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  • मायावती की शर्त- अशोक सिद्धार्थ लें राजनीति से संन्यास, तभी आकाश आनंद की वापसी पर होगा विचार

    मायावती की शर्त- अशोक सिद्धार्थ लें राजनीति से संन्यास, तभी आकाश आनंद की वापसी पर होगा विचार

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही बहुजन समाज पार्टी ने संगठन और नेतृत्व को लेकर अपना रुख साफ करना शुरू कर दिया है। बसपा प्रमुख मायावती की ओर से जारी बयान में पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को लेकर कड़ा संदेश दिया गया है। पार्टी ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास अब भी राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़ने का विकल्प है। ऐसा होने पर उनके दामाद आकाश आनंद के पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करने और उन्हें पुरानी जिम्मेदारियां सौंपने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है।

    अशोक सिद्धार्थ पर निजी स्वार्थ का आरोप

    बसपा ने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की ओर से खुद में सुधार करने के कई मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने बहुजन मिशन की अपेक्षा निजी और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी। पार्टी का कहना है कि इसका असर न केवल अशोक सिद्धार्थ पर पड़ा, बल्कि उनके दामाद आकाश आनंद को भी इसका नुकसान उठाना पड़ा।

    बयान में दावा किया गया कि अशोक सिद्धार्थ ने अपने निजी स्वार्थ के चलते आकाश आनंद और बसपा मूवमेंट के हितों को भी पर्याप्त महत्व नहीं दिया। पार्टी के अनुसार, उनसे अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा त्याग, तपस्या और कुर्बानी की उम्मीद थी, लेकिन वे उस कसौटी पर खरे नहीं उतरे।

    तीन राज्यों के चुनाव पर नजर

    मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव करीब हैं और ये तीनों राज्य बहुजन समाज तथा बहुजन आंदोलन के लिए विशेष महत्व रखते हैं। पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक और शुभचिंतक इन राज्यों में सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
    मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव करीब हैं और ये तीनों राज्य बहुजन समाज तथा बहुजन आंदोलन के लिए विशेष महत्व रखते हैं। पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक और शुभचिंतक इन राज्यों में सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।

    बसपा के मुताबिक, मौजूदा समय में पार्टी और बहुजन समाज के सामने विरोधी दलों के साथ-साथ जातिवादी तत्वों की भी कई चुनौतियां हैं। पार्टी ने सर्वसमाज के लोगों से सहयोग की अपील की है। साथ ही दलित समाज सहित बहुजन समाज के सभी वर्गों से निजी या पारिवारिक हित में ऐसा कोई कदम नहीं उठाने को कहा गया है, जिससे आंदोलन के हित प्रभावित हों।

    अनुशासन पर मायावती का सख्त संदेश

    मायावती ने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ऐसे लोगों को संगठन में दोबारा जगह दे रहा है, जो अपने आचार-व्यवहार को सुधारते हैं। वहीं, संगठन और मिशन के रास्ते में बाधा बनने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। बसपा ने अशोक सिद्धार्थ के मामले को इसी नीति का प्रमुख उदाहरण बताया है।

    आकाश आनंद की वापसी पर संकेत

    बसपा के बयान में आकाश आनंद की भविष्य की भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिया गया है। पार्टी के मुताबिक, अगर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास लेकर निजी हित और राजनीतिक महत्वाकांक्षा से ऊपर उठते हैं, तो आकाश आनंद के लिए संगठन में स्वतंत्र रूप से काम करने का रास्ता साफ हो सकता है।

    ऐसी स्थिति में बसपा आकाश आनंद को उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस सौंपने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है। इससे आकाश आनंद के एक बार फिर संगठन में सक्रिय भूमिका में लौटने की संभावना बन सकती है।

  • रायबरेली में राहुल गांधी की दिशा बैठक से पहले सपा विधायकों का प्रदर्शन, पोस्टर-बैनर लहराकर की नारेबाजी

    रायबरेली में राहुल गांधी की दिशा बैठक से पहले सपा विधायकों का प्रदर्शन, पोस्टर-बैनर लहराकर की नारेबाजी


    रायबरेली।
    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक से पहले बुधवार को रायबरेली में सियासी माहौल गरमा गया। बैठक शुरू होने से पहले सपा विधायक राहुल लोधी और श्याम सुंदर भारती ने पोस्टर-बैनर लहराकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विधायकों ने सवाल उठाया कि जब आम लोगों की समस्याएं अब भी बनी हुई हैं तो दिशा की बैठक आयोजित करने का क्या फायदा है।

    राहुल गांधी के बैठक स्थल पर पहुंचने से पहले पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे दोनों विधायकों से पोस्टर और बैनर ले लिए। इसके बाद राहुल गांधी बैठक में पहुंचे, जहां डीएम सरनीत कौर और एसपी रवि कुमार ने उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे राहुल गांधी के अगल-बगल बैठे नजर आए।

    भुएमऊ गेस्ट हाउस में लगाया जनता दरबार
    दिशा बैठक से पहले राहुल गांधी भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां जनता दरबार आयोजित किया गया, जहां सपा नेताओं समेत अन्य लोगों ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस की एक महिला नेता ने राहुल गांधी को राखी बांधी और टीका लगाया। अपने दो दिवसीय यूपी दौरे के आखिरी दिन राहुल गांधी ने सांसद निधि से करीब तीन करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

    पहली कोशिश में नहीं उतर सकी फ्लाइट
    राहुल गांधी मंगलवार को दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1717 से लखनऊ पहुंचे थे। लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान की पहली कोशिश में लैंडिंग नहीं हो सकी। करीब 25 मिनट तक विमान हवा में चक्कर लगाता रहा। इसके बाद दूसरी कोशिश में विमान की सफल लैंडिंग हुई। 2024 में सांसद बनने के बाद रायबरेली का यह राहुल गांधी का आठवां दौरा है। इससे पहले वे 19-20 मई को दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर रायबरेली पहुंचे थे।

  • मसूद अजहर के अफगानिस्तान में छिपे होने के पाकिस्तानी दावे को तालिबान ने खारिज किया, काबुल ने जवाब में रखी स्थिति स्पष्ट

    मसूद अजहर के अफगानिस्तान में छिपे होने के पाकिस्तानी दावे को तालिबान ने खारिज किया, काबुल ने जवाब में रखी स्थिति स्पष्ट


    नई दिल्ली ।मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान के दावे पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाकिस्तान के उस दावे से इनकार किया है, जिसमें कहा जाता रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मसूद अजहर अफगानिस्तान में छिपकर रह रहा है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में मौजूद नहीं है।

    अफगान पक्ष ने यह भी कहा कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ हिंसा या आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। इस बयान के साथ तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावे को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। मसूद अजहर की कथित मौजूदगी को लेकर दोनों देशों के दावों में लंबे समय से अंतर रहा है।

    अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि मसूद अजहर उनके देश में मौजूद नहीं है। तालिबान की ओर से पहले भी इस तरह का इनकार किया जा चुका है। सितंबर 2022 में तालिबान के एक प्रवक्ता ने मसूद अजहर के अफगानिस्तान में होने से जुड़ी खबरों को गलत बताया था।

    अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने भी मसूद अजहर के अफगानिस्तान में मौजूद होने की कोई पुख्ता आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। इसके बावजूद पाकिस्तान लगातार यह दावा करता रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक अफगानिस्तान में छिपा हुआ है।

    पाकिस्तान के मुताबिक मसूद अजहर मई 2019 में डूरंड रेखा पार करके अफगानिस्तान चला गया था। इसके बाद से वह अफगानिस्तान में छिपा हुआ है। हालांकि, अफगान सरकार इस दावे को स्वीकार नहीं करती है और अब विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने भी उसकी मौजूदगी से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।

    तालिबान ने अपने बयान में एक बार फिर यह रुख दोहराया कि अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ हिंसा या आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। इस बयान को पाकिस्तान के आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि मसूद अजहर का नाम लंबे समय से दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों में सामने आता रहा है।

    मसूद अजहर को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव की चर्चा होती रही है। पाकिस्तान पहले वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की निगरानी सूची में भी रह चुका है। उसे 2018 से 2022 के बीच इस सूची में रखा गया था।

    उस अवधि में आतंकवाद के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों को रोकने और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की व्यवस्था पर चिंता जताई गई थी। निगरानी सूची से बाहर आने के लिए पाकिस्तान को कई कदम उठाने पड़े थे। इनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल थी।

    अब मसूद अजहर की कथित मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान के दावे और तालिबान के इनकार ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। अफगानिस्तान ने जहां अजहर के अपने देश में होने से इनकार किया है, वहीं पाकिस्तान अपने पुराने दावे पर कायम रहा है।

  • मेरठ के आसमान में 19-20 सितंबर को वायुसेना के नौ हॉक विमान दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

    मेरठ के आसमान में 19-20 सितंबर को वायुसेना के नौ हॉक विमान दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

    मेरठ। मेरठ के लिए 19 और 20 सितंबर 2026 ऐतिहासिक होने जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) पहली बार शहर में हवाई प्रदर्शन करेगी। नौ लाल-सफेद हॉक एमके-132 विमान एक साथ आसमान में उतरेंगे और सटीक फॉर्मेशन के साथ लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और चर्चित ‘डीएनए’ फॉर्मेशन जैसे एरोबैटिक करतब दिखाएंगे। शहरवासियों को दो दिन आसमान में भारतीय वायुसेना की ताकत, अनुशासन और रोमांच का अनोखा नजारा देखने को मिलेगा।

    पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ेंगे विमान
    सूर्यकिरण टीम के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत विमानों के बीच सटीक तालमेल है। नौ हॉक एमके-132 विमान बेहद कम दूरी पर एक साथ उड़ान भरते हुए फॉर्मेशन बनाएंगे। कई करतबों के दौरान विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम रहती है। इतनी कम दूरी पर उड़ान के लिए पायलटों के बीच जबरदस्त समन्वय, अनुशासन और भरोसे की जरूरत होती है।

    इन हॉक विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत में लाइसेंस के तहत किया है।

    तिरंगे के रंगों से रंगेगा आसमान

    मेरठ एयर शो का एक खास आकर्षण रंगीन धुएं से बनने वाली तिरंगे की छटा होगी। हॉक एमके-132 विमानों में भारतीय वायुसेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में विकसित किए गए स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इनके जरिए विमान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें छोड़ते हुए फॉर्मेशन बनाएंगे।

    1996 में हुआ था सूर्यकिरण का गठन

    सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का गठन 1996 में हुआ था। टीम अब तक देशभर में 800 से ज्यादा हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। इसके अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई और दुबई के एयर शो में भी टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन कर चुकी है।

    सूर्यकिरण को भारतीय वायुसेना का ‘एंबेसडर’ भी कहा जाता है। इसके प्रदर्शन का उद्देश्य सिर्फ लोगों को रोमांचित करना नहीं, बल्कि युवाओं को वायुसेना और अन्य रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

    ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी संभालेंगे कमान

    सूर्यकिरण टीम की कमान Su-30 MKI पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी संभाल रहे हैं। टीम के हर प्रदर्शन में उड़ान की सटीकता, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता को प्राथमिकता दी जाती है।

    अपने ही शहर के ऊपर उड़ेंगे मेरठ के पायलट

    मेरठ में होने वाला प्रदर्शन टीम के कुछ पायलटों के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद खास होगा। मेरठ के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह अपने ही शहर के आसमान में सूर्यकिरण फॉर्मेशन का हिस्सा बनकर उड़ान भरेंगे।

    टीम के सदस्य स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल भी इस प्रदर्शन में उनके साथ मौजूद रहेंगे। अपने शहर के ऊपर सूर्यकिरण के फॉर्मेशन में उड़ान भरना इन पायलटों के लिए गौरव का क्षण होगा।

    युवाओं को मिलेगा वायुसेना को करीब से समझने का मौका

    सूर्यकिरण का प्रदर्शन केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं रहेगा। सशस्त्र बलों में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भारतीय वायुसेना की कार्यशैली, अनुशासन और पेशेवर मानकों को करीब से समझने का अवसर भी होगा।

    दो दिन याद रखेगा मेरठ

    19 और 20 सितंबर को नौ हॉक विमान एक साथ आसमान में सटीक फॉर्मेशन बनाएंगे और तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाएंगे। मेरठ में पहली बार होने वाला सूर्यकिरण का यह प्रदर्शन शहरवासियों के लिए यादगार अनुभव बनने की उम्मीद है।

    यह आयोजन मेरठ के लिए सिर्फ एक एयर शो नहीं होगा, बल्कि भारतीय वायुसेना के साहस और उत्कृष्टता के साथ शहर से जुड़े पायलटों की उपलब्धि का भी जश्न होगा।

  • मुजफ्फरनगर में रोडवेज बस ने 2 बाइकों को मारी टक्कर, 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में रोडवेज बस ने 2 बाइकों को मारी टक्कर, 3 की मौत, 2 गंभीर घायल


    मुजफ्फरनगर।
    मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना थाना क्षेत्र के भैसाना के पास बड़ौत मार्ग पर बुधवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित रोडवेज बस ने आगे चल रही दो बाइकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बाइकों पर सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। दो घायलों का उपचार जारी है। इनमें एक बच्चा भी है, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

    टक्कर के बाद पांचों बाइक सवार घायल
    हादसा भैसाना के पास बड़ौत मार्ग पर हुआ। बताया जा रहा है कि रोडवेज बस अनियंत्रित होकर आगे चल रही दो बाइकों से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकों पर सवार पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोग जुट गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान तीन घायलों ने दम तोड़ दिया।

    बच्चे की हालत गंभीर
    हादसे में घायल दो लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में मृतकों के कांधला क्षेत्र के निवासी होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस उनकी पहचान की पुष्टि करने में जुटी है। पहचान सुनिश्चित होने के बाद परिजनों को सूचना दी जाएगी।

    बस चालक और हादसे की परिस्थितियों की जांच
    पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। टीम रोडवेज बस चालक से पूछताछ करने के साथ दुर्घटना की वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।

  • बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके

    बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। मौसम में बदलाव तनाव नींद की कमी खानपान में पोषक तत्वों की कमी और बालों की गलत तरीके से देखभाल करने जैसी कई वजहों से बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। कुछ मात्रा में बालों का रोज झड़ना सामान्य हो सकता है लेकिन अगर लगातार बाल पहले से ज्यादा गिर रहे हों सिर की त्वचा दिखाई देने लगी हो या बालों की मोटाई तेजी से कम हो रही हो तो इसके कारण पर ध्यान देना जरूरी है। केवल महंगे हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय बालों की देखभाल के साथ खानपान और रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलना बालों के सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल मेवे और बीज जैसे पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के भोजन में पोषक तत्वों की कमी है तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। हालांकि बिना जांच के आयरन या किसी अन्य सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना उचित नहीं है।

    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।

    हेयर स्टाइलिंग की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लगातार बहुत टाइट पोनीटेल जूड़ा या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है बालों को कमजोर कर सकती है। बार बार हेयर स्ट्रेटनिंग कर्लिंग और अत्यधिक गर्म उपकरणों का इस्तेमाल भी बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हीट स्टाइलिंग कम करना और जरूरत पड़ने पर हीट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। बालों को बार बार केमिकल ट्रीटमेंट देने से भी बचना चाहिए।

    तनाव और नींद की कमी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक तनाव शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है और कुछ लोगों में इसके बाद बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नियमित नींद हल्की शारीरिक गतिविधि योग या ध्यान जैसी स्वस्थ आदतों को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी शरीर और त्वचा की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है।

    अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें या लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। थायरॉयड संबंधी समस्या आयरन की कमी हार्मोनल बदलाव कुछ दवाएं आनुवंशिक कारण या स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी बाल झड़ने की वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना बेहतर रहता है। कारण पता चलने के बाद ही सही उपचार तय किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर बालों को झड़ने से रोकने के लिए किसी एक घरेलू उपाय या तेल को चमत्कारी समाधान मानना सही नहीं है। पौष्टिक भोजन नियमित नींद तनाव को नियंत्रित रखना स्कैल्प की उचित सफाई और बालों के साथ कम से कम खिंचाव वाला व्यवहार लंबे समय में बेहतर हेयर केयर रूटीन बनाने में मदद कर सकता है। अगर बालों के झड़ने की समस्या लगातार बढ़ रही है तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।

  • पश्चिम एशिया तनाव और महंगे कच्चे तेल के दबाव में शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरा, सेंसेक्स 813 अंक टूटा

    पश्चिम एशिया तनाव और महंगे कच्चे तेल के दबाव में शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरा, सेंसेक्स 813 अंक टूटा

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंचने के कारण निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे और बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि निफ्टी भी कमजोर होकर 23,500 के स्तर से नीचे चला गया।

    बाजार बंद होने पर बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 813.35 अंक यानी 1.08 प्रतिशत टूटकर 74,764.23 पर पहुंच गया। एनएसई का निफ्टी 50 भी 203.60 अंक यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,431.50 पर बंद हुआ। लगातार तीसरे सत्र की गिरावट ने बाजार में बनी कमजोर धारणा को और मजबूत किया।

    सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 75,577.58 के स्तर के मुकाबले 361.36 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,216.22 पर खुला था। कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ने से यह दिन के निचले स्तर 74,764.23 तक पहुंच गया। इस स्तर पर सूचकांक में 813.35 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

    निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद स्तर 23,635.10 के मुकाबले 113 अंक यानी 0.47 प्रतिशत नीचे 23,522.05 पर खुला। दिन के कारोबार में यह और फिसलकर 23,431.50 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस तरह निफ्टी में दिन के दौरान 203.60 अंक यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    व्यापक बाजारों में भी निवेशकों का रुख कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 0.51 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और इसमें 3.24 प्रतिशत की गिरावट रही। निफ्टी रियल्टी 2.23 प्रतिशत तथा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.23 प्रतिशत कमजोर हुए। निफ्टी एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक, मीडिया और फार्मा सूचकांक भी गिरावट के साथ बंद हुए।

    इसके विपरीत निफ्टी मेटल में 1.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी 50 में अदाणी एंटरप्राइजेज, मैक्स हेल्थ, अदाणी पोर्ट्स, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिंडाल्को, अपोलो हॉस्पिटल और एनटीपीसी प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे। इन कंपनियों के शेयरों में करीब पांच से एक प्रतिशत तक की तेजी दर्ज हुई। दूसरी तरफ इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा कमजोर शेयरों में शामिल रहे।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की आशंका को ध्यान में रखते हुए बाजार की कीमतों का आकलन कर रहे हैं। लगातार जारी लड़ाई और जवाबी कार्रवाई के कारण निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

    विशेषज्ञों ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता लंबे समय तक बनी रहने पर प्रमुख केंद्रीय बैंकों के सामने आर्थिक विकास और महंगाई के बीच संतुलन कायम करने की चुनौती बढ़ सकती है। ऊर्जा की बढ़ती लागत आर्थिक गतिविधियों और कीमतों की स्थिरता दोनों के लिए जोखिम पैदा कर रही है। बॉन्ड यील्ड और करेंसी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के सतर्क रहने की संभावना है। इससे जोखिम लेने की उनकी क्षमता सीमित रह सकती है और बाजार की धारणा पर दबाव बना रह सकता है।

  • दृश्यम 3 का ट्रेलर रिलीज, अजय देवगन के विजय सलगांवकर के सामने आखिरी लड़ाई में तबू और जयदीप अहलावत आमने-सामने

    दृश्यम 3 का ट्रेलर रिलीज, अजय देवगन के विजय सलगांवकर के सामने आखिरी लड़ाई में तबू और जयदीप अहलावत आमने-सामने


    नई दिल्ली ।
    अजय देवगन की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’, जिसे ‘दृश्यम 3’ के नाम से भी जाना जा रहा है, का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह फिल्म साल 2015 में रिलीज हुई ‘दृश्यम’ की कहानी का कन्क्लूजन बताई जा रही है। फिल्म के जरिए सलगांवकर परिवार की क्राइम हिस्ट्री के आखिरी अध्याय को सामने लाया जाएगा। ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।

    ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ का ट्रेलर गोवा में आयोजित एक खास कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया। इस मौके पर फिल्म के मेकर्स, प्रोड्यूसर्स और पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही। ट्रेलर को सस्पेंस और रहस्य से भरपूर रखा गया है। इसमें एक बार फिर विजय सलगांवकर के सामने कई ऐसे सवाल खड़े होते दिखाई दे रहे हैं, जिनके जवाब कहानी के आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।

    ट्रेलर की शुरुआत तबू से होती है। वह सौरभ शुक्ला के किरदार से विजय की कहानी को लेकर सवाल करती नजर आती हैं। तबू पूछती हैं कि अगर उन्हें विजय की कहानी का सीक्वल लिखना पड़े तो उनके हिसाब से इस बार विजय क्या करेगा। इसके जवाब में सौरभ शुक्ला कहते हैं कि विजय क्या करेगा और क्या नहीं करेगा, यह विजय जानता है या फिर अल्लाह जानता है।

    इसके बाद अजय देवगन की आवाज सुनाई देती है। वह सवाल करते हैं कि जब कहा जा रहा है कि उनके खिलाफ मजबूत सबूत हैं, तो आखिर किस सबूत की बात की जा रही है। इसी दौरान स्क्रीन पर श्रिया और ईशिता को परेशान हालत में कुछ कागज जलाते हुए दिखाया जाता है। ये दृश्य कहानी में पुराने राज और नए सवालों के बीच संबंध को लेकर रहस्य बनाए रखते हैं।

    ट्रेलर में रजत कपूर का किरदार अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करता नजर आता है। वहीं तबू का किरदार न्याय से आगे बढ़कर बदले की बात करता है। इससे दोनों पक्षों के बीच टकराव और कहानी में मौजूद तनाव का अंदाजा मिलता है। इसके बाद प्रकाश राज की दमदार एंट्री होती है, जहां वह वकील की भूमिका में दिखाई देते हैं। उनके किरदार का संवाद विजय को हल्के में न लेने का संकेत देता है।

    ट्रेलर में जयदीप अहलावत की भी अहम एंट्री दिखाई गई है। वह एसपी क्राइम ब्रांच के किरदार में नजर आते हैं और उनका अंदाज काफी सख्त दिखाई देता है। जयदीप का किरदार विजय के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बेहद आत्मविश्वासी नजर आता है। उनके संवाद से भी यह संकेत मिलता है कि वह जिस व्यक्ति पर नजर डालते हैं, उसके लिए मुश्किल समय शुरू हो जाता है।

    ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ में अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी में पुराने मामलों, सबूतों, न्याय और बदले के बीच संघर्ष दिखाई दे रहा है। ट्रेलर में कई किरदारों की मौजूदगी ने यह सवाल खड़ा किया है कि इस बार विजय अपने परिवार को बचाने के लिए क्या कदम उठाएगा और क्या वह आखिरी लड़ाई में भी अपने राज को सुरक्षित रख पाएगा। फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

  • पटना में कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही युवती शराब की बोतलों के साथ पकड़ी गई, यूपी से ट्रेन में लाई थी खेप

    पटना में कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही युवती शराब की बोतलों के साथ पकड़ी गई, यूपी से ट्रेन में लाई थी खेप

    नई दिल्ली । बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब लाकर यहां पहुंचाने और बेचने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इसी क्रम में राजधानी पटना में पुलिस ने शराब की बोतलों के साथ रिया नाम की एक युवती को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, रिया कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही है और आरोप है कि वह उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए शराब लेकर पटना पहुंची थी। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद वह बाइक से कहीं जा रही थी, इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली।

    यह मामला पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस को पहले ही सूचना मिली थी कि पटना जंक्शन के आसपास शराब की एक खेप पहुंचने वाली है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्टेशन और उसके आसपास निगरानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद पुलिस ने बाइक से जा रही रिया और उसके साथ मौजूद युवकों को रोक लिया। तलाशी के दौरान रिया के हैंड बैग और शोल्डर बैग से अंग्रेजी शराब की कई बोतलें बरामद की गईं।

    पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की कीमत करीब 14 हजार रुपये बताई जा रही है। उसके बैग से अलग-अलग ब्रांड की शराब की बोतलें मिलीं। शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में रिया ने कथित तौर पर बताया कि एक जानने वाले युवक ने उसे पैसे देने की बात कही थी। उसी के कहने पर वह उत्तर प्रदेश गई और वहां से शराब लेकर ट्रेन से पटना आई थी।

    रिया के अनुसार, शराब को पटना तक पहुंचाने के बदले उसे रुपये मिलने थे। हालांकि, पुलिस उसके इस बयान की भी जांच कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि शराब की खेप आखिर किस व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी और इस काम के पीछे कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में भी जुटी है, जिसने कथित तौर पर रिया को शराब लाने का काम दिया था।

    पुलिस के मुताबिक, रिया पटना की रहने वाली है और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही है। पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि वह पहली बार इस तरह के काम में शामिल हुई है। पुलिस अब उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

    शराब तस्करी से जुड़ा ऐसा ही एक मामला इससे पहले समस्तीपुर में भी सामने आया था। वहां नेहा नाम की एक युवती को शराब के साथ पकड़े जाने की बात सामने आई थी। आरोप था कि वह दिल्ली से ट्रेन के जरिए शराब लेकर बिहार पहुंच रही थी। पुलिस के अनुसार, उस समय उसके साथ उसका जीजा भी मौजूद था। जांच के दौरान शराब की सप्लाई से जुड़े कई लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की बात कही गई थी। पटना के मौजूदा मामले में भी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रिया के जरिए शराब की खेप किस तक पहुंचाई जानी थी और उसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।

  • कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली के परिसरों पर ED तलाशी से विवाद गहराया, डीके शिवकुमार ने एजेंसी के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

    कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली के परिसरों पर ED तलाशी से विवाद गहराया, डीके शिवकुमार ने एजेंसी के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली ।कर्नाटक में मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की तलाशी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी को जांच करनी है तो वह अपनी कार्रवाई कर सकती है और कांग्रेस इस तरह के कदमों से डरने वाली नहीं है।

    डीके शिवकुमार ने कार्रवाई के समय को लेकर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार के 100 दिन पूरे होने से ठीक पहले सतीश जारकीहोली से जुड़े परिसरों पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी की कार्रवाई का समय राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर तय किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सतीश जारकीहोली जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि ईडी को मामले की जांच करनी है तो वह अपना काम कर सकती है। शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा जांच एजेंसियों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है और इस तरह की कार्रवाई कांग्रेस को दबाव में नहीं ला सकती।

    ईडी की टीम ने सतीश जारकीहोली, उनकी बेटी और सांसद प्रियंका जारकीहोली सहित कुछ अन्य लोगों से जुड़े करीब 18 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इन परिसरों में बेंगलुरु और बेलगावी स्थित स्थान भी शामिल बताए गए हैं। तलाशी के दौरान अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच की जा रही है।

    कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की तैनाती भी की गई। अलग-अलग स्थानों पर चल रही तलाशी के बीच राज्य में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री की ओर से भाजपा पर लगाए गए आरोपों के बाद मामला कर्नाटक की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

    अधिकारियों के अनुसार, ईडी की मौजूदा कार्रवाई विदेशी मुद्रा से जुड़े नियमों के तहत दर्ज जांच से संबंधित है। यह जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी फेमा के प्रावधानों के तहत की जा रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का संबंध किसी पुराने धनशोधन मामले से नहीं है।

    तलाशी अभियान के दौरान ईडी की टीम संबंधित परिसरों में उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। जांच का केंद्र विदेशी मुद्रा से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन से संबंधित पहलुओं पर है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्रवाई के संबंध में सतीश जारकीहोली के परिवार या कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई अलग प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

    मामले ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को एक बार फिर तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कार्रवाई को राजनीतिक संदर्भ में देखते हुए भाजपा पर हमला बोला, जबकि ईडी की ओर से इसे फेमा के तहत चल रही जांच का हिस्सा बताया गया है। अब इस कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों और जांच के आगे बढ़ने के साथ मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।