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  • बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा

    बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले से पहले कर्नाटक सरकार ने फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ी राहत देते हुए सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में फुटबॉल प्रेमी बड़े पर्दे पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्क्रीनिंग की मंजूरी की घोषणा करते हुए सभी प्रशंसकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

    मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं और खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें लगातार संदेश और अनुरोध मिल रहे थे। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने विश्व कप फाइनल की सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग इस ऐतिहासिक मुकाबले का उत्साहपूर्वक आनंद लें लेकिन कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

    डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सभी प्रशंसक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और किसी भी स्थिति में शांति भंग न होने दें। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जीत और हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और कर्नाटक अपनी शांतिप्रिय संस्कृति के लिए जाने जाते हैं और फुटबॉल प्रेमियों को भी उसी पहचान को कायम रखना चाहिए। उन्होंने सभी युवाओं खेल प्रेमियों और फुटबॉल प्रशंसकों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ मैच का आनंद लें और खेल को उत्सव की तरह मनाएं।

    विश्व कप फाइनल को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। पुलिस प्रशासन ने शहर के रेस्तरां और फूड आउटलेट्स को रात देर तक भोजन सेवा जारी रखने की अनुमति दी है ताकि मैच देखने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके तहत कई प्रतिष्ठानों को सुबह साढ़े तीन बजे तक फूड सर्विस जारी रखने की अनुमति दी गई है।

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के बीच सोमवार तड़के भारतीय समयानुसार रात 12 बजकर 30 मिनट पर खेला जाएगा। स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है जबकि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। पूरी दुनिया की नजर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन की युवा टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई है।

  • सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम

    सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम


    नई दिल्ली । भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। टोक्यो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की चार बार की चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17 और 21-17 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई हैं।

    यह जीत सिंधु के करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। साथ ही सुपर 750 या उससे ऊपर के स्तर का खिताब जीतने का उनका सात वर्षों का लंबा इंतजार भी समाप्त हो गया।

    फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने शुरुआती अंक तेजी से जुटाकर बढ़त बनाई। हालांकि अकाने यामागुची ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे और रोमांचक रैलियों का दौर चलता रहा। पहले गेम में एक समय स्कोर 17-17 से बराबर था लेकिन सिंधु ने दबाव में बेहतरीन संयम दिखाते हुए लगातार चार अंक हासिल किए और पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे गेम में भी भारतीय स्टार ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत में ही मजबूत बढ़त बना ली और लगातार आक्रामक स्मैश तथा सटीक शॉट्स से यामागुची पर दबाव बनाए रखा। जापानी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 18-17 तक पहुंचाया लेकिन सिंधु ने अनुभव का शानदार परिचय दिया और लगातार तीन अंक जीतकर मुकाबला समाप्त कर दिया। 21-17 से दूसरा गेम जीतते ही सिंधु ने खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    पूरे टूर्नामेंट में सिंधु का प्रदर्शन शानदार रहा। प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यू को हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के चोटिल होकर हटने से उन्हें राहत जरूर मिली लेकिन फाइनल में उन्होंने अपने दमदार खेल से साबित कर दिया कि वह फिर से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट चुकी हैं।

    यह खिताबी जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय बाद सिंधु ने बड़े मंच पर खिताब जीतकर यह संदेश दिया है कि वह आने वाले विश्व स्तरीय टूर्नामेंटों में भी मजबूत दावेदार रहेंगी। उनकी इस सफलता से भारतीय बैडमिंटन को नई ऊर्जा मिली है और युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह बड़ी प्रेरणा साबित होगी।

  • बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास

    बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के खिलाफ गोल करते ही बेलिंगहम विश्व कप के एक ही संस्करण में इंग्लैंड की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इंग्लिश फुटबॉल के दो दिग्गज खिलाड़ियों हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    फ्रांस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में इंग्लैंड का छठा गोल दागकर टीम की 6-4 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी। यह उनके लिए केवल जीत का गोल नहीं था बल्कि इतिहास रचने वाला सातवां गोल भी साबित हुआ। इसी के साथ उन्होंने विश्व कप के एक संस्करण में इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक गोल करने का नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड हैरी केन और गैरी लाइनकर के नाम संयुक्त रूप से दर्ज था। हैरी केन ने 2018 और 2026 विश्व कप में छह छह गोल किए थे जबकि गैरी लाइनकर ने 1986 विश्व कप में छह गोल दागे थे। बेलिंगहम ने सात गोल कर दोनों महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

    फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने दूसरा गोल किया। पहले हाफ में बुकायो साका ने दो गोल दागकर इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

    हालांकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल किए जबकि ब्रैडली बारकोला ने भी एक गोल दागकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। स्कोर 4-3 तक पहुंच गया लेकिन 87वें मिनट में साका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर इंग्लैंड की बढ़त फिर मजबूत कर दी। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित कर दी।

    इंग्लैंड ने यह मुकाबला 6-4 से जीतकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। बेलिंगहम की रिकॉर्डतोड़ उपलब्धि ने इस जीत को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।

  • फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया

    फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला गोलों की बारिश और रोमांच से भरपूर रहा। पूरे मैच में कुल 10 गोल हुए जो विश्व कप इतिहास में लंबे समय बाद देखने को मिला। वर्ष 1982 के बाद यह पहला अवसर है जब विश्व कप के किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल किए।

    इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार लंबी दूरी के शॉट से गोल कर इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने कॉर्नर किक पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया।

    पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। बुकायो साका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 4-0 तक पहुंचा दी। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नियंत्रण में है।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कोच द्वारा किए गए बदलावों का असर तुरंत देखने को मिला। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस का खाता खोला। इसके बाद 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर अंतर घटाकर 4-2 कर दिया। कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया।

    फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड ने धैर्य बनाए रखा। मैच के 87वें मिनट में मिले पेनल्टी अवसर को बुकायो साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। हालांकि इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं और स्कोर 5-4 हो गया।

    लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के साथ ही इंग्लैंड ने 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया और विश्व कप में तीसरे स्थान के साथ अभियान का शानदार समापन किया।

    यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास मानी जा रही है। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में टीम का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस जीत ने इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम को मजबूत संदेश दिया है।

  • इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात

    इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात


    इंदौर । इंदौर में पुश्तैनी मकान के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के बीच संपत्ति विवाद इतना बढ़ गया कि महिला और उसके परिजनों पर दो अलग अलग स्थानों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही समय बाद आरोपी दोबारा उसके पुश्तैनी घर पहुंचे और लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े तक फट गए। बीच बचाव करने आए उसके भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं।

    पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि उसके चाचा के निधन के बाद नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया था। शनिवार दोपहर इसी विवाद के चलते हीरा नगर क्षेत्र में महिला और उसकी मां के साथ कथित रूप से मारपीट की गई जिसमें दोनों घायल हो गईं। घटना के बाद महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जबकि उसकी मां उपचार और चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल चली गई।

    पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के कुछ ही समय बाद आरोपी अपने कई साथियों के साथ नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान पहुंच गए। वहां उन्होंने दोबारा विवाद शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर महिला अपने भाई के साथ घर पहुंची तो आरोपियों ने कथित रूप से लाठी डंडों से हमला कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फट गए जबकि उसके भाई के हाथ में गंभीर चोट आई।

    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब इन फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

    एमआईजी थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना आवश्यक है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

    इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच


    इंदौर । इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक कारोबारी का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कमल कुमावत के रूप में हुई है जो अलमारी बनाने का कारखाना संचालित करते थे। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। कमरे में बिखरा सामान और शव के पास खून से सना चाकू मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार घटना का पता उस समय चला जब रविवार सुबह कमल कुमावत काफी देर तक अपने कमरे से नीचे नहीं आए। इस पर उनके भाई शेखर उन्हें देखने पहली मंजिल पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खोलते ही उन्होंने अंदर खून फैला हुआ देखा और कमल कुमावत का शव जमीन पर पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख पुकार मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में कमरे का सामान अस्त व्यस्त मिला जिससे संघर्ष होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि वारदात से पहले मृतक और किसी व्यक्ति के बीच झड़प हुई हो सकती है।

    जांच के दौरान शव के पास खून से सना एक चाकू भी बरामद हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यही हथियार वारदात में इस्तेमाल किया गया या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण और चोटों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।

    परिजनों ने बताया कि कमल कुमावत लंबे समय से अलमारी बनाने का कारखाना चला रहे थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। उनके दो बच्चे घटना के समय गांव गए हुए थे। परिवार में उनके तीन भाई भी हैं। पुलिस परिवार के सदस्यों रिश्तेदारों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि किसी संभावित रंजिश या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके।

    इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट पोस्टमार्टम और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सुनियोजित हत्या थी या घटना के पीछे कोई अन्य वजह है।

  • तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी

    तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी


    इंदौर । इंदौर में तेज रफ्तार का एक और मामला सामने आया है जहां रविवार तड़के एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी चाय की गुमटी में जा घुसी। हादसे के बाद चालक ने कार को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन रिवर्स लेते समय वहां खड़ी दो बाइकों को भी टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई और लोगों ने चालक को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह कार लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    यह हादसा लसूडिया थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर 78 स्थित टेलीपरफॉर्मेंस कार्यालय के बाहर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार से आ रही एक अर्टिगा कार अचानक असंतुलित हो गई और सीधे सड़क किनारे स्थित चाय की गुमटी में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि गुमटी को नुकसान पहुंचा और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि चालक नशे की हालत में था। हादसे के बाद उसने कार को रिवर्स कर निकालने की कोशिश की लेकिन इस दौरान पास में खड़ी दो मोटरसाइकिलें उसकी चपेट में आ गईं। इतना ही नहीं कार सड़क किनारे खड़े लोगों की ओर भी बढ़ गई जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने और पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह तेजी से कार लेकर वहां से भाग निकला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज की मदद से कार के पंजीकरण नंबर और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुर्घटना के कारण हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाती है। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की है ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • विश्व कप फाइनल से पहले बदला गोल्डन बूट का गणित, मेसी को खिताब के लिए करना होगा बड़ा कमाल

    विश्व कप फाइनल से पहले बदला गोल्डन बूट का गणित, मेसी को खिताब के लिए करना होगा बड़ा कमाल


    नई दिल्ली ।
    फीफा विश्व कप 2026 अपने अंतिम और सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच चुका है। रविवार को अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेले जाने वाले फाइनल मुकाबले से पहले गोल्डन बूट की दौड़ ने फुटबॉल प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने तीसरे स्थान के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्डन बूट की रेस में बढ़त हासिल कर ली है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लियोनेल मेसी फाइनल में इतिहास रचते हुए इस प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कार पर कब्जा जमा पाएंगे।

    तीसरे स्थान के मुकाबले में एम्बाप्पे ने इंग्लैंड के खिलाफ दो गोल दागकर टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या 10 तक पहुंचा दी। हालांकि फ्रांस को हार का सामना करना पड़ा और टीम का अभियान समाप्त हो गया, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के दम पर एम्बाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे निकल गए। दूसरी ओर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी अब तक 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। एम्बाप्पे के खाते में भी 4 असिस्ट दर्ज हैं, जिससे फाइनल से पहले उनकी स्थिति और मजबूत हो गई है।

    एम्बाप्पे ने इस विश्व कप में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपने कुल विश्व कप गोलों की संख्या 22 तक पहुंचा दी। महज 22 विश्व कप मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल करना उनके शानदार प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है। इसके साथ ही वह विश्व कप इतिहास में बिना पेनल्टी के सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों में भी शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं। एक ही विश्व कप संस्करण में 10 गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी उन्होंने अपना नाम दर्ज करा लिया है।

    अब अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला फाइनल मुकाबला मेसी के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार केवल गोलों की बराबरी करना उनके लिए पर्याप्त नहीं होगा। गोल्डन बूट के नियमों में पहले गोल, फिर असिस्ट और उसके बाद मैदान पर बिताए गए कुल मिनटों को देखा जाता है। ऐसे में यदि मेसी फाइनल में केवल दो गोल कर 10 गोल तक पहुंचते हैं और अन्य आंकड़े बराबर रहते हैं, तब भी उन्हें बढ़त मिलना आसान नहीं होगा। इसलिए उन्हें स्पष्ट अंतर के साथ आगे निकलने वाला प्रदर्शन करना होगा।

    गणितीय समीकरणों के अनुसार मेसी को गोल्डन बूट जीतने के लिए फाइनल में असाधारण प्रदर्शन करना होगा। उनके सामने सबसे मजबूत संभावना है कि वह कम से कम तीन गोल दागें या फिर दो गोल के साथ एक या उससे अधिक असिस्ट दर्ज करें, जिससे वह गोल और योगदान दोनों में एम्बाप्पे से आगे निकल सकें। मेसी अपने करियर में कई व्यक्तिगत और टीम सम्मान जीत चुके हैं, लेकिन विश्व कप गोल्डन बूट अब भी उनकी उपलब्धियों की सूची में शामिल नहीं है। ऐसे में स्पेन के खिलाफ होने वाला फाइनल केवल विश्व चैंपियन बनने की लड़ाई नहीं, बल्कि मेसी के लिए अपने करियर की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने का भी सुनहरा अवसर होगा।

  • पत्नी की हत्या के बाद फरार आरोपी पति की संदिग्ध मौत गंजबासौदा रेलवे ट्रैक पर मिला धड़ सिर की तलाश जारी

    पत्नी की हत्या के बाद फरार आरोपी पति की संदिग्ध मौत गंजबासौदा रेलवे ट्रैक पर मिला धड़ सिर की तलाश जारी


    इंदौर । इंदौर में चर्चित पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पत्नी की हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अखिलेश सैनी का संदिग्ध परिस्थितियों में गंजबासौदा के पास रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना है। शव धड़ के रूप में मिला है जबकि सिर गायब है। पुलिस ने शव की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक तौर पर उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में होने की बात कही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों द्वारा पहचान की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार गंजबासौदा और पवई के बीच रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़े होने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान रेलवे पटरी पर केवल धड़ मिला जबकि सिर घटनास्थल पर नहीं था। पुलिस ने आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया लेकिन सिर बरामद नहीं हो सका। शव की जेब से आधार कार्ड सहित कुछ दस्तावेज और एक कथित सुसाइड नोट मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस नोट की सत्यता और उसके विषय की भी जांच कर रही है।

    इधर सूचना मिलने के बाद इंदौर पुलिस की टीम और अखिलेश के परिजन गंजबासौदा के लिए रवाना हो गए हैं ताकि शव की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के बाद फरार रहने के दौरान अखिलेश पिछले कई दिनों तक कहां रहा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    गौरतलब है कि 11 जुलाई को इंदौर स्थित सरकारी आवास में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब उनके दोनों बच्चे स्कूल से लौटे और घर के भीतर मां को खून से लथपथ पड़ा पाया। घटना के बाद से ही पति अखिलेश सैनी फरार था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। उस पर घोषित इनाम भी बढ़ाकर बीस हजार रुपए कर दिया गया था।

    जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार बेटी ने पुलिस को बताया था कि पिता लंबे समय से मां पर बेबुनियाद शक करते थे और पहले भी कई बार उनके साथ मारपीट कर चुके थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने कपड़े बदले और बच्चों के स्कूल जाकर उन्हें दूसरी जगह भेजने की कोशिश की थी। आरोप है कि वारदात के समय घर में टीवी की आवाज बहुत तेज कर दी गई थी ताकि शोर बाहर न जा सके।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उर्मिला सैनी की हत्या को बेहद क्रूर बताया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या में विशेष प्रकार के धारदार हथियार का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में कई तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए थे तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही थी।

    अब आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद यह मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस आत्महत्या हत्या या किसी अन्य संभावना सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही अखिलेश की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • टीएमसी के बागी नेताओं को अभिषेक बनर्जी का बड़ा ऑफर, नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को दी खुली चुनौती

    टीएमसी के बागी नेताओं को अभिषेक बनर्जी का बड़ा ऑफर, नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को दी खुली चुनौती


    नई दिल्ली ।
    पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बागी नेताओं को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी छोड़ चुके या असंतुष्ट नेता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए दोबारा संगठन में लौटते हैं, तो वह एक घंटे के भीतर अपने संगठनात्मक पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और पार्टी के अंदर चल रहे मतभेद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।

    अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनके लिए किसी पद से अधिक महत्वपूर्ण पार्टी और ममता बनर्जी का नेतृत्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि असंतुष्ट नेताओं की आपत्ति केवल उनसे है और वे ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करने के इच्छुक हैं, तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की एकजुटता सर्वोच्च प्राथमिकता है और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा कभी भी संगठन से बड़ी नहीं हो सकती।

    पिछले कुछ समय से टीएमसी के भीतर संगठनात्मक फैसलों, नेतृत्व शैली और राजनीतिक रणनीति को लेकर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से भी अपनी नाराजगी जाहिर की है, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चा तेज हुई। ऐसे माहौल में अभिषेक बनर्जी का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके जरिए उन्होंने असंतुष्ट नेताओं के सामने स्पष्ट विकल्प रखते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि यदि उनका विश्वास ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, तो संगठन में लौटने का रास्ता खुला है।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान केवल बागी नेताओं के लिए चुनौती नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि टीएमसी का शीर्ष नेतृत्व संगठन में अनुशासन और एकजुटता बनाए रखना चाहता है। साथ ही यह भी संकेत देने की कोशिश की गई है कि नेतृत्व को लेकर किसी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं है और अंतिम निर्णय ममता बनर्जी के नेतृत्व में ही होगा।

    टीएमसी के भीतर वरिष्ठ नेताओं और युवा नेतृत्व के बीच समय-समय पर मतभेदों की चर्चा होती रही है। कई राजनीतिक विश्लेषक मौजूदा घटनाक्रम को इसी आंतरिक खींचतान का हिस्सा मान रहे हैं। आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए यह विवाद पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं।

    इस बीच विपक्षी दलों ने भी टीएमसी के भीतर चल रहे घटनाक्रम को लेकर सरकार और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा है। वहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि संगठन के भीतर उठने वाले सभी मुद्दों का समाधान पार्टी के मंच पर किया जाएगा। अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस बात पर टिकी है कि अभिषेक बनर्जी के इस प्रस्ताव और चुनौती पर असंतुष्ट नेता क्या प्रतिक्रिया देते हैं और आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।