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  • NSE और BSE के प्री-ओपन नियमों में हुआ बदला…. जानें निवेशकों पर इसका क्या होगा असर?

    NSE और BSE के प्री-ओपन नियमों में हुआ बदला…. जानें निवेशकों पर इसका क्या होगा असर?


    नई दिल्ली।
    अगर आप भारतीय शेयर बाजार (Indian stock market) में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत के दोनों प्रमुख शेयर बाजारों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange- NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange-BSE) के प्री-ओपन नियम (Pre-open Rules changed) बदल रहे हैं। दोनों ने आज, 7 सितंबर 2026 से प्री-ओपन सेशन (सुबह 9 बजे से 9:15 बजे तक) के नियमों में बदलाव किया है।


    नए नियमों में क्या-क्या बदलाव हुआ है?

    9:00 से 9:05 बजे तक: इस दौरान मार्केट ऑर्डर जो बिना कीमत तय किए तुरंत खरीद-बिक्री के ऑर्डर होते हैं और लिमिट ऑर्डर यानी तय कीमत पर खरीद-बिक्री के ऑर्डर, दोनों डाले जा सकते हैं।
    9:05 से 9:10 बजे तक: इस दौरान सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही डाले, बदले या रद्द किए जा सकते हैं। मार्केट ऑर्डर नहीं डाले जा सकते। पहले यह समय 9:07 बजे तक था, जिसे बढ़ाकर 9:10 बजे कर दिया गया है। कीमत तय करते समय अब मार्केट ऑर्डर को लिमिट ऑर्डर से पहले प्राथमिकता दी जाएगी।


    इसका निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा?

    जो निवेशक रात भर की खबरों या वैश्विक बाजारों के उतार-चढ़ाव के आधार पर ATM (एट-द-मार्केट) ऑर्डर देते हैं, उन्हें अपने मार्केट ऑर्डर सुबह 9:05 बजे से पहले ही डालने होंगे। बाजार में हेराफेरी रुकेगी: इस बदलाव से बाजार में हेराफेरी रुकेगी। पहले कुछ बड़े निवेशक ऑर्डर विंडो के आखिरी समय में नकली बड़े मार्केट ऑर्डर डालकर कीमतें ऊपर-नीचे करते थे और फिर मैचिंग से पहले उन्हें रद्द कर देते थे। अब 9:05 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर नहीं डाले जा सकते, इसलिए ऐसी गड़बड़ी नहीं हो पाएगी।

    मार्केट ऑर्डर को पूरा करने में मदद मिलेगी: अगर आपको अपना ऑर्डर पक्का करवाना है यानी खरीद-बिक्री तय होनी चाहिए, तो आपको मार्केट ऑर्डर पहले 5 मिनट (9:00-9:05) के अंदर डालना होगा। 9:05 से 9:10 बजे के बीच डाले गए लिमिट ऑर्डर बाजार में लिक्विडिटी प्रदान करेंगे, जिससे मार्केट ऑर्डर को पूरा करने में मदद मिलेगी।

    अचानक कीमत में उछाल नहीं आएगा: निवेशक 9:05-9:10 की विंडो में शुरुआती ऑर्डर फ्लो को देखकर अपनी रणनीति बना सकते हैं, क्योंकि इस दौरान मार्केट ऑर्डर न होने से अचानक कीमत में उछाल नहीं आएगा। यह नया स्ट्रक्चर पिछले महीने शुरू की गई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की प्रक्रिया के समान है, जिससे कीमतों का सही पता लगाने में स्थिरता आएगी।

  • चीन ने खोजी नई तकनीक….परमाणु हथियार बनाने के लिए समुद्र के पानी से यूरेनियम निकालने की तैयारी

    चीन ने खोजी नई तकनीक….परमाणु हथियार बनाने के लिए समुद्र के पानी से यूरेनियम निकालने की तैयारी


    बीजिंग।
    चीन (China) ने एक नई तकनीक इजाद (New Technology Invented) की है, जिससे वह समुद्र के पानी से परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) बनाने के लिए यूरेनियम (Uranium) हासिल कर सकता है। चीनी शोधकर्ताओं ने इस बारे में बड़ी सफलता हासिल की है। चीन द्वारा विकसित किए गए इस नए मटीरियल से वह समुद्र से यूरेनियम निकाल पाने में सक्षम होगा। खास बात यह है कि इस मामले में चीन ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। अमेरिका, समुद्र के एक ग्राम पानी से मात्र 6 मिलीग्राम यह पदार्थ निकाल पाता था। वहीं, चीन ने एक मिलीग्राम समुद्री पानी से 50.4मिलीग्राम पदार्थ निकालने में कामयाबी हासिल की है। इस तरह से अब समुद्र का पानी, परमाणु ईंधन के लिए अहम स्रोत बन गया है।


    क्या है यह मटीरियल

    चीन समुद्री पानी से जो मटीरियल निकालने में सफल हुआ है, उसका नाम है फॉसकेज। यह एक स्पंज जैसा मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर है, जिसमें फॉस्फेट होता है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह रासायनिक जाल की तरह काम करते हैं। शोधकर्ताओं ने इस प्रयोग के दौरान फॉसकेज को मिलीमीटर-साइज के बीड्स (छोटी गोलियों) में बदल दिया। इन्हें खुले समुद्र में इस्तेमाल करना और वापस निकालना आसान है। इन बीड्स ने प्रति ग्राम 22.55मिलीग्राम यूरेनियम सोखा और सात बार दोबारा इस्तेमाल किए जाने पर भी काम करते रहे।


    क्या हैं इसके मायने

    चीन के लिए यह तकनीक बहुत ज्यादा मायने रखती है। इससे चीन के घरेलू यूरेनियम प्रोडक्शन में तेजी से इजाफा होगा। चीन ने साल 2024 में घरेलू खदानों से 1600 टन यूरेनियम का उत्पादन किया। हालांकि वर्ल्ड न्यूक्लियर एसोसिएशन के मुताबिक चीन को इससे कहीं ज्यादा 13,000 टन यूरेनियम की जरूरत है। इस भारी गैप को पूरा करने के लिए चीन आयात पर निर्भर था। ऐसे में समुद्र के पानी से यूरेनियम की पूर्ति होने से चीन का काम काफी आसान हो जाएगा।


    समुद्र के पानी में कैसे पहुंचा यूरेनियम

    गौरतलब है कि पूरी दुनिया में धरती पर 7.9 मिलियन टन यूरेनियम के ज्ञात स्रोत हैं। वहीं, समुद्र में यह आंकड़ा 4.5 बिलियन टन का हो सकता है। यह यूरेनियम समुद्र के पानी में बारिश के वक्त चट्टानों से धुलकर नदियों के रास्ते पहुंचा है। यह यूरेनियम है तो बहुत बड़ी मात्रा में, लेकिन इसे समुद्र के पानी निकालना बहुत बड़ी चुनौती है। एक टन समुद्री पानी में मात्र 3.3 मिलीग्राम यूरेनियम होता है। यानी, समुद्र के पानी से यूरेनियम प्रॉसेस करने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में इसके पानी की जरूरत होगी।


    क्या हैं चुनौतियां

    ऐसा नहीं है कि समुद्र के पानी में केवल यूरेनियम ही है। इसमें और भी बहुत सारी चीजें घुली हुई हैं। ऐसे में यूरेनियम को समुद के पानी से अलग करना बहुत बड़ी चुनौती है। अमेरिका में शोधकर्ताओं इस चुनौती से पार पाने के लिए कई साल मेहनत की। ओक रिज नेशनल लैबोरेट्री ने स्पेशलाइज्ड फाइबर्स डिजाइन किए। इसकी मदद से यूरेनियम कैप्चर किया जाता था। वहीं, पैसेफिक नॉर्थवेस्ट नेशनल लेबोरेट्री ने प्राकृतिक रूप से बहते समुद्री पानी के ऊप्र इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया। हालांकि इतनी कवायदों के बावजूद यह लोग एक ग्राम समुद्री पानी से मात्र 6 मिलीग्राम यूरेनियम ही निकाल पाते थे।

  • ईरान का ये स्कूल बनेगा मेमोरियल… अमेरिका-इजराइल के हमले में यहां मारे गए थे सैकड़ों बच्चे

    ईरान का ये स्कूल बनेगा मेमोरियल… अमेरिका-इजराइल के हमले में यहां मारे गए थे सैकड़ों बच्चे


    मिनाब।
    यह परिसर फिर कभी स्कूल (School) नहीं बनेगा, लेकिन इसके चमकीले नीले गेट (Bright Blue gate) पर अब भी वे चित्र (ईरान का नक्शा, बड़े आकार की पेंसिल और विज्ञान एवं साहित्य की महान हस्तियों की तस्वीरें) बने हुए हैं, जो कभी बच्चों का स्वागत करते थे। लेकिन अब इसके आगे का रास्ता आगंतुकों को तस्वीरों की कतारों से अवगत कराता है। इनमें जन्मदिन की पार्टियों और अन्य मौकों पर व्यस्त बच्चे दिखाई देते हैं। लेकिन इसके बाद उन्हीं मासूम चेहरों को शोक के प्रतीक काले बैनरों पर देखा जा सकता है। यह उस स्कूल के उन बच्चों की याद में बनाया जा रहा स्मारक है, जो 28 फरवरी को अमेरिका (America) और इजराइल (Israel) द्वारा ईरान (Iran) में शुरू किए गए युद्ध के शुरुआती क्षणों में हुए हमले में मारे गए थे। हमलों में मिनाब स्थित शाजरेह तैयबेह स्कूल (Shajrah-e-Tayyibah School) भी निशाना बना था।


    100 छात्र मारे गए थे

    ईरानी अधिकारियों ने कहा था कि 100 से अधिक छात्र मारे गए। महीनों बाद भी ट्रंप प्रशासन ने न तो सीधे तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है और न ही पेंटागन की जांच के निष्कर्ष जारी किए हैं। हालांकि, समाचार एजेंसी ‘एपी’ की एक जांच में इस बात के सबूत मिले कि कम से कम एक अमेरिकी मिसाइल स्कूल पर गिरी थी। पिछले सप्ताह एक बार फिर मिनाब का ध्यान उस समय आकर्षित हुआ, जब ईरान के दक्षिणी तट पर अमेरिका के नए हमलों में एक शादी समारोह और अन्य इलाकों को निशाना बनाया गया। घायलों में से कुछ को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। ‘एपी’ की टीम ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त दो मंजिला इमारत का दौरा किया, जिसकी कक्षाएं मानो पढ़ाई के बीच ही जम गई हों। वहां ‘डेस्क’ आधे मलबे में दबी हुई हैं और छतें ढह चुकी हैं।


    थम नहीं रही ईरान-अमेरिका की जंग

    उधर ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों पर उस समय हमला किया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस घटना से फारस की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में नौवहन और ज्यादा बाधित हो सकती है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक ने ईरान के कई अकारण हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया और किसी भी अमेरिकी कर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा।


    सेंटकॉम ने क्या कहा

    सेंटकॉम ने कहा कि ईरान के नाकाम हमलों के बाद, सेंटकॉम ने खार्ग द्वीप के पास और जास्क के पास आईआरजीसी के कच्चे तेल के टैंकरों को हमेशा के लिए बेकार कर दिया। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में बिना लदे कच्चे तेल के टैंकर को भी नष्ट कर दिया। चालक दल को जहाज छोड़ने का निर्देश देने के बाद, जहाज को बेकार करने के लिए कई अहम जगहों पर हमला किया गया। सेंटकॉम ने आगे कहा कि ईरान के ये तीन कच्चे तेल के टैंकर एक ऐसे अरबों डॉलर के ‘शैडो नेटवर्क’ का हिस्सा हैं, जो आईआरजीसी और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को फंड देता है। ईरान के पास इनकी सुरक्षा का कोई माध्यम नहीं है।


    आईआरजीसी को यह साफ संदेश

    सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि आईआरजीसी को यह साफ संदेश जाना चाहिए कि अगर आप हमारे दो जहाज़ों पर गोली चलाते हैं, तो हम आपके तीन जहाजों को नष्ट करके आप पर और भी भारी आर्थिक बोझ डालेंगे। हम अमेरिकी सेना की रक्षा करने में पीछे नहीं हटेंगे और ज़रूरत पड़ने पर ईरान के सीमित और खुले तेल बेड़े को नष्ट कर देंगे। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया तो अमेरिका ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना मध्य पूर्व या हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ईरानी टैंकरों पर हमला कर सकती है।

  • APEC समिट में पहुंचेंगे पुतिन और ट्रंप…. रूस-अमेरिका-चीन के बीच हो सकती है त्रिपक्षीय बैठक

    APEC समिट में पहुंचेंगे पुतिन और ट्रंप…. रूस-अमेरिका-चीन के बीच हो सकती है त्रिपक्षीय बैठक


    मॉस्को।
    एपेक शिखर सम्मेलन (APEC Summit) के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है। रूसी समाचार एजेंसी TASSS ने रविवार को बताया कि एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (Asia-Pacific Economic Cooperation- APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। क्रेमलिन ने यह भी स्पष्ट किया है कि रूस, चीन और अमेरिका के नेताओं की त्रिपक्षीय बैठक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि पुतिन और ट्रंप दोनों एपेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने की योजना बना रहे हैं। मॉस्को रूसी राष्ट्रपति के लिए अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करने का प्रयास करेगा, जिनमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात भी शामिल है।

    उशाकोव ने कहा कि सभी नेता एपेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने की योजना बना रहे हैं। स्वाभाविक रूप से हम अपने नेता के लिए अलग बैठकें आयोजित करने का प्रयास करेंगे, जिनमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक भी शामिल है। और अगर अवसर मिला, तो हमारे नेता अमेरिका के राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुतिन-ट्रंप मुलाकात होती है, तो बातचीत का विषय बैठक की अवधि पर निर्भर करेगा।

    इस बीच उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने कहा कि रूस, चीन और अमेरिका के नेताओं की त्रिपक्षीय बैठक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि ऐसी बैठक की तैयारी अभी शुरू नहीं हुई है। रियाबकोव ने TASSS से कहा कि यह विचार मौजूद है और इसे सार्वजनिक मंच पर रखा जा चुका है। हालांकि यह कहना अतिशयोक्ति होगी कि यह तैयारी के चरण में आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने जोर दिया कि मुख्य प्रश्न ऐसी बैठक का ठोस एजेंडा और अपेक्षित परिणाम तय करना होगा। उन्होंने कहा कि यहां भी मुख्य प्रश्न यही है कि ठोस पक्ष को कैसे तैयार किया जाएगा और हम परिणाम के रूप में क्या अपेक्षा कर सकते हैं। रियाबकोव ने आगे कहा कि रूस, चीन और अमेरिका के नेताओं वाला त्रिपक्षीय प्रारूप अभी व्यवहार में नहीं आया है। उन्होंने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर फिलहाल कुछ और जोड़ने से इनकार कर दिया।

    वहीं, अमेरिका-रूस राजनयिक संपर्क के संदर्भ में क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के साथ मुलाकात ने संचार के इस माध्यम से विश्वास का माहौल दर्शाया है। पेस्कोव ने आगे कहा कि बैठक का होना ही इस बात का प्रमाण है कि कम से कम संचार के इस माध्यम से विश्वास का माहौल मौजूद है और यह मजबूत हो रहा है।

  • बांग्लादेश HC से हिंदू नेता चिन्मय दास को दो और मामलों में दी जमानत… पर अभी जेल से नहीं आ पाएंगे बाहर!

    बांग्लादेश HC से हिंदू नेता चिन्मय दास को दो और मामलों में दी जमानत… पर अभी जेल से नहीं आ पाएंगे बाहर!


    ढाका।
    बांग्लादेश हाई कोर्ट (Bangladesh High Court) ने रविवार को जेल में बंद हिंदू अधिकार नेता (Hindu rights leader) चिन्मय कृष्ण दास (Chinmoy Krishna Das) को दो और मामलों में जमानत दे दी, लेकिन अन्य मामलों में आरोपों का सामना कर रहे दास के जेल से बाहर आने की संभावना नहीं है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। दास को पिछले महीने भी दो मामलों में जमानत मिली थी, जिनमें तोड़फोड़, हमला और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप से जुड़े मामले शामिल थे।

    दास को नवंबर 2024 में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर राष्ट्रीय ध्वज का कथित रूप से अपमान करने का आरोप था, जिसके बाद विरोध-प्रदर्शन और सांप्रदायिक तनाव शुरू हो गया था। इसके बाद उनके खिलाफ कई अन्य मामले दर्ज किए गए, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास और तोड़फोड़ के आरोप शामिल हैं।

    न्यायमूर्ति के.एम. जाहिद सरवर और न्यायमूर्ति शेख अबू ताहेर की पीठ ने रविवार को तोड़फोड़ और पुलिस के काम में बाधा डालने से जुड़े दो मामलों में उन्हें जमानत दी। एक समाचार पोर्टल ने उनके वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य के हवाले से बताया कि दास के खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले हैं और अब उन्हें इनमें से चार मामलों में उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।

    हालांकि, ‘द बिजनेस स्टैंडर्ड’ न्यूज पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, उन पर चल रहे दूसरे मामलों की वजह से उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया जाएगा। देशद्रोह के मामले में उनकी जमानत पर रोक लगी हुई है, जबकि हत्या के मामले में सुनवाई चटगांव के ‘त्वरित सुनवाई न्यायाधिकरण’ में हो रही है। हत्या का यह मामला एक ऐसी घटना से जुड़ा है, जिसमें सरकारी वकील सैफुल इस्लाम अलीफ की हत्या कर दी गई थी। दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चटगांव में दास की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे लोगों ने उनकी हत्या कर दी थी।

    उस समय भारत ने हिंदू संत की गिरफ्तारी पर ‘गहरी चिंता’ जताई थी और ढाका से ‘हिंदुओं समेत सभी अल्पसंख्यकों’ की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था। यह घटना ऐसे समय में हुई, जब अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास आ गई थी – जिसकी वजह नई दिल्ली में उनका शरण लेना था। दास, जो पहले ‘इस्कॉन’ से जुड़े थे, ‘हिंदू सम्मिलित सनातन जागरण जोत’ नामक एक समूह के प्रवक्ता हैं।

  • MP: सागर के बंड़ा में जहरीली शराब से 11 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, 5 अधिकारी निलंबित

    MP: सागर के बंड़ा में जहरीली शराब से 11 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, 5 अधिकारी निलंबित


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar district) की बंडा तहसील में जहरीली शराब (Spurious liquor) पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सख्त रुख अपनाया है. रविवार सुबह ही मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आबकारी और दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, जबकि एक सीनियर अफसर को जिले से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।

    घटना बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में सामने आई है. शुरुआती प्रशासनिक जानकारी के अनुसार जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय बीजेपी विधायक ने मृतकों की संख्या 11 बताई है. कई अन्य लोगों के बीमार होने की भी जानकारी सामने आई है।


    3 अधिकारी सस्पेंड, 1 मुख्यालय अटैच

    मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माने जाने पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, मामले में समान रूप से जिम्मेदार माने जाने पर उपायुक्त और संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है. यानी जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में कुल 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

    पुलिस विभाग ने भी इस प्रकरण में बंडा थाना प्रभारी श्री राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गुगरा चौकी प्रभारी एसआई श्री पूरन लाल लड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार, 6 सितंबर की सुबह ही स्पष्ट रूप से कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।


    CM मोहन यादव ने कहा- दोषी किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को बेहद संवेदनशील बताते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नई दिल्ली प्रवास के दौरान जैसे ही उन्हें सागर की घटना की जानकारी मिली, उन्होंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को राहत और बीमार लोगों के लिए समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।


    मौके पर पहुंचा सीनियर अफसरों का दल

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे. अधिकारी दल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. इसके साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है, ताकि शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।


    10 मौतों की प्रशासनिक पुष्टि, विधायक ने बताया आंकड़ा 11

    सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बंडा तहसील के प्रभावित गांवों में अवैध जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हुई है. हालांकि, स्थानीय बीजेपी विधायक वीरेंद्र लोधी ने मृतकों की संख्या 11 बताई है. उन्होंने बताया कि बंडा सिविल अस्पताल से करीब 25 लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया है।

    कलेक्टर ने बताया कि बुखार और सिरदर्द जैसी शिकायत वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. ऐसे तीन लोगों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (BMCH) भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है. उनके मुताबिक, इन मरीजों की हालत गंभीर नहीं है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका को लेकर कलेक्टर ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।


    ललितपुर से जहरीली शराब की सप्लाई का शक

    घटना की जांच में शराब के संभावित स्रोत को लेकर भी बड़ा खुलासा सामने आया है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि संदिग्ध शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से हुई थी।

    कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, शुरुआती जांच में ललितपुर से इस तरह की जहरीली शराब की सप्लाई करने वाले एक गिरोह की जानकारी सामने आई है. चूंकि सागर का यह इलाका उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक है, इसलिए इस एंगल की भी जांच की जा रही है. हालांकि, शराब की वास्तविक सप्लाई चेन और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।


    प्रभावित इलाके की 7 शराब दुकानें सील

    घटना के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम भी उठाए हैं. प्रभावित क्षेत्र में सात शराब दुकानों को सील कर दिया गया है और शराब के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।


    शराब पीने वालों से प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने उन लोगों से तत्काल स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की है, जिन्होंने हाल के दिनों में शराब का सेवन किया था और अब उन्हें उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो रही है. अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर मेडिकल जांच कराएं।


    कांग्रेस ने न्यायिक जांच की मांग की

    घटना को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। ग्वालियर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य में शराब माफिया बेखौफ होकर लोगों की जान ले रहे हैं।

    वहीं, बंडा के पूर्व कांग्रेस विधायक तरवर लोधी ने दावा किया कि बंडा विकासखंड के कई गांवों में शनिवार रात लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. उन्होंने बताया कि कई लोगों को बंडा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य को सागर रेफर किया गया।


    गुजरात की घटना के बाद MP में जहरीली शराब से मौतों ने बढ़ाई चिंता

    मध्य प्रदेश में यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत की घटना सामने आई थी। सागर की घटना के बाद अब प्रशासन की नजर अवैध शराब के नेटवर्क और इसके संभावित सप्लाई स्रोत पर है. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शराब के सैंपल और जांच के आधार पर यह स्पष्ट होने का इंतजार है कि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी और जहरीली शराब की सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही साफ कर दिया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी

    MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में सितंबर महीना शुरू होने के साथ सुबह का नजारा शीत ऋतु के आगमन की आहट देने लगा है. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) अभी कमजोर पड़ता नहीं दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

    कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और इंडो-गंगेटिक प्लेन में सक्रिय ट्रफ की वजह से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मॉनसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं. अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान है।


    दिल्ली-NCR में तेज हवा, बारिश का अलर्ट

    दिल्ली में 7 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हरियाणा-चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी 7 सितंबर को बारिश की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है।


    यूपी में भी आंधी, तेज बारिश का अनुमान

    उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को पश्चिमी हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. लखनऊ में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।


    उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा

    उत्तराखंड में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. इसके अलावा 10 से 12 सितंबर के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं. देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर, काशीपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मिट्टी के कटाव का खतरा बना हुआ है।


    मध्य भारत में भी बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मॉनसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. विदर्भ में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. भोपाल में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश

    बिहार में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    झारखंड में 8 से 11 सितंबर के दौरान बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है. राज्य के कुछ इलाकों में पहले से बने बाढ़ जैसे हालात के बीच बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।


    महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना

    महाराष्ट्र में 7 से 12 सितंबर के दौरान कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है. कोंकण तट पर कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मुंबई में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.


    पूर्वोत्तर राज्यों में भी मॉनसून सक्रिय

    पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून की गतिविधियां जारी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक बारिश का अनुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी इस दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 9-10 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।


    दक्षिण भारत में हल्की बारिश

    दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं. 7 से 12 सितंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 7 से 10 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।


    मछुआरों के लिए भी चेतावनी

    मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. अरब सागर में 11 सितंबर तक सोमालिया और ओमान तट के आसपास के कुछ हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका के पास समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।

  • बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने निकाला प्याज का बफर स्टॉक…. 10 दिन में ही बिक गई 4000 टन

    बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने निकाला प्याज का बफर स्टॉक…. 10 दिन में ही बिक गई 4000 टन


    नई दिल्ली। ए
    क ओर जहां चीनी की कीमतों (Sugar prices) में बीते दिनों त्योहारों पर मिठास कम करने का काम किया, तो वहीं प्याज (Onion Price) लोगों की आंख से आंसू निकालती हुई नजर आई. देशभर में प्याज की कीमतों (Onion Price ) में तेज उछाल देखने मिला था. इसे देखते हुए सरकार ने कांदा एक्सप्रेस (Kanda Express) के जरिए तमाम बड़े शहरों में प्याज का बफर स्टॉक रिलीज किया। सरकार ने सिर्फ 10 दिनों में ही 4000 टन बफर स्टॉक प्याज बेच दिया है।


    17 शहरों में सस्ता बेचा प्याज

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी निधि खरे ने रविवार को इस बारे में जानकारी शेयर करते हुए बताया कि सरकार ने आसमान छूती प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य इसकी रियायती बिक्री शुरू की. बफर स्टॉक से निकाले गए इस प्याज को पहले 10 दिनों में 17 शहरों में पहुंचाया गया और करीब 4,000 टन बफर प्याज बेचा जा चुका है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अपनी एजेंसियों NCCF और NAFED के जरिए 2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक जमा रखा है।


    35 रुपये प्रति किलो भाव पर बेचा

    NCCF-NAFED द्वारा प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इस बफर स्टॉक को रिटेल बिक्री के लिए निकाला गया. प्लान के तहत उत्पादक राज्यों से उपभोग केंद्रों तक प्याज को थोक में या तो कांदा एक्सप्रेस नामक स्पेशल ट्रेन से और ट्रकों द्वारा पहुंचाया जा रहा है. चुने गए प्राइस सेंसिटिव शहरों में बफर स्टॉक वाली प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेची जा रही है।

    सेक्रेटरी ने बताया कि भारी मात्रा में माल कांदा एक्सप्रेस के माध्यम से दिल्ली और चेन्नई पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में गुवाहाटी भेजने के लिए तीसरी खेप लोड की जा रही है. उन्होंने कहा कि बफर स्टॉक वाली प्याज के डिस्ट्रीब्यूशन से उपभोक्ताओं को कुछ हद तक राहत मिली है और कीमतों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है.


    NCCF ने कितना बेचा सस्ता प्याज?

    रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीसीएफ की प्रबंध निदेशक एनीस जोसेफ चंद्र ने बताया है कि फेडरेशन द्वारा ने अब तक 35 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर रिटेल बिक्री करते हुए देश के विभिन्न शहरों में 1,500 टन बफर प्याज बेचा गया है. इसके अलावा कुछ राज्यों के साथ अपने स्टोर, मोबाइल वैन, सहकारी समितियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा पहचाने गए अन्य प्लेटफार्मों के जरिए बिक्री करने के लिए समझौता किया गया है।


    अभी भी कई राज्यों में 60 के पार कीमत

    उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से साफ पता चलता है कि बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री से प्याज के अखिल भारतीय रिटेल प्राइस में गिरावट जरूर देखने को मिली है और ये रिलीज से पहले के 50.79 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में बीते 28 अगस्त को 48.5 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

    हालांकि, 5 सितंबर को देश के तमाम शहरों में Onion Price पर नजर डालें, तो इसकी कीमत दिल्ली में 58 रुपये प्रति किलो, मुंबई में 53 रुपये प्रति किलो, चेन्नई में 63 रुपये प्रति किलो और रांची में 40 रुपये प्रति किलो थी, जबकि औसत थोक मूल्य 42.79 रुपये प्रति किलो था।

  • अपने पति को ढूंढते हुए दुबई से सतना पहुंची महिला…. ससुराल वालों पर छुपाने का आरोप

    अपने पति को ढूंढते हुए दुबई से सतना पहुंची महिला…. ससुराल वालों पर छुपाने का आरोप


    सतना।
    सात समंदर पार दुबई (Dubai) में नौकरी करने वाली एक महिला अपने लापता पति (Missing Husband) की तलाश में सतना (Satna) की गलियों और पुलिस थानों के चक्कर काट रही है। पीड़िता अश्विंदर कौर (Ashwinder Kaur) का आरोप है कि उसका पति सुनील ठाकुर (Sunil Thakur) अचानक दुबई से भारत लौट आया और अब ससुराल पक्ष के लोग उसे सतना में छिपाकर रखे हुए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसे ससुराल वाले उसे मिलने नहीं दे रहे हैं। पीड़िता ने महिला थाने पहुंचकर पुलिस से पति को ढूंढने की गुहार लगाई है।


    लिव-इन से शादी तक का सफर

    अश्विंदर कौर के अनुसार, वह पिछले 23 वर्षों से दुबई में नौकरी कर रही हैं। वे पहले से तलाकशुदा थीं और यह बात सुनील व उसके पूरे परिवार को अच्छे से पता थी। सुनील उनसे उम्र में 12 साल छोटा है। दोनों नवंबर 2020 से दुबई में लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रह रहे थे। इसके बाद दोनों ने 23 फरवरी 2025 को जबलपुर आए और गुरुद्वारे में परिजनों व रिश्तेदारों की मौजूदगी में शादी कर ली।


    31 जुलाई को भारत आया था सुनील

    शादी के बाद भी दोनों दुबई में साथ रह रहे थे, लेकिन 31 जुलाई को सुनील अचानक बिना कुछ बताए भारत लौट आया। अश्विंदर ने बताया कि जब उन्होंने जबलपुर से लेकर सतना तक तलाश की, तो पता चला कि सुनील सतना में अपनी बहन के घर पर है और उसकी मां सुनीता रोरा भी वहीं मौजूद है। पीड़िता का सीधा आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग सुनील को जबरन भड़का रहे हैं और कह रहे हैं कि वह अब उसके साथ नहीं रहेगा।


    महिला का कहना है वह विवाहित है

    महिला का कहना है कि वह कानूनी रूप से विवाहित पत्नी है, फिर भी उसे पति से बात तक नहीं करने दी जा रही है। डीएसपी मनोज दीक्षित ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दुबई से आई महिला ने सतना के महिला थाने में आवेदन देकर अपने पति की तलाश की गुहार लगाई है।


    अभी नहीं दर्ज हुई FIR

    पुलिस के अनुसार, यह पति-पत्नी के आपसी विवाद का मामला है। महिला ने अभी कोई आपराधिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है, वह केवल अपने पति से मिलना और बात करना चाहती है। पुलिस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर तथ्यों की तस्दीक कर रही है।

  • पिंपरी-चिंचवड़ से पुणे तक अचानक बिजली गुल, सब स्टेशन में धमाके के बाद 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित

    पिंपरी-चिंचवड़ से पुणे तक अचानक बिजली गुल, सब स्टेशन में धमाके के बाद 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित


    नई दिल्ली ।
    महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे के कई इलाकों में रविवार दोपहर बिजली सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के बाद आग लगने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। अचानक बिजली गुल होने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से करीब 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए।

    चिंचवड़ स्थित बिजली सब स्टेशन में दोपहर करीब 12 बजकर 25 मिनट पर 22 केवी करंट ट्रांसफॉर्मर और ब्रेकर यूनिट में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद सब स्टेशन में आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की गई और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    सब स्टेशन में आई तकनीकी खराबी का असर हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों पर पड़ा। इसके कारण पिंपरी-चिंचवड़ के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई। पिंपरी-चिंचवड़ और भोसरी क्षेत्र में करीब 2.60 लाख उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

    इस बिजली संकट का असर पुणे शहर के कुछ हिस्सों पर भी पड़ा। शिवाजीनगर और औंध समेत कई इलाकों में करीब 50 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली जाने के कारण घरों और कारोबार के साथ-साथ कई जरूरी सेवाओं पर भी इसका असर देखने को मिला।

    बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पुणे मेट्रो सेवा पर भी पड़ा। पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट के बीच चलने वाली मेट्रो सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था किए जाने के बाद मेट्रो सेवा को दोबारा सामान्य किया गया।

    बिजली विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति बहाल करने की कोशिश शुरू की गई। पुणे के कई इलाकों में दोपहर करीब 1 बजकर 50 मिनट तक वैकल्पिक मार्ग से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके बाद अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे बिजली लौटने लगी।

    अधिकांश इलाकों में दोपहर करीब 3 बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अधिक समय लगा। निगड़ी और देहू रोड जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता कुछ समय तक बिजली कटौती से प्रभावित रहे।

    इस तकनीकी खराबी का असर औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ा। आंबेठाण इलाके में करीब 1,500 औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। औद्योगिक गतिविधियों को सामान्य करने के लिए भी बिजली व्यवस्था को तेजी से बहाल करने का प्रयास किया गया।

    घटना के बाद क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को अलग करने और सुरक्षित तरीके से आपूर्ति बहाल करने का काम जारी रहा। तकनीकी टीमों ने प्रभावित हिस्से की जांच और मरम्मत शुरू की, ताकि बिजली आपूर्ति को पूरी तरह स्थिर किया जा सके।

    अचानक हुए इस धमाके और आग की घटना ने पिंपरी-चिंचवड़ से लेकर पुणे तक बड़े क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया। करीब 3.10 लाख उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ा, जबकि मेट्रो और औद्योगिक गतिविधियां भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं। राहत की बात यह रही कि आग पर जल्द काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई।