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  • लाखों में अलग पहचान चाहिए तो अपनाएं चाणक्य की ये सीख, शब्दों से लेकर आत्मविश्वास तक सब पर दिया जोर

    लाखों में अलग पहचान चाहिए तो अपनाएं चाणक्य की ये सीख, शब्दों से लेकर आत्मविश्वास तक सब पर दिया जोर

    नई दिल्ली ।  आचार्य की चाणक्य नीतियां आज के समय में भी लोगों का मार्गदर्शन करती हैं. उन्होंने मानव जीवन के हरेक पहलु पर अपने विचार दिए हैं, जो कि चाणक्य नीति नामक ग्रंथ में वर्णित हैं. समाज में कई तरह के लोग होते हैं. कुछ लोग भीड़ में भी अपनी अलग पहचान रखने की चाहत रखते हैं, जबकि कुछ स्थिति को समय पर छोड़ देते हैं. आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में कुछ ऐसे गुणों का उल्लेख किया है, जिन्हें जीवन में अपना लेने से व्यक्तित्व निखर सकता है. ऐसे में अगर आप भी लाखों की भीड़ में अपना अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो चाणक्य की इन 5 बातों को आज से ही अपने जीवन में उतारना शुरू कर दें.
    सोच समझकर रखें अपनी बात
    चाणक्य नीति के अनुसार, जल्दबाजी में लिया गया फैसला किसी भी दृष्टिकोण से अच्छा नहीं है. यह नियम संवाद में भी लागू होता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जल्दबाजी में जुबान से निकली हुई बातें हर वक्त सही नहीं होतीं. इसलिए, बोलने से पहले उसके संभावित परिणाम पर भी विचार कर लेना चाहिए. चाणक्य सलाह देते हैं कि व्यक्ति को कभी भी सोच-समझकर की बोलना चाहिए.
    आकर्षक संवाद शैली
    आचार्य चाणक्य का मानना है कि इंसान को बोलचाल में आसान भाषा का प्रयोग करना चाहिए, ताकि सामने वाला भी आसानी से समझ सके. चाणक्य नीति के मुताबिक, अगर संवाद में आसान भाषा का प्रयोग किया जाता है, तो सामने वाला उसे आसानी से समझ जाता है. इन्हीं वजहों से शिक्षक, सफल वक्ता और दिग्गज नेता संवाद के क्रम में आसान भाषा का प्रयोग करते हैं.
    आत्मविश्वास
    चाणक्य नीति में आचार्य ने बताया है कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसका आत्मविश्वास होता है. अगर कोई व्यक्ति अपनी बात रखते वक्त झिझकता है, तो सामने वाला उसकी बातों को हल्के में लेकर टाल देता है. जबकि, अगर कोई व्यक्ति किसी बात को आत्मविश्वास के साथ रखता है, तो सामने वाला ना चाहते हुए भी उसकी बातों पर ध्यान देता है.चाणक्य की सलाह है कि आत्मविश्वास हमेशा मजबूत रखना चाहिए.
    प्रभावी संवाद शैली
    आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में कहा है कि व्यक्ति को संवाद में समझदारी भी रखना चाहिए, क्योंकि हर बार हर समय पर कहना उचित नहीं है. किसी भी बात को प्रभावशाली बनाने के लिए उचित समय का इंतजार करना चाहिए. इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जिस बात को कहना है, उसके लिए माहौल सही है या नहीं. चाणक्य नीति कहती है कि अगर कोई व्यक्ति कोई बड़ी गलती भी करे तो उसे सार्वजनिक रूप से कहने के बजाए, व्यक्तिगत रूप से कहना उचित है. ऐसा करने से गलती करने वाले के मन पर भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता.
    विनम्रता
    चाणक्य ने अपनी नीति में स्पष्ट तौर पर कहा है कि कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सामने वाले को कुछ समय से लिए भयभीत किया जा सकता है लेकिन सम्मान प्राप्त नहीं किया जा सकता. इसलिए, चाणक्य प्रत्येक मनुष्य को यह सलाद देते हैं कि किसी भी बात को विनम्रता से रखना चाहिए. विनम्रतापूर्वक रखी गई बातों का सामने वालों के मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है. विनम्रता से व्यक्तित्व में निखार आता है. ऐसा करने वाला इंसान लाखों की भीड़ में भी अपनी पहचान बनाता है और सम्मान पाता है.
  • आईपीएल 2026: रिकॉर्ड रन बरसात के बीच रबाडा का जलवा, गेंदबाजों में नंबर-1 बने

    आईपीएल 2026: रिकॉर्ड रन बरसात के बीच रबाडा का जलवा, गेंदबाजों में नंबर-1 बने


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प हो गई है। गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के बीच खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले ने सीजन के बल्लेबाजी और गेंदबाजी आंकड़ों को पूरी तरह बदल दिया है।

    ऑरेंज कैप की दौड़ में राजस्थान के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी धमाकेदार पारी के दम पर शीर्ष स्थान बनाए रखा है। वैभव ने 47 गेंदों में 96 रनों की बेहतरीन पारी खेली और पूरे सीजन में 16 मैचों में 776 रन बनाकर सबसे आगे बने हुए हैं। उनकी स्ट्राइक रेट 237 के आसपास रही, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को दर्शाती है।

    वहीं गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने अपनी 53 गेंदों में 104 रनों की शानदार शतकीय पारी के साथ रेस को और रोमांचक बना दिया है। गिल अब 722 रनों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और लगातार ऑरेंज कैप के मजबूत दावेदार बने हुए हैं। उनके साथी ओपनर साई सुदर्शन भी शानदार फॉर्म में हैं और 710 रन बनाकर तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    सनराइजर्स हैदराबाद के विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने 624 रन बनाकर चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि ईशान किशन 602 रन के साथ टॉप-5 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। इस तरह ऑरेंज कैप की दौड़ अब अंतिम मुकाबले से पहले पूरी तरह खुली हुई है, जहां हर पारी रैंकिंग को बदल सकती है।

    दूसरी ओर, पर्पल कैप की रेस में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने 28 विकेट लेकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है और भुवनेश्वर कुमार को पीछे छोड़ दिया है। भुवनेश्वर अब 26 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं।

    रबाडा ने दूसरे क्वालीफायर में भी 2 विकेट लेकर अपनी बढ़त को मजबूत किया। राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर 25 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर चौथे स्थान पर हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के ईशान मलिंगा 20 विकेट के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

    अब आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसी मैच के साथ यह भी तय होगा कि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप के असली विजेता कौन बनते हैं।

  • GT vs RR: गिल का ऐतिहासिक शतक, प्लेऑफ में रचा नया इतिहास; गुजरात फाइनल में पहुंची

    GT vs RR: गिल का ऐतिहासिक शतक, प्लेऑफ में रचा नया इतिहास; गुजरात फाइनल में पहुंची


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मैच देखने को मिला, जहां गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) ने राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) को 7 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के असली हीरो कप्तान शुभमन गिल रहे, जिन्होंने अपनी ऐतिहासिक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय जोड़ दिया।

    राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47 गेंदों में 96 रनों की धमाकेदार पारी खेली। उनकी पारी में 8 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिसने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके अलावा मध्यक्रम में रवींद्र जडेजा ने 35 गेंदों पर नाबाद 45 रन बनाकर पारी को संभाला, जबकि डोनोवन फेरेरा ने अंतिम ओवरों में 11 गेंदों में 38 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली।

    जीटी की गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और जेसन होल्डर ने 2-2 विकेट लेकर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई, लेकिन स्कोर बड़ा होने के कारण टीम पर दबाव साफ नजर आया।

    215 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही। कप्तान शुभमन गिल ने अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 53 गेंदों में 104 रन ठोक दिए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और 3 छक्के लगाए और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। इस पारी के साथ ही गिल आईपीएल इतिहास में प्लेऑफ मुकाबले में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए।

    गिल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 12.5 ओवर में 167 रनों की साझेदारी की, जिसने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी। सुदर्शन ने भी 32 गेंदों में 58 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और एक छक्का शामिल था।

    मिडिल ऑर्डर में वॉशिंगटन सुंदर ने 16 रन और राहुल तेवतिया ने नाबाद 17 रनों का योगदान देकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। गुजरात टाइटंस ने यह लक्ष्य 18.4 ओवर में केवल 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने तीसरी बार आईपीएल फाइनल में प्रवेश किया है। अब फाइनल मुकाबले में टीम का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा, जहां खिताब के लिए जोरदार भिड़ंत देखने को मिलेगी।

  • ‘FWICE कोई अदालत नहीं’, रणवीर सिंह विवाद पर भड़के राम गोपाल वर्मा, इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर साधा निशाना

    ‘FWICE कोई अदालत नहीं’, रणवीर सिंह विवाद पर भड़के राम गोपाल वर्मा, इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर साधा निशाना

    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा के बेबाक डायरेक्टर्स में से एक राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में रणवीर सिंह का खुलकर सपोर्ट किया. दरअसल, ‘डॉन 3’ से रणवीर के बाहर होने को लेकर जो विवाद चल रहा है, उस पर फिल्म इंडस्ट्री में लगातार चर्चा हो रही है. इसी बीच राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) की जमकर आलोचना की. उनका ये ट्वीट अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसपर कई रिएक्शन भी आ रहे हैं.
    उन्होंने कहा कि रणवीर के खिलाफ जारी किया गया तथाकथित बैन आगे चलकर फेडरेशन के लिए ही मजाक बन जाएगा. राम गोपाल ने अपने पोस्ट में लिखा, FWICE कोई अदालत या सरकारी संस्था नहीं है, जो किसी के खिलाफ फैसला सुना सके. उनके मुताबिक ये एक ऐसा मंच है, जहां कुछ लोग अपने पर्सनल एजेंडे के तहत फैसले लेते हैं. उन्होंने दावा किया कि रणवीर सिंह की हालिया सफलता से कुछ लोग असहज हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. वर्मा ने फेडरेशन की वर्क प्रोसेस पर भी सवाल खड़े किए.
    रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरे राम गोपाल वर्मा
    फिल्ममेकर का कहना है कि ‘डॉन 3’ को लेकर जो विवाद है, उसे रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ही सुलझाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में बाकी लोगों को दखल देने की जरूरत नहीं है. राम गोपाल वर्मा ने ये भी कहा कि अगर रणवीर सिंह सिर्फ एक बार फिल्म के लिए हामी भर दें, तो अगले ही दिन उनके घर के बाहर कई निर्माता लाइन लगाकर खड़े हो जाएंगे और उनके साथ काम करने को तैयार होंगे. राम गोपाल ने लिखा, ‘ये रणवीर सिंह जैसे सितारे हैं जो सिनेमाघरों में दर्शकों को लाते हैं, न कि FWICE’.
    राम गोपाल ने FWICE को सुनाई खरी-खोटी
    उन्होंने आगे लिखा, ‘ऐसे कलाकारों की वजह से इंडस्ट्री चलती है और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है. अगर बड़े सितारे नहीं होंगे तो इंडस्ट्री भी नहीं चलेगी’. उन्होंने सभी पक्षों को सलाह देते हुए कहा कि दो लोगों के बीच चल रहे पेशेवर विवाद में दूसरों को बेवजह हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. बता दें, रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ मतभेद अब बड़ा विवाद बन चुका है. शुरुआत में इसे सिर्फ कास्टिंग में बदलाव माना जा रहा था, लेकिन बाद में मामला कानूनी रूप लेता नजर आया.
    ‘डॉन 3’ को लेकर खड़ा हुआ ये विवाद
    खबरों के मुताबिक फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर से 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. वहीं FWICE ने भी एक्टर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन इंस्ट्रक्शन जारी कर दिया. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणवीर सिंह ने क्रिएटिव मतभेदों की वजह से फिल्म छोड़ने का फैसला किया. ये भी कहा गया कि वे फिल्म की शूटिंग में लगातार हो रही देरी और फाइनल स्क्रिप्ट तैयार न होने से खुश नहीं थे. इसी वजह से उन्होंने प्रोजेक्ट से अलग होने का फैसला लिया. हालांकि, अभी तक सही वजह सामने नहीं आई.

    FWICE ने एक्टर के खिलाफ लिया ये फैसला

    रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने के बाद फरहान अख्तर ने FWICE से संपर्क किया था, जिसके बाद 25 मई को एक्टर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन इंस्ट्रक्शन (गैर-सहयोग निर्देश) जारी किया गया. इस पूरे विवाद पर रणवीर सिंह की तरफ से भी बयान जारी किया गया. उनके प्रवक्ता ने कहा, ‘रणवीर सिंह इस मामले को लेकर चल रही अटकलों को और बढ़ाना नहीं चाहते. उनका मानना है कि पेशेवर मतभेद और पर्सनल संबंधों से जुड़े मुद्दों को सम्मान, समझदारी और परिपक्वता के साथ निजी तौर पर सुलझाया जाना चाहिए’.
  • उज्जैन में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, मंदिर गूंजा जयकारों से

    उज्जैन में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, मंदिर गूंजा जयकारों से


    उज्जैन । महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत से अभिषेक संपन्न कराया।

    पंचामृत में दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस का प्रयोग किया गया। इसके बाद घंटानाद और हरिओम जल अर्पण के साथ आरती की शुरुआत हुई। इस दौरान भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसमें रजत ॐ बिल्वपत्र मुकुट, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं।

    भगवान के मस्तक पर त्रिपुंड, त्रिशूल और डमरू का प्रतीकात्मक स्वरूप सजाया गया, साथ ही शेषनाग का रजत मुकुट और मुंडमाल भी अर्पित की गई। गर्भगृह में गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय भगवान की भी विधिवत पूजा की गई।

    आरती के दौरान फलों और मिष्ठानों का भोग लगाने के बाद कपूर आरती की गई और अंत में भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

    भस्म आरती के समय पूरा मंदिर परिसर “जय महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठा और बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन का लाभ लिया। इस पवित्र अनुष्ठान का संचालन महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से किया गया।

  • फिल्म देखते समय थिएटर में घुसी एसयूवी, रील और रियल के टकराव ने दर्शकों को किया हैरान

    फिल्म देखते समय थिएटर में घुसी एसयूवी, रील और रियल के टकराव ने दर्शकों को किया हैरान

    नई दिल्ली ।
    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर कोई दंग है. एक सिनेमा हॉल के अंदर फिल्म की स्क्रीनिंग चल रही थी और दर्शक शांति से फिल्म का आनंद ले रहे थे. तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना थियेटर में बैठे किसी भी शख्स ने नहीं की थी. एक चलती हुई फिल्म के बीच अचानक एक असली एसयूवी गाड़ी स्क्रीन को फाड़ते हुए सीधे थियेटर के अंदर दाखिल हो गई. इस अजीबोगरीब और डरा देने वाले नजारे ने वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ा दिए.
    रील लाइफ बन गई रीयल लाइफ
    वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि सिनेमा हॉल खचाखच भरा हुआ है. फिल्म में एक बेहद इंटेंस कार चेस सीन चल रहा होता है जहां एक गाड़ी सीधे कैमरे की तरफ तेजी से आती हुई दिखती है. शुरुआत में दर्शकों को लगा कि यह फिल्म का ही कोई दमदार सीक्वेंस या स्पेशल इफेक्ट है. लेकिन अगले ही कुछ सेकेंड में जो हुआ उसने थियेटर के शांत माहौल को खौफ में बदल दिया. पर्दे पर दिखने वाली गाड़ी हकीकत में स्क्रीन को चीरते हुए हॉल के अंदर आ पहुंची.
    स्क्रीन तोड़कर घुसी महिंद्रा स्कॉर्पियो
    वीडियो में अचानक सिनेमा स्क्रीन के परखच्चे उड़ जाते हैं और एक असली महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी स्क्रीन के पीछे वाले हिस्से से हॉल के अंदर क्रैश कर जाती है. गाड़ी के टकराते ही पूरे थियेटर में धूल, मलबा और फटे हुए स्क्रीन के टुकड़े चारों तरफ बिखर जाते हैं. कार सीधे स्टेज एरिया के बेहद करीब आकर रुकती है. यह घटना किस शहर या किस सिनेमा हॉल की है, इसकी जानकारी अभी तक साफ नहीं हो पाई है. इस अचानक हुए हादसे से थियेटर में भारी भगदड़ मच गई. लोग अपनी सीटों से कूदकर एग्जिट गेट की तरफ भागने लगे, जबकि कुछ लोग सदमे में अपनी जगह पर ही जमे रह गए
    .
    सोशल मीडिया पर आया कमेंट्स का सैलाब
    यह पूरा वाकया इतना ज्यादा फिल्मी था कि पहली नजर में कई इंटरनेट यूजर्स को लगा कि यह कोई एडिटेड वीडियो है या फिर इसे एआई (AI) की मदद से बनाया गया है. लेकिन वीडियो में दर्शकों के असली रिएक्शन को देखकर मामला बेहद गंभीर और डरावना लग रहा है. जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, कमेंट सेक्शन में मीम्स और जोक्स की बाढ़ आ गई. कई लोगों ने इसे ‘रीयल लाइफ मूवी क्लाइमेक्स’ कहा तो कुछ ने इसे दुनिया का सबसे खतरनाक ‘4D सिनेमा एक्सपीरियंस’ करार दिया.
    वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘भाई, यहां तो रील सचमुच रीयल बन गई.’ वहीं एक अन्य यूजर ने मजाक करते हुए कहा, ‘यह अब तक का सबसे रीयलिस्टिक एक्शन सीन है.’ इसके साथ ही कई लोग अब इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक भारी-भरकम एसयूवी गाड़ी थियेटर के इतने अंदर तक कैसे पहुंच गई. कुछ लोगों का अनुमान है कि यह फिल्म के प्रमोशन के लिए किया गया कोई खतरनाक स्टंट भी हो सकता है. फिलहाल इंटरनेट पर यह क्लिप जमकर शेयर की जा रही है और लोग इसे देखकर हैरान हैं.
  • अभिनेता से काम न मिलने की नाराजगी में धमकी तक पहुंचा युवक, वर्षों बाद फिर आपराधिक गतिविधियों में गिरफ्तार

    अभिनेता से काम न मिलने की नाराजगी में धमकी तक पहुंचा युवक, वर्षों बाद फिर आपराधिक गतिविधियों में गिरफ्तार

    नई दिल्ली ।  एसीपी गाजीपुर अनिद्य विक्रम सिंह के मुताबिक शारुख उर्फ शाहरुख उर्फ शेरा खान मूल रूप से प्रयागराज के शाहगंज का रहने वाला है। उसे बंधा रोड मजार के पास से गिरफ्तार किया गया है। छह मई को उसने क्षेत्र में रहने वाले विनय गुप्ता की पत्नी की झपट्टा मार कर चेन लूटी थी। बिना नंबर की बाइक से वारदात की थी। वाहन चेकिंग के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया है।
    शारुख के खिलाफ धूमनगंज, शाहगंज, करेली समेत अन्य थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, बमबाजी समेत करीब 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह एक्टिंग करना चाह रहा था पर फिल्म एंडस्ट्री में कोई गाडफादर नहीं था। उसने कई बार काम मांगने के लिए सलमान खान से प्रयास किया था। फिल्म में काम न मिलने पर नवंबर 2018 में शारुख ने अभिनेता सलमान के पिता सलीम खान और उनके पीए को फोन कर धमकी दी थी। खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील का गुर्गा और फिर डीजीपी बताया था।


    फिल्मी दुनिया में ‘गॉडफादर’ की तलाश में थी हिस्ट्रीशीटर

    15 नवंबर 2018 को मुंबई के बांद्रा थाने में रिपोर्ट हुई थी। पुलिस ने 17 नवंबर को उसे गिरफ्तार किया था। शारुख ने मुंबई पुलिस की पूछताछ में बताया था कि फिल्मी दुनिया में ‘गॉडफादर’ की तलाश में था और सलमान खान से बात करके काम मांगना चाहता था। जमानत पर छूटने के बाद शेरा ने 8 जून 2019 को व्यापारी हमदान और 15 मार्च 2020 को फराज पर हमला किया था।

    25 हजार का इनाम होने पर पुलिस ने उसे पकड़ा था। अप्रैल 2020 में करेली के अकबरनगर लूटकांड में आरोपी के पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी। जुलाई 2023 में आरोपी शारुख एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। फोटो में वह कार में रिवॉल्वर लहराता हुआ नजर आ रहा था।


    माफिया अतीक का करीबी बताकर जान लेने और देने की बात कही

    इंस्पेक्टर गाजीपुर राजेश मौर्या के मुताबिक शारुख का एक ऑडियो भी पुलिस को मिला था। उसमें वह खुद को छोटा शकील का आदमी बताते हुए धमकी दे रहा था। इसके अलावा उसने माफिया अतीक अहमद का खुद को करीबी बताया। अतीक के लिए अपनी ‘जान देने और लेने’ की बात भी कही।

  • सोना-चांदी की चमक पड़ी फीकी, एक हफ्ते में सोना ₹1,000 और चांदी ₹2,600 से ज्यादा सस्ती

    सोना-चांदी की चमक पड़ी फीकी, एक हफ्ते में सोना ₹1,000 और चांदी ₹2,600 से ज्यादा सस्ती


    नई दिल्ली ।
    इस सप्ताह घरेलू सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की चमक थोड़ी फीकी पड़ गई है। सोने और चांदी दोनों के दामों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और ज्वैलरी बाजार से जुड़े कारोबारियों के बीच हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव के बाद इस सप्ताह सोना करीब एक हजार रुपये से अधिक और चांदी दो हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है। कीमतों में आई इस नरमी ने उन लोगों के लिए राहत भी दी है जो लंबे समय से खरीदारी की योजना बना रहे थे, जबकि निवेशकों के लिए यह एक अस्थिर संकेत माना जा रहा है।

    इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत इस सप्ताह लगभग 1,257 रुपये की गिरावट के साथ 1,56,463 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। इससे पहले यह स्तर 1,58,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब था। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है, जिससे ज्वैलरी सेगमेंट में कीमतों का दबाव साफ नजर आ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर सीधे घरेलू कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

    इस सप्ताह सोने की कीमतों में दिन-प्रतिदिन उतार-चढ़ाव भी दर्ज किया गया, जहां 25 मई को इसका उच्चतम स्तर देखने को मिला, जबकि 27 मई को इसमें सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशक अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में हैं। दूसरी ओर चांदी के बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

    चांदी की कीमत इस सप्ताह करीब 2,650 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट के साथ 2,63,350 रुपये पर पहुंच गई है। इससे पहले यह स्तर 2,66,000 रुपये के आसपास था। सप्ताह के दौरान चांदी ने 2,71,100 रुपये के उच्च स्तर और 2,60,917 रुपये के न्यूनतम स्तर को भी छुआ, जो इसकी अस्थिरता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव का प्रभाव चांदी की कीमतों पर अधिक दिखाई देता है, जिसके कारण इसमें उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत तेज रहता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं के भाव में नरमी देखने को मिली है। डॉलर आधारित बाजार में सोना और चांदी दोनों ही अपने हालिया उच्च स्तरों से नीचे आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई को लेकर बनी चिंताएं और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक व्यापार परिस्थितियां भी इस दबाव में योगदान दे रही हैं।

    हालांकि दीर्घकालिक दृष्टि से सोने और चांदी ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। पिछले एक वर्ष में इन दोनों धातुओं ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ये अब भी आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। मौजूदा गिरावट को बाजार विशेषज्ञ एक अस्थायी सुधार के रूप में भी देख रहे हैं, जो तेजी के लंबे दौर के बाद सामान्य बाजार प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

    वर्तमान स्थिति में सर्राफा बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और निवेशक आगे के वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की चाल के आधार पर कीमती धातुओं की कीमतों में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है।

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  • सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन के 100 चौराहे बनेंगे हाईटेक

    सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन के 100 चौराहे बनेंगे हाईटेक

    उज्जैन  उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर शहरी विकास कार्यों को गति दे दी है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए शहर के 100 प्रमुख चौराहों को हाईटेक बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

    प्रशासन के अनुसार, इन चौराहों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जहां ट्रैफिक सिग्नल और कैमरों की लाइव फीड सीधे एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से जुड़ी होगी। इससे शहर के किसी भी हिस्से में ट्रैफिक दबाव या भीड़ बढ़ने की स्थिति पर तुरंत निगरानी और कार्रवाई संभव हो सकेगी।

    कलेक्टर रौशन सिंह ने बताया कि शहर में पहले से ही सड़क चौड़ीकरण और नए मार्गों के विकास का काम चल रहा है। 60 से अधिक सड़कों को चार और छह लेन में विकसित किया जा रहा है, ताकि यातायात का प्रवाह निर्बाध बना रहे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से चौराहों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

    नई योजना में सभी चौराहों पर लेफ्ट टर्न और यू-टर्न को विशेष रूप से डिजाइन किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति कम हो और वाहनों की आवाजाही तेज हो सके।

    प्रशासन का दावा है कि इन हाईटेक चौराहों के जरिए पूरे शहर की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। कंट्रोल रूम से निगरानी के माध्यम से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी बल्कि सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 से पहले सभी प्रस्तावित काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि आयोजन के दौरान शहर की व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके।

  • CNG और PNG के दाम बढ़े, मुंबई में सफर से लेकर रसोई तक महंगा होगा जीवन; किराया बढ़ाने की मांग तेज

    CNG और PNG के दाम बढ़े, मुंबई में सफर से लेकर रसोई तक महंगा होगा जीवन; किराया बढ़ाने की मांग तेज

    नई दिल्ली। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उससे जुड़े महानगर क्षेत्र के लाखों लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। घरेलू रसोई से लेकर रोजमर्रा के सफर तक अब अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ने वाला है। महानगर क्षेत्र में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं, वाहन चालकों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। गैस दरों में हुई इस वृद्धि ने एक बार फिर शहरी जीवनयापन की बढ़ती लागत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

    नई दरों के अनुसार CNG की कीमत में प्रति किलोग्राम 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 86 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। वहीं घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध पाइप्ड नेचुरल गैस की दर में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है और अब उपभोक्ताओं को 52 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। इस फैसले का असर महानगर क्षेत्र के 31 लाख से अधिक परिवारों पर पड़ेगा, जो घरेलू रसोई के लिए पाइप्ड गैस का उपयोग करते हैं। इसके साथ ही लाखों लोग जो रोजाना CNG आधारित वाहनों से यात्रा करते हैं, उन्हें भी अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ सकता है।

    गैस वितरण क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और गैस खरीद की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगे गैस स्रोतों पर निर्भरता और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव जैसे कारकों ने गैस खरीद को पहले की तुलना में अधिक महंगा बना दिया है। इसी बढ़ी हुई लागत का प्रभाव अब उपभोक्ताओं तक पहुंचा है।

    गैस कीमतों में वृद्धि के बाद ऑटो-रिक्शा और टैक्सी संगठनों ने भी किराए में संशोधन की मांग को तेज कर दिया है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन लागत के बीच मौजूदा किराया ढांचा वाहन संचालन की वास्तविक लागत को पूरा नहीं कर पा रहा है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि किराए में समय रहते संशोधन नहीं किया गया तो वाहन चालकों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी कारण बेस किराए में वृद्धि की मांग संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष रखे जाने की तैयारी की जा रही है।

    टैक्सी संगठनों ने भी ईंधन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए किराए में बढ़ोतरी की आवश्यकता जताई है। उनका तर्क है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान CNG की कीमतों में कई बार संशोधन किया गया है, जिससे संचालन व्यय लगातार बढ़ा है। यदि किराए में संशोधन की अनुमति मिलती है तो इसका असर प्रतिदिन यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की जेब पर भी दिखाई देगा।

    विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि मई महीने में CNG की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इसी महीने कीमतों में वृद्धि की गई थी, जबकि अप्रैल में भी दरों में इजाफा देखा गया था। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ रही हैं।

    मुंबई महानगर क्षेत्र में 12 लाख से अधिक वाहन CNG पर निर्भर हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा, टैक्सियां, निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन शामिल हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी CNG की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके कारण कीमतों में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर लाखों यात्रियों और पूरे शहरी परिवहन तंत्र को प्रभावित करता है। ऐसे में आने वाले दिनों में गैस दरों के प्रभाव और संभावित किराया वृद्धि पर सभी की नजर बनी रहेगी।