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  • स्क्रिप्ट की डिमांड नहीं थी काला चश्मा! सलमान खान की एक परेशानी ने बदल दिया ‘रेडी’ का पूरा सीन, जानें अनसुना किस्सा

    स्क्रिप्ट की डिमांड नहीं थी काला चश्मा! सलमान खान की एक परेशानी ने बदल दिया ‘रेडी’ का पूरा सीन, जानें अनसुना किस्सा


    नई दिल्ली । साल 2011 में रिलीज हुई सलमान खान और असिन की सुपरहिट फिल्म रेडी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। फिल्म की कहानी से लेकर इसके कॉमेडी सीन्स और दमदार स्टारकास्ट तक ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। सलमान खान के साथ परेश रावल, महेश मांजरेकर, मनोज जोशी, शरत सक्सेना और कई कलाकारों ने फिल्म में शानदार काम किया था। रेडी के कई सीन आज भी लोगों को हंसाते हैं, लेकिन फिल्म का एक ऐसा सीन है जिसमें सलमान खान समेत पूरी कास्ट काला चश्मा लगाए नजर आती है। देखने में यह किसी खास कहानी या स्क्रिप्ट की जरूरत जैसा लगता है, लेकिन इसके पीछे की असली वजह बेहद दिलचस्प है।

    दरअसल रेडी की शूटिंग साल 2010 में श्रीलंका में चल रही थी। वहां फिल्म के लिए बड़ा सेट तैयार किया गया था और एक अहम सीन की शूटिंग होने वाली थी। सेट पर सलमान खान समेत फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट मौजूद थी और लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। तभी शूटिंग शुरू होने से पहले सलमान खान ने निर्देशक अनीस बज्मी को बताया कि उनकी आंख में इन्फेक्शन हो गया है। इस वजह से उनकी आंख की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह सामान्य तरीके से कैमरे के सामने सीन शूट कर सकें।

    यह सुनकर अनीस बज्मी के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई। सीन में सिर्फ सलमान खान नहीं बल्कि कई बड़े कलाकार शामिल थे। सेट तैयार था और शूटिंग को रोकने या कैंसिल करने का मतलब पूरी योजना में बदलाव करना था। इतने बड़े सेट और पूरी स्टारकास्ट के साथ शूटिंग टालना आसान नहीं था। ऐसे में निर्देशक ने इस समस्या का ऐसा समाधान निकाला जिसने मजबूरी को फिल्म के एक यादगार और मजेदार सीन में बदल दिया।

    अनीस बज्मी ने फैसला किया कि सलमान खान को काला चश्मा पहना दिया जाए ताकि उनकी आंख का इन्फेक्शन कैमरे में नजर न आए। लेकिन यहां एक नई समस्या सामने आ गई। फिल्म में सलमान के किरदार प्रेम का लुक पहले से अलग तरह का था और अचानक सिर्फ उन्हें काला चश्मा पहनाना कहानी में अजीब लग सकता था। तब निर्देशक ने इस मजबूरी को पूरी तरह कहानी का हिस्सा बनाने का फैसला किया।

    इसके बाद सिर्फ सलमान ही नहीं बल्कि सीन में मौजूद पूरी कास्ट को काला चश्मा पहना दिया गया। लेकिन दर्शकों के मन में यह सवाल न उठे कि आखिर सभी लोग अचानक काला चश्मा क्यों लगाए हुए हैं, इसके लिए एक खास डायलॉग भी तैयार किया गया। फिल्म के सीन में सलमान का किरदार प्रेम सभी को काला चश्मा पहनाता है। जब उनसे इसका कारण पूछा जाता है तो प्रेम अपनी मजेदार कहानी और KK मोदी की शर्तों का हवाला देते हुए कहता है कि ऐसी बातें सामने आई हैं जिनके बाद कोई किसी से नजरें नहीं मिला पाएगा। इसी वजह से सभी को काला चश्मा पहनाया गया है।

    यही वह शानदार रचनात्मकता थी जिसने शूटिंग की एक बड़ी परेशानी को पर्दे पर पूरी तरह स्वाभाविक बना दिया। शायद यही कारण है कि फिल्म देखने वाले ज्यादातर दर्शकों को कभी एहसास ही नहीं हुआ कि काला चश्मा पहनने वाला यह पूरा सीन किसी पहले से तय स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था। सलमान खान की आंख के इन्फेक्शन से पैदा हुई मजबूरी को अनीस बज्मी ने अपने अनुभव और तुरंत सोचने की क्षमता से ऐसा रूप दिया कि वह फिल्म का यादगार हिस्सा बन गया।

    रेडी का यह किस्सा यह भी साबित करता है कि फिल्मों की दुनिया में कई बार सबसे यादगार दृश्य पूरी योजना से नहीं बल्कि अचानक सामने आई मुश्किलों से पैदा होते हैं। सलमान की आंख का इन्फेक्शन उस दिन शूटिंग के लिए बड़ी समस्या बन सकता था, लेकिन निर्देशक के एक शानदार आइडिया ने इसे फिल्म की कहानी में इस तरह पिरो दिया कि दर्शकों को आज तक इसके पीछे छिपी असली वजह का अंदाजा नहीं हुआ।

  • भोपाल में रविवार को बरसेंगे बादल! 6 सितंबर को बारिश के साथ गरज चमक के आसार जानिए पूरे दिन कैसा रहेगा मौसम

    भोपाल में रविवार को बरसेंगे बादल! 6 सितंबर को बारिश के साथ गरज चमक के आसार जानिए पूरे दिन कैसा रहेगा मौसम


    भोपाल । भोपाल में 6 सितंबर को मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को राजधानी में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज चमक की स्थिति बन सकती है। भोपाल एयरपोर्ट के मौसम पूर्वानुमान में 6 सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। दिन के दौरान आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। साथ ही आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

    राजधानी में पिछले दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी तेज बारिश तो कभी बादलों के बीच हल्की फुहारों का दौर देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण तापमान में भी राहत बनी हुई है और उमस से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली है। 6 सितंबर को भी मौसम के इसी तरह बने रहने के आसार हैं। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ समय के अंतराल पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

    रविवार को भोपाल में बारिश का असर खासतौर पर सुबह और दोपहर के आसपास देखने को मिल सकता है। अलग अलग पूर्वानुमानों में बारिश की संभावना के स्तर में अंतर है लेकिन सभी संकेत राजधानी में बादल और बारिश की संभावित गतिविधि की ओर इशारा कर रहे हैं। एक घंटेवार पूर्वानुमान में भी दिन के कई घंटों के दौरान बारिश की संभावना दर्ज की गई है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जा सकती है।

    मौसम विभाग ने भोपाल के लिए गरज चमक और आकाशीय बिजली की संभावना भी बताई है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। तेज बारिश होने की स्थिति में शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बनी रहती है। वाहन चालकों को बारिश के दौरान रफ्तार नियंत्रित रखने और पर्याप्त दूरी बनाकर चलने की जरूरत होगी।

    भोपाल के साथ ही मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है और पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में स्थिति प्रभावित हुई है। ऐसे में राजधानी में भी मौसम की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।

    कुल मिलाकर 6 सितंबर को भोपाल में मौसम सुहाना लेकिन अस्थिर रहने की संभावना है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच बारिश और गरज चमक का दौर देखने को मिल सकता है। तापमान सामान्य से कम रहने के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन आकाशीय बिजली और अचानक बारिश को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी होगा। खासकर सुबह से शाम तक बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम का ताजा अपडेट लेते रहना चाहिए।

  • वास्तु के छोटे बदलाव और बड़े फायदे, घर की दिशा से लेकर पूजा स्थान तक रखें इन बातों का ध्यान

    वास्तु के छोटे बदलाव और बड़े फायदे, घर की दिशा से लेकर पूजा स्थान तक रखें इन बातों का ध्यान


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर को केवल रहने की जगह नहीं बल्कि ऊर्जा का केंद्र माना गया है। मान्यता है कि घर के अलग-अलग हिस्सों की दिशा और वहां रखी वस्तुएं परिवार के वातावरण पर प्रभाव डाल सकती हैं। यही कारण है कि लोग घर में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए वास्तु के नियमों का ध्यान रखते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार कुछ छोटी आदतें और साधारण बदलाव घर के वातावरण को व्यवस्थित और सकारात्मक बनाने में मदद कर सकते हैं।

    घर का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में माना जाता है। कोशिश करनी चाहिए कि मुख्य द्वार के आसपास हमेशा साफ-सफाई रहे और वहां अनावश्यक सामान जमा न हो। प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी रहने से घर का माहौल भी अधिक खुला और सकारात्मक महसूस होता है। दरवाजे के आसपास टूटे हुए सामान या बेकार वस्तुएं रखने से बचना चाहिए। घर में प्रवेश करने वाला रास्ता साफ और व्यवस्थित होना चाहिए।

    पूजा स्थान को भी वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। पूजा घर को साफ-सुथरा और शांत रखना चाहिए। भगवान की टूटी हुई प्रतिमाएं या खराब धार्मिक सामग्री लंबे समय तक जमा करके रखने के बजाय उनका उचित सम्मानपूर्वक निस्तारण करना बेहतर माना जाता है। पूजा के दौरान दीपक और अगरबत्ती का उपयोग घर में आध्यात्मिक और शांत वातावरण बनाने में मदद कर सकता है।

    रसोई को परिवार के स्वास्थ्य और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। रसोई में साफ-सफाई बनाए रखना सबसे जरूरी है। गैस चूल्हा और खाना बनाने की जगह नियमित रूप से साफ होनी चाहिए। लंबे समय तक खराब या बासी खाद्य सामग्री जमा करके नहीं रखनी चाहिए। रसोई में पर्याप्त रोशनी और हवा आने की व्यवस्था भी जरूरी है। साफ और व्यवस्थित रसोई घर के पूरे वातावरण को बेहतर बनाती है।

    बेडरूम में भी सादगी और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कमरे में जरूरत से ज्यादा सामान रखने से बचना चाहिए। टूटे हुए फर्नीचर और बेकार वस्तुएं हटाने से कमरा अधिक खुला और आरामदायक महसूस होता है। सोने की जगह शांत और साफ रखनी चाहिए ताकि मन को आराम मिल सके। बेडरूम में काम से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामान का अत्यधिक जमाव भी मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।

    घर के उत्तर और पूर्व दिशा वाले हिस्सों में प्राकृतिक रोशनी और हवा का प्रवेश सकारात्मक माना जाता है। इसलिए दिन में खिड़कियां खोलकर घर में ताजी हवा आने देना एक अच्छी आदत हो सकती है। घर के अंधेरे कोनों को रोशन रखना भी जरूरी है। लंबे समय तक बंद और गंदे पड़े हिस्से घर को अव्यवस्थित दिखाते हैं और वहां नमी जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

    वास्तु के अनुसार घर में पौधे लगाना भी अच्छा माना जाता है। हरे-भरे पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी ताजगी देते हैं। हालांकि सूखे और मुरझाए पौधों को लंबे समय तक घर में नहीं रखना चाहिए। नियमित रूप से पौधों की देखभाल करना जरूरी है।

    घर में टूटे कांच, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार वस्तुओं को जमा करने की आदत से बचना चाहिए। समय-समय पर घर की सफाई और अनावश्यक सामान को हटाना घर को व्यवस्थित बनाने का सबसे आसान तरीका है। वास्तु के नियमों का मूल उद्देश्य भी घर में संतुलन, स्वच्छता और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना है। छोटे-छोटे बदलावों के साथ साफ-सफाई, उचित रोशनी और व्यवस्थित जीवनशैली अपनाकर घर को अधिक सुखद और शांत बनाया जा सकता है।

  • दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का LG बनाकर BJP ने साधे कई निशाने, यूपी चुनाव से पहले खेला बड़ा दांव

    दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का LG बनाकर BJP ने साधे कई निशाने, यूपी चुनाव से पहले खेला बड़ा दांव


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से शनिवार देर रात जारी आदेश के मुताबिक उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी, जिस दिन वे पदभार संभालेंगे। 62 वर्षीय दिनेश शर्मा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म होना था। ऐसे में उच्च सदन का कार्यकाल पूरा होने से पहले उन्हें उपराज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी दिया जाना राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।

    योगी सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं
    दिनेश शर्मा का उत्तर प्रदेश की राजनीति और भाजपा संगठन में लंबा अनुभव रहा है। 2017 से 2022 के बीच योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में वे उपमुख्यमंत्री रहे। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण विभाग उनके पास थे।

    सक्रिय राजनीति में आने से पहले वे लखनऊ विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में प्रोफेसर थे। इसके बाद वे लखनऊ के दो बार महापौर बने। 2008 में पहली बार मेयर चुने जाने के बाद 2012 में उन्होंने दोबारा यह जिम्मेदारी संभाली। संगठन में भी उनका कद लगातार बढ़ा। 2014 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया और वे गुजरात के पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। 2023 में दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। उनकी राज्यसभा सदस्यता नवंबर 2026 तक थी।

    2027 के यूपी चुनाव से जोड़कर क्यों देखा जा रहा फैसला?
    दिनेश शर्मा को नई जिम्मेदारी ऐसे वक्त मिली है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए उनकी नियुक्ति को सामान्य प्रशासनिक फेरबदल से आगे राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

    भाजपा ने हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश को लेकर संगठनात्मक स्तर पर भी कई बदलाव किए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में यूपी से आठ नेताओं को जगह मिली है। पार्टी के इस कदम को विधानसभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    ब्राह्मण चेहरे के तौर पर भी अहम
    दिनेश शर्मा ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उत्तर प्रदेश भाजपा में इस समुदाय के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। ऐसे में अंडमान-निकोबार जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश की जिम्मेदारी मिलने को यूपी के सामाजिक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

    हालांकि, इस नियुक्ति को केवल जातीय समीकरणों के चश्मे से देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। दिनेश शर्मा के पास विश्वविद्यालय, संगठन, राज्य सरकार और संसद—चारों स्तरों पर काम करने का लंबा अनुभव है। यही प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव भी उनकी नई जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा सकता है।

    हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाना भी इसी कड़ी में
    यूपी में ब्राह्मण प्रतिनिधित्व को लेकर भाजपा की रणनीति की चर्चा के बीच पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिलना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।

    हरीश द्विवेदी बस्ती से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे हैं। उनका राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ था। भाजपा संगठन में भी वे कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। ब्राह्मण समुदाय से आने वाले द्विवेदी का उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक आधार भी रहा है।

    भाजपा की मौजूदा रणनीति हालांकि सिर्फ ब्राह्मण या सवर्ण समीकरण तक सीमित नहीं दिखाई देती। पार्टी ने OBC, दलित और मुस्लिम समुदायों से जुड़े नेताओं को भी संगठन में महत्वपूर्ण स्थान दिया है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी 2027 से पहले सामाजिक समीकरणों के व्यापक संतुलन पर काम कर रही है।

    राज्यसभा में 94% उपस्थिति, 226 सवाल पूछे
    नई संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने जा रहे दिनेश शर्मा का राज्यसभा में भी सक्रिय रिकॉर्ड रहा है। अगस्त 2026 तक सदन में उनकी उपस्थिति 94 प्रतिशत रही। इस दौरान उन्होंने 226 सवाल पूछे और 34 बहसों में हिस्सा लिया।

    अब उनके सामने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। खास बात यह है कि वे ऐसे समय राज्यसभा से उपराज्यपाल की भूमिका में जा रहे हैं, जब उनका उच्च सदन का कार्यकाल समाप्त होने वाला था।

    2024 के झटके के बाद 2027 पर BJP का फोकस
    उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव बेहद अहम है। 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य में पार्टी के प्रदर्शन को अपेक्षाकृत झटका लगा था। इसके बाद संगठन में चुनावी प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और सामाजिक समीकरणों को लेकर मंथन हुआ।

    अब एक तरफ यूपी के नेताओं को केंद्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, वहीं दिनेश शर्मा जैसे अनुभवी और बड़े ब्राह्मण चेहरे को संवैधानिक पद पर भेजा गया है। इन फैसलों को साथ रखकर देखें तो भाजपा की रणनीति में दो समानांतर लक्ष्य नजर आते हैं—OBC, दलित और अन्य सामाजिक समूहों के बीच आधार मजबूत करना और अपने पारंपरिक सवर्ण समर्थन को भी मजबूती से साथ बनाए रखना।

    इस लिहाज से दिनेश शर्मा की नियुक्ति सिर्फ अंडमान-निकोबार के प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं है। यह भाजपा के लिए संगठन, सामाजिक संतुलन और 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारी—तीनों स्तरों पर महत्व रखने वाला फैसला है।

  • चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास

    चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास


    नई दिल्ली । गुलाब का नाम आते ही सबसे पहले उसकी खूबसूरती और मनमोहक खुशबू का ख्याल आता है लेकिन यह खूबसूरत फूल त्वचा की देखभाल में भी काफी उपयोगी माना जाता है। सदियों से गुलाब की पंखुड़ियों और गुलाब जल का इस्तेमाल सौंदर्य को निखारने के लिए किया जाता रहा है। आज भी प्राकृतिक स्किन केयर रूटीन में गुलाब को खास जगह दी जाती है। बाजार में मिलने वाले कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी गुलाब के अर्क और गुलाब जल का उपयोग किया जाता है। अगर त्वचा को ताजगी और प्राकृतिक चमक देना चाहते हैं तो गुलाब को अपने ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    गुलाब जल त्वचा को ताजगी देने के लिए सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक उपायों में से एक है। चेहरे को साफ करने के बाद कॉटन की मदद से हल्के हाथों से गुलाब जल लगाया जा सकता है। इससे चेहरा फ्रेश महसूस होता है और त्वचा को ठंडक भी मिलती है। खासतौर पर धूल मिट्टी और तेज धूप के संपर्क में आने के बाद गुलाब जल का इस्तेमाल चेहरे को आराम देने में मदद कर सकता है। कई लोग इसे अपने स्किन केयर रूटीन में टोनर की तरह भी शामिल करते हैं।

    गुलाब की ताजी पंखुड़ियों का उपयोग फेस पैक बनाने में भी किया जा सकता है। इसके लिए साफ और ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर उसमें त्वचा के अनुसार अन्य प्राकृतिक सामग्री मिलाई जा सकती है। गुलाब की पंखुड़ियों से बना हल्का फेस पैक त्वचा को ताजगी देने में मदद करता है। चेहरे पर किसी भी घरेलू नुस्खे को लगाने से पहले यह जरूरी है कि त्वचा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाए और जरूरत पड़ने पर पैच टेस्ट किया जाए।

    रूखी और बेजान दिखने वाली त्वचा के लिए भी गुलाब से बने घरेलू उपाय उपयोगी हो सकते हैं। गुलाब की पंखुड़ियों को पानी में भिगोकर तैयार किया गया प्राकृतिक मिश्रण चेहरे को फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकता है। गर्मी के मौसम में गुलाब जल को ठंडी जगह पर रखकर इस्तेमाल करने से चेहरे को अतिरिक्त ताजगी का एहसास हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी चीज के इस्तेमाल का परिणाम भी अलग हो सकता है।

    गुलाब से त्वचा की देखभाल करते समय साफ और अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का चयन करना जरूरी है। अगर गुलाब जल खरीद रहे हैं तो उसमें अनावश्यक केमिकल और तेज खुशबू वाले तत्वों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। त्वचा पर किसी नए उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सुरक्षित तरीका माना जाता है। जिन लोगों को किसी कॉस्मेटिक या प्राकृतिक चीज से एलर्जी की समस्या होती है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा की असली खूबसूरती सिर्फ बाहरी उत्पादों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना पूरी नींद करना और धूप से त्वचा को बचाना भी जरूरी है। गुलाब जल और गुलाब की पंखुड़ियों को स्किन केयर रूटीन का एक सरल हिस्सा बनाया जा सकता है लेकिन इन्हें चमत्कारी इलाज नहीं मानना चाहिए।

    अगर त्वचा पर लगातार दाने खुजली लालिमा या किसी तरह की गंभीर समस्या बनी रहती है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। सही देखभाल और नियमित स्किन केयर के साथ गुलाब आपकी दिनचर्या में ताजगी और प्राकृतिक खूबसूरती का एक खास एहसास जोड़ सकता है।

  • 5 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी भारत में गिरफ्तार, अमेरिका के मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉड पर था 1.25 करोड़ का इनाम

    5 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी भारत में गिरफ्तार, अमेरिका के मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉड पर था 1.25 करोड़ का इनाम


    नई दिल्ली। अमेरिकी सरकारी योजनाओं में करीब 6 लाख डॉलर यानी लगभग 5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी मंजीत सिंह बेदी को भारत में गिरफ्तार किया गया है। अमेरिका की जांच एजेंसी FBI की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल बेदी की गिरफ्तारी पर 1.5 लाख डॉलर यानी करीब 1.25 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।

    FBI निदेशक काश पटेल ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बेदी की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माना जा रहा है कि बेदी पिछले साल अमेरिका से भागकर भारत पहुंचा था। FBI अब उसे अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है।

    पटेल के मुताबिक करीब तीन महीने पहले नई मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट जारी होने के बाद गिरफ्तार किया गया बेदी पांचवां बड़ा जालसाज है। उनके अनुसार अब तक पकड़े गए इन आरोपियों पर सामूहिक रूप से 2 अरब डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है। ये आरोपी गिरफ्तारी से पहले कुल मिलाकर करीब 4000 दिनों तक फरार रहे थे।

    किराना स्टोर की आड़ में SNAP कार्ड से फ्रॉड

    FBI के मुताबिक मंजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन के टैकोमा में एक छोटी किराना दुकान चलाता था। आरोप है कि उसने अमेरिका के ‘सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम’ यानी SNAP के तहत मिलने वाले सरकारी बेनिफिट कार्ड का गलत इस्तेमाल किया।

    जांच एजेंसी के अनुसार बेदी ग्राहकों के SNAP कार्ड से रकम काट लेता था, लेकिन उसके बदले उन्हें राशन देने के बजाय नकद पैसे देता था। इस लेनदेन में वह कुल रकम का करीब आधा हिस्सा अपने पास रख लेता था।

    FBI का आरोप है कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच बेदी ने अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर का नुकसान पहुंचाया। उसके खिलाफ वायर फ्रॉड और SNAP बेनिफिट्स फ्रॉड समेत कई आरोप दर्ज किए गए हैं।

    पासपोर्ट जमा करने के आदेश के बावजूद भागा

    मामला दर्ज होने के बाद अदालत ने बेदी को तत्काल गिरफ्तार करने के बजाय तय शर्तों पर बाहर रहने की अनुमति दी थी। उसे अपना पासपोर्ट जमा करने और वॉशिंगटन राज्य की सीमा में रहने का आदेश दिया गया था।

    हालांकि, आरोप है कि बेदी इन शर्तों का उल्लंघन कर कार से कनाडा की सीमा पार कर गया। इसके बाद वह कनाडा से भारत पहुंच गया। उसके फरार होने के बाद अमेरिकी जिला अदालत ने 21 मई को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। अब भारत में उसकी गिरफ्तारी के बाद FBI उसे अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी है।

  • पैसा कहां लगाएं और कितना जोखिम लें? शेयर बाजार में निवेश का सही रास्ता जानें

    पैसा कहां लगाएं और कितना जोखिम लें? शेयर बाजार में निवेश का सही रास्ता जानें


    नई दिल्ली । शेयर बाजार में निवेश आज के समय में लोगों के लिए धन बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। हालांकि बाजार में तेजी देखकर बिना तैयारी के पैसा लगाना कई बार नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शेयर बाजार में कहां निवेश करें ताकि जोखिम को समझते हुए लंबे समय में बेहतर रिटर्न पाने की संभावना बढ़ाई जा सके। इसका जवाब किसी एक शेयर या एक सेक्टर में नहीं छिपा है बल्कि सही योजना लक्ष्य और जोखिम क्षमता के आधार पर निवेश करने में है।

    निवेश की शुरुआत करने से पहले सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करना जरूरी है। यदि आपका उद्देश्य पांच दस या उससे अधिक वर्षों में बड़ा फंड तैयार करना है तो निवेश का तरीका अलग हो सकता है। वहीं अगर आपको कुछ ही समय में पैसे की जरूरत पड़ सकती है तो पूरा पैसा शेयर बाजार में लगाना जोखिम भरा हो सकता है। शेयर बाजार में उतार चढ़ाव सामान्य है और यहां कम समय में तेजी के साथ गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसलिए निवेश की अवधि जितनी लंबी होगी उतना ही बेहतर तरीके से बाजार के उतार चढ़ाव को संभालने का अवसर मिल सकता है।

    नए निवेशकों के लिए सीधे किसी एक शेयर में बड़ी रकम लगाने के बजाय विविधता वाले विकल्पों पर ध्यान देना बेहतर माना जाता है। इंडेक्स फंड के जरिए निवेशक एक साथ कई बड़ी कंपनियों में हिस्सा ले सकता है। Nifty 50 जैसे व्यापक इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड बाजार की बड़ी कंपनियों में एक्सपोजर देते हैं और इनमें नियमित निवेश यानी SIP का विकल्प भी उपलब्ध होता है। SIP के जरिए हर महीने एक निश्चित रकम निवेश करने से निवेश में अनुशासन बना रहता है और बाजार के अलग अलग स्तरों पर निवेश का मौका मिलता है। लंबे समय के लिए नियमित निवेश और धैर्य को महत्वपूर्ण माना जाता है।

    जो निवेशक थोड़ा अधिक जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं वे अपने पोर्टफोलियो में Flexi Cap या अन्य विविध इक्विटी विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। वहीं Mid Cap और Small Cap कंपनियों में विकास की संभावनाएं अधिक हो सकती हैं लेकिन इनमें उतार चढ़ाव और जोखिम भी ज्यादा होता है। इसलिए केवल पिछले कुछ वर्षों का शानदार रिटर्न देखकर किसी फंड या शेयर में पैसा लगाना सही रणनीति नहीं है। निवेश से पहले अपने लक्ष्य निवेश की अवधि और जोखिम सहने की क्षमता को प्राथमिकता देनी चाहिए।

    अगर कोई व्यक्ति सीधे शेयर खरीदना चाहता है तो उसे कंपनी के कारोबार मुनाफे कर्ज प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं को समझना चाहिए। सिर्फ सोशल मीडिया टिप्स या तेजी से बढ़ते शेयरों के पीछे भागना नुकसानदायक हो सकता है। एक ही कंपनी या एक ही सेक्टर में पूरी पूंजी लगाने के बजाय अलग अलग क्षेत्रों में निवेश करने से जोखिम को कुछ हद तक संतुलित किया जा सकता है।

    निवेश की एक बड़ी गलती यह भी होती है कि लोग बाजार गिरते ही घबरा जाते हैं और बिना योजना के निवेश बेच देते हैं। दूसरी ओर तेजी के दौरान जरूरत से ज्यादा पैसा लगा देते हैं। बेहतर रणनीति यह है कि निवेश को लक्ष्य के अनुसार नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए और समय समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा की जाए। SIP शुरू करना अच्छी आदत हो सकती है लेकिन केवल SIP करने से पूरी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। आपातकालीन फंड बीमा और कर्ज प्रबंधन भी मजबूत वित्तीय योजना के जरूरी हिस्से हैं।

    कुल मिलाकर शेयर बाजार में निवेश के लिए कोई एक जादुई विकल्प नहीं है। नए निवेशकों के लिए सरल और विविध पोर्टफोलियो से शुरुआत करना समझदारी हो सकती है जबकि अनुभवी निवेशक अपनी रिसर्च और जोखिम क्षमता के अनुसार अलग रणनीति अपना सकते हैं। याद रखें शेयर बाजार में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती और पिछले रिटर्न भविष्य के नतीजों को तय नहीं करते। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति समझें और जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की मदद लें।

  • तुला में शुक्र का होगा प्रवेश, इन 7 राशियों के खुलेंगे कमाई के रास्ते, करियर और रिश्तों में भी मिलेगा लाभ

    तुला में शुक्र का होगा प्रवेश, इन 7 राशियों के खुलेंगे कमाई के रास्ते, करियर और रिश्तों में भी मिलेगा लाभ

     

    नई दिल्ली। सितंबर 2026 में ग्रहों की चाल में कई अहम बदलाव होने वाले हैं। इसी क्रम में शुक्र अपनी ही राशि तुला में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, धन, सुख-सुविधा और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। ऐसे में तुला राशि में शुक्र का गोचर कई राशियों के लिए आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।

    ज्योतिषीय गणना के मुताबिक शुक्र 2 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 6 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे। इस दौरान 7 राशियों के लिए नौकरी, कारोबार, धन और प्रेम संबंधों के लिहाज से अच्छे योग बनने की संभावना है।

    मेष: नौकरी और कारोबार में नए मौके

    मेष राशि वालों के लिए शुक्र का यह गोचर करियर के लिहाज से फायदेमंद हो सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिलने के साथ बेहतर अवसर मिल सकते हैं। नौकरी बदलने की कोशिश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिलने की संभावना है। कारोबारियों के लिए नई डील या साझेदारी के रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में भी पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ सकती हैं।

    कर्क: काम की तारीफ, कारोबार में फायदा

    कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र का राशि परिवर्तन करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। कारोबारियों को नई डील मिलने या पुराने प्रोजेक्ट से लाभ होने की उम्मीद है। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने के अवसर मिलेंगे।

    कन्या: अटके काम आगे बढ़ेंगे

    कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को बेहतर विकल्प मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पद से जुड़ा अवसर मिलने के योग हैं। प्रेम संबंधों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है और पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे।

    तुला: सबसे खास रहेगा शुक्र का गोचर

    शुक्र का प्रवेश तुला राशि में ही होने वाला है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष माना जा रहा है। व्यक्तित्व में आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। लंबे समय से सफलता का इंतजार कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। धन से जुड़े अटके मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार हो सकता है।

    कुंभ: करियर में राहत, नए काम का मौका

    कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर धन और करियर दोनों के लिहाज से शुभ रह सकता है। नौकरी में चल रही परेशानियां कम हो सकती हैं और नई जिम्मेदारी मिलने के योग बनेंगे। कारोबारियों को नया काम शुरू करने या किसी नए प्रोजेक्ट में निवेश का अवसर मिल सकता है। घर की सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, लेकिन परिवार के साथ समय बिताने के भी अच्छे मौके मिलेंगे।

    मकर: प्रमोशन और आमदनी के संकेत

    मकर राशि वालों के लिए सितंबर की शुरुआत के बाद करियर में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। कारोबारियों को नए प्रोजेक्ट से फायदा मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने लगेंगे। इस दौरान बड़ी खरीदारी के योग भी बन सकते हैं। हालांकि खर्च बढ़ सकता है, लेकिन आमदनी और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखने में सफलता मिल सकती है। नौकरी में प्रमोशन या जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत भी हैं।

    धनु: पैसा और प्रेम दोनों में लाभ

    धनु राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर आर्थिक और प्रेम जीवन दोनों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कमाई के नए स्रोत बनने की संभावना है। पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है और कारोबार में कोई फायदेमंद अवसर हाथ लग सकता है। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा।

    6 नवंबर तक रहेगा शुक्र का प्रभाव

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार शुक्र 2 सितंबर 2026 को दोपहर 1:51 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 6 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे। सितंबर का महीना ग्रहों की चाल के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि शुक्र के अलावा बुध, सूर्य और मंगल भी राशि परिवर्तन करेंगे। ऐसे में इस महीने ग्रहों की स्थिति में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • ईरान से जंग खत्म हुई तो 40 डॉलर तक गिर सकता है कच्चा तेल, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का दावा

    ईरान से जंग खत्म हुई तो 40 डॉलर तक गिर सकता है कच्चा तेल, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का दावा


    नई दिल्ली। ईरान के साथ सैन्य संघर्ष खत्म होने के बाद वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का अनुमान है कि युद्ध समाप्त होने पर कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतें 40 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे जा सकती हैं। उनके मुताबिक तेल सस्ता होने से अमेरिका में महंगाई का दबाव घटेगा और हाल में बढ़ी सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी बड़ी गिरावट आ सकती है।

    बेसेंट ने शुक्रवार को ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान संघर्ष के समाधान के बाद बाजार में तेल की आपूर्ति काफी बढ़ सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संघर्ष के दूसरे चरण में पहुंचने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमत 50 डॉलर और यहां तक कि 40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। हालांकि, बेसेंट ने यह नहीं बताया कि ईरान के साथ जारी जंग कब समाप्त होगी। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका-ईरान सैन्य टकराव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दिखाई दे रहा है।

    ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर के पार

    शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। यह जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर के करीब है। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI करीब 91 डॉलर प्रति बैरल पर था। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों के बाद पिछले कुछ सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है।

    तेल महंगा होने से अमेरिका में महंगाई को लेकर चिंता भी बढ़ी है। ऊर्जा की लागत बढ़ने का सीधा असर उपभोक्ता कीमतों पर पड़ सकता है। महंगाई की आशंकाओं के चलते अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड भी ऊपर गई है। इस सप्ताह 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 2023 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।

    जंग खत्म होते ही महंगाई घटने की उम्मीद

    बेसेंट के मुताबिक तेल की कीमतों, महंगाई और ब्याज दरों के बीच संबंध अब साफ नजर आ रहा है। उनका मानना है कि ईरान के साथ संघर्ष खत्म होने पर तेल के दाम तेजी से नीचे आएंगे, जिससे महंगाई का दबाव भी कम हो सकता है।

    हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तेल की कीमतों में यह संभावित गिरावट कब शुरू होगी। संघर्ष के तत्काल समाप्त होने के भी कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। ऐसे में बाजार की नजर अब अमेरिका-ईरान तनाव और उससे जुड़े ऊर्जा आपूर्ति के हालात पर बनी हुई है।

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    रविवार की सुबह सूर्य पूजा से चमक सकती है किस्मत! जानें अर्घ्य देने की विधि और जरूरी धार्मिक नियम


    नई दिल्ली । आज 6 सितंबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए नए अवसरों और चुनौतियों के संकेत लेकर आया है। किसी राशि के जातकों को करियर और कारोबार में बड़ी सफलता मिल सकती है तो कुछ लोगों को धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतनी होगी। रिश्तों में मधुरता बढ़ाने के लिए संवाद और धैर्य जरूरी रहेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक आज का विस्तृत राशिफल।
    मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और कोई नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में सोच समझकर फैसला करें। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है।

    वृषभ राशि वालों को आज धैर्य के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। कामकाज में छोटी बाधाएं आ सकती हैं लेकिन समझदारी से परिस्थितियों पर नियंत्रण पा लेंगे। धन खर्च करते समय बजट का ध्यान रखें। पारिवारिक मामलों में किसी की सलाह आपके काम आ सकती है।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। रुका हुआ काम पूरा होने से राहत मिलेगी। बातचीत में संयम रखें और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें।

    कर्क राशि वालों को आज परिवार और काम के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम करें।

    सिंह राशि के जातकों के लिए दिन शुभ संकेत दे रहा है। आत्मविश्वास के दम पर आप मुश्किल काम को भी आसानी से पूरा कर सकते हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और कारोबार में लाभ की संभावना है। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा।

    कन्या राशि वालों को आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। धन संबंधी मामलों में स्थिति बेहतर रहेगी। हालांकि किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें।

    तुला राशि के जातकों के लिए आज रिश्तों और साझेदारी के मामलों में अच्छा दिन है। परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। कारोबार में नई योजना पर काम शुरू हो सकता है। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए आर्थिक संतुलन बनाए रखें।

    वृश्चिक राशि वालों को आज भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में मेहनत बढ़ सकती है लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।

    धनु राशि के जातकों के लिए आज यात्रा या नए लोगों से मुलाकात के योग बन सकते हैं। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे और कारोबार में नई डील फायदेमंद साबित हो सकती है। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। कामकाज में अनुशासन और धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में सोच समझकर निवेश करें। परिवार के किसी सदस्य की सलाह भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।