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  • ‘ब्रालेट तो छोटी-सी बात थी…’ कृति सेनन के राखी विज्ञापन पर बोलीं कंगना, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

    ‘ब्रालेट तो छोटी-सी बात थी…’ कृति सेनन के राखी विज्ञापन पर बोलीं कंगना, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना


    नई दिल्ली। भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने रक्षाबंधन को लेकर कृति सेनन के विवादित ज्वैलरी विज्ञापन पर एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने कहा कि उनकी आपत्ति केवल कृति के कपड़ों को लेकर नहीं थी, बल्कि विज्ञापन में रक्षाबंधन जैसे त्योहार को जिस तरह पेश किया गया, उससे थी। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित ज्वैलरी ब्रांड ने विज्ञापन वापस ले लिया था।

    ‘किसने रोका है कुछ भी पहनने से?’
    कृति सेनन के आउटफिट पर सवाल उठाए जाने को लेकर कंगना ने कहा कि किसी को भी अपनी पसंद के कपड़े पहनने से रोकने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि कृति ने क्या पहना था, बल्कि यह है कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार को विज्ञापन में किस रूप में दिखाया गया।

    कंगना से जब पूछा गया कि क्या कृति ईद के मौके पर भी इसी तरह के कपड़ों में पोस्ट कर सकती हैं, तो उन्होंने इस पर भी टिप्पणी की और हिंदू पारिवारिक रिश्तों में मर्यादा और सीमाओं का जिक्र किया।

    राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
    ‘डिकोड’ को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कृति सेनन के समर्थन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की पोस्ट में रक्षाबंधन का जिक्र नहीं था।

    कंगना ने कहा कि एक महिला रक्षाबंधन पर अपनी पसंद के कपड़े पहन सकती है, लेकिन रक्षाबंधन केवल कपड़ों या फैशन का मामला नहीं, बल्कि एक सभ्यता और धार्मिक परंपरा की अभिव्यक्ति है।

    उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अपने नजरिए को लेकर भ्रमित हैं। कंगना ने सनातन धर्म को लेकर राहुल गांधी की सोच पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनका नजरिया सनातन धर्म के प्रति अलग तरह का है।

    ‘ब्रालेट तो छोटी-सी चीज थी’
    कंगना ने साफ किया कि उनके मुताबिक विज्ञापन में ब्रालेट सबसे बड़ा मुद्दा नहीं था। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह था कि विज्ञापन में रक्षाबंधन से जुड़े पारंपरिक तत्व लगभग नजर नहीं आए।

    उन्होंने माता-पिता, घर, हलवा-पूरी, भगवान, टीका, अक्षत, धूप और दीप जैसे पारंपरिक प्रतीकों का जिक्र करते हुए कहा कि रक्षाबंधन को केवल आधुनिक एस्थेटिक्स के जरिए पेश नहीं किया जा सकता।

    कंगना के मुताबिक, “एक त्योहार किसी संस्कृति और सभ्यता का एस्थेटिक एक्सप्रेशन होता है।” उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन में टीका और राखी जैसे पारंपरिक प्रतीकों का अपना महत्व है। अब कंगना की इन टिप्पणियों पर कृति सेनन और राहुल गांधी की ओर से किसी प्रतिक्रिया का इंतजार है।

  • बिहार में गंगा के तेज बहाव में मजदूरों से भरी नाव डूबी, 19 ने तैरकर बचाई जान, 2 लापता

    बिहार में गंगा के तेज बहाव में मजदूरों से भरी नाव डूबी, 19 ने तैरकर बचाई जान, 2 लापता


    पटना। बिहार के नवगछिया स्थित राघोपुर में गंगा के तेज बहाव के बीच तटबंध मरम्मत में लगी बालू से लदी नाव पलटकर डूब गई। नाव में कुल 21 मजदूर सवार थे। हादसे के बाद 19 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दो मजदूर अब भी लापता हैं। दोनों की तलाश में एसडीआरएफ की टीम गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है।

    हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेज बहाव के बीच नाव अचानक पलटती और देखते ही देखते नदी में समाती दिखाई दे रही है। हादसे के बाद कुछ मजदूर तैरकर बाहर निकले, जबकि मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम ने भी रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला।

    किन लोगों की तलाश जारी
    चश्मदीद वेदानंद कुमार के मुताबिक, नाव को किनारे लाया जा रहा था, लेकिन तेज धारा उसे फिर बीच नदी में खींच ले गई। इसी दौरान नाव पलट गई। नाव में मजदूरों के अलावा दो मांझी भी मौजूद थे। लापता लोगों की पहचान भागलपुर के लोदीपुर निवासी मजदूर बादल मंडल और नवगछिया के तीनटंगा निवासी मांझी सिकंदर मंडल के रूप में हुई है।

    डीएम अलंकृता पांडे ने बताया कि 19 लोगों को बचा लिया गया है और दो की तलाश जारी है। प्रारंभिक तौर पर नदी में भंवर बनने से नाव पलटने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होने के निर्देश के पालन में चूक हुई।

    नाव से काम पर रोक, ट्रैक्टर से जारी रहेगा काम

    डीएम के मुताबिक, मामले में संबंधित वेंडर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन कॉन्ट्रैक्टर्स की थी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नावों से काम रोक दिया गया है और ट्रैक्टरों के जरिए तटबंध का सुरक्षा कार्य जारी रखा जाएगा।

    दो दिन पहले टूटा था तटबंध
    राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध दो दिन पहले सुबह करीब 3 बजे टूट गया था। यह स्थान बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास से करीब 300 मीटर दूर है। तटबंध टूटने के बाद मंत्री के आवास समेत आसपास के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया।

    तटबंध के टूटे हिस्से को बंद करने और कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने 300 से ज्यादा मजदूरों को लगाया है। बालू की बोरियों, बांस-बल्लियों और हाथी पांव की मदद से नदी के दबाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।

    खतरे के निशान से ऊपर गंगा
    गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। नदी 33.68 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और जलस्तर 33.95 मीटर तक पहुंच गया है। तेज करंट और जगह-जगह मिट्टी दरकने के कारण तटबंध की मरम्मत में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, फरक्का बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। इससे आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • आज का राशिफल 27 अगस्त 2026: ग्रहों की चाल से बदलेगा दिन का रुख, इन राशियों को धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

    आज का राशिफल 27 अगस्त 2026: ग्रहों की चाल से बदलेगा दिन का रुख, इन राशियों को धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ


    नई दिल्ली। 27 अगस्त का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव और नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से आज कुछ लोगों को लंबे समय से अटके काम पूरे होने की उम्मीद रहेगी तो कुछ जातकों को अपने फैसले सोच समझकर लेने की जरूरत होगी। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दिन मिलाजुला लेकिन संभावनाओं से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और जिम्मेदारी वरिष्ठ लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है लेकिन किसी भी बड़े निवेश या आर्थिक समझौते में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं और आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम सामने आ सकता है। वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति बेहतर होने की संभावना है। धन से जुड़ा कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। मिथुन राशि वालों को आज बातचीत और संपर्कों के माध्यम से लाभ मिल सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कर्क राशि के जातकों के लिए पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा और किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। सिंह राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन खास रह सकता है। आपकी नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

    कन्या राशि वालों को आज कामकाज में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है लेकिन इसका सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। तुला राशि के जातकों को रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखना होगा। किसी करीबी व्यक्ति के साथ बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच समझकर करें। वृश्चिक राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिन लाभकारी हो सकता है। अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है और आय के नए अवसर भी सामने आ सकते हैं। धनु राशि के जातकों के लिए नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अच्छा समय है। यात्रा या नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं।

    मकर राशि वालों को आज कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देना होगा। वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। कुंभ राशि के जातकों के रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं और धन प्राप्ति के नए रास्ते खुल सकते हैं। मीन राशि वालों के लिए आज का दिन भावनात्मक रूप से सकारात्मक रह सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा और किसी करीबी की सलाह भविष्य के निर्णय में मदद कर सकती है।

    प्रेम जीवन की बात करें तो आज कई राशियों के लिए रिश्तों में मधुरता बढ़ सकती है। पुरानी गलतफहमियां बातचीत के जरिए दूर होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य के मामले में दिनचर्या को व्यवस्थित रखना जरूरी होगा। पर्याप्त नींद संतुलित भोजन और तनाव से दूरी बनाए रखना लाभकारी रहेगा। कुल मिलाकर 27 अगस्त का दिन मेहनत करने और सही दिशा में कदम बढ़ाने वालों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। आज ग्रहों का संकेत यही है कि अवसर सामने आएं तो उन्हें पहचानें लेकिन किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लें।

  • दलालों के जरिए भारत में घुसे, डेढ़ साल से ग्वालियर में रह रहे थे, पुलिस ने 13 बांग्लादेशी पकड़े

    दलालों के जरिए भारत में घुसे, डेढ़ साल से ग्वालियर में रह रहे थे, पुलिस ने 13 बांग्लादेशी पकड़े


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश पुलिस ने ग्वालियर में अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत दस्तावेजों और नागरिकता की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।

    क्राइम ब्रांच के डीएसपी मनीष यादव ने बताया कि 4 अगस्त को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 13 संदिग्धों की पहचान की। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने सभी को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए वैध दस्तावेज पेश करने का मौका दिया, लेकिन वे दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।

    पूछताछ में इन लोगों ने पुलिस को बताया कि वे दलालों की मदद से अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद पिछले करीब डेढ़ साल से ग्वालियर में रहकर काम कर रहे थे। पकड़े गए लोगों में 7 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं।

    डीएसपी के मुताबिक, जांच के बाद सभी को बांग्लादेशी नागरिक घोषित किया गया है। अब एक केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बीएसएफ पश्चिम बंगाल सीमा के जरिए इन्हें बांग्लादेश भेजेगी।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

  • नेपाल में अचानक बाढ़ की 3 थ्योरी, भारत तक पहुंच सकता है पानी, बिहार-UP में अलर्ट

    नेपाल में अचानक बाढ़ की 3 थ्योरी, भारत तक पहुंच सकता है पानी, बिहार-UP में अलर्ट


    नई दिल्ली। नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन में भारी तबाही मचाई। कई पुल टूट गए और बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा। शुरुआती जांच में बाढ़ की वजह को लेकर तीन संभावनाएं सामने आई हैं—पहाड़ से मलबा गिरने से नदी का रास्ता रुकना, भूकंपीय गतिविधि और ग्लेशियल झील का फटना। हालांकि, अभी इनमें से किसी एक कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    बाढ़ का पानी तिब्बत सीमा के पास ल्हेंदे नदी के ऊपरी हिस्से से आने की बात कही जा रही है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे पानी नेपाल के रसुवा जिले में पहुंचा और इसके बाद तेज बहाव नुवाकोट और धादिंग तक फैल गया। रसुवागढ़ी, न्यू त्रिशूली ब्रिज और मालेखु ब्रिज के आसपास बाढ़ से भारी नुकसान की जानकारी सामने आई है।

    नदी में मलबा गिरने से बनी झील जैसी स्थिति?
    पहली आशंका यह है कि पहाड़ से बर्फ, चट्टानें और मलबा खिसककर नदी में गिर गया। इससे नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए रुक गया और पीछे पानी जमा होता रहा। दबाव बढ़ने पर यह रुकावट टूट गई और जमा पानी तेज सैलाब के रूप में नीचे की ओर बह निकला।

    नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को रसुवागढ़ी से करीब 20 किलोमीटर दूर बर्फ और चट्टानों के खिसकने के निशान मिले हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में भी नदी का फैलाव अचानक बढ़ता दिखाई दिया है। हालांकि, इन तस्वीरों से अभी यह साबित नहीं होता कि बाढ़ ग्लेशियर झील फटने से ही आई।

    भूकंप वाली थ्योरी कमजोर
    दूसरी आशंका भूकंप से जुड़ी थी। बाढ़ से कुछ समय पहले तिब्बत के इलाके में कंपन दर्ज किया गया था। शुरुआत में इसे भूकंप माना गया, लेकिन अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अपडेट के मुताबिक भूकंपीय गतिविधि लैंडस्लाइड की वजह से दर्ज हुई थी। इससे बाढ़ के पीछे भूकंप को मुख्य कारण मानने की संभावना कमजोर हुई है।

    क्या ग्लेशियल झील फटी?
    तीसरी संभावना GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की है। पहाड़ों पर बनी बर्फीली झील का पानी अचानक बाहर निकलने पर नीचे की ओर बेहद तेज बहाव बन सकता है।

    नेपाल के मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी मिन कुमार आर्याल के अनुसार, भोटेकोशी में आई बाढ़ केवल बारिश की वजह से नहीं हुई। रसुवा में पिछले 24 घंटे में 7 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश नहीं हुई थी। ऐसे में ग्लेशियल झील के फटने की आशंका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल बाढ़ की असली वजह स्पष्ट नहीं है और तीनों संभावनाओं की जांच जारी है।

    भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
    नेपाल से निकलने वाली नदियों के जरिए बाढ़ का पानी भारत तक पहुंच सकता है। त्रिशूली नदी देवघाट में काली गंडकी से मिलकर नारायणी बनती है। भारत में वाल्मीकिनगर के पास यही नदी गंडक कहलाती है। इसलिए गंडक के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग ने बिहार और उत्तर प्रदेश में गंडक किनारे बसे इलाकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    बिहार के 6 जिलों में निगरानी
    बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली पर नजर रखी जा रही है। पश्चिम चंपारण नेपाल से आने वाले पानी के रास्ते में पड़ने वाला पहला बड़ा भारतीय जिला है। बेतिया, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं, जबकि SDRF भी संवेदनशील क्षेत्रों में मौजूद है।

    यूपी के महराजगंज-कुशीनगर भी अलर्ट
    गंडक में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों को भी सतर्क किया गया है। गंडक आगे हाजीपुर और सोनपुर के पास गंगा में मिलती है। हालांकि, मैदानी इलाकों में पहुंचने के बाद नदी फैलती है, जिससे पानी की रफ्तार कम होने की संभावना रहती है। वहीं कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक और घाघरा का रास्ता अलग है। नेपाल से आई इस बाढ़ का सीधा पानी इन नदियों में नहीं जाने की बात कही जा रही है।

    फिलहाल भारत में सबसे ज्यादा निगरानी नारायणी से वाल्मीकिनगर और फिर गंडक के रास्ते उत्तर बिहार तक के इलाकों में है। नेपाल में बाढ़ की वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन पानी के भारत पहुंचने का रास्ता तय है नेपाल से नारायणी, नारायणी से गंडक और फिर गंगा।

  • LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा

    LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा


    नई दिल्ली। अगस्त का महीना खत्म होने वाला है और 1 सितंबर से देश में कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर सीधे आपकी रसोई के बजट, गैस कनेक्शन, हवाई यात्रा और कार खरीदने के खर्च पर पड़ सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी और एटीएफ की नई कीमतें जारी करेंगी, जबकि टाटा और हुंडई की कारें महंगी होने की तैयारी में हैं। वहीं, विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया भी आसान होने वाली है।

    1. LPG सिलेंडर के दाम बदलेंगे
    हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम जारी किए जा सकते हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 202 रुपए की कटौती की गई थी, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। सितंबर में होने वाला बदलाव सीधे घरेलू बजट पर असर डाल सकता है।

    2. LPG e-KYC के लिए 31 अगस्त तक मौका
    घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC भी जरूरी है। IOCL, BPCL और HPCL ने e-KYC पूरा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाई थी। अगर तय समय सीमा में e-KYC पूरी नहीं की जाती है, तो आगे गैस सिलेंडर की सुविधा या सब्सिडी से जुड़ी दिक्कत सामने आ सकती है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं की KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उन्हें समय रहते इसे पूरा करना होगा।

    3. ATF के साथ CNG-PNG के दाम भी बदल सकते हैं
    हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में संशोधन करती हैं। सितंबर में भी नई दरें जारी होने की उम्मीद है। ATF महंगा या सस्ता होने का असर एयरलाइंस की परिचालन लागत और आगे चलकर हवाई किराए पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ शहरों में CNG और PNG की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

    4. टाटा की कारें 25 हजार रुपए तक महंगी
    कार खरीदने वालों को सितंबर से झटका लग सकता है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड 1 सितंबर 2026 से अपनी कारों और SUV की कीमतों में 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी करने वाली है।

    कंपनी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल यानी ICE मॉडल के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगी। हालांकि, कीमत में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। टाटा के अलावा हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस साल कारों की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

    5. विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर बदलेगा नियम
    विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।

    यात्री मोबाइल पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

    आपकी जेब पर सीधा असर
    सितंबर की शुरुआत में होने वाले इन बदलावों में सबसे सीधा असर LPG, कार और हवाई यात्रा से जुड़ा होगा। वहीं, CNG-PNG और ATF की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भी आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है।

  • MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर

    MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 17 जिलों में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहेगा। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    इन 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    शिवपुरी, विदिशा, गुना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इन जिलों में भी बारिश के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली और मैहर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    निवाड़ी में नाले में बही 8 साल की बच्ची

    इससे पहले निवाड़ी, भोपाल, ग्वालियर, छतरपुर और मंदसौर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। निवाड़ी में बकरियों के लिए चारा लेने खेत की ओर जा रही 8 साल की बच्ची उफनते नाले में बह गई।

    छतरपुर के जयशंकर धाम में बारिश का शानदार नजारा देखने को मिला। इसे बुंदेलखंड का केदारनाथ भी कहा जाता है। वहीं भोपाल में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। सीहोर में भी जोरदार बारिश के दौरान काले घने बादलों से दिन में अंधेरा छा गया।

    27-28 अगस्त को बारिश, 29 से ब्रेक

    मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अगस्त को प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। यानी प्रदेश में दो दिन बारिश के बाद ब्रेक के आसार हैं। सितंबर की शुरुआत में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    तीन सिस्टम करा रहे बारिश

    मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में मानसून ट्रफ, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले दो दिन तक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होने से बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

    39 जिलों में 3% से 50% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में 3% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई तबाही, 100 मौतों का दावा; बालेन शाह बोले- ‘एकजुट होने की जरूरत’

    नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई तबाही, 100 मौतों का दावा; बालेन शाह बोले- ‘एकजुट होने की जरूरत’


    काठमांडू।
    नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार तड़के नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी किनारे बसे कई इलाकों में पानी घुस गया। बाढ़ से घरों, सड़कों और कई महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर है। इसके बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है।

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 100 लोगों के मौत हो चुकी है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 1000 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। हालांकि, अलग-अलग स्तर पर सामने आ रहे आंकड़ों में अंतर है और स्थानीय प्रशासन की ओर से मृतकों, लापता लोगों और संपत्ति के नुकसान का अंतिम आंकड़ा जारी किया जाना बाकी है।

    कई बस्तियां बाढ़ की चपेट में

    उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष चमेली गुरुङ के मुताबिक, भोटेकोशी नदी के उफान से करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार जैसे इलाके शामिल हैं।

    बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। नदी के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया।

    राहत और बचाव अभियान जारी

    सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक कई शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।

    हालांकि, 1000 से ज्यादा लोगों के बह जाने का दावा फिलहाल आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। प्रशासन की ओर से लापता लोगों और प्रभावित परिवारों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। ऐसे में आपदा की वास्तविक स्थिति का आकलन राहत अभियान आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगा।

    बालेन शाह ने की एकजुट होने की अपील

    आपदा के बीच काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने लोगों से एकजुट होकर प्रभावित परिवारों की मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल वक्त में सभी को साथ खड़े होने की जरूरत है।

    नेपाल में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे और बेहतर आपदा प्रबंधन की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • भोपाल से शुरू Ayurozena Ayurveda, 12 साल के फार्मास्युटिकल अनुभव के साथ आयुर्वेदिक पर्सनल केयर में नई पहल

    भोपाल से शुरू Ayurozena Ayurveda, 12 साल के फार्मास्युटिकल अनुभव के साथ आयुर्वेदिक पर्सनल केयर में नई पहल

    भोपाल: से शुरू हुआ Ayurozena Ayurveda पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक फार्मास्युटिकल गुणवत्ता और पर्सनल केयर की जरूरतों के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। ब्रांड की शुरुआत फार्मास्युटिकल क्षेत्र में करीब 12 वर्षों का अनुभव रखने वाले विजय मिश्रा ने की है। उनका उद्देश्य ऐसे आयुर्वेद आधारित उत्पाद विकसित करना है, जिनमें पारंपरिक सामग्री के साथ गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

    Ayurozena Ayurveda की शुरुआत के पीछे विजय मिश्रा की फार्मेसी शिक्षा और पेशेवर अनुभव महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। उन्होंने भोपाल के Technocrats Institute of Technology से B.Pharm तथा RKDF College of Pharmacy से M.Pharm की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने फार्मास्युटिकल और मेडिकल क्षेत्र में लगभग 12 वर्षों तक काम किया।

    अपने पेशेवर अनुभव के दौरान मिश्रा ने formulations, active ingredients और quality processes को नजदीक से समझा। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने पर्सनल केयर उत्पादों के निर्माण में केवल बाहरी प्रस्तुति के बजाय formulation और manufacturing process को महत्वपूर्ण मानते हुए ब्रांड की दिशा तय की।

    ब्रांड को बाजार में उतारने से पहले विभिन्न स्तरों पर उत्पादों और निर्माण प्रक्रियाओं को समझने की कोशिश की गई। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कई manufacturing units का दौरा किया गया। उत्पादन प्रक्रियाओं को देखने के साथ विभिन्न formulations को source, test और compare किया गया।

    ब्रांड के अनुसार, कई formulations को ingredients की गुणवत्ता, consistency और भारतीय त्वचा तथा जलवायु के अनुरूप उपयोगिता जैसे मानकों के आधार पर परखा गया। इस प्रक्रिया के बाद शुरुआती उत्पाद श्रृंखला में Baby Care Soap, Royal Ubtan Bar और Charcoal Detox Bar को शामिल किया गया।

    Ayurozena Ayurveda की कार्यप्रणाली में आयुर्वेदिक ingredients और आधुनिक pharmaceutical approach को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया है। ब्रांड की सोच के अनुसार पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक गुणवत्ता प्रक्रियाएं एक-दूसरे के विकल्प के बजाय पूरक भूमिका निभा सकती हैं।

    उत्पादों के निर्माण के लिए third-party manufacturing partner की सेवाएं ली जाती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निर्माण प्रक्रिया में GMP-aligned practices का पालन किया जाता है। उत्पादन से पहले प्रत्येक formulation की Founder स्तर पर व्यक्तिगत approval प्रक्रिया भी रखी गई है।

    शुरुआती चरण में तीन उत्पादों के साथ बाजार में मौजूदगी बनाने के बाद ब्रांड का लक्ष्य अपनी Ayurvedic skincare और personal care range का विस्तार करना है। इस विस्तार में ऐसे उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिनमें पारंपरिक आयुर्वेदिक सोच के साथ आधुनिक manufacturing practices और गुणवत्ता पर ध्यान रखा जाए।

    भोपाल से शुरू हुई यह पहल मध्य प्रदेश में आयुर्वेद आधारित पर्सनल केयर क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता और फार्मास्युटिकल अनुभव के मेल का उदाहरण प्रस्तुत करती है। ब्रांड के आगे बढ़ने के साथ उत्पादों की संख्या, श्रेणी और बाजार पहुंच में विस्तार इसकी आगामी दिशा का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

  • भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया

    भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया


    नई दिल्ली। कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है और अब श्रीलंका की हार लगभग सामने खड़ी नजर आ रही है। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन बारिश ने खेल जरूर रोक दिया लेकिन उससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। फॉलोऑन खेलने उतरी मेजबान टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 6 विकेट गंवाकर 229 रन बना लिए हैं। श्रीलंका के पास अब भारत के खिलाफ सिर्फ 16 रन की बढ़त है और उसके चार विकेट बाकी हैं। ऐसे में पांचवें दिन भारतीय टीम की कोशिश श्रीलंका की पारी को जल्द से जल्द समेटकर जीत पर मुहर लगाने की होगी।

    इससे पहले भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के नुकसान पर घोषित की थी। टीम इंडिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी और 66 रन के भीतर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट गिर गए थे। इसके बाद देवदत्त पड्डिकल और कप्तान शुभमन गिल ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शानदार साझेदारी की। गिल ने 50 रन बनाए जबकि पड्डिकल ने शानदार शतक लगाते हुए 117 रन की पारी खेली। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे।

    पड्डिकल के बाद रवींद्र जडेजा के साथ उनकी 74 रन की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद ऋषभ पंत ने चोट से उबरकर मैदान पर वापसी की और ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर 112 रन जोड़े। पंत ने 63 रन बनाए जबकि जुरेल ने नाबाद 115 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को 500 के पार पहुंचाया। जुरेल की पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।

    भारत के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई। पसिंदु सूरियाबंदारा ने 80 रन और सोनल दिनुषा ने 103 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन श्रीलंका फॉलोऑन बचाने के लिए जरूरी स्कोर से 14 रन दूर रह गया। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने तीन तीन विकेट चटकाए जबकि सारांश जैन ने दो विकेट हासिल किए। भारत को पहली पारी में 213 रन की बड़ी बढ़त मिली जिसके बाद श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    दूसरी पारी में श्रीलंका ने शुरुआत में ही एक विकेट गंवा दिया लेकिन इसके बाद पसिंदु सूरियाबंदारा ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कामिल मिशारा और कामिंदु मेंडिस के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। कामिंदु ने 55 रन बनाए जबकि पसिंदु 92 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 23 रन जोड़े। हालांकि भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रहे और दूसरी पारी में भी श्रीलंका के छह विकेट गिर चुके हैं।

    अब मुकाबले का आखिरी दिन बेहद रोमांचक होने वाला है। श्रीलंका के पास केवल 16 रन की बढ़त है और चार विकेट शेष हैं। अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में इन विकेटों को हासिल कर लेते हैं तो टीम इंडिया के सामने जीत के लिए बेहद छोटा लक्ष्य होगा। बारिश के कारण चौथे दिन खेल समय से पहले खत्म होने के बाद अब सभी की निगाहें पांचवें दिन पर टिकी हैं। भारत के पास जीत का सुनहरा मौका है और श्रीलंका के लिए अब मैच बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।