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  • गुरुवार के इन दान उपायों से बरसेगी बृहस्पति की कृपा विवाह करियर और धन संबंधी बाधाएं होंगी दूर

    गुरुवार के इन दान उपायों से बरसेगी बृहस्पति की कृपा विवाह करियर और धन संबंधी बाधाएं होंगी दूर


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म(Hinduism) में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा पाठ व्रत और दान का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि सच्ची श्रद्धा से किए गए दान और शुभ कर्म व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में भी गुरुवार को गुरु ग्रह का दिन माना गया है और मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ विशेष दान गुरु ग्रह को मजबूत करने में सहायक होते हैं। इससे शिक्षा विवाह संतान करियर और आर्थिक स्थिति से जुड़ी बाधाओं में राहत मिलने की उम्मीद की जाती है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के विवाह में लगातार रुकावटें आ रही हों या करियर में मनचाही सफलता न मिल रही हो तो गुरुवार के दिन पीले रंग की वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। पीले फल पीली मिठाई या अन्य पीले खाद्य पदार्थ जरूरतमंदों को दान करने से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। ऐसा करने से भाग्य का साथ मिलता है और जीवन में शुभ अवसर बढ़ने लगते हैं।

    गुरुवार के दिन चने की दाल और गुड़ का दान भी अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह उपाय आर्थिक परेशानियों को कम करने और परिवार में सुख शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है। कहा जाता है कि श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से किया गया यह दान जीवन में समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त करता है।

    हल्दी का संबंध भी गुरु ग्रह से माना जाता है। इसलिए गुरुवार को हल्दी का दान करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन हल्दी दान करने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में आ रही बाधाओं से राहत मिलती है। साथ ही घर में सुख शांति और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। कई लोग इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में भी हल्दी का प्रयोग करते हैं जिसे शुभ माना जाता है।

    पीले वस्त्रों का दान भी गुरुवार के प्रमुख उपायों में शामिल है। पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतीक माना जाता है इसलिए इस दिन पीले कपड़े किसी जरूरतमंद को दान करने से गुरु दोष के प्रभाव को कम करने की मान्यता है। धार्मिक विश्वास है कि इससे स्वास्थ्य में सुधार होता है आर्थिक संकट धीरे धीरे कम होने लगते हैं और व्यक्ति के मान सम्मान तथा सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में उन्नति के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

    धार्मिक दृष्टि से दान का सबसे बड़ा महत्व केवल वस्तु देने में नहीं बल्कि उसके पीछे छिपे निस्वार्थ भाव में माना गया है। इसलिए गुरुवार के दिन यदि श्रद्धा और सेवा भावना के साथ दान किया जाए तो उसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। हालांकि ज्योतिषीय उपाय और धार्मिक मान्यताएं व्यक्तिगत आस्था का विषय हैं और इन्हें श्रद्धा के साथ ही अपनाना चाहिए। कर्म पर विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ किए गए शुभ कार्य जीवन में आत्मिक संतोष और सामाजिक सद्भाव दोनों को बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं।

  • टीएमसी में सियासी संग्राम तेज, बागी गुट का चुनाव आयोग में शक्ति प्रदर्शन; दो-तिहाई विधायकों के समर्थन का दावा, बढ़ीं ममता बनर्जी की चुनौतियां

    टीएमसी में सियासी संग्राम तेज, बागी गुट का चुनाव आयोग में शक्ति प्रदर्शन; दो-तिहाई विधायकों के समर्थन का दावा, बढ़ीं ममता बनर्जी की चुनौतियां

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी खींचतान अब एक नए चरण में पहुंच गई है। पार्टी के बागी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर संगठन पर अपना दावा पेश किया और कहा कि उन्हें विधानसभा में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है तथा तृणमूल कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

    बागी गुट की ओर से चुनाव आयोग के समक्ष यह दावा किया गया कि हाल ही में आयोजित प्रतिनिधि सम्मेलन में नई राष्ट्रीय समिति का गठन किया गया था। इसके बाद संगठनात्मक बदलाव की जानकारी आयोग को भेजी गई और आधिकारिक तौर पर पक्ष रखने का अवसर मांगा गया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि उनके साथ बड़ी संख्या में विधायक, पार्षद और जिला परिषद सदस्य जुड़े हुए हैं, इसलिए वास्तविक बहुमत उनके पास है।

    बागी नेताओं ने अपनी मुहिम को केवल नेतृत्व परिवर्तन का मामला नहीं बताया, बल्कि इसे संगठन की कार्यशैली से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया गया है और संगठन सीमित नेतृत्व के प्रभाव में सिमट गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंतरिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी नहीं रही, जिसके कारण असंतोष लगातार बढ़ता गया।

    गुट के नेताओं ने यह भी दावा किया कि वे स्वयं को तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक प्रतिनिधि मानते हैं। उनका कहना है कि पार्टी की मूल विचारधारा और संगठनात्मक संरचना को बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब चुनाव आयोग के समक्ष संगठन की वैधता और बहुमत से जुड़े सभी तथ्य प्रस्तुत किए जा चुके हैं तथा आगे का निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।

    राजनीतिक विवाद के बीच विधानसभा में विधायकों के समर्थन को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। बागी गुट का कहना है कि उसके साथ बहुमत में विधायक मौजूद हैं और इसी आधार पर संगठन पर उसका दावा मजबूत है। दूसरी ओर, मूल नेतृत्व के समर्थक इन दावों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वास्तविक संख्या और समर्थन को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुछ दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता को लेकर भी विवाद सामने आया है। इसी संबंध में जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच के बाद संबंधित नेताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई भी की गई, जिसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद और खुलकर सामने आ गए। इसके बाद बड़ी संख्या में विधायकों ने अलग प्रस्ताव पेश करते हुए स्वयं को बहुमत वाला समूह बताया।

    बाद के घटनाक्रम में विधानसभा स्तर पर भी नेतृत्व से जुड़े बदलाव देखने को मिले, जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया। अब पूरे मामले पर सभी की नजर चुनाव आयोग की आगामी प्रक्रिया और संभावित निर्णय पर टिकी है। यदि बागी गुट अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज और संख्या प्रस्तुत करने में सफल रहता है तो राज्य की राजनीति में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। वहीं यदि दावे सिद्ध नहीं होते हैं तो पार्टी का मौजूदा नेतृत्व अपनी स्थिति और मजबूत करने का प्रयास करेगा। आने वाले दिनों में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन सकता है।

  • 'बाहुबली यूनिवर्स' का महा-विस्तार: दो भागों की एनीमे फिल्म लेकर आ रहे हैं ईशान शुक्ला, मृत्यु के बाद की अनसुनी कहानी का होगा खुलासा

    'बाहुबली यूनिवर्स' का महा-विस्तार: दो भागों की एनीमे फिल्म लेकर आ रहे हैं ईशान शुक्ला, मृत्यु के बाद की अनसुनी कहानी का होगा खुलासा

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो चुकी ‘बाहुबली’ फ्रैंचाइजी के प्रशंसकों के लिए एक अत्यंत रोमांचक और बड़ी खबर सामने आई है। जहाँ एक तरफ मुख्य स्टार कास्ट प्रभास, राणा दग्गुबाती और अनुष्का शेट्टी ने ‘बाहुबली 3’ के निर्माण का संकेत देकर हलचल बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ इस सिनेमाई यूनिवर्स के क्रिएटर एस एस राजामौली के मार्गदर्शन में एक भव्य एनीमे फिल्म ‘बाहुबली: द एटर्नल वॉर’ की तैयारियां तेज हो गई हैं। दो भागों में बनने वाली इस महत्वाकांक्षी एनीमे फिल्म के निर्देशक ईशान शुक्ला ने इसके अनूठे कॉन्सेप्ट और कहानी को लेकर कई बेहद दिलचस्प खुलासे किए हैं।

    इस नई फिल्म की कहानी मूल फिल्मों के नायक अमरेंद्र बाहुबली के जीवन के अंत के बाद से शुरू होगी। निर्देशक ईशान शुक्ला के अनुसार, यह फिल्म अमरेंद्र बाहुबली की आत्मा की उस परलोक यात्रा पर आधारित है, जहां वह एक विशाल और दिव्य उद्देश्य को पूरा करने के लिए ‘देवासुर संग्राम’ का हिस्सा बनता है। फिल्म का यह अलौकिक और पौराणिक कॉन्सेप्ट पारंपरिक भारतीय सिनेमा से बिल्कुल अलग है, जिसने अपने शुरुआती टीज़र से ही दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के बीच भारी उत्सुकता पैदा कर दी है।

    इस अनूठे एनीमे प्रोजेक्ट की शुरुआत की कहानी भी काफी दिलचस्प है। वर्ष 2024 में एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के दौरान निर्देशक ईशान शुक्ला की मुलाकात बाहुबली के मूल निर्माता शोबू येरलागडा से हुई थी। शोबू इस ऐतिहासिक फ्रैंचाइजी को एनिमेशन के माध्यम से वैश्विक मंच पर आगे ले जाने के इच्छुक थे। इसके बाद ईशान ने अमरेंद्र बाहुबली की मृत्यु के बाद की काल्पनिक और आध्यात्मिक यात्रा पर एक पूरी स्क्रिप्ट तैयार की। यह विचार निर्माता शोबू और मास्टर डायरेक्टर एस एस राजामौली को इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी।

    निर्देशक ने बताया कि हमारे प्राचीन धर्मग्रंथों में पृथ्वी के अलावा अन्य लोकों और आयामों का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसे पर्दे पर जीवंत करने के लिए एनीमे को सबसे उपयुक्त माध्यम माना गया। अमर चित्र कथा के प्रभाव और भारतीय पौराणिक कथाओं के प्रति लगाव ने इस कहानी को आकार देने में मुख्य भूमिका निभाई। अमरेंद्र बाहुबली का चरित्र भगवान राम की तरह बेहद पवित्र और आदर्शवादी रहा है, इसलिए उसकी असमय मृत्यु के बाद परलोक में उसकी आत्मा के अंतर्द्वंद्व और उसके सामने आने वाले विकल्पों को देखना दर्शकों के लिए एक बिल्कुल नया और दार्शनिक अनुभव होगा।

    इस कहानी की सबसे बड़ी भावनात्मक त्रासदी का जिक्र करते हुए निर्देशक ने कहा कि अमरेंद्र बाहुबली को पृथ्वी छोड़ते समय यह कभी पता ही नहीं चल पाया था कि उसके सबसे वफादार कटप्पा ने उसकी पीठ में छुरा क्यों घोंपा था। प्राचीन भारतीय इतिहास और गाथाओं में ऐसे कई प्रसंग मिलते हैं जहां पराक्रमी योद्धा सत्ता शिखर पर पहुंचने से ठीक पहले षड्यंत्र का शिकार हो गए। फिल्म का प्री-प्रोडक्शन कार्य आधिकारिक रूप से पूरा कर लिया गया है, और चूंकि उच्च स्तरीय एनिमेशन निर्माण में लंबा समय लगता है, इसलिए मेकर्स ने साल 2027 में इस महागाथा के पहले भाग को सिनेमाघरों में रिलीज करने का लक्ष्य रखा है।

  • बारिश ने छीनी भारत की जीत की उम्मीद अभिषेक और श्रेयस की शानदार पारियां भी नहीं दिला सकीं नतीजा

    बारिश ने छीनी भारत की जीत की उम्मीद अभिषेक और श्रेयस की शानदार पारियां भी नहीं दिला सकीं नतीजा


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 श्रृंखला का पहला मुकाबला रोमांचक होने से पहले ही बारिश की भेंट चढ़ गया। चेस्टर ले स्ट्रीट में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 189 रन का मजबूत स्कोर बनाया था लेकिन लगातार बारिश और गीले मैदान के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू भी नहीं कर सका। काफी देर तक मौसम साफ होने का इंतजार किया गया लेकिन हालात में सुधार नहीं होने पर अंपायरों ने मैच को बिना किसी परिणाम के समाप्त घोषित कर दिया। इस तरह श्रेयस अय्यर और अभिषेक शर्मा की शानदार पारियां भी टीम को जीत नहीं दिला सकीं।

    भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि बेहद खराब रही। दूसरे ही ओवर में संजू सैमसन केवल एक रन बनाकर आउट हो गए जबकि ईशान किशन बिना खाता खोले रन आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लग रहा था कि भारत बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाएगा लेकिन अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार साझेदारी की और टीम को मुकाबले में वापस ला दिया।

    अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का परिचय दिया। उन्होंने केवल 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें छह चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी यह पारी भारतीय पारी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई।

    दूसरे छोर पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने 47 गेंदों में 68 रन बनाए जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और मध्यक्रम को मजबूती प्रदान की। उनके आउट होने के बाद शिवम दुबे ने तेजी से रन जुटाते हुए केवल 21 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाए और भारत का स्कोर 189 रन तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड की ओर से साकिब महमूद सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने तीन विकेट अपने नाम किए।

    भारत के 190 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए इंग्लैंड मैदान पर उतर ही नहीं पाया। लगातार होती बारिश के कारण पूरा मैदान कवर से ढका रहा और ग्राउंड स्टाफ की तमाम कोशिशों के बावजूद खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका। कट ऑफ समय तक भी परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने पर मैच अधिकारियों ने मुकाबला रद्द करने का फैसला लिया।

    इस मुकाबले में एक बार फिर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। आयरलैंड दौरे के बाद इंग्लैंड श्रृंखला के पहले मैच में भी उनका डेब्यू टलने से प्रशंसकों में निराशा देखने को मिली। अब उम्मीद की जा रही है कि आगामी मुकाबलों में टीम प्रबंधन उन्हें मौका दे सकता है।

    बारिश के कारण भले ही पहला मुकाबला बेनतीजा रहा लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की लय टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। अब दोनों टीमें मैनचेस्टर में होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले की तैयारी करेंगी जहां श्रृंखला की पहली जीत हासिल करने के लिए दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • शनि का रेवती नक्षत्र में महागोचर: बदलते ही नक्षत्रों की चाल, इन चार राशियों की चमकेगी किस्मत और होगी धनवर्षा

    शनि का रेवती नक्षत्र में महागोचर: बदलते ही नक्षत्रों की चाल, इन चार राशियों की चमकेगी किस्मत और होगी धनवर्षा

    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में न्याय और कर्म के देवता माने जाने वाले शनि देव की चाल में होने वाला हर छोटा-बड़ा बदलाव सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा और व्यापक प्रभाव डालता है। इसी कड़ी में एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाक्रम के तहत शनि देव कल रेवती नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ग्रहों के इस नक्षत्र परिवर्तन को बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है, क्योंकि इसके लागू होते ही मात्र 12 घंटों के भीतर देश के कई जातकों की किस्मत में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से चार राशियां ऐसी हैं, जिनके लिए यह गोचर आर्थिक समृद्धि और भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।

    मध्य प्रदेश

    ज्योतिषीय गणनाओं और आकाशीय नक्षत्रों की स्थिति के विश्लेषण के अनुसार, शनि का रेवती नक्षत्र में जाना कुछ राशियों के लिए अप्रत्याशित धन लाभ और करियर में उन्नति के नए मार्ग प्रशस्त करेगा। इस गोचर के प्रभाव से व्यापार और नौकरी के क्षेत्र में लंबे समय से रुके हुए कार्य अचानक गति पकड़ने लगेंगे। जिन चार राशियों के लिए यह समय सबसे अधिक फलदायी रहने वाला है, उन्हें आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता मिलेगी और उनके संचित धन में भारी वृद्धि होने के प्रबल संकेत दिखाई दे रहे हैं।

    इस महागोचर के कारण जातकों के जीवन में चल रही पुरानी परेशानियां, विशेषकर आर्थिक तंगी और कर्ज की स्थिति से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। निवेश के दृष्टिकोण से भी यह समय इन भाग्यशाली राशियों के लिए अत्यंत उत्तम रहेगा, जिससे भविष्य में बड़े रिटर्न प्राप्त होने के योग बनेंगे। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और समाज में मान-सम्मान व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। ज्योतिषविदों का मानना है कि शनि देव का यह नक्षत्र परिवर्तन इन विशिष्ट राशियों के जातकों के जीवन में खुशहाली और स्थायित्व लेकर आएग

  • मिथुन राशि राशिफल 2026: गुरु और शनि की चाल बदलेगी जीवन की दशा, जुलाई से दिसंबर तक धन संचय के साथ मिलेंगे प्रगति के नए अवसर

    मिथुन राशि राशिफल 2026: गुरु और शनि की चाल बदलेगी जीवन की दशा, जुलाई से दिसंबर तक धन संचय के साथ मिलेंगे प्रगति के नए अवसर

    नई दिल्ली। वर्ष 2026 का प्रथम भाग समाप्त होने के साथ ही ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वर्ष के आगामी छह महीने बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुके हैं। जुलाई से दिसंबर 2026 की इस अवधि में शनि देव पहले वक्री और फिर मार्गी चाल चलेंगे, जबकि देवगुरु बृहस्पति अक्टूबर के अंत तक कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। इस दौरान सूर्य, शुक्र, मंगल और बुध के साथ-साथ राहु-केतु का भी राशि परिवर्तन होने जा रहा है। ग्रहों की इस अनूठी और प्रभावशाली चाल का सीधा व व्यापक असर मिथुन राशि के जातकों के जीवन पर देखने को मिलेगा।

    आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो साल 2026 का उत्तरार्ध मिथुन राशि के जातकों के लिए काफी मजबूत और सकारात्मक रहने की संभावना है। जुलाई से लेकर 31 अक्टूबर तक गुरु की अनुकूल स्थिति के कारण जातकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस अवधि में न केवल कमाई के नए साधन विकसित होंगे, बल्कि धन संचय और बचत करने के प्रयासों में भी बड़ी सफलता मिलेगी। हालांकि, 31 अक्टूबर के बाद आर्थिक लाभ की गति थोड़ी सामान्य हो सकती है, लेकिन शुक्र का शुभ प्रभाव निरंतर वित्तीय स्थिरता और सहयोग बनाए रखेगा।

    पेशेवर जीवन और करियर के लिहाज से भी मिथुन राशि के लोगों के लिए जुलाई से अक्टूबर के अंत तक का समय बेहद शानदार रहने वाला है। इस समयावधि में गुरु का सकारात्मक सहयोग आपके द्वारा किए गए सभी प्रयासों को सफलता की ओर ले जाएगा। व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने काम के विस्तार और नई साझेदारियों के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। वहीं, नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा और उनके काम की सराहना होगी। 31 अक्टूबर के बाद जिम्मेदारियां बढ़ने से मेहनत थोड़ी अधिक करनी पड़ सकती है।

    प्रेम और वैवाहिक जीवन के मामले में मिथुन राशि के जातकों को इस अवधि में मिले-जुले परिणाम प्राप्त होंगे। जुलाई से अक्टूबर के अंत तक जीवनसाथी के साथ आपसी समझ और संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। हालांकि, इस दौरान शनि की वक्री दृष्टि के कारण रिश्तों में बीच-बीच में छोटी-मोटी गलतफहमियां या वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 31 अक्टूबर के बाद के समय में जातकों को अपने रिश्तों में अधिक संयम, परिपक्वता और आपसी संवाद बनाए रखने की आवश्यकता होगी, ताकि सामंजस्य बना रहे।

    स्वास्थ्य के मोर्चे पर वर्ष 2026 की यह दूसरी छमाही संतुलित दिनचर्या का पालन करने की मांग करती है। अक्टूबर के अंत तक गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव से शारीरिक और मानसिक स्थिति काफी बेहतर और ऊर्जावान बनी रहेगी। इसके बाद का समय स्वास्थ्य के लिहाज से औसत रह सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी को नजरअंदाज करने से बचना होगा। विशेष रूप से जिन जातकों को पूर्व में हृदय या छाती से संबंधित कोई तकलीफ रही है, उन्हें बदलते मौसम और ग्रहीय गोचर के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

  • अभिषेक शर्मा का तूफानी कमाल सबसे तेज 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के जड़कर रचा विश्व रिकॉर्ड

    अभिषेक शर्मा का तूफानी कमाल सबसे तेज 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के जड़कर रचा विश्व रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की जिसने न केवल मैच का रुख बदल दिया बल्कि उन्हें विश्व क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी खास जगह दिला दी। चेस्टर ले स्ट्रीट में खेले गए मुकाबले में अभिषेक ने महज 24 गेंदों पर 59 रन की विस्फोटक पारी खेली और इसी दौरान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 100 छक्के पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    अभिषेक ने अपनी पारी के दौरान छह चौके और चार शानदार छक्के लगाए। उन्होंने केवल 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत को तेज शुरुआत मिली और विपक्षी टीम पूरी तरह बैकफुट पर पहुंच गई। हालांकि उनकी पारी का अंत सैम करन ने एलबीडब्ल्यू आउट कर किया लेकिन तब तक वह अपनी बल्लेबाजी से इतिहास रच चुके थे।

    इस पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100 छक्के पूरे किए। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए केवल 785 गेंदों का सामना किया जो किसी भी फुल मेंबर देश के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज एविन लुईस के नाम था जिन्होंने 789 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। अब अभिषेक ने उन्हें पीछे छोड़ते हुए इस सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है।

    सबसे कम गेंदों में 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अब अभिषेक शर्मा सबसे ऊपर हैं। उनके बाद एविन लुईस दूसरे स्थान पर हैं जबकि न्यूजीलैंड के फिन एलन ऑस्ट्रेलिया के टिम डेविड न्यूजीलैंड के कॉलिन मुनरो और भारत के सूर्यकुमार यादव क्रमशः अगले स्थानों पर मौजूद हैं। यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि अभिषेक आधुनिक टी20 क्रिकेट के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं।

    इस उपलब्धि के साथ अभिषेक शर्मा भारत के केवल पांचवें बल्लेबाज भी बन गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 या उससे अधिक छक्के लगाए हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा सूर्यकुमार यादव हार्दिक पंड्या और विराट कोहली यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इतनी कम गेंदों में यह मुकाम हासिल करना उनकी आक्रामक सोच और निडर बल्लेबाजी का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

    पिछले कुछ समय से अभिषेक शर्मा लगातार शानदार फॉर्म में हैं और हर बड़ी टीम के खिलाफ तेजी से रन बना रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने में विश्वास रखते हैं और विरोधी गेंदबाजों को कभी भी लय में आने का मौका नहीं देते। यही कारण है कि बेहद कम समय में उन्होंने विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है।

    अगर अभिषेक शर्मा का यही आक्रामक अंदाज आगे भी जारी रहता है तो आने वाले वर्षों में वह भारत के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में शामिल हो सकते हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में वह रोहित शर्मा के सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्कों के रिकॉर्ड को भी चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ उनकी यह पारी भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद और विश्व क्रिकेट के लिए एक नया रिकॉर्ड बनकर हमेशा याद रखी जाएगी।

  • सलमान खान की याचिका पर हाईकोर्ट की टिप्पणी अभी सेंसर बोर्ड तक नहीं पहुंची फिल्म इसलिए नहीं लगेगी रोक

    सलमान खान की याचिका पर हाईकोर्ट की टिप्पणी अभी सेंसर बोर्ड तक नहीं पहुंची फिल्म इसलिए नहीं लगेगी रोक


    नई दिल्ली । अपनी छवि और व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए अभिनेता सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने फिल्म काला हिरण द बैटल फॉर लीगेसी की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए दावा किया है कि यह फिल्म कथित तौर पर ब्लैकबक शिकार मामले पर आधारित है और इसमें उनके जैसे दिखने वाले किरदार के जरिए गलत और भ्रामक कहानी पेश की जा रही है। हालांकि अदालत ने फिलहाल किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले की सुनवाई छह जुलाई तक के लिए टाल दी है।

    सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि संबंधित फिल्म अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजी ही नहीं गई है। अदालत ने कहा कि जब तक किसी फिल्म को सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र नहीं मिलता तब तक उसकी रिलीज संभव नहीं है। ऐसे में फिलहाल तत्काल रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं बनता। अदालत ने यह भी कहा कि अभिनेता की ओर से दाखिल जवाब अभी रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है इसलिए मामले पर विस्तार से सुनवाई अगली तारीख पर की जाएगी।

    सलमान खान की ओर से पेश वकील ने अदालत से फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। इसके जवाब में फिल्म निर्माताओं की ओर से आश्वासन दिया गया कि अगली सुनवाई तक फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। इस भरोसे के बाद अदालत ने अंतरिम आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं समझी।

    अपनी याचिका में सलमान खान ने दावा किया है कि फिल्म में दिखाया गया मुख्य किरदार उनकी शक्ल सूरत और व्यक्तित्व से काफी मिलता जुलता है। इतना ही नहीं उस किरदार के हाथ में उनकी तरह का ब्रेसलेट भी दिखाया गया है जिससे आम दर्शकों के लिए उसे सलमान खान के रूप में पहचानना आसान हो जाता है। अभिनेता का कहना है कि इससे उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित होती है और उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन होता है।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म के पोस्टर और कथित कहानी के माध्यम से एक ऐसी कहानी प्रस्तुत की जा रही है जो वास्तविक तथ्यों और न्यायिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती। सलमान खान का कहना है कि उन्हें शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में पहले ही बरी किया जा चुका है लेकिन फिल्म के जरिए ऐसा संदेश दिया जा रहा है जिससे लोगों के बीच गलत धारणा बन सकती है। अभिनेता ने आरोप लगाया कि फिल्म निर्माता इस संवेदनशील मामले को सनसनीखेज बनाकर उनकी लोकप्रियता और पहचान का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

    अब इस मामले में सभी की नजरें छह जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। यदि तब तक फिल्म सेंसर बोर्ड के पास भेजी जाती है या उससे जुड़ी कोई नई स्थिति सामने आती है तो अदालत इस पूरे विवाद पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय कर सकती है। फिलहाल फिल्म की रिलीज और उससे जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला न्यायालय की आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका

    आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाजों में शामिल वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू फिलहाल एक बार फिर टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में भी टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं दी। चेस्टर ले स्ट्रीट में जैसे ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग इलेवन का एलान किया वैसे ही करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदों को झटका लगा क्योंकि वैभव का नाम उसमें शामिल नहीं था। लगातार दूसरी श्रृंखला में मौका नहीं मिलने के बाद अब यह सवाल और तेज हो गया है कि आखिर इस युवा बल्लेबाज को भारतीय टीम के लिए पदार्पण करने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ महीनों से अपने प्रदर्शन के दम पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 16 पारियों में 776 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनका स्ट्राइक रेट भी 237 से अधिक रहा जिसने क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। इसके अलावा अंडर 19 विश्व कप में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया जबकि हाल ही में भारत ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार उदाहरण पेश किया।

    इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पहले आयरलैंड दौरे पर भी उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में बाहर बैठना पड़ा था। उस श्रृंखला में भारतीय शीर्ष क्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद माना जा रहा था कि इंग्लैंड दौरे पर वैभव को जरूर मौका मिलेगा लेकिन टीम प्रबंधन ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताना बेहतर समझा।

    क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गज पहले ही संकेत दे चुके थे कि वैभव का डेब्यू तुरंत नहीं होगा। उनका मानना था कि टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को सही समय पर मौका देना चाहता है ताकि उस पर अतिरिक्त दबाव न बने। हालांकि प्रशंसकों का तर्क है कि जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट आईपीएल और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा हो तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर भी मिलना चाहिए।

    बैटिंग कोच सितांशु कोटक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंतिम फैसला मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति के अनुसार लिया जाएगा। ऐसे में यह साफ है कि वैभव को मौका कब मिलेगा इसका फैसला टीम प्रबंधन की योजनाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल भारतीय टीम ने पहले मुकाबले में संजू सैमसन अभिषेक शर्मा ईशान किशन श्रेयस अय्यर तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल हर्षित राणा रवि बिश्नोई अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह इंतजार भले ही लंबा होता जा रहा हो लेकिन उनकी उम्र और प्रदर्शन दोनों यह संकेत देते हैं कि भविष्य पूरी तरह उनके पक्ष में है। यदि वह इसी तरह रन बनाते रहे और अपने खेल में निरंतरता बनाए रखी तो भारतीय टीम में उनका पदार्पण केवल समय की बात होगी। अब सभी की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबलों पर रहेंगी जहां शायद भारतीय क्रिकेट को अपना नया युवा सितारा पहली बार नीली जर्सी में खेलते हुए देखने का मौका मिल जाए।

  • भारतीय सिनेमा का मेगा ब्लॉकबस्टर सीजन: साल 2026 की दूसरी छमाही में सिनेमाघरों में दिखेगा बड़े बजट की फिल्मों का महासंग्राम

    भारतीय सिनेमा का मेगा ब्लॉकबस्टर सीजन: साल 2026 की दूसरी छमाही में सिनेमाघरों में दिखेगा बड़े बजट की फिल्मों का महासंग्राम

    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म उद्योग के लिए साल 2026 की दूसरी छमाही बॉक्स ऑफिस पर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक व्यावसायिक घमासान लेकर आ रही है। चालू वर्ष की शुरुआती छमाही में हालांकि कई फिल्मों ने अच्छा कारोबार किया, लेकिन बड़े रिकॉर्ड्स के मामले में केवल एक ही फिल्म पांच सौ और हजार करोड़ के क्लब में अपनी जगह बना सकी। मगर फिल्म समीक्षकों और व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि असली व्यावसायिक मुकाबला अब शुरू होने जा रहा है, क्योंकि जुलाई से लेकर दिसंबर तक के आगामी महीनों में बड़े बजट और महासुपरस्टार्स की कई बहुप्रतीक्षित फिल्में बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली हैं, जिनसे हजार करोड़ से ज्यादा की कमाई की उम्मीद है।

    इस भव्य सिनेमाई सिलसिले की शुरुआत जुलाई के महीने से हो रही है, जहां दो बिल्कुल अलग विधाओं की फिल्में दर्शकों के सामने होंगी। इसमें सबसे पहला और बड़ा नाम यशराज स्पाई यूनिवर्स की बहुचर्चित एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ का है, जो 3 जुलाई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। शिव रावेल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, अनिल कपूर और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि ऋतिक रोशन का एक विशेष कैमियो दर्शकों के लिए बड़ा आकर्षण होगा। इसके ठीक बाद, 10 जुलाई को निर्देशक इंद्र कुमार की मशहूर कॉमेडी फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी ‘धमाल 4’ रिलीज होगी, जिसमें अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी जैसे कलाकार मनोरंजन का तड़का लगाएंगे।

    अगस्त का महीना बॉक्स ऑफिस के लिहाज से सबसे बड़ा और कड़ा मुकाबला देखने वाला साबित होगा, जहां एक से बढ़कर एक कई बड़ी फिल्में कतार में हैं। महीने की शुरुआत 7 अगस्त को अविनाश अरुण द्वारा निर्देशित फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ से होगी, जिसमें राजकुमार राव और जयदीप अहलावत मुख्य किरदारों में हैं। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर 14 अगस्त को तीन बड़ी फिल्मों के बीच सीधा महामुकाबला देखने को मिलेगा। इनमें इमरान हाशमी और दिशा पाटनी स्टारर कल्ट क्लासिक का सीक्वल ‘आवारापन 2’, भारत-चीन गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित सलमान खान की मुख्य भूमिका वाली देशभक्ति फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ और सनी देओल व प्रीति जिंटा अभिनीत विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी ‘बंटवारा 1947’ शामिल हैं।

    इसी महीने के अंत में दर्शकों का लंबा इंतजार भी खत्म होने जा रहा है। कई बार तकनीकी कारणों से टलने के बाद, कन्नड़ सुपरस्टार यश की अत्यंत महत्वाकांक्षी फिल्म ‘टॉक्सिक’ आखिरकार 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। गीतू मोहन दास के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी और तारा सुतारिया जैसे कलाकारों की एक लंबी फौज नजर आएगी। इसके तुरंत बाद, 28 अगस्त को महान लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जीवनी पर आधारित फिल्म ‘ईठा’ प्रदर्शित होगी, जिसमें श्रद्धा कपूर और रणदीप हुड्डा मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे, जिसका निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है।

    सितंबर के महीने में भी सिनेमाघरों में रोमांच का यह स्तर कम नहीं होगा। ओटीटी की दुनिया में अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद ‘मिर्जापुर’ की कहानी अब बड़े पर्दे पर तहलका मचाने आ रही है। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी ‘मिर्जापुर द मूवी’ 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिसमें पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु शर्मा जैसे कलाकार अपने पुराने अंदाज में लौट रहे हैं। इसके बाद 11 सितंबर को ब्रिटिश कालीन भारत की पृष्ठभूमि पर बनी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘रणबाली’ रिलीज होगी। इसी तारीख को निर्देशक प्रियदर्शन की सस्पेंस फिल्म ‘हैवान’ भी सिनेमाघरों में दस्तक देगी, जिसमें कई सालों के लंबे अंतराल के बाद सैफ अली खान और अक्षय कुमार की मशहूर जोड़ी एक बार फिर स्क्रीन साझा करती नजर आएगी।