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  • ईरान पर अमेरिका के हमले जारी…. बंदर अब्बास समेत कई शहरों में हुए धमाके

    ईरान पर अमेरिका के हमले जारी…. बंदर अब्बास समेत कई शहरों में हुए धमाके


    नई दिल्ली।
    अमेरिका (America) ने ईरान (Iran) पर फिर एक बार हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे पहले से ही तनावपूर्ण हालातों के बीच मिडिल ईस्ट (Middle East) में अस्थिरता और बढ़ गई है. सेंटकॉम (यू.एस. सेंट्रल कमांड) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि यह ऑपरेशन कमांडर-इन-चीफ (Operation Commander-in-Chief) के निर्देश पर किया गया।

    इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया गया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों को धमकाने और उन पर हमला करने के लिए किया जाता रहा है. बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।

    वहीं, ऑपरेशन शुरू होने के कुछ ही समय बाद, ईरान के स्टेट टेलीविजन ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में धमाके की सूचना दी. इसके अलावा, ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि देश के दक्षिणी तट पर बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिए गए थे, जो हमलों के दौरान सेना के हाई अलर्ट पर होने का संकेत देते हैं.

    ईरानी मीडिया ने दक्षिण-पूर्वी शहरों चाबहार और कोनारक में भी कई धमाकों की खबर दी है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच यह तनाव बढ़ने की ताजा घटना बताई जा रही है।

    इस बीच, ईरान के स्टेट ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में हुई एक घटना के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया है. एक जलते हुए जहाज की तस्वीर शेयर करते हुए आईआरआईबी ने लिखा, ‘अमेरिका पर भरोसा करने का अंजाम, कुछ घंटे पहले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का नजारा.’

  • MP: मंदसौर में प्राचार्य के तबादले का विरोध…. छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, झुका प्रशासन

    MP: मंदसौर में प्राचार्य के तबादले का विरोध…. छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, झुका प्रशासन


    मंदसौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर (Mandsaur) के लदुना (Laduna) स्थित सांदीपनी विद्यालय (Sandipani Vidyalaya) के प्रभारी प्राचार्य (Principal-in-Charge) के तबादले के विरोध में छात्रों ने लदुना-सीतामऊ मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन ने छात्रों से बातचीत कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया।

    छात्रों ने लदुना-सीतामऊ मार्ग पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर छात्रों ने आंदोलन समाप्त किया, जिसके बाद प्रभारी प्राचार्य अजीत त्रिपाठी को पुनः विद्यालय का प्रभार सौंप दिया गया।

    जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य अजीत त्रिपाठी को उनकी मूल पदस्थापना नाटाराम वापस भेजने के आदेश जारी किए गए थे। वे सांदीपनि विद्यालय का प्रभार संभाल रहे थे। इस आदेश की जानकारी मिलते ही विद्यालय के छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


    लदुना-सीतामऊ रोड पर आवागमन बाधित हुआ

    छात्रों ने विरोध स्वरूप लदुना-सीतामऊ रोड पर जाम लगा दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर सीतामऊ थाना प्रभारी और तहसीलदार मोहित सिनम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की समझाइश के बाद छात्रों ने सड़क से जाम हटा लिया, लेकिन विद्यालय के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रखा।

    छात्रों का तर्क था कि अजीत त्रिपाठी के प्रभारी प्राचार्य बनने के बाद विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और पढ़ाई के माहौल में उल्लेखनीय सुधार हुआ था। छात्रों ने उनके तबादले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आदेश को निरस्त कर उन्हें विद्यालय में बनाए रखने की मांग की।


    आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया

    लगभग दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए छात्रों को स्थिति स्पष्ट की।

    तहसीलदार मोहित सिनम ने छात्रों को बताया कि अजीत त्रिपाठी को उनकी मूल पदस्थापना के साथ-साथ सांदीपनि विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

  • मंगलवार के अचूक धार्मिक उपाय: इन कार्यों से प्रसन्न होते हैं भगवान हनुमान, खुलते हैं सफलता के नए द्वार

    मंगलवार के अचूक धार्मिक उपाय: इन कार्यों से प्रसन्न होते हैं भगवान हनुमान, खुलते हैं सफलता के नए द्वार


    नई दिल्ली । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा विश्वास और नियम के साथ की गई पूजा तथा सेवा के कार्यों से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान जी को शक्ति साहस भक्ति और सेवा का प्रतीक माना गया है। इसलिए मंगलवार केवल पूजा पाठ का दिन नहीं बल्कि संयम सदाचार और परोपकार का संदेश देने वाला भी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए शुभ कर्म जीवन में सकारात्मकता और आत्मबल बढ़ाने में सहायक होते हैं।

    दिन की शुरुआत प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने से करें। इसके बाद घर के पूजा स्थल या हनुमान मंदिर में जाकर भगवान का स्मरण करें। हनुमान जी के समक्ष घी या सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। सिंदूर चमेली का तेल लाल पुष्प और गुड़ चना अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पूजा करें। पूजा के दौरान श्रीराम का स्मरण भी अवश्य करें क्योंकि हनुमान जी को श्रीराम का परम भक्त माना जाता है।

    मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। समय मिलने पर सुंदरकांड संकटमोचन हनुमानाष्टक या बजरंग बाण का पाठ भी किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता है कि इन स्तुतियों का नियमित पाठ मन को स्थिर बनाता है और व्यक्ति में आत्मविश्वास तथा सकारात्मक सोच का विकास करता है। पूजा के बाद भगवान से परिवार की सुख शांति और सभी के कल्याण की प्रार्थना करनी चाहिए।

    इस दिन सेवा और दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना वस्त्र दान करना या अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करना पुण्यदायी माना जाता है। बंदरों को गुड़ और चना खिलाना तथा गाय को हरा चारा या रोटी खिलाना भी कई श्रद्धालु शुभ मानते हैं। इन कार्यों का उद्देश्य जीवों के प्रति करुणा और सेवा की भावना को बढ़ाना है।

    मंगलवार को संयमित जीवनशैली अपनाना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्रोध विवाद कटु वचन और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। दिनभर सकारात्मक विचार बनाए रखने और सत्य तथा ईमानदारी के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। कई श्रद्धालु इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं और नशे तथा तामसिक भोजन से दूरी बनाए रखते हैं। यह आत्मसंयम और अनुशासन का अभ्यास भी माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को मंगल ग्रह की शांति के लिए ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः मंत्र का जप करना भी शुभ माना जाता है। साथ ही लाल मसूर की दाल गुड़ तांबे की वस्तु या लाल रंग के वस्त्र का दान करने की परंपरा भी प्रचलित है। हालांकि इन उपायों को आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर ही अपनाया जाना चाहिए।

    यह समझना भी आवश्यक है कि भगवान को प्रसन्न करने का सबसे श्रेष्ठ मार्ग केवल पूजा नहीं बल्कि अच्छे कर्म भी हैं। सत्य बोलना माता पिता और गुरु का सम्मान करना जरूरतमंदों की सहायता करना और किसी के साथ अन्याय न करना भी धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। श्रद्धा भक्ति और सदाचार के साथ बिताया गया मंगलवार व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन लाने का माध्यम बन सकता है।

  • महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट छोड़िए, चुकंदर और खीरा से पाएं ग्लोइंग और हेल्दी स्किन का आसान घरेलू उपाय

    महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट छोड़िए, चुकंदर और खीरा से पाएं ग्लोइंग और हेल्दी स्किन का आसान घरेलू उपाय


    नई दिल्ली । आज के समय में हर कोई साफ बेदाग और चमकदार त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट और तरह तरह के स्किन ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं लेकिन कई बार प्राकृतिक चीजें अधिक प्रभावी और सुरक्षित साबित होती हैं। चुकंदर और खीरा ऐसे ही दो प्राकृतिक खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें नियमित रूप से आहार में शामिल करने या सही तरीके से त्वचा की देखभाल में उपयोग करने से त्वचा को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। इनमें मौजूद विटामिन मिनरल एंटीऑक्सीडेंट और पानी की प्रचुर मात्रा त्वचा को भीतर से पोषण देकर लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।

    चुकंदर को प्राकृतिक ब्लड प्यूरीफायर माना जाता है। इसमें आयरन फोलेट विटामिन सी और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। जब शरीर अंदर से स्वस्थ रहता है तो उसका असर चेहरे पर भी साफ दिखाई देता है। चुकंदर का नियमित सेवन त्वचा की रंगत को निखारने और प्राकृतिक गुलाबी चमक बनाए रखने में सहायक माना जाता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने से बचाने में भी मदद करते हैं और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं।

    वहीं खीरा त्वचा के लिए प्राकृतिक हाइड्रेशन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है जो शरीर और त्वचा दोनों को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। खीरे में विटामिन के विटामिन सी और सिलिका जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो त्वचा को मुलायम ताजा और स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं। गर्मियों और उमस भरे मौसम में खीरे का सेवन त्वचा को ठंडक देने के साथ डिहाइड्रेशन से भी बचा सकता है।

    यदि चुकंदर और खीरे का सेवन संतुलित आहार के साथ नियमित रूप से किया जाए तो त्वचा में प्राकृतिक निखार आने लगता है। इनका जूस या सलाद शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ त्वचा की कोशिकाओं को भी बेहतर तरीके से पोषित करता है। इसके अलावा कई लोग चुकंदर और खीरे का फेस पैक भी इस्तेमाल करते हैं। चुकंदर के रस और खीरे के रस को मिलाकर चेहरे पर कुछ मिनट लगाने से त्वचा को ताजगी और ठंडक मिल सकती है। हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर माना जाता है ताकि किसी प्रकार की एलर्जी की संभावना से बचा जा सके।

    स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही पर्याप्त नहीं होती बल्कि पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन करना अच्छी नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना भी बेहद जरूरी है। चुकंदर और खीरा इन सभी प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकते हैं। यदि त्वचा संबंधी कोई गंभीर समस्या हो या लंबे समय तक परेशानी बनी रहे तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।

    प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर त्वचा की सुंदरता को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है। चुकंदर और खीरा न केवल शरीर को पोषण देते हैं बल्कि त्वचा को भीतर से स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित और संतुलित उपयोग के साथ इनका लाभ अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है।
     

  • बारिश के मौसम में स्वास्थ्य को रखना है सुरक्षित तो अपनाएं ये आसान उपाय छोटी सी सावधानी बचाएगी बड़ी बीमारियों से

    बारिश के मौसम में स्वास्थ्य को रखना है सुरक्षित तो अपनाएं ये आसान उपाय छोटी सी सावधानी बचाएगी बड़ी बीमारियों से


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है वहीं कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी साथ लेकर आता है। बारिश के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया वायरस और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है। ऐसे में यदि खानपान स्वच्छता और दिनचर्या पर ध्यान न दिया जाए तो वायरल बुखार डेंगू मलेरिया टाइफाइड फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी कई समस्याएं आसानी से घेर सकती हैं। इसलिए इस मौसम में स्वास्थ्य की देखभाल को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी हो जाता है।

    बारिश के दिनों में सबसे पहले स्वच्छ भोजन और साफ पानी का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना बेहतर माना जाता है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और कटे हुए फल खाने से बचना चाहिए क्योंकि इनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। घर का ताजा और गर्म भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

    मानसून के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना बेहद आवश्यक है। इसके लिए संतुलित आहार का सेवन करें जिसमें हरी सब्जियां मौसमी फल दालें सूखे मेवे और पर्याप्त प्रोटीन शामिल हो। विटामिन सी से भरपूर फल शरीर को संक्रमण से लड़ने में सहायता करते हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है ताकि शरीर हाइड्रेटेड बना रहे।

    बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़ों में नहीं रहना चाहिए। घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहनें और शरीर को अच्छी तरह पोंछ लें। गीले जूते और मोजे पहनकर रहने से फंगल संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पैरों की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें और उन्हें पूरी तरह सुखाकर ही जूते पहनें।

    मच्छरों से बचाव मानसून में सबसे जरूरी सावधानियों में से एक है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें क्योंकि यही मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है। रात में मच्छरदानी का उपयोग करें और जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाले सुरक्षित उत्पादों का इस्तेमाल करें। यदि तेज बुखार शरीर दर्द या लगातार कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    बारिश के मौसम में नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि बाहर निकलना संभव न हो तो घर के अंदर हल्का व्यायाम योग या प्राणायाम किया जा सकता है। इससे शरीर सक्रिय रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। मानसिक तनाव कम करने के लिए भी नियमित दिनचर्या बनाए रखना लाभदायक होता है।

    बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। उन्हें बारिश में भीगने से बचाएं और किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी न करें। व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे हाथ धोना साफ कपड़े पहनना और आसपास सफाई बनाए रखना संक्रमण से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
    बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। उन्हें बारिश में भीगने से बचाएं और किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी न करें। व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे हाथ धोना साफ कपड़े पहनना और आसपास सफाई बनाए रखना संक्रमण से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

    मानसून का मौसम आनंद और ताजगी लेकर आता है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। यदि संतुलित आहार स्वच्छता नियमित व्यायाम और समय पर चिकित्सा सलाह को जीवनशैली का हिस्सा बना लिया जाए तो बारिश के पूरे मौसम का आनंद बिना किसी बीमारी के लिया जा सकता है। सावधानी ही इस मौसम में स्वस्थ रहने की सबसे बड़ी कुंजी है।

  • 21 जुलाई शेयर बाजार आज निवेशकों के लिए रहेगा बेहद अहम वैश्विक संकेतों और कंपनियों के नतीजों पर टिकी बाजार की चाल

    21 जुलाई शेयर बाजार आज निवेशकों के लिए रहेगा बेहद अहम वैश्विक संकेतों और कंपनियों के नतीजों पर टिकी बाजार की चाल


    नई दिल्ली । 21 जुलाई का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर कई ऐसे कारक मौजूद हैं जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों की नजर एक ओर कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी तो दूसरी ओर विदेशी बाजारों की चाल कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान रहेगा। ऐसे में बाजार में उतार चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है और निवेशकों को सोच समझकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।

    पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला है। कभी बैंकिंग शेयरों ने मजबूती दिखाई तो कभी आईटी और ऑटो सेक्टर में दबाव नजर आया। ऐसे माहौल में निवेशक अब नई आर्थिक जानकारी और कॉर्पोरेट नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। जिन कंपनियों के पहली तिमाही के परिणाम आने वाले हैं उनके शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं यदि वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर दिखाई देता है तो घरेलू सूचकांकों पर भी दबाव बन सकता है। अमेरिका और एशियाई बाजारों की चाल का असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिल सकता है।

    कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है तो इससे कई सेक्टरों पर असर पड़ सकता है। वहीं रुपये की चाल भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी क्योंकि विदेशी निवेश और आयात निर्यात से जुड़े कारोबार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।

    बाजार जानकारों का कहना है कि इस समय निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए। मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति अधिक सुरक्षित मानी जा रही है। अल्पकालिक उतार चढ़ाव के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने वाले निवेशकों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं। विशेष रूप से बैंकिंग आईटी फार्मा एफएमसीजी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

    तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार प्रमुख सूचकांकों के महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। यदि बाजार इन स्तरों को मजबूती से पार करता है तो नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं कमजोर शुरुआत होने पर मुनाफावसूली भी बढ़ सकती है। ऐसे में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को जोखिम प्रबंधन के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

    घरेलू आर्थिक संकेतकों के साथ वैश्विक घटनाक्रम भी निवेशकों की रणनीति तय करेंगे। इसलिए किसी भी अफवाह के आधार पर निवेश करने के बजाय प्रमाणित जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा। 21 जुलाई का कारोबारी दिन कई सेक्टरों के लिए नई दिशा तय कर सकता है और बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक संकेत और कॉर्पोरेट नतीजे कितने सकारात्मक रहते हैं। समझदारी धैर्य और संतुलित निवेश रणनीति ही मौजूदा बाजार में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी मानी जा रही है।

  • मंगलवार के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानिए घर में सुख शांति और धन वृद्धि के प्रभावी वास्तु उपाय

    मंगलवार के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानिए घर में सुख शांति और धन वृद्धि के प्रभावी वास्तु उपाय


    नई दिल्ली । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के साथ साथ वास्तु शास्त्र में भी इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि मंगलवार को कुछ सरल और सकारात्मक वास्तु उपाय अपनाने से घर का वातावरण ऊर्जावान बनता है और परिवार में सुख शांति तथा समृद्धि का संचार होता है। इन उपायों का उद्देश्य घर में स्वच्छता अनुशासन और सकारात्मकता को बढ़ावा देना है जिससे मानसिक शांति और बेहतर वातावरण का अनुभव हो सके।

    दिन की शुरुआत घर की अच्छी तरह सफाई से करें। मुख्य द्वार और पूजा स्थल को विशेष रूप से स्वच्छ रखें क्योंकि साफ सुथरा वातावरण सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली का प्रतीक माना जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर गंदगी या अनावश्यक सामान जमा न होने दें। इससे आने जाने में सुविधा रहती है और घर व्यवस्थित दिखाई देता है।

    मंगलवार को पूजा स्थान में घी या सरसों के तेल का दीपक जलाकर भगवान हनुमान की आराधना करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और आत्मविश्वास मजबूत होता है। कई लोग इस दिन लाल या केसरिया रंग के पुष्प अर्पित करते हैं और गुड़ चना या बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाते हैं।

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को घर के दक्षिण दिशा वाले हिस्से को व्यवस्थित रखना लाभकारी माना जाता है। इस दिशा में अनावश्यक कबाड़ या टूटी फूटी वस्तुएं जमा नहीं होने देना चाहिए। घर में साफ सफाई बनाए रखने से सकारात्मक वातावरण का अनुभव होता है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ता है।

    रसोई घर को भी व्यवस्थित रखना आवश्यक माना जाता है। भोजन बनाने का स्थान स्वच्छ हो और खाद्य सामग्री सही ढंग से रखी जाए। स्वच्छ रसोई स्वास्थ्य और अनुशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण होती है। भोजन बनाने से पहले ईश्वर का स्मरण करने और अन्न का सम्मान करने की परंपरा भी भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    मंगलवार के दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दान देना भी शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार भोजन वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान किया जा सकता है। इसके साथ ही पशु पक्षियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराना भी सेवा का एक सुंदर माध्यम माना जाता है। ऐसे कार्य समाज में संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।

    घर में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विवाद क्रोध या कटु व्यवहार करने से बचना चाहिए। मधुर वाणी और संयमित व्यवहार परिवार के वातावरण को बेहतर बनाते हैं। सकारात्मक विचार और आपसी सम्मान किसी भी घर की सबसे बड़ी शक्ति माने जाते हैं।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वास्तु उपाय आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं। इन्हें जीवन में अनुशासन स्वच्छता और सकारात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से अपनाया जा सकता है। यदि इन उपायों के साथ संतुलित दिनचर्या नियमित पूजा स्वच्छ वातावरण और अच्छे व्यवहार को भी जोड़ा जाए तो घर का माहौल अधिक सुखद और प्रेरणादायक बन सकता है।

  • CJP का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, दिपके फिर धरने पर बैठे, घायल प्रदर्शनकारियों से मिलेंगे केजरीवाल

    CJP का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, दिपके फिर धरने पर बैठे, घायल प्रदर्शनकारियों से मिलेंगे केजरीवाल


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘संसद चलो’ आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा और संसद तक मार्च का प्रयास जारी रहेगा। सोमवार को हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद प्रदर्शनकारी एक बार फिर जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल पर लौट आए।

    सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित यह प्रदर्शन नीट (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया।

    दिपके बोले- आंदोलन जारी रहेगा
    सोमवार देर रात अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी फिर से संसद की ओर मार्च करेंगे और धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे। सोमवार को पुलिस द्वारा मंच हटाए जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए।

    सोमवार को हुआ था हिंसक टकराव
    दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर से संसद तक निकाला गया मार्च हिंसक हो गया था। पुलिस का दावा है कि इस दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, लाठीचार्ज किया और 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। कुछ पुलिस वाहनों के शीशे टूटने की भी घटनाएं सामने आईं।

    सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर
    सफदरजंग अस्पताल की ओर से मंगलवार सुबह जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि उनका ब्लड शुगर स्तर अभी भी कम है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, सीरम पोटेशियम 3.2 mEq/L दर्ज किया गया है तथा एनीमिया और कम ल्यूकोसाइट काउंट की समस्या बनी हुई है।

    डॉक्टरों ने उन्हें ओआरएस और ओरल पोटेशियम दिया है, लेकिन चिकित्सकीय सलाह के बावजूद उन्होंने ड्रिप और ग्लूकोज लेने से इनकार किया है। लंबे अनशन के कारण डिहाइड्रेशन और कमजोरी बनी हुई है, इसलिए उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

    दिलजीत दोसांझ ने जताया समर्थन
    गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर विचार करने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए।

    RML अस्पताल जाएंगे अरविंद केजरीवाल
    आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह आंदोलन के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से मिलने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना पर अपनी प्रतिक्रिया भी देंगे।

    दिल्ली पुलिस ने पांच राज्यों से मांगा सहयोग
    सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को पत्र भेजा है। पत्र में संसद सत्र के दौरान जंतर-मंतर पहुंचने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और आवश्यकता पड़ने पर राज्य की सीमा पर ही रोकने के लिए सहयोग मांगा गया है। पुलिस का कहना है कि संसद सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    धरना स्थल पर फिर जुटे प्रदर्शनकारी
    सोमवार शाम पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से हट गए थे और अभिजीत दिपके केरल हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए थे। हालांकि मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारी फिर से निर्धारित धरना स्थल पर लौट आए। फिलहाल वहां करीब 100 प्रदर्शनकारी मौजूद बताए जा रहे हैं।

  • मंगलवार पूजा विधि: हनुमान जी की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, दूर होंगे संकट और मिलेगा मंगल का आशीर्वाद

    मंगलवार पूजा विधि: हनुमान जी की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, दूर होंगे संकट और मिलेगा मंगल का आशीर्वाद


    नई दिल्ली । हनुमान भक्तों के लिए मंगलवार का दिन अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ भगवान हनुमान की आराधना करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं और साहस आत्मविश्वास तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही मंगल ग्रह से जुड़े दोषों को शांत करने और कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भी मंगलवार की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन सच्चे मन से बजरंगबली की उपासना करता है उसे भय रोग शत्रु और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्राप्त होती है।

    मंगलवार की शुरुआत प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से करनी चाहिए। स्नान के बाद स्वच्छ और यथासंभव लाल या केसरिया रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल को साफ कर भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और घी अथवा सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद सिंदूर चमेली का तेल लाल पुष्प और अक्षत अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    पूजन के दौरान भगवान श्रीराम और माता सीता का स्मरण अवश्य करें क्योंकि हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त हैं। इसके बाद हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। समय और सुविधा हो तो बजरंग बाण सुंदरकांड या संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ भी किया जा सकता है। माना जाता है कि इन स्तुतियों के नियमित पाठ से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में आत्मबल बढ़ता है। पूजा के अंत में आरती कर परिवार की सुख शांति और समृद्धि की कामना करनी चाहिए।

    भोग के रूप में हनुमान जी को बूंदी के लड्डू बेसन के लड्डू गुड़ और भुना चना अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके बाद यह प्रसाद परिवार और अन्य श्रद्धालुओं में बांटना चाहिए। कई भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं और केवल सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। व्रत रखने वाले लोगों को पूरे दिन संयम और सकारात्मक विचार बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

    मंगलवार को मंगल ग्रह की शांति के लिए भी विशेष उपाय किए जाते हैं। इस दिन ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः मंत्र का जप करना लाभकारी माना जाता है। साथ ही लाल मसूर की दाल गुड़ तांबे की वस्तुएं या लाल वस्त्र का दान करना शुभ फल देने वाला माना गया है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और बंदरों को गुड़ चना खिलाना भी पुण्यदायी माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार के दिन क्रोध विवाद अपशब्द और तामसिक भोजन से बचना चाहिए। नशे का सेवन नहीं करना चाहिए और किसी का अपमान करने से भी परहेज करना चाहिए। इस दिन सेवा दान और परोपकार का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि श्रद्धा विश्वास और नियमपूर्वक की गई हनुमान आराधना से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख समृद्धि सफलता तथा सकारात्मक ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त होता है।

  • चातुर्मास कब से होगा शुरू? जानें कब तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद

    चातुर्मास कब से होगा शुरू? जानें कब तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद


    नई दिल्ली। देवशयनी एकादशी के साथ हिंदू धर्म में चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसके कारण विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। हालांकि, जप, तप, व्रत, दान और भगवान की आराधना के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है।

    इस वर्ष देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 को पड़ रही है और उदया तिथि के अनुसार इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ होगा। यह अवधि 20 नवंबर 2026 तक रहेगी। इस दौरान सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक—ये चार पवित्र महीने शामिल रहेंगे।

    सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व
    चातुर्मास का पहला महीना सावन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना और शिव सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की उपासना से वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य, ग्रह दोष और मनोकामनाओं से जुड़े मामलों में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा।

    भाद्रपद में श्रीकृष्ण और गणेश आराधना
    चातुर्मास का दूसरा महीना भाद्रपद भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इसी महीने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश उत्सव जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान श्रीमद्भागवत का पाठ, श्रीकृष्ण की आराधना और भक्ति करने से सुख-शांति, प्रेम और संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस वर्ष भाद्रपद 29 अगस्त से 26 सितंबर तक रहेगा।

    आश्विन में शक्ति उपासना और पितृ पक्ष
    चातुर्मास का तीसरा महीना आश्विन देवी साधना और पितरों के तर्पण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी महीने शारदीय नवरात्रि और पितृ पक्ष आते हैं। इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ, देवी आराधना और पितरों का स्मरण विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे जीवन में शक्ति, सौभाग्य और विजय की प्राप्ति होती है। इस वर्ष आश्विन 27 सितंबर से 26 अक्टूबर तक रहेगा।

    कार्तिक में फिर शुरू होंगे मांगलिक कार्य
    चातुर्मास का अंतिम महीना कार्तिक होता है। इसी दौरान दीपावली, तुलसी विवाह और देवउठनी एकादशी जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, जिसके बाद विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत दोबारा होती है। कार्तिक मास में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा को विशेष फलदायी माना गया है। इस वर्ष कार्तिक 27 अक्टूबर से 24 नवंबर तक रहेगा।