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आरिफ मसूद का पुलिस प्रशासन पर बड़ा हमला: समर्थक को कानूनी नोटिस मिलने से आगबबूला हुए कांग्रेस विधायक, बोले- खाकी की धौंस नहीं चलेगी, कोर्ट में भुगतना पड़ेगा
भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर खाकी और खादी के बीच का टकराव खुलकर सामने आ गया है, जिसने शहर के सियासी पारे को अचानक सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। पूरा मामला भोपाल मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस के कद्दावर विधायक आरिफ मसूद के एक बेहद करीबी समर्थक को पुलिस द्वारा कानूनी नोटिस थमाए जाने से जुड़ा हुआ है। अपने समर्थक को पुलिसिया कार्रवाई के दायरे में आता देख विधायक आरिफ मसूद का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए तलैया थाना प्रभारी (TI) को खुले मंच से एक बड़ी और सीधी चुनौती दे डाली है। विधायक ने तल्ख लहजे में पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा है कि “तैयार रहना टीआई साहब, अब इस पूरी मनमानी का जवाब आपको एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की अदालत में देना होगा।”इस पूरे फसाद की जड़ दरअसल भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में आधी रात को हुई एक प्रशासनिक कार्रवाई है, जहां नगर निगम और पुलिस की टीम एक कथित निर्माण कार्य को लेकर मुस्तैद हुई थी। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान विधायक आरिफ मसूद के समर्थक शारिक ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ हंगामा किया बल्कि शासकीय कार्य में सीधे तौर पर बाधा डालने का प्रयास भी किया। इसी मामले को लेकर तलैया थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शारिक को एक कानूनी नोटिस जारी कर दिया, जिसे विधायक मसूद ने सीधे तौर पर अपने समर्थकों को प्रताड़ित करने और राजनीतिक द्वेष भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है। नोटिस की खबर मिलते ही आरिफ मसूद ने पुलिस और नगर निगम के गठजोड़ पर तीखा हमला बोला और आधी रात को की गई इस संयुक्त कार्रवाई की वैधानिकता पर ही गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए।आरिफ मसूद ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर गहरी आपत्ति जताई है कि आखिर किस हैसियत और किस कानूनी अधिकार के तहत नगर निगम का दस्ता और स्थानीय पुलिस की टीम आधी रात के सन्नाटे में वहां कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी। उन्होंने सीधे तौर पर तलैया टीआई को लपेटे में लेते हुए कहा कि वे इस पूरी रात वाली कार्रवाई के पीछे की असल मंशा को बेनकाब करके रहेंगे। कांग्रेस विधायक ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को इतनी आसानी से ठंडा नहीं होने देंगे और पुलिस की इस कथित मनमानी को चुनौती देने के लिए देश की सबसे बड़ी पर्यावरण अदालत यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाएंगे। मसूद के इस बेहद कड़े और आक्रामक तेवर ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भोपाल पुलिस और नगर निगम प्रशासन की मुश्किलें अदालत के कटघरे में बढ़ सकती हैं, क्योंकि विधायक अब इस आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं और उन्होंने साफ कह दिया है कि कानून का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को इसका हर्जाना भुगतना ही पड़ेगा। -

शिवपुरी के पटाखा कारोबारी नवाब खां की आतिशबाजी से भरा ट्रक जब्त, 10 लाख रुपये का माल बरामद
मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले के बदरवास में पटाखों का कारोबार करने वाले नवाब खां से जुड़ी आतिशबाजी की खेप को पुलिस ने गुना जिले में जब्त किया है। म्याना थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान एक ट्रक से करीब 10 लाख रुपये कीमत की आतिशबाजी बरामद हुई। यह माल इंदौर से बदरवास लाया जा रहा था। पुलिस ने आतिशबाजी के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद कारोबारी नवाब खां और ट्रक चालक पवन जोशी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।पुलिस के अनुसार, ट्रक में अवैध रूप से आतिशबाजी ले जाए जाने की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की गई। म्याना थाना प्रभारी बृजमोहन भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस ने एबी रोड पर केवट राई होटल के सामने नाकाबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में पटाखों के पैकेट रखे मिले।
तलाशी में पुलिस को 16 बड़े कार्टून मिले, जिन पर नवाब खां, बदरवास लिखा हुआ था। कार्टून खोलने पर अलग-अलग प्रकार की आतिशबाजी बरामद हुई। इनमें पोगो 12 स्टार, चिकी मिकी, स्काई शॉट, अवतार फायर, अनिल चकरी, फ्लावर पॉट और गंगा-जमुना नाम के पटाखे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ट्रक से 120 से अधिक पैकेट आतिशबाजी मिली है। जब्त किए गए माल और ट्रक की कुल कार्रवाई में लगभग 10 लाख रुपये की कीमत बताई गई है।
पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक पवन जोशी आतिशबाजी के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद बदरवास के कारोबारी नवाब खां को बुलाकर संबंधित कागजात की जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि उसका आतिशबाजी कारोबार से जुड़ा लाइसेंस वर्ष 2025 के बाद नवीनीकृत नहीं हुआ था। इसी आधार पर माल के परिवहन और कारोबार की वैधता को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने का तथ्य सामने आने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित आतिशबाजी की खरीद और आपूर्ति किस आधार पर की जा रही थी। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि इंदौर से बदरवास तक माल भेजने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति या दस्तावेज उपलब्ध थे या नहीं।
ट्रक इंदौर से रवाना होकर गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र तक पहुंच गया था। ऐसे में पुलिस परिवहन के पूरे रास्ते और माल की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि रास्ते में वाहन की जांच हुई थी या नहीं। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या रास्ते में हुई जांच को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस ने ट्रक और आतिशबाजी को जब्त कर लिया है। नवाब खां और चालक पवन जोशी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अब मामले में आतिशबाजी के स्रोत, लाइसेंस की स्थिति, परिवहन संबंधी दस्तावेजों और आपूर्ति व्यवस्था की पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सेवानिवृत्ति के बाद ओमप्रकाश श्रीवास्तव को मिली नई जिम्मेदारी, राज्य आनंद संस्थान की कमान सौंपी गई
भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। सेवानिवृत्त IAS अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान का मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी CEO बनाया गया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ अब वे संस्थान के कामकाज और विभिन्न गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि नियुक्ति से संबंधित विस्तृत आदेश और कार्यकाल की जानकारी उपलब्ध होने पर इस फैसले से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति भी स्पष्ट होगी।राज्य आनंद संस्थान मध्यप्रदेश में आनंद और खुशहाली से जुड़े विचारों तथा गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करता है। संस्थान की गतिविधियों का केंद्र लोगों के जीवन में सकारात्मकता को प्रोत्साहित करना और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने के प्रयास करना है। ऐसे में संस्थान के प्रमुख पद पर नई नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। CEO की जिम्मेदारी संभालने के बाद ओमप्रकाश श्रीवास्तव संस्थान की योजनाओं और गतिविधियों के संचालन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। उनके नेतृत्व में संस्थान के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और व्यवस्थाओं के संचालन पर ध्यान रहेगा।
राज्य आनंद संस्थान की अवधारणा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य समाज में आनंद और संतुष्टि के महत्व को समझने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है। आज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव और मानसिक दबाव जैसी चुनौतियों के बीच जीवन में संतुलन और सकारात्मक सोच को महत्व दिया जा रहा है। ऐसे में संस्थान की गतिविधियां लोगों को अपने जीवन में बेहतर दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में भूमिका निभा सकती हैं। संस्थान की योजनाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए प्रशासनिक समन्वय और नियमित निगरानी भी महत्वपूर्ण होती है।
ओमप्रकाश श्रीवास्तव भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में कार्य करने का अनुभव सरकारी व्यवस्थाओं और योजनाओं के संचालन की समझ विकसित करने में सहायक हो सकता है। राज्य आनंद संस्थान के CEO के रूप में उनकी भूमिका संस्थान के दैनिक कामकाज को संचालित करने और निर्धारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़ी होगी। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे संस्थान के कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने की अपेक्षा रहेगी। हालांकि उनके आगामी कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संस्थान की गतिविधियों में किन क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस नियुक्ति के बाद राज्य आनंद संस्थान के कामकाज और आगामी योजनाओं पर नजर रहेगी। संस्थान के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करना और उनके उद्देश्यों को लोगों तक पहुंचाना नई जिम्मेदारी का अहम हिस्सा होगा। ओमप्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में संस्थान की गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल उनकी नियुक्ति मध्यप्रदेश के प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है।
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अभिषेक शर्मा का बल्ला बना आग का गोला, 11 छक्कों से मचाई तबाही, भारत ने रिकॉर्डतोड़ जीत के साथ सीरीज पर जमाया कब्जा
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले के सबसे बड़े हीरो अभिषेक शर्मा रहे जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया। भारत ने 199 रन के लक्ष्य को महज 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए मुकाबले को एकतरफा बना दिया।न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए। टीम की ओर से डेरिल मिचेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 88 रन की पारी खेली और भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। हालांकि न्यूजीलैंड की टीम को उम्मीद रही होगी कि उसके गेंदबाज इस स्कोर का बचाव कर सकेंगे लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने मैदान पर उतरते ही मैच की तस्वीर बदल दी। लक्ष्य का पीछा करने आए अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले ओवर से ही आक्रामक रुख अपनाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया।
अभिषेक शर्मा ने केवल 38 गेंदों में 113 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस शानदार पारी में नौ चौके और 11 छक्के शामिल रहे। उन्होंने जिस अंदाज में गेंदबाजों पर हमला बोला उससे न्यूजीलैंड की टीम को वापसी का मौका ही नहीं मिला। अभिषेक ने मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए और रन गति को लगातार ऊंचा बनाए रखा। दूसरे छोर पर वैभव सूर्यवंशी ने भी उनका बेहतरीन साथ दिया। वैभव ने महज 19 गेंदों में 45 रन बनाए जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 133 रन की तेज साझेदारी हुई जिसने भारतीय जीत की मजबूत नींव रख दी।

भारतीय पारी की शुरुआत भी रिकॉर्डतोड़ रही। न्यूजीलैंड की ओर से पहला ओवर डालने आए जैकब डफी के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों ने 26 रन बटोरे। इसमें अतिरिक्त रन भी शामिल थे। इसके बाद भारतीय टीम ने केवल 2.2 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए। शुरुआती छह ओवर में भारत ने बिना विकेट गंवाए 118 रन बनाकर मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया।अभिषेक के आउट होने के बाद भी भारतीय टीम की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद संजू सैमसन ने 18 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर पांच रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा तेजी से जारी रखा और 13.2 ओवर में ही जीत हासिल कर ली।
इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाकर अपना दबदबा साबित किया। अभिषेक शर्मा का तूफानी शतक और वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। भारतीय टीम ने जिस अंदाज में 199 रन का लक्ष्य हासिल किया उससे उसकी बल्लेबाजी की ताकत साफ नजर आई। अब टीम इंडिया की नजर सीरीज के बाकी मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखने पर होगी।
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मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले, सूखे से प्रभावित किसानों को मिलेगी मदद, भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के निर्देश
भोपाल । मध्यप्रदेश में कम बारिश के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। प्रदेश के 12 जिलों में बारिश की स्थिति की समीक्षा के बाद सरकार ने प्रभावित किसानों को विशेष सहायता देने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के हितों के साथ सिंचाई परियोजनाओं और सरकारी विभागों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। मंत्री चैतन्य कश्यप ने बैठक में लिए गए फैसलों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि कम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत देने और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने के संबंध में भी विचार किया जा सकता है।बारिश की कमी से प्रभावित जिलों में अलीराजपुर की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बताई गई है। यहां सामान्य से करीब 52 प्रतिशत कम बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा इंदौर उज्जैन बैतूल हरदा नर्मदापुरम रतलाम झाबुआ धार शाजापुर और पांढुर्ना सहित अन्य क्षेत्रों में भी बारिश के आंकड़ों के आधार पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। कम वर्षा का असर खेती और जल उपलब्धता पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि प्रभावित जिलों के किसानों को किस तरह की सहायता मिलेगी और किन क्षेत्रों को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित किया जाएगा इसका अंतिम फैसला संबंधित आकलन के बाद स्पष्ट होगा।

कैबिनेट बैठक में आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ यानी EOW के लिए 345 करोड़ रुपये की स्वीकृति की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपये के प्लान को मंजूरी दी गई है। नर्मदा घाटी विकास विभाग की वर्ष 2019-20 से संचालित चार योजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 3378 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा मुरैना सिवनी और सागर जिलों से संबंधित हैं। सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से कृषि क्षेत्र को पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।सामाजिक न्याय विभाग की सात योजनाओं के लिए भी 351 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार 201 प्रकरणों में 392 अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। मंत्रियों को अपने अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी करने के लिए भी कहा गया है।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस को लेकर भी कैबिनेट में तैयारियों पर चर्चा हुई। एक नवंबर से तीन दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और मंत्रियों को कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दीपावली के अवसर पर मिट्टी से बने उत्पादों और माटी कला को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने सेवा संकल्प अभियान के तहत किए गए कार्यों और किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा भी की। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि कम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत की घोषणा कब होती है और सहायता का लाभ किस तरह पहुंचाया जाता है।
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शिवपुरी के बदरवास में 9 रुपये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गुमटी संचालक के सिर पर डंडे से हमला
मध्य प्रदेश। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के बदरवास थाना क्षेत्र में महज 9 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर एक युवक ने गुमटी संचालक के सिर और दाहिने कंधे पर डंडे से हमला कर दिया। घटना में दुकानदार घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।घटना 25 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। बदरवास में थाने के पीछे रहने वाले राजेश रजक के अनुसार, वह रात में कलारी के पास स्थित अपनी गुटखा दुकान पर बैठा था। इसी दौरान बदरवास का रहने वाला आनंद यादव उसकी दुकान पर पहुंचा और चार सिगरेट मांगीं।
राजेश के मुताबिक, चार सिगरेट की कुल कीमत 24 रुपये थी। आनंद यादव ने भुगतान के लिए फोनपे का इस्तेमाल किया, लेकिन उसके खाते से दुकानदार को केवल 15 रुपये ही मिले। राजेश ने जब शेष 9 रुपये मांगे, तो आरोपी ने बाकी रकम देने से इनकार कर दिया। इसी भुगतान को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
शिकायत के अनुसार, बकाया राशि मांगने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आनंद यादव ने राजेश रजक के साथ गाली-गलौज की। जब राजेश ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने डंडे से उस पर हमला कर दिया। हमले में राजेश के सिर और दाहिने कंधे पर चोटें आईं।
घटना के बाद घायल दुकानदार को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसके सिर और कंधे पर डंडे से वार किया गया था। हालांकि, घायल की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और चोटों की गंभीरता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान विवाद की परिस्थितियों, भुगतान को लेकर हुए घटनाक्रम और हमले के आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
बदरवास क्षेत्र में सामने आया यह मामला एक छोटी रकम के लेनदेन से शुरू हुए विवाद के हिंसक रूप लेने से जुड़ा है। दुकानदार के बयान के अनुसार, विवाद की शुरुआत चार सिगरेट के 24 रुपये के भुगतान से हुई थी। इसमें से 15 रुपये मिलने के बाद जब उसने बाकी 9 रुपये मांगे, तो मामला बढ़ गया।
फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है। घटना में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी। आरोपी के पक्ष और मामले में आगे की कार्रवाई से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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शाहरुख की ‘किंग’ में रोमांस भी और खूनी एक्शन भी, नए पोस्टर ने बढ़ाया इंतजार, क्रिसमस पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा मुकाबला
नई दिल्ली । बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की आगामी फिल्म किंग को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ती नजर आ रही है। मंगलवार 27 अक्टूबर को फिल्म का नया पोस्टर जारी किया गया जिसमें शाहरुख का अंदाज पहले से काफी अलग दिखाई दे रहा है। पोस्टर में उनके होंठों के बीच गुलाब नजर आ रहा है जबकि आंखों में गुस्सा और चेहरे पर गंभीरता दिखाई दे रही है। इस लुक में रोमांस और एक्शन का अनोखा मेल देखने को मिल रहा है। शाहरुख ने पोस्टर साझा करते हुए लिखा कि आज फिर याद आया कातिल नहीं आशिक हूं। उनके इस अंदाज ने फिल्म को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।फिल्म किंग का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। इससे पहले वह शाहरुख खान के साथ पठान जैसी सफल फिल्म में काम कर चुके हैं। ऐसे में दोनों की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक्शन और मनोरंजन का नया अनुभव देने की तैयारी में है। फिल्म का निर्माण रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स मिलकर कर रहे हैं। कहानी में एक मेंटर और उसके शिष्य के सफर को दिखाए जाने की बात कही गई है जहां मुश्किल हालात के बीच अस्तित्व की लड़ाई और संघर्ष देखने को मिलेगा। हालांकि फिल्म की कहानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
किंग की सबसे बड़ी खासियत इसकी दमदार स्टारकास्ट भी है। फिल्म में शाहरुख खान के अलावा दीपिका पादुकोण रानी मुखर्जी अभिषेक बच्चन सुहाना खान अनिल कपूर अभय वर्मा और अरशद वारसी जैसे कलाकार नजर आएंगे। अभिषेक बच्चन फिल्म में खलनायक की भूमिका में दिखाई दे सकते हैं। शाहरुख के साथ इतने बड़े कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। फिल्म में एक्शन के साथ भावनात्मक रिश्तों और रोमांस का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होने की उम्मीद है।
इस फिल्म का एक खास पहलू शाहरुख खान और उनकी बेटी सुहाना खान का पहली बार बड़े पर्दे पर साथ दिखाई देना है। सुहाना इससे पहले 2023 में रिलीज हुई ओटीटी फिल्म द आर्चीज में अभिनय कर चुकी हैं। अब किंग के जरिए वह सिनेमाघरों में अपनी शुरुआत करेंगी। पिता और बेटी की जोड़ी को एक साथ देखने के लिए प्रशंसकों में खास उत्साह है। हालांकि फिल्म में दोनों के किरदारों और उनके आपसी रिश्ते को लेकर ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
फिल्म में शाहरुख खान और रानी मुखर्जी की जोड़ी भी लंबे समय बाद दर्शकों के सामने आएगी। दोनों इससे पहले कभी अलविदा ना कहना में साथ नजर आए थे। वहीं दीपिका पादुकोण के साथ शाहरुख की जोड़ी भी एक बार फिर दिखाई देगी। दोनों ओम शांति ओम चेन्नई एक्सप्रेस हैप्पी न्यू ईयर पठान और जवान जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इस वजह से फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक किंग को 24 दिसंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है। क्रिसमस के मौके पर रिलीज होने के कारण फिल्म को हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों से मुकाबला करना पड़ सकता है। जुमांजी एवेंजर्स डूम्सडे और ड्यून पार्ट थ्री जैसी फिल्मों की संभावित रिलीज से बॉक्स ऑफिस पर प्रतिस्पर्धा दिलचस्प हो सकती है। फिलहाल नए पोस्टर ने शाहरुख के प्रशंसकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है और अब दर्शकों को इसके टीजर ट्रेलर और अन्य अपडेट का इंतजार है।
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शिवपुरी में बंद मकान से पुराना मीटर हटाने पर विवाद, वकील और रहवासियों के विरोध के बाद लौटे बिजलीकर्मी
मध्य प्रदेश। के शिवपुरी शहर की तारकेश्वरी कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। बिजली कंपनी के ठेकेदार के कर्मचारी एक बंद मकान में पुराना मीटर हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे थे। इस दौरान मकान मालिक की गैरमौजूदगी में पुराना मीटर निकाल दिया गया। जानकारी मिलने पर मकान मालिक एडवोकेट कैलाश जैन मौके पर पहुंचे और इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। इसके बाद कॉलोनी के अन्य रहवासी भी एकत्रित हो गए और कर्मचारियों से सवाल करने लगे। विरोध बढ़ने पर कर्मचारियों को पुराना मीटर दोबारा लगाकर लौटना पड़ा।यह घटना सोमवार दोपहर की बताई गई है। बिजली कंपनी के ठेकेदार की टीम तारकेश्वरी कॉलोनी में पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही थी। इसी दौरान कर्मचारी एडवोकेट कैलाश जैन के ताला लगे मकान पर पहुंचे। मकान मालिक उस समय वहां मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों ने पुराना मीटर निकाल दिया, लेकिन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई आगे बढ़ने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया।
कैलाश जैन को जब अपने मकान का मीटर हटाए जाने की जानकारी मिली, तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि मकान बंद होने और मालिक की गैरमौजूदगी में मीटर हटाने की कार्रवाई किस अनुमति के आधार पर की गई। उनकी आपत्ति के बाद वहां बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में आसपास रहने वाले लोग भी मौके पर पहुंच गए और बिजली कंपनी के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।
रहवासियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ता को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। यदि किसी मकान में कोई मौजूद नहीं है, तो वहां मीटर बदलने की प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी, इस बारे में स्पष्टता जरूरी है। लोगों ने मांग की कि संबंधित ठेकेदार और बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करें। उनका कहना था कि उपभोक्ताओं की आपत्तियों को सुने बिना ऐसी कार्रवाई करने से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
मौके पर काफी देर तक बहस और विरोध जारी रहा। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की मांग के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां नहीं आया। स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। उन्होंने पुराने मीटर को फिर से लगा दिया और वहां से रवाना हो गए। इस तरह जिस मकान में नया स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, वहां विरोध के बाद पुराना मीटर ही बहाल करना पड़ा।
शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। स्थानीय रहवासियों की चिंता है कि मीटर बदलने के दौरान उन्हें पर्याप्त जानकारी दी जाए और उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाए। प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट संवाद नहीं होने पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच असमंजस पैदा होने की आशंका बनी रहती है।
इस मामले में बिजली कंपनी के महाप्रबंधक सुमित अग्रवाल ने बताया कि वरिष्ठ कार्यालय से सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीटर लगाने के दौरान उपभोक्ता की सहमति लेना जरूरी है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर को लेकर परेशानी है, तो उसकी संतुष्टि के लिए स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया जा सकता है। जो उपभोक्ता सहमत नहीं हैं, उनके मामलों में आगे मिलने वाले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
तारकेश्वरी कॉलोनी की घटना के बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और उपभोक्ताओं की सहमति को लेकर सवाल उठे हैं। फिलहाल संबंधित मकान में पुराना मीटर दोबारा लगा दिया गया है। हालांकि, इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
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शिवपुरी के बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी, चांदी के कुंडल-कड़ा और पीतल के सात घंटे गायब.
मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा क्षेत्र स्थित बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दो कुंडल, एक चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे चोरी कर ले गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है। घटना का पता सोमवार, 26 अक्टूबर की सुबह उस समय चला, जब एक श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने पहुंचा।
सुबह पूजा करने पहुंचे तो टूटा मिला ताला
जानकारी के अनुसार, सतनवाड़ा कलां गांव निवासी नंदकिशोर धाकड़ पुत्र हरनारायण धाकड़ सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे बाग वाले हनुमान मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने मंदिर के भीतर जाकर सामान की जांच की, तो चोरी का पता चला।मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दोनों कुंडल गायब थे। इसके अलावा एक पैर का चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे भी वहां नहीं मिले। मंदिर का ताला टूटा होने और पूजा से संबंधित सामान गायब मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
रात करीब दो बजे चोरी की आशंका
फरियादी नंदकिशोर धाकड़ ने आशंका जताई कि अज्ञात चोर रात करीब दो बजे के आसपास मंदिर में घुसे और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि, घटना के सही समय और चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।सुबह मंदिर पहुंचने पर चोरी का पता चलने के बाद फरियादी सतनवाड़ा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। शिकायत में मंदिर से चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी होने की बात बताई गई। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है।
अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक सोनू रजक को सौंपी गई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आरोपी का पता लगाने के साथ चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी किए जाने की इस घटना के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करने और सामान बरामद करने की चुनौती है। फिलहाल, मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या चोरी गए सामान की बरामदगी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।
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यूपी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों को मंजूरी, मैनपुरी सैनिक स्कूल को मुफ्त जमीन और शिक्षा कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में शिक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों के स्वास्थ्य और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े विषय शामिल हैं। बैठक में मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। इसके अलावा माध्यमिक, संस्कृत और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव भी मंजूर किए गए। प्रदेश की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को भी स्वीकृति दी गई।मैनपुरी सैनिक स्कूल को 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त मिलेगी
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल को 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। सैनिक स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ अनुशासन और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए तैयार करना है। मैनपुरी के सैनिक स्कूल को भूमि हस्तांतरित करने का फैसला इसी संस्थान से संबंधित व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़ा प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इसके तहत माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रावधान शामिल है। इस फैसले से संबंधित पात्र कर्मचारियों को इलाज के दौरान निर्धारित व्यवस्था के तहत कैशलेस सुविधा मिल सकेगी।बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में लाने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे कर्मचारियों के परिवारों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। कैशलेस इलाज का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को चिकित्सा खर्च का भुगतान सीधे करने की जरूरत कम करना है। हालांकि, सुविधा के वास्तविक लाभ और उसके इस्तेमाल से संबंधित नियमों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
जीसीसी नीति-2024 के प्रस्ताव को मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर ऐसी इकाइयां होती हैं, जहां कंपनियां तकनीक, वित्त, शोध और दूसरी व्यावसायिक सेवाओं से जुड़े काम करती हैं। इन केंद्रों के माध्यम से कंपनियां अपने विभिन्न व्यावसायिक कार्यों का संचालन और प्रबंधन करती हैं।प्रदेश की जीसीसी नीति निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने से संबंधित है। उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी मिलने के बाद नीति के तहत संबंधित प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, बैठक में स्वीकृत संस्तुतियों के विशिष्ट विवरण और उनसे जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश से जुड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सैनिक स्कूल मैनपुरी के लिए भूमि हस्तांतरण, शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियां प्रमुख रहीं।इन निर्णयों के जरिए सरकार ने शिक्षा संस्थानों से जुड़ी भूमि व्यवस्था, कर्मचारियों के स्वास्थ्य लाभ और निवेश नीति से संबंधित विषयों पर स्वीकृति दी है। मंजूर किए गए प्रस्तावों के क्रियान्वयन और उनसे जुड़े लाभों की विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।