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  • भारत और कनाडा के बीच मजबूत होंगे व्यापारिक संबंध, व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर तेज हुई बातचीत

    भारत और कनाडा के बीच मजबूत होंगे व्यापारिक संबंध, व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर तेज हुई बातचीत


    नई दिल्ली । भारत और कनाडा के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिशों ने अब गति पकड़ ली है। दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को लेकर बातचीत तेज करने और वर्ष 2026 के अंत तक इसे अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस पहल को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह समझौता व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के नए अवसरों के द्वार खोल सकता है।

    भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से व्यापारिक संबंध मौजूद रहे हैं, लेकिन अब दोनों देश इन्हें अधिक व्यापक और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से उच्चस्तरीय स्तर पर कई दौर की चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें आर्थिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीक, कृषि और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

    दोनों देशों का मानना है कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में मजबूत साझेदारी समय की आवश्यकता बन गई है। यही कारण है कि व्यापार समझौते को केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि इसे बहुआयामी आर्थिक संबंधों के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता तय समयसीमा के भीतर पूरा होता है तो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।

    हाल के संवादों में दोनों पक्षों ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक आसान बनाने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर भी जोर दिया। आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि इस तरह के समझौते से व्यापारिक बाधाएं कम हो सकती हैं और कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार और कनाडा की संसाधन क्षमता को देखते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं।

    कृषि, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से उद्योग जगत को भी लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा दोनों देशों के व्यवसायों के लिए निवेश और विस्तार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक साझेदारी केवल व्यापार बढ़ाने का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों की नींव भी मजबूत करती है।

    वैश्विक स्तर पर कई देश नए आर्थिक गठजोड़ और व्यापारिक सहयोग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में भारत और कनाडा का यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस समझौते से जुड़ी बातचीत और उसकी प्रगति पर उद्योग जगत, निवेशकों और आर्थिक विशेषज्ञों की नजर बनी रह सकती है।

    फिलहाल दोनों देशों के बीच सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं और यह माना जा रहा है कि यदि बातचीत इसी गति से आगे बढ़ती रही तो आने वाले समय में भारत और कनाडा के आर्थिक रिश्ते एक नए और मजबूत दौर में प्रवेश कर सकते हैं।

  • सतना में दर्दनाक मामला: खाना और शरबत पीने के बाद मासूम की मौत, एक ही परिवार के 4 लोग बीमार

    सतना में दर्दनाक मामला: खाना और शरबत पीने के बाद मासूम की मौत, एक ही परिवार के 4 लोग बीमार


    सतना । सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत परसमनिया में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां संदिग्ध खाद्य विषाक्तता (फूड प्वॉइजनिंग) के कारण एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। इस घटना में 7 वर्षीय किशुन दहिया की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य अभी भी निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

    जानकारी के अनुसार परिवार ने रोटी और करेला की सब्जी खाने के बाद बेल का शरबत पिया था। कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर सभी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही 7 वर्षीय किशुन दहिया ने दम तोड़ दिया।

    घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने शुरुआती दौर में दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका जताई थी, जिसके बाद प्रशासन और पीएचई विभाग ने जांच शुरू की।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा किए गए जल परीक्षण में बाबूलाल दहिया के कुएं के पानी की जांच की गई। रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई और टोटल कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया नहीं पाए गए, और सभी भौतिक व रासायनिक मानक सामान्य सीमा में पाए गए। इसके बाद विभाग ने पानी को सुरक्षित घोषित कर दिया है।

    पानी को क्लीनचिट मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की जांच फूड प्वॉइजनिंग की दिशा में केंद्रित हो गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि करेला की सब्जी में कीटनाशक का प्रभाव हो सकता है, जिससे यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल तीनों बीमार मरीजों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

  • सतना में नौतपा की शुरुआत झुलसाने वाली: 44.9 डिग्री तापमान, रेड अलर्ट जारी, बिजली ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी

    सतना में नौतपा की शुरुआत झुलसाने वाली: 44.9 डिग्री तापमान, रेड अलर्ट जारी, बिजली ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी


    सतना । सतना में नौतपा की शुरुआत इस बार भीषण गर्मी के साथ हुई है। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक है। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के चलते मौसम विभाग ने जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में भी लू के तेज़ प्रभाव को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    सुबह से ही गर्म हवाओं का असर दिखने लगा था और 9 बजे के बाद से ही तेज धूप और लू ने हालात और खराब कर दिए। दोपहर होते-होते शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और आमतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाके भी सूने नजर आए। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग घरों से बाहर निकले।

    भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखा गया, जो पानी और छांव की तलाश में भटकते नजर आए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को भी सतना में रेड अलर्ट जारी रहेगा, जिसके बाद हालात थोड़े स्थिर होकर ऑरेंज अलर्ट में बदल सकते हैं।

    रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। लगातार कई दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर बने रहने के कारण वातावरण में नमी भी बेहद कम हो गई है।

    गर्मी के साथ-साथ बिजली संकट ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बढ़ती मांग के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग की समस्या सामने आ रही है। कई स्थानों पर शॉर्ट सर्किट और आर्मर्ड केबल में आग लगने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।

    खूथी, जवाहर नगर, धवारी, एमपी नगर, प्रेमनगर, नजीराबाद, बजरहा टोला और नई बस्ती जैसे क्षेत्रों में लगातार बिजली ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी और बिजली संकट ने मिलकर जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

  • एआई से नौकरियां खत्म होने की आशंकाओं पर बदला नजरिया, सैम ऑल्टमैन बोले- इंसानों की जगह लेना मशीनों के लिए आसान नहीं

    एआई से नौकरियां खत्म होने की आशंकाओं पर बदला नजरिया, सैम ऑल्टमैन बोले- इंसानों की जगह लेना मशीनों के लिए आसान नहीं

    नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर पिछले कुछ वर्षों से दुनिया भर में यह बहस तेज रही है कि क्या भविष्य में मशीनें इंसानों की नौकरियों की जगह ले लेंगी। विशेष रूप से दफ्तरों और पेशेवर क्षेत्रों से जुड़ी व्हाइट कॉलर नौकरियों को लेकर व्यापक स्तर पर चिंता जताई जाती रही है। तकनीक के तेजी से विस्तार के साथ यह आशंका भी सामने आई थी कि एआई के कारण बड़ी संख्या में रोजगार समाप्त हो सकते हैं। हालांकि अब इस विषय पर एक महत्वपूर्ण और संतुलित दृष्टिकोण सामने आया है, जिसमें माना गया है कि शुरुआती अनुमान वास्तविक परिस्थितियों से काफी अलग साबित हुए हैं।

    एआई क्षेत्र के प्रमुख चेहरों में शामिल सैम ऑल्टमैन ने रोजगार पर तकनीक के प्रभाव को लेकर अपनी पहले की सोच में बदलाव की बात कही है। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें यह उम्मीद थी कि आधुनिक एआई तकनीक के आने के बाद प्रवेश स्तर की व्हाइट कॉलर नौकरियां तेजी से प्रभावित होंगी और कई भूमिकाएं समाप्त हो सकती हैं। उस समय ऐसा माना जा रहा था कि मशीनें कई नियमित और कार्यालयी कार्यों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेंगी। लेकिन समय के साथ जो तस्वीर सामने आई, वह अपेक्षाओं से काफी अलग दिखाई दी।

    उन्होंने कहा कि एआई के प्रभाव को लेकर उनका शुरुआती अनुमान वास्तविकता से अधिक गंभीर था। उनके अनुसार, तकनीकी विकास की गति और एआई क्षमताओं को लेकर जो आकलन किया गया था, वह काफी हद तक सही साबित हुआ, लेकिन सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को लेकर समझ पूरी तरह सटीक नहीं रही। रोजगार के क्षेत्र में बदलाव जरूर हुए हैं, लेकिन वे उतने व्यापक और तीव्र नहीं रहे जितनी पहले संभावना जताई जा रही थी।

    उन्होंने यह भी माना कि शुरुआती दौर में नौकरी खत्म होने की आशंकाएं वास्तविक परिस्थितियों को देखते हुए स्वाभाविक थीं। तकनीकी बदलावों के दौरान अक्सर यह डर पैदा होता है कि मशीनें मनुष्यों की भूमिका को कम कर देंगी, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर कई ऐसे पहलू सामने आते हैं जिन्हें तकनीक पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं कर पाती। यही कारण है कि अब रोजगार बाजार की तस्वीर पहले से अधिक संतुलित दिखाई दे रही है।

    दुनिया की कई बड़ी कंपनियां पहले ही यह संकेत दे चुकी हैं कि एआई आधारित उपकरणों और स्वचालन ने कुछ कार्यप्रणालियों को बदलना शुरू कर दिया है। कुछ पदों की प्रकृति बदली है और कई जिम्मेदारियों का स्वरूप भी नया हुआ है। इसके बावजूद विशेषज्ञ मानते हैं कि हर तकनीकी बदलाव के साथ नए अवसर भी पैदा होते हैं और कार्यक्षेत्र नई आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित होता है।

    सैम ऑल्टमैन ने मानवीय संपर्क को रोजगार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया। उनका कहना है कि कई पेशे केवल तकनीकी दक्षता पर आधारित नहीं होते, बल्कि उनमें संवेदनशीलता, समझ, संवाद क्षमता और मानवीय व्यवहार की भी बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कुछ कार्यों में एआई आधारित प्रतिक्रियाओं का उपयोग करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान द्वारा दी गई प्रतिक्रिया अधिक प्रभावी और स्वाभाविक होती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि तकनीक सहायक भूमिका निभा सकती है, लेकिन हर परिस्थिति में इंसानी स्थान लेना उसके लिए आसान नहीं होगा।

  • नागौद में बिजली चोरी से हड़कंप: बदमाश काट ले गए हाईटेंशन लाइन के तार, ग्रामीण इलाकों की सप्लाई ठप

    नागौद में बिजली चोरी से हड़कंप: बदमाश काट ले गए हाईटेंशन लाइन के तार, ग्रामीण इलाकों की सप्लाई ठप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार से शुरू हुई मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का भव्य समापन मंगलवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर रामघाट पर होने जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है। परिक्रमा यात्रा के समापन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे और मां शिप्रा को लगभग 300 फीट लंबी भव्य चुनरी अर्पित करेंगे।

    यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम माना जा रहा है। रामघाट पर होने वाले इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का बैंड अपनी देशभक्ति और भक्ति संगीत की धुनों से वातावरण को और भी भव्य बनाएगा। वहीं प्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर की विशेष प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी।

    परिक्रमा यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंच लगाए। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत, फल और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को सुविधा मिली।

    सोमवार शाम दत्त अखाड़ा घाट पर इंदौर के कलाकार श्रेयांश शुक्ला और जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।

    यह पूरी यात्रा शिप्रा लोक संस्कृति समिति के संयोजन में महाराज विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन विकास प्राधिकरण, रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित की गई।

    यात्रा का पहला चरण रामघाट से शुरू होकर नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम होते हुए दत्त अखाड़ा तक पहुंचा, जहां रात्रि विश्राम किया गया। दूसरे दिन यह यात्रा रणजीत हनुमान, कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा और वाल्मीकि धाम होते हुए पुनः रामघाट पर समापन करेगी। पूरा आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बन गया है।

  • जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज

    जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज


    सतना । सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के कंदवा गांव में जमीन विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला तलवार, चाकू और डंडों से हमले तक पहुंच गया। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और हथियारों का इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पक्ष की शिकायत पर फौजी समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।

    पहले पक्ष के राजकिशोर तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार और गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 25 मई की शाम करीब 6 बजे विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जब दूसरे पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए।

    शिकायत के अनुसार, हमलावरों में से एक व्यक्ति तलवार लेकर आया था, जबकि अन्य लोग चाकू और डंडों से लैस थे। आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर बैठी तुलसी देवी और अन्य परिजनों पर हमला किया। विरोध करने पर पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

    घटना के बाद घायल पक्ष थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें फौजी पंकज तिवारी, मनीष तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी शामिल हैं।

    वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि छुट्टी पर घर आए फौजी पंकज तिवारी पर पहले हमला किया गया। इस शिकायत में राजकिशोर तिवारी सहित पांच अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल, वीडियो फुटेज और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा न हो।

  • कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में

    कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में


    सागर । सागर में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया और बाद में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे बड़ी घटना टल गई।

    घटना के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है। उसकी पहचान जैसीनगर के घोघरी गांव निवासी बहादुर चढ़ार (37) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गोपालगंज थाने में रखकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, बहादुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में उसके साथ गंभीर मारपीट हुई थी और इस मामले में आरोपी मुन्ना के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका कहना है कि वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा था, लेकिन सुनवाई न होने से वह मानसिक रूप से आहत था।

    युवक ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी और हताशा में उसने यह कदम उठाया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपने साथ पेट्रोल के अलावा पटाखे भी लेकर आया था। जैसे ही उसने रामचरितमानस को आग लगाई, मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत उसे रोक लिया।

    घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने युवक से बातचीत कर उसके आरोपों को सुना और मामले की जांच का आश्वासन दिया।

    वहीं, इस घटना के बाद कुछ लोगों ने धार्मिक ग्रंथ जलाने के विरोध में आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

  • वृंदावन में हिमांगी सखी का बड़ा बयान: प्रेमानंद महाराज के लिए भावुक अपील, CJP और धार्मिक मुद्दों पर भी रखी खुली राय

    वृंदावन में हिमांगी सखी का बड़ा बयान: प्रेमानंद महाराज के लिए भावुक अपील, CJP और धार्मिक मुद्दों पर भी रखी खुली राय






    नई दिल्ली। मथुरा के वृंदावन में मंगलवार को वैष्णव किन्नर अखाड़ा की जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए और परिक्रमा कर आस्था प्रकट की। दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उन्हें वर्तमान समय का एक प्रभावशाली भक्ति संत बताया। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज कम समय में जिस तरह लोगों के बीच लोकप्रिय हुए हैं, वह भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का बड़ा उदाहरण है।

    हिमांगी सखी ने भावुक होते हुए कहा कि वे अपने ठाकुर जी से प्रार्थना करेंगी कि संत प्रेमानंद महाराज की उम्र उन्हें मिल जाए, ताकि वे लंबे समय तक समाज को भक्ति मार्ग पर प्रेरित कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे संतों की आज के समय में बहुत आवश्यकता है जो लोगों को आध्यात्मिकता और सकारात्मक दिशा दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के वीडियो देखकर उनका मन भावुक हो जाता है और भक्ति भाव और मजबूत होता है।

    इस दौरान उन्होंने हाल के दिनों में चर्चित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर भी अपनी राय रखी। हिमांगी सखी ने कहा कि यह युवाओं द्वारा उठाया गया एक प्रतीकात्मक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त गंदगी, भ्रष्टाचार और कमियों को उजागर करना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जैसे जीव जिस तरह गंदगी की मौजूदगी का संकेत देते हैं, उसी तरह यह आंदोलन भी व्यवस्था में सुधार की ओर इशारा करता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बदलाव के लिए आलोचना और सवाल जरूरी हैं, और यदि कोई समूह कमियों को उजागर कर रहा है तो उसे सकारात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आंदोलन को मर्यादा और कानून के दायरे में रहकर ही आगे बढ़ना चाहिए।

    इसके बाद उन्होंने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। हिमांगी सखी ने कहा कि देश में कई धार्मिक मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहे हैं, जिन्हें संवाद और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए हल किया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानवापी, भोजशाला और अन्य विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए ताकि समाज में अनावश्यक तनाव न बढ़े।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन और न्याय व्यवस्था मिलकर काम करें तो ऐसे संवेदनशील मुद्दों को आसानी से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ मामलों में अदालत के फैसले आ चुके हैं, लेकिन कई मुद्दे अब भी लंबित हैं, जिन पर जल्द निर्णय की आवश्यकता है।

    अपने बयान के अंतिम हिस्से में उन्होंने कहा कि वे सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी अपने विचार व्यक्त करेंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाना है।

    वृंदावन में उनके इस दौरे और बयानों के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखा है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।

  • साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग

    साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग


    रीवा । रीवा में तेज रफ्तार कार से कुचलकर दो जैन साध्वियों की मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज और विशेषज्ञों की राय ने इस पूरे प्रकरण को एक साधारण सड़क दुर्घटना के बजाय एक संदिग्ध मामला बना दिया है। इसी के चलते जैन समाज ने आरोपी पर दर्ज ‘गैर इरादतन हत्या’ की धारा को हटाकर सीधे ‘हत्या’ का मामला दर्ज करने की मांग तेज कर दी है।

    घटना में पूज्य श्रुति मति माता और उपसमिति माता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। शुरुआती पुलिस जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई है।

    फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार मेन रोड पर सामान्य गति से चल रही थी और अचानक मोड़ लेकर पैदल चल रही साध्वियों को कुचल देती है। इसके बाद वाहन तेज गति से मौके से निकल जाता है। इसी आधार पर एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं कि यह घटना अनियंत्रित वाहन का परिणाम नहीं बल्कि नियंत्रण में चल रही कार द्वारा की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चालक को झपकी आई होती या वाहन अनियंत्रित होता, तो कार का मूवमेंट अलग प्रकार का होता और वह या तो सीधा आगे बढ़ती या अधिक कोण पर मुड़ती। लेकिन फुटेज में वाहन का सटीक मोड़ लेकर साध्वियों की ओर जाना इस मामले को संदिग्ध बनाता है।

    घटना शहर के वीआईपी क्षेत्र में हुई, जहां कलेक्ट्रेट, पुलिस कंट्रोल रूम, सिविल लाइन थाना और एसपी कार्यालय कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

    जैन समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि जब घटना CCTV में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, तो इसे सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। समाज ने आरोपियों पर हत्या की धाराएं लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    पुलिस ने आरोपी रशीद आबाद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है, जो नागपुर का रहने वाला बताया गया है। घटना के बाद वह फरार हो गया था और बाद में उसे जबलपुर के बहोरीपार टोल नाके से पकड़ा गया।

    एडिशनल एसपी के अनुसार, पूरे मामले की जांच CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल जैन समाज की मांग है कि मामले में SIT या न्यायिक जांच कराई जाए और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए।

  • L&T के खाते में आए कई बड़े प्रोजेक्ट, ₹2500 करोड़ के ऑर्डर से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ी हलचल

    L&T के खाते में आए कई बड़े प्रोजेक्ट, ₹2500 करोड़ के ऑर्डर से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ी हलचल

    नई दिल्ली । देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर में एक बार फिर बड़ी कारोबारी गतिविधि देखने को मिली है। प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी L&T को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए ₹1,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच के बड़े ऑर्डर मिले हैं। इन नए प्रोजेक्ट्स ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है और कंपनी की भविष्य की विकास संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न क्षेत्रों से मिले इन ऑर्डर्स को कंपनी ने अपनी महत्वपूर्ण कारोबारी उपलब्धियों में शामिल किया है।

    स्टील सेक्टर से मिला बड़ा प्रोजेक्ट
    कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहयोगी इकाई को सबसे बड़ा पाइलिंग प्रोजेक्ट एक बड़े स्टील समूह से मिला है। यह परियोजना ओडिशा के पारादीप में विकसित किए जा रहे एक विशाल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट से जुड़ी हुई है। परियोजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर औद्योगिक संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस प्लांट में ब्लास्ट फर्नेस, हॉट स्ट्रिप मिल और स्टील मेल्टिंग शॉप जैसी कई महत्वपूर्ण संरचनाएं शामिल रहेंगी।

    बताया गया है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में लगभग 30 लाख रनिंग मीटर पाइलिंग कार्य किया जाएगा। परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर निर्माण कार्य कंपनी की तकनीकी क्षमता और निष्पादन कौशल की परीक्षा भी होगी।

    जल परिवहन क्षेत्र में भी बढ़ी सक्रियता
    कंपनी को राष्ट्रीय जलमार्ग से जुड़े दो महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं के तहत पटना और वाराणसी में आधुनिक शिप रिपेयर सुविधाओं का विकास किया जाएगा। परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मॉडल के तहत पूरी की जाएगी
    इन सुविधाओं में आधुनिक तकनीक आधारित शिप लिफ्ट और ट्रांसफर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि 800 टन क्षमता वाले बोट होइस्ट जैसी तकनीकी सुविधाएं भी इसमें शामिल होंगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आंतरिक जल परिवहन नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाना है, जिससे माल और यात्री परिवहन को नई गति मिल सके।

    मुंबई को मिल सकती है नई पहचान
    कंपनी को मुंबई हार्बर में भारत का पहला यॉट मरीना विकसित करने का प्रोजेक्ट भी मिला है। इस परियोजना को समुद्री पर्यटन और आधुनिक तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अंतर्गत कई उन्नत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिनमें विशेष प्लेटफॉर्म और सुरक्षित संचालन व्यवस्था शामिल रहेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना मुंबई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दे सकती है। साथ ही इससे देश की ब्लू इकॉनमी को भी मजबूती मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

    बाजार की नजर शेयर प्रदर्शन पर

    इन महत्वपूर्ण ऑर्डर्स की जानकारी सामने आने के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के शेयर प्रदर्शन पर भी बनी हुई है। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयरों में हल्की मजबूती देखी गई। हालांकि वर्ष की शुरुआत से अब तक शेयर के प्रदर्शन में सीमित दबाव बना हुआ है, लेकिन बड़े ऑर्डर भविष्य की आय और प्रोजेक्ट पाइपलाइन के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।