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  • जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी आफत, राजौरी में अचानक आई बाढ़ से 200 से अधिक वाहन बहे, बस स्टैंड और निचले इलाके जलमग्न

    जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी आफत, राजौरी में अचानक आई बाढ़ से 200 से अधिक वाहन बहे, बस स्टैंड और निचले इलाके जलमग्न

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे अधिक असर राजौरी जिले में देखने को मिला, जहां अचानक आई बाढ़ और तेज बहाव ने भारी तबाही मचा दी। लगातार वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया और बड़ी संख्या में लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के प्रयास जारी हैं।

    राजौरी जिले में धरहाल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया। तेज बहाव की चपेट में आकर 200 से अधिक वाहन बह गए या मलबे में दब गए। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ और मलबे से भर गईं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई वाहन एक-दूसरे के ऊपर फंस गए, जबकि कुछ पूरी तरह पानी में समा गए। इससे स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

    भारी बारिश के कारण शहर का प्रमुख बस स्टैंड भी बाढ़ की चपेट में आ गया। पूरे परिसर में पानी और मलबा भर जाने से उसकी पहचान तक मुश्किल हो गई। बस स्टैंड के आसपास का निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी पानी घुस गया, जिसके कारण सामान खराब हो गया और व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ा।

    रिहायशी इलाकों में भी बाढ़ का असर स्पष्ट दिखाई दिया। कई घरों में पानी भर जाने से घरेलू सामान, फर्नीचर और जरूरी वस्तुएं खराब हो गईं। कुछ मकानों को संरचनात्मक क्षति पहुंची, जबकि दो मकान पूरी तरह ढह गए। लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा और कई परिवारों ने ऊंचे इलाकों में अस्थायी रूप से शरण ली। जलभराव और मलबे के कारण सामान्य गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो गईं।

    लगातार बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। नदियों और नालों के उफान पर होने से कई मार्गों पर आवाजाही मुश्किल हो गई। प्रशासनिक टीमें प्रभावित इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं और जहां आवश्यकता है वहां राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर जलनिकासी और मलबा हटाने का कार्य भी शुरू किया गया है ताकि सामान्य स्थिति जल्द बहाल की जा सके।

    मौसम विभाग ने क्षेत्र में अगले 48 घंटे तक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर लोगों को नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। आपदा की इस स्थिति ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के दौरान सतर्कता, मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था और समय पर राहत कार्यों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

  • कर्नाटक में फीफा वर्ल्ड कप फाइनल का उत्साह, CM डी.के. शिवकुमार भी करेंगे लाइव स्क्रीनिंग में शिरकत

    कर्नाटक में फीफा वर्ल्ड कप फाइनल का उत्साह, CM डी.के. शिवकुमार भी करेंगे लाइव स्क्रीनिंग में शिरकत

     
    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर कर्नाटक में फुटबॉल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार ने बेंगलुरु में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले की सार्वजनिक लाइव स्क्रीनिंग को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी इस आयोजन में शामिल होकर फुटबॉल प्रेमियों के साथ मैच का रोमांच साझा करेंगे।

    कर्नाटक राज्य फुटबॉल संघ ने बताया कि युवा सशक्तिकरण एवं खेल विभाग के सहयोग से कोरमंगला स्थित एनजीवी इनडोर स्टेडियम में सोमवार तड़के 12:30 बजे से लाइव स्क्रीनिंग का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसक, खिलाड़ी, खेल अधिकारी, गणमान्य नागरिक और आम लोग मौजूद रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि युवाओं और फुटबॉल प्रेमियों की लगातार मांग को देखते हुए सरकार ने सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति दी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मैच का आनंद पूरी शालीनता और जिम्मेदारी के साथ लें। किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी। उन्होंने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, इसलिए किसी भी परिणाम के बाद संयम बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

    सरकार की ओर से बेंगलुरु पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। विश्व कप फाइनल को देखते हुए शहर के कई रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स को देर रात 3:30 बजे तक भोजन सेवा जारी रखने की अनुमति दी गई है, ताकि मैच देखने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    इस बार का विश्व कप फाइनल बेहद रोमांचक माना जा रहा है। गत चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फाइनल खेल रही है और अपने चौथे विश्व कप खिताब की तलाश में है। वहीं 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन 16 साल बाद फाइनल में पहुंची है और दूसरी बार ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नजर एक बार फिर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन की युवा टीम के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी।

    कर्नाटक सरकार की पहल से यह साफ है कि राज्य में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सार्वजनिक स्क्रीनिंग के जरिए हजारों प्रशंसक एक साथ विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले का रोमांच महसूस कर सकेंगे।

  • राम मंदिर दान विवाद के बीच शिंदे-उद्धव में बढ़ी सियासी तल्खी, हिंदुत्व की विरासत और ‘राम रक्षा’ अभियान पर छिड़ा नया संग्राम

    राम मंदिर दान विवाद के बीच शिंदे-उद्धव में बढ़ी सियासी तल्खी, हिंदुत्व की विरासत और ‘राम रक्षा’ अभियान पर छिड़ा नया संग्राम

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदुत्व और राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी राजनीति अब सिद्धांतों के बजाय राजनीतिक सुविधा पर आधारित हो गई है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने पहले हिंदुत्व की विचारधारा से दूरी बना ली थी, वे अब राजनीतिक परिस्थितियों के बदलने पर भगवान राम का नाम लेकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

    एकनाथ शिंदे ने कहा कि हिंदुत्व किसी अवसर के अनुसार अपनाई या छोड़ी जाने वाली विचारधारा नहीं है। उनके अनुसार यह एक स्थायी आस्था और जीवन मूल्यों से जुड़ा विषय है, जिसे राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदला नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने अपनी मूल विचारधारा से समझौता किया और अब जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता बनाए रखने के लिए राम और हिंदुत्व का सहारा लिया जा रहा है।

    राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। इसी विषय को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने राज्यभर में ‘राम रक्षा आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    इसी घटनाक्रम के बीच नागपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उद्धव ठाकरे ने भी राज्य सरकार और अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने हिंदुत्व और भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए।

    उद्धव ठाकरे की टिप्पणियों का जवाब देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि जब राजनीतिक आधार कमजोर पड़ने लगा तो भगवान राम का नाम लिया जाने लगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जब भगवा लगा घटने तब राम का नाम लगे रटने।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति भगवान राम के आदर्शों से दूर है, वह जनता के विश्वास पर भी खरा नहीं उतर सकता। उनके इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में हिंदुत्व, राम मंदिर और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे राज्य की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। विभिन्न दल इन विषयों पर अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत जनता के बीच संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में बयानबाजी और वैचारिक टकराव का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।

    महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह विवाद केवल नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिंदुत्व की विरासत, राजनीतिक पहचान और जनसमर्थन की प्रतिस्पर्धा का भी प्रतीक बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की रणनीति और जनता की प्रतिक्रिया राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती

    सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में शुरू हो गया है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और ऐसे में तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिखाई दे रही है और पहले बड़ा स्कोर बनाकर टीम दबाव बनाने की कोशिश करेगी।

    टॉस के दौरान हैरी ब्रूक ने बताया कि इंग्लैंड की टीम में एक बदलाव किया गया है। साकिब महमूद की जगह तेज गेंदबाज जोश टंग की टीम में वापसी हुई है। इंग्लैंड की कोशिश होगी कि घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम की जाए।

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि यदि टॉस उनके पक्ष में आता तो वह भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करते। उन्होंने बताया कि टीम को बड़ा झटका लगा है क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण इस अहम मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह टीम में अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया है जबकि केएल राहुल और प्रिंस यादव भी अंतिम एकादश में शामिल किए गए हैं।

    बुमराह की अनुपस्थिति भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। डेथ ओवरों में उनकी सटीक गेंदबाजी और शुरुआती सफलता दिलाने की क्षमता टीम के लिए बेहद अहम रही है। अब अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य युवा गेंदबाजों पर इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने की जिम्मेदारी होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो अनुभवी रोहित शर्मा और विराट कोहली पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। रोहित शर्मा पिछले दोनों मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं जबकि विराट कोहली से भी निर्णायक मुकाबले में अहम योगदान की उम्मीद रहेगी। कप्तान शुभमन गिल और मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर तथा ईशान किशन की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होगी।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की बल्लेबाजी में जो रूट सबसे बड़े खतरे के रूप में मौजूद हैं। उन्होंने पिछले दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और दूसरे वनडे में नाबाद 99 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। इसके अलावा कप्तान हैरी ब्रूक जोस बटलर और बेन डकेट भी इंग्लैंड की बल्लेबाजी को मजबूती देते हैं।

    अब सभी की नजरें इस निर्णायक मुकाबले पर हैं जहां जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम करेगी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा रही है।

  • बालासोर में जन्मदिन की खुशी मातम में बदली, पत्नी से मिलने आए युवक की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल, हत्या के आरोपों की जांच तेज

    बालासोर में जन्मदिन की खुशी मातम में बदली, पत्नी से मिलने आए युवक की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल, हत्या के आरोपों की जांच तेज

    नई दिल्ली । ओडिशा के बालासोर जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्नी का जन्मदिन मनाने और उसे सरप्राइज देने के उद्देश्य से घर पहुंचे युवक का कुछ ही समय बाद शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    मृतक मूल रूप से ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार वह विशेष रूप से अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए बालासोर स्थित घर पहुंचा था। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि यह मुलाकात खुशी का अवसर बनेगी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसके संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलने की सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

    घटना के बाद मृतक के भाई ने पुलिस को दी गई शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें फोन पर बताया गया कि उनके भाई ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन परिस्थितियां इस दावे से मेल नहीं खातीं। परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी ने मिलकर की है। परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की है।

    पुलिस अधिकारियों ने परिजनों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिस्थितियों और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर किसी भी संभावना को नकारा नहीं गया है। इसलिए आत्महत्या, हत्या या अन्य किसी कारण से हुई मौत की आशंका को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    जांच के दौरान पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल की परिस्थितियों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि मामले की वास्तविक तस्वीर तभी सामने आएगी जब सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण पूरा हो जाएगा। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही संभव होगी। इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।

  • मेसी या यामल किसके सिर सजेगा ताज फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फैंस की भविष्यवाणियों ने बढ़ाया रोमांच

    मेसी या यामल किसके सिर सजेगा ताज फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फैंस की भविष्यवाणियों ने बढ़ाया रोमांच


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर दुनिया भर के साथ भारत में भी फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले से पहले प्रशंसक अपनी अपनी पसंदीदा टीम की जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं। किसी को लियोनेल मेसी के अनुभव और जादुई खेल पर भरोसा है तो कोई स्पेन की युवा टीम और मजबूत डिफेंस को ट्रॉफी का सबसे बड़ा दावेदार मान रहा है।

    देश के अलग अलग राज्यों से फुटबॉल प्रेमियों ने फाइनल को लेकर अपनी राय साझा की है। केरल के मलप्पुरम के एक प्रशंसक का मानना है कि स्पेन शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर विश्व चैंपियन बनेगा। उनका कहना है कि स्पेन की टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलित और आक्रामक फुटबॉल खेलती नजर आई है और फाइनल में भी वही लय बरकरार रहेगी।

    वहीं कई प्रशंसकों को भरोसा है कि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचेगा। उनका मानना है कि लियोनेल मेसी बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं और फाइनल में एक बार फिर अपने अनुभव और शानदार खेल से टीम को जीत दिला सकते हैं। कुछ फैंस का कहना है कि यदि यह मेसी का आखिरी विश्व कप है तो वह इसे यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

    राजस्थान के कोटा के एक युवा प्रशंसक ने स्पेन की युवा ब्रिगेड की तारीफ करते हुए कहा कि टीम का डिफेंस बेहद मजबूत है और युवा स्टार लामिन यामल फाइनल में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वहीं कुछ अन्य प्रशंसकों का मानना है कि स्पेन की तेज रफ्तार और अनुशासित फुटबॉल अनुभवी अर्जेंटीना पर भारी पड़ सकती है।

    दूसरी ओर गुजरात के राजकोट की फुटबॉल प्रशंसक दिशा ने अर्जेंटीना की जीत की भविष्यवाणी की है। वहीं कुंजल नाम के एक अन्य प्रशंसक ने कहा कि अर्जेंटीना की जीत की संभावना लगभग 60 प्रतिशत है जबकि स्पेन के जीतने के 40 प्रतिशत अवसर हैं। उनका मानना है कि अर्जेंटीना ने पूरे टूर्नामेंट में कठिन परिस्थितियों से उबरकर कई शानदार जीत दर्ज की हैं और टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है।

    कुछ फुटबॉल प्रेमियों का यह भी कहना है कि स्पेन के युवा खिलाड़ी इस बार बड़ा उलटफेर कर सकते हैं और विश्व फुटबॉल में नए युग की शुरुआत कर सकते हैं। वहीं अर्जेंटीना समर्थकों का विश्वास है कि मेसी की कप्तानी में टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने में सफल रहेगी।

    अब सभी की निगाहें इस महामुकाबले पर टिकी हैं जहां एक ओर स्पेन 16 साल बाद विश्व कप ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगा तो दूसरी ओर अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के इरादे से मैदान में उतरेगा। आखिरकार ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी इसका फैसला मैदान पर दोनों टीमों के प्रदर्शन से होगा।

  • परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस ने किया रुख स्पष्ट, जयराम रमेश बोले- समर्थन की खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक

    परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस ने किया रुख स्पष्ट, जयराम रमेश बोले- समर्थन की खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक

    नई दिल्ली । संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। आगामी सत्र में इस विधेयक को पेश किए जाने की संभावनाओं के बीच कांग्रेस ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उन दावों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि सर्वदलीय बैठक के दौरान कांग्रेस ने परिसीमन विधेयक के पक्ष में अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने ऐसे सभी दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।

    जयराम रमेश ने कहा कि कुछ माध्यमों में कांग्रेस के रुख को लेकर गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है। उनके अनुसार पार्टी ने न तो सर्वदलीय बैठक में इस विधेयक का समर्थन किया और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का आधिकारिक रुख वही है जो पार्टी की ओर से सार्वजनिक रूप से रखा गया है और किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद परिसीमन विधेयक को लेकर विपक्ष की रणनीति पर चल रही अटकलों को नया मोड़ मिल गया है।

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केंद्र सरकार मॉनसून सत्र के दौरान महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों के साथ लोकसभा और विधानसभा सीटों के पुनर्गठन के उद्देश्य से परिसीमन विधेयक को फिर से सदन में ला सकती है। माना जा रहा है कि इस बार सभी राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधित प्रस्ताव भी शामिल किया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    संविधान संशोधन से जुड़े ऐसे किसी भी विधेयक को पारित कराने के लिए संसद में विशेष बहुमत आवश्यक होता है। वर्तमान लोकसभा की कुल 543 सीटों में कुछ स्थान रिक्त होने के बावजूद विधेयक को पारित कराने के लिए लगभग 360 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता मानी जा रही है। इसी कारण सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

    संसद के भीतर बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी इस विषय को और महत्वपूर्ण बना दिया है। विभिन्न दलों के सांसदों के समर्थन, संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण और गठबंधनों में बदलाव की चर्चाओं के बीच यह आकलन लगाया जा रहा है कि यदि कुछ क्षेत्रीय दल सरकार के साथ आते हैं तो सत्ता पक्ष का संख्याबल पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर विपक्षी दल भी साझा रणनीति बनाकर इस मुद्दे पर एकजुट रहने का प्रयास कर रहे हैं।

    परिसीमन का विषय लंबे समय से राजनीतिक और संवैधानिक बहस का केंद्र रहा है क्योंकि इसका सीधा संबंध संसदीय प्रतिनिधित्व, राज्यों के बीच सीटों के वितरण और लोकतांत्रिक संतुलन से जुड़ा माना जाता है। यही कारण है कि इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय सामने आती रही है। मॉनसून सत्र के दौरान यदि सरकार यह विधेयक पेश करती है तो संसद में इस पर व्यापक चर्चा और तीखी राजनीतिक बहस होने की संभावना है। फिलहाल कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए यह संकेत दे दिया है कि परिसीमन विधेयक पर विपक्ष की रणनीति को लेकर फैल रही अटकलों को सही नहीं माना जाना चाहिए। आने वाले दिनों में सरकार की आधिकारिक घोषणा और संसद में होने वाली कार्यवाही के बाद ही इस महत्वपूर्ण विधेयक की दिशा और राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

  • बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा

    बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले से पहले कर्नाटक सरकार ने फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ी राहत देते हुए सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में फुटबॉल प्रेमी बड़े पर्दे पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्क्रीनिंग की मंजूरी की घोषणा करते हुए सभी प्रशंसकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

    मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं और खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें लगातार संदेश और अनुरोध मिल रहे थे। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने विश्व कप फाइनल की सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग इस ऐतिहासिक मुकाबले का उत्साहपूर्वक आनंद लें लेकिन कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

    डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सभी प्रशंसक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और किसी भी स्थिति में शांति भंग न होने दें। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जीत और हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और कर्नाटक अपनी शांतिप्रिय संस्कृति के लिए जाने जाते हैं और फुटबॉल प्रेमियों को भी उसी पहचान को कायम रखना चाहिए। उन्होंने सभी युवाओं खेल प्रेमियों और फुटबॉल प्रशंसकों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ मैच का आनंद लें और खेल को उत्सव की तरह मनाएं।

    विश्व कप फाइनल को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। पुलिस प्रशासन ने शहर के रेस्तरां और फूड आउटलेट्स को रात देर तक भोजन सेवा जारी रखने की अनुमति दी है ताकि मैच देखने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके तहत कई प्रतिष्ठानों को सुबह साढ़े तीन बजे तक फूड सर्विस जारी रखने की अनुमति दी गई है।

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के बीच सोमवार तड़के भारतीय समयानुसार रात 12 बजकर 30 मिनट पर खेला जाएगा। स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है जबकि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। पूरी दुनिया की नजर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन की युवा टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई है।

  • सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम

    सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम


    नई दिल्ली । भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। टोक्यो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की चार बार की चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17 और 21-17 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई हैं।

    यह जीत सिंधु के करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। साथ ही सुपर 750 या उससे ऊपर के स्तर का खिताब जीतने का उनका सात वर्षों का लंबा इंतजार भी समाप्त हो गया।

    फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने शुरुआती अंक तेजी से जुटाकर बढ़त बनाई। हालांकि अकाने यामागुची ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे और रोमांचक रैलियों का दौर चलता रहा। पहले गेम में एक समय स्कोर 17-17 से बराबर था लेकिन सिंधु ने दबाव में बेहतरीन संयम दिखाते हुए लगातार चार अंक हासिल किए और पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे गेम में भी भारतीय स्टार ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत में ही मजबूत बढ़त बना ली और लगातार आक्रामक स्मैश तथा सटीक शॉट्स से यामागुची पर दबाव बनाए रखा। जापानी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 18-17 तक पहुंचाया लेकिन सिंधु ने अनुभव का शानदार परिचय दिया और लगातार तीन अंक जीतकर मुकाबला समाप्त कर दिया। 21-17 से दूसरा गेम जीतते ही सिंधु ने खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    पूरे टूर्नामेंट में सिंधु का प्रदर्शन शानदार रहा। प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यू को हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के चोटिल होकर हटने से उन्हें राहत जरूर मिली लेकिन फाइनल में उन्होंने अपने दमदार खेल से साबित कर दिया कि वह फिर से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट चुकी हैं।

    यह खिताबी जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय बाद सिंधु ने बड़े मंच पर खिताब जीतकर यह संदेश दिया है कि वह आने वाले विश्व स्तरीय टूर्नामेंटों में भी मजबूत दावेदार रहेंगी। उनकी इस सफलता से भारतीय बैडमिंटन को नई ऊर्जा मिली है और युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह बड़ी प्रेरणा साबित होगी।

  • बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास

    बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के खिलाफ गोल करते ही बेलिंगहम विश्व कप के एक ही संस्करण में इंग्लैंड की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इंग्लिश फुटबॉल के दो दिग्गज खिलाड़ियों हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    फ्रांस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में इंग्लैंड का छठा गोल दागकर टीम की 6-4 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी। यह उनके लिए केवल जीत का गोल नहीं था बल्कि इतिहास रचने वाला सातवां गोल भी साबित हुआ। इसी के साथ उन्होंने विश्व कप के एक संस्करण में इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक गोल करने का नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड हैरी केन और गैरी लाइनकर के नाम संयुक्त रूप से दर्ज था। हैरी केन ने 2018 और 2026 विश्व कप में छह छह गोल किए थे जबकि गैरी लाइनकर ने 1986 विश्व कप में छह गोल दागे थे। बेलिंगहम ने सात गोल कर दोनों महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

    फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने दूसरा गोल किया। पहले हाफ में बुकायो साका ने दो गोल दागकर इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

    हालांकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल किए जबकि ब्रैडली बारकोला ने भी एक गोल दागकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। स्कोर 4-3 तक पहुंच गया लेकिन 87वें मिनट में साका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर इंग्लैंड की बढ़त फिर मजबूत कर दी। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित कर दी।

    इंग्लैंड ने यह मुकाबला 6-4 से जीतकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। बेलिंगहम की रिकॉर्डतोड़ उपलब्धि ने इस जीत को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।