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  • खरगोन में बड़ा अग्निकांड: कपड़े, ज्वेलरी और फर्नीचर जलकर खाक, दमकल ने दो घंटे बाद पाया काबू

    खरगोन में बड़ा अग्निकांड: कपड़े, ज्वेलरी और फर्नीचर जलकर खाक, दमकल ने दो घंटे बाद पाया काबू


    खरगोन । खरगोन शहर के गायत्री मंदिर क्षेत्र स्थित एक शॉपिंग मॉल में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक कपड़ा शोरूम से अचानक धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और शोरूम में रखा लाखों रुपये का सामान उसकी चपेट में आ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

    जानकारी के अनुसार आग गायत्री मंदिर क्षेत्र स्थित शॉपिंग मॉल के मल्टी मार्ट कपड़ा शोरूम में लगी। सुबह के समय जब अधिकांश दुकानें बंद थीं, तभी शोरूम की ऊपरी मंजिल से धुआं निकलता दिखाई दिया। मेन रोड से गुजर रहे लोगों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए तत्काल शोरूम संचालक अब्दुल लतीफ और नगरपालिका के फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। शोरूम संचालक अब्दुल लतीफ का कहना है कि अलसुबह किसी विद्युत खराबी के कारण आग भड़की होगी, जिसने धीरे-धीरे पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही शोरूम में रखे रेडीमेड कपड़े, पैकिंग कार्टून, प्लास्टिक का सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, फर्नीचर और अन्य सामग्री जलने लगी। आग के साथ उठ रहे घने धुएं ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया।

    दमकल कर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शोरूम में प्रवेश करने की थी। भवन में इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं होने के कारण अंदर पहुंचना मुश्किल हो गया। ऐसे में दमकल दल ने जेसीबी मशीन की मदद से पहली मंजिल के कांच तोड़कर भीतर जाने का रास्ता बनाया। इसके बाद फायर फाइटर्स ने लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।

    करीब दो घंटे तक चले अभियान के दौरान दमकलकर्मियों ने आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास की दुकानों और पूरे मॉल को भी अपनी चपेट में ले सकती थी। राहत की बात यह रही कि घटना सुबह के समय हुई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है। शोरूम में रखा अधिकांश माल पूरी तरह जलकर राख हो गया है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने भी भवनों में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाई है।

    यह हादसा एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है। इमरजेंसी गेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव न केवल राहत कार्य में बाधा बनता है, बल्कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में जान-माल का नुकसान भी बढ़ा सकता है। फिलहाल प्रशासन और फायर विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हैं।

  • धार में मानसून जैसी बारिश, सड़कों पर भरा पानी; किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस

    धार में मानसून जैसी बारिश, सड़कों पर भरा पानी; किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस


    धार। धार शहर और आसपास के जेतपुरा क्षेत्र में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि लोगों को तपती गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिल गई। सुबह करीब छह बजे आसमान पर घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र के मौसम को पूरी तरह बदल दिया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह राहत की फुहार साबित हुई।

    पिछले कई दिनों से धार जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। तापमान लगातार 41.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। दिन के समय सड़कें सूनी नजर आती थीं और लोग गर्मी से बेहाल थे। ऐसे में शनिवार सुबह अचानक बदले मौसम ने लोगों को बड़ी राहत दी।

    सुबह होते-होते आसमान में बादलों का जमावड़ा दिखाई देने लगा। तेज हवाओं के साथ मौसम में ठंडक घुलने लगी और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान कई बार बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे क्षेत्र में बारिश का असर साफ दिखाई दिया और वातावरण पूरी तरह बदल गया।

    बारिश के कारण धार शहर और जेतपुरा के कई इलाकों में सड़कों तथा गलियों में पानी भर गया। कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। हालांकि बारिश का समय अधिक लंबा नहीं रहा, लेकिन उसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जगह-जगह पानी बहता दिखाई दिया और लोगों को आवागमन में भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाएं चलने लगीं और वातावरण में ताजगी महसूस होने लगी। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोग घरों से बाहर निकल आए। शहर के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस सीजन की सबसे राहत देने वाली बारिश रही। गर्मी से बेहाल लोगों को मौसम के इस बदलाव ने नई ऊर्जा दी है। बारिश के बाद पूरे दिन मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और खुशनुमा बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

    इस बारिश का फायदा किसानों को भी मिलने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए शुभ संकेत बताया है। उनका कहना है कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में मदद मिलेगी। लंबे समय से सूखी पड़ी जमीन को इस बारिश से राहत मिली है। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह मौसम अनुकूल बना रहता है तो कृषि गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

    फिलहाल बारिश के बाद धार और जेतपुरा क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाओं और बादलों की मौजूदगी ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, जबकि किसानों को भी बेहतर खेती की उम्मीद दिखाई देने लगी है।

  • सरदारपुर अस्पताल में सुधार की शुरुआत, बंद व्यवस्थाएं हुईं शुरू, मरीजों को मिली बड़ी राहत

    सरदारपुर अस्पताल में सुधार की शुरुआत, बंद व्यवस्थाएं हुईं शुरू, मरीजों को मिली बड़ी राहत


    धार । धार जिले के सरदारपुर सिविल अस्पताल की पहचान लंबे समय से अव्यवस्थाओं, संसाधनों की कमी और बंद पड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण बनी हुई थी। मरीजों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ता था। लेकिन अब अस्पताल में बदलाव की एक नई तस्वीर सामने आने लगी है। प्रभारी बीएमओ डॉ. सचिन द्विवेदी के पदभार संभालने के बाद महज 9 दिनों के भीतर अस्पताल की कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों को राहत मिली है।

    गर्मी के इस मौसम में अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को सबसे अधिक परेशानी बंद पड़े कूलर और एयर कंडीशनर के कारण हो रही थी। तेज गर्मी और उमस के बीच मरीजों को इलाज के साथ-साथ असहनीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए लंबे समय से बंद पड़े कूलर और एसी की मरम्मत करवाई और उन्हें दोबारा चालू कराया। इसके बाद वार्डों का माहौल पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है और मरीजों को गर्मी से राहत मिलने लगी है।

    अस्पताल में एक और महत्वपूर्ण सुधार पॉयजन वॉश रूम के रूप में सामने आया है। अब तक पॉयजन सेवन के मामलों में चिकित्सकों को पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे मामलों में समय पर और प्रभावी उपचार बेहद जरूरी होता है। इस आवश्यकता को देखते हुए अस्पताल परिसर में पॉयजन वॉश रूम तैयार किया गया है। चिकित्सकों का मानना है कि इससे विषाक्त पदार्थों के सेवन से जुड़े मरीजों के उपचार में तेजी आएगी और उपचार की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

    इसके साथ ही लंबे समय से बंद पड़ी रक्त संग्रहण व्यवस्था को भी फिर से शुरू कर दिया गया है। अस्पताल में रक्त संग्रहण के लिए उपयोग होने वाला फ्रिज तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से बंद था, जिससे रक्त संरक्षण और आपूर्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। अस्पताल प्रशासन ने इस तकनीकी समस्या को दूर कर फ्रिज को फिर से चालू कराया है। इससे अब जरूरतमंद और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में आसानी होगी।

    अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों से रक्त संग्रहण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी और उन्हें अन्य स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।

    प्रभारी बीएमओ डॉ. सचिन द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं में भी लगातार सुधार किए जाएंगे। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    सरदारपुर सिविल अस्पताल में हुए इन बदलावों ने यह संकेत दिया है कि इच्छाशक्ति और प्रभावी प्रबंधन के जरिए सीमित संसाधनों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। स्थानीय लोगों और मरीजों ने भी इन सुधारों का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अस्पताल में सुधार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

  • 100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत

    100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत


    देवास । देवास जिले के शिप्रा बायपास स्थित रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में पहुंच जाने से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क की खामियों तथा राहत कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

    जानकारी के अनुसार नायता पुवाल्डा निवासी हैदर, अंसार और इमरान शनिवार सुबह रोज की तरह इंदौर काम पर जाने के लिए बाइक से निकले थे। तीनों मोटर निकालने का काम करते हैं और रोजगार के सिलसिले में इंदौर जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे जब वे रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज से गुजर रहे थे, तभी इंदौर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेलवे ब्रिज पर सड़क की सतह कई जगह ऊंची-नीची है। इसी वजह से कार चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। कार करीब 100 फीट तक बेकाबू हालत में दौड़ती रही और फिर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंच गई। सामने से आ रही बाइक को कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि हादसे की भयावहता देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार हैदर उछलकर रेलवे ब्रिज से लगभग 50 फीट नीचे जा गिरा। अंसार और इमरान भी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और एक-एक पैर तक कटकर नीचे जा गिरा। हैदर और अंसार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल इमरान को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि दुर्घटना के काफी समय बाद तक एंबुलेंस और राहत दल नहीं पहुंचे। मजबूरी में घायलों और मृतकों को निजी वाहनों तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इसी बात को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

    चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम अभिषेक शर्मा, ट्रैफिक डीएसपी, सीएसपी सुमित अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में स्थानीय विधायक मनोज चौधरी ने भी ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुनते हुए सड़क की तकनीकी खामियों की जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।

    हादसे के बाद एक बार फिर रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज की सड़क गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़क की ऊंची-नीची सतह के कारण यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार एजेंसियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा अब लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

    पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने सड़क की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य कराने का भरोसा दिया है। लेकिन दो परिवारों के लिए यह हादसा ऐसा जख्म बन गया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

  • बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ

    बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ


    देवास । देवास के जमुना नगर और आवास नगर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती ने आखिरकार लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। शुक्रवार रात क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए और मक्सी रोड पर चक्काजाम कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और बिजली समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई।

    रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है। इलाके में लगे ट्रांसफार्मर में बार-बार फॉल्ट आने के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज तक प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत कर काम चलाया जा रहा है।

    शुक्रवार रात जब एक बार फिर बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा मक्सी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने धार्मिक तरीके से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे पूरे क्षेत्र का माहौल अनोखा लेकिन विरोधपूर्ण नजर आया।

    चक्काजाम के कारण मक्सी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और जल्द ही स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    स्थानीय रहवासी कविता बाई ने बताया कि ट्रांसफार्मर की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत करता है, जिससे कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अब स्थायी समाधान चाहिए, क्योंकि बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    इधर बिजली कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को सुधारने का प्रयास किया। लेकिन मरम्मत कार्य के दौरान ही दोबारा फॉल्ट आने से समस्या की गंभीरता उजागर हो गई। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और समाधान के भरोसे के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात फिर से सामान्य हो सका।

    रहवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर और बिजली आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन क्षेत्रवासियों की नजर अब वादों के अमल पर टिकी हुई है।

  • 15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

    15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर रहे युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने न सिर्फ क्रिकेट फैंस को प्रभावित किया है, बल्कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन भी उनके खेल के कायल हो गए हैं। वैभव की धमाकेदार पारियों के बाद सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। उन्होंने 15 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को “अद्भुत” बताया और उनकी बल्लेबाजी की तुलना करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि इस उम्र में तो लोग सामान्य खेल भी ठीक से नहीं खेल पाते, जबकि वैभव बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    बिग बी के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहां कई फैंस ने अमिताभ बच्चन की तारीफ की, वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दीं। हालांकि अमिताभ बच्चन अक्सर अपने विचारों और ट्वीट्स को लेकर चर्चा में रहते हैं, और एक बार फिर उन्होंने सुर्खियां बटोर ली हैं।

    दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन IPL 2026 में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मात्र 37 गेंदों में 103 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। इसके बाद गुजरात टाइटन्स के खिलाफ क्वालिफायर मुकाबले में भी उन्होंने 47 गेंदों में 96 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    भले ही उनकी टीम को गुजरात के खिलाफ जीत नहीं मिली, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी ने सभी का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतने बड़े मंच पर इस तरह का प्रदर्शन उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा साबित कर रहा है।

    अमिताभ बच्चन का यह रिएक्शन भी इस बात का संकेत है कि वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेट जगत ही नहीं, बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

  • Vastu Shastra Tips: घर की इन दिशाओं में करें बदलाव, जीवन में आ सकती है खुशहाली

    Vastu Shastra Tips: घर की इन दिशाओं में करें बदलाव, जीवन में आ सकती है खुशहाली


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र को भारतीय परंपरा में जीवन और घर-परिवार की ऊर्जा को संतुलित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। माना जाता है कि सही दिशा और सही व्यवस्था से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जबकि गलत दिशा में रखी वस्तुएं जीवन में बाधाएं पैदा कर सकती हैं। ऐसे में कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाकर घर के वातावरण को बेहतर बनाया जा सकता है और जीवन में तरक्की के अवसर बढ़ सकते हैं।

    वास्तु के अनुसार, घर में धन और समृद्धि से जुड़ी वस्तुओं की दिशा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि धन रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस दिशा में तिजोरी, अलमारी या कीमती वस्तुएं रखने से आर्थिक स्थिरता और समृद्धि बढ़ने की संभावना बताई जाती है। वहीं धन को पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे असंतुलन का कारण माना जाता है।

    इसके अलावा, घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ प्रतीकों और वस्तुओं का भी महत्व बताया गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा में कुबेर का प्रतीक रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, जबकि दक्षिण दिशा में लाल घोड़े की जोड़ी को शक्ति और सफलता का प्रतीक माना जाता है। ये उपाय विशेष रूप से करियर और व्यापार में प्रगति के संकेत से जोड़े जाते हैं।

    वास्तु शास्त्र में रंगों का भी महत्वपूर्ण स्थान बताया गया है। माना जाता है कि यदि घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में नीले रंग का अधिक उपयोग हो रहा है, तो यह आर्थिक प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में हल्के नारंगी या गुलाबी रंग का उपयोग सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

    इसके अलावा, घर में पौधों का भी विशेष महत्व बताया गया है। तुलसी के पौधे को अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मकता और खुशहाली बनी रहती है। रोज शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है, जिससे घर में शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार ये उपाय जीवन में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, इन्हें आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाता है, और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में व्यक्तिगत विवेक और व्यावहारिकता का ध्यान रखना जरूरी होता है।

  • झुर्रियों और पिगमेंटेशन से राहत के लिए अपनाएं ये नेचुरल नाइट स्किन केयर

    झुर्रियों और पिगमेंटेशन से राहत के लिए अपनाएं ये नेचुरल नाइट स्किन केयर


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर हमारी त्वचा पर देखने को मिलता है। धूल, मिट्टी और धूप के कारण चेहरे पर दाग-धब्बे, झुर्रियां और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स हर किसी के लिए असरदार साबित नहीं होते। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ प्राकृतिक उपायों को रात के समय अपनाकर त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है।

    रात का समय त्वचा की मरम्मत (स्किन रिपेयर) के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दौरान त्वचा खुद को रिपेयर करने की प्रक्रिया में होती है। ऐसे में अगर सही प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया जाए तो इसका असर और भी बेहतर हो सकता है।

    एलोवेरा: त्वचा के लिए प्राकृतिक वरदान
    एलोवेरा को त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन A, C और E त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा में नमी बनी रहती है और चेहरा अधिक फ्रेश और ग्लोइंग दिखने लगता है।

    एलोवेरा में मौजूद एलोइन और एलोसिन जैसे तत्व त्वचा में मेलेनिन के अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। यही कारण है कि यह पिगमेंटेशन, झाइयों और मुंहासों के निशानों को हल्का करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह नई स्किन सेल्स के निर्माण को भी बढ़ावा देता है, जिससे त्वचा समय के साथ अधिक साफ और निखरी हुई नजर आती है।

    झुर्रियों और दाग-धब्बों पर असर
    नियमित रूप से एलोवेरा लगाने से त्वचा की लोच (elasticity) बेहतर हो सकती है, जिससे झुर्रियों की समस्या में राहत मिल सकती है। यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है और ड्राईनेस को कम करता है, जो झुर्रियों का एक प्रमुख कारण होता है।

    सन डैमेज और टैनिंग में राहत
    तेज धूप और प्रदूषण के कारण होने वाली टैनिंग, रेडनेस और जलन में भी एलोवेरा काफी असरदार माना जाता है। इसकी ठंडी तासीर त्वचा को राहत देती है और जलन को कम करने में मदद करती है। नियमित उपयोग से टैनिंग धीरे-धीरे हल्की पड़ सकती है और स्किन टोन बेहतर हो सकता है।

    अगर रोजाना सोने से पहले एलोवेरा जैसे प्राकृतिक उपायों को स्किन केयर रूटीन में शामिल किया जाए, तो त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी भी गंभीर त्वचा समस्या के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है।

  • फ्यूल प्राइस हाई, गोल्ड डिमांड क्रैश: जानिए अपने शहर में पेट्रोल-डीजल और सोने का रेट

    फ्यूल प्राइस हाई, गोल्ड डिमांड क्रैश: जानिए अपने शहर में पेट्रोल-डीजल और सोने का रेट


    नई दिल्ली । देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। 30 मई 2026 को तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन पिछले दिनों हुई बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई सहित कई प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं।

    तेल कंपनियों के अनुसार, 25 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से बाजार स्थिर जरूर है, लेकिन कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरान-अमेरिका तनाव के चलते स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। तेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत की 22 रिफाइनरियां घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात भी कर रही हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि ईंधन का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाए और अनावश्यक खपत से बचा जाए।

    देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम (प्रति लीटर)
    दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 97.83 रुपये तक पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये दर्ज किया गया है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये, जबकि बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये पर बना हुआ है। पटना और जयपुर जैसे शहरों में भी कीमतें 110 रुपये के ऊपर बनी हुई हैं। वहीं पोर्ट ब्लेयर में ईंधन सबसे सस्ता दर्ज किया गया है।

    इधर, सोने के बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद बाजार में मांग तेजी से घट गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोने की मांग पिछले दो हफ्तों में लगभग 70 प्रतिशत तक गिरकर 7.5 टन रह गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह करीब 25 टन थी।

    सोने पर बढ़े टैक्स का असर ग्राहकों की खरीदारी पर साफ दिखाई दे रहा है। अब सोने पर कुल प्रभावी टैक्स 18.45 फीसदी तक पहुंच गया है, जिससे इसकी कीमतें और बढ़ गई हैं। मुंबई के स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना लगभग 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की मांग में गिरावट केवल टैक्स बढ़ने से नहीं, बल्कि मौसमी कारणों और खरीदारी पर आई गिरावट से भी जुड़ी है। महंगाई, ईंधन की ऊंची कीमतें और त्योहारों से पहले की सुस्ती भी बाजार को प्रभावित कर रही है।

  • गाजियाबाद में जघन्य वारदात: पहले बुलाया, फिर चाकू से हमला-नाबालिग की मौत से बवाल

    गाजियाबाद में जघन्य वारदात: पहले बुलाया, फिर चाकू से हमला-नाबालिग की मौत से बवाल


    उत्तर प्रदेश। गाजियाबाद जिले के खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन एक दर्दनाक और जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। 17 वर्षीय युवक सूर्या प्रताप की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सूर्या प्रताप अपने दोस्तों के साथ मौजूद था, तभी किसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के युवकों से उसका विवाद हो गया। शुरुआती कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने चाकू निकालकर सूर्या पर हमला कर दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया।

    गंभीर रूप से घायल सूर्या को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

    परिजनों ने इस मामले में कई लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। उनका कहना है कि पहले युवक को बुलाया गया और फिर उस पर जानलेवा हमला किया गया। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन:

    गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पुलिस बल तैनात किया गया।