Blog

  • सड़क सुरक्षा पर सख्ती: बसों में सुरक्षा उपकरणों की जांच, नियम तोड़ने पर 8 वाहन चालकों पर कार्रवाई

    सड़क सुरक्षा पर सख्ती: बसों में सुरक्षा उपकरणों की जांच, नियम तोड़ने पर 8 वाहन चालकों पर कार्रवाई


    झाबुआ  झाबुआ जिले के पेटलावद क्षेत्र में यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना रहा। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बस स्टैंड, शंकर मंदिर क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों पर सघन जांच की और वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया।

    बसों में सुरक्षा उपकरणों की हुई बारीकी से जांच
    अभियान के तहत सबसे पहले यात्री बसों की जांच की गई। यातायात प्रभारी विवेक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बस स्टैंड पर खड़ी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन द्वार की उपलब्धता को गंभीरता से परखा। इस दौरान अधिकांश बसों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद पाए गए, जिससे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत मिले। पुलिस ने बस चालकों और परिचालकों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    दोपहिया वाहनों पर नाकाबंदी, दस्तावेजों की गहन जांच
    बस स्टैंड के बाद पुलिस टीम ने शंकर मंदिर क्षेत्र में नाकाबंदी कर दोपहिया वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान वाहन चालकों के दस्तावेज, हेलमेट और अन्य अनिवार्य कागजात की बारीकी से जांच की गई। पुलिस जवान विकास यादव और राहुल वसुनिया भी अभियान में शामिल रहे। कई वाहन चालकों को हेलमेट और दस्तावेजों के बिना वाहन चलाते हुए पाया गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई।

    8 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई, 2400 रुपये जुर्माना
    यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 8 दोपहिया वाहन चालकों पर पुलिस ने चालानी कार्रवाई की। इनसे कुल 2400 रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि लोग यातायात नियमों के प्रति अधिक गंभीर हों और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

    अभियान आगे भी जारी रहेगा
    यातायात प्रभारी विवेक शर्मा ने बताया कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान का समर्थन किया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

  • नेपाल में अमेरिका की बढ़ती सक्रियता, चीन की बढ़ी चिंता क्या बन रहा नया भू-राजनीतिक मोर्चा?

    नेपाल में अमेरिका की बढ़ती सक्रियता, चीन की बढ़ी चिंता क्या बन रहा नया भू-राजनीतिक मोर्चा?




    नई दिल्ली। नेपाल में हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद United States की सक्रियता तेजी से बढ़ती दिख रही है। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार दौरे और कूटनीतिक संपर्कों ने क्षेत्रीय राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। खासकर चीन और भारत के बीच स्थित नेपाल अब बड़ी भू-रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बनता जा रहा है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर पब्लिक डिप्लोमेसी सराह बी. रोजर्स के नेपाल दौरे की तैयारी ने इस गतिविधि को और तेज कर दिया है। इससे पहले भी कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी काठमांडू का दौरा कर चुके हैं। इस बढ़ती कूटनीतिक हलचल को लेकर China ने भी सतर्क रुख अपनाया है और अपनी रणनीतिक निगरानी बढ़ा दी है।

    विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल में बढ़ती अमेरिकी रुचि का एक कारण क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा रणनीति हो सकता है। वहीं चीन का फोकस तिब्बती मुद्दों और अपने क्षेत्रीय हितों की सुरक्षा पर है। इसी वजह से नेपाल में दोनों देशों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं।

    नेपाल सरकार फिलहाल सभी पक्षों के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यह देश अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक प्रतिस्पर्धा का अहम केंद्र बन सकता है।

  • राजनीति गरमाई: राहुल गांधी ने फिर दोहराया मोदी सरकार पर दावा, SP-BSP-RJD को लेकर भी की टिप्पणी

    राजनीति गरमाई: राहुल गांधी ने फिर दोहराया मोदी सरकार पर दावा, SP-BSP-RJD को लेकर भी की टिप्पणी


    नई दिल्ली । दिल्ली में कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग की एक बड़ी रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर से सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक में Rahul Gandhi मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक का एजेंडा दलित समाज में कांग्रेस की पकड़ मजबूत करना और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर रणनीति तैयार करना था।

    इसी दौरान Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी जी एक साल में जाने वाले हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी ने इस टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

    बैठक में कांग्रेस नेताओं ने यह भी चर्चा की कि अगर 1980 और 1990 के दशक में दलित समुदाय पर अधिक ध्यान दिया गया होता, तो क्षेत्रीय दल इतने मजबूत नहीं बनते। इस संदर्भ में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसे दलों की राजनीति पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी सामने आई।

    कांग्रेस की इस बैठक में सामाजिक न्याय, दलित भागीदारी और संगठन विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां दलित समुदाय की भागीदारी को और मजबूत किया जाएगा।

    Rajendra Pal Gautam ने भी बैठक में कहा कि दलितों पर अत्याचार, सामाजिक न्याय और कांग्रेस की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

    वहीं, Bharatiya Janata Party ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह स्थिर और मजबूत है। बीजेपी नेताओं ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया और कहा कि सरकार को कोई चुनौती नहीं दे सकता।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गई है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों अपने-अपने दावे मजबूत करने में जुटे हैं।

  • बंगाल में अवैध प्रवासियों पर सख्ती का असर, बॉर्डर चेकपोस्टों पर बढ़ी हलचल और लौटने की बढ़ी कोशिशें

    बंगाल में अवैध प्रवासियों पर सख्ती का असर, बॉर्डर चेकपोस्टों पर बढ़ी हलचल और लौटने की बढ़ी कोशिशें

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इन दिनों असामान्य गतिविधियों की खबरें चर्चा में हैं। राज्य में अवैध प्रवास और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने के बाद सीमावर्ती जिलों में हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं। उत्तर 24 परगना और मालदा जैसे सीमा क्षेत्रों से सामने आ रही जानकारियां यह संकेत दे रही हैं कि प्रशासन अब इस मुद्दे को अधिक गंभीरता से ले रहा है और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

    हाल के दिनों में राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान और जांच को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कई नए प्रयास शुरू किए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सीमा पार से जुड़े मामलों की निगरानी और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इससे सीमा क्षेत्रों में गतिविधियों का स्वरूप बदलता दिखाई दे रहा है।

    राज्य में हाल ही में सामने आई ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति ने इस पूरे विषय को नई दिशा दी है। इस नीति का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना बताया जा रहा है, जो निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के बाहर देश में रह रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि वैध दस्तावेजों और कानूनी मानकों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस नीति के लागू होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के बीच चर्चा और सतर्कता बढ़ी है।

    इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों में होल्डिंग सेंटरों की स्थापना को भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन केंद्रों का उद्देश्य कानूनी स्थिति और दस्तावेजों की जांच से जुड़ी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करना बताया जा रहा है। मालदा जिले में इस दिशा में शुरुआत होने की जानकारी सामने आई है, जहां निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत बनाया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे संबंधित मामलों की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।

    सुरक्षा और प्रवास से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है। इसी क्रम में नागरिकता और सीमा सुरक्षा से संबंधित नियमों को लेकर भी अलग-अलग स्तर पर विचार और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। कुछ पक्ष इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ समूह इसके सामाजिक और मानवीय पहलुओं पर भी चर्चा कर रहे हैं।

    सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी गतिविधियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां तकनीक आधारित निगरानी प्रणालियों का भी उपयोग कर रही हैं। बायोमेट्रिक पहचान, डेटा सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड जैसे उपायों को प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे जांच व्यवस्था अधिक संगठित और प्रभावी होने की संभावना जताई जा रही है।

    फिलहाल सीमा सुरक्षा, नागरिकता और प्रवास से जुड़ा यह मुद्दा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बना हुआ है। आने वाले समय में इन नीतियों और व्यवस्थाओं का असर किस रूप में सामने आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • Mouni Roy का बोल्ड फोटोशूट वायरल, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

    Mouni Roy का बोल्ड फोटोशूट वायरल, सोशल मीडिया पर मचा धमाल


    नई दिल्ली । टीवी इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत करने वाली Mouni Roy आज ग्लैमर वर्ल्ड का बड़ा नाम बन चुकी हैं। खासकर Naagin से मिली लोकप्रियता ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। अभिनय के साथ-साथ मौनी अपने फैशन सेंस और स्टाइलिश अंदाज को लेकर भी लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं। एक बार फिर उनका लेटेस्ट फोटोशूट इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है।

    हाल ही में शेयर की गई तस्वीरों में मौनी रॉय गोल्डन और ब्लैक शिमरी आउटफिट में बेहद ग्लैमरस नजर आ रही हैं। हर तस्वीर में उनका कॉन्फिडेंस और स्टाइल अलग ही आकर्षण पैदा कर रहा है। खुले बाल, बोल्ड मेकअप और कातिलाना एक्सप्रेशन ने उनके लुक को और भी खास बना दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनकी तस्वीरों पर कमेंट कर तारीफों के पुल बांध रहे हैं।

    तस्वीरों में मौनी कभी शीशे के सामने स्टाइलिश पोज देती नजर आ रही हैं तो कभी कैमरे के सामने अपनी अदाओं से फैंस को दीवाना बना रही हैं। उनका हर पोज इतना आकर्षक है कि तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस का कहना है कि मौनी का फैशन और एटीट्यूड उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाता है।

    Mouni Roy सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने फैशन फोटोशूट की झलक फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। यही वजह है कि उनकी तस्वीरें पोस्ट होते ही वायरल होने लगती हैं। इस बार भी उनका बोल्ड और एलिगेंट अवतार इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    मौनी रॉय का यह नया फोटोशूट साबित करता है कि वह सिर्फ शानदार अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि फैशन आइकन भी हैं। उनका हर नया लुक फैंस के बीच ट्रेंड करने लगता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है।

  • नलों से नहीं टपकी एक बूंद: भीषण गर्मी में राजस्थान के कुएं पर निर्भर MP का गांव, पानी के लिए रोज जंग

    नलों से नहीं टपकी एक बूंद: भीषण गर्मी में राजस्थान के कुएं पर निर्भर MP का गांव, पानी के लिए रोज जंग


    राजगढ़  मध्यप्रदेश सरकार की “हर घर नल से जल” योजना के दावों के बीच राजगढ़ जिले का फतेहपुर गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहा है। भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के बीच गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे सिर पर मटके और बैलगाड़ियों में ड्रम रखकर राजस्थान सीमा तक पानी लेने जाने को मजबूर हैं। गांव में नल लगे हैं, पाइपलाइन भी बिछाई गई है, लेकिन दो साल बाद भी नलों में एक बूंद पानी नहीं पहुंची।

    राजगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित फतेहपुर गांव ग्राम पंचायत बावड़ीखेड़ा के अंतर्गत आता है। करीब 200 आबादी वाले इस गांव में पानी का संकट इतना गहरा चुका है कि लोगों का बड़ा हिस्सा रोजाना पानी जुटाने में ही निकल जाता है। गांव के तीनों हैंडपंप बंद पड़े हैं, जबकि गांव का कुआं भी पीने योग्य नहीं बचा। ऐसे में ग्रामीणों का एकमात्र सहारा राजस्थान के झालावाड़ जिले की सीमा पर स्थित कुआं है।

    गांव के गजराज सिंह गुर्जर बैलगाड़ी में खाली ड्रम लेकर राजस्थान की ओर जाते दिखाई देते हैं। वे बताते हैं कि गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता है। महिलाएं सिर पर मटके रखकर कई चक्कर लगाती हैं, जबकि बच्चे भी इस काम में हाथ बंटाते हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि सुबह की शुरुआत पानी भरने से होती है और उसके बाद ही खेत या मजदूरी पर जा पाते हैं। कई बार दिन में दो-दो बार पानी लाने जाना पड़ता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच यह संघर्ष रोज का हिस्सा बन चुका है।

    पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी नहीं आया
    ग्रामीण कालू सिंह गांव में जमीन से बाहर निकली पाइपलाइन दिखाते हुए कहते हैं कि दो साल पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई थी और घरों के बाहर नल लगाए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि अब पानी की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन आज तक पाइपलाइन पूरी तरह जोड़ी ही नहीं गई।

    गांव में जगह-जगह टूटी और बाहर निकली पाइपलाइनें सरकारी योजनाओं की अधूरी तस्वीर पेश कर रही हैं। सूखे नल अब ग्रामीणों के लिए सिर्फ एक प्रतीक बनकर रह गए हैं।

    बच्चों की पढ़ाई और जिंदगी प्रभावित
    पानी की समस्या का असर सिर्फ दैनिक जीवन पर नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे स्कूल जाने से पहले पानी भरने में परिवार का साथ देते हैं। महिलाएं बताती हैं कि घर में पानी खत्म होने का डर हमेशा बना रहता है। भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए रोज संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन गया है।

    हर गर्मी में बढ़ जाती है मुश्किल
    मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा पर बसे इस गांव में गर्मी बढ़ते ही हालात और खराब हो जाते हैं। राजस्थान के कुएं पर भीड़ बढ़ जाती है और पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिलते आए हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ।

    प्रशासन ने माना संकट
    खिलचीपुर जनपद सीईओ गोविंद सिंह सोलंकी ने गांव में पानी संकट की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने और पथरीली जमीन के कारण पाइपलाइन कार्य में तकनीकी दिक्कतें आईं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि जल्द ही योजना का काम पूरा कर गांव में पानी पहुंचाया जाएगा।

    फिलहाल फतेहपुर गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी की तलाश में शुरू होता है और उसी चिंता में खत्म होता है। सरकारी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच यह गांव आज भी प्यासा खड़ा है।

  • ट्रंप को पाकिस्तान का बड़ा झटका, रक्षा मंत्री बोले- इजरायल से समझौता हमारी विचारधारा के खिलाफ

    ट्रंप को पाकिस्तान का बड़ा झटका, रक्षा मंत्री बोले- इजरायल से समझौता हमारी विचारधारा के खिलाफ




    नई दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य बनाने वाले अब्राहम समझौते का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने कहा कि इस तरह का समझौता देश की बुनियादी विचारधारा से मेल नहीं खाता और पाकिस्तान फिलहाल इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाएगा।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब Donald Trump ने मध्य-पूर्व में चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बीच कई मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की है। अमेरिका चाहता है कि Saudi Arabia, Qatar, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश भी इजरायल के साथ संबंध सामान्य करें।

    सोमवार रात एक टीवी कार्यक्रम में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें नहीं लगता कि पाकिस्तान को ऐसे किसी समझौते का हिस्सा बनना चाहिए जो उसकी वैचारिक और राजनीतिक नीति के खिलाफ हो। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान का पुराना रुख आज भी कायम है और जब तक 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं होती, तब तक पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देगा।

    पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजरायल पर भरोसे का सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन देशों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, उनके साथ स्थायी समझौता करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के पासपोर्ट पर आज भी साफ लिखा होता है कि यह इजरायल की यात्रा के लिए मान्य नहीं है।

    गौरतलब है कि अब्राहम अकॉर्ड 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से शुरू हुआ था। इसके तहत United Arab Emirates और Bahrain समेत कई अरब देशों ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए थे। बाद में मोरक्को और सूडान भी इस समझौते का हिस्सा बने।

    ख्वाजा आसिफ पहले भी इजरायल के खिलाफ कड़े बयान दे चुके हैं। हाल ही में उन्होंने इजरायल को “इंसानियत के लिए अभिशाप” बताते हुए गाजा में कथित नरसंहार का आरोप लगाया था। पाकिस्तान सरकार का यह ताजा बयान संकेत देता है कि फिलहाल इस्लामाबाद अमेरिका के दबाव के बावजूद अपने पारंपरिक फिलिस्तीन समर्थक रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

  • शादी के 10 साल बाद दिव्यांका त्रिपाठी के घर गूंजी डबल खुशियां, जुड़वा बेटों के आगमन से परिवार में जश्न

    शादी के 10 साल बाद दिव्यांका त्रिपाठी के घर गूंजी डबल खुशियां, जुड़वा बेटों के आगमन से परिवार में जश्न

    नई दिल्ली । टेलीविजन जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया के जीवन में एक नई खुशी ने दस्तक दी है। शादी के करीब दस साल बाद यह चर्चित जोड़ी माता-पिता बन गई है। परिवार में जुड़वा बेटों के जन्म के साथ खुशियों का माहौल और भी खास हो गया है। इस खबर के सामने आते ही उनके चाहने वालों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे प्रशंसकों के लिए यह खबर किसी खास सरप्राइज से कम नहीं रही।

    दिव्यांका और विवेक ने अपने प्रशंसकों के साथ यह खुशी बेहद खास अंदाज में साझा की। उन्होंने एक प्यारे संदेश के जरिए बताया कि उनके परिवार में दो नई खुशियां आई हैं। अपने भावनात्मक संदेश में उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन के इस खूबसूरत पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और अब उनकी दुनिया पहले से कहीं ज्यादा खूबसूरत महसूस हो रही है। उन्होंने अपने दोनों बेटों को प्यार भरे अंदाज में ‘करण-अर्जुन’ कहकर संबोधित किया, जिसने प्रशंसकों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लिया। उनके इस अंदाज को लोगों ने काफी पसंद किया और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

    इस खुशी को साझा करने के लिए दंपति ने एक खास पोस्ट भी जारी किया। पोस्ट में दो छोटे बच्चों की तस्वीर दिखाई गई, जिसने प्रशंसकों का दिल जीत लिया। साथ में लिखा गया संदेश भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसमें बताया गया कि उन्होंने खुशियां मांगी थीं और उन्हें दोगुनी खुशियां मिल गईं। इस संदेश ने उनके जीवन के इस खास पड़ाव को और भी भावुक बना दिया।

    कुछ समय पहले ही दंपति ने अपने जीवन में आने वाली इस नई खुशी की जानकारी साझा की थी। इसके बाद दिव्यांका ने अपने जीवन के इस विशेष दौर की कई खूबसूरत झलकियां भी प्रशंसकों के साथ साझा की थीं। उनके अलग-अलग फोटोशूट और खास पलों की तस्वीरों को लोगों ने काफी पसंद किया। प्रशंसकों ने भी लगातार उनके नए सफर के लिए प्यार और शुभकामनाएं दीं।

    दिव्यांका और विवेक की कहानी भी उनके प्रशंसकों के बीच हमेशा चर्चा का विषय रही है। दोनों की मुलाकात एक लोकप्रिय धारावाहिक के सेट पर हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती ने गहरा रिश्ता अपनाया और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया। कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर अपने नए जीवन की शुरुआत की। वर्षों से यह जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा जोड़ियों में शामिल रही है और अब परिवार में जुड़वा बेटों के आगमन ने उनकी जिंदगी में एक और खूबसूरत अध्याय जोड़ दिया है। परिवार में आई इस डबल खुशी ने घर के साथ-साथ उनके चाहने वालों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है।

  • ICC विमेंस रैंकिंग में बड़ा धमाका: 38 पायदान की छलांग लगाकर नंबर-2 गेंदबाज बनीं लिंसी स्मिथ

    ICC विमेंस रैंकिंग में बड़ा धमाका: 38 पायदान की छलांग लगाकर नंबर-2 गेंदबाज बनीं लिंसी स्मिथ


    नई दिल्ली । इंग्लैंड की स्टार स्पिनर Linsey Smith ने आईसीसी महिला टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में धमाकेदार उछाल लगाते हुए 38 पायदान की छलांग लगाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के दम पर वह अब करियर के सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। स्मिथ ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में कुल 6 विकेट झटके और इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी चुना गया।

    सोफी एक्लेस्टोन को पीछे छोड़ा
    बाएं हाथ की स्पिनर लिंसी स्मिथ ने अपनी ही टीम की दिग्गज गेंदबाज Sophie Ecclestone को पीछे छोड़ दिया है। एक्लेस्टोन अब तीसरे स्थान पर खिसक गई हैं। खास बात यह है कि टी20 गेंदबाजी रैंकिंग के टॉप-7 में इंग्लैंड की चार गेंदबाज शामिल हैं, जो महिला क्रिकेट में टीम के दबदबे को दर्शाता है।

    इंग्लैंड की तेज गेंदबाज Lauren Bell चौथे स्थान पर कायम हैं। उन्होंने शुरुआती दो मैचों में 3 विकेट लिए थे। वहीं कार्यवाहक कप्तान Charlie Dean ने सीरीज में 5 विकेट लेकर सातवें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की।

    स्पिन र्स का दबदबा कायम
    आईसीसी की ताजा टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में स्पिन गेंदबाजों का दबदबा साफ नजर आ रहा है। टॉप-10 में आठ स्पिनर शामिल हैं। सिर्फ लॉरेन बेल और ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर Annabel Sutherland ही तेज गेंदबाज के रूप में जगह बना सकी हैं।

    न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाज Bree Illing ने भी शानदार सुधार किया है। उन्होंने 12 पायदान की छलांग लगाकर 45वां स्थान हासिल किया। वहीं स्पिनर Nensi Patel 34 स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 71वें नंबर पर पहुंच गई हैं।

    बल्लेबाजी रैंकिंग में भी हलचल
    न्यूजीलैंड की पूर्व कप्तान Sophie Devine ने दो साल बाद टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग के टॉप-10 में वापसी की है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 132 रन बनाए, जिसमें 45 और 87 रन की दो अहम पारियां शामिल रहीं।

    हालांकि बल्लेबाजी रैंकिंग में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। इंग्लैंड की स्टार बल्लेबाज Nat Sciver-Brunt और Danni Wyatt-Hodge की गैरमौजूदगी भी इसका बड़ा कारण रही। न्यूजीलैंड की Amelia Kerr और Suzie Bates भी बल्ले से खास असर नहीं छोड़ सकीं। ऑस्ट्रेलिया की Georgia Voll और Beth Mooney बल्लेबाजी रैंकिंग में पहले दो स्थानों पर बनी हुई हैं। वहीं Tahlia McGrath छठे और Phoebe Litchfield संयुक्त रूप से 13वें स्थान पर हैं।

    हेली मैथ्यूज फिर बनीं नंबर-1 ऑलराउंडर
    वेस्टइंडीज की कप्तान Hayley Matthews ने टी20 ऑलराउंडर रैंकिंग में फिर से नंबर-1 का ताज हासिल कर लिया है। उन्होंने अमेलिया केर को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर वापसी की। मैथ्यूज इससे पहले भी करीब ढाई साल तक दुनिया की नंबर-1 टी20 ऑलराउंडर रह चुकी हैं।

  • प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’

    प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’




    नई दिल्ली। प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के बाद देशभर से वृंदावन पहुंचे भक्त लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों से पदयात्रा और सार्वजनिक दर्शन बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। भक्तों का कहना है कि उन्हें अपने गुरुदेव और राधारानी पर पूरा भरोसा है और वे स्वस्थ होकर फिर से भक्तों के बीच लौटेंगे।

    करीब 1400 किलोमीटर दूर Kolkata से वृंदावन पहुंचीं श्रद्धालु जूही भावनी ने कहा कि महाराज जी अभी दर्शन नहीं दे रहे हैं तो भी कोई बात नहीं, वे यहीं रुककर इंतजार करेंगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें विश्वास है कि राधारानी की कृपा से प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होंगे और फिर भक्तों को आशीर्वाद देंगे। इसी तरह राजस्थान, असम, बिहार, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से भक्त वृंदावन पहुंच रहे हैं।

    हाल ही में प्रेमानंद महाराज का एक भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि “हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। चिंता मत करिए, खूब नाम जप करो।” इस संदेश के बाद भक्तों और शिष्यों में चिंता और भावुकता दोनों बढ़ गई। हालांकि आश्रम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अब उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वे केवल चुनिंदा शरणागत शिष्यों से ही मुलाकात कर रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज लंबे समय से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं। वर्ष 2006 में उन्हें पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज का पता चला था। उनकी दोनों किडनियां प्रभावित हैं और सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस किया जाता है। वृंदावन स्थित उनके फ्लैट में ही डायलिसिस की विशेष व्यवस्था बनाई गई है। कई बार उनकी डायलिसिस प्रक्रिया 4 से 5 घंटे तक चलती है।

    Vrindavan स्थित केली कुंज आश्रम के सेवादारों ने ऑन कैमरा कुछ भी बोलने से इनकार किया, लेकिन ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि महाराज जी फिलहाल एकांत भजन और साधना में लीन हैं। उन्होंने भक्तों से अपील की कि महाराज जी के पूरे संदेश को ध्यान से सुनें और उनके भाव को समझें।

    राजस्थान के पाली से आए श्रद्धालु जालम सिंह ने कहा कि गुरुदेव शरीर से दूर हो सकते हैं, लेकिन उनके बताए मार्ग पर चलने से वे हर भक्त के हृदय में हमेशा मौजूद रहेंगे। वहीं असम से आए भक्त ओमप्रकाश ने कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए सर्वस्व हैं और सभी भक्त उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

    17 मई से प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा भी स्थगित है। हर रोज हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते थे। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त पदयात्रा में शामिल होते थे, जबकि बड़े आयोजनों में यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी। हालांकि कुछ दिन पहले वे अपने आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित संत गोविंद शरण महाराज के दर्शन करने भी पहुंचे थे, जिससे भक्तों को उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद मिली है।

    प्रेमानंद महाराज का जीवन भी बेहद प्रेरणादायक माना जाता है। कानपुर के अखरी गांव में जन्मे अनिरुद्ध कुमार पांडे ने महज 13 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया था। बाद में वे वृंदावन पहुंचे और राधा-कृष्ण भक्ति में लीन होकर राधावल्लभी परंपरा के प्रमुख संतों में शामिल हो गए। आज देशभर में करोड़ों लोग उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में मानते हैं।