Blog

  • गुरु ने बदला नक्षत्र, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, खुलेंगे तरक्की-धन लाभ के नए रास्ते

    गुरु ने बदला नक्षत्र, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, खुलेंगे तरक्की-धन लाभ के नए रास्ते


    नई दिल्ली। आज 19 जुलाई 2026 की भोर से देवगुरु बृहस्पति ने अपना नक्षत्र परिवर्तन कर लिया है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु का नक्षत्र गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका प्रभाव व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, करियर, शिक्षा, आत्मविश्वास और भाग्य पर पड़ता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह गोचर कई लोगों के लिए नई शुरुआत और रुके हुए कार्यों में गति का संकेत माना जा रहा है।

    क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है यह गोचर?
    ज्योतिष के अनुसार, बृहस्पति केवल शुभ फल देने वाले ग्रह ही नहीं, बल्कि ज्ञान, समृद्धि और जीवन की दिशा के कारक भी माने जाते हैं। जब गुरु नक्षत्र परिवर्तन करते हैं तो उनके प्रभाव में बदलाव आता है, जिसका असर विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि यह गोचर उन लोगों के लिए विशेष हो सकता है जो लंबे समय से करियर, व्यवसाय या आर्थिक मामलों में ठहराव महसूस कर रहे थे।

    इन 4 राशियों पर रह सकती है गुरु की विशेष कृपा

    मेष राशि
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मेष राशि के जातक पुराने अनुभवों से सीख लेकर नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी और आर्थिक मामलों में कोई सुखद समाचार या लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

    कर्क राशि
    इस गोचर के प्रभाव से कर्क राशि के लोग भावनाओं की बजाय व्यावहारिक सोच के साथ आगे बढ़ सकते हैं। सामाजिक दायरा बढ़ने के साथ करियर में नए अवसर मिलने की संभावना भी बन रही है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान शुरू किए गए कार्य भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकते हैं। धन लाभ के साथ मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि के संकेत हैं।

    मकर राशि
    मकर राशि के जातकों को पुराने आर्थिक दबाव और चिंताओं से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। करियर में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। सफलता के लिए लक्ष्य पर फोकस बनाए रखना जरूरी होगा।

    गुरु को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरु गोचर के दौरान केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि अच्छे आचरण का भी विशेष महत्व होता है।

    – नई विद्या या किसी नई स्किल को सीखने की शुरुआत करें।
    – घर के बुजुर्गों और शिक्षकों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लें।
    – अगले कुछ दिनों तक सात्विक भोजन और संयमित दिनचर्या अपनाने का प्रयास करें, जिसे सकारात्मक ऊर्जा के लिए शुभ माना जाता है।

    नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है।

  • तेहरान में ट्रंप परिवार को लेकर विवादित होर्डिंग, ताबूतों में दिखाया, लिखा- 'खून का बदला खून'

    तेहरान में ट्रंप परिवार को लेकर विवादित होर्डिंग, ताबूतों में दिखाया, लिखा- 'खून का बदला खून'


    नई दिल्‍ली । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान में एक ऐसा सरकारी समर्थित होर्डिंग लगाया गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है. राजधानी तेहरान के फिलिस्तीन स्क्वायर में लगाए गए इस विशाल होर्डिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उनके बच्चों को अमेरिकी झंडे से ढके ताबूतों के ऊपर दिखाया गया है. इसके साथ बड़े अक्षरों में लिखा है- ‘खून का बदला खून’

    रिपोर्ट के मुताबिक यह होर्डिंग अमेरिका और इजरायल के उन हमलों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे. होर्डिंग में व्हाइट हाउस की पृष्ठभूमि का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप परिवार को सीधे निशाने पर दिखाया गया है.

    अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके पूरे परिवार को सीधे जान से मारने और बदला लेने की यह ईरान की ओर से अब तक की सबसे सीधी और आक्रामक चेतावनी है.

    तेहरान में बढ़ रहे आक्रामक संदेश

    यह अकेला पोस्टर नहीं है. हाल के दिनों में तेहरान के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसे पोस्टर और भित्तिचित्र बनाए गए हैं, जिनमें अमेरिका के खिलाफ तीखे संदेश दिए गए हैं. एक अन्य पोस्टर में ट्रंप को खुले काले ताबूत में लेटा हुआ दिखाया गया है, जिसके ऊपर अंग्रेजी और फारसी भाषा में “हम ट्रंप को मार डालेंगे” लिखा गया है.

    ताबूत पर नीचे सफेद रंग से लिखा है ‘मिनाब के बच्चों की याद में’, जो उस ईरानी शहर का संदर्भ है जहां अमेरिकी हमले में एक प्राइमरी स्कूल की चपेट में आने से कई बच्चों की मौत हो गई थी.

    वहीं, कुछ अन्य पोस्टरों में ट्रंप के चेहरे को बंदूक की क्रॉसहेयर (निशाने) में दिखाया गया है. इसके साथ ही, हाल ही में 71 वर्ष की आयु में दम तोड़ने वाले वरिष्ठ अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम के नीचे लिखा गया है- “अगला कौन?”

    फिलिस्तीन स्क्वायर स्थित जिस इमारत पर यह पोस्टर लगाया गया है, उसका इस्तेमाल लंबे समय से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ सरकारी संदेशों के प्रदर्शन के लिए किया जाता रहा है. यहां अक्सर ईरान समर्थक समूह फिलिस्तीनी और हिज़्बुल्लाह के झंडों के साथ प्रदर्शन भी करते हैं.

    पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
    डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि यदि ईरान उनकी हत्या की किसी भी कोशिश में शामिल पाया गया, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया “बेहद विनाशकारी” होगी. दूसरी ओर, खामेनेई की मौत के बाद ईरानी नेताओं और सरकारी समर्थक मीडिया की ओर से लगातार “बदले” की बात कही जा रही है. उनके उत्तराधिकारी आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी कहा है कि जिम्मेदार लोग “अपने बिस्तर पर भी शांतिपूर्वक नहीं मरेंगे.”

    हालांकि, इस पोस्टर को लेकर ईरानी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं, अमेरिका की तरफ से भी इस पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

  • सावन 2026 में पड़ेंगे दो ग्रहण, क्या रुकेगी शिव पूजा? जानिए सूतक, पूजा और जरूरी सावधानियां

    सावन 2026 में पड़ेंगे दो ग्रहण, क्या रुकेगी शिव पूजा? जानिए सूतक, पूजा और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माने जाने वाले श्रावण मास में इस बार एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। वर्ष 2026 के सावन में एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण पड़ने वाले हैं। ऐसे में कई श्रद्धालुओं के मन में सवाल है कि क्या ग्रहण के कारण पूजा-पाठ प्रभावित होगा, सूतक काल मान्य रहेगा और क्या सावन के सोमवार की पूजा में कोई बाधा आएगी। आइए जानते हैं क्या कहते हैं पंचांग और धार्मिक मान्यताएं।

    कब लगेंगे सावन में ग्रहण?

    12 अगस्त 2026 – सूर्य ग्रहण
    पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह खग्रास सूर्य ग्रहण होगा, जो आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल सहित कुछ देशों में दिखाई देगा।

    28 अगस्त 2026 – चंद्र ग्रहण
    साल का अंतिम आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन लगेगा। यह ग्रहण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में दिखाई देगा।

    क्या भारत में रहेगा सूतक काल?
    धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूतक काल तभी प्रभावी माना जाता है जब ग्रहण संबंधित क्षेत्र में दिखाई दे। चूंकि वर्ष 2026 के ये दोनों ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होंगे, इसलिए भारत में इनका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में श्रद्धालुओं को अपनी नियमित पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठानों में किसी प्रकार का बदलाव करने की आवश्यकता नहीं है।

    क्या पूजा-पाठ पर पड़ेगा कोई असर?
    ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने के कारण मंदिरों के कपाट बंद करने या पूजा-अर्चना पर रोक लगाने का कोई नियम लागू नहीं होगा। श्रद्धालु सावन के सोमवार सहित अन्य शुभ तिथियों पर भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और नियमित पूजा-अर्चना पहले की तरह कर सकते हैं।

    इन बातों का रखें विशेष ध्यान
    हालांकि भारत में सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा, फिर भी धार्मिक परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ सावधानियां बरतना शुभ माना गया है।

    – सावन के पवित्र महीने में मन में नकारात्मक विचारों को स्थान न दें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
    – भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और विश्वास बनाए रखते हुए मंत्र जाप एवं नियमित पूजा करें।
    – ग्रहण को लेकर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों या भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करें।
    – सावन में दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। ग्रहण वाले दिन भी अपनी श्रद्धा के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता और सात्विक दान किया जा सकता है।

  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज, छतरपुर-पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में हल्की बारिश के आसार

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज, छतरपुर-पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में हल्की बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में रविवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए छतरपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, जबलपुर, ग्वालियर सहित 34 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के आसपास सक्रिय चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) और एक टर्फ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। इसी सिस्टम के कारण शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। रविवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।

    विभाग के अनुसार, छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है।

    इसके विपरीत भोपाल, राजगढ़, सीहोर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर और देवास में मौसम सामान्य और साफ रहने का पूर्वानुमान है।

    जुलाई में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश
    प्रदेश में पिछले नौ दिनों के दौरान किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसका असर मानसूनी आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। शनिवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    अब तक प्रदेश में 247 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 291 मिमी बारिश होती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो देवास प्रदेश का सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। यहां अब तक करीब 18 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में करीब 14 इंच, जबकि भोपाल में अब तक 13.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • रविवार का राशिफल: करियर, कारोबार और पारिवारिक जीवन में कई राशियों को मिलेगी खुशखबरी, जानें कैसा रहेगा आपका दिन

    रविवार का राशिफल: करियर, कारोबार और पारिवारिक जीवन में कई राशियों को मिलेगी खुशखबरी, जानें कैसा रहेगा आपका दिन

    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार 19 जुलाई 2026, रविवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के कारण सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आ सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार का दिन भगवान सूर्य की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और ऊर्जा में वृद्धि होने की मान्यता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कुछ राशि के जातकों को करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं, जबकि कुछ लोगों को स्वास्थ्य, खर्च और रिश्तों से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है।

    मेष राशि के जातकों को वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ व्यवहार में संयम रखने से लाभ होगा। वृषभ राशि के लोगों के लिए स्वास्थ्य अनुकूल रह सकता है, हालांकि आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलने के साथ व्यापार विस्तार की संभावना भी बन सकती है।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर और आय के लिहाज से दिन सकारात्मक रह सकता है। नौकरी में उन्नति और नए अवसर मिलने के संकेत हैं। कर्क राशि के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है और शिक्षा, प्रतियोगिता तथा संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। मित्रों का सहयोग भी लाभदायक साबित हो सकता है।

    सिंह राशि के जातकों को प्रभावशाली लोगों से संपर्क का लाभ मिल सकता है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलने के योग हैं। कन्या राशि के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी पुरानी परेशानियों से राहत मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत रह सकती है और मित्रों के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिल सकता है।

    तुला राशि के जातकों को कार्यस्थल पर व्यस्तता अधिक रह सकती है। आर्थिक मामलों और प्रेम संबंधों में धैर्य रखने की सलाह दी गई है। वृश्चिक राशि के लोगों के लिए स्वास्थ्य सामान्य रहने के संकेत हैं, लेकिन परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है। विवादों से दूरी बनाए रखना हितकर रहेगा।

    धनु राशि के जातकों को स्वास्थ्य और खर्च दोनों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक हो सकती है और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। मकर राशि के लोगों को भावनात्मक निर्णय लेने से बचना चाहिए। आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक रहेगी, हालांकि कार्यस्थल पर कोई सुखद समाचार मिल सकता है।

    कुंभ राशि के जातकों के नए विचार उन्हें कार्यक्षेत्र में पहचान दिला सकते हैं। निवेश से जुड़े फैसले भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं, लेकिन सहकर्मियों के साथ सतर्क रहना उचित रहेगा। मीन राशि के लोगों के लिए दिन आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा और नए व्यापार या नई शुरुआत के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह राशिफल ग्रह-नक्षत्रों की वर्तमान स्थिति पर आधारित सामान्य अनुमान है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले व्यक्तिगत परिस्थितियों और विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है।

  • बानमौर में दिनदहाड़े फोन से बुलाकर किया युवक का अपहरण

    बानमौर में दिनदहाड़े फोन से बुलाकर किया युवक का अपहरण

    मुरैना। जिले के बानमोर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह दिनदहाड़े हुई अपहरण की सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। अपहरणकर्ताओं ने फोन कर युवक को घर के बाहर बुलाया। बानमौर नगर की पवाया रोड पर आते ही  26 वर्षीय युवक को अज्ञात कार सवार बदमाशों ने रोक लिया।आरोपियों ने पहले युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर जबरन कार में बैठाकर फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और युवक की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। अपह्रत युवक दिल्ली में सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ-साथ पैसों के ऑनलाइन ट्रांसफर का काम करता था।यह  लेनदेन का ही मामला माना जा रहा है और यह घटना दिल्ली में हुई किसी लेनदेन को लेकर हुए विवाद के कारण ही बताई जा रही है।

    लपुलिस के अनुसार अपहृत युवक की पहचान सोनू कुशवाह (26) निवासी पवाया रोड, बानमोर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 10 बजे किसी ने फोन कर उसे बाहर बुलाया। वह हाईवे के समीप पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे कार सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया। सोनू कुशवाहा के साथ मारपीट के बाद कार में अपहरण करने की घटना को एक नाबालिक बालक ने देख लिया । उसने तुरंत सोनू के  परिजनों को घटना की सूचना दी।
    घटना की जानकारी मिलते ही बानमोर थाना पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। जिलेभर में नाकेबंदी कराई गई और संभावित भागने के मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने मुरैना, ग्वालियर सहित आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन  घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी अपरहत युवक के साथ-साथ अपहरण कर्ताओं की पहचान नहीं हुई है हालांकि सोनू कुशवाहा के मोबाइल से ही अपहरण करता उसके परिजनों पर रिश्तेदारों को मैसेज भेज रहे हैं कि जिस तरह वह अपहरण कर ले गए हैं इस तरह उसको वापस छोड़ देंगे। 
    पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार विशेष टीमें गठित की हैं। टीमें तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है, ताकि कार और उसमें सवार आरोपियों की पहचान की जा सके।
    एसडीओपी अनिल कुमार ने बताया कि फिलहाल अपहरण के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पुरानी रंजिश, लेन-देन, आपसी विवाद और अन्य कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि युवक की सकुशल बरामदगी पुलिस की पहली प्राथमिकता है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
    दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद बानमोर क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, हाईवे पर निगरानी मजबूत करने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान से इस तरह किसी युवक का अपहरण होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • ईरान के विदेश मंत्री अराघची का अमेरिका और इजरायल पर तीखा आरोप, बोले- आलोचकों की आवाज दबाने में हो रहा टैक्सदाताओं के धन का इस्तेमाल

    ईरान के विदेश मंत्री अराघची का अमेरिका और इजरायल पर तीखा आरोप, बोले- आलोचकों की आवाज दबाने में हो रहा टैक्सदाताओं के धन का इस्तेमाल

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी करदाताओं के धन का उपयोग इजरायल की आलोचना करने वाली आवाजों को दबाने के लिए किया जा रहा है। अराघची का यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हैं और अमेरिका तथा ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

    विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका की रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि अमेरिका में विदेशी प्रभाव को लेकर लगातार चर्चा होती है, लेकिन इजरायल से जुड़े कथित प्रभाव अभियानों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उनके अनुसार यह गंभीर विषय है और इससे अमेरिकी लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा सार्वजनिक विमर्श पर असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों को समय के साथ सार्वजनिक किया जाएगा।

    अराघची ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका को ऐसे संघर्षों में शामिल करने की कोशिश की जा रही है, जो उसकी प्राथमिकताओं का हिस्सा नहीं रहे हैं। उनका कहना था कि पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों में सभी पक्षों को संयम और कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। हालांकि उनके आरोपों पर अमेरिका या इजरायल की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

    इस बीच क्षेत्रीय तनाव को लेकर ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व की ओर से भी कड़े बयान सामने आए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़े एक वरिष्ठ सैन्य सलाहकार ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो संघर्ष का दायरा और व्यापक हो सकता है। उन्होंने कहा कि अब तक ईरान ने स्थिति को बड़े क्षेत्रीय संकट में बदलने से रोकने के लिए संयम बरता है, लेकिन लगातार हमलों की स्थिति में उसकी प्रतिक्रिया अधिक व्यापक हो सकती है।

    सैन्य सलाहकार ने यह भी संकेत दिया कि यदि हालात नहीं बदले तो ईरान अपनी अतिरिक्त सैन्य क्षमताओं को सक्रिय कर सकता है। उनके अनुसार भविष्य की रणनीति परिस्थितियों के अनुसार तय की जाएगी। इन बयानों ने पहले से ही संवेदनशील पश्चिम एशियाई स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

    विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा समय में पश्चिम एशिया की स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। एक ओर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक प्रयासों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ती जा रही है। ऐसे हालात में किसी भी पक्ष की ओर से उठाया गया बड़ा कदम क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच आगे होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीतिक पहल सबसे प्रभावी विकल्प हो सकते हैं। फिलहाल सभी पक्षों के बयानों और संभावित कदमों पर वैश्विक स्तर पर करीबी नजर रखी जा रही है, क्योंकि इनका प्रभाव केवल पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है।

  • श्योपुर में पारिवारिक विवाद बना सार्वजनिक हंगामा, पत्नी को बुलाने की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़ा युवक; पुलिस जांच में जुटी

    श्योपुर में पारिवारिक विवाद बना सार्वजनिक हंगामा, पत्नी को बुलाने की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़ा युवक; पुलिस जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश
    के श्योपुर जिले के विजयपुर कस्बे में शनिवार को पारिवारिक विवाद के चलते उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक युवक 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक लगातार समझाइश देने के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

    घटना विजयपुर के बस स्टैंड क्षेत्र की बताई जा रही है। टंकी पर चढ़े युवक की पहचान धीरज खटीक के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ऊंचाई पर बैठकर बार-बार अपनी पत्नी को मौके पर बुलाने और मीडिया से बात कराने की मांग कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कराया और स्थानीय लोगों से भीड़ से दूरी बनाए रखने की अपील की, ताकि किसी प्रकार का जोखिम न हो।

    करीब दो घंटे तक चले प्रयासों के दौरान पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने युवक से लगातार बातचीत की। समझाइश और आश्वासन के बाद वह स्वयं नीचे उतरने के लिए तैयार हो गया। प्रशासन ने राहत की सांस ली क्योंकि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी को कोई चोट नहीं पहुंची।

    नीचे उतरने के बाद युवक ने बताया कि उसकी पत्नी लगभग 15 दिन पहले मायके चली गई थी। उसका आरोप था कि उसने इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। युवक का कहना था कि उसकी बात सुनी जाए और उसकी पत्नी को वापस बुलाया जाए। इसी कारण उसने विरोध दर्ज कराने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया।

    दूसरी ओर पुलिस ने मामले को लेकर अलग पक्ष भी सामने रखा है। थाना प्रभारी के अनुसार युवक की पत्नी पहले ही उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी थी। पुलिस का कहना है कि पत्नी के आवेदन के आधार पर पहले शांति भंग की कार्रवाई भी की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि युवक ने पत्नी पर दबाव बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने युवक को भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई और पुलिस ने क्षेत्र में यातायात एवं सामान्य गतिविधियां बहाल कर दीं। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे, जिससे कुछ समय के लिए वहां भीड़भाड़ की स्थिति बन गई थी।

    यह घटना एक बार फिर पारिवारिक विवादों के सार्वजनिक रूप लेने और समय रहते संवाद तथा कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक आवेश में उठाए गए कदम व्यक्ति और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ट्रंप के चुनावी दावों पर व्हाइट हाउस में बढ़ी सियासी हलचल, पीटर नवारो बोले- अमेरिकी चुनावी व्यवस्था की कमजोरियां सामने आईं

    ट्रंप के चुनावी दावों पर व्हाइट हाउस में बढ़ी सियासी हलचल, पीटर नवारो बोले- अमेरिकी चुनावी व्यवस्था की कमजोरियां सामने आईं


    नई दिल्ली ।
    अमेरिका में चुनावी सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चुनावी सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने और वर्ष 2020 के चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद व्हाइट हाउस और अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इस बीच राष्ट्रपति के काउंसलर पीटर नवारो ने ट्रंप के दावों का समर्थन करते हुए कहा कि यह मुद्दा किसी विदेशी देश से अधिक अमेरिकी चुनावी व्यवस्था की कमजोरियों और उसे सुरक्षित बनाने की आवश्यकता से जुड़ा है।

    पीटर नवारो ने कहा कि यदि ‘सेव अमेरिका एक्ट’ लागू होता है तो चुनाव प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन सकती है। उनके अनुसार प्रस्तावित कानून में मतदाता पहचान पत्र, नागरिकता का प्रमाण और अनुपस्थित मतदान की प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। उनका कहना है कि ऐसे कदमों से चुनावी प्रणाली में जनता का विश्वास बढ़ेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत होगी।

    नवारो ने यह भी कहा कि हाल में सार्वजनिक की गई जानकारी का उद्देश्य उन तथ्यों को सामने लाना था, जिन्हें पहले गोपनीय रखा गया था। उनके अनुसार अमेरिकी नागरिकों को चुनावी प्रणाली की कमजोरियों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी खामियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने इसे चुनाव सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि चुनावी सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों में चीन द्वारा अमेरिकी मतदाता डेटा तक कथित पहुंच और चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने के प्रयासों का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं का व्यक्तिगत डेटा अवैध रूप से प्राप्त किया गया और संबंधित सूचनाएं समय रहते राष्ट्रपति तथा कांग्रेस के साथ साझा नहीं की गईं। ट्रंप ने कहा कि इन तथ्यों के सार्वजनिक होने के बाद चुनावी सुरक्षा कानूनों को और मजबूत करना आवश्यक हो गया है।

    दूसरी ओर, ट्रंप के इन दावों को लेकर डेमोक्रेटिक नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है और आरोपों पर सवाल उठाए हैं। अमेरिकी राजनीति में चुनावी सुरक्षा पहले से ही संवेदनशील मुद्दा रही है और वर्ष 2020 के चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में हालिया बयानबाजी ने इस बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है।

    नवारो ने कहा कि इस पूरे विवाद को केवल चीन के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार मूल प्रश्न यह है कि अमेरिकी चुनावी व्यवस्था संभावित जोखिमों से खुद को किस हद तक सुरक्षित रख पाई। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रणाली में किसी प्रकार की कमजोरी मौजूद है तो उसे दूर करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में चुनावी सुरक्षा, मतदाता पहचान और मतदान प्रक्रिया से जुड़े प्रस्तावित सुधार अमेरिकी राजनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल रह सकते हैं। वहीं ट्रंप के दावों और उन पर उठे सवालों को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस जारी रहने की संभावना है। इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका में चुनावी पारदर्शिता, संस्थागत जवाबदेही और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चर्चा को एक बार फिर तेज कर दिया है।

  • भारत-फिनलैंड ने 2030 तक व्यापार दोगुना करने का रखा लक्ष्य, ईयू-भारत एफटीए से बढ़ेंगी नई संभावनाएं

    भारत-फिनलैंड ने 2030 तक व्यापार दोगुना करने का रखा लक्ष्य, ईयू-भारत एफटीए से बढ़ेंगी नई संभावनाएं

    नई दिल्ली । भारत और फिनलैंड ने आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के उद्देश्य से वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रस्तावित यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते (ईयू-भारत एफटीए) को इस लक्ष्य की प्राप्ति का प्रमुख माध्यम माना जा रहा है। दोनों देशों के वरिष्ठ नेताओं ने हेलसिंकी में हुई उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान व्यापार, निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा की।

    फिनलैंड की उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री रिक्का पुर्रा और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच हुई बैठक में आर्थिक संबंधों को अधिक विविध, मजबूत और दीर्घकालिक बनाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने माना कि ईयू-भारत एफटीए लागू होने के बाद व्यापारिक बाधाएं कम होंगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे और दोनों देशों की कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा स्तर से दोगुना करने का लक्ष्य भी अधिक व्यावहारिक माना गया।

    बैठक के बाद फिनलैंड की उप प्रधानमंत्री रिक्का पुर्रा ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भारत और फिनलैंड की रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा। उनके अनुसार डिजिटल और टिकाऊ प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करने में फिनलैंड की विशेषज्ञता भारत की विकास यात्रा और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है, जिससे दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

    रिक्का पुर्रा ने यह भी कहा कि भविष्य में स्पेस, रक्षा और अन्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा किया जाएगा। उन्होंने भारत को एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच तकनीकी नवाचार और औद्योगिक सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

    वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि उनकी बैठकों में आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा डिजिटलाइजेशन और उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी का विस्तार करने पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री साकारी पुइस्तो से भी मुलाकात की, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी संचार, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तकनीक और सस्टेनेबिलिटी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

    फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक प्रगति और ईयू-भारत एफटीए की संभावनाएं फिनलैंड की कंपनियों के लिए नए अवसर लेकर आएंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार का विशाल आकार पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों में भी निवेश और व्यावसायिक विस्तार के पर्याप्त अवसर प्रदान करता है।

    अपनी यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने फिनलैंड की प्रमुख प्रौद्योगिकी और औद्योगिक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कंपनियों को भारत में विनिर्माण इकाइयों, अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और निर्यात आधारित उत्पादन में निवेश बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया। दोनों देशों का मानना है कि प्रौद्योगिकी, नवाचार और निवेश पर आधारित यह साझेदारी आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।