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  • बड़ी फ्लॉप के बावजूद अक्षय कुमार की फिल्म बनी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर

    बड़ी फ्लॉप के बावजूद अक्षय कुमार की फिल्म बनी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर


    नई दिल्ली।  अक्षय कुमार ने अपने करियर में कई हिट और कुछ फ्लॉप फिल्में भी दी हैं। आज हम आपको अक्षय की एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने वाले हैं जो फ्लॉप थी। हालांकि फ्लॉप होने के बाद भी इस फिल्म ने एक रिकॉर्ड अपने नाम किया था। वो भी कोई आम रिकॉर्ड नहीं बल्कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

    किस फिल्म ने फ्लॉप होकर बनाया रिकॉर्ड
    जिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं वो है बॉस। बॉस फिल्म में अक्षय के साथ मिथुन चक्रवर्ती, शिव पंडित, रोनित रॉय और असिन लीड रोल में थे। फिल्म फ्लॉप हुई थी बॉक्स ऑफिस पर।

    किसने बनाया पोस्टर
    अब रिकॉर्ड की बात करें तो इस फिल्म से अक्षय का एक पोस्टर बना गया था। अक्षय के फैन क्लब टीम ने स्पेशल पोस्टर बनाया था बॉस का जो दुनिया का सबसे बड़ा पोस्टर था। इस पोस्टर को बनाने में 4 महीने लग गए थे।अ

    किसको पछाड़ा था
    इससे पहले जो सबसे बड़ा पोस्टर था वो था लिटल ग्रांसडेन एयरफिल्ड, लिटल ग्रांसडेन, यूके का जो अक्टूबर 2013 में आया था। माक्रो आर्ट्स ने पोस्टर को मैन्यूफैक्चर किया था। यह वही कंपनी है जिसने माइकल जैक्सन का पोस्टर भी बनाया था।

    कितना लंबा और चौड़ा था पोस्टर
    बॉस के पोस्टर की बात करें तो ये 58.87 मीटर चौड़ा और 54.94 मीटर लंबा था। जब गिनीज के ऑफिशियल्स आए तब उन्होंने पोस्टर को नापा और फिर पता चला इस पोस्टर ने माइकल जैक्सन के पोस्टर को 15-20 पर्सेंट के मार्जन से पछाड़ा था।

    भूत बंगला में आएंगे नजर
    फिलहाल अक्षय की फिल्मों की बात करें तो वह अब भूत बंगला मूवी में नजर आने वाले हैं। यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है जिसमें अक्षय के साथ परेश रावल, तब्बू, वामिका गब्बी और राजपाल यादव लीड रोल में हैं। इस फिल्म के जरिए अक्षय, फिल्ममेकर प्रियदर्शन के साथ 14 साल बाद नजर आ रहे हैं।

    अक्षय की अपकमिंग फिल्में
    इसके अलावा अक्षय की कई फिल्में रिलीज होंगी जिसमें वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 3 और हैवान हैं। वेलकम टू द जंगल में अक्षय के साथ सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, रवीना टंडन, दिशा पाटनी समेत कई सेलेब्स हैं। वहीं हेरा फेरी 3 में वह सुनील शेट्टी और परेश रावल के साथ दिखेंगे। हैवान में सैफ और अक्षय कुमार लीड रोल में हैं। वहीं हाल ही में यह भी खबर आई कि अक्षय, गोलमाल 5 में भी नजर आएंगे। इस फिल्म में हालांकि वह विलन का किरदार निभाएंगे। वैसे हैवान में भी अक्षय का नेगेटिव ही किरदार है।

  • सोशल मीडिया के बिना भी खुशी, फिनलैंड लगातार नौवीं बार बना दुनिया का सबसे खुशहाल देश

    सोशल मीडिया के बिना भी खुशी, फिनलैंड लगातार नौवीं बार बना दुनिया का सबसे खुशहाल देश


    नई दिल्ली। दुनिया भर में युवा सोशल मीडिया के बिना भी अधिक खुश और संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। डिजिटल दुनिया के शोर और स्क्रीन टाइम से दूरी बनाने वाले 25 वर्ष से कम उम्र के युवा उन लोगों की तुलना में बेहतर जीवन स्तर का अनुभव कर रहे हैं जो घंटों सोशल मीडिया पर समय बिताते हैं।ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर की विश्व खुशहाली रिपोर्ट-2026 में बताया गया है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं की खुशहाली पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
    अमेरिका और यूरोप के कॉलेज छात्र अब निजी तौर पर मानने लगे हैं कि वे सोशल मीडिया के बिना भी अधिक शांत और संतुलित जीवन जी सकते हैं जबकि कई इसे केवल सामाजिक मजबूरी के कारण उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट में फिनलैंड लगातार नौवें वर्ष दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना। 147 देशों की रैंकिंग में भारत 116वें स्थान पर है जो 2025 की 118वीं रैंक से दो पायदान ऊपर है।

    विशेषज्ञ क्या कहते हैं

    विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में भी डिजिटल खपत और सामाजिक संबंधों के बीच असंतुलन युवाओं की खुशहाली को प्रभावित कर रहा है। जिन देशों में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध या सीमित उपयोग है वहां के युवा मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ और संतुष्ट हैं क्योंकि वे परिवार दोस्त और शारीरिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे पाते हैं।

    डिजिटल दुनिया से युवाओं का मोहभंग

    अमेरिका और अन्य देशों के कॉलेज छात्रों में सोशल मीडिया से दूरी बनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। कई छात्र महसूस करते हैं कि वे इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल केवल सामाजिक दबाव के चलते कर रहे हैं और वे ऐसी दुनिया को प्राथमिकता देंगे जहां सोशल मीडिया की आवश्यकता ही न हो।

    अमेरिका कनाडा में गिरावट

    आइसलैंड डेनमार्क स्वीडन और नॉर्वे जैसे नॉर्डिक देश शीर्ष-10 में शामिल रहे। वहीं अमेरिका कनाडा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के जीवन मूल्यांकन में पिछले एक दशक में गिरावट आई है। यह अध्ययन 140 देशों के लगभग 1 लाख लोगों के उत्तरों पर आधारित है।

    खुशहाली केवल आर्थिक समृद्धि नहीं

    रिपोर्ट में कहा गया है कि खुशहाली सिर्फ आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं करती। नॉर्डिक देशों की सफलता के पीछे मजबूत कल्याणकारी प्रणाली समानता और लंबी जीवन प्रत्याशा है। इसके विपरीत अफगानिस्तान सिएरा लियोन और मलावी जैसे देश सूची में सबसे नीचे हैं।

    फिनलैंड और कोस्टा रिका का मॉडल

    फिनलैंड (1) और कोस्टा रिका (4) में लोग तकनीक से ज्यादा सामाजिक समानता प्रकृति और आपसी सहयोग को महत्व देते हैं। ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर जान-इमैनुअल डी नेवे के अनुसार यह उनके सामाजिक जीवन की गुणवत्ता और स्थिरता के कारण है जो उन्हें खुशहाल बनाती है।

  • ईरान इजरायल तनाव से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 7,000+ अंक लुढ़का, ₹37 लाख करोड़ निवेशकों के डूबे

    ईरान इजरायल तनाव से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 7,000+ अंक लुढ़का, ₹37 लाख करोड़ निवेशकों के डूबे


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के चलते बाजार में लगातार गिरावट का माहौल बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ गई है।

    27 फरवरी से 19 मार्च के बीच सेंसेक्स करीब 7,080 अंक गिरकर 81,287 से 74,207 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 2,176 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार में घबराहट देखने को मिली।

    ₹37 लाख करोड़ का नुकसान

    मिडिल ईस्ट संकट शुरू होने के बाद से निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट आई है। कुल मिलाकर करीब ₹37 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। सिर्फ एक दिन, गुरुवार को ही लगभग ₹12.87 लाख करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक माना जा रहा है।

    महंगा कच्चा तेल बना मुख्य कारण

    कच्चे तेल की कीमतें 110 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। कंपनियों की लागत बढ़ने से उनके मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर दिख रहा है।

    वैश्विक बाजार भी दबाव में

    इस संकट का असर केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है।

    केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 3.5%–3.75% पर स्थिर रखी हैं और संकेत दिया है कि महंगाई कम होने तक राहत की उम्मीद नहीं है। बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे बाजार में लिक्विडिटी को लेकर चिंता बनी हुई है।

    20 दिनों में करीब 9% की गिरावट

    पिछले 20 दिनों में सेंसेक्स करीब 8.71% और निफ्टी लगभग 8.65% तक गिर चुके हैं। ब्रोकरेज फर्म नोमूरा के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो वित्त वर्ष 2027 में कंपनियों की कमाई 10–15% तक घट सकती है।

    कमजोर शुरुआत का रिकॉर्ड

    साल 2026 की शुरुआत भी शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रही है। 1 जनवरी से 16 मार्च के बीच सेंसेक्स 11.4% तक गिर चुका है। पिछले 47 वर्षों में यह पांचवीं सबसे खराब शुरुआत मानी जा रही है। इससे पहले 2020 कोरोना संकट और 2008 वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान इससे बड़ी गिरावट देखी गई थी। युद्ध जैसे हालात, महंगा कच्चा तेल और सख्त मौद्रिक नीतियों के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

  • IPL के 7 सितारे जो जीत में सबसे ज्यादा रन योगदान देते हैं, विराट कोहली भी सूची में शामिल

    IPL के 7 सितारे जो जीत में सबसे ज्यादा रन योगदान देते हैं, विराट कोहली भी सूची में शामिल


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का आगाज होने वाला है, इससे पहले हम आपके लिए लगातार कुछ रोचक फैक्टस और रिकॉर्ड्स की लिस्ट लेते आ रहे हैं। इस कड़ी में आज हम उन खिलाड़ियों की लिस्ट लेकर आए हैं जिन्होंने टीम की जीत में सबसे ज्यादा प्रतिशत रन बनाए हैं। इस लिस्ट में हैरान कर देने वाली बात यह है कि विराट कोहली के ऊपर 7 नाम है। जी हां, विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में सबसे अधिक 8661 रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, उनके अलावा आज तक कोई खिलाड़ी 8000 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। लिस्ट में दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम इस रंगारंग लीग में 7046 रन दर्ज है।

    टीम की जीत में सबसे ज्यादा प्रतिशत रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में हमने उन खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिन्होंने अपने आईपीएल करियर में कम से कम 5000 रन बनाए हो। तो ऐसे में 9 खिलाड़ियों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है और विराट कोहली यहां 8वें पायदान पर हैं।

    टीम की जीत में सबसे ज्यादा प्रतिशत रन बनाने का रिकॉर्ड हिटमैन रोहित शर्मा के नाम है। रोहित ने 7046 रनों में से सबसे अधिक 60.7 प्रतिशत रन अपनी टीम की जीत में बनाए हैं। रोहित मुंबई इंडियंस से पहले डेक्कन चार्जर्स के लिए खेलते थे। वहीं शिखर धवन 58.3 प्रतिशत रनों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। धवन ने अपने करियर में 6769 रन बनाए, जिसमें से 58.3 प्रतिशत रन टीम की जीत में आए।

    विराट कोहली से आगे इस लिस्ट में एमएस धोनी, सुरेश रैना, एबी डी विलियर्स जैसे खिलाड़ी हैं। कोहली से पीछे इस लिस्ट में एकमात्र खिलाड़ी केएल राहुल हैं, जो फिलहाल दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं।

    केएल राहुल ने अपने आईपीएल करियर में 5222 रन बनाए हैं, जिसमें से टीम की जीत में 50.6 प्रतिशत रन आए हैं।

    IPL में सबसे ज्यादा रन (जीते हुए मैचों में रनों का प्रतिशत)
    8661 – विराट कोहली (55.3%)

    7046 – रोहित शर्मा (60.7%)

    6769 – शिखर धवन (58.3%)

    6565 – डेविड वॉर्नर (56.5%)

    5528 – सुरेश रैना (64.4%)

    5439 – एमएस धोनी (56.1%)

    5222 – केएल राहुल (50.6%)

    5162 – एबी डी विलियर्स (57.5%)

    5032 – अजिंक्य रहाणे (55.6%)

  • नवरात्र में पीली सरसों के उपाय: कर्ज से मिलेगी राहत, होगा धन लाभ और परेशानियों से पाएं छुटकारा

    नवरात्र में पीली सरसों के उपाय: कर्ज से मिलेगी राहत, होगा धन लाभ और परेशानियों से पाएं छुटकारा


    नई दिल्ली। मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान की गई पूजा-अर्चना से देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही यह समय जीवन की विभिन्न समस्याओं से राहत पाने के लिए भी शुभ माना जाता है। आर्थिक तंगी, बीमारियों और कर्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए नवरात्र में पीली सरसों से जुड़े कुछ उपाय किए जा सकते हैं। ज्योतिष और लाल किताब में पीली सरसों के कई प्रभावी उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को अधिक फलदायी बनाने के लिए इन्हें नवरात्र समाप्त होने से पहले, यानी 27 मार्च 2026 तक कर लेना बेहतर माना गया है।

    पीली सरसों के खास उपाय

    घर की नकारात्मकता दूर करने के लिए यदि घर में तनाव, कलह या आर्थिक परेशानी बनी रहती है, तो नवरात्र के दौरान थोड़ी पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर पोटली बना लें और उसे मुख्य द्वार पर टांग दें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती।

    आर्थिक समस्याओं से राहत के लिए

    अगर मेहनत के बावजूद धन की वृद्धि नहीं हो रही है, तो रात के समय एक मुट्ठी पीली सरसों को सिर से सात बार उतारकर किसी सुनसान चौराहे या बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे धन प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

    कर्ज मुक्ति के लिए उपाय

    कर्ज से परेशान लोगों को नवरात्र में पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रखनी चाहिए। इसके साथ मां लक्ष्मी से प्रार्थना करने से लाभ मिलने की मान्यता है।

    पूजा का पूर्ण फल पाने के लिए

    नवरात्र की पूजा के दौरान एक चांदी की कटोरी में पीली सरसों रखकर उसे माता के चरणों में अर्पित करें। ऐसा करने से साधना पूर्ण मानी जाती है और देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    नौकरी और व्यापार में तरक्की के लिए

    यदि नौकरी या व्यापार में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो नवरात्र या मंगलवार और रविवार के दिन पीली सरसों को सिर से सात बार उतारकर घर के बाहर दक्षिण दिशा में या चौराहे पर डाल दें। इससे करियर में आ रही बाधाएं दूर होने की मान्यता है। इन उपायों को करते समय मन में श्रद्धा रखना जरूरी है और ॐ दुं दुर्गायै नमः मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। इससे उपायों का प्रभाव और बढ़ जाता है।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय आधार पर दी गई है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं

  • बांग्लादेश से यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते…. अगले महीने भारत आएंगे विदेश मंत्री रहमान

    बांग्लादेश से यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते…. अगले महीने भारत आएंगे विदेश मंत्री रहमान


    नई दिल्ली।
    बांग्लादेश (Bangladesh) में मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का शासन खत्म होने ही भारत बांग्लादेश (India-Bangladesh) के रिश्ते पटरी पर लौटने लगे हैं। इसकी शुरुआत बांग्लादेश के विदेश मंत्री (Foreign Minister) की भारत यात्रा से हो सकती है। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (Foreign Minister Khalilur Rahman) अगले महीने भारतीय राजधानी की एक संक्षिप्त यात्रा पर आ सकते हैं। यह इसीलिए अहम है क्योंकि ढाका में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा होगी।

    यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों ही देश संबंधों में आए भारी तनाव के बाद रिश्तों को दोबारा मजबूत बनाने की कोशिशें कर रही हैं। सूत्रों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि रहमान 8 अप्रैल को मॉरीशस में होने वाले हिंद महासागर सम्मेलन में जाते समय नई दिल्ली में रुक सकते हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि रहमान यूनुस सरकार का भी हिस्सा रह चुके हैं और वे तब पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Prime Minister Tariq Rahman) के मंत्रिमंडल में उनका नाम काफी चौंकाने वाला कदम था।

    इससे पहले भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने पिछले महीने ढाका में रहमान से मुलाकात की थी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से उन्हें जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण दिया था। हालांकि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा के बारे में ढाका की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों का मानना है कि इस बात की संभावना कम है कि तारिक रहमान पहले दौरे पर भारत या चीन जाएंगे।

    इसकी वजह यह है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार ने यह संकेत दिए हैं कि उसकी विदेश नीति किसी भी क्षेत्रीय शक्ति के पक्ष में नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेशी प्रधानमंत्री भूटान या मालदीव की यात्रा कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया, “प्रधानमंत्री रहमान इस क्षेत्र के भीतर मजबूत संबंध बनाना चाहते हैं और उन क्षेत्रीय नेताओं के प्रति अपना आभार भी व्यक्त करना चाहते हैं जो उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।”

  • पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस से भी LPG खरीदेगा भारत… सरकार ने दिए संकेत

    पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस से भी LPG खरीदेगा भारत… सरकार ने दिए संकेत


    नई दिल्ली।
    ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US war) के बीच पूरी दुनिया में कच्चे तेल (Crude Oil) का संकट पैदा होने लगा है। एलपीजी (LPG) की भी दिक्कतें आने लगी हैं। इस बीच, एलपीजी को लेकर भारत सरकार (Government of India) ने गुरुवार को बड़े संकेत दिए हैं। विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा गया कि क्या भारत रूस से एलपीजी खरीद रहा है, इस पर सरकार ने कहा कि अगर रूस में उपलब्ध होगी, तो वहां से खरीदी जाएगी।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या हम रूस से एलपीजी खरीद रहे हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया, ”एलपीजी हम सभी जगह से खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जहां वह उपलब्ध है। अगर उसमें रूस भी होगा, तो वहां भी जाएंगे, क्योंकि स्थिति अभी इस प्रकार की है। हमें सुनिश्चित करना है कि हमारे लोगों का ईंधन की जरूरतें हैं, वह पूरा हो। कई देश हैं, जहां से एलपीजी खरीद रहे हैं। अभी इन देशों का ब्योरा नहीं है, यह सब पेट्रोलियम मंत्रालय ज्यादा जानकारी देगा, लेकिन हम चाहते हैं कि विकल्प हमारे पास कई हों।”


    ‘तेल और गैस के कुंओं तथा रिफाइनरियों पर हमले चिंताजनक’

    भारत ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के कुंओं तथा तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अत्यंत चिंताजनक बताया है। सरकार ने कहा है कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और हमले तुरंत रोके जाने चाहिए। पिछले कुछ दिनों में ईरान-अमेरिका जंग और भीषण हुई है। ईरान ने कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों के कई तेल कुओं और रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। अमेरिका-इजरायल ने भी ईरानी तेल सुविधाओं पर हमले किए हैं।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमलों के संबंध में मीडिया के प्रश्नों के उत्तर में गुरुवार को कहा कि भारत ने यह संघर्ष शुरू होने पर ही कहा था कि नागरिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा ,” भारत ने पहले ही पूरे क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना सहित नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था। इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और ये पूरे विश्व के पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अस्थिर करते हैं। ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।”

  • देश में 11% तक बढ़े बोतलबंद पानी के दाम… ईरान युद्ध के कारण प्लास्टिक महंगा होने से बढ़ी लागत

    देश में 11% तक बढ़े बोतलबंद पानी के दाम… ईरान युद्ध के कारण प्लास्टिक महंगा होने से बढ़ी लागत


    नई दिल्ली।
    ईरान युद्ध (Iran War ) के चलते देश में बोतलबंद पानी (Bottled Water ) की कीमत (Price) में 11 फीसदी की वृद्धि हुई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि प्लास्टिक की बोतलों (Plastic Bottles) और ढक्कनों के दाम बढ़ गए हैं। 140 करोड़ की आबादी वाले इस देश में स्वच्छ जल एक विशेषाधिकार है, क्योंकि शोधकर्ताओं का कहना है कि 70 फीसदी भूजल दूषित है। बिसलेरी, कोका-कोला, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पेप्सी और टाटा सभी पांच अरब डॉलर के बाजार में हिस्सेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों से पॉलिमर की लागत बढ़ रही है, जो उद्योग की प्लास्टिक की बोतलों के लिए एक प्रमुख सामग्री है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।

    बोतलबंद पानी के बाजार के एक तिहाई हिस्से पर कब्जा करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बिसलेरी ने कीमतों में 11 फीसदी वृद्धि की है। एक लीटर पानी की 12 बोतलों के एक बॉक्स की कीमत अब 240 रुपये होगी, जबकि पहले यह 216 रुपये थी। बिसलेरी के सीईओ एंजेलो जॉर्ज ने कहा, पैकेजिंग सामग्री की लागत में भारी वृद्धि के कारण पैकेटबंद पेयजल की कीमत 20 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। पिछले पखवाड़े में पैकेजिंग सामग्री की लागत में 70 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है।

    साथ ही, मौजूदा स्थिति किसी के नियंत्रण से बाहर है। पार्ले एग्रो ने भी अपने बैली बोतलबंद पानी ब्रांड की कीमत में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी की है। क्लियर प्रीमियम वाटर के सीईओ नयन शाह ने कहा कि इन युद्ध की घटनाओं के कारण कंपनी ने बोतलबंद पानी की खुदरा कीमतों में 8 से 11 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

    बोतलों के निर्माण सामग्री की लागत 50 फीसदी बढ़ी
    तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से प्लास्टिक की बोतलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत 50 फीसदी बढ़कर 170 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। ढक्कनों की कीमत दोगुनी से भी अधिक बढ़कर 0.45 रुपये प्रति पीस हो गई है। नालीदार बक्से, लेबल और चिपकने वाली टेप भी महंगी हो गई हैं। इस मूल्य वृद्धि से सरकार की ओर से सितंबर में किए गए कर सुधारों का लाभ उलट गया है, जब बोतलबंद पानी पर टैक्स 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था। इससे कई कंपनियों को दाम घटाने के लिए प्रोत्साहन मिला था।

  • RSP नेता बालेंद्र शाह होंगे नेपाल के नए PM, 27 मार्च को लेंगे पद की शपथ….

    RSP नेता बालेंद्र शाह होंगे नेपाल के नए PM, 27 मार्च को लेंगे पद की शपथ….


    काठमांडो।
    नेपाल (Nepal) में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) (Rashtriya Swatantra Party (RSP)) के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह (Balendra Shah) 27 मार्च को प्रधानमंत्री (Prime Minister) पद की शपथ लेंगे। एक दिन पहले सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

    आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने, वरिष्ठ नेता शाह तथा उपाध्यक्ष द्वय डीपी अर्याल और स्वर्णिम वाग्ले के बीच हुई बैठक में शपथ की तारीख तय की गई। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पीएम पद की शपथ से पहले 26 मार्च को संघीय संसद सचिवालय ने 26 मार्च को दोपहर 2 बजे सांसदों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय है। इसके तुरंत बाद आरएसपी सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।


    अस्थायी हॉल में होगा शपथ ग्रहण

    संघीय संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी के अनुसार सिंहदरबार परिसर के भीतर निर्माणाधीन नए संसद भवन के पूरी तरह तैयार न होने के कारण शपथ ग्रहण समारोह अस्थायी हॉल में होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर माइक्रोफोन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की स्थापना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।


    नेपाल निर्वाचन आयोग राष्ट्रपति पौडेल को आज सौंपेगा अंतिम चुनाव नतीजे

    नेपाल के निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वह शुक्रवार दोपहर को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को चुनाव के अंतिम नतीजे पेश करेगा। प्रतिनिधि सभा के चुनाव पांच मार्च, 2026 को हुए, जिसमें 275 सदस्यीय निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) के लिए मतदान हुआ। निचले सदन में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को 182 सीटें, नेपाली कांग्रेस को 38 सीटें, सीपीएन-यूएमएल को 25, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को 17, श्रम संस्कृति पार्टी को सात और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी को पांच सीटें मिली हैं।

    निचले सदन के 275 सदस्यों में से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान द्वारा और 110 सदस्य आनुपातिक मतदान द्वारा चुने जाते हैं। आरएसपी ने साधारण बहुमत यानी 138 सीटों से अधिक सीटें हासिल कर ली हैं। पार्टी को दो-तिहाई बहुमत से के लिए केवल दो सीटों की जरूरत है। राष्ट्रपति नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करेंगे।


    हार के बाद गगन थापा का कांग्रेस सभापति पद से इस्तीफा

    नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन कुमार थापा ने प्रतिनिधि सभा चुनाव में पार्टी की करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा को सौंपा। थापा इसी वर्ष 15 जनवरी को विशेष महाधिवेशन के जरिये सभापति निर्वाचित हुए थे। 5 मार्च को हुए चुनावों में कांग्रेस ने बदला कांग्रेस, बदलेगा देश के नारे के साथ थापा को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

    हालांकि, पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। खुद गगन थापा भी सर्लाही-4 सीट से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार अमरेश कुमार सिंह से चुनाव हार गए। इस हार के बाद पार्टी के भीतर शेरबहादुर देउवा गुट लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा था। पार्टी विधान के अनुसार, थापा का इस्तीफा शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में पेश किया जाएगा।

  • ईरान के हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% खत्म… 20 अरब डॉलर का नुकसान

    ईरान के हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% खत्म… 20 अरब डॉलर का नुकसान


    दोहा।
    कतर के गैस प्लांट (Qatar’s Gas Plant) पर हुए हालिया ईरानी हमलों (Iranian attacks) ने देश की तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG निर्यात क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस हमले के कारण कतर की 17 प्रतिशत एलएनजी निर्यात क्षमता (LNG Export Capacity) तबाह हो गई है, जिससे उत्पादन अगले पांच वर्षों तक ठप रहने की आशंका है। देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी के अनुसार, इन हमलों से सालाना लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।


    वैश्विक गैस संकट बढ़ेगा

    इस नुकसान ने यूरोप और एशिया भर में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सीधा और गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। यह हमला खाड़ी देशों के तेल और गैस संयंत्रों पर हमलों की एक अभूतपूर्व श्रृंखला का हिस्सा है। ईरान ने यह कदम तब उठाया जब इजरायल ने उसके (ईरान के) गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था।


    बुनियादी ढांचे को हुआ भारी नुकसान

    हमलों में कतर की प्रमुख गैस सुविधाओं को सटीक रूप से निशाना बनाया गया। कतर की 14 ‘एलएनजी ट्रेनों’ में से दो पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसकी दो गैस-टू-लिक्विड (GTL) सुविधाओं में से एक को निशाना बनाया गया है। अल-काबी ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे को हुए इस भारी नुकसान की मरम्मत करने और प्रति वर्ष 12.8 मिलियन टन एलएनजी क्षमता को फिर से बहाल करने में कम से कम तीन से पांच साल का समय लगेगा।

    साद अल-काबी ने हमले के समय और इसके स्रोत (ईरान) पर गहरी निराशा और अविश्वास व्यक्त किया। उन्होंने इस हमले के क्षेत्रीय निहितार्थों की ओर इशारा करते हुए कहा: मैंने अपने सबसे बुरे सपनों में भी नहीं सोचा था कि कतर और इस क्षेत्र पर इस तरह का हमला होगा, खासकर रमजान के पवित्र महीने में एक भाईचारे वाले मुस्लिम देश द्वारा हम पर इस तरह से हमला किया जाएगा।


    सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट पर ‘फोर्स मेजर’ का संकट

    इस भारी व्यवधान ने सरकारी स्वामित्व वाली कतरएनर्जी को इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन को होने वाली एलएनजी आपूर्ति के दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट पर ‘फोर्स मेजर’ घोषित करने पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। यहां ‘फोर्स मेजर’ का मतलब अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण अनुबंध पूरा न कर पाने से है। अल-काबी ने बताया कि छोटी अवधि के लिए ‘फोर्स मेजर’ पहले ही घोषित किए जा चुके थे, लेकिन बुनियादी ढांचे के नुकसान की गंभीरता को देखते हुए अब इसे लंबी अवधि के लिए लागू करना पड़ेगा।


    साझेदारों और अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव

    इस हमले का असर केवल कतर तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी निवेशकों और गैस के अन्य उप-उत्पादों पर भी पड़ा है।

    एक्सॉनमोबिल का नुकसान: अमेरिकी तेल दिग्गज कंपनी एक्सॉनमोबिल प्रभावित बुनियादी ढांचे में एक प्रमुख भागीदार है। इसकी एलएनजी ट्रेन S4 में 34 प्रतिशत और ट्रेन S6 में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

    अन्य निर्यातों में भारी गिरावट: एलएनजी क्षेत्र के अलावा, कतर के कंडेनसेट निर्यात में 24 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। वहीं, तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के उत्पादन में 13 प्रतिशत, हीलियम के उत्पादन में 14 प्रतिशत, और नेफ्था व सल्फर दोनों के उत्पादन में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

    क्षतिग्रस्त इकाइयों के निर्माण की लागत पर बात करते हुए अल-काबी ने अनुमान लगाया कि इन्हें बनाने में लगभग 26 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च आया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरम्मत और उत्पादन का काम तभी फिर से शुरू हो सकता है जब यह युद्ध और संघर्ष पूरी तरह से समाप्त हो जाए।


    प्राकृतिक गैस की कीमतों में उछाल; ब्रेंट क्रूड 116.38 डॉलर

    ईरान के कतर में एक प्रमुख प्राकृतिक गैस सुविधा और दो तेल रिफाइनरी पर हमले के बाद वैश्विक बाजार में तेल एवं प्राकृतिक गैस की कीमतों में बृहस्पतिवार को तेज उछाल आया। कतर की यह गैस सुविधा दुनिया की करीब पांचवें हिस्से की गैस की आपूर्ति करती है। इन हमलों से यह आशंका बढ़ गई है कि टैंकर यातायात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उत्पन्न ऊर्जा संकट अपेक्षा से अधिक लंबा एवं व्यापक हो सकता है जिससे तेल एवं गैस उत्पादन को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 116.38 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो युद्ध से पहले 73 डॉलर प्रति बैरल से कम थी। प्राकृतिक गैस की कीमतों के यूरोपीय टीटीएफ मानक में बृहस्पतिवार को 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।