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  • दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश की योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष पर हुई चर्चा

    दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश की योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष पर हुई चर्चा



    नई दिल्ली। Mohan Yadav ने सोमवार को नई दिल्ली में Narendra Modi से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष के तहत चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।

    सीएम मोहन यादव ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत चल रही गतिविधियों और राज्य की प्रगति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया।

    संसद परिसर में सांसदों के साथ मीडिया से चर्चा
    मुलाकात के बाद संसद भवन परिसर में मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के सांसदों के साथ मीडिया से भी चर्चा की। इस दौरान उनके साथ Shankar Lalwani, Rahul Singh Lodhi, Ashish Dubey और Rajesh Mishra मौजूद रहे।

    चार वर्गों के लिए काम कर रही सरकार
    सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए चार प्रमुख वर्ग – किसान, महिला, गरीब और युवा के कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत करीब 16 विभागों जैसे कृषि, पशुपालन, मछली पालन और बागवानी को जोड़कर योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए आगे भी मार्गदर्शन और आशीर्वाद दिया है, जिससे भविष्य में बेहतर परिणाम मिलेंगे।

  • अनिवेशकों सावधान! कच्चे तेल के चलते 15 साल के सबसे बड़े संकट की ओर बाजार, सोना और चांदी भी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त

    अनिवेशकों सावधान! कच्चे तेल के चलते 15 साल के सबसे बड़े संकट की ओर बाजार, सोना और चांदी भी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त


    नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय निवेशकों की नींद उड़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति निवेश के हर मोर्चे-चाहे वह शेयर बाजार हो, सोना-चांदी हो या म्यूचुअल फंड-के लिए बड़ा झटका साबित हो रही है। इस पूरे संकट की धुरी “कच्चा तेल” बना हुआ है, जिसके बेतहाशा बढ़ते दाम वैश्विक अर्थव्यवस्था के पहियों को जाम कर रहे हैं। यदि तनाव बढ़ता है और होर्मुज जलमार्ग Strait of Hormuzपर तेल की आपूर्ति 4 से 8 सप्ताह तक बाधित रहती है, तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए शेयर बाजार में भारी गिरावट और आसमान छूती महंगाई का दोहरा संकट खड़ा होना तय है।

    बाजार विश्लेषकों के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में भारतीय बाजार ने कई युद्ध और वैश्विक संकट देखे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब सभी एसेट क्लास Asset Classesमें एक साथ गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर विदेशी संस्थागत निवेशकों FPI के व्यवहार पर दिख रहा है, जिन्होंने इस महीने भारतीय बाजार से लगभग 52,704 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की है। निवेशक अब जोखिम भरे इक्विटी मार्केट से पैसा निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर और बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं। गौरतलब है कि कच्चे तेल के दाम संघर्ष की शुरुआत के समय 72.48 डॉलर प्रति बैरल थे, जो मार्च तक 65% की उछाल के साथ 119 डॉलर के पार निकल गए थे, और अब एक बार फिर 100 डॉलर के ऊपर बने हुए हैं।

    इस अनिश्चितता का सबसे चौंकाने वाला असर सोने और चांदी पर पड़ा है। आम तौर पर युद्ध के समय सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार डॉलर की मजबूती ने इसे फीका कर दिया है। फरवरी के अंत से अब तक सोना 6% और चांदी 9% तक टूट चुकी है। चूंकि कच्चे तेल का व्यापार डॉलर में होता है, तेल की कीमतें बढ़ने से डॉलर की मांग और मजबूती बढ़ जाती है, जिसका सीधा दबाव कीमती धातुओं पर पड़ता है। वहीं, म्यूचुअल फंड सेक्टर में भी घबराहट साफ देखी जा सकती है; फरवरी में जहां 65.7 लाख नए SIP खाते खुले, वहीं लगभग 49.7 लाख खाते बंद भी हो गए, जिससे ‘एसआईपी स्टॉपेज अनुपात’ बढ़कर 76% के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

    हालांकि, विशेषज्ञों का एक धड़ा यह भी मानता है कि भारतीय बाजार हर बड़े झटके से उबरने का माद्दा रखता है। उदाहरण के तौर पर, 2020 के कोविड संकट के दौरान बाजार ने जितनी बड़ी गिरावट देखी थी, उसके अगले कुछ ही वर्षों में निवेशकों को 21-22% तक का शानदार रिटर्न भी दिया। फिलहाल ऑटो, बैंकिंग और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों पर बिकवाली का सबसे ज्यादा दबाव है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इतिहास गवाह है कि संकट के बाद बाजार हमेशा मजबूती से वापसी करता है। आगे की राह इस बात पर टिकी है कि मध्य-पूर्व का यह तनाव कितनी जल्दी शांत होता है।

  • भोपाल: फरार वारंटी पर 10 हजार का इनाम घोषित, स्टेशन बजरिया पुलिस ने मांगी आमजन से मदद

    भोपाल: फरार वारंटी पर 10 हजार का इनाम घोषित, स्टेशन बजरिया पुलिस ने मांगी आमजन से मदद


    भोपाल। राजधानी भोपाल में लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की घोषणा की है। Bhopal के Station Bajaria Police Station की पुलिस ने आरोपी की जानकारी देने या उसे पकड़वाने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

    आरोपी की पहचान
    पुलिस के मुताबिक फरार वारंटी Nawab Senting Wala (पिता सैयद साजिद अली, उम्र करीब 58 वर्ष) मूल रूप से बाग फरहत अफजा, ऐशबाग क्षेत्र का निवासी है। वर्तमान में वह गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा क्षेत्र में रहता था। आरोपी लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी है।

    सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीय
    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
    पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

    इनाम की घोषणा
    आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने या पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को नगर पुलिस अधीक्षक जोन-1 की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

    यहां दें सूचना
    पुलिस कंट्रोल रूम: 9479990454

    थाना स्टेशन बजरिया: 9479990527 / 9479990523
    पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आमजन के सहयोग से उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

  • भोपाल: नापतौल विभाग को साइनाइड सिलेंडर से उड़ाने की धमकी, बम डिस्पोजल स्कॉड ने की सर्चिंग, कुछ नहीं मिला

    भोपाल: नापतौल विभाग को साइनाइड सिलेंडर से उड़ाने की धमकी, बम डिस्पोजल स्कॉड ने की सर्चिंग, कुछ नहीं मिला


    भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के कार्यालय को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। धमकी भरा ईमेल सोमवार सुबह करीब नौ बजे मिला, जिसमें बताया गया था कि कार्यालय में साइनाइड से भरे 16 सिलेंडर रख दिए गए हैं और दोपहर एक बजे वे फटेंगे।

    पुलिस और बम स्क्वॉड की कार्रवाई
    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बम डिस्पोजल स्कॉड और बस स्क्वॉड टीम को मौके पर बुलाया।

    विभाग में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षा के लिहाज से बाहर निकाला गया।

    पूरे कार्यालय की सर्चिंग की गई, लेकिन कोई सिलेंडर या बम नहीं मिले।

    पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
    इससे पहले पीपुल्स यूनिवर्सिटी और एम्स भोपाल को भी धमकी भरे ईमेल मिले थे, जो बाद में फर्जी निकले।

    फिलहाल पुलिस ईमेल करने वाले व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाई है, और मामला जांच के दायरे में है।

    विशेष जानकारी:

    विभाग में यह धमकी मिलने के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    कर्मचारी पूरी सावधानी के साथ बाहर बैठे नजर आए।

    पुलिस ने बताया कि इस तरह के फर्जी धमकियों के मामले समय-समय पर आते रहते हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

  • MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा

    MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में LPG संकट से थोड़ी राहत मिलने लगी है। सोमवार को ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी गैस एजेंसियां खुलीं और बुकिंग के आधार पर सिलेंडर की डिलिवरी शुरू हुई। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग की 40% समस्या अब खत्म हो गई है।

    भोपाल में हंगामा
    भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में सोमवार सुबह गैस सिलेंडर से भरा एक ट्रक पहुंचा। सिलेंडर बांटने के बाद 50 से अधिक लोग खाली हाथ रह गए, जिससे वहां हंगामा हो गया। ग्राहकों का कहना था कि सिलेंडर यहीं मंगवाए जाएं, जबकि कर्मचारियों ने उन्हें एजेंसी जाने के लिए कहा। एक घंटे के बाद कर्मचारियों ने अतिरिक्त ट्रक की व्यवस्था कर लोगों की समस्या दूर की।

    हरदा में भी लगी लंबी लाइन
    हरदा में एलपीजी एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग सुबह से ही सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़े हैं।

    होटल इंडस्ट्री में राहत
    एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा, “लगातार 6-7 दिन से प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला। अब सरकार ने हमें भी सिलेंडर देने की बात कही है। यह हमारे लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा है।”
    सिलेंडर की कमी के कारण प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन, डीज़ल भट्ठी आदि की सुविधा की गई थी, लेकिन यह काफी खर्चीला था।

    भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू
    भोपाल गैस एजेंसियों के मुताबिक, सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हो गई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि अब होटल संचालक इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल और फ्रायर की जगह सिलेंडर का उपयोग कर सकेंगे।

    ग्वालियर में सभी एजेंसियां खुलीं
    ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर सभी एलपीजी एजेंसियां खुलीं। एजेंसी संचालक धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले 3-4 दिन से सॉफ्टवेयर समस्या के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही थी। सोमवार से सभी को गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और कोई कमी नहीं है।

  • ईरान तैयार नागरिक इलाकों पर हमलों की जांच में सहयोग देने को, अराघची ने कहा वैध सैन्य कार्रवाई

    ईरान तैयार नागरिक इलाकों पर हमलों की जांच में सहयोग देने को, अराघची ने कहा वैध सैन्य कार्रवाई


    नई दिल्ली । तेहरान ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच स्पष्ट किया है कि वह नागरिक क्षेत्रों पर हमलों से जुड़े आरोपों की जांच में सहयोग करने को तैयार है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघचीने कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्वतंत्र जांच का समर्थन करेगी और यह साबित करने को तैयार है कि ईरानी सैन्य कार्रवाई केवल वैध सैन्य लक्ष्यों के खिलाफ है।

    अराघची ने अल अरबी अल जदीद वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में कहा कि ईरान ने जानबूझकर किसी भी आवासीय या नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया है। यदि किसी घटना में नागरिकों को नुकसान हुआ है तो तथ्यों की निष्पक्ष जांच होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कुछ ठिकानों पर हाल में हुए हमले पड़ोसी देशों से किए गए थे और जवाबी कार्रवाई करते समय कोशिश होगी कि आबादी वाले क्षेत्रों को नुकसान न पहुंचे।

    हाल के दिनों में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमलों के बाद मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार संघर्ष बढ़ने से मध्य पूर्व की सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा बाजार और मानवीय स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।अराघची ने कहा कि ईरान किसी भी क्षेत्रीय पहल का स्वागत करेगा जिससे युद्ध का न्यायसंगत अंत हो सके हालांकि अब तक कोई ठोस प्रस्ताव “मेज पर” नहीं आया है।

    इसके अलावा ईरानी अधिकारियों ने कहा कि हाल के इजरायली हमले में अयातुल्ला अली खामेनेईघायल हुए थे लेकिन उनकी चोट जानलेवा नहीं है। खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति और स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें फैल रही थीं। उनका पहला सार्वजनिक संबोधन 12 मार्च को सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित किया गया जिसमें उद्घोषक ने उनका संदेश पढ़ा।ईरान की यह पेशकश क्षेत्रीय तनाव कम करने और युद्ध अपराध की संभावित जांच में सहयोग देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

  • 1968 का माई लाई नरसंहार: वियतनाम युद्ध की वह घटना जिसने दुनिया को झकझोर दिया

    1968 का माई लाई नरसंहार: वियतनाम युद्ध की वह घटना जिसने दुनिया को झकझोर दिया

    नई दिल्ली । वियतनाम युद्ध के दौरान 16 मार्च 1968 को दक्षिण वियतनाम के छोटे गांव My Lai में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए नरसंहार ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। अमेरिकी सैनिकों को यह सूचना मिली थी कि गांव में वियतकांग विद्रोही छिपे हुए हैं। इसी आधार पर चार्ली कंपनी को तलाशी अभियान पर भेजा गया जिसका नेतृत्व विलियम कैलीकर रहे थे।

    जब सैनिक गांव पहुंचे तो वहां कोई संगठित प्रतिरोध नहीं था। बावजूद इसके उन्होंने महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों निहत्थे नागरिकों को मार डाला। कई घरों को जला दिया गया और ग्रामीणों को समूहों में खड़ा कर गोली मारी गई। बाद में सामने आए आंकड़ों के अनुसार लगभग 500 नागरिक मारे गए।

    शुरुआत में अमेरिकी सेना ने इस अभियान को सफल सैन्य कार्रवाई बताया। हालांकि कुछ सैनिकों और पत्रकारों की कोशिशों से धीरे धीरे सच्चाई सामने आई। विशेषकर अमेरिकी सैनिक ह्यू थॉम्पसन जूनियर की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। वे हेलीकॉप्टर से इलाके का निरीक्षण कर रहे थे और निहत्थे नागरिकों पर हो रही गोलीबारी को देखकर हस्तक्षेप किया। उन्होंने कई ग्रामीणों को बचाने की कोशिश भी की।

    1969 में अमेरिकी पत्रकार सीमोर हर्षकी रिपोर्ट के बाद माई लाई नरसंहार वैश्विक सुर्खियों में आया। अमेरिका में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और वियतनाम युद्ध के खिलाफ जनता की नाराजगी बढ़ी।जांच के बाद कई सैनिकों पर मुकदमा चला लेकिन केवल विलियम कैली को दोषी ठहराया गया। उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई हालांकि बाद में यह सजा कम कर दी गई और वे कुछ वर्षों में रिहा हो गए। माई लाई नरसंहार न केवल युद्ध अपराध के प्रतीक के रूप में इतिहास में दर्ज है बल्कि यह उस दौर के मानवाधिकार संकट और युद्ध की क्रूरता को भी उजागर करता है।

  • 100 कुत्तों को दिया जहरीला इंजेक्शन और फिर नदी किनारे दफनाया, तेलंगाना से आई दिल दहला देने वाली घटना; जांच में जुटे अधिकारी

    100 कुत्तों को दिया जहरीला इंजेक्शन और फिर नदी किनारे दफनाया, तेलंगाना से आई दिल दहला देने वाली घटना; जांच में जुटे अधिकारी

    नई दिल्ली /तेलंगाना के मनचेरिल जिले से पशु क्रूरता की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जिले के एक गांव में करीब 100 आवारा कुत्तों को बेरहमी से जहर देकर मार डाला गया और बाद में उनके शवों को पास की ही एक नदी के किनारे दफना दिया गया। इस सामूहिक कत्लेआम का खुलासा तब हुआ जब ‘स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ नामक एनजीओ के कार्यकर्ता ए. गौतम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह पूरी बर्बरता गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव के इशारे पर की गई है, जिन्होंने दो लोगों को काम पर रखकर कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन लगवाए।

    पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ और ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि तेलंगाना में आवारा कुत्तों के साथ इस तरह की हिंसा पहली बार नहीं हुई है। आधिकारिक आंकड़ों और कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जनवरी और पिछले साल दिसंबर के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में करीब 1,300 आवारा कुत्तों को मारा गया है। इन घटनाओं में भी कई जगह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों के शामिल होने की आशंका जताई गई थी।

    इस सामूहिक हत्या के पीछे एक राजनीतिक एंगल भी सामने आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पिछले वर्ष दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान कई प्रत्याशियों ने गांवों को आवारा कुत्तों की समस्या से मुक्त करने का वादा किया था। इसी तथाकथित ‘चुनावी वादे’ को पूरा करने के लिए बेजुबान जानवरों को मौत के घाट उतारने का खौफनाक रास्ता चुना गया। कार्यकर्ता ए. गौतम का कहना है कि समस्या का समाधान नसबंदी और टीकाकरण है, न कि इस तरह का क्रूर हत्याकांड। फिलहाल पुलिस खुदाई कर दफनाए गए अवशेषों की जांच करने और दोषियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने में लगी है।

    यह मामला एक बार फिर उस राष्ट्रव्यापी बहस को हवा दे रहा है जिसमें समाज दो हिस्सों में बंटा नजर आता है। जहां पशु प्रेमी और कार्यकर्ता इन बेजुबानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग आवारा कुत्तों को सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में यह मामला अदालतों तक भी पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट में इन्हें सड़कों से हटाने की अर्जी से लेकर कोर्ट के स्टे तक, कानूनी लड़ाई जारी है, लेकिन तेलंगाना की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि जागरूकता के अभाव में क्रूरता किस हद तक जा सकती है।

  • आईपीएल 2026: मुंबई इंडियंस ने शुरू किया प्री-सीजन अभ्यास, 29 मार्च को पहला मुकाबला

    आईपीएल 2026: मुंबई इंडियंस ने शुरू किया प्री-सीजन अभ्यास, 29 मार्च को पहला मुकाबला


    नई दिल्ली /मुंबई इंडियंस ने आईपीएल 2026 की तैयारियों का आगाज कर दिया है। मुख्य कोच महेला जयवर्धने की देखरेख में टीम ने पहला प्री-सीजन ट्रेनिंग सेशन पूरा किया। इस सेशन में गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे, लसिथ मलिंगा और फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन के साथ-साथ स्ट्रेंथ, कंडीशनिंग और फिजियोथेरेपी स्टाफ भी मौजूद थे।

    जयवर्धने ने कहा, प्री-सीजन के पहले दिन हमेशा कुछ खास होता है। मकसद मजबूत शुरुआत करना होता है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस फ्रेंचाइजी को अच्छे से जानते हैं और कुछ नए चेहरे भी आए हैं। पहला दिन पूरे कैंपेन का माहौल तय करता है। हम चाहते थे कि हर कोई पहले सेशन से ही यह महसूस करे कि हम कैसे ट्रेनिंग करते हैं और एक-दूसरे के लिए कैसे पेश आते हैं।

    उन्होंने आगे कहा, ओपनिंग सेशन टूर्नामेंट से पहले सीरियस काम की शुरुआत है। स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों को मूवमेंट ड्रिल, एजिलिटी रूटीन और फिटनेस असेसमेंट से गुजारा ताकि मुश्किल सीजन से पहले उनकी तैयारी का अंदाजा लगाया जा सके।

    मुंबई इंडियंस ने सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग सेशन की झलकियां साझा की हैं। इस सेशन में शामिल खिलाड़ियों में शार्दुल ठाकुर, मयंक मारकंडे, अल्लाह गजनफर, नमन धीर, राजा अंगद बावा, रॉबिन मिंज, मयंक रावत, मोहम्मद इजहार और अश्विनी कुमार शामिल रहे।

    आईपीएल 2026 में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला 29 मार्च को अपने होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होगा। टीम की तैयारियों और फिटनेस पर फैंस की नजरें पहले दिन से ही टिकी हुई हैं।

  • दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित, कोच्चि फ्लाइट वापस लौटी

    दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित, कोच्चि फ्लाइट वापस लौटी

    नई दिल्ली । दुबई एयरपोर्ट ने सोमवार को सुरक्षा कारणों के चलते सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। यह कदम तब उठाया गया जब एयरपोर्ट के पास एक ड्रोन का ईंधन टैंक से टकराने के बाद आग लग गई। दुबई एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट ने यात्रियों को अपनी एयरलाइन से ताजा उड़ान अपडेट लेने की सलाह दी।

    दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और मीडिया कार्यालय ने भी कहा कि आग बुझाने और सुरक्षा उपायों को लागू करने के बाद किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। आपातकालीन टीम और नागरिक सुरक्षा दल तुरंत तैनात किए गए।

    इस घटना के चलते सोमवार को कोच्चि से दुबई जा रही एमिरेट्स की फ्लाइट ईके533 को वापस लौटने का निर्देश दिया गया। सीआईएएल के प्रवक्ता ने बताया कि विमान में 325 यात्री सवार थे और एयरपोर्ट अचानक बंद होने की वजह से विमान को कोच्चि लौटना पड़ा।

    सुरक्षा और आपातकालीन उपायों के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में छह लोगों की मौत की सूचना दी है। इनमें चार नागरिक और दो सैनिक शामिल हैं। सैनिकों की मौत हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई जो तकनीकी खराबी के कारण हुई।

    दुबई एयरपोर्ट ने यात्रियों से अपील की है कि वे उड़ानों और सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहें। अधिकारियों ने कहा कि आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही सभी को सूचित किया जाएगा।