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  • भारत चीन संबंधों पर डोभाल और वांग यी की अहम वार्ता, सीमा विवाद सुलझाने और शांति बनाए रखने पर बनी सहमति

    भारत चीन संबंधों पर डोभाल और वांग यी की अहम वार्ता, सीमा विवाद सुलझाने और शांति बनाए रखने पर बनी सहमति

    नई दिल्ली ।भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत चीन संबंधों के साथ सीमा विवाद और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर विचार किया। बातचीत ऐसे समय हुई है जब दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव को कम करने और आपसी संबंधों को स्थिर करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

    वांग यी ने बातचीत के दौरान कहा कि चीन भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने और दोनों देशों के बीच समझ बढ़ाने के लिए काम करने को तैयार है। उन्होंने भारत चीन संबंधों को दोनों देशों के लोगों के हितों के साथ ही व्यापक वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच स्वस्थ और स्थिर संबंध वैश्विक दक्षिण की साझा आकांक्षाओं के लिए भी उपयोगी हैं।

    चीनी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कजान तथा तियानजिन में हुई मुलाकातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को रणनीतिक दृष्टिकोण से संबंधों को आगे बढ़ाने, संवाद मजबूत करने और मतभेदों को उचित तरीके से दूर करने की दिशा में प्रयास जारी रखने चाहिए। उन्होंने भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी, मित्र तथा पारस्परिक सफलता के साझेदार के रूप में आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।

    वांग यी ने विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ताओं में बनी सहमतियों को क्रमबद्ध तरीके से लागू करने की बात भी कही। दोनों पक्ष सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दिए। सीमा विवाद के समाधान के लिए निष्पक्ष, उचित और दोनों देशों को स्वीकार्य रास्ता तलाशने पर भी जोर दिया गया।

    अजीत डोभाल ने भारत और चीन को प्राचीन सभ्यताओं तथा महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं वाला देश बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भारत चीन संबंधों को सही दिशा में लौटने की बात कही और रणनीतिक संवाद को मजबूत करने, पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को आगे बढ़ाने तथा बहुपक्षीय स्तर पर समन्वय बढ़ाने का समर्थन किया।

    दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि के रूप में डोभाल और वांग यी सीमा संबंधी वार्ता के प्रमुख माध्यम हैं। यह व्यवस्था भारत चीन सीमा विवाद के व्यापक समाधान के उद्देश्य से वर्ष 2003 में शुरू की गई थी। सीमा विवाद का अंतिम समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, लेकिन विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दों पर संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है।

    डोभाल की बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ भी बातचीत हुई। इसमें सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता मजबूत करने तथा दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति के अनुरूप आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय क्षेत्रों में संबंध सुधारने के उपायों पर चर्चा हुई।

    भारत और चीन के रिश्तों में वर्ष 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद गंभीर तनाव पैदा हुआ था। पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक सैन्य गतिरोध रहने के बाद दोनों देशों ने तनाव कम करने और सीमा पर स्थिति को स्थिर करने के लिए कई स्तरों पर बातचीत की है। ऐसे में विशेष प्रतिनिधि वार्ता को आगे बढ़ाना दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

    आने वाले समय में सीमा प्रबंधन, विश्वास बढ़ाने वाले उपाय और द्विपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं। दोनों देशों के बीच संवाद का यह दौर संबंधों को स्थिर करने की कोशिश के तौर पर महत्वपूर्ण है। हालांकि, सीमा विवाद का स्थायी समाधान अभी भी एक जटिल चुनौती बना हुआ है और आगे की प्रगति दोनों पक्षों की बातचीत तथा जमीन पर शांति बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

  • बांग्लादेश चीन से J-10CE लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में, रक्षा आधुनिकीकरण से बदलेगा क्षेत्रीय सामरिक संतुलन

    बांग्लादेश चीन से J-10CE लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में, रक्षा आधुनिकीकरण से बदलेगा क्षेत्रीय सामरिक संतुलन


    नई दिल्ली ।
    बांग्लादेश अपनी वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए चीन निर्मित J-10CE मल्टीरोल लड़ाकू विमानों की खरीद की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित सौदे को देश के व्यापक रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है। इसके साथ ही अटैक हेलीकॉप्टर, वीआईपी हेलीकॉप्टर और ड्रोन प्रणालियां खरीदने की योजना पर भी काम चल रहा है।

    बांग्लादेश सरकार के अनुसार, J-10CE और अटैक हेलीकॉप्टरों से संबंधित प्रस्ताव पर खरीद समितियों ने मसौदा तैयार कर लिया है। अब इन दस्तावेजों को सशस्त्र बल प्रभाग और संबंधित मंत्रालयों से मंजूरी मिलने का इंतजार है। सरकार की योजना उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर खरीद को मौजूदा वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ाने या अगले बजट में शामिल करने की है।

    J-10CE चीन का चौथी पीढ़ी का मल्टीरोल लड़ाकू विमान है। यह अलग-अलग प्रकार के हवाई अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। बांग्लादेश की ओर से विमान की क्षमताओं और लागत को खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। सरकार का तर्क है कि समान श्रेणी के कुछ पश्चिमी लड़ाकू विमानों की तुलना में चीनी विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत में उपलब्ध हो सकते हैं।

    बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार जाहेद उर रहमान ने J-10CE के युद्ध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य संघर्ष का हवाला दिया। हालांकि, किसी राफेल विमान को J-10CE द्वारा मार गिराए जाने की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस दावे को लेकर अलग-अलग विरोधाभासी बातें सामने आती रही हैं, इसलिए इसे प्रमाणित तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं है।

    ढाका की प्रस्तावित खरीद केवल लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं है। सरकार अटैक हेलीकॉप्टर, वीआईपी परिवहन के लिए हेलीकॉप्टर और मानव रहित हवाई प्रणालियों यानी ड्रोन की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। इसका उद्देश्य बांग्लादेश की वायुसेना और व्यापक सुरक्षा ढांचे को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना बताया गया है।

    J-10CE की संभावित खरीद का क्षेत्रीय प्रभाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बांग्लादेश भारत का पड़ोसी देश है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से राजनीतिक, आर्थिक तथा सुरक्षा संबंध रहे हैं। ऐसे में ढाका की सैन्य खरीद में चीन की भूमिका बढ़ने पर दक्षिण एशिया के सामरिक समीकरणों पर चर्चा स्वाभाविक है।

    हालांकि, प्रस्तावित खरीद को अभी अंतिम सौदा नहीं माना जा सकता। मसौदा समझौतों को विभिन्न सरकारी स्तरों पर मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना है। इसके बाद ही विमान और अन्य रक्षा उपकरणों की वास्तविक खरीद, संख्या, कीमत तथा आपूर्ति से जुड़ी शर्तें स्पष्ट हो सकेंगी।

    बांग्लादेश सरकार इस रक्षा योजना को अपनी रणनीतिक निर्णय क्षमता से भी जोड़ रही है। सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि देश अब अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर विदेश और रक्षा नीति से जुड़े फैसले लेने पर अधिक जोर दे रहा है। इसी संदर्भ में चीन से लड़ाकू विमान खरीदने की चर्चा को स्वतंत्र रणनीतिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

    J-10CE सौदा आगे बढ़ता है तो यह बांग्लादेश की वायुसेना के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालांकि इसकी वास्तविक सामरिक उपयोगिता विमान की संख्या, हथियार प्रणाली, प्रशिक्षण, रखरखाव और परिचालन क्षमता पर निर्भर करेगी। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ढाका ने खरीद प्रक्रिया को औपचारिक स्तर पर आगे बढ़ा दिया है और संबंधित प्रस्ताव मंजूरी के चरण में पहुंच चुके हैं।

  • ग्वालियर में 3400 किस वाली कार पर पुलिस कार्रवाई, तीन महिला मित्रों के खुलासे के बीच लगा 5500 रुपये का जुर्माना

    ग्वालियर में 3400 किस वाली कार पर पुलिस कार्रवाई, तीन महिला मित्रों के खुलासे के बीच लगा 5500 रुपये का जुर्माना

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कार को लेकर नया खुलासा हुआ है। सफेद रंग की इस कार की पूरी बॉडी पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाए गए थे। शुरुआती जानकारी में इसे एक महिला मित्र द्वारा सजाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अब कार मालिक आदित्य सिकरवार ने बताया है कि इस काम में एक नहीं बल्कि तीन महिला मित्र शामिल थीं।

    कार पर करीब 3400 किस के निशान बनाए जाने का दावा किया गया है। इस अनोखे तरीके से कार को सजाने का उद्देश्य सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना और रील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। कार से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद उसे करीब 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिलने की बात सामने आई है।

    आदित्य के अनुसार, कार को अलग रूप देने का विचार उनकी तीन महिला मित्रों ने मिलकर दिया था। इसके बाद उन्होंने कार की बाहरी सतह पर लिपस्टिक के जरिए किस के निशान बनाए। इस गतिविधि को सोशल मीडिया कंटेंट के तौर पर तैयार किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद कार की तस्वीरें और वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए।

    हालांकि, सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के साथ ही यह कार पुलिस की नजर में भी आ गई। पुलिस ने वाहन पर किए गए बदलाव को यातायात नियमों से जोड़कर कार्रवाई की। इसके तहत कार मालिक पर 5500 रुपये का चालान लगाया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद कार से किस के सभी निशान साफ भी करवाए गए।

    मामले में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाहन में ऐसा बदलाव जिससे उसके मूल स्वरूप या पंजीकरण संबंधी विवरण पर असर पड़ता है, नियमों के तहत जांच के दायरे में आ सकता है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 वाहन में अनधिकृत बदलाव से संबंधित प्रावधानों को निर्धारित करती है।

    नियमों के अनुसार, वाहन में किसी तरह का ऐसा परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए जो उसके मूल स्वरूप को बदल दे या पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण से अलग हो। निर्धारित प्रक्रिया के तहत बदलाव की अनुमति और संबंधित प्राधिकरण को सूचना देने की व्यवस्था भी कानून में दी गई है।

    इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का केंद्र कार पर बनाए गए किस के निशान मात्र नहीं, बल्कि वाहन के बाहरी स्वरूप में किए गए बदलाव और उससे जुड़े नियम हैं। सोशल मीडिया के लिए वाहन को अलग रूप देने की कोशिश यदि निर्धारित नियमों के विपरीत हो, तो वाहन मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    मोटर वाहन अधिनियम में नियमों के उल्लंघन के लिए अलग-अलग दंड का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में वाहन में अनधिकृत परिवर्तन के मामले में जुर्माने के साथ छह महीने तक की सजा का प्रावधान भी लागू हो सकता है। वहीं सामान्य उल्लंघनों के लिए अलग दंड निर्धारित हैं।

    ग्वालियर की इस घटना ने सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने के दौरान वाहनों में किए जाने वाले बदलावों को लेकर भी चर्चा बढ़ाई है। वायरल वीडियो और अधिक व्यूज हासिल करने के उद्देश्य से किए गए प्रयोग के बावजूद वाहन मालिक को नियमों का पालन करना जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया लोकप्रियता और यातायात नियमों के बीच संतुलन का उदाहरण बनकर सामने आया है।

  • गया में भैंस के असली मालिक का दावा विवादित, पहचान तय करने के लिए डीएनए जांच का आईजी ने दिया आदेश

    गया में भैंस के असली मालिक का दावा विवादित, पहचान तय करने के लिए डीएनए जांच का आईजी ने दिया आदेश

    नई दिल्ली:  बिहार के गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र में एक भैंस के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद ने पुलिस जांच का नया रूप ले लिया है। दोनों पक्ष भैंस पर अपना अधिकार जता रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने भैंस की डीएनए जांच कराने का निर्देश दिया है। जांच की जिम्मेदारी ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल को दी गई है।

    मामला मोहड़ा क्षेत्र के सेउतर गांव निवासी सूरज यादव की भैंस से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले सूरज यादव की भैंस कहीं चली गई थी। बाद में उसके उपथू क्षेत्र के महाचक गांव पहुंचने की जानकारी मिली। वहां नौरंगा टोली में रहने वाले प्रकाश मांझी ने भैंस को अपने पास रख लिया।

    इसके बाद सूरज यादव को जानकारी मिली कि उसकी भैंस नौरंगा में है। वह भैंस की तलाश में वहां पहुंचे और उसके चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद अतरी थाना पुलिस ने भैंस को थाने बुलाया। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद भैंस सूरज यादव को सौंप दी गई।

    हालांकि, इसके बाद मामले में विवाद और बढ़ गया। अतरी थाना प्रभारी पर एक पक्ष की मदद करने का आरोप लगाया गया। विवाद की स्थिति को देखते हुए भैंस को दोबारा थाने बुलाया गया। कुछ समय तक उसे थाना परिसर में रखा गया। बाद में फिलहाल भैंस को फिर सूरज यादव को सौंप दिया गया।

    दूसरी ओर प्रकाश मांझी के पक्ष के लोगों का दावा है कि जिस भैंस को लेकर विवाद चल रहा है, वह करीब चार वर्ष पहले उनके यहां से चोरी हुई थी। उनका कहना है कि भैंस को अपने पुराने घर की पहचान थी और इसी वजह से वह वापस उनके क्षेत्र में पहुंच गई। इस दावे के बाद दोनों पक्षों के बीच स्वामित्व को लेकर स्थिति और जटिल हो गई।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने इसे गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण एसपी को जांच में तेजी लाने और दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पड़ताल करने को कहा है।

    पुलिस के सामने मुख्य चुनौती यह निर्धारित करना है कि भैंस वास्तव में किस पक्ष की है। दोनों पक्ष अपने दावे के समर्थन में अलग-अलग बातें सामने रख रहे हैं। ऐसे में केवल मौखिक दावों के आधार पर स्वामित्व तय करने के बजाय वैज्ञानिक जांच का सहारा लेने का फैसला किया गया है।

    आईजी के निर्देश के अनुसार भैंस की डीएनए जांच कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित पक्षों के दावों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों को आधार बनाया जाएगा। डीएनए परीक्षण के परिणाम के बाद ही भैंस के वास्तविक मालिक की पहचान स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने तक मामले में किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम नहीं माना जाएगा। डीएनए रिपोर्ट के आधार पर स्वामित्व से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींचा है, क्योंकि पशु के मालिकाना विवाद को सुलझाने के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक परीक्षण का रास्ता अपनाया है।

  • फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    नई दिल्ली ।फरीदाबाद के तिगांव थाना क्षेत्र के गांव मोजाबाद में 42 वर्षीय श्यामवीर की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हत्या में उसकी पत्नी और उसके साथ रहने वाले एक व्यक्ति की भूमिका सामने आई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर श्यामवीर की हत्या करने के बाद शव को घर के पास जमीन में दबा दिया। मामले का खुलासा सूचना मिलने के बाद पुलिस की जांच में हुआ और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, श्यामवीर गांव मोजाबाद स्थित मकान में रहता था। उसके साथ कामत नाम का व्यक्ति भी रहता था। इसी दौरान कामत के मृतक की पत्नी केशव के साथ संबंध बन गए। जांच में सामने आया कि श्यामवीर को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसे लेकर घर में विवाद की स्थिति बनने लगी थी।

    पुलिस का कहना है कि श्यामवीर पत्नी और कामत के संबंधों का विरोध करता था। वह शराब के नशे में पत्नी के साथ अक्सर विवाद करता था। इसी वजह से दोनों आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की साजिश के तहत श्यामवीर को पहले शराब पिलाई गई।

    घटना 16 अगस्त की शाम की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, कामत ने श्यामवीर को शराब पिलाने के बाद उसके नशे में होने का इंतजार किया। इसके बाद इंटरलॉकिंग टाइल से उसके सिर पर वार किया गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। आरोप है कि उस समय पत्नी ने भी वारदात में सहयोग किया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया, जिससे घर के भीतर की आवाज बाहर नहीं जा सके।

    हत्या के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, घर के पास एक गड्ढा खोदा गया और श्यामवीर के शव को उसमें दबाकर मिट्टी डाल दी गई। इस तरह आरोपियों ने हत्या के बाद शव को छिपाने का प्रयास किया।

    24 अगस्त को फरीदाबाद कंट्रोल रूम के माध्यम से तिगांव थाना पुलिस को जमीन में एक व्यक्ति के दबे होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन की खुदाई कर शव बाहर निकाला। इसके बाद मृतक की पहचान श्यामवीर के रूप में हुई।

    मामले में मृतक के भाई रामबीर की शिकायत पर तिगांव थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने घटनास्थल, परिस्थितियों और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या की साजिश और शव को जमीन में दबाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    पुलिस ने पत्नी केशव और कामत को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते मामले का खुलासा 24 घंटे के भीतर किए जाने का दावा किया गया है। फिलहाल जांच का केंद्र हत्या की पूरी साजिश, दोनों आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य संभावित तथ्यों पर है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें

    Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने छात्र आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप का दावा किया है। पटेल ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए एक विचार तेजी से फैलाया जाता है और उसके बाद Gen Z के युवा उससे जुड़ जाते हैं। उनके मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम को देश के भीतर पर्दे के पीछे से कुछ बाहरी तत्वों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतें देश को बांटने और युवाओं के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

    इंदौर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान गजेंद्र सिंह पटेल से देश के अलग अलग हिस्सों में हो रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा गया था। इसी दौरान उन्होंने कहा कि पहले छात्र आंदोलन सकारात्मक सोच और रचनात्मक मुद्दों के साथ आगे बढ़ते थे। राजनीतिक नेताओं के प्रति भी भाषा और व्यवहार में एक तरह का सम्मान दिखाई देता था लेकिन अब छात्र आंदोलनों का स्वरूप और तरीका बदलता नजर आ रहा है। पटेल ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को मर्यादा के दायरे में रखते हुए सरकार के सामने रखें।

    पटेल का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके ही संसदीय क्षेत्र के बड़वानी जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के करीब 200 छात्रों ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 25 किलोमीटर तक मार्च किया। छात्रों की शिकायत थी कि शिक्षकों ने उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और अभद्र व्यवहार किया। छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व का ध्यान खींचा है।

    इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि स्कूल में किसी शिक्षक से छोटी मोटी गलती हो सकती है लेकिन बच्चों को इस तरह सड़कों पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन बच्चों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा। पटेल ने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल से सक्रिय कुछ संगठनों ने सरकारी स्कूल के छात्रों को गुमराह किया और उन्हें प्रदर्शन के लिए उकसाने का काम किया है।

    बीजेपी नेता ने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए कहा कि युवा समझदार हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके आंदोलन का इस्तेमाल कोई बाहरी ताकत अपने हित के लिए न करे। उन्होंने कहा कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और शिकायतों के समाधान के लिए संवाद का रास्ता सबसे बेहतर है।

    बातचीत के दौरान पटेल ने इथेनॉल उत्पादन को लेकर भी सरकार की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि देश इथेनॉल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ईंधन क्षेत्र को भी फायदा होगा। चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को उन्होंने कुछ समय की समस्या बताते हुए विपक्ष पर लोगों को गलत जानकारी के जरिए गुमराह करने का आरोप लगाया। छात्र आंदोलनों से लेकर आर्थिक मुद्दों तक पटेल के बयानों ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

  • दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी

    दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी


    नई दिल्ली। आजकल कम कीमत में घर को आकर्षक और अलग लुक देने के लिए सेकंड हैंड फर्नीचर और एंटीक सामान खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पुरानी लकड़ी की टेबल हो या विंटेज घड़ी और खूबसूरत शोपीस लोग इन्हें अपने घर की सजावट का हिस्सा बना लेते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र में दूसरों द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी कुछ वस्तुओं को घर में लाने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि लंबे समय तक इस्तेमाल की गई वस्तुओं से उनके पुराने मालिक की भावनाओं और ऊर्जा का प्रभाव जुड़ा हो सकता है। इसलिए ऐसी चीजों को घर में रखने से पहले उनकी अच्छी तरह सफाई और शुद्धि करने की बात कही जाती है।

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार सबसे ज्यादा सावधानी पुराने फर्नीचर को लेकर बरतनी चाहिए। सोफा बेड टेबल और लकड़ी की दूसरी चीजें लंबे समय तक किसी व्यक्ति के संपर्क में रहती हैं। माना जाता है कि अगर इन वस्तुओं का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति लंबे समय तक तनाव बीमारी या आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था तो उसका नकारात्मक प्रभाव वस्तु से जुड़ सकता है। इसी वजह से पुराने बेड और सोफे को बिना अच्छी तरह साफ किए घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर बेड को लेकर वास्तु में अधिक सावधानी बरतने की मान्यता है क्योंकि इसे घर की निजी और पारिवारिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।

    पुरानी घड़ी को लेकर भी वास्तु शास्त्र में कई मान्यताएं हैं। घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की पुरानी घड़ी घर में लाई जाए और वह बंद हो या सही तरीके से न चलती हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में बंद पड़ी घड़ी सकारात्मक प्रवाह में रुकावट का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए घर में हमेशा सही समय बताने वाली और ठीक से चलने वाली घड़ी रखने की सलाह दी जाती है।

    एंटीक सजावटी सामान भी इसी सूची में शामिल किया जाता है। पुरानी पेंटिंग्स धातु की वस्तुएं और पुराने शोपीस देखने में बेहद आकर्षक हो सकते हैं लेकिन उनके साथ उनका इतिहास भी जुड़ा होता है। वास्तु मान्यता कहती है कि किसी वस्तु का पिछला इतिहास अगर तनाव या विवाद से जुड़ा रहा हो तो उसे घर में रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इन्हें वास्तु संबंधी मान्यताओं के तौर पर ही देखना चाहिए।

    दूसरों के इस्तेमाल किए हुए कपड़े जूते और गहनों को लेकर भी वास्तु और ज्योतिष में अलग अलग धारणाएं मिलती हैं। खासकर पुराने रत्न और आभूषणों को लेकर मान्यता है कि इन्हें पहनने से पहले उनकी शुद्धि और उचित जांच करानी चाहिए। वहीं व्यावहारिक तौर पर पुराने कपड़े या फर्नीचर खरीदते समय स्वच्छता उनकी स्थिति और सुरक्षा की जांच करना बेहद जरूरी है।

    अगर किसी पुरानी वस्तु को घर में लाना जरूरी हो तो सबसे पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करें। लकड़ी और धातु की वस्तुओं को कुछ समय धूप में रखने तथा धार्मिक आस्था रखने वाले लोग गंगाजल या कपूर से प्रतीकात्मक शुद्धि करने जैसे उपाय भी अपनाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि पुरानी वस्तु खरीदते समय उसकी गुणवत्ता स्वच्छता और वास्तविक स्थिति की जांच जरूर करें। वास्तु की इन मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य नहीं बल्कि पारंपरिक विश्वास के रूप में समझना बेहतर है।

  • सलमान खान को कोर्ट का समन जैसा नोटिस! शोरूम में कथित धोखाधड़ी के मामले में बहन अलवीरा भी तलब

    सलमान खान को कोर्ट का समन जैसा नोटिस! शोरूम में कथित धोखाधड़ी के मामले में बहन अलवीरा भी तलब


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सलमान खान और उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री समेत कई लोगों को कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में नोटिस जारी किया है। यह विवाद मनीमाजरा इलाके में Being Human ब्रांड के ज्वेलरी शोरूम खोलने से जुड़ा बताया जा रहा है। मामले में शिकायतकर्ता स्थानीय बिजनेसमैन अरुण गुप्ता हैं जिन्होंने आरोप लगाया है कि शोरूम शुरू करने को लेकर उनके साथ किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया और उन्हें कथित तौर पर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि अभी अदालत ने आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है और मामले की शुरुआती कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
    शिकायत के मुताबिक यह मामला Style Quotient Jewellery Private Limited से जुड़ा है। इसी कंपनी के साथ शोरूम को लेकर कारोबारी समझौता किए जाने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें Being Human ब्रांड के तहत ज्वेलरी शोरूम शुरू करने के लिए तैयार किया गया था लेकिन बाद में परिस्थितियां उनके लिए मुश्किल होती चली गईं। उनका दावा है कि जिस तरह से कारोबार को लेकर बातें और आश्वासन दिए गए थे उन्हें उस रूप में पूरा नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया और अपनी शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

    इस मामले में अदालत ने सिर्फ सलमान खान को ही नोटिस नहीं भेजा है बल्कि उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री का नाम भी इसमें शामिल है। इसके अलावा Style Quotient Jewellery Private Limited से जुड़े डायरेक्टर संतोष श्रीवास्तव और प्रसाद बिंदु माधव कापड़े को भी नोटिस जारी किया गया है। अदालत का उद्देश्य फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष जानना है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे बढ़ाई जा सके।

    खास बात यह है कि अदालत की ओर से जारी नोटिस BNSS की धारा 223 के तहत बताया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि सलमान खान या अन्य संबंधित लोगों को इस मामले में दोषी ठहरा दिया गया है। यह प्रक्रिया शिकायत पर आगे बढ़ने से पहले संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने से जुड़ी है। इसलिए इस मामले में आरोप और अदालत के अंतिम निष्कर्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।

    अदालत ने सभी संबंधित लोगों को 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया है। वे खुद या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। अब इस तारीख पर होने वाली कार्यवाही काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसी दौरान शिकायत से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्ष अपनी सफाई पेश कर सकते हैं।

    यह विवाद सलमान खान के चर्चित Being Human ब्रांड से जुड़ा होने के कारण भी खासा चर्चा में है। Being Human ब्रांड का नाम सलमान खान से लंबे समय से जुड़ा रहा है और इसके तहत फैशन तथा ज्वेलरी से जुड़े उत्पादों का कारोबार भी किया जाता है। ऐसे में शोरूम से जुड़ा यह कानूनी विवाद अभिनेता के लिए एक और चुनौती बनकर सामने आया है। फिलहाल मामले में अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार है और 5 अक्टूबर को होने वाली कार्यवाही से साफ होगा कि इस शिकायत पर आगे किस दिशा में कानूनी कदम बढ़ता है।

  • कुकू कोहली संग रिश्ते पर लगे थे घर तोड़ने के आरोप, अरुणा ईरानी ने क्यों चुनी बिना बच्चों की जिंदगी?

    कुकू कोहली संग रिश्ते पर लगे थे घर तोड़ने के आरोप, अरुणा ईरानी ने क्यों चुनी बिना बच्चों की जिंदगी?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर कुकू कोहली अब इस दुनिया में नहीं हैं। 25 अगस्त को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में 77 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। बताया गया कि हार्ट अटैक के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। कुकू कोहली ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं और अजय देवगन को फूल और कांटे के जरिए बतौर अभिनेता लॉन्च किया। उनके निधन के बाद जहां फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है वहीं उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी पुरानी बातें भी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उनकी और दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी की प्रेम कहानी की हो रही है।

    कुकू कोहली की पहली शादी रीता कोहली से हुई थी। इस शादी से उनकी दो बेटियां करिश्मा और पूजा कोहली हुईं। इसके बाद उनकी जिंदगी में अभिनेत्री अरुणा ईरानी की एंट्री हुई। दोनों की मुलाकात एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी। शुरुआती दौर में दोनों के बीच ज्यादा अच्छी बॉन्डिंग नहीं थी। बताया जाता है कि कुकू कोहली के सेट पर देर से पहुंचने की वजह से अरुणा उनसे नाराज रहती थीं। बाद में कुकू उन्हें मनाने लगे और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

    अरुणा ईरानी ने अपने पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब उनकी मुलाकात कुकू कोहली से हुई थी तब उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं। जब दोनों के रिश्ते की खबर सामने आई तो अरुणा को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्हें घर तोड़ने वाली दूसरी औरत तक कहा गया। हालांकि अरुणा ईरानी ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया। उनका कहना था कि उन्होंने किसी का घर तोड़ने के इरादे से यह रिश्ता नहीं बनाया था। उनके मुताबिक रिश्तों में परिस्थितियां कई बार ऐसी बन जाती हैं जिन्हें बाहर से देखने वाला व्यक्ति पूरी तरह नहीं समझ सकता।

    कुकू कोहली की पहली पत्नी के निधन के बाद अरुणा ईरानी ने अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बात करनी शुरू की। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। लेकिन इस रिश्ते में एक ऐसा फैसला भी था जिसने अरुणा ईरानी की जिंदगी को हमेशा के लिए अलग दिशा दे दी। शादी के बाद उन्होंने मां न बनने का फैसला किया।

    अरुणा ईरानी ने खुद इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई थीं। पहली वजह दोनों के बीच उम्र का अंतर था। उन्हें लगता था कि अगर इस उम्र में वह मां बनती हैं तो बच्चे और उनके बीच उम्र का फासला काफी ज्यादा होगा। उन्हें डर था कि भविष्य में यह अंतर बच्चे और उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

    दूसरी वजह इससे भी ज्यादा भावनात्मक थी। अरुणा नहीं चाहती थीं कि उनका बच्चा बड़ा होकर अपने पिता को लेकर उनसे ऐसे सवाल पूछे जिनका वह स्पष्ट जवाब न दे पाएं। उन्हें यह चिंता भी थी कि अगर कभी बच्चे को रात के समय पिता की जरूरत हुई तो वह उसकी मदद के लिए उन्हें बुलाने की स्थिति में नहीं होंगी। इसलिए उन्होंने फैसला किया कि जिस उलझन और परेशानी का सामना उन्हें खुद करना पड़ा है उसका असर वह अपने बच्चे की जिंदगी पर नहीं पड़ने देंगी।

    इस तरह अरुणा ईरानी और कुकू कोहली की प्रेम कहानी भले ही विवादों में रही लेकिन अरुणा ने अपनी जिंदगी का यह बेहद निजी फैसला सोच समझकर लिया। कुकू कोहली के निधन के बाद उनकी यह कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है और यह बताती है कि बॉलीवुड की चमकती दुनिया के पीछे सितारों की निजी जिंदगी में कितने मुश्किल और भावनात्मक फैसले छिपे होते हैं।

  • हाई BP को हल्के में न लें! शरीर में बढ़ता दबाव इन वजहों से हो सकता है खतरनाक, जानें बचाव के आसान तरीके

    हाई BP को हल्के में न लें! शरीर में बढ़ता दबाव इन वजहों से हो सकता है खतरनाक, जानें बचाव के आसान तरीके


    नई दिल्ली । ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप का बढ़ना आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते। इसी वजह से हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। सामान्य स्थिति में रक्तचाप शरीर में खून के प्रवाह को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है लेकिन जब यह लंबे समय तक सामान्य स्तर से अधिक बना रहे तो हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है।

    ब्लड प्रेशर बढ़ने की एक बड़ी वजह खराब लाइफस्टाइल हो सकती है। आजकल लोगों की दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि कम हो गई है और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत बढ़ गई है। नियमित व्यायाम की कमी से वजन बढ़ सकता है और मोटापे के कारण हाई BP का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा खाने में ज्यादा नमक का सेवन भी कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है। पैकेज्ड फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन सीमित रखना बेहतर माना जाता है।

    तनाव भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है। जब व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है तो शरीर में ऐसे हार्मोन सक्रिय होते हैं जो कुछ समय के लिए हृदय की धड़कन और रक्तचाप बढ़ा सकते हैं। लगातार तनाव बना रहने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही नींद पूरी न होना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। नियमित रूप से कम नींद लेने वाले लोगों में हाई BP का खतरा बढ़ सकता है।

    धूम्रपान और तंबाकू का सेवन भी रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसी तरह अत्यधिक शराब का सेवन कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ने से जुड़ा हो सकता है। इसलिए BP को नियंत्रित रखने के लिए इन आदतों से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है।

    कई बार हाई ब्लड प्रेशर के पीछे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं या कुछ दवाएं भी कारण हो सकती हैं। किडनी से जुड़ी समस्याएं हार्मोन संबंधी परेशानियां और कुछ अन्य स्थितियां रक्तचाप को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का BP बार बार बढ़ रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

    ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित भोजन नियमित शारीरिक गतिविधि पर्याप्त नींद और तनाव को कम करने वाली स्वस्थ आदतें अपनाना फायदेमंद हो सकता है। खाने में नमक की मात्रा सीमित रखना फल सब्जियां और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी मददगार हो सकता है। साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से BP की जांच करवानी चाहिए।

    अगर BP बहुत ज्यादा बढ़ जाए और इसके साथ तेज सिरदर्द सीने में दर्द सांस लेने में परेशानी कमजोरी बोलने में दिक्कत या दिखाई देने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण हों तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। हाई BP का सही कारण जानने और उचित उपचार के लिए चिकित्सकीय सलाह सबसे जरूरी है। यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है और किसी डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है।