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  • शिवपुरी में नशे का खौफनाक VIDEO सामने आया: खुलेआम स्मैक बेचते दिखे युवक और सड़क पर सिरिंज से नशा करता मिला दूसरा युवक

    शिवपुरी में नशे का खौफनाक VIDEO सामने आया: खुलेआम स्मैक बेचते दिखे युवक और सड़क पर सिरिंज से नशा करता मिला दूसरा युवक


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में नशे के कारोबार और खुलेआम नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर सामने आए दो वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में एक तरफ पुलिस की ओर से नशे से दूरी है जरूरी अभियान चलाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ सामने आए वीडियो में कथित तौर पर नशे की खरीद बिक्री और सेवन के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। दोनों वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान शुरू कर दी है।

    पहला वीडियो शिवपुरी के लुधावली क्षेत्र के वार्ड नंबर 17 का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक स्थान पर नजर आ रहे हैं। इसमें दो युवक एक लड़के को कथित तौर पर स्मैक बेचते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में नशे के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सार्वजनिक स्थान पर नशीले पदार्थ की खरीद बिक्री हो रही है तो इस पर निगरानी रखने वाली व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। हालांकि वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की वास्तविक पहचान और वहां मौजूद पदार्थ की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इसी बीच दूसरा वीडियो भी सामने आया है जो हवाई पट्टी के पास लगने वाली रेत मंडी का बताया जा रहा है। इस वीडियो में एक युवक सड़क किनारे बैठा दिखाई देता है और उसके हाथ में सिरिंज नजर आती है। वीडियो के मुताबिक युवक कथित तौर पर सिरिंज के जरिए नशा कर रहा था। वहां मौजूद दो लोगों ने युवक को इस तरह खुलेआम नशा करते देखा तो उसे पकड़ लिया और सड़क पर नशा करने को लेकर फटकार लगाई।

    पूछताछ के दौरान युवक ने खुद को ईंट के कारोबार से जुड़ा बताया। उसने यह भी बताया कि वह फिजिकल थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला भी पुलिस के संज्ञान में आया है। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह नशीले पदार्थ का सेवन दिखाई देना शहर में नशे की समस्या की गंभीरता को सामने लाता है।

    इन दोनों वीडियो के सामने आने के बाद अब पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि स्मैक बेचने और खरीदने से जुड़ा वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवक कौन हैं और नशे से जुड़े इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। यदि जांच में नशीले पदार्थ की खरीद बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इन घटनाओं ने एक बार फिर शहर में नशे के खिलाफ लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होगा ब्रिक्स सम्मेलन, पुतिन-मोदी मुलाकात में भारत-रूस सहयोग और वैश्विक हालात पर चर्चा संभव

    नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होगा ब्रिक्स सम्मेलन, पुतिन-मोदी मुलाकात में भारत-रूस सहयोग और वैश्विक हालात पर चर्चा संभव

    नई दिल्ली । रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय संपर्क भी देखने को मिलेगा। पुतिन 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस मुलाकात में दोनों देशों के आपसी संबंधों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

    रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा की पुष्टि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को की। उन्होंने कहा कि पुतिन कुछ ही दिनों में भारत की यात्रा शुरू करेंगे। पेसकोव के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच लंबे समय से करीबी और व्यावहारिक संबंध रहे हैं। दोनों नेता द्विपक्षीय एजेंडे से जुड़े संवेदनशील विषयों पर भी खुले और रचनात्मक तरीके से बातचीत करने में सक्षम हैं।

    रूस की ओर से पुतिन की इस यात्रा को भारत के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर विचार किया जा सकता है।

    18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और उसने समूह के लिए लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर आधारित व्यापक प्राथमिकताएं तय की हैं। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।

    ब्रिक्स सहयोग को रूस मुख्य रूप से तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित मानता है। इनमें राजनीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त तथा सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग शामिल हैं। रूस समूह के विस्तार और अलग-अलग प्रारूपों में नए देशों की भागीदारी को भी समर्थन देता रहा है। ऐसे में सम्मेलन में ब्रिक्स के भविष्य और वैश्विक स्तर पर इसकी भूमिका से जुड़े मुद्दे भी अहम रह सकते हैं।

    पुतिन और मोदी की इससे पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में मुलाकात हुई थी। दोनों नेता शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से इतर मिले थे। उस बातचीत के दौरान रूस और भारत के संबंधों को लगातार मजबूत बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।

    बिश्केक बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का रुख भी स्पष्ट किया था। उन्होंने शत्रुता समाप्त करने और शांति की दिशा में प्रयासों को समर्थन देने की बात कही थी। भारत लगातार यह रुख दोहराता रहा है कि संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।

    इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि 2026 में संगठन की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, शहरी विकास, स्टार्टअप और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुतिन की मौजूदगी से सम्मेलन में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ ब्रिक्स के व्यापक एजेंडे को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

  • अनिल अंबानी की बढ़ी मुश्किलें, केनरा बैंक की जांच में कर्ज की रकम तय उद्देश्य से अलग इस्तेमाल करने की बात सामने आई

    अनिल अंबानी की बढ़ी मुश्किलें, केनरा बैंक की जांच में कर्ज की रकम तय उद्देश्य से अलग इस्तेमाल करने की बात सामने आई

    नई दिल्ली । अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। केनरा बैंक ने अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस की सहायक कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है। बैंक की ओर से यह फैसला कर्ज की रकम के कथित तौर पर तय उद्देश्य के अनुरूप इस्तेमाल नहीं किए जाने से जुड़े मामले में लिया गया है।

    विलफुल डिफॉल्टर उस व्यक्ति या कंपनी को कहा जाता है, जिसके पास कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त संपत्ति या संसाधन होने के बावजूद वह जानबूझकर कर्ज का भुगतान नहीं करता। इस मामले में बैंक की जांच के दौरान फंड के इस्तेमाल और उससे जुड़े लेनदेन को लेकर कई सवाल सामने आए हैं।

    रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 8 सितंबर 2026 को इस घटनाक्रम की जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए दी। फाइलिंग के मुताबिक, केनरा बैंक की विलफुल डिफॉल्टर रिव्यू कमेटी ने 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में यह फैसला लिया। बैंक की जांच में पाया गया कि कंपनी ने बैंक से प्राप्त फंड का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया, जिनके लिए कर्ज लिया गया था।

    बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ग्रुप की कंपनियों आरकॉम, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड ने बैंकों से कुल 31,580 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे। जांच में इन कंपनियों से जुड़े निवेश और रकम के इस्तेमाल को लेकर विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है।

    बैंक का आरोप है कि इन निवेशों को तुरंत भुनाया गया और संबंधित तथा गैर-संबंधित पक्षों को भुगतान करने में इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, नेटिजन नामक एक इकाई से जुड़े संदिग्ध लेनदेन के माध्यम से फंड डायवर्ट किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर बैंक ने विलफुल डिफॉल्टर संबंधी कार्रवाई की है।

    हालांकि, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के मुताबिक आरकॉम और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड दोनों वर्तमान में कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत हैं। कंपनी का कहना है कि केनरा बैंक से जुड़ा यह मामला दिवाला प्रक्रिया शुरू होने से पहले की अवधि का है।

    कंपनी ने बताया कि लेनदारों की समिति पहले ही समाधान योजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और ये योजनाएं अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित हैं। कंपनी ने दिवाला और दिवालियापन संहिता की धारा 32A के तहत मिलने वाली सुरक्षा का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार, समाधान योजना को मंजूरी मिलने के बाद पिछले अपराधों के लिए कानूनी सुरक्षा का प्रावधान है।

    रिलायंस कम्युनिकेशंस ने यह भी कहा है कि वह पूरे घटनाक्रम को लेकर कानूनी सलाह ले रही है। कंपनी के अनुसार, अनिल अंबानी 15 नवंबर 2019 से ही रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन और निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

    इस घटनाक्रम से अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े कर्ज और दिवाला मामलों पर एक बार फिर ध्यान गया है। केनरा बैंक की कार्रवाई और कंपनी की ओर से दी गई कानूनी स्थिति के बीच अब आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

  • मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम स्थल से दो संदिग्ध हिरासत में, फर्जी PMO आईडी और बंदूक मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम स्थल से दो संदिग्ध हिरासत में, फर्जी PMO आईडी और बंदूक मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    नई दिल्ली ।मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए पकड़ा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच आगे की जांच में जुटी है।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिए गए दो लोगों में से एक ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO का अधिकारी बताया था। जांच के दौरान उसके पास से प्रधानमंत्री कार्यालय की फर्जी आईडी मिलने की बात सामने आई है। इस पहचान पत्र को लेकर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसे किस उद्देश्य से तैयार किया गया और इसका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।

    दूसरे संदिग्ध को लेकर भी पुलिस ने गंभीर जानकारी सामने आने की बात कही है। उसके पास से एक बंदूक बरामद होने की जानकारी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह हथियार लेकर कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा और उसके पास हथियार रखने का उद्देश्य क्या था।

    हिरासत में लिए गए दोनों युवकों के संबंध और कार्यक्रम स्थल पर उनकी मौजूदगी की वजह भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किसी विशेष उद्देश्य से वहां पहुंचे थे या उनकी मौजूदगी के पीछे कोई अन्य कारण था। फर्जी पहचान पत्र और हथियार मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्धों को नीता अंबानी कल्चरल सेंटर से हिरासत में लिया गया है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम प्रस्तावित था। हिरासत में लिए गए लोगों में से एक की पहचान 24 वर्षीय रोहन पारेख के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, रोहन पारेख ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया था।

    पुलिस के मुताबिक, रोहन पारेख के साथ एक व्यक्ति बॉडीगार्ड के रूप में मौजूद था। उसके पास बंदूक मिली है। इस व्यक्ति की भूमिका और दोनों संदिग्धों के बीच संबंध को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    दोनों संदिग्धों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत मुंबई के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई है। कोर्ट में पेशी के बाद जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 8 सितंबर को मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक टेस्ट 2026 का शुभारंभ करने वाले हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही विशेष सतर्कता बरती जा रही थी। इसी दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने से सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं।

    फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस फर्जी PMO पहचान पत्र हासिल करने, हथियार के साथ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने और दोनों की वास्तविक मंशा का पता लगाने पर है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • HSBC ने वोडाफोन आइडिया पर रिड्यूस रेटिंग बरकरार रखी, 8.25 रुपये के लक्ष्य से शेयर में 47 प्रतिशत गिरावट का अनुमान

    HSBC ने वोडाफोन आइडिया पर रिड्यूस रेटिंग बरकरार रखी, 8.25 रुपये के लक्ष्य से शेयर में 47 प्रतिशत गिरावट का अनुमान

    नई दिल्ली । वोडाफोन आइडिया के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज फर्म HSBC ने चिंता जताई है। HSBC ने कंपनी के शेयर पर रिड्यूस रेटिंग बरकरार रखते हुए 8.25 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य दिया है। यह पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव की तुलना में करीब 47 प्रतिशत की संभावित गिरावट को दर्शाता है। मंगलवार को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

    वोडाफोन आइडिया के शेयर 15.40 रुपये के आसपास कारोबार कर रहे थे। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में शेयर में करीब 8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी। वहीं, 2026 में अब तक कंपनी के शेयर में 32 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 1.68 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।

    HSBC की मुख्य चिंता वोडाफोन आइडिया की स्पेक्ट्रम से जुड़ी देनदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी जुटाने की क्षमता को लेकर है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि मोबाइल टैरिफ में संभावित बढ़ोतरी से कंपनी की कमाई में सुधार हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद ऑपरेटिंग कैश फ्लो स्पेक्ट्रम भुगतान की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

    HSBC के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मोबाइल टैरिफ बढ़ने की संभावना है। इसके बावजूद वित्त वर्ष 2029 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो स्पेक्ट्रम भुगतान की आवश्यकताओं से कम रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि इन जरूरतों को पूरा करने के लिए वोडाफोन आइडिया को अगले तीन वर्षों में अपने ऑपरेटिंग कैश फ्लो को करीब तीन गुना करना होगा।

    कंपनी के नेटवर्क में होने वाला निवेश उसके बाजार हिस्सेदारी को स्थिर रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, HSBC को उम्मीद नहीं है कि नेटवर्क पर निवेश से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में कोई बड़ी बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के बीच कंपनी के EBITDA में सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वृद्धि हो सकती है।

    इस अनुमान के पीछे मुख्य वजह मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी की संभावना बताई गई है। यानी टैरिफ बढ़ने से कंपनी की कमाई और EBITDA में सुधार की उम्मीद है, लेकिन इससे पैदा होने वाला अतिरिक्त कैश स्पेक्ट्रम भुगतान की जरूरतों को पूरी तरह संभालने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता।

    वोडाफोन आइडिया के लिए चुनौती केवल वित्त वर्ष 2029 के स्पेक्ट्रम भुगतान तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। HSBC ने कहा है कि वर्ष 2030 से शुरू होने वाले स्पेक्ट्रम रिन्यूअल के लिए भी कंपनी को अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी। इससे आने वाले वर्षों में कंपनी के सामने फंडिंग की जरूरत बनी रह सकती है।

    स्पेक्ट्रम भुगतान और भविष्य के रिन्यूअल के लिए पूंजी जुटाने की क्षमता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी को एक साथ नेटवर्क निवेश और अन्य परिचालन जरूरतों को भी पूरा करना है। HSBC की रिपोर्ट में इन्हीं वित्तीय जरूरतों को शेयर के लिए प्रमुख चुनौती के तौर पर देखा गया है।

    वोडाफोन आइडिया के शेयर ने 2026 में अब तक मजबूत प्रदर्शन किया है, लेकिन HSBC का आकलन कंपनी के भविष्य के कैश फ्लो और स्पेक्ट्रम देनदारियों पर केंद्रित है। ब्रोकरेज के मुताबिक, टैरिफ बढ़ोतरी से परिचालन प्रदर्शन में सुधार संभव है, लेकिन स्पेक्ट्रम से जुड़ी मौजूदा और भविष्य की भुगतान जरूरतों के लिए कंपनी को अपनी नकदी क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करनी होगी।

  • मुरादाबाद में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को हटाने का 15 दिन का अल्‍टीमेटम, नहीं हटाया तो चलेगा बुलडोजर!

    मुरादाबाद में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को हटाने का 15 दिन का अल्‍टीमेटम, नहीं हटाया तो चलेगा बुलडोजर!

    मुरादाबाद। सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद को लेकर विवाद के बीच मुरादाबाद में भी सरकारी जमीन पर धार्मिक निर्माण का मामला सामने आया है। दिल्ली रोड पर पाकबड़ा थाना क्षेत्र में करीब 300 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध निर्माण माना है। प्राधिकरण ने मस्जिद के मुतवल्ली को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं।

    एमडीए के मुताबिक, तय समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया तो प्राधिकरण की टीम नियमानुसार कार्रवाई करेगी। नोटिस में निर्माण के सरकारी जमीन पर होने का उल्लेख किया गया है। कार्रवाई का नोटिस जारी होने के बाद मस्जिद कमेटी में हलचल बढ़ गई है। कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि मस्जिद काफी पुरानी है।

    सड़क किनारे निर्माण से यातायात प्रभावित होने का भी हवाला
    एमडीए का कहना है कि जमीन सरकारी होने की स्थिति में वहां किए गए निर्माण को नियमों के तहत वैध नहीं माना जा सकता। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि सड़क किनारे निर्माण होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। अब 15 दिन की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद एमडीए की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल प्राधिकरण की ओर से निर्माण स्वयं हटाने के लिए नोटिस दिया गया है।

    मुरादाबाद में पहले भी हटाए गए धार्मिक निर्माण
    सरकारी जमीन और सड़क किनारे धार्मिक निर्माण को लेकर मुरादाबाद में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। कांठ रोड पर सिद्ध अस्पताल के पास सड़क किनारे बने मस्जिदनुमा निर्माण को पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से हटाया गया था। इसी तरह एमडीए की सेक्टर-10 योजना में पार्क की जमीन पर बनी मीनार को भी हटाकर जमीन खाली कराई गई थी।

    एमडीए उपाध्यक्ष बोले- सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण स्वीकार नहीं
    एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित मामले में नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। अब नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • भारतीय सेना की आर्मरी से हथियार और गोला-बारूद गायब, रिकॉर्ड में खामियों ने चोरी की जांच को बनाया पेचीदा

    भारतीय सेना की आर्मरी से हथियार और गोला-बारूद गायब, रिकॉर्ड में खामियों ने चोरी की जांच को बनाया पेचीदा


    नई दिल्ली । 
    सिकंदराबाद कैंट में भारतीय सेना के हथियार चोरी होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सेना और तेलंगाना पुलिस की जांच में अब एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से पूछताछ की गई है। जांच के दौरान आर्मरी में रखे हथियारों और गोला-बारूद से जुड़े रिकॉर्ड में भी कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित रजिस्टर कई महीनों से ठीक तरीके से मेंटेन नहीं किए गए थे।

    इस मामले में सिकंदराबाद कैंट की 20 मद्रास रेजिमेंट की एक यूनिट से जुड़े हथियार गायब पाए गए हैं। चोरी हुए सामान में चार AK-203 असॉल्ट राइफल, सात पिस्टल और एक INSAS राइफल शामिल हैं। इसके अलावा एक हजार से अधिक राउंड गोला-बारूद और पैसिव नाइट-विजन बाइनोकुलर्स की एक जोड़ी भी गायब मिली है। हथियारों की संख्या और उनकी संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।

    मामले की जांच के दौरान 20 मद्रास रेजिमेंट की संबंधित यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी से सेना के अधिकारियों ने पूछताछ की है। तेलंगाना पुलिस ने भी उनसे जानकारी ली है। पूछताछ का एक प्रमुख आधार आर्मरी के रिकॉर्ड से जुड़ी कथित लापरवाही बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि हथियारों से संबंधित बही-खाते या रजिस्टर कई महीनों तक सही तरीके से अपडेट नहीं किए गए थे।

    हथियार चोरी का मामला 31 अगस्त की सुबह करीब 7:50 बजे सामने आया था। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की ओर से मलकाजगिरी कमिश्नरेट के बोल्लाराम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार, जब हथियार और गोला-बारूद रखने की जगह खोली गई तो वहां के ताले टूटे हुए मिले। इसके बाद सामान और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।

    हथियारों और गोला-बारूद की आखिरी भौतिक गिनती 30 अगस्त को शाम करीब छह बजे की गई थी। इसके बाद संबंधित भंडारण स्थान को बंद कर दिया गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने अनुमान लगाया था कि चोरी 30 और 31 अगस्त की दरम्यानी रात हुई होगी।

    हालांकि, अब जांच की दिशा कुछ बदलती नजर आ रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि हथियार ताले टूटे मिलने की घटना से पहले ही गायब हो चुके हों। आर्मरी के रिकॉर्ड में पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण यह स्पष्ट करना मुश्किल हो रहा है कि 30 अगस्त की शाम को वास्तविक रूप से सभी हथियार वहां मौजूद थे या नहीं।

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हथियारों के भंडारण वाले स्थान की सुरक्षा नियमित रूप से की जाती है। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भी किसी तरह की सेंधमारी देखने से इनकार किया है। उनके बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, हथियारों का हिसाब नियमित रूप से किया जाना जरूरी है, लेकिन रिकॉर्ड में मिली कथित खामियां जांच के लिए महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रही हैं।

    फिलहाल सेना और तेलंगाना पुलिस चोरी हुए हथियारों, गोला-बारूद और अन्य सामान का पता लगाने के साथ यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि वे आखिर कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए। रिकॉर्ड में कमी, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।

  • यूपी में समग्र शिक्षा के संविदा कर्मियों का मानदेय 25% बढ़ेगा, 11,902.85 करोड़ का बजट मंजूर

    यूपी में समग्र शिक्षा के संविदा कर्मियों का मानदेय 25% बढ़ेगा, 11,902.85 करोड़ का बजट मंजूर


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा के तहत सेवा प्रदाता के माध्यम से काम कर रहे संविदा कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समग्र शिक्षा की स्वीकृत कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई।

    राज्य परियोजना कार्यालय के साथ समग्र शिक्षा (प्रारंभिक शिक्षा) और समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के जिला परियोजना कार्यालयों में सेवा प्रदाता के जरिए कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में यह वृद्धि होगी। बैठक में बताया गया कि इन कर्मचारियों के मानदेय में वर्ष 2020 के बाद से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी।

    यूनिफॉर्म की रकम का उसी काम में इस्तेमाल हो

    मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के जरिए अभिभावकों को दी जा रही राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो। अभिभावकों को इसके लिए जागरूक करने के साथ बच्चों को तय यूनिफॉर्म में स्कूल भेजना भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

    उन्होंने सरकारी स्कूलों में मौजूद स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही उपलब्ध तकनीकी उपकरणों और अन्य संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    पढ़ाई के साथ खेल और प्रयोगशालाओं पर फोकस

    एसपी गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों के विकास को केवल कक्षा में होने वाली पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी शिक्षा का अहम हिस्सा बनाया जाए।

    उन्होंने शासकीय विद्यालयों की भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान की प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने और विद्यार्थियों से उनका नियमित व प्रभावी उपयोग कराने के निर्देश दिए।

    2025-26 में 92.46% बजट खर्च

    बैठक में समग्र शिक्षा के वित्तीय उपयोग की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि वर्ष 2025-26 में बजट के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के बाद 9,425.21 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह उपलब्ध कुल धनराशि का 92.46 प्रतिशत था। इसके मुकाबले वर्ष 2024-25 में उपलब्ध धनराशि का 69.60 प्रतिशत ही खर्च हो सका था।

    वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने समग्र शिक्षा के तहत 11,902.85 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इस राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सघन और लक्षित प्रयास करने के निर्देश दिए।

    बाल वाटिका से कक्षा-2 तक निपुण भारत पर जोर

    बैठक में निपुण भारत मिशन की प्रगति की भी जानकारी दी गई। इसके तहत बाल वाटिका से कक्षा-2 तक के विद्यार्थियों की बुनियादी भाषायी और गणतीय क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    परिषदीय विद्यालयों में इस पहल को कक्षा-3 से 5 तक भी विस्तारित किया गया है। इन कक्षाओं के लिए हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण विषयों में सीखने के लक्ष्य तय किए गए हैं।

    टाटा टेक्नोलॉजी और यास्कावा के साथ एमओयू

    बैठक में बताया गया कि मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद ड्रीम लैब की स्थापना के लिए टाटा टेक्नोलॉजी, जापानी कंपनी यास्कावा और अन्य उद्योग समूहों के साथ विभाग की ओर से एमओयू किया जा चुका है। वहीं, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल सेफ्टी ऑडिट के लिए कार्यदायी संस्था का चयन भी पूरा हो गया है।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • हिंदू समूह की यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाने पर भड़के एफिल टावर कर्मचारी, एक दिन बंद रहा टावर

    हिंदू समूह की यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाने पर भड़के एफिल टावर कर्मचारी, एक दिन बंद रहा टावर

    नई दिल्ली ।पेरिस के प्रसिद्ध एफिल टावर को सोमवार को कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एक दिन के लिए बंद करना पड़ा। हड़ताल की वजह एक हिंदू धार्मिक समूह की यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाए जाने का मामला बताया जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर लिंग के आधार पर भेदभाव किया गया और महिलाओं को हटाकर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को लगाया गया।

    घटना का संबंध बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी BAPS के एक प्रतिनिधिमंडल की एफिल टावर यात्रा से बताया गया है। समूह में 100 से अधिक संत और अन्य सदस्य शामिल थे। यात्रा से पहले महिला कर्मचारियों को उनके निर्धारित कार्यस्थलों से हटाने का निर्णय लिया गया था। इस फैसले से कर्मचारियों में नाराजगी पैदा हुई और बाद में उन्होंने विरोध स्वरूप हड़ताल कर दी।

    एफिल टावर की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी एसईटीई के अनुसार, धार्मिक समूह की ओर से अनुरोध किया गया था कि उनके दौरे के दौरान महिलाओं से बातचीत कम से कम हो। कंपनी ने कहा कि उसने इस तरह की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, घटनाक्रम के दौरान महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।

    कर्मचारियों की ओर से इस मामले को कार्यस्थल पर लैंगिक भेदभाव से जोड़कर देखा गया। उनका कहना था कि किसी धार्मिक या सांस्कृतिक समूह की पसंद के आधार पर महिला कर्मचारियों को उनके काम से हटाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने सोमवार को काम रोक दिया, जिसके चलते एफिल टावर आने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    इस विवाद के बाद BAPS से जुड़े पेरिस स्थित हिंदू मंदिर की ओर से भी खेद जताया गया। संस्था ने कहा कि यदि उनके प्रतिनिधिमंडल की वजह से किसी व्यक्ति को ठेस पहुंची है या किसी तरह की परेशानी हुई है तो उन्हें इसका अफसोस है। संस्था ने यह भी बताया कि प्रतिनिधिमंडल में 100 से अधिक लोग शामिल थे और बड़ी संख्या को देखते हुए यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए व्यवस्थाएं पहले से तय की गई थीं।

    पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि कंपनी को इस तरह की शर्तें स्वीकार नहीं करनी चाहिए थीं। विवाद ने धार्मिक स्वतंत्रता, कार्यस्थल पर समानता और महिला कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है।

    एफिल टावर पेरिस की पहचान से जुड़ी दुनिया की सबसे प्रसिद्ध संरचनाओं में से एक है। सीन नदी के किनारे स्थित यह टावर करीब 330 मीटर ऊंचा है। इसका निर्माण 1887 से 1889 के बीच कराया गया था। इसे 1889 में आयोजित विश्व मेले के लिए तैयार किया गया था। यह आयोजन फ्रांसीसी क्रांति की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया था।

    इस विशाल टावर का डिजाइन गुस्ताव एफिल से जुड़ा है और उन्हीं के नाम पर इसे एफिल टावर कहा गया। शुरुआत में इसे प्रदर्शनी के लिए तैयार किया गया था, लेकिन समय के साथ यह पेरिस और फ्रांस की सबसे बड़ी पहचान बन गया। आज दुनियाभर से लाखों पर्यटक इसे देखने पहुंचते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण इसका एक दिन बंद रहना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया।

  • यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा मानदेय, अब 12 हजार रुपए मिलेंगे, सहायिकाओं को 6 हजार

    यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा मानदेय, अब 12 हजार रुपए मिलेंगे, सहायिकाओं को 6 हजार

    अयोध्या। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मौजूदा 8 हजार रुपए का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपए किया जाएगा। वहीं, सहायिकाओं को अब 4 हजार रुपए की जगह 6 हजार रुपए मानदेय मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त साड़ी के लिए भी राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

    अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में हुआ कार्यक्रम

    सीएम योगी ने अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब थी और केंद्रों के लिए भेजे जाने वाले पैसे का दुरुपयोग होता था।

    उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका और कामकाज को व्यवस्थित करने का प्रयास किया है। उनके मुताबिक, जिस तरह अयोध्या की तस्वीर बदली है, उसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति में भी सुधार हुआ है।

    ‘पहले अयोध्या में सड़क-बिजली की स्थिति खराब थी’

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के शासन में अयोध्या के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, पहले शहर में बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब थी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या सोलर सिटी बन चुकी है और विकास के नए काम हो रहे हैं।

    योगी ने कहा कि पहले अयोध्या में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली आती थी, जबकि अब शहर रोशन हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अयोध्या में जिस तरह बदलाव आया है, उसी अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।
    योगी ने कहा कि पहले अयोध्या में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली आती थी, जबकि अब शहर रोशन हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अयोध्या में जिस तरह बदलाव आया है, उसी अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।

    राम मंदिर और अयोध्या के विकास का मुद्दा उठाया

    सीएम योगी ने कांग्रेस और सपा पर राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने और अयोध्या के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए इच्छाशक्ति जरूरी होती है और इसी इच्छाशक्ति के कारण अयोध्या में लगातार विकास हुआ।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और दुनिया के लोग अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अयोध्या में हुए बदलाव ने शहर को नई पहचान दी है।