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  • MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित

    MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को 31 जिलों में मौसम प्रभावित रह सकता है, जबकि सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम का सबसे ज्यादा असर 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

    29 अक्टूबर को बढ़ेगा बारिश का असर

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    वहीं, अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में फिलहाल मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चक्रवाती सिस्टम का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई है। इस दिन प्रदेश में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश का दौर रह सकता है। करवा चौथ भी इसी दिन है, ऐसे में बादलों के कारण कई इलाकों में चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम में बदलाव जारी रहने का अनुमान है।

    पूर्वी MP में ज्यादा असर, पश्चिमी जिलों में धूप

    चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं है। इन क्षेत्रों में धूप निकलने की संभावना है।

    धार में सुबह के तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट

    चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के बीच प्रदेश के कुछ इलाकों में रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। धार जिले में तेज हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान मंगलवार के 15.4 डिग्री सेल्सियस से गिरकर बुधवार सुबह 11.2 डिग्री पर पहुंच गया। यानी एक दिन में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    मंगलवार को धार में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

    बारिश से धान की फसल को नुकसान, गेहूं की बुआई पर भी असर संभव

    चक्रवाती सिस्टम से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश होने पर किसानों की चिंता बढ़ सकती है। खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जबलपुर संभाग के बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की खेती होती है। ऐसे में लगातार या तेज बारिश से कटाई और फसल को सुरक्षित रखने के काम में परेशानी आ सकती है।

    रीवा संभाग में किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं। बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने या कृषि कार्यों में बाधा आने से बुआई प्रभावित हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल और कुछ क्षेत्रों में मोटे अनाज प्रमुख खरीफ फसलें हैं। हालांकि, बारिश का वास्तविक असर उसकी मात्रा, अवधि और फसल की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।

    पूर्वी हिस्से में मानसून के दौरान हुई थी ज्यादा बारिश

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। अब चक्रवाती सिस्टम का असर भी इसी क्षेत्र में ज्यादा रहने का अनुमान है। बारिश से भूमिगत जलस्तर को फायदा मिल सकता है, हालांकि इसका लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि पानी का कितना हिस्सा जमीन में समाता है।

    शाजापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री

    भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात की ठंडक बढ़ने लगी है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    दूसरी ओर, दिन में कई शहरों का तापमान अब भी 34 से 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। उज्जैन, भोपाल के बैरसिया, धार, खंडवा, खजुराहो, सागर, मंदसौर और नीमच के मरुखेड़ा में अधिकतम तापमान 34.3 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

  • शुक्र-मंगल का पंचांक योग 28 अक्टूबर से इन पांच राशियों के लिए धन, करियर और रिश्तों में नए अवसरों के संकेत

    शुक्र-मंगल का पंचांक योग 28 अक्टूबर से इन पांच राशियों के लिए धन, करियर और रिश्तों में नए अवसरों के संकेत

    नई दिल्ली । ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह 2 बजकर 7 मिनट पर शुक्र और मंगल एक-दूसरे से 72 डिग्री के कोण पर होंगे। इन दोनों ग्रहों के बीच बनने वाले इस संबंध को पंचांक योग या क्विंटाइल आस्पेक्ट कहा जाता है। ज्योतिष में शुक्र को धन, सुख-सुविधाओं, कला और रिश्तों का कारक माना जाता है, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और प्रयासों से जुड़ा ग्रह है। मान्यता है कि इन ग्रहों का यह संयोग कुछ राशियों के लिए आर्थिक मामलों, करियर और व्यक्तिगत संबंधों में नए अवसरों के संकेत दे सकता है।

    इस दौरान शुक्र तुला राशि में और मंगल कर्क राशि में रहेंगे। शुक्र तुला में अपनी राशि में हैं, लेकिन वक्री और अस्त अवस्था में बताए गए हैं। वहीं, मंगल कर्क राशि में नीच के हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इस स्थिति में रचनात्मक कामों, आर्थिक फैसलों और पुराने मामलों की समीक्षा करने के अवसर बन सकते हैं। हालांकि, मंगल की स्थिति भावनाओं में बहकर फैसले लेने और जल्दबाजी करने से बचने की सलाह भी देती है। चंद्र राशि के आधार पर वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए इस योग को विशेष रूप से अनुकूल बताया गया है।

    वृषभ राशि के लिए यह योग नौकरी, प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत प्रयासों से जुड़े मामलों में उपयोगी रह सकता है। शुक्र छठे भाव और मंगल तीसरे भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, नौकरीपेशा लोगों को पुरानी समस्याओं को सुलझाने और लंबित जिम्मेदारियां पूरी करने का मौका मिल सकता है। कारोबारियों के लिए पुराने ग्राहकों से संपर्क करना और रुकी हुई बातचीत आगे बढ़ाना उपयोगी हो सकता है। अपनी कार्यशैली और कौशल में सुधार करने पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। बातचीत में संयम रखने और पुराने समझौतों की शर्तें दोबारा जांचने की सलाह दी जाती है।

    मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र पांचवें और मंगल दूसरे भाव में रहेंगे। यह स्थिति रचनात्मकता, शिक्षा, प्रेम संबंधों और आर्थिक मामलों से जोड़ी जाती है। लेखन, डिजाइन, मीडिया, मार्केटिंग और डिजिटल कंटेंट से जुड़े लोगों को पुराने विचारों में सुधार करने का अवसर मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई की रणनीति पर दोबारा विचार करना उपयोगी रह सकता है। आय बढ़ाने के विकल्प तलाशते समय खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार और रिश्तों में बातचीत के दौरान गुस्से या कड़वे शब्दों से बचना बेहतर रहेगा।

    कन्या राशि के लिए शुक्र दूसरे और मंगल ग्यारहवें भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धन, बचत और आय से जुड़े मामलों पर ध्यान देने का समय हो सकता है। नौकरीपेशा लोग लंबित भुगतान या इंसेंटिव से संबंधित बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। कारोबारियों को पुराने ग्राहकों से संपर्क करने और अधूरे सौदों की स्थिति समझने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, किसी भी आर्थिक प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी शर्तें और भुगतान की समयसीमा स्पष्ट कर लेना उचित रहेगा।

    तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और इस दौरान शुक्र इसी राशि में रहेंगे। शुक्र पहले तथा मंगल दसवें भाव में होंगे। इसे व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और करियर से जुड़े मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। नौकरीपेशा लोग अपने काम की गुणवत्ता और पेशेवर छवि सुधारने पर ध्यान दे सकते हैं। कारोबारियों के लिए ब्रांडिंग, सेवाओं और मार्केटिंग की समीक्षा उपयोगी हो सकती है। कला, फैशन, डिजाइन और मीडिया से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, कार्यस्थल पर मतभेद होने पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।

    कुंभ राशि के लिए शुक्र नौवें और मंगल छठे भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, शिक्षा, कौशल विकास, नौकरी और प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों में योजनाओं को बेहतर बनाने का अवसर मिल सकता है। विद्यार्थी अपनी तैयारी की समीक्षा कर सकते हैं, जबकि नौकरी की तलाश कर रहे लोग आवेदन और जरूरी दस्तावेजों पर दोबारा काम कर सकते हैं। कारोबारियों के लिए नए बाजारों की जानकारी जुटाना उपयोगी हो सकता है। किसी भी बड़े फैसले से पहले पूरी जानकारी लेना और लगातार प्रयास करते रहना जरूरी होगा।

    ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, यह पंचांक योग इन पांच राशियों के लिए आर्थिक योजनाओं, करियर और रिश्तों से जुड़े मामलों पर दोबारा ध्यान देने का अवसर माना जा रहा है। हालांकि, ज्योतिषीय भविष्यवाणियां संभावनाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं। वास्तविक आर्थिक लाभ, नौकरी या कारोबार के नतीजे निश्चित नहीं होते, इसलिए महत्वपूर्ण फैसले व्यावहारिक जानकारी और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लेने चाहिए।

  • सेंसेक्स-निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद, स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी से बाजार में लौटी रौनक

    सेंसेक्स-निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद, स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी से बाजार में लौटी रौनक

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट बंद हुए। प्रमुख सूचकांकों में मामूली गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.69 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 2.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरों में मीडिया इंडेक्स सबसे आगे रहा, जबकि बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा। अक्टूबर सीरीज के वायदा एवं विकल्प कारोबार की मासिक एक्सपायरी के दिन बाजार में अलग-अलग क्षेत्रों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

    सेंसेक्स मंगलवार को 8.08 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,598.67 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में इसने 73,762.98 का ऊपरी और 73,179.41 का निचला स्तर छुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 3.45 अंक यानी 0.02 प्रतिशत फिसलकर 22,749.75 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,636.85 से 22,829.75 के दायरे में रहा। दोनों प्रमुख सूचकांकों में सीमित उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की दिलचस्पी छोटे और मझोले शेयरों में अधिक दिखाई दी।

    स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में खरीदारी बाजार की प्रमुख विशेषता रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.69 प्रतिशत, निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 2.67 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 2.19 प्रतिशत की तेजी आई। निफ्टी नेक्स्ट 50 में 1.30 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 भी 1.01 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी मिडकैप 50 में 0.90 प्रतिशत की तेजी रही। इससे संकेत मिला कि सेंसेक्स और निफ्टी की सुस्ती के बावजूद व्यापक बाजार में खरीदारी का रुझान मजबूत रहा।

    शेयर बाजार की मजबूती का असर कारोबार की व्यापकता में भी नजर आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार करने वाले 3,665 शेयरों में से 2,455 बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,103 शेयरों में गिरावट रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कुल 4,547 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,936 शेयर चढ़े और 1,383 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इस आंकड़े से पता चलता है कि प्रमुख सूचकांकों के लगभग स्थिर रहने के बावजूद बाजार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या अधिक रही।

    सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी मीडिया इंडेक्स 3.52 प्रतिशत उछलकर सबसे आगे रहा। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 2.78 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.91 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 1.89 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 1.48 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.20 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.74 प्रतिशत बढ़कर बंद हुए। निफ्टी मेटल में भी 0.63 प्रतिशत की बढ़त रही।

    इसके विपरीत, बैंकिंग और कुछ अन्य क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.73 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 0.72 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.62 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 0.26 प्रतिशत की कमजोरी रही। निफ्टी सीमेंट 1.80 प्रतिशत टूटकर कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा।

    बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया वीआईएक्स 4.74 प्रतिशत गिरकर 16.35 पर आ गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 115.90 डॉलर प्रति बैरल रहा। कुल मिलाकर, मंगलवार को प्रमुख सूचकांकों में खास तेजी नहीं दिखी, लेकिन स्मॉलकैप, मिडकैप और मीडिया शेयरों की बढ़त ने बाजार के व्यापक रुझान को मजबूती दी।

  • उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज

    उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज


    इंदौर: की एक महिला ने उज्जैन में चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, इंस्टाग्राम के जरिए उसकी दोस्ती उज्जैन के रहने वाले चक्रेश जैन से हुई थी। युवक ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया था। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चक्रेश जैन और एक अन्य आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महिला ने इस घटना में कुल पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    महिला के अनुसार, कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान चक्रेश जैन से हुई थी। इसके बाद दोनों एक-दो बार मिल भी चुके थे। सोमवार को चक्रेश ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया। महिला बस से उज्जैन पहुंची, जहां मेघदूत होटल के पास चक्रेश अपने एक साथी के साथ कार लेकर उससे मिला। महिला का आरोप है कि इसके बाद दोनों उसे कार में घुमाते रहे और कुछ समय बाद चक्रेश के चार अन्य दोस्त भी कार में सवार हो गए।

    महिला ने आरोप लगाया है कि कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की गई। उसने यौन हिंसा के दौरान गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। महिला के अनुसार, आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डालकर उसे घायल किया। घटना के संबंध में महिला ने एक वीडियो जारी कर अपने साथ हुई कथित हिंसा की जानकारी दी है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    महिला ने बताया कि घटना के बाद आरोपी उसे इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के बाहर छोड़ गए। महिला के मुंहबोले नाबालिग भाई के मुताबिक, रात करीब नौ बजे उसके पास महिला का फोन आया था। फोन पर वह रो रही थी और उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद भाई उसे लेने अरबिंदो अस्पताल पहुंचा। वहां से महिला अपने भाई के साथ उज्जैन के नानाखेड़ा थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत दी।

    जानकारी के मुताबिक, महिला रात करीब 12 बजे थाने पहुंची थी। पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा। मामले में सीएसपी श्वेता गुप्ता और थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने महिला से पूछताछ की। महिला के लिखित आवेदन के आधार पर चक्रेश जैन और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    सीएसपी श्वेता गुप्ता के मुताबिक, महिला अपनी मर्जी से बस में सवार होकर उज्जैन आई थी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में महिला की ओर से बताए गए आरोपियों की संख्या और दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपियों की संख्या अलग-अलग है। महिला ने वीडियो में चार से पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच में आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।

  • मध्य प्रदेश के सरकारी पोर्टल्स पर साइबर हमले का खतरा, NIC का अलर्ट जारी, विशेषज्ञों की टीमें 24 घंटे निगरानी में जुटीं

    मध्य प्रदेश के सरकारी पोर्टल्स पर साइबर हमले का खतरा, NIC का अलर्ट जारी, विशेषज्ञों की टीमें 24 घंटे निगरानी में जुटीं

    मध्य प्रदेश: में सरकारी वेबसाइटों और ऑनलाइन पोर्टल्स की साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। PHP सॉफ्टवेयर में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आने के बाद राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने राज्य के आईटी तंत्र को अलर्ट किया है। इस खतरे को देखते हुए प्रदेश में सरकारी वेबसाइटों और सर्वरों की निगरानी तेज कर दी गई है। कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (CERT) की तकनीकी टीम लगातार 24 घंटे निगरानी कर रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की समय रहते पहचान की जा सके।

    प्रदेश में बिजली, राजस्व, नागरिक आपूर्ति और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी कई वेबसाइटें PHP तकनीक पर संचालित होती हैं। ऐसे में सॉफ्टवेयर की सुरक्षा में सामने आई कमी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस खामी का फायदा उठाकर हमलावर दूर से ही सरकारी सर्वर तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में इसके लिए सामान्य लॉगिन या पासवर्ड की आवश्यकता नहीं पड़ने का जोखिम भी बताया गया है।

    साइबर सुरक्षा से जुड़ी इस कमजोरी को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी गंभीरता का आकलन 10 में से 9.2 अंक के रूप में किया गया है। यह रेटिंग संभावित खतरे की गंभीरता को दर्शाती है। इंटरनेट पर उपलब्ध कुछ सर्वरों को निशाना बनाने की शुरुआती कोशिशें भी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन प्रयासों के मध्य प्रदेश में होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा खामी को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डेटा की चोरी होने और ऑनलाइन सेवाओं के बाधित होने का खतरा पैदा हो सकता है। सरकारी पोर्टल्स के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में सर्वर की सुरक्षा में सेंध लगने से विभागीय कामकाज के साथ-साथ आम लोगों को मिलने वाली डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

    अलर्ट में पुराने सॉफ्टवेयर संस्करणों का इस्तेमाल करने वाले विभागों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। जिन वेबसाइटों पर PHP के पुराने या अपडेट नहीं किए गए संस्करण चल रहे हैं, उनके अधिक जोखिम में होने की आशंका है। तकनीकी सलाह के मुताबिक, पुराने संस्करणों में मौजूद सुरक्षा कमजोरियों को दूर करना जरूरी है, ताकि हमलावर उनका फायदा न उठा सकें।

    इसी के तहत सरकारी वेबसाइटों और सर्वरों का प्रबंधन करने वाली तकनीकी टीमों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने और उपलब्ध सुरक्षा पैच लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सर्वरों पर आने वाले इंटरनेट ट्रैफिक की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत पहुंच की कोशिश सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करना इस निगरानी व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है।

    प्रदेश में साइबर सुरक्षा की स्थिति को लेकर वैभव श्रीवास्तव, एसपी एटीएस एवं ज्वाइंट डायरेक्टर CERT ने बताया कि सुरक्षा संबंधी अलर्ट प्राप्त हुआ है और उनकी टीम लगातार सातों दिन, 24 घंटे निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पिछले दो वर्षों से काम किया जा रहा है और अब तक ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।

    सरकारी पोर्टल्स की सुरक्षा के लिए फिलहाल सॉफ्टवेयर अपडेट, सर्वर मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीकी टीमों के सामने चुनौती यह है कि संभावित कमजोरियों को जल्द दूर किया जाए और सरकारी डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित तथा सुचारु बनाए रखा जाए।

  • इजरायल चुनाव में नेतन्याहू और गादी आइजनकोट के बीच मुकाबला, बहुमत के लिए 61 सीटों का आंकड़ा अहम

    इजरायल चुनाव में नेतन्याहू और गादी आइजनकोट के बीच मुकाबला, बहुमत के लिए 61 सीटों का आंकड़ा अहम

    नई दिल्ली । इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की चुनौती है। चुनाव से पहले सामने आए ओपिनियन पोल में दोनों पक्षों के बीच कड़े मुकाबले के संकेत मिले हैं। कुछ सर्वेक्षणों में आइजनकोट की यशार पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनने की स्थिति में दिखाया गया है, लेकिन किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान नहीं है। ऐसे में चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए छोटे दलों का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है।

    इजरायल की संसद में 120 सीटें, बहुमत के लिए 61 जरूरी

    इजरायल की संसद को नेसेट कहा जाता है, जिसमें कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी गठबंधन को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन हासिल करना जरूरी है। देश की चुनाव व्यवस्था में मतदाता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करते, बल्कि राजनीतिक दलों को वोट देते हैं। पार्टियों को मिले वोटों के अनुपात के आधार पर संसद में सीटें आवंटित होती हैं।

    नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और उसके सहयोगी दलों का मुकाबला विपक्षी खेमे से है। विपक्ष में गादी आइजनकोट की यशार पार्टी के साथ नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड के नेतृत्व वाला टुगेदर गठबंधन तथा अन्य दल भी शामिल हैं। चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए इन दलों के बीच समर्थन जुटाने और गठबंधन तैयार करने की प्रक्रिया अहम होगी।

    ओपिनियन पोल में क्या संकेत मिले?

    चुनाव से पहले जारी सर्वेक्षणों में अलग-अलग दलों और गठबंधनों की स्थिति को लेकर अंतर दिखाई दिया है। 23 अक्टूबर तक के एक सर्वे औसत में नेतन्याहू के गठबंधन को लगभग 52 सीटें और उनके विरोधी जियोनिस्ट दलों को करीब 50 सीटें मिलने का अनुमान था। दूसरी ओर, कुछ अन्य सर्वेक्षणों में आइजनकोट की पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनने की स्थिति में दिखाया गया।

    हालांकि, किसी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलना और उसके गठबंधन को सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत मिलना अलग-अलग बातें हैं। चुनाव के बाद छोटे दलों का समर्थन और राजनीतिक गठबंधन की बातचीत निर्णायक हो सकती है। इसलिए केवल ओपिनियन पोल के आधार पर नेतन्याहू की विदाई या आइजनकोट के प्रधानमंत्री बनने को तय नहीं माना जा सकता।

    चुनाव के चार प्रमुख मुद्दे

    पहला मुद्दा 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से जुड़ी सुरक्षा चूक है। उस हमले के बाद इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठे थे। विपक्षी नेताओं ने सरकार से जवाबदेही की मांग की है। इस चुनाव में मतदाताओं के लिए यह अहम सवाल है कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए किस तरह की सुरक्षा नीति अपनाई जाएगी।

    दूसरा बड़ा मुद्दा अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय के लोगों को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट है। इजरायल में अधिकांश यहूदी नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है, लेकिन धार्मिक अध्ययन करने वाले हरेदी समुदाय के कई लोगों को इससे छूट मिलती रही है। इस व्यवस्था को लेकर देश में विवाद है। आइजनकोट सहित विपक्ष के कई नेता सैन्य सेवा की जिम्मेदारी अधिक व्यापक रूप से लागू करने के पक्ष में हैं, जबकि नेतन्याहू के गठबंधन को हरेदी दलों का समर्थन मिलता रहा है।

    तीसरा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों और न्यायपालिका में सुधार का है। नेतन्याहू सरकार के न्यायिक बदलावों के प्रस्तावों के विरोध में देश में बड़े प्रदर्शन हुए थे। विरोधियों ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई, जबकि सरकार के समर्थकों ने बदलावों को सुधार की जरूरत से जोड़ा।

    चौथा प्रमुख विषय युद्ध, राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संघर्षों का भविष्य है। मतदाताओं के सामने सुरक्षा सुनिश्चित करने, लंबे संघर्ष की कीमत और भविष्य की सैन्य रणनीति से जुड़े सवाल हैं। नेतन्याहू ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जबकि विपक्ष ने सरकार के फैसलों और युद्ध प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।

    नेतन्याहू और आइजनकोट की सैन्य पृष्ठभूमि

    बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली सेना की विशेष इकाई सायरेट मटकल में सेवा दी थी। उनके बड़े भाई योनातन नेतन्याहू की 1976 में युगांडा के एंटेबे में बंधकों को छुड़ाने के अभियान के दौरान मौत हो गई थी।

    गादी आइजनकोट ने 1978 में गोलानी ब्रिगेड में सैनिक के रूप में अपना सैन्य करियर शुरू किया। करीब चार दशक की सेवा के बाद वह 2015 में इजरायली सेना के प्रमुख बने और 2019 तक इस पद पर रहे। दिसंबर 2023 में गाजा में युद्ध के दौरान उनके बेटे गैल की मौत हो गई थी। अगले दिन उनके भतीजे माओर कोहेन आइजनकोट भी दक्षिणी गाजा में लड़ाई के दौरान मारे गए थे।

    चुनाव के बाद सरकार बनाने की चुनौती

    मतदान के बाद तस्वीर इस बात से स्पष्ट होगी कि कौन-से दल कितनी सीटें हासिल करते हैं और कौन बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटा पाता है। यदि कोई गठबंधन 61 सीटों का समर्थन हासिल नहीं कर पाता, तो सरकार गठन की प्रक्रिया कठिन हो सकती है। छोटे दलों और अरब समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है, हालांकि अलग-अलग दलों के बीच राजनीतिक मतभेद गठबंधन की राह में बाधा बन सकते हैं।

    इसलिए इजरायल के चुनाव का परिणाम केवल सबसे बड़ी पार्टी तय नहीं करेगा। सरकार किसकी बनेगी, यह संसद में बहुमत जुटाने और चुनाव के बाद होने वाली राजनीतिक बातचीत पर निर्भर करेगा।

  • छत्तीसगढ़ में कारोबारी नितिन डागा और गुलशन बघेल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, दस्तावेजों की जांच जारी

    छत्तीसगढ़ में कारोबारी नितिन डागा और गुलशन बघेल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, दस्तावेजों की जांच जारी

    नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने रायपुर और दुर्ग में कारोबारी नितिन डागा तथा बघेल्स कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक गुलशन बघेल के ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। रायपुर में नितिन डागा के आवास पर सुबह करीब चार बजे टीम पहुंची, जबकि दुर्ग की ऋषभ कॉलोनी में गुलशन बघेल के घर भी कार्रवाई की गई। फिलहाल, जांच एजेंसी की ओर से छापेमारी के कारण और संबंधित मामले को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    रायपुर में नितिन डागा के आवास पर जांच

    जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम रायपुर के पंडरी क्षेत्र स्थित रवि नगर के सुशील विला में कारोबारी नितिन डागा के घर पहुंची। अधिकारियों के दो गाड़ियों से वहां आने की जानकारी सामने आई है। टीम ने आवास के भीतर दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। नितिन डागा का कारोबार ज्वेलरी और जमीन से जुड़ा बताया जाता है।

    हालांकि, उनके आवास पर की गई कार्रवाई किस मामले से संबंधित है, इसका आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। जांच एजेंसी की ओर से छापेमारी के उद्देश्य, किसी संभावित अनियमितता या जांच के दायरे को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में कार्रवाई के पीछे की वजह की पुष्टि आधिकारिक बयान आने के बाद ही हो सकेगी।

    दुर्ग में गुलशन बघेल के घर भी पहुंची टीम

    दुर्ग की ऋषभ कॉलोनी में बघेल्स कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक गुलशन बघेल के आवास पर भी ईडी की टीम ने जांच की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दो गाड़ियों से पहुंचे दल में 10 से अधिक अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने यहां भी दस्तावेजों की पड़ताल की।

    इस कार्रवाई को भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले से संबंधित होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई एक ही मामले से जुड़ी है या अलग-अलग जांच के तहत की गई है। किसी संभावित वित्तीय अनियमितता या अन्य आरोप के संबंध में भी आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।

    कौन हैं गुलशन बघेल?

    गुलशन बघेल बघेल्स कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक बताए जाते हैं। कंपनी भवन निर्माण, सड़क निर्माण, अर्थवर्क, निर्माण सामग्री की ढुलाई और परिवहन सेवाओं से जुड़े कार्य करती है। कंपनी सरकारी और निजी क्षेत्र की निर्माण परियोजनाओं में भी काम करती है। उनके आवास पर ईडी की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही जांच के दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    पहले भी ठगी के आरोपों को लेकर आए थे चर्चा में

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब छह साल पहले गुलशन बघेल पर खुद को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भतीजा बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करने और एक महिला से ठगी करने के आरोप लगे थे। उस मामले में पुलिस ने उन्हें पकड़ा था। हालांकि, उस पुराने प्रकरण और मौजूदा ईडी कार्रवाई के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    फिलहाल, रायपुर और दुर्ग में जारी जांच के संबंध में कई अहम सवालों के जवाब सामने आना बाकी है। ईडी की ओर से कार्रवाई के कारण, जांच के विषय और दस्तावेजों की पड़ताल से जुड़े निष्कर्षों की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • मुरैना में चौथी मंजिल से कूदी महिला, पति की समझाइश और बच्चे की पुकार भी नहीं रोक सकी, गंभीर हालत में दिल्ली रेफर

    मुरैना में चौथी मंजिल से कूदी महिला, पति की समझाइश और बच्चे की पुकार भी नहीं रोक सकी, गंभीर हालत में दिल्ली रेफर

    मध्य प्रदेश: के मुरैना शहर में सोमवार तड़के एक महिला द्वारा चौथी मंजिल से छलांग लगाने का मामला सामने आया है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के नैनागढ़ रोड स्थित एक मकान में सुबह करीब चार बजे हुई। महिला को रोकने के लिए उसके पति, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों ने काफी कोशिश की, लेकिन वे उसे समझाने में सफल नहीं हो सके। चौथी मंजिल से गिरने के कारण महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर दिल्ली रेफर कर दिया गया। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    छत पर पहुंचकर रेलिंग के पास खड़ी हुई महिला

    जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के महिला मकान की चौथी मंजिल पर पहुंच गई और रेलिंग के पास से नीचे कूदने की कोशिश करने लगी। यह देखकर नीचे मौजूद परिजनों ने उसे रोकने का प्रयास किया। पति लगातार उसे समझाकर नीचे उतरने के लिए कहता रहा। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उसे शांत करने और ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की।

    इस दौरान महिला का बच्चा उसे लगातार ‘मम्मी-मम्मी’ कहकर पुकारता रहा। बच्चे की आवाज और पति की समझाइश के बावजूद महिला ने छलांग लगा दी। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वे उसे बचा नहीं सके।

    मोहल्ले के लोगों ने भी समझाने की कोशिश की

    महिला के छत पर होने और परिजनों की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी महिला को समझाने और नीचे आने के लिए मनाने का प्रयास किया। काफी कोशिशों के बाद भी महिला नहीं मानी और चौथी मंजिल से नीचे कूद गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    महिला के गिरने से गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिजन उसे तत्काल कार से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

    घटना का वीडियो आया सामने

    इस घटना के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में महिला को रोकने के लिए की जा रही कोशिशों और बच्चे की आवाज सुनाई देने की बात सामने आई है। घटना से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ है। हालांकि, वीडियो से महिला के इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं होती।

    महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। किन परिस्थितियों में वह चौथी मंजिल पर पहुंची और छलांग लगाने का फैसला किया, यह अभी स्पष्ट नहीं है। घटना के कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल सबसे अहम बात महिला की गंभीर हालत और उसका इलाज है। उपलब्ध जानकारी में महिला की पहचान, उसकी उम्र और घटना के पीछे की परिस्थितियों से जुड़ा विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

  • खरगोन के नर्मदा घाट पर मिले सैकड़ों वोटर कार्ड, कांग्रेस का बड़ा आरोप, FIR नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी

    खरगोन के नर्मदा घाट पर मिले सैकड़ों वोटर कार्ड, कांग्रेस का बड़ा आरोप, FIR नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी


    खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे 343 मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गईNarmada Voter ID Cards, Khargone News, Madhya Pradesh Politics, Congress Protest, Election Investigation है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये पहचान पत्र इंदौर जिले की राऊ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में वोटर कार्ड मिलने से निर्वाचन व्यवस्था और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर कांग्रेस ने पुलिस से शिकायत कर जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पहचान पत्र नर्मदा घाट तक कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने छोड़ा।

    जानकारी के अनुसार रविवार को मंडलेश्वर के नर्मदा घाट पर सफाई अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सफाई कार्य में जुटे स्वयंसेवकों की नजर पानी में तैरते और नदी किनारे पड़े मतदाता पहचान पत्रों पर पड़ी। जब बड़ी संख्या में कार्ड मिलने की जानकारी सामने आई तो मामले ने गंभीर रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि इन पहचान पत्रों पर इंदौर के तिलक नगर आस्था पैलेस और आसपास के क्षेत्रों के पते दर्ज हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

    घटना की जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने वहां मिले मतदाता पहचान पत्रों को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार किया। अब इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता उनकी संख्या और उनके नर्मदा घाट तक पहुंचने के कारणों की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कार्ड वास्तविक हैं या नहीं और यदि वे वास्तविक हैं तो एक साथ इतनी बड़ी संख्या में एक स्थान पर कैसे पहुंचे। फिलहाल इस मामले में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

    वोटर कार्ड मिलने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंडलेश्वर थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पार्टी ने सवाल उठाया कि इंदौर के मतदाताओं से जुड़े इतने सारे पहचान पत्र खरगोन जिले के नर्मदा घाट पर कैसे मिले। कांग्रेस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दस्तावेजों के स्रोत और उनके यहां पहुंचने की पूरी जानकारी सामने आ सके।

    कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी कार्यकर्ता थाने का घेराव करेंगे। इसके साथ ही नदी में और भी मतदाता पहचान पत्र होने की आशंका जताते हुए व्यापक तलाशी कराने की मांग की गई है। पार्टी ने इस घटना को कथित वोट चोरी से जोड़कर सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं पुलिस के अनुसार कांग्रेस की शिकायत प्राप्त हुई है और थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदाता पहचान पत्र नदी किनारे कैसे पहुंचे और इन्हें वहां छोड़ने के पीछे क्या कारण था। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक इस घटना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को जांच के आधार पर ही परखा जाना जरूरी है।

  • रीवा में आधी रात जल सत्याग्रह पर प्रशासन की कार्रवाई, तालाब से बाहर निकाले गए प्रदर्शनकारी, न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में आंदोलन जारी

    रीवा में आधी रात जल सत्याग्रह पर प्रशासन की कार्रवाई, तालाब से बाहर निकाले गए प्रदर्शनकारी, न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में आंदोलन जारी


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले के रोझौही में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। परियोजना के खिलाफ जल सत्याग्रह कर रहे आप नेता प्रमोद शर्मा और आदिवासी प्रदर्शनकारियों को मंगलवार रात करीब एक बजे प्रशासनिक टीम ने तालाब से बाहर निकलवाया। इस दौरान मौके पर लालगांव पुलिस भी मौजूद रही। लगातार आंदोलन और अनशन के कारण कुछ प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रमोद शर्मा समेत चार लोगों को एंबुलेंस से संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों को तालाब से बाहर निकालने के बावजूद आंदोलन खत्म होने के संकेत नहीं मिले हैं। ग्रामीण अब भी परियोजना को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

    प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को मौखिक आश्वासन दिया गया है कि अगले 10 दिनों तक रोझौही में प्रस्तावित परियोजना से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं होगी। हालांकि इस आश्वासन के संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल मौखिक भरोसे से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जब तक परियोजना को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    जल सत्याग्रह में शामिल आप नेता प्रमोद शर्मा के साथ संदीप कोल रावेन्द्र कोल और बबली कोल की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इससे पहले मदरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीएचओ रविकांत साकेत ने प्रमोद शर्मा की स्वास्थ्य जांच की थी। जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा हुआ पाया गया। लगातार अनशन और पानी में बैठकर विरोध करने के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजने का निर्णय लिया गया।

    इस पूरे मामले में आदिवासी महिला विमला कोल की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है। बताया गया है कि परियोजना के विरोध में जल सत्याग्रह कर रही विमला कोल की तबीयत बिगड़ गई थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी चिंताओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया।

    मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इस आंदोलन के बीच रोझौही पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलनकारी आदिवासियों और विमला कोल के परिजनों से मुलाकात की तथा परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। सिंघार ने प्रस्तावित परियोजना को लेकर ग्रामसभा की सहमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने विमला कोल की मौत की जांच की मांग भी की और प्रभावित ग्रामीणों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताई।

    ग्रामीणों को आशंका है कि प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट से खेती की जमीन जलस्रोत जंगल और पर्यावरण प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि परियोजना के संभावित असर और भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। इससे पहले बोरिंग मशीन पहुंचने पर भी ग्रामीणों ने विरोध जताया था। रोझौही के अलावा सरई कला महुआ टोला मदरी और आसपास के गांवों के लोग भी परियोजना के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। फिलहाल प्रशासन के 10 दिन के मौखिक आश्वासन के बावजूद स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और परियोजना को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।