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  • आज का पंचांग 13 मार्च 2026 चैत्र कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

    आज का पंचांग 13 मार्च 2026 चैत्र कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

    नई दिल्ली। आज शुक्रवार 13 मार्च 2026 चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन दशा माता व्रत भी रखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा जिससे आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी और नेतृत्व क्षमता प्रबल होगी।

    आज की तिथि कृष्ण दशमी है जो पूर्ण रात्रि तक रहेगी। प्रातः 10:32 बजे तक व्यक्तिपात योग रहेगा। करण वणिज सायं 07:23 बजे तक प्रभावी रहेगा और इसके बाद विश्टि करण पूरी रात रहेगा। सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे और सूर्यास्त सायं 06:28 बजे होगा। चंद्रमा 14 मार्च को रात्रि 03:30 बजे उदय होगा और दोपहर 12:54 बजे अस्त होगा।

    ग्रहों की स्थिति देखें तो सूर्य कुंभ राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित है। आज का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र है जो 14 मार्च रात्रि 03:03 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह नक्षत्र धनु राशि के 13°20’ से 26°40’ तक फैला है और इसके स्वामी शुक्र हैं जबकि राशि स्वामी बृहस्पति हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र व्यक्ति में साहस आत्मविश्वास उदारता और सामाजिक लोकप्रियता बढ़ाता है। हालांकि अहंकार और खर्चीले स्वभाव से बचने की सलाह भी दी जाती है।

    आज के शुभ मुहूर्त में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा, नया कार्य शुरू करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल रात्रि 09:47 से 11:32 बजे तक प्रभावी रहेगा। वहीं आज के अशुभ समय में राहुकाल प्रातः 11:01 से 12:31 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त गुलिकाल प्रातः 08:03 से 09:32 बजे तक और यमगंड दोपहर 03:29 से सायं 04:59 बजे तक रहेगा। राहुकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए।

    धार्मिक दृष्टि से आज दशा माता व्रत रखने वाले श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए व्रत रखते हैं। अभिजीत मुहूर्त में किए जाने वाले कार्य शुभ और फलदायी माने जाते हैं। इस दिन चंद्रमा की स्थिति आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि के साथ-साथ समाज में प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाती है।

    इस प्रकार 13 मार्च 2026 का पंचांग सभी धार्मिक कर्मों और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मार्गदर्शक साबित होता है। सुबह के शुभ समय से लेकर दोपहर के अभिजीत मुहूर्त और शाम के राहुकाल तक की जानकारी का पालन करने से दिन की सफलता और शुभता सुनिश्चित होती है। आज का दिन अपने आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाने के लिए भी अनुकूल है।

  • नई क्रिकेट लीग ‘Sanatan Premier League’ का आगाज, मार्गदर्शन देंगे Suresh Raina

    नई क्रिकेट लीग ‘Sanatan Premier League’ का आगाज, मार्गदर्शन देंगे Suresh Raina


    नई दिल्ली। क्रिकेट और सनातन संस्कृति को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) का भव्य आगाज गुरुवार को नेहरू स्टेडियम इंदौर में हुआ। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पूजा-अर्चना के साथ टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में लीग से जुड़े अधिकारी, मेंटोर और सभी टीमों के खिलाड़ी मौजूद रहे।

    13 से 15 मार्च तक होंगे मुकाबले
    सनातन प्रीमियर लीग के पहले सीजन के मुकाबले 13 से 15 मार्च तक खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में 8 टीमें और 120 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। लीग का उद्देश्य गांवों और स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को बड़ा मंच देना है ताकि वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

    मेंटोर की भूमिका में दिग्गज क्रिकेटर
    इस लीग में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम भी जुड़े हुए हैं। पूर्व भारतीय स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना, अनुभवी स्पिनर पीयूष चावला, तेज गेंदबाज मोहित शर्मा और भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने के लिए मेंटोर की भूमिका निभा रहे हैं।

    इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा टूर्नामेंट में कमेंटेटर की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल इस लीग के कमिश्नर बनाए गए हैं।

    विजेता टीम को 31 लाख का इनाम
    टूर्नामेंट को और रोमांचक बनाने के लिए आयोजकों ने आकर्षक पुरस्कारों की भी घोषणा की है। विजेता टीम को 31 लाख रुपये, जबकि उपविजेता टीम को 15 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। खास बात यह है कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले हर खिलाड़ी को, चाहे वह एक मैच खेले या पूरे टूर्नामेंट में खेले, 11,000 रुपये की राशि दी जाएगी।

    इसके अलावा प्लेयर ऑफ द मैच को 21,000 रुपये नगद और 16,000 रुपये के जूते दिए जाएंगे। मैन ऑफ द सीरीज जीतने वाले खिलाड़ी को एक कार मिलेगी, जबकि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को एक-एक मोटरसाइकिल से सम्मानित किया जाएगा।

    ट्रॉफी जाएगी देश के तीर्थ स्थलों तक
    आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट खत्म होने के बाद एसपीएल की ट्रॉफी को देश के कई प्रमुख तीर्थ स्थलों पर ले जाया जाएगा। इंदौर को होस्ट शहर इसलिए चुना गया क्योंकि यह प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के काफी करीब है।

    युवाओं को सही दिशा देने की पहल
    सनातन प्रीमियर लीग के प्रवक्ता सुमेंद्र तिवारी ने बताया कि इस लीग का उद्देश्य केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देना भी है। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे कस्बों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी होते हैं, जिन्हें सही मंच नहीं मिल पाता। यह लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे बच्चे जो नशे या गलत गतिविधियों की ओर जा सकते थे, अब उन्हें अपनी ऊर्जा को खेल और सकारात्मक कार्यों में लगाने का मौका मिलेगा। इस तरह यह टूर्नामेंट न केवल खेल को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • आईपीएल 2026 से पहले बढ़ी चिंता, Royal Challengers Bengaluru के इस धाकड़ तेज गेंदबाज के खेलने पर संशय

    आईपीएल 2026 से पहले बढ़ी चिंता, Royal Challengers Bengaluru के इस धाकड़ तेज गेंदबाज के खेलने पर संशय


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन से पहले Royal Challengers Bengaluru की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। टीम के स्टार तेज गेंदबाज Josh Hazlewood के आईपीएल 2026 में खेलने को लेकर संशय बना हुआ है। चोटों से जूझ रहे हेजलवुड अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और मेडिकल टीम की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। यदि वह टूर्नामेंट की शुरुआत तक फिट नहीं होते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी लाइन-अप को बड़ा झटका लग सकता है।

    चोट के कारण लंबे समय से क्रिकेट से दूर
    रिपोर्ट्स के अनुसार हेजलवुड पिछले कुछ समय से हैमस्ट्रिंग और अकिलीज टेंडन की चोट से परेशान हैं। वह फिलहाल फिजियो और मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। पूरी तरह फिटनेस हासिल करने के बाद ही उन्हें मैदान पर उतरने की अनुमति मिल सकती है। चोट के कारण ही वह हाल ही में खेले गए The Ashes और ICC Men’s T20 World Cup 2026 से भी बाहर रहे थे।

    पिछले सीजन में रहे थे आरसीबी के हीरो
    हेजलवुड पिछले सीजन में आरसीबी के लिए सबसे प्रभावी गेंदबाजों में से एक रहे थे। उन्होंने 12 मैचों में 22 विकेट लेकर टीम को पहली बार आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता ने विरोधी टीमों को काफी परेशान किया था। ऐसे में अगर वह इस सीजन की शुरुआत में उपलब्ध नहीं होते हैं तो टीम की गेंदबाजी कमजोर पड़ सकती है।

    न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलते समय लगी थी चोट
    हेजलवुड को नवंबर में घरेलू क्रिकेट के दौरान New South Wales cricket team के लिए खेलते समय दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसी वजह से वह एशेज सीरीज के पहले टेस्ट से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्हें अकिलीज टेंडन की नई समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वह पूरी एशेज और फिर टी20 विश्व कप से भी बाहर रहे।

    चोटों ने प्रभावित किया आईपीएल करियर
    हेजलवुड का आईपीएल करियर भी चोटों की वजह से कई बार प्रभावित हुआ है। उन्होंने अब तक 39 आईपीएल मैच खेले हैं, जिनमें 57 विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि जब भी वह फिट होकर मैदान में उतरे हैं, तब उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से टीम को कई अहम मुकाबले जिताए हैं।

    आरसीबी का पहला मुकाबला SRH से
    आईपीएल 2026 में आरसीबी अपना पहला मुकाबला Sunrisers Hyderabad के खिलाफ खेलेगी। यह मैच 28 मार्च को M. Chinnaswamy Stadium में खेला जाना है। हालांकि इस मैच में एसआरएच के कप्तान Pat Cummins के खेलने पर भी संशय बना हुआ है, क्योंकि वह भी फिलहाल चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं।

    फैंस को फिटनेस अपडेट का इंतजार
    ऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले दोनों टीमों के फैंस की नजरें खिलाड़ियों की फिटनेस अपडेट पर टिकी हुई हैं। अगर हेजलवुड समय पर फिट होकर मैदान में लौटते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी और मजबूत हो जाएगी, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। 

  • OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

    OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

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    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी उम्मीदवार के क्रीमी लेयर (Creamy Layer) में होने या न होने का निर्धारण केवल उसकी पारिवारिक आय के आधार पर नहीं किया जा सकता है। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “पदों की श्रेणियों और स्टेटस मापदंडों का संदर्भ लिए बिना, केवल आय के आधार पर क्रीमी लेयर का दर्जा तय करना कानून की दृष्टि से टिकाऊ नहीं है।” अदालत का मानना है कि आय के साथ-साथ व्यक्ति के सामाजिक और व्यावसायिक पद को भी ध्यान में रखा जाना अनिवार्य है।


    क्या है क्रीमी लेयर की अवधारणा?

    क्रीमी लेयर शब्द का प्रयोग ओबीसी समुदाय के उन लोगों के लिए किया जाता है जो आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी समृद्ध हो चुके हैं। आरक्षण का लाभ इस वर्ग को न मिलकर समुदाय के उन गरीब और पिछड़े लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। इस अवधारणा की शुरुआत 1992 के प्रसिद्ध इंद्रा सहनी बनाम भारत सरकार मामले के बाद हुई थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को तो बरकरार रखा था, लेकिन संपन्न तबके को इससे बाहर रखने का आदेश दिया था। इसके बाद 1993 में सरकार ने इसे लागू करने के नियम बनाए थे।

    वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि किसी ओबीसी परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक है तो उसे क्रीमी लेयर में माना जाता है। ऐसे उम्मीदवार सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के हकदार नहीं होते। आय की यह सीमा आखिरी बार 2017 में 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई थी।

    आय के अलावा उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सशस्त्र बलों के उच्च अधिकारियों और बड़े व्यवसायियों के बच्चों को भी क्रीमी लेयर की श्रेणी में रखा जाता है।

    सुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले से सरकार पर क्रीमी लेयर की पहचान करने वाले 1993 के नियमों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है। अदालत ने संकेत दिया है कि केवल पैसे को पैमाना मान लेना सामाजिक न्याय के व्यापक उद्देश्यों के खिलाफ हो सकता है। उदाहरण के लिए एक कम वेतन पाने वाला व्यक्ति भी अगर ऊंचे प्रशासनिक पद पर है तो उसकी सामाजिक स्थिति एक अमीर व्यापारी से भिन्न हो सकती है।

  • प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग

    प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं, जो एलपीजी को लेकर पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं और देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। एनएक्सटी समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट से कोई भी देश अछूता नहीं है और सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग मौजूदा हालात का फायदा उठाकर कुछ उत्पादों की कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं और चेतावनी दी कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मोदी ने कहा, ”कुछ लोग एलपीजी को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि वे न सिर्फ लोगों के सामने खुद को उजागर कर रहे हैं, बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा संकट से निपटने में हर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका है- चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों, शहर हों या गांव हों। पीएम मोदी ने कहा कि कई वैश्विक संकटों के बावजूद, विश्व नेता और विशेषज्ञ भारत की ओर बड़ी आशा से देखते हैं, जिससे भारत की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ”आज पूरी दुनिया जानती है कि यदि आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत से जुड़ना होगा और भारत में रहना होगा।”

    उन्होंने कहा, ”हमारा एक ही लक्ष्य है, एक ही मंजिल है, और वो है विकसित भारत। भारत न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि अगले स्तर की ओर अग्रसर है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विश्व एक कठिन दौर से गुजर रहा है, लेकिन भारत तेज और स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने कहा, ”कई वैश्विक नेता कह रहे हैं कि भारत पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।”

  • Uttarakhand: बदरीनाथ-केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों का प्रवेश वैन…

    Uttarakhand: बदरीनाथ-केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों का प्रवेश वैन…


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के चारधाम मंदिरों (Chardham Temples) में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाले बदरीनाथ-केदारनाथ (Badrinath-Kedarnath) समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर पाबंदी का फैसला लिया गया है। मंदिर समिति बीकेटीसी (Temple Committee BKTC) ने हाल ही में यह कड़ा कदम उठाया। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह पाबंदी केवल उन लोगों पर लागू होगी जो सनातन धर्म में विश्वास नहीं रखते हैं और इसका मुख्य उद्देश्य चारधाम यात्रा और अन्य मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा को बनाए रखना है। इस मामले में अब सरकार का रिएक्शन आया है।

    बदरीनाथ धाम, केदारनाथ में गैर सनातियों के प्रवेश पर रोक के बीकेटीसी के फैसले का सरकार अध्ययन करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि बीकेटीसी का फैसला अभी सरकार के पास नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जब यह प्रस्ताव सरकार के पास आएगा, उसका एक्ट के अनुसार अध्ययन किया जाएगा। सभी पक्षों से चर्चा के करने के बाद ही अंतिम निर्णय किया जाएगा।


    प्रतिबंध गर्भगृह और मुख्य परिसर में लागू

    समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यह प्रतिबंध मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर के भीतर लागू होगा। उन्होंने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि केवल उन लोगों को ही धामों के दर्शन करने चाहिए जो सनातन धर्म में सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखते हैं। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में ही समिति ने ऐसे प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए थे, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है।


    चारधाम यात्रा के लिए 121 करोड़ बजट पास

    इसी बैठक में बीकेटीसी ने आगामी चारधाम यात्रा 2026-27 के लिए 121 करोड़ का बजट भी पास किया है। इस कुल राशि में से 57.5 करोड़ बदरीनाथ धाम और 63.6 करोड़ केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। साथ ही, मंदिर के पुजारियों (तीर्थ पुरोहितों) की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ बनाने के फैसले को भी बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है। यह कोष पुजारियों को वित्तीय सहायता और अन्य कल्याणकारी लाभ प्रदान करेगा।


    19 अप्रैल को खुल रहे कपाट

    2026 की यात्रा के लिए कपाट खुलने की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को खुलेंगे। हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

  • हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

    हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

    Hardeep Puri

    नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) और केरोसिन की कोई कमी नहीं है, एलपीजी प्रोडक्शन (LPG production) में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सरकार की प्राथमिकता है कि देश में करोड़ों परिवारों की रसोई में खाना पकाने के लिए गैस की कमी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य में बनी प्रतिकूल स्थिति का जिक्र करते हुए पुरी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद भारत को इसके परिणामों से पार पाना होगा।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद पुरी ने कहा, ”दुनिया ने ऐसा संकट, ऊर्जा के इतिहास में कभी नहीं देखा। होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत कच्चा तेल की आपूर्ति होती है। इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक पोत परिवहन के लिए होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है।” उन्होंने देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ”पिछले पांच दिन में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और वंचितों की रसोई को (एलपीजी की) किसी कमी का सामना नहीं करना पड़े।”

    पुरी ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के मांग प्रबंधन उपाय के तौर पर शहरों में 25 दिन के न्यूनतम अंतराल पर बुकिंग की जा सकती है, वहीं ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा, ”भारत को कच्चा तेल की आपूर्ति सुरक्षित है। 45 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज से आता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्कृष्ट कूटनीतिक पहुंच के कारण भारत ने इस अवधि में जो कच्चा तेल प्राप्त किया, वह संकटग्रस्त होर्मुज से ऐसे समय में आपूर्ति हो सकने वाली मात्रा से अधिक है।” पुरी ने कहा, ”देश में रिफाइनरी उच्च क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कई मामलों में तो शत-प्रतिशत से अधिक काम कर रही हैं। देश में पेट्राल, डीजल, एटीएफ (विमान का ईंधन), केरोसिन की कमी नहीं है। खुदरा विक्रेता के पास भंडार है और इन उत्पादों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाएं सामान्य तरीके से काम कर रही हैं।” पुरी ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी का मानक समय ढाई दिन बना हुआ है जो बदला नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी को पूरी तरह विनियमित तरीके से बेचा जा रहा है जो बाजार मूल्य पर उपलब्ध है। पुरी ने यह भी कहा कि हाल ही में 60 रुपये के समायोजन के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का मूल्य 913 रुपये है, जबकि बाजार द्वारा तय मूल्य लगभग 987 रुपये है। पुरी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एक पड़ोसी देश ने सारे स्कूल बंद कर दिए हैं, घर से काम करने के नियम जारी किए हैं और सड़कों पर सरकारी वाहनों की संख्या आधी कर दी है। उन्होंने कहा कि एक और पड़ोसी देश में विश्वविद्यालय तय समय से पहले बंद कर दिए गए और ईंधन बचाने के लिए ईद की छुट्टियां बढ़ा दी गईं। मंत्री ने कहा कि यह अफवाह फैलाने और झूठे विमर्श पैदा करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में स्कूल खुले हुए हैं और पेट्रोल-डीजल सामान्य तरीके से मिल रहा है।

    विपक्ष की नारेबाजी के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि इस संकट से पहले भारत के कच्चे तेल का करीब 45 प्रतिशत आयात होर्मुज मार्ग से हो रहा था। उन्होंने कहा, ”कच्चे तेल का गैर-होर्मुज स्रोत से आयात बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है जो संघर्ष शुरू होने से पहले 55 प्रतितश था।” पुरी ने सदन में कहा कि भारत आज 40 देशों से कच्चे तेल का आयात करता है जो 2006-07 में 27 देशों से होता था। अमेरिका और इजराइल द्वारा गत 28 फरवरी को संयुक्त रूप से हमला किए जाने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से तेल और गैस लेकर आने वाले जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति होती है। पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति अवरुद्ध हो गई। उन्होंने कहा कि कच्चा तेल की खरीद में विविधता लाई गई है और खाड़ी क्षेत्र के उपलब्ध स्रोतों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मालवाहक जहाज आ रहे हैं।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर EC का बड़ा फैसला…. पहली बार रिटर्निंग अफसर तैनात

    पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर EC का बड़ा फैसला…. पहली बार रिटर्निंग अफसर तैनात


    नई दिल्ली।
    चुनाव आयोग (Election Commission) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पहली बार देश के अन्य हिस्सों की तरह 152 चुनाव क्षेत्रों में SDM या उसके बराबर या उससे ऊंचे लेवल के अधिकारियों को को रिटर्निंग ऑफिसर्स (Returning Officers) यानी निर्वाचन अधिकारी के पद पर अपग्रेड कर तैनाती को मंजूरी दी है। चुनाव आयोग की तरफ से आज (गुरुवार, 12 मार्च को) जारी एक नोटिफिकेशन में राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में SDM या उसके बराबर या उससे ऊंचे लेवल के रिटर्निंग ऑफिसर्स की लिस्ट जारी किए गए हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, यह कदम तब उठाया गया, जब चुनाव आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए उचित रैंक के अधिकारियों को नामित करे, जो चुनाव कराने के लिए एक अनिवार्य शर्त है। इसके बाद, राज्य प्रशासन ने पात्र अधिकारियों की एक संशोधित सूची सौंपी, जिससे आयोग के लिए इन नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया।


    निर्वाचन अधिकारी के क्या काम?

    निर्वाचन अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाते हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन प्रक्रिया की निगरानी, उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच, मतदान की व्यवस्था, वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निर्वाचन अधिकारी के कंधों पर ही होती हैं। चुनाव नियमों के तहत, चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए आमतौर पर इन अधिकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक संवर्गों से चुना जाता है।


    आयोग ने अधिकारियों की लिस्ट पर जताई थी चिंता

    अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने पहले राज्य सरकार के प्रस्तावित अधिकारियों की वरिष्ठता के स्तर पर चिंता जताई थी और निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों की मांग की थी। राज्य के इस आवश्यकता को पूरा करने और उचित रैंक के अधिकारी उपलब्ध कराने के बाद ही आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी की।


    चुनाव से पहले की तैयारी

    यह कदम पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण चरण है, जहां चुनाव आयोग संविधान के तहत अपनी देखरेख में राज्य प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर चुनाव कराता है। चुनाव की औपचारिक तारीखों की घोषणा से पहले निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति शुरुआती प्रशासनिक उपायों में से एक है, ताकि नामांकन, मतदान और मतगणना के प्रबंधन के लिए आवश्यक ढांचा चुनाव से काफी पहले तैयार हो सके।

  • मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव

    मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव


    नई दिल्ली। जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं मां जब मासूम बेटे की कातिल बन जाए तो समाज सन्न रह जाता है। यूपी के प्रयागराज में सरायममरेज के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसमें पति से विवाद के बाद एक महिला ने अपने चार माह के बेटे को नुकीली ईंट से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद उसने बच्चे के शव को लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

    सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव का पूरे जयसिंह निवासी संतोष यादव मजदूरी करता है। पुलिस के मुताबिक, उसका पत्नी मनोरमा यादव से घरेलू बातों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। पिछले तीन-चार दिनों से पति-पत्नी के बीच झगड़ा बढ़ गया था। ऐसे ही झगड़े के बाद बुधवार शाम गुस्से में आकर मनोरमा ने अपने चार माह के बेटे ईश्वर पर सीमेंट की नुकीली ईंट से कई प्रहार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए मनोरमा ने बच्चे के शव को घर के पास टीनशेडनुमा कमरे में लकड़ियों के ढेर में महुआ के पत्तों व घासफूस से छिपा दिया और सामान्य रूप से घर के कामकाज में लग गई।

    काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आने पर पति संतोष और परिजन परेशान हो गए। उन्होंने मनोरमा से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम को भेजकर मनोरमा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मृतक बच्चे के दादा हरिलाल यादव उर्फ मुन्नीलाल की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है।

    घरेलू कलह की बलि चढ़ गया चार माह का ईश्वर
    गंगापार के सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम हुई सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दो साल के लंबे इंतजार के बाद जिस बेटे ने परिवार में खुशियां लाई थीं, उसी मासूम की जिंदगी घरेलू कलह की बलि चढ़ गई। पति से विवाद के बाद गुस्से में अंधी हुई मां ने ही अपने चार माह के इकलौते बेटे ईश्वर की कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर हत्या कर दी।

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    ग्रामीणों के मुताबिक संतोष यादव की यह दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से शादी के करीब पंद्रह दिन बाद ही दोनों के बीच अलगाव हो गया था। इसके बाद करीब दो साल पहले संतोष ने मनोरमा से विवाह किया। लंबे इंतजार के बाद चार माह पहले बेटे ईश्वर का जन्म हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू बातों को लेकर नोकझोंक होती रहती थी। पिछले तीन-चार दिनों से यह विवाद और बढ़ गया था। बुधवार को जब संतोष मजदूरी के लिए घर से बाहर गया था, उसी दौरान मनोरमा ने गुस्से में आकर मासूम ईश्वर के पेट और शरीर पर कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक और सन्नाटा पसर गया।

    इधर, घटनास्थल की जानकारी होने पर देर शाम सरायममरेज थाना प्रभारी अतुल मिश्रा व जंघई चौकी प्रभारी शरद सिंह ने मयफोर्स पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है। सरायममरेज पुलिस के अनुसार आरोपी महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं लग रही है।