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  • परिवार के विरोध के बावजूद जैन दीक्षा लेना चाहती है 20 साल की युवती हाई कोर्ट ने कहा फैसला लेने के लिए स्वतंत्र

    परिवार के विरोध के बावजूद जैन दीक्षा लेना चाहती है 20 साल की युवती हाई कोर्ट ने कहा फैसला लेने के लिए स्वतंत्र


    इंदौर । मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 20 वर्षीय युवती के जैन दीक्षा लेने के फैसले को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। युवती सांसारिक जीवन छोड़कर जैन साध्वी के रूप में दीक्षा लेना चाहती है लेकिन उसके परिवार के लोग उसके इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बालिग व्यक्ति अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है। उसे अपनी पसंद के धर्म का पालन करने और धार्मिक जीवन अपनाने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

    मामला इंदौर से जुड़ा है जहां युवती ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा की मांग की थी। युवती ने बताया कि वह श्वेतांबर जैन धर्म से प्रभावित है और लंबे समय से धार्मिक जीवन अपनाने की इच्छा रखती है। उसका उद्देश्य सांसारिक जीवन से अलग होकर जैन साध्वी के रूप में दीक्षा लेना है। हालांकि उसके माता पिता और अन्य रिश्तेदार इस निर्णय से सहमत नहीं हैं।

    युवती को आशंका थी कि परिवार के सामाजिक प्रभाव के कारण उसके फैसले में बाधा डाली जा सकती है। इसी आशंका को लेकर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और अपनी स्वतंत्रता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

    मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप एन भट्ट की एकल पीठ ने की। कोर्ट ने युवती के माता पिता की भावनाओं को भी समझा और उनके दुख तथा चिंता के प्रति सहानुभूति जताई। हालांकि न्यायालय ने यह भी साफ किया कि युवती बालिग है और अपने जीवन की दिशा तय करने का उसे अधिकार है।

    कोर्ट ने कहा कि किसी बालिग नागरिक को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी धर्म या जीवन पद्धति को अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसी तरह यदि कोई बालिग व्यक्ति अपनी इच्छा से धार्मिक जीवन अपनाना चाहता है तो उसके इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। न्यायालय ने युवती के मौलिक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण माना।

    हाई कोर्ट ने युवती को अपनी सुरक्षा के लिए संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष आवेदन देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद पुलिस को उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। इस आदेश के जरिए न्यायालय ने युवती के दीक्षा लेने के व्यक्तिगत फैसले पर सीधे हस्तक्षेप करने के बजाय उसकी स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक बालिग युवती की व्यक्तिगत पसंद और धार्मिक स्वतंत्रता का सवाल सामने आया है। परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए भी कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि वयस्क व्यक्ति को अपने जीवन और आस्था से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता हासिल है। अब युवती अपनी इच्छा के अनुसार आगे की धार्मिक प्रक्रिया अपना सकती है और पुलिस उसकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाएगी।

  • कांग्रेस ने मधु गौड़ याश्की को दी बड़ी जिम्मेदारी, ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का चेयरपर्सन नियुक्त किया

    कांग्रेस ने मधु गौड़ याश्की को दी बड़ी जिम्मेदारी, ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का चेयरपर्सन नियुक्त किया

    हैदराबाद: ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने मधु गौड़ याश्की को ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। AICC के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को एक प्रेस बयान में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने याश्की को ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का चेयरपर्सन नियुक्त किया है।

    बयान में कहा गया है कि पार्टी निवर्तमान चेयरपर्सन प्रवीण चक्रवर्ती के योगदान की सराहना करती है। तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी के एक प्रमुख नेता, मधु गौड़ याश्की के पास दशकों का अनुभव है और वे पार्टी आलाकमान के साथ करीबी तालमेल के लिए जाने जाते हैं। उच्च शिक्षित मधु गौड़ याश्की पिछड़े वर्गों के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और अपने सभ्य और सौम्य व्यवहार के लिए भी जाने जाते हैं। अलग तेलंगाना राज्य के प्रबल समर्थक, वे पहली बार 2004 में निज़ामाबाद से लोकसभा के लिए चुने गए थे, जिसमें उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी के सैयद यूसुफ अली को 1.37 लाख से अधिक वोटों से हराया था। उन्होंने 2009 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के बिगाला गणेश गुप्ता को 60,000 से अधिक वोटों से हराकर अपनी लोकसभा सीट बरकरार रखी।

    याश्की ने कांग्रेस संसदीय दल के डिप्टी चीफ व्हिप के रूप में भी काम किया। हालांकि, 2014 के लोकसभा चुनावों में, वे पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता से हार गए, जिन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। याश्की ने 2019 में फिर से चुनाव लड़ा लेकिन काफी पीछे रहते हुए तीसरे स्थान पर रहे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के धर्मपुरी अरविंद ने यह सीट जीती और TRS की अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी के. कविता को हराया।

    2023 में, याश्की को तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने 2023 के चुनावों में तेलंगाना विधानसभा के लिए असफल चुनाव लड़ा। पार्टी ने याश्की को हैदराबाद के निर्वाचन क्षेत्रों में से एक, LB नगर से मैदान में उतारा था। हालांकि, वे भारत राष्ट्र समिति (BRS) और BJP उम्मीदवारों के बाद तीसरे स्थान पर रहे। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के तत्कालीन अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी के मुख्यमंत्री बनने के बाद, उन्हें 2024 में राज्य कांग्रेस प्रमुख के पद के लिए प्रमुख दावेदारों में से एक माना जा रहा था। हालांकि, पार्टी ने महेश कुमार गौड़ को TPCC प्रमुख चुना।

  • इंदौर में होटल के कमरे में ब्यूटिशियन की संदिग्ध मौत कारोबारी के साथ पहुंची थी महिला मुंह से झाग निकलने के बाद मौत से मचा हड़कंप

    इंदौर में होटल के कमरे में ब्यूटिशियन की संदिग्ध मौत कारोबारी के साथ पहुंची थी महिला मुंह से झाग निकलने के बाद मौत से मचा हड़कंप


    इंदौर । इंदौर के तिलक नगर इलाके में एक होटल के कमरे में 32 वर्षीय ब्यूटिशियन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला की पहचान सोनाली शर्मा के रूप में हुई है। वह एक पाइप कारोबारी के साथ होटल में रुकी थी। कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और कारोबारी उसे अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कारोबारी अस्पताल से चला गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    पुलिस के मुताबिक सोनाली बुधवार दोपहर करीब दो बजे तिलक नगर स्थित एलएक्स होटल पहुंची थी। उसके साथ पाइप कारोबारी दीपक खंडेलवाल भी था। दोनों ने होटल में कमरा लिया था। कुछ समय बाद दीपक कमरे से बाहर आया और होटल स्टाफ को महिला की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उसने बताया कि महिला को अस्पताल ले जाना है। इसके बाद वह सोनाली को अक्षत अस्पताल लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    महिला की मौत के बाद कारोबारी उसे अस्पताल में छोड़कर वहां से चला गया। इधर होटल के कमरे में कोई हलचल नहीं होने पर स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। महिला की हालत को देखते हुए शुरुआती तौर पर जहर खाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस के अनुसार महिला के मुंह से झाग निकल रहा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ली है। अब फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला होटल में कब पहुंची और उसके साथ कौन कौन मौजूद था। होटल में ठहरने के दौरान क्या हुआ इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    सोनाली के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिंक सिटी पार्लर में काम करती थी। इसी पार्लर के जरिए उसकी पहचान दीपक खंडेलवाल से हुई थी। पिता के मुताबिक कारोबारी पहले भी दो बार सोनाली के घर आ चुका था। बुधवार को सोनाली घर से पार्लर जाने की बात कहकर निकली थी। इसके बाद वह कारोबारी के साथ होटल पहुंची।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सोनाली अपने पति से अलग रह रही थी। उसका पति करीब एक साल से अलग रह रहा है और ड्राइवर का काम करता है। सोनाली की दो बेटियां हैं जिनकी उम्र 8 और 14 साल बताई गई है।

    तिलक नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कारोबारी दीपक खंडेलवाल की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब तलाशना चाहती है। होटल की सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जांच में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल पुलिस मौत की वजह और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

  • इंसानी कचरे से बने बायोचार से मजबूत होगा कंक्रीट, रिसर्च में इमारतों की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ने का दावा

    इंसानी कचरे से बने बायोचार से मजबूत होगा कंक्रीट, रिसर्च में इमारतों की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ने का दावा

    नई दिल्ली । वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जो आने वाले समय में निर्माण उद्योग (Construction Industry) का चेहरा बदल सकती है। ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ जर्नल में प्रकाशित एक हालिया स्टडी के अनुसार, सेप्टिक टैंकों और सैनिटेशन सिस्टम से मिलने वाले इंसानी कचरे को प्रोसेस करके ‘बायोचार’ बनाया गया है। इस बायोचार का इस्तेमाल कंक्रीट में सीमेंट की जगह आंशिक रूप से (Partial Replacement) किया जा सकता है, जिससे इमारतें न केवल अधिक मजबूत बनेंगी, बल्कि पर्यावरण को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा।

    वैज्ञानिकों ने पाया है कि ट्रीट किए गए मल के कचरे से बना मटीरियल कंक्रीट में सीमेंट की जगह कुछ हद तक इस्तेमाल किया जा सकता है और सही मात्रा में मिलाने पर यह कंक्रीट की मज़बूती को काफ़ी बढ़ा सकता है। ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में छपी इस रिसर्च में मल के कचरे (सेप्टिक टैंक और सैनिटेशन सिस्टम से इकट्ठा किया गया ट्रीट किया हुआ इंसानी कचरा) से बने बायोचार का कंक्रीट में सीमेंट के आंशिक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने की संभावनाओं को परखा गया। खास ट्रीटमेंट प्लांट मल के कचरे को इकट्ठा करते हैं और उसे प्रोसेस करते हैं।

    रिसर्चर ने इस मटीरियल को बायोचार (कार्बन से भरपूर पदार्थ) में बदला और इसे कंक्रीट में मिलाकर देखा कि क्या इससे कंस्ट्रक्शन मटीरियल ज़्यादा मज़बूत और टिकाऊ बन सकता है। नतीजे चौंकाने वाले थे। जिस कंक्रीट में सीमेंट की जगह 10% बायोचार (मल के कचरे से बना) मिलाया गया था, उसमें 91 दिनों की क्योरिंग (पकने की प्रक्रिया) के बाद कंप्रेसिव स्ट्रेंथ में 21% और फ्लेक्सुरल स्ट्रेंथ में 42% की बढ़ोतरी देखी गई।

    कंप्रेसिव स्ट्रेंथ यह बताती है कि कंक्रीट कितना दबाव झेल सकता है, जबकि फ्लेक्सुरल स्ट्रेंथ यह बताती है कि वह मुड़ने और टूटने (क्रैकिंग) का कितना अच्छा मुकाबला कर सकता है। रिसर्चर ने बायोचार की अलग-अलग मात्राओं का टेस्ट किया और कई गुणों की जांच की, जिनमें मज़बूती, पानी सोखने की क्षमता, पोरॉसिटी (छिद्रों की मात्रा) और सूखने पर सिकुड़न (drying shrinkage) शामिल हैं।

    नतीजों से पता चला कि सीमेंट की जगह 5% से 10% तक बायोचार का इस्तेमाल करने से कंक्रीट की परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है। 15% बायोचार मिलाने पर, 28 दिनों के बाद पानी सोखने की क्षमता और पोरॉसिटी पारंपरिक कंक्रीट के बराबर ही पाई गई। यह मटीरियल समय के साथ स्थिर भी रहा। 120 दिनों के बाद, 10% बायोचार वाले मोर्टार में सूखने पर सिकुड़न साधारण पोर्टलैंड सीमेंट मोर्टार जैसी ही देखी गई, जिससे पता चलता है कि यह मटीरियल लंबे समय तक अपना आकार और स्थिरता बनाए रख सकता है।

    स्टडी में यह भी पाया गया कि जैसे-जैसे बायोचार की मात्रा बढ़ाई गई, कंक्रीट के नमूनों में भारी धातुओं की मात्रा कम होती गई, जिससे पर्यावरण में हानिकारक पदार्थों के रिसने (leaching) की संभावना कम हो सकती है।

    इस रिसर्च से पर्यावरण को दोहरा फ़ायदा हो सकता है: ट्रीट किए गए इंसानी कचरे का उपयोगी इस्तेमाल और कंक्रीट में सीमेंट की ज़रूरत में कमी। सीमेंट बनाने में बहुत ज़्यादा ऊर्जा लगती है और यह दुनिया भर में कार्बन उत्सर्जन का एक बड़ा कारण है। हालांकि, निर्माण कार्य में मल-कीचड़ से बने बायोचार का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने से पहले और रिसर्च और असल दुनिया में टेस्टिंग की ज़रूरत होगी। लेकिन यह स्टडी बताती है कि भविष्य की इमारतें कुछ हद तक उस चीज़ से बन सकती हैं जिसे हम आज फ्लश करके बहा देते हैं।

  • कृषि प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के कमरे से स्मैक बरामद पुलिस ने 14 पुड़िया जब्त कीं NDPS एक्ट में केस दर्ज

    कृषि प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के कमरे से स्मैक बरामद पुलिस ने 14 पुड़िया जब्त कीं NDPS एक्ट में केस दर्ज


    शिवपुरी । शिवपुरी में कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ प्राचार्य की टेबल से कथित तौर पर स्मैक की 14 पुड़िया बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से कुल 1.66 ग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया है। मामले में कृषि प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया उम्र 59 वर्ष के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान प्राचार्य का मोबाइल फोन और कार्यालय में लगे सीसीटीवी सिस्टम की डीवीआर भी जब्त की है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार को कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे शहर में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में एक कर्मचारी के पास स्मैक की पुड़िया मौजूद हैं और उन्हें छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ तत्काल कृषि प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे।

    पुलिस जब केंद्र पहुंची तो प्राचार्य कक्ष में लक्ष्मीनारायण चौरसिया मौजूद मिले। वहां मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्राचार्य की टेबल की दराज में नशीले पदार्थ की पुड़िया रखी हुई हैं। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में टेबल की दराज की जांच की गई। दराज में सफेद पॉलिथीन के अंदर कागज में लिपटी हुई कई पुड़िया मिलीं। बताया गया कि कर्मचारियों ने इन पुड़ियों को दराज से निकालकर टेबल पर रख दिया था।

    पुलिस ने मौके पर पुड़ियों की गिनती की तो कुल 14 पुड़िया मिलीं। इसके बाद पुलिस ने तौल कांटा और जांच किट मंगवाई। पुड़ियों को खोलकर जांच की गई तो उनमें भूरे रंग का पाउडर मिला जिसे पुलिस ने स्मैक बताया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौल करने पर नशीले पदार्थ का कुल वजन 1.66 ग्राम पाया गया। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई ताकि जब्ती की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखा जा सके।

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान प्राचार्य ने पंचनामा और जब्ती पत्र सहित नोटिस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उनके हस्ताक्षर नहीं करने की बात का अलग से पंचनामा तैयार किया। मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने प्राचार्य के मोबाइल फोन के साथ कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी जब्त की है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ वहां कैसे पहुंचा और इससे जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से मिलने वाली जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • गणेश चतुर्थी से पहले शिवपुरी में उठी बड़ी मांग 12 दिनों तक मांस-मटन की दुकानें बंद कराने की अपील कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    गणेश चतुर्थी से पहले शिवपुरी में उठी बड़ी मांग 12 दिनों तक मांस-मटन की दुकानें बंद कराने की अपील कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    शिवपुरी । शिवपुरी में गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने प्रशासन के सामने एक अहम मांग रखी है। संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गणेश चतुर्थी उत्सव की 12 दिनों की अवधि में शहर की मांस और मटन की दुकानों को बंद रखने की मांग की है। संगठन का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं और शहर में धार्मिक वातावरण बना रहता है। ऐसे में प्रशासन को भी इस अवधि में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।

    राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें गणेश चतुर्थी के दौरान मांस और मटन की दुकानों को बंद रखने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी करने की अपील की गई है। संगठन ने अपनी मांग को धार्मिक आस्था के साथ शहर की स्वच्छता और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ते हुए प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

    संगठन का कहना है कि गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान शहर में जगह जगह भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। श्रद्धालु पूजा अर्चना करते हैं और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में संगठन चाहता है कि उत्सव के दौरान शहर का वातावरण धार्मिक आयोजनों के अनुरूप बना रहे।

    ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि मांस और मटन की दुकानें बंद रखने की मांग किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं की गई है। संगठन ने इसे धार्मिक आस्था और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान से जुड़ा विषय बताया है। साथ ही स्वच्छता को भी अपनी मांग का एक आधार बताया गया है।

    राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रशासन से अपील की है कि गणेश चतुर्थी की 12 दिनों की अवधि के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएं। संगठन ने संबंधित क्षेत्रों में आदेश के पालन की निगरानी के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग भी की है ताकि पर्व के दौरान प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

    गणेश उत्सव के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर भी संगठन ने प्रशासन और नगर पालिका से विशेष इंतजाम करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि धार्मिक स्थलों और गणेश पंडालों के आसपास नियमित सफाई होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

    पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। इसलिए प्रशासन को श्रद्धालुओं की भावनाओं और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करते हुए जरूरी कदम उठाने चाहिए। अब संगठन की इस मांग पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इस समिट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम 11 और 12 सितंबर को आयोजित होगा। इसमें परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी शामिल होंगे।

    समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। इसके जरिए प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को नई तकनीक, जन-निजी भागीदारी और हरित ऊर्जा से जोड़ने पर चर्चा होगी। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से PPP मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की योजना पर विचार किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडस्ट्री-एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसमें बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगम अपनी गतिविधियों तथा नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे। समिट की स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की संरचना और भविष्य में प्रस्तावित कार्यों पर आधारित विशेष पुस्तिका जारी की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के जरिए चुने गए MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री करेंगे। मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी कार्यक्रम में होगा।

    समिट में देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, राज्य परिवहन उपक्रमों के प्रतिनिधि, आईटी कंपनियां और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को सरल, सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी और सुझाव लिए जाएंगे।

    दो दिनों के कार्यक्रम में कुल आठ सत्र रखे गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत बस संचालन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में PPP मॉडल को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं में निवेश आकर्षित करने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।

    एक सत्र सार्वजनिक बस संचालन को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित रहेगा। इसमें किराए पर निर्भरता कम करने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स तथा नामकरण अधिकार जैसे गैर-किराया राजस्व के विकल्पों पर मंथन होगा।

    रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के उपयोग पर भी चर्चा होगी। इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शामिल हैं।

    यात्री सुरक्षा, विश्वसनीयता और सुविधा से जुड़े विषयों में CCTV निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, वाहन रखरखाव, वास्तविक समय यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण पर विचार होगा। वहीं AI और रीयल-टाइम डेटा के जरिए बस मार्गों और शेड्यूलिंग को बेहतर बनाने पर भी विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

    हरित मोबिलिटी के तहत इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग एवं रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली पर विचार होगा। अंतिम सत्र में एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, ओपन-लूप भुगतान और MaaS प्लेटफॉर्म के जरिए निर्बाध यात्रा अनुभव पर मंथन किया जाएगा।

  • पंजाब की गलियों में मिलेगा धर्म इतिहास और देसी रंग का अनोखा संगम: अमृतसर से पटियाला और चंडीगढ़ तक ऐसे बनाएं यादगार ट्रैवल प्लान

    पंजाब की गलियों में मिलेगा धर्म इतिहास और देसी रंग का अनोखा संगम: अमृतसर से पटियाला और चंडीगढ़ तक ऐसे बनाएं यादगार ट्रैवल प्लान


    नई दिल्ली । पंजाब का नाम सामने आते ही आंखों के सामने दूर तक फैले खेत सरसों की खुशबू ढोल की थाप पंजाबी रंग और स्वादिष्ट खाने की तस्वीर उभरने लगती है। लेकिन पंजाब की खूबसूरती सिर्फ उसके खेतों और खानपान तक सीमित नहीं है। यह प्रदेश धार्मिक आस्था इतिहास संस्कृति वास्तुकला और देशभक्ति से जुड़ी ऐसी कई जगहों को अपने भीतर समेटे हुए है जहां पहुंचकर यात्रा केवल घूमने तक सीमित नहीं रहती बल्कि एक यादगार अनुभव में बदल जाती है। अगर आप परिवार दोस्तों या अकेले पंजाब घूमने का प्लान बना रहे हैं तो अमृतसर से अपनी यात्रा शुरू करना सबसे शानदार विकल्प हो सकता है।

    अमृतसर पंजाब की यात्रा का सबसे खास पड़ाव माना जा सकता है। यहां स्थित श्री हरमंदिर साहिब यानी स्वर्ण मंदिर अपनी आध्यात्मिक शांति और अद्भुत वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मंदिर के आसपास का पवित्र सरोवर और सुबह शाम होने वाली धार्मिक गतिविधियां यात्रियों को अलग ही अनुभव देती हैं। यहां लंगर की परंपरा भी लोगों को सेवा और समानता का संदेश देती है। अमृतसर पहुंचने के बाद जलियांवाला बाग जाना भी जरूरी माना जाता है क्योंकि यह स्थान देश के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके बाद अटारी वाघा बॉर्डर की ओर रुख किया जा सकता है जहां सीमा पर होने वाली बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी देशभक्ति के माहौल से भर देती है।

    पंजाब की यात्रा केवल धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक सीमित नहीं है। यहां का खानपान भी यात्रा का बड़ा हिस्सा है। अमृतसर की गलियों में अमृतसरी कुलचा छोले लस्सी और पंजाबी व्यंजनों की खुशबू यात्रियों को अपनी ओर खींचती है। स्थानीय बाजारों में फुलकारी के कपड़े पंजाबी जूतियां पारंपरिक सामान और कई तरह के हस्तशिल्प भी खरीदे जा सकते हैं। इस तरह अमृतसर में घूमना केवल स्मारकों को देखने का अनुभव नहीं बल्कि पंजाब की रोजमर्रा की संस्कृति को करीब से महसूस करने जैसा है।

    इसके बाद यात्रा को पटियाला की ओर बढ़ाया जा सकता है। पटियाला को पंजाब की शाही विरासत से जोड़कर देखा जाता है। यहां मोती बाग पैलेस शीश महल बारादरी गार्डन और किला बहादुरगढ़ जैसे स्थान इतिहास और वास्तुकला में दिलचस्पी रखने वाले यात्रियों को आकर्षित करते हैं। पटियाला की गलियों में पारंपरिक पंजाबी संस्कृति और बाजारों का अलग ही रंग दिखाई देता है। सरकारी पर्यटन जानकारी में भी यहां के कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को प्रमुख आकर्षण के तौर पर दर्ज किया गया है।

    अगर आपको आधुनिक शहर और खूबसूरत शहरी वास्तुकला पसंद है तो चंडीगढ़ को यात्रा में शामिल किया जा सकता है। चौड़ी सड़कों हरे भरे स्थानों और प्रसिद्ध रॉक गार्डन के कारण यह पंजाब यात्रा को एक अलग अनुभव देता है। चंडीगढ़ से आसपास के कई पर्यटन स्थलों के लिए यात्रा कार्यक्रम भी तैयार किए जा सकते हैं। पर्यटन मंत्रालय के मास्टर प्लान में चंडीगढ़ से पंजाब के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले कई संभावित पर्यटन सर्किट भी बताए गए हैं।

    पंजाब घूमने का असली मजा तब आता है जब यात्रा में जल्दबाजी न हो। हर शहर को महसूस करने के लिए थोड़ा समय दें स्थानीय भोजन का स्वाद लें लोगों की जीवनशैली देखें और ऐतिहासिक स्थलों की कहानियों को समझें। अक्टूबर से मार्च के बीच का समय पंजाब के कई हिस्सों में घूमने के लिए अपेक्षाकृत आरामदायक माना जाता है।

    इस तरह पंजाब की यात्रा एक ऐसी यात्रा बन सकती है जिसमें एक तरफ स्वर्ण मंदिर की आध्यात्मिक शांति मिलेगी तो दूसरी तरफ जलियांवाला बाग का इतिहास देश के संघर्ष की याद दिलाएगा। वाघा बॉर्डर का जोश पटियाला की शाही विरासत चंडीगढ़ की आधुनिकता और पंजाब का शानदार खानपान इस सफर को लंबे समय तक याद रखने लायक बना सकते हैं। अगर आप ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां हर पड़ाव पर कोई नई कहानी और नया अनुभव आपका इंतजार करे तो पंजाब यात्रा आपके अगले ट्रैवल प्लान में जरूर शामिल की जा सकती है।

  • सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान ने ईरान को दी चेतावनी, तेहरान ने कहा- हूतियों पर हमारा नियंत्रण नहीं

    सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान ने ईरान को दी चेतावनी, तेहरान ने कहा- हूतियों पर हमारा नियंत्रण नहीं

    नई दिल्ली । सऊदी अरब पर हूतियों के बढ़ते हमलों के बीच पाकिस्तान ने ईरान को बड़ी चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने पिछले 24 घंटे के दौरान तेहरान तक यह संदेश पहुंचाया है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके हूतियों को सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए कहे। ईरान को यह मैसेज तब दिया गया है जब हूतियों ने बीते दिनों सऊदी के तेल ठिकानों पर हमले किए थे।

    पाकिस्तान की इस दखल को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से सऊदी अरब और ईरान, दोनों के साथ अपने रिश्तों को संभालता रहा है। अब इस्लामाबाद को डर है कि हूती हमले अगर और बढ़े तो प्रॉक्सी जंग एक बड़े क्षेत्रीय सुरक्षा संकट में बदल सकती है।

    ईरान बोला- हूतियों पर हमारा कंट्रोल नहीं

    एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान ने मंगलवार को तेहरान तक अपना संदेश पहुंचाया था। ईरान की तरफ से जवाब दिया गया कि ईरान हूतियों को कंट्रोल नहीं करता। हालांकि, दो ईरानी सूत्रों ने अलग दावा किया है। उनके मुताबिक, तेहरान ने पिछले हफ्ते हूतियों से सऊदी अरब पर हमले करने को कहा था।

    दावा है कि ईरान ने इसके लिए अतिरिक्त पैसा और हथियार देने का वादा भी किया था। साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कई कमांडर हमलों के तालमेल में मदद के लिए यमन पहुंचे थे।

    सऊदी की रक्षा में पाकिस्तान-तुर्की की तैयारी

    पाकिस्तान की चेतावनी का एक बड़ा कारण सऊदी अरब के साथ उसका डिफेंस पैक्ट भी है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहले ही कहा है कि अगर हमले सऊदी की जमीन तक फैलते हैं तो रियाद, अंकारा और इस्लामाबाद के बीच ज्वाइंट सिक्योरिटी अरेंजमेंट सामने आ सकता है।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी अधिकारियों ने रियाद में पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की है। तीनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि उनकी सेनाएं यमन में दाखिल नहीं होंगी और किसी भी जवाबी कार्रवाई को सऊदी की जमीन से अंजाम दिया जाएगा।

  • इस शुक्रवार OTT पर रिलीज होंगी 7 फिल्में-सीरीज, घमासान से लेकर अली बाबा और 40 भूत तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन

    इस शुक्रवार OTT पर रिलीज होंगी 7 फिल्में-सीरीज, घमासान से लेकर अली बाबा और 40 भूत तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन

    नई दिल्ली । इस वीकेंड घर से निकलने का मन नहीं है? कोई बात नहीं। OTT पर मनोरंजन का पूरा इंतजाम हो चुका है। कहीं बीहड़ों में डकैत और पुलिस के बीच खतरनाक मैनहंट देखने को मिलेगा, तो कहीं भूतों और आत्माओं की रहस्यमयी दुनिया डराएगी। इसके अलावा कॉमेडी, क्राइम, आजादी की लड़ाई और फैमिली ड्रामा भी आपका मनोरंज करेंगे। आइए नजर डालते हैं इस हफ्ते OTT पर रिलीज हो रहे शो और फिल्मों पर।

    घमासान (Ghamasaan)


    ओटीटी – जी5

    बुंदेलखंड के बीहड़ों में सेट ‘घमासान’ खूंखार डकैत महाराज (अर्शद वारसी) और उसकी तलाश में लगे एसटीएफ अधिकारी आदित्य (प्रतीक गांधी) के बीच चूहे-बिल्ली के खतरनाक खेल को दर्शाती है। जैसे ही आदित्य, महाराज के इलाके में कदम रखता है, यह मिशन एक नया मोड़ ले लेता है। आदित्य इस मैनहंट के पीछे छिपे राजनीतिक भ्रष्टाचार और सत्ता के खेल का पर्दाफाश करता है।

    प्रिंस ऑफ मॉलिवुड (Prince of Mollywood)

    ओटीटी – जियोहॉटस्टार

    इस मलयालम कॉमेडी-ड्रामा फिल्म में फिरोज (डैन डेविस) की कहानी दिखाई गई है, जो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उसकी राह की सबसे बड़ी रुकावट उसका अमीर पिता है, जो अपने बेटे के सपनों के सख्त खिलाफ है।

    द रिवोल्यूशनरीज (The Revolutionaries)

    ओटीटी – अमेजन प्राइम वीडियो

    सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज चार युवा स्वतंत्रता सेनानियों—रासबिहारी बोस (भुवन बाम), प्रतिभा लाहिड़ी (प्रतिभा रंता), सचिंद्र नाथ सान्याल (रोहित सराफ) और बाघा जतिन (गुरफतेह पीरज़ादा) के इर्द-गिर्द घूमती है। ये क्रांतिकारी पारंपरिक संवैधानिक विरोधों को नकार कर बंगाल और पंजाब में अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का रास्ता चुनते हैं।

    गो टीम! (Go Team!)

    ओटीटी – नेटफ्लिक्स

    यह स्पैनिश डार्क कॉमेडी एक आर्थिक संकट से जूझ रही पनीर कंपनी के कर्मचारियों की कहानी है। टीम-बिल्डिंग रिट्रीट के लिए उन्हें एक सुदूर गांव भेजा जाता है, लेकिन माहौल तब बिगड़ता है जब उन्हें बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी (layoffs) की खबर मिलती है। इसके बाद यह ट्रिप आपसी प्रतिद्वंद्विता, ऑफिस पॉलिटिक्स और अस्तित्व की जंग में बदल जाता है।

    स्टोलन हार्टबीट्स (Stolen Heartbeats)

    ओटीटी – नेटफ्लिक्स

    एक खौफनाक हमले के बाद अनाबेल (रामी हेरेरा) कोमा में चली जाती है। उसका एकमात्र सहारा बनता है राफेल (जेरोनिमो कैंटिलो)—एक ऐसा नर्स जिसके पास आत्माओं से बात करने की अलौकिक शक्ति है। राफेल अपनी इसी शक्ति का इस्तेमाल अनाबेल पर हुए हमले की सच्चाई और उसके पीछे छिपे रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए करता है।

    अली बाबा और 40 भूत (Ali Baba aur 40 Bhoot)

    ओटीटी – जियोहॉटस्टार

    मध्य भारतीय लोककथाओं पर आधारित यह सुपरनैचुरल थ्रिलर क्लासिक कहानी को एक नया मोड़ देती है। न्यूरोसाइकोलॉजी एक्सपर्ट अलीशा ‘अली’ निगम (आशा नेगी) अपने लापता पिता की तलाश में इस अलौकिक दुनिया में कदम रखती है। जांच में तैनात पुलिस अधिकारी बाबा (विशाल वशिष्ठ) के साथ मिलकर वह अपने पिता के गायब होने और 40 भटकती आत्माओं के बीच का रहस्य सुलझाती है। इसमें शेन निगम, अभय महाजन और जॉय सेनगुप्ता भी अहम किरदारों में हैं।

    विश्वनाथ एंड संस (Vishwanath & Sons)

    ओटीटी – नेटफ्लिक्स

    सूरिया और ममिता बैजू स्टारर यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। थिएटर रन के बाद, यह पारिवारिक ड्रामा फिल्म अब 11 सितंबर 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।