Blog

  • रेबीज वैक्सीन के नाम पर बड़ा खेल! Abhayrab के संदिग्ध वायल जांच में फेल, पैकेजिंग में मिलीं 17 गड़बड़ियां

    रेबीज वैक्सीन के नाम पर बड़ा खेल! Abhayrab के संदिग्ध वायल जांच में फेल, पैकेजिंग में मिलीं 17 गड़बड़ियां


    नई दिल्ली । रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन को लेकर सामने आई एक खबर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। Abhayrab वैक्सीन के बैच नंबर KE25012 से जुड़े कुछ वायल दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक बिना लाइसेंस वाले परिसर से बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान इन वायल के एक सैंपल को जरूरी potency test में तय मानकों पर खरा नहीं पाया गया। इसके बाद संबंधित बैच को Not of Standard Quality यानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं माना गया है। साथ ही बरामद वायल के नकली होने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।

    मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि रेबीज एक बेहद खतरनाक बीमारी है और संक्रमित जानवर के काटने के बाद समय पर सही उपचार और प्रभावी वैक्सीन लेना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली से बरामद किए गए संदिग्ध वायल को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया था। केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला कसौली में हुई जांच में सैंपल जरूरी potency मानक को पूरा नहीं कर सका। इसके बाद नियामक स्तर पर राज्यों को सतर्क किया गया है।

    इस मामले में वैक्सीन बनाने वाली Indian Immunologicals Limited ने भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। कंपनी का कहना है कि जांच में मिले वायल उसकी ओर से तैयार नहीं किए गए हैं। कंपनी के मुताबिक बरामद पैकेज पर Abhayrab का नाम और KE25012 बैच नंबर जरूर लिखा था लेकिन जब इन्हें कंपनी के रिकॉर्ड और सुरक्षित रखे गए वास्तविक सैंपल से मिलाया गया तो कई अंतर सामने आए। कंपनी ने लेबल और पैकेजिंग से लेकर QR कोड कैप के रंग लाइसेंस संबंधी जानकारी और अन्य विवरणों में अंतर होने की बात कही है। कंपनी के अनुसार कुल 17 तरह की विसंगतियां सामने आई हैं। इन्हीं आधारों पर इन वायल के नकली होने की आशंका की जांच की जा रही है।

    मामले के बाद Drugs Controller General of India यानी DCGI ने राज्यों के ड्रग कंट्रोलर्स को संबंधित बैच की बिक्री और वितरण पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संदिग्ध वायल मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है और अब जांच का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध वायल कहां से आए और क्या इन्हें किसी नेटवर्क के जरिए अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया गया।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके अधिकृत चैनल से सप्लाई की गई Abhayrab वैक्सीन इस मामले से प्रभावित नहीं है। कंपनी के अनुसार मूल बैच KE25012 में 83 हजार 370 वायल थे जिन्हें अधिकृत माध्यमों से वितरित किया गया था। हालांकि जांच के दायरे में आए संदिग्ध वायल की वास्तविक संख्या और उनकी पहुंच को लेकर पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही साफ होगी।

    गौर करने वाली बात यह है कि Abhayrab को लेकर इससे पहले भी नकली वैक्सीन का मामला सामने आ चुका है। जनवरी 2025 में कंपनी ने एक अन्य बैच के नाम पर नकली वैक्सीन बाजार में आने की जानकारी ड्रग रेगुलेटर को दी थी। मौजूदा मामले ने एक बार फिर दवा और वैक्सीन की सप्लाई चेन पर निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत है। अगर किसी व्यक्ति को जानवर ने काटा है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। वैक्सीन लगवाने से पहले अस्पताल या अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र से उसकी उपलब्धता और स्रोत की पुष्टि करना भी महत्वपूर्ण है। संदिग्ध पैकेजिंग या वैक्सीन को लेकर कोई शंका हो तो खुद से निर्णय लेने के बजाय डॉक्टर या संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करना बेहतर है। इस मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

  • ईरान से युद्ध जीते तो सस्ता होगा तेल-गैस, ट्रंप का दावा; एर्दोगन ने इस्राइल पर लगाया शांति प्रयास बिगाड़ने का आरोप

    ईरान से युद्ध जीते तो सस्ता होगा तेल-गैस, ट्रंप का दावा; एर्दोगन ने इस्राइल पर लगाया शांति प्रयास बिगाड़ने का आरोप

    वाशिंगट। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध में अमेरिका की जीत के बाद तेल और गैस की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी। ट्रंप ने कहा कि गैस की कीमत पहले तीन डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती है और बाद में यह दो डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जा सकती है। दूसरी ओर ईरान ने अपनी ऊर्जा सुविधाओं और तेल टैंकरों पर किसी भी हमले की स्थिति में अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने इस्राइल पर अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। वहीं, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी शासन के अंत को अपना प्रमुख लक्ष्य बताते हुए कहा है कि तेहरान की सरकार कमजोर पड़ चुकी है।

    ट्रंप का दावा- युद्ध के बाद घटेंगी तेल और गैस की कीमतें

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में जीत हासिल करने के बाद तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि गैस की कीमत करीब तीन डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती है और अंततः दो डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जाने की संभावना है।

    ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।

    ईरान ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की दी चेतावनी

    ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान का तेल और गैस उत्पादन तंत्र व्यापक क्षेत्र में फैला हुआ है और उसकी सुरक्षा आसान नहीं है।

    गालिबाफ ने कहा कि यदि ईरान की संपत्तियों को निशाना बनाया गया तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान पहले ही इस तरह के जवाब की क्षमता प्रदर्शित कर चुका है।

    यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी अधिकारियों की ओर से ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है।

    अमेरिकी अधिकारियों ने तेल टैंकरों को लेकर दी चेतावनी

    अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि यदि ईरान अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो अमेरिका उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हो चुका है।

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों पर कार्रवाई का वीडियो भी साझा किया है। अमेरिकी कमांड के अनुसार, ये टैंकर ऐसे नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसके माध्यम से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को आर्थिक मदद मिलती थी।

    सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने की स्थिति में ईरान की तेल आपूर्ति पर और बड़ी आर्थिक कीमत थोपी जा सकती है।

    एर्दोगन ने इस्राइल पर लगाया शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचाने का आरोप

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर शांति प्रयासों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस्राइल की कार्रवाई के कारण जून में ईरान और अमेरिका के बीच हुआ 14 सूत्री इस्लामाबाद समझौता प्रभावित हुआ।

    एर्दोगन के अनुसार, युद्ध का असर केवल ईरान और खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक शांति को खतरे के रूप में देखने वाली सोच में बदलाव नहीं आता, तब तक क्षेत्रीय संकट समाप्त करना मुश्किल होगा।

    बताया गया है कि प्रस्तावित समझौते में सैन्य कार्रवाई रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, प्रतिबंधों में राहत और ईरान के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर के अमेरिकी समर्थित आर्थिक विकास कार्यक्रम जैसे प्रावधान शामिल थे।

    नेतन्याहू बोले- ईरानी शासन का अंत करीब

    इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान की सरकार कमजोर हो चुकी है और उसके अस्तित्व पर संकट है। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है।

    नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इस्राइल को आजमाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि ईरानी शासन को समाप्त करना अभी प्रमुख लक्ष्य है और इसके पूरा होने से मध्य पूर्व की स्थिति तथा क्षेत्र के लोगों का इतिहास स्थायी रूप से बदल सकता है।

  • MP में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, फिर भी 31 जिलों में कमी: मऊगंज में 53 इंच पानी, आलीराजपुर सबसे सूखा

    MP में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, फिर भी 31 जिलों में कमी: मऊगंज में 53 इंच पानी, आलीराजपुर सबसे सूखा


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून अब धीरे धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और प्रदेश में अब तक बारिश का बड़ा आंकड़ा दर्ज हो चुका है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसतन 31.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जो अब तक की सामान्य बारिश के कोटे का 83.5 प्रतिशत है। हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा है। जहां भोपाल समेत 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है वहीं 31 जिलों में अब भी औसत से काफी कम पानी गिरा है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश के बावजूद मानसून का आंकड़ा अभी पूरी तरह संतुलित नहीं हो पाया है।

    मौसम के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 790.8 मिलीमीटर यानी करीब 31.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 840.6 मिलीमीटर यानी 33.1 इंच से लगभग 2 इंच कम है। पूरे प्रदेश के स्तर पर अभी तक औसत से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है जहां औसत के आसपास और कुछ क्षेत्रों में उससे ज्यादा बारिश हुई है जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी अधिक दिखाई दे रही है।

    भोपाल राजगढ़ शिवपुरी निवाड़ी मैहर भिंड श्योपुर सिंगरौली सीधी सतना मऊगंज और उमरिया उन जिलों में शामिल हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में मानसून का आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुका है। उमरिया अनूपपुर आगर मालवा टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना ग्वालियर गुना दतिया खरगोन और बुरहानपुर में भी अब तक बारिश की स्थिति काफी बेहतर मानी जा रही है।

    इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश पूर्वी मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में दर्ज की गई है जहां अब तक करीब 53 इंच पानी गिर चुका है। इसके विपरीत आलीराजपुर में सबसे कम करीब 13.6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह अंतर साफ दिखाता है कि प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में मानसून की सक्रियता कितनी अलग रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिन भी प्रदेश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बादल अधिक सक्रिय रहेंगे जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। 12 सितंबर के बाद नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने पर पूरे मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई तेज बारिश से वहां के मौसमी आंकड़ों में बड़ा सुधार हुआ है। कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी नालों का जलस्तर बढ़ा और कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसके चलते सीजन की शुरुआत में बारिश में पीछे रहने वाला पूर्वी हिस्सा अब आंकड़ों में बेहतर स्थिति में पहुंच गया है।

    वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिले अब भी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं। आलीराजपुर अशोकनगर बैतूल देवास धार हरदा इंदौर झाबुआ खंडवा मंदसौर मुरैना नर्मदापुरम नीमच बड़वानी रायसेन रतलाम सीहोर शाजापुर उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में यह कमी 7 प्रतिशत से लेकर 54 प्रतिशत तक बताई गई है।

    मध्यप्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत करीब 37.3 इंच है। राजधानी भोपाल सहित इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच तक रहता है। जून में सामान्य से कम बारिश होने के बाद जुलाई और अगस्त में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार जरूर आया लेकिन शुरुआती कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है।

    फिलहाल प्रदेश में अब तक 83.5 प्रतिशत बारिश का कोटा पूरा हो चुका है और आने वाले दिनों में नया सिस्टम सक्रिय होने पर बाकी इलाकों में भी बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा नजर अब रीवा और शहडोल संभाग पर रहेगी जहां अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

  • सेना की बढ़ेगी ताकत, करोड़ों के रक्षा खरीद को मंजूरी; 98 प्रतिशत खरीद स्वदेशी कंपनियों से

    सेना की बढ़ेगी ताकत, करोड़ों के रक्षा खरीद को मंजूरी; 98 प्रतिशत खरीद स्वदेशी कंपनियों से

    नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र सेनाओं की युद्धक क्षमता और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रस्तावों में हेलीकॉप्टर, रडार, सीबीआरएन टोही वाहन, माइन लेयर, मोबाइल ब्रिजिंग सिस्टम और विभिन्न आधुनिक सैन्य उपकरण शामिल हैं।

    इस खरीद प्रक्रिया में स्वदेशी रक्षा उद्योग को प्राथमिकता दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि मंजूर किए गए बजट का करीब 98 प्रतिशत हिस्सा भारतीय कंपनियों से खरीद पर खर्च किया जाएगा। इससे घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा देने और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    थलसेना के लिए हेलीकॉप्टर और आधुनिक सैन्य प्रणालियां

    थलसेना के लिए स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव/रुद्र की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी दी गई है। इनका इस्तेमाल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैनिकों की आवाजाही, रसद और आपात अभियानों में किया जा सकेगा।

    सेना के लिए हाई मोबिलिटी व्हीकल्स भी खरीदे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में सैन्य रसद पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

    इसके अलावा रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु खतरों से निपटने के लिए CBRN रिकॉनिसेंस व्हीकल्स शामिल किए जाएंगे। ये वाहन संभावित खतरनाक पदार्थों और प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, निगरानी तथा टोही में मदद करेंगे।

    माइंस से निपटने और नदी-नालों को पार करने की क्षमता बढ़ेगी

    थलसेना के लिए सेल्फ-प्रोपेल्ड मैकेनिकल माइन लेयर्स की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। इन प्रणालियों के जरिए जरूरत के मुताबिक तेजी से बारूदी सुरंगें बिछाई जा सकेंगी।

    वहीं, दुश्मन की ओर से बिछाई गई माइंस को हटाकर बख्तरबंद वाहनों और टैंकों के लिए सुरक्षित रास्ता बनाने के उद्देश्य से ट्रॉल टैंक सिस्टम शामिल किया जाएगा।

    नदियों और नालों को पार करने के लिए सेना की भारी गाड़ियों की क्षमता बढ़ाने के लिहाज से मोबाइल ब्रिजिंग सिस्टम ‘सर्वत्र’ भी खरीदा जाएगा। इससे अभियान के दौरान तेजी से अस्थायी पुल तैयार कर सैन्य वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    नौसेना में आधुनिक रडार और स्वदेशी मरीन गैस टर्बाइन

    नौसेना के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रणालियों की खरीद को मंजूरी मिली है। इसके तहत ‘अरुधरा’ रडार को शामिल किया जाएगा। नौसैनिक एयर स्टेशनों पर मौजूद पुराने एयर रूट सर्विलांस रडार को आधुनिक प्रणाली से बदलने की योजना है। इससे हवाई निगरानी और एयर ट्रैफिक मॉनिटरिंग क्षमता मजबूत होगी।

    इसके साथ ही युद्धपोतों में इस्तेमाल होने वाली मरीन गैस टर्बाइन को देश में ही डिजाइन और निर्मित करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य नौसैनिक प्रणालियों में स्वदेशी तकनीक की हिस्सेदारी बढ़ाना और विदेशी निर्भरता कम करना है।

    वायुसेना के सुखोई और हेलीकॉप्टर होंगे और सक्षम

    वायुसेना की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए सुखोई लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों से संबंधित अपग्रेड और प्रणालियों को भी खरीद प्रस्तावों में शामिल किया गया है।

    इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए जैमर तथा रक्षा बलों के सुरक्षित प्रवेश और पहचान से जुड़ा सिक्योर एक्सेस कार्ड सिस्टम भी शामिल किया जाएगा।

    आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

    करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के इन रक्षा खरीद प्रस्तावों में घरेलू कंपनियों से 98 प्रतिशत खरीद का प्रावधान भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे देश में सैन्य उपकरणों के उत्पादन, अनुसंधान एवं विकास तथा रक्षा क्षेत्र से जुड़े औद्योगिक आधार को विस्तार मिलने की उम्मीद है।

    सरकार का जोर आधुनिक सैन्य तकनीक हासिल करने के साथ-साथ रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर है। नई खरीद से तीनों सेनाओं की परिचालन तैयारियों और विभिन्न परिस्थितियों में तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य है।

  • अब अवैध शराब पर चौतरफा वार: अचानक छापे, रात में गश्त और वाहनों की जांच, गड़बड़ी नजरअंदाज करने वालों पर होगी कार्रवाई

    अब अवैध शराब पर चौतरफा वार: अचानक छापे, रात में गश्त और वाहनों की जांच, गड़बड़ी नजरअंदाज करने वालों पर होगी कार्रवाई


    भोपाल। सागर में जहरीली शराब पीने से 20 से अधिक लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ सरकार और आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेशभर में अब विशेष अभियान चलाकर केवल अवैध शराब की बिक्री ही नहीं बल्कि इसके निर्माण संग्रहण और परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जाएगी। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध मदिरा के कारोबार पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गंभीर गड़बड़ी को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

    जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जारी निर्देशों में प्रदेश के सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया है। ऐसे इलाकों में जहां अवैध शराब के निर्माण संग्रहण परिवहन या बिक्री की आशंका रहती है वहां नियमित जांच के साथ अचानक छापेमारी की जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि अवैध शराब का कारोबार शुरू होने से पहले ही उस पर कार्रवाई की जा सके।

    विशेष अभियान में सूचना तंत्र को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब से संबंधित मिलने वाली हर विश्वसनीय सूचना का तत्काल सत्यापन किया जाएगा। सूचना सही पाए जाने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 और लागू नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने के भी निर्देश दिए हैं ताकि लोग बिना किसी डर के अवैध शराब के कारोबार की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।

    अवैध शराब बनाने वाली भट्ठियों अड्डों संग्रहण केंद्रों और बिक्री स्थलों पर विशेष दबिश देने की तैयारी है। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी और पंचनामा समेत सभी दस्तावेजों को सही तरीके से तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को विशेष रूप से साक्ष्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए कहा गया है ताकि कार्रवाई के बाद मामले अदालत में मजबूती के साथ पेश किए जा सकें और आरोपी कानूनी प्रक्रिया की कमियों का फायदा न उठा सकें।

    अवैध शराब के परिवहन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। संवेदनशील मार्गों जिला सीमाओं और चिन्हित स्थानों पर वाहनों की आकस्मिक जांच होगी। संदिग्ध वाहनों में अवैध शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वाहन नंबर चालक और मालिक समेत जरूरी जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अंतर जिला और अंतर राज्यीय शराब तस्करी की आशंका वाले मार्गों पर संबंधित जिलों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी होगी।

    आबकारी विभाग ने लंबित मामलों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं। जिन मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई बाकी है उनकी समीक्षा कर फरार और वांछित आरोपियों की अलग सूची तैयार की जाएगी। जमानत राजसात अभिरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामलों में भी लंबित कार्रवाई को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

    लाइसेंसी शराब दुकानों और परिसरों की भी विशेष जांच की जाएगी। यदि वहां अवैध शराब के विक्रय भंडारण लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन या किसी अन्य गंभीर अनियमितता की सूचना मिलती है तो तत्काल निरीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अनियमितताओं को किसी भी परिस्थिति में अनदेखा नहीं किया जाएगा।

    अभियान की निगरानी के लिए दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। दबिश तलाशी वाहन जांच जब्ती दर्ज प्रकरण गिरफ्तारियां फरार आरोपी और जब्त शराब समेत हर कार्रवाई का विवरण प्रतिदिन दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजना होगा। कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा और कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शून्य अंकित करना होगा।

    सबसे अहम बात यह है कि अब अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। विश्वसनीय सूचना मिलने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने गंभीर गड़बड़ी की उपेक्षा करने या दायित्व के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। सहायक आबकारी आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारियों को अपने जिलों में व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सागर की घटना के बाद शुरू होने वाला यह विशेष अभियान प्रदेश में अवैध शराब के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लगातार जांच छापेमारी और सख्त निगरानी से जहरीली और अवैध शराब के कारोबार पर कितनी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

  • 12 हजार फीट से लगाई छलांग, पैराशूट नहीं खुला; सिर पर लगी चोट, हवा में बेहोश हुईं

    12 हजार फीट से लगाई छलांग, पैराशूट नहीं खुला; सिर पर लगी चोट, हवा में बेहोश हुईं


    लंदन।
    ब्रिटेन में स्काइडाइविंग के दौरान एक 35 वर्षीय महिला के साथ ऐसा खतरनाक हादसा हुआ, जिसमें उसके हजारों फीट की ऊंचाई से बिना खुले पैराशूट के गिरने के बावजूद जान बच गई। महिला हवा में ही बेहोश हो गई थी और करीब 10 हजार फीट तक बिना पैराशूट खुले नीचे गिरती रही। आखिरकार एक पेड़ से टकराने के कारण उसकी गिरने की गति कम हुई और उसकी जान बच गई।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना 7 अगस्त को नॉटिंघम के पास स्थित लैंगर एयरफील्ड में हुई। होली विफन नाम की महिला एक समूह के साथ करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई से स्काइडाइविंग कर रही थीं। इस दौरान समूह ‘ट्रैकिंग’ तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था, जिसमें स्काइडाइवर शरीर को लगभग क्षैतिज स्थिति में रखकर तेजी से नीचे आते हैं।

    सिर पर लगी जोरदार टक्कर और हवा में बेहोश हुईं

    स्काइडाइविंग के दौरान अचानक एक अन्य स्काइडाइवर का पैर होली के सिर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह हवा में ही बेहोश हो गईं। बेहोशी के कारण वह अपना पैराशूट खोलने की स्थिति में नहीं थीं और लगातार तेज गति से नीचे गिरती रहीं।

    होली को इस हालत में नीचे गिरते देखकर एक अन्य स्काइडाइवर ने उनका पीछा किया और उन्हें हवा में पकड़ने की कोशिश की। हालांकि, करीब 3,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद उसे अपना पैराशूट खोलना पड़ा। इसके बाद होली लगातार नीचे गिरती रहीं। हादसे का कुछ हिस्सा उनके हेलमेट पर लगे कैमरे में भी रिकॉर्ड हुआ।

    करीब 10 हजार फीट तक बिना पैराशूट के गिरती रहीं

    रिपोर्टों के मुताबिक, होली करीब 10 हजार फीट तक बिना खुले पैराशूट के नीचे आईं। उन्हें इस दौरान हुई घटनाओं की बहुत कम याद है। बाद में उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे वह सपना देख रही हों और स्काइडाइविंग कर रही हों। उनकी अगली स्पष्ट याद तब आई, जब उन्होंने खुद को जमीन पर पाया।

    पेड़ से टकराने पर कम हुई गिरने की रफ्तार

    होली निर्धारित लैंडिंग स्थल पर नहीं पहुंचीं, बल्कि एक पेड़ से जा टकराईं। पेड़ ने उनके गिरने की रफ्तार को काफी कम कर दिया। माना जा रहा है कि इसी वजह से उनकी जान बच सकी।

    हादसे के बाद होली को अस्पताल ले जाया गया। दुर्घटना में उनकी बाईं टांग टूट गई और रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। शरीर के कई हिस्सों में चोटें और गंभीर नीले निशान भी आए। इसके बावजूद हजारों फीट की ऊंचाई से बिना खुले पैराशूट के गिरने के बाद उनका जीवित बचना बेहद असाधारण माना जा रहा है।

  • ‘बार-बार चेताया फिर भी नहीं जागा प्रशासन’ बंडा शराब कांड पर सपा का बड़ा आरोप, कलेक्टर-SP समेत अधिकारियों की जांच की मांग

    ‘बार-बार चेताया फिर भी नहीं जागा प्रशासन’ बंडा शराब कांड पर सपा का बड़ा आरोप, कलेक्टर-SP समेत अधिकारियों की जांच की मांग


    भोपाल। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी ने इस मामले में जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी लगातार कई महीनों से बंडा क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब की बिक्री के खिलाफ प्रशासन को चेतावनी दे रही थी। सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव का कहना है कि पार्टी ने पिछले पांच महीनों में छह बार ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। अब जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पार्टी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    सपा प्रदेश अध्यक्ष ने सागर में पत्रकारों के सामने ज्ञापनों की प्रतियां पेश करते हुए कहा कि अप्रैल से ही प्रशासन को बंडा क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के कारोबार की जानकारी दी जा रही थी। पार्टी की ओर से अलग अलग अवसरों पर प्रशासन को चेतावनी दी गई कि अवैध रूप से बिक रही शराब लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है। इसके बावजूद आरोप है कि शिकायतों पर कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सपा का कहना है कि यदि समय रहते अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाती तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।

    मौतों के आंकड़े को लेकर भी सपा और प्रशासन के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने दावा किया है कि जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 50 तक पहुंच चुकी है जबकि प्रशासन की ओर से अब तक 22 मौतों की पुष्टि की जा रही है। सपा ने आरोप लगाया कि कई मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कराया जा रहा है और इसी वजह से मौतों का वास्तविक आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा है।

    हालांकि सपा की ओर से किए गए 50 मौतों के दावे और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से पुष्टि किए गए आंकड़े और विपक्षी दल के दावों में बड़ा अंतर होने के कारण इस पूरे मामले की जांच और पारदर्शिता की मांग भी तेज हो गई है।

    समाजवादी पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सागर कलेक्टर एसपी और बंडा एसडीएम समेत उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए जिन तक अवैध शराब की बिक्री से संबंधित शिकायतें पहुंचाई गई थीं। सपा ने प्रशासन से यह भी सवाल किया है कि बार बार ज्ञापन और शिकायतें दिए जाने के बावजूद अवैध शराब के खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

    डॉ. मनोज यादव का आरोप है कि यदि प्रशासन ने शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लिया होता और अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए होते तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पार्टी अब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।

    बंडा जहरीली शराब मामले में प्रशासन और समाजवादी पार्टी के दावों के बीच बड़ा अंतर सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। जहां प्रशासन ने अब तक 22 मौतों की पुष्टि की है वहीं सपा ने 50 लोगों की मौत का दावा किया है। ऐसे में अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले की गई शिकायतों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।

  • पीएम मोदी के कार्यक्रम में पहली बार डिजिटल एंट्री, लाइव QR कोड से मिलेगा प्रवेश; एक घंटे में बुक हुईं सभी सीटें

    पीएम मोदी के कार्यक्रम में पहली बार डिजिटल एंट्री, लाइव QR कोड से मिलेगा प्रवेश; एक घंटे में बुक हुईं सभी सीटें


    वडोदरा
    ।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात दौरे के दौरान वडोदरा में होने वाला ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम डिजिटल व्यवस्था के कारण खास चर्चा में है। कार्यक्रम में प्रवेश के लिए न तो कोई लाइन लगेगी और न ही कागजी पर्ची की जरूरत होगी। पहली बार कार्यक्रम के लिए पंजीकरण और टिकट व्यवस्था निजी डिजिटल मनोरंजन मंच बुक माय शो के जरिए की गई है।

    कार्यक्रम के लिए नि:शुल्क पंजीकरण शुरू होते ही लोगों की भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। स्थिति यह रही कि रजिस्ट्रेशन विंडो खुलने के करीब एक घंटे के भीतर सभी सीटें बुक हो गईं। इसके बाद पंजीकरण बंद करना पड़ा, जबकि 42 हजार से अधिक लोगों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया है।

    निजी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पंजीकरण

    कार्यक्रम के आयोजन में वडोदरा नगर निगम (VMC) ने पंजीकरण के लिए पहली बार किसी निजी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है। लोगों को घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपनी सीट बुक करने की सुविधा दी गई।

    रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया। तेजी से सीटें भरने के बाद बुकिंग बंद करनी पड़ी। बड़ी संख्या में लोगों का वेटिंग लिस्ट में शामिल होना कार्यक्रम के प्रति स्थानीय लोगों की रुचि को दर्शाता है।

    M-टिकट में मिलेगा लाइव QR कोड

    कार्यक्रम में रजिस्टर्ड लोगों को उनके बुक माय शो अकाउंट पर डिजिटल M-टिकट उपलब्ध कराया जाएगा। इस टिकट में सुरक्षित लाइव QR कोड होगा। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के दौरान इसी QR कोड को स्कैन कर टिकट का सत्यापन किया जाएगा।

    इस व्यवस्था में कागजी टिकट या अलग से प्रवेश पर्ची की आवश्यकता नहीं होगी।

    रजिस्ट्रेशन से प्रवेश और सीट तक डिजिटल सिस्टम

    कार्यक्रम की डिजिटल व्यवस्था केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है। टिकट जारी करने, टिकट सत्यापन, कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश और बैठने की व्यवस्था को भी डिजिटल तरीके से संचालित किया जा रहा है।

    आयोजकों का उद्देश्य प्रवेश के दौरान लोगों के इंतजार का समय कम करना और कार्यक्रम स्थल पर भीड़ की आवाजाही को व्यवस्थित रखना है। डिजिटल सत्यापन के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को तेजी से प्रवेश देने की व्यवस्था की गई है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब युवाओं से जुड़े मुद्दों और सरकार के साथ सीधे संवाद को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। ऐसे में वडोदरा का यह डिजिटल पंजीकरण और प्रवेश मॉडल प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ जनभागीदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • 20 सितंबर को भोपाल में दिखेगा RSS का विशाल अनुशासन और संगठन: 30 हजार स्वयंसेवक करेंगे परेड-योग-दंड प्रयोग, होसबाले होंगे मुख्य अतिथि

    20 सितंबर को भोपाल में दिखेगा RSS का विशाल अनुशासन और संगठन: 30 हजार स्वयंसेवक करेंगे परेड-योग-दंड प्रयोग, होसबाले होंगे मुख्य अतिथि


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। आगामी 20 सितंबर को ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड पर विशाल शाखा संगम आयोजित किया जाएगा जिसमें भोपाल विभाग के करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों की मौजूदगी के कारण इस आयोजन को संघ के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में माना जा रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य रूप से शामिल होंगे और स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन देंगे।

    लाल परेड ग्राउंड पर यह आयोजन दोपहर बाद करीब 3 बजे शुरू होगा। शाखा संगम में भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले भोपाल प्रताप भोजपुर तात्या टोपे और विद्युत नगर संगठनात्मक जिलों के स्वयंसेवक एक साथ जुटेंगे। संघ की विभिन्न शाखाओं से जुड़े हजारों स्वयंसेवक इस कार्यक्रम में पूर्ण गणवेश में पहुंचेंगे। इतनी बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण के चलते आयोजन की तैयारियां भी बड़े स्तर पर की जा रही हैं।

    शाखा संगम के दौरान स्वयंसेवकों के अनुशासन और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। हजारों स्वयंसेवक एक साथ समता यानी परेड करेंगे। इसके अलावा शारीरिक व्यायाम दंड प्रयोग और योग का सामूहिक प्रदर्शन भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। संघ की दृष्टि से भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख नगरों और बस्तियों की शाखाओं का यह एक बड़ा एकत्रीकरण होगा। आयोजन के माध्यम से संगठन की गतिविधियों और समाज जीवन में उसकी भूमिका को भी सामने रखा जाएगा।

    यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के आयोजन से भी जुड़ा हुआ है। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में अलग अलग गतिविधियों और कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। इसी क्रम में संघ ने विभिन्न क्षेत्रों में मुहल्ला शाखाओं के गठन और विस्तार पर भी जोर दिया है। भोपाल में आयोजित होने वाले शाखा संगम में इन मुहल्ला शाखाओं से जुड़े स्वयंसेवकों की भी बड़ी भागीदारी रहने की संभावना है। इसे मुहल्ला स्तर पर संगठन विस्तार के बाद एक बड़े सामूहिक जुटान के रूप में देखा जा रहा है।

    कार्यक्रम में दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी को भी विशेष माना जा रहा है। वे स्वयंसेवकों को संगठन समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। युवाओं से संवाद भी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। हाल के समय में युवाओं और विशेष रूप से Gen-Z से जुड़े मुद्दों पर देशभर में चर्चा बढ़ी है। ऐसे में संघ भी युवाओं से संवाद और परिचर्चा के माध्यम से उनकी सोच और सामाजिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर सक्रिय दिखाई दे रहा है।

    भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर इससे पहले भी संघ का बड़ा आयोजन हो चुका है। कोरोना काल के प्रतिबंध हटने के बाद 11 दिसंबर 2022 को यहां भव्य शारीरिक प्रकटोत्सव आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए थे और दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे थे। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और समाज के गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

    अब एक बार फिर 20 सितंबर को लाल परेड ग्राउंड पर होने वाला शाखा संगम भोपाल में संघ का बड़ा संगठनात्मक आयोजन बनने जा रहा है। 30 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी पर केंद्रित इस कार्यक्रम में अनुशासन शारीरिक प्रदर्शन संगठनात्मक एकजुटता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेश प्रमुख रूप से दिखाई देंगे। राजधानी में होने वाले इस विशाल जुटान पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों की भी नजर रहेगी।

  • जिम 365 डिग्री में करोड़ों की टैक्स चोरी का आरोप! CGST की 30 अफसरों वाली टीम ने 5 ठिकानों पर मारा छापा

    जिम 365 डिग्री में करोड़ों की टैक्स चोरी का आरोप! CGST की 30 अफसरों वाली टीम ने 5 ठिकानों पर मारा छापा


    भोपाल। राजधानी भोपाल में टैक्स चोरी के मामले में सेंट्रल जीएसटी यानी CGST ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने जिम 365 डिग्री के पांच अलग अलग ठिकानों पर छापेमारी कर जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में एक करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला सामने आने की बात कही जा रही है। अधिकारियों को जांच के दौरान बिलिंग व्यवस्था में अनियमितताएं मिलने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि जिम में ग्राहकों को बिल जारी नहीं किए जा रहे थे और इसी के जरिए टैक्स चोरी की जा रही थी।

    CGST की कार्रवाई जिम संचालक कुरैशी से जुड़े चूनाभट्टी कोहेफिजा बावड़िया कलां सिंधी कॉलोनी और जेके रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर की गई। पांचों स्थानों पर एक साथ पहुंची टीम ने जिम के दस्तावेजों बिलिंग रिकॉर्ड और टैक्स से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई इतनी बड़ी थी कि इसके लिए करीब 30 अधिकारियों की टीम लगाई गई। यह कार्रवाई प्रधान आयुक्त CGST एन पदमश्री के निर्देश पर की गई जबकि एडिशनल कमिश्नर जी मनिगंडा स्वामी के नेतृत्व में जांच दल ने पांचों ठिकानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया।

    जांच में सितंबर 2025 के बाद लागू हुए जीएसटी नियमों से जुड़े प्रावधान भी सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार नियमों में बदलाव के बाद संबंधित संस्थाओं के लिए टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद ऐसे प्रतिष्ठानों को 5 प्रतिशत जीएसटी जमा करना जरूरी था। जांच एजेंसी का आरोप है कि जिम संचालक की ओर से यह टैक्स जमा नहीं किया जा रहा था। इससे पहले ऐसे प्रतिष्ठानों पर 18 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान लागू था लेकिन नियमों में बदलाव के बाद टैक्स की दर में संशोधन किया गया।

    CGST अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि जिम की ओर से ग्राहकों से ली जाने वाली राशि का रिकॉर्ड किस तरह रखा गया और टैक्स का भुगतान नियमों के अनुसार किया गया या नहीं। शुरुआती जांच में एक करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला सामने आने के बाद अब विभाग सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है। कार्रवाई पूरी होने के बाद टैक्स चोरी की वास्तविक राशि तय की जाएगी और नियमानुसार जिम संचालक से बकाया टैक्स की राशि जमा कराई जा सकती है।

    बताया गया कि CGST की टीम ने कार्रवाई एक दिन पहले शुरू की थी लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद रात के समय जिम 365 डिग्री के प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया था। अगले दिन अधिकारी फिर से संबंधित ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि टैक्स चोरी का वास्तविक आंकड़ा कितना है और इसमें किन स्तरों पर नियमों का उल्लंघन किया गया।

    इधर भोपाल के अलावा राजगढ़ जिले के सारंगपुर में भी स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़े किराना कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों की बिलिंग व्यवस्था बिक्री और जीएसटी अनुपालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। विभाग के पहुंचने की सूचना मिलते ही कुछ दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए जबकि कुछ प्रतिष्ठानों पर संचालक मौजूद नहीं मिले।

    सारंगपुर में बिना बिल सामान बेचने और ग्राहकों से जीएसटी सहित राशि लेने के बावजूद बिल जारी नहीं करने की शिकायतों के आधार पर निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठान अनरजिस्टर्ड भी मिले। अधिकारियों के अनुसार कुछ दुकानों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपए से कम पाया गया है और ऐसे मामलों में जीएसटी नियमों के तहत पात्रता की जांच की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल किसी प्रतिष्ठान के अनरजिस्टर्ड मिलने पर तत्काल कार्रवाई तय नहीं होती। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।