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  • आज का राशिफल: रविवार को चमकेगा इन राशियों का सितारा धन से लेकर नौकरी और परिवार तक मिल सकता है फायदा

    आज का राशिफल: रविवार को चमकेगा इन राशियों का सितारा धन से लेकर नौकरी और परिवार तक मिल सकता है फायदा


    नई दिल्ली। 13 सितंबर 2026 रविवार का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ जातकों को कामकाज में सफलता मिल सकती है तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय बुध कन्या राशि में मजबूत स्थिति में है जबकि शुक्र तुला राशि में बना हुआ है। ऐसे में बुद्धि संवाद कला रिश्तों और निर्णय लेने की क्षमता से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि हर राशि के लिए ग्रहों का प्रभाव अलग अलग हो सकता है इसलिए आज का दिन किसी के लिए उपलब्धियों वाला तो किसी के लिए धैर्य और संयम से आगे बढ़ने वाला रहेगा।

    मेष राशि वालों के लिए रविवार का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। कामकाज से जुड़े किसी महत्वपूर्ण मामले में आपकी सक्रियता नजर आएगी। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और पुराने मतभेद बातचीत के जरिए दूर हो सकते हैं। कारोबार करने वालों को नई योजना पर काम शुरू करने से पहले पूरी जानकारी जुटानी चाहिए।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से अच्छा रह सकता है। आय के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिल सकता है। किसी पुराने निवेश या रुके हुए काम से लाभ मिलने की उम्मीद बन सकती है। रिश्तों में मधुरता रहेगी और परिवार के किसी सदस्य से मिली सलाह भविष्य में उपयोगी साबित हो सकती है।

    मिथुन राशि वालों को आज अपने खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। अचानक कोई जरूरी खर्च सामने आ सकता है। नौकरी करने वालों के लिए सहकर्मियों के साथ बेहतर संवाद जरूरी रहेगा। छोटी यात्रा या किसी पुराने संपर्क से जुड़ा काम आगे बढ़ सकता है। जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    कर्क राशि के लोगों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। आप अपने किसी पुराने लक्ष्य को लेकर दोबारा गंभीरता से प्रयास शुरू कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर आपकी राय को महत्व मिलेगा।

    सिंह राशि वालों को आज निर्णय लेते समय भावनाओं के बजाय व्यावहारिक सोच को प्राथमिकता देनी चाहिए। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। धन के मामले में किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। प्रेम संबंधों में बातचीत से गलतफहमी दूर हो सकती है।

    कन्या राशि के जातकों के लिए दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रह सकता है। बुध की मजबूत स्थिति के कारण पढ़ाई लेखन बातचीत योजना बनाने और काम को व्यवस्थित करने में फायदा मिल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कारोबारियों को भी किसी नए अवसर पर विचार करने का मौका मिल सकता है।

    तुला राशि वालों के लिए रिश्तों और करियर दोनों मोर्चों पर संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। काम के सिलसिले में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य से बेहतर रहने के संकेत हैं लेकिन अनावश्यक खरीदारी से बचना लाभकारी रहेगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आज अपनी योजनाओं को गोपनीय रखते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ना चाहिए। किसी करीबी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। नौकरी में बदलाव का विचार कर रहे लोगों को अभी पूरी तरह जांच पड़ताल करने के बाद ही कदम उठाना चाहिए। परिवार में माहौल सामान्य रहेगा।

    धनु राशि के लिए आज का दिन नई संभावनाओं से भरा रह सकता है। यात्रा शिक्षा या नए लोगों से संपर्क के जरिए कोई उपयोगी अवसर सामने आ सकता है। लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है। हालांकि स्वास्थ्य और आराम को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा।

    मकर राशि वालों को काम का दबाव महसूस हो सकता है लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सोच समझकर फैसला लें। किसी पुराने परिचित से मिलने वाली जानकारी भविष्य में लाभ दे सकती है। परिवार के बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आज सामाजिक और व्यावसायिक संपर्क बढ़ सकते हैं। नई योजना पर काम करने का अवसर मिलेगा। धन से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है। किसी पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने की कोशिश सफल हो सकती है।

    मीन राशि वालों के लिए रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों पर ध्यान देने का दिन है। परिवार और जीवनसाथी के साथ खुलकर बातचीत करने से मन की उलझन कम होगी। कामकाज में दिनचर्या को व्यवस्थित रखना फायदेमंद रहेगा। अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देंगे तो आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। ज्योतिषीय फलादेश को निश्चित भविष्यवाणी के बजाय पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यता के रूप में देखना बेहतर है।

  • एमपी के 18 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, धार-बड़वानी में रहेगा ज्यादा असर

    एमपी के 18 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, धार-बड़वानी में रहेगा ज्यादा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पश्चिमी हिस्से, खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग में मानसूनी सिस्टम का असर ज्यादा रहने वाला है। शनिवार को इंदौर, धार, बड़वानी, रतलाम और भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। मौसम केंद्र (IMD) ने रविवार को 18 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    अगले 24 घंटे में धार और बड़वानी में अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं इंदौर, उज्जैन, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर सिस्टम सक्रिय

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी की ओर निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय है। इसके साथ मानसून ट्रफ प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से होकर गुजर रही है। दोनों सिस्टम के असर से प्रदेश में अगले दो दिन बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहने के आसार हैं।

    पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सुधरा

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश अब करीब 1% कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में औसत से 2% से 26% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़े में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे सीजन की बारिश का अंतर कम हुआ। आंकड़ों के लिहाज से पहली बार पूर्वी हिस्सा बेहतर स्थिति में पहुंचा था, हालांकि बुधवार तक यहां बारिश का आंकड़ा फिर करीब 1% कम रहा।

    पश्चिमी हिस्से के 22 जिलों में बारिश कम

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 22 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है।

  • भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान पर जीतू पटवारी का अल्टीमेटम, तीन महीने में जारी नहीं हुआ तो 50 हजार लोग निकालेंगे पदयात्रा

    भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान पर जीतू पटवारी का अल्टीमेटम, तीन महीने में जारी नहीं हुआ तो 50 हजार लोग निकालेंगे पदयात्रा

    मध्य प्रदेश : कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर सरकार को तीन महीने का समय देने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी नहीं किया गया और जनता तथा व्यापारियों की समस्याएं बनी रहीं, तो कांग्रेस इंदौर से भोपाल तक 50 हजार लोगों के साथ पदयात्रा निकालेगी।

    पटवारी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा द्वारा भोपाल मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर आयोजित 31 घंटे के उपवास कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

    पटवारी ने कहा कि भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है। उनके मुताबिक, भोपाल में मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने उपवास किया है। इससे पहले व्यापारियों और विधायक आरिफ मसूद की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया गया है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अलग-अलग अवसरों पर सरकार से भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान लागू करने की मांग करती रही है। अब पार्टी ने नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अगले तीन महीने के भीतर दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी किया जाए।

    पटवारी का कहना है कि मास्टर प्लान के अभाव में दोनों शहरों का विकास बेतरतीब तरीके से हो रहा है। इसका असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तय अवधि में मास्टर प्लान नहीं लाती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदौर से भोपाल तक प्रस्तावित पदयात्रा केवल मास्टर प्लान की मांग तक सीमित नहीं रहेगी। पटवारी के अनुसार, इसमें प्रदेश में फैल रहे भ्रष्टाचार और बेतरतीब विकास के खिलाफ भी जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जाएगी।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने जनता से वोट लिए हैं। यदि वही जनता मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थित विकास के लिए संघर्ष करने को मजबूर है तो इसे जनता के साथ अन्याय माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता और व्यापारियों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

    पटवारी ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के ऐसे पहले नेता प्रतिपक्ष हैं, जो किसी गैर-राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने कार्यक्रम के लिए मैदान के उपयोग के नाम पर 10 लाख रुपये का शुल्क लिया है।

    उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह नेता प्रतिपक्ष के रूप में भोपाल आते थे, तब कांग्रेस सरकार उन्हें कार्यक्रम की अनुमति देती थी और स्वयं भी उनके कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें सुनती थी। पटवारी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए मैदान का शुल्क लिए जाने को दोनों सरकारों की सोच के बीच अंतर बताया।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़ा है और इसमें बड़ी संख्या में युवा अपनी बात रखने के लिए शामिल होंगे। पटवारी ने सरकार से राजनीतिक दुर्भावना से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक परंपराओं और जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की।

  • चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को बताया छोटा भाई, बोले- साथ आए तो मिलकर बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करेंगे

    चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को बताया छोटा भाई, बोले- साथ आए तो मिलकर बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करेंगे


    नई दिल्ली । 
    उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित समाज से जुड़े मुद्दों के बीच नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बहुजन समाज पार्टी के नेता आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि यदि वह उनके साथ आना चाहें तो उनकी पार्टी में उनका स्वागत है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आकाश आनंद के प्रति किसी तरह का बुरा भाव नहीं होने की बात कही।

    चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आकाश आनंद ने कई बार उनकी आलोचना की है, लेकिन वह उन्हें अब भी अपना छोटा भाई मानते हैं। उनके मुताबिक, दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर उनके मन में आकाश आनंद के लिए कोई दुर्भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आकाश आनंद साथ काम करने के लिए तैयार होते हैं तो दोनों मिलकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने और उनके अधूरे काम को पूरा करने की दिशा में काम कर सकते हैं।

    चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद के लिए अपनी पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति बाबा साहब के विचारों और उनके मिशन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उनके साथ जुड़ना चाहता है, उसका स्वागत किया जाएगा। उनके अनुसार, महापुरुषों के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए मिलकर प्रयास किया जा सकता है।

    चंद्रशेखर आजाद का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाने के बाद एक बार फिर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब उनके परिवार का कोई सदस्य पार्टी में शामिल नहीं होगा।

    आकाश आनंद को लेकर चंद्रशेखर आजाद का रुख इससे अलग नजर आया है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उनके साथ आने की संभावना को खुला रखा है। अपने बयान में उन्होंने आकाश आनंद को परिवार के छोटे सदस्य की तरह बताते हुए साथ मिलकर काम करने की इच्छा जाहिर की है।

    चंद्रशेखर आजाद ने अपने राजनीतिक उद्देश्य को डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बाबा साहब के विचारों और उनके अधूरे काम को आगे ले जाना है। इसी उद्देश्य से उन्होंने उन लोगों के लिए भी पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात कही, जो इस मिशन में उनके साथ जुड़ना चाहते हैं।

    उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित समाज से जुड़े नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद का आकाश आनंद को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, आकाश आनंद की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी इस खबर में नहीं दी गई है।

    फिलहाल चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि व्यक्तिगत मतभेदों के बावजूद वह उन्हें छोटा भाई मानते हैं और यदि दोनों साथ आते हैं तो बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों तथा उनके अधूरे मिशन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया जा सकता है।

  • हरतालिका तीज पर नहीं होगी आखिरी वक्त की भागदौड़, पूजा स्थल, सामग्री और श्रृंगार की तैयारी इस क्रम में करें

    हरतालिका तीज पर नहीं होगी आखिरी वक्त की भागदौड़, पूजा स्थल, सामग्री और श्रृंगार की तैयारी इस क्रम में करें

    नई दिल्ली । हरतालिका तीज का पर्व व्रत और पूजा के साथ तैयारियों के लिए भी खास माना जाता है। इस दिन घर की साफ-सफाई, पूजा स्थल की सजावट, शिव-पार्वती की प्रतिमा की तैयारी, पूजा की थाली और श्रृंगार से जुड़े कई काम करने होते हैं। यदि इन तैयारियों को आखिरी समय तक टाल दिया जाए तो व्रत के दिन काफी भागदौड़ हो सकती है। ऐसे में जरूरी कामों को पहले से अलग-अलग चरणों में पूरा करने से दिन को व्यवस्थित रखा जा सकता है।

    सबसे पहले पूजा स्थल और प्रतिमा की तैयारी कर लें। यदि घर में शिव-पार्वती की पूजा के लिए मिट्टी की प्रतिमा बनाई या रखी जाती है, तो उसे पहले से तैयार करके पूजा की जगह पर सजा दें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर प्रतिमा को व्यवस्थित रखा जा सकता है। पूजा स्थल के आसपास फूलों या रंगोली से हल्की सजावट भी की जा सकती है। इससे पूजा की जगह पहले से तैयार रहेगी और बाद में इस काम के लिए समय नहीं निकालना पड़ेगा।

    इसके बाद तीज के लिए पहने जाने वाले कपड़ों और श्रृंगार की सामग्री को एक जगह रख लें। साड़ी या पारंपरिक कपड़ों के साथ चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, गहने और दूसरी जरूरी चीजें पहले से तैयार रखना सुविधाजनक रहेगा। यदि मेहंदी लगानी है तो इसे भी पहले ही लगा लेना बेहतर रहेगा। इससे पूजा के समय तैयार होने की जल्दबाजी से बचा जा सकता है।

    पूजा की थाली को भी समय रहते व्यवस्थित कर लेना चाहिए। इसमें फूल, फल, दीपक, धूप, रोली, अक्षत, पान-सुपारी, प्रसाद और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य जरूरी चीजें रखी जा सकती हैं। सारी सामग्री एक साथ रखने और उसे दोबारा जांच लेने से पूजा के दौरान किसी सामान के लिए बार-बार उठने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    पूजा की सामग्री तैयार होने के बाद पूजा स्थल को एक बार फिर देख लें। चौकी, प्रतिमा और पूजा की थाली को सही जगह पर रखें। यदि फूलों की सजावट या रंगोली बनानी है तो उसे भी इसी दौरान पूरा किया जा सकता है। इस तरह पूजा शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी रहेंगी।

    दिन के आखिर में खुद के श्रृंगार की तैयारी करें। साड़ी के साथ पारंपरिक आभूषण, चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर को तैयार रखें। सभी चीजें पहले से निकालकर रखने पर शाम के समय एक-एक सामान ढूंढने की परेशानी नहीं होगी और आराम से तैयार होने का समय मिल सकेगा।

    हरतालिका तीज की तैयारियों को सुबह, दोपहर और शाम के कामों में बांटने से पूरे दिन की भागदौड़ कम की जा सकती है। सुबह घर की सफाई और पूजा सामग्री की तैयारी, इसके बाद पूजा स्थल की सजावट और फिर शाम से पहले श्रृंगार की व्यवस्था पूरी की जा सकती है। इससे पूजा के समय जरूरी कामों का दबाव कम रहेगा।

    पूजा की तिथि और मुहूर्त अलग-अलग शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए पूजा के समय के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार जानकारी की पुष्टि करना उचित रहेगा। पहले से तैयारी पूरी रखने से हरतालिका तीज के दिन पूजा और अन्य जरूरी काम व्यवस्थित तरीके से किए जा सकते हैं।

  • भारत-चीन हवाई संपर्क बहाली की दिशा में कदम, 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच रोजाना उड़ान चलेगी

    भारत-चीन हवाई संपर्क बहाली की दिशा में कदम, 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच रोजाना उड़ान चलेगी


    नई दिल्ली । 
    भारत और चीन के बीच लंबे समय से प्रभावित हवाई संपर्क अब दोबारा बहाल होने जा रहा है। चाइना सदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच नियमित सीधी यात्री उड़ान सेवा फिर शुरू करने का ऐलान किया है। करीब छह साल के अंतराल के बाद शुरू होने वाली यह सेवा दोनों देशों के बीच यात्रियों की आवाजाही के साथ व्यापार और पर्यटन संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे और BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर दोनों देशों के बीच गतिविधियां बढ़ी हैं। शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। ऐसे समय में दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल करने का फैसला आपसी संबंधों में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

    भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के बाद प्रभावित हुई थीं। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा तनाव के कारण भी हवाई संपर्क सामान्य नहीं हो सका। लंबे समय तक सीधी उड़ानें बंद रहने से यात्रियों को दोनों देशों के बीच यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ा।

    चाइना सदर्न एयरलाइंस के मुताबिक, ग्वांगझू-नई दिल्ली मार्ग पर बोइंग 737 सीरीज के विमानों से रोजाना एक उड़ान संचालित की जाएगी। ग्वांगझू इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमान स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 3:35 बजे रवाना होगा और शाम 7 बजे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगा।

    नई दिल्ली से वापसी की उड़ान रात 8:20 बजे रवाना होगी। यह विमान अगले दिन तड़के 4:15 बजे ग्वांगझू एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। इस तरह दोनों दिशाओं में नियमित सीधी सेवा उपलब्ध होने से भारत और चीन के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की संभावना है।

    हवाई संपर्क बहाल होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ावा मिल सकता है। लंबे समय से बाधित सीधी उड़ान सेवा शुरू होने से यात्रियों के लिए दोनों देशों के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा आसान होगी।

    चाइना सदर्न एयरलाइंस के इस ऐलान के साथ वह दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाएं बहाल करने वाली प्रमुख चीनी एयरलाइनों में शामिल हो गई है। इससे पहले चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस और एयर चाइना भी भारत और चीन के बीच अपनी सेवाएं बहाल कर चुकी हैं।

    भारत और चीन के बीच संबंधों में लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच हवाई संपर्क की बहाली को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच रोजाना सीधी उड़ान शुरू होने से दोनों देशों के नागरिकों, कारोबारियों और पर्यटकों के लिए सीधा संपर्क फिर मजबूत होने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

  • Delhi Gurugram News: मानसिक रूप से बीमार दोस्त को घुमाने आई युवती ने भीड़ बढ़ने पर युवक को सुरक्षित संभाला

    Delhi Gurugram News: मानसिक रूप से बीमार दोस्त को घुमाने आई युवती ने भीड़ बढ़ने पर युवक को सुरक्षित संभाला

    नई दिल्ली । दिल्ली से गुरुग्राम घूमने आए एक युवक की शनिवार को फ्रेंड्स कॉलोनी में अचानक तबीयत बिगड़ गई। युवक को मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। इलाके में मौजूद लोगों की भीड़ देखकर वह घबरा गया और असहज होकर बदहवास जैसी स्थिति में पहुंच गया। उसके साथ मौजूद महिला मित्र ने स्थिति को समझते हुए तुरंत उसे संभाला और सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश की।

    जानकारी के अनुसार, दोनों दोस्त युवक का मन बहलाने और उसकी मानसिक स्थिति को बेहतर रखने के उद्देश्य से दिल्ली से गुरुग्राम आए थे। घूमने के दौरान वे सिविल लाइन क्षेत्र स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी पहुंचे। इसी दौरान वहां अचानक मौजूद भीड़ पर युवक की नजर पड़ी और वह घबरा गया। भीड़ के बीच वह असहज महसूस करने लगा और उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई।

    युवक की हालत देखकर महिला मित्र ने बिना घबराए स्थिति को संभालने की कोशिश की। उसने युवक को भीड़ से अलग किया और उसे शांत माहौल देने का प्रयास किया। महिला मित्र की सूझबूझ और समय पर उठाए गए कदम से युवक धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने लगा। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी घटना की ओर गया, लेकिन स्थिति को संभाल लिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, युवक की मानसिक स्थिति से जुड़ी परेशानी के कारण अचानक जुटी भीड़ ने उसकी असहजता बढ़ा दी। पुलिस ने बताया कि दोनों गुरुग्राम घूमने और युवक का मन बहलाने के उद्देश्य से आए थे। फ्रेंड्स कॉलोनी में भीड़ देखने के बाद युवक की स्थिति अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी महिला मित्र ने उसे संभाल लिया।

    मौके पर महिला मित्र ने युवक को भीड़ से दूर रखने और उसे सहज माहौल उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया। उसने धैर्य के साथ युवक को संभालने का प्रयास किया। कुछ समय बाद उसकी स्थिति सामान्य होने लगी। इस दौरान किसी तरह का विवाद नहीं हुआ और न ही कोई अप्रिय घटना सामने आई।

    पुलिस के अनुसार, युवक के व्यवहार का संबंध उसकी मानसिक स्थिति से था। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने उसकी परेशानी को बढ़ा दिया था। ऐसे समय में महिला मित्र ने स्थिति को समझते हुए तत्काल प्रतिक्रिया दी और युवक को संभालने में अहम भूमिका निभाई।

    घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों की नजर भी युवक की स्थिति पर बनी रही। हालांकि, महिला मित्र के समय रहते हस्तक्षेप करने के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। युवक को भीड़ से अलग कर शांत रखने की कोशिश की गई, जिससे उसकी परेशानी धीरे-धीरे कम हुई।

    पुलिस के मुताबिक, इस घटना में किसी प्रकार का विवाद या अनहोनी नहीं हुई। दोनों का गुरुग्राम आने का उद्देश्य युवक का मन बहलाना और उसकी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाए रखना था। लेकिन फ्रेंड्स कॉलोनी में अचानक भीड़ देखने के बाद युवक घबरा गया और उसकी तबीयत बिगड़ गई।

    घटना में महिला मित्र की तत्परता से स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया। उसने युवक को अकेला छोड़ने के बजाय उसके साथ रहकर उसे सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश की। इसके बाद युवक धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आया और मौके पर स्थिति शांत रही।

  • वास्तु शास्त्र में नमक रखने की सही दिशा मानी जाती है महत्वपूर्ण, जानिए किचन में नमक रखने से जुड़े खास नियम

    वास्तु शास्त्र में नमक रखने की सही दिशा मानी जाती है महत्वपूर्ण, जानिए किचन में नमक रखने से जुड़े खास नियम

    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर की अलग-अलग दिशाओं और उनमें रखी जाने वाली वस्तुओं को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि वस्तुओं को सही दिशा में रखने से घर के वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी तरह नमक को लेकर भी वास्तु में कुछ नियम बताए गए हैं। नमक सामान्य तौर पर हर रसोई का जरूरी हिस्सा होता है, लेकिन वास्तु मान्यताओं के अनुसार इसे रखने की दिशा भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    कई बार परिवार में कमाई अच्छी होने के बावजूद बचत नहीं हो पाती। पैसा आता है, लेकिन किसी न किसी वजह से खर्च हो जाता है। ऐसी स्थिति को लेकर वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा और वस्तुओं की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। नमक को भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया है।

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार नमक को किचन में उचित स्थान पर रखना चाहिए। रसोई घर का ऐसा हिस्सा है जहां भोजन तैयार होता है और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वस्तुएं रखी जाती हैं। इसलिए नमक रखने के स्थान को लेकर भी वास्तु के नियमों का पालन करने की बात कही जाती है।

    नमक को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। वास्तु संबंधी मान्यताओं में इसे नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना जाता है। इसी वजह से घर में नमक के इस्तेमाल और उसके रखरखाव को लेकर कई तरह के उपाय बताए जाते हैं।

    वास्तु के अनुसार किचन में नमक को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां वह साफ-सुथरा और व्यवस्थित रहे। नमक का डिब्बा खुला छोड़ने के बजाय उसे अच्छी तरह बंद करके रखने की सलाह दी जाती है। इससे नमक नमी से भी बचा रहता है और रसोई में साफ-सफाई बनी रहती है।

    घर में नमक रखने को लेकर दिशाओं का भी उल्लेख किया जाता है। वास्तु मान्यताओं में कुछ दिशाओं को नमक रखने के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि कुछ स्थानों पर इसे रखने से बचने की सलाह दी जाती है। इन नियमों का उद्देश्य घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखना बताया जाता है।

    नमक को लेकर यह भी मान्यता है कि इसे बिखरा हुआ नहीं रखना चाहिए। यदि नमक गिर जाए तो उसे तुरंत साफ कर देना चाहिए। वास्तु में नमक के बिखरने को अच्छा संकेत नहीं माना जाता। हालांकि, ये बातें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं और इनका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

    इसी तरह नमक का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। रसोई में जरूरी सामान को व्यवस्थित तरीके से रखने से रोजमर्रा के काम आसान होते हैं। नमक जैसी नियमित उपयोग की वस्तु को निर्धारित स्थान पर रखने से किचन भी व्यवस्थित रहता है।

    पैसे के टिकने और आर्थिक स्थिति को लेकर वास्तु में बताए गए इन उपायों को मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए। केवल नमक को किसी विशेष दिशा में रखने से धन दोगुना होने की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। आर्थिक स्थिति पर आय, खर्च, बचत और वित्तीय प्रबंधन जैसे वास्तविक कारकों का प्रभाव पड़ता है।

    इसलिए यदि कोई व्यक्ति वास्तु मान्यताओं का पालन करता है तो नमक रखने से जुड़े इन नियमों को अपनी आस्था के अनुसार अपना सकता है। साथ ही आर्थिक स्थिरता के लिए आय और खर्च का संतुलन बनाए रखना तथा नियमित बचत पर ध्यान देना भी जरूरी है।

  • भारत मंडपम के ब्रिक्स मीडिया सेंटर में देशी-विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय स्वाद के साथ वैश्विक व्यंजनों की खास व्यवस्था

    भारत मंडपम के ब्रिक्स मीडिया सेंटर में देशी-विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय स्वाद के साथ वैश्विक व्यंजनों की खास व्यवस्था

    नई दिल्ली ।दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में देश-विदेश से पहुंचे मेहमानों और पत्रकारों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। मीडिया सेंटर में भारतीय व्यंजनों के साथ अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के पसंदीदा वैश्विक व्यंजन भी परोसे जा रहे हैं। इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी आईटीसी होटल्स की ओर से संभाली जा रही है।

    शिखर सम्मेलन के लिए तैयार किए गए मेन्यू में भारतीय स्वाद को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके साथ ही चाइनीज और वेस्टर्न कुजीन को भी शामिल किया गया है, ताकि अलग-अलग देशों से आने वाले प्रतिभागियों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन मिल सके। मेन्यू तैयार करते समय अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की विविध पसंद को ध्यान में रखा गया है।

    आईटीसी की कॉर्पोरेट शेफ मनीषा के अनुसार, सम्मेलन के दौरान आईटीसी के विभिन्न ब्रांड्स के व्यंजनों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें बुखारा, दम पुख्त, दक्षिण तथा कबाब एंड करीज जैसे ब्रांड्स के व्यंजन शामिल हैं। पिछले डेढ़ दिन से इन व्यंजनों को प्रतिभागियों के सामने पेश किया जा रहा है, ताकि वे भारतीय पाक परंपरा के अलग-अलग स्वाद का अनुभव कर सकें।

    मनीषा ने बताया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए भोजन तैयार करना एक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है, लेकिन यह देश के व्यंजनों को सामने रखने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले जी20 और एआई समिट जैसे बड़े आयोजनों में भी आईटीसी की ओर से भोजन परोसा गया था। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व की बात है।

    उन्होंने बताया कि आईटीसी के पूरे भारत में करीब 140 होटल हैं और बड़े आयोजनों के दौरान अलग-अलग स्थानों से विशेषज्ञ शेफ को एक साथ लाया जाता है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक शेफ मेन्यू तैयार करने और भोजन बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    आईटीसी होटल के एरिया शेफ राजदीप कपूर ने भी मेहमानों का भारतीय भोजन का आनंद लेने के लिए स्वागत किया। वहीं, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आईटीसी होटल्स के प्रतिनिधि रजनीश मल्लर ने बताया कि मीडिया सेंटर में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मीडिया से जुड़े लोग मौजूद हैं। उनके अनुसार, मेन्यू को इस तरह तैयार किया गया है कि भारतीय व्यंजनों की विशेषता के साथ वैश्विक स्वाद और पसंद को भी जगह मिल सके।

    मेन्यू में भारतीय भोजन और आरामदायक भोजन के विकल्पों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों को शामिल करने की कोशिश की गई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों से आए मेहमानों की भोजन संबंधी पसंद को ध्यान में रखते हुए विविध विकल्प उपलब्ध कराना है।

    आईटीसी की स्थापना 1910 में इंपीरियल टोबैको कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के नाम से हुई थी। वर्ष 1970 में इसका नाम इंडिया टोबैको कंपनी लिमिटेड किया गया और 1974 में कंपनी का नाम बदलकर आईटीसी लिमिटेड कर दिया गया। कंपनी के होटल कारोबार की शुरुआत 1975 में चेन्नई में पहली प्रॉपर्टी के साथ हुई थी।

    वर्तमान में आईटीसी होटल्स और वेलकम होटल जैसे ब्रांड्स के तहत 150 से अधिक प्रॉपर्टीज संचालित की जाती हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी कंपनी की पाक कला से जुड़ी टीम भारतीय व्यंजनों और वैश्विक कुजीन के जरिए मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था संभाल रही है।

  • Jhansi: भुवनेश्वर से ग्वालियर जा रहे ट्रक में 214 किलो गांजा, दो गिरफ्तार, कीमत 1.07 करोड़

    Jhansi: भुवनेश्वर से ग्वालियर जा रहे ट्रक में 214 किलो गांजा, दो गिरफ्तार, कीमत 1.07 करोड़

    झांसी। बबीना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने सुकुवां-ढुकुवां रोड पर नयाखेड़ा के पास कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 214 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए है। टीम ने ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ बबीना थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ट्रक को सीज कर दिया गया है।

    एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतपाल उर्फ सत्यपाल (46), निवासी सौदापुर, थाना बार्डर टाउन, जिला पानीपत, हरियाणा और मोहन कुशवाहा (27), निवासी सिंधिया नगर, थाना बहोड़ापुर, ग्वालियर के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से ट्रक में छिपाकर रखा गया 214 किलो गांजा बरामद किया गया।

    ओडिशा से ग्वालियर पहुंचाना था गांजा
    पुलिस पूछताछ में मोहन कुशवाहा ने बताया कि उसका पड़ोसी आकाश कुशवाहा गांजे का काम करता है। वह आकाश के साथ किराये की गाड़ी से भुवनेश्वर, ओडिशा गया था। वहां आकाश के साथियों ने ट्रक में गांजा लोड कराया। उसे यह माल ग्वालियर पहुंचने के बाद उतारने के लिए कहा गया था।

    वहीं ट्रक चालक सतपाल ने पुलिस को बताया कि वह ट्रक किराये पर लेकर चलाता है। उसकी 7 सितंबर को आकाश से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि आकाश ने ही ट्रक में गांजा रखवाया और इसके बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। रास्ते में संपर्क बनाए रखने के लिए ढाबों के फोन से बात करने के लिए कहा गया था।

    न्यायालय में पेश किए जा रहे दोनों आरोपी
    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बबीना थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गांजा बरामद होने के बाद ट्रक को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी, इसे ग्वालियर में किसे सौंपा जाना था और इस नेटवर्क में आकाश कुशवाहा समेत अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हैं।