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  • MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट

    MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब नौ दिनों के अंतराल के बाद एक बार फिर भारी बारिश की संभावना बनी है। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने शुक्रवार को बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के 31 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) विकसित हो रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    प्रदेश में पिछले नौ दिनों से कहीं भी उल्लेखनीय भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। इसका असर मानसून के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। अब तक मध्य प्रदेश में 243.3 मिमी (9.6 इंच) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 281.3 मिमी (11.1 इंच) होना चाहिए था। यानी प्रदेश में अब तक 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    यदि क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से 2 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

    इन जिलों में बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, अनूपपुर और उमरिया में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    वहीं ग्वालियर, भोपाल, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में फिलहाल उमस और गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन वर्षा की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी दिनों में सक्रिय हो रही निम्न दाब प्रणाली की दिशा और तीव्रता तय करेगी कि मानसून कितनी तेजी से दोबारा सक्रिय होता है। यदि मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

  • आज उत्तर से दक्षिण तक बारिश का दौर जारी, कई राज्यों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    आज उत्तर से दक्षिण तक बारिश का दौर जारी, कई राज्यों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है और इसके प्रभाव से 17 जुलाई को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के अनेक हिस्सों के लिए वर्षा, तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका भी जताई गई है।

    उत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना

    आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मध्य भारत में भी अलर्ट

    पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ तथा छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।

    बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर में तेज मानसून

    बिहार, ओडिशा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी अच्छी बारिश की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

    पश्चिमी भारत में भी बारिश का असर

    कोंकण, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।

    दक्षिण भारत में बारिश के साथ हीटवेव का असर

    आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में भी वर्षा की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

    हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में बारिश के बावजूद हीटवेव जैसी परिस्थितियां भी बनी रह सकती हैं। वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब तथा पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है।

    अगले सात दिन रहेगा मानसून का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले सात दिनों तक पूर्वी, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून सक्रिय रहेगा। इसके अलावा 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) भी प्रभावी होने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है।

    बाढ़ का भी खतरा

    आईएमडी ने ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताते हुए चेतावनी दी है कि 23 जिलों तथा छत्तीसगढ़ के 13 जिलों के निचले इलाकों में 17 जुलाई की सुबह तक अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

  • रूस से तेल खरीदने पर 100% अमेरिकी टैरिफ का प्रस्ताव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या पड़ेगा असर?

    रूस से तेल खरीदने पर 100% अमेरिकी टैरिफ का प्रस्ताव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या पड़ेगा असर?

    नई दिल्ली। रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने संशोधित विधेयक पेश किया है, जिसमें भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर रूसी तेल का आयात जारी रखने की स्थिति में भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रस्ताव के कानून बनने की संभावना फिलहाल सीमित है।

    संशोधित विधेयक में क्या है?

    प्रस्तावित बिल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रीय हित के आधार पर प्रतिबंधों में छूट देने का अधिकार भी दिया गया है। वहीं, 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित कार्रवाई से बाहर रखा गया है, क्योंकि वे सीमित मात्रा में रूसी गैस आयात करते हैं और रूस पर अपनी निर्भरता लगातार कम कर रहे हैं।

    डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह केवल टैरिफ लगाने का प्रस्ताव नहीं, बल्कि रूस की ऊर्जा, वित्तीय और रक्षा अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। यदि यह कानून बनता है तो पहली बार अमेरिकी कांग्रेस किसी तीसरे देश के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ को दंडात्मक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देगी।

    वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है असर

    ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूसी तेल की खरीद पर इस प्रकार के सेकेंडरी टैरिफ लागू होते हैं तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

    केप्लर के मॉडलिंग एवं रिफाइनिंग विशेषज्ञ सुमित रिटोलिया के अनुसार, वैश्विक बाजार में रूसी कच्चे तेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यदि इसकी आपूर्ति में बड़ी कमी आती है तो उसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। सीमित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिम और वैकल्पिक आपूर्ति की कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।

    भारत के लिए क्यों अहम है रूसी तेल?

    पिछले कुछ वर्षों में रूस भारत के सबसे बड़े कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है। रियायती दरों पर उपलब्ध रूसी तेल ने भारतीय रिफाइनरियों को लागत कम रखने, ईंधन आपूर्ति बनाए रखने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद की है।

    उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, जून में भारत ने प्रतिदिन लगभग 26 लाख बैरल (2.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन) रूसी कच्चे तेल का आयात किया, जो देश के कुल क्रूड आयात का 50 प्रतिशत से अधिक था। जुलाई में भी आयात का स्तर मजबूत बना हुआ है।

    क्या भारत को चिंतित होना चाहिए?

    ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का मानना है कि भारत को फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, ऐसा ही एक विधेयक लंबे समय से अमेरिकी सीनेट में लंबित है, जिससे स्पष्ट होता है कि ऐसे कठोर प्रावधानों को पर्याप्त राजनीतिक समर्थन नहीं मिल पाया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी न्यायिक फैसलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े कानूनी पहलुओं को देखते हुए इस प्रस्ताव के लागू होने की राह आसान नहीं है। साथ ही यूरोपीय देशों को दी गई छूट यह भी दर्शाती है कि प्रस्ताव सभी देशों पर समान रूप से लागू नहीं किया जा रहा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तय करनी चाहिए। यदि भविष्य में इस प्रस्ताव पर आगे बढ़त होती है, तब भी भारत के सामने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और आयात रणनीति का संतुलित मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण होगा।

  • री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर

    री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से अखिल भारतीय प्रथम स्थान हासिल किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

    इस वर्ष री-नीट परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार परीक्षा में सफल रहे। सफल अभ्यर्थियों में छात्राओं की हिस्सेदारी लगभग 58 प्रतिशत रही, जिससे एक बार फिर महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहतर रहा।

    19 छात्रों ने हासिल किए 700 से अधिक अंक

    एनटीए के अनुसार, कुल 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, 705 से अधिक अंक हासिल करने वाले शीर्ष 17 रैंकधारी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित आठ राज्यों से हैं।

    पेपर लीक के बाद हुई थी दोबारा परीक्षा

    गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें देशभर के लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया।

    उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सफल अभ्यर्थी

    सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 1.70 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि लक्षद्वीप से 43 उम्मीदवार सफल रहे।


    प्रमुख आंकड़े

    • कुल सफल अभ्यर्थी : 11.21 लाख
    • सर्वोच्च अंक : 715/720 (आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल)
    • 700 से अधिक अंक : 19 उम्मीदवार
    • 690 से अधिक अंक : 138 उम्मीदवार
    • 650 या उससे अधिक अंक : 1,492 उम्मीदवार
    • 600 या उससे अधिक अंक : 10,160 उम्मीदवार
    • 500 या उससे अधिक अंक : 90,780 उम्मीदवार

    एनटीए के अनुसार, 690 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 138 उम्मीदवार देश के 66 शहरों से हैं। इनमें 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों ने पहली बार परीक्षा दी, जबकि 99 प्रतिशत टॉप स्कोरर 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के हैं।

    श्रेणीवार सफल अभ्यर्थी

    • ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) : 5.12 लाख
    • सामान्य वर्ग : 2.91 लाख
    • अनुसूचित जाति (SC) : 1.59 लाख
    • सामान्य ईडब्ल्यूएस : 95,026
    • अनुसूचित जनजाति (ST) : 63,716
    • PwBD : 3,666
    • PwD : 303

    छात्राओं का प्रदर्शन रहा बेहतर

    इस वर्ष छात्राओं की सफलता दर 56.8 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की सफलता दर 55.1 प्रतिशत दर्ज की गई।

    अब शुरू होगी काउंसलिंग प्रक्रिया

    परिणाम जारी होने के साथ ही एनटीए ने विभिन्न श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक भी घोषित कर दिए हैं। अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही अखिल भारतीय 15 प्रतिशत कोटा की सीटों के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम जारी करेगी। वहीं, शेष 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए संबंधित राज्य सरकारें अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित करेंगी।

    सफल अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए अपना स्कोरकार्ड, 10वीं और 12वीं की अंकसूची, पहचान पत्र, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है।

  • हार्ट को रखना है हमेशा हेल्दी? आज ही छोड़ दें ये 5 खराब आदतें, कम होगा दिल की बीमारियों का खतरा

    हार्ट को रखना है हमेशा हेल्दी? आज ही छोड़ दें ये 5 खराब आदतें, कम होगा दिल की बीमारियों का खतरा


    नई दिल्ली।
    स्वस्थ और लंबी जिंदगी के लिए दिल का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के कारण हृदय संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उम्र या आनुवंशिक कारण ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कई आदतें भी हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती हैं। यदि समय रहते इन आदतों में सुधार कर लिया जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    लंबे समय तक लगातार बैठे रहना दिल के लिए नुकसानदायक माना जाता है। ऑफिस में घंटों कुर्सी पर काम करना या घर पर लंबे समय तक मोबाइल और टीवी के सामने बैठे रहना ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है। इससे वजन बढ़ने, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 45 से 60 मिनट के बाद कुछ मिनट टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें।

    जरूरत से ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी हार्ट हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। पैकेज्ड स्नैक्स, चिप्स, इंस्टेंट फूड और प्रोसेस्ड मीट में सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके बजाय ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और घर का संतुलित भोजन अधिक लाभकारी माना जाता है।

    पर्याप्त नींद न लेना भी दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। लगातार कम नींद लेने से तनाव हार्मोन बढ़ सकते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। अधिकांश वयस्कों के लिए प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की अच्छी गुणवत्ता वाली नींद जरूरी मानी जाती है।

    लगातार तनाव में रहना भी हृदय रोगों का बड़ा कारण बन सकता है। काम का दबाव, आर्थिक समस्याएं या निजी जीवन की परेशानियां लंबे समय तक बनी रहने पर रक्तचाप बढ़ सकता है। तनाव के कारण कई लोग धूम्रपान, अधिक भोजन या अन्य अस्वस्थ आदतों की ओर भी आकर्षित हो जाते हैं। नियमित योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास और व्यायाम तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।

    धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी हृदय के लिए बेहद नुकसानदायक है। धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है। वहीं अधिक मात्रा में शराब का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाने के साथ हृदय की कार्यक्षमता पर भी असर डाल सकता है। इन आदतों से दूरी बनाना दिल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, रोज कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित आहार लेना, वजन और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराना, तनाव को नियंत्रित रखना और किसी भी असामान्य लक्षण जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।

  • राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा तकनीकी समिति में मध्यप्रदेश को मिला महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व : ऊर्जा मंत्री तोमर

    राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा तकनीकी समिति में मध्यप्रदेश को मिला महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व : ऊर्जा मंत्री तोमर


    भोपाल । ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने विद्युत क्षेत्र की साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नेशनल क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (एनसीआईआईपीसी) तथा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा विद्युत क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर-सीआईआई) के संरक्षण एवं सुरक्षा मूल्यांकन के लिए अनुरूपता मूल्यांकन ढांचा (कॉनफॉर्मिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क-सीएएफ) विकसित करने के लिये राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी समिति का गठन किया गया है।

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी), जबलपुर में पदस्थ अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता को इस प्रतिष्ठित तकनीकी समिति का सदस्य नामित किया गया है। देश के सभी भार प्रेषण केंद्रों तथा राज्य स्तरीय विद्युत संस्थाओं में से चयनित होने वाले वे एकमात्र विशेषज्ञ अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि यह समिति अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी रूपरेखा तैयार करेगी, जिससे विद्युत क्षेत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की साइबर सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके तथा बढ़ते साइबर खतरों एवं चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

    विद्युत मंत्रालय के दिशा निर्देशों के तहत विकसित हुआ है प्रदेश का एसएलडीसी
    राजेश कुमार गुप्ता वर्तमान में एसएलडीसी, जबलपुर में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में एमपी-एसएलडीसी की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुदृढ़ एवं प्रभावी रूप से विकसित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप एमपी-एसएलडीसी की साइबर सुरक्षा प्रणाली को देश के अग्रणी मॉडलों में स्थान प्राप्त हुआ है, जो महत्वपूर्ण विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता और तकनीकी उत्कृष्टता का परिचायक है।

    गुप्ता विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित उस राष्ट्रीय कार्य समूह के भी सदस्य हैं, जो देश के लोड डिस्पैच केंद्रों के लिए आईटी-ओटी (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) अभिसरण आर्किटेक्चर की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस तकनीकी समिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) तथा अन्य अग्रणी संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं।

    ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई
    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने राजेश कुमार गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समिति में उनका चयन मध्यप्रदेश की तकनीकी दक्षता, साइबर सुरक्षा क्षमता तथा विद्युत क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य संस्कृति की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुप्ता का अनुभव और विशेषज्ञता देश की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचनाओं की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

  • बारिश में नरम हो जाते हैं होममेड स्नैक्स? अपनाएं ये 5 आसान स्टोरेज टिप्स, लंबे समय तक रहेंगे कुरकुरे

    बारिश में नरम हो जाते हैं होममेड स्नैक्स? अपनाएं ये 5 आसान स्टोरेज टिप्स, लंबे समय तक रहेंगे कुरकुरे

    नई दिल्ली। बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं और स्वादिष्ट स्नैक्स का आनंद लेकर आता है। इस दौरान घरों में मठरी, नमकपारे, चकली, सेव, रिबन पकोड़ा और कई तरह के पारंपरिक स्नैक्स बड़ी मात्रा में बनाकर स्टोर किए जाते हैं। हालांकि, मानसून में बढ़ी हुई नमी के कारण ये स्नैक्स जल्दी अपनी कुरकुराहट खो देते हैं और कुछ ही दिनों में नरम पड़ने लगते हैं। यदि सही तरीके से इन्हें स्टोर किया जाए तो लंबे समय तक इनका स्वाद और ताजगी बरकरार रखी जा सकती है।

    स्नैक्स को स्टोर करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह ठंडे हो चुके हों। कई बार लोग जल्दबाजी में गर्म या हल्के गुनगुने स्नैक्स को डिब्बे में बंद कर देते हैं, जिससे अंदर भाप बनती है और नमी बढ़ने के कारण स्नैक्स जल्दी नरम हो जाते हैं। इसलिए किसी भी तले हुए स्नैक को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही कंटेनर में रखें।

    स्टोरेज के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए। मानसून के दौरान हवा में मौजूद नमी आसानी से खुले डिब्बों या ढीले ढक्कन वाले कंटेनरों में पहुंच जाती है। एयरटाइट कंटेनर स्नैक्स को बाहरी नमी से बचाकर लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखने में मदद करते हैं।

    यदि स्नैक्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखना हो तो फूड-ग्रेड मॉइश्चर एब्जॉर्बर या सिलिका जेल पैक का उपयोग किया जा सकता है। यह अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है और स्नैक्स की गुणवत्ता बनाए रखता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि सिलिका पैक सीधे खाद्य पदार्थ के संपर्क में न आए और केवल फूड-ग्रेड उत्पादों का ही उपयोग किया जाए।

    बार-बार कंटेनर खोलने से भी स्नैक्स की गुणवत्ता प्रभावित होती है। हर बार डिब्बा खोलने पर बाहर की नम हवा अंदर प्रवेश करती है, जिससे स्नैक्स जल्दी नरम होने लगते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि स्नैक्स को छोटे-छोटे एयरटाइट कंटेनरों में अलग-अलग स्टोर करें, ताकि एक बार में केवल जरूरत के अनुसार ही डिब्बा खोला जाए।

    स्नैक्स को हमेशा ठंडी, सूखी और साफ जगह पर रखना चाहिए। गैस स्टोव, सिंक या ऐसी जगह जहां नमी अधिक रहती हो, वहां कंटेनर रखने से बचें। यदि किचन में अधिक सीलन रहती है तो स्नैक्स को पेंट्री या बंद अलमारी में रखना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

    यदि किसी कारण से मठरी, चकली या नमकपारे हल्के नरम हो जाएं, तो उन्हें कुछ मिनट के लिए ओवन या एयर फ्रायर में कम तापमान पर हल्का गर्म किया जा सकता है। इसके बाद ठंडा होने पर उनकी कुरकुराहट काफी हद तक वापस आ जाती है। हालांकि, अधिक देर तक गर्म करने से स्नैक्स जल भी सकते हैं, इसलिए तापमान और समय का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

  • 'रामायण' ट्रेलर लॉन्च से पहले रणबीर कपूर की तबीयत बिगड़ी, आंखों के संक्रमण के बावजूद इवेंट में होंगे शामिल

    'रामायण' ट्रेलर लॉन्च से पहले रणबीर कपूर की तबीयत बिगड़ी, आंखों के संक्रमण के बावजूद इवेंट में होंगे शामिल

    नई दिल्ली । अभिनेता रणबीर कपूर की तबीयत को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इन दिनों कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों के संक्रमण से जूझ रहे हैं। यह खबर ऐसे समय आई है जब उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ के मेगा ट्रेलर लॉन्च की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद रणबीर के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    बताया जा रहा है कि फिल्म का भव्य ट्रेलर लॉन्च नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की गई है, जिसमें फिल्म से जुड़े प्रमुख कलाकारों और निर्माताओं की मौजूदगी रहने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर कपूर भी अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद इस आयोजन में शामिल होकर अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता निभाने का फैसला कर चुके हैं।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, आंखों के संक्रमण की शुरुआत सबसे पहले रणबीर कपूर की बेटी राहा को हुई थी। बाद में यह संक्रमण रणबीर तक भी पहुंच गया। हालांकि उनकी स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान संक्रमण को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    ‘रामायण: पार्ट 1’ इस समय हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। लंबे समय से इस फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है और ट्रेलर लॉन्च को भी एक बड़े सिनेमाई आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। इसी वजह से रणबीर की तबीयत से जुड़ी खबर ने प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    फिल्म के ट्रेलर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से ‘यू’ सर्टिफिकेट मिल चुका है। इसका अर्थ है कि ट्रेलर सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए उपयुक्त माना गया है। जानकारी के अनुसार, ट्रेलर के दो अलग-अलग संस्करण प्रमाणन के लिए भेजे गए थे, जिनकी अवधि लगभग चार मिनट के आसपास है। माना जा रहा है कि इनमें से एक संस्करण सिनेमाघरों में भी प्रदर्शित किया जाएगा।

    फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण नमित मल्होत्रा के नेतृत्व में किया जा रहा है। ट्रेलर लॉन्च समारोह में फिल्म की प्रमुख स्टारकास्ट के शामिल होने की संभावना है। हालांकि फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे यश और हनुमान के किरदार में नजर आने वाले सनी देओल की उपस्थिति को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    ‘रामायण’ को दो भागों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है। पहला भाग दिवाली 2026 के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्साह बना हुआ है। अब सभी की नजर ट्रेलर लॉन्च और रणबीर कपूर की उपस्थिति पर टिकी हुई है, क्योंकि यह आयोजन फिल्म के प्रचार अभियान का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

  • सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं सोनाक्षी सिन्हा, वीडियो जारी कर बोलीं- अब चुप नहीं बैठ सकती, संवाद की अपील

    सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं सोनाक्षी सिन्हा, वीडियो जारी कर बोलीं- अब चुप नहीं बैठ सकती, संवाद की अपील

    नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन लगातार 19वें दिन भी जारी है। इस बीच उनके समर्थन में अब बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा भी खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए अनशन को लेकर चिंता व्यक्त की और सरकार तथा समाज से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। अभिनेत्री ने कहा कि अब वह इस विषय पर चुप नहीं रह सकतीं और संवाद के जरिए समाधान निकालना जरूरी है।

    अपने वीडियो संदेश में सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्ति हैं और लंबे समय से बिना भोजन के अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, जिनकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यदि किसी नागरिक को अपनी बात मनवाने के लिए इतने लंबे समय तक भूख हड़ताल करनी पड़े, तो यह सभी के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने दिनों से चल रहे अनशन के बावजूद सार्थक बातचीत की पहल क्यों नहीं हो रही है। उनका मानना है कि यदि समय रहते बातचीत शुरू की जाए तो किसी भी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है और हालात को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

    सोनाक्षी सिन्हा ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि देश और उसके भविष्य की चिंता करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देशहित में अपनी बात रखना किसी राजनीतिक पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील नहीं कर रहीं, बल्कि संबंधित पक्षों से जल्द बातचीत शुरू करने का आग्रह कर रही हैं ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने सोनाक्षी सिन्हा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण विषय पर अपनी आवाज उठाई है। वहीं कुछ लोगों ने इस मामले पर अलग-अलग दृष्टिकोण भी व्यक्त किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो को बड़ी संख्या में देखा और साझा किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर भी चिंता जताई जा रही है और इस मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। दिल्ली हाईकोर्ट में इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है, जबकि प्रदर्शन को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और कई सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यह मुद्दा अब केवल एक आंदोलन तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।

  • विप्रो के पहली तिमाही नतीजे जारी, मुनाफे में गिरावट के बीच कंपनी ने अंतरिम लाभांश का किया ऐलान

    विप्रो के पहली तिमाही नतीजे जारी, मुनाफे में गिरावट के बीच कंपनी ने अंतरिम लाभांश का किया ऐलान

    नई दिल्ली । देश की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में उसके शुद्ध मुनाफे में तिमाही आधार पर 4.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि कुल आय में केवल मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आईटी सेवाओं की मांग में संतुलित वृद्धि के बीच कंपनी का प्रदर्शन बाजार की निगाहों में बना हुआ है।

    कंपनी की ओर से जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में विप्रो का समेकित शुद्ध लाभ घटकर 3,352 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनी की कुल आय तिमाही आधार पर लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 24,480 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सालाना आधार पर आय में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुनाफा लगभग स्थिर रहा।

    परिचालन प्रदर्शन की बात करें तो आईटी सेवा कारोबार का ऑपरेटिंग मार्जिन 16 प्रतिशत रहा। यह पिछली तिमाही और पिछले वर्ष की समान अवधि दोनों की तुलना में कम रहा। मार्जिन में आई गिरावट को लागत और बाजार परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कंपनी ने नकदी प्रवाह के मोर्चे पर सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया है।

    जून तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो बढ़कर 3,290 करोड़ रुपये हो गया। यह तिमाही की शुद्ध आय का लगभग 98 प्रतिशत रहा, जिसे कंपनी के लिए मजबूत नकदी स्थिति का संकेत माना जा रहा है। वहीं पिछले 12 महीनों के आधार पर स्वैच्छिक कर्मचारी त्याग दर 13.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जो आईटी उद्योग में मानव संसाधन की स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है।

    विप्रो ने आगामी तिमाही के लिए भी अपना कारोबारी अनुमान जारी किया है। कंपनी का कहना है कि आईटी सेवा कारोबार की आय में अगली तिमाही के दौरान 1.5 प्रतिशत तक गिरावट या 0.5 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी फिलहाल सतर्क कारोबारी दृष्टिकोण अपनाए हुए है और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक श्रीनी पल्लिया ने कहा कि वैश्विक ग्राहक अब केवल तकनीकी आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परिचालन मॉडल को तेजी से अपना रहे हैं। उनके अनुसार, विप्रो अपनी कंसल्टिंग विशेषज्ञता और एआई आधारित समाधान के माध्यम से ग्राहकों को उनके कारोबारी बदलाव में सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की रणनीति ग्राहकों के व्यवसाय में एआई को प्रभावी ढंग से शामिल करने पर केंद्रित है।

    तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति इक्विटी शेयर दो रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है। शेयर बाजार में परिणाम जारी होने के बाद कंपनी के शेयर में बढ़त देखने को मिली। हालांकि पिछले कुछ महीनों और एक वर्ष के दौरान शेयर के प्रदर्शन में गिरावट दर्ज की गई है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की आगामी तिमाहियों की रणनीति, वैश्विक आईटी मांग और एआई आधारित सेवाओं के विस्तार पर बनी रहेगी।