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  • MP का ‘बंगला पान’ बना इंटरनेशनल पसंद, बढ़ी मांग, अब सरकार किसानों को देगी ₹1 करोड़ की मदद

    MP का ‘बंगला पान’ बना इंटरनेशनल पसंद, बढ़ी मांग, अब सरकार किसानों को देगी ₹1 करोड़ की मदद


    भोपाल। मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध ‘बंगला पान’ अब देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी खास पहचान बना रहा है। अपनी सुगंध, कोमल बनावट और बेहतरीन स्वाद के कारण छतरपुर का बंगला पान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने पान उत्पादक किसानों के लिए 1.03 करोड़ रुपये की विशेष सहायता योजना लागू की है।

    विदेशों तक पहुंचा एमपी का पान
    छतरपुर जिले में उगाया जाने वाला बंगला पान अपनी पतली बनावट, हल्की मिठास और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने की क्षमता के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि इसकी मांग भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों में भी लगातार बढ़ रही है।

    किसानों के लिए सरकार की खास योजना
    पान उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 10 प्रमुख जिलों को शामिल करते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए 1 करोड़ 3 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी, उन्नत किस्म की पौध सामग्री, विशेष प्रशिक्षण, और ‘बरोज’ निर्माण के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    इन जिलों में होती है प्रमुख खेती
    मध्य प्रदेश के छतरपुर, रीवा, मंदसौर, नरसिंहपुर और टीकमगढ़ जिले पान उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। यहां वर्षों से पान की खेती किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनी हुई है।

    रीवा का पान भी खूब लोकप्रिय
    रीवा जिले के महसांव क्षेत्र के दो गांवों में उत्पादित पान की भी अलग पहचान है। यहां तैयार होने वाला पान उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ तक भेजा जाता है। इन बाजारों में मध्य प्रदेश के पान की विशेष मांग बनी रहती है।

    क्या है ‘बरोज’ मॉडल?
    पान की खेती के लिए विशेष प्रकार का संरक्षित ढांचा तैयार किया जाता है, जिसे ‘बरोज’ कहा जाता है। इसमें तापमान और नमी को नियंत्रित रखा जाता है, जिससे पान की नाजुक बेलों का बेहतर विकास हो सके। मध्य प्रदेश में यह परंपरागत खेती मुख्य रूप से चौरसिया समाज द्वारा की जाती है, जो पीढ़ियों से इस व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। बरोज प्रणाली की वजह से उच्च गुणवत्ता वाला पान तैयार होता है और यही मॉडल अब देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है।

    चुनौतियों के बावजूद बनी हुई है मांग
    पारंपरिक पान व्यवसाय को पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों से चुनौती मिल रही है। बदलती जीवनशैली और युवाओं की पसंद के कारण पान की खपत पर असर पड़ा है, जिससे किसानों की आय भी प्रभावित हुई है। इसके बावजूद भारतीय संस्कृति और परंपराओं में पान का महत्व आज भी बरकरार है। पूजा-पाठ, विवाह समारोह, मांगलिक आयोजनों और अतिथि सत्कार में पान का विशेष स्थान होने के कारण इसकी बाजार मांग स्थिर बनी हुई है।

    किसानों के लिए नई उम्मीद
    सरकार की नई योजना और बढ़ती निर्यात मांग के चलते पान उत्पादक किसानों को बेहतर आय की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आधुनिक तकनीकों और बरोज मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया जाए, तो मध्य प्रदेश का बंगला पान वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बना सकता है।

  • पश्चिम एशिया संघर्ष का पर्यावरणीय संकट: लाखों टन कार्बन उत्सर्जन से खतरे में जल, हवा और मिट्टी

    पश्चिम एशिया संघर्ष का पर्यावरणीय संकट: लाखों टन कार्बन उत्सर्जन से खतरे में जल, हवा और मिट्टी


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया और दुनिया के विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में जारी युद्ध अब केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने पर्यावरण के लिए भी एक गंभीर और दीर्घकालिक संकट खड़ा कर दिया है। तेल डिपो पर हमलों से उठती आग, रिफाइनरियों में विस्फोट, भारी बमबारी और रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल के आरोपों ने मिट्टी, जल स्रोतों और वायु गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित किया है।

    रिपोर्टों के अनुसार, इन संघर्षों के शुरुआती 14 दिनों में ही करीब 50 लाख टन कार्बन उत्सर्जन दर्ज किया गया, जो एक छोटे देश जैसे आइसलैंड के पूरे साल के उत्सर्जन से भी अधिक है। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि युद्ध अब केवल राजनीतिक या सैन्य समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर जलवायु संकट भी बन चुका है।

    तेल भंडारण स्थलों और रिफाइनरियों पर हमलों के बाद कई क्षेत्रों में भीषण आग लग गई, जिससे वातावरण में भारी मात्रा में कालिख और हाइड्रोकार्बन जैसे प्रदूषक फैल गए। विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं से केवल स्थानीय स्तर पर वायु गुणवत्ता खराब नहीं होती, बल्कि सल्फर और नाइट्रोजन यौगिकों के कारण अम्लीय वर्षा जैसी परिस्थितियां भी पैदा होती हैं, जो कृषि भूमि और जल स्रोतों को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाती हैं।

    ब्रिटेन स्थित संस्था कॉन्फ्लिक्ट एंड एनवायरनमेंट ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, संघर्ष क्षेत्रों में पर्यावरणीय क्षति से जुड़ी 120 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें जंगलों की तबाही, कृषि भूमि का नुकसान और जल संसाधनों का प्रदूषण शामिल है। दक्षिणी लेबनान में व्हाइट फॉस्फोरस जैसे रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की रिपोर्टों ने स्थिति को और भी चिंताजनक बना दिया है।

    पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धों का असर केवल तत्काल नहीं होता, बल्कि यह दशकों तक बना रह सकता है। प्रदूषित मिट्टी, दूषित भूजल और नष्ट हो चुकी जैव विविधता को सामान्य स्थिति में लौटने में कई साल लग जाते हैं। यह प्रभाव न केवल प्रकृति पर, बल्कि मानव स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा करता है।

    शोधकर्ताओं के अनुसार, युद्धों का कार्बन फुटप्रिंट केवल बमबारी तक सीमित नहीं होता। इसमें सैन्य विमानों की उड़ानें, नौसैनिक तैनाती, हथियार निर्माण, लॉजिस्टिक्स और पुनर्निर्माण कार्य भी शामिल होते हैं, जो कुल मिलाकर पर्यावरण पर भारी बोझ डालते हैं।

    कुल मिलाकर, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि आधुनिक युद्ध अब सिर्फ सीमाओं और सत्ता के लिए नहीं लड़े जा रहे, बल्कि वे पृथ्वी की पारिस्थितिकी व्यवस्था को भी गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। यदि समय रहते इस दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में इसका असर वैश्विक जलवायु संकट के रूप में और भयावह रूप ले सकता है।

  • IPL 2026 Qualifier-2: शुभमन गिल की ऐतिहासिक सेंचुरी, राजस्थान बाहर-GT पहुंची फाइनल में

    IPL 2026 Qualifier-2: शुभमन गिल की ऐतिहासिक सेंचुरी, राजस्थान बाहर-GT पहुंची फाइनल में


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटन्स ने दमदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी और फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस मुकाबले के हीरो रहे कप्तान Shubman Gill, जिन्होंने ऐतिहासिक शतक जड़कर टीम को जीत की राह पर पहुंचाया।

    राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने विस्फोटक अंदाज में 96 रनों की शानदार पारी खेली। उनके अलावा डोनोवन फरेरा और रविंद्र जडेजा ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिसकी बदौलत राजस्थान ने 20 ओवर में 214/6 का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

    हालांकि इतना बड़ा लक्ष्य भी गुजरात टाइटन्स की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने छोटा साबित हुआ। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही। Shubman Gill और साई सुदर्शन की ओपनिंग जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 167 रन जोड़कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए सिर्फ 53 गेंदों में 104 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 15 चौके और 3 शानदार छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर साई सुदर्शन ने भी 32 गेंदों में 58 रन बनाकर बेहतरीन सहयोग दिया। दोनों बल्लेबाजों ने राजस्थान के गेंदबाजों को किसी भी चरण में वापसी का मौका नहीं दिया।

    गुजरात टाइटन्स ने यह लक्ष्य सिर्फ 18.4 ओवर में हासिल कर लिया और एक बार फिर साबित किया कि यह टीम बड़े मैचों में कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। इस जीत के साथ गुजरात तीसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंची है।

    इस मुकाबले के साथ Shubman Gill ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए। वह आईपीएल प्लेऑफ में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने एक ही सीजन में शानदार रन बनाते हुए कई उपलब्धियां भी हासिल कीं, जिससे उनका नाम रिकॉर्ड बुक में और मजबूत हो गया।

    वहीं साई सुदर्शन भी लगातार शानदार फॉर्म में नजर आए और आईपीएल इतिहास में उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने लगातार दो सीजन में 700+ रन बनाए।

    गुजरात की इस जीत ने साफ कर दिया कि टीम का शीर्ष क्रम इस समय बेहद मजबूत स्थिति में है। गिल और सुदर्शन की साझेदारी ने न सिर्फ मैच जीता बल्कि पूरे सीजन में उनकी जोड़ी को सबसे खतरनाक ओपनिंग कॉम्बिनेशन के रूप में स्थापित कर दिया है।

    अब 31 मई को होने वाले फाइनल में गुजरात टाइटन्स का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा, जहां एक बार फिर बड़े मुकाबले और बड़े सितारों की टक्कर देखने को मिलेगी।

  • 30वीं वेडिंग एनिवर्सरी पर बॉबी देओल का खुलासा: ‘कैफे में देखा, फिर पीछा किया…’

    30वीं वेडिंग एनिवर्सरी पर बॉबी देओल का खुलासा: ‘कैफे में देखा, फिर पीछा किया…’


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता Bobby Deol इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘बंदर’ को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वह अपने प्रोफेशनल नहीं बल्कि निजी जीवन को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी शादी की 30वीं सालगिरह के मौके पर बॉबी देओल ने पत्नी तान्या के साथ अपनी लव स्टोरी का ऐसा खुलासा किया, जिसे सुनकर हर कोई मुस्कुरा उठा।

    बॉबी देओल ने एक खास बातचीत में बताया कि उनकी और तान्या की पहली मुलाकात एक कैफे-रेस्टोरेंट में हुई थी। वह अपने परिचित आकाश के साथ वहां मौजूद थे, तभी तान्या भी कुछ लड़कियों के साथ उसी जगह आई थीं। उसी पल पहली बार बॉबी की नजर तान्या पर पड़ी और वहीं से कहानी की शुरुआत हुई।

    बॉबी बताते हैं कि पहली मुलाकात के बाद उन्होंने आकाश से तान्या के बारे में पूछा और सिर्फ इतना कहा कि उनकी तरफ से हेलो कह दिया जाए। यह मुलाकात उस समय भले ही साधारण लगी हो, लेकिन बॉबी के दिल में तान्या की छवि बस चुकी थी।

    कुछ समय बाद दोनों की फिर से मुलाकात हुई और वहीं बॉबी को एहसास हुआ कि यही वह इंसान हैं, जिनके साथ वह अपनी जिंदगी बिताना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने तान्या को मनाने के लिए कई प्रयास किए। बॉबी ने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि वह कई बार उनका पीछा भी करते थे और यहां तक कि बिना बुलाए पार्टियों में भी पहुंच जाते थे।

    शुरुआत में तान्या उनकी इन हरकतों से थोड़ा दूरी बनाकर रखती थीं, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। एक समय ऐसा आया जब बॉबी को उनका फोन नंबर मिला। उन्होंने कुछ दिन इंतजार किया और फिर कॉल किया। यह पहली कॉल ही चार घंटे लंबी बातचीत में बदल गई, जिसने दोनों के रिश्ते की दिशा तय कर दी।

    बॉबी ने आगे बताया कि उन्होंने तुरंत अपने परिवार को भी इस रिश्ते के बारे में बता दिया था। उन्होंने अपनी मां, चाची और भाई सनी देओल तक को तान्या से मिलवाया। परिवार ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया।

    अभिनेता ने यह भी बताया कि उनकी शादी पहले बैसाखी पर तय थी, लेकिन सर्जरी के कारण तारीख बदल गई और अंततः 30 मई 1996 को उनकी शादी हुई। आज 30 साल बाद भी बॉबी और तान्या का रिश्ता मजबूत बना हुआ है।

    कई उतार-चढ़ाव के बावजूद तान्या हमेशा बॉबी के साथ खड़ी रहीं। यह कहानी सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि भरोसे, साथ और समय की परीक्षा में खरा उतरने वाला रिश्ता है।

  • ‘रामायण ने बदल दी मेरी जिंदगी’: रणबीर कपूर ने बताया पिता बनने के बाद कैसे बदली सोच

    ‘रामायण ने बदल दी मेरी जिंदगी’: रणबीर कपूर ने बताया पिता बनने के बाद कैसे बदली सोच


    नई दिल्ली। अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों अपनी बहुचर्चित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चा में हैं। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में वे भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। इसी बीच रणबीर ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अपने जीवन पर पड़े गहरे प्रभाव का खुलासा किया है। रणबीर का कहना है कि ‘रामायण’ उनके करियर से ज्यादा उनके जीवन को बदलने वाला अनुभव साबित हुई है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म पर काम करने के दौरान उनकी सोच, आदतें और जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया।

    पिता बनने के साथ मिला बड़ा बदलाव
    रणबीर कपूर ने कहा कि जिस समय वे इस फिल्म पर काम कर रहे थे, उसी दौरान वे पिता बने। बेटी राहा के जन्म ने उनके जीवन में भावनात्मक बदलाव लाया और इस अनुभव ने उन्हें और अधिक जिम्मेदार बना दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह महसूस हुआ कि ‘रामायण’ और पिता बनने की प्रक्रिया एक साथ उनके जीवन में आए, जिससे वे खुद को एक बेहतर इंसान के रूप में ढाल सके।

    भगवान राम की भूमिका का असर
    रणबीर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें इस प्रतिष्ठित किरदार को निभाने को लेकर संदेह था, लेकिन जैसे-जैसे वे इस प्रोजेक्ट से जुड़े, उनकी सोच बदलती गई। उन्होंने कहा कि भगवान राम के चरित्र को समझने की प्रक्रिया ने उन्हें त्याग, धर्म और जीवन के मूल्यों को गहराई से समझने में मदद की। उनके मुताबिक इस अनुभव ने उनकी बुरी आदतों, सोच और जीवन के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाया है।

    ‘सही समय पर मिला यह अनुभव’
    रणबीर ने इसे अपने जीवन का एक “प्यारा संयोग” बताया और कहा कि वे खुद को सही समय पर सही जगह पर मानते हैं। उनके अनुसार, ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण फिल्म का हिस्सा बनना उनके लिए एक आशीर्वाद जैसा है।

    ‘रामायण’ फिल्म पर नजर
    नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है। रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान के रूप में नजर आएंगे। पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने की संभावना है, जबकि दूसरा भाग 2027 में आएगा।

  • रणवीर-माधवन नहीं, इस एक्टर से शुरू हुई थी फिल्म की कास्टिंग कहानी

    रणवीर-माधवन नहीं, इस एक्टर से शुरू हुई थी फिल्म की कास्टिंग कहानी


    नई दिल्ली। फिल्म ‘धुरंधर’ और उसके सीक्वल की सफलता के बीच एक दिलचस्प कास्टिंग कहानी सामने आई है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों दोनों को हैरान कर दिया है। एक्टर राकेश बेदी ने खुलासा किया है कि इस फिल्म के लिए उन्हें रणवीर सिंह, आर माधवन या अन्य बड़े कलाकारों से भी पहले फाइनल कर लिया गया था।

    राकेश बेदी के मुताबिक डायरेक्टर आदित्य धर ने उन्हें करीब 3-4 साल पहले ही इस प्रोजेक्ट से जोड़ लिया था, जब फिल्म की स्क्रिप्ट तक पूरी तरह तैयार नहीं हुई थी। उस समय सिर्फ फिल्म का आइडिया मौजूद था और उसी आधार पर कास्टिंग शुरू की गई थी।

    स्क्रि प्ट से पहले बनी कास्टिंग की नींव
    राकेश बेदी ने बताया कि आदित्य धर ने ‘उरी’ की सफलता के बाद ही ‘धुरंधर’ के आइडिया पर काम शुरू कर दिया था। उसी दौरान उन्होंने उनके पिछले कामों को देखते हुए उन्हें जमील जमाली के किरदार के लिए चुना। यह निर्णय पूरी तरह भरोसे और उनके अभिनय अनुभव पर आधारित था। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह बेहद खास अनुभव है कि किसी निर्देशक ने बिना पूरी स्क्रिप्ट के भी उन पर इतना भरोसा दिखाया।

    किरदार और वायरल डायलॉग्स ने बढ़ाई लोकप्रियता
    फिल्म में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी नेता जमील जमाली का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। ‘धुरंधर 2’ में उनके डायलॉग्स और सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, खासकर “मेरा बच्चा है तू” वाला डायलॉग मीम्स का हिस्सा बन गया।

    बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन
    ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज़ी ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। पहले पार्ट ने लगभग 1300 करोड़ रुपये और दूसरे पार्ट ने 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्लोबल कलेक्शन किया। दोनों पार्ट मिलाकर फिल्म 3000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है।

    आगे की फिल्में
    राकेश बेदी अब डेविड धवन की आगामी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में नजर आने वाले हैं, जिसमें वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े जैसे कलाकार भी शामिल हैं। फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है।

  • भीषण गर्मी के बीच राहत की बौछार: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर

    भीषण गर्मी के बीच राहत की बौछार: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर


    भोपाल । मध्य प्रदेश में नौतपा के छठे दिन मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली। शनिवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। रतलाम, झाबुआ, धार, मंदसौर, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही।

    देवास जिले में हालात और भी अलग रहे, जहां बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से तो राहत दी, लेकिन कई जगह सड़कों पर पानी भरने और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति भी बन गई।

    कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश
    सुबह 4 से 9 बजे के बीच रतलाम, धार, झाबुआ और आसपास के इलाकों में अलग-अलग समय पर बारिश दर्ज की गई। पेटलावद, रायपुरिया और बामनिया जैसे क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी जमा हो गया। वहीं जैतपुरा में लगभग दो घंटे तक लगातार बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ओंकारेश्वर और धार के कुक्षी क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। कई स्थानों पर तेज आंधी के कारण दृश्यता प्रभावित हुई।

    मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 4 दिन अस्थिर रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में 30 मई से 2 जून तक मौसम का मिजाज इसी तरह अस्थिर बना रहेगा। कहीं आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। विभाग ने बताया कि 31 मई से 2 जून के बीच कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं। कुछ जिलों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है, जबकि अन्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

    नौतपा में गर्मी और राहत दोनों का असर
    25 मई से शुरू हुए नौतपा के शुरुआती दिनों में प्रदेश में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। खजुराहो और नौगांव जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे। हालांकि बीच-बीच में हो रही बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन मौसम का यह उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रहने की संभावना है।

    लोगों के लिए सलाह
    मौसम वैज्ञानिकों ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की गई है।

  • ट्विशा केस से फिर गरमाई कानूनी दुनिया: पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले पर चर्चा तेज

    ट्विशा केस से फिर गरमाई कानूनी दुनिया: पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले पर चर्चा तेज


    भोपाल  भोपाल में एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद न्यायिक जगत में हलचल तेज हो गई है।

    गिरफ्तारी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस फैसले को लेकर हो रही है, जो उन्होंने फरवरी 2023 में भोपाल के चर्चित फैज कुरैशी हत्याकांड में सुनाया था। उस मामले में अदालत ने आरोपी शफीक कुरैशी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।

    कोर्ट का फैसला क्यों बना चर्चा का केंद्र
    फैसले में अदालत ने स्पष्ट कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। सुनवाई के दौरान पेश किए गए प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने बयानों से पलट गए थे। किसी भी गवाह ने अदालत में यह स्वीकार नहीं किया कि उसने आरोपी को वारदात करते देखा।

    इसके अलावा, पुलिस द्वारा प्रस्तुत जब्ती और जांच संबंधी साक्ष्यों पर भी सवाल उठे। अदालत ने माना कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पुलिस बयानों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। एफएसएल रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सकी थी।

    जांच एजेंसियों की कार्रवाई और नई बहस
    वर्तमान में ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की जांच जारी है। इसी क्रम में पूर्व जज और उनके परिवार पर कार्रवाई ने न्यायिक व्यवस्था और पुराने मामलों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने रिमांड मंजूर की है और आगे की जांच जारी है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल कानूनी हलकों में बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां जांच एजेंसियां मामले को गंभीर बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुराने फैसलों की निष्पक्षता और न्यायिक प्रक्रिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।

    ट्विशा केस ने बढ़ाई संवेदनशीलता
    ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। मामले में ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है। जांच अभी विभिन्न कोणों से जारी है। इसी बीच पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले की दोबारा चर्चा ने मामले को और अधिक संवेदनशील और जटिल बना दिया है।

  • आज का राशिफल (30 मई 2026): कुंभ राशि वालों के लिए कारोबार में मुनाफे के योग

    आज का राशिफल (30 मई 2026): कुंभ राशि वालों के लिए कारोबार में मुनाफे के योग


    नई दिल्ली । ज्योतिष के अनुसार 30 मई 2026 का दिन कई राशियों के लिए मिलाजुला रहने वाला है। खासकर कुंभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत दिख रहे हैं, जबकि अन्य राशियों को धैर्य और संतुलन से काम लेने की सलाह दी गई है।

    मेष राशि
    कल का दिन सामान्य रहेगा। नौकरी और व्यापार में अनुशासन बनाए रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट पर ध्यान दें। परिवार और रिश्तों में संयम जरूरी रहेगा।

    वृषभ राशि
    भावनात्मक संतुलन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा और नए प्रस्ताव मिल सकते हैं। संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं।

    मिथुन राशि
    आर्थिक स्थिति मिली-जुली रहेगी। खर्च और उधारी से सावधान रहें। नौकरी-व्यापार में सतर्कता जरूरी है।

    कर्क राशि
    रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। करियर में नए अवसर बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

    सिंह राशि
    परिवार में विवाद से बचें। पुराने अनुभव काम आएंगे। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें।

    कन्या राशि
    व्यापार और वाणिज्य में सुधार होगा। नए मौके मिल सकते हैं। पारिवारिक माहौल अच्छा रहेगा।

    तुला राशि
    घर-परिवार में खुशियां रहेंगी। बैंकिंग और धन से जुड़े कार्यों में लाभ मिलेगा। संपत्ति से जुड़े काम बन सकते हैं।

    वृश्चिक राशि
    रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में प्रगति के संकेत हैं।

    धनु राशि
    आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। निवेश सोच-समझकर करें। विवादों से दूर रहें।

    मकर राशि
    कार्यस्थल पर अच्छा प्रदर्शन रहेगा। योजनाएं सफल होंगी और लाभ मिलेगा।

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों के लिए दिन खास रहने वाला है। कारोबार में मुनाफे के योग बन रहे हैं। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा और नए वाणिज्यिक अवसर मिल सकते हैं। पैतृक संपत्ति और विभिन्न स्रोतों से लाभ की संभावना है।

    मीन राशि
    भाग्य का साथ मिलेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। लंबी दूरी की यात्रा के योग हैं।

    आज का दिन कई राशियों के लिए आर्थिक अवसर लेकर आया है, लेकिन कुछ राशियों को खर्च और निर्णयों में सावधानी रखने की जरूरत है।

  • कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका

    कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका


    मंदसौर । मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में महू-नीमच हाईवे पर गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग से जा टकराई। हादसे में कार सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा करीब रात 12 बजे चौपाटी इलाके के पास हुआ। कार नीमच से मंदसौर की ओर आ रही थी, तभी चालक ने तेज रफ्तार में नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे डिवाइडर की रेलिंग में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में सवार दोनों युवक सुवासरा के रहने वाले थे। हादसे के बाद वे बुरी तरह वाहन में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।

    घायलों की पहचान सुवासरा निवासी कालू सिंह और प्रताप सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर टोल एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और दोनों युवकों के नशे में होने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    हादसे के बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को पुलिस थाने भिजवाया गया है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।