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  • TMC को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, ईडी द्वारा फ्रीज किए गए तीन बैंक खाते फिलहाल रहेंगे बंद

    TMC को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, ईडी द्वारा फ्रीज किए गए तीन बैंक खाते फिलहाल रहेंगे बंद


    नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज किए गए पार्टी के तीन बैंक खातों के संचालन की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया। इन खातों में कुल 440.42 करोड़ रुपये जमा बताए गए हैं।

    ईडी ने यह कार्रवाई राज्य पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की है। जांच एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध धन जुटाने और पार्टी के कुछ बैंक खातों के माध्यम से हुए संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

    हाईकोर्ट ने खारिज की अंतरिम राहत की मांग
    मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने 13 जुलाई को अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए टीएमसी की अंतरिम राहत की मांग खारिज कर दी। इसके साथ ही पार्टी के तीनों बैंक खाते फिलहाल फ्रीज ही रहेंगे।

    जांच में क्या सामने आया?
    रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य इकाई को ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि संबंधित कंपनी ने 2023 से 2026 के बीच 82.96 करोड़ रुपये एक अन्य नई कंपनी को भेजे। अधिकारियों के अनुसार, इस धनराशि का आगे भी लेनदेन किया गया।

    जेट और हेलीकॉप्टर खरीद की जांच
    ईडी के अनुसार, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित लेनदेन में से 112 करोड़ रुपये का उपयोग एम्ब्रेयर लेगेसी 600 बिजनेस जेट और अगस्तावेस्टलैंड 109SP हेलीकॉप्टर की खरीद में किया गया। एजेंसी इस पूरे वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोत की जांच कर रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में इस संबंध में आगे की सुनवाई होना बाकी है।

  • 'संसद चलो' मार्च में बवाल: 118 पुलिसकर्मी घायल, 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में, 20 सरकारी वाहनों को नुकसान

    'संसद चलो' मार्च में बवाल: 118 पुलिसकर्मी घायल, 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में, 20 सरकारी वाहनों को नुकसान


    नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान व्यापक हंगामा देखने को मिला। जंतर-मंतर, जनपथ और रायसीना रोड सहित कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। दिनभर तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया, लेकिन देर रात वे दोबारा वहां पहुंच गए।

    दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने प्रशासन की चेतावनियों की अनदेखी करते हुए लागू धारा 163 का उल्लंघन किया और हालात हिंसक हो गए।

    118 पुलिसकर्मी घायल, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़
    पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सुरक्षा बलों पर पथराव किया। इस दौरान 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि जनपथ क्षेत्र में कुछ दुकानों में भी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

    हिंसा में स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, एडिशनल सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी स्तर के पांच से अधिक आईपीएस अधिकारियों सहित 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, झड़प के दौरान करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।

    एक घायल पुलिस अधिकारी ने बताया कि जनपथ स्थित क्लैरिजेस होटल के पास तैनाती के दौरान अचानक भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पत्थरों की पहले से व्यवस्था की गई थी और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भीड़ ने अचानक हिंसक रूप ले लिया।

    70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
    स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    अभिजीत दिपके ने समाप्त किया अनशन
    CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को अपना ढाई दिन पुराना भूख हड़ताल समाप्त कर दिया। उन्होंने 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाए जाने के बाद अनशन शुरू किया था।

    जेपी नड्डा से दो दौर की बातचीत
    प्रदर्शन के बीच CJP प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। पहली बैठक सुबह करीब 11:50 बजे हुई, जिसमें नड्डा ने संगठन की मांगों की जानकारी लेकर लिखित ज्ञापन देने को कहा। इसके बाद दोपहर करीब 4 बजे प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। हालांकि, सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में संगठन की तीनों प्रमुख मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधियों से आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की।

    सरकार ने हालात पर रखी नजर
    दिनभर चले घटनाक्रम पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए रही। गृह मंत्री अमित शाह वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को निर्देश दिए गए कि स्थिति नियंत्रित करने के दौरान बल प्रयोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर और न्यूनतम स्तर पर ही किया जाए।

    आज भी जारी रहेगा प्रदर्शन
    सोमवार को लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बावजूद प्रदर्शनकारी देर रात फिर जंतर-मंतर पहुंच गए। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि मंगलवार को भी ‘संसद चलो’ मार्च जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे और संसद की ओर मार्च का प्रयास जारी रखेंगे।

  • देवशयनी एकादशी: 24 या 25 जुलाई? जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय

    देवशयनी एकादशी: 24 या 25 जुलाई? जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय


    नई दिल्ली। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसके साथ ही चातुर्मास की शुरुआत होती है और विवाह, गृह प्रवेश सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी 24 जुलाई को मनाई जाएगी या 25 जुलाई को। आइए जानते हैं सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय।

    देवशयनी एकादशी कब है?
    देवशयनी एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जुलाई 2026 को सुबह 9:13 बजे से होगी और इसका समापन 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:35 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर देवशयनी एकादशी का व्रत और पर्व 25 जुलाई 2026 (शनिवार) को मनाया जाएगा।

    पूजा का शुभ मुहूर्त
    देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के लिए प्रातःकाल का समय सबसे उत्तम माना गया है।
    प्रातः पूजन मुहूर्त: सुबह 4:17 बजे से 6:10 बजे तक
    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक
    संध्या पूजन मुहूर्त: शाम 7:17 बजे से रात 8:19 बजे तक

    व्रत पारण का समय
    एकादशी व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है। इस वर्ष 26 जुलाई 2026 को सुबह 5:40 बजे से 8:20 बजे के बीच व्रत खोलना शुभ माना गया है।

    ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा
    देवशयनी एकादशी के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

    भगवान विष्णु का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद पीले पुष्प, चंदन, रोली, अक्षत और तुलसी दल अर्पित करें। श्रीहरि को पीले फल और सात्विक भोग अर्पित करें तथा भोग में तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें, एकादशी व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें और अंत में धूप-दीप से आरती करें।

    देवशयनी एकादशी पर क्या करें?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, भगवान विष्णु की आराधना, जप-तप और दान का विशेष महत्व है। यदि किसी कारणवश व्रत न रख सकें, तो भी श्रद्धापूर्वक दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है।

    क्या दान करना शुभ माना गया है?
    देवशयनी एकादशी पर अन्नदान को सर्वोत्तम माना गया है। इस दिन चावल, दाल, आटा, घी, गुड़, नमक, फल और सब्जियों का दान करना शुभ माना जाता है।

  • एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल सहित रायसेन और सीहोर में रातभर बारिश का दौर जारी रहा। इसके अलावा राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

    उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। वहीं नीमच, मंदसौर और रतलाम में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है और इन जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    उमरिया में अच्छी बारिश के लिए हुआ भजन-कीर्तन
    उमरिया जिले में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण ग्रामीणों ने अच्छी बारिश की कामना के लिए धार्मिक आयोजन किया। मानपुर क्षेत्र के चिल्हारी स्थित पहाड़ी हनुमान मंदिर में ग्रामीणों ने लगातार 24 घंटे तक भजन-कीर्तन किया। जिले में अब तक 11.2 इंच बारिश दर्ज की गई है।

    रायसेन में बारिश से किसानों को मिली राहत
    रायसेन जिले में मानसून आने के बावजूद करीब 18 दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई थी। इससे बोवनी प्रभावित हो गई थी, धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और पौधे सूखने की स्थिति में पहुंच गए थे। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। खेतों में फिर से पानी भर गया, जबकि सांची रोड पर जलभराव के कारण जाम की स्थिति बन गई। आसपास की पहाड़ियों पर झरने भी बहने लगे हैं।

    सीहोर में 13 दिन बाद झमाझम बारिश
    सीहोर जिले में भी लंबे इंतजार के बाद बारिश लौटी। यहां करीब 13 दिन बाद रात 1 बजे से लगातार वर्षा हो रही है। पिछले 8 घंटे से जारी बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया है और किसानों को राहत पहुंचाई है।

  • आज का राशिफल 21 जुलाई करियर धन और प्रेम में किस्मत किसका देगी साथ पढ़ें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    आज का राशिफल 21 जुलाई करियर धन और प्रेम में किस्मत किसका देगी साथ पढ़ें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 21 जुलाई 2026 का दिन ग्रहों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। जहां कुछ लोगों को करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी वहीं कुछ राशियों को आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। तुला राशि के जातकों के लिए दिन सबसे अधिक सकारात्मक माना जा रहा है। नए अवसर मिलने के साथ कोई बड़ी खुशखबरी भी मिल सकती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल।

    मेष
    सहयोग और विश्वास के साथ कार्यों में सफलता मिलेगी। प्रबंधन से जुड़े कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। करियर और व्यापार में लाभ के योग हैं।

    वृषभ
    कामकाज में लापरवाही से बचें। समय प्रबंधन पर ध्यान दें और जोखिम भरे फैसलों से दूरी बनाए रखें। अनुशासन और धैर्य सफलता दिलाएंगे।

    मिथुन
    करियर और कारोबार में तेजी आएगी। महत्वपूर्ण चर्चाएं आगे बढ़ेंगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    कर्क
    आर्थिक गतिविधियों में गति आएगी। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। आवश्यक खरीदारी के योग हैं। भावनाओं में संतुलन बनाए रखें।

    सिंह
    सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार विस्तार के अवसर मिलेंगे। नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। सम्मान और प्रभाव में वृद्धि होगी।

    कन्या
    घर में सुखद वातावरण रहेगा। महत्वपूर्ण प्रस्ताव मिल सकते हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाएंगे और सुख सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।

    तुला
    दिन बेहद शुभ रहेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। करियर और व्यापार में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। कोई अच्छी खबर मिलने के प्रबल संकेत हैं। करीबियों के साथ खुशी के पल बिताने का अवसर मिलेगा।

    वृश्चिक
    आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। निवेश और लेनदेन सोच समझकर करें। न्यायिक मामलों में धैर्य रखें और अनावश्यक विवाद से बचें।

    धनु
    आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। करियर में पद और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मित्रों और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्य सफल होंगे।

    मकर
    कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। धैर्य और मेहनत से सफलता मिलेगी। परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाए रखें।

    कुंभ
    नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

    मीन
    भावनात्मक संतुलन बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें।

  • नरवर किले से तोप चोरी मामले में पुलिस ने घोषित किया 10 हजार का इनाम

    नरवर किले से तोप चोरी मामले में पुलिस ने घोषित किया 10 हजार का इनाम

    शिवपुरी। जिले के नरवर किले से 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप चोरी के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी घोषणा की है। तोप चोरी करने वाले आरोपियों की पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
    15-16 जुलाई की रात को हुई चोरी-
    पुलिस के अनुसार 15-16 जुलाई की रात 25 से 30 हथियारबंद बदमाश किले के पिछले रास्ते से लोडिंग गाड़ियों में आए थे। उन्होंने पहरा दे रहे सुरक्षाकर्मियों को धमकाकर तोप लूट ली और फरार हो गए। मामले में केयरटेकर की शिकायत पर नरवर थाने में केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान किले के पीछे टायरों के निशान भी मिले हैं। इस चोरी से पहले 5 जुलाई को भी बदमाशों ने तोप को नीचे गिराकर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन वजन अधिक होने के कारण सफल नहीं हो पाए थे। इसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई थी।
    सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा-
    पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को तोप या आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और उसे 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
    फिलहाल पुलिस ने आसपास के जिलों में नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्कर गिरोह के शामिल होने की आशंका के चलते मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। किले में रखी अन्य 13 तोपों की सुरक्षा भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • यूसीसी लागू होना बड़ी उपलब्धि, इस कानून के फायदों को जनता तक पहुंचाएं

    यूसीसी लागू होना बड़ी उपलब्धि, इस कानून के फायदों को जनता तक पहुंचाएं


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने सोमवार को भाजपा विधायक दल की बैठक को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सदन में पेश हो गया है। उसे आगामी दिनों में चर्चा के बाद पारित कराया जाएगा। यूसीसी लागू करना बड़ी उपलब्धि है। भाजपा विधायकगण अपने-अपने क्षेत्र में यूसीसी से होने वाले लाभों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं। जनता को बताएं कि यूसीसी सभी नागरिकों को समान अधिकार एवं कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आमजन को यह भी बताएं कि यूसीसी में महिला-पुरुष को संपत्ति में समान अधिकार देकर आधी आबादी के हितों का संरक्षण होगा। नए कानून में जनजातीय समाज की परंपराओं और मान्यताओं के संरक्षण के लिए उन्हें इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता लागू कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को पूरा करने जा रहा है। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में यूसीसी के प्रावधानों से जनता को अवगत कराएं, ताकि कांग्रेस और विपक्षी दलों की वोटबैंक एवं तुष्टिकरण की राजनीति की सच्चाई जनता तक पहुंचाई जा सके। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मंचासीन रहे। बैठक का संचालन विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने किया।

    सरकार की उपलब्धियां जनता तक और जनता का फीडबैक सरकार तक पहुंचाएं – डॉ. मोहन यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी समानता, न्याय और सशक्त समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यूसीसी लागू होने पर मध्यप्रदेश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकार एवं समान अवसर मिलने की परिकल्पना साकार होगी। यह बात जनता तक पहुंचाने का कार्य सभी विधायकों को करना है। हमने धार्मिक परंपराओं और आस्था को अलग रखा है तथा जनजातीय समुदाय को भी यूसीसी से अलग रखा गया है। इस तथय को भी हमें जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है। इसलिए हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों के हितों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। देश की सबसे बड़ी टनल के माध्यम से सिंचाई का पानी विंध्य तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजना से जबलपुर, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर एवं रीवा जिले की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। विधायकगण डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र को मॉडल विधानसभा के रूप में विकसित करने के लिए विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाएं। सरकार के पास विकास कार्यों और जनकल्याण के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान कानूनी व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य पंथ या व्यक्तिगत परंपराओं के आधार पर अलग-अलग न होकर संविधान की भावना के अनुरूप सभी पर समान रूप से लागू हों। यह निर्णय सामाजिक समरसता, न्यायिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इन तथयों को जनता तक पहुंचाते हुए विपक्ष के तथयहीन आरोपों का तथयों एवं प्रमाणों के साथ जवाब देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने पर सबसे अधिक लाभ हमारी मुस्लिम बहनों को मिलेगा। विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास करेगा, लेकिन उसके भ्रामक प्रचार का हमें तथयों के साथ जवाब देकर यूसीसी के लाभ आमजन तक पहुंचाने हैं।
    निवेश के लिए नियमों का सरलीकरण कर मध्यप्रदेश नीति आयोग में प्रथम स्थान पर आया
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार जनता के समग्र कल्याण के लिए कार्य कर रही है। निवेशकों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा पर सचिवालय बनाया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने और सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनेक विभागों की नीतियों में सुधार तथा नियमों का सरलीकरण किया गया है। नीति आयोग ने भी निवेशकों के अनुकूल नियमों के सरलीकरण के मामले में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिया है।
    विधायकगण सरकार के साथ संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाएं – श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि यूसीसी लागू होने पर मध्यप्रदेश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकार एवं समान अवसर मिलने की परिकल्पना साकार होगी। यूसीसी में धार्मिक आस्था एवं परंपराओं का सम्मान करते हुए उन्हें यथावत रखा गया है। साथ ही महिलाओं को अधिक अधिकार-संपन्न बनाते हुए उनके हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इन बातों को हमें जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत व्यापक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। साथ ही प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अपने-अपने क्षेत्र के शत-प्रतिशत बूथों पर कार्यक्रम का श्रवण कराया जाए। हम सभी कार्यकर्ताओं को सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पर्यावरण, जल और प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य करना है। श्री खण्डेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय समाज की परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए उन्हें यूसीसी के दायरे से बाहर रखने का सराहनीय निर्णय लिया है। भाजपा सरकार का यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प तथा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला है। सभी विधायकगण यूसीसी के लाभों एवं उससे मिलने वाले अधिकारों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ संगठन की गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करें।
  • बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलने से पहले जरूर अपनाएं ये जरूरी सावधानियां सही योजना बनाएगी सफर सुरक्षित और यादगार

    बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलने से पहले जरूर अपनाएं ये जरूरी सावधानियां सही योजना बनाएगी सफर सुरक्षित और यादगार


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली ठंडी हवाएं और प्राकृतिक सुंदरता लेकर आता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इस मौसम में घूमने का प्लान बनाते हैं। हालांकि बारिश के दौरान यात्रा करना जितना रोमांचक होता है उतना ही चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही पूरे सफर का मजा खराब कर सकती है। इसलिए यदि आप बारिश के मौसम में कहीं जाने की योजना बना रहे हैं तो पहले से सही तैयारी करना बेहद जरूरी है।

    यात्रा शुरू करने से पहले सबसे पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें। जिस स्थान पर जाने की योजना बना रहे हैं वहां भारी बारिश बाढ़ भूस्खलन या तेज हवाओं की चेतावनी तो नहीं है इसकी जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। यदि मौसम लगातार खराब रहने की संभावना हो तो यात्रा की तारीख बदलना ही समझदारी होगी। सुरक्षा हमेशा किसी भी यात्रा से अधिक महत्वपूर्ण होती है।

    सफर के दौरान अपने साथ जरूरी सामान व्यवस्थित तरीके से रखें। वाटरप्रूफ बैग या बैग कवर का इस्तेमाल करें ताकि मोबाइल लैपटॉप कैमरा और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रहें। छाता रेनकोट अतिरिक्त कपड़े तौलिया और प्लास्टिक पाउच जैसी चीजें साथ रखना हमेशा लाभदायक होता है। मोबाइल फोन के लिए वाटरप्रूफ कवर भी उपयोगी साबित हो सकता है।

    यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो वाहन की पूरी जांच पहले ही कर लें। ब्रेक टायर वाइपर हेडलाइट और इंडिकेटर सही स्थिति में होने चाहिए। ईंधन भी पर्याप्त मात्रा में रखें क्योंकि बारिश के दौरान कई बार लंबा जाम लग सकता है। तेज बारिश में अधिक गति से वाहन चलाने से बचें और पर्याप्त दूरी बनाकर ड्राइव करें। जलभराव वाली सड़कों पर बिना गहराई जाने वाहन उतारना खतरनाक हो सकता है।

    पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन की सलाह का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने से बचें। यदि यात्रा के दौरान मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर रुकना ही बेहतर विकल्प है।

    यात्रा के समय स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। अपने साथ प्राथमिक उपचार किट आवश्यक दवाइयां सैनिटाइजर और पीने का साफ पानी जरूर रखें। बारिश के मौसम में संक्रमण और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है इसलिए बाहर का अस्वच्छ भोजन खाने से बचें और गर्म ताजा भोजन को प्राथमिकता दें।

    ऑनलाइन टिकट होटल बुकिंग और जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल तथा प्रिंट दोनों प्रतियां अपने पास रखें। परिवार या करीबी लोगों को अपनी यात्रा की जानकारी देना भी सुरक्षा की दृष्टि से अच्छा कदम माना जाता है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन नंबर अपने मोबाइल में पहले से सुरक्षित रखें।

    बारिश का मौसम प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेने का बेहतरीन समय होता है लेकिन सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्कता और सही योजना सबसे जरूरी है। यदि मौसम की जानकारी समय पर ली जाए आवश्यक तैयारियां पूरी हों और यात्रा के दौरान सावधानी बरती जाए तो मानसून का सफर न केवल सुरक्षित बल्कि यादगार भी बन सकता है। थोड़ी सी समझदारी और पहले से की गई तैयारी आपको हर मुश्किल से बचाते हुए यात्रा का पूरा आनंद लेने का अवसर देती है।

  • 542 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण के बीच सीएम योगी का बड़ा राजनीतिक संदेश, सनातन और विकास को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

    542 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण के बीच सीएम योगी का बड़ा राजनीतिक संदेश, सनातन और विकास को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सोमवार को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ-साथ विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। 542 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन, विकास और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की नीतियों का उल्लेख किया और समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन परंपरा देश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का आधार है। उन्होंने कहा कि जब तक सनातन सुरक्षित रहेगा, तब तक समाज और राष्ट्र भी सुरक्षित रहेंगे। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि सनातन पर किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न होता है तो उसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा। अपने भाषण में उन्होंने विपक्षी दलों पर सनातन विरोधी राजनीति करने का आरोप भी लगाया।

    मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास की उपेक्षा की जाती थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने आस्था स्थलों के विकास, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने महादेवा स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर और अयोध्या सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर कराए जा रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

    अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और उद्योगों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है। उन्होंने रक्षा उत्पादन, औद्योगिक विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश को निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए कई योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी बाबू केडी सिंह की विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी ऐतिहासिक हवेली के संरक्षण के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस धरोहर को संरक्षित रखते हुए खेल और सांस्कृतिक विरासत दोनों को सम्मान देने का प्रयास किया जाएगा।

    बाराबंकी में आयोजित इस कार्यक्रम ने विकास और राजनीति दोनों को एक साथ केंद्र में ला दिया। एक ओर सरकार ने विभिन्न विकास परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बने। आगामी समय में इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • बांग्लादेश में बढ़ता बाल श्रम बना गंभीर सामाजिक चुनौती, शोषण और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता

    बांग्लादेश में बढ़ता बाल श्रम बना गंभीर सामाजिक चुनौती, शोषण और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता

    नई दिल्ली । बांग्लादेश में बाल श्रम और उससे जुड़े शोषण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। हाल ही में सामने आए सरकारी हेल्पलाइन आंकड़ों और विभिन्न सामाजिक अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि बड़ी संख्या में बच्चे आज भी असुरक्षित कार्यस्थलों पर कठिन परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। बच्चों के अधिकारों से जुड़े संगठनों का कहना है कि आर्थिक चुनौतियों और प्रभावी निगरानी की कमी के कारण स्थिति पहले की तुलना में अधिक गंभीर होती जा रही है।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 10 जून के बीच सरकारी चाइल्ड सपोर्ट हेल्पलाइन 1098 पर बच्चों के शोषण से संबंधित 101 शिकायतें दर्ज की गईं। वहीं आपातकालीन हेल्पलाइन 999 पर मई तक कार्यस्थलों पर बाल श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण से जुड़ी 33 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन मामलों ने बाल सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थलों की निगरानी को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

    राजधानी ढाका में घरेलू काम करने वाले बच्चों पर किए गए एक सर्वे में सामने आया कि लगभग आधे बच्चों को किसी न किसी प्रकार के शोषण का सामना करना पड़ता है। वहीं बड़ी संख्या में बच्चों पर अत्यधिक काम का बोझ भी पाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू कार्यों में लगे बच्चों की स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ऐसे कार्यस्थलों की नियमित निगरानी करना कठिन होता है।

    बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों का कहना है कि होटल, रेस्तरां, परिवहन, ईंट भट्टों और अन्य असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत बच्चों को लंबे समय तक काम करना पड़ता है। कई मामलों में उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जबकि कुछ बच्चों को निर्धारित मेहनताना भी नहीं मिल पाता। सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

    सामाजिक संगठनों का यह भी कहना है कि बाल श्रमिकों को अक्सर इसलिए काम पर रखा जाता है क्योंकि उन्हें आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की स्थिति में नहीं होते। असंगठित क्षेत्रों में निगरानी की सीमित व्यवस्था के कारण ऐसे मामलों का समय पर पता लगाना और प्रभावी कार्रवाई करना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

    घरेलू कामगारों के अधिकारों के लिए कार्यरत संगठनों ने भी बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के अनेक मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि वर्षों से स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है और आज भी कम उम्र के बच्चे घरेलू कार्यों में लगे हुए शोषण का सामना कर रहे हैं। कई मामलों में मानसिक, शारीरिक और यौन उत्पीड़न जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

    हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में बांग्लादेश में बाल श्रम करने वाले बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2019 की तुलना में अब अधिक बच्चे कार्यबल का हिस्सा बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक कठिनाइयों, बढ़ती महंगाई और पारिवारिक आय में कमी के कारण अनेक बच्चों को पढ़ाई छोड़कर रोजगार की ओर जाना पड़ रहा है।

    बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि बाल श्रम की समस्या से निपटने के लिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए शिक्षा तक आसान पहुंच, गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार और असंगठित क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। उनका मानना है कि सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समुदायों के संयुक्त प्रयासों से ही बच्चों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सकता है।