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  • हरारे में होगी कांटे की टक्कर भारत और जिम्बाब्वे टी20 सीरीज पर सिकंदर रजा का बड़ा बयान जीत हार का फैसला करेगा प्रदर्शन

    हरारे में होगी कांटे की टक्कर भारत और जिम्बाब्वे टी20 सीरीज पर सिकंदर रजा का बड़ा बयान जीत हार का फैसला करेगा प्रदर्शन


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाने वाले इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस बार सीरीज पूरी तरह संतुलित रहेगी और दोनों टीमों के पास जीत हासिल करने के बराबर अवसर होंगे। रजा का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी टीम को कमजोर या मजबूत नहीं कहा जा सकता और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम ही बाजी मारेगी।

    सिकंदर रजा ने कहा कि जिम्बाब्वे पिछले कुछ समय से लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहा है और टीम का आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। उन्होंने विश्वास जताया कि घरेलू परिस्थितियों का फायदा उनकी टीम को मिलेगा और दर्शकों को बेहद रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। उनके अनुसार यह सीरीज किसी भी तरह से एकतरफा नहीं होगी क्योंकि दोनों टीमें बदलाव के दौर से गुजर रही हैं और नई रणनीतियों के साथ मैदान पर उतरेंगी।

    भारतीय टीम के लिए भी यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया जीत की राह पर लौटना चाहेगी। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने यह सीरीज खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगी। कप्तानी संभालने के बाद अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है इसलिए जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज जीतना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ टीम के मनोबल के लिए भी बेहद जरूरी माना जा रहा है।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 मुकाबलों का इतिहास देखें तो अब तक दोनों टीमों के बीच कुल दस मैच खेले गए हैं जिनमें भारत ने सात मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि जिम्बाब्वे तीन बार जीत हासिल करने में सफल रहा है। आंकड़े भले ही भारत के पक्ष में हों लेकिन हाल के वर्षों में जिम्बाब्वे ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है और कई बड़ी टीमों को कड़ी चुनौती दी है। यही कारण है कि इस सीरीज को हल्के में नहीं लिया जा रहा।

    हरारे की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए संतुलित मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है जबकि बाद में बल्लेबाज खुलकर रन बना सकते हैं। ऐसे में दोनों टीमों की रणनीति और मैदान पर लिए गए फैसले जीत हार में अहम भूमिका निभाएंगे। भारतीय टीम जहां अपनी मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा करेगी वहीं जिम्बाब्वे घरेलू परिस्थितियों और टीम भावना के दम पर उलटफेर करने की कोशिश करेगा।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज के मुकाबले 23 जुलाई 25 जुलाई और 26 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे शुरू होंगे। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि यह सीरीज रोमांच संघर्ष और बेहतरीन प्रदर्शन से भरपूर होगी तथा दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

  • रियलिटी शो में रणनीति वाली चिट पर विवाद, धीरज धूपर ने मांगी माफी, रितेश देशमुख बोले- दोबारा हुई गलती तो होगी कार्रवाई

    रियलिटी शो में रणनीति वाली चिट पर विवाद, धीरज धूपर ने मांगी माफी, रितेश देशमुख बोले- दोबारा हुई गलती तो होगी कार्रवाई

    नई दिल्ली । रियलिटी शो ‘लॉक अप: सच या सजा’ के हालिया एपिसोड में अभिनेता धीरज धूपर एक विवाद के कारण सुर्खियों में आ गए। शो के होस्ट रितेश देशमुख ने उन पर और उनके परिवार पर शो के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। रितेश ने खुलासा किया कि धीरज के परिवार की ओर से कथित तौर पर गेम से जुड़ी रणनीति वाले हस्तलिखित नोट शो के अंदर भेजने की कोशिश की गई थी। इस घटना को शो के नियमों के विरुद्ध बताते हुए उन्होंने धीरज को कड़ी चेतावनी दी और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना पर सख्त कार्रवाई की बात कही।

    हालिया एपिसोड में रितेश देशमुख ने इस मुद्दे को खुलकर उठाया और धीरज धूपर से सीधे सवाल किए। उन्होंने बताया कि शो की टीम को कई बार ऐसी जानकारी मिली कि धीरज के परिवार की ओर से छोटे-छोटे हस्तलिखित नोट्स शो के भीतर पहुंचाने का प्रयास किया गया। इन नोट्स में गेम को बेहतर ढंग से खेलने और आगे बढ़ने से जुड़ी रणनीतियां लिखी गई थीं। रितेश ने स्पष्ट किया कि इस तरह की बाहरी सहायता शो की निष्पक्षता के खिलाफ है और किसी भी प्रतियोगी के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती।

    रितेश देशमुख ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि पहले भी एक अवसर पर धीरज के बेटे को मानवीय आधार पर उनसे मिलने की अनुमति दी गई थी। उस दौरान भी कथित रूप से परिवार की ओर से एक चिट भेजने की कोशिश हुई थी। हालांकि उस समय शो की टीम ने मामले को अधिक तूल नहीं दिया, लेकिन हाल में दोबारा ऐसी कोशिश सामने आने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी को अपने खेल के लिए बाहरी सलाह या रणनीति लेना शो के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

    होस्ट ने धीरज को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि सभी प्रतिभागियों को अपनी समझ, क्षमता और निर्णय के आधार पर खेलना चाहिए। यदि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना दोहराई जाती है तो शो के नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगिता की निष्पक्षता बनाए रखना शो की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का पक्षपात या बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    पूरा मामला सामने आने के बाद धीरज धूपर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस कथित घटना की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी अपने परिवार से किसी प्रकार की बाहरी मदद या रणनीति भेजने के लिए नहीं कहा। अभिनेता ने रितेश देशमुख से माफी मांगते हुए भरोसा दिलाया कि वह अपने दम पर खेलना चाहते हैं और प्रतियोगिता को पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाएंगे।

    धीरज ने कैमरे के माध्यम से अपने परिवार से भी अपील की कि भविष्य में इस तरह की कोई कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि वह अपनी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर शो में आगे बढ़ना चाहते हैं और उन्हें किसी बाहरी सहायता की आवश्यकता नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद शो में नियमों के पालन और निष्पक्ष प्रतियोगिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दर्शकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले एपिसोड में यह विवाद किस तरह आगे बढ़ता है और धीरज धूपर अपने प्रदर्शन से इस विवाद के बाद कैसी वापसी करते हैं।

  • मध्य प्रदेश में यूसीसी कानून को मिली मंजूरी भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा से पास हुआ समान नागरिक संहिता विधेयक

    मध्य प्रदेश में यूसीसी कानून को मिली मंजूरी भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा से पास हुआ समान नागरिक संहिता विधेयक


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सरकार ने यूसीसी विधेयक चर्चा के लिए पेश किया जिसके बाद कांग्रेस ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग उठाई लेकिन सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विधानसभा में तीखी बहस नारेबाजी और हंगामे का दौर शुरू हो गया। अंततः भाजपा सरकार ने अपने बहुमत के आधार पर यूसीसी विधेयक को पारित करा लिया।

    विधेयक पेश होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण कानून पर व्यापक चर्चा और विशेषज्ञों की राय जरूरी है इसलिए इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। कांग्रेस के कई विधायकों ने इस मांग का समर्थन किया लेकिन सरकार अपने फैसले पर अडिग रही। मांग खारिज होने के बाद कांग्रेस विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में बढ़ते शोरगुल और अव्यवस्था को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को कार्यवाही पहले दस मिनट और फिर पंद्रह मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी माहौल शांत नहीं हुआ। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन उमंग सिंघार आतिफ अकील और आरिफ मसूद ने यूसीसी को लेकर सरकार पर कई सवाल उठाए। विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक संवैधानिक अधिकारों विशेषकर अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस नेताओं ने संविधान के अनुच्छेद 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर सभी पक्षों से व्यापक संवाद होना चाहिए था। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए विधेयक को सामाजिक समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सदन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि समान नागरिक संहिता किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान जिम्मेदारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने वाला कानून है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत लोगों ने इस विधेयक का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद विवाह का शासकीय पंजीयन अनिवार्य होगा और एक पति या एक पत्नी रहते हुए दूसरा विवाह करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और समान न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर के विचारों का सम्मान करता है तो उसे इस कानून का समर्थन करना चाहिए। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान भी कांग्रेस विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे लेकिन सरकार ने चर्चा पूरी कराकर बहुमत के आधार पर विधेयक को पारित करा लिया।

    सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में यूसीसी के विरोध में सांकेतिक नाटक का मंचन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी महंगाई किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए यूसीसी जैसे विषयों को आगे ला रही है। इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कानून प्रदेश में समान अधिकार और समान न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

  • अफवाहों के बीच करणवीर बोहरा ने तोड़ी चुप्पी, बोले- निजी जीवन पर अभी नहीं करना चाहता कोई बात, काम पर है पूरा फोकस

    अफवाहों के बीच करणवीर बोहरा ने तोड़ी चुप्पी, बोले- निजी जीवन पर अभी नहीं करना चाहता कोई बात, काम पर है पूरा फोकस

    नई दिल्ली । टीवी अभिनेता करणवीर बोहरा ने पिछले कुछ समय से उनकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर चल रही तलाक की चर्चाओं पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। हालांकि उन्होंने इन अफवाहों पर विस्तार से बोलने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि वह फिलहाल अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं बनाना चाहते। अभिनेता ने कहा कि जब वह किसी मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते तो सम्मानपूर्वक मना कर देते हैं और उन्हें उम्मीद है कि लोग भी उनकी निजता का सम्मान करेंगे।

    करणवीर बोहरा और उनकी पत्नी तीजय सिद्धू को लंबे समय से टेलीविजन इंडस्ट्री के चर्चित और लोकप्रिय कपल्स में गिना जाता है। पिछले कुछ महीनों से दोनों के रिश्ते को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में सामने आ रही थीं। इन खबरों के बीच पहली बार करणवीर ने अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन उन्होंने किसी भी अफवाह की पुष्टि या खंडन करने के बजाय अपनी निजी सीमाओं का सम्मान करने की अपील की।

    अभिनेता ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और नकारात्मक टिप्पणियों पर भी अपनी राय साझा की। उनका कहना था कि वह किसी भी नकारात्मक बात को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते। इंटरनेट पर लोग क्या लिखते हैं, उससे वह मानसिक रूप से प्रभावित नहीं होते। उनके अनुसार हर व्यक्ति की अपनी राय हो सकती है, लेकिन उसका असर अपने काम और जीवन पर नहीं पड़ने देना चाहिए। उन्होंने सकारात्मक सोच बनाए रखने को सबसे महत्वपूर्ण बताया।

    करणवीर ने अपने पेशेवर सफर को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू किया है और अब केवल अभिनय तक सीमित रहने के बजाय निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनका मानना है कि मनोरंजन उद्योग लगातार बदल रहा है और कलाकारों को समय के साथ अपनी भूमिका का विस्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल अभिनय के भरोसे पूरा करियर नहीं चलाया जा सकता, इसलिए नए अवसरों और नए माध्यमों को अपनाना जरूरी है।

    उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके करियर के दौरान उन्हें टेलीविजन के दो बड़े और लोकप्रिय शो ऑफर हुए थे, लेकिन उस समय दूसरी परियोजनाओं में व्यस्त होने के कारण वह उनका हिस्सा नहीं बन सके। अभिनेता ने स्वीकार किया कि आज भी उन्हें इस बात का अफसोस होता है कि वह उन चर्चित धारावाहिकों में काम नहीं कर पाए। हालांकि उनका मानना है कि हर कलाकार के करियर में ऐसे अवसर आते हैं, जिन्हें परिस्थितियों के कारण छोड़ना पड़ता है।

    करणवीर बोहरा ने यह भी कहा कि रियलिटी शोज ने उनके व्यक्तित्व को दर्शकों के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों ने उन्हें केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक पिता, दोस्त और सामान्य इंसान के रूप में भी जाना। यही वजह है कि दर्शकों के साथ उनका जुड़ाव पहले से अधिक मजबूत हुआ है।

    करणवीर बोहरा और तीजय सिद्धू की प्रेम कहानी भी लंबे समय से चर्चा में रही है। दोनों की मुलाकात एक साझा मित्र के माध्यम से हुई थी, जिसके बाद दोस्ती प्यार में बदली और वर्ष 2006 में दोनों ने विवाह कर लिया। आज यह दंपति तीन बेटियों के माता-पिता हैं। हालिया अफवाहों के बीच करणवीर की प्रतिक्रिया ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल अपने निजी जीवन से अधिक अपने काम और परिवार की गरिमा बनाए रखने पर ध्यान देना चाहते हैं।

  • बिजली कंपनी के इंजीनियर पर लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा करोड़ों की फैक्ट्री आलीशान बंगले और लग्जरी गाड़ियां बरामद

    बिजली कंपनी के इंजीनियर पर लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा करोड़ों की फैक्ट्री आलीशान बंगले और लग्जरी गाड़ियां बरामद


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच लोकायुक्त ने एक बड़ी छापेमार कार्रवाई करते हुए पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर फाइनेंस शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला उजागर किया है। मंगलवार सुबह तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में इंदौर धार पीथमपुर बगदून मुरैना और अन्य स्थानों सहित कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए। शुरुआती जांच में सामने आया कि अधिकारी के पास उनकी वैध आय की तुलना में लगभग 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति मौजूद है। इस खुलासे ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    लोकायुक्त की टीम ने जांच के दौरान कई अहम दस्तावेजों के साथ बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण भी बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार घर से करीब चार किलो चांदी तीन सौ ग्राम सोना और लगभग तीन लाख रुपए नकद मिले हैं। इसके अलावा कई बैंक खातों निवेश संबंधी दस्तावेज और अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए गए हैं। टीम को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे करोड़ों रुपए की संपत्तियों और निवेश का पता चला है।

    जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारी ने केवल अपने नाम पर ही नहीं बल्कि बेटे बहू दामाद और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी कई संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें आलीशान बंगले प्लॉट व्यावसायिक भवन और औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। पीथमपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपए की फैक्ट्री और अन्य निर्माण कार्य भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। लोकायुक्त अब इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और उनमें लगाए गए धन के स्रोत की गहन जांच कर रही है।

    छापेमारी के दौरान कई लग्जरी वाहन और महंगे घरेलू सामान भी जांच के दायरे में आए हैं। टीम ने संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों की मदद ली है ताकि वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन किया जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि आगे की पड़ताल में और भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    लोकायुक्त पुलिस ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में डीएसपी सुनील तालान आनंद चौहान दिनेश पटेल दीपक शेजवार सहित कई अधिकारी अलग अलग स्थानों पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। बैंक खातों लेनदेन बेनामी संपत्तियों और निवेश के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।

    जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि संपत्ति के स्रोत संतोषजनक नहीं पाए गए तो संबंधित संपत्तियों की जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई को मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

  • इंजीनियर से HCLTech के शीर्ष पद तक का सफर, रिकॉर्ड 176 करोड़ के पैकेज के साथ चर्चा में आए C. विजयकुमार

    इंजीनियर से HCLTech के शीर्ष पद तक का सफर, रिकॉर्ड 176 करोड़ के पैकेज के साथ चर्चा में आए C. विजयकुमार

    नई दिल्ली । भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में HCLTech के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक C. विजयकुमार इन दिनों अपने रिकॉर्ड वेतन पैकेज को लेकर चर्चा में हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उन्हें लगभग 176.47 करोड़ रुपये का कुल पारिश्रमिक मिला है, जिसके साथ वह देश के आईटी क्षेत्र के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEO बन गए हैं। यह पैकेज पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है और कॉर्पोरेट जगत में नेतृत्व, प्रदर्शन और पारिश्रमिक को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है।

    C. विजयकुमार का पेशेवर सफर एक इंजीनियर के रूप में शुरू हुआ था। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती वर्षों में तकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और धीरे-धीरे कंपनी के नेतृत्व तक पहुंचे। लंबे समय तक संगठन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम करने के बाद उन्हें वर्ष 2016 में HCLTech का CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी को मजबूत किया और नई तकनीकों पर केंद्रित रणनीति अपनाई।

    पिछले कुछ वर्षों में HCLTech ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इंजीनियरिंग सेवाओं जैसे क्षेत्रों में लगातार विस्तार किया है। कंपनी ने दुनिया के कई बड़े ग्राहकों के साथ अपने कारोबारी संबंध मजबूत किए हैं और नई तकनीकों में निवेश बढ़ाया है। इसी रणनीति का असर कंपनी की व्यावसायिक वृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी स्थिति पर भी देखने को मिला है।

    विजयकुमार के कुल पारिश्रमिक में केवल मासिक वेतन ही शामिल नहीं है। इसमें मूल वेतन, प्रदर्शन आधारित बोनस, विभिन्न भत्ते और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शेयर आधारित प्रोत्साहन का है। बड़ी आईटी कंपनियां वरिष्ठ अधिकारियों को लंबे समय तक संगठन से जोड़कर रखने और उनके प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए स्टॉक आधारित इंसेंटिव देती हैं। इसी कारण उनका कुल पैकेज 176 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचा है।

    कंपनी के निदेशक मंडल ने उनके नेतृत्व में प्राप्त व्यावसायिक उपलब्धियों और भविष्य की विकास रणनीति को ध्यान में रखते हुए पारिश्रमिक में वृद्धि को मंजूरी दी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तकनीकी उद्योग में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और ऐसे माहौल में अनुभवी नेतृत्व को बनाए रखने के लिए कंपनियां आकर्षक वेतन और दीर्घकालिक प्रोत्साहन योजनाओं का सहारा लेती हैं। यही वजह है कि बड़े कॉर्पोरेट समूहों में CEO के वेतन पैकेज में स्टॉक इंसेंटिव का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है।

    HCLTech आज दुनिया के 60 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है और विभिन्न उद्योगों के ग्राहकों के साथ काम कर रही है। कंपनी की डिजिटल सेवाओं, क्लाउड समाधान और AI आधारित तकनीकों पर बढ़ती पकड़ ने उसे वैश्विक आईटी उद्योग में मजबूत पहचान दिलाई है। C. विजयकुमार के नेतृत्व में कंपनी ने नवाचार और तकनीकी निवेश पर विशेष जोर दिया, जिससे उसकी प्रतिस्पर्धी क्षमता और कारोबारी विस्तार को नई गति मिली। उनके रिकॉर्ड वेतन पैकेज ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि वैश्विक स्तर पर सफल नेतृत्व, कारोबारी प्रदर्शन और शेयरधारकों के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए शीर्ष प्रबंधन के पारिश्रमिक का निर्धारण किस प्रकार किया जाता है।

  • 14.2 किलो और 19 किलो LPG सिलेंडर की ताजा कीमतें जारी, घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल रेट भी जानिए

    14.2 किलो और 19 किलो LPG सिलेंडर की ताजा कीमतें जारी, घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल रेट भी जानिए

    नई दिल्ली । देशभर में रसोई गैस का उपयोग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए 21 जुलाई को राहत की खबर है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से इस महीने की शुरुआत में जो दरें तय की गई थीं, वही आज भी लागू हैं। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग पहले की निर्धारित कीमत पर ही करानी होगी। एलपीजी की कीमतें पेट्रोल और डीजल की तरह प्रतिदिन नहीं बदलतीं, बल्कि सामान्य तौर पर प्रत्येक महीने की पहली तारीख को उनकी समीक्षा की जाती है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये बनी हुई है। मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है। इसके अलावा चंडीगढ़ में घरेलू सिलेंडर 951.50 रुपये, देहरादून में 961 रुपये, हैदराबाद में 934 रुपये, भुवनेश्वर में 968 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 951 रुपये की दर से उपलब्ध है। अलग-अलग राज्यों में कर और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में कुछ अंतर देखने को मिलता है।

    व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में इसका दाम 2930 रुपये है, जबकि मुंबई में यह 2885.50 रुपये में उपलब्ध है। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3082 रुपये और चेन्नई में 3106 रुपये निर्धारित है। चंडीगढ़ में इसकी कीमत 2954.50 रुपये, देहरादून में 2983.50 रुपये, हैदराबाद में 2052.50 रुपये, भुवनेश्वर में 3115 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 2970.50 रुपये बनी हुई है। इन दरों का असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत पर पड़ता है।

    घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर मुख्य रूप से घरों में भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में अधिक मात्रा में गैस की आवश्यकता को पूरा करता है। दोनों श्रेणियों की कीमतें अलग-अलग निर्धारित की जाती हैं और इनमें बदलाव बाजार की परिस्थितियों तथा अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों के आधार पर किया जाता है।

    इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया था, जबकि घरेलू सिलेंडर के दाम यथावत रखे गए थे। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू गैस की कीमतों में स्थिरता से आम परिवारों के मासिक बजट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि व्यावसायिक क्षेत्र की लागत पर कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों का सीधा असर दिखाई देता है।

    अब उपभोक्ताओं की निगाहें अगले मूल्य संशोधन पर टिकी हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव होता है, तो आगामी महीने की शुरुआत में नई दरें घोषित की जा सकती हैं। फिलहाल 21 जुलाई को देशभर में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर निर्धारित मौजूदा कीमतों पर ही उपलब्ध हैं और उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में शिल्पा शिंदे के बयान पर मचा बवाल, राम कपूर को लेकर की गई टिप्पणी बनी चर्चा का विषय

    रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में शिल्पा शिंदे के बयान पर मचा बवाल, राम कपूर को लेकर की गई टिप्पणी बनी चर्चा का विषय

    नई दिल्ली । रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ के हालिया एपिसोड में एक बार फिर विवाद देखने को मिला, जब अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने अभिनेता राम कपूर के साथ एक ही सेल में सोने से इनकार कर दिया। इस दौरान राम कपूर को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने शो के भीतर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया और दर्शकों के बीच भी इस घटना की चर्चा तेज हो गई। शो में पहले से मौजूद मतभेद इस घटना के बाद और अधिक स्पष्ट दिखाई दिए।

    हालिया एपिसोड में साप्ताहिक टास्क के बाद प्रतियोगियों को दो टीमों में बांटा गया। टास्क जीतने वाली टीम को रहने और अन्य सुविधाओं में प्राथमिकता मिली, जबकि दूसरी टीम को सीमित संसाधनों के साथ समय बिताना पड़ा। रात में सोने की व्यवस्था के दौरान शिल्पा शिंदे को उस सेल में भेजने का फैसला किया गया, जहां राम कपूर पहले से मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए वहां जाने से साफ इनकार कर दिया।

    शो में मौजूद अन्य प्रतिभागियों ने शिल्पा शिंदे को समझाने का प्रयास किया कि दोनों के लिए अलग-अलग बेड की व्यवस्था है और किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। इसके बावजूद उन्होंने अपना निर्णय नहीं बदला। बातचीत के दौरान उन्होंने राम कपूर को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे कई लोगों ने आपत्तिजनक और बॉडी शेमिंग से जोड़कर देखा। इसके बाद घर के अन्य सदस्य भी इस बहस में शामिल हो गए और माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा।

    स्थिति को संभालने की कोशिश के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ। अंततः शिल्पा शिंदे की टीम के कुछ सदस्यों ने उनके साथ बाहर ही रात बिताने का फैसला किया। इस घटनाक्रम ने शो के भीतर दोनों टीमों के बीच पहले से मौजूद खींचतान को और बढ़ा दिया। एपिसोड के प्रसारण के बाद इस पूरे मामले पर दर्शकों की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

    शो में शिल्पा शिंदे और राम कपूर के बीच शुरुआत से ही मतभेद देखने को मिले हैं। कई मौकों पर दोनों एक-दूसरे की बातों का विरोध करते और तीखी बहस करते नजर आए हैं। हालिया एपिसोड में भी सोने की व्यवस्था से पहले दोनों के बीच अन्य मुद्दों पर कहासुनी हुई थी, जिससे उनके रिश्तों में तनाव साफ दिखाई दिया। इसी कारण यह नया विवाद भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

    शिल्पा शिंदे इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुकी हैं। हाल के एपिसोड में उन्हें एक अन्य प्रतिभागी की निजी जिंदगी पर टिप्पणी करने के कारण भी फटकार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में लगातार सामने आ रहे विवाद शो के माहौल को और अधिक प्रतिस्पर्धी तथा तनावपूर्ण बना रहे हैं।

    रियलिटी शो में प्रतिभागियों के बीच मतभेद और तीखी बहसें अक्सर देखने को मिलती हैं, लेकिन किसी की शारीरिक बनावट को लेकर की गई टिप्पणी सामाजिक स्तर पर संवेदनशील मानी जाती है। यही वजह है कि इस घटना ने केवल शो के भीतर ही नहीं बल्कि दर्शकों के बीच भी चर्चा को जन्म दिया है। आने वाले एपिसोड में इस विवाद का असर प्रतियोगियों के रिश्तों और खेल की रणनीति पर किस तरह पड़ता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जन्मदिन आज, सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने दी बधाई; दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जन्मदिन आज, सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने दी बधाई; दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे आज अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आए शुभकामना संदेशों ने लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शिष्टाचार की एक सकारात्मक तस्वीर भी प्रस्तुत की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि वह उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं और ईश्वर से उनके दीर्घायु तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने भी अपने-अपने संदेशों के माध्यम से उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका अनुभव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पार्टी नेताओं ने उनके लंबे राजनीतिक जीवन, संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक न्याय, संविधान तथा जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस सहित पार्टी की विभिन्न प्रदेश इकाइयों ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। शुभकामना संदेशों में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और संगठन को मजबूत बनाने में निभाई गई भूमिका का उल्लेख किया गया। साथ ही उनके स्वस्थ, सक्रिय और यशस्वी जीवन की कामना भी की गई।

    समाजवादी पार्टी ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आए इन संदेशों को लोकतांत्रिक परंपरा और राजनीतिक सौहार्द का प्रतीक माना जा रहा है, जहां वैचारिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान जारी रहता है।

    मल्लिकार्जुन खरगे भारतीय राजनीति के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा रहे हैं। संसदीय राजनीति, संगठन और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल किया जाता है।

    उनके जन्मदिन के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन किया। कई स्थानों पर रक्तदान शिविर, पौधारोपण, जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरण और अन्य सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

  • भोपाल महिला आयोग में चौंकाने वाले वैवाहिक विवाद नौकरी के बाद बढ़ी दूरियां कहीं तलाक की मांग तो कहीं जान का खतरा

    भोपाल महिला आयोग में चौंकाने वाले वैवाहिक विवाद नौकरी के बाद बढ़ी दूरियां कहीं तलाक की मांग तो कहीं जान का खतरा


    भोपाल । भोपाल में मध्यप्रदेश महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक जीवन से जुड़े कई गंभीर और संवेदनशील मामले सामने आए हैं। सोमवार को हुई सुनवाई में कुल 30 लंबित मामलों पर चर्चा की गई जिनमें दो प्रकरण विशेष रूप से चर्चा का विषय बने। एक मामले में पति ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारी बनने के बाद उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई जबकि दूसरे मामले में पति और पत्नी ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। इन मामलों की अभी जांच और सुनवाई जारी है तथा आयोग दोनों पक्षों की बात सुनकर समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।

    पहले मामले में एक सरकारी कॉलेज के प्रोफेसर ने आयोग के समक्ष कहा कि उनकी पत्नी को असिस्टेंट डायरेक्टर टीसीपी के पद पर नियुक्ति मिलने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आ गया। पति का कहना है कि करीब 20 वर्ष के वैवाहिक जीवन के बाद पत्नी बेटे को साथ लेकर मायके चली गई और अब तलाक चाहती है। सुनवाई के दौरान पत्नी उपस्थित नहीं हुई जबकि पति ने आयोग से भावुक अपील करते हुए कहा कि वह आज भी अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता है और जरूरत पड़ने पर मायके में भी रहने को तैयार है।

    पति ने यह भी कहा कि उनका बेटा आईवीएफ प्रक्रिया से हुआ है और यदि रिश्ते में लगातार मानसिक प्रताड़ना होती तो परिवार इस कठिन प्रक्रिया से नहीं गुजरता। उन्होंने यह भी बताया कि पत्नी के अलग होने के बाद उनकी मां को पैरालिसिस का दूसरा अटैक आया है और इस उम्र में अकेले जीवन बिताना उनके लिए बेहद कठिन होगा।

    दूसरे मामले में पति ने आयोग के सामने दावा किया कि उसकी पत्नी के दूसरी महिला के साथ संबंध हैं और उसे अपनी जान का खतरा महसूस होता है। पति ने आरोप लगाया कि उसने कथित बातचीत सुनी है जिसमें उसे रास्ते से हटाने जैसी बातें कही गईं। उसने आयोग से सुरक्षा की मांग भी की।

    वहीं पत्नी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना घरेलू हिंसा और निजी जीवन में हस्तक्षेप जैसे गंभीर आरोप लगाए। महिला का कहना है कि शादी के बाद लगातार उससे सोना नकदी और अन्य सामान की मांग की जाती रही। उसने आरोप लगाया कि उसके निजी फोटो और वीडियो बिना अनुमति रिकॉर्ड किए गए और उन्हें सार्वजनिक करने की कोशिश की गई जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।

    महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे कई बार कमरे में बंद रखा गया उसके साथ मारपीट की गई और उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया गया। उसका कहना है कि वह लंबे समय से अकेले रह रही है और उसके खर्च का जिम्मा मायके वाले उठा रहे हैं। दूसरी ओर पति ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके पास अपने पक्ष में पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य हैं जिन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।

    महिला आयोग ने दोनों मामलों में संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों मामलों में अंतिम निर्णय आना बाकी है।