Blog

  • विश्व कप फाइनल में खेल के साथ दिखेगी सियासी हलचल, ट्रंप करेंगे स्पेनिश प्रधानमंत्री की मेजबानी, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने बनाई दूरी

    विश्व कप फाइनल में खेल के साथ दिखेगी सियासी हलचल, ट्रंप करेंगे स्पेनिश प्रधानमंत्री की मेजबानी, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने बनाई दूरी


    नई दिल्ली ।
    फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में जहां मैदान पर स्पेन और अर्जेंटीना विश्व खिताब के लिए आमने-सामने होंगे, वहीं स्टेडियम के वीआईपी क्षेत्र में विश्व नेताओं की मौजूदगी वैश्विक राजनीति के कई दिलचस्प पहलुओं को सामने लाएगी। इस आयोजन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका भी विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि उन्हें ऐसे नेता की मेजबानी करनी है जिनके साथ उनके संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं।

    स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज अपनी राष्ट्रीय टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए अमेरिका पहुंच रहे हैं। उनके साथ स्पेन के शाही परिवार के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। ट्रंप और सांचेज के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लंबे समय से मतभेद रहे हैं। रक्षा व्यय, नाटो की भूमिका, मध्य पूर्व की स्थिति और अन्य वैश्विक विषयों पर दोनों नेताओं की सार्वजनिक टिप्पणियां कई बार चर्चा का विषय बन चुकी हैं। ऐसे में विश्व कप फाइनल के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात केवल औपचारिक नहीं बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    यदि स्पेन खिताब जीतता है तो पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रंप की मौजूदगी और स्पेनिश प्रतिनिधिमंडल के साथ उनका मंच साझा करना भी विशेष महत्व रखेगा। ऐसे अवसर पर खेल और कूटनीति का संगम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतीकात्मक संदेश देने वाला माना जाता है। यही कारण है कि इस मुलाकात पर राजनीतिक विश्लेषकों और वैश्विक मीडिया की विशेष नजर बनी हुई है।

    दूसरी ओर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेविएर मिलेई ने विश्व कप फाइनल में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। उनके इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कार्यक्रम या राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अंधविश्वास बताया जा रहा है। मिलेई का मानना है कि जिस तरह उन्होंने अब तक अपनी टीम के सभी मुकाबले अपने आधिकारिक आवास से एक निश्चित स्थान पर बैठकर देखे हैं, उसी क्रम को बनाए रखना टीम के लिए शुभ साबित हुआ है। उनका विश्वास है कि यदि वे इस परंपरा को बदलेंगे तो टीम के प्रदर्शन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

    मिलेई ने यह भी बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने एक विशेष जैकेट पहनने की आदत भी नहीं बदली है। उनका मानना है कि यह क्रम टीम की जीत से जुड़ गया है और फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले वह किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं करना चाहते। अर्जेंटीना में खेल से जुड़े ऐसे व्यक्तिगत विश्वास और परंपराएं पहले भी चर्चा का विषय रही हैं और कई खेल प्रेमी इन्हें टीम के सौभाग्य से जोड़कर देखते हैं।

    अर्जेंटीना के राजनीतिक इतिहास में भी यह धारणा समय-समय पर सामने आती रही है कि मौजूदा राष्ट्रपति का स्टेडियम में उपस्थित होना टीम के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसी पृष्ठभूमि में मिलेई ने अपने पूर्व निर्धारित तरीके से ही फाइनल देखने का निर्णय लिया है। हालांकि इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अपनी मान्यता में कोई बदलाव नहीं करेंगे।

    विश्व कप फाइनल इस बार केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों, राजनीतिक संकेतों और व्यक्तिगत मान्यताओं का भी अनूठा संगम बन गया है। मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन जितना महत्वपूर्ण होगा, उतनी ही चर्चा विश्व नेताओं की मौजूदगी, उनकी मुलाकातों और उनसे जुड़े प्रतीकात्मक संदेशों की भी रहने की संभावना है।

  • इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट

    इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट


    रतलाम । रतलाम में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब कानूनी विवाद का बड़ा मामला बन गई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे युवक ने अपनी पत्नी पर बिना कानूनी तलाक लिए दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(1) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने आरोपी महिला को 25 जुलाई 2026 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार रतलाम की राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट की मुलाकात इंस्टाग्राम के माध्यम से साक्षी नकुम से हुई थी। दोनों के बीच करीब छह महीने तक बातचीत चली और फिर परिवारों की सहमति के बाद 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर 2022 को रतलाम में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा विवाह संपन्न हुआ। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

    आकाश के अनुसार अप्रैल 2023 में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सांस की नली का कैंसर होने की पुष्टि की। बीमारी का पता चलते ही पत्नी का व्यवहार बदल गया और उसने साथ निभाने के बजाय दूरी बनानी शुरू कर दी। आकाश का आरोप है कि पत्नी ने यह तक कहा कि यदि उनकी मृत्यु हो गई तो उसका भविष्य क्या होगा। इसी दौरान उसने महिला थाने में मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई, हालांकि मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पत्नी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी।

    इसी बीच विवाद तब और गहरा गया जब तलाक का मामला अदालत में लंबित रहने के बावजूद महिला ने 10 जून 2024 को छतरपुर निवासी युवक से दूसरी शादी कर ली। इस विवाह से एक बेटी भी होने की बात सामने आई है। जब आकाश को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।

    इस मामले में फैमिली कोर्ट ने 18 अप्रैल 2026 को महिला की तलाक याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी के लगाए गए कई आरोप उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। न्यायालय ने यह भी माना कि जब पति गंभीर बीमारी से जूझ रहा था तब उसके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोप परिस्थितियों के अनुरूप प्रतीत नहीं होते।

    इसके बाद आकाश ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत में आपराधिक परिवाद दायर किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ बिना वैध तलाक दूसरी शादी करने के आरोप में मामला दर्ज किया। कई बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

    आकाश की व्यक्तिगत जिंदगी भी लगातार मुश्किलों से घिरी रही। कैंसर से उपचार के दौरान पहले पिता और फिर मां का निधन हो गया। अब वे अकेले रह रहे हैं और उनके इलाज तथा अन्य जरूरतों में दोस्त मदद कर रहे हैं। उनके अधिवक्ता भी बिना फीस लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। आकाश का कहना है कि उन्हें अब न्यायपालिका से ही इंसाफ मिलने की उम्मीद है। वहीं मामले में आगे की सुनवाई 25 जुलाई को निर्धारित की गई है।

  • री-नीट में समान अंक के बावजूद अलग मिली AIR, जानिए कैसे एनटीए के टाई-ब्रेकिंग नियम ने तय की आर्यन और पांशुल की रैंक

    री-नीट में समान अंक के बावजूद अलग मिली AIR, जानिए कैसे एनटीए के टाई-ब्रेकिंग नियम ने तय की आर्यन और पांशुल की रैंक

    नई दिल्ली । री-नीट परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल चर्चा का केंद्र बन गए हैं। दोनों अभ्यर्थियों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए, लेकिन इसके बावजूद मेरिट सूची में आर्यन गुप्ता को ऑल इंडिया रैंक-1 और पांशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 प्रदान की गई। समान अंक होने के बावजूद अलग-अलग रैंक मिलने से अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर ऐसी स्थिति में रैंक किस आधार पर तय की जाती है।

    दरअसल, मेडिकल प्रवेश परीक्षा में केवल कुल अंक ही अंतिम रैंक का आधार नहीं होते। जब दो या अधिक अभ्यर्थियों के कुल अंक समान होते हैं, तब एनटीए की निर्धारित टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया लागू की जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों के बीच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मेरिट तय करना होता है। इसी नियम के कारण समान अंक होने के बावजूद दोनों अभ्यर्थियों की ऑल इंडिया रैंक अलग-अलग निर्धारित की गई।

    टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया के पहले चरण में अभ्यर्थियों के बायोलॉजी विषय के अंक देखे जाते हैं। इसमें बॉटनी और जूलॉजी दोनों के संयुक्त प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। जिस उम्मीदवार के बायोलॉजी में अधिक अंक होते हैं, उसे बेहतर रैंक दी जाती है। यदि इस स्तर पर भी दोनों के अंक समान हों, तो अगले चरण में केमिस्ट्री के अंकों की तुलना की जाती है। यदि केमिस्ट्री में भी बराबरी बनी रहती है, तब फिजिक्स के अंकों के आधार पर रैंक तय की जाती है।

    यदि तीनों प्रमुख विषयों में भी दोनों अभ्यर्थियों का प्रदर्शन समान हो, तो आगे उत्तर देने के पैटर्न का विश्लेषण किया जाता है। इसमें सही और गलत उत्तरों के अनुपात को देखा जाता है। जिस अभ्यर्थी ने अपेक्षाकृत कम गलत उत्तर दिए होते हैं या जिसका गलत उत्तरों का अनुपात बेहतर होता है, उसे मेरिट सूची में प्राथमिकता दी जाती है। यह व्यवस्था परीक्षा की गुणवत्ता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

    इसके बाद भी यदि बराबरी बनी रहती है, तो अंतिम निर्णय एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। यही कारण है कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी उम्मीदवारों की रैंक हमेशा एक जैसी नहीं होती।

    आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल के मामले में भी यही प्रक्रिया लागू की गई। दोनों के कुल अंक 715 रहे, लेकिन विषयवार प्रदर्शन और टाई-ब्रेकिंग के शुरुआती चरणों में आर्यन गुप्ता का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। इसी आधार पर उन्हें ऑल इंडिया रैंक-1 और पांशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 प्रदान की गई। यह निर्णय निर्धारित नियमों के अनुसार लिया गया और मेरिट सूची उसी आधार पर तैयार की गई।

    गौरतलब है कि पहले समान अंक की स्थिति में अभ्यर्थियों की आयु को भी रैंक निर्धारण का आधार बनाया जाता था। अधिक आयु वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती थी। हालांकि बाद में इस नियम को लेकर विवाद सामने आने के बाद इसे समाप्त कर दिया गया। वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह विषयवार प्रदर्शन और निर्धारित टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया पर आधारित है, जिससे मेरिट सूची अधिक पारदर्शी और समान अवसर के सिद्धांत के अनुरूप तैयार की जा सके।

  • बैंक फ्रॉड की जांच तेज, 1109 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में सीबीआई ने चार राज्यों के छह ठिकानों पर चलाया सर्च अभियान

    बैंक फ्रॉड की जांच तेज, 1109 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में सीबीआई ने चार राज्यों के छह ठिकानों पर चलाया सर्च अभियान


    नई दिल्ली ।
    देश के बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में शामिल 1109 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय अनियमितता प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जांच को तेज करते हुए चार राज्यों में एक साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री जब्त की गई है, जिन्हें जांच के लिए अहम माना जा रहा है। एजेंसी अब इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे लेनदेन, कर्ज के उपयोग और कथित धोखाधड़ी की प्रक्रिया की विस्तार से जांच कर रही है।

    जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला एक निजी कंपनी द्वारा बैंक से वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने के दौरान कथित रूप से गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी ने फंड आधारित और नॉन-फंड आधारित ऋण सुविधाएं हासिल करने के लिए अपने वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर किया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने स्टॉक का मूल्य वास्तविक से अधिक दर्शाया, व्यापारिक बकाया को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया और वित्तीय स्थिति को वास्तविकता से बेहतर दिखाकर अधिक क्रेडिट सीमा प्राप्त करने का प्रयास किया।

    सीबीआई का कहना है कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं किया गया। जांच में यह आशंका भी व्यक्त की गई है कि धनराशि को अन्य संस्थाओं अथवा अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों में स्थानांतरित किया गया। साथ ही खातों को नियमित दर्शाने के लिए कथित रूप से एवरग्रीनिंग जैसी वित्तीय प्रक्रिया अपनाई गई। इन अनियमितताओं के कारण संबंधित बैंक को लगभग 1109 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होने का आरोप है।

    विशेष अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर सीबीआई ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और उत्तराखंड में कुल छह स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान कंपनी से जुड़े निदेशकों के आवासों, पंजीकृत कार्यालय तथा विभिन्न विनिर्माण इकाइयों की तलाशी ली गई। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।

    जांच अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए रिकॉर्ड से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि का वास्तविक उपयोग किन गतिविधियों में हुआ, वित्तीय लेनदेन की प्रकृति क्या रही और कथित धोखाधड़ी में किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही। एजेंसी संबंधित वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान भी कर रही है ताकि पूरे मामले की सटीक तस्वीर सामने लाई जा सके।

    वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े बैंक ऋण मामलों में कथित अनियमितताओं की समयबद्ध और विस्तृत जांच बैंकिंग प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में दस्तावेजी साक्ष्य, धन के प्रवाह और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण जांच का प्रमुख आधार बनता है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान प्राप्त होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का उद्देश्य पूरे प्रकरण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की परत-दर-परत जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करना और बैंकिंग प्रणाली को हुए संभावित नुकसान के सभी पहलुओं का तथ्यात्मक आकलन करना है।

  • फीफा फाइनल का जुनून, केरल में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद; छात्रों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला

    फीफा फाइनल का जुनून, केरल में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद; छात्रों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले केरल में फुटबॉल का जुनून अपने चरम पर पहुंच गया है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले को लेकर राज्यभर में ऐसा माहौल है, मानो कोई बड़ा त्योहार मनाया जा रहा हो। फुटबॉल प्रेमियों के इसी उत्साह को देखते हुए केरल सरकार ने सोमवार को सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।

    मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन के निर्देश पर लिया गया यह फैसला छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद सामने आया। सोशल मीडिया पर हजारों छात्रों ने देर रात होने वाले फाइनल मुकाबले के कारण अगले दिन छुट्टी देने की अपील की थी। सरकार ने छात्रों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया, ताकि वे बिना किसी चिंता के विश्व कप फाइनल का आनंद ले सकें और अगली सुबह कक्षाओं में उपस्थित होने की परेशानी न झेलें।

    भारतीय समयानुसार स्पेन और अर्जेंटीना के बीच विश्व कप फाइनल सोमवार तड़के 12:30 बजे शुरू होगा। इसी वजह से सरकार ने जनरल एजुकेशन विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों और हायर एजुकेशन विभाग के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों तथा प्रोफेशनल संस्थानों में अवकाश घोषित किया है।

    उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने कहा कि यह फैसला छात्रों की सुविधा और खेल के प्रति उनके उत्साह को ध्यान में रखकर लिया गया है। वहीं, सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में लिखा, “अब खुश हो, बच्चों?” इस संदेश के साथ उन्होंने छुट्टी की आधिकारिक घोषणा भी की।

    केरल में फुटबॉल की लोकप्रियता किसी परिचय की मोहताज नहीं है। राज्य के शहरों और गांवों में स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के विशाल कटआउट लगाए गए हैं। सड़कों और चौराहों पर दोनों टीमों के झंडे, बैनर और सजावटी तोरण द्वार नजर आ रहे हैं। विभिन्न फैन क्लबों ने सार्वजनिक स्क्रीनिंग, एलईडी स्क्रीन, रैलियों और जश्न के विशेष कार्यक्रमों की तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। पूरे राज्य में विश्व कप फाइनल को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

    सरकारी घोषणा से पहले एर्नाकुलम सहित कई जिलों के कुछ निजी और सरकारी स्कूल छात्रों तथा अभिभावकों की मांग पर पहले ही छुट्टी घोषित कर चुके थे। राज्य सरकार के फैसले के बाद पूरे केरल में एक समान व्यवस्था लागू हो गई, जिससे किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति भी समाप्त हो गई।

    फीफा विश्व कप फाइनल को लेकर केरल में दिख रहा यह उत्साह एक बार फिर साबित करता है कि यहां फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की संस्कृति, भावना और पहचान का अहम हिस्सा है। लाखों फुटबॉल प्रेमी अब देर रात होने वाले इस महामुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मैदान पर उतरते ही दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही रोहित और विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गए हैं।

    दोनों दिग्गज पिछले डेढ़ दशक से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं। कई यादगार जीत, बड़े टूर्नामेंट और ऐतिहासिक साझेदारियों के गवाह रहे रोहित और विराट की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, फिटनेस और लंबे समय तक टीम में अहम भूमिका निभाने का प्रमाण है।

    हालांकि वैश्विक स्तर पर इस सूची में अभी भी श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की जोड़ी 550 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान की जोड़ी है, जिसने 426 मुकाबले साथ खेले। तीसरे स्थान पर कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान 418 मैचों के साथ मौजूद हैं, जबकि सनथ जयसूर्या और मुथैया मुरलीधरन की जोड़ी 408 मैचों के साथ चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस और मार्क बाउचर ने 407 मुकाबले साथ खेले हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली 400 मैचों के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के ही सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की जोड़ी 391 मैचों के साथ सातवें स्थान पर है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जा रहा है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम को इस मैच में बड़ा झटका तब लगा जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में सूजन के कारण फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर सके और उन्हें अंतिम एकादश से बाहर होना पड़ा। वहीं हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वॉशिंगटन सुंदर भी उपलब्ध नहीं रहे।

    भारतीय टीम ने बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर की जगह युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह को मौका दिया, जबकि इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में साकिब महमूद की जगह जोश टंग को शामिल किया।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की 400 मैचों की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक अपने शानदार प्रदर्शन, निरंतरता और अनुभव से टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं। यह रिकॉर्ड उनकी महान क्रिकेट यात्रा का एक और स्वर्णिम पड़ाव माना जा रहा है।

  • क्रिकेट जगत ने महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को किया नमन, लॉर्ड्स वनडे से पहले रखा गया मौन

    क्रिकेट जगत ने महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को किया नमन, लॉर्ड्स वनडे से पहले रखा गया मौन


    नई दिल्ली । क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार सर गारफील्ड गैरी सोबर्स को रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों और मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों ने एक मिनट का मौन रखकर महान क्रिकेटर को अंतिम सम्मान दिया। पूरे मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे।

    89 वर्ष की आयु में शुक्रवार को सर गैरी सोबर्स के निधन से पूरे क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। वेस्टइंडीज क्रिकेट के स्वर्णिम दौर के सबसे बड़े सितारों में शामिल सोबर्स ने अपने खेल से जिस तरह दुनिया को प्रभावित किया, उसकी छाप आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में कायम है। लॉर्ड्स में दी गई यह श्रद्धांजलि उनके इसी असाधारण योगदान का सम्मान थी।

    इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने सोबर्स को याद करते हुए कहा कि वे वेस्टइंडीज क्रिकेट समुदाय के लिए एक महान प्रेरणा थे और अब तक के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। आर्चर ने बताया कि कुछ महीने पहले बारबाडोस में उनकी सोबर्स से मुलाकात हुई थी और उस दौरान भी वे बेहद उत्साही और सकारात्मक नजर आए थे। उनके निधन की खबर ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा दुख पहुंचाया।

    इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भी सर गैरी सोबर्स को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक असाधारण व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि सोबर्स केवल महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि बेहद विनम्र इंसान भी थे। उनके साथ बिताया गया हर पल सीख और प्रेरणा से भरा रहता था। बेथेल ने कहा कि जहां भी सोबर्स मौजूद रहते थे वहां का माहौल अपने आप जीवंत हो जाता था।

    28 जुलाई 1936 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में जन्मे सर गैरी सोबर्स ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बहुमुखी गेंदबाज के रूप में उन्होंने दो दशकों तक वेस्टइंडीज क्रिकेट का नेतृत्व किया। 93 टेस्ट मैचों में उन्होंने 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल रहे। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 365 रन रहा, जो लंबे समय तक विश्व रिकॉर्ड भी रहा। गेंदबाजी में उन्होंने 235 टेस्ट विकेट भी अपने नाम किए और अपने हरफनमौला प्रदर्शन से क्रिकेट इतिहास में अमिट पहचान बनाई।

    सर गैरी सोबर्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी थे। उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि 1968 में हासिल की थी। टेस्ट क्रिकेट में 8000 से अधिक रन और 200 से ज्यादा विकेट लेने वाले चुनिंदा महान ऑलराउंडरों में उनका नाम आज भी सम्मान के साथ लिया जाता है।

    लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने यह साबित कर दिया कि सर गैरी सोबर्स केवल वेस्टइंडीज ही नहीं बल्कि पूरी क्रिकेट दुनिया की अमूल्य धरोहर थे। उनका योगदान और विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

  • डंपिंग यार्ड नहीं तो कचरा कहां जाए? विदिशा में नगर पालिका और रहवासियों के बीच बढ़ा विवाद

    डंपिंग यार्ड नहीं तो कचरा कहां जाए? विदिशा में नगर पालिका और रहवासियों के बीच बढ़ा विवाद


    विदिशा । विदिशा शहर में कचरा निस्तारण की समस्या अब गंभीर संकट का रूप ले चुकी है। स्थायी डंपिंग यार्ड नहीं होने के कारण नगर पालिका के सामने रोजाना शहर से निकलने वाले कचरे के निपटान की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि जहां भी कचरा डंप करने की कोशिश की जाती है, वहां स्थानीय लोगों का विरोध शुरू हो जाता है। रविवार को भी हर्ष विहार कॉलोनी में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब रहवासियों ने कचरा लेकर पहुंचे नगर पालिका के वाहनों को रोक दिया और इलाके में कचरा डालने का विरोध किया।

    रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी के पास कचरा डंप होने से पूरे क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है। मक्खियों और मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है और बच्चे, बुजुर्ग तथा मवेशी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि घरों में भोजन करना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा एफआईआर कराने की धमकी दी जा रही है।

    दरअसल, जिला प्रशासन ने पहले सोठिया गांव के पास डंपिंग यार्ड के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते वहां कचरा डालने की व्यवस्था बंद करनी पड़ी। इसके बाद नगर पालिका ने जतरापुरा और मिर्जापुर की खंतियों का विकल्प चुना, लेकिन लगातार बारिश के कारण वहां तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। नतीजतन शहर से कचरा उठाने की व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी और कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा डंपर नगर पालिका परिसर में ही खड़े रहने लगे।

    इसके बाद नगर पालिका ने सुआखेड़ी, गेहूंखेड़ी और फिर डाबर रोड स्थित एक खंती में कचरा डालने का प्रयास किया, लेकिन हर स्थान पर ग्रामीणों और स्थानीय रहवासियों ने विरोध दर्ज कराया। इससे स्पष्ट हो गया कि शहर में कचरा निस्तारण की समस्या अब केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चिंता का विषय भी बन गई है।

    नगर पालिका का कहना है कि डाबर रोड स्थित खंती के मालिक बंटी रघुवंशी की सहमति से वहां कचरा डाला जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार खंती में कचरा डालने के बाद उसे हाइड्रा मशीन से दबाकर ऊपर मिट्टी की परत डाली जा रही है, ताकि दुर्गंध और प्रदूषण न फैले। उनका दावा है कि कचरा खुले मैदान में नहीं फेंका जा रहा, बल्कि केवल खंती को भरने का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने कचरा वाहनों को वहां तक पहुंचने नहीं दिया।

    खंती के मालिक बंटी रघुवंशी का कहना है कि बरसात के दौरान उनकी करीब एक बीघा की खंती पानी से भर जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी कारण उन्होंने खंती भरवाने की अनुमति दी है। वहीं नगर पालिका का सवाल है कि जब हर स्थान पर विरोध हो रहा है, तो शहर से रोज निकलने वाले कचरे का निस्तारण आखिर कहां किया जाए। अब यह मामला केवल सफाई व्यवस्था का नहीं, बल्कि शहर के लिए स्थायी डंपिंग यार्ड विकसित करने की तत्काल आवश्यकता का संकेत बन गया है।

    टैग:
    विदिशा, कचरा संकट, डंपिंग यार्ड, नगर पालिका, स्वच्छता, मध्य प्रदेश, हर्ष विहार, पर्यावरण

  • सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर

    सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आगामी 48 घंटे जिले के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को जिले में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश के मध्य हिस्सों में मजबूत मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिसका असर सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    जिला भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 19 जुलाई तक जिले में औसतन 14 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले कम है। पिछले साल 19 जुलाई तक जिले में 17.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बावजूद हाल के दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ने से मौसम सुहावना हुआ है और किसानों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है।

    ब्लॉकवार वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो आष्टा जिले का सबसे अधिक बारिश वाला क्षेत्र बनकर सामने आया है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद जावर में 16.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर श्यामापुर क्षेत्र सबसे पीछे रहा, जहां केवल 7.7 इंच वर्षा हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के इस अंतर के कारण खेती और जल उपलब्धता पर भी अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों से दूर रहने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

    आगामी बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त वर्षा होने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होगी। साथ ही जिले के बांधों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ेगा, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संभावित भारी बारिश को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

  • सीहोर में युवक ने आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो, 6 लाख की ठगी और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप; थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन

    सीहोर में युवक ने आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो, 6 लाख की ठगी और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप; थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन


    सीहोर । सीहोर जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में युवक मनीष पंवार की आत्महत्या के बाद मामला गरमा गया। रविवार को परिजनों ने शव को गोपालपुर थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

    परिजनों का आरोप है कि मनीष की पत्नी कथित रूप से एक अन्य युवक के साथ चली गई थी। इस संबंध में 15 जुलाई को गोपालपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इसी मानसिक तनाव के चलते मनीष ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।

    आत्महत्या से पहले मनीष द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में उसने एक व्यक्ति पर ब्लैकमेलिंग, पत्नी के साथ अवैध संबंध और उससे करीब 6 लाख रुपए लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीष ने दावा किया कि आरोपी पहले परिवार का विश्वासपात्र बनकर घर आता-जाता था और पत्नी को बहन बताकर भरोसा जीत लिया था। बाद में उसे दोनों के संबंधों की जानकारी मिली।

    वीडियो में मनीष ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी पत्नी के फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया और पत्नी का पीछा छोड़ने के नाम पर उससे लाखों रुपए वसूल लिए। उसने यह भी कहा कि आरोपी के कहने पर उसने अपना व्यवसाय छोड़कर पशुपालन शुरू किया, लेकिन इसके बावजूद उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। मनीष ने अपने परिवार के लिए न्याय और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    घटना की सूचना मिलने पर एसडीओपी रोशन जैन मौके पर पहुंचे और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर प्रदर्शन समाप्त कराया। इसके बाद परिजनों ने युवक का अंतिम संस्कार किया।

    पुलिस का कहना है कि 15 जुलाई को दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट में ब्लैकमेलिंग या अन्य गंभीर आरोपों का उल्लेख नहीं था। अब आत्महत्या के बाद सामने आए वीडियो और परिजनों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।