Blog

  • सिनेमा के दिग्गजों का जमावड़ा: सूरज बड़जात्या की बेटी के रिसेप्शन में एक साथ दिखे सलमान-आमिर, रेखा के 'सिग्नेचर लुक' ने जीता दिल

    सिनेमा के दिग्गजों का जमावड़ा: सूरज बड़जात्या की बेटी के रिसेप्शन में एक साथ दिखे सलमान-आमिर, रेखा के 'सिग्नेचर लुक' ने जीता दिल


    नई दिल्ली /मुंबई। भारतीय सिनेमा को ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी कालजयी और पारिवारिक फिल्में देने वाले दिग्गज निर्देशक सूरज बड़जात्या के घर इन दिनों खुशियों की शहनाई गूंज रही है। मौका था उनकी बेटी ईशा बड़जात्या के वेडिंग रिसेप्शन का, जो 12 मार्च की शाम मुंबई में बेहद भव्य अंदाज में संपन्न हुआ। इस जश्न में बॉलीवुड का वह रूप देखने को मिला, जो अक्सर बड़े पर्दे पर राजश्री की फिल्मों में नजर आता है-यानी पूरा सिनेमा जगत एक परिवार की तरह एकजुट दिखाई दिया। सितारों से सजी इस महफिल में इंडस्ट्री के ‘खान’ और ‘क्वीन्स’ ने शिरकत कर नवविवाहित जोड़े को अपना आशीर्वाद दिया।

    पार्टी का मुख्य आकर्षण सूरज बड़जात्या के सबसे चहेते ‘प्रेम’ यानी सुपरस्टार सलमान खान रहे। सलमान ने कड़ी सुरक्षा के बीच समारोह में एंट्री की। रॉयल ब्लू शर्ट, मैचिंग ब्लेजर और ट्राउजर के साथ ब्लैक टाई पहने सलमान बेहद हैंडसम नजर आ रहे थे। अपने पसंदीदा डायरेक्टर की बेटी की खुशी में शामिल होने पहुंचे सलमान ने पैपराजी को पोज दिए और उनके चेहरे पर अपने पुराने दोस्त सूरज के लिए खुशी साफ झलक रही थी। वहीं, ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान भी इस जश्न का हिस्सा बने। आमिर अपने बेटे जुनैद खान के साथ पहुंचे थे। जहां आमिर डार्क सूट और ब्लू शर्ट में फॉर्मल लुक में दिखे, वहीं जुनैद ने नीले कुर्ते और सफेद पजामे के पारंपरिक लिबास में सबका ध्यान खींचा।

    एवरग्रीन ब्यूटी रेखा ने एक बार फिर अपने ‘सिग्नेचर स्टाइल’ से महफिल लूट ली। सुनहरे, हरे और बेज रंग की भारी सिल्क साड़ी, हैवी ज्वेलरी और माथे पर सिंदूर लगाए रेखा की खूबसूरती के सामने नई अभिनेत्रियां भी फीकी नजर आ रही थीं। उनके अलावा ‘मर्दानी’ फेम रानी मुखर्जी ने भी अपनी सादगी और शालीनता से सबका दिल जीत लिया। रानी ने इस मौके के लिए व्हाइट और डार्क ग्रीन कलर का बेहद खूबसूरत सूट चुना था।

    युवा पीढ़ी के सुपरस्टार विक्की कौशल भी अपने पिता और मशहूर स्टंट डायरेक्टर श्याम कौशल के साथ पार्टी में पहुंचे। बेज रंग के सूट में विक्की बेहद क्लासी लग रहे थे। इनके अलावा महफिल में तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीना गुप्ता और शरवरी वाघ जैसे सितारों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दिग्गज निर्देशक राजकुमार हिरानी, इम्तियाज अली, बोनी कपूर, राकेश रोशन और सनी देओल ने भी अपनी उपस्थिति से शाम को और भी गरिमामय बना दिया।

    संगीत जगत से उदित नारायण और शान ने शिरकत की, तो वहीं टीवी की दुनिया के चहेते ‘जेठालाल’ यानी दिलीप जोशी भी इस खुशी के मौके पर नजर आए। जैकी श्रॉफ, सोनू सूद, बोमन ईरानी और सिद्धांत चतुर्वेदी जैसे सितारों की मौजूदगी ने इस वेडिंग रिसेप्शन को साल की सबसे यादगार पार्टियों में से एक बना दिया। इंटरनेट पर इस शाही रिसेप्शन की तस्वीरें और वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहे हैं, जिसमें बॉलीवुड के ये सितारे सूरज बड़जात्या के पारिवारिक सदस्यों की तरह खुशियां मनाते दिख रहे हैं।

  • बेहतर नींद के लिए योग, World Sleep Day पर जानें अनिद्रा दूर करने वाले आसान आसन

    बेहतर नींद के लिए योग, World Sleep Day पर जानें अनिद्रा दूर करने वाले आसान आसन


    नई दिल्ली।आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में अनिद्रा यानी नींद न आने की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, तनावपूर्ण दिनचर्या और अनियमित खान-पान के कारण बहुत से लोग रात भर करवटें बदलते रहते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि रात में एक बार नींद टूट जाए तो दोबारा सो पाना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति को Insomnia कहा जाता है, जो लंबे समय तक बनी रहे तो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।

    क्यों मनाया जाता है विश्व निद्रा दिवस
    नींद के महत्व और नींद से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल World Sleep Day मनाया जाता है। यह दिन लोगों को यह याद दिलाता है कि अच्छी नींद स्वस्थ जीवन के लिए उतनी ही जरूरी है जितना संतुलित आहार और नियमित व्यायाम। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर में थकान, ऊर्जा की कमी, मांसपेशियों में दर्द, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार मानसिक तनाव, कैफीन का अत्यधिक सेवन, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी अनिद्रा के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में योग और ध्यान जैसे प्राकृतिक उपाय इस समस्या से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    हस्तोत्तानासन से कम होता है तनाव
    Hastottanasana को नींद सुधारने वाले प्रभावी योगासनों में माना जाता है। इसके अभ्यास के लिए पैरों में थोड़ा अंतर रखकर सीधे खड़े हों और सांस भरते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं। इसके बाद गर्दन को हल्का पीछे झुकाते हुए शरीर को पीछे की ओर खींचें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।
    यह आसन कंधों और पीठ की मांसपेशियों को खोलता है, शरीर में तनाव कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

    पादहस्तासन से मन होता है शांत
    Padahastasana भी अनिद्रा में लाभकारी माना जाता है। इस आसन में सीधे खड़े होकर सांस भरते हुए हाथ ऊपर उठाए जाते हैं और फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को कमर से आगे झुकाया जाता है। हथेलियों को जमीन पर रखते हुए सिर को नीचे की ओर झुका दिया जाता है। यह आसन सिर की ओर रक्त संचार बढ़ाता है, मानसिक तनाव को कम करता है और मन को शांत करने में मदद करता है।

    नियमित योग, संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर अनिद्रा की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है और बेहतर, गहरी तथा सुकून भरी नींद हासिल की जा सकती है।

  • विश्व विजेता भारत के आगे बौना साबित हुआ पाकिस्तान, पूर्व कप्तान लतीफ बोले- 10 साल की तपस्या का फल काट रहा है हिंदुस्तान

    विश्व विजेता भारत के आगे बौना साबित हुआ पाकिस्तान, पूर्व कप्तान लतीफ बोले- 10 साल की तपस्या का फल काट रहा है हिंदुस्तान

    नई दिल्ली। विश्व क्रिकेट के मानचित्र पर इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह है-टीम इंडिया। भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह का वर्चस्व स्थापित किया है, उसने न केवल प्रशंसकों का दिल जीता है, बल्कि सरहद पार बैठे विरोधियों को भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने भारतीय टीम की तारीफों के पुल बांधते हुए अपनी ही टीम की जमकर धज्जियां उड़ाई हैं। लतीफ का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच का अंतर अब केवल कौशल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब दोनों टीमों के DNA का हिस्सा बन चुका है।

    राशिद लतीफ ने बड़े टूर्नामेंटों में भारत और पाकिस्तान की अलग-अलग मानसिकता पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, भारत के DNA में अब ट्रॉफियां जीतना बस गया है, जबकि हमारे पाकिस्तान DNA में नॉकआउट से पहले ही घुटने टेक देना शामिल हो गया है। लतीफ का यह तंज पाकिस्तान क्रिकेट की उस गिरती साख पर है, जहां टीम पिछले कई आईसीसी आयोजनों में शुरुआती दौर से ही बाहर होती रही है। लतीफ ने जोर देकर कहा कि टीम इंडिया का यह दबदबा कोई रातों-रात मिली सफलता नहीं है, बल्कि यह पिछले एक दशक की कड़ी मेहनत, अनुशासन और सटीक योजना का परिणाम है।

    भारतीय क्रिकेट के सुनहरे सफर पर नजर डालें तो 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में रोहित-विराट की विदाई के बाद भी टीम की धार कम नहीं हुई। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में बनी नई टीम इंडिया ने क्रिकेट खेलने के अंदाज को ही बदल दिया है। भारत ने न केवल 2024 का खिताब जीता, बल्कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भी अपनी बादशाहत कायम रखी। इसके साथ ही एशिया कप में भारत का चैंपियन बनना यह साबित करता है कि टीम हर दबाव वाले मैच को जीतने का हुनर सीख चुकी है।

    दूसरी ओर, पाकिस्तान की स्थिति इसके ठीक उलट है। 2022 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से पाकिस्तानी क्रिकेट का ग्राफ लगातार नीचे गिरा है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप से लेकर 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी तक, पाकिस्तान का सफर निराशाजनक रहा और 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में तो टीम सुपर-8 की बाधा भी पार नहीं कर पाई।

    लतीफ ने भारतीय टीम की जुझारू क्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि टॉस हारने जैसी प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद भारतीय खिलाड़ी 250 रन जैसे विशाल स्कोर खड़ा करने का माद्दा रखते हैं। उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा, भारतीय टीम को हराना अब किसी भी टीम के लिए टेढ़ी खीर है। वे दबाव में निखरते हैं और उनके पास फाइनल खेलने और उसे जीतने की मानसिक मजबूती है। राशिद लतीफ का यह बयान न केवल टीम इंडिया के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों के लिए एक कड़ी चेतावनी भी है कि अगर वे समय रहते नहीं संभले, तो यह फासला कभी नहीं भरा जा सकेगा।

  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल पर Donald Trump बोले- अमेरिका के लिए अच्छा मौका

    कच्चे तेल की कीमतों में उछाल पर Donald Trump बोले- अमेरिका के लिए अच्छा मौका


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इस स्थिति से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और कई सरकारें ईंधन की खपत कम करने के उपाय तलाश रही हैं। इसी बीच Donald Trump ने कहा है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से अमेरिका को आर्थिक रूप से फायदा हो रहा है। उनका कहना है कि क्योंकि United States दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, इसलिए तेल महंगा होने पर उसे ज्यादा आय प्राप्त होती है।

    ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने रखी अपनी बात
    ट्रंप ने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर की। उन्होंने लिखा कि जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो अमेरिका को इससे काफी मुनाफा होता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Iran को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए, क्योंकि इससे मध्य पूर्व और पूरी दुनिया की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि वे किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।

    गैस की बढ़ती कीमतों को बताया नियंत्रण में
    ट्रंप ने बुधवार को ओहियो में एक कार्यक्रम के दौरान भी ईंधन की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतें जितनी बढ़ने की आशंका थी, उतनी नहीं बढ़ी हैं। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले समय में कीमतें इतनी कम हो जाएंगी कि लोगों को इसकी चिंता भी नहीं रहेगी। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

    आईईए ने दी तेल आपूर्ति संकट की चेतावनी
    इस बीच International Energy Agency (आईईए) ने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े हमलों और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण दुनिया को तेल आपूर्ति में बड़ी बाधा का सामना करना पड़ सकता है। एजेंसी का कहना है कि यह इतिहास की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधाओं में से एक साबित हो सकती है। स्थिति को संभालने के लिए आईईए के सदस्य देशों ने बुधवार को एक अहम फैसला लिया। इसके तहत 32 सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन भंडार से लगभग 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में जारी करने पर सहमति जताई है, ताकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके।

    आपातकालीन भंडार से तेल जारी करने का फैसला
    आईईए के सदस्य देशों के पास कुल मिलाकर 1.2 अरब बैरल से अधिक का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है। इसके अलावा उद्योगों के पास भी सरकारी नियमों के तहत लगभग 60 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल का भंडार उपलब्ध है।
    यह समन्वित रूप से तेल भंडार जारी करने का आईईए के इतिहास में छठा मौका है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे। गौरतलब है कि International Energy Agency की स्थापना 1974 में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी।

    होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रभावित हुई आपूर्ति
    आईईए के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने हाल ही में सदस्य देशों की एक विशेष बैठक बुलाई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और तेल आपूर्ति पर उसके असर का आकलन किया गया। बैठक के बाद ही आपातकालीन भंडार जारी करने का निर्णय लिया गया।

    दरअसल, 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण Strait of Hormuz के रास्ते तेल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मौजूदा हालात में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है।

  • महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में

    महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर स्थित घुरैया मार्केट में महज 21 वर्षीय एक महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है, जब किरन पत्नी पुष्पेंद्र लोधी का शव उसके अपने ही घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। जैसे ही परिजनों की नजर फंदे पर झूलती किरन पर पड़ी, घर में कोहराम मच गया और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के मायके पक्ष के बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। किरन के मायके वालों का आरोप है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष द्वारा किए गए मानसिक और शारीरिक शोषण का परिणाम है।

    परिजनों ने बताया कि किरन का विवाह करीब तीन साल पहले पुष्पेंद्र लोधी के साथ हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे। “शादी के बाद से ही उसे चैन से रहने नहीं दिया गया, ससुराल वालों का व्यवहार उसके प्रति लगातार क्रूर होता जा रहा था,” मायके पक्ष ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह बात स्पष्ट रूप से कही है। उनका दावा है कि इसी निरंतर हो रहे उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।

    इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस ने घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। सीएसपी ने आगे जानकारी दी कि मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उनके बयानों को आधार मानते हुए गुरुवार रात को ससुराल पक्ष के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया गया है।

     पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे केवल प्रताड़ना ही मुख्य कारण था या कुछ और भी तथ्य छिपे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर में हुई इस घटना ने एक बार फिर नवविवाहिताओं की सुरक्षा और उनके प्रति हो रहे सामाजिक व पारिवारिक व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

  • टीम इंडिया की जीत पर Suryakumar Yadav बोले-देशवासियों के समर्थन से संभव हुआ विश्व कप

    टीम इंडिया की जीत पर Suryakumar Yadav बोले-देशवासियों के समर्थन से संभव हुआ विश्व कप


    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम के कप्तान Suryakumar Yadav ने देशभर के क्रिकेट प्रशंसकों का दिल से आभार जताया है। भारतीय कप्तान ने इस ऐतिहासिक खिताब को देश के करोड़ों फैंस को समर्पित करते हुए कहा कि यह जीत सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं बल्कि पूरे देश की है। उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान फैंस का जो अटूट समर्थन और आशीर्वाद मिला, उसी ने टीम को कठिन मुकाबलों में भी आगे बढ़ने की ताकत दी।

    बीसीसीआई के वीडियो में फैंस को कहा धन्यवाद
    Board of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी एक वीडियो संदेश में सूर्यकुमार यादव ने फैंस के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, “प्रिय टीम इंडिया फैंस, सबसे पहले दिल से धन्यवाद। हम जहां भी हैं, वह आपके सपोर्ट और आशीर्वाद की वजह से हैं। यह वर्ल्ड कप ट्रॉफी पूरे भारत की है।”
    उन्होंने कहा कि टीम के हर खिलाड़ी ने मैदान पर पूरी मेहनत की, लेकिन फैंस का उत्साह और भरोसा ही खिलाड़ियों की असली ताकत बना।

    जीत सिर्फ टीम की नहीं, करोड़ों सपनों की
    भारतीय कप्तान ने कहा कि यह जीत केवल टीम की उपलब्धि नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के सपनों की जीत है। उन्होंने कहा कि जब भारतीय टीम मैदान पर जीत हासिल करती है तो वह केवल खिलाड़ियों की जीत नहीं होती, बल्कि उन लाखों बच्चों की भी जीत होती है जो बल्ला और गेंद लेकर क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं।
    सूर्यकुमार यादव ने कहा कि स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक और घरों से मैच देखने वाले करोड़ों लोग टीम के लिए प्रेरणा बनते हैं। यही वजह है कि भारतीय टीम हर मैच में पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरती है।

    ‘भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, एक भावना’
    सूर्यकुमार यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं बल्कि एक भावना है, जो करोड़ों लोगों को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि फैंस का बिना शर्त प्यार और उनकी प्रार्थनाएं टीम के लिए सबसे बड़ी ताकत होती हैं।
    उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि फैंस का धन्यवाद करने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं। टीम की यह ऐतिहासिक जीत हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

    फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर जीता खिताब
    भारत ने 8 मार्च को Narendra Modi Stadium में खेले गए फाइनल मुकाबले में New Zealand national cricket team को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ India national cricket team ने इतिहास रच दिया।
    यह भारत का तीसरा ICC Men’s T20 World Cup खिताब है। इसके साथ ही भारतीय टीम लगातार दो बार टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम बन गई और अपने घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम भी बन गई।

  • बाजार नियामक में बदलाव, K. V. Ramana Murthy को Securities and Exchange Board of India का फुल-टाइम मेंबर नियुक्त किया गया

    बाजार नियामक में बदलाव, K. V. Ramana Murthy को Securities and Exchange Board of India का फुल-टाइम मेंबर नियुक्त किया गया

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) में अहम नियुक्ति करते हुए सीनियर अधिकारी कोम्पेला वेंकट रमना मूर्ति को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स ने आधिकारिक बयान में बताया कि 1991 बैच के इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (IDAS) अधिकारी रहे रमना मूर्ति को तीन साल की अवधि के लिए सेबी का पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है। उनकी नियुक्ति सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की गई है और यह उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी।

    मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
    सरकार के बयान के अनुसार, अपॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट ने के.वी. रमना मूर्ति की नियुक्ति को तीन साल की अवधि या अगले आदेश तक के लिए स्वीकृत दी है। सेबी में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में उनकी भूमिका, पूंजी बाजार से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत सुझावों, नियामक निगरानी और जांच दिशानिर्देशों में अहम होगी। इससे पहले मूर्ति रक्षा लेखा तंत्र में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वे प्रोडक्शनल कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स जैसे प्रमुख पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

    पहले भी सेबी बोर्ड से जुड़े रहे हैं मूर्ति
    के.वी. रमना मूर्ति का सेबी से कार्य पहले से रहा है। इससे पहले वे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के प्रतिनिधि के रूप में सेबी बोर्ड में अंशकालिक सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके पास सरकारी वित्तीय प्रबंधन और नियामक उद्देश्यों का लंबा अनुभव है, जिसे अब पूंजी बाजार के नियमन और विकास में उपयोग किया जाएगा।

    सेबी बोर्ड में पूर्णकालिक सदस्यों की संख्या हुई चार
    रमना मूर्ति की नियुक्ति के साथ सेबी बोर्ड में पूर्णकालिक सदस्यों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। पिछले वर्ष कुछ पद खाली होने के बाद बोर्ड में यह महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। सेबी के अन्य पूर्णकालिक सदस्यों में कमलेश चंद्र वार्ष्णेय और संदीप प्रधान शामिल हैं, जो भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) कैडर से आते हैं। इसके अलावा अमरजीत सिंह भी पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्यरत हैं, जिन्होंने सेबी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।

    सेबी बोर्ड की संरचना
    सेबी के बोर्ड की संरचना में एक अध्यक्ष, चार पूर्णकालिक सदस्य और चार पूर्णकालिक सदस्य होते हैं। वर्तमान में सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे हैं, जिन्होंने 1 मार्च 2025 को यह पदभार संभाला था। अंशकालिक सदस्यों में दीप्ति गौड़ मुखर्जी, अनुराधा ठाकुर, शिरीष चंद्र मुर्मू और एन. वेंकटराम शामिल हैं। ये सदस्य विभिन्न मंत्रालयों और स्वयंसेवकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे नियामक प्रक्रिया में व्यापक दृष्टिकोण सुनिश्चित होता है।

    कैपिटल बाजार के विकास में अहम भूमिका
    सेबी के पूर्णकालिक सदस्य देश केकैपिटल बाजार के विकास, निकायों के हितों की रक्षा और वित्तीय प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे नीतिगत आशाजनक, बाजार निगरानी और जांच से जुड़े मामलों में निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।

    इस बीच सेबी अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने हाल ही में कहा कि अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (एआईएफ) भारत के कैपिटल बाजार के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह फंड डीटीएच ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देकर भारत की आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • बुलियन मार्केट अपडेट: मुनाफावसूली के चलते Gold के दाम 1.60 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे

    बुलियन मार्केट अपडेट: मुनाफावसूली के चलते Gold के दाम 1.60 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे


    नई दिल्ली। अनमोल के बाजार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिला। सोने और चांदी की खदानों में वसुले के कारण दबाव बनाया जा रहा है, जिससे दोनों किशोरों के दाम नीचे आ गए। अंतर्राष्ट्रीय आंतरायिक से मिले फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा और रेस्टॉरेंट द्वारा मान्यता प्राप्त क्रांति के कारण घरेलू बाज़ार में भी गिरावट का माहौल बना हुआ है। इसी के साथ सोने की कीमत एक बार फिर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गयी है, जबकि चांदी की कीमत भी 2.60 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे हो गयी है।

    24 कैरेट सोने की कीमत में 1,700 रुपये से ज्यादा की गिरावट
    इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (सीएए) की ओर से दोपहर 12 बजे जारी ताजा गिरावट के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सोना 1,748 रुपये सस्ता 1,58,555 रुपये प्रति 10 ग्राम। इससे पहले इसकी कीमत 1,60,303 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। सोने के समुद्र तट में यह विविधता के बीच सार्वभौम का संकेत जा रहा है। विशेषज्ञ का कहना है कि हाल के दिनों में सोने में तेज गति से देखने को मिला था, बाद में जिज्ञासा ने लाभ बुक करना शुरू कर दिया।

    22 और 18 कैरेट सोना भी हुआ सस्ता
    सोने के अन्य कैरेट में भी गिरावट दर्ज की गई। 22 कैरेट सोने का दाम 1,46,838 रुपये प्रति 10 ग्राम, प्रति 10 ग्राम कीमत 1,45,236 रुपये। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत भी 1,20,227 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम कीमत 1,18,916 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।कोल्डजे की ओर से सोने-अलावेरिया के शोरूम में दो बार रिलीज की जाती है-एक बार दोपहर 12 बजे और दूसरी बार शाम 5 बजे। इन कोटा के आधार पर देश के विभिन्न शहरों, बाजारों में दम तय हो जाता है।

    चांदी की कीमत में 8,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट
    सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी से गिरावट का आकलन किया गया। चांदी का दाम 8,350 रुपये प्रति यूनिट 2,59,951 रुपये प्रति किलो रह गया। इससे पहले इसकी कीमत 2,68,301 रुपये प्रति किलो थी। सिल्वर की इंडस्ट्रीज़ में यह औद्योगिक गिरावट की मांग है, औद्योगिक और वैश्विक उद्यमों में वित्तीय रुझान के कारण मनी जा रही है। विशेषज्ञ के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय कंपनी दबाव बना रही है तो चांदी के बाजार में भी आगे बढ़ सकती है।

    बाज़ार में भी बेचारे
    घरेलू बाज़ार बाज़ार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (MCX) पर भी सोने और चाँदी की कमी देखने को मिली। दोपहर करीब 12:30 बजे सोने का 2 अप्रैल 2026 का बायोडाटा कॉन्ट्रैक्ट 0.40 प्रतिशत प्रतिशत 1,59,632 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार हो रहा था। वहीं चांदी का 5 मई 2026 को नरसंहार अनुबंध 1.81 प्रतिशत जनसंख्या 2,63,099 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। इसका मतलब यह है कि इंटर्नशिप का रुख सख्त हो गया है।

    अंतरराष्ट्रीय में भी दबाव
    वैश्विक बाजार में भी अनमोल साॅस्टेट्स की मंदी का रुख बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 0.64 प्रतिशत शेयर बाजार 5,092 डॉलर प्रति शेयर की बढ़त पर पहुंच गई, जबकि चांदी करीब 3 प्रतिशत शेयर बाजार में 82 डॉलर प्रति शेयर की बढ़ोतरी पर कारोबार कर रही थी।
    विशेषज्ञ का कहना है कि वैश्विक आर्थिक पर्वतमाला और वैज्ञानिकों के रुख का सीधा असर सोने-असारिया की सीमा पर है।

    डॉलर और बांड उपज बढ़ने से दबाव
    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी स्टॉक मानव मोदी के अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक स्थिति के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादकता और उत्पादन को लेकर चिंता भी बढ़ रही है।

    इंडोनेशिया में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी से देखने को मिल रही है, जिससे सोने की कीमत पर दबाव पड़ रहा है। निवेशकों का मानना ​​है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक विकास और डॉलर की चाल के आधार पर सोने-रेसा के बांध में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
  • मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में लू और गर्म हवाओं का असर, 10 शहरों में पारा 38°C पार

    मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में लू और गर्म हवाओं का असर, 10 शहरों में पारा 38°C पार


    मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही मौसम ने गर्मी के तेवर दिखाए हैं। गुरुवार को नर्मदापुरम, रतलाम और धार में तेज गर्म हवाएं चलीं और शुक्रवार को भी यहां लू का अलर्ट जारी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया।

    अन्य शहरों में रतलाम 39.5°C, खजुराहो 39°C, धार 38.8°C, दमोह-टीकमगढ़ 38.5°C, खंडवा 38.1°C, मंडला, श्योपुर और खरगोन में पारा 38°C के आसपास रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर 37.8°C, उज्जैन 37.5°C, ग्वालियर 37.2°C, भोपाल 37°C और जबलपुर 36.9°C तापमान के साथ गर्म रहे।

    मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बदल गई है। हवा में नमी बहुत कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आती गर्म हवाएं प्रदेश में पारे को बढ़ा रही हैं।

    15 और 16 मार्च को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहने की संभावना है। 15 मार्च को ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश का अनुमान है। वहीं, 16 मार्च को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में मौसम बदलेगा।

    विशेषज्ञों ने बताया कि मार्च में दिन के समय गर्मी और रात में हल्की ठंड रहने से सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ सकते हैं। इसलिए सुबह और रात को ठंडी हवा से बचाव करना जरूरी है।

    मौसम विभाग ने कहा कि मार्च में पारा बढ़ने का यह सीजनल ट्रेंड है, लेकिन असली लू अप्रैल-मई में चलेगी। अप्रैल और मई में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45°C पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी अधिक गर्मी रहेगी।

    प्रदेश के मौसम में मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। पिछले दस साल के आंकड़ों के अनुसार मार्च में तीनों मौसम – गर्मी, ठंड और बारिश का ट्रेंड रहता है। इंदौर में दिन का पारा 41.1°C तक पहुंच चुका है, जबकि ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8°C तक दर्ज किया गया।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में मार्च में दिन में तेज गर्मी और कभी-कभी बारिश का असर देखा जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दिन में हल्के कपड़े पहनें और शीतल पेय का सेवन संतुलित करें ताकि स्वास्थ्य पर असर न पड़े।

  • ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन, 122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

    ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन, 122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

    ग्वालियर जिले के घाटीगांव में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1836 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। यह राशि योजना की 34वीं किस्त के रूप में दी जा रही है। वहीं ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इसके अलावा सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी।

    लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा घाटीगांव के पास देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे और उसके बाद हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

    प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के तहत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और इस दौरान 54,140 करोड़ रुपए सीधे महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। अब योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं को कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

    लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बने उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह और 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय शामिल हैं। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की नई सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग के हॉल और छात्रावास तथा भितरवार में नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।