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  • द. अफ्रीका ने शानदार गेंदबाजी करके पहले टी-20 में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया

    द. अफ्रीका ने शानदार गेंदबाजी करके पहले टी-20 में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया


    माउंट माउंगानुई।
    चार खिलाड़ियों के डेब्यू वाली दक्षिण अफ्रीका की युवा टीम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए रविवार को न्यूजीलैंड को पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मात्र 91 रन पर समेट दिया और फिर 7 विकेट से जीत दर्ज कर ली।

    बे ओवल मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 14.3 ओवर में 91 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 16.4 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 20 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया।

    दक्षिण अफ्रीका की ओर से ओपनर कॉनर एस्टरहुइजन ने 48 गेंदों में नाबाद 45 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। डेब्यू कर रहे डायन फॉरेस्टर ने भी उनका अच्छा साथ दिया और अंत तक 16 रन बनाकर नाबाद रहे। एस्टरहुइजन ने 17वें ओवर की चौथी गेंद पर काइल जैमीसन को छक्का लगाकर मैच समाप्त किया।

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने पिच से थोड़ी मदद लेते हुए कुछ समय तक मुकाबले में वापसी की कोशिश की। कप्तान मिचेल सैंटनर ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए अपने चार ओवर में केवल 8 रन देकर एक विकेट लिया।

    मैच के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केशव महाराज ने कहा, “हमारी योजनाएं पूरी तरह सफल रहीं और गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। यह युवा गेंदबाज़ी आक्रमण था, लेकिन जिस काम के लिए कहा गया उन्होंने उसे बेहतरीन तरीके से निभाया। अंत में थोड़ा दबाव जरूर था, लेकिन कॉनर और डायन ने परिपक्वता दिखाते हुए टीम को जीत दिलाई।”

    न्यूजीलैंड इस मैच में अपनी विश्व कप टीम के आठ खिलाड़ियों के बिना उतरा, जिनमें शीर्ष छह बल्लेबाज़ भी शामिल थे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी कीवी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पावरप्ले में ही पांच विकेट गिर गए। इसके बाद टीम संभल नहीं सकी और टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना 10वां सबसे कम स्कोर बना बैठी।

    दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज़ जेराल्ड कोएट्ज़ी ने शुरुआती झटके देते हुए डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम को आउट किया और 2 विकेट लेकर 14 रन दिए। वहीं ऑटनील बार्टमैन ने 2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

    इसके बाद 19 वर्षीय न्कोबानी मोकोएना ने निचले क्रम को समेटते हुए 3 विकेट लेकर 26 रन दिए। न्यूजीलैंड की ओर से जिमी नीशम (26) और मिचेल सैंटनर (15) के बीच 26 रन की साझेदारी ही सबसे बड़ी रही।

    मोकोएना को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने कहा, “डेब्यू मैच में खेलना मेरे लिए खास अनुभव था। शुरुआत के दो ओवर अच्छे नहीं गए थे, लेकिन मैंने अपनी योजना पर भरोसा रखा और अंत में उसका फायदा मिला।”

    मैच के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा, “पिच में हमारी उम्मीद से ज्यादा मदद थी, खासकर शुरुआती ओवरों में। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और पावरप्ले में विकेट गिरने के बाद वापसी करना मुश्किल हो गया।”

  • विहारः एनडीए को राज्यसभा की पांचवी सीट पर जीत के लिए संख्या बल के साथ जातीय समीकरण की भी परीक्षा

    विहारः एनडीए को राज्यसभा की पांचवी सीट पर जीत के लिए संख्या बल के साथ जातीय समीकरण की भी परीक्षा


    पटना।
    बिहार में पांच सीटों पर हो रहे राज्यसभा का चुनाव 16 मार्च यानि साेमवार काे है। ऐसे में यहां का सियासी पारा रविवार काे काफी चढ़ा रहा। यह चुनाव अब सिर्फ एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच प्रतिष्ठा की जंग बन चुकी है। सियासी गलियारों में आज देर शाम तक लगातार बैठकों, रणनीतियों और जोड़-तोड़ की खबरें आ रही हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलाें के बीच बैठकाें का दाैर आज चलता रहा। भाजपा की काेर कमिटी की बैठके हुई।वहीं राजद के वरिष्ठ नेता लगातार अन्य पाटियाें के विधायकाें से मिलते रहे।

    राजग नेताओं काे वाेट देने कब आना है,कैसे और किसकाे किसके लिए वाेट करना है सहित अन्य बाताें काे समझाया गया। वहीं राष्ट्रीय जनता (राजद) ने अपने समर्थन के विधायकाें काे हाेटल पनाश में ठहराया है। रविवार देर शाम तेजस्वी यादव एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान के आवास पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए।

    राजग जहां अपने संख्या बल के आधार पर चार सीटों पर जीत सुनिश्चित मान रहा है। वहीं पांचवीं सीट को लेकर राजद और राजग दोनों खेमों में रणनीतिक गणित और सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है।

    बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। 202 विधायक होने से राजग खेमे की स्थिति मजबूत है और 4 सीट आसानी से जीत सकते हैं। पांचवीं सीट के लिए 38 विधायकों का समर्थन है ऐसे ओं उन्हें 3 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होगी।

    जबकि विपक्षी खेमे की स्थिति काे देखा जाये ताे राजद के 25 विधायक, कांग्रेस के 6 विधायक, वाम दल के 3 विधायक, आईपीपी के 1 विधायक है। राजद काे 6 विधायकाें की आवश्यकता है। इसके लिए राजद की ओवैसी की पार्टी का समर्थन के लिए सकारात्मक बातचीत हुई है। बसपा के भी एक विधायक का समर्थन पाने की उम्मीद में है।

    एआईएमआईएम के निमंत्रण पर तेजस्वी यादव रविवार की शाम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान के आवास पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि ओवैसी के पांचों विधायक कल महागठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में वोट कर सकते हैं। अब देखना है कि कौन सियासी बाजी मारता है? इस प्रकार पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

    बिहार विधानसभा में संख्या बल के साथ साथ यदि राजद और राजग दोनों खेमों में जातीय समीकरण काे देखा जाये ताे एनडीए काे इसके लिए भी खास तैयारी करनी हाेगी। जदयू से उम्मीदवार नीतीश कुमार कुर्मी जाति से आते हैं, जबकि रामनाथ ठाकुर नाई समुदाय से हैं। भाजपा के उम्मीदवार नितिन नवीन कायस्थ जाति से हैं और शिवेश कुमार दलित समाज से आते हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा कुशवाहा समुदाय से हैं। ऐसे में राजग के पांच उम्मीदवारों में कोई भी सवर्ण चेहरा नहीं है।

    जबकि राष्ट्रीय जनता (राजद) ने राज्यसभा के लिए एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जो जाति से भूमिहार हैं। बिहार विधानसभा में एनडीए के भीतर भी बड़ी संख्या में भूमिहार विधायक हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंगकी आशंका काे राजनीति में पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता। सत्तारूढ़ गठबंधन में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ विधायक स्वजातीय उम्मीदवार होने के कारण राजद उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

    जदयू भाजपा दलों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजग ने अंदरूनी स्तर पर एक रणनीति बनाई है। इसके तहत जदयू के भूमिहार विधायकों से कहा गया है कि वे नीतीश कुमार को वोट दें, जबकि भाजपा के भूमिहार विधायक नितिन नवीन को वोट करेंगे। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए एनडीए क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम करना चाहता है।

    पूर्व मंत्री और भाजपा नेता जीवेश मिश्रा ने कहा कि हम लोग बिहार को रफ्तार दे रहे हैं और तेजस्वी यादव इफ्तार में लगे हुए है, यही अंतर हैं हममें और तेजस्वी यादव में। कल राज्यसभा का चुनाव होने वाला है। कल के इलेक्शन में राजग की जीत तय है।

    समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि राजग के सभी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित है। वोट खराब ना हो इसे लेकर विधायकों को बताया गया है कि कैसे वोटिंग करना है। राजद के होटल पनाश में विधायकाें काे रहने के लिए 40 कमरा बुक कराये जाने पर मदन सहनी ने कहा कि वैसे ही वोट कम रहा है उनका 40 कमरा के बजाय 41 कमरा बुक करते तो कुछ कहा भी जा सकता है।

    तेजस्वी का कहना था कि अख्तरूल इमान के निमंत्रण के बाद आज हम इफ्तार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। कल होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए ओवैसी की पार्टी से हमलोगों ने समर्थन मांगा है। कल के चुनाव में हम सभी सेक्यूलर दल मिलकर भाजपा के लोगों को परास्त करेंगे और चुनाव जीतेंगे।

  • संस्कृति और पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है ऐतिहासिक नगर चंदेरी : सिंधिया

    संस्कृति और पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है ऐतिहासिक नगर चंदेरी : सिंधिया


    – केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का किया शुभारंभ

    भोपाल। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐतिहासिक गौरवशाली नगरी चंदेरी सदियों से कला, संस्कृति और अद्भुत कारीगरी की पहचान रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी के मंत्र के साथ यह ऐतिहासिक शहर संस्कृति और पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया रविवार शाम को मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी में आयोजित बैजू बावरा संगीत समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया और संस्कृति मंत्री लोधी ने चंदेरी मेला ग्राउंड में आयोजित बैजू बावरा संगीत समारोह का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ऐतिहासिक गौरवशाली चंदेरी नगरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा समारोह का आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्वालियर में महान संगीतज्ञ तानसेन तथा चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का आयोजन वृहद स्तर पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

    उन्होंने कहा कि चंदेरी में पग-पग और डग-डग पर प्राचीन ऐतिहासिक धराहरें हैं, जो प्राचीन काल का इतिहास बताती हैं। चंदेरी की इस माटी के साथ सिंधिया परिवार का सदैव हृदय से संबंध रहा है। मध्य प्रदेश के एक छोर पर बसी चंदेरी ने समूचे बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के अंचल को एक बट वृक्ष के रूप में छाया दी है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में संगीत सम्राट तानसेन तथा चंदेरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा समारोह के बीच प्रतिवर्ष प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, जिससे ग्वालियर के साथ-साथ आने वाले समय में चंदेरी का भी महत्व संगीत के क्षेत्र में विश्व में चिरस्थाई हो सके।

    संस्कृति मंत्री लोधी ने कहा कि भारत की संस्कृति में संगीत को आत्मा में अभिव्यक्ति माना गया है। संगीत को नादमय माना गया है। संपूर्ण जगत नादमय में है सृष्टि का आधार नाद है और सभी इसी इसी नाद से प्रेरित होकर अपनी साधना की अभिव्यक्ति करते हैं। भारत की परंपरा में संगीत को ही ईश्वर से संवाद का माध्यम माना जाता है। जहां संगीत है, वहां नृत्य है, जहां नृत्य है, वहां ईश्वर है और जहां ईश्वर है, वहां मंगल ही मंगल होता है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत साधना की इसी महान परंपरा ने स्वामी हरिदास, तानसेन, बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को जन्म दिया है। बैजू बावरा महान संगीत परंपरा के तपस्वी थे, जो हमेंशा संगीत साधना से आत्मा की यात्रा तक ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा ऐसे आयोजन लगातार किए जा रहे हैं, जिससे संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।

    शुभारंभ अवसर पर उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने चंदेरी में तीन दिवसीय बैजू बावरा समारोह के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैजू बावरा समारोह का आयोजन प्रति वर्ष चंदेरी में नियमित रूप से कराया जाएगा।


    राज्य स्तरीय साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने कलाकारों का किया सम्मान

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मध्य प्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का सम्मान किया। इनमें दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार से- नंदिता तिवारी (कृति शीर्षक– स्क्रैप मटेरियल), रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार से -अनुश्री गुप्ता (कृति शीर्षक -सुंदरकांड एवं समकालीन कथा), नारायण श्रीधर बेन्द्रे पुरस्कार से- गोविंद विश्वकर्मा (कृति शीर्षक मृत्युंजय), मुकुन्द सखाराम भाण्ड पुरस्कार – प्रतिभा सिंह (कृति शीर्षक- संपूर्ण रामायण), देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार – मोहन विश्वकर्मा (कृति शीर्षक- मैं और मेरी सहेली), जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार -आकाश जाटव (कृति शीर्षक ग्वालियरनेस 2), लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार – शैलजा सुल्लेरे (कृति शीर्षक – हनुमान चालीसा), राममनोहर सिन्हा पुरस्कार -अनूप श्रीवास्तव (कृति शीर्षक– मांडू सीरीज) एवं विष्णु चिंचालकर पुरस्कार से आदित्य सिंह राजपूत बैलेंस वन (कृति शीर्षक- स्क्रैप मटेरियल) को अलंकृत किया गया। सम्मान स्वरूप सम्मान पट्टिका, 51 हजार रुपये की कर मुक्त राशि, शॉल एवं श्रीफल प्रदान किया गया।

    समारोह के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने रूपंकर कला प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इस प्रदर्शनी में राज्य रूपंकर कला पुरस्कार हेतु आमंत्रित कलाकृतियों में से चयनित 80 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें चित्र एवं मूर्तिकला शामिल हैं। तत्पश्चात हुनर– प्रदर्शनी सह विक्रय में शिल्पकलाओं का अवलोकन किया गया, जिसमें शिल्पकारों द्वारा चंदेरी साड़ी, गौ शिल्प, माटी शिल्प, लकड़ी के खिलौने इत्यादि की सराहना की।

  • MP: ग्वालियर में लगेगा पुस्तक मेला, स्कूली बच्चों को सस्ते दर पर मिलेंगी किताबें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म

    MP: ग्वालियर में लगेगा पुस्तक मेला, स्कूली बच्चों को सस्ते दर पर मिलेंगी किताबें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्कूली बच्चों को सस्ती दर पर किताबें, यू

    Gwalior

    नीफॉर्म व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए सात दिवसीय पुस्तक मेला (बुक फेयर) लगने जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप यह बुक फेयर मौजूदा मार्च माह के दौरान ग्वालियर मेला में सूर्य नमस्कार तिराहा के समीप स्थित शिल्प बाजार परिसर में लगेगा।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने रविवार की शाम संबंधित अधिकारियों एवं पुस्तक विक्रेताओं के साथ शिल्प बाजार परिसर पहुँचकर पुस्तक मेले की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पुस्तक मेला अवधि के दौरान बाजार में किसी भी पुस्तक की दुकान से स्कूली पुस्तकें व स्टेशनरी नहीं बेची जा सकेंगीं।

    इस पर पुस्तक विक्रेताओं एवं एसोसिएशन के अधिकारियों ने सहमति जताई। साथ ही कहा कि पुस्तक विक्रेताओं ने कहा कि पुस्तक मेला को लेकर हम उत्साहित हैं। पुस्तक मेले में प्रत्येक दुकानदार द्वारा किताबों, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म की बिक्री पर आकर्षक छूट भी प्रदान की जायेगी। पुस्तक मेला परिसर के निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी, डीपीसी रविन्द्र तोमर एवं मेला सचिव सुनील बाबू त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी, पुस्तक विक्रेता एसोसिएशन के पदाधिकारी व पुस्तक विक्रेता मौजूद थे।

    पुस्तक विक्रेताओं को जिले के विभिन्न स्कूलों के पाठ्यक्रम उपलब्ध करा दिए गए हैं। कलेक्टर ने इस मौके पर पुस्तक विक्रेताओं से कहा कि वे निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकों के सेट बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराएं। वेंडर्स यानी पुस्तक विक्रेताओं द्वारा पुस्तक मेला मे किताबें, स्टेशनरी व ड्रेस खरीदने वाले अभिभावकों को विशष छूट दी जायेगी। पुस्तक मेला लगने से अनाधिकृत प्रिंटिग कर पुस्तक बेचने की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

    मार्च माह के द्वितीय पखवाड़े में लगने जा रहे पुस्तक मेले में सीबीएसई, आईएसई एवं एमपी बोर्ड से संबंध सभी निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकें व यूनीफॉर्म उपलब्ध रहेंगी। जिला प्रशासन द्वारा बच्चों व उनके अभिभावकों के हित को ध्यान में रखकर लिए गए पुस्तक मेला लगाने के निर्णय का पुस्तक प्रकाशकों (पब्लिशर्स) व डीलर्स ने स्वागत किया है।

    कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पुस्तक मेले की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से चर्चा की। पुस्तक विक्रेताओं ने पिछले साल जिन दुकानदारों को जो दुकानें आवंटित की गई थीं, उन्हीं दुकानों का इस बार भी आवंटन करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने कहा कि पुस्तक विक्रेताओं की सहमति से ही आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जायेगा। उन्होंने शिल्प बाजार परिसर की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, शौचालय व पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि पुस्तक मेला परिसर में फूड स्टॉल भी लगवाए जाएं।

    आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये पुस्तक मेला परिसर में बुक बैंक भी स्थापित किया जायेगा। ऐसे स्कूली विद्यार्थी जो अपनी पिछली कक्षा की किताबें दान करना चाहते हैं वे बुक बैंक में अपनी किताबें जमा कर सकेंगे। ज्ञात हो पिछली साल बनाए गए बुक बैंक से 700 जरूरतमंद बच्चों ने नि:शुल्क पुस्तकें प्राप्त की थीं।

    पुस्तक विक्रेताओं एवं स्कूली बच्चों व उनके अभिभावकों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से हैल्पलाईन नंबर भी जारी कराया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कॉर्डिनेटर आईटी सेल अरविंद तोमर (मोबा. 98935-87573) से संपर्क कर पुस्तक मेला के संबंध मे जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही पुस्तक मेला के संबंधित समस्याएं भी दर्ज कराई जा सकेंगी।

    स्कूलों द्वारा निर्धारित पुस्तकों के सेट की कीमत का परीक्षण कराया जा रहा है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को जल्द से जल्द यह परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिछली साल के पुस्तक मेले में अभिभावकों व विद्यार्थियों द्वारा दर्ज किए गए फीड बैक का अध्ययन कर इस बार के मेले को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए हैं।

  • Summer Skin Care Tips: गर्मियों में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 5 असरदार टिप्स

    Summer Skin Care Tips: गर्मियों में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 5 असरदार टिप्स


    नई दिल्ली:गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और लगातार बढ़ते तापमान के साथ लोगों को तेज धूप और पसीने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मौसम में केवल सेहत ही नहीं बल्कि त्वचा का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी हो जाता है। चिलचिलाती धूप में बाहर निकलते ही त्वचा टैनिंग, सनबर्न और रूखी हो सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा गर्मियों में भी हेल्दी और चमकदार बनी रहे तो कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाना जरूरी है।

    1. सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल

    यदि आप छात्र हैं या काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलते हैं, तो एसपीएफ 30+ वाला सनस्क्रीन चेहरे और हाथ-पांव पर रोजाना लगाना बेहद जरूरी है। इसे दिन में 3 से 4 बार दोहराना चाहिए। इससे त्वचा टैन होने, सनबर्न और रूखेपन से बची रहती है।

    2. पर्याप्त पानी पिएं

    गर्मियों में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा अधिक होता है। इसलिए दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। यह न केवल त्वचा को हाइड्रेट रखता है बल्कि पूरे शरीर को भी ठंडक और ऊर्जा देता है।


    3. मौसमी फल शामिल करें

    फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है और ये विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। गर्मियों में तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा जैसे मौसमी फल न सिर्फ ताजगी देते हैं बल्कि त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखते हैं।

    4. हल्के और सूती कपड़े पहनें

    भीषण गर्मी में हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें। इससे शरीर में गर्मी कम लगेगी और पसीने की समस्या भी कम होगी। घर से बाहर निकलते समय स्कार्फ, टोपी, धूप का चश्मा या छाता का इस्तेमाल करें ताकि त्वचा तेज धूप से सुरक्षित रहे।

    5. तेज धूप में बाहर निकलने से बचें

    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से त्वचा टैन और सनबर्न होने का खतरा बढ़ जाता है। कोशिश करें कि इस समय बाहर जाना जरूरी न हो।

    टैनिंग को दूर करने के घरेलू उपाय

    अगर धूप में त्वचा टैन हो जाती है, तो घर पर कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। एलोवेरा जेल, दही, खीरे या टमाटर का रस टैनिंग हटाने में मदद करते हैं। इन्हें त्वचा पर हल्के हाथों से लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें। ये उपाय त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ उसका नमी स्तर भी बनाए रखते हैं।

    गर्मी में थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या से आपकी त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ, चमकदार और हाइड्रेटेड बनी रहेगी।
  • Healthy Breakfast Tips: दिन की शुरुआत के लिए ओट्स और मूसली में कौन सा नाश्ता चुनें

    Healthy Breakfast Tips: दिन की शुरुआत के लिए ओट्स और मूसली में कौन सा नाश्ता चुनें


    नई दिल्ली:
    दिन की शुरुआत के लिए हेल्दी और पौष्टिक ब्रेकफास्ट बेहद जरूरी है। यह न सिर्फ शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है बल्कि पूरे दिन की सक्रियता, मानसिक फिटनेस और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालता है। इस संदर्भ में ओट्स और मूसली (Oats Vs Muesli) दोनों ही हेल्दी नाश्ते के लोकप्रिय विकल्प माने जाते हैं। हालांकि, इनके पोषण और फायदे अलग-अलग हैं, जिन्हें समझकर सही विकल्प चुनना फायदेमंद होता है।

    ओट्स: फिटनेस के लिए बेहतरीन
    ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इनमें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं और लंबे समय तक पेट को भरा रखते हैं। इसलिए यह वजन नियंत्रित करने और फिटनेस को बढ़ाने के लिए बेहतर विकल्प हैं। ओट्स में प्रोटीन की मात्रा भी अच्छी होती है, साथ ही इसमें विटामिन और मिनरल्स भी होते हैं। अगर आप सुबह जल्दी उठकर लंबे समय तक सक्रिय रहना चाहते हैं, तो ओट्स को दूध, दही या फ्रूट्स के साथ मिलाकर नाश्ते में शामिल करना लाभदायक रहेगा।

    मूसली: स्वाद और पोषण का कॉम्बिनेशन
    मूसली भी हेल्दी विकल्प है, जिसमें ओट्स के अलावा ड्राय फ्रूट्स, नट्स और सूखे मेवे शामिल होते हैं। यह नाश्ते को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है। मूसली में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है और इसमें एनर्जी देने वाले घटक मौजूद होते हैं। यदि आप हल्का और पौष्टिक नाश्ता चाहते हैं जो मीठा स्वाद भी दे, तो मूसली आपके लिए उपयुक्त हो सकती है।

    ओट्स और मूसली में अंतर

    फाइबर कंटेंट: ओट्स और मूसली दोनों में फाइबर होता है, लेकिन ओट्स में सॉल्यूबल फाइबर अधिक होता है जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है।

    प्रोटीन: ओट्स में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, जो मांसपेशियों के निर्माण और फिटनेस के लिए जरूरी है।

    शुगर लेवल: मूसली में अक्सर ड्राय फ्रूट्स और शुगर मिलाई जाती है, इसलिए डायबिटीज़ या वजन घटाने वालों को इसके सेवन में सावधानी रखनी चाहिए।

    सुविधा और तैयारी: ओट्स जल्दी पच जाते हैं और गर्म या ठंडे दोनों तरीके से खाए जा सकते हैं, जबकि मूसली को अक्सर दूध या योगर्ट के साथ मिलाकर खाने की जरूरत होती है।

    कैसे करें चुनाव?

    अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना, फिटर रहना और लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखना है, तो ओट्स नाश्ते में सबसे बेहतर विकल्प हैं।

    अगर आप स्वाद के साथ हल्का और पौष्टिक नाश्ता चाहते हैं, जिसमें ड्राय फ्रूट्स और मिनरल्स की भी अच्छी मात्रा हो, तो मूसली चुन सकते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि ब्रेकफास्ट में ओट्स या मूसली के साथ ताजे फल, दही या नट्स मिलाकर खाने से पोषण और स्वाद दोनों मिलते हैं।

     हेल्दी ब्रेकफास्ट के लिए ओट्स और मूसली दोनों फायदेमंद हैं, लेकिन फिटनेस और वजन नियंत्रण के लिहाज से ओट्स को वरीयता दी जाती है। मूसली स्वाद और पोषण का अच्छा विकल्प है, खासकर उन लोगों के लिए जो हल्का और एनर्जी देने वाला नाश्ता पसंद करते हैं।

  • मुंबई मेयर की गाड़ी से हटाईं लाल-नीली फ्लैश लाइट, वीआईपी कल्चर विवाद पर BMC ने दी कार्रवाई

    मुंबई मेयर की गाड़ी से हटाईं लाल-नीली फ्लैश लाइट, वीआईपी कल्चर विवाद पर BMC ने दी कार्रवाई


    नई दिल्ली। मुंबई में हाल ही में हुए विवाद के बाद मेयर ऋतु तावड़े की आधिकारिक गाड़ी और उनके साथ चलने वाली एस्कॉर्ट वाहन से लाल-नीली फ्लैश लाइटें हटा दी गई हैं। यह मामला सबसे पहले सोशल मीडिया पर तब सुर्खियों में आया जब एक पोस्ट में सवाल उठाया गया कि क्या मेयर की गाड़ी को पुलिस जैसी फ्लैश लाइट लगाने की अनुमति है। इस विवाद के बाद आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मेयर को पत्र लिखकर इस विषय पर आपत्ति जताई और केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ऐसी लाइटों का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए ही किया जा सकता है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए, यह स्पष्ट किया।

    विवाद का केंद्र मेयर की गाड़ी के बोनट पर लगी लाल-नीली फ्लैशिंग लाइट थी, जबकि उनके साथ चल रही एस्कॉर्ट स्कॉर्पियो वाहन में भी ऐसी लाइटें थीं। इस वाहन में मेयर के निजी सहायक और प्रोटोकॉल अधिकारी मौजूद थे। लाइटें देखकर लोगों ने यह सवाल उठाया कि क्या मेयर की गाड़ी को विशेष अधिकार दिया गया है।

    इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि उन्हें अपनी गाड़ी पर बीकन या फ्लैश लाइट लगाने में कोई रुचि नहीं है और यह प्रशासन की गलती थी। उन्होंने बताया कि जब उन्हें आधिकारिक वाहन दिया गया, तब प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि किन लाइटों का प्रयोग किया जा सकता है और किनका नहीं।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस विवाद पर कहा कि जांच में पता चला कि लाल-नीली फ्लैश लाइट गाड़ी की छत पर नहीं बल्कि बोनट पर लगी थी। उन्होंने मेयर को दोषी नहीं ठहराया और कहा कि बिना वजह उन्हें निशाना बनाना उचित नहीं है।

    नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह की फ्लैशिंग लाइटें मेयर, डिप्टी मेयर और हाउस लीडर की गाड़ियों पर भी लगी थीं, जिन्हें शनिवार को हटा दिया गया। इस विवाद के बाद विपक्ष की नेता और पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने सवाल उठाया कि यह कदम वीआईपी कल्चर के खिलाफ है और केंद्र सरकार ने 2017 में ही सरकारी वाहनों पर लाल बत्ती और विशेष प्रतीकों का उपयोग रोक दिया था।

    2017 में केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों पर लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के प्रतीकों के उपयोग पर रोक लगाई थी। तब से मुंबई की मेयर की गाड़ी से लाल बत्ती हटा दी गई थी। इस विवाद ने शहर में फिर से चर्चा छेड़ दी है कि क्या नए नियमों का सही पालन किया जा रहा है और क्या मेयर अपने पद का अनुचित लाभ उठा रही हैं।

    कुल मिलाकर, मुंबई मेयर की गाड़ी पर लगी लाल-नीली फ्लैश लाइट हटाने के बाद विवाद समाप्त हुआ, लेकिन यह मुद्दा वीआईपी कल्चर, प्रशासनिक नियमों और पारदर्शिता पर एक बार फिर ध्यान खींचता है।

  • भोपाल सुसाइड मिस्ट्री: बीटेक छात्र की मौत में बड़ा खुलासा, रिश्तेदार पर ₹1.30 लाख हड़पने और प्रताड़ना का आरोप

    भोपाल सुसाइड मिस्ट्री: बीटेक छात्र की मौत में बड़ा खुलासा, रिश्तेदार पर ₹1.30 लाख हड़पने और प्रताड़ना का आरोप



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक इंजीनियरिंग छात्र द्वारा वीडियो कॉल पर सुसाइड किए जाने के सनसनीखेज मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मृतक छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके ही एक करीबी रिश्तेदार ने करियर बनाने के नाम पर छात्र से भारी रकम ऐंठी और फिर उसे मौत के मुहाने तक धकेल दिया।

    शनिवार सुबह अशोका गार्डन स्थित किराए के कमरे में बीटेक थर्ड ईयर के छात्र मोहम्मद इफ्तिखार (21) ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि सुसाइड के वक्त वह अपनी एक दोस्त से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था।

    सूचना मिलते ही जब दोस्त कमरे पर पहुँचे, तो दरवाजा अंदर से बंद था। गेट तोड़कर अंदर जाने पर इफ्तिखार का शव फंदे से लटका मिला और मोबाइल दीवार के सहारे टिका हुआ था, जिससे अंदेशा है कि उसने पूरी वारदात को लाइव दिखाया।

    परिजनों का गंभीर आरोप 
    रविवार को पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के पिता मोहम्मद नवाब अली ने मीडिया के सामने टूटते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:

    सर्टिफिकेट के नाम पर ठगी: एक रिश्तेदार ने डिग्री और सर्टिफिकेट दिलाने का झांसा देकर इफ्तिखार से 1.30 लाख रुपये हड़प लिए थे।

    धमकी और तनाव: जब इफ्तिखार ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी रिश्तेदार उसे डराने-धमकाने लगा।इसी आर्थिक ठगी और मानसिक प्रताड़ना के कारण छात्र गहरे तनाव में था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने घटनास्थल से छात्र का मोबाइल जब्त कर लिया है। पैटर्न लॉक खुलने के बाद कॉल रिकॉर्ड्स और वीडियो चैट की फॉरेंसिक जांच की जाएगी।

    पुलिस अब छात्र की उस दोस्त का बयान दर्ज करने की तैयारी में है, जिससे वह आखिरी वक्त पर बात कर रहा था। पुलिस का कहना है कि “रिश्तेदार” वाले एंगल और रुपयों के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है।

  • भोपाल में खाद्य मंत्री ने मिलावट का किया लाइव निरीक्षण: पीली हल्दी लाल हुई, गोविंद राजपूत बोले- हर उपभोक्ता बने जिद्दी

    भोपाल में खाद्य मंत्री ने मिलावट का किया लाइव निरीक्षण: पीली हल्दी लाल हुई, गोविंद राजपूत बोले- हर उपभोक्ता बने जिद्दी



    नई दिल्ली। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभागार में लगी विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में विभिन्न खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट और उसकी पहचान के तरीके दर्शाए गए थे।

    मंत्री ने अपनी आंखों के सामने हल्दी का नमूना केमिकल में डालते ही पीले रंग से लाल रंग में बदलते देखा, जिसे देखकर वे चौंक गए। इस घटना को अपने मुख्य संबोधन में भी उन्होंने शामिल किया और जनता से अपील की कि वे अपने हक के लिए जागरूक और “जिद्दी उपभोक्ता” बनें। मंत्री ने उदाहरण देते हुए प्रख्यात दानवीर और विधिवेत्ता डॉ. हरिसिंह गौर की बहादुरी की ओर इशारा किया, जिन्होंने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों के खिलाफ सख्ती से लड़ाई लड़ी।

    मंत्री ने नापतौल में होने वाली अनियमितताओं की भी ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 2 किलो और आधा किलो के बांट का वजन बराबर दिखाने वाले तराजू में गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे खरीदारी करते समय तराजू और पैकेजिंग का ध्यान रखें।

    इस अवसर पर मंत्री ने 2019 के नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि अब शिकायत करना आसान है। उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। अधिनियम में उपभोक्ताओं के छह प्रमुख अधिकार शामिल हैं: चुनने का अधिकार, जानकारी का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, समस्याओं का निराकरण और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।

    राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों में शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया में तेजी आई है। वर्ष 2025–26 में राज्य उपभोक्ता आयोग ने करीब 3 हजार मामलों का निपटारा किया, जबकि जिला आयोगों में 14 हजार से अधिक मामलों का समाधान हो चुका है। ऑनलाइन माध्यम से शिकायतें भी बढ़ी हैं; दिसंबर 2020 से अब तक राज्य आयोग में 7,500+ और जिला आयोगों में 26,000+ शिकायतें दर्ज की गई हैं।

    कार्यक्रम में स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों और छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कटनी की संस्था अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन को प्रथम पुरस्कार (1,11,000 रुपये) मिला, जबकि ग्वालियर की प्राकृतिक चिकित्सालय महाविद्यालय समिति को द्वितीय पुरस्कार (51,000 रुपये) प्रदान किया गया। छात्राओं के लिए आयोजित निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता में उज्जैन, छतरपुर और इंदौर की छात्राओं ने प्रमुख स्थान प्राप्त किए।

    मंत्री राजपूत ने अंत में चेतावनी दी कि अनुचित व्यापारिक प्रथाओं और मिलावटखोरी पर नकेल तभी कसी जा सकती है जब उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सतर्क रहें, शिकायत करने में हिचकिचाएं नहीं।

    इस कार्यक्रम ने उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया, साथ ही डिजिटल माध्यम और नई तकनीकों के जरिए शिकायत और सुनवाई को और सुलभ बनाया।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: गुरुवार से शुरुआत, माता का वाहन बनेगी डोली; जानिए शास्त्रों में कैसे तय होता है आगमन का वाहन

    चैत्र नवरात्रि 2026: गुरुवार से शुरुआत, माता का वाहन बनेगी डोली; जानिए शास्त्रों में कैसे तय होता है आगमन का वाहन


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत जप पाठ तथा भक्ति के माध्यम से माता रानी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार नवरात्रि में माता दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन किस वाहन से होता है इसका विशेष महत्व माना जाता है। यह वाहन घटस्थापना के दिन के आधार पर निर्धारित होता है और इसे उस वर्ष की समग्र ऊर्जा तथा संभावित परिस्थितियों का संकेत भी माना जाता है।

    साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार यदि नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार से होती है तो माता रानी का आगमन डोली यानी पालकी पर माना जाता है। इसी कारण इस वर्ष माता का वाहन डोली निर्धारित किया गया है। शास्त्रों में यह परंपरा इस विश्वास से जुड़ी है कि देवी का वाहन उस वर्ष के सामाजिक आर्थिक प्राकृतिक और राजनीतिक हालात के बारे में संकेत देता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह के अलग-अलग दिनों के आधार पर माता का वाहन तय होता है। यदि नवरात्रि रविवार या सोमवार से शुरू हो तो माता हाथी पर सवार होकर आती हैं जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। यह अच्छी वर्षा सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। वहीं शनिवार या मंगलवार से नवरात्रि शुरू होने पर माता का वाहन घोड़ा माना जाता है जो संघर्ष युद्ध या अशांति का संकेत देता है। यदि नवरात्रि बुधवार से प्रारंभ हो तो माता नाव पर सवार होकर आती हैं जिसे अत्यंत शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार या शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होने पर माता का आगमन डोली पर माना जाता है।

    डोली या पालकी को ज्योतिषीय दृष्टि से सामान्यत शुभ संकेत नहीं माना जाता। मान्यता है कि ऐसे वर्ष में सामाजिक या आर्थिक चुनौतियां स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं महामारी प्राकृतिक असंतुलन या आर्थिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि विद्वान यह भी बताते हैं कि यह भविष्यवाणी किसी निश्चित घटना का संकेत नहीं बल्कि सामूहिक ऊर्जा का प्रतीकात्मक अर्थ है।

    धार्मिक आस्था के अनुसार माता की कृपा से सभी कठिनाइयों को दूर किया जा सकता है। इसलिए नवरात्रि के दौरान श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। भक्त इन दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ कन्या पूजन हवन और दान-पुण्य करके माता का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

    इस प्रकार 2026 की चैत्र नवरात्रि में माता का आगमन डोली पर माना जा रहा है जिसे सतर्कता और संयम का संकेत समझा जा सकता है। आस्था और भक्ति के साथ मनाई गई नवरात्रि न केवल आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है बल्कि जीवन में सकारात्मकता और संतुलन भी लाती है।