Blog

  • भारतीय नौसेना को मिली नई सामरिक ताकत, एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर हुआ शामिल; भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पहुंचा नए स्तर पर

    भारतीय नौसेना को मिली नई सामरिक ताकत, एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर हुआ शामिल; भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पहुंचा नए स्तर पर

    नई दिल्ली । भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उसके बेड़े में एक और अत्याधुनिक MH-60R सीहॉक नौसैनिक हेलीकॉप्टर शामिल किया गया है। इस नई डिलीवरी के साथ भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को नई गति मिली है। आधुनिक तकनीक से लैस यह हेलीकॉप्टर समुद्री सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी अभियानों और निगरानी क्षमताओं को पहले से अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

    भारत अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक उपस्थिति को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से अमेरिका से 24 MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों की खरीद का समझौता किया गया था। इन हेलीकॉप्टरों की चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति की जा रही है और नई खेप के शामिल होने से भारतीय नौसेना की युद्धक तैयारियों को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।

    यह हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक मल्टी-रोल नौसैनिक प्लेटफॉर्म के रूप में जाना जाता है। इसे विशेष रूप से पनडुब्बियों का पता लगाने, समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, विशेष नौसैनिक ऑपरेशन और युद्धकालीन मिशनों के लिए विकसित किया गया है। आधुनिक रडार, सोनार, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और उन्नत हथियार प्रणालियों से लैस होने के कारण यह समुद्र में लंबी दूरी तक प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम है।

    भारतीय नौसेना इन हेलीकॉप्टरों को अपने युद्धपोतों पर तैनात करेगी, जिससे समुद्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी। विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक चुनौतियों और समुद्री गतिविधियों के बीच यह क्षमता भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक से लैस यह प्लेटफॉर्म समुद्री सीमाओं की निगरानी के साथ-साथ संभावित खतरों की समय रहते पहचान करने में भी सहायक होगा।

    भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देश रक्षा तकनीक, संयुक्त अभ्यास, सैन्य उपकरणों की आपूर्ति और रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। नवीनतम हेलीकॉप्टर की डिलीवरी को इसी व्यापक रक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह साझेदारी केवल सैन्य क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के साझा उद्देश्य को भी दर्शाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय नौसेना के लिए आधुनिक नौसैनिक हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा, पनडुब्बियों की निगरानी और बहुआयामी नौसैनिक अभियानों के दौरान ऐसे प्लेटफॉर्म निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इससे भारतीय नौसेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और दूरदराज समुद्री क्षेत्रों में संचालन की दक्षता भी बढ़ेगी।

    आने वाले समय में शेष हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति पूरी होने के बाद भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमता में और व्यापक विस्तार होने की उम्मीद है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इन प्लेटफॉर्मों के शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी रणनीतिक उपस्थिति को भी नई मजबूती मिलेगी। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारत की दीर्घकालिक समुद्री सुरक्षा रणनीति और आधुनिक सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

  • राहु और सूर्य के अशुभ संयोग से ज्योतिष जगत में मची खलबली, करियर, सेहत और धन के मोर्चे पर इन जातकों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

    राहु और सूर्य के अशुभ संयोग से ज्योतिष जगत में मची खलबली, करियर, सेहत और धन के मोर्चे पर इन जातकों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का राशि परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डालने वाली खगोलीय घटना मानी जाती है। सूर्य देव मिथुन राशि से अपनी यात्रा पूरी कर अपने मित्र ग्रह चंद्रमा की स्वामित्व वाली राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं। सूर्य का यह गोचर जहां सामान्य रूप से मौसम और व्यवस्था में बदलाव लाता है, वहीं इस बार ब्रह्मांड में एक बेहद अशुभ, तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण योग का निर्माण भी कर रहा है। कर्क राशि में सूर्य के आते ही कुंभ राशि में पहले से गोचर कर रहे मायावी ग्रह राहु के साथ उनका षडाष्टक संबंध सक्रिय हो गया है। ज्योतिषीय गणनाओं में षडाष्टक योग को अत्यंत विनाशकारी, मानसिक अशांति बढ़ाने वाला और आकस्मिक दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने वाला माना जाता है। इसके साथ ही सूर्य-केतु का द्विद्वादश योग और गुरु-सूर्य की युति भी प्रभावी हो गई है, जिससे वृषभ सहित चार राशियों को अगले एक महीने तक कदम-कदम पर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    इस अशुभ ग्रहीय दशा के कारण वृषभ राशि के जातकों के लिए आगामी एक महीने का समय काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है। विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय अपनी वाणी पर कड़ा संयम रखना होगा। वैचारिक मतभेद बढ़ने से बने-बनाए काम बिगड़ने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, इस अवधि में किसी भी प्रकार के बड़े वित्तीय लेन-देन या नए निवेश से पूरी तरह बचना ही समझदारी होगी।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर उनके द्वितीय भाव में हो रहा है, जहां राहु से षडाष्टक संबंध बनने के कारण सबसे ज्यादा असर उनके स्वास्थ्य पर देखने को मिल सकता है। इस दौरान मुख्य रूप से आंखों और पेट से संबंधित पुरानी बीमारियां दोबारा उभर सकती हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी अचानक किसी अप्रत्याशित और बड़े खर्च के सामने आने से घरेलू बजट पूरी तरह से डगमगा सकता है। इस राशि के लोगों को अपने गुप्त शत्रुओं और विरोधियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखनी होगी।

    तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर उनके कार्यस्थल पर अत्यधिक काम का दबाव और मानसिक तनाव लेकर आ रहा है। पेशेवर मोर्चे पर ऐसी स्थितियां बन सकती हैं जहां आपकी कड़ी मेहनत का श्रेय किसी अन्य सहकर्मी को मिल जाए। ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि इस एक महीने के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और वर्तमान नौकरी बदलने का विचार पूरी तरह त्याग दें। पारिवारिक जीवन में भी जीवनसाथी के साथ वैचारिक तालमेल की कमी के कारण छोटी-छोटी बातों पर गृह क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

    कुंभ राशि के जातकों पर इस योग का सबसे गहरा और सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि राहु वर्तमान में इसी राशि में विराजमान हैं। सूर्य और राहु के आमने-सामने आने से जातक के भीतर एक अनजाना डर, मानसिक भ्रम और अनिर्णय की स्थिति बनी रहेगी। इस अवधि में किसी भी प्रकार की अनावश्यक या लंबी दूरी की यात्राओं से बचना अनिवार्य है। सड़कों पर वाहन चलाते समय शत-प्रतिशत सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि इस दौरान चोट अथवा वाहन दुर्घटना के ज्योतिषीय योग प्रबल दिखाई दे रहे हैं। इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए जातकों को नियमित रूप से भगवान शिव का जलाभिषेक करने और सूर्य देव को कुमकुम मिश्रित जल से अर्घ्य देने की सलाह दी गई है।

  • 'मेरा बस चलता तो 5-6 बच्चे पैदा करती', चैरिटी इवेंट में भावुक हुईं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा

    'मेरा बस चलता तो 5-6 बच्चे पैदा करती', चैरिटी इवेंट में भावुक हुईं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा इन दिनों मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर लगातार अपनी बेबाक बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। बैक-टू-बैक रियलिटी शोज और एकता कपूर की आगामी फिल्म में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद सुनीता की लोकप्रियता में भारी इजाफा देखा जा रहा है। हाल ही में रियलिटी शो ‘लॉकअप’ से बाहर आने के बाद वे गुरुवार को माइंड कोच सारा अरफीन खान की फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक विशेष चैरिटी इवेंट में शामिल होने पहुंचीं, जहां मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और पारिवारिक प्राथमिकताओं पर खुलकर बात की।

    यह चैरिटी इवेंट सुनीता आहूजा के लिए बेहद खास और भावनात्मक रहा, क्योंकि 16 जुलाई को ही उनकी बेटी टीना का भी जन्मदिन है। इस खास मौके पर गरीब बच्चों के बीच समय बिताने और उन्हें दान देने को लेकर सुनीता ने अपनी गहरी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस नेक काम के लिए मुख्य आयोजक सारा अरफीन खान का आभार व्यक्त किया। इवेंट के दौरान सुनीता और सारा ने जरूरतमंद बच्चों को मानसून के मौसम को देखते हुए रेनकोट और छाते वितरित किए। इस दौरान बच्चों ने भी सुनीता पर भरपूर प्यार लुटाया और पैपराजी ने इस पूरे दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया।

    कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए सुनीता आहूजा ने बच्चों के प्रति अपने अत्यधिक लगाव को साझा किया। उन्होंने एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें बच्चे बहुत ज्यादा पसंद हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर उनका बस चलता तो वे केवल दो बच्चों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि 5 से 6 बच्चे पैदा करतीं। बच्चों को भगवान का रूप बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे पूरी तरह से मासूम और पवित्र होते हैं और उनके मन में किसी भी प्रकार का छल-कपट या द्वेष नहीं होता है। इसी बातचीत में उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि ‘लॉकअप’ शो के भीतर होने वाली अत्यधिक लड़ाइयों को देख-देखकर उनका डायबिटीज का स्तर भी काफी बढ़ गया है।

    बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जब एक रिपोर्टर ने उनसे अभिनेता गोविंदा के आगामी चर्चित प्रोजेक्ट ‘रूपा’ को लेकर सवाल पूछा और उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो सुनीता के तेवर अचानक बदल गए। उन्होंने इस विषय पर किसी भी तरह की चर्चा करने से साफ मना कर दिया। सुनीता ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि यह पवित्र चैरिटी इवेंट इस तरह के व्यावसायिक प्रोजेक्ट या ‘रूपा’ के बारे में बात करने के लिए बिल्कुल सही जगह नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट चिढ़ और असहमति व्यक्त की।

    सुनीता आहूजा ने वहां मौजूद पैपराजी और मीडिया कर्मियों से सीधे तौर पर अपील करते हुए कहा कि वे केवल उनके और उनके बेटे यशवर्धन की आने वाली फिल्म से जुड़े रचनात्मक पहलुओं पर ही बात करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने काम के अलावा किसी अन्य व्यक्ति या विषय को लेकर कोई डिस्कशन नहीं करना चाहती हैं। अपने बेटे यशवर्धन की तारीफों के पुल बांधते हुए सुनीता ने कहा कि उनका बेटा बेहद संस्कारी है और उसकी परवरिश उन्होंने खुद बहुत अच्छे मूल्यों के साथ की है। उन्होंने विश्वास जताया कि यशवर्धन का काम बेहद शानदार है और वह आने वाले समय में 100 प्रतिशत अपने पिता गोविंदा से भी काफी आगे निकल जाएगा।

  • स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी रण से पहले वायरल हुई 'टाइम ट्रैवलर' की पोस्ट, क्या सच होगी अर्जेंटीना की खिताबी जीत का दावा

    स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी रण से पहले वायरल हुई 'टाइम ट्रैवलर' की पोस्ट, क्या सच होगी अर्जेंटीना की खिताबी जीत का दावा

    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के सबसे बड़े महाकुंभ, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर पूरी दुनिया में रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। खिताबी भिड़ंत स्पेन और डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के बीच होनी तय हुई है। इस महामुकाबले से पहले एक अविश्वसनीय और हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने खेल प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स के होश उड़ा दिए हैं। इंटरनेट पर करीब पांच साल पुराना एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इस बात की सटीक भविष्यवाणी की गई थी कि साल 2026 के विश्व कप फाइनल में कौन सी टीमें पहुंचेंगी और कौन ट्रॉफी उठाएगा।

    इस पूरे कौतूहल की शुरुआत ‘actuallyimthe’ नामक एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से हुई है। इस अकाउंट द्वारा 12 जुलाई 2021 को एक पोस्ट साझा की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि साल 2026 के वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना की टीम स्पेन को 3-2 के कड़े अंतर से हराकर विश्व विजेता बनेगी। जैसे ही दोनों टीमों ने मौजूदा टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया, यह पांच साल पुरानी पोस्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जंगल में आग की तरह फैल गई। फुटबॉल प्रशंसक इस पोस्ट को देखकर पूरी तरह अचंभित हैं और कई लोग इस अकाउंट संचालक को मजाकिया लहजे में ‘टाइम ट्रैवलर’ की संज्ञा दे रहे हैं।

    सांख्यिकीय और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो स्पेन और अर्जेंटीना का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 14 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस कड़े मुक़ाबले में दोनों ही टीमों का पलड़ा हमेशा बराबरी पर रहा है, जहां दोनों देशों ने 6-6 बार जीत का स्वाद चखा है, जबकि 2 मैच बराबरी यानी ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। इतने लंबे इतिहास के बावजूद फीफा विश्व कप के मुख्य मंच पर दोनों टीमें केवल एक ही बार, साल 1966 के विश्व कप ग्रुप स्टेज में आमने-सामने आई थीं, जहां अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से पराजित किया था। मैदान पर कड़ी प्रतिद्वंद्विता के बाद भी दोनों टीमों के बीच हमेशा गहरा सम्मान देखा जाता है।

    वायरल हो रही इस ऐतिहासिक भविष्यवाणी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधा हिस्सा पूरी तरह सच साबित हो चुका है, जिसने दोनों टीमों को फाइनल के मुहाने पर ला खड़ा किया है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को 2-0 के एकतरफा अंतर से मात देकर बेहद शान से फाइनल का टिकट कटाया था। मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते के मार्गदर्शन में स्पेनिश टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने सिग्नेचर पासिंग गेम, आक्रामक रणनीति और अभेद्य डिफेंस के दम पर अब तक पूरी तरह अजेय और बेहद खतरनाक नजर आई है।

    दूसरी तरफ, दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने भी चमत्कारी प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के शुरुआती मिनटों में ही एक गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। कप्तान लियोनेल मेसी के दो जादुई असिस्ट और स्टार स्ट्राइकर लाउतारो मार्टिनेज के निर्णायक विनिंग गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से धूल चटाकर फाइनल में प्रवेश किया। इस रविवार को होने वाले महामुकाबले में अर्जेंटीना के पास इस 5 साल पुरानी भविष्यवाणी को सच साबित करने का सुनहरा मौका होगा। यदि अर्जेंटीना यह फाइनल मुकाबला जीतने में सफल रहती है, तो वह लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम कर इतिहास रच देगी। पुरुष फुटबॉल के इतिहास में साल 1962 में ब्राजील के बाद से आज तक कोई भी टीम अपने विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव नहीं कर पाई है।

  • ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आदित्य धर की 'धुरंधर' का जबरदस्त दबदबा, प्रभास की फ्लॉप फिल्म 'द राजा साब' को भी दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया

    ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आदित्य धर की 'धुरंधर' का जबरदस्त दबदबा, प्रभास की फ्लॉप फिल्म 'द राजा साब' को भी दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया


    नई दिल्ली ।
    देश के डिजिटल मनोरंजन जगत में दर्शकों की पसंद और व्यूअरशिप के आंकड़ों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आई है। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों के भीतर ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुई तमाम फिल्मों, वेब सीरीज और रियलिटी शोज का पूरा हिसाब-किताब लेकर प्रसिद्ध मीडिया कंसल्टिंग फर्म ओरमैक्स मीडिया ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी कर दी है। इस अर्धवार्षिक रिपोर्ट के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि इंटरनेट और डिजिटल स्क्रीन पर इस वक्त किस कंटेंट का दबदबा है। रिपोर्ट के अनुसार, मशहूर कॉमेडियन समय रैना के रियलिटी शो ने व्यूअरशिप के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए सूची में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि अभिनेता रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म ने भी डिजिटल बाजार में अपनी मजबूत धाक जमाई है।

    जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समय रैना के बेहद चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ ने रिलीज होते ही इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक अभूतपूर्व तहलका मचाया है। इस शो को भारत में रिकॉर्ड तोड़ 38.5 मिलियन (करीब 3.85 करोड़) व्यूज मिले हैं, जिसके साथ यह साल 2026 का अब तक का सबसे बड़ा और सफल हिट शो बनकर उभरा है। समय रैना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका एक और स्टैंड-अप स्पेशल शो ‘स्टिल अलाइव’ भी 13.1 मिलियन व्यूज बटोरने में कामयाब रहा और उसने शीर्ष 50 की सूची में 15वां स्थान अपने नाम किया। एक ही समय में दो अलग-अलग शोज का शीर्ष श्रेणियों में बने रहना डिजिटल स्पेस में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

    इस सूची में दूसरा सबसे बड़ा नाम निर्देशक आदित्य धर की महत्वाकांक्षी एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ का है, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में नजर आए हैं। सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन और बॉक्स ऑफिस पर गदर मचाने के बाद इस फिल्म ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भी अपनी सफलता के झंडे गाड़े हैं। यह फिल्म 35.2 मिलियन व्यूज के साथ सूची में चौथे स्थान पर रही, जबकि इसके तुरंत बाद रिलीज हुए दूसरे भाग यानी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को भी भारतीय दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। इस सीक्वल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 27.8 मिलियन व्यूज हासिल किए और टॉप 10 शोज की सूची में छठा स्थान अपने नाम करने में सफलता पाई।

    ओरमैक्स की इस रिपोर्ट से एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला ट्रेंड भी सामने आया है, जिसमें देखा गया कि कुछ फिल्में बड़े पर्दे पर फ्लॉप होने के बावजूद ओटीटी पर सुपरहिट साबित हुईं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दक्षिण भारतीय सुपरस्टार प्रभास की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ है। यह फिल्म सिनेमाघरों के बॉक्स ऑफिस पर भले ही कोई विशेष कमाल दिखाने में पूरी तरह सुस्त और असफल रही हो, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आते ही दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया और 17.5 मिलियन व्यूज के साथ यह शीर्ष 10 में 9वें पायदान पर जगह बनाने में कामयाब रही। इसके अलावा गंभीर विषयों और बेहतरीन अभिनय से सजी नसीरुद्दीन शाह और जिम सरभ की नई ड्रामा सीरीज ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ को भी समीक्षकों की तारीफों के साथ-साथ 17.8 मिलियन दर्शकों का मजबूत साथ मिला।

    इस व्यापक सर्वेक्षण सूची में कंटेंट आधारित और मनोरंजन से भरपूर कई अन्य शोज को भी शामिल किया गया है, जिसमें जियोहॉटस्टार की मौलिक सीरीज ‘चिरैया’ को 16.3 मिलियन व्यूज और जाने-माने फिल्म निर्माता नीरज पांडे की खोजी सीरीज ‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’ को 14.2 मिलियन व्यूज के साथ सराहा गया है। लोकप्रिय टेलीविजन और डिजिटल शो ‘लाफ्टर शेफ्स सीजन 3’ ने भी 14.1 मिलियन व्यूज लेकर 12वां स्थान पाया है। ओरमैक्स मीडिया ने स्पष्ट किया है कि यह राष्ट्रीय रिपोर्ट पूरे देश के विभिन्न हिस्सों से साप्ताहिक आधार पर 3,000 से अधिक सक्रिय ओटीटी उपभोक्ताओं के गहन सर्वेक्षण और वैज्ञानिक डेटा विश्लेषण के बाद तैयार की गई है, जिसमें कम से कम 30 मिनट तक देखे गए कंटेंट को ही मुख्य मानक माना गया है।

  • सोहेल खान ने बयां किया बचपन में हुए यौन उत्पीड़न का भयानक दर्द, सालों बाद पिता के सामने खोला जिंदगी का सबसे बड़ा राज

    सोहेल खान ने बयां किया बचपन में हुए यौन उत्पीड़न का भयानक दर्द, सालों बाद पिता के सामने खोला जिंदगी का सबसे बड़ा राज

    नई दिल्ली । भारतीय मनोरंजन उद्योग के जाने-माने अभिनेता और फिल्म निर्माता सोहेल खान ने अपने जीवन के एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक अनुभव को साझा करते हुए बड़ा खुलासा किया है। एक चर्चित रियलिटी शो के मंच पर उन्होंने स्वीकार किया कि बचपन के दिनों में वे लंबे समय तक यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) का शिकार रहे थे। उन्होंने इस बेहद खौफनाक और तकलीफदेह राज को कई वर्षों तक अपने दिल में दबाए रखा था और किसी से भी इसका जिक्र नहीं किया था। जब वे बड़े हुए और इस मानसिक आघात को समझने में सक्षम हुए, तब जाकर उन्होंने अपने पिता और फिल्म जगत के दिग्गज लेखक सलीम खान के सामने इस सत्य को उजागर किया था।

    टेलीविजन स्क्रीन पर प्रसारित हो रहे इस रियलिटी शो के हालिया एपिसोड के दौरान जब घर के सभी प्रतिभागी रैगिंग और बदमाशी (बुलींग) जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, तब सोहेल खान ने अपनी जीवन यात्रा के इस स्याह पन्ने को सबके सामने रखा। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि जब वे बहुत छोटे थे, तब कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके साथ बार-बार इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया था। लोक-लाज और सामाजिक संकोच के कारण वे बचपन में किसी के भी सामने अपना दर्द बयां नहीं कर सके थे, जिसके कारण वे लंबे समय तक मानसिक तनाव से गुजरते रहे।

    अपने पिता के साथ हुए उस भावनात्मक संवाद को याद करते हुए सोहेल खान ने बताया कि वयस्क होने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपने पिता से कहा था कि बचपन में उनके साथ ऐसा दुर्व्यवहार हुआ था। यह सुनकर उनके पिता भी स्तब्ध रह गए थे और उन्होंने बेहद दुख के साथ पूछा था कि उन्होंने यह बात इतने सालों तक क्यों छुपा कर रखी। इस पर सोहेल ने अपने पिता से माफी मांगते हुए कहा था कि भले ही इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी, लेकिन उस उम्र में वे इस विषय पर बात करने को लेकर बेहद शर्मिंदगी और डर महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चा खुद को ही दोषी मानने लगता है, जो कि पूरी तरह गलत है।

    इस गहरे व्यक्तिगत अनुभव से सीख लेते हुए सोहेल खान ने बताया कि वे अपने दोनों बेटों, निर्वान और योहान की परवरिश को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। वे लगातार अपने बच्चों से संवाद करते हैं और उन्हें यह हिदायत देते हैं कि यदि स्कूल, कॉलेज या समाज में कोई भी व्यक्ति उन्हें किसी भी तरह से परेशान या प्रताड़ित करने की कोशिश करे, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट या डर के तुरंत अपने माता-पिता को बताएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बच्चे को कभी भी किसी भी अत्याचार को चुपचाप सहन नहीं करना चाहिए, क्योंकि चुप्पी अपराधियों के हौसले और ज्यादा बुलंद करती है।

    इस बेहद संवेदनशील और साहसी खुलासे के बाद रियलिटी शो के सह-प्रतियोगियों ने सोहेल खान के साहस और ईमानदारी की जमकर सराहना की। शो के अन्य सदस्यों ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया और समाज के सामने इस विषय पर खुलकर बोलने के लिए उनकी बहादुरी को सलाम किया। वर्तमान में इस चर्चित रियलिटी शो की कमान अभिनेता कुणाल खेमू के हाथों में है, जो इसे होस्ट कर रहे हैं। हाल के दिनों में इस शो की लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है, जिसमें सोहेल खान के साथ-साथ उनकी पूर्व पत्नी सीमा सजदेह और टीवी अभिनेता अली गोनी जैसे कई मशहूर चेहरे एक प्रतियोगी के रूप में गेम खेल रहे हैं।

  • आगामी 24 जुलाई को बॉक्स ऑफिस पर देखने को मिलेगा महामुकाबला, विक्रांत मैसी और केके मेनन की चर्चित सीरीज समेत चार बड़े प्रोजेक्ट्स होंगे रिलीज

    आगामी 24 जुलाई को बॉक्स ऑफिस पर देखने को मिलेगा महामुकाबला, विक्रांत मैसी और केके मेनन की चर्चित सीरीज समेत चार बड़े प्रोजेक्ट्स होंगे रिलीज

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए आने वाले कुछ महीने मनोरंजन से भरपूर होने वाले हैं। वैश्विक फिल्म डेटाबेस प्लेटफॉर्म आईएमडीबी द्वारा जारी की गई सर्वाधिक प्रतीक्षित भारतीय फिल्मों और वेब सीरीज की ताजा रियल-टाइम व्यूज सूची में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इस सूची में सुपरस्टार यश की बहुचर्चित एक्शन क्राइम ड्रामा फिल्म ‘टॉक्सिक’ ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। दर्शकों की बढ़ती उत्सुकता और डिजिटल सर्च के आधार पर तैयार की गई इस सूची में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले 10 बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है, जो आगामी महीनों में बड़े पर्दे और विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    इस सूची में शीर्ष पर काबिज कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ आगामी 26 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। एक एक्शन क्राइम ड्रामा के रूप में तैयार की गई इस फिल्म की निर्माण प्रक्रिया और रिलीज की तारीखों में पूर्व में कई बार बदलाव किए जा चुके हैं। फिल्म के शुरुआती टीज़र के आने के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में गहरा कौतूहल बना हुआ है। सूची में दूसरे स्थान पर तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और लोकप्रिय अभिनेता सी. जोसेफ विजय की अंतिम फिल्म ‘जन नायगन’ बनी हुई है। सेंसरशिप की जटिलताओं के कारण लंबे समय तक अटकी रहने के बाद आखिरकार इस फिल्म को 23 जुलाई की रिलीज डेट मिल गई है, जिसे लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

    इसके अलावा, आर. माधवन और कृष्णकुमार रामकुमार की मुख्य भूमिकाओं से सजी बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म ‘जीडीएन’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। बॉलीवुड के बहुमुखी अभिनेता इमरान हाशमी की बहुचर्चित रोमांटिक ड्रामा थ्रिलर फ्रेंचाइजी ‘आवारापन 2’ भी इस सूची में चौथे स्थान पर मजबूती से बनी हुई है, जो आगामी 14 अगस्त को दर्शकों के सामने आएगी। वहीं, डार्क रोमांटिक ड्रामा जॉनर की फिल्म ‘डीसी’ को भी दर्शकों की तरफ से जबरदस्त सर्च मिल रही है, जिसे निर्माताओं ने 7 अगस्त को हिंदी सहित कई प्रमुख भाषाओं में सीधे सिनेमाघरों में रिलीज करने का फैसला लिया है।

    आगामी 24 जुलाई का दिन भारतीय मनोरंजन उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है, क्योंकि इस एक ही दिन चार बड़े और बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट्स एक साथ मनोरंजन बाजार में उतर रहे हैं। इस दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर दिग्गज अभिनेता केके मेनन और अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह अभिनीत बहुचर्चित ड्रामा सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ का प्रीमियर होने जा रहा है। इसी तारीख को अन्नु कपूर, नितिन अरोड़ा, पवन मल्होत्रा और सुमित गुलाटी जैसे मंझे हुए कलाकारों की शानदार जुगलबंदी वाली सामाजिक कॉमेडी फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ बड़े पर्दे पर रिलीज होने के लिए तैयार है।

    इसी दिन सिनेमाघरों में रहस्य और रोमांच से भरपूर मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म ‘इंद्रजाल’ भी रिलीज होगी, जिसमें मुख्य भूमिकाएं महेश निकम और शनाया त्रिपाठी ने निभाई हैं। 24 जुलाई को ही नेटफ्लिक्स पर विक्रांत मैसी की बेहद अनूठी रोमांटिक सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ भी रिलीज होने जा रही है। इस सूची में 7 अगस्त को प्रदर्शित होने वाली जिम्मी शेरगिल और अभय वर्मा की ऐतिहासिक सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कारगिल वॉर’ भी शामिल है, जो सिनेमाघरों के माध्यम से कारगिल युद्ध के अनसुने पहलुओं को दर्शकों के सामने पेश करेगी। इन सभी बड़ी रिलीज के कारण आगामी हफ्तों में भारतीय बॉक्स ऑफिस और डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों की भारी भीड़ जुटने की पूरी संभावना है।

  • बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का सिंगर ने लगाया आरोप, कहा- देश की शिक्षा व्यवस्था और भविष्य को लेकर चिंतित होना हर नागरिक का अधिकार

    बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का सिंगर ने लगाया आरोप, कहा- देश की शिक्षा व्यवस्था और भविष्य को लेकर चिंतित होना हर नागरिक का अधिकार

    नई दिल्ली । देश की जानी-मानी भजन गायिका अनुराधा पौडवाल ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अयोध्या राम मंदिर में कथित चोरी और देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए अपने बयान पर मचे भारी राजनीतिक व सामाजिक बवाल के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर लगातार हो रही आलोचनाओं और विवादों के बीच, गायिका ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा और विस्तृत स्पष्टीकरण पत्र साझा किया है। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अपने बयान के पीछे की वास्तविक मंशा को साफ करते हुए आलोचकों और वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स को करारा जवाब दिया है।

    अनुराधा पौडवाल ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट की शुरुआत देश की जनता, अपने प्रशंसकों, मित्रों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने लिखा कि एक सार्वजनिक हस्ती होने के नाते वह समाज में अपने प्रभाव और जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राष्ट्र और व्यक्ति के समग्र विकास तथा सुनहरे भविष्य की असली नींव सिर्फ और सिर्फ मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही होती है। वह हमेशा से देश में बेहतर शिक्षा और साक्षरता की पक्षधर रही हैं और भविष्य में भी इस विचार पर पूरी दृढ़ता से कायम रहेंगी।

    विवाद के मुख्य बिंदु पर स्पष्टीकरण देते हुए सिंगर ने उन हालिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया जिनमें देश भर में 94,000 से अधिक सरकारी या प्राथमिक स्कूलों के बंद होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि हर दिन औसतन 24 स्कूलों का बंद होना एक भारतीय नागरिक के तौर पर उनके लिए बेहद चौंकाने वाला और गंभीर रूप से चिंताजनक था। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में श्री राम लल्ला मंदिर परिसर में हुई कथित चोरी की घटना पर भी गहरा दुख और व्यक्तिगत पीड़ा व्यक्त की थी। उनके अनुसार, देश के सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रतीकों के साथ जुड़ी ऐसी खबरें किसी भी संवेदनशील नागरिक को आहत कर सकती हैं।

    गायिका ने अपने पत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों की वकालत करते हुए लिखा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र है, जहां प्रत्येक नागरिक को देश के हित में सम्मानपूर्वक अपनी राय रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। रचनात्मक संवाद और अलग-अलग दृष्टिकोण ही हमारे समाज और लोकतंत्र को आंतरिक रूप से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने देश के वर्तमान नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अपना पूर्ण सम्मान व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या राजनीतिक एजेंडा चलाना बिल्कुल नहीं था।

    पोस्ट के अंतिम हिस्से में अनुराधा पौडवाल ने कुछ डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपना तीव्र असंतोष और निराशा जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में कही गई उनकी बातों को कुछ तत्वों द्वारा जानबूझकर आधा-अधूरा काटा गया और वीडियो को गुमराह करने वाले संदर्भों के साथ इंटरनेट पर प्रसारित कर सनसनी फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे ऐसे संकीर्ण सोच वाले और सिर्फ व्यूज के लिए बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को बढ़ावा न दें।

  • नीलाद्रि बीजे की अद्भुत और पावन परंपरा, जब रूठी पत्नी माता लक्ष्मी को मनाने के लिए भगवान जगन्नाथ ने खिलाया रसगुल्ला

    नीलाद्रि बीजे की अद्भुत और पावन परंपरा, जब रूठी पत्नी माता लक्ष्मी को मनाने के लिए भगवान जगन्नाथ ने खिलाया रसगुल्ला

    नई दिल्ली । ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा का आधिकारिक समापन एक बेहद ही खूबसूरत, अनूठी और पारिवारिक ताने-बाने से जुड़ी पावन परंपरा के साथ होता है। नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर में विश्राम करने के बाद जब भगवान जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ वापस अपने मुख्य मंदिर लौटते हैं, तो इस भव्य घर वापसी को ‘नीलाद्रि बीजे’ कहा जाता है। इस पावन अवसर पर पुरी में न केवल भगवान के गर्भगृह में पुनरागमन का उल्लास होता है, बल्कि सदियों पुरानी पति-पत्नी के प्रेमपूर्ण संवाद और मीठे मिलन की एक अद्भुत अलौकिक कथा भी जीवंत हो उठती है।

    धार्मिक और शाब्दिक दृष्टिकोण से समझा जाए तो नीलाद्रि का तात्पर्य उस पवित्र नीले पर्वत से है, जिस पर महाप्रभु जगन्नाथ का भव्य मुख्य मंदिर स्थापित है। वहीं बीजे शब्द का सीधा अर्थ दोबारा प्रवेश करना या अपने मूल स्थान पर विराजमान होना होता है। रथ यात्रा के प्रारंभ से लेकर इस अंतिम दिन तक जगन्नाथ संस्कृति में कई जटिल और महत्वपूर्ण अनुष्ठान किए जाते हैं। जब तीनों देवी-देवता अपने रथों से उतरकर मुख्य मंदिर के भीतर रत्न सिंहासन पर दोबारा स्थापित हो जाते हैं, तब जाकर इस महाउत्सव की पूर्णता मानी जाती है।

    इस विशेष दिन के साथ एक अत्यंत रोचक और मानवीय भावनाओं से ओतप्रोत पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। मान्यता है कि जब भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ यात्रा पर निकले थे, तब वे अपनी पत्नी माता लक्ष्मी को मंदिर में ही छोड़ गए थे। इस उपेक्षा से नाराज होकर माता लक्ष्मी अत्यंत क्रोधित हो गईं। नौ दिनों के बाद जब महाप्रभु वापस सिंहद्वार पहुंचे, तो देवी लक्ष्मी ने रोष स्वरूप मंदिर के मुख्य कपाट अंदर से बंद कर लिए और भगवान को भीतर आने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।

    द्वार बंद होने के बाद ब्रह्मांड के संचालक महाप्रभु को भी अपनी रूठी हुई पत्नी को मनाने के लिए जतन करने पड़े। माता लक्ष्मी के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान जगन्नाथ ने एक मीठा और आत्मीय मार्ग चुना। उन्होंने देवी लक्ष्मी को मनाने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई ओडिशा की पारंपरिक और सुप्रसिद्ध मिठाई ‘रसगुल्ला’ भेंट स्वरूप अर्पित की। महाप्रभु के इस अनन्य प्रेम और रसगुल्ले की अद्भुत मिठास के सम्मुख माता लक्ष्मी का मान-मर्दन हो गया और उन्होंने मुस्कुराते हुए मंदिर के विशाल कपाट खोल दिए। यही कारण है कि सदियों से चली आ रही इस रस्म में आज भी भगवान को रसगुल्ले का महाप्रसाद चढ़ाया जाता है।

    नीलाद्रि बीजे के पावन दिन पुरी के सिंहद्वार और मुख्य मंदिर परिसर में भोर से ही देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है। सेवादारों और पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच तीनों विग्रहों को बड़े ही आदर के साथ रथों से उतारकर पहंडी बाजे के साथ मंदिर के भीतर ले जाया जाता है। इस दौरान मंदिर के मुख्य द्वार पर भगवान जगन्नाथ और माता लक्ष्मी के बीच होने वाले इस पारंपरिक संवाद और मीठे झगड़े को एक जीवंत नाटक के रूप में प्रदर्शित किया जाता है, जिसे देखने के लिए भक्त लालायित रहते हैं। अंत में भगवान को भारी मात्रा में रसगुल्लों का भोग लगाने के बाद महाआरती के साथ इस अद्भुत रथ यात्रा उत्सव का समापन होता है।

  • वैज्ञानिकों के इस्तीफे से गगनयान पर नहीं पड़ेगा कोई असर, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने निजीकरण और ब्रेन-ड्रेन की अटकलों को किया खारिज

    वैज्ञानिकों के इस्तीफे से गगनयान पर नहीं पड़ेगा कोई असर, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने निजीकरण और ब्रेन-ड्रेन की अटकलों को किया खारिज

    नई दिल्ली । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से वरिष्ठ वैज्ञानिकों के लगातार हो रहे इस्तीफों और कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कथित डेटा लीक की खबरों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रमों, विशेषकर गगनयान मिशन के भविष्य को लेकर उठ रहे सभी सवालों और चिंताओं को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ किया है कि किसी भी शीर्ष वैज्ञानिक या प्रशासनिक बदलाव का असर इसरो की कार्यप्रणाली और देश के अंतरिक्ष अभियानों की निरंतरता पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा।

    अंतरिक्ष विभाग द्वारा हाल ही में जारी एक कड़े निर्देश के बाद यह विवाद सामने आया था, जिसमें गगनयान और अन्य संवेदनशील राष्ट्रीय मिशनों से जुड़े ‘ग्रुप ए’ के वैज्ञानिकों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) और इस्तीफे के नियमों को पहले से अधिक सख्त कर दिया गया है। इस प्रशासनिक सख्ती के बीच यह रिपोर्ट आई थी कि लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (एलवीएम-3) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्टर जोसेफ और चंद्रयान-3 मिशन से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिक आदित्य रल्लापल्ली सहित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर और यूआर राव सैटेलाइट सेंटर के कई वैज्ञानिकों ने निजी क्षेत्र का रुख करने के लिए अपने इस्तीफे सौंपे हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन अटकलों को शांत करते हुए इसरो प्रमुख वी. नारायणन के आधिकारिक बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी की संरचना ऐसी है कि जितने पेशेवर बाहर जाएंगे, उतने ही नए प्रतिभावान लोग प्रणाली के भीतर शामिल होंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने जनवरी 2025 में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद चेन्नई के एक निजी स्पेस स्टार्टअप में ऑब्जर्वर की भूमिका स्वीकार कर ली है, लेकिन उनके जाने से गगनयान परियोजना की रफ्तार धीमी नहीं हुई है। केंद्र सरकार द्वारा साल 2023 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के बाद से वैज्ञानिकों के लिए निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर और वेतन की राहें खुली हैं।

    देश से होने वाले प्रतिभा पलायन (ब्रेन-ड्रेन) के विषय पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बेहतर सामाजिक सुरक्षा, शोध के नए अवसर, करों में राहत और सुलभ प्रवास नीतियों के कारण विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ दूसरे देशों या निजी उद्योगों की ओर आकर्षित होते हैं। इसके बावजूद इसरो की अपनी एक अनूठी और सुदृढ़ कार्य संस्कृति है, जहां सेवानिवृत्त हो चुके वैज्ञानिक भी मार्गदर्शक और सलाहकार के रूप में देश की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ लगातार जुड़े रहते हैं। गगनयान के तहत मानव को सुरक्षित अंतरिक्ष में भेजने और वापस लाने के लिए आवश्यक क्रू मॉड्यूल की तकनीक पूरी तरह से तैयार की जा चुकी है।

    इसके साथ ही, तमिलनाडु स्थित कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट (केकेएनपीपी) में संवेदनशील डेटा की चोरी से जुड़ी रिपोर्ट्स पर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। केंद्रीय मंत्री ने न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के बयानों की पुष्टि करते हुए कहा कि संयंत्र की किसी भी सामरिक या रणनीतिक डेटा प्रणाली में कोई सेंधमारी नहीं हुई है। उन्होंने इस विषय पर अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोशिशों की निंदा की। वर्तमान में इस मामले की तकनीकी जांच एनपीसीआईएल और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है, ताकि सुरक्षा मानकों को और अभेद्य बनाया जा सके।