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  • गुरुवार पूजा के खास नियम: पीले रंग से लेकर प्रसाद तक जानें क्या करें और किन बातों का रखें विशेष ध्यान

    गुरुवार पूजा के खास नियम: पीले रंग से लेकर प्रसाद तक जानें क्या करें और किन बातों का रखें विशेष ध्यान


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित माना जाता है। गुरुवार का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि विधान से पूजा और व्रत करने पर जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। गुरुवार को ज्ञान बुद्धि धर्म और वैभव से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा मिलने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है और जीवन की कई परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है।

    गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है इसलिए संभव हो तो पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल को साफ करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर उन्हें श्रद्धा से प्रणाम करना चाहिए। इसके बाद पीले फूल पीला चंदन हल्दी और पीले रंग के प्रसाद से भगवान विष्णु की पूजा की जा सकती है।

    पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। हालांकि तुलसी के पत्ते तोड़ने से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए। पूजा के समय दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए और विष्णु मंत्रों का जाप किया जा सकता है। कई श्रद्धालु गुरुवार के दिन विष्णु सहस्रनाम या भगवान विष्णु की कथा का पाठ भी करते हैं।

    गुरुवार का व्रत रखने वाले लोगों के लिए सात्विक भोजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मन और विचारों को शांत रखते हुए किसी के प्रति कटु शब्दों का प्रयोग करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि पूजा केवल धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि अच्छे व्यवहार और सकारात्मक विचारों से भी जुड़ी होती है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दान पुण्य करना भी इस दिन शुभ माना जाता है।

    देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान और धर्म का कारक माना जाता है। इसलिए गुरुवार के दिन विद्यार्थियों और ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए विशेष पूजा और प्रार्थना का महत्व बताया गया है। इस दिन पीली वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धा के अनुसार चने की दाल हल्दी पीले वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है।

    गुरुवार की पूजा में स्वच्छता और श्रद्धा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पूजा करते समय मन को एकाग्र रखने और दिखावे से दूर रहकर सच्चे भाव से भगवान का स्मरण करने की परंपरा है। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर भगवान विष्णु की आरती करने से घर का वातावरण भी सकारात्मक और भक्तिमय बनता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन किए गए अच्छे कार्यों का विशेष महत्व होता है। इसलिए इस दिन पूजा पाठ के साथ जरूरतमंदों की मदद और बड़ों का सम्मान करना भी जीवन में सकारात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान विष्णु तथा देवगुरु बृहस्पति की आराधना करने से मन को शांति और जीवन को नई सकारात्मक ऊर्जा मिल सकती है।

  • ट्रंप को कोर्ट से झटका: बर्थराइट सिटिजनशिप सीमित करने वाले आदेश पर रोक

    ट्रंप को कोर्ट से झटका: बर्थराइट सिटिजनशिप सीमित करने वाले आदेश पर रोक


    नई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बर्थराइट सिटिजनशिप यानी अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता देने के नियम को सीमित करने के मामले में बड़ा झटका लगा है। मैरीलैंड की संघीय जज डेबोरा बोर्डमैन ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन के नए आदेश के अमल पर रोक लगा दी। यह रोक प्रवासी अधिकार संगठनों की मांग पर लगाई गई है।

    जज बोर्डमैन ने कहा कि संबंधित क्लास एक्शन मुकदमे के दायरे में आने वाले बच्चों पर ट्रंप का नया आदेश लागू करना लगभग निश्चित तौर पर असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इस वर्ग में शामिल बच्चे जन्म के समय अमेरिकी नागरिक हैं।

    ट्रंप प्रशासन की दलील भी नहीं मानी
    ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट में दलील दी थी कि मुकदमा जल्दबाजी में दाखिल किया गया है, क्योंकि नए आदेश को लागू करने के लिए संबंधित सरकारी एजेंसियों की विस्तृत गाइडलाइन अभी जारी नहीं हुई है। सरकार के मुताबिक यह गाइडलाइन शनिवार तक जारी होने की उम्मीद थी।

    हालांकि, जज बोर्डमैन ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आदेश की भाषा को देखते हुए उसके अमल पर तत्काल रोक लगाना जरूरी है। साथ ही एजेंसियों को आदेश के क्रियान्वयन से जुड़ी गाइडलाइन तैयार करने की अनुमति दी गई है।

    बर्थ टूरिज्म को निशाना बनाता है आदेश
    राष्ट्रपति ट्रंप ने 6 अगस्त को नया कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसका मुख्य निशाना बर्थ टूरिज्म था। इसमें ऐसी महिलाएं अमेरिका आती हैं जो वहां बच्चे को जन्म देकर बच्चे को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता दिलाना चाहती हैं।

    आदेश में उन बच्चों को भी नागरिकता से वंचित करने की कोशिश की गई है, जिनके माता-पिता में से कोई अमेरिका में किसी विदेशी सरकार के लिए काम करता है। इसके अलावा धोखाधड़ी या किसी व्यावसायिक लेनदेन के जरिए नागरिकता हासिल करने की कोशिश वाले मामलों और कुछ ऐसे लोगों के बच्चों को भी आदेश के दायरे में रखा गया है, जिन्हें ‘एलियन एनिमी’ यानी विदेशी दुश्मन की श्रेणी में रखा गया है।

    इससे पहले भी ट्रंप की कोशिश को झटका लगा था
    जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने की यह ट्रंप प्रशासन की दूसरी कोशिश है। इससे पहले जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के 2025 के शुरुआती आदेश को लागू करने की उनकी कोशिश को खारिज कर दिया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता से वंचित करने की कोशिश संविधान के 14वें संशोधन में मौजूद सिटिजनशिप क्लॉज से टकराती है।

    तीन सरकारी एजेंसियों को दखल न देने का आदेश
    ताजा फैसले में जज बोर्डमैन ने अमेरिकी विदेश विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन जैसी सरकारी एजेंसियों को संबंधित बच्चों की नागरिकता में दखल नहीं देने का निर्देश दिया है।

    एजेंसियां इन बच्चों की नागरिकता को खारिज नहीं कर सकेंगी और न ही उसे मान्यता देने से इनकार कर सकेंगी। इस आदेश के साथ ट्रंप प्रशासन की बर्थराइट सिटिजनशिप को सीमित करने की कोशिश को एक बार फिर कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ा है।

  • MP में बारिश का रेड अलर्ट, नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    MP में बारिश का रेड अलर्ट, नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से गुरुवार को प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

    छतरपुर में बारिश, नदी-नालों के उफान और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कलेक्टर मृणाल मीणा ने गुरुवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगी, जबकि शिक्षक स्कूल पहुंचकर शैक्षणिक और विभागीय काम पूरे करेंगे।

    डबरा में कच्चे मकान की छत गिरी, मां-बेटे की मौत
    बारिश के बीच बुधवार रात डबरा के जंगीपुरा में बड़ा हादसा हो गया। दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढहने से एक ही परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। हादसे में सीमा (33) और उनके दो साल के बेटे आदित्य उर्फ गुन्नू की मौत हो गई। सीमा के पति जागेंद्र (38) और उनकी दो बेटियां वैशाली (5) व रागनी (8) गंभीर रूप से घायल हुई हैं। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग के अनुसार सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, पांढुर्णा और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, रायसेन, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और छतरपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    4 सितंबर से पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा सिस्टम का असर
    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 4 सितंबर को बारिश का सिस्टम आगे बढ़ेगा। इसका ज्यादा असर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग में देखने को मिल सकता है। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि इंदौर में तेज बारिश के आसार नहीं हैं। 5 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में सिस्टम का असर देखने को मिलेगा।

    प्रदेश में अब तक 28.1 इंच बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 714.2 मिमी यानी 28.1 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 799.9 मिमी यानी 31.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 3.4 इंच कम पानी गिरा है और ओवरऑल बारिश 11% कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 4% और पश्चिमी हिस्से में 17% कम हुई है।

    40 जिलों में 2% से 51% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 17% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में 2% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 2% से 53% तक कम पानी गिरा है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    प्रदेश के 16 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, मऊगंज, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।

  • 3 सितंबर का राशिफल: कुछ राशियों को मिलेगी सफलता और धन लाभ, तो कुछ को रहना होगा सावधान, पढ़ें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    3 सितंबर का राशिफल: कुछ राशियों को मिलेगी सफलता और धन लाभ, तो कुछ को रहना होगा सावधान, पढ़ें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    नई दिल्ली। 3 सितंबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग अलग अनुभव लेकर आ सकता है। ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति जहां कुछ लोगों को करियर और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर दे सकती है वहीं कुछ राशियों को अपने फैसलों और व्यवहार में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आज का दिन कई लोगों के लिए नई योजनाएं बनाने और अधूरे काम पूरे करने का हो सकता है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी राशियों का आज का राशिफल।

    मेष राशि: आज आपको अपने काम में धैर्य और समझदारी दिखाने की जरूरत होगी। जल्दबाजी में लिया गया कोई फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद भी रहेगी। आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाएं।

    वृषभ राशि: आज का दिन संतुलन और शांति बनाए रखने का है। किसी महत्वपूर्ण काम को शुरू करने से पहले उसकी पूरी योजना तैयार कर लें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा और बातचीत में नरमी आपके रिश्तों को मजबूत बनाएगी।

    मिथुन राशि: आज मन में कुछ चिंताएं या उलझनें रह सकती हैं। कार्यक्षेत्र में अपेक्षित सहयोग न मिलने से परेशानी महसूस हो सकती है लेकिन धैर्य बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और अनावश्यक खर्च से बचें। मानसिक शांति के लिए कुछ समय खुद के लिए निकालना अच्छा रहेगा।

    कर्क राशि: आज आपकी मेहनत और प्रतिभा लोगों की नजर में आ सकती है। कार्यक्षेत्र में अपनी बात मजबूती से रखने का अवसर मिल सकता है। हालांकि किसी भी आर्थिक लेनदेन में जल्दबाजी न करें। परिवार और रिश्तों में संतुलन बनाए रखने के लिए संवाद जरूरी होगा। दिन के अंत तक कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

    सिंह राशि: आज आपका उत्साह और आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना हो सकती है और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।

    कन्या राशि: आज नकारात्मक विचारों से दूरी बनाकर रखें। कामकाज में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन सकारात्मक सोच और साहस से आप उन्हें पार कर सकते हैं। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम करें।

    तुला राशि: आज आपको अपने रिश्तों और कामकाज के बीच बेहतर संतुलन बनाने की जरूरत होगी। किसी पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।

    वृश्चिक राशि: आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी क्षमता और मेहनत की तारीफ हो सकती है। आर्थिक स्थिति अच्छी रह सकती है और निवेश से जुड़े फैसलों पर विचार किया जा सकता है। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

    धनु राशि: आज आपके कई लक्ष्य पूरे होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है और अतिरिक्त लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार और प्रेम संबंधों में आपसी समझ मजबूत होगी। ऊर्जा और उत्साह से भरपूर दिन रहेगा।

    मकर राशि: आज काम का दबाव कुछ ज्यादा महसूस हो सकता है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलना जरूरी होगा। अनावश्यक बहस से बचें और अपनी जिम्मेदारियों को शांत मन से पूरा करें। खर्च बढ़ सकते हैं इसलिए आर्थिक मामलों में योजना बनाकर आगे बढ़ें। स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहें।

    कुंभ राशि: आज नए काम की शुरुआत के लिए समय अनुकूल हो सकता है। आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा और संबंधों को लेकर सावधानी बरतनी होगी। दोस्तों के साथ मतभेद होने की संभावना है। धार्मिक या सामाजिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

    मीन राशि: आज अपनी भावनाओं और फैसलों में संतुलन बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में रचनात्मक सोच आपको आगे बढ़ा सकती है। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। दिन के अंत में मन को शांति देने वाली गतिविधियों में समय बिताएं।

    कुल मिलाकर 3 सितंबर 2026 का दिन मेहनत धैर्य और सही फैसलों के सहारे आगे बढ़ने का संदेश दे रहा है। कुछ राशियों के लिए करियर और आर्थिक मोर्चे पर अच्छी संभावनाएं बन रही हैं जबकि कुछ लोगों को भावनाओं पर नियंत्रण और सोच समझकर निर्णय लेने की जरूरत होगी।

  • रीवा में बेकाबू बल्कर ने बस को मारी जोरदार टक्कर, पांच की मौत और 20 से अधिक घायल

    रीवा में बेकाबू बल्कर ने बस को मारी जोरदार टक्कर, पांच की मौत और 20 से अधिक घायल

    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 39 पर बुधवार शाम तेज रफ्तार बल्कर ने यात्रियों से भरी बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख व्यक्त कर मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

    पुलिस के अनुसार, हादसा गुढ़ थाना क्षेत्र में बदवार बस स्टैंड के पास बुधवार शाम करीब 5 बजे हुआ। रीवा से सीधी जा रही पवन ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 19-पी 1501 को सीधी से रीवा की ओर आ रहे बल्कर (क्रमांक एनएल 01 एआई 9213) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बल्कर पलट गया, जबकि बस सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के वक्त बस में करीब 30 यात्री सवार थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बस में फंसे यात्रियों और अन्य घायलों को बाहर निकाला गया।

    जानकारी मिलते ही रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह मौके पर पहुंचे, साथ ही रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा एवं सीधी सांसद राजेश मिश्रा मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने खबर लिखे जाने तक हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 20 से अधिक यात्रियों के घायल होने की जानकारी दी है। गंभीर घायलों को उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुढ़ में जारी है। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इनमें एक 6 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है।अस्पताल में चिकित्सकों की टीम घायलों के उपचार में जुटी हुई है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय बारिश हो रही थी। सड़क पर काफी फिसलन थी। बल्कर तेज रफ्तार में था। फिसलन के कारण ड्राइवर वाहन को कंट्रोल नहीं कर पाया और बस को टक्कर मार दी। घायल यात्री पुनीत शुक्ला (30) निवासी ग्राम बघोर (जिला सीधी) ने बताया कि बस में करीब 25 से 30 यात्री सवार थे। बल्कर अचानक अपनी साइड छोड़कर विपरीत दिशा में आ गया और बस को सामने से टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के बाद रीवा-सीधी मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं।

    रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हादसे के बाद एक तीन साल की एक बच्ची लापता है। उसकी मां हादसे में घायल हुई है और फिलहाल वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। कलेक्टर के अनुसार, आशंका है कि बच्ची गड्ढे में दबी हो सकती है। गड्ढा ज्यादा गहरा नहीं है, लेकिन उसमें दलदल है। रेस्क्यू टीम बच्ची की तलाश में जुटी है। फिलहाल बच्ची के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के लापता होने की जानकारी नहीं है।

    इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है और दिवंगतों की आत्मा को शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायलों को 1-1 लाख रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और राहत-बचाव कार्य की निगरानी की जा रही है।

    वहीं, पुलिस प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर बल्कर के विपरीत दिशा में आने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। बस के परमिट सहित वाहन से जुड़े अन्य दस्तावेज और बिंदुओं की भी प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है। 
  • शिवपुरी में राशन की मांग पर बिफरे ज्योतिरादित्य सिंधिया; बोले- 'नेतागिरी नहीं चलेगी', फिर खुद को बताया परिवार का मुखिया

    शिवपुरी में राशन की मांग पर बिफरे ज्योतिरादित्य सिंधिया; बोले- 'नेतागिरी नहीं चलेगी', फिर खुद को बताया परिवार का मुखिया

    ​शिवपुरी। जिले की पिछोर तहसील अंतर्गत ग्राम राजपुर में आयोजित विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जनसमूह में मौजूद कुछ ग्रामीणों द्वारा राशन वितरण को लेकर की गई नारेबाजी पर उखड़ गए। हालांकि, स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तत्काल अपने वक्तव्य को भावनात्मक मोड़ दिया और खुद को नेता के बजाय क्षेत्र का मुखिया बताया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
    ​राशन के मुद्दे पर नारेबाजी से बिगड़ा माहौल
    समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया जब मंच से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी और विकासात्मक परियोजनाओं का ब्यौरा दे रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में आ रही दिक्कतों को लेकर आवाज उठाई और नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस विरोध से सिंधिया भाषण के बीच में ही नाराज हो गए। उन्होंने कड़े शब्दों में टोकते हुए कहा, “शांति बनाए रखिए… यहां नेतागिरी नहीं चलेगी। यदि नेतागिरी करनी है तो किसी नेता के पास जाइए।”
    ​नाराजगी के बाद तुरंत संभाला मंच
    मंच से दिखाई गई इस तल्खी के बाद सभा स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। इसके तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री ने अपना रुख बदलते हुए संवाद को सहज बनाने की कोशिश की। उन्होंने मंच से कहा कि वे यहां किसी राजनेता की हैसियत से नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के एक अभिभावक और परिवार के मुखिया के नाते उपस्थित हैं, और हर नागरिक की समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है।

    ​प्रीतम लोधी के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल
    कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता प्रीतम सिंह लोधी के एक बयान ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी। सभा को संबोधित करते हुए लोधी ने कहा कि महाराज (सिंधिया) की यह तो महज शुरुआत है, असली फिल्म एक साल बाद सामने आएगी। इस बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में आगामी समीकरणों को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।
    ​जनसभा में घटे इस घटनाक्रम और केंद्रीय मंत्री के तल्ख तेवरों की क्लिप अब इंटरनेट मीडिया पर जमकर साझा की जा रही है, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और आमजन की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

  • बारिश का मजा भी और सेहत की सुरक्षा भी, मानसून में खुद की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय

    बारिश का मजा भी और सेहत की सुरक्षा भी, मानसून में खुद की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय


    नई दिल्ली । बरसात का मौसम गर्मी से राहत लेकर आता है और हरियाली के साथ वातावरण को खुशनुमा बना देता है लेकिन इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी होता है। बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है और मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी सर्दी खांसी बुखार पेट से जुड़ी परेशानी और त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए मानसून का आनंद लेने के साथ साथ खुद की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। सही खानपान साफ सफाई और रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाकर इस मौसम में खुद को स्वस्थ और फिट रखा जा सकता है।

    बरसात के मौसम में सबसे पहले साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए क्योंकि जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है। बारिश में बाहर से आने के बाद गीले कपड़ों को तुरंत बदल देना चाहिए और शरीर को अच्छी तरह सुखाना चाहिए। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से त्वचा में खुजली और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पैरों को भी साफ और सूखा रखना जरूरी है क्योंकि मानसून में पैरों में संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। बाहर से आने के बाद हाथ और पैरों को अच्छी तरह धोने की आदत स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है।

    इस मौसम में खानपान का भी विशेष महत्व होता है। बाहर का खुला और लंबे समय से रखा हुआ खाना खाने से बचना चाहिए। बारिश के दिनों में ताजा और घर का बना भोजन ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है। भोजन में फल सब्जियां दाल और अन्य पौष्टिक चीजों को शामिल करना चाहिए ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिल सके। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है क्योंकि कई लोग ठंडे मौसम में पानी कम पीने लगते हैं। शरीर को हाइड्रेट रखना सेहत के लिए हर मौसम में जरूरी है। पीने के पानी और खाने की स्वच्छता का ध्यान रखना भी इस मौसम में महत्वपूर्ण होता है।

    मानसून में त्वचा की देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बढ़ी हुई नमी के कारण त्वचा चिपचिपी हो सकती है और कुछ लोगों को पिंपल्स या रैशेज की परेशानी हो सकती है। इसलिए चेहरे और शरीर को साफ रखना जरूरी है। त्वचा पर बहुत ज्यादा भारी उत्पादों का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी स्किन टाइप के अनुसार हल्के और उपयुक्त उत्पादों का चयन किया जा सकता है। किसी भी नई स्किन प्रोडक्ट से एलर्जी या जलन महसूस होने पर उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    बरसात के दिनों में पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी है। मौसम में बदलाव के कारण शरीर थका हुआ महसूस कर सकता है इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। हल्की एक्सरसाइज योग या घर पर स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं। अगर बाहर बारिश हो रही हो तो घर के अंदर ही कुछ समय शारीरिक गतिविधि के लिए निकालना बेहतर हो सकता है। मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी सेल्फ केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय निकालना चाहिए।

    बारिश में भीगने का आनंद लेना गलत नहीं है लेकिन लंबे समय तक गीले रहने से बचना चाहिए। अगर बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचकर जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें और शरीर को गर्म और आरामदायक रखें। किसी भी तरह के लगातार बुखार तेज कमजोरी सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। मानसून में छोटी छोटी सावधानियां अपनाकर न केवल बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है बल्कि पूरे मौसम का आनंद भी बेहतर तरीके से लिया जा सकता है। साफ सफाई पौष्टिक भोजन पर्याप्त पानी अच्छी नींद और सक्रिय दिनचर्या ही बरसात के मौसम में खुद की बेहतर देखभाल का सबसे आसान तरीका है।

  • मंदाकिनी फिर उफान पर, खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर पहुंचा पानी, रामघाट जलमग्न

    मंदाकिनी फिर उफान पर, खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर पहुंचा पानी, रामघाट जलमग्न

    चित्रकूट। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर आ गई। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126.50 मीटर को पार कर करीब 4.5 मीटर ऊपर पहुंच गया। इसके चलते रामघाट सहित आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फिर भर गया। घाट किनारे बनी दुकानें, मकान, आश्रम और होटल जलमग्न हो गए। रामघाट से कामतानाथ, आरोग्यधाम और जानकीकुंड जाने वाली सड़कें भी पानी में डूब गईं, जिससे इन मार्गों पर नाव चलानी पड़ी।

    कुछ घंटों में बिगड़े हालात, फिर डूबीं दुकानें
    मंगलवार सुबह करीब 4 बजे मंदाकिनी का जलस्तर 126.40 मीटर था, जो खतरे के निशान से सिर्फ 10 सेंटीमीटर नीचे था। इसके बाद मध्य प्रदेश और चित्रकूट क्षेत्र में रातभर हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही घंटों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई।

    रामघाट में दोबारा पानी भरने से दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई। एक दिन पहले ही की गई साफ-सफाई भी बाढ़ के पानी में बह गई। घरों और दुकानों में पानी घुसने के बाद कई लोग ऊपरी मंजिलों पर चले गए। होटल और आश्रमों में ठहरे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कें जलमग्न होने से लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

    भरत मंदिर में पुजारी समेत 15 लोग फंसे
    रामघाट स्थित भरत मंदिर में पुजारी श्यामजी पांडेय समेत करीब 15 लोग पानी के बीच फंसे हुए हैं। पुजारी के मुताबिक मंदिर के सभी कमरे पानी में डूब गए हैं और वहां रखा राशन भी खराब हो गया है। उनका कहना है कि अब तक मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा है।

    डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि तेज बारिश के कारण मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई थी। कई लोगों के लिए रैन बसेरों में ठहरने और भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कहा कि किसी भी मंदिर में पुजारी या अन्य लोग रुके हैं तो उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।

    29 अगस्त की बाढ़ में 563 घर क्षतिग्रस्त
    चित्रकूट में 29 अगस्त को आई बाढ़ को अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ बताया गया था। इस दौरान करीब 563 घरों के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट सामने आई है। टीमें लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं। मंगलवार सुबह फिर आई बाढ़ से रामघाट, तरौंहा सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन अब तक 700 से अधिक राशन किट बांट चुका है।

    कानपुर और आसपास के जिलों में 4 मौतें
    लगातार बारिश के बीच पिछले 24 घंटे में कानपुर और आसपास के जिलों में कच्चे मकान और दीवार गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए हैं।

    कानपुर के महाराजपुर में मंगलवार सुबह कच्चा मकान गिरने से मलबे में दबकर शकुंतला विश्वकर्मा (56) की मौत हो गई। हरदोई के बेनीगंज में सोमवार रात कच्ची दीवार गिरने से हरिपाल (72) की जान चली गई। लोनार में कच्ची कोठरी ढहने से दंपती समेत चार लोग घायल हुए हैं।

    बांदा के मरका क्षेत्र में सोमवार को कच्चे मकान की दीवार गिरने से हिमांशु (7) की मौत हो गई। वहीं कानपुर देहात के शिवली में मंगलवार सुबह कच्चा घर ढहने से सात माह की मासूम शानवी की मौत हो गई। हादसे में बुजुर्ग दंपती समेत चार लोग घायल हुए हैं।

  • कानपुर में BSF परीक्षा में बवाल: सिस्टम बंद, बिना चेकिंग एंट्री और पेपर लीक का आरोप, एग्जाम रद्द

    कानपुर में BSF परीक्षा में बवाल: सिस्टम बंद, बिना चेकिंग एंट्री और पेपर लीक का आरोप, एग्जाम रद्द

    कानपुर। कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर बुधवार को आयोजित BSF कांस्टेबल (मिनिस्ट्रियल) की परीक्षा हंगामे और बवाल की भेंट चढ़ गई। तकनीकी खामियों, बिना चेकिंग परीक्षार्थियों को प्रवेश देने और पेपर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षार्थियों ने केंद्र पर जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। करीब चार घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन और BSF अधिकारियों के हस्तक्षेप से परीक्षा रद्द कर दी गई। अब यह परीक्षा 18 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

    40 मिनट तक बंद रहे सिस्टम, कीबोर्ड-माउस ने भी दिया जवाब
    परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का आरोप था कि पहली पाली शुरू होते ही करीब 40 मिनट तक कंप्यूटर सिस्टम बंद रहे। सिस्टम चालू होने के बाद भी कई कंप्यूटरों में कीबोर्ड और माउस काम नहीं कर रहे थे, जबकि केवल CPU चालू था। परीक्षार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा हॉल में बिजली की समस्या के कारण लाइट और पंखे तक नहीं चल रहे थे। बारिश और उमस के बीच जब छात्रों ने इन समस्याओं को लेकर शिकायत की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

    मुंबई से आई छात्रा ने लगाया बिना चेकिंग प्रवेश का आरोप
    मुंबई से परीक्षा देने पहुंची छात्रा शालिनी बागुन ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को बिना किसी चेकिंग के सीधे अंदर प्रवेश दिया गया था। तकनीकी समस्याओं और बिजली कटौती के बीच छात्रों का गुस्सा बढ़ता गया। इसके बाद आक्रोशित परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र के सिस्टम में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

    मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात
    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह के साथ चकेरी, कैंट, जाजमऊ, नौबस्ता और रेलबाजार थानों की पुलिस फोर्स को भी मौके पर तैनात किया गया। प्रदर्शन कर रहे परीक्षार्थियों की मांग थी कि जब तक BSF के आधिकारिक पोर्टल पर अगली परीक्षा की तारीख जारी नहीं होती, तब तक वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे।

    ADG BSF से बात के बाद रद्द हुई परीक्षा
    बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने तत्काल ADG BSF मकरंद देवेशकर से संपर्क किया। इसके बाद परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया और अगली परीक्षा की तारीख 18 सितंबर तय की गई।

    ACM बोलीं- ऐसे सेंटरों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए
    मौके पर पहुंचीं ACM-2 कैंट शिखा शुक्ला ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही करने वाले परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की बात कही।

    उल्लेखनीय है कि राजस्थान और जयपुर के परीक्षा केंद्रों पर भी इसी तरह की गड़बड़ियों की खबरें सामने आई हैं। फिलहाल कानपुर में पेपर लीक के आरोपों समेत परीक्षा केंद्र पर हुई अव्यवस्थाओं की जांच को लेकर भी निगाहें टिकी हैं।

  • UP के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात, सैलरी में 7 हजार रुपए तक बढ़ोतरी, बीमा कवर भी

    UP के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात, सैलरी में 7 हजार रुपए तक बढ़ोतरी, बीमा कवर भी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने उनकी सैलरी में 7 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोस) की वेबसाइट और लोगो लॉन्च किया। इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।

    सरकार के मुताबिक, आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 लाख रुपए तक का बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख रुपए और एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।

    एक ही पोर्टल पर होगा सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का रिकॉर्ड
    यूपीकोस के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अभी कर्मचारियों से संबंधित जानकारी अलग-अलग विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के स्तर पर रखी जाती है। नई व्यवस्था में इन सभी रिकॉर्ड को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी।

    भर्ती से लेकर भुगतान तक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज होगी
    यूपीकोस के पोर्टल पर कर्मचारी की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति और भुगतान से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस विभाग में कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और उन्हें कितना भुगतान किया जा रहा है। कर्मचारियों की सेवा से संबंधित रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। जरूरत पड़ने पर किसी कर्मचारी की तैनाती, भुगतान या सेवा रिकॉर्ड की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म से देखी जा सकेगी।

    एजेंसियों की प्रक्रिया पर भी होगी निगरानी
    नई व्यवस्था लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती और भुगतान की प्रक्रिया पर निगरानी आसान होने की उम्मीद है। अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से होने वाली प्रक्रिया में रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़ी गड़बड़ियों की गुंजाइश कम करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे हैं। नई व्यवस्था का सीधा असर इन कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और भुगतान व्यवस्था से जुड़े प्रबंधन पर पड़ेगा।