Blog

  • हेल्दी डाइट के नाम पर इन पोषण संबंधी धारणाओं पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, गलत तरीके से अपनाने पर फायदे की जगह नुकसान हो सकता है

    हेल्दी डाइट के नाम पर इन पोषण संबंधी धारणाओं पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, गलत तरीके से अपनाने पर फायदे की जगह नुकसान हो सकता है


    नई दिल्ली । शरीर को दिनभर अच्छे तरीके से काम करते रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो हमें भोजन से प्राप्त होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसा भोजन करने की सलाह देते हैं, जो न सिर्फ शरीर को ताकत दे, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर हो।

    आहार को लेकर अक्सर हमारे मन में कई सारे सवाल रहते हैं। सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए, कौन-सा फल कब खाना चाहिए, कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह छोड़ देना चाहिए या रात में खाना खाने से मोटापा बढ़ेगा? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि स्वस्थ आहार के चार आधार हैं, पर्याप्तता, संतुलन, सीमित मात्रा और विविधता। यानी सिर्फ एक चीज को डाइट में जोड़ लेना या किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह हटा देना स्वस्थ खानपान की गारंटी नहीं है।

    एक और बड़ा भ्रम यह भी है कि जो चीज प्राकृतिक हैं, वह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित और फायदेमंद भी होगी। ऐसे में हेल्दी डाइट के नाम पर अपनाई जा रही कुछ धारणाओं को समझना जरूरी है, ताकि फायदे की जगह नुकसान से बचा जा सके।

    शरीर के पोषण का रखें ध्यान

    लोगों को सही खानपान और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि अच्छा स्वास्थ्य केवल भरपेट खाने से नहीं, बल्कि शरीर को नियमित रूप से सही पोषक तत्व जैसे विटामिन्स, प्रोटीन और खनिज मिलने से बनता है।

    हमारे समाज में खान-पान को लेकर कई तरह की धारणाएं और मिथक प्रचलित हैं, जिनका लोग बिना पूरी जानकारी के पालन करते हैं। इनमें कार्बोहाइड्रेट, फलों और सप्लीमेंट्स से जुड़ी धारणाएं प्रमुख हैं।

    मिथ: कार्बोहाइड्रेट का मतलब वजन बढ़ाने वाली चीज

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सेहत के लिए आवश्यक हैं और इन्हें पूरी तरह वजन बढ़ाने वाला पोषक तत्व मानना सही नहीं है। कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। समस्या कार्बोहाइड्रेट की मौजूदगी से ज्यादा उसके स्रोत से जुड़ी होती है।

    साबुत अनाज, दालें, फल और सब्जियों से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट शरीर को स्वस्थ रखने और काम करने की ऊर्जा देते हैं। वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड और मीठे खाद्य पदार्थों से मिलने वाला कार्बोहाइड्रेट लंबे समय में वजन और ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने वाला हो सकता है।

    मिथ: फल जितना ज्यादा खाएंगे, उतना ज्यादा फायदा

    फलों को हेल्दी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, लेकिन इन्हें भी संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए। ज्यादा मात्रा में फलों के सेवन से भी नुकसान हो सकते हैं। 10 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रोजाना कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है। इससे अधिक मात्रा में कुछ फल वजन बढ़ने, शुगर और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ाने वाले हो सकते हैं।

    मिथ: सप्लीमेंट्स से पूरी हो जाएगी पोषक तत्वों की कमी

    अच्छी सेहत पाने के लिए खुद से सप्लीमेंट लेना शुरू कर देना नुकसानदायक हो सकता है। सप्लीमेंट की जरूरत शरीर में पोषक तत्वों की कमी और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर तय की जाती है। खुद से कोई सप्लीमेंट शुरू करना कई बार फायदे से ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार का सेवन शरीर की जरूरतें पूरी करने का अधिक सुरक्षित तरीका माना जाता है।

  • दो शादियां और रिश्तों पर विवाद… इमाद वसीम-शोएब मलिक को लेकर क्यों भड़के पाकिस्तानी फैंस, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    दो शादियां और रिश्तों पर विवाद… इमाद वसीम-शोएब मलिक को लेकर क्यों भड़के पाकिस्तानी फैंस, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस


    नई दिल्ली । पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ियों इमाद वसीम और शोएब मलिक की निजी जिंदगी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। इमाद वसीम की एक्स वाइफ सानिया अशफाक की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक यूजर ने इमाद वसीम की तुलना शोएब मलिक से कर दी। इसके बाद पाकिस्तान में क्रिकेटर्स की निजी जिंदगी और उनके रिश्तों को लेकर बहस छिड़ गई। हालांकि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों और आरोपों को संबंधित पक्षों के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

    दरअसल सानिया अशफाक ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में इमाद वसीम के साथ अपने रिश्ते को लेकर कई गंभीर दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इमाद ने उनकी प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें धोखा दिया और दूसरी शादी कर ली। सानिया ने यह भी दावा किया कि उनका जबरन अबॉर्शन कराया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। उनके बयानों के बाद सोशल मीडिया पर इमाद वसीम को लेकर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और मामला तेजी से वायरल हो गया।

    इसी बीच एक सोशल मीडिया यूजर ने इमाद वसीम और शोएब मलिक की तुलना करते हुए दोनों को एक जैसा बताया। यूजर की इस टिप्पणी पर सानिया अशफाक ने प्रतिक्रिया देते हुए दोनों क्रिकेटर्स की तुलना नहीं करने की बात कही। उन्होंने शोएब मलिक का बचाव करते हुए दावा किया कि भले ही शोएब की शादीशुदा जिंदगी में परेशानियां रही हों लेकिन उन्होंने अपने बच्चे को बेसहारा नहीं छोड़ा। सानिया ने इमाद पर अपने बच्चों की परवाह नहीं करने का आरोप भी लगाया। यह उनके व्यक्तिगत दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    इमाद वसीम की निजी जिंदगी की बात करें तो सानिया अशफाक से उनकी शादी हुई थी और दोनों के तीन बच्चे हैं। बाद में दोनों का तलाक हो गया। सानिया का दावा है कि तलाक के बाद इमाद ने बच्चों से भी दूरी बना ली। इसके बाद इमाद ने नायला राजा से दूसरी शादी की। यही वजह है कि अब उनकी पहली शादी और दूसरी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है।

    दूसरी ओर शोएब मलिक की निजी जिंदगी भी लंबे समय से सुर्खियों में रही है। शोएब की पहली शादी आएशा सिद्दीकी से हुई थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा से निकाह किया। दोनों का एक बेटा है। बाद में शोएब और सानिया मिर्जा का रिश्ता खत्म हो गया और दोनों अलग हो गए। इसके बाद शोएब मलिक ने पाकिस्तानी अभिनेत्री सना जावेद से शादी की।

    सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दोनों क्रिकेटर्स के रिश्तों को लेकर सवाल उठा रहे हैं और उन्हें धोखेबाजी जैसे शब्दों से निशाना बना रहे हैं। वहीं कई लोग यह भी कह रहे हैं कि किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी पर अंतिम राय बनाने से पहले सभी पक्षों की बात सामने आना जरूरी है। इस पूरे विवाद में फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा सानिया अशफाक के आरोपों और इमाद वसीम से उनकी तुलना को लेकर हो रही है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी पहचान बनाने वाले इन दोनों खिलाड़ियों की निजी जिंदगी एक बार फिर सोशल मीडिया बहस के केंद्र में आ गई है।

  • आरा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस की तीन बोगियां पटरी से उतरीं, यात्रियों में मची अफरातफरी, अप लाइन का परिचालन प्रभावित

    आरा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस की तीन बोगियां पटरी से उतरीं, यात्रियों में मची अफरातफरी, अप लाइन का परिचालन प्रभावित


    नई दिल्ली । बिहार के भोजपुर जिले में आरा स्टेशन पर बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। यहां महानंदा एक्सप्रेस की तीन बोगियां बेपटरी हो गईं। अलीपुरद्वार जंक्शन-दिल्ली जाने वाली 15483 महानंदा एक्सप्रेस आरा जंक्शन पर करीब सवा चार बजे प्लेटफार्म नम्बर दो पर पहुंची थी। इसके बाद यहां से पं दीनदयाल उपाध्याय के रास्ते दिल्ली की ओर रवाना हुई।

    कुछ ही देर में महानंदा एक्सप्रेस के इंजन समेत तीन बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। इस हादसे के बाद रेलवे स्टाफ और ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि समस्या के कारण ट्रेन का सिग्नल सासाराम लाइन की ओर चले जाने की बात सामने आ रही है। इसके बाद इंजन समेत एसएलआर और एच-1 कोच पटरी से उतर गए।

    करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद पटरी से उतरे तीनों कोच को दोबारा ट्रैक पर चढ़ा दिया गया है। हालांकि अप लाइन पर परिचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है।

    घटना के बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक व सिग्नल सिस्टम की जांच शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि सिग्नल सासाराम लाइन की ओर क्यों गया और इस कारण ट्रेन गलत दिशा में कैसे चली गई। हादसे के कारण रेल परिचालन प्रभावित होने की सूचना है। रेलवे की ओर से परिचालन को सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

    यात्रियों में मची अफरातफरी

    सुबह-सुबह हुई घटना से ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल तकनीकी टीम ट्रैक, सिग्नल और परिचालन व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • जोमैटो से मंगाई पाव भाजी में प्याज के बीच मिली जली हुई बीड़ी, ग्राहक ने फोटो साझा कर उठाए खाने की गुणवत्ता पर सवाल

    जोमैटो से मंगाई पाव भाजी में प्याज के बीच मिली जली हुई बीड़ी, ग्राहक ने फोटो साझा कर उठाए खाने की गुणवत्ता पर सवाल


    नई दिल्ली । बेंगलुरु में ऑनलाइन खाना मंगाने वाला व्यक्ति उस समय हैरान रह गया, जब उसके पाव भाजी के साथ प्याज के बीच बीड़ी भी मिली। सामान्य तौर पर खाने के साथ प्याज और चटनी मिलने की उम्मीद होती है, लेकिन इस ऑर्डर में बीड़ी देखकर ग्राहक ने अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया। लिंक्डइन यूजर प्रियम ने पोस्ट में बताया कि उन्होंने जोमैटो से पाव भाजी मंगाई थी और खाने के साथ उन्हें बीड़ी भी मिली। उन्होंने फोटो साझा करते हुए लिखा कि उन्हें मुफ्त में बीड़ी मिली है, लेकिन इस तरह की चीज की उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। बीड़ी पूरी तरह जली हुई थी और कटे हुए प्याज के बीच रखी हुई दिखाई दे रही थी।

    प्रियम ने अपनी पोस्ट में जोमैटो को भी टैग किया, जिसके बाद कंपनी की ओर से प्रतिक्रिया दी गई। जोमैटो ने कमेंट करते हुए ग्राहक से ऑर्डर की जानकारी शेयर करने को कहा, ताकि मामले की जांच की जा सके। कंपनी ने लिखा, ‘होले प्रियम, कृपया हमें अपना ऑर्डर आईडी प्राइवेट मैसेज के जरिए भेजें, ताकि हम इस मामले को देख सकें।’ इसके बाद ग्राहक ने एक और अपडेट साझा करते हुए बताया कि जोमैटो ने उन्हें अगली खरीदारी के लिए 100 रुपये का कूपन दिया है।

    भोजन की क्वालिटी पर उठे सवाल

    अभी तक यह साफ नहीं है कि बीड़ी खाने की पैकिंग के दौरान किस स्तर पर पैकेट में पहुंची। मामले को लेकर कंपनी की ओर से जांच या कार्रवाई की जानकारी भी सामने नहीं आई है। इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे लेकर मजाक किया और किसी ने इसे एक्स्ट्रा धुएं का स्वाद बताया। एक अन्य यूजर ने इसे मजाकिया अंदाज में सीजनल ऑफर तक कह दिया।

    यूजर्स ने गंभीर मामला बताया

    कई लोगों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाने की साफ-सफाई और स्वच्छता पर सवाल उठाए। एक यूजर ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद घर का बना खाना खाना ही बेहतर है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि खाने की पैकिंग आमतौर पर रेस्तरां की जिम्मेदारी होती है और जोमैटो मुख्य रूप से डिलीवरी प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है। हालांकि, ग्राहक के अनुभव ने ऑनलाइन खाना मंगाने के दौरान साफ-सफाई और पैकेजिंग की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • आसिम मुनीर को मिली तीनों सेनाओं की कमान, नए कानून से पाकिस्तान में सेना प्रमुख की ताकत और सैन्य ढांचे में बड़ा बदलाव

    आसिम मुनीर को मिली तीनों सेनाओं की कमान, नए कानून से पाकिस्तान में सेना प्रमुख की ताकत और सैन्य ढांचे में बड़ा बदलाव

    नई दिल्ली । पाकिस्तान की संसद ने देश के इतिहास में पहली बार एक ही सैन्य अधिकारी को सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों की कमान सौंपी है। इससे उन्हें अभूतपूर्व कानूनी ताकत मिली है। अगस्त के अंत में नेशनल असेंबली ने डिफेंस फोर्सेस ऑफ पाकिस्तान एक्ट, 2026 पारित कर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (सीडीएफ) का नया पद बनाया। नए कानून के तहत फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को देश का पहला सीडीएफ नियुक्त किया गया। वह अपने मौजूदा सेना प्रमुख के पद के साथ नई जिम्मेदारी को भी संभालेंगे।

    1976 के बाद पाकिस्तानी सैन्य कमान में सबसे बड़ा बदलाव

    सीडीएफ के पद के साथ मुनीर पाकिस्तान में और ताकतवर बनकर उभरे हैं। 1976 के बाद से यह पाकिस्तानी सैन्य कमान में सबसे बड़ा ढांचागत बदलाव माना जा रहा है। इससे पहले 1976 में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का पद बनाया गया था, लेकिन उसके पास नौसेना या वायुसेना को संचालित करने की कोई औपचारिक कानूनी ताकत नहीं थी। पुराने पद का काम सिर्फ तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बिठाना था और उसका नौसेना या वायुसेना पर कोई अधिकार नहीं था। इसके उलट सीडीएफ के पास तीनों सेनाओं पर कानूनी ऑपरेशनल कमांड है। यह सीधे सरकार को रिपोर्ट करेगा और इसके पास ऐसे फैसले लागू करने की शक्ति है जो पुराने पद के पास कभी नहीं थी।

    परमाणु कमान पर सिर्फ सेना के पास

    नए नियमों के अनुसार, परमाणु बलों की कमान का पद अब कानूनी रूप से केवल सेना के पास होगा। विश्लेषक मजीद निजामी का कहना है कि इस बदलाव से नौसेना और वायुसेना के लिए वह भूमिका औपचारिक रूप से खत्म हो गई है।

    संशोधन पर तीखी बहस

    इस संशोधन पर पाकिस्तान के अंदर तीखी बहस छिड़ गई है। समर्थकों का तर्क है कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्धक तैयारियों में मजबूती आएगी। रावलपिंडी के सेवानिवृत्त जनरल नईम खालिद लोधी और सुप्रीम कोर्ट के वकील हाफिज अहसान अहमद खोखर जैसे समर्थकों का मानना है कि यह ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसी पश्चिमी प्रणालियों की तर्ज पर प्रधानमंत्री से लेकर जमीनी इकाइयों तक बेहतर समन्वय, साइबर-ड्रोन अभियानों में तेजी और संकट के समय त्वरित निर्णय लेने के लिए एक वैध कदम है। वहीं आलोचकों की चिंता है कि यह कदम देश के संविधान और नागरिक नियंत्रण के संतुलन को कमजोर करेगा तथा सेना के प्रभाव को और अधिक स्थायी बनाता है। अब्दुल मोइज जाफेरी और कर्नल इनाम रहीम जैसे आलोचकों का तर्क है कि इससे एक सेवा प्रमुख दूसरे के अधीन हो गया है और सीडीएफ को अब कैबिनेट की मंजूरी के बिना केवल एक पत्र के जरिये अधिकारियों को बर्खास्त करने की शक्ति मिल गई है।

  • 11 दिन बाद भी नेपाल में तबाही का असर बरकरार, चीन-नेपाल व्यापार मार्ग तबाह होने से आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव

    11 दिन बाद भी नेपाल में तबाही का असर बरकरार, चीन-नेपाल व्यापार मार्ग तबाह होने से आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव

    नई दिल्ली । नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और हिमस्खलन के 11 दिन बाद भी तबाही का मंजर जारी है। चीन-नेपाल के बीच जमीनी व्यापार का प्रमुख केंद्र ग्यिरोंग पोर्ट और उससे जुड़ी सीमा चौकी पूरी तरह तबाह हो चुकी है। लगातार सामने आ रहीं तस्वीरें इसकी भयावह स्थिति बयां कर रही हैं। चीन ने नेपाल में हुई इस तबाही से हुए नुकसान पर भले ही चुप्पी साध रखी हो, लेकिन इस आर्थिक गलियारे के ठप होने से नेपाल की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति शृंखला पर असर साफ दिखने लगा है। भारत के जाने-माने भू-रणनीतिकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक ब्रह्मा चेलानी का कहना है कि इस रास्ते होने वाला व्यापार पूरी तरह ठप होने से काठमांडो को अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए भारत पर और अधिक निर्भर होना पड़ेगा।

    महंगाई का दिखने लगा असर

    बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत ट्रांस-हिमालय कनेक्टिविटी नेटवर्क में चीन ग्यिरोंग क्रॉसिंग को एक रणनीतिक केंद्र मानता है। ग्यिरोंग बंद होने से आपूर्ति शृंखला बाधित हो गई है। इससे चीनी सामानों की कमी हो रही है और नेपाल के घरेलू बाजार में महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। यहां दोनों देशों के बीच ट्रकों की आवाजाही, माल की चेकिंग, क्लियरेंस और स्टोरेज के लिए बड़े ड्राई पोर्ट और गोदाम बने थे।

    लाखों टन मलबा साफ करने के बाद ही शुरू हो पाएगा मार्ग

    तबाही के बाद व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह बहाल करने में अभी काफी समय लगेगा। भारी मालवाहक ट्रैफिक सुरक्षित रूप से फिर से शुरू होने से पहले इंजीनियरों को लाखों टन मलबा साफ करना होगा, ऊंचे पहाड़ी रास्तों को स्थिर करना होगा, हिमस्खलन के कारण ऊपर की ओर बनी झीलों के खतरे को कम करना होगा और बह चुके पुलों का पुनर्निर्माण करना होगा।

    चमत्कार: दो और जिंदगियां बचाई गईं

    अब इसे कुदरत का करिश्मा कहें या चमत्कार, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 11वें दिन शनिवार को मलबे में दबे एक चार मंजिला मकान से एक बुजुर्ग महिला को जिंदा निकाला गया। परिजनों ने महिला के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी और उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार भी कर दिया था। वहीं, बचाव दलों ने अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना से जुड़ी एक सुरंग से एक चीनी नागरिक को भी सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के अनुसार, नुवाकोट जिले के बिदुर शहर में 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ एक चार मंजिला इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर कीचड़ और मलबे के नीचे फंसी हुई थीं।

    अब तक 1,344 की मौत

    26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर आए हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी में आई इस विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। देश भर में मृतकों का आंकड़ा 1,344 तक पहुंच गया है, जबकि 589 विदेशी नागरिकों सहित लगभग 5,000 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें भारत के भी 250 से अधिक नागरिक शामिल हैं। तेज धारा देख पहाड़ की ओर भागे 130 लोग, सामने ही बह गया एक साथी… गोरखपुर। पिपराइच निवासी आशुतोष उपाध्याय हाइड्रो पावर में काम कर रहे थे। बचकर किसी तरह पहुंचे हैं। बताया अचानक सभी लोग भागने लगे। नदी की तेज होती धारा देखकर मैं और करीब 130 लोग जान बचाने के लिए पहाड़ की ओर भागे। हम लोग तो बच गए पर एक साथी सामने ही बह गया।

  • बुलंदशहर में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों का आरोप अस्पताल ने मृत अवस्था में स्वस्थ बताकर किया डिस्चार्ज

    बुलंदशहर में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों का आरोप अस्पताल ने मृत अवस्था में स्वस्थ बताकर किया डिस्चार्ज

    नई दिल्ली । बुलंदशहर नगर के भूड़ चौराहा स्थित प्रगति मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। शनिवार दोपहर एक मृत महिला को स्वस्थ बताकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों को महिला के मृत होने की जानकारी लगी तो उन्होंने विरोध जताकर हंगामा किया। वहीं, अस्पताल स्टाफ मौके से भाग गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत किया। हालांकि, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को घर भेज दिया।

    चोला क्षेत्र के गांव कौराली निवासी शमी आलम की 23 वर्षीय पत्नी मुस्कान को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बृहस्पतिवार रात भूड़ चौराहा स्थित प्रगति मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शनिवार को मृत महिला को स्वस्थ बताकर घर भेजे जाने के बाद परिजनों ने स्टाफ पर डिलीवरी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया।

    परिजनों का हंगामा देख अस्पताल स्टाफ और भर्ती अन्य मरीज भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और तहरीर देने की मांग की। परिजन तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बाद में बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए। देवर जान आलम ने बताया कि उनकी भाभी को जब भर्ती कराया गया था, वह बिल्कुल ठीक थीं।

    शुक्रवार को उन्होंने पुत्री को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी में स्टाफ की लापरवाही से ब्लीडिंग होती रही। स्टाफ ने ब्लड कम होने की बात कहकर करीब तीन यूनिट ब्लड मांगा, जिसे तत्काल उपलब्ध करवा दिया गया। शनिवार सुबह अस्पताल स्टाफ ने छुट्टी करने से पूर्व पैसा जमा करवाने की बात कही। इसके बाद वह पिता शमी खां के साथ बैंक से रुपये निकालने के लिए चले गए।

    इसी बीच परिजनों के अनुसार भाभी को मृत अवस्था में सही बताकर अस्पताल से बाहर कर दिया गया और घर ले जाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि मां ने डिस्चार्ज की बात बताई तो वह अस्पताल पहुंचे। उनके पहुंचने से पूर्व अस्पताल का स्टाफ जा चुका था और भाभी को देखा तो वह मृत अवस्था में थीं।

    घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने और महिला की स्थिति के संबंध में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि महिला को अस्पताल में भर्ती कराते समय उसकी हालत ठीक थी और प्रसव के बाद सामने आई स्थिति ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

    हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने परिजनों से तहरीर देने को कहा, जबकि परिजन तत्काल कार्रवाई की मांग करते रहे। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार किया और शव को अपने साथ घर ले गए। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन घर लौट गए।

    घटना के बाद अस्पताल स्टाफ के मौके से चले जाने की बात भी सामने आई है। पूरे मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और अस्पताल की ओर से इलाज तथा डिस्चार्ज प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं। फिलहाल घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रसव के दौरान मरीज की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • दुनिया को मिली नई मिस वर्ल्ड! जोहेरी मोला ने जीता ताज, भारत की निकिता पोर्वाल टॉप 20 में भी नहीं बना सकीं जगह

    दुनिया को मिली नई मिस वर्ल्ड! जोहेरी मोला ने जीता ताज, भारत की निकिता पोर्वाल टॉप 20 में भी नहीं बना सकीं जगह


    नई दिल्ली । मिस वर्ल्ड 2026 के फिनाले में डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोला डोमिंगेज ने शानदार जीत दर्ज करते हुए दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिताओं में शामिल मिस वर्ल्ड का ताज अपने नाम कर लिया है। वियतनाम के न्हा ट्रांग में आयोजित ग्रैंड फिनाले में जोहेरी मोला ने दुनियाभर से पहुंची प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए यह खिताब हासिल किया। उनकी जीत के साथ डोमिनिकन रिपब्लिक ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में दूसरी बार यह गौरव हासिल किया है। इससे पहले इस देश की मारियासेला अल्वारेज ने 1982 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था।

    फिनाले में स्पेन की एलिजाबेथ रेयनेस फर्स्ट रनरअप रहीं जबकि मलेशिया की तानुसिया चेट्टी ने सेकेंड रनरअप का स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में अंतिम दौर तक पहुंचने वाली सुंदरियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मिस वर्ल्ड 2026 का आयोजन प्रतियोगिता के 75वें साल के जश्न के बीच हुआ और इस बार कुल 111 देशों की प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया।

    भारत की ओर से मध्य प्रदेश के उज्जैन की निकिता पोर्वाल ने मिस वर्ल्ड 2026 में देश का प्रतिनिधित्व किया। उनसे भारत को एक बार फिर विश्व सुंदरी का ताज हासिल करने की उम्मीद थी लेकिन उनका सफर टॉप 40 के बाद आगे नहीं बढ़ सका। निकिता टॉप 20 में जगह बनाने से चूक गईं। हालांकि प्रतियोगिता के दौरान उनके प्रदर्शन और भारतीय संस्कृति को प्रस्तुत करने के अंदाज की काफी चर्चा हुई।

    निकिता पोर्वाल ने प्रतियोगिता के दौरान अपनी खूबसूरती के साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। Dances of the World कार्यक्रम में उन्होंने देवी मीनाक्षी से प्रेरित रूप में प्रस्तुति दी थी। उनके इस अंदाज को दर्शकों और प्रशंसकों की ओर से खूब सराहना मिली।

    वहीं नई मिस वर्ल्ड जोहेरी मोला डोमिंगेज ने अपनी जीत के दौरान सामाजिक सरोकारों से जुड़े अपने काम को भी सामने रखा। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में Beauty with a Purpose अभियान के जरिए प्रतियोगियों के सामाजिक कार्यों को विशेष महत्व दिया जाता है। जोहेरी का जुड़ाव शिक्षा से भी बताया जाता है और उन्होंने वंचित बच्चों को अंग्रेजी सिखाने तथा उन्हें बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने से जुड़े अपने प्रयासों पर जोर दिया।

    मिस वर्ल्ड 2026 के फिनाले के साथ ही एक बार फिर यह प्रतियोगिता सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं बल्कि प्रतिभा व्यक्तित्व आत्मविश्वास और सामाजिक योगदान का वैश्विक मंच होने का संदेश देती नजर आई। डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोला के सिर अब विश्व सुंदरी का ताज है जबकि भारत की निकिता पोर्वाल भले ही टॉप 20 में जगह नहीं बना सकीं लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्कृति और अपनी प्रतिभा की मजबूत छाप छोड़ी।

  • राज्यसभा नहीं मिलने पर स्मृति ईरानी का जवाब, अमेठी चुनाव हार और भाजपा में संगठनात्मक भूमिका पर खुलकर बोलीं

    राज्यसभा नहीं मिलने पर स्मृति ईरानी का जवाब, अमेठी चुनाव हार और भाजपा में संगठनात्मक भूमिका पर खुलकर बोलीं

    नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भाजपा की केंद्रीय टीम में वापसी के बाद कई मुद्दों पर बात की है। एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में अमेठी से मिली हार के बाद राज्यसभा न भेजे जाने को लेकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संगठन में पद कोई पहचान नहीं होती है, वह एक मौका होता है। उन्होंने कहा, “अगर राजनीतिक ताकत महत्वपूर्ण होती, तो मैं कभी भी अमेठी नहीं जाती। क्योंकि अमेठी ऐतिहासिक रूप से भाजपा के लिए एक ‘लूजिंग सीट’ रही है।” बता दें स्मृति ईरानी 2011 से 2019 तक राज्यसभा सांसद रही थीं। इस दौरान ही उन्होंने 2019 के चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। बाद में 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

    टाइम्स नाऊ से बात करते हुए स्मृति ईरानी ने 2024 लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी द्वारा वापस राज्यसभा न भेजे जाने के सवाल पर भी विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह जहां से आई हैं, वहां पर कभी नहीं सोचा था कि वह इस मुकाम पर पहुंचेंगी।

    मैं और देवेंद्र फडणवीस मिलकर, पुराने दिनों को याद करके हंसते हैं- स्मृति ईरानी

    इंटरव्यू के दौरान स्मृति ईरानी ने भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में काम करने वाले दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, “मैं पहली बार 2003 में युवा मोर्चा महाराष्ट्र में पदाधिकारी बनी थी। मेरे साथ जो उपाध्यक्ष थे, व देवेंद्र फडणवीस थे। उस समय हम लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि यहां तक पहुंचेंगे। मैं और देवेंद्र फडणवीस जब की मिलते हैं, तो इस बात पर हंसते हैं। उस समय हम लोग प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे को देखा करते थे। मैंने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि हम यहां तक पहुंचेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से सार्वजनिक रूप से की गई तारीफ उनके लिए एक उपलब्धि है।

    ‘घर से पेट्रोल, पानी के पैसे मांगते थे’

    भाजपा नेता स्मृति ईरानी युवा मोर्चा के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह एक पक्की भाजपा कार्यकर्ता हैं। युवा मोर्चा के दिनों में वह अपने साथी लोगों की मदद करने के लिए घर से पेट्रोल पानी के पैसे तक लेती थी। इस पर उनके घर वाले भी कई बार टोका करते थे। उन्होंने कहा, “उस समय हम लोग ऐसे ही घूमा करते थे। घर से पेट्रोल पानी के पैसे भी लिया करते थे। घरवाले कहते थे कि अरे तुम युवा मोर्चा में हो और अभी पैसे लेते हो। तब हम कहते थे कि ‘हां, ताकि हम अपने साथियों की मदद कर सकें।’ उस वक्त हमारे जो संगठन मंत्री थे वह वी. सतीश जी थे। वह आज संसद में हैं। वह बैठकर हमें बताते थे कि जो गरीब कार्यकर्ता है उसकी मदद कैसे करनी है। उसको भी अपने साथ लेकर चलना है।” उन्होंने कहा कि जब संगठन में इस तरीके की मजबूती के साथ तैयारी की जाती है और ऐसे बैकग्राउंड से आप आते हैं, तो आपके लिए पद कोई ज्यादा मायने नहीं रखता।

    पीएम के इग्नोर करने वाले वीडियो पर भी दिया स्मृति ईरानी का जवाब

    इंटरव्यू के दौरान जब स्मृति ईरानी से बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान वायरल हुए वीडियो पर भी सवाल पूछा गया। विपक्ष की तरफ से आरोप लगाया जाता है कि पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में स्मृति ईरानी को इग्नोर किया था। इसका जवाव देते हुए ईरानी ने कहा, “हां, उस समय मैं और दादा (मिथुन) एक साथ ही बैठे हुए थे। वीडियो में पीएम मोदी की पीठ दिखाई दे रही है। किसको पता है कौन किसको हाथ जोड़ रहा है। वह पल बेहद भावुक करने वाला था। वहां जितने भी लोग मंच पर थे, सबकी अपनी कहानी थी। बंगाल में कार्यकर्ताओं ने काफी कुछ झेला है।”

    उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय मंच पर पुराने से पुराना कार्यकर्ता मौजूद था। प्रधानमंत्री मोदी उन लोगों का अभिवादन कर रहे थे। हमने पीएम के लिए बंगाल में गालियां सुनी हैं। ऐसे में यह सारी चीजें मायने नहीं रखतीं। मायने रखती है, तो केवल जीत और वह सुखद थी। मायने रखता है, तो बंगाल का कार्यकर्ता और उसे मिलने वाला न्याय।

  • 'मिर्जापुर: द मूवी' ने दूसरे दिन मचाया धमाल, 'टॉक्सिक' और 'इरुमुडी' की कमाई में भी दिखी रफ्तार

    'मिर्जापुर: द मूवी' ने दूसरे दिन मचाया धमाल, 'टॉक्सिक' और 'इरुमुडी' की कमाई में भी दिखी रफ्तार

    नई दिल्ली । बॉक्स ऑफिस पर इस वक्त एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। कई बड़ी और बिग बजट फिल्मों के साथ कुछ कम बजट वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा दिखा रही हैं। इस लिस्ट में ‘हनुमान अंश’, ‘टॉक्सिक’, ‘इरुमुडी’ और अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ भी शामिल हो गई है। थिएटर में रिलीज होते ही ये फिल्में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगी में हैं। ऐसे में इन फिल्मों का वीकेंड पर क्या हाल रहा आइए जानते हैं। शनिवार को बॉक्स ऑफिस पर सिनेमाघरों में मौजूद इन फिल्मों के बीच जमकर भिड़ंत हुई। तो चलिए देखते हैं किसने कितना कमाया…

    ‘मिर्जापुर’ ने दो दिनों में ही काटा बवाल

    ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा दिखाना शुरू कर दिया है। फिल्म में इस बार पुराने कैरेक्टर्स की वापसी हुई है। वहीं, कई नए कलाकार भी फिल्म में नजर आ रहे हैं। फिल्म ने पहले दिन बंपर कमाई करने के बाद दूसरे दिन तो कहर ही ढाह दिया है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ओपनिंग डे पर 25.75 करोड़ रुपये कमाए। वहीं, शनिवार को इसने अपना डे वन का रिकॉर्ड ही ब्रेक कर दिया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, दूसरे दिन ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने 31.00 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 56.75 करोड़ हो गया है। वहीं, वर्ल्डवाइड फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 78.45 करोड़ हो गया है।

    शनिवार को ‘टॉक्सिक’ ने बढ़ाई रफ्तार

    साउथ सुपरस्टार यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’ को रिलीज हुए आज 11 दिन हो गए हैं। ‘टॉक्सिक’ ने ओपनिंग डे पर तो 101.10 करोड़ की बंपर कमाई के साथ अपना खाता खोला था। दूसरे दिन से इसके कलेक्शन में काफी गिरावट देखने को मिली। फिल्म में यश की एक्टिंग की काफी तारीफ हो रही है। हालांकि, मूवी को निगेटिव रिव्यू का भी सामना करना पड़ रहा है। पहले हफ्ते यश की फिल्म ने 239.30 करोड़ की कमाई की। शुरुआती ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘टॉक्सिक’ ने जहां शुक्रवार को 1.75 करोड़ की नेट कमाई की। वहीं, शनिवार को इसने 2.04 करोड़ कमाए। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 243.09 करोड़ हो गया है। वहीं, वर्ल्डवाइड फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 333.45 करोड़ हो गया है।

    वीकेंड पर दिखाया कमाल

    रवि तेजा का फिल्म ‘इरुमुडी’ ने बॉक्स ऑफिस पर दो हफ्ते पूरे कर लिया है। ‘इरुमुडी’ ने ओपनिंग डे पर 15.30 करोड़ रुपये के साथ ओपनिंग की थी। फिल्म ने फर्स्ट वीक 92.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। वहीं, दूसरे हफ्ते इसने 57.60 करोड़ रुपये की कमाई की है। शुरुआती ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इरुमुडी’ ने 15वें दिन 4.90 करोड़ रुपये कमाए। ऐसे में 16वें दिन यानी शनिवार को भी 4.90 करोड़ रुपये की कमाई हुई। भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई अब 159.55 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, इससे दुनिया भर में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 201.30 करोड़ रुपये हो गया है।