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  • असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, 23 उम्मीदवारों को मिला टिकट, गठबंधन के लिए 15 सीटें छोड़ीं

    असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, 23 उम्मीदवारों को मिला टिकट, गठबंधन के लिए 15 सीटें छोड़ीं

    नई दिल्ली । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी असम विधान सभा चुनाव 2026 के मद्दे नजर अपनी तैयारियों को और तेज करते हुए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। शनिवार को जारी इस सूची में पार्टी ने 23 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इससे पहले कांग्रेस तीन मार्च को 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी थी। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 15 सीटें गठबंधन सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं जिन पर उनके उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे।

    दूसरी सूची में कई अहम विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। कांग्रेस ने गोलकगंज सीट से कार्तिक चंद्र रे को उम्मीदवार बनाया है जबकि बिलासीपारा से अमृत बादशा को टिकट दिया गया है। बिरसिंग जरूआ सीट से वाजेद अली चौधरी को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा मनकाचर से मोहिबुर रहमान गोलपाड़ा पूर्व से अबुल कलाम रशीद आलम और दुधनई एसटी सीट से किशोर कुमार ब्रह्मा को पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

    इसी तरह सृजनग्राम सीट से नुरुल इस्लाम मंडिया से अब्दुल खलीक और चमरिया से रकीबुद्दीन अहमद को टिकट दिया गया है। वहीं रंगिया सीट से प्रंजीत चौधरी डिमोरिया एससी से किशोर कुमार बरुआ न्यू गुवाहाटी से शांतनु बोरा और मंगलदै से रिजुमोनी तालुकदार को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। इन नामों के जरिए पार्टी ने कई क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिश की है ताकि विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

    उम्मीदवारों की घोषणा से पहले पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित की गई थी। यह बैठक लगभग चार घंटे तक चली जिसमें चुनावी रणनीति सीटों के समीकरण और संभावित सब्जियों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेता राहुल गांधी असम कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सीटों की राजनीतिक स्थिति और उम्मीदवारों की संभावनाओं पर गहन मंथन किया।

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय समीकरण संगठन की राय और जीत की संभावना को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगी और राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा के साथ उतरेगी।

    इससे पहले तीन मार्च को जारी पहली सूची में भी कई प्रमुख नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई खुद जोरहाट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं असम विधानसभा में पार्टी के नेता देवव्रत सैकिया को नाजिरा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। राज्यसभा के पूर्व सांसद रिपुन बोरा को बरछल्ला से टिकट दिया गया है। इसके अलावा मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को दिसपुर और इंद्रनील पेगु को माजुली विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया गया है।

    कुल मिलाकर कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की घोषणा की प्रक्रिया तेज कर दी है और गठबंधन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से और उम्मीदवारों की घोषणा भी की जा सकती है।

  • तुम खुद ही स्ट्रगल कर रहे हो जब बॉडीगार्ड ने ठुकरा दिया था मीका सिंह को, आज वही है उनकी सिक्योरिटी टीम का अहम हिस्सा

    तुम खुद ही स्ट्रगल कर रहे हो जब बॉडीगार्ड ने ठुकरा दिया था मीका सिंह को, आज वही है उनकी सिक्योरिटी टीम का अहम हिस्सा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के मशहूर सिंगर मीका सिंह की सफलता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। आज उनके गाने हर पार्टी और बड़े इवेंट की शान बनते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए कई बॉडीगार्ड तैनात रहते हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि एक समय ऐसा भी था जब एक बॉडीगार्ड ने उन्हें यह कहकर काम देने से इनकार कर दिया था कि तुम तो खुद ही स्ट्रगल कर रहे हो। आज वही शख्स उनकी सिक्योरिटी टीम का अहम हिस्सा बन चुका है।

    दरअसल हाल ही में फराह खान के साथ बातचीत के दौरान मीका सिंह ने यह दिलचस्प किस्सा साझा किया। मीका ने फराह खान को अपने दिल्ली स्थित फार्महाउस पर बुलाया था जहां उन्होंने अपने बॉडीगार्ड करतार से उनकी मुलाकात करवाई। इसी दौरान मीका ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि लगभग 30 साल पहले उन्होंने करतार से पहली बार मुलाकात की थी। उनकी मजबूत कद-काठी देखकर मीका ने उनसे पूछा था कि क्या वह उनके बॉडीगार्ड बनेंगे। इस पर करतार ने सीधा जवाब दिया था पहले खुद तो काम शुरू कर लो तुम तो खुद स्ट्रगल कर रहे हो।

    मीका सिंह ने इस पूरे वाकये को बड़े मजाकिया अंदाज में सुनाया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि लोग अक्सर लड़कियों को इंप्रेस करने के लिए मेहनत करते हैं लेकिन उन्होंने तो सफलता इसलिए हासिल की ताकि एक दिन करतार को अपना बॉडीगार्ड बना सकें। वहीं करतार ने भी इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने उस समय सचमुच मीका को यह कहकर मना कर दिया था।

    इस बातचीत के दौरान मीका सिंह ने अपनी सफलता के पीछे के आध्यात्मिक जुड़ाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके पिता गुरुद्वारों में कीर्तन किया करते थे जिससे बचपन से ही उन्हें और उनके बड़े भाई दलेर मेहंदी को संगीत का माहौल मिला। मीका ने कहा कि पंजाब के कई गायकों की तरह उन्होंने भी गुरुद्वारों से ही संगीत की शुरुआती शिक्षा ली। उस समय वह कीर्तन के दौरान तबला बजाया करते थे।

    मीका सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने जीवन का एक खास सपना पूरा किया है। उनके दिल्ली स्थित फार्महाउस में एक गुरुद्वारा बना हुआ है जहां 24 घंटे पाठ चलता रहता है। जब फराह खान ने उनकी बैड बॉय इमेज को लेकर सवाल किया तो मीका ने साफ कहा कि वह शुरू से ही काफी धार्मिक स्वभाव के रहे हैं।

    अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए मीका ने बताया कि वह कभी अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी के महाराजा बैंड में गिटार बजाते थे और बैकस्टेज का काम संभालते थे। बाद में जब उन्होंने अपना पहला सोलो एल्बम सावन में लग गई आग बनाने का फैसला किया और बैंड से अलग हुए तो दलेर मेहंदी इस फैसले से भावुक हो गए थे। एक शो में दलेर मेहंदी ने खुद बताया था कि मीका के अलग होने के बाद वह चार दिनों तक रोते रहे थे। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने अपने छोटे भाई का पूरा साथ दिया और उनका पहला स्टूडियो सेट करने में भी मदद की। यही संघर्ष पारिवारिक समर्थन और आध्यात्मिक जुड़ाव आज मीका सिंह की सफलता की असली कहानी बन चुका है।

  • Aamir Khan का 61वां जन्मदिन: ग्रैंड पार्टी छोड़ एक्टर ने खुद को काम में किया व्यस्त

    Aamir Khan का 61वां जन्मदिन: ग्रैंड पार्टी छोड़ एक्टर ने खुद को काम में किया व्यस्त


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले Aamir Khan ने हाल ही में अपना 61वां जन्मदिन मनाया। 14 मार्च को उनके जन्मदिन के मौके पर फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दीं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार उनके जन्मदिन पर एक बड़ा सेलिब्रेशन होने की संभावना जताई जा रही थी, जिसमें उनके करीबी दोस्त और परिवार के लोग शामिल हो सकते थे। लेकिन आमिर खान ने इस ग्रैंड जश्न से दूरी बनाते हुए अपने काम को प्राथमिकता दी और पूरे दिन फिल्मों से जुड़े काम में व्यस्त रहे।

    फिल्म ‘एक दिन’ के पोस्ट-प्रोडक्शन में जुटे
    बताया जा रहा है कि इन दिनों आमिर खान अपने प्रोडक्शन की फिल्म ‘एक दिन’ के काम में पूरी तरह जुटे हुए हैं। इस फिल्म में उनके बेटे Junaid Khan और दक्षिण भारतीय अभिनेत्री Sai Pallavi मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। फिल्म को आमिर खान और उनके कजिन निर्देशक Mansoor Khan मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ, जिसे दर्शकों की तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म रिलीज के करीब है और आमिर इसके हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दे रहे हैं। यही वजह रही कि उन्होंने अपने जन्मदिन के जश्न को पीछे छोड़ते हुए फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन कार्य को प्राथमिकता दी।

    दिलचस्प है फिल्म की कहानी
    फिल्म ‘एक दिन’ की कहानी एक खास इच्छा के इर्द-गिर्द घूमती है। ट्रेलर के अनुसार फिल्म में जुनैद खान का किरदार एक इच्छा मांगता है कि सिर्फ एक दिन के लिए मीरा उसकी हो जाए, और किसी तरह यह इच्छा पूरी हो जाती है।

    फिल्म की कहानी में भावनात्मक और रोमांटिक तत्वों का मिश्रण देखने को मिलेगा। इसके अलावा फिल्म में जापान की खूबसूरत लोकेशनों को भी दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि यह फिल्म एक लोकप्रिय कोरियन फिल्म का हिंदी रीमेक हो सकती है, हालांकि इसके बारे में आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

    मंसूर खान के साथ पुराना रिश्ता
    आमिर खान और Mansoor Khan का फिल्मी रिश्ता काफी पुराना रहा है। दोनों ने मिलकर बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दी हैं। इनमें Qayamat Se Qayamat Tak, Jo Jeeta Wohi Sikandar, Akele Hum Akele Tum और Jaane Tu… Ya Jaane Na जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं।

    अब एक बार फिर दोनों की जोड़ी फिल्म ‘एक दिन’ के जरिए साथ काम कर रही है, जिसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है।

    ‘लाहौर 1947’ से भी जुड़ा है आमिर का नाम
    इसके अलावा आमिर खान एक और बड़ी फिल्म के साथ जुड़े हुए हैं, जिसे फिलहाल ‘लाहौर 1947’ के नाम से जाना जा रहा है। इस फिल्म में Sunny Deol और Preity Zinta मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्साह बना हुआ है और इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

    काम को हमेशा प्राथमिकता देते हैं आमिर
    आमिर खान लंबे समय से अपनी मेहनत और परफेक्शन के लिए जाने जाते हैं। वह अपने हर प्रोजेक्ट में पूरी लगन के साथ काम करते हैं और फिल्म के हर पहलू पर बारीकी से नजर रखते हैं। यही वजह है कि इस बार भी उन्होंने अपने 61वें जन्मदिन के जश्न से ज्यादा अपने काम को महत्व दिया, जो उनके प्रोफेशनलिज्म और फिल्म के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

  • चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति, आम श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला के दर्शन

    चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति, आम श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला के दर्शन



    नई दिल्ली। वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर 19 मार्च से अयोध्या में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हो रहा है। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर में श्रीराम यंत्र स्थापना के लिए अयोध्या आएंगी। वहीं, इसी तिथि से चैत्र रामनवमी मेला और वासंतिक नवरात्र का भी शुभारंभ होगा। प्रतिपदा का दिन हिंदी नववर्ष का पहला दिन भी है, जिससे रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

    भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में तय किया गया कि नवरात्र के प्रथम दिन वीआईपी पास धारकों के लिए दर्शन बंद रहेंगे। आम श्रद्धालु सामान्य दर्शन मार्ग से श्रीराम लला के दर्शन कर सकेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने बताया कि सुबह 6 बजे से शाम तक अनवरत दर्शन जारी रहेगा।

    समारोह और आमंत्रित अतिथि

    रंगमहल बैरियर यानी क्रॉसिंग वन से सिर्फ आमंत्रित अतिथियों को श्रीराम यंत्र स्थापना समारोह में प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर आंदोलन के सहयात्रियों को इस अवसर पर आमंत्रित नहीं किया गया है। केवल राम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान में शामिल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कार्यकर्ता (करीब 3,500) और विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय टोली के 45 पदाधिकारी तथा 300 संतों को शामिल किया गया है।

    इसके अलावा मंदिर निर्माण में लगी विभिन्न एजेंसियों के कर्मयोगियों के पारिवारिक सदस्य समेत लगभग 1,800 लोगों को भी व्यक्तिगत आमंत्रण भेजा गया है। चंपतराय ने बताया कि आमंत्रण हस्तांतरणीय नहीं है और अतिथियों के साथ सुरक्षा कर्मियों या अंगरक्षकों का प्रवेश नहीं होगा। समारोह स्थल पर किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या हथियार ले जाने की अनुमति नहीं है। सिख परंपरा के आमंत्रित श्रद्धालुओं को कानूनी वैध हथियार और पांच पहचान चिन्हों सहित कटार ले जाने की अनुमति दी गई है। मोबाइल उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। सभी अतिथि 18 मार्च तक अयोध्या पहुँच जाएंगे।

    ठहरने और भोजन की व्यवस्था

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने बताया कि अतिथियों के ठहरने और भोजन-जलपान की पूरी व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की गई है। गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में लगभग 3,000 कमरे बुक किए गए हैं। अलग-अलग जोनों के अनुसार भोजनालय तय किए गए हैं और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए विशेष टोलियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम ने भी सभी अतिथि ठहराव स्थलों पर विशेष सजावट और तैयारियां कर दी हैं, जिसकी झलक भक्तों को 18 मार्च से दिखाई देने लगेगी।

  • कृतिका नक्षत्र में शुक्र के गोचर से इन 5 राशि वालों की खुलेगी किस्मत, बढ़ेगी संपत्ति और समृद्धि

    कृतिका नक्षत्र में शुक्र के गोचर से इन 5 राशि वालों की खुलेगी किस्मत, बढ़ेगी संपत्ति और समृद्धि



    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में शुक्र देव को सुख, ऐश्वर्य, सौंदर्य और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। जब भी शुक्र नक्षत्र बदलते हैं, तो इसका असर हमारे जीवन की विलासिता और आर्थिक स्थिति पर देखा जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 को शुक्र कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 27 अप्रैल 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान कई राशि वालों के लिए भाग्य के द्वार खुलने की संभावना है।

    शुक्र के इस गोचर से सबसे अधिक लाभ इन 5 राशि वालों को मिलने वाला है:-

    मेष राशि (Aries)

    मेष राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लेकर आएगा। निवेश से लाभ के मजबूत संकेत हैं। लंबे समय से विचाराधीन वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना सफल हो सकती है। कार्यक्षेत्र में रचनात्मकता की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।

    वृषभ राशि (Taurus)

    शुक्र के कृतिका नक्षत्र में प्रवेश से वृषभ राशि के जातकों के व्यक्तित्व में निखार आएगा। सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और सुखद यात्राओं के योग बनेंगे। सिंगल लोगों के जीवन में नए प्रेम संबंध बनने की संभावना है। दांपत्य जीवन में मधुरता का अनुभव होगा।

    सिंह राशि (Leo)

    सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि लाएगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लंबित सरकारी कार्य पूरे होंगे। आमदनी के नए स्रोत विकसित होने से बैंक बैलेंस में सुधार होगा। पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने की संभावना भी है।

    तुला राशि (Libra)

    तुला राशि वालों के लिए यह समय करियर में बड़ी प्रगति का अवसर लाएगा। विदेश से जुड़े व्यापार में महत्वपूर्ण डील फाइनल होने की संभावना है। सुख-सुविधाओं और शौक पर खर्च बढ़ सकता है, लेकिन आमदनी भी अच्छी रहेगी। मानसिक शांति का अनुभव भी मिलेगा।

    धनु राशि (Sagittarius)

    धनु राशि वालों के लिए यह समय भाग्य के अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति और वेतन वृद्धि के संकेत हैं। परिवार के साथ मांगलिक अवसरों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता के योग बन रहे हैं।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते है।)

  • भारत आ रहे एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भारत सतर्क, फारस की खाड़ी के पास नौसेना के युद्धपोत तैनात

    भारत आ रहे एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भारत सतर्क, फारस की खाड़ी के पास नौसेना के युद्धपोत तैनात


    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम तेज कर दिए हैं। भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी के आसपास अपने कई युद्धपोत तैनात कर दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारत की ओर आने वाले व्यापारिक जहाजों को सहायता और सुरक्षा दी जा सके।

    सूत्रों के मुताबिक इन युद्धपोतों की तैनाती का उद्देश्य भारतीय व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि क्षेत्र में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।

    दो भारतीय एलपीजी जहाजों को मिली अनुमति

    इस बीच शनिवार को ईरान ने भारत की ओर जा रहे दो भारतीय झंडे वाले एलपीजी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी। इनमें एक जहाज शिवालिक है, जो जहाज ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार फिलहाल ओमान के पास देखा गया है और इसके 21 मार्च तक अपने गंतव्य तक पहुंचने की संभावना है।

    भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर

    बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी की समुद्री स्थिति और भारतीय जहाजों व नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक फारस की खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक मौजूद हैं।

    24 घंटे निगरानी कर रही सरकार

    मंत्रालय ने बताया कि डीजी शिपिंग जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। सभी जहाजों और चालक दल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। 24 घंटे के नियंत्रण कक्ष के सक्रिय होने के बाद से अब तक 2,425 से अधिक कॉल और 4,441 ईमेल प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही 223 से ज्यादा फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की गई है।

    ईरान ने सुरक्षित रास्ता देने का भरोसा दिया

    भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद ईरान भारत की ओर जाने वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा। उन्होंने भारत और ईरान को पुराने मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के हित और भविष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

    होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद पर ईरान का बयान

    वहीं भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना नहीं चाहता था। उन्होंने मौजूदा हालात के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वैश्विक नेताओं को युद्ध रोकने के लिए उन पर दबाव बनाना चाहिए, क्योंकि बढ़ती तेल कीमतों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

  • Weekly Horoscope 15-21 March 2026: चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत, जानें कैसा रहेगा आपका सप्ताह

    Weekly Horoscope 15-21 March 2026: चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत, जानें कैसा रहेगा आपका सप्ताह

    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह नक्षत्रों की चाल व्यक्ति के जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करती है। 15 से 21 मार्च के इस सप्ताह में चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत हो रही है। इस दौरान ग्रहों का गोचर बड़े बदलाव और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। 15 मार्च को शुक्र का रेवती नक्षत्र में प्रवेश होने से चांदी, शक्कर और कपूर जैसी श्वेत वस्तुओं के भाव में कुछ मंदी देखी जा सकती है। मौसम की बात करें तो उत्तर भारत में तापमान बढ़ेगा, जबकि बंगाल और असम में छिटपुट वर्षा की संभावना रहेगी।

    इस सप्ताह कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी हैं। 15 मार्च को सौर चैत्र मास और खरमास शुरू होंगे। 18 मार्च को श्राद्ध अमावस्या है। 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और कलश स्थापना का आरंभ होगा, जबकि 21 मार्च को गणगौर तीज और मत्स्यावतार का पर्व मनाया जाएगा।

    मेष राशि यह सप्ताह सोच समझकर कदम बढ़ाने का है। वरिष्ठजनों से प्रशंसा और सामाजिक सक्रियता बढ़ेगी। भूमि भवन के सौदे फायदेमंद रहेंगे, जबकि व्यापारिक यात्राएं सुखद परिणाम देंगी। अतिरिक्त जिम्मेदारियों के लिए खुद को तैयार रखें।

    वृषभ राशि कार्यक्षेत्र में संतुष्टि का समय है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के योग हैं। कानूनी और संपत्ति संबंधी मामले आसानी से सुलझेंगे। घर में मांगलिक कार्यों की योजना बन सकती है। परिवार के बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

    मिथुन राशि लक्ष्यों की ओर जोश के साथ बढ़ें। अनुसंधान और कला से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलेगी। उच्च अधिकारियों के साथ काम करने के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी और बच्चों की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं, जिससे घर का माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा।

    कर्क राशि मन की दुविधाओं को छोड़कर काम पर ध्यान दें। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए खर्च बढ़ सकता है। व्यवसाय में मित्र को साझेदार बना सकते हैं। सप्ताहांत में थकान और स्वास्थ्य में गिरावट से बचने के लिए आराम जरूरी है।

    सिंह राशि धार्मिक और व्यापारिक यात्राओं में रुचि बढ़ेगी। किसी बड़ी योजना का हिस्सा बन सकते हैं। कड़ी मेहनत और योजनाबद्ध प्रयास से सफलता मिलेगी। जान पहचान का दायरा बढ़ेगा।

    कन्या राशि सप्ताह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधिकारियों के साथ तालमेल जरूरी है। नए व्यापारिक साझेदार जुड़ सकते हैं। करीबी रिश्तेदार का सहयोग मिलेगा। सप्ताहांत में अति आत्मविश्वास से बचें।

    तुला राशि सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। करियर में सुधार और नए वाहन की योजना बन सकती है। वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। सप्ताहांत में मनोरंजक यात्रा का अवसर मिलेगा।

    वृश्चिक राशि महत्वाकांक्षा बढ़ेगी, लेकिन घरेलू मोर्चे पर कुछ विपरीत परिस्थितियां हो सकती हैं। अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभकारी रहेगी। अजनबियों पर भरोसा न करें। बच्चों की जरूरतों पर ध्यान दें। स्वास्थ्य नरम गरम रहेगा।

    धनु राशि कार्यस्थल पर योग्यता का सम्मान मिलेगा। करियर में मनोवांछित परिणाम होंगे। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विरोधियों से सतर्क रहें। दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    मकर राशि करियर की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होने वाला सप्ताह है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है। यात्रा में फिजूलखर्ची से बचें। सप्ताह के मध्य में बड़ा व्यावसायिक निर्णय लेना पड़ सकता है।

    कुंभ राशि प्रगति की नई दिशा में कदम बढ़ेंगे। संपत्ति लेन देन से लाभ होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है। खोई हुई वस्तु मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

    मीन राशि कार्यक्षेत्र में बड़ी उपलब्धि संभव है। जीवनसाथी का सहयोग नए अवसर लाएगा। नई कार्यशैली लाभकारी रहेगी। कामकाजी महिलाओं को थोड़ी भागदौड़ और परेशानी हो सकती है। मांगलिक कार्यों पर चर्चा संभव है।

  • तेज धूप में स्किन जल रही है? बाहर निकलने से पहले अपनाएं ये 4 असरदार टिप्स

    तेज धूप में स्किन जल रही है? बाहर निकलने से पहले अपनाएं ये 4 असरदार टिप्स


    नई दिल्ली । जैसे ही मार्च का महीना आता है उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर दिखना शुरू हो जाता है। पारा बढ़ने के साथ ही तेज धूप उमस और पसीना लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित हमारी त्वचा होती है। सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा को टैन करती हैं सनबर्न और समय से पहले झुर्रियों का कारण भी बनती हैं।अगर आपको गर्मी में बाहर निकलना पड़ता है तो अपनी त्वचा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर आप त्वचा को तेज धूप से बचा सकते हैं।

    सनस्क्रीन धूप से सबसे मजबूत सुरक्षा
    धूप में निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले चेहरे गर्दन हाथ और पैरों पर SPF 30+ वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। याद रखें कि एक बार सनस्क्रीन लगाने से काम नहीं चलता। अगर आप लंबे समय तक बाहर हैं तो हर 3-4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है। सनस्क्रीन त्वचा को सीधे यूवी किरणों से बचाता है और टैनिंग को रोकता है।

    हाइड्रेशन अंदर से रखे त्वचा को नमी से भरपूर

    त्वचा की चमक सिर्फ क्रीम या लोशन पर निर्भर नहीं करती बल्कि शरीर के अंदर मौजूद नमी भी महत्वपूर्ण होती है। गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर का पानी बाहर निकल जाता है। इसे पूरा करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा तरबूज खरबूजा खीरा और संतरे जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को आहार में शामिल करें। इससे त्वचा प्राकृतिक रूप से हाइड्रेटेड और कोमल बनी रहती है।

    पहनावा और समय का ध्यान

    तेज धूप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे अधिक हानिकारक होती है। इस दौरान अगर संभव हो तो घर के अंदर रहें। यदि बाहर निकलना जरूरी है तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। सूती कपड़े पसीने को सोखते हैं और त्वचा को सांस लेने में मदद करते हैं। साथ ही स्कार्फ चौड़े किनारे वाली टोपी धूप का चश्मा और छाता का उपयोग करना न भूलें।

    सनबर्न और टैनिंग के घरेलू उपाय

    अगर धूप के कारण त्वचा झुलस गई या टैनिंग हो गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। किचन में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें राहत देती हैं। प्रभावित हिस्से पर ठंडा एलोवेरा जेल लगाएं। इसके अलावा दही खीरे का रस या टमाटर का रस लगाने से भी टैनिंग कम होती है और त्वचा को ठंडक मिलती है। गर्मियों में त्वचा का ख्याल रखना न सिर्फ आपकी सुंदरता बढ़ाता है बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जरूरी है। इन आसान टिप्स को अपनाकर आप धूप के नुकसान से अपनी त्वचा को बचा सकते हैं और प्राकृतिक रूप से कोमल और चमकदार बनाए रख सकते हैं।

  • चैत्र नवरात्र 2026: पहले तीन दिन रहेगा पंचक का साया, जानिए घटस्थापना पर इसका क्या पड़ेगा प्रभाव

    चैत्र नवरात्र 2026: पहले तीन दिन रहेगा पंचक का साया, जानिए घटस्थापना पर इसका क्या पड़ेगा प्रभाव


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला पर्व माना जाता है। यह नौ दिनों तक चलने वाला उत्सव देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित होता है। हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से इसकी शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी। नवरात्र के पहले दिन होने वाली सबसे महत्वपूर्ण रस्म कलश स्थापना या घटस्थापना होती है जिसे देवी शक्ति के घर में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख समृद्धि का वास होता है।

    हालांकि इस वर्ष नवरात्र की शुरुआत के साथ एक विशेष ज्योतिषीय स्थिति भी बन रही है। दरअसल नवरात्र के पहले दिन से पंचक का प्रभाव भी रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पंचक 16 मार्च 2026 की शाम 6 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 21 मार्च 2026 तक रहेगा। इस तरह नवरात्र के शुरुआती तीन दिन पंचक की अवधि में ही पड़ेंगे। पंचक को ज्योतिष शास्त्र में ऐसा समय माना जाता है जब कुछ विशेष प्रकार के शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान वाहन खरीदना नया व्यवसाय शुरू करना गृह प्रवेश करना या विवाह जैसे बड़े और मांगलिक कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है। मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं या उनका अपेक्षित फल नहीं मिल पाता। इसी कारण लोग पंचक के दौरान बड़े आर्थिक या सामाजिक निर्णय लेने में सावधानी बरतते हैं।

    हालांकि धार्मिक और नियत तिथि वाले पर्व त्योहारों पर पंचक का प्रभाव नहीं माना जाता। इसी वजह से नवरात्र की घटस्थापना पर पंचक का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना करना पूरी तरह से शुभ और शास्त्रसम्मत है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा अर्चना व्रत और मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन में सुख शांति समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

    इस वर्ष नवरात्र के पहले तीन दिन पंचक में पड़ने के कारण श्रद्धालुओं को यह सलाह दी जा रही है कि धार्मिक कार्यों को छोड़कर अन्य मांगलिक गतिविधियों से परहेज करें। जैसे वाहन खरीदना नया व्यापार शुरू करना गृह प्रवेश विवाह या मुंडन जैसे संस्कार इन दिनों में टाल देना बेहतर माना जाता है।

    नवरात्र के नौ दिनों में भक्त माता दुर्गा के नौ रूपों शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कूष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। इस दौरान लोग व्रत रखते हैं भजन कीर्तन करते हैं दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और घरों तथा मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का आयोजन करते हैं। श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा से जीवन में मानसिक शांति सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।

    इस प्रकार पंचक के प्रभाव के बावजूद चैत्र नवरात्र की घटस्थापना और पूजा अर्चना पूरी तरह शुभ मानी जाती है। श्रद्धालु इस पावन पर्व को पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाते हैं और मां दुर्गा से सुख समृद्धि तथा कल्याण की कामना करते हैं।

  • चैत्र नवरात्र 2026: डोली में आएंगी मां दुर्गा, हाथी पर होगा प्रस्थान; 72 साल बाद बन रहा विशेष संयोग

    चैत्र नवरात्र 2026: डोली में आएंगी मां दुर्गा, हाथी पर होगा प्रस्थान; 72 साल बाद बन रहा विशेष संयोग

    नई दिल्ली । शक्ति उपासना का महान पर्व चैत्र नवरात्र इस वर्ष 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो रही है जिसके कारण शास्त्रीय मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन डोली पर माना जा रहा है। धार्मिक ग्रंथों में डोली में माता के आगमन को महामारी संघर्ष या प्राकृतिक चुनौतियों का संकेत माना गया है जो समाज को सावधान और सतर्क रहने का संदेश देता है। हालांकि इस बार माता रानी का प्रस्थान हाथी पर होगा जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। हाथी पर माता का गमन अच्छी वर्षा समृद्ध कृषि आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र नवरात्रि कई विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि लगभग 72 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है जब अमावस्या तिथि के साये में ही कलश स्थापना की जाएगी। सामान्यतः प्रतिपदा तिथि में घट स्थापना का विधान होता है लेकिन इस बार सूर्योदय अमावस्या तिथि में होने के कारण शास्त्रों के अनुसार उसी समय विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी। ज्योतिषाचार्य भोला पंडित के अनुसार यह दुर्लभ संयोग आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होगी। हालांकि उस समय सूर्योदय अमावस्या तिथि में रहेगा इसलिए शास्त्र सम्मत नियमों के अनुसार उसी अवधि में कलश स्थापना करना शुभ माना जाएगा। इस दिन शुक्ल योग ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का त्रिवेणी संगम भी बन रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह महासंयोग भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला माना जाता है। गुरुवार से पर्व शुरू होने के कारण मां दुर्गा का आगमन डोली पर होगा जिसे चुनौतियों का संकेत माना गया है लेकिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सुख शांति और समृद्धि के द्वार खोल सकती है।

    नवरात्रि के पहले दिन यानी 19 मार्च को कलश स्थापना के लिए दो विशेष शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 40 मिनट तक रहेगा जबकि दूसरा शुभ समय सुबह 9 बजकर 16 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन स्थिर लग्नों में घट स्थापना करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    नवरात्र पर्व को लेकर धार्मिक स्थलों और मंदिरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी अंजोरा से लेकर डोंगरगढ़ तक भक्तों की सुविधा के लिए सेवा पंडाल लगाए जाएंगे। मंदिर समितियों और सेवादारों द्वारा व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं जिला प्रशासन ने भी बैठक कर सुरक्षा यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

    इस तरह चैत्र नवरात्र का यह पावन पर्व न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है बल्कि विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण इस वर्ष इसे और भी अधिक महत्वपूर्ण और फलदायी माना जा रहा है।