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  • पुतिन की भारत यात्रा में सुरक्षा का कड़ा इंतजाम, बख्तरबंद ऑरस सीनेट कार और विशेष सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में

    पुतिन की भारत यात्रा में सुरक्षा का कड़ा इंतजाम, बख्तरबंद ऑरस सीनेट कार और विशेष सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में

    नई दिल्ली ।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हैं। उनके भारत दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुतिन के जमीनी सफर के लिए रूस की खास बख्तरबंद ऑरस सीनेट लिमोजीन का इस्तेमाल किया जाता है। इसे बेहद सुरक्षित वाहन के तौर पर तैयार किया गया है और इसे अक्सर चलते-फिरते बंकर के रूप में बताया जाता है।

    पुतिन की यह खास कार सीधे मॉस्को से लाई जाती है। इसकी सुरक्षा विशेषताओं में रन-फ्लैट टायर और आपात स्थिति के लिए अलग ऑक्सीजन सप्लाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, यह वाहन स्नाइपर की गोलीबारी, बारूदी सुरंगों और रासायनिक हमलों जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।

    पुतिन की हवाई यात्रा के लिए खास तौर पर संशोधित इल्यूशिन आईएल-96-300पीयू विमान का इस्तेमाल किया जाता है। इसे फ्लाइंग क्रेमलिन के नाम से जाना जाता है। सुरक्षा व्यवस्था में उनके साथ डिकॉय जेट, सुरक्षित कमांड सिस्टम और उन्नत मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी शामिल बताए गए हैं।

    भारत में पुतिन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रूस की फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस यानी एफएसओ और भारत के आतंकवाद-रोधी बलों के बीच समन्वय से संभाली जा रही है। जमीन पर राष्ट्रपति की सुरक्षा के सबसे अंदरूनी घेरे में रूसी प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस के विशेष अधिकारी तैनात रहते हैं। इन अधिकारियों को एफएसओ की एडवांस्ड टीमें सहयोग देती हैं।

    रूसी सुरक्षा दल उन सभी स्थानों की जांच करता है, जहां पुतिन के जाने का कार्यक्रम होता है। इसके साथ ही रूसी प्रतिनिधिमंडल अपने लॉजिस्टिक्स पर भी नियंत्रण बनाए रखता है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुतिन के साथ निजी शेफ और खाने-पीने की चीजों की जांच के लिए पोर्टेबल लैब जैसी सुविधाएं भी रखी जाती हैं।

    ऑपरेशनल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चुनिंदा होटलों में डमी वीआईपी यानी नकली वीआईपी की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा जैविक कचरे के निपटारे से जुड़े प्रोटोकॉल भी सुरक्षा इंतजाम का हिस्सा बताए गए हैं।

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली, एयरोसिटी और गुरुग्राम के चुने गए होटलों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। प्रत्येक होटल को अलग सुरक्षित क्षेत्र के रूप में व्यवस्थित किया गया है। इन स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था में कानून लागू करने वाली एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों की भूमिका है।

    हर होटल में डीसीपी रैंक के अधिकारी को वेन्यू कमांडर बनाया गया है, जबकि बड़े क्षेत्रों की निगरानी स्पेशल कमिश्नर रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। होटल के भीतर दो कमरों को ऑपरेशनल कमांड हब में बदला गया है। ये दिल्ली पुलिस के सेंट्रल सी4आई कमांड नोड से जुड़े हैं और आपात स्थिति के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

    होटलों की बाहरी दीवारों और हॉलवे पर एडवांस्ड एआई कैमरे लगाए गए हैं। इनमें घुसपैठ का पता लगाने और लोगों की गतिविधियों को पहचानने वाला सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जाता है। दीवार फांदने या रेंगने जैसी असामान्य गतिविधियों की पहचान भी इन कैमरों के जरिए की जा सकती है।

    होटल कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच भी की गई है। उन्हें डिजिटल की-कार्ड के जरिए केवल निर्धारित मंजिलों तक पहुंच की अनुमति दी गई है। इस तरह पुतिन की भारत यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था विमान, वाहन, होटल और उनके निर्धारित कार्यक्रम वाले स्थानों तक कई स्तरों में व्यवस्थित की गई है।

  • मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने बताया राष्ट्रपति के ADC पद से रिटायरमेंट का कारण, परिवार को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता

    मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने बताया राष्ट्रपति के ADC पद से रिटायरमेंट का कारण, परिवार को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता

    नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एड-डी-कैंप मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने 30 साल की उम्र में सेना से समय से पहले रिटायरमेंट लेने के फैसले के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय किसी निजी असंतुष्टि की वजह से नहीं, बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया था। सेना की वर्दी पहनना उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि लंबे समय से देखा गया सपना था।

    मेजर ऋषभ ने बताया कि उन्होंने कभी सेना छोड़ने के बारे में नहीं सोचा था। उन्होंने एक दशक से ज्यादा समय इस सपने को पूरा करने और सैन्य जीवन को जीने में बिताया। इसके बावजूद एक समय ऐसा आया जब उन्हें अपने व्यक्तिगत करियर और माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियों के बीच किसी एक को चुनना पड़ा।

    उनके मुताबिक, उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षाओं के बजाय माता-पिता के साथ रहने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि एक बेटे के तौर पर उनकी कुछ जिम्मेदारियां और वादे हैं, जिन्हें उन्हें पूरा करना है। उनके सामने खुद को चुनने या माता-पिता को प्राथमिकता देने का विकल्प था और वह ऐसा फैसला नहीं लेना चाहते थे, जिसके बारे में बाद में उन्हें पछतावा हो।

    मेजर ऋषभ ने स्पष्ट किया कि सेना छोड़ने का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया। उन्होंने परिवार के साथ बातचीत करने के बाद यह फैसला किया। उनके लिए यह कदम भावनात्मक रूप से कठिन था, लेकिन उन्होंने इसे जरूरी त्याग माना। सैन्य करियर उम्मीद से पहले खत्म होने के बावजूद उन्हें देश की सेवा में बिताए हर पल पर गर्व है।

    राष्ट्रपति के ADC के तौर पर अपनी भूमिका को लेकर भी उन्होंने कई बातें बताईं। उनके अनुसार इस पद पर रहते हुए सख्त प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ता है और इसका असर निजी जीवन पर भी पड़ता है। ADC के कार्यकाल के दौरान शादी करने की अनुमति नहीं होने की बात भी उन्होंने बताई।

    मेजर ऋषभ ने अपनी शादी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने शादी नहीं की है और फिलहाल शादी करने की उनकी कोई योजना भी नहीं है। इस तरह उन्होंने उन अटकलों को खारिज किया, जिनमें उनकी रिटायरमेंट को शादी की योजना से जोड़कर देखा जा रहा था।

    उन्होंने यह भी बताया कि ADC के तौर पर जिम्मेदारियों के कारण निजी जीवन काफी सीमित हो जाता है। परिवार से लंबे समय तक दूर रहना पड़ता है और निजी जिंदगी के लिए बहुत कम समय मिल पाता है। सार्वजनिक जिम्मेदारियों की लगातार मांग के कारण उन्हें कई ऐसे सामान्य अनुभवों का त्याग करना पड़ा, जिन्हें आम जीवन का हिस्सा माना जाता है।

    मेजर ऋषभ ने इस अनुभव को केवल कठिनाइयों के तौर पर नहीं देखा। उनके मुताबिक, सीमित निजी जीवन और लगातार जिम्मेदारियों के बीच यह समय आत्मचिंतन का अवसर भी रहा। उन्होंने अपने फैसले को परिवार के प्रति जिम्मेदारी और जरूरी त्याग के रूप में प्रस्तुत किया।

    सेना छोड़ने के बावजूद उनके बयान में सैन्य सेवा के प्रति सम्मान साफ नजर आया। उन्होंने देश की सेवा में बिताए समय को गर्व के साथ याद किया और बताया कि परिवार से बातचीत के बाद लिया गया यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्हें लगा कि इस समय माता-पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

  • ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीयूष गोयल और एस. जयशंकर ने व्यापार नियम सरल करने, बाजार खोलने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बात कही

    ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीयूष गोयल और एस. जयशंकर ने व्यापार नियम सरल करने, बाजार खोलने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बात कही

    नई दिल्ली । दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक में भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बदलते वैश्विक व्यापारिक और राजनीतिक माहौल के बीच सदस्य देशों के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने को महत्वपूर्ण बताया।

    बैठक के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्था में व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और ये देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। दुनिया के कुल व्यापार में भी ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत बताई गई।

    गोयल ने भारत की व्यापारिक क्षमताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स दूसरे देशों को भेजता है। दवाओं के क्षेत्र में भी भारत की मजबूत स्थिति है और वह ब्रिक्स देशों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने वाला भरोसेमंद देश बन सकता है।

    केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों से अपने बाजारों तक पहुंच आसान बनाने की अपील की। उनका कहना था कि केवल टैक्स कम करने से व्यापार में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके साथ ही सामान के आयात-निर्यात से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को भी सरल बनाने की आवश्यकता है।

    गोयल ने कहा कि कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए सामान की मंजूरी की प्रक्रिया में कम समय लगना चाहिए। उनका मानना है कि यदि व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान होंगी और मंजूरी में तेजी आएगी तो कंपनियों के लिए अलग-अलग ब्रिक्स देशों के बाजारों में कारोबार करना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

    बैठक में सप्लाई चेन को मजबूत बनाने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। गोयल ने कच्चे माल और जरूरी खनिजों के लिए अलग-अलग देशों पर अत्यधिक निर्भरता कम करने की जरूरत बताई। बदलते वैश्विक हालात के बीच आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और अधिक भरोसेमंद बनाने को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ब्रिक्स देशों के बीच मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के संस्थागत सहयोग के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं और यह संगठन के लिए महत्वपूर्ण समय है। उनके अनुसार, इन वर्षों में ब्रिक्स के सदस्य, इसके काम और चर्चा के मुद्दों में बदलाव आया है।

    जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय राजनीतिक तनाव, महामारी और मौसम में बदलाव जैसी कई बड़ी चुनौतियों से गुजर रही है। इन परिस्थितियों का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में देशों को तेजी से बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करना होगा।

    विदेश मंत्री ने डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक कारोबार करने के तरीकों को बदल रही है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से कंपनियों का काम तेजी से हो सकता है और उत्पादन बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास के नए अवसर भी सामने आ सकते हैं।

    बैठक में भारत का मुख्य संदेश ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने पर केंद्रित रहा। बाजारों तक पहुंच सरल करने, व्यापार नियमों को सुगम बनाने, सामान की मंजूरी में तेजी लाने और सप्लाई चेन मजबूत करने को आपसी व्यापार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

  • मध्य प्रदेश में बैंक कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल, तीन दिन प्रभावित रहेगा कामकाज; नकदी, चेक क्लीयरेंस और लोन सेवाएं

    मध्य प्रदेश में बैंक कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल, तीन दिन प्रभावित रहेगा कामकाज; नकदी, चेक क्लीयरेंस और लोन सेवाएं


    मध्य प्रदेश : बैंक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर मध्य प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा है। जबलपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ है। हड़ताल के चलते शुक्रवार से रविवार तक लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाओं पर असर रहेगा।

    इस दौरान नकदी से जुड़े लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, लोन से संबंधित कार्य और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

    बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करना शामिल है। कर्मचारी चाहते हैं कि शनिवार और रविवार को अवकाश रखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाए। इसके अलावा पेंशन के अपडेट और उसमें जरूरी सुधार की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

    कर्मचारियों की एक अन्य मांग महंगाई भत्ते यानी DA की समान गणना से जुड़ी है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का विकल्प दिए जाने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से उनकी ओर से मांग रखी जा रही है।

    हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारी शिवांगी राय खरे ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार, लगातार मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

    बैंक कर्मचारी संजय खरे ने भी सरकार और बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि कर्मचारियों की ओर से उठाई जा रही मांगों पर जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

    तीन दिनों तक बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहने के कारण बैंक ग्राहकों को अपनी जरूरतों के लिए एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है। हालांकि, हड़ताल का मुख्य असर बैंक शाखाओं में होने वाले नियमित कामकाज पर पड़ रहा है।

    जबलपुर सहित प्रदेश में बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण शाखाओं में होने वाले कई जरूरी काम प्रभावित होने की स्थिति है। नकदी लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और लोन से जुड़े कामों के साथ अन्य बैंकिंग गतिविधियों पर भी हड़ताल का असर पड़ रहा है।

    बैंक कर्मचारियों का यह आंदोलन उनकी लंबित मांगों को लेकर है। कर्मचारी संगठनों की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पेंशन अपडेट, महंगाई भत्ते की समान गणना और पुरानी पेंशन योजना का विकल्प दिए जाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं।

    शुक्रवार से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय बैंक बंदी का दौर रविवार तक जारी रहेगा। लगातार तीन दिन बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित होने से बैंक ग्राहकों को अपने जरूरी कामों की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी। कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेने की मांग की है।

  • 84 साल की उम्र में अमिताभ बच्चन ने बताई अधूरी ख्वाहिश, बोले- संगीत सीखने की इच्छा आज भी पूरी नहीं हो पाई

    84 साल की उम्र में अमिताभ बच्चन ने बताई अधूरी ख्वाहिश, बोले- संगीत सीखने की इच्छा आज भी पूरी नहीं हो पाई

    नई दिल्ली ।अमिताभ बच्चन ने अपनी जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी अधूरी इच्छा के बारे में बताया है, जिसे लेकर उन्हें आज भी अफसोस है। अभिनय और अपनी दमदार आवाज के लिए पहचान रखने वाले अभिनेता ने बताया कि उन्हें संगीत सीखने की काफी इच्छा थी, लेकिन वह इसे कभी सीख नहीं पाए। उन्होंने यह बात क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-18’ के आगामी एपिसोड के दौरान बातचीत में साझा की।

    शो में अमिताभ बच्चन की बातचीत कंटेस्टेंट कृतज्ञा नैयर के साथ हुई। कृतज्ञा ने अभिनेता से एक लोकप्रिय गेम ‘दिस और दैट’ खेलने का अनुरोध किया। उन्होंने अमिताभ बच्चन को बताया कि वह कंटेंट बनाती हैं और इस गेम के जरिए एक रील बनाना चाहती हैं, ताकि उनके फॉलोअर्स भी बढ़ सकें।

    इसी बातचीत के दौरान कृतज्ञा ने अमिताभ बच्चन से एक दिलचस्प सवाल पूछा। उन्होंने जानना चाहा कि क्या अभिनेता अपने अतीत के किसी एक दिन को दोबारा जीना पसंद करेंगे या फिर ऐसा कोई दिन जीना चाहेंगे, जो उन्होंने अब तक नहीं जिया है, लेकिन हमेशा से उसे जीने की इच्छा रही है।

    इस सवाल के जवाब में अमिताभ बच्चन ने कहा कि उनकी जिंदगी में इतनी घटनाएं हुई हैं कि यह तय करना आसान नहीं है कि वह किस दिन को दोबारा जीना चाहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने उस दूसरी संभावना पर बात की, जिसमें ऐसा कोई दिन जीने की इच्छा शामिल है, जिसे उन्होंने अभी तक अनुभव नहीं किया।

    इसी दौरान अमिताभ बच्चन ने अपनी संगीत से जुड़ी इच्छा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह संगीत सीखना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अभिनेता ने कहा कि जब वह संगीतकारों और गीतकारों को सुनते हैं तो उनके मन में यह सवाल आता है कि कोई इतना अच्छा कैसे गा सकता है। उन्होंने माना कि उन्होंने खुद कभी संगीत नहीं सीखा।

    अमिताभ बच्चन ने यह भी बताया कि उनके घर में संगीत सीखने के लिए जरूरी वाद्य यंत्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने संगीत सीखने के लिए घर में कई यंत्र जुटाकर रखे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद वह इस कला को सीख नहीं सके।

    अभिनेता ने अपने अंदाज में कहा कि इन वाद्य यंत्रों के ऊपर फूलों की माला चढ़ाकर वह इस उम्मीद में रहते हैं कि एक दिन वह संगीत सीखना शुरू करेंगे। हालांकि, वह दिन अब तक नहीं आया और संगीत सीखने की उनकी इच्छा अधूरी रह गई।

    अमिताभ बच्चन ने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि अब वह 84 साल के हो गए हैं और अभी तक उन्हें संगीत नहीं आया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस बात का उन्हें बहुत दुख है। उनकी यह बात उनकी उस पुरानी इच्छा को सामने लाती है, जिसे वह चाहने के बावजूद पूरा नहीं कर सके।

    इस बातचीत में अमिताभ बच्चन ने यह भी दिखाया कि जिंदगी में कई उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद कुछ व्यक्तिगत इच्छाएं ऐसी रह सकती हैं, जिन्हें पूरा करने का अवसर नहीं मिल पाता। संगीत सीखना और वाद्य यंत्र बजाना उनके लिए ऐसी ही एक अधूरी ख्वाहिश है।

  • पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से बाजार खोलने, नियामकीय प्रक्रियाएं सरल करने और निर्बाध व्यापार को बढ़ावा देने की अपील की

    पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से बाजार खोलने, नियामकीय प्रक्रियाएं सरल करने और निर्बाध व्यापार को बढ़ावा देने की अपील की

    नई दिल्ली ।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को और मजबूत करने के लिए सदस्य देशों से अपने बाजार अधिक खोलने की अपील की है। उन्होंने नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने और व्यापारिक खेपों की तेज मंजूरी की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। गोयल ने यह बात शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।

    केंद्रीय मंत्री ने खास तौर पर सेवा क्षेत्र के बाजारों को अधिक खोलने की जरूरत बताई। उन्होंने ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों से एक-दूसरे के लिए सेवा बाजार खोलने का आह्वान किया। उनके अनुसार, सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को केवल मौजूदा स्तर तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापार और नवाचार के क्षेत्र में और आगे बढ़ाने की जरूरत है।

    गोयल ने संयुक्त नवाचार को नया मानदंड बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने ब्रिक्स देशों से एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने की अपील की। उनका जोर ऐसे आर्थिक सहयोग पर रहा, जिससे सदस्य देशों के बीच व्यापारिक अवसर बढ़ सकें और आपसी आर्थिक एकीकरण को मजबूती मिल सके।

    केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स देशों के कृषि-तकनीक यानी एग्री-टेक स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मिलकर काम करने से किसानों के लिए समाधान विकसित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, इससे लोगों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों को भी समर्थन मिल सकता है।

    वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भी ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को व्यावहारिक कारोबारी उपलब्धियों में बदलना महत्वपूर्ण है।

    जितिन प्रसाद के अनुसार, प्राथमिकताओं में बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, सदस्य देशों के बीच संतुलित व्यापार सुनिश्चित करना और सेवा क्षेत्र में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना शामिल है।

    भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जा रही है। भारत की 2026 की अध्यक्षता का मार्गदर्शन “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” थीम से हो रहा है। इस थीम के तहत मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभावशीलता को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    भारत की अध्यक्षता में विकास, स्थिरता और नवाचार को एजेंडे के केंद्र में रखा गया है। साथ ही, ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी प्रमुखता दी जा रही है। भारत ब्रिक्स को एक रचनात्मक और समाधान-केंद्रित मंच के रूप में और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

    वर्तमान में ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ये देश सामूहिक रूप से दुनिया की 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

  • इंदौर से MP के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई दिशा 2030 तक का विजन तैयार PPP मॉडल और AI से बदलेगा बसों का संचालन

    इंदौर से MP के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई दिशा 2030 तक का विजन तैयार PPP मॉडल और AI से बदलेगा बसों का संचालन

    इंदौर । मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है जो आधुनिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो। सरकार का फोकस पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के जरिए यात्री परिवहन को मजबूत करने पर रहेगा।

    समिट में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल समेत देशभर से आए परिवहन विशेषज्ञ निजी बस ऑपरेटर राज्य परिवहन उपक्रमों आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन के भविष्य को लेकर विस्तार से मंथन किया जाएगा।

    समिट का प्रमुख केंद्र मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा है। सरकार मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी MPYPIL के माध्यम से परिवहन व्यवस्था में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही आधुनिक आईटी सिस्टम और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन को भी बढ़ावा देने की योजना है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही परिवहन व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।

    समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो और हैकाथॉन का भी शुभारंभ किया जा रहा है। एक्सपो में बस निर्माता कंपनियों आईटी कंपनियों वित्तीय संस्थानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने अपने तकनीकी समाधान और नए प्रयोग प्रदर्शित किए हैं। इस मौके पर MPYPIL के नए लोगो और विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा।

    दो दिवसीय समिट में कुल आठ प्रमुख सत्र आयोजित होंगे। इनमें MP मोबिलिटी विजन 2030 PPP मॉडल के जरिए निवेश बस संचालन में वित्तीय आत्मनिर्भरता रोजगार और उद्यमिता यात्री सुरक्षा AI आधारित रूट प्लानिंग ग्रीन मोबिलिटी और एकीकृत टिकटिंग सिस्टम जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ इस बात पर भी सुझाव देंगे कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को किस तरह तकनीक से जोड़ा जाए ताकि यात्रियों को कम समय में बेहतर और सुरक्षित सेवा मिल सके।

    ग्रीन मोबिलिटी पर भी खास जोर रहेगा। समिट में इलेक्ट्रिक हाइड्रोजन और फ्लेक्स फ्यूल बसों को लेकर संभावनाओं पर चर्चा होगी। इनके संचालन के लिए चार्जिंग और रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत पर भी विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा AI और रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से बसों के रूट और शेड्यूल को बेहतर बनाने पर मंथन होगा।

    समिट में टाटा मोटर्स ईकेए मोबिलिटी ग्रीनसेल मोबिलिटी वोल्वो आयशर स्विच मोबिलिटी रैपिडो चलो मोबिलिटी यश टेक्नोलॉजीज SBI और इंडियन ऑयल समेत कई प्रमुख संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। WRI इंडिया BITS पिलानी CEPT अहमदाबाद KPMG और DIMTS के विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। माना जा रहा है कि इस समिट से मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था के लिए नई नीति और निवेश के रास्ते मजबूत होंगे।

  • इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के तिलक नगर स्थित एलएक्स होटल में 32 वर्षीय ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। होटल के कमरे में महिला की मौत के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दे दिया है। फुटेज में होटल के बाहर एक सफेद कार दिखाई दे रही है जिसके आसपास कुछ युवक मौजूद हैं। इनमें से दो युवक महिला के शव को कार में रखते हुए नजर आ रहे हैं। कारोबारी दीपक खंडेलवाल भी कार के पास खड़ा दिखाई देता है। पुलिस अब होटल में महिला के पहुंचने से लेकर उसे अस्पताल ले जाने तक की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

    जानकारी के मुताबिक सोनिला बुधवार दोपहर दीपक खंडेलवाल के साथ होटल पहुंची थी। दोनों होटल के कमरा नंबर 101 में गए थे। सोनिला के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद दीपक होटल आया था। इसके बाद वह करीब 40 मिनट तक कमरे में रुका। कमरे से बाहर निकलने के बाद उसने होटल स्टाफ को बताया कि सोनिला बेहोश है। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई।

    CCTV फुटेज में होटल के बाहर की गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। सफेद कार के आसपास कई युवक दिखाई दे रहे हैं। दो लोग महिला के शव को कार में रखते नजर आते हैं। इसी दौरान कारोबारी होटल के एक कर्मचारी को अपने साथ चलने का इशारा करता है लेकिन कर्मचारी उसके साथ जाने से मना कर देता है। महिला को बाद में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद सोनिला के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। बताया गया है कि वहां उनकी दीपक खंडेलवाल से कहासुनी हुई थी। इसके बाद दीपक अस्पताल से चला गया। घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    सोनिला के पति संजय ने बताया कि उनकी शादी करीब 14 साल पहले हुई थी और दोनों की दो बेटियां हैं। कुछ समय पहले परिवार इंदौर में रहने लगा था लेकिन पिछले करीब एक साल से संजय ब्यावरा में रह रहा था जबकि सोनिला इंदौर में रहती थी। दीपक को लेकर पूछे जाने पर संजय ने कहा कि वह उसे जानता है लेकिन फिलहाल इस मामले में बात नहीं करना चाहता। उसने करीब आठ दिन बाद पूरी बात बताने की बात कही है। परिवार की ओर से अभी तक दीपक पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।

    पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस और डॉक्टरों के बीच हुई चर्चा में फंदे से मौत का एंगल सामने आया है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ होने की उम्मीद है। पुलिस ने विसरा भी जांच के लिए भेजा है। शुरुआती जानकारी में जहर खाने की आशंका की भी चर्चा हुई थी लेकिन पुलिस फिलहाल सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    पुलिस ने होटल से DVR और जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सोनिला होटल में किस परिस्थिति में पहुंची थी। दीपक कमरे में कितनी देर रहा और उसके बाहर निकलने के बाद महिला की स्थिति क्या थी। इसके अलावा अस्पताल तक पहुंचने के दौरान कौन कौन लोग मौजूद थे इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की जांच जारी है और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। दीपक खंडेलवाल पालदा क्षेत्र में पाइप का कारोबार करता है और घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में कई टीमें लगा चुकी है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और CCTV जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि होटल के कमरे में आखिर हुआ क्या था।

  • जौहर विवाद पर कुमार विश्वास ने स्वरा भास्कर को घेरा, कहा- फिल्म या कहानी राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को मिटा नहीं सकती

    जौहर विवाद पर कुमार विश्वास ने स्वरा भास्कर को घेरा, कहा- फिल्म या कहानी राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को मिटा नहीं सकती

    नई दिल्ली । फिल्म पद्मावत में जौहर के दृश्य को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर की पुरानी टिप्पणी पर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इसी विवाद के बीच कवि कुमार विश्वास ने स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना ऐसे लोगों की आलोचना की, जो उनके अनुसार राजस्थान के इतिहास और संस्कृति को पर्याप्त रूप से जाने बिना उसकी व्याख्या करते हैं।

    स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में रानी पद्मावती और उनके साथ जौहर करने वाली महिलाओं के संदर्भ में टिप्पणी की थी। उन्होंने जौहर के प्रसंग को बदसलूकी से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी थी। इसी बयान को लेकर राजपूत समाज और करणी सेना की ओर से विरोध की बात सामने आई है।

    विवाद के बीच कुमार विश्वास ने राजस्थान के इतिहास में दर्ज बलिदानों और गौरव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म, कहानी या कुछ घंटों के कंटेंट के जरिए राजस्थान के इतिहास में दर्ज कुर्बानियों और गौरव को मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल किसी की टिप्पणी पर नाराज होने के बजाय आने वाली पीढ़ियों को सही इतिहास बताना ज्यादा जरूरी है।

    कुमार विश्वास ने राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत और वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी कुर्बानियों का महत्व किसी फिल्म या कहानी से प्रभावित नहीं हो सकता। उन्होंने इस संदर्भ में राजस्थान के गौरव और बलिदान को याद किया और कहा कि इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

    उन्होंने लोगों को यह भी समझाने की कोशिश की कि किसी व्यक्ति की टिप्पणी या किसी रचनात्मक प्रस्तुति पर लगातार प्रतिक्रिया देने के बजाय अपनी अगली पीढ़ी को इतिहास से परिचित कराना अधिक महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, यदि लोग स्वयं ऐतिहासिक प्रसंगों को अपनी संतानों तक नहीं पहुंचाएंगे, तो भविष्य में इतिहास की समझ कमजोर हो सकती है।

    कुमार विश्वास ने ऐसे लोगों पर भी टिप्पणी की, जो उनके अनुसार देश के इतिहास और संस्कृति की व्याख्या करते हैं, लेकिन उन्होंने इतिहास को पर्याप्त रूप से नहीं पढ़ा या समझा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से नाराज होने के बजाय अपनी पीढ़ी को राजस्थान के इतिहास और उसकी परंपराओं के बारे में बताना चाहिए।

    उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि वह खुद अपने परिवार को ऐतिहासिक स्थानों पर लेकर जाते हैं और बच्चों को वहां के इतिहास के बारे में बताते हैं। उन्होंने हल्दीघाटी और वृंदावन जैसे स्थानों का उल्लेख किया और कहा कि वह अपने परिवार के साथ ऐसी जगहों पर जाकर इतिहास समझने की कोशिश करते हैं।

    कुमार विश्वास ने महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी निजता और सम्मान की लड़ाई को समझना चाहता है, तो उसे कुंभलगढ़ के उस छोटे से कक्ष को देखना चाहिए, जहां महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था।

    इस पूरे विवाद के बीच कुमार विश्वास का जोर इस बात पर रहा कि राजस्थान के इतिहास, बलिदान और गौरव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म, कहानी या टिप्पणी से राजस्थान के इतिहास की ऐतिहासिक विरासत प्रभावित नहीं हो सकती।

  • ‘हनुमान अंश 2’ में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की एंट्री के संकेत, निर्माता नम्रता सिंह ने कैमियो पर कही बड़ी बात

    ‘हनुमान अंश 2’ में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की एंट्री के संकेत, निर्माता नम्रता सिंह ने कैमियो पर कही बड़ी बात

    नई दिल्ली । नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है। फिल्म की कामयाबी से मेकर्स खुश हैं। उन्होंने फिल्म के दूसरे पार्ट का एलान किया है। अब खबर आ रही है कि इस फिल्म में क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा कैमियो कर सकते हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

    निर्माता ने सेलेब्स से किया संपर्क

    ‘हनुमान अंश’ की निर्माता नम्रता सिंह ने बताया है कि उन्होंने आने वाले पार्ट्स में शामिल होने के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया है। हाल ही में बातचीत में नम्रता ने इस स्टार कपल के सीक्वल में कैमियो रोल करने की संभावना पर बात की।

    क्या होगा दूसरे और तीसरे पार्ट में?

    निर्माता ने कहा कि दूसरा पार्ट कैंची धाम के चैप्टर और उन भारतीय भक्तों की जिंदगी को दिखाएगा जिन पर नीम करोली बाबा का गहरा असर पड़ा था। इसके अलावा तीसरी फिल्म दुनिया भर की मशहूर हस्तियों पर बाबा के आध्यात्मिक प्रभाव को दिखाएगी।

    विराट-अनुष्का का नीम करोली बाबा से जुड़ाव

    ‘हनुमान अंश’ की कामयाबी के बीच नीम करोली बाबा के साथ विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के कथित आध्यात्मिक जुड़ाव ने लोगों का ध्यान खींचा है। यह कपल नीम करोली बाबा और उनकी शिक्षाओं से जुड़ा रहा है। खबरों में कैंची धाम में उनके जाने का जिक्र भी है। जब नम्रता से पूछा गया कि क्या यह कपल दूसरे पार्ट में नजर आ सकता है, तो उन्होंने बताया कि मेकर्स ने कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया है।

    अटकलों को मिली हवा

    नम्रता ने कहा, ‘मैंने उनमें से कुछ से संपर्क किया है और उन्हें पहले से ही इस फिल्म के बारे में जानकारी थी।’ हालांकि इस बयान से यह पक्का नहीं होता कि विराट या अनुष्का ‘हनुमान अंश 2’ में नजर आएंगे, मगर इसने संभावित कैमियो को लेकर चल रही अटकलों को और हवा जरूर दे दी है।

    दूसरे और तीसरे पार्ट के कॉन्सेप्ट पर हो चुका काम

    ‘हनुमान अंश’ को शुरू से ही एक तीन फिल्मों की सीरीज के तौर पर प्लान किया गया था। नम्रता ने यह भी बताया कि मेकर्स के पास इस फ्रेंचाइजी के लिए पहले से ही एक बड़ा प्लान है। उनके मुताबिक, दूसरे और तीसरे पार्ट के कॉन्सेप्ट पर काम हो चुका है।

    उन्होंने कहा, ‘मैं और विशाल, दोनों ही उनके भक्त हैं। महाराज जी के साथ हमारी निजी कहानियां जुड़ी हैं। मेरी 14 साल से और विशाल की 20 साल से। हम अपने संतों पर फिल्में बनाना चाहते हैं और उन्हें दुनिया तक पहुंचाना चाहते हैं।’

    ‘हनुमान अंश’ का कलेक्शन

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ को रिलीज हुए 35 दिन हो चुके हैं। कमाई के मामले में यह फिल्म हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। 34वें दिन फिल्म ने 10.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। 35वें दिन ‘हनुमान अंश’ ने खबर लिखे जाने तक 7.02 करोड़ रुपये कमाए हैं। फिल्म का टोटल कलेक्शन 160.15 करोड़ रुपये हो गया है।