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  • वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 77,500 के नीचे बंद, लार्जकैप शेयरों में बढ़ी बिकवाली

    वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 77,500 के नीचे बंद, लार्जकैप शेयरों में बढ़ी बिकवाली

    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से जारी संदेशों में उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सक्रिय सार्वजनिक जीवन की कामना की गई। जन्मदिन के मौके पर नेताओं के शुभकामना संदेशों ने लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शिष्टाचार की भावना को भी रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ईश्वर उन्हें स्वस्थ और लंबा जीवन प्रदान करें। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने-अपने स्तर पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजते हुए स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं की ओर से आए इन संदेशों को राजनीतिक सौहार्द का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

    कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पार्टी नेताओं ने उनके लंबे राजनीतिक जीवन, संगठनात्मक क्षमता और सामाजिक न्याय, संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस सहित पार्टी की विभिन्न प्रदेश इकाइयों ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। संदेशों में उनके सार्वजनिक जीवन के लंबे अनुभव, संगठन निर्माण में योगदान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया गया। साथ ही उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई।

    समाजवादी पार्टी ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की कामना की। विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेशों ने यह भी दर्शाया कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का निर्वहन भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण परंपरा का हिस्सा है।

    मल्लिकार्जुन खरगे भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने लंबे समय तक संगठन और संसदीय राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और संसदीय कार्यशैली को राष्ट्रीय राजनीति में विशेष महत्व दिया जाता है।

    जन्मदिन के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया। कई स्थानों पर रक्तदान शिविर, पौधारोपण, जरूरतमंदों की सहायता और अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

  • उज्जैन के फ्रीगंज में आधी रात धधकी ड्राई फ्रूट्स की दुकान, तीन दमकलों ने आधे घंटे में पाया काबू

    उज्जैन के फ्रीगंज में आधी रात धधकी ड्राई फ्रूट्स की दुकान, तीन दमकलों ने आधे घंटे में पाया काबू


    उज्जैन । उज्जैन के व्यस्त फ्रीगंज क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ड्राई फ्रूट्स और किराना सामान की दुकान में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। रात के सन्नाटे में उठती लपटों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और बड़ी दुर्घटना होने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात क्षेत्र से गुजर रहे एक दमकलकर्मी की नजर दुकान से निकल रहे धुएं और आग की लपटों पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां और एक पानी का टैंकर घटनास्थल पर पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।

    दमकल विभाग की सतर्कता के कारण आग आसपास की दुकानों तक नहीं फैल सकी। जिस दुकान में आग लगी थी, उसके आसपास कपड़े और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान मौजूद थे। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था और करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका थी। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि फायर विभाग और संबंधित अधिकारी मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। आग से दुकान में हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ड्राई फ्रूट्स और किराना सामान होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे दुकान के अंदर रखा काफी सामान प्रभावित हुआ।

    फ्रीगंज क्षेत्र में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले सितंबर 2025 में घनालाल की चाल स्थित एक सूने मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लगी थी। उस हादसे में करीब आठ लाख रुपये नकद, जेवर और घरेलू सामान जलकर राख हो गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि दुकानों और व्यावसायिक परिसरों में नियमित रूप से विद्युत वायरिंग की जांच, ओवरलोडिंग से बचाव और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फायर विभाग ने भी व्यापारियों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपने बिजली के उपकरणों और वायरिंग की जांच कराएं तथा सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी के कान में कही मनोकामना; भस्म आरती में शामिल हुए ओडिशा के मंत्री

    बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी के कान में कही मनोकामना; भस्म आरती में शामिल हुए ओडिशा के मंत्री


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार देर रात आस्था और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन भगवान महाकाल के दरबार पहुंचे और रात्रिकालीन शयन आरती में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा महाकाल से देश-दुनिया की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं मंगलवार तड़के ओडिशा सरकार के राज्य मंत्री गोकुला नंदा ने भी प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

    कार्तिक आर्यन साधारण वेशभूषा में नीली जींस और सफेद शर्ट पहनकर महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने नंदी हॉल में श्रद्धाभाव से हाथ जोड़कर शयन आरती में हिस्सा लिया। पूरे समय अभिनेता पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ आरती में शामिल रहे। आरती के बाद उन्होंने परंपरा के अनुसार नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कही और भगवान महाकाल के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    जैसे ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की नजर कार्तिक आर्यन पर पड़ी, उन्हें देखने और उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साह बढ़ गया। हालांकि अभिनेता ने पूरी सादगी और शांत भाव से दर्शन किए तथा किसी तरह की औपचारिकता के बिना मंदिर से रवाना हो गए। उनकी मौजूदगी से मंदिर परिसर में कुछ देर तक खासा उत्साह बना रहा।

    कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों को लेकर भी चर्चा में हैं। उनकी आने वाली फिल्मों में फैंटेसी कॉमेडी ‘नागजिला’, एक देशभक्ति आधारित एक्शन ड्रामा और निर्देशक कबीर खान की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म शामिल है। ‘चंदू चैंपियन’ के बाद यह उनकी अगली स्पोर्ट्स फिल्म होगी, जिसका प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है।

    इधर मंगलवार तड़के ओडिशा सरकार के मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गोकुला नंदा भी महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की और देश तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।

    दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से इंजीनियर शिवकांत पांडे ने राज्य मंत्री का सम्मान किया। उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद और सम्मान स्वरूप स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।

    श्रावण मास के दौरान महाकाल मंदिर में देशभर से श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, कलाकार और खिलाड़ी बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार रात अभिनेता कार्तिक आर्यन और मंगलवार सुबह ओडिशा के राज्य मंत्री की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण पैदा किया। महाकाल मंदिर में इन दिनों भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का माहौल चरम पर है।

  • बाबा महाकाल को चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम, 2.70 लाख रुपए किलो वाला मियाज़ाकी भी भोग में शामिल

    बाबा महाकाल को चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम, 2.70 लाख रुपए किलो वाला मियाज़ाकी भी भोग में शामिल


    उज्जैन । श्रावण मास में उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का एक अनोखा और आकर्षक दृश्य देखने को मिला। जबलपुर निवासी एवं महाकाल हाइब्रिड फार्म के संचालक संकल्प सिंह परिहार अपनी पत्नी रानी सिंह परिहार के साथ बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे और उन्होंने भगवान को दुनिया की सबसे दुर्लभ तथा महंगी किस्मों के आम भोग स्वरूप अर्पित किए। इस बार भोग में कुल आठ विदेशी और प्रीमियम वैरायटी के आम शामिल रहे, जिनमें जापान का चर्चित मियाज़ाकी आम सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना।

    संकल्प सिंह परिहार और उनकी पत्नी ने विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना करने के बाद लगभग पांच किलोग्राम वजन के आठ अलग-अलग प्रीमियम आम अर्पित किए। श्रद्धालुओं के अनुसार यह परंपरा पिछले 12 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। वर्ष 2014 से वे अपने बगीचे की पहली और सबसे श्रेष्ठ उपज सबसे पहले बाबा महाकाल को समर्पित करते हैं। उनका मानना है कि उनके 12 एकड़ में फैले महाकाल हाइब्रिड फार्म की सफलता बाबा महाकाल के आशीर्वाद का ही परिणाम है।

    इस बार चढ़ाए गए आमों में सबसे खास जापान के मियाज़ाकी प्रांत में उगाई जाने वाली प्रसिद्ध किस्म मियाज़ाकी रही। इसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.70 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है। यह आम अपने गहरे लाल रंग, बेहतरीन मिठास, सुगंध और पोषण गुणों के कारण पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय है। इसमें सामान्य आमों की तुलना में अधिक प्राकृतिक शर्करा, एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड पाया जाता है, जो इसे बेहद खास बनाता है।

    मियाज़ाकी के अलावा भोग में ऑस्ट्रेलिया की R2E2, अमेरिका, मलेशिया और भारत की प्रीमियम किस्मों के आम भी शामिल रहे। इनमें भारत की लोकप्रिय मल्लिका वैरायटी भी प्रमुख रही। सभी आमों का चयन विशेष रूप से उनके स्वाद, गुणवत्ता और दुर्लभता को ध्यान में रखकर किया गया।

    रानी सिंह परिहार ने बताया कि उनके लिए यह केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गहरी आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके फार्म का नाम भी महाकाल हाइब्रिड फार्म है और वे बाबा महाकाल को ही अपने बगीचे का वास्तविक स्वामी मानते हैं। इसी कारण हर वर्ष श्रावण मास में पहली और सबसे अच्छी फसल भगवान को अर्पित की जाती है। उनका विश्वास है कि महाकाल के आशीर्वाद से ही उनका बगीचा निरंतर प्रगति कर रहा है।

    श्रावण मास में बाबा महाकाल के दरबार में देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार विशेष भेंट लेकर पहुंचते हैं। इस बार दुनिया के सबसे महंगे आमों का भोग चर्चा का विषय बन गया। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने भी इस अनोखी भेंट को आस्था और भक्ति का प्रतीक बताया।

    श्रावण के पावन अवसर पर महाकाल के चरणों में समर्पित यह विशेष भोग एक बार फिर यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा में भेंट का मूल्य नहीं, बल्कि भाव का महत्व सबसे बड़ा होता है।

  • सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या

    सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 38 वर्षीय महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना शुक्रवारिया हाट क्षेत्र की है। महिला ने सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजा, मंदिर में पूजा-अर्चना की और घर लौटने के कुछ समय बाद यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और सनसनी का माहौल बन गया। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

    मृतका की पहचान रिंकी पडियार (38) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह घर का माहौल सामान्य था। रिंकी ने रोज की तरह अपने बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार किया और उन्हें ऑटो तक छोड़कर आईं। उस समय उनके पति मनोज पडियार सुबह की सैर पर गए हुए थे।

    स्थानीय पार्षद बाली घोषी के मुताबिक बच्चों को स्कूल भेजने के बाद रिंकी पास के मंदिर में दर्शन और पूजा करने गई थीं। पूजा के बाद वह घर लौटीं, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    जब पति मनोज पडियार सुबह घर लौटे तो उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रिंकी फंदे पर लटकी हुई थीं। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है।

    कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। सुबह तक सामान्य दिनचर्या निभाने वाली महिला के अचानक इस तरह आत्महत्या करने से परिवार और पड़ोसी भी सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

  • गमी में गया परिवार, पीछे से चोरों ने साफ किया घर; देवास में लाखों की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ

    गमी में गया परिवार, पीछे से चोरों ने साफ किया घर; देवास में लाखों की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ

    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में चोरों ने एक बार फिर सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शहर के अलकापुरी क्षेत्र में रहने वाला एक परिवार रिश्तेदारी में गमी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर गया था। इसी दौरान बदमाशों ने मकान का ताला तोड़कर घर में रखी सोने की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। मंगलवार सुबह पड़ोसियों की सूचना पर चोरी का खुलासा हुआ, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार, मकान मालिक चेतनपुरी गोस्वामी 17 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी में आयोजित शोक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गए थे। घर कई दिनों तक बंद रहने का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला देखा तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तत्काल मकान मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी।

    सूचना मिलने पर चेतनपुरी गोस्वामी के भाई मनीष गोस्वामी सबसे पहले मौके पर पहुंचे। घर के अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। पूरे मकान का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और अलमारी के ताले टूटे हुए थे। अलमारी में रखे मंगलसूत्र समेत कई सोने के आभूषण और नकदी गायब थी। मनीष गोस्वामी ने वीडियो कॉल के माध्यम से चेतनपुरी गोस्वामी को घर की स्थिति दिखाई, जिसके बाद चोरी की पुष्टि हुई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बदमाश लाखों रुपये मूल्य की ज्वेलरी और नकदी लेकर फरार हुए हैं। हालांकि चोरी की वास्तविक राशि और सामान का सही आकलन मकान मालिक के लौटने के बाद ही हो सकेगा। चेतनपुरी गोस्वामी का शहर में व्यवसाय है और फिलहाल वे परिवार के साथ बाहर होने के कारण विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने घर से साक्ष्य जुटाए और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी गए सामान की विस्तृत सूची मिलने के बाद प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए आसपास के संदिग्धों और हाल के दिनों में सक्रिय चोरी के गिरोहों की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि लंबे समय के लिए घर से बाहर जा रहे हों तो इसकी जानकारी विश्वसनीय पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस को दें तथा घरों में सीसीटीवी कैमरे और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।

  • दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर बॉलीवुड की तीखी प्रतिक्रिया, लाठीचार्ज के बाद सोनू सूद, हुमा कुरैशी और अनुराग कश्यप समेत कई सितारों ने उठाए सवाल

    दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर बॉलीवुड की तीखी प्रतिक्रिया, लाठीचार्ज के बाद सोनू सूद, हुमा कुरैशी और अनुराग कश्यप समेत कई सितारों ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली । दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज को लेकर बॉलीवुड के कई कलाकारों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों के बाद अभिनेता, अभिनेत्री और फिल्म निर्माताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी राय साझा करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद, संयम और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। कई कलाकारों ने कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालना अधिक उचित है।

    प्रदर्शन के बाद अभिनेता आयुष शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक मजबूती केवल चुनावों तक सीमित नहीं होती, बल्कि नागरिकों की बात सुनने और उनकी चिंताओं को समझने में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छात्रों सहित हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है। उनके अनुसार, यदि अंततः छात्रों की मांगों पर विचार किया जाना था तो शुरुआत से ही संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी मांग रखने के दौरान छात्रों को आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसी परिस्थितियों का सामना करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

    अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान सामने आई तस्वीरें लंबे समय तक लोगों की स्मृति में बनी रहेंगी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों को धैर्य, बातचीत और परस्पर विश्वास के जरिए सुलझाया जा सकता है। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों और नागरिकों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति को सम्मानपूर्वक सुनना आवश्यक है।

    अभिनेता सोनू सूद ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के छात्रों को कठोर कार्रवाई नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास की आवश्यकता है। वहीं अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा से नहीं निकल सकता। उन्होंने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और संवाद की संस्कृति लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। उनके अनुसार, किसी भी आंदोलन का उद्देश्य सकारात्मक बदलाव होना चाहिए और सभी पक्षों को संयम बनाए रखना चाहिए।

    फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि कार्रवाई की प्रकृति और उसके प्रभाव पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने अपने संदेश में पुलिस की भूमिका और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक समाज में जवाबदेही और संवेदनशीलता दोनों का समान महत्व है।

    दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर झड़पें भी हुईं। दूसरी ओर प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का प्रयास किया जा रहा था और बल प्रयोग से बचा जा सकता था।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर लोकतांत्रिक विरोध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है। राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के साथ-साथ फिल्म जगत की ओर से आई टिप्पणियों ने भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि छात्रों की मांगों और पूरे घटनाक्रम पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

  • जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रिया, छात्रों की आवाज सुनने और शांतिपूर्ण समाधान की अपील तेज

    जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रिया, छात्रों की आवाज सुनने और शांतिपूर्ण समाधान की अपील तेज

    नई दिल्ली । दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग की खबरों के बाद बॉलीवुड के कई कलाकार छात्रों के समर्थन में सामने आए हैं। अभिनेत्री पूजा भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी और जेनेलिया देशमुख सहित कई फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों की बात सुने जाने और उनकी चिंताओं का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया। कलाकारों की इन प्रतिक्रियाओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सार्वजनिक चर्चा को और तेज कर दिया है।

    प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया जब संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान कथित तौर पर आंसू गैस और अन्य भीड़ नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल किए जाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस घटनाक्रम पर अपनी राय व्यक्त की। फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों ने भी छात्रों के पक्ष में संवेदनशीलता और संवाद की जरूरत पर बल देते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।

    अभिनेत्री पूजा भट्ट ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि जब छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की घटनाएं सामने आती हैं तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि विरोध की आवाज को दबाने के बजाय उसकी बात सुनना अधिक जरूरी है। उनका मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति को सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए और समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से तलाशा जाना चाहिए।

    अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर संक्षिप्त लेकिन भावनात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि इस दिन ने केवल लोगों को शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि पूरे देश को भावनात्मक रूप से भी प्रभावित किया है। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई और कई लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी।

    अदिति राव हैदरी ने इस विषय पर विस्तृत संदेश साझा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सबसे पहले इंसानियत और संवेदनशीलता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों और अपनी बात रखने वाले प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उनके अनुसार संवाद और एक-दूसरे की बात सुनना ही किसी भी लोकतांत्रिक समाज की वास्तविक ताकत है तथा देश के युवाओं को सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

    जेनेलिया देशमुख ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए कहा कि देश के युवाओं की आवाज बिना किसी भय के सुनी जानी चाहिए। उन्होंने युवाओं को लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि उनके विचार, ऊर्जा और सपने ही देश के भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए।

    यह पूरा विरोध प्रदर्शन मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे रहे, जिन्हें बाद में चिकित्सकीय देखरेख के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद छात्रों के आंदोलन, परीक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक विरोध के तरीकों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है, जबकि विभिन्न वर्गों की ओर से संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता लगातार रेखांकित की जा रही है।

  • एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया घोषित, हरमनप्रीत कप्तान; पाकिस्तान से 19 अगस्त को महामुकाबला

    एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया घोषित, हरमनप्रीत कप्तान; पाकिस्तान से 19 अगस्त को महामुकाबला


    नई दिल्ली । एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। हॉकी इंडिया ने बेल्जियम और नीदरलैंड में 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह को एक बार फिर टीम की कप्तानी सौंपी गई है। चयनित टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती युवा प्रतिभाओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिलता है, जिससे भारतीय हॉकी प्रशंसकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम चयन के बाद भरोसा जताया कि मौजूदा भारतीय टीम के पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि टीम में शामिल हर खिलाड़ी ने अपनी जगह प्रदर्शन के दम पर बनाई है। उनके अनुसार यह टीम दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने, तेज जवाबी हमला करने और अनुशासित खेल दिखाने में सक्षम है। फुल्टन ने स्पष्ट किया कि टीम का पूरा फोकस एक-एक मैच पर रहेगा और खिलाड़ी भविष्य की बजाय वर्तमान मुकाबलों पर ध्यान देंगे।

    भारतीय टीम गोलकीपिंग में मोहित एचएस और सूरज करकेरा पर भरोसा करेगी। रक्षा पंक्ति की जिम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के हाथों में होगी। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद टीम की रीढ़ होंगे, जबकि युवा खिलाड़ी राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे और नीलाकांता शर्मा भी अपनी ऊर्जा और कौशल से टीम को मजबूती देंगे।

    आक्रमण की कमान मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अभिषेक और शिलानंद लाकड़ा संभालेंगे। इन खिलाड़ियों से तेज़ और आक्रामक हॉकी की उम्मीद की जा रही है, जो विरोधी टीमों की रक्षा पंक्ति को लगातार चुनौती दे सकते हैं।

    भारत को विश्व कप में पूल-डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स जैसी मजबूत टीमों के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ंत होगी, जबकि 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेला जाएगा। भारत-पाकिस्तान मैच पर दुनियाभर के हॉकी प्रेमियों की विशेष नजर रहेगी और इसे पूल चरण का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

    भारतीय हॉकी के लिए यह विश्व कप इसलिए भी खास है क्योंकि टीम पिछले पांच दशकों से विश्व कप पदक का इंतजार कर रही है। भारत ने 1971 में कांस्य, 1973 में रजत और 1975 में कुआलालंपुर में विश्व कप का स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से भारतीय टीम विश्व कप में कोई पदक नहीं जीत सकी है। ऐसे में हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली यह टीम 50 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन का मानना है कि इस टीम में अनुभव, फिटनेस, अनुशासन और युवा जोश का बेहतरीन तालमेल है। यदि खिलाड़ी अपनी रणनीति के अनुसार प्रदर्शन करते हैं तो भारत एक बार फिर विश्व हॉकी में अपनी खोई हुई चमक हासिल कर सकता है।

  • स्पेन से हार के बाद भी अर्जेंटीना पर बरसा प्यार, एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट और हजारों फैन्स का स्वागत

    स्पेन से हार के बाद भी अर्जेंटीना पर बरसा प्यार, एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट और हजारों फैन्स का स्वागत


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन के हाथों 1-0 से हारकर खिताब बचाने में असफल रही अर्जेंटीना की टीम जब स्वदेश पहुंची तो नजारा किसी चैंपियन के स्वागत से कम नहीं था। न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में मिली निराशाजनक हार के बावजूद देशवासियों ने अपनी टीम का पूरे सम्मान और गर्व के साथ स्वागत किया। हालांकि इस मौके पर सबसे बड़ी कमी कप्तान लियोनेल मेसी की रही, जो टीम के साथ अर्जेंटीना नहीं लौटे।

    एजेइजा स्थित मिनिस्ट्रो पिस्टारिनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। विमान के उतरते ही रेड कार्पेट बिछाया गया और ग्रेनेडियर रेजिमेंट के सैन्य बैंड ने लोकप्रिय धुन ‘मुचाचोस’ बजाकर खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। एयरपोर्ट से लेकर अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) मुख्यालय तक हजारों प्रशंसक अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज, नीले-सफेद रंग के छाते और टीम की जर्सियां लिए खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।

    टीम के कप्तान लियोनेल मेसी इस स्वागत समारोह का हिस्सा नहीं बने। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि टीम के कुछ खिलाड़ी और अधिकारी दल के साथ यात्रा नहीं करेंगे, जिनमें मेसी भी शामिल थे। माना जा रहा है कि 39 वर्षीय मेसी ने राष्ट्रीय टीम के लिए अपना आखिरी विश्व कप मुकाबला खेल लिया है, हालांकि उनके भविष्य को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    कोच लियोनेल स्कालोनी के नेतृत्व में लौटे खिलाड़ियों में एमिलियानो मार्टिनेज, निकोलस ओटामेंडी, लिसांड्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, गोंजालो मोंटिएल, लिएंड्रो परेडेस, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, जियोवानी लो सेल्सो, थियागो अल्माडा, निकोलस गोंजालेज और अन्य खिलाड़ी शामिल रहे। सभी खिलाड़ियों का जोरदार तालियों और नारों के बीच स्वागत किया गया।

    एयरपोर्ट से टीम को कड़ी सुरक्षा के बीच खुली छत वाली बस में लियोनेल आंद्रेस मेसी ट्रेनिंग सेंटर ले जाया गया। पूरे रास्ते सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। कई प्रशंसक झंडे लहराते रहे तो कई ड्रम बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। हार के बावजूद फैन्स ने यह संदेश दिया कि उनके लिए टीम की मेहनत और जज्बा किसी ट्रॉफी से कम नहीं है।

    विश्व कप फाइनल में स्पेन के खिलाफ अर्जेंटीना ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन एकमात्र गोल के अंतर से उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना अधूरा रह गया। बावजूद इसके देशवासियों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

    अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन के अधिकारियों और ट्रेनिंग सेंटर के कर्मचारियों ने भी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का गर्मजोशी से स्वागत किया। टीम की स्वदेश वापसी के साथ विश्व कप अभियान भले समाप्त हो गया हो, लेकिन प्रशंसकों के समर्थन ने यह साफ कर दिया कि अर्जेंटीना में फुटबॉल केवल खेल नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और गर्व का हिस्सा है।