आज 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे में सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर बना वजह
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से ट्रफ गुजर रही है, जबकि ऊपरी हिस्से में मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है।
कल से भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन में बढ़ेगा असर
2 सितंबर: पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है।
3 सितंबर: सिस्टम आगे बढ़ेगा और भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में इसका असर रहेगा।
4 सितंबर: पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का ज्यादा प्रभाव रहेगा। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होगी।
5 सितंबर: इन संभागों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
डैमों में 70% से ज्यादा पानी
लगातार बारिश से प्रदेश के अधिकांश डैमों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई डैम 70% तक भर चुके हैं और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी स्थिति बेहतर नहीं है।
भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट खाली है। तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।
अब तक 27.8 इंच बारिश, सामान्य से 11% कम
IMD के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 31.2 इंच (791.7 मिमी) के मुकाबले यह करीब 3.1 इंच कम है। प्रदेश में अब तक कुल 11% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 5% और पश्चिमी हिस्से में 16% बारिश कम हुई है।
40 जिलों में 2 से 55% तक कम बारिश
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 2% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 53% तक कम बारिश हुई है।
15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।










