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  • ऑस्ट्रेलियाई स्टार मेग लैनिंग ने बदली राह: विक्टोरिया से अलग होकर फ्रीलांस क्रिकेट करियर पर फोकस

    ऑस्ट्रेलियाई स्टार मेग लैनिंग ने बदली राह: विक्टोरिया से अलग होकर फ्रीलांस क्रिकेट करियर पर फोकस


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान Meg Lanning ने अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए विक्टोरिया के साथ स्टेट कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। 2026-27 घरेलू सीजन से लैनिंग अब पूरी तरह फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलती नजर आएंगी। महिला क्रिकेट में तेजी से बदलते दौर के बीच लैनिंग का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

    2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी मेग लैनिंग की लोकप्रियता और मांग में कोई कमी नहीं आई है। 34 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज लगातार दुनिया की बड़ी टी20 लीग्स का हिस्सा बनी हुई हैं। भारत की महिला प्रीमियर लीग में वह UP Warriorz की कप्तानी कर रही हैं, जबकि इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ प्रतियोगिता में Manchester Originals की कमान संभाल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने इस साल इंग्लैंड के टी20 ब्लास्ट के लिए लंकाशायर के साथ भी करार किया है।

    हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ने के बाद लैनिंग विक्टोरिया टीम से जुड़ी रहीं, लेकिन पिछले घरेलू सीजन में उनकी मौजूदगी बेहद सीमित रही। उन्होंने महिला नेशनल क्रिकेट लीग में केवल चार मुकाबले खेले और फिर अपना पूरा फोकस विदेशी फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर लगा दिया। यही वजह रही कि अब उन्होंने स्टेट कॉन्ट्रैक्ट से पूरी तरह अलग होने का फैसला कर लिया।

    विमेंस बिग बैश लीग में भी लैनिंग का प्रदर्शन शानदार रहा था। Melbourne Stars के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले सीजन 479 रन बनाए और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। इसके बावजूद फिलहाल उनके पास मेलबर्न स्टार्स का नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, जिससे उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    क्रिकेट खेलने के साथ-साथ लैनिंग अब कोचिंग की भूमिका में भी खुद को तैयार कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के साथ डेवलपमेंट कोच के रूप में काम किया। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले वर्षों में वह महिला क्रिकेट में मेंटर और कोच की भूमिका में भी बड़ी जिम्मेदारी निभा सकती हैं।

    क्रिकेट विक्टोरिया की महिला क्रिकेट प्रमुख कर्बी शॉर्ट ने लैनिंग के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि महिला क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों को अब दुनियाभर में नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने माना कि पिछले सीजन में विक्टोरिया टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, लेकिन संगठन लंबी योजना के साथ टीम को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

    विक्टोरिया टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। लैनिंग के अलावा सह-उपकप्तान एला हेवर्ड भी टीम छोड़ चुकी हैं। पिछले सीजन टीम 12 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। ऐसे में नए सीजन में टीम के पुनर्निर्माण की चुनौती और बड़ी हो गई है।

  • RCB को रहना होगा सतर्क: क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस के ये 5 खिलाड़ी पलट सकते हैं पूरा मैच

    RCB को रहना होगा सतर्क: क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस के ये 5 खिलाड़ी पलट सकते हैं पूरा मैच


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। बल्लेबाजी में साई सुदर्शन और शुभमन गिल की विस्फोटक जोड़ी से लेकर गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज की धार तक, जीटी के पास कई ऐसे हथियार हैं जो आरसीबी के फाइनल में पहुंचने के सपने को तोड़ सकते हैं।

    सबसे बड़ा खतरा इस समय साई सुदर्शन हैं। आईपीएल 2026 में उनका बल्ला जमकर बोल रहा है। सुदर्शन इस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं और उन्होंने 14 मैचों में 638 रन ठोक दिए हैं। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और आक्रामकता दोनों नजर आई हैं। अगर आरसीबी को मुकाबले में वापसी करनी है, तो उन्हें शुरुआती ओवरों में सुदर्शन का विकेट निकालना बेहद जरूरी होगा।

    सुदर्शन के साथ कप्तान शुभमन गिल ने भी गुजरात को कई शानदार शुरुआत दिलाई हैं। गिल इस सीजन 616 रन बना चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी काफी आक्रामक रहा है। बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखने वाले गिल पावरप्ले में मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल सकते हैं। धर्मशाला की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर गिल आरसीबी के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।

    मिडिल ऑर्डर में जोस बटलर गुजरात की सबसे बड़ी ताकत हैं। बड़े मैचों में उनका अनुभव टीम के काम आता है। बटलर इस सीजन 469 रन बना चुके हैं और कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाल चुके हैं। अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं, तो बटलर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से आरसीबी पर दबाव बना सकते हैं।

    गेंदबाजी में कगिसो रबाडा गुजरात के तुरुप का इक्का हैं। उनकी तेज रफ्तार और उछाल भरी गेंदें किसी भी बल्लेबाजी क्रम को हिला सकती हैं। 24 विकेट लेकर रबाडा इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं। धर्मशाला की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों को मदद देती हैं और ऐसे में रबाडा आरसीबी के टॉप ऑर्डर के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं।

    वहीं, मोहम्मद सिराज भी इस मुकाबले में खास भूमिका निभा सकते हैं। सिराज आरसीबी के पूर्व खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए वह टीम के बल्लेबाजों की कमजोरियों को अच्छी तरह जानते हैं। नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता गुजरात को बढ़त दिला सकती है।

    कुल मिलाकर गुजरात टाइटंस के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऐसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबला पलट सकते हैं। ऐसे में पहला क्वालिफायर बेहद रोमांचक और हाई-प्रेशर मुकाबला होने की उम्मीद है।

  • RCB के इन 5 खिलाड़ियों से GT को सबसे बड़ा खतरा: क्वालिफायर-1 में बदल सकते हैं मैच का रुख

    RCB के इन 5 खिलाड़ियों से GT को सबसे बड़ा खतरा: क्वालिफायर-1 में बदल सकते हैं मैच का रुख


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच हाईवोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच इस सीजन कांटे की टक्कर देखने को मिली है, लेकिन प्लेऑफ के दबाव वाले मैच में आरसीबी के कुछ खिलाड़ी गुजरात के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। विराट कोहली की अनुभवी बल्लेबाजी से लेकर भुवनेश्वर कुमार की घातक स्विंग तक, आरसीबी के कई मैच विनर खिलाड़ी जीटी की मुश्किलें बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

    सबसे पहले बात विराट कोहली की। बड़े मैचों में विराट का रिकॉर्ड हमेशा शानदार रहा है और इस सीजन भी वह जबरदस्त लय में दिखाई दिए हैं। 14 मैचों में 557 रन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि दबाव में उनका बल्ला और ज्यादा खतरनाक हो जाता है। अगर कोहली शुरुआती ओवरों में टिक गए, तो गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है।

    आरसीबी के लिए इस बार देवदत्त पडिक्कल भी एक्स फैक्टर बनकर उभरे हैं। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ जिम्मेदारी भी दिखाई है। 171 के स्ट्राइक रेट से 433 रन बनाकर पडिक्कल ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। धर्मशाला जैसे बल्लेबाजों के अनुकूल मैदान पर उनकी टाइमिंग और तेज रन गति गुजरात के लिए चिंता बढ़ा सकती है।

    टीम के कप्तान रजत पाटीदार भी शानदार फॉर्म में हैं। उनकी कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी ने आरसीबी को नई पहचान दी है। 183 के स्ट्राइक रेट से लगभग 400 रन बनाने वाले रजत मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बटोरते हैं। खास बात यह है कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका अटैकिंग गेम गुजरात के पेस अटैक की रणनीति बिगाड़ सकता है।

    गेंदबाजी में आरसीबी की सबसे बड़ी उम्मीद भुवनेश्वर कुमार हैं। इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल भुवनेश्वर नई गेंद से बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। अगर वह पावरप्ले में शुभमन गिल और साई सुदर्शन की जोड़ी को जल्दी तोड़ देते हैं, तो मैच का रुख पूरी तरह आरसीबी की तरफ जा सकता है।

    वहीं, आखिरी ओवरों में टिम डेविड गुजरात के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन सकते हैं। छोटी बाउंड्री वाले धर्मशाला स्टेडियम में डेविड की विस्फोटक बल्लेबाजी मैच पलटने का दम रखती है। लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले डेविड कुछ गेंदों में ही मुकाबले का नतीजा बदल सकते हैं।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो आरसीबी के पास अनुभव, आक्रामक बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। ऐसे में पहला क्वालिफायर रोमांच से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है और गुजरात टाइटंस को फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए आरसीबी के इन पांच खिलाड़ियों से खास तौर पर सावधान रहना होगा।

  • अयोध्या में राम दरबार की पहली वर्षगांठ पर भक्ति का महासागर, मंगला आरती से गूंजा मंदिर परिसर

    अयोध्या में राम दरबार की पहली वर्षगांठ पर भक्ति का महासागर, मंगला आरती से गूंजा मंदिर परिसर

    नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर परिसर स्थित राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाई जा रही है। सुबह मंगला आरती के साथ शुरू हुए कार्यक्रमों का सिलसिला देर रात तक जारी रहेगा। पूरे मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं, संतों और धर्माचार्यों की मौजूदगी से अयोध्या पूरी तरह राममय नजर आ रही है।

    सुबह 4 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी का विशेष अभिषेक किया गया। शंख, घंटों और घड़ियाल की गूंज के बीच मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। संत-महंत और श्रद्धालु हाथ जोड़कर पूजा-अर्चना में शामिल हुए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

    अभिषेक के बाद भगवान को पीतांबर वस्त्र धारण कराए गए और विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और राम नाम संकीर्तन का दौर लगातार जारी है। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। दोपहर में भगवान श्रीराम को 56 भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें देशभर के पारंपरिक व्यंजन शामिल रहेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान कथा व्यास सत्यनारायण दास और शिवम पांडेय भगवान श्रीराम की लीलाओं का वर्णन करेंगे। वहीं दक्षिण भारत से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए रामभक्ति का रंग और गहरा करेंगे।

    शाम को मां सरयू की 5051 बत्तियों से भव्य महाआरती होगी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सरयू तट पर फूल बंगला झांकी भी सजाई जाएगी, जो आकर्षण का केंद्र रहेगी। शाम 5 बजे से 7 बजे तक भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा।

    इसके अलावा राम मंदिर परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर के शिखर पर 29 मई को ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में साध्वी ऋतम्भरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जुड़ी पदाधिकारी भी आयोजन में मौजूद रहेंगी।

    राम दरबार की पहली वर्षगांठ पर अयोध्या में श्रद्धा, संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

  • IPL 2026 क्वालिफायर-1 में रोमांचक भिड़ंत: RCB बनाम GT, जानें किसका पलड़ा भारी हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में

    IPL 2026 क्वालिफायर-1 में रोमांचक भिड़ंत: RCB बनाम GT, जानें किसका पलड़ा भारी हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के प्लेऑफ चरण की शुरुआत एक बड़े मुकाबले के साथ होने जा रही है, जहां पहले क्वालिफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी। यह हाई-वोल्टेज मुकाबला मंगलवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेंगी।

    आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में कड़ा संघर्ष देखने को मिला है। दोनों टीमों के बीच कुल 8 मैच खेले गए हैं, जिसमें दोनों ने 4-4 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि दोनों टीमें एक-दूसरे को बराबरी की टक्कर देती रही हैं।

    आईपीएल 2026 में दोनों टीमों की भिड़ंतों में भी रोमांच देखने को मिला है। पहली बार जब दोनों टीमें आमने-सामने आई थीं, तब आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट से जीत दर्ज की थी। वहीं, दूसरी भिड़ंत में गुजरात टाइटंस ने वापसी करते हुए आरसीबी को 4 विकेट से हराकर हिसाब बराबर कर दिया।

    प्लेऑफ में आरसीबी का रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है। टीम अब तक तीन बार पहले क्वालिफायर में खेल चुकी है, जिसमें दो बार उसे जीत मिली है। 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हार के अलावा टीम ने 2016 में गुजरात लायंस और 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

    वहीं गुजरात टाइटंस का प्रदर्शन भी क्वालिफायर मुकाबलों में मिला-जुला रहा है। टीम ने 2022 में राजस्थान रॉयल्स को हराकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था।

    ऐसे में धर्मशाला की ठंडी हवाओं के बीच यह मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां दोनों टीमें फाइनल की टिकट हासिल करने के लिए पूरा जोर लगाएंगी।

  • ईंधन बाजार में फिर झटका, दिल्ली में सीएनजी ₹83 के पार, कच्चे तेल की तेजी से बढ़ा दबाव

    ईंधन बाजार में फिर झटका, दिल्ली में सीएनजी ₹83 के पार, कच्चे तेल की तेजी से बढ़ा दबाव

    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश सहित देशभर में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी उपभोक्ताओं को भी महंगाई का नया झटका लगा है। राजधानी दिल्ली में मंगलवार से सीएनजी की कीमत में 2 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि लागू कर दी गई है। नई कीमतों के बाद दिल्ली में सीएनजी अब 83.09 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध होगी। हाल के दिनों में ईंधन बाजार में लगातार हो रहे संशोधन ने परिवहन क्षेत्र से लेकर आम घरेलू बजट तक व्यापक असर डालना शुरू कर दिया है।

    बीते कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सीएनजी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। पिछले 11 दिनों के दौरान इसकी कीमत में कुल 6 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई है। अलग-अलग तारीखों में कई चरणों में बढ़ोतरी की गई, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है। सीएनजी को लंबे समय से पेट्रोल और डीजल की तुलना में किफायती विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन मौजूदा बढ़ोतरी के बाद इसका लाभ पहले की अपेक्षा कम होता दिखाई दे रहा है। सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी सेवाओं और निजी वाहनों का बड़ा वर्ग सीएनजी पर निर्भर करता है, ऐसे में कीमतों में यह बदलाव सीधे लाखों लोगों को प्रभावित कर सकता है।

    सीएनजी से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल के दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सोमवार को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी में नई दरों के बाद पेट्रोल और डीजल दोनों ही ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले दस दिनों में कई बार ईंधन दरों में संशोधन किया गया है, जिससे वाहन चालकों के लिए रोजाना का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। ईंधन कीमतों में हो रही वृद्धि का प्रभाव केवल निजी वाहन उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका असर माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी दिखाई देता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से बाजार में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। जब परिवहन लागत बढ़ती है तो इसका सीधा असर रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पादों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में आम जनता को अप्रत्यक्ष रूप से और अधिक आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ सकता है।

    दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में भी सीएनजी की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में नई दरें पहले से अधिक स्तर पर पहुंच चुकी हैं। मुंबई में भी सीएनजी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि यह प्रभाव केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं है बल्कि देश के कई हिस्सों में ऊर्जा बाजार दबाव की स्थिति में है।

    विशेषज्ञ वैश्विक परिस्थितियों को इस तेजी की प्रमुख वजह मान रहे हैं। मध्य-पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर दबाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में होने वाला उतार-चढ़ाव घरेलू ईंधन कीमतों पर सीधा प्रभाव डालता है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं होते हैं तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

  • मां की उम्मीद ने तोड़ा दिल: बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक प्रार्थना, डेडबॉडी से खून बहता रहा

    मां की उम्मीद ने तोड़ा दिल: बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक प्रार्थना, डेडबॉडी से खून बहता रहा


    विदिशा । विदिशा जिले में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां अपने बेटे की मौत के बाद भी उसे जीवित मानकर पांच दिनों तक उसके शव के पास बैठी रही और लगातार प्रार्थना करती रही। महिला ने बेटे के सीने पर बाइबिल रख दी थी और उसे जिंदा करने की उम्मीद में लगातार धार्मिक अनुष्ठान करती रही।

    मृतक की पहचान शीनू वर्गिस (42) के रूप में हुई है, जो मुंबई में फैशन डिजाइनिंग का काम करता था और कुछ समय से अपनी मां के साथ विदिशा में रह रहा था। पिता की मौत के बाद वह मां की देखभाल के लिए उनके साथ रह रहा था।

    पड़ोसियों और पुलिस के अनुसार, महिला मरियमा वर्गिस ने बेटे की मौत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें विश्वास था कि प्रार्थना और बाइबिल रखने से उनका बेटा वापस जीवित हो जाएगा। इसी कारण शव को घर में ही रखा गया और अंतिम संस्कार नहीं किया गया।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब दूध विक्रेता सुबह घर पर पहुंचा और दरवाजे के नीचे से तेज दुर्गंध और खून बहता देखा। इसके बाद आसपास के लोगों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस जब मौके पर पहुंची तो महिला ने उन्हें घर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की और दरवाजा बंद करने का प्रयास भी किया। काफी समझाने के बाद पुलिस अंदर दाखिल हुई, जहां कमरे में शीनू का शव पड़ा मिला। शव के ऊपर बाइबिल रखी हुई थी और धार्मिक सामग्री भी मौजूद थी।

    पुलिस के अनुसार, शव लगभग पांच दिन पुराना था और उसमें दुर्गंध तथा कीड़े लग चुके थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक लंबे समय से बीमार था।

    फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। महिला को निगरानी में रखा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

    यह घटना न सिर्फ मानवीय संवेदना को झकझोरती है, बल्कि मानसिक स्थिति और जागरूकता को लेकर भी कई सवाल खड़े करती है।

  • वैश्विक तनाव का घरेलू बाजार पर असर, ऑयल-गैस शेयरों में बिकवाली से शुरुआती कारोबार रहा सुस्त

    वैश्विक तनाव का घरेलू बाजार पर असर, ऑयल-गैस शेयरों में बिकवाली से शुरुआती कारोबार रहा सुस्त


    नई दिल्ली । कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनावपूर्ण माहौल के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की। कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल दिखाई दिया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ तौर पर नजर आया। शुरुआती कारोबार में बाजार सीमित दायरे में चलता दिखाई दिया और कई प्रमुख सेक्टर दबाव में कारोबार करते रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे मिश्रित संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियां फिलहाल निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रही हैं और इसी कारण घरेलू बाजार में भी सतर्कता का रुख देखने को मिल रहा है।

    शुरुआती कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हल्की गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी दबाव में नजर आया। बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर सबसे अधिक दबाव ऑयल और गैस क्षेत्र के शेयरों की ओर से दिखाई दिया। इस क्षेत्र में बिकवाली के चलते निवेशकों का रुझान कमजोर रहा। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो, प्राइवेट बैंकिंग, रियल्टी, मेटल और वित्तीय सेवाओं से जुड़े सेक्टरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी दर्ज की गई।

    हालांकि बाजार की पूरी तस्वीर नकारात्मक नहीं रही। कुछ सेक्टरों ने सीमित स्तर पर बाजार को सहारा देने की कोशिश की। मीडिया, रक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े शेयरों में मजबूती दिखाई दी। टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। चुनिंदा बड़ी कंपनियों में भी तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार में गिरावट अधिक गहरी नहीं हो सकी। इससे यह संकेत भी मिला कि निवेशक पूरी तरह सतर्क जरूर हैं, लेकिन चुनिंदा क्षेत्रों में अवसर तलाशने की रणनीति भी अपनाई जा रही है।

    लार्जकैप कंपनियों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार के इन दोनों वर्गों में खरीदारी का माहौल दिखाई दिया और सूचकांकों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार के कुछ हिस्सों में बना हुआ है। छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार के भीतर अलग रुझान देखने को मिला।

    दूसरी ओर, वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित स्थिति बनी रही। कई एशियाई बाजार दबाव में कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि कुछ बाजारों में सीमित बढ़त दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और समुद्री क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर ऊर्जा लागत और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि तेल की कीमतों में यह तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका प्रभाव विभिन्न सेक्टरों की लागत और बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले कारोबारी संकेतों पर टिकी हुई है।

  • विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना

    विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना


    विदिशा । विदिशा शहर के माधवगंज चौराहे स्थित होटल राजावत में मंगलवार सुबह अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब होटल के मीटर बॉक्स से धुआं निकलता देखा गया। शुरुआती तौर पर कर्मचारियों को स्थिति समझ नहीं आई, लेकिन कुछ ही देर में चिंगारियां निकलने लगीं और आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया।

    होटल स्टाफ ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। साथ ही होटल में मौजूद अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग को फैलने से पहले ही मीटर बॉक्स तक सीमित कर दिया गया।

    सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पानी डालकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    होटल संचालक महिपाल सिंह ने बताया कि यदि मौके पर अग्निशमन यंत्र मौजूद नहीं होते तो आग तेजी से फैल सकती थी और होटल को भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

    संचालक ने अन्य व्यापारियों, होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों में अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

  • सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

    सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी


    सीहोर। सीहोर जिले के बिजौरी गांव में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग की समस्या ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से परेशान लोग सड़क पर उतर आए और विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली आपूर्ति का कोई तय समय नहीं है। कभी भी बिजली गुल हो जाती है और लंबे समय तक बहाल नहीं होती। इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। रात के समय जहां लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, वहीं दिन में जरूरी घरेलू और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

    बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर और पंप बंद रहने से गांव में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई घरों में पीने के पानी तक की किल्लत हो रही है।

    इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी और अंधेरे के कारण छात्र-छात्राएं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और बीमार लोग भी लगातार परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी समय पर बिल वसूलने में कोई देरी नहीं करती, लेकिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे जमीन पर दिखाई नहीं देते।

    लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे।