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  • चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर कुमार का फीका प्रदर्शन, तीन मैचों में 139 रन लुटाए और मिला सिर्फ एक विकेट

    चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर कुमार का फीका प्रदर्शन, तीन मैचों में 139 रन लुटाए और मिला सिर्फ एक विकेट


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चार साल बाद वापसी अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में मेरठ के 36 वर्षीय गेंदबाज को शुरुआती तीन मुकाबलों में अपनी पुरानी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। अपनी स्विंग गेंदबाजी के दम पर दुनिया के बड़े बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भुवनेश्वर इस बार रन रोकने और विकेट निकालने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सके। तीन मैचों में उन्होंने कुल 12 ओवर गेंदबाजी करते हुए 139 रन खर्च किए और उनके खाते में केवल एक विकेट आया। ऐसे प्रदर्शन के बाद अब अगले मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी पर सभी की निगाहें रहेंगी।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाकर विरोधी टीम पर दबाव बनाया है और गेंदबाजों ने भी कई मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि भुवनेश्वर कुमार के लिए शुरुआती मुकाबले चुनौतीपूर्ण साबित हुए। पहले मैच में उन्होंने चार ओवर में 49 रन दिए जबकि दूसरे मुकाबले में उनके खाते से 50 रन खर्च हुए। तीसरे टी20 में भी उन्होंने चार ओवर में 40 रन दिए। हालांकि पिछले दो मैचों की तुलना में उनके प्रदर्शन में कुछ सुधार दिखाई दिया लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिल सका। तीन मैचों में उनकी इकोनॉमी 11.58 रन प्रति ओवर रही है जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी महंगी मानी जाती है।

    भुवनेश्वर कुमार को भारतीय क्रिकेट में उनकी शानदार स्विंग गेंदबाजी और शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता के लिए जाना जाता है। नई गेंद से दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी कला ने उन्हें लंबे समय तक टीम इंडिया का अहम गेंदबाज बनाए रखा। लेकिन लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। मैच की परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करना और दबाव के बीच सही लाइन और लेंथ बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में भुवनेश्वर को भी अपनी पुरानी लय पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।

    टीम प्रबंधन को अनुभव पर भरोसा

    शुरुआती तीन मुकाबलों में महंगे साबित होने के बावजूद टीम प्रबंधन और मुख्य कोच ने भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर भरोसा जताया है। टीम का मानना है कि लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के कारण खिलाड़ी को लय में लौटने में समय लग सकता है। मेरठ के गांधी बाग में क्रिकेट कोच तनकीब अहमद ने भी माना कि लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने पर खिलाड़ी के ऊपर दबाव रहता है। हर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है और भुवनेश्वर भी आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। कोच अतरह अली के मुताबिक भी वापसी के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव रहता है और खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करता है।

    अगले मुकाबलों में लय हासिल करने की चुनौती

    अब सीरीज के अगले मैच भुवनेश्वर कुमार के लिए काफी अहम होंगे। उन्हें अपनी गेंदबाजी में सटीकता लाने के साथ विकेट निकालने की क्षमता भी दिखानी होगी। शुरुआती ओवरों में रन रोकना और बल्लेबाजों को गलतियां करने के लिए मजबूर करना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। यदि वह अपनी स्विंग और अनुभव का सही इस्तेमाल कर पाए तो टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। फिलहाल उनके प्रदर्शन पर सवाल जरूर उठ रहे हैं लेकिन सीरीज के बाकी मुकाबलों में वापसी करने का अवसर उनके पास है। अब देखना होगा कि अनुभवी भुवी अपने प्रदर्शन में कितना सुधार कर पाते हैं और टीम प्रबंधन के भरोसे पर किस तरह खरे उतरते हैं।

  • अमोला घाटी में नर कंकाल मिलने से सनसनी, कौन था मृतक और कैसे हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस

    अमोला घाटी में नर कंकाल मिलने से सनसनी, कौन था मृतक और कैसे हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक जंगल के पास नर कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सुरवाया थाना क्षेत्र की अमोला घाटी के ऊपर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना सामने आई है। शुरुआती आशंका के मुताबिक शव करीब 30 दिन पुराना हो सकता है। हालांकि मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मृतक की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार अमोला घाटी के ऊपर एक व्यक्ति का शव दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सुरवाया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। शव की स्थिति को देखते हुए उसके काफी पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी वास्तविक अवधि और मौत से जुड़ी परिस्थितियों की पुष्टि जांच तथा चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

    घटना सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतक कौन था और वह अमोला घाटी के ऊपर किस परिस्थिति में पहुंचा। फिलहाल पुलिस के पास मृतक की पहचान से जुड़ी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच अधिकारियों के सामने सबसे पहली चुनौती शव की पहचान करना है। इसके लिए आसपास के गांवों और क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि पता लगाया जा सके कि किसी अज्ञात व्यक्ति को हाल के दिनों में घटनास्थल के आसपास देखा गया था या नहीं।

    गुमशुदगी के मामलों से जोड़कर की जा सकती है जांच

    मृतक की पहचान का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जानकारी जुटा सकती है। यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की शिकायत दर्ज है तो उसके विवरण का मिलान मृतक से जुड़े उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जा सकता है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि अभी तक मृतक की पहचान या किसी संदिग्ध परिस्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएंगे अहम तथ्य

    इस मामले में पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इनकी मदद से मौत के संभावित कारणों और शव की स्थिति से जुड़े तथ्यों को समझने में सहायता मिल सकती है। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो पुलिस उसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही।

    अमोला घाटी के ऊपर नर कंकाल मिलने की घटना ने क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान मृतक की पहचान करने और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने पर है। अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • 23 साल की अस्मी ने बदली बार काउंसिल की तस्वीर, निर्विरोध जीत के साथ महिलाओं के प्रतिनिधित्व में बना नया रिकॉर्ड

    23 साल की अस्मी ने बदली बार काउंसिल की तस्वीर, निर्विरोध जीत के साथ महिलाओं के प्रतिनिधित्व में बना नया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। कानून की दुनिया में युवा पीढ़ी की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और इसी कड़ी में 23 साल की अस्मी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर इतिहास रच दिया है। अस्मी को पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल का सदस्य निर्विरोध चुना गया है। उनकी इस जीत को कानूनी क्षेत्र में नई पीढ़ी की बढ़ती भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है। इतनी कम उम्र में इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचकर अस्मी ने न केवल अपनी पहचान बनाई है बल्कि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा पेश की है जो कानून के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उनकी जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह देश के किसी भी राज्य बार काउंसिल की सबसे युवा सदस्य बन गई हैं और जेन-जी पीढ़ी से इस पद पर पहुंचने वाली पहली सदस्य बताई जा रही हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को रिटर्निंग ऑफिसर प्रदीप परमार ने अस्मी के निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा की। यह पद पहले मिंदरजीत यादव के पास था लेकिन पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति होने के बाद यह स्थान खाली हो गया था। इसके बाद इस पद को भरने के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। अस्मी ने चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। सोमवार 26 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक किसी अन्य उम्मीदवार ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। ऐसे में चुनावी मुकाबले की स्थिति नहीं बनी और मंगलवार को उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

    अस्मी की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उनके चुने जाने के बाद पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल में महिला सदस्यों का प्रतिनिधित्व देश के राज्य बार काउंसिलों के मुकाबले सबसे अधिक हो गया है। कानूनी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। लंबे समय तक कानून के क्षेत्र में वरिष्ठ और अनुभवी लोगों का प्रभाव अधिक रहा है लेकिन अब युवा वकील भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। अस्मी की सफलता इस बदलाव की एक उल्लेखनीय मिसाल बनकर सामने आई है।

    उनके निर्वाचन के बाद बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के अध्यक्ष अमित राणा और उपाध्यक्ष शर्मिला शर्मा समेत अन्य सदस्यों ने उन्हें बधाई दी। अस्मी की जीत से युवा वकीलों के बीच भी उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। बार काउंसिल जैसे संस्थान कानूनी पेशे से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में भूमिका निभाते हैं और वकीलों के हितों तथा पेशेवर व्यवस्था से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। ऐसे में कम उम्र में इस संस्था का सदस्य बनना एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।

    अस्मी की सफलता यह संदेश देती है कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उम्र से ज्यादा महत्व योग्यता और अवसर का होता है। उनकी उपलब्धि से उन युवाओं को प्रेरणा मिल सकती है जो कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद पेशेवर क्षेत्र में अपनी जगह बनाना चाहते हैं। हालांकि इस नई जिम्मेदारी के साथ उनसे उम्मीदें भी बढ़ेंगी। अब देखना होगा कि वह बार काउंसिल में अपनी भूमिका निभाते हुए युवा वकीलों की जरूरतों और कानूनी पेशे से जुड़े मुद्दों को किस तरह सामने रखती हैं। फिलहाल उनकी निर्विरोध जीत ने उन्हें देश की कानूनी बिरादरी में एक खास पहचान दिला दी है।

  • अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकला रनों का तूफान, न्यूजीलैंड को रौंदने के बाद युवराज सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात

    अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकला रनों का तूफान, न्यूजीलैंड को रौंदने के बाद युवराज सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में ऐसी विस्फोटक पारी खेली कि विरोधी टीम के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा। अभिषेक ने महज 35 गेंदों में शतक पूरा किया और 38 गेंदों पर 113 रन बनाकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को छह विकेट से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हालांकि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद अभिषेक की चर्चा उनकी बल्लेबाजी के साथ साथ अपने मेंटर युवराज सिंह को दिए गए मजेदार जवाब को लेकर भी हो रही है।

    मैच के बाद बातचीत के दौरान अभिषेक से युवराज सिंह की उस टिप्पणी के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि अभिषेक अभी तक 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का कमाल नहीं कर पाए हैं। इस पर अभिषेक ने हंसते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि उस समय युवराज कौन सा क्रिकेट खेल रहे थे लेकिन 12 गेंदों में 50 रन बनाना बिल्कुल आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई बल्लेबाज केवल मैदान पर उतरकर इतनी कम गेंदों में अर्धशतक नहीं बना सकता। इसके लिए परिस्थितियों का साथ और असाधारण प्रदर्शन दोनों जरूरी होते हैं। अभिषेक का यह जवाब सुनकर क्रिकेट प्रशंसकों को उनके और युवराज के बीच गुरु शिष्य के रिश्ते की मजेदार झलक देखने को मिली।

    अभिषेक ने अपनी शानदार पारी के दौरान 11 छक्के और नौ चौके लगाए। उन्होंने केवल 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और इसके बाद भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रही। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए महज 7.1 ओवर में 133 रन जोड़ दिए। वैभव ने 19 गेंदों पर 45 रन बनाए और उनकी तेज शुरुआत ने भारतीय टीम के लिए लक्ष्य का पीछा बेहद आसान कर दिया।

    अभिषेक ने बताया कि इस मुकाबले से पहले उन्होंने पिच और मैदान की परिस्थितियों को समझने पर खास ध्यान दिया था। फील्डिंग के दौरान उन्होंने पिच पर अतिरिक्त उछाल को महसूस किया और इसके बाद वैभव के साथ मिलकर पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि दोनों का उद्देश्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि टीम को जीत दिलाने के लिए तेजी से रन बनाना था। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय कोचिंग स्टाफ और अभ्यास सत्रों को भी दिया। उनके मुताबिक मैच से पहले साइडआर्म गेंदों पर अभ्यास करने से उन्हें तेज गेंदों के खिलाफ बेहतर तैयारी करने में मदद मिली।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डेरिल मिचेल की नाबाद 89 रन की पारी की बदौलत 20 ओवर में तीन विकेट पर 198 रन बनाए थे। फिन एलन ने 40 रन और बेवन जैकब्स ने नाबाद 39 रन का योगदान दिया। भारतीय टीम ने जवाब में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती ओवरों में ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारत ने 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 40 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड में लगातार तीसरी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतने का सिलसिला भी बरकरार रखा। अभिषेक का तूफानी शतक और वैभव के साथ उनकी साझेदारी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। वहीं युवराज सिंह की टिप्पणी पर उनका मजेदार जवाब भी चर्चा का विषय बन गया। मैदान पर बल्ले से धमाल मचाने वाले अभिषेक ने यह साफ कर दिया कि उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि टीम इंडिया की जीत है।

  • करवा चौथ के खास मौके पर बनाएं गाढ़ी और स्वादिष्ट रबड़ी वाली खीर, एक बार चखेंगे तो बार बार खाने का करेगा मन

    करवा चौथ के खास मौके पर बनाएं गाढ़ी और स्वादिष्ट रबड़ी वाली खीर, एक बार चखेंगे तो बार बार खाने का करेगा मन

    नई दिल्ली। करवा चौथ 2026 का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह से शुरू होने वाला यह व्रत शाम को पूजा और चंद्रमा के दर्शन के बाद पूरा किया जाता है। इस खास अवसर पर घरों में तरह तरह के पकवान और मिठाइयां बनाने की परंपरा भी है। अगर आप भी करवा चौथ पर व्रत खोलने के बाद परिवार को कुछ खास मीठा खिलाना चाहती हैं तो रबड़ी जैसी गाढ़ी और मलाईदार चावल की खीर एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। दूध चावल चीनी और सूखे मेवों से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद में लाजवाब होती है। इसकी खासियत है कि इसे बनाने के लिए किसी महंगी सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती और घर पर ही हलवाई जैसी खीर तैयार की जा सकती है।

    रबड़ी जैसी खीर बनाने के लिए जरूरी सामग्री

    इस स्वादिष्ट खीर को बनाने के लिए एक लीटर फुल क्रीम दूध एक चौथाई कप छोटे दाने वाले चावल आधा कप चीनी कुछ कटे हुए काजू बादाम और पिस्ता आधा चम्मच इलायची पाउडर और थोड़े से केसर के धागों की जरूरत होगी। केसर को दो से तीन चम्मच गर्म दूध में भिगोकर रख लें ताकि उसका रंग और खुशबू अच्छी तरह निकल आए। आप अपनी पसंद के अनुसार सूखे मेवों की मात्रा कम या ज्यादा भी कर सकती हैं। खीर को ज्यादा मलाईदार बनाने के लिए फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।

    इस तरह तैयार करें गाढ़ी और मलाईदार खीर

    सबसे पहले चावलों को साफ पानी से दो से तीन बार अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उन्हें करीब 20 से 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रख दें। अब एक भारी तले वाला बर्तन लें और उसमें दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में उबाल आने लगे तो गैस की आंच धीमी कर दें। भीगे हुए चावलों का पानी निकालकर उन्हें दूध में डाल दें। अब चावल और दूध को धीमी आंच पर पकने दें। इस दौरान खीर को समय समय पर चलाते रहें ताकि दूध बर्तन की तली में चिपके नहीं और चावल अच्छी तरह पक जाएं।

    खीर को रबड़ी जैसा स्वाद और गाढ़ापन देने के लिए दूध के बर्तन के किनारों पर जमने वाली मलाई को करछी से खुरचकर वापस खीर में मिलाते रहें। धीमी आंच पर दूध पकने से उसका गाढ़ापन बढ़ेगा और चावल भी अच्छी तरह गल जाएंगे। ध्यान रखें कि खीर को जल्दबाजी में तेज आंच पर न पकाएं क्योंकि इससे दूध जल सकता है और स्वाद भी खराब हो सकता है।

    जब चावल पूरी तरह पक जाएं और दूध गाढ़ा दिखाई देने लगे तो इसमें केसर वाला दूध और बारीक कटे हुए काजू बादाम तथा पिस्ता डाल दें। इसके बाद खीर को करीब पांच मिनट तक और पकाएं। अब इसमें चीनी और इलायची पाउडर मिलाकर दो से तीन मिनट तक पकने दें। चीनी डालने के बाद खीर को लगातार चलाते रहें ताकि वह बर्तन के नीचे न लगे। जब खीर मलाईदार और गाढ़ी हो जाए तो गैस बंद कर दें। ध्यान रखें कि ठंडा होने के बाद खीर और ज्यादा गाढ़ी हो जाती है इसलिए इसे पकाते समय थोड़ा तरल बनाए रखना अच्छा रहेगा।

    करवा चौथ पर मीठे में परोसें शाही खीर

    तैयार खीर को कुछ देर ठंडा होने दें और फिर कटे हुए मेवों से सजाकर परोसें। अगर आपको ठंडी खीर पसंद है तो इसे कुछ समय के लिए फ्रिज में भी रख सकती हैं। वहीं गर्म खीर खाने के शौकीन लोग इसे हल्का ठंडा होने के बाद भी परोस सकते हैं। करवा चौथ पर पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलते समय यह मिठाई परिवार के साथ खुशियों के पल बिताने का अच्छा माध्यम बन सकती है। घर पर बनी इस खीर में दूध की मलाई के साथ केसर और इलायची की खुशबू इसे खास बनाती है। इस बार करवा चौथ पर बाजार की मिठाई लाने के बजाय घर पर रबड़ी जैसी मलाईदार खीर बनाकर परिवार को स्वादिष्ट सरप्राइज दे सकती हैं।

  • LPG से लेकर GST तक…. होने वाले हैं बड़े बदलाव….एक नवंबर से लागू होंगे नए नियम

    LPG से लेकर GST तक…. होने वाले हैं बड़े बदलाव….एक नवंबर से लागू होंगे नए नियम


    नई दिल्ली।
    अक्टूबर (October) का महीना खत्म होने वाला है और नवंबर की शुरुआत देश में कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st November) के साथ होने जा रही है. इन चेंज का असर हर घर हर जेब पर देखने को मिलेगा. दरअसल, ऐसा इसलिए क्योंकि नए महीने के पहले दिन से लागू होने जा रहे ये बदलाव घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) से लेकर जीएसटी (GST) ही नहीं, बल्कि हाइवे पर सफर से लेकर शराब खरीदने के लिए पेमेंट तक से जुड़े हुए हैं. आइए ऐसे ही पांच बड़े बदलावों के बारे में जानते हैं।


    पहला बदलाव: LPG सिलेंडर के बदलेंगे दाम

    हर महीने की तरह नवंबर महीने के पहले दिन भी देश के लोगों की नजर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में होने वाले बदलाव पर रहेगी. इससे पहले 1 अक्तूबर 2026 को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने LPG Cylinder Price Change किए थे और इसके तहत 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 62.50 रुपये तक इजाफा किया था. हालांकि, 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम यथावत हैं. ऐसे में 1 नवंबर को भी दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है. न सिर्फ LPG, बल्कि हवाई ईंधन यानी ATF के रेट भी बदल सकते हैं।


    दूसरा बदलाव: GST से जुड़ा नियम

    1 नवंबर से जो दूसरा बड़ा बदलाव देश में लागू होने जा रहा है, वो GST से जुड़ा हुआ है. GST Rule Change की बात करें, तो इससे कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को राहत मिल सकती है. जीएसटी प्रोसेस को सरल बनाने के लिए ये रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स रिफंड में होने वाली देरी कम करने और कारोबारियों पर डॉक्युमेंटेशन का भार घटाने की तैयारी सरकार ने की है. बदलावों के तहत कुछ मामलों में रिफंड ऑटोमैटिक अप्रूवल की व्यवस्था की जाएगा. इसके अलावा सालाना 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए नई रिटर्न व्यवस्था की जाएगी, जो ग्राहकों को सीधे सामान या सर्विसेस देते हैं।


    तीसरा बदलाव: शराब पेमेंट का बदलेगा नियम

    नवंबर की शुरुआत के साथ लागू होने वाला तीसरा बदलाव शराब के शौकीनों से जुड़ा हुआ है. दरअसल, 1 नवंबर से तमिलनाडु में शराब पेमेंट का नियम बदलने (Liquor Payment Rule Change) जा रहा है. तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) ने बड़ा फैसला लेते हुए अब 1000 रुपये से महंगी शराब की बोतल की रिटेल बिक्री के लिए डिजिटल पेमेंट को अनिवार्य कर दिया है. यानी आप शराब खरीदने दुकान पर जाते हैं और एक हजार रुपये से ज्यादा की शराब लेते हैं, तो फिर कैश नहीं लिया जाएगा।


    चौथा बदलाव: इस हाइवे पर सफर का नियम

    अगर आप मुंबई से पुणे का सफर करते हैं, तो फिर अगला बदलाव आपने लिए है. दरअसल, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर अब सभी वाहन नहीं चल पाएंगे. महाराष्ट्र हाईवे पुलिस ने इस रास्ते पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर स्थायी रोक का फैसला किया है और ये New Highway Rule 1 नवंबर से लागू हो रहा है. तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर लिए गए इस फैसले के तहत इस प्रतिबंध के दायरे में छोटे कमर्शियल वाहन, पिकअप वैन और टाटा ऐस जैसे वाहन भी आएंगे. हालांकि, प्राइवेट कार और पैसेंजर बसों को इस रास्ते से चलने की अनुमति होगी।


    पांचवां बदलाव: मोबाइल यूजर्स के लिए रूल चेंज

    पांचवां बदलाव मोबाइल यूजर्स से जुड़ा हुआ है. केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब 1 नवंबर से नया नियम लागू होने जा रहा है. दूरसंचार विभाग (DoT) की तरफ से जारी ऑर्डर पर नजर डालें, तो सभी मोबाइल यूजर्स को कॉलर का नाम दिखाना जरूरी होगा. दरअसल, कई बार अनजान नंबर से आने वाले कॉलर का नाम पता करने के लिए बहुत से लोग ट्रू कॉलर जैसे मोबाइल ऐप करते थे. ऐसे में DoT ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को दिशा-निर्देश दिए हैं कि कॉलिंग नेम प्रजेंटेशन (CNAP) को 1 नवंबर 2026 से लागू करें।

  • MP: भोपाल में नाबालिगों के यौन शोषण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला…78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद

    MP: भोपाल में नाबालिगों के यौन शोषण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला…78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत (Special POCSO Court) ने पहले एक अखबार चलाने वाले मालिक प्यारे मियां (Pyare Miyan) को 10 बार उम्रकैद (Life imprisonment) की सजा सुनाई है. एजेंसी के मुताबिक अदालत ने उस पर 77.64 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को भी 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, प्यारे मियां पांच नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया गया है।


    नौकरी का लालच देकर बुलाने का आरोप

    अभियोजन पक्ष के अनुसार 78 वर्षीय प्यारे मियां साल 2014 से नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा था. आरोप था कि वह लड़कियों को हर महीने 10 हजार रुपये की नौकरी देने का लालच देकर अपने पास बुलाता था. इसके बाद उनका यौन शोषण और बलात्कार करता था. मामले में राबिया बी पर भी उसके अपराधों में मदद करने का आरोप साबित हुआ।


    काउंसलिंग के दौरान सामने आया था मामला

    यह मामला 11 जुलाई 2020 को सामने आया था. अभियोजन पक्ष के मुताबिक काउंसलिंग के दौरान एक पीड़िता ने अपने साथ हुए यौन शोषण की जानकारी दी थी. उसने बताया कि उसे भोपाल के शाहपुरा इलाके में स्थित एक फ्लैट पर जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था।

    पीड़िता के आरोप के अनुसार, वहां उसे जबरन शराब पिलाई गई और प्यारे मियां ने उसका यौन उत्पीड़न किया. इसके बाद अन्य नाबालिग लड़कियों ने भी इसी तरह के शोषण की घटनाओं के बारे में खुलासा किया।


    आठ मामलों में मृत्यु तक उम्रकैद

    अभियोजन पक्ष के अधिकारी के मुताबिक, विशेष पॉक्सो अदालत ने प्यारे मियां को पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई. उसे आठ मामलों में मृत्यु तक उम्रकैद और दो मामलों में उम्रकैद की सजा दी गई है. ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

    सरकारी वकील पीएन सिंह राजपूत के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच के बाद प्यारे मियां को गिरफ्तार किया था. इसके बाद राबिया बी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मुकदमा चलाया गया. अदालत ने आरोप साबित होने के बाद प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाईष

  • MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता

    MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां चिड़ियाघर (Zoo) के बाहर से लापता हुई 18 साल की नवविवाहिता (Newlywed Woman) को पुलिस ने करीब 20 दिन बाद दस्तयाब किया. महिला अपने 21 वर्षीय पति के साथ शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के नरवर से ग्वालियर घूमने आई थी. पति का कहना था कि वह बाइक पार्क करने गया था और पत्नी को चिड़ियाघर के गेट के पास छोड़ गया था. जब वह वापस लौटा तो पत्नी वहां नहीं मिली. इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई. पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली तो महिला एक दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर जाती दिखाई दी. अब महिला मिल गई है और उसने पुलिस को बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और उसने एक शख्स से लिफ्ट ली थी. पुलिस अब उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना रही है।

    यह मामला ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है. शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र का रहने वाला 21 वर्षीय युवक अपनी 18 वर्षीय पत्नी को बाइक से ग्वालियर घुमाने और रिश्तेदारों से मिलवाने आया था. पत्नी की इच्छा पर दोनों चिड़ियाघर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि चिड़ियाघर पहुंचने के बाद पति बाइक पार्क करने चला गया. इस दौरान उसने पत्नी को गेट के पास ही छोड़ दिया था. कुछ देर बाद जब वह वापस आया तो पत्नी वहां मौजूद नहीं थी. उसने आसपास तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला।


    CCTV फुटेज में दूसरे युवक की बाइक पर जाती दिखी महिला

    तलाश के दौरान उसे जानकारी मिली कि उसकी पत्नी किसी दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर वहां से चली गई है. इसके बाद पति अपने चाचा के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी. अचानक पत्नी के गायब होने से वह परेशान था और उसने पुलिस से उसे तलाशने की मांग की. महिला के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. चिड़ियाघर और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

    पति ने फुटेज देखकर पत्नी को पहचाना. उसने बाइक सवार युवक की पहचान अरमान खान के रूप में बताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा भी किया. पति की तरफ से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की थी. मामले में CCTV फुटेज अहम कड़ी बनी, क्योंकि इसमें महिला को एक अन्य युवक के साथ जाते हुए देखा गया था. हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाली घटना के पीछे की पूरी वजह उस समय स्पष्ट नहीं थी।

    करीब 20 दिन तक तलाश किए जाने के बाद पुलिस ने महिला को दस्तयाब कर लिया. महिला के मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आया है. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह रास्ता भटक गई थी. इसके बाद उसने एक व्यक्ति से लिफ्ट मांगी थी और उसके साथ चली गई थी. महिला के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. महिला ने जिस तरह रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है, उसकी परिस्थितियों की विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि महिला अपनी मर्जी से गई थी या उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती हुई थी।


    CSP बोले, न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद होगी कार्रवाई

    सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले पड़ाव थाना क्षेत्र से एक महिला के लापता होने की सूचना मिली थी. उसके पति ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. बाद में CCTV फुटेज में महिला एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखाई दी थी. सीएसपी के मुताबिक, महिला को दस्तयाब कर लिया गया है. उसने बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और किसी से लिफ्ट मांगकर चली गई थी. पुलिस उससे और विस्तृत पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि महिला बालिग है. यदि उसे जबरदस्ती नहीं ले जाया गया है, तो वह अपनी मर्जी से जा सकती है. अब न्यायालय में महिला के बयान दर्ज कराए जाएंगे. इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    महिला के मिलने के बाद पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है. पुलिस महिला के बयान, उसके लापता रहने के दौरान की परिस्थितियों और CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले युवक की भूमिका की जांच करेगी. फिलहाल महिला ने रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है. वहीं, पति ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा किया था. इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. न्यायालय में महिला के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • ग्रेटर नोएडा के PNB में करोड़ों की FD गायब होने का आरोप, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड

    ग्रेटर नोएडा के PNB में करोड़ों की FD गायब होने का आरोप, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड


    ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर पाई-1 शाखा में कई खाताधारकों की करोड़ों रुपये की जमा रकम कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मामले में अब तक 16 लोग पुलिस से शिकायत कर चुके हैं। बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि पुलिस और बैंक की एंटी करप्शन टीम मामले की जांच कर रही हैं।

    खाते में 94 लाख रुपये थे, बचे सिर्फ 16 हजार

    मामले का खुलासा ग्रेटर नोएडा के बिरोंडी गांव के रहने वाले गौतम की शिकायत के बाद हुआ। गौतम के मुताबिक, उनके पिता का खाता सेक्टर पाई-1 स्थित PNB शाखा में है। परिवार को 50 हजार रुपये की जरूरत थी। चेकबुक नहीं होने के कारण वह पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निकासी फॉर्म भरकर कर्मचारियों को दिया।

    गौतम का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने की बात कही। इसके बाद जब उन्होंने खाते की जानकारी ली तो पता चला कि उसमें करीब 94 लाख रुपये होने के बावजूद सिर्फ 16 हजार रुपये बचे हैं। इस जानकारी के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। गौतम के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने उन्हें रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया है।

    जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के 1.29 करोड़ रुपये भी गायब होने का आरोप

    एक अन्य खाताधारक ने बताया कि उनकी मां के खाते में जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये आए थे। परिवार ने जरूरत के अनुसार इसमें से लगभग 10 से 12 लाख रुपये निकाले थे। इसके बाद खाते में करीब 1 करोड़ 18 लाख रुपये शेष रहने चाहिए थे।

    खाताधारक के मुताबिक, जब परिवार को रकम की जरूरत पड़ी तो खाते में एक रुपया भी नहीं मिला। इसी दौरान परिचितों के जरिए उन्हें बैंक में कथित गड़बड़ी की जानकारी हुई। उनका कहना है कि बैंक की ओर से 10 से 15 दिन के भीतर रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, परिवार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

    पांच कर्मचारी निलंबित, शाखा में नया स्टाफ तैनात

    मामला सामने आने के बाद PNB के वरिष्ठ अधिकारी शाखा पहुंचे और खाताधारकों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया। बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

    बैंक स्तर पर यह जांच की जा रही है कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन कर्मचारियों की भूमिका रही। हालांकि, बैंक की ओर से अब तक मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने खाताधारक प्रभावित हुए हैं, कितनी रकम का लेनदेन संदिग्ध है और पैसा किन खातों में ट्रांसफर किया गया।

    पुलिस ने ACP ग्रेटर नोएडा को सौंपी जांच

    नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के प्रवक्ता के अनुसार, थाना बीटा-2 क्षेत्र में स्थित बैंक से जुड़ी शिकायतों के मामले में बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों को समाधान का आश्वासन दिया है। प्रकरण में शाखा प्रबंधक सहित कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए एसीपी ग्रेटर नोएडा को निर्देश दिए हैं।

    पुलिस के मुताबिक, अब तक 16 लोग शिकायत दे चुके हैं। फिलहाल शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में सामने आएगा कि खाताधारकों की रकम किस तरह निकाली गई या दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई और कथित गड़बड़ी में किन लोगों की भूमिका थी।

  • इजरायल चुनाव के रुझानों में फंसा बहुमत का पेंच, नेतन्याहू गठबंधन को सरकार के लिए 2 सीटों की जरूरत

    इजरायल चुनाव के रुझानों में फंसा बहुमत का पेंच, नेतन्याहू गठबंधन को सरकार के लिए 2 सीटों की जरूरत


    नई दिल्ली। इजरायल के राष्ट्रीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर पकड़ को चुनौती मिलती दिख रही है। मंगलवार को मतदान खत्म होने के बाद आए एग्जिट पोल में पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को मामूली बढ़त दिखाई गई है। हालांकि, दोनों खेमे बहुमत के जरूरी आंकड़े से दूर हैं। इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है। ऐसे में छोटे दलों का समर्थन और गठबंधन की बातचीत अगली सरकार का फैसला कर सकती है।

    एग्जिट पोल में दोनों गठबंधन बहुमत से दूर
    इजरायल के चुनाव में नेतन्याहू के लिकुड गठबंधन और विपक्षी खेमे के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। विभिन्न टीवी चैनलों के एग्जिट पोल में नेतन्याहू के समर्थक गठबंधन को करीब 50 सीटें, जबकि आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 52 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया। अरब दलों को मिलाकर करीब 18 सीटें मिलने का अनुमान है।

    ये आंकड़े एग्जिट पोल के अनुमान हैं, आधिकारिक अंतिम नतीजे नहीं। मतगणना और विशेष श्रेणी के मतों की गिनती के बाद सीटों का वितरण बदल सकता है। फिलहाल किसी भी मुख्य गठबंधन के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें नहीं हैं।

    लिकुड सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन सरकार बनाना आसान नहीं
    प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, गादी आइजनकोट की याशर पार्टी विपक्ष के प्रमुख दलों में शामिल है। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट भी नेतन्याहू के सामने विपक्षी खेमे के प्रमुख चेहरों में हैं।

    हालांकि, इजरायल की संसदीय व्यवस्था में सबसे बड़ी पार्टी बनना अपने आप सरकार बनाने की गारंटी नहीं है। किसी भी नेता को संसद में बहुमत का समर्थन जुटाना होगा। यदि छोटे दलों के साथ समझौता नहीं हो पाया, तो सरकार गठन की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है।

    77.7 प्रतिशत मतदान, 25 साल में सबसे ज्यादा
    इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार मतदान 77.7 प्रतिशत रहा। यह 1999 के बाद मतदान समाप्त होने के समय दर्ज सबसे ऊंचे आंकड़ों में से एक है और 2022 के चुनाव की तुलना में करीब सात प्रतिशत अंक अधिक है।

    7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान तथा ईरान से जुड़े संघर्षों के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव था। इस वजह से देश की सुरक्षा, सैन्य रणनीति और नेतन्याहू के नेतृत्व को लेकर मतदाताओं की राय चुनाव के केंद्र में रही।

    अरब दलों के समर्थन पर नेतन्याहू का विरोध
    नेतन्याहू ने अरब दलों के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना का विरोध किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने विपक्ष पर अरब पार्टियों के सहारे सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और इजरायल में एकजुट जायोनी बहुमत की वकालत की।

    दूसरी ओर, अरब दलों को मिलने वाली संभावित सीटें सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, विपक्षी खेमे के लिए भी इन दलों का समर्थन हासिल करना आसान नहीं है। इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के रुख से गठबंधन बनाने की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।

    अंतिम नतीजों के बाद शुरू होगी सरकार बनाने की कवायद
    मतदान के बाद सामने आए एग्जिट पोल किसी स्पष्ट विजेता की तस्वीर पेश नहीं करते। अंतिम मतगणना के बाद भी यदि कोई गठबंधन 61 सीटों तक नहीं पहुंचता है, तो राजनीतिक दलों को समर्थन जुटाने और साझा सरकार बनाने के लिए बातचीत करनी होगी।

    इस चुनाव का नतीजा केवल सबसे बड़ी पार्टी तय करने तक सीमित नहीं है। असली चुनौती संसद में बहुमत का समर्थन हासिल करना है। इसलिए नेतन्याहू और आइजनकोट, दोनों के लिए आने वाले दिन निर्णायक होंगे।