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  • घर में पैसा और सुख-शांति बनाए रखने के लिए फेंगशुई के 3 आसान उपाय, जानें सकारात्मक माहौल से जुड़े जरूरी नियम

    घर में पैसा और सुख-शांति बनाए रखने के लिए फेंगशुई के 3 आसान उपाय, जानें सकारात्मक माहौल से जुड़े जरूरी नियम


    नई दिल्ली ।
    फेंगशुई एक प्राचीन चीनी पद्धति है, जिसमें घर और उसके आसपास मौजूद ऊर्जा के संतुलन पर जोर दिया जाता है। मान्यता के अनुसार घर को साफ, हवादार और व्यवस्थित रखने से सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिल सकती है। घर में तनाव, चिड़चिड़ापन या छोटी-छोटी बातों पर होने वाली बहस के बीच कुछ लोग फेंगशुई में बताए गए आसान उपायों को अपनाते हैं।

    घर में शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए रोजाना की दिनचर्या में छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। फेंगशुई की मान्यताओं के अनुसार विशेष रूप से शाम होने से पहले किए जाने वाले कुछ उपाय शुभ माने जाते हैं। इनका संबंध घर में हवा, रोशनी, सफाई और व्यवस्था बनाए रखने से है।

    फेंगशुई के अनुसार सुबह कुछ देर के लिए घर की खिड़कियां और दरवाजे खोलना अच्छा माना जाता है। करीब 9 से 15 मिनट तक इन्हें खोलकर घर में हवा का प्रवाह बनाए रखा जा सकता है। इससे बंद या बासी हवा बाहर निकलती है और कमरे में ताजगी महसूस होती है। हालांकि, बाहर प्रदूषण बहुत अधिक हो या मौसम खराब हो तो खिड़कियां खोलने से बचना बेहतर माना गया है। इस उपाय को सूर्यास्त से पहले कर लेने की मान्यता है।

    घर का मुख्य द्वार भी फेंगशुई में महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसी रास्ते से घर में ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसलिए मुख्य दरवाजे और उसके आसपास धूल, गंदगी या अनावश्यक सामान जमा नहीं होने देना चाहिए। दरवाजे के पास जूते-चप्पलों का ढेर लगाने से बचने और वहां डस्टबिन नहीं रखने की सलाह दी जाती है।

    मुख्य द्वार और आसपास की जगह को नियमित रूप से साफ रखना चाहिए। शाम के समय प्रवेश द्वार के आसपास पर्याप्त रोशनी रखना भी फेंगशुई में अच्छा माना जाता है। साफ और व्यवस्थित प्रवेश द्वार घर को व्यावहारिक रूप से भी अधिक आकर्षक और आरामदायक बना सकता है।

    फेंगशुई और कई पारंपरिक मान्यताओं में नमक को नकारात्मक ऊर्जा कम करने वाला माना जाता है। इसी आधार पर घर की सफाई करते समय पानी में थोड़ा सेंधा नमक या समुद्री नमक मिलाकर पोछा लगाने की सलाह दी जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार कांच की कटोरी में सेंधा नमक रखकर उसे घर के उस हिस्से में रखा जा सकता है, जहां परिवार के सदस्य अधिक समय बिताते हैं। इसे करीब एक सप्ताह बाद बदलने की बात कही जाती है।

    घर का वातावरण बेहतर बनाए रखने के लिए अनावश्यक सामान जमा न करने, टूटे या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रहे सामान को हटाने और कमरों में पर्याप्त रोशनी तथा हवा का ध्यान रखने की सलाह भी दी जाती है। पौधे रखे जाते हैं तो उनकी नियमित देखभाल करना और घर में ऐसी चीजें रखना उपयोगी माना जाता है, जिनसे सकारात्मकता और सुकून का एहसास हो।

    हालांकि, इन उपायों को धार्मिक या पारंपरिक मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनके जरिए धन, स्वास्थ्य या पारिवारिक समस्याओं के निश्चित समाधान का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। वास्तविक आर्थिक, स्वास्थ्य या पारिवारिक समस्याओं के लिए जरूरी व्यावहारिक कदम उठाना आवश्यक है।

  • MP में आज से बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर 3 दिन तक परेशान होंगे ग्राहक 40 हजार बैंककर्मियों की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता

    MP में आज से बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर 3 दिन तक परेशान होंगे ग्राहक 40 हजार बैंककर्मियों की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता

    भोपाल।  मध्य प्रदेश में आज शुक्रवार को बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है। पांच दिवसीय बैंकिंग वीक की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले होने वाली इस हड़ताल के कारण प्रदेश की करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। भोपाल में बैंक कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन भी करेंगे। हड़ताल भले ही केवल शुक्रवार को है लेकिन आम लोगों पर इसका असर लगातार तीन दिनों तक दिखाई दे सकता है क्योंकि इसके बाद शनिवार और रविवार को बैंकिंग अवकाश रहेगा।

    बैंक यूनियनों का कहना है कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग सरकार के सामने रखी जा रही है लेकिन इस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वर्तमान व्यवस्था में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं जबकि बाकी शनिवार को कामकाज होता है। कर्मचारियों की मांग है कि हर शनिवार को अवकाश घोषित कर सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन बैंकिंग सेवाएं संचालित की जाएं। इसके बदले सप्ताह के पांच कार्यदिवसों में रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

    हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नकद निकासी जमा चेक क्लीयरेंस और अन्य काउंटर आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। खासकर बड़ी रकम निकालने या जमा करने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग यूपीआई एटीएम और मोबाइल बैंकिंग जैसी कई सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं लेकिन नकद और शाखा से जुड़े जरूरी कामों के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है।

    यूनियनों की मांग केवल पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह तक सीमित नहीं है। संगठन स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू की गई पीएलआई योजना का भी विरोध कर रहे हैं। यूनियन नेताओं का आरोप है कि यह योजना बैंक अधिकारियों के एक छोटे वर्ग को अधिक लाभ देने वाली है और इससे कर्मचारियों के बीच असमानता बढ़ सकती है। उनका कहना है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन पर आधारित प्रोत्साहन की नीति के बजाय कर्मचारियों के व्यापक हितों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

    बैंक यूनियनों के मुताबिक पेंशन अपडेशन एक्स ग्रेशिया की समीक्षा एनपीएस को ओपीएस में बदलने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान डीए व्यवस्था जैसी मांगें भी अभी लंबित हैं। इसके साथ ही बैंकों में पर्याप्त संख्या में क्लर्क सब स्टाफ और आर्म्ड गार्ड की भर्ती की मांग भी उठाई जा रही है। यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी का सीधा असर बैंकिंग सेवाओं और मौजूदा कर्मचारियों के काम के दबाव पर पड़ रहा है।

    सबसे बड़ी चिंता यह है कि सितंबर में बैंकिंग सेवाओं पर दूसरी बड़ी बाधा भी आ सकती है। यूनियनों के कार्यक्रम के अनुसार 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल प्रस्तावित है। ऐसे में लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। फिलहाल शुक्रवार की हड़ताल को लेकर बैंक यूनियन और सरकार के बीच बातचीत जारी है लेकिन सकारात्मक समाधान नहीं निकलने के कारण आंदोलन का कार्यक्रम बरकरार रखा गया है। ऐसे में बैंक ग्राहकों के लिए सलाह है कि जरूरी नकद लेनदेन चेक जमा करने और शाखा से जुड़े दूसरे काम पहले से निपटा लें ताकि छुट्टियों और हड़ताल के कारण उन्हें अतिरिक्त इंतजार न करना पड़े।

  • ‘प्रतिमा हटाई तो करूंगी अनशन’, उज्जैन पहुंचीं हर्षा रिछारिया, खड़े हनुमान के किए दर्शन

    ‘प्रतिमा हटाई तो करूंगी अनशन’, उज्जैन पहुंचीं हर्षा रिछारिया, खड़े हनुमान के किए दर्शन


    उज्जैन। खड़े हनुमान की प्रतिमा को सड़क चौड़ीकरण के लिए दूसरी जगह शिफ्ट करने का मामला लगातार चर्चा में है। इसी बीच प्रयागराज कुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया उज्जैन पहुंचीं और खड़े हनुमान मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने प्रतिमा को मौजूदा स्थान से हटाने की कोशिश का विरोध करते हुए कहा कि यदि प्रतिमा हटाई गई तो वे अनशन पर बैठेंगी।

    मीडिया से बातचीत में हर्षा रिछारिया ने कहा कि विकास और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हिंदू समाज पहले ही कई मंदिरों को लेकर काफी कुछ स्वीकार कर चुका है। ऐसे में प्रशासन को कम से कम खड़े हनुमान मंदिर को छोड़ देना चाहिए और प्रतिमा को उसके वर्तमान स्थान पर ही रहने देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि प्रतिमा को हटाने की कोशिश की गई तो वे इसका विरोध करेंगी। हर्षा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रतिमा हटाई गई तो वह अनशन करेंगी।

    तीन बार हटाने की कोशिश, नहीं हिली प्रतिमा

    दरअसल, उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान खड़े हनुमान की प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने की तैयारी की गई थी। नई जगह मंदिर का ढांचा भी तैयार किया जा चुका है। योजना के मुताबिक प्रतिमा को वहां स्थापित किया जाना था, लेकिन अब तक खड़े हनुमान अपनी पुरानी जगह पर ही विराजमान हैं।

    बताया गया है कि प्रतिमा को तीन बार हटाने की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हिली। विवाद का एक प्रमुख कारण प्रतिमा की दिशा भी बताई जा रही है। वर्तमान में खड़े हनुमान की प्रतिमा दक्षिणमुखी है, जबकि नई जगह पर प्रतिमा का मुख उत्तर दिशा की ओर होने की बात सामने आई है। इसी को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में विरोध है।

    50 फीट चौड़ी हो चुकी है सड़क

    उज्जैन शहर में सड़क चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट के तहत कई पुराने निर्माण हटाए गए हैं। कान्थल चौराहे से छतरी चौक तक सड़क को 50 फीट चौड़ा किया गया है। इसी प्रक्रिया के बीच खड़े हनुमान की प्रतिमा सड़क के बीच दिखाई दे रही है और इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर विवाद बना हुआ है।

    अब हर्षा रिछारिया के मंदिर पहुंचने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दर्शन के बाद उन्होंने प्रतिमा को हटाने की कोशिश होने पर अनशन करने की चेतावनी दी है।

  • चांदी में ₹1,487 की बड़ी गिरावट, सोना चढ़ा, जानें 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का भाव

    चांदी में ₹1,487 की बड़ी गिरावट, सोना चढ़ा, जानें 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का भाव


    नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में गुरुवार को वायदा बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार खुलते ही चांदी की कीमत करीब 1,500 रुपये प्रति किलो टूट गई। दूसरी ओर सोने में तेजी रही और 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।

    MCX पर ₹1,487 सस्ती हुई चांदी
    4 दिसंबर एक्सपायरी वाली चांदी बुधवार को 2,44,213 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही भाव गिरकर 2,42,726 रुपये प्रति किलो पर आ गया। इस तरह शुरुआती कारोबार में चांदी 1,487 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।

    ऑल टाइम हाई से ₹1.77 लाख नीचे भाव
    चांदी में ताजा गिरावट के बाद MCX पर इसका भाव जनवरी 2026 में बने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गया है। जनवरी के आखिरी सप्ताह में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार कर गई थी और बढ़ते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक हाई पर पहुंची थी। इसके बाद चांदी में तेज गिरावट आई। मौजूदा भाव से तुलना करें तो वायदा बाजार में चांदी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 1,77,322 रुपये प्रति किलो नीचे कारोबार कर रही है।

    सोना करीब ₹200 महंगा
    चांदी में गिरावट के बीच सोने के भाव में तेजी देखने को मिली। MCX पर 5 अक्टूबर एक्सपायरी वाला सोना करीब 200 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,53,963 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, कारोबार की शुरुआत में सोने में भी कुछ गिरावट देखने को मिली थी।

    अगस्त के आखिरी भाव से सोना करीब ₹500 ऊपर
    सितंबर में अब तक सोने की चाल पर नजर डालें तो 31 अगस्त को MCX पर वायदा कारोबार खत्म होने के समय 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,54,460 रुपये पर बंद हुआ था। गुरुवार के बताए गए भाव से तुलना करने पर सोना करीब 500 रुपये महंगा है।

    घरेलू बाजार में सोना-चांदी कितने पर?
    घरेलू बाजार में इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट पर अपडेट रेट के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,53,486 रुपये और 1 किलो चांदी 2,35,249 रुपये पर है।

    हालांकि, ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहकों को सोने-चांदी के बेस रेट के अलावा लागू GST और मेकिंग चार्ज भी देना होता है। इसलिए दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत इससे अधिक हो सकती है।

    निवेश संबंधी सावधानी: सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ETF में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय/मार्केट सलाहकार से सलाह जरूर लें।

  • 2027 में मेष में शनि का होगा गोचर, इन 3 राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, जानें बचाव के उपाय

    2027 में मेष में शनि का होगा गोचर, इन 3 राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, जानें बचाव के उपाय


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक माना जाता है। शनि का राशि परिवर्तन सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 जून 2027 को शनिदेव अपनी मित्र और स्वराशि की यात्रा पूरी कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं में मेष को शनि की नीच और शत्रु राशि माना गया है।

    मान्यता है कि किसी ग्रह के नीच राशि में पहुंचने पर उसके शुभ प्रभाव कमजोर हो सकते हैं। ऐसे में शनि के मेष राशि में गोचर के दौरान कुछ जातकों को कामकाज में देरी, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खास तौर पर मेष, वृषभ और कन्या राशि के जातकों को इस अवधि में अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

    मेष राशि: साढ़ेसाती के साथ बढ़ेगी चुनौती
    शनि का प्रवेश मेष राशि में ही होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दौरान मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव भी रहेगा। इससे मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और भ्रम जैसी स्थितियां बढ़ सकती हैं।

    बनते हुए काम आखिरी समय में अटक सकते हैं। सेहत को लेकर लापरवाही से बचना होगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों के साथ विवाद से दूर रहें और जल्दबाजी में किसी बड़े वित्तीय जोखिम से बचें।

    वृषभ राशि: खर्च बढ़ने से बिगड़ सकता है बजट
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर बारहवें भाव में होगा। इससे साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होने की बात कही गई है। इस दौरान अचानक और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, जिसका असर बजट पर पड़ सकता है।

    भविष्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतना जरूरी होगा। किसी को बड़ी रकम उधार देने से बचें। साथ ही कोर्ट-कचहरी या विवादों में उलझने से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

    कन्या राशि: नौकरी-बिजनेस में आ सकती हैं रुकावटें
    कन्या राशि वालों के लिए शनि आठवें भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में आठवें भाव को अचानक होने वाले बदलावों और चुनौतियों से जोड़कर देखा जाता है।

    इस दौरान नौकरी या कारोबार में अनपेक्षित रुकावटें आ सकती हैं। सहकर्मियों और कारोबारी साझेदारों के साथ गलतफहमियां बढ़ने की आशंका रहेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और चोट-चपेट से बचने के लिए सतर्क रहें। इस अवधि में अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं को गोपनीय रखना और बिना पूरी जानकारी के निवेश करने से बचना बेहतर माना गया है।

    शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं—
    – शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    – नियमित रूप से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
    – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का रोज 108 बार जाप करें।
    – शनिवार को काले तिल, उड़द की दाल, लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।

  • विनेश फोगाट को झटका: वर्ल्ड चैम्पियनशिप ट्रायल में नहीं उतर पाएंगी, दिल्ली HC ने अंतरिम राहत ठुकराई

    विनेश फोगाट को झटका: वर्ल्ड चैम्पियनशिप ट्रायल में नहीं उतर पाएंगी, दिल्ली HC ने अंतरिम राहत ठुकराई


    नई दिल्ली। इंटरनेशनल रेसलिंग में वापसी की तैयारी कर रहीं विनेश फोगाट को बड़ा कानूनी झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 2026 सीनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के भारतीय सेलेक्शन ट्रायल में शामिल होने के लिए अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही 14 सितंबर को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले ट्रायल में विनेश के उतरने का रास्ता फिलहाल बंद हो गया है।

    जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार देर रात विनेश की अंतरिम राहत की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने जो पात्रता शर्तें तय की हैं, उनमें किसी एक खिलाड़ी के लिए अलग से छूट नहीं दी जा सकती। कोर्ट के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 के सर्कुलर में निर्धारित मानदंड सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं।

    मां बनने के कारण क्वालिफाइंग इवेंट नहीं खेल सकीं
    विनेश ने WFI के नए सेलेक्शन नियमों को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था। 7 सितंबर को जारी सर्कुलर में 2026 सीनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के ट्रायल के लिए छह ओलंपिक भार वर्गों में पात्रता तय की गई है।

    नियमों के तहत निर्धारित प्रतियोगिताओं के पदक विजेता, नेशनल कोचिंग कैंप में शामिल पहलवान और 2026 अंडर-20 वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए चुने गए पहलवान पात्रता के दायरे में आते हैं।

    विनेश का तर्क था कि मातृत्व के कारण वह कई क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं। ऐसे में मौजूदा नियम उनके लिए वर्ल्ड चैम्पियनशिप ट्रायल में पहुंचने का रास्ता रोक रहे हैं।

    हालांकि, उन्होंने सीधे वर्ल्ड चैम्पियनशिप टीम में चयन की मांग नहीं की थी। उनकी मांग केवल ट्रायल में उतरने की अनुमति देने की थी, ताकि टीम में चयन का फैसला उनके प्रदर्शन के आधार पर हो सके।

    एशियन गेम्स ट्रायल का भी दिया उदाहरण
    विनेश ने अपनी दलील में 30 मई को हुए एशियन गेम्स के सेलेक्शन ट्रायल का हवाला दिया। उन्होंने 53 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया था और क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल तक पहुंची थीं।

    उनका कहना था कि मां बनने के बाद उन्होंने ट्रेनिंग शुरू कर दी है और प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी की कोशिश कर रही हैं। इसलिए उन्हें अपनी फिटनेस और क्षमता साबित करने का अवसर मिलना चाहिए। विनेश जुलाई 2025 में मां बनी थीं। इसके बाद उन्होंने दोबारा ट्रेनिंग शुरू की और प्रतियोगी कुश्ती में लौटने की तैयारी की।

    कोर्ट ने मातृत्व की स्थिति को माना महत्वपूर्ण
    हाई कोर्ट ने फिलहाल WFI की पूरी चयन नीति को सही या गलत घोषित नहीं किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विनेश की याचिका में उठाए गए व्यापक कानूनी सवालों पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।

    कोर्ट ने यह भी माना कि गर्भावस्था, बच्चे को जन्म देने और उसके बाद रिकवरी जैसी परिस्थितियों को WFI की नीति की वैधता पर विचार करते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट के मुताबिक, केवल इन परिस्थितियों के आधार पर विनेश को तत्काल अंतरिम छूट नहीं दी जा सकती।

    कोर्ट की चिंता यह भी रही कि अगर केवल विनेश को ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दी जाती है तो उन खिलाड़ियों के साथ समानता का सवाल उठ सकता है, जो ऐसी ही परिस्थितियों में हैं लेकिन अदालत के सामने नहीं आए हैं।

    मातृत्व नीति पर असली लड़ाई अभी बाकी
    विनेश की याचिका केवल 14 सितंबर के ट्रायल तक सीमित नहीं है। इसके जरिए महिला खिलाड़ियों के लिए गर्भावस्था और मातृत्व के बाद खेल में वापसी की स्पष्ट और व्यवस्थित नीति की मांग भी उठाई गई है।

    विनेश चाहती हैं कि ऐसी महिला खिलाड़ियों के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया और वैकल्पिक व्यवस्था हो, जो मातृत्व के कारण अनिवार्य क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पातीं। इस लिहाज से गुरुवार का आदेश उन्हें मौजूदा ट्रायल से बाहर करता है, लेकिन WFI की चयन नीति और मातृत्व के बाद महिला खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसर को लेकर उनकी बड़ी कानूनी चुनौती अभी जारी है।

    WFI की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी चुनौती में
    विनेश ने WFI की ओर से शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को भी अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने मई और जून में जारी किए गए दो शो-कॉज नोटिस रद्द करने की मांग की है। वहीं, WFI का कहना है कि विनेश को उसके अनुशासनात्मक पैनल के सामने अपना पक्ष रखने के पर्याप्त अवसर दिए गए थे।

    24 अक्टूबर से अस्ताना में वर्ल्ड चैम्पियनशिप
    2026 सीनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप का आयोजन कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होना है। दिल्ली हाई कोर्ट के मौजूदा आदेश के बाद विनेश फोगाट 14 सितंबर के भारतीय सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। हालांकि, मातृत्व के बाद महिला खिलाड़ियों की खेल में वापसी और चयन प्रक्रिया में उन्हें उचित अवसर देने की नीति को लेकर उनकी कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।

  • दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन कल से, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात, मोदी ने कहा- सकारात्मक चर्चा की उम्मीद

    दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन कल से, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात, मोदी ने कहा- सकारात्मक चर्चा की उम्मीद


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां और 500 से ज्यादा CCTV कैमरे सुरक्षा में लगाए गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शनिवार को भारत पहुंचेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS नेताओं के भारत पहुंचने से पहले एक्स पर संदेश जारी कर सम्मेलन से सार्थक चर्चा की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया के कई नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे और विश्व कल्याण की भावना के साथ वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक एवं सार्थक विचार-विमर्श होगा।

    35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित
    BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली में आज से 13 सितंबर तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। पुलिस के मुताबिक शहर पूरी तरह बंद नहीं रहेगा, लेकिन VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ समय के लिए रास्ते रोके जा सकते हैं।

    मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड और तीन मूर्ति मार्ग समेत 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर असर पड़ने की संभावना है। नोएडा से सेंट्रल दिल्ली और द्वारका से एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हर दिन करीब 70 से 80 हाई सिक्योरिटी मूवमेंट होने का अनुमान है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

    मेट्रो सामान्य, स्कूलों में छुट्टी
    दिल्ली मेट्रो सामान्य रूप से चलती रहेगी। बस, ऑटो और टैक्सी सेवाएं भी जारी रहेंगी, हालांकि कुछ रूट में बदलाव किया जा सकता है। UPSC और NDA परीक्षार्थियों के साथ अस्पताल जाने वाले लोगों को घर से पर्याप्त समय पहले निकलने की सलाह दी गई है। मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस को तत्काल सूचना देने को कहा गया है।

    सम्मेलन के मद्देनजर आज स्कूलों में छुट्टी है। वहीं कनॉट प्लेस का बाजार खुला रहेगा, जबकि मेट्रो म्यूजियम और राष्ट्रपति भवन 13 सितंबर तक बंद रहेंगे।

    मोदी-पुतिन मुलाकात पर नजर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात आज दोपहर प्रस्तावित है। बातचीत में रक्षा, ऊर्जा और परमाणु सहयोग जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी मुलाकात करेंगे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में सीमा विवाद और व्यापार से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।

    कई देशों के नेता होंगे शामिल
    BRICS सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और इथियोपिया समेत कई देशों के नेता हिस्सा लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन के अंत में ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ जारी किया जाएगा। फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मा. थेरेसा पी. लाजारो भी BRICS Summit 2026 में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं।

    पुरी में सैंड आर्ट से विदेशी मेहमानों का स्वागत
    BRICS नेताओं के भारत आगमन के मौके पर पुरी के कलाकार मानस कुमार साहू ने सैंड आर्ट तैयार कर उनका अभिनंदन किया। रेत से बनाई गई इस कलाकृति के जरिए भारत की ओर से BRICS देशों के नेताओं का स्वागत किया गया।

    संस्कृत श्लोक से दिया संवाद और मित्रता का संदेश
    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में संस्कृत श्लोक के जरिए अच्छे लोगों की संगति, संवाद और मित्रता का महत्व भी बताया। श्लोक का भावार्थ है कि सज्जनों के साथ चलना, उनकी संगति करना और उनके साथ संवाद व मित्रता रखना चाहिए, जबकि बुरे लोगों से संबंध नहीं रखना चाहिए।

  • 11 सितंबर राशिफल आज ग्रहों की स्थिति बदलेगी कई राशियों का दिन नौकरी कारोबार और परिवार को लेकर मिलेंगे खास संकेत

    11 सितंबर राशिफल आज ग्रहों की स्थिति बदलेगी कई राशियों का दिन नौकरी कारोबार और परिवार को लेकर मिलेंगे खास संकेत


    नई दिल्ली। 11 सितंबर का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कुछ लोगों को कामकाज में सफलता मिल सकती है तो कुछ राशि वालों को अपने खर्च और फैसलों पर नियंत्रण रखना होगा। नौकरी करने वालों के लिए दिन नई जिम्मेदारियां लेकर आ सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता की सराहना होगी। कोई महत्वपूर्ण काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कारोबार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। जल्दबाजी में निवेश करने से बचें।

    वृषभ राशि वालों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी रखनी होगी। आमदनी सामान्य रहेगी लेकिन अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। नौकरी में अधिकारियों से बातचीत करते समय संयम रखें। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबारियों को नए ग्राहक या काम का प्रस्ताव मिल सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। परिवार के किसी सदस्य की मदद से महत्वपूर्ण समस्या हल हो सकती है।

    कर्क राशि वालों को आज भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। मेहनत का परिणाम तुरंत न मिलने पर भी निराश न हों। घर परिवार में माहौल सामान्य रहेगा। खर्च बढ़ सकता है इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों वाला रह सकता है। नौकरी और कारोबार में आपकी स्थिति मजबूत होगी। कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। धन लाभ के अवसर सामने आएंगे। समाज में मान सम्मान बढ़ सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता रहेगी।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम पर विशेष ध्यान देना होगा। छोटी गलती परेशानी पैदा कर सकती है। किसी सहकर्मी से विवाद की स्थिति बने तो शांत रहकर बात करें। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रह सकता है।

    तुला राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रहेगा। नौकरी में तरक्की से जुड़ी चर्चा हो सकती है। कारोबार में कोई नया अवसर मिल सकता है। परिवार के साथ महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत होगी। प्रेम संबंधों में चल रही गलतफहमी दूर हो सकती है। यात्रा का योग भी बन सकता है।

    वृश्चिक राशि वालों को आज मेहनत के साथ धैर्य बनाए रखना होगा। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। परिवार के बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा। अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    धनु राशि वालों के लिए आज का दिन धन और करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कारोबारी किसी महत्वपूर्ण सौदे को अंतिम रूप दे सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज काम का दबाव महसूस हो सकता है। कई जिम्मेदारियां एक साथ आने से तनाव बढ़ सकता है। हालांकि आपकी मेहनत से स्थिति संभल जाएगी। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। किसी करीबी व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

    कुंभ राशि वालों के लिए दिन नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को कोई अवसर मिल सकता है। कारोबार में लाभ की संभावना है। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला रह सकता है। भावनात्मक फैसलों से बचें और महत्वपूर्ण काम सोच समझकर करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत नजर आएगी। परिवार के साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी। किसी भी मामले में जल्दबाजी न करें।

    कुल मिलाकर 11 सितंबर का दिन कई राशि वालों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। कुछ जातकों को करियर और धन के क्षेत्र में सफलता मिलेगी तो कुछ को खर्च और विवाद से बचने की जरूरत होगी। ग्रहों के संकेतों को ध्यान में रखते हुए आज धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले आपके लिए बेहतर साबित हो सकते हैं।

  • MP में फिर बदला मौसम, 12 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 12 सितंबर से इंदौर संभाग भी भीगेगा

    MP में फिर बदला मौसम, 12 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 12 सितंबर से इंदौर संभाग भी भीगेगा


    भोपाल। तीन दिन के ब्रेक के बाद मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 12 सितंबर से इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    शुक्रवार को बाकी जिलों में मौसम मिला-जुला रहेगा। कहीं धूप रहेगी तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।

    तीन दिन थमी रही बारिश, बढ़ी गर्मी-उमस

    प्रदेश में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश नहीं हुई है। बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। गुरुवार को भोपाल में तेज धूप रही। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी दिनभर धूप खिली रही।

    मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण की सक्रियता है। इन मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश में दोबारा बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।

    सामान्य से 8% कम बारिश

    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 795.3 मिमी यानी 31.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 862.5 मिमी यानी 33.9 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक 2.6 इंच कम बारिश हुई है और कुल बारिश सामान्य से 8% कम है।

    क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 2%, जबकि पश्चिमी हिस्से में 13% कम बारिश दर्ज हुई है।

    33 जिलों में बारिश का आंकड़ा पीछे

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 25% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने और अच्छी बारिश हुई, जिससे सीजन का आंकड़ा सुधरा। बुधवार तक पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से सिर्फ 1% कम रह गई थी।

    पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 56% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    इन 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

  • BRICS Summit 2026 में शामिल होने भारत आएंगे शी जिनपिंग, पीएम मोदी के निमंत्रण पर 12-13 सितंबर को होगा दौरा

    BRICS Summit 2026 में शामिल होने भारत आएंगे शी जिनपिंग, पीएम मोदी के निमंत्रण पर 12-13 सितंबर को होगा दौरा

    नई दिल्ली ।चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत दौरे पर आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को उनके दौरे की जानकारी दी। शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को भारत में आयोजित होने वाले BRICS सम्मेलन में शामिल होंगे। करीब सात साल बाद उनका भारत दौरा होने जा रहा है।

    शी जिनपिंग का यह दौरा भारत और चीन के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2020 में गलवान की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की यह पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों नेता किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान एक ही मंच पर नजर आए थे। उस दौरान दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया था, लेकिन उनके बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई थी।

    शी जिनपिंग इससे पहले वर्ष 2019 में भारत आए थे। तब उन्होंने तमिलनाडु के मामल्लपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई थी। इससे पहले वर्ष 2016 में शी जिनपिंग गोवा में आयोजित BRICS सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे थे। सितंबर 2014 में उन्होंने पहली बार भारत का दौरा किया था। उस समय भी प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच कई अहम विषयों पर चर्चा हुई थी।

    शी जिनपिंग का आगामी दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन अपने संबंधों में आई दूरी को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव की स्थिति रही है। अब दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की प्रस्तावित मुलाकात से भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक BRICS सम्मेलन आयोजित होगा। इस बैठक में कई देशों के प्रमुख नेता शामिल होंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के सम्मेलन में पहुंचने की पुष्टि हो चुकी है।

    BRICS बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति भी बैठक में चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल हो सकती है।

    सम्मेलन में विकासशील देशों की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। ऐसे में शी जिनपिंग की भारत यात्रा और BRICS बैठक में उनकी भागीदारी दोनों देशों के बीच संबंधों से जुड़े घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।