Blog

  • अब टोल पर नहीं लगेगा जाम: फंदा टोल प्लाजा पर हाईटेक सिस्टम एक्टिव, कैमरे-सेंसर पहचानेंगे गाड़ी और खुद कट जाएगा टैक्स

    अब टोल पर नहीं लगेगा जाम: फंदा टोल प्लाजा पर हाईटेक सिस्टम एक्टिव, कैमरे-सेंसर पहचानेंगे गाड़ी और खुद कट जाएगा टैक्स


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सड़क परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल-देवास रोड पर स्थित फंदा टोल प्लाजा में पहली बार बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और गाड़ियां तेज रफ्तार से टोल क्षेत्र पार कर सकेंगी। बताया जा रहा है कि वाहन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी टोल लेन से गुजर सकते हैं और इस दौरान फास्टैग के माध्यम से टोल शुल्क अपने आप कट जाएगा। फिलहाल इस हाईटेक व्यवस्था को एक लेन में परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है। यदि ट्रायल सफल रहता है तो 1 जनवरी 2027 से भोपाल-देवास मार्ग के तीनों टोल प्लाजा की सभी लेनों में इस तकनीक को लागू करने की योजना बनाई गई है।

    नई टोल व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि यहां पारंपरिक बूम बैरियर नहीं होगा। अभी तक टोल प्लाजा पर पहुंचते ही वाहन को धीमा करना पड़ता है और फास्टैग स्कैन होने के बाद बैरियर खुलने का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन बैरियर-लेस सिस्टम में यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से होगी। टोल लेन पर लगाए गए आधुनिक फास्टैग रीडर वाहन की पहचान करेंगे जबकि कैमरे और सेंसर वाहन का नंबर और उसकी श्रेणी का पता लगाएंगे। इसके बाद वाहन की कैटेगरी के अनुसार टोल शुल्क तय होगा और फास्टैग खाते से राशि स्वतः कट जाएगी।

    इस तकनीक से सबसे बड़ा फायदा वाहन चालकों को समय की बचत के रूप में मिलेगा। टोल प्लाजा पर लंबी कतारों और बार-बार रुकने की समस्या कम होगी। वाहनों को ब्रेक लगाने और फिर दोबारा गति बढ़ाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी जिससे पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी आने की संभावना है। लगातार चलने वाले ट्रैफिक से सड़क पर जाम की स्थिति भी कम होगी और यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम बन सकेगी।

    यदि किसी वाहन के फास्टैग में पर्याप्त राशि नहीं है या वाहन नंबर की जानकारी में कोई तकनीकी समस्या सामने आती है तो सिस्टम इसके लिए भी डिजिटल विकल्प देगा। ऐसी स्थिति में वाहन मालिक को ई-चालान भेजा जाएगा और उसे तय समय के भीतर टोल राशि जमा करनी होगी। तीन दिन के अंदर भुगतान नहीं करने पर जुर्माने के साथ राशि वसूली जा सकती है।

    बैरियर-लेस टोलिंग व्यवस्था से टोल संचालन में कर्मचारियों पर निर्भरता भी कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक डिजिटल और स्वचालित बनेगी। यूरोप और जर्मनी समेत कई देशों में ऐसी तकनीक का उपयोग पहले से किया जा रहा है और अब मध्यप्रदेश भी आधुनिक टोल प्रबंधन की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। फंदा टोल पर शुरू हुआ यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में राज्य के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी बिना रुके डिजिटल टोल भुगतान की व्यवस्था देखने को मिल सकती है।

  • ग्राउंड पर विकास और मोबाइल पर उसकी कहानी: भाजपा का मेगा डिजिटल कैंपेन, इन्फ्लूएंसर दिखाएंगे बदलाव की तस्वीर

    ग्राउंड पर विकास और मोबाइल पर उसकी कहानी: भाजपा का मेगा डिजिटल कैंपेन, इन्फ्लूएंसर दिखाएंगे बदलाव की तस्वीर


    भोपाल । जंतर मंतर पर Gen Z प्रोटेस्ट के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने युवाओं तक पहुंचने के लिए अपनी रणनीति को नए डिजिटल अंदाज में तैयार किया है। पार्टी का फोकस अब केवल पारंपरिक जनसंपर्क कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी युवाओं से सीधा संवाद करने की कोशिश की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान में भाजपा इन्फ्लूएंसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को महत्वपूर्ण भूमिका देने की तैयारी में है। अभियान का उद्देश्य सरकार और भाजपा के कार्यों से आए बदलाव को रील्स और वीडियो के जरिए खासकर Gen Z तक पहुंचाना है।

    भाजपा की योजना के अनुसार देशभर में इन्फ्लूएंसर को ऐसे स्थानों तक ले जाया जाएगा जहां पिछले वर्षों में विकास और सरकारी योजनाओं के कारण स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है। कंटेंट क्रिएटर्स वहां पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे और अपने अनुभव के आधार पर वीडियो तैयार करेंगे। राज्यों से ऐसे स्थानों की सूची भी मांगी जाएगी जहां लोगों के जीवन सुरक्षा अर्थव्यवस्था इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसरों में बड़ा बदलाव आया है। राष्ट्रीय स्तर पर करीब 50 प्रमुख स्थानों को इस अभियान के लिए चुने जाने का प्रस्ताव है।

    अभियान में हर शक्ति केंद्र को कम से कम 10 रील बनाने का लक्ष्य दिया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ता केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा नहीं करेंगे बल्कि उन लोगों की वास्तविक कहानियां भी रिकॉर्ड करेंगे जिनके जीवन में किसी योजना से बदलाव आया है। वीडियो में लाभार्थी का नाम स्थान जिला संबंधित योजना और उससे जीवन में आए परिवर्तन की जानकारी शामिल करने की योजना है। कार्यकर्ता स्वयं भी रील बनाकर इस डिजिटल अभियान का हिस्सा बनेंगे और 60 सेकंड तक के वीडियो YouTube और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाएंगे।

    कैंपेन का एक बड़ा हिस्सा कहानी बदलाव की नाम से तैयार किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करीब 25 लाख नागरिकों की वास्तविक कहानियां सामने लाने का प्रस्ताव है। इनमें से लगभग 25 हजार कहानियों को चयनित किया जाएगा जबकि करीब 250 सबसे प्रभावशाली कहानियों को पेशेवर तरीके से तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा। जिलों राज्यों और राष्ट्रीय स्तर के सोशल मीडिया अकाउंट से इन वीडियो को साझा करने की तैयारी है।

    अभियान में डिजिटल गतिविधियों के साथ सेवा और जनभागीदारी को भी जोड़ा जाएगा। आशीर्वाद का दीया अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम कार्यकर्ता और आम नागरिक अपने घरों में दीप जलाएंगे। इसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे। सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम में लोगों को अलग अलग सेवा गतिविधियों में हिस्सा लेने और अपनी गतिविधि का वीडियो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक स्कूलों में ड्रॉइंग और भाषण प्रतियोगिताओं की भी योजना है। वहीं नमो सेवा गाथा के माध्यम से नुक्कड़ नाटकों द्वारा गांव गांव तक जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी पहुंचाई जाएगी। 25 सितंबर से आंगनवाड़ी केंद्रों पर आंगन का उत्सव आयोजित कर महिलाओं बच्चों और कार्यकर्ताओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

    भाजपा की यह नई रणनीति साफ तौर पर जमीन पर किए गए कार्यों को डिजिटल दुनिया में प्रभावशाली कहानी के रूप में पेश करने पर केंद्रित है। इन्फ्लूएंसर रील्स लाभार्थियों की कहानियां सेवा गतिविधियां और सोशल मीडिया शेयरिंग के जरिए पार्टी युवाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की तैयारी में है।

  • 190 प्रतिष्ठान बंद कराने का दावा और जमीनी हकीकत कुछ और: भोपाल की सीलिंग कार्रवाई में खुली दुकानों ने खड़े किए कई सवाल

    190 प्रतिष्ठान बंद कराने का दावा और जमीनी हकीकत कुछ और: भोपाल की सीलिंग कार्रवाई में खुली दुकानों ने खड़े किए कई सवाल


    भोपाल । भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार चर्चा में बनी हुई है। नगर निगम जहां बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों को नोटिस देकर कमर्शियल गतिविधियां बंद कराने का दावा कर रहा है वहीं जमीनी तस्वीर कुछ अलग ही दिखाई दे रही है। शहर के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी समेत कई स्थानों पर ऐसे मामले सामने आए हैं जहां एक ही बिल्डिंग में कुछ दुकानों के बाहर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का पोस्टर लगा हुआ है जबकि ठीक बगल की दुकानें खुली मिलीं। इस स्थिति ने नगर निगम की कार्रवाई की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    नगर निगम का दावा है कि अब तक करीब 190 प्रतिष्ठानों ने स्वेच्छा से अपनी व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी हैं। बंद किए गए प्रतिष्ठानों के बाहर यह सूचना भी लगाई गई है कि नगर निगम के आदेश के अनुसार भवन में कमर्शियल गतिविधियां बंद कर दी गई हैं। हालांकि कई जगह इस दावे और वास्तविक स्थिति में अंतर दिखाई दिया। अरेरा कॉलोनी में एक तीन मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर पर दो दुकानों के शटर बंद मिले और उन पर बंदी का पोस्टर लगा था लेकिन उसी के पास एक अन्य दुकान खुली हुई दिखाई दी। इसी तरह एक टेलरिंग शॉप के बाहर कारोबार बंद करने का बैनर लगा था लेकिन भवन का गेट खुला मिला जिससे कार्रवाई को लेकर सवाल उठे।

    एक अन्य मामला पहले होटल के रूप में संचालित भवन का है जिसे कार्रवाई के बाद बंद कराया गया। इसके बाद वहां निज निवास का बोर्ड लगा दिया गया। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के बाद संबंधित भवनों की वास्तविक स्थिति की निगरानी कितनी प्रभावी ढंग से की जा रही है। यही वजह है कि नगर निगम की सीलिंग और नोटिस कार्रवाई अब व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी बहस का विषय बन गई है।

    शहर के 10 नंबर मार्केट में भी कार्रवाई को लेकर भेदभाव के आरोप सामने आए हैं। कुछ प्रतिष्ठानों को नोटिस देकर बंद कराया गया जबकि आसपास कई अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलती दिखाई दीं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने वाले पक्ष का कहना है कि कार्रवाई छोटे कारोबारियों तक सीमित दिखाई दे रही है जबकि बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ समान स्तर पर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी साक्ष्यों के साथ अपनी बात रखने की तैयारी की जा रही है।

    कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का गुस्सा भी लगातार बढ़ रहा है। बीते दिनों सीलिंग कार्रवाई के विरोध में हजारों व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और कई दुकानों को बंद रखा गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर के प्रमुख इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ। इसके बाद कोलार रोड क्षेत्र में भी व्यापारी संगठनों के आह्वान पर बाजार बंद रखा गया। व्यापारियों का कहना है कि अचानक की जा रही कार्रवाई से उनका कारोबार और रोजी रोजगार प्रभावित हो रहा है।

    दरअसल यह पूरा मामला आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद नगर निगम पर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का दबाव है। इसी कारण शहर में नोटिस और सीलिंग की प्रक्रिया तेज की गई है। रहवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में बढ़ती कमर्शियल गतिविधियों से ट्रैफिक शोर भीड़ और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम की कार्रवाई सभी प्रतिष्ठानों पर समान रूप से होगी या फिर बंदी के पोस्टर और खुली दुकानों का विरोधाभास इस पूरे अभियान पर सवाल खड़े करता रहेगा।

  • Nifty-Sensex के लिए आसान नहीं होगा 3 सितंबर का कारोबार! क्रूड ऑयल से लेकर विदेशी बाजारों तक कई संकेत देंगे दिशा

    Nifty-Sensex के लिए आसान नहीं होगा 3 सितंबर का कारोबार! क्रूड ऑयल से लेकर विदेशी बाजारों तक कई संकेत देंगे दिशा


    नई दिल्ली। 3 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए कारोबारी माहौल चुनौतीपूर्ण रह सकता है। बुधवार 2 सितंबर को बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र दबाव देखने को मिला और निफ्टी 50 करीब 0.59 फीसदी गिरकर 23914.45 के स्तर पर बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 0.49 फीसदी टूटकर 76570.35 पर पहुंच गया। बाजार में कमजोरी के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ा तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। ऐसे में गुरुवार 3 सितंबर को निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार शुरुआती दबाव के बाद संभलता है या बिकवाली का सिलसिला आगे भी जारी रहता है।

    मौजूदा हालात में कच्चे तेल की कीमत बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेतों में से एक बन गई है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेज उछाल आया है। तेल महंगा होने से भारत जैसे बड़े आयातक देश पर आयात बिल बढ़ने का दबाव बन सकता है और इससे महंगाई को लेकर चिंता भी बढ़ सकती है। बुधवार को वैश्विक बाजारों में भी इसी वजह से जोखिम लेने की क्षमता कमजोर दिखाई दी। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भी शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ाया है।

    3 सितंबर के कारोबार में निवेशकों की नजर निफ्टी के अहम स्तरों पर भी रहेगी। बाजार में हालिया कमजोरी को देखते हुए 24000 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस क्षेत्र के आसपास मजबूती बनाए रखता है तो बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर बिकवाली का दबाव और तेज हो सकता है। बाजार में अभी स्पष्ट तेजी के बजाय उतार चढ़ाव और सीमित दायरे में कारोबार की संभावना बनी हुई है।

    विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। सितंबर की शुरुआत में वैश्विक जोखिम बढ़ने से विदेशी पूंजी के रुख पर नजर बनी हुई है। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा देने का काम कर सकती है। भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े मजबूत आंकड़े भी निवेशकों के लिए सकारात्मक पहलू हैं। हाल में जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही है जो बाजार की घरेलू बुनियाद को मजबूती देती है।

    इसके अलावा रुपये की चाल भी शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। कच्चे तेल की तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपये पर दबाव बना हुआ है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप से रुपये को कुछ सहारा मिल रहा है।

    कुल मिलाकर 3 सितंबर को बाजार में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए जल्दबाजी में ट्रेड लेने के बजाय बाजार की शुरुआती दिशा और ग्लोबल संकेतों पर नजर रखना अहम होगा। खासकर क्रूड ऑयल अमेरिकी बाजारों बॉन्ड यील्ड रुपये और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से बाजार को अगले संकेत मिल सकते हैं। मौजूदा परिस्थितियों में सतर्क रणनीति अपनाना बेहतर माना जा सकता है। यह बाजार विश्लेषण है निवेश का व्यक्तिगत सुझाव नहीं।

  • भोपाल में स्मार्ट पार्किंग का नया दौर: नंबर प्लेट पहचानते ही कटेगा शुल्क, FASTag और UPI से मिलेगी आसान सुविधा

    भोपाल में स्मार्ट पार्किंग का नया दौर: नंबर प्लेट पहचानते ही कटेगा शुल्क, FASTag और UPI से मिलेगी आसान सुविधा


    भोपाल । भोपाल में स्मार्ट सिटी और डिजिटल सुविधाओं की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अब शहरवासियों कोBhopal Smart Parking, FASTag Parking, Digital Parking System, UPI Payment, ANPR Technology मल्टीलेवल पार्किंग में पार्किंग शुल्क जमा करने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। भोपाल की न्यू मार्केट और एमपी नगर स्थित दो प्रमुख मल्टीलेवल पार्किंग में FASTag आधारित भुगतान सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही वाहन चालक UPI और मोबाइल एप के माध्यम से भी पार्किंग शुल्क का भुगतान कर सकेंगे। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पार्किंग की पूरी प्रक्रिया को तेज आसान और आधुनिक बनाना है ताकि वाहन चालकों को प्रवेश और निकास के दौरान अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

    शहर में डिजिटल पार्किंग व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी दिशा में 9 जुलाई से भोपाल की पांच मल्टीलेवल पार्किंग में कैशलेस पार्किंग व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत पार्किंग शुल्क के नकद भुगतान को पूरी तरह प्रतिबंधित कर डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी गई। अब FASTag सुविधा शुरू होने के बाद पार्किंग व्यवस्था और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

    इस स्मार्ट पार्किंग सिस्टम की सबसे खास बात ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक है। पार्किंग स्थल के प्रवेश द्वार पर लगाए गए ANPR कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्वतः पहचानेंगे। इसके बाद FASTag रीडर वाहन की जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज करेगा और पार्किंग रिकॉर्ड अपने आप तैयार हो जाएगा। वाहन चालक को टिकट लेने या किसी कर्मचारी के पास भुगतान के लिए रुकने की जरूरत कम होगी।

    जब वाहन पार्किंग से बाहर निकलेगा तब भी यही आधुनिक तकनीक काम करेगी। एग्जिट प्वाइंट पर लगे ANPR कैमरे वाहन की पहचान करेंगे और FASTag आधारित सिस्टम के माध्यम से निर्धारित पार्किंग शुल्क की प्रक्रिया पूरी होगी। भुगतान होने के बाद वाहन आसानी से बाहर निकल सकेगा। इससे पार्किंग के प्रवेश और निकास दोनों स्थानों पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

    नई व्यवस्था से उन वाहन चालकों को सबसे अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है जो रोजाना व्यस्त बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में पार्किंग का उपयोग करते हैं। न्यू मार्केट और एमपी नगर जैसे इलाकों में वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में पार्किंग के लिए समय बचाना लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रवेश और निकास की प्रक्रिया तेज होने से वाहनों की कतार भी कम होने की संभावना है।

    नगर निगम द्वारा FASTag भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है लेकिन वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक भुगतान की सुविधा भी रखी गई है। यदि किसी वाहन का FASTag किसी तकनीकी कारण से काम नहीं करता है तो चालक QR कोड और UPI के जरिए पार्किंग शुल्क जमा कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर अन्य परिस्थितियों में नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध रखी गई है।

    भोपाल की यह पहल शहर में स्मार्ट और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। FASTag आधारित पार्किंग व्यवस्था से जहां लोगों का समय बचेगा वहीं भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। आने वाले समय में यदि इस तकनीक का विस्तार शहर की अन्य पार्किंगों तक किया जाता है तो भोपाल की पार्किंग व्यवस्था पहले से कहीं अधिक तेज आधुनिक और सुविधाजनक बन सकती है।

  • अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर लगाया TMC दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप, बोले- कार्यकर्ताओं को पीटा, फोन छीने

    अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर लगाया TMC दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप, बोले- कार्यकर्ताओं को पीटा, फोन छीने


    कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय में तड़के हमला और तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सुबह करीब 4:30 बजे हथियारों से लैस हमलावर कार्यालय में घुसे और वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। उन्होंने घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर साझा किया है।

    अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि कैमक स्ट्रीट पर सुबह हुई घटना कानून के शासन पर शर्मनाक हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के गुंडों ने हथियारों के साथ पार्टी कार्यालय पर धावा बोला। इस दौरान कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, उनके फोन छीन लिए गए, फर्नीचर तोड़ा गया, परिसर में तोड़फोड़ की गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया।

    कोलकाता पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
    अभिषेक बनर्जी ने घटना को लेकर कोलकाता पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और वकीलों की ओर से लगातार फोन कॉल और ईमेल किए जाने के बावजूद करीब दो घंटे तक पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बनर्जी ने इसे बेहद चौंकाने वाला और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।

    उन्होंने सवाल किया कि अगर सुबह 4:30 बजे हथियारों से लैस लोग किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ कर सकते हैं और उस दौरान पुलिस मौजूद नहीं होती, तो पश्चिम बंगाल में कानून के शासन का क्या अर्थ रह जाता है।

    ‘हथियारबंद गुंडों का समूह कानून से ऊपर नहीं’
    टीएमसी नेता ने प्रशासन से मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल या हथियारबंद गुंडों का समूह कानून से ऊपर नहीं हो सकता। अभिषेक बनर्जी ने हमले में शामिल सभी लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए यह भी जांच कराने की बात कही कि हिंसा की साजिश किसने रची।

    उन्होंने कहा कि बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने में क्यों नाकाम रही, इसकी भी जांच होनी चाहिए। बनर्जी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।

  • वोटर लिस्ट से नाम कटा तो भड़के राघव चड्ढा: बोले- ‘AAP छोड़ने के बाद बौखलाई पार्टी’, आप ने भी किया पलटवार

    वोटर लिस्ट से नाम कटा तो भड़के राघव चड्ढा: बोले- ‘AAP छोड़ने के बाद बौखलाई पार्टी’, आप ने भी किया पलटवार


    चंडीगढ़। पंजाब में चुनाव आयोग के SIR अभियान के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 13 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में चड्ढा के नाम के आगे ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (Permanently Shifted) दर्ज है। उनका नाम ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट’ (ASDD) सूची में शामिल किया गया है।

    चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर प्रशासन और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR की प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधीन है और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

    चड्ढा बोले- यह कोई लिपिकीय गलती नहीं
    मोहाली से पंजीकृत अपने वोटर आईडी का जिक्र करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ के तौर पर किसने चिह्नित किया और इसकी पुष्टि किसने की, इन सभी प्रक्रियाओं में पंजाब सरकार के अधिकारी शामिल रहे हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) तक प्रक्रिया में राज्य के कर्मचारी और अधिकारी जुड़े हैं। चड्ढा के मुताबिक चुनावी ड्यूटी के बाद अधिकारियों के तबादले, पोस्टिंग और करियर पर राज्य सरकार का नियंत्रण रहता है और इसी प्रशासनिक दबाव के जरिए उनके खिलाफ राजनीतिक बदला लिया जा रहा है।

    ‘AAP छोड़ने वाले नेताओं को बनाया जा रहा निशाना’
    चड्ढा ने आरोप लगाया कि उनके और अन्य नेताओं के आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से पार्टी नेतृत्व बौखलाया हुआ है। उनका कहना है कि जो नेता चुप रहने को तैयार नहीं हैं, उनके खिलाफ पंजाब पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे पूर्व आप सांसदों और नेताओं को भी इसी तरह निशाना बनाया जा रहा है।

    SIR की गाइडलाइन का भी दिया हवाला
    राघव चड्ढा ने चुनाव आयोग की SIR गाइडलाइंस के पैरा 4(d) का हवाला देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के लिए ‘संरक्षित सूची’ का प्रावधान है। उनके मुताबिक इसमें सांसदों, विधायकों और न्यायाधीशों जैसे जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं।

    चड्ढा का दावा है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि का नाम डेटाबेस में फ्लैग भी होता है, तब भी उसे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाना चाहिए, ताकि दावे और आपत्तियों की अवधि में जरूरी दस्तावेज जमा किए जा सकें। उनका आरोप है कि वर्तमान सांसद होने के बावजूद उनके मामले में इन निर्देशों का जानबूझकर पालन नहीं किया गया।

    अंतिम सूची अक्टूबर में होगी जारी
    चड्ढा ने कहा कि अभी यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है और अंतिम सूची अक्टूबर 2026 में जारी होगी। उन्होंने बताया कि SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के जरिए वह अपना नाम दोबारा सही कराने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।

    SIR के तहत पंजाब में अब तक 20.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह पुनरीक्षण से पहले राज्य के कुल मतदाताओं का करीब 9.7% है। चड्ढा भी हटाए गए नामों में शामिल हैं।

    AAP का पलटवार- SIR में राज्य सरकार का कोई दखल नहीं
    आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग यानी ECI कराता है। पार्टी के मुताबिक मतदाता सूची में किसका नाम जोड़ा या हटाया जाएगा, इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

    AAP ने दावा किया कि चड्ढा दिल्ली में रह रहे हैं और पंजाब में नहीं। ऐसे में पंजाब की मतदाता सूची में अपना पंजीकरण बनाए रखना या उसे दूसरी जगह ट्रांसफर कराना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी थी। पार्टी ने कहा कि इसके लिए पंजाब सरकार या AAP को जिम्मेदार ठहराना गलत है।

    AAP का दावा- दिल्ली में बैकडेट से वोट बनवाने की कोशिश
    AAP ने यह भी आरोप लगाया कि राघव चड्ढा दिल्ली के राजेंद्र नगर से बैकडेट प्रक्रिया के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि यदि किसी तरह की गैरकानूनी या बैकडेट एंट्री कराई गई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। AAP नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा या किसी अन्य व्यक्ति ने ऐसी बैकडेट एंट्री में मदद की है तो पार्टी मामले को उसके अंजाम तक पहुंचाएगी।

    2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे, अप्रैल 2026 में BJP में शामिल हुए
    राघव चड्ढा वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। इसके बाद अप्रैल 2026 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली।

    चुनाव आयोग के मुताबिक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अभी दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे 12 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

  • गुरुवार व्रत का पूरा विधान: सुबह से शाम तक ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, सुख-समृद्धि की मान्यता

    गुरुवार व्रत का पूरा विधान: सुबह से शाम तक ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, सुख-समृद्धि की मान्यता


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष धार्मिक महत्व माना गया है और गुरुवार का दिन भगवान विष्णु तथा देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ व्रत एवं पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार का व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता बढ़ाने और आर्थिक व पारिवारिक परेशानियों को दूर करने में भी सहायक माना जाता है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति की स्थिति कमजोर मानी जाती है वे भी इस दिन पूजा और व्रत करते हैं।

    गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है इसलिए संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल को साफ करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और पूरे मन से व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएं और हल्दी से तिलक करें। पूजा में चने की दाल, गुड़, केले और पीले रंग की मिठाई का भोग लगाया जा सकता है।

    गुरुवार की पूजा में भगवान विष्णु को पीला चंदन और तुलसी दल अर्पित करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है। इसके बाद दीपक जलाकर भगवान की आरती करें और विष्णु मंत्रों का जाप करें। श्रद्धालु ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए बृहस्पति देव का स्मरण करना भी शुभ माना जाता है।

    गुरुवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं। इस दिन तामसिक भोजन से दूरी बनाकर रखने की मान्यता है। व्रत के दौरान मन में किसी के प्रति नकारात्मक विचार नहीं रखने चाहिए और यथासंभव क्रोध तथा विवाद से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केवल भोजन का त्याग करना ही व्रत नहीं है बल्कि मन और व्यवहार की शुद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

    पूजा के बाद गुरुवार व्रत की कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा भी है। कथा के माध्यम से भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की महिमा का स्मरण किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ व्रत कथा सुनने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। शाम के समय भगवान विष्णु की दोबारा आरती कर प्रसाद का वितरण करना शुभ माना जाता है।

    गुरुवार के दिन जरूरतमंद लोगों को पीली वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केले या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता है कि दान और सेवा से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हालांकि पूजा और व्रत का सबसे महत्वपूर्ण आधार सच्ची श्रद्धा और विश्वास है।

    मान्यता है कि नियमित रूप से गुरुवार का व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। जीवन में आने वाली बाधाओं से लड़ने की शक्ति मिलती है और व्यक्ति के मन में धैर्य तथा सकारात्मकता का विकास होता है। इसलिए गुरुवार के दिन पूजा करते समय केवल मनोकामना पूर्ति की इच्छा ही नहीं बल्कि भगवान के प्रति सच्ची आस्था और कृतज्ञता का भाव भी रखना चाहिए।

  • गुरुवार पूजा के खास नियम: पीले रंग से लेकर प्रसाद तक जानें क्या करें और किन बातों का रखें विशेष ध्यान

    गुरुवार पूजा के खास नियम: पीले रंग से लेकर प्रसाद तक जानें क्या करें और किन बातों का रखें विशेष ध्यान


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित माना जाता है। गुरुवार का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि विधान से पूजा और व्रत करने पर जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। गुरुवार को ज्ञान बुद्धि धर्म और वैभव से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा मिलने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है और जीवन की कई परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है।

    गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है इसलिए संभव हो तो पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल को साफ करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर उन्हें श्रद्धा से प्रणाम करना चाहिए। इसके बाद पीले फूल पीला चंदन हल्दी और पीले रंग के प्रसाद से भगवान विष्णु की पूजा की जा सकती है।

    पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। हालांकि तुलसी के पत्ते तोड़ने से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए। पूजा के समय दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए और विष्णु मंत्रों का जाप किया जा सकता है। कई श्रद्धालु गुरुवार के दिन विष्णु सहस्रनाम या भगवान विष्णु की कथा का पाठ भी करते हैं।

    गुरुवार का व्रत रखने वाले लोगों के लिए सात्विक भोजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मन और विचारों को शांत रखते हुए किसी के प्रति कटु शब्दों का प्रयोग करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि पूजा केवल धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि अच्छे व्यवहार और सकारात्मक विचारों से भी जुड़ी होती है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दान पुण्य करना भी इस दिन शुभ माना जाता है।

    देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान और धर्म का कारक माना जाता है। इसलिए गुरुवार के दिन विद्यार्थियों और ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए विशेष पूजा और प्रार्थना का महत्व बताया गया है। इस दिन पीली वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धा के अनुसार चने की दाल हल्दी पीले वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है।

    गुरुवार की पूजा में स्वच्छता और श्रद्धा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पूजा करते समय मन को एकाग्र रखने और दिखावे से दूर रहकर सच्चे भाव से भगवान का स्मरण करने की परंपरा है। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर भगवान विष्णु की आरती करने से घर का वातावरण भी सकारात्मक और भक्तिमय बनता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन किए गए अच्छे कार्यों का विशेष महत्व होता है। इसलिए इस दिन पूजा पाठ के साथ जरूरतमंदों की मदद और बड़ों का सम्मान करना भी जीवन में सकारात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान विष्णु तथा देवगुरु बृहस्पति की आराधना करने से मन को शांति और जीवन को नई सकारात्मक ऊर्जा मिल सकती है।

  • गुरुवार पूजा के खास नियम: पीले रंग से लेकर प्रसाद तक जानें क्या करें और किन बातों का रखें विशेष ध्यान

    गुरुवार पूजा के खास नियम: पीले रंग से लेकर प्रसाद तक जानें क्या करें और किन बातों का रखें विशेष ध्यान


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित माना जाता है। गुरुवार का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि विधान से पूजा और व्रत करने पर जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। गुरुवार को ज्ञान बुद्धि धर्म और वैभव से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा मिलने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है और जीवन की कई परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है।

    गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है इसलिए संभव हो तो पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल को साफ करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर उन्हें श्रद्धा से प्रणाम करना चाहिए। इसके बाद पीले फूल पीला चंदन हल्दी और पीले रंग के प्रसाद से भगवान विष्णु की पूजा की जा सकती है।

    पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। हालांकि तुलसी के पत्ते तोड़ने से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए। पूजा के समय दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए और विष्णु मंत्रों का जाप किया जा सकता है। कई श्रद्धालु गुरुवार के दिन विष्णु सहस्रनाम या भगवान विष्णु की कथा का पाठ भी करते हैं।

    गुरुवार का व्रत रखने वाले लोगों के लिए सात्विक भोजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मन और विचारों को शांत रखते हुए किसी के प्रति कटु शब्दों का प्रयोग करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि पूजा केवल धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि अच्छे व्यवहार और सकारात्मक विचारों से भी जुड़ी होती है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दान पुण्य करना भी इस दिन शुभ माना जाता है।

    देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान और धर्म का कारक माना जाता है। इसलिए गुरुवार के दिन विद्यार्थियों और ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए विशेष पूजा और प्रार्थना का महत्व बताया गया है। इस दिन पीली वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धा के अनुसार चने की दाल हल्दी पीले वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है।

    गुरुवार की पूजा में स्वच्छता और श्रद्धा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पूजा करते समय मन को एकाग्र रखने और दिखावे से दूर रहकर सच्चे भाव से भगवान का स्मरण करने की परंपरा है। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर भगवान विष्णु की आरती करने से घर का वातावरण भी सकारात्मक और भक्तिमय बनता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन किए गए अच्छे कार्यों का विशेष महत्व होता है। इसलिए इस दिन पूजा पाठ के साथ जरूरतमंदों की मदद और बड़ों का सम्मान करना भी जीवन में सकारात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान विष्णु तथा देवगुरु बृहस्पति की आराधना करने से मन को शांति और जीवन को नई सकारात्मक ऊर्जा मिल सकती है।