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  • डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!

    डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!



    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में रहने वाले एक डिफेंस अधिकारी और उनकी पत्नी की साल 2023 में हुई अरेंज मैरिज सामान्य और खुशहाल चल रही थी। दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य और खुशहाल था, लेकिन शादी के दो साल बाद भी संतान न होने पर जब दंपती ने इलाज शुरू कराया, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।

    जांच में पता चला कि महिला के शरीर में सामान्य महिलाओं की तरह XX क्रोमोसोम नहीं, बल्कि पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम मौजूद थे। बाहरी रूप से महिला पूरी तरह सामान्य दिखाई देती थीं, लेकिन शरीर के अंदर ओवरी की जगह अविकसित अंडकोष पाए गए। यह जानकारी सुनकर दंपती गहरे सदमे में आ गए।

    इस स्थिति का समाधान कराने के लिए दंपती ने एम्स भोपाल का रुख किया। यहां विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने दो चरणों में सर्जरी कर समस्या का समाधान किया। पहले चरण में माइक्रो प्लास्टिक सर्जरी तकनीक का उपयोग करके विकसित छोटे पुरुष अंग को हटाया गया। दूसरे चरण में पेट के अंदर अविकसित अंडकोष को निकाल दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पति ने पत्नी का पूरा सहयोग किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।

    एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि इस स्थिति में दंपती के लिए प्राकृतिक रूप से संतान होना संभव नहीं है। पति ने अपने निर्णय में स्पष्टता दिखाई और कहा कि वे पत्नी के साथ जीवनभर निभाएंगे। भविष्य में दंपती ने बच्चा गोद लेने का विकल्प चुना है।

    एम्स भोपाल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में इस तरह के मामले हर महीने 10 से 12 मरीजों की सर्जरी होती है। यहां ट्रांसजेंडर क्लीनिक में रोगियों की विस्तृत जांच, सर्जरी और काउंसलिंग की जाती है। डॉक्टरों के अनुसार सही समय पर जांच और सामाजिक समर्थन मिलने से मरीज सम्मानजनक और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

    यह घटना न केवल चिकित्सा जगत के लिए अनोखी है, बल्कि यह रिश्तों, समझदारी और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। डिफेंस अधिकारी द्वारा पत्नी का हर परिस्थिति में साथ निभाना दर्शाता है कि सच्चा साथी वही है जो हर कठिन समय में मजबूती और प्रेम के साथ खड़ा रहे।

  • हाईटेक मोड में मिनी मुंबई की पुलिस: इंदौर के हर थाने में तैयार होंगे साइबर एक्सपर्ट, मौके पर ही सुलझेगी फ्रॉड की शिकायत

    हाईटेक मोड में मिनी मुंबई की पुलिस: इंदौर के हर थाने में तैयार होंगे साइबर एक्सपर्ट, मौके पर ही सुलझेगी फ्रॉड की शिकायत


    इंदौर । इंदौर की पुलिस अब तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए हाईटेक रणनीति पर काम कर रही है। मिनी मुंबई के नाम से पहचाने जाने वाले इस शहर में पुलिस कमिश्नरेट ने फैसला लिया है कि अब हर थाने में ऐसे प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो साइबर फ्रॉड की शिकायत मिलते ही मौके पर ही कार्रवाई कर सकें। इसका उद्देश्य यह है कि पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने या समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें तुरंत राहत मिल सके।

    इसी योजना के तहत पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक विशेष साइबर ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न थानों से करीब 80 पुलिसकर्मियों को बुलाकर आधुनिक तकनीक और साइबर अपराध से निपटने की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस कमिश्नर Santosh Kumar Singh के निर्देश पर किया गया, जिनका मानना है कि बदलते तकनीकी दौर में पुलिस को भी लगातार खुद को अपडेट रखना होगा।

    पुलिस कमिश्नरेट की योजना के अनुसार थाना स्तर पर साइबर हेल्प डेस्क को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी या डिजिटल फ्रॉड होने पर वह सीधे थाने में जाकर शिकायत दर्ज करा सके और तत्काल कार्रवाई शुरू हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त Amit Singh और आर.के. सिंह सहित शहर के सभी डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी भी मौजूद रहे।

    प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को यह सिखाया गया कि साइबर अपराध की शिकायत मिलते ही किस तरह त्वरित कार्रवाई की जाए। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी Rajesh Dandotiya और उनकी तकनीकी टीम ने पुलिसकर्मियों को कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पोर्टल, एनसीआरपी सिस्टम, संचार साथी, समन्वय, ई-DAR, निदान और साइबर पुलिस पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन पोर्टल्स के जरिए शिकायत मिलते ही ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर पीड़ित के बैंक खाते से जुड़े लेन-देन को तुरंत होल्ड भी कराया जा सकता है।

    प्रशिक्षण सत्र में यह भी बताया गया कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि तुरंत कार्रवाई की जाए तो ठगी की रकम को ट्रैक कर उसे वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से पुलिस अब हर थाने में ऐसे प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करना चाहती है, जो तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए तत्काल कदम उठा सकें।

    पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इस दौरान कहा कि आज के डिजिटल दौर में अपराधी भी लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को उनसे एक कदम आगे रहना होगा। उनका लक्ष्य है कि शहर का हर थाना साइबर अपराधों से निपटने में सक्षम बने और कोई भी पीड़ित व्यक्ति थाने से निराश होकर वापस न लौटे।

    कमिश्नरेट के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। आने वाले समय में इंदौर के प्रत्येक थाने में साइबर मामलों में दक्ष पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, ताकि शहर में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सके।

  • विश्व कप हीरो संजू सैमसन को केरल सरकार करेगी सम्मानित, 16 मार्च को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम

    विश्व कप हीरो संजू सैमसन को केरल सरकार करेगी सम्मानित, 16 मार्च को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम


    नई दिल्ली।  भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप 2026 में चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को उनके गृह राज्य केरल की सरकार द्वारा 16 मार्च को सम्मानित किया जाएगा। इसकी पुष्टि केरल सरकार के खेल मंत्रालय ने की है।

    मंत्रालय के मुताबिक, राज्य सरकार टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य और टूर्नामेंट के श्रेष्ठ खिलाड़ी रहे संजू सैमसन को सम्मानित करेगी। सम्मान समारोह 16 मार्च को शाम 4 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान करेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार के अन्य मंत्री और विभागों के मुख्य सचिव और गणमान्य अतिथि कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। राज्य खेल मंत्रालय ने संजू सैमसन के स्वागत के लिए शानदार इंतजाम किया है। इससे पहले विश्व कप के बाद पहली बार तिरुवनंतपुरम पहुंचने पर एयरपोर्ट पर संजू सैमसन का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था।

    संजू सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में अपने प्रदर्शन के दम पर सबसे अहम और चर्चित खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण के अधिकांश मैचों से बाहर रहे सैमसन को टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था। उस मैच में सैमसन ने 15 गेंदों पर 24 रन बनाए थे। इस छोटी पारी में उनका आत्मविश्वास साफ दिखा था।

    इसके बाद अगले तीन मैचों में संजू सैमसन की खेली तीन यादगार पारियों ने न सिर्फ भारतीय टीम को विश्व चैंपियन बनाने में सबसे अहम भूमिका अदा की, बल्कि उनका नाम भी इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करा दिया।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जैसे मुकाबले में 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की पारी खेल सैमसन ने भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों पर 89 रन की पारी खेल इस दाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने टीम इंडिया को फाइनल का टिकट दिलाया। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 46 गेंदों पर 89 रन की पारी खेल भारत की खिताबी जीत की पटकथा लिखी। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच रहे संजू सैमसन ने टूर्नामेंट में केवल 5 मैच खेले और लगभग 200 की स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए। उन्हें टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के सम्मान से नवाजा गया। सैमसन की पारियों ने दुनियाभर के भारतीय क्रिकेट फैंस को रोमांचित कर दिया था।

  • ईद पर काले कपड़े और काली पट्टी! जेल से आजम खान का चौंकाने वाला संदेश, वजह सुनकर रूह कांप जाएगी

    ईद पर काले कपड़े और काली पट्टी! जेल से आजम खान का चौंकाने वाला संदेश, वजह सुनकर रूह कांप जाएगी


    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और रामपुर जेल में बंद आजम खान ने इस साल ईद को लेकर एक बड़ा और भावुक संदेश जारी किया है। शनिवार को सपा नेता यूसुफ मलिक और अन्य नेताओं ने जेल में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया गया कि आजम खान ने मुस्लिम समुदाय, विशेषकर सुन्नी मुसलमानों से अपील की है कि वे इस बार ईद की नमाज के दौरान काले कपड़े पहनें या बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएं।

    आजम खान ने अपनी अपील की वजह ईरान में हाल ही में हुई दुखद घटना बताई, जिसमें 160 बच्चियां शहीद हुईं। उन्होंने कहा कि यह इंसानी और नैतिक जिम्मेदारी है कि इस हादसे पर शोक व्यक्त किया जाए और दुनिया का ध्यान इस घातक घटना की ओर खींचा जाए। उनके अनुसार, ये बच्चियां भी हमारी अपनी बेटियों जैसी थीं और उनके लिए सम्मान जताना हम सभी का कर्तव्य है।

    सपा नेता ने बताया कि आजम खान ने ईद के दिन सादगी बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोग केवल काले कपड़े पहनें और काली पट्टी बांधें, सामान्य हंसी-खुशी और पारंपरिक उत्सव से दूर रहें। उनका संदेश ‘खिराज-ए-तहसीन’ के रूप में मासूमों को श्रद्धांजलि देने और वैश्विक स्तर पर हो रहे जुल्म के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध का रूप है।

    मुलाकात में आजम खान की पत्नी तजीन फात्मा भी मौजूद थीं। करीब आधे घंटे तक चली बातचीत में राजनीतिक चर्चा के बजाय मानवीय और सामाजिक संवेदनाओं पर जोर दिया गया। जेल प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच यह बातचीत पूरी हुई। सपा नेता यूसुफ मलिक ने कहा कि आजम खान लगातार मानवता और इंसानी मूल्यों पर जोर देते रहे हैं, और उनके संदेश का असर रामपुर और आसपास के जिलों में भी दिखाई दे रहा है।

    ज्ञात हो कि आजम खान लंबे समय से जेल में बंद हैं, लेकिन उनके पैगाम और बयान समाज और राजनीति पर लगातार असर डाल रहे हैं। इस अपील के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईद के दिन मुस्लिम समुदाय इस प्रतीकात्मक विरोध में किस हद तक शामिल होता है और उनके संदेश का जमीन पर क्या असर दिखाई देता है।

  • ला लीगा में दिग्गजों का दबदबा, रियल मैड्रिड और एटलेटिको के साथ गिरोना भी विजयी

    ला लीगा में दिग्गजों का दबदबा, रियल मैड्रिड और एटलेटिको के साथ गिरोना भी विजयी


    नई दिल्ली। रियल मैड्रिड ने एल्चे को 4-1 से हराकर ला लीगा की खिताबी दौड़ को रोमांचक बना दिया है। इस जीत के बाद रियल मैड्रिड अंक तालिका में टॉप पर मौजूद बार्सिलोना से महज 1 अंक पीछे रह गया है।

    मैड्रिड के सैंटियागो बर्नाबेउ स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में रियल मैड्रिड ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। टीम के लिए पहला गोल एंटोनियो रुडिगर ने 39वें मिनट में किया। एल्चे फ्री किक को सही तरीके से क्लियर नहीं कर पाया और इसका फायदा उठाते हुए रुडिगर ने जोरदार शॉट लगाकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी।

    इसके बाद फेडेरिको वाल्वरडे ने किनारे से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। वाल्वरडे का यह गोल उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ एक हैट्रिक लगाई थी।

    रियल मैड्रिड का तीसरा गोल डीन हुइजसेन ने 66वें मिनट में शानदार हेडर के जरिए किया। अर्दा गुलेर ने चौथा गोल कर रियल मैड्रिड की बढ़त 4-1 की कर दी, जो आखिर में निर्णायक साबित हुई।

    एल्चे के लिए एकमात्र गोल तब हुआ जब रियल मैड्रिड के युवा खिलाड़ी मैनुअल एंजेल से गलती से गेंद अपने ही नेट में चली गई।

    दूसरे मुकाबले में एटलेटिको मैड्रिड ने स्थानीय डर्बी में गेटाफे सीएफ को 1-0 से हराया। मैच का एकमात्र गोल नहुएल मोलिना ने सातवें मिनट में किया।

    एक अन्य मैच में रियल ओविएडो ने वालेंसिया को 1-0 से हराया। टीम के कप्तान डेविड कोस्टास ने कॉर्नर के बाद जोरदार शॉट लगाकर मैच का एकमात्र गोल किया, जिससे टीम की रेलीगेशन से बचने की उम्मीदें बरकरार रहीं।

    वहीं गिरोना एफसी ने अपने घरेलू मैदान पर एथलेटिक बिलबाओ को 3-0 से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। गिरोना के लिए ह्यूगो रिनकॉन ने तीसरे मिनट में गोल कर बढ़त दिलाई, जबकि दूसरे हाफ में अज्जेदीन ओउनाही और क्लाउडियो एचेवेरी ने गोल कर जीत पक्की की।

  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • सिंगरौली के गजरा बहरा कोल यार्ड से बढ़ा प्रदूषण, फसलें बर्बाद; दमा खांसी से जूझ रहे ग्रामीण

    सिंगरौली के गजरा बहरा कोल यार्ड से बढ़ा प्रदूषण, फसलें बर्बाद; दमा खांसी से जूझ रहे ग्रामीण


    सिंगरौली । सिंगरौली जिले के गजरा बहरा क्षेत्र में संचालित कोल यार्ड से फैल रहे प्रदूषण ने आसपास के गांवों के लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। कोयले की धूल और लगातार उड़ने वाली डस्ट के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, वहीं ग्रामीण खांसी, दमा और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोल यार्ड संचालक की लापरवाही के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि कोल यार्ड में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी उपाय नहीं किए जा रहे हैं। न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही धूल को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई है। इसके कारण कोयले की महीन धूल हवा के साथ आसपास के खेतों और घरों तक पहुंच रही है। किसान बताते हैं कि फसलों पर जमी काली धूल से उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है और कई खेतों में फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है।

    प्रदूषण का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। आसपास के गांवों में रहने वाले लोग सांस से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई लोगों को लगातार खांसी और दमा की शिकायत हो रही है। बुजुर्गों और बच्चों की स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयले की धूल से वातावरण इतना खराब हो गया है कि घर के भीतर भी सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

    सड़क पर उड़ती धूल के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कोल यार्ड से गुजरने वाले ट्रकों की आवाजाही और उड़ती डस्ट की वजह से सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे आए दिन छोटे बड़े हादसे होते रहते हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

    इस मामले में पर्यावरण विभाग ने कोल यार्ड संचालक पर कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संचालक ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर कर दिया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण फिलहाल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि अदालत में मामला लंबित होने का हवाला देकर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण के कारण लोगों का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है, लेकिन स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

    यह इलाका आदिवासी बहुल क्षेत्र माना जाता है और यहां रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में इलाज की सुविधा भी सीमित है, जिसके कारण बीमारियों से जूझ रहे कई लोग समय पर उपचार नहीं करा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पर्यावरण विभाग से मांग की है कि कोल यार्ड संचालक को प्रदूषण नियंत्रण के सभी नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए बाध्य किया जाए। साथ ही प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

  • प्रीमियर लीग: आर्सेनल ने एवर्टन को 2-0 से हराया, मैनचेस्टर और वेस्ट हैम यूनाइटेड के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा

    प्रीमियर लीग: आर्सेनल ने एवर्टन को 2-0 से हराया, मैनचेस्टर और वेस्ट हैम यूनाइटेड के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा


    नई दिल्ली। इंग्लिश प्रीमियर लीग में आर्सेनल एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एवर्टन एफसी को 2-0 से हरा दिया। वहीं दूसरी ओर मैनचेस्टर सीटी एफसी को वेस्ट हैम यूनाइटेड एफ.सी. के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलना पड़ा।

    लंदन में खेले गए मुकाबले में आर्सेनल को एवर्टन के मजबूत डिफेंस को तोड़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोच मिकेल आर्टेटा की टीम ने मैच में 20 से अधिक शॉट लगाए, लेकिन लंबे समय तक गोल करने में सफल नहीं हो सकी।

    मैच के आखिरी क्षणों में आर्सेनल को सफलता मिली जब विक्टर ग्योकेरेस ने 89वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। यह गोल युवा खिलाड़ी मैक्स डाउमैन के शानदार क्रॉस पर आया। इसके बाद डाउमैन ने ही 97वें मिनट में दूसरा गोल कर मैच को पूरी तरह आर्सेनल के नाम कर दिया।

    इस गोल के साथ डाउमैन ने इतिहास रचा। 16 साल और 73 दिन की उम्र में वह प्रीमियर लीग में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। इस जीत ने कुछ समय के लिए आर्सेनल को तालिका में 10 अंकों की बढ़त दिला दी और मैनचेस्टर सिटी पर दबाव बढ़ा दिया।

    दूसरी ओर, मैनचेस्टर सिटी और वेस्ट हैम के बीच मुकाबला 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ। सिटी के लिए बर्नार्डो सिल्वा ने 31वें मिनट में शानदार शॉट लगाकर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि वेस्ट हैम के कॉन्स्टेंटिनोस मावरोपानोस ने जोरदार हेडर के जरिए जल्दी ही बराबरी कर ली।

    सिटी ने पूरे मैच में गोल करने के कई मौके बनाए, लेकिन वेस्ट हैम के गोलकीपर मैड्स हरमनसेन के शानदार प्रदर्शन के कारण टीम को जीत नहीं मिल सकी।

    अन्य मुकाबलों में न्यूकैसल यूनाइटेड एफ.सी. ने चेल्सी एफ.सी. को 1-0 से हराया। मैच का एकमात्र गोल एंथनी गॉर्डन ने 18वें मिनट में किया।

  • जय शाह ने पाकिस्तान-बांग्लादेश ड्रामे पर तोड़ी चुप्पी, दोनों टीमों को दिखाया आइना

    जय शाह ने पाकिस्तान-बांग्लादेश ड्रामे पर तोड़ी चुप्पी, दोनों टीमों को दिखाया आइना


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह ने टी20 विश्व कप 2026 से पहले हुए विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। शाह ने कहा है कि कोई भी देश या टीम संगठन से बड़ी नहीं होती। आईसीसी सभी सदस्य टीमों के सामूहिक प्रयास से चलता है।

    एक अवॉर्ड समारोह में जय शाह ने कहा, “विश्व कप से पहले काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुछ टीमें हिस्सा लेंगी या नहीं। आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि कोई भी टीम संगठन से बड़ी नहीं होती। कोई एक टीम मिलकर संगठन नहीं बनाती, बल्कि सभी टीमों के साथ मिलकर ही संगठन चलता है।”

    जय शाह ने बताया कि इस विश्व कप ने दर्शकों के मामले में इतिहास रच दिया। कुल व्यूअरशिप के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। एसोसिएट टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। यूएसए ने भारत को, नीदरलैंड ने पाकिस्तान को और नेपाल ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया।

    आईसीसी अध्यक्ष ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को भविष्य के लिए लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीम को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक सहित आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करनी चाहिए।

    विश्व कप से पहले विवाद तब शुरू हुआ था, जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने भारत आने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया था। पाकिस्तान ने इसके बाद बांग्लादेश के समर्थन में विश्व कप के बहिष्कार की धमकी दी थी। पाकिस्तान का कहना था कि आईसीसी बांग्लादेश के साथ गलत व्यवहार कर रही है।

    पाकिस्तान ने पहले पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की बात कही, फिर भारत के साथ ग्रुप स्टेज का मुकाबला न खेलने की बात कही। आईसीसी की मध्यस्थता और बांग्लादेश पर किसी तरह का बैन न लगाए जाने के वादे के बाद पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया और भारत के खिलाफ मैच खेला। पाकिस्तान सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि भारतीय टीम ने लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जीता।

  • टेस्ट क्रिकेट के लिए आज का दिन है खास, 1877 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था पहला आधिकारिक मैच

    टेस्ट क्रिकेट के लिए आज का दिन है खास, 1877 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था पहला आधिकारिक मैच


    नई दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट को क्रिकेट का सर्वोत्तम फॉर्मेट माना जाता है। 5 दिन और 4 पारियों में खेला जाना वाला यह फॉर्मेट हर खिलाड़ी को उसकी प्रतिभा और क्षमता दिखाने का समय देता है, चाहे वह गेंदबाज हो या बल्लेबाज। टेस्ट में खिलाड़ियों की प्रतिभा के साथ ही उनके धैर्य और खेल के प्रति संकल्प की परीक्षा भी होती है। इस कसौटी पर खरा नहीं उतरने वाले टेस्ट क्रिकेट में सफल नहीं हो सकते।

    टेस्ट क्रिकेट का इतिहास बहुत पुराना है। पहला आधिकारिक टेस्ट 15 से 19 मार्च 1877 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। यह मैच टेस्ट क्रिकेट के उस महान परंपरा की एक शुरुआत थी जो टी20 फॉर्मेट के दौर में भी बेहद रोमांचक बना हुआ है।

    ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया था। मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान डेव ग्रेगरी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। सलामी बल्लेबाज चार्ल्स बैनरमैन को छोड़कर अन्य कोई भी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका था।

    रिटायर्ड हर्ट होने से पहले बैनरमैन ने 165 रन की पारी खेली थी। टॉम गैरेट नाबाद 18 रन बनाकर दूसरे शीर्ष स्कोरर रहे थे। जैक ब्लेकहैम ने 17, ब्रेंसबी कूपर ने 15 और टॉम होरान ने 12 रन बनाए थे। इन चारों को अलावा कोई भी बल्लेबाज 2 अंकों में प्रवेश नहीं कर सका था। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 245 रन बनाए थे।

    इंग्लैंड के लिए अल्फ्रेड शॉ और जेम्स साउथर्टन ने 3-3, जबकि एलेन हिल और जेम्स लिलीव्हाइट जूनियर ने 1-1 विकेट लिए थे।

    इंग्लैंड की तरफ से सलामी बल्लेबाज हैरी जुप ने 63, हैरी चार्लवुड ने 36 और एलेन हिल ने नाबाद 35 रन बनाए थे। इन तीनों बल्लेबाजों की बदौलत इंग्लैंड पहली पारी में 196 रन तक पहुंच सकी और पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया से 49 रन से पिछड़ गई थी।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए बिली मिडविंटर ने 5, टॉम गार्रेट ने 2, जबकि जॉन हॉजेस, टॉम कैंडल और नैट थॉमसन ने 1-1 विकेट लिए थे।

    ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में 104 रन पर सिमट गई थी।

    इंग्लैंड के लिए अल्फ्रेड शॉ ने 5, जॉर्ज उलिएट ने 3, जबकि एलेन हिल और जेम्स लिलीव्हाइट ने 1-1 विकेट लिए थे।

    ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में मिले 49 रन की बढ़त के आधार पर इंग्लैंड को जीत के लिए 154 रन का लक्ष्य दिया था। इंग्लैंड की बल्लेबाजी दूसरी पारी में भी निराशाजनक रही और 108 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया के लिए टॉम केंडल ने 7, जॉन हॉजेस ने 2 और बिली मिडविंटर ने 1 विकेट लिए।

    इस तरह पहला आधिकारिक टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने 45 रन से जीता था। इस मैच के साथ ही न सिर्फ टेस्ट क्रिकेट, बल्कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट की रोमांचक प्रतिस्पर्धा, जिसने बाद में एशेज का रूप लिया, उसकी शुरुआत हुई थी। पहले आधिकारिक टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन पर नजर:

    ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन

    चार्ल्स बैनरमैन, नेट थॉमसन, टॉम होरान, डेव ग्रेगरी (कप्तान), ब्रैंसबी कूपर, बिली मिडविन्टर, नेड ग्रेगरी, जैक ब्लैकहम (विकेटकीपर), टॉम गैरेट, टॉम केंडल, जॉन हॉजेस।

    इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन
    हैरी जुप, जॉन सेल्बी (विकेटकीपर), हैरी चार्लवुड, जॉर्ज उलिएट, एंड्रयू ग्रीनवुड, टॉम आर्मिटेज, अल्फ्रेड शॉ, टॉम एम्मेट, एलन हिल, जेम्स लिलीवाइट (जूनियर) (कप्तान), जेम्स साउथर्टन।