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  • ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात

    ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की एक ब्लॉग पोस्ट ने उनके प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी थी। ब्लॉग में सर्जरी ICU और रिकवरी का जिक्र होने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं। हालांकि अब खुद अमिताभ बच्चन ने सामने आकर पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई सर्जरी नहीं हुई है और लोग उनकी बात का अर्थ गलत समझ बैठे।

    अमिताभ बच्चन ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी तबीयत को लेकर फैल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि ब्लॉग में उन्होंने सर्जरी और ICU का उल्लेख केवल एक उदाहरण के रूप में किया था। उनका उद्देश्य यह बताना था कि किसी भी व्यक्ति के लिए कठिन दौर के बाद सामान्य जीवन में लौटना सबसे चुनौतीपूर्ण समय होता है।

    उन्होंने समझाया कि जब कोई व्यक्ति सर्जरी या गंभीर बीमारी के बाद ICU से घर लौटता है तो उसके सामने शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने की बड़ी चुनौती होती है। इसी तरह जब कोई चैंपियन हार का सामना करता है तो उसके लिए भी सबसे कठिन समय वही होता है जब उसे खुद को फिर से संभालना पड़ता है। उनका कहना था कि इसी भाव को समझाने के लिए उन्होंने यह उदाहरण दिया था लेकिन लोगों ने इसे उनकी निजी स्वास्थ्य स्थिति से जोड़ लिया।

    अमिताभ बच्चन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ब्लॉग पोस्ट का संबंध उनकी सेहत से नहीं बल्कि हाल ही में हुए फीफा विश्व कप फाइनल से था। उन्होंने बताया कि वह अर्जेंटीना की हार और एक चैंपियन खिलाड़ी के रूप में लियोनेल मेसी की भावनात्मक स्थिति का जिक्र कर रहे थे। उनका उद्देश्य यह समझाना था कि हार के बाद किसी भी विजेता के लिए मानसिक रूप से खुद को संभालना कितना कठिन होता है।

    उन्होंने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से अलग करके देखा गया जिसके कारण यह गलतफहमी फैल गई कि उनकी सर्जरी हुई है या वह अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी चिंता और शुभकामनाएं उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म कल्कि 2898 एडी के सीक्वल में नजर आएंगे। इसके अलावा वह लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन की मेजबानी भी करते दिखाई देंगे। लंबे समय से सक्रिय अमिताभ बच्चन आज भी फिल्मों और टेलीविजन दोनों माध्यमों में लगातार काम कर रहे हैं।

    अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर भी संघर्षों से भरा रहा है। शुरुआती दौर में लगातार कई फिल्मों की असफलता के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ने का विचार बना लिया था। लेकिन वर्ष 1973 में आई फिल्म जंजीर ने उनके करियर की दिशा बदल दी और इसके बाद उन्होंने सफलता की ऐसी कहानी लिखी जो आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मिसाल मानी जाती है।

  • रोशनी पड़ते ही सोने सा चमकने लगता है यह अनोखा पौधा जानिए श्रीलंका की अशोक वाटिका का रहस्य और वैज्ञानिक वजह

    रोशनी पड़ते ही सोने सा चमकने लगता है यह अनोखा पौधा जानिए श्रीलंका की अशोक वाटिका का रहस्य और वैज्ञानिक वजह


    नई दिल्ली । रामायण से जुड़े स्थलों और उनसे जुड़ी कथाओं को लेकर लोगों में हमेशा गहरी आस्था और जिज्ञासा रही है। श्रीलंका का नाम आते ही रावण माता सीता और अशोक वाटिका की स्मृतियां ताजा हो जाती हैं। माना जाता है कि यही वह स्थान था जहां रावण ने माता सीता को रखा था। आज भी श्रीलंका के मध्य पर्वतीय क्षेत्र में स्थित नुवारा एलिया के आसपास कई ऐसे स्थान हैं जिन्हें स्थानीय परंपराओं में रामायण से जोड़ा जाता है। इन्हीं स्थानों में एक ऐसा दुर्लभ पौधा भी चर्चा का विषय बना हुआ है जिसकी पत्तियां प्रकाश पड़ते ही सुनहरे रंग की तरह चमकने लगती हैं।

    यह पौधा सामान्य परिस्थितियों में किसी साधारण वनस्पति जैसा ही दिखाई देता है लेकिन जैसे ही इस पर सूर्य की किरणें या तेज रोशनी पड़ती है इसकी पत्तियां सुनहरी आभा बिखेरने लगती हैं। घने जंगल या हल्के अंधेरे में इसकी चमक और अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जिससे इसे देखने वाले लोग पहली नजर में चकित रह जाते हैं। यही विशेषता इसे दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है।

    स्थानीय लोगों का विश्वास है कि यह पौधा रामायण काल की वनस्पतियों का अवशेष है और इसका संबंध अशोक वाटिका से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं से है। कई श्रद्धालु इसे दिव्य वनस्पति मानते हैं और इसकी चमक को आध्यात्मिक महत्व से जोड़ते हैं। हालांकि इन धार्मिक मान्यताओं की स्वतंत्र ऐतिहासिक या वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    दूसरी ओर वनस्पति वैज्ञानिक इस पौधे की चमक को प्राकृतिक संरचना का परिणाम मानते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी पत्तियों की सतह पर मौजूद सूक्ष्म कोशिकीय संरचना और प्राकृतिक रंजक प्रकाश को विशेष तरीके से परावर्तित करते हैं। इसी कारण सूर्य का प्रकाश पड़ने पर पत्तियां सुनहरी दिखाई देती हैं। इसे प्रकाश परावर्तन की एक प्राकृतिक प्रक्रिया माना जाता है जो कुछ अन्य दुर्लभ पौधों में भी अलग अलग रूप में देखने को मिलती है।

    श्रीलंका का यह क्षेत्र अपनी जैव विविधता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां अनेक दुर्लभ औषधीय पौधे और वनस्पतियां पाई जाती हैं जिन पर लगातार शोध किए जा रहे हैं। कई वनस्पतियां ऐसी हैं जो भारत में बहुत कम या बिल्कुल नहीं मिलतीं। यही कारण है कि दुनिया भर के शोधकर्ता यहां की वनस्पति संपदा का अध्ययन करने पहुंचते हैं।

    रामायण से जुड़े स्थलों की ऐतिहासिकता और उनसे संबंधित वनस्पतियों को लेकर अलग अलग मत हैं। आस्था रखने वाले लोग इन्हें पौराणिक इतिहास का हिस्सा मानते हैं जबकि वैज्ञानिक इनके प्राकृतिक गुणों का अध्ययन कर रहे हैं। फिलहाल इस बात का कोई प्रमाणित वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है कि यह विशेष पौधा वास्तव में रामायण काल का ही है। फिर भी इसकी अनोखी चमक और स्थानीय परंपराओं से जुड़ाव इसे बेहद रोचक और आकर्षक बनाता है।

    आस्था और विज्ञान के इस अनूठे संगम ने श्रीलंका के इस रहस्यमयी पौधे को दुनिया भर में विशेष पहचान दिलाई है। यही वजह है कि यह स्थान धार्मिक पर्यटन के साथ साथ प्रकृति और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी एक खास आकर्षण बना हुआ है।

  • छात्रों के मुद्दे पर सियासी संग्राम राहुल गांधी की रिहाई के बाद सरकार पर बड़ा हमला शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

    छात्रों के मुद्दे पर सियासी संग्राम राहुल गांधी की रिहाई के बाद सरकार पर बड़ा हमला शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज


    नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार को राजनीतिक माहौल बेहद गरम रहा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी प्रियंका गांधी सहित कई सांसदों और नेताओं को हिरासत में लिया। कुछ घंटों बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और संसद में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग दोहराई।

    रिहाई के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने सुबह लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर छात्रों के साथ हुई घटना पर संसद में चर्चा कराने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए सरकार की सहमति आवश्यक होगी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर बहस कराने में रुचि नहीं रखती इसलिए विपक्ष ने लोकतांत्रिक तरीके से प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।

    राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा संसद मार्च के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई तथा छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेना शामिल है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो ताकि छात्रों की चिंताओं का समाधान निकल सके।

    दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रिहाई के बाद कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए संसद में कानून लाने की आवश्यकता बताई।

    वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी छात्रों का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों के हित में लगातार काम कर रही है और केवल राजनीतिक बयानबाजी से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

    भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन को अनुचित बताते हुए राहुल गांधी के आचरण की आलोचना की और कहा कि विरोध प्रदर्शन की भी एक मर्यादा होती है। भाजपा का कहना है कि संसद के भीतर सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है लेकिन अराजकता फैलाने की राजनीति उचित नहीं है।

    दिनभर चले इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी प्रियंका गांधी और अन्य हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया। इसके बावजूद छात्रों के मुद्दे को लेकर राजनीतिक टकराव फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। विपक्ष लगातार संसद में चर्चा और सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है जबकि सरकार अपने रुख पर कायम है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

  • तमिलनाडुः 5 अगस्त को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करेगी TVK सरकार…6 को आएगा कृषि बजट

    तमिलनाडुः 5 अगस्त को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करेगी TVK सरकार…6 को आएगा कृषि बजट


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) में टीवीके सरकार (TVK Government) अपना पहला पूर्ण बजट (First full Budget) पेश करने जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर (JCD Prabhakar) के अनुसार, पांच अगस्त को आम बजट पेश होगा। इसके ठीक अगले दिन 6 अगस्त को अलग से कृषि बजट पेश किया जाएगा। इस विशेष कृषि बजट में किसानों के लिए लक्षित सब्सिडी और नए विकास कार्यों का पूरा खाका तैयार किया जाएगा।

    क्या होगी अलग कृषि बजट की मुख्य रणनीति?
    कृषि मंत्री आर विनोद छह अगस्त को सदन में राज्य का पृथक कृषि बजट पेश करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस बजट का पूरा ध्यान किसानों की सीधी आर्थिक मदद पर होगा। सरकार का मकसद खेती की लागत को घटाना है। इसके साथ ही कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई तकनीक और लक्षित सब्सिडी की योजना बनाई गई है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा।


    भारी कर्ज के बीच कृषि विकास के लिए पैसा कहां से आएगा?

    राज्य सरकार ने हाल ही में एक श्वेत पत्र जारी किया था। इसमें बताया गया कि तमिलनाडु पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। राज्य की कुल देनदारियां 13.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं। इतने बड़े वित्तीय संकट के बावजूद, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने साफ कर दिया है कि किसान कल्याण और जनकल्याण की योजनाएं किसी भी कीमत पर नहीं रुकेंगी। सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार रोककर बचाई गई राशि का इस्तेमाल कृषि क्षेत्र के विकास में किया जाएगा।


    कृषि बजट से जुड़ी सात अहम बातें

    छह अगस्त को पेश होगा अलग कृषि बजट।
    किसानों के लिए जरूरत के मुताबिक लक्षित सब्सिडी की तैयारी।
    सिंचाई और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फंड मिलने की संभावना।
    विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा।
    बजट पर किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
    चुनावी वादों को लागू करने की दिशा में नई योजनाओं का एलान संभव।
    आर्थिक दबाव के बावजूद किसान कल्याण योजनाएं जारी रखने का सरकार का दावा।


    मुख्यमंत्री विजय के सामने बड़ी परीक्षा

    टीवीके सरकार के लिए यह सिर्फ पहला कृषि बजट नहीं, बल्कि चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की पहली बड़ी परीक्षा भी है। सत्ता में आने से पहले जोसेफ विजय ने पिछली सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप लगाए थे। अब लोगों की नजर इस बात पर होगी कि उनकी सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद किसानों के लिए कितनी प्रभावी योजनाएं लेकर आती है।

  • गॉडजिला स्टार केली हॉटल का 18 साल की उम्र में निधन….सड़क हादसे में हुई मौत

    गॉडजिला स्टार केली हॉटल का 18 साल की उम्र में निधन….सड़क हादसे में हुई मौत


    नई दिल्ली।
    हॉलीवुड की फेमस फिल्म ‘गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग’ (‘Godzilla vs Kong’) और ‘गॉडजिला एक्स कॉन्ग: द न्यू एम्पायर’ (‘Godzilla x Kong: The New Empire’) में जिया का किरदार निभाकर दुनियाभर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस केली हॉटल (Kaylee Hottle) का 18 साल की उम्र में निधन हो गया. उनकी मौत अमेरिका के मैरीलैंड में हुए एक सड़क हादसे में हुई।

    केली के पिता जोशुआ हॉटल ने अमेरिकन साइन लैंग्वेज (ASL) में फेसबुक लाइव के जरिए उनकी मौत की जानकारी दी. बाद में उन्होंने TMZ से भी इस दुखद खबर की पुष्टि की।


    स्कूल ने भी दी मौत की पुष्टि

    केली टेक्सास स्कूल फॉर द डेफ (Texas School for the Deaf) की सीनियर स्टूडेंट थीं. स्कूल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर उनके निधन पर गहरा दुख जताया।

    स्कूल ने लिखा- हमें बेहद दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि हमारी सीनियर छात्रा केली हॉटल का मैरीलैंड के फ्रेडरिक में एक कार दुर्घटना में निधन हो गया. इस मुश्किल समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और सभी चाहने वालों के साथ हैं।

    साथ ही स्कूल ने लोगों से अपील की कि हादसे को लेकर किसी तरह की अफवाह या अटकलें न लगाएं और परिवार की निजता का सम्मान करें।


    ‘गॉडजिला’ फिल्मों से मिली थी पहचान

    केली हॉटल ने 2021 की फिल्म ‘Godzilla vs. Kong’ में जिया का किरदार निभाया था. जिया एक मूक-बधिर अनाथ बच्ची थी, जिसका किंग कॉन्ग से बेहद खास रिश्ता दिखाया गया था. बाद में वह 2024 में आई ‘Godzilla x Kong: The New Empire’ में भी इसी किरदार में नजर आईं।

    इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें सैटर्न अवॉर्ड में बेस्ट परफॉर्मेंस बाय अ यंगर एक्टर कैटेगरी में भी नामांकन मिला था।


    साइन लैंग्वेज में एक्टिंग करना था सबसे बड़ा चैलेंज

    2021 में The Daily Moth को दिए इंटरव्यू में केली ने बताया था कि उनके लिए डायलॉग याद करना मुश्किल नहीं था, लेकिन उन्हें अमेरिकन साइन लैंग्वेज (ASL) के हिसाब से संवादों को ढालना काफी चुनौतीपूर्ण था।

    उन्होंने कहा था कि कई बार डायरेक्टर-प्रोड्यूसर चाहते थे कि वह स्क्रिप्ट के शब्दों के मुताबिक साइन करें, लेकिन ASL में एक ही बात को अलग तरीके से व्यक्त किया जाता है. इसी वजह से सेट पर कुछ गलतफहमियां भी हुईं, हालांकि बाद में टीम ने उनकी बात समझ ली थी।

    केली हॉटल के अचानक निधन से हॉलीवुड और उनके फैंस को गहरा सदमा लगा है. महज 18 साल की उम्र में उन्होंने अपनी प्रतिभा से दुनिया भर के दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली थी।

  • चारधाम यात्रा में उमड़ रहा जनसैलाब…. 94 दिन में दर्शन करने वालों की संख्या 45 लाख पार

    चारधाम यात्रा में उमड़ रहा जनसैलाब…. 94 दिन में दर्शन करने वालों की संख्या 45 लाख पार


    देहरादून।
    प्रदेश में संचालित चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) इस बार भी नया रिकॉर्ड (New record) बना रही है। 94 दिन की यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं (Devotees) की संख्या 45 लाख पार हो चुकी है जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में कुल 41 लाख 47 हजार 540 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे थे। पिछले वर्ष की तुलना में 3.52 लाख यात्री अधिक पहुंचे हैं।

    अभी तक सर्वाधिक 15 लाख 27 हजार 936 श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल (Lord Badrivishal) के दर्शन को पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 12 लाख 19 हजार 744 था। इस प्रकार यहां भी श्रद्धालुओं की संख्या 03 लाख 08 हजार 192 अधिक रही है।

    प्रदेश सरकार की ओर से मानसून सीजन को देखते हुए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदा प्रबंधन पर पूरी नजर रखे हुए हैं।

    19 अप्रैल को शुरू हुई चारधाम यात्रा मंगलवार को 94 दिन पूर्ण कर चुकी है। इस अवधि में बद्रीनाथ में सर्वाधिक 15,27, 936 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं। जबकि केदारनाथ में 14,11,861, गंगोत्री में 7,03,064 और यमुनोत्री धाम में 6,47,447 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। हेमकुंड साहिब में भी यात्रियों की संख्या 2,10,896 पहुंच चुकी है।

    चारधाम यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। मौसम खराब होने के बावजूद चारों धामों में यात्रियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।
    -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

  • राम मंदिर में चंदा चुराने वालों को दुनिया की कोई चीज नहीं कर सकती शर्मिंदा : HC

    राम मंदिर में चंदा चुराने वालों को दुनिया की कोई चीज नहीं कर सकती शर्मिंदा : HC


    प्रयागराज।
    अयोध्या के राम मंदिर (Ayodhya’s Ram Mandir) में चंदे की हेराफेरी के मामले पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने बेहद सख्त टिप्पणी की है। जस्टिस अतुल श्रीधरन ने कहा है कि जो लोग राम मंदिर में चंदे की चोरी जैसी घटना से भी बेपरवाह और बेफिक्र हैं, उन्हें अब दुनिया की कोई चीज शर्मिंदा नहीं कर सकती। यही नहीं जस्टिस श्रीधरन ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने वालों को मौत की सजा देने का भी सुझाव दिया है।

    उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) के बुलडोजर एक्शन पर अपनी राय रखते हुए जस्टिस श्रीधरन ने भारत के कई संस्थानों में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की कड़े शब्दों में आलोचना की। राम मंदिर में दान की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए जस्टिस के. एस. श्रीधरन ने कहा, “राम मंदिर में दान की चोरी का मामला तो हद ही पार कर गया। अगर राम मंदिर जैसी पवित्र जगह पर हुई चोरी भी लोगों को शर्मिंदा नहीं कर सकती, तो फिर शायद कोई भी घटना उन्हें शर्मिंदा नहीं कर सकती। यह दिखाता है कि ईमानदारी का स्तर कितना गिर चुका है।”

    ‘भ्रष्टाचार हो गया है सामान्य’
    जस्टिस श्रीधरन ने कहा कि भारत के लोगों ने भ्रष्टाचार को सामान्य मान लिया है और जब तक कोई पकड़ा नहीं जाता, तब तक इसे गलत नहीं मानता। उन्होंने कहा कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की 2025 रिपोर्ट में 182 देशों की सूची में भारत 91वें स्थान पर है लेकिन यह तथ्य भी हमें शर्मिंदा नहीं करता। समाज में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताते हुए HC ने सुझाव दिया कि अगर राज्य सरकार सचमुच भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती है, तो उसे ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988’ में संशोधन कर दोषियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान करने पर विचार करना चाहिए।

    जस्टिस श्रीधरन ने चेतावनी दी कि देश में बेलगाम भ्रष्टाचार से कुछ ही लोगों के हाथों में बेहिसाब पैसा होगा। इससे अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी होगी। यह स्थिति आने वाले दिनों में देश में अशांति और असंतोष की कहानी लिख रही है। जस्टिस श्रीधरन ने ये टिप्पणियां 51 पन्नों के अपने एक फैसले में की। यह मामला सरकार के बुलडोजर एक्शन से जुड़ा था। इस मामले में अदालत के दो जजों की राय अलग-अलग थी।

    बुलडोजर जस्टिस’ की आदत?
    जस्टिस श्रीधरन ने अपने फैसले में कहा कि किसी अपराध के तुरंत बाद मकान को ढहा देना ‘बुलडोजर जस्टिस’ की आदत से पकी समाज की ‘खून की प्यास’ को शांत करने के लिए किया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बावजूद बिना किसी डर के तोड़फोड़ जारी है। इससे ऐसा लगता है, मानो ये फैसले अस्तित्व में ही नहीं हैं या राज्य को यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अवहेलना का उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    अवैध निर्माणों पर राय देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी मकान रातों-रात खड़ा नहीं हो जाता। बिल्डर को संरक्षण मिलने और रिश्वतखोरी के कारण जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं। इसका खामियाजा दशकों बाद उस आम खरीदार को भुगतना पड़ता है जिसे अचानक बेदखली का सामना करना पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी अवैध बिल्डिंगों को पानी और बिजली जैसी सरकारी सुविधाएं देकर सरकार भी इस अपराध में बराबर का भागीदार बन जाती है।

  • Chip पैकेजिंग का नया ग्लोबल हब बनेगा भारत…. सरकार ने बनाया चीन को मात देने का मेगा प्लान

    Chip पैकेजिंग का नया ग्लोबल हब बनेगा भारत…. सरकार ने बनाया चीन को मात देने का मेगा प्लान


    नई दिल्ली।
    वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन (Global Electronics Supply Chain) में चीन (China) का विकल्प बनने के लिए भारत (India) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। देश जल्द ही चिप पैकेजिंग (Chip Packaging) के वैश्विक केंद्र के तौर पर उभरेगा। निर्माताओं को भारत में चिप निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आकर्षित करने के प्रयास किए जाएंगे।

    सरकार कंपनियों को यूनिट लगाने पर पूंजीगत व्यय का 35 फीसदी तक वित्तीय सहायता देगी। पारंपरिक पैकेजिंग इकाइयों को यह सहायता 25 फीसदी तक होगी। इससे वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि केवल चिप निर्माण ही नहीं, बल्कि उनकी टेस्टिंग और पैकेजिंग भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


    नई रणनीति से यूं आएगा बदलाव

    नई रणनीति के तहत विश्व-स्तरीय अग्रणी कंपनियां जैसे इंटेल, लॉकहीड मार्टिन और एप्लाइड मैटेरियल्स ने भारत में निवेश में रुचि दिखाई है। नई पैकेजिंग और टेस्टिंग इकाइयां शुरू होने से इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर और इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे। ऑटोमोबाइल, स्मार्टफोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स के लिए भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी।

    सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में एटीएमपी यानी असेंबली, टेस्टिंग, पैकेजिंग यूनिट व ओएसएटी यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर, असेंबली टेस्ट इकाइयों को स्वीकृति मिल गई है। सेमिकॉन 2.0 के तहत कम्प्यूटिंग, मेमोरी, पावर, नेटवर्किंग व सेंसर जैसे निर्माण खंडों की पहचान की गई है। देश की पहली फैब यूनिट 2028 में शुरू होने की उम्मीद है। पहली कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट और पहली थ्री डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग सुविधा स्थापित की जा रही है। अगली पीढ़ी की पैकेजिंग तकनीक आकर्षित करने के लिए सब्सिडी की व्यवस्था की गई है, ताकि दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनियां भारत में निवेश के लिए आकर्षित हों।

  • ट्रंप का बड़ा फैसला…. जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाएगा अमेरिका

    ट्रंप का बड़ा फैसला…. जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाएगा अमेरिका


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका (America) अगस्त 2028 से विदेश से आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं (Generic medicines) पर भारी आयात शुल्क (टैरिफ) (Hefty Import Duties- Tariffs) लगाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका के भीतर कराना है। इस फैसले का असर भारत पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है।

    ट्रंप ने ट्रथु सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो साल तक टैरिफ शून्य फीसदी रहेगा। इसके बाद एक साल के लिए इसे 100 फीसदी कर दिया जाएगा। उसके बाद यह बढ़ाकर 200 फीसदी कर दिया जाएगा।


    ट्रंप ने क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो साल तक शून्य फीसदी आयात शुल्क रहेगा। इसके बाद एक साल के लिए यह 100 फीसदी होगा और उसके बाद 200 फीसदी कर दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि जेनेरिक दवाओं का उत्पादन फिर से अमेरिका में शुरू हो। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां तय समय के भीतर अमेरिका में कारखाने और जरूरी उपकरण नहीं लगाएंगे, उन्हें इस नीति के तहत दंड का सामना करना पड़ेगा।


    नई नीति में क्या बदलेगा?

    राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस नीति का मकसद अमेरिका के लोगों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि पेटेंट वाली, ब्रांडेड और नई दवाओं से जुड़ी मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वह पहले की तरह जारी रहेगी।

    भारत का अमेरिका को दवाओं का कितना निर्यात है?
    ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब अमेरिकी डॉलर की दवाओं का निर्यात किया। यह भारत के कुल वैश्विक दवा निर्यात 25.8 अरब अमेरिकी डॉलर का 36 प्रतिशत था।


    जेनेरिक दवाओं का इस्तेमाल कहां होता है?

    भारत में बनी जेनेरिक दवाएं उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, संक्रामक रोगों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों के इलाज में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाती हैं।

  • पहले शादी टालने की थी साजिश, फिर बना हत्या का प्लान; सिया-चेतन केस में जांच के नए खुलासे

    पहले शादी टालने की थी साजिश, फिर बना हत्या का प्लान; सिया-चेतन केस में जांच के नए खुलासे


    मुंबई। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने शुरुआत में हत्या की योजना नहीं बनाई थी। दोनों पहले ऐसी घटना करवाना चाहते थे जिससे केतन घायल हो जाए और शादी टल जाए। लेकिन बाद में उन्होंने इस योजना को छोड़कर हत्या की साजिश रची।

    घायल करने की योजना क्यों बदली?

    जांच अधिकारियों के अनुसार, सिया अपने परिवार की बदनामी नहीं चाहती थी और न ही वह घर छोड़कर चेतन के साथ शादी करना चाहती थी।

    ऐसे में दोनों ने पहले किसी दुर्घटना के जरिए केतन को घायल करने का विचार बनाया, ताकि विवाह टल सके। हालांकि बाद में उन्हें लगा कि इस योजना में पकड़े जाने का खतरा ज्यादा है, इसलिए उन्होंने हत्या की योजना पर काम शुरू कर दिया।

    इंटरनेट और फिल्मों से जुटाई जानकारी

    पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों ने वारदात को दुर्घटना का रूप देने के कई विकल्पों पर विचार किया। इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर सस्पेंस फिल्मों से तरीके समझने की कोशिश की और इंटरनेट पर भी काफी खोजबीन की। आखिरकार दोनों इस नतीजे पर पहुंचे कि ऊंचाई से धक्का देकर हत्या करना सबसे आसान तरीका हो सकता है।

    कई जगहों की रेकी के बाद चुना लोहागढ़ किला

    जांच में यह भी पता चला है कि लोहागढ़ किला पहली पसंद नहीं था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने लोनावला के टाइगर प्वाइंट, विसापुर किले और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों का भी निरीक्षण किया। वे एक-दूसरे को इन स्थानों की तस्वीरें भेजते रहे और आखिर में पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले को वारदात के लिए चुना। जांच एजेंसियों का मानना है कि उनकी कोशिश ऐसी जगह चुनने की थी, जहां घटना के बाद सबूत मिलना मुश्किल हो।

    रिश्ते में बाधा बना केतन

    पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे। उन्हें आशंका थी कि यदि सिया की शादी केतन अग्रवाल से हो गई तो दोनों का संबंध हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

    बाली ट्रिप ने बढ़ाई जल्दबाजी

    जांच के मुताबिक जून में प्रस्तावित बाली यात्रा नजदीक आने के साथ ही दोनों ने अपनी योजना को जल्द अंजाम देने का फैसला किया। पुलिस को संदेह है कि 14 जून को लोहागढ़ किले पर हत्या का एक प्रयास पहले भी किया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।

    18 जून को हुई थी गिरफ्तारी

    पुलिस ने 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दोनों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत लोहागढ़ किले की चट्टान से धक्का देकर केतन की हत्या कर दी। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक की पड़ताल में सुपारी देकर हत्या कराए जाने जैसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है।

    फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुणे की यरवडा केंद्रीय जेल में बंद हैं। मामले की जांच जारी है।