‘नई दिल्ली घोषणापत्र-2026’ (New Delhi Declaration-2026’) में इन्हें वैश्विक व्यापार और आपूर्ति शृंखलाओं के लिए नुकसानदेह बताते हुए ऐसी कार्रवाइयों से बचने का आह्वान किया गया। वहीं नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर ईरान (Iran) को तैयार करना आसान नहीं था। इसके लिए शनिवार सुबह 4 बजे तक मान-मनौव्वल और मशक्कत चलती रही।

    ब्रिक्स ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) (World Trade Organization (WTO)) की विवाद निपटारा व्यवस्था बहाल करने और वैश्विक व्यापार व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत बनाने पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में विकासशील देशों की आवाज और हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की।


    आतंकवाद किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं

    45 पन्नों और 140 बिंदुओं के नई दिल्ली घोषणापत्र का ईरान और यूएई ने भी समर्थन किया। इसमें ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की। कहा गया कि किसी भी वजह या मकसद से अंजाम दी गई आतंकवादी घटनाओं को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। ब्रिक्स ने आतंकवाद, इसकी आर्थिक मदद, सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाना दिए जाने के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई। घोषणापत्र में कहा गया है कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। ब्रिक्स देशों ने ब्रिक्स काउंटर -टेररिज्म वर्किंग ग्रुप और उसके पांच उप-समूहों के काम की सराहना करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।


    पहलगाम हमले की निंदा

    साझा घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।


    स्थायी सदस्यता का समर्थन

    ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन भी दोहराया। घोषणापत्र में चीन और रूस ने भारत की बड़ी भूमिका के समर्थन की बात कही। यूएनएससी में सुधार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि इसे अब और नहीं टाला जा सकता है।


    इजरायल को झटका

    यूएई फलस्तीन समस्या के द्वि राष्ट्र समाधान का समर्थक है। ईरान भी इस प्रस्ताव के पक्ष में रहा। हालांकि, ब्रिक्स का यह प्रस्ताव इजरायल के लिए कूटनीतिक झटका है।


    परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्र घोषित हो मध्य एशिया

    नई दिल्ली घोषणा में समूचे मध्य एशिया को परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र घोषित करने का भी प्रस्ताव है। यदि संयुक्त राष्ट्र किसी क्षेत्र को परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र घोषित करता है तो वहां परमाणु हथियारों का निर्माण और वितरण निषेध होता है। ईरान पर अमेरिकी हमलों के मद्देनजर यह एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव है।


    कैसे राजी हुआ ईरान

    ब्रिक्स में संयुक्त बयान पर यूएई और ईरान आखिर कैसे राजी हुए, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर तो कुछ नहीं कहा गया लेकिन सूत्रों का दावा है कि ईरान संयुक्त बयान में फलस्तीन को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव जोड़ने की शर्त पर माना। इन शर्तों में फलस्तीन को संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य घोषित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। यूएई ने भी इनका समर्थन किया। इसके बाद ईरान और यूएई की केमिस्ट्री में बदलाव दिखा।

    सूत्रों के अनुसार, एकमत करने के लिए भारत ने सभी पक्षों से शनिवार सुबह चार बजे तक बात की। दिल्ली घोषणा पत्र के प्रस्ताव संख्या 31 में कहा गया है कि हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि इजरायल-फलस्तीन संघर्ष का सही और स्थायी समाधान शांतिपूर्ण तरीकों से ही हासिल किया जा सकता है। ब्रिक्स सभी वैश्विक संगठनों में फलस्तीन के सही प्रतिनिधित्व की जरूरत को मानता है जिसमें विश्व बैंक, आईएमएफ जैसी वित्तीय संस्थाएं भी शामिल हैं।

  • ब्रिक्स बाजार में विदेशी मेहमानों को पसंद आई मप्र की बाग प्रिंट कला, कपड़ों पर खुद लगाए ठप्पे

    ब्रिक्स बाजार में विदेशी मेहमानों को पसंद आई मप्र की बाग प्रिंट कला, कपड़ों पर खुद लगाए ठप्पे


    नई दिल्ली।
    नई दिल्ली (New Delhi) स्थित भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन. इस अवसर पर सजे ‘ब्रिक्स बाजार’ (‘BRICS Market’) में बाग प्रिंट (Bagh Print) कला आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी गई. प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली इस हस्तशिल्प कला का इंटरनेशनल मंच पर जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है. यहां पहुंचने वाले देश-विदेश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों को बाग प्रिंट की विशिष्ट छपाई तकनीक, प्राकृतिक रंगों के वैज्ञानिक उपयोग और लकड़ी के ब्लॉक्स से कपड़े पर छपाई की सदियों पुरानी प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।

    ब्रिक्स बाजार का अवलोकन करने पहुंचे सदस्य और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों ने बाग प्रिंट स्टॉल पर पहुंचकर ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा. इस वैश्विक अवसर के लिए विशेष रूप से ‘BRICS’ लोगो वाले लकड़ी के ब्लॉक्स तैयार किए गए थे।

    मध्य प्रदेश के धार जिले की विश्व प्रसिद्ध इस कला को प्रतिनिधियों ने न सिर्फ सराहा, बल्कि स्वयं लकड़ी के नक्काशीदार ठप्पों को प्राकृतिक रंगों में डुबोकर कपड़ों पर प्रिंट भी किया. प्रतिनिधियों ने अपने हाथों से तैयार किए गए इन प्रिंटेड कपड़ों को यादगार स्मृति-चिह्न के रूप में अपने साथ ले गए।

    18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश के धार जिले के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मास्टर क्राफ्ट्समैन मोहम्मद बिलाल खत्री की ओर से बाग प्रिंट का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है.

    तमाम देशों से आए प्रतिनिधियों द्वारा इस पारंपरिक कला की बारीकियों को समझना और इसमें सहभागिता करना मध्य प्रदेश की समृद्ध शिल्प परंपरा के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि माना जा रहा है।

    ग्लोबल मंच पर 11 से अधिक देशों के कलाकारों का जमावड़ा
    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उपलक्ष्य में आयोजित इस ब्रिक्स बाजार में भारत के अलावा ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया सहित दर्जनों देशों के प्रसिद्ध कलाकार व शिल्पकार भाग ले रहे हैं, जहां मप्र की बाग प्रिंट अपनी अमिट छाप छोड़ रही है।