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  • जौरा में दिनदहाड़े कट्टे की नोक पर लूट, पिता-पुत्री से लाखों के सोने के जेवर और नकदी लूटी

    जौरा में दिनदहाड़े कट्टे की नोक पर लूट, पिता-पुत्री से लाखों के सोने के जेवर और नकदी लूटी



    मुरैना। जिले के जौरा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर दिनदहाड़े कट्टे की नोक पर लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई। पिता के साथ बाइक से घर लौट रही विवाहिता पुत्री को तीन अज्ञात बदमाशों ने रास्ते में रोककर सोने के जेवर, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    जानकारी के अनुसार, धनेला निवासी राकेश सिंह गुर्जर शनिवार दोपहर करीब 1रू30 बजे अपनी विवाहिता पुत्री प्रवेश गुर्जर को चाचूल गांव से बाइक पर बैठाकर धनेला लौट रहे थे। जब वे पगारा रोड पर पुलिस चौकी से कुछ आगे पहुंचे, तभी एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवक उनके बराबर आ गए। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने चलते-चलते राकेश गुर्जर की बाइक की चाबी निकाल ली, जिससे उनकी बाइक बंद हो गई। इसके बाद दो बदमाश, जिन्होंने कपड़े से अपने चेहरे ढके हुए थे, बाइक से उतरे और पिता-पुत्री पर देशी कट्टा तान दिया। हथियार के बल पर दोनों को धमकाते हुए बदमाशों ने उनके पास मौजूद कीमती सामान लूट लिया।

    सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
    घटना के तुरंत बाद पीडि़त राकेश गुर्जर ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। आसपास के क्षेत्र में बदमाशों की तलाश भी की गई, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका।

    अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज
    पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर तीन अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध लूट का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ-साथ संभावित मार्गों पर जांच कर रही है। बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।

    दिनदहाड़े वारदात से क्षेत्र में दहशत
    दिनदहाड़े हथियार के बल पर हुई इस लूट की घटना से पगारा रोड और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

    ये सामान लूटकर फरार हुए बदमाश
    लुटेरे विवाहिता से सोने के आभूषण उतरवाकर ले गए, जिनमें सोने की 4 चूडि़यां,2 सोने की अंगूठियां,1 बड़ा मंगलसूत्र, 5 पुताई वाला एक मंगलसूत्र, कान का एक झाला व इसके अलावा बदमाश राकेश गुर्जर का मोबाइल फोन तथा 5,000 रूपए नकद भी लूटकर मौके से फरार हो गए।
  • जबलपुर में स्कूल-कॉलेजों के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ के मामलों पर मानवाधिकार आयोग सख्त, एसपी से मांगी रिपोर्ट

    जबलपुर में स्कूल-कॉलेजों के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ के मामलों पर मानवाधिकार आयोग सख्त, एसपी से मांगी रिपोर्ट


    जबलपुर।
    शहर के स्कूलों और कॉलेजों के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न की लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है। मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जबलपुर पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    छात्राओं को बनाया जा रहा निशाना

    जानकारी के अनुसार, कई शिक्षण संस्थानों के बाहर छुट्टी के समय असामाजिक तत्व और मनचले छात्राओं का पीछा करते हैं, उन पर फब्तियां कसते हैं, मोबाइल नंबर मांगते हैं और उनकी बिना अनुमति तस्वीरें भी खींचते हैं। इन घटनाओं से छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हो रही हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

    बताया जा रहा है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के कारण कुछ छात्राओं ने स्कूल-कॉलेज जाना भी छोड़ दिया है। वहीं, विरोध करने पर अभिभावकों को भी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

    मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान

    मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकल पीठ ने मामले को प्रथम दृष्टया मानवाधिकार हनन का मामला माना है।

    आयोग ने जबलपुर के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    लगातार सामने आ रही घटनाओं ने स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित पुलिस गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • पन्ना की एनएमडीसी खदान में मिला 13.16 कैरेट का दुर्लभ हीरा, कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई

    पन्ना की एनएमडीसी खदान में मिला 13.16 कैरेट का दुर्लभ हीरा, कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती ने एक बार फिर अपनी समृद्ध खनिज संपदा का प्रमाण दिया है। मझगवां स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खदान से 13.16 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक जेम श्रेणी का हीरा मिला है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये हो सकती है, हालांकि इसका वास्तविक मूल्य आगामी खुली नीलामी में तय होगा।

    यह वर्ष 2024 में खदान का संचालन दोबारा शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा हीरा माना जा रहा है। इससे पहले मार्च 2024 में इसी परियोजना से 10.04 कैरेट का हीरा मिला था, लेकिन 13.16 कैरेट का यह नया रत्न उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया है।

    नीलामी में तय होगी वास्तविक कीमत

    एनएमडीसी अधिकारियों के अनुसार हीरे की अंतिम कीमत उसकी गुणवत्ता, चमक, शुद्धता और नीलामी के दौरान मिलने वाली बोली पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च गुणवत्ता के कारण इस हीरे को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अच्छी मांग मिल सकती है।

    एशिया की प्रमुख यंत्रीकृत हीरा खदान

    पन्ना की मझगवां हीरा खदान भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की एकमात्र संगठित और पूर्णतः यंत्रीकृत हीरा खदानों में शामिल है। यह खदान वर्षों से कई दुर्लभ और बहुमूल्य हीरे देने के लिए जानी जाती रही है और देश के हीरा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

    एनएमडीसी में खुशी का माहौल

    इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद पन्ना स्थित माइनिंग प्रोजेक्ट से लेकर हैदराबाद स्थित एनएमडीसी मुख्यालय तक उत्साह का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की खोज से खदान की संभावनाओं को नया बल मिला है और भविष्य में भी उच्च गुणवत्ता वाले हीरे मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

  • PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा

    PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के कनाखेड़ी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी कुटीर को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कुटीर की छत से सरिया तोड़ने का विरोध करना एक दंपति को भारी पड़ गया। आरोप है कि गांव के दो भाइयों ने मिलकर पति-पत्नी पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमले में पति के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी को भी बेरहमी से पीटा गया। दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कनाखेड़ी गांव निवासी 34 वर्षीय इंदर सिंह चिडार शनिवार शाम करीब सात बजे अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान गांव का गोलू चिडार वहां पहुंचा। इंदर सिंह ने उससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी अपनी कुटीर की छत से सरिया तोड़ने को लेकर सवाल किया। आरोप है कि यह बात सुनते ही गोलू चिडार गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करने लगा।

    पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने आरोपी को गालियां देने से रोका तो उसने पास में पड़ा डंडा उठाकर सीधे उनके सिर पर हमला कर दिया। डंडे का वार इतना तेज था कि इंदर सिंह के सिर से खून बहने लगा। इसके बाद आरोपी ने लाठियों से भी उनकी पिटाई की, जिससे उनके हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।

    मारपीट की आवाज सुनकर इंदर सिंह की पत्नी अमृता चिडार अपने पति को बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि तभी गोलू चिडार के भाई आशु ने भी हमला कर दिया। उसने अमृता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इस दौरान महिला को भी हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।

    घायल दंपति को परिजन तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दोनों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार इंदर सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी गोलू चिडार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत बने मकान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद हिंसा में बदलने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

  • थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जना नायगन’ को लेकर जबरदस्त दीवानगी, एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड मांग, 2500 रुपये तक पहुंची टिकट कीमत

    थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जना नायगन’ को लेकर जबरदस्त दीवानगी, एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड मांग, 2500 रुपये तक पहुंची टिकट कीमत


    नई दिल्ली ।
    दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायगन’ की रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लंबे इंतजार के बाद 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही इस फिल्म की एडवांस बुकिंग ने कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर की मांग दर्ज की है। विजय की कथित तौर पर आखिरी फिल्म मानी जा रही इस परियोजना को लेकर प्रशंसकों में खासा उत्साह है, जिसका असर टिकट बिक्री और सिनेमाघरों में बढ़ती भीड़ के रूप में दिखाई दे रहा है।

    फिल्म के लिए देश के कई प्रमुख शहरों में एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, केरल और अन्य स्थानों पर शुरुआती शो के टिकट तेजी से बिक रहे हैं। कई सिनेमाघरों में बुकिंग खुलते ही सुबह के शो हाउसफुल हो गए, जबकि कुछ स्थानों पर प्रीमियर शो के टिकट कुछ ही समय में समाप्त हो गए। दर्शकों की भारी मांग को देखते हुए अतिरिक्त शो जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है।

    फिल्म की टिकट कीमतें भी इस समय चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं। अधिकांश सिनेमाघरों में टिकट की कीमत लगभग 100 रुपये से 800 रुपये के बीच रखी गई है, लेकिन कुछ प्रीमियम स्क्रीन और विशेष श्रेणी की सीटों के लिए कीमत इससे कहीं अधिक है। बेंगलुरु के एक मल्टीप्लेक्स में रिक्लाइनर सीट का टिकट 2500 रुपये तक पहुंच गया है, जिसे इस फिल्म के लिए अब तक की सबसे महंगी टिकटों में गिना जा रहा है। वहीं कुछ प्रीमियर शो के टिकट 800 से 1000 रुपये के बीच उपलब्ध कराए गए, जो बुकिंग शुरू होते ही तेजी से बिक गए।

    दूसरी ओर चेन्नई में टिकटों की कीमत अपेक्षाकृत नियंत्रित रखी गई है। यहां सामान्य टिकट लगभग 190 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि सबसे कम कीमत 54 रुपये निर्धारित की गई है। शुरुआती शो के दौरान भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। एक प्रमुख सिनेमाघर ने दावा किया कि उसने कुछ ही मिनटों में लगभग 10 हजार टिकटों की बिक्री दर्ज की, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    फिल्म की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है। आधिकारिक रिलीज की घोषणा से पहले ही विदेशों में इसकी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फिल्म को अच्छा प्रतिसाद मिला है और शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में टिकट बिकने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलते हैं कि फिल्म को घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में मजबूत शुरुआत मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि थलापति विजय के बड़े प्रशंसक वर्ग, फिल्म को लेकर लंबे समय से बनी उत्सुकता और इसे अभिनेता की आखिरी फिल्म बताए जाने की चर्चाओं ने दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। रिलीज से पहले जिस तरह एडवांस बुकिंग के आंकड़े सामने आ रहे हैं, उससे फिल्म के शुरुआती दिनों में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अब सभी की निगाहें 23 जुलाई पर टिकी हैं, जब यह बहुप्रतीक्षित फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच पहुंचेगी और बॉक्स ऑफिस पर अपनी वास्तविक परीक्षा देगी।

  • ग्रहों की बदलती चाल से करियर में मिल सकते हैं नए अवसर, जानिए किन 5 राशियों के लिए अनुकूल रहेगा आगामी पखवाड़ा

    ग्रहों की बदलती चाल से करियर में मिल सकते हैं नए अवसर, जानिए किन 5 राशियों के लिए अनुकूल रहेगा आगामी पखवाड़ा

    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव डालने वाला महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। वर्तमान ग्रह गोचर के आधार पर आगामी 15 दिनों का समय कुछ राशियों के लिए करियर, नौकरी और आर्थिक प्रगति के लिहाज से अनुकूल संकेत दे रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य, बृहस्पति, मंगल और बुध की वर्तमान स्थिति कई लोगों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। हालांकि ज्योतिष केवल संभावनाओं का संकेत देता है और किसी भी व्यक्ति के वास्तविक परिणाम उसकी जन्म कुंडली, परिस्थितियों तथा प्रयासों पर निर्भर करते हैं।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से सकारात्मक माना जा रहा है। बुध के प्रभाव से नौकरी बदलने की इच्छा रखने वालों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। इंटरव्यू में प्रदर्शन बेहतर रहने की संभावना है और मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, डिजिटल तथा संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारियां या आकर्षक प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। नए व्यावसायिक संपर्क भविष्य में भी लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।

    सिंह राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना बन रही है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति, नई जिम्मेदारी या करियर में सकारात्मक बदलाव का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के भी संकेत माने जा रहे हैं, जिससे पेशेवर जीवन में नई ऊर्जा का अनुभव हो सकता है।

    कन्या राशि के जातकों के लिए भी आगामी पखवाड़ा अनुकूल रहने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं या नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी कर रहे लोगों को मेहनत का संतोषजनक परिणाम मिल सकता है। नई कौशल सीखने, कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करने और वरिष्ठों से प्रशंसा प्राप्त करने के अवसर बन सकते हैं। यह समय करियर में आगे बढ़ने के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

    तुला राशि के लोगों के लिए नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में नए अवसर बनने के संकेत हैं। यदि कोई लंबे समय से नई नौकरी की तलाश कर रहा है या बदलाव की योजना बना रहा है, तो मनचाहा प्रस्ताव मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। व्यापार करने वालों को नए ग्राहक मिल सकते हैं और प्रभावशाली लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकता है। आय में सुधार और नए निर्णय लेने के लिए भी यह समय सकारात्मक माना गया है।

    मकर राशि के जातकों के लिए मंगल और बृहस्पति का प्रभाव मेहनत को बेहतर परिणाम में बदलने का संकेत दे रहा है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी उन्नति के अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने, इंटरव्यू में सफलता मिलने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना व्यक्त की गई है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार करियर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रतिदिन उगते सूर्य को जल अर्पित करना, बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करना, ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करना तथा गुरुवार को जरूरतमंद लोगों को पीली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार माना गया है। ज्योतिषीय संकेत प्रेरणा दे सकते हैं, लेकिन स्थायी सफलता के लिए नियमित प्रयास, कौशल विकास और सही निर्णय ही सबसे प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

  • शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी

    शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा चौकी अंतर्गत रामपुरी गांव में एक 23 वर्षीय युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने इस मामले में पत्नी के मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    मृतक की पहचान रामपुरी निवासी मर्दन सिंह आदिवासी (23) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात मर्दन का अपनी पत्नी के साथ चरित्र शंका को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद शनिवार सुबह स्थिति और बिगड़ गई। मृतक के पिता गोविंद सिंह आदिवासी का आरोप है कि उनकी बहू ने अपने मायके वालों को गांव बुला लिया था। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने मर्दन के साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए।

    परिजनों का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्ष लुकवासा पुलिस चौकी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बाद में पुलिस ने मर्दन को भी चौकी बुलाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शाम के समय मर्दन अपने घर लौट आया था और अपने तीन वर्षीय बेटे को भी अपने साथ लेकर आया था।

    रविवार सुबह मर्दन घर से निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित एक नर्सरी में पेड़ से उसका शव फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    लुकवासा चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दोनों पक्ष चौकी आए थे, जहां बातचीत के बाद आपसी सहमति से समझौता कराया गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ चली गई थी, जबकि उनका तीन वर्षीय बेटा मर्दन अपने साथ घर ले गया था। रविवार सुबह युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

    पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर लगाया जाएगा। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • बरसात के मौसम में बढ़ा बुखार का खतरा, जानिए कब सामान्य फीवर है और कब तुरंत डेंगू की जांच कराना बन जाता है जरूरी

    बरसात के मौसम में बढ़ा बुखार का खतरा, जानिए कब सामान्य फीवर है और कब तुरंत डेंगू की जांच कराना बन जाता है जरूरी

    नई दिल्ली । मानसून के आगमन के साथ देश के कई हिस्सों में बुखार और संक्रमण से जुड़े मामलों में तेजी देखी जाती है। बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह मच्छरों और वायरस जनित बीमारियों के फैलने के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करता है। ऐसे समय में अधिकांश लोगों को होने वाला बुखार सामान्य वायरल संक्रमण का परिणाम होता है, लेकिन कई मामलों में यही बुखार डेंगू जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए केवल बुखार को देखकर निष्कर्ष निकालने के बजाय उसके साथ दिखाई देने वाले अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

    सामान्य मौसमी बुखार की शुरुआत प्रायः हल्के लक्षणों के साथ होती है। इसमें हल्का या मध्यम बुखार, शरीर में दर्द, गले में खराश, हल्की खांसी, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। पर्याप्त आराम, पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं से अधिकांश लोगों की स्थिति दो से तीन दिनों में बेहतर होने लगती है। इस दौरान भूख कम लगना और सामान्य कमजोरी महसूस होना भी आम बात है, लेकिन गंभीर लक्षण आमतौर पर नहीं दिखाई देते।

    इसके विपरीत डेंगू का बुखार अक्सर अचानक और तेज तापमान के साथ शुरू होता है। मरीज को तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में अत्यधिक पीड़ा महसूस हो सकती है। कई मामलों में शरीर पर लाल रंग के छोटे-छोटे दाने दिखाई देने लगते हैं, जो डेंगू का महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं। बीमारी बढ़ने पर अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना और प्लेटलेट्स की संख्या में कमी जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि बुखार लगातार तीन दिन से अधिक बना रहे, बार-बार तेज हो जाए, शरीर पर दाने उभर आएं या खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। ऐसे मामलों में रक्त जांच और प्लेटलेट्स की निगरानी से बीमारी की समय पर पहचान संभव होती है, जिससे जटिलताओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    मानसून के दौरान बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। घर और आसपास पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो सके। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें और स्वच्छ भोजन व पर्याप्त पानी का सेवन करें। यदि बुखार हो जाए तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक सुरक्षित रहता है, क्योंकि समय पर सही उपचार ही डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

  • आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर कथित धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है। अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट और उससे जुड़े ऑडियो संदेश की जांच की जा रही है। हालांकि, इस मामले में अभी तक अभिनेता आमिर खान या उनकी ओर से किसी प्रतिनिधि ने पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और संदेश की प्रामाणिकता सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

    मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और ऑडियो संदेश का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश किसने जारी किया, उसका वास्तविक स्रोत क्या है और उसमें किए गए दावों की सत्यता कितनी है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कथित संदेश आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई नाम से जुड़े सोशल मीडिया खातों के माध्यम से साझा किया गया है। इन व्यक्तियों ने स्वयं को लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया है। संदेश में आमिर खान पर कथित रूप से “लव जिहाद” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। यह दावा अभिनेता के निजी जीवन और हाल के वैवाहिक संबंधों का उल्लेख करते हुए किया गया है। हालांकि, इन आरोपों या संदेश में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन्हें जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।

    कथित ऑडियो संदेश में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक किशोरी से जुड़े आपराधिक मामले का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही कुछ राजनीतिक नेताओं को चेतावनी देने जैसी बातें भी कही गई हैं। पुलिस इन सभी संदर्भों की अलग-अलग जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संदेश का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले अभिनेता सलमान खान को भी लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से धमकियां मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार प्रकरण के बाद से सलमान खान का नाम इस विवाद से जुड़ता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उनके आवास के बाहर गोलीबारी की घटना और लगातार मिलती धमकियों के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कई स्तरों पर मजबूत की गई थी।

    आमिर खान से जुड़ी कथित धमकी के मामले में फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार का आपराधिक तत्व सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर सतर्कता बनाए हुए है और किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को गंभीरता से देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

  • '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    नई दिल्ली । अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उस घटना का जिक्र किया, जब उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी दिल की धड़कन करीब 10 मिनट तक बंद रही थी। यह अनुभव उनके लिए जीवन बदल देने वाला साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया।

    श्रेयस ने कहा कि घटना से पहले उन्हें लगातार थकान महसूस हो रही थी, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण उन्होंने इन संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया। काम पूरा करने के बाद उन्हें बेचैनी, सांस लेने में परेशानी और हाथ में दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझा, लेकिन कुछ ही देर में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण उन्हें तुरंत आपातकालीन उपचार मिल सका।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की। उपचार के दौरान उनकी एंजियोप्लास्टी की गई और लगातार प्रयासों के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। होश में आने के बाद जब उन्हें पूरी घटना के बारे में जानकारी मिली तो उन्हें एहसास हुआ कि वह मौत के बेहद करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि उस पल ने उन्हें जीवन की असली अहमियत समझा दी।

    श्रेयस के अनुसार इस घटना के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। पहले वह लगातार काम को प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब परिवार, स्वास्थ्य और मानसिक शांति को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को शामिल किया है। उनका मानना है कि शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान या किसी भी तरह की असामान्य शारीरिक परेशानी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उनके अनुसार कई बार लोग व्यस्तता या लापरवाही के कारण शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज मिलने से कई गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

    अभिनेता ने यह भी कहा कि इस अनुभव ने उन्हें परिवार और रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक समझाई। अब वह हर दिन को एक नए अवसर की तरह जीने की कोशिश करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने माना कि सफलता और व्यस्तता से कहीं अधिक जरूरी स्वस्थ रहना है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्डियक अरेस्ट से उबरने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने पेशेवर जीवन में वापसी की और अब अपने अनुभव के जरिए लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दे रहे हैं।