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  • नवरात्र में सफेद नमक वर्जित, लेकिन सेंधा नमक क्यों खाते हैं भक्त, जानिए क्‍या है कारण?

    नवरात्र में सफेद नमक वर्जित, लेकिन सेंधा नमक क्यों खाते हैं भक्त, जानिए क्‍या है कारण?


    नई दिल्ली। नवरात्र के पावन पर्व पर लोग अपनी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत रखते हैं। कुछ लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं तो कुछ दिनभर व्रत रखकर शाम को भोजन करते हैं। कुछ श्रद्धालु मातारानी की सेवा करते हुए जलाहार ही करते हैं। ऐसे ही कई लोग नवरात्र के दौरान भोजन में सेंधा नमक का प्रयोग करते हैं। खास बात यह है कि नवरात्र में साधारण या सफेद नमक का उपयोग पूरी तरह वर्जित माना जाता है लेकिन सेंधा नमक का सेवन व्रत में करना मान्य है।
    साधारण नमक और सेंधा नमक में अंतर

    धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टिकोण से साधारण नमक और सेंधा नमक में काफी अंतर है। साधारण नमक जो समुद्री नमक भी कहलाता है कई रासायनिक और मशीनी प्रक्रियाओं से गुजरता है। इस कारण इसे व्रत के लिए शुद्ध नहीं माना जाता। वहीं सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से हिमालय की चट्टानों से निकाला जाता है और इसे शुद्ध नमक मानकर व्रत में उपयोग किया जाता है।

    सेंधा नमक शुद्ध और सात्विक

    हिंदू धर्म में व्रत का उद्देश्य केवल भोजन पर नियंत्रण नहीं बल्कि मन को भगवान की भक्ति में लगाना और सात्विक जीवन जीना भी है। साधारण नमक कृत्रिम माना जाता है जबकि सेंधा नमक स्वयं सिद्ध और सात्विक माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार सेंधा नमक शरीर में शीतलता बनाए रखता है और मन को शांत करता है। ध्यान और पूजा के समय शरीर और मन का सात्विक होना जरूरी होता है इसलिए व्रत में सेंधा नमक का महत्व बढ़ जाता है।

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो व्रत के दौरान अनाज या सामान्य भोजन कम लेने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। सफेद नमक की तुलना में सेंधा नमक में मैग्नीशियम पोटेशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखते हैं और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। इस कारण व्रत के दौरान भोजन में सेंधा नमक का उपयोग स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि नमक का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए।

  • संसद से सड़क तक छिड़ी अश्लीलता के विरुद्ध जंग: हरभजन सिंह के विचारों से सहमत हुए बिजनेसमैन राज कुंद्रा, कड़े सरकारी एक्शन की अपील

    संसद से सड़क तक छिड़ी अश्लीलता के विरुद्ध जंग: हरभजन सिंह के विचारों से सहमत हुए बिजनेसमैन राज कुंद्रा, कड़े सरकारी एक्शन की अपील

    नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में इंटरनेट की सुलभता ने जहाँ विकास के नए द्वार खोले हैं, वहीं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों ने समाज के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और जाने-माने बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने इंटरनेट पर परोसे जा रहे अश्लील कंटेंट और अनियंत्रित वेबसाइट्स के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। राज कुंद्रा का यह बयान पूर्व क्रिकेटर और ‘आम आदमी पार्टी’ के सांसद हरभजन सिंह द्वारा हाल ही में संसद में उठाए गए उस मुद्दे के समर्थन में आया है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर बच्चों के बढ़ते एक्सपोजर पर चिंता जताई थी।

    हरभजन सिंह ने संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा प्रभावी ढंग से रखा था कि इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अत्यधिक उपयोग से बच्चों की सामाजिक और मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की थी कि ऐसे कंटेंट तक बच्चों की पहुंच सीमित होनी चाहिए ताकि उनके कोमल मन को दूषित होने से बचाया जा सके। हरभजन के इस विचार का समर्थन करते हुए राज कुंद्रा ने स्पष्ट कहा कि आज इंटरनेट पर मौजूद “फ्री और बिना किसी कंट्रोल” वाले कंटेंट ने समाज के लिए संकट पैदा कर दिया है। कुंद्रा के अनुसार, अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री बहुत ही आसानी से कम उम्र के बच्चों तक पहुंच रही है, जिसे रोकने के लिए ऐसी वेबसाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना अनिवार्य है।

    राज कुंद्रा ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई अन्य देशों में इस तरह के सख्त बैन पहले से ही लागू हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का एक्सेस पूरी तरह से लिमिटेड यानी सीमित कर दिया जाना चाहिए। कुंद्रा ने जोर देकर कहा कि यद्यपि उनके पास प्रतिक्रिया देने के लिए और भी कई मुद्दे हैं, लेकिन वर्तमान में बच्चों का भविष्य और समाज की सुरक्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, जिस पर तुरंत कड़े नियमों की आवश्यकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि राज कुंद्रा का यह बयान उनके अपने अतीत के कारण भी चर्चा का विषय बना हुआ है। साल 2021 में राज कुंद्रा पर एडल्ट कंटेंट बनाने और उसे ऐप के जरिए प्रसारित करने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके अतिरिक्त, आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी जैसे विवादों में भी उनका नाम उछला था। इन तमाम विवादों के बीच, राज कुंद्रा ने अब जिस तरह से अश्लील कंटेंट के खिलाफ मोर्चा संभाला है, वह सोशल मीडिया और पब्लिक डोमेन में नई बहस को जन्म दे रहा है। उन्होंने समाज के व्यापक हित को सर्वोपरि रखते हुए इंटरनेट सुरक्षा और बच्चों के डिजिटल संरक्षण पर सरकार से सख्त नीति बनाने की अपील की है।

  • ऑस्ट्रेलिया टूर से होगी टीम की परीक्षा, कप्तान हेली मैथ्यूज का बड़ा बयान

    ऑस्ट्रेलिया टूर से होगी टीम की परीक्षा, कप्तान हेली मैथ्यूज का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन 12 जून से 5 जुलाई के बीच इंग्लैंड में होना है। यह विश्व कप का दसवां संस्करण है। इस बार 12 टीमें विश्व कप में हिस्सा लेंगी। सभी टीमें विश्व कप की तैयारी अपने स्तर पर कर रही हैं। वेस्टइंडीज की टीम भी अपने आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे को विश्व कप के लिहाज से अहम मान रही है।

    ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज महिला टीमों के बीच 3 टी20 मैचों की सीरीज 19, 21 और 23 मार्च को खेली जाएगी। वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज ने इस सीरीज को टी20 विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम माना है।

    मैथ्यूज ने कहा, “मैं उन मौकों का पूरा फायदा उठाने के लिए और खासकर ऑस्ट्रेलिया में कुछ महीनों के बाद एक साथ प्लेन में बैठकर फिर से एक ग्रुप के तौर पर जुड़ने के लिए उत्सुक हूं। यह हमारे लिए बहुत अच्छा होने वाला है।”

    उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही अहम (सीरीज) है और मुझे लगता है कि यह इस बात का अच्छा टेस्ट होगा कि हम एक टीम के तौर पर अभी कहां हैं। वर्ल्ड कप शुरू होने में बस कुछ ही महीने बाकी हैं, इसलिए उम्मीद है कि हम कुछ अच्छी चीजें देख पाएंगे और इस सीरीज से बहुत सारी पॉजिटिव बातें सीख पाएंगे।

    वेस्टइंडीज इस सीरीज को टी20 विश्व कप की तैयारी के तौर पर देखेगी। 2016 में खिताब जीतने वाली वेस्टइंडीज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैचों के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। टीम में कप्तान हेली मैथ्यूज, स्टेफनी टेलर, एफी फ्लेचर, शमीन कैम्पबेल और डिएंड्रा डॉटिन जैसी अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।

    कप्तान मैथ्यूज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज की अहमियत भी जानते हैं। उन्होंने टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों एबोनी ब्रैथवेट और जहजारा क्लैक्सटन से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है।

    ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की टीम

    हेली मैथ्यूज (कप्तान), चिनेल हेनरी, आलिया एलीने, एबोनी ब्रैथवेट, शमीन कैम्पबेल, जहजारा क्लैक्सटन, डिएंड्रा डॉटिन, एफी फ्लेचर, जैनिलेया ग्लासगो, शॉनिशा हेक्टर, जैदा जेम्स, कियाना जोसेफ, मैंडी मंगरू, करिश्मा रामहरैक, स्टेफनी टेलर

  • मुझे ड्रॉप करने का फैसला सही था, वापसी के लिए तैयार रहना चाहता हूं: ओली पोप

    मुझे ड्रॉप करने का फैसला सही था, वापसी के लिए तैयार रहना चाहता हूं: ओली पोप


    नई दिल्ली।  इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप ने कहा है कि एशेज 2025-26 के दौरान खराब प्रदर्शन की वजह से टीम से बाहर किए जाने के बावजूद उन्हें फिर से राष्ट्रीय टीम में वापसी की पूरी उम्मीद है।

    ओली पोप ने कहा, “टीम से बाहर होना आसान नहीं होता, लेकिन उस समय यह सही फैसला था। मुझे पता था कि मैं कहां खड़ा हूं।”

    उन्होंने कहा, “अगर मैं प्लेइंग इलेवन में नहीं हूं, तो मुझे यह साबित करना होगा कि मैं देश का सबसे अच्छा बल्लेबाज बन सकता हूं। मैं अपने खेल को बेहतर बनाकर तैयार रहना चाहता हूं।”

    पोप ने कहा कि उनका लक्ष्य अपने खेल को अगले स्तर तक ले जाना है ताकि मौका मिलने पर वह खुद को सर्वश्रेष्ठ विकल्प साबित कर सकें।

    पोप को इंग्लैंड टेस्ट टीम की उपकप्तानी भी गंवानी पड़ी। उनकी जगह ये भूमिका अब हैरी ब्रूक निभा रहे हैं।

    मध्यक्रम के इस बल्लेबाज को टीम के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम और क्रिकेट डायरेक्टर रॉब की घरेलू क्रिकेट के रास्ते राष्ट्रीय टीम में वापस आने की सलाह दी है।

    पोप का भी मानना है कि घरेलू सीजन में लगातार खेलने से उन्हें अपने खेल को सुधारने का मौका मिलेगा और वह जल्द ही इंग्लैंड टीम में वापसी कर सकते हैं। वह काउंटी क्रिकेट में सरे के लिए खेलते हुए अपने प्रदर्शन पर ध्यान देंगे।

    एशेज सीरीज की 6 पारियों में 125 रन बनाने वाले ओली पोप को टीम में अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। उनकी जगह जैकब बेथेल को नंबर तीन पर मौका दिया गया। बेथेल ने मौके का फायदा उठाया और सिडनी टेस्ट में शतक लगाया। टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ विस्फोटक 105 रन बनाने के बाद बेथेल ने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है और पोप की वापसी की राह मुश्किल कर दी है।

    पोप को इंग्लैंड के टेस्ट फॉर्मेट का मजबूत स्तंभ माना जाता रहा है। वह कई मौकों पर टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। 28 वर्षीय इस बल्लेबाज ने 64 टेस्ट की 113 पारियों में 9 शतक और 16 अर्धशतकों की मदद से 3,732 रन बनाए हैं।

  • सिनेमाघरों में 'धुरंधर 2' का तांडव: 153 करोड़ की ग्लोबल ओपनिंग पक्की, सेंसर बोर्ड की कैंची के बाद भी फैंस में जबरदस्त क्रेज

    सिनेमाघरों में 'धुरंधर 2' का तांडव: 153 करोड़ की ग्लोबल ओपनिंग पक्की, सेंसर बोर्ड की कैंची के बाद भी फैंस में जबरदस्त क्रेज

    नई दिल्ली।  भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका इंतजार दर्शक सांसें थामकर करते हैं, और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ (धुरंधर द रिवेंज) बिल्कुल वैसी ही फिल्म साबित हो रही है। आज यानी 18 मार्च की शाम से यह फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है, लेकिन पर्दे पर उतरने से पहले ही इस स्पाई-थ्रिलर ने कमाई के जो आंकड़े पेश किए हैं, उसने ट्रेड एनालिस्ट्स के होश उड़ा दिए हैं। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। फिल्म की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 3 घंटे 49 मिनट की एक लंबी और गहन सिनेमाई यात्रा है। फिल्म में दिखाए गए जबरदस्त एक्शन और बोल्ड भाषा को देखते हुए CBFC ने इसे ‘A’ सर्टिफिकेट दिया है, जिसका सीधा अर्थ है कि यह फिल्म केवल वयस्क दर्शकों के लिए है, फिर भी इसकी मांग में कोई कमी नहीं देखी जा रही है।

    कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘धुरंधर 2’ ने एडवांस बुकिंग के मामले में पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। केवल 18 मार्च के शोज के लिए फिल्म ने “44.25 करोड़” रुपये की भारी-भरकम राशि बटोर ली है। वहीं, 19 मार्च के लिए 7 लाख से ज्यादा टिकटें बिक चुकी हैं, जिससे “33.60 करोड़” का कलेक्शन पहले ही पक्का हो गया है। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी रणवीर सिंह का जादू चल रहा है, जहाँ वीकेंड की एडवांस बुकिंग से फिल्म ने “75 करोड़” रुपये का कलेक्शन कर लिया है। यदि इन सभी आंकड़ों को जोड़ दिया जाए, तो फिल्म रिलीज से पहले ही वैश्विक स्तर पर “153 करोड़” रुपये से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है।

    भारत के भीतर पांच राज्यों ने इस फिल्म को ऐतिहासिक समर्थन दिया है। महाराष्ट्र 9.47 करोड़” के साथ शीर्ष पर है, जबकि कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश से भी करोड़ों की एडवांस बुकिंग हुई है। रणवीर सिंह ने खुद इस फिल्म को लेकर बड़ा बयान दिया है कि अब इंडियन सिनेमा का मुस्तकबिल धुरंधर द रिवेंज तय करेगा। हालांकि, फिल्म को सेंसर बोर्ड की कड़ी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा है। बोर्ड ने फिल्म के कई हिंसक दृश्यों, जैसे सिर काटना और आंख कुचलने जैसे शॉट्स पर कैंची चलाई है और कई अपशब्दों को म्यूट भी किया है, ताकि फिल्म अपनी मर्यादा बनाए रखे।

    ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि फिल्म को सकारात्मक वर्ड-ऑफ-माउथ मिलता है, तो यह अपने पहले दिन 200 करोड़” का ग्रॉस कलेक्शन कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो यह बॉलीवुड की पहली फिल्म होगी जो ओपनिंग डे पर इस जादुई आंकड़े को छुएगी। वीकेंड तक फिल्म का भारतीय कलेक्शन 300 करोड़” और ग्लोबल कलेक्शन 500 करोड़ के पार जाने की प्रबल संभावना है। संगीत की बात करें तो इसके दो गानों का कनेक्शन पाकिस्तान से बताया जा रहा है, जो पहले ही यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहे हैं। सारा अर्जुन ने भी दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि असली धुरंधर तो हमारी जनता ही है। अब देखना यह है कि शाम को जब पर्दे पर रणवीर सिंह का एक्शन शुरू होगा, तो बॉक्स ऑफिस के कितने और रिकॉर्ड टूटेंगे।

  • Assam: प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफे की बताई वजह, बोले- कांग्रेस में अकेलापन और अपमानित महसूस किया

    Assam: प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफे की बताई वजह, बोले- कांग्रेस में अकेलापन और अपमानित महसूस किया


    नई दिल्ली। असम से कांग्रेस के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन पार्टी के भीतर लगातार अपमान और नेतृत्व से सहानुभूति न मिलने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

    बोरदोलोई ने स्पष्ट किया कि असम कांग्रेस में कई लोग उनसे संपर्क करने के बावजूद बार-बार अपमानजनक व्यवहार कर रहे थे, और इस स्थिति ने उनके लिए पार्टी में अकेलापन बढ़ा दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक को छोड़ दिया है और इसके लिए खुश नहीं हूं, लेकिन हालात ने मुझे यह निर्णय लेने पर मजबूर किया।”

    इस्तीफा और पार्टी के भीतर मतभेद

    प्रद्युत बोरदोलोई ने यह भी बताया कि वे जीवनभर कांग्रेस से जुड़े रहे, लेकिन हाल ही में उनकी स्थिति इतनी कठिन हो गई थी कि इस्तीफा देना अनिवार्य हो गया। उनका इस्तीफा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अध्यक्ष को सौंप दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे असम कांग्रेस में आंतरिक मतभेद और नेताओं के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मान रहे हैं।

    सीएम सरमा की प्रतिक्रिया

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि फिलहाल उनका सांसद प्रद्युत बोरदोलोई से कोई संपर्क नहीं है, लेकिन भविष्य में बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राजधानी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि बोरदोलोई ने केंद्रीय गृह मंत्री से संपर्क किया होता, तो उन्हें इसकी जानकारी जरूर होती। फिलहाल ऐसा प्रतीत नहीं होता कि उन्होंने किसी भाजपा नेता से बात की हो।

    विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियां

    असम विधानसभा की कुल 126 सीटों में से बहुमत पाने के लिए 64 सीटें आवश्यक हैं। चुनाव अधिसूचना 16 मार्च को जारी की गई, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 23 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच 24 मार्च को होगी और नाम वापसी की आखिरी तारीख 26 मार्च निर्धारित की गई है। मतदान 9 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

    पिछला चुनाव परिणाम

    2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने असम की 126 सीटों में से 60 सीटें जीती थीं। कांग्रेस के खाते में 29 सीटें आईं जबकि एआईयूडीएफ ने 16 सीटें हासिल कीं। असम गढ़ परिषद को नौ, यूपीपीएल को छह, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को चार, माकपा को एक और सिबसागर सीट पर निर्दलीय उम्मीदार अखिल गोगोई ने जीत दर्ज की थी।

  • कौन हैं सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी, भारत की पहली LGBTQ+ सांसद बनीं

    कौन हैं सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी, भारत की पहली LGBTQ+ सांसद बनीं


    नई दिल्ली। सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने इतिहास रच दिया है। वह LGBTQ+ समुदाय से आने वाली पहली सांसद बन गईं हैं। 37 सीटों पर 26 नेता राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे और इनमें गुरुस्वामी का नाम भी शामिल है। TMC यानी पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था। सोमवार और मंगलवार को बची हुईं 11 सीटों पर भी चुनाव संपन्न हुए।

    कौन हैं मेनका गुरुस्वामी
    51 वर्षीय गुरुस्वामी एक संवैधानिक वकील हैं, जिन्होंने अपनी शिक्षा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड लॉ स्कूल और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी जैसे प्रसिद्ध संस्थानों से प्राप्त की हैं। वह काफी समय से संविधान, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और नागरिक अधिकारों का समर्थन करने वाली जानी-मानी आवाज रही हैं।

    गुरुस्वामी और उनकी साथी अरुंधती काटजू उस अहम मुकदमे का हिस्सा थे, जिसने सुप्रीम कोर्ट को 2018 में 158 साल पुराना कानून रद्द करने को राजी किया। यह कानून सहमति से बने समलैंगिक रिश्तों को अपराध बताता था। इस कानून का रद्द होना एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के लिए ऐतिहासिक जीत थी।

    गुरुस्वामी ने कहा कि संविधान के ‘समानता, भाईचारा और भेदभाव रहित व्यवहार’ जैसे मूल्य उनके काम का आधार रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा में भी पश्चिम बंगाल के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हुए इन्हीं आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

    टीएमसी के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने डीडब्ल्यू को बताया कि ‘गुरुस्वामी के चुने जाने के बाद राज्यसभा में पार्टी के कुल 13 में से पांच सदस्य अब महिलाएं हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि गुरुस्वामी का चुनाव टीएमसी की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इस रणनीति के अनुसार वह पढ़े-लिखे और संविधान को समझने वाली आवाजों को उच्च सदन में भेजना चाहते हैं, ताकी वे देश भर में विपक्ष की दलीलें स्पष्ट रूप से रख सकें।

    TMC के सांसद
    तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री बाबुल सुप्रियो, अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी, पूर्व राज्य पुलिस प्रमुख राजीव कुमार और अभिनेत्री कोयल मलिक राज्यसभा के लिए चुने गए। खबर है कि चुने जाने के समय एडवोकेट गुरुस्वामी दिल्ली में थीं और इस वजह से विधानसभा नहीं पहुंच सकी थीं। तृणमूल नेता अरूप बिस्वास ने उनकी ओर से प्रमाण-पत्र हासिल किया था।

  • Israel-Iran: ‘दुश्मनों को ढूंढकर खत्म करेंगे’, ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर इस्राइल का सख्त संदेश

    Israel-Iran: ‘दुश्मनों को ढूंढकर खत्म करेंगे’, ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर इस्राइल का सख्त संदेश

    तेल अवीव। इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने स्पष्ट किया है कि वह हर उस व्यक्ति को निशाना बनाएगा जो उसके लिए खतरा है। इसमें ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी शामिल हैं। हालांकि, आईडीएफ ने यह भी माना है कि फिलहाल उन्हें खामेनेई के ठिकाने की जानकारी नहीं है।

    ठिकाने की जानकारी नहीं, लेकिन कार्रवाई तय

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईडीएफ के सैन्य प्रवक्ता एफि डेफ्रिन ने कहा कि खामेनेई की लोकेशन को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस्राइल अपने दुश्मनों को छोड़ेगा नहीं। उनका कहना था कि जो भी इस्राइल के खिलाफ कदम उठाएगा, उसे ढूंढकर खत्म किया जाएगा।

    बासिज बलों पर भी इस्राइल की नजर

    आईडीएफ ने यह भी संकेत दिए हैं कि ईरान के अर्धसैनिक बासिज बल भी उसके निशाने पर हैं। डेफ्रिन ने दोहराया कि इस्राइल हर उस व्यक्ति तक पहुंचेगा, जो उसके खिलाफ काम कर रहा है। पहले आईडीएफ यह दावा कर चुका है कि उसने बासिज कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया था।

    लंबे सैन्य अभियान की तैयारी

    इस्राइल ने साफ कर दिया है कि वह लंबे समय तक चलने वाले अभियान के लिए तैयार है। इसमें यहूदी पर्व फसह के दौरान भी सैन्य गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस बीच, ईरान की ओर से दागी जा रही मिसाइलों को रोकने के लिए भी इस्राइल लगातार अपने रक्षा तंत्र को सक्रिय रखे हुए है।

    तेल अवीव और यरुशलम में गूंजे सायरन

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल अवीव और यरुशलम में एयर रेड सायरन सुनाई दिए। रात के समय आसमान में तेज चमक देखी गई, जिसमें तेल अवीव के ऊपर क्लस्टर म्यूनिशन मिसाइल भी शामिल थी। इसके बाद बचाव दलों को ग्रेटर तेल अवीव के कई इलाकों में भेजा गया।

    बहरीन ने भी रोकीं मिसाइलें और ड्रोन

    इस बीच बहरीन रक्षा बल ने दावा किया है कि उसने ईरान से दागी गई 129 मिसाइलों और 233 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया है। यह घटनाक्रम अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच सामने आया है, जो पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से जारी है।

  • नेतन्याहू जिंदा है या नहीं, पता करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने भेजा अपना दूत; नए वीडियो में क्या?


    नई दिल्ली। मौत की अटकलों के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक और वीडियो सामने आया है। इस बार नेतन्याहू ने अपने जीवित होने का सबूत पेश करते हुए दिलचस्प वीडियो शेयर किया। मंगलवार को पोस्ट किए गए इस वीडियो में वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत के साथ नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी दूत को यह सुनिश्चित करने के लिए ही भेजा गया था कि नेतन्याहू जिंदा हैं। इजरायली प्रधानमंत्री ने खुद इसकी जानकारी दी।

    इस वीडियो में नेतन्याहू और अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी साथ साथ नजर आ रहे हैं। सबसे पहले नेतन्याहू मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मैं जिंदा हूं।” और फिर मौत की अटकलों पर तंज कसते हुए कहते हैं, “हम हर हाथ की पांच उंगलियों से हाथ मिलाते हैं।” इससे वह उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें यह दावा किया गया था कि नेतन्याहू का AI जनरेटेड वीडियो शेयर किया जा रहा है और उनके हाथों पर छह उंगलियां दिखाई देने की बात कही गई थी।

    नए वीडियो पर भी उठे थे सवाल
    इसके बाद नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई वीडियो साझा कर इस बात को साबित करने की कोशिश की है वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बीते दिनों एक कॉफी हाउस का वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें वे अपने जिंदा होने की पुष्टि करने की कोशिश करते दिखे। हालांकि इंटरनेट पर लोगों ने इस वीडियो की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठा दिए। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के चैट बॉट Grok ने इसे डीपफेक वीडियो बता दिया।

    अमेरिकी दूत से क्या बोले नेतन्याहू?
    अब नेतन्याहू ने अमेरिकी दूत के साथ वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में वह हकाबी के साथ बातचीत करते हुए देखे जा सकते हैं। इस बीच हकाबी मजाक मजाक में कहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इजरायली नेता का हालचाल जानने के लिए भेजा था। हकाबी ने कहा, “मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, मैं चाहता हूं कि आप यह जानें कि राष्ट्रपति ने मुझे यहाँ आकर यह पक्का करने के लिए कहा था कि आप ठीक हैं।” इस पर नेतन्याहू जवाब देते हैं “हां, माइक। हां मैं ज़िंदा हूं।”

    वीडियो में नेतन्याहू ने ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी आहे बासिज प्रमुख गुलाम रजा सुलेमानी की मौत को लेकर भी ईरान पर तंज कसा। नेतन्याहू ने कहा, “आज, मैंने पंच कार्ड से दो नाम मिटा दिए।” बता दें कि मंगलवार को इजरायल ने इन दोनों नेताओं के मारे जाने का दावा किया था। बुधवार को ईरान ने भी इसकी पुष्टि की है और बदला लेने की कसम खाई है।

  • MP Weather : मध्‍य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    MP Weather : मध्‍य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बुधवार से आंधी और बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहेगा। तेज गर्मी से राहत मिलेगी और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं आंधी तो कहीं बारिश देखने को मिल सकती है। गरज-चमक के साथ बादल छाने की भी संभावना है। बुधवार को ग्वालियर सहित 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी मौसम के बदलने के आसार हैं।
    मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। इसके चलते 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहे, जबकि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में भी एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखा गया। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
    तापमान की बात करें तो खरगोन में सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में 37.1 डिग्री तापमान रहा। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 36.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री और उज्जैन व ग्वालियर में 35.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
    मार्च के साथ ही गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला। हालांकि अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में पहली बार इतना मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसका असर 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में बना रहेगा। इस दौरान कहीं बारिश, कहीं आंधी और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी।
    इस सिस्टम के गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी लौटने की संभावना है। मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, साथ ही बारिश का भी ट्रेंड बना रहता है।
    भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि रात का तापमान 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में पहले ही लगातार तीन दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा चुका है। वहीं, अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है।