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  • कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद में सियासत तेज, पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र; CM समेत पूरे मंत्रिमंडल की बर्खास्तगी की मांग

    कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद में सियासत तेज, पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र; CM समेत पूरे मंत्रिमंडल की बर्खास्तगी की मांग


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में मंत्री विजय शाह से जुड़ा कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमा गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विजय शाह को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है। पटवारी ने अपने पत्र में मध्य प्रदेश सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए हैं जिसमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित विशेष जांच दल द्वारा मांगी गई अभियोजन की मंजूरी को राज्य सरकार ने कथित तौर पर स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस ने इसे न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

    जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मंत्री विजय शाह को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि सेना की गरिमा से जुड़ा मामला है। पटवारी ने कहा कि सेना का सम्मान किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश के नागरिकों का राष्ट्रीय स्वाभिमान है। इसी आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए उनसे इस मामले में स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की।

    पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत पूरे मंत्रिमंडल की बर्खास्तगी की मांग भी की है। उनका आरोप है कि यदि सरकार किसी मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में अभियोजन की मंजूरी रोकती है तो इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या सत्ता में बैठे लोगों को कानून से अलग कोई संरक्षण हासिल है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का शर्मनाक अध्याय बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।

    इस विवाद की शुरुआत 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में हुए हलमा कार्यक्रम के दौरान हुई थी। यहां जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उनके बयान को लेकर व्यापक राजनीतिक और सामाजिक विरोध हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल यानी SIT के जरिए जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। जांच के बाद मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति को लेकर राज्य सरकार के सामने मामला पहुंचा।

    अब राज्य सरकार की ओर से अभियोजन की मंजूरी नहीं दिए जाने के आरोप ने विवाद को फिर हवा दे दी है। कांग्रेस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT की कार्रवाई के बावजूद सरकार का रुख कई सवाल खड़े करता है। वहीं मामले में अगली सुनवाई 31 अगस्त को होनी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से अभियोजन की मंजूरी में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने की बात भी सामने आई है।

    मामले में अब सरकार के सामने कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यदि अभियोजन की मंजूरी दी जाती है तो सरकार को इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष देनी होगी और इसके बाद नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। वहीं अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलने की स्थिति में भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं होता। मंत्री पद से हटने के बाद विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूर्व सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं रहने की स्थिति बन सकती है।

    ऐसे में 31 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले जीतू पटवारी की राष्ट्रपति को चिट्ठी ने इस मामले को एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस जहां इसे सेना के सम्मान और संवैधानिक जवाबदेही से जोड़ रही है वहीं अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम और सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी है।

  • जापान में पीयूष गोयल की बड़ी कारोबारी बैठकें, भारत में निवेश बढ़ाने के लिए वित्तीय और औद्योगिक अवसरों पर जोर

    जापान में पीयूष गोयल की बड़ी कारोबारी बैठकें, भारत में निवेश बढ़ाने के लिए वित्तीय और औद्योगिक अवसरों पर जोर

    नई दिल्ली ।केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापान दौरे के तीसरे दिन देश के प्रमुख कारोबारी और वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत में निवेश बढ़ाने, व्यापारिक भागीदारी मजबूत करने और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति देने से जुड़े अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    गोयल ने जापान के प्रमुख कारोबारी समूह टोयोटा त्सुशो कॉर्पोरेशन, सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन यानी एसएमबीसी ग्रुप, मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप यानी एमयूएफजी तथा निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बातचीत में अलग-अलग क्षेत्रों में भारत की बढ़ती संभावनाओं और जापानी कंपनियों के लिए उपलब्ध कारोबारी अवसरों को सामने रखा गया।

    टोयोटा त्सुशो कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तोशिमित्सु इमाई के साथ बैठक में भारत में व्यापार, मोबिलिटी और औद्योगिक क्षेत्रों में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इस दौरान भारत की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में देश की भूमिका को मजबूत करने के अवसरों पर विशेष जोर दिया गया।

    भारत सरकार जापानी कंपनियों को देश में उत्पादन, कारोबार और निर्यात से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। ऐसे में औद्योगिक और मोबिलिटी क्षेत्र में जापानी कंपनियों की भागीदारी बढ़ना दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत कर सकता है।

    गोयल ने एसएमबीसी ग्रुप के डिप्टी प्रेसिडेंट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर योशिहिरो हयाकुतोमे के साथ भी बैठक की। इसमें बैंकिंग क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और भारत-जापान के वित्तीय संबंधों को अधिक मजबूत बनाने के अवसरों पर चर्चा हुई। भारत के तेजी से विकसित होते वित्तीय क्षेत्र को जापानी वित्तीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में पेश किया गया।

    इसके बाद गोयल ने एमयूएफजी के डिप्टी चेयरमैन यासुशी इतागाकी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। बैठक में बैंकिंग, वाणिज्यिक वित्त और निवेश के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। भारतीय बाजार की बढ़ती जरूरतों और वित्तीय क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को भी बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।

    निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस के मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और ग्लोबल बिजनेस प्रमुख मिनोरू किमुरा के साथ बैठक में बीमा और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार हुआ। गोयल ने भारत के तेजी से विस्तार कर रहे बीमा बाजार में जापानी संस्थानों के लिए मौजूद संभावनाओं को रेखांकित किया।

    इन बैठकों के माध्यम से भारत ने जापान के प्रमुख कारोबारी और वित्तीय समूहों के सामने निवेश के विभिन्न अवसरों को स्पष्ट किया। व्यापार, औद्योगिक उत्पादन, मोबिलिटी, बैंकिंग, वाणिज्यिक वित्त, बीमा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

    भारत और जापान के बीच आर्थिक साझेदारी पहले से ही कई क्षेत्रों में व्यापक है। भारत की बड़ी घरेलू अर्थव्यवस्था, बढ़ती औद्योगिक क्षमता और वैश्विक निर्यात केंद्र बनने की दिशा में जारी प्रयास जापानी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वहीं, जापान की पूंजी, तकनीकी क्षमता और वित्तीय विशेषज्ञता भारत की विकास जरूरतों के साथ महत्वपूर्ण तालमेल बना सकती है।

    पीयूष गोयल की जापान यात्रा के दौरान हुई इन बैठकों का प्रमुख उद्देश्य कारोबारी संबंधों को मजबूत करना और जापानी निवेशकों को भारत में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना रहा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में संवाद को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडाई निवेशकों से बैंकिंग, बीमा, फिनटेक और उभरते क्षेत्रों में भारत के अवसरों का लाभ उठाने को कहा

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडाई निवेशकों से बैंकिंग, बीमा, फिनटेक और उभरते क्षेत्रों में भारत के अवसरों का लाभ उठाने को कहा


    नई दिल्ली । 
    केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडाई निवेशकों को भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है। टोरंटो में भारतीय प्रवासी कारोबारी समुदाय के लिए आयोजित एक स्वागत समारोह में उन्होंने भारत में निवेश के बढ़ते अवसरों और विभिन्न उभरते क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से बात की।

    वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का वित्तीय क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक मजबूत स्थिति में हैं और बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश हो रहा है।

    उन्होंने कनाडाई निवेशकों से भारत के साथ व्यापक आर्थिक और कारोबारी जुड़ाव स्थापित करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, भारत की बड़ी आबादी, बढ़ती क्रय शक्ति, मजबूत घरेलू खपत और लगातार विकसित होती मांग देश को दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बाजार बनाती है।

    सीतारमण ने इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर यानी आईएफएससी गिफ्ट सिटी को भी अंतरराष्ट्रीय पूंजी के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि गिफ्ट सिटी पहले ही कई विदेशी बैंकों को आकर्षित कर चुकी है और आने वाले समय में अधिक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए यहां कारोबार स्थापित करने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।

    वित्त मंत्री के मुताबिक, गिफ्ट सिटी का नियामकीय और कर ढांचा सीमा-पार वित्तीय गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को भारत के साथ जुड़ने और व्यापक क्षेत्रीय गतिविधियों के लिए देश को आधार बनाने का अवसर मिल सकता है।

    बीमा क्षेत्र को लेकर भी उन्होंने निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया। अब भारत में बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है। सरकार की इस व्यवस्था से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बीमा बाजार में भागीदारी का दायरा बढ़ा है।

    फिनटेक क्षेत्र को सीतारमण ने भारत की प्रमुख ताकतों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर विकसित हो रहा भारतीय फिनटेक क्षेत्र वैश्विक पूंजी के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रहा है। डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार और तकनीक आधारित वित्तीय समाधानों ने इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाया है।

    इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, मैग्नेट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों जैसे उभरते क्षेत्रों को भी कनाडाई निवेशकों के लिए संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया गया। इन क्षेत्रों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और रणनीतिक विनिर्माण के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सीतारमण ने कहा कि भारत वैश्विक बाजारों के लिए भरोसेमंद और लागत प्रभावी आपूर्ति श्रृंखला के विकल्प उपलब्ध करा सकता है। इससे भारत में निवेश करने वाली कंपनियों को घरेलू बाजार के साथ-साथ व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक कारोबारी गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

    उन्होंने कनाडाई संस्थागत निवेशकों के लिए भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक वित्तीय गतिविधियों के संभावित मंच के रूप में देखने पर जोर दिया। वित्त मंत्री का यह आह्वान भारत और कनाडा के कारोबारी समुदायों के बीच निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    भारत सरकार की ओर से बैंकिंग, बीमा, फिनटेक, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में निवेश अवसरों को सामने रखना इस बात को दर्शाता है कि देश वैश्विक पूंजी को अपनी विकास प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दे रहा है। कनाडाई निवेशकों के लिए इन क्षेत्रों में मौजूद अवसर भारत की आर्थिक क्षमता और बदलती वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के बीच नए कारोबारी विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं।

  • इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    नई दिल्ली ।लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई321 में बम की धमकी मिलने से बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विमान के बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इस धमकी की जानकारी सामने आई। इसके बाद तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान की व्यापक जांच की गई।

    फ्लाइट के बेंगलुरु पहुंचने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा गया और ग्राउंड स्टाफ की सहायता से सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विमान की गहन तलाशी शुरू की।

    जांच प्रक्रिया में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और संबंधित सुरक्षा अधिकारियों ने विमान के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु अथवा विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बाद बम की धमकी को फर्जी पाया गया।

    जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। इस घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की। किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए विमान और उससे जुड़े सामान की जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

    महत्वपूर्ण बात यह रही कि धमकी का मामला लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान के रवाना होने के समय सामने नहीं आया था। यह जानकारी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद मिली। इसलिए इस घटना का लखनऊ एयरपोर्ट के संचालन अथवा वहां की सुरक्षा व्यवस्था से सीधा संबंध नहीं बताया गया है।

    विमान में बम की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही। जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई और विमान को आगे की प्रक्रिया के लिए मंजूरी प्रदान की गई।

    विमानन क्षेत्र में बम की झूठी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती हैं। ऐसी सूचना मिलने पर वास्तविक खतरे की पुष्टि होने तक सुरक्षा एजेंसियों को निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इसके कारण यात्रियों और विमान संचालन पर अस्थायी असर पड़ सकता है।

    इससे पहले 18 अगस्त को भी इंडिगो की हैदराबाद से विशाखापत्तनम जाने वाली उड़ान 208 को बम की धमकी मिली थी। ईमेल के जरिए मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुई थीं और विमान की व्यापक तलाशी ली गई थी। उस जांच में भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी।

    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर भी बम संबंधी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। एक यात्री द्वारा अपने बैग में बम होने की बात कहे जाने के बाद दिल्ली जाने वाली इंडिगो उड़ान को उड़ान भरने से पहले रोक दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्री को विमान से उतारकर हिरासत में लिया था।

    लखनऊ-बेंगलुरु उड़ान की ताजा घटना में जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिलने से यात्रियों और विमान की सुरक्षा को लेकर तत्काल खतरा समाप्त हो गया। सुरक्षा एजेंसियां अब धमकी की सूचना के स्रोत और परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

  • कमजोर वैश्विक संकेतों और प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के चलते सेंसेक्स 183.15 अंक और निफ्टी 126.80 अंक गिरकर बंद हुए।

    कमजोर वैश्विक संकेतों और प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के चलते सेंसेक्स 183.15 अंक और निफ्टी 126.80 अंक गिरकर बंद हुए।

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबारी सप्ताह के तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। पिछले सत्र में तेजी के बाद घरेलू बाजार बुधवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच दबाव में रहा। आईटी, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में कमजोरी ने प्रमुख सूचकांकों पर असर डाला। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 183.15 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,472.94 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी 126.80 अंक यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 24,207.75 अंक पर पहुंच गया।

    बुधवार के सत्र की शुरुआत हालांकि सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 77,656.09 अंक के स्तर से 236 अंक की बढ़त के साथ 77,892.10 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में खरीदारी बढ़ने से यह 330.75 अंक तक चढ़कर 77,986.84 अंक के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में बाजार की शुरुआती बढ़त कायम नहीं रह सकी और सूचकांक फिसलकर 77,472.94 अंक के दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ।

    निफ्टी 50 भी 24,334.55 अंक के पिछले बंद स्तर की तुलना में मामूली बढ़त के साथ 24,341.95 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,378.60 अंक के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में बिकवाली का दबाव बढ़ने से 24,207.75 अंक के निचले स्तर तक आ गया। अंत में निफ्टी 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

    व्यापक बाजार में भी एक समान रुख नहीं रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि बड़े शेयरों में दबाव के बावजूद कुछ छोटे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

    सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे कमजोर क्षेत्रों में रहा। एफएमसीजी, ऑटो और रियल्टी शेयरों पर भी दबाव देखा गया। इसके विपरीत मेटल, प्राइवेट बैंक और सीमेंट से जुड़े शेयरों में मजबूती रही। बैंकिंग और मेटल क्षेत्र की कुछ कंपनियों में खरीदारी ने बाजार की गिरावट को सीमित करने में मदद की।

    निफ्टी 50 के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ शामिल रहे। दूसरी ओर भारती एयरटेल, पावरग्रिड, इंफोसिस, एलएंडटी, नेस्ले इंडिया और श्रीराम फाइनेंस कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शेयरों में रहे।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, शुरुआती बढ़त के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रुझान बनने से प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा। वैश्विक बाजारों के संकेतों के साथ कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहे।

    ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों में संभावित ढील से महंगाई को लेकर कुछ चिंताएं कम होने की बात कही गई। इससे घरेलू बॉन्ड यील्ड में नरमी और बैंकिंग शेयरों में मजबूती देखने को मिली। बेहतर कमाई की उम्मीदों से मेटल शेयरों में भी खरीदारी रही। हालांकि आईटी शेयरों में गिरावट ने इन क्षेत्रों की तेजी का असर काफी हद तक कम कर दिया।

    अमेरिका में आव्रजन नियमों को लेकर सख्ती और वीजा अपॉइंटमेंट से जुड़े घटनाक्रम के कारण आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव की आशंकाएं बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के प्रमुख आंकड़ों पर रहेगी। विशेष रूप से कोर पीसीई आंकड़ों से ब्याज दरों की दिशा को लेकर बाजार को संकेत मिलने की उम्मीद है। इन आंकड़ों के आधार पर वैश्विक निवेश धारणा और उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह की दिशा प्रभावित हो सकती है।

  • MP BJP का बड़ा संगठन महामंथन, ओरछा में 30-31 अगस्त को प्रदेश कार्यसमिति बैठक, 20 समितियों में 180 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी

    MP BJP का बड़ा संगठन महामंथन, ओरछा में 30-31 अगस्त को प्रदेश कार्यसमिति बैठक, 20 समितियों में 180 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी

    मध्य प्रदेश : भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक 30 और 31 अगस्त को धार्मिक नगरी ओरछा में आयोजित होने जा रही है। बैठक को लेकर पार्टी संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए 20 विशेष समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में 180 से अधिक कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी का जोर बैठक के दौरान व्यवस्थाओं के साथ-साथ संगठनात्मक अनुशासन और आगामी रणनीति पर भी रहेगा।

    ओरछा में होने वाली इस बैठक को भाजपा के लिए संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अनुसार, बैठक के माध्यम से बूथ स्तर से लेकर संगठन के विस्तार तक की आगामी रणनीति पर व्यापक मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी के संगठन को अधिक सक्रिय, मजबूत और प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

    बैठक में आने वाले वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों और अन्य प्रमुख अतिथियों की व्यवस्थाओं को लेकर अलग-अलग समितियों को जिम्मेदारी दी गई है। ओरछा की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को देखते हुए मंदिर दर्शन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए मंदिर दर्शन व्यवस्था समिति का गठन किया गया है, जिसमें नौ प्रमुख कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति वरिष्ठ अतिथियों को भगवान रामराजा के दर्शन कराने से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालेगी।

    पार्टी ने बैठक के दौरान चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी व्यवस्था सुनिश्चित की है। चिकित्सा समिति में डॉक्टरों की टीम को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसी तरह मीडिया और प्रचार-प्रसार से संबंधित जिम्मेदारियों के लिए अलग टीम बनाई गई है। आयोजन स्थल की साज-सज्जा, पार्किंग, कार्यकर्ता व्यवस्था और साउंड सिस्टम के लिए भी समितियां गठित की गई हैं।

    मंच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पार्टी ने अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की हैं। मंच व्यवस्था समिति बैठक स्थल पर कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों को संभालेगी, जबकि सुरक्षा समिति आयोजन के दौरान सुरक्षा संबंधी समन्वय पर नजर रखेगी। इसके अलावा परिवहन व्यवस्था के लिए भी कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है, जो नेताओं और पदाधिकारियों के आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने का काम करेगी।

    प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आगामी राजनीतिक अभियानों और महत्वपूर्ण संगठनात्मक प्रस्तावों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। जिला स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी बैठक के एजेंडे का हिस्सा रहेगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन और मितव्ययिता को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

    भाजपा संगठन का लक्ष्य बैठक के माध्यम से आगामी गतिविधियों के लिए स्पष्ट दिशा तय करना है। बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं की भूमिका मजबूत करने और विभिन्न अभियानों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। ओरछा में होने वाली बैठक के लिए जिम्मेदारियां पहले से तय किए जाने से पार्टी संगठन व्यवस्थाओं को लेकर किसी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहता। बैठक के दौरान लिए जाने वाले फैसलों का असर आने वाले समय में प्रदेश भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखाई दे सकता है।

  • MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

    MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी


    भोपालमध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भोपाल के नीलम पार्क में पदवृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने इस दौरान सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभ्यर्थियों की मांगों पर शिक्षक दिवस तक कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य हमेशा महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार करने के लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए थे। उनके मुताबिक करीब 45 हजार नए स्कूल खोले गए और शिक्षकों की भर्ती का अधिकार भोपाल से स्थानीय स्तर पर दिया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की कमी को पूरा करना था।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा शिक्षक भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और सिलेबस में बदलाव का सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है जिन्होंने वर्षों तक पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों को पढ़ाया है। अब उन्हें नए सिलेबस के अनुसार परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब शिक्षकों के पद खाली हैं तो उन रिक्त पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही है।

    दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी वे खुद को नौजवान मानते हैं और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे।

    इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन स्थल पर महिला अभ्यर्थियों ने दिग्विजय सिंह को राखी भी बांधी। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों और आंदोलन की स्थिति से पूर्व मुख्यमंत्री को अवगत कराया। दिग्विजय सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए वे प्रयास करेंगे।

    नीलम पार्क में वर्ग 2 माध्यमिक और वर्ग 3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। एक दिन पहले आंदोलनकारी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अलग अलग स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक सरकार की ओर से ठोस समाधान नहीं निकला है।

    अभ्यर्थी 21 अगस्त को भी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। बुधवार को इस आंदोलन का छठवां दिन रहा।

    अभ्यर्थियों का कहना है कि नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई चरणों में आंदोलन किए गए लेकिन पदवृद्धि की मांग पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब वे तत्काल निर्णय की मांग कर रहे हैं। वहीं दिग्विजय सिंह की 24 घंटे की भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की सियासत में गरमाता नजर आ रहा है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।

  • भोपाल में सीलिंग पर आर-पार की तैयारी! व्यापारियों ने गांधी के सामने की प्रार्थना, शाम को कैंडल मार्च से रहवासी जताएंगे विरोध

    भोपाल में सीलिंग पर आर-पार की तैयारी! व्यापारियों ने गांधी के सामने की प्रार्थना, शाम को कैंडल मार्च से रहवासी जताएंगे विरोध


    भोपाल भोपाल में आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को व्यापारियों ने सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई के विरोध में गांधीवादी तरीका अपनाते हुए कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में प्रार्थना सभा की। व्यापारी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और सामूहिक रूप से रामधुन गाकर समस्याओं के स्थायी समाधान की कामना की। व्यापारियों का कहना है कि वे विरोध के जरिए प्रशासन तक अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना चाहते हैं।

    भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारिक संगठन के पदाधिकारी और व्यापारी कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा के दौरान व्यापारियों ने मौजूदा परिस्थितियों के समाधान के लिए मार्गदर्शन की कामना की। उनका कहना है कि सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई से लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों में असमंजस और चिंता का माहौल है। व्यापारी चाहते हैं कि प्रशासन नियमों के दायरे में रहते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार करे जिससे कारोबार और रहवासी इलाकों से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।

    नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में भोपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे पहले रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम किया गया था। इसके बाद बाग सेवनिया अवधपुरी 10 नंबर और आनंद नगर सहित कई क्षेत्रों में भी व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। अब व्यापारियों ने गांधीवादी तरीके से अपनी आवाज उठाने का फैसला किया है।

    दूसरी ओर रहवासी भी इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं। रहवासियों का कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की वजह से शोर भीड़ और ट्रैफिक जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सार्वजनिक शांति प्रभावित होती है और कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी बढ़ी है। रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों को स्कूली बच्चों की सुरक्षा और बढ़ते ट्रैफिक को लेकर भी चिंता है।

    इसी कड़ी में बुधवार शाम पांच नंबर मार्केट क्षेत्र में रहवासी कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में हैं। रहवासियों का कहना है कि रविशंकर शुक्ला मार्केट की दुकानों को पुनर्विकास योजना के तहत खाली कराया गया था और इसके बाद दुकानदारों को रहवासी क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया। उनका दावा है कि इससे आवासीय क्षेत्रों में भीड़ शोर और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी अहम महत्व है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने दुकान संचालकों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे और अपने निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।

    नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है। इसी प्रक्रिया के तहत शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी और तालाब किनारे बने भवनों के साथ ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट एरिया में निर्माणों की भी जांच की जा रही है। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है।

    कार्रवाई तेज होने के बाद अवधपुरी अयोध्या बायपास गौतम नगर अशोका गार्डन और लालघाटी सहित कई क्षेत्रों के कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। कई दुकानदार अब व्यावसायिक क्षेत्रों में नए ठिकाने तलाश रहे हैं। वहीं रहवासी व्यावसायिक गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में भोपाल में व्यापारी और रहवासियों के विरोध के बीच अब प्रशासन के सामने नियमों के पालन के साथ दोनों पक्षों की चिंताओं का समाधान निकालने की चुनौती है।

  • हैदराबाद विजयवाड़ा हाईवे पर भीषण बस हादसा, कंटेनर की लोहे की छड़ों ने मचाई तबाही, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

    हैदराबाद विजयवाड़ा हाईवे पर भीषण बस हादसा, कंटेनर की लोहे की छड़ों ने मचाई तबाही, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

    नई दिल्ली ।तेलंगाना के सूर्यपेट जिले में बुधवार को हैदराबाद विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। यात्रियों से भरी बस की कंटेनर ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ट्रक में लदी लोहे की लंबी छड़ें बस के अगले हिस्से को चीरती हुई अंदर तक घुस गईं। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हुए हैं।

    बताया गया कि बस में कुल 42 यात्री सवार थे। हादसा इतना गंभीर था कि बस के आगे के हिस्से में बैठे यात्रियों को संभलने या बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। लोहे की छड़ें सीधे बस के अगले हिस्से में घुसने के कारण वहां बैठे यात्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। पुलिस के साथ स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घायल यात्रियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    पुलिस ने हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं 20 अन्य यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए यात्रियों की विस्तृत पहचान तथा अन्य संबंधित जानकारी अधिकारियों की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    घटना की जानकारी सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

    पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू करते हुए दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में बस की तेज रफ्तार और चालक को स्टीयरिंग पर झपकी आने की संभावना की चर्चा है। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने से पहले हादसे की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

    दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। बस और कंटेनर की स्थिति, सड़क पर वाहनों की गति तथा हादसे से पहले दोनों वाहनों की गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। इसके अलावा चालक की स्थिति और अन्य परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

    हैदराबाद विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे मार्गों पर भारी वाहनों और यात्री वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी तथा सावधानी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस हादसे में कंटेनर में लदी लोहे की छड़ों के बस में घुसने से दुर्घटना की गंभीरता और बढ़ गई।

    फिलहाल पुलिस हादसे की सटीक वजह पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार, चालक की थकान और भारी वाहनों में लदे सामान की सुरक्षित व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है।

  • जब शूटिंग के दौरान सच में पिटने लगे थे अक्षय कुमार, चौकीदार का हमला भी कैमरे में कैद; फिल्म में दिखा दिया पूरा सीन

    जब शूटिंग के दौरान सच में पिटने लगे थे अक्षय कुमार, चौकीदार का हमला भी कैमरे में कैद; फिल्म में दिखा दिया पूरा सीन


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में फिल्मों की शूटिंग आज बेहद योजनाबद्ध तरीके से होती है। बड़े बजट की फिल्मों में हर सीन की तैयारी पहले से की जाती है और कलाकारों की सुरक्षा से लेकर लोकेशन की अनुमति तक हर चीज का खास ध्यान रखा जाता है। लेकिन 90 के दशक में फिल्मों की शूटिंग का अंदाज काफी अलग हुआ करता था। कई बार सीमित संसाधनों के बीच ऐसे सीन शूट कर लिए जाते थे जिनकी कल्पना आज के दौर में करना भी मुश्किल लगता है। अभिनेता अक्षय कुमार ने खुद एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती दौर की शूटिंग से जुड़ा ऐसा ही मजेदार और हैरान करने वाला किस्सा साझा किया था।

    यह किस्सा साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म अफलातून की शूटिंग से जुड़ा है। अक्षय कुमार ने बताया था कि उस दौर में शूटिंग के दौरान कई बार टीम बिना ज्यादा औपचारिकता के लोकेशन तलाश लेती थी और वहीं कैमरा लगाकर काम शुरू कर देती थी। फिल्म के टाइटल ट्रैक की शूटिंग के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ। गाने में दिखाई गई एक कार शूटिंग के लिए खास तौर पर मंगाई गई कोई फिल्मी गाड़ी नहीं थी बल्कि वह वहां से गुजर रही थी।

    अक्षय कुमार के मुताबिक जब उन्हें पता चला कि कार का मालिक उनका फैन है तो उन्होंने उससे मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या वह कुछ मिनट के लिए उसकी गाड़ी पर डांस कर सकते हैं। फैन ने खुशी से इसकी अनुमति दे दी। इसके बाद अक्षय कुमार और फिल्म की टीम ने उसी कार को शूटिंग का हिस्सा बना लिया। गाड़ी के ऊपर डांस करने के साथ उसके आसपास कई दूसरे शॉट भी रिकॉर्ड किए गए। उस समय फिल्म निर्माण में मौजूद यह जुगाड़ वाला अंदाज आज की हाईटेक शूटिंग से बिल्कुल अलग नजर आता है।

    लेकिन इस शूटिंग का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब सामने आया जब अक्षय कुमार ने बताया कि कई जगहों पर टीम बिना अनुमति के बिल्डिंग के अंदर जाकर शूटिंग कर लिया करती थी। ऐसी ही एक जगह पर शूटिंग करते समय चौकीदार ने टीम को देख लिया। चौकीदार को जब पता चला कि बिना अनुमति वहां शूटिंग की जा रही है तो वह उन्हें रोकने के लिए दौड़ पड़ा। मामला सिर्फ रोकने तक सीमित नहीं रहा बल्कि अक्षय कुमार ने बताया कि वे पिटते-पिटते बच गए।

    सबसे खास बात यह रही कि चौकीदार के पीछे भागने और उन्हें मारने की कोशिश का पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। अक्षय कुमार के मुताबिक चौकीदार ने उन्हें मारा भी था और टीम ने उस वास्तविक घटना को बेकार जाने देने के बजाय शूट किए गए विजुअल का हिस्सा बना दिया। यानी फिल्म में दिखाई देने वाला वह सीन किसी स्टंट या पहले से तय किए गए एक्शन का हिस्सा नहीं बल्कि शूटिंग के दौरान घटा वास्तविक घटनाक्रम था।

    अक्षय कुमार ने इस पूरे किस्से को याद करते हुए बताया था कि उस दौर में इस तरह की घटनाओं के बावजूद शूटिंग करने में काफी मजा आता था। आज जहां किसी फिल्म के एक छोटे से सीन के लिए भी लोकेशन परमिशन सुरक्षा टीम और कई स्तर की तैयारी की जाती है वहीं 90 के दशक में कई बार मौके की परिस्थितियों को ही शूटिंग का हिस्सा बना लिया जाता था।

    फिल्म अफलातून में अक्षय कुमार ने डबल रोल निभाया था। कहानी एक छोटे मोटे चोर के इर्द गिर्द घूमती है जिसकी जिंदगी एक लड़की से प्यार के बाद बदलती है। कहानी में उसका हमशक्ल सामने आता है जो एक किलर होता है और इसके बाद घटनाएं तेजी से बदलती हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी लेकिन इसके गाने और कुछ सीन दर्शकों के बीच चर्चा में रहे। अक्षय कुमार से जुड़ा शूटिंग का यह किस्सा आज भी उनके शुरुआती फिल्मी दौर की अलग और बेफिक्र कार्यशैली की याद दिलाता है।