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  • Chardham Yatra: एक माह में 8 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन….

    Chardham Yatra: एक माह में 8 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन….


    रुद्रप्रयाग।
    केदारनाथ यात्रा (Kedarnath Yatra) को एक माह पूरा हो गया है। इस अवधि में 8 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार (Baba Kedar) के दर्शन कर चुके हैं। जबकि इस बीच एक लाख से अधिक यात्री वाहन केदारघाटी में पहुंचे हैं। अभी तक की यात्रा में 65 फीसदी युवा एवं 35 फीसदी बुर्जुग एवं अन्य यात्री धाम पहुंचे हैं।

    बीती 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ (Lord Kedarnath) के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए। पहले ही दिन 38000 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। जबकि इसके बाद यात्री संख्या लगातार बढ़ती रही। अप्रैल माह से लेकर मई माह में निरंतर यात्रियों का सैलाब केदारधाम उमड़ रहा है।


    चारधामों में सबसे अधिक केदारनाथ पहुंचे

    चारधामों में केदारनाथ में सर्वाधिक यात्री पहुंच रहे हैं। 23 मई तक केदारनाथ धाम में 811923 तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। वहीं जून माह में स्कूलों में अवकाश होते ही यात्रियों की संख्या इससे भी अधिक होगी।

    इसके लिए प्रशासन, पुलिस और बीकेटीसी विशेष तैयारियों में लगी है। भीड़ नियंत्रण के लिए आला अधिकारी बैठकें कर योजना बना रहे हैं ताकि सभी यात्रियों को सुलभ दर्शन कराए जा सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि अभी तक रिकार्ड यात्री दर्शनों को पहुंचे हैं। अब स्कूलों में अवकाश होते ही यात्री संख्या बढ़ेगी इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।


    39 यात्रियों की हो चुकी मौत

    केदारनाथ यात्रा में कई यात्रियों को मुश्किलें भी उठानी पड़ रही है। ऑक्सीजन की कमी और ठंड के चलते यहां यात्रियों का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। अभी तक विभिन्न कारणों से 39 यात्रियों की मौत हो चुकी है।


    बीकेटीसी को हो चुकी 14.50 करोड़ की आय

    एक महीने की अवधि में बदरी-केदार मंदिर समिति को 14.50 करोड़ की आय हुई है। बदरी केदार मंदिर समिति बड़ी संख्या में आ रहे तीर्थयात्रियों को सुलभ दर्शन कराने के लिए दिन रात ड्यूटी पर तैनात है। दिनभर में केदारनाथ मंदिर महज 3-4 घंटे ही बंद हो रहा है। अन्य समय मंदिर दर्शनों के लिए खुला रखा गया है।


    30925 यात्री कर चुके हैं हेलीकॉप्टर से यात्रा

    केदारनाथ के लिए 8 हेलीकॉप्टर कम्पनियों से 30025 यात्री यात्रा कर चुके हैं। जबकि हेलीकॉप्टरों ने एक माह की अवधि में कुल 5362 उड़ाने की है। इस दौरान 30925 यात्री हेलीकॉप्टर से केदारनाथ गए जबकि 30822 तीर्थयात्री केदारनाथ से वापस आए।

    घोड़े-खच्चरों से 2 करोड़ 44 लाख की आय
    मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत ने बताया कि केदारनाथ यात्रा में इस साल 7744 घोड़े खच्चर पंजीकृत है जबकि इनसे अभी तक 2 करोड़ 44 लाख 91 हजार की आय प्राप्त हुई है। अभी लम्बी यात्रा शेष है। जिससे आय में भी रिकार्ड इजाफा होगा।

  • PM मोदी को झालमुड़ी खिलाकर फेमस हुए बंगाल के विक्रम को पाक-बांग्लादेश से मिल रही धमकियां…..

    PM मोदी को झालमुड़ी खिलाकर फेमस हुए बंगाल के विक्रम को पाक-बांग्लादेश से मिल रही धमकियां…..


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) के झारग्राम (Jhargram) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के चुनाव प्रचार के दौरान सड़क किनारे के स्टॉल से झालमुड़ी (Jhalmuri) खरीदने का वीडियो वायरल हुआ था। उस स्टॉल के मालिक विक्रम कुमार साहू अचानक चर्चा में आ गए। पीएम मोदी खुद उनके हाथ से तैयार झालमुड़ी खाते दिखे। हालांकि, फेमस होने के साथ ही साहू की मुश्किलें भी शुरू हो गईं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से उनके मोबाइल पर बार-बार मौत की धमकियां मिल रही हैं। धमकियां टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए आ रही हैं।

    एक वीडियो कॉल में तो साहू को बंदूक दिखाकर धमकाया गया। इससे उनके परिवार में दहशत फैल गई और उन्होंने कुछ दिनों के लिए अपनी दुकान भी बंद कर दी थी। झारग्राम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साहू के स्टॉल पर यूनिफॉर्म और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों की तैनाती कर दी है। स्टॉल पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स को भी मामले में शामिल किया गया है।


    धमकियां देने वाले फोन नंबर्स की पहचान

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, धमकियां देने वाले फोन नंबर्स की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद सुरक्षा के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच शुरू कर दी गई है। साहू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि धमकियों से वे और उनका परिवार बेहद डरा हुआ था। साहू ने कहा कि शुरुआती दिनों में डर के मारे दुकान बंद रखनी पड़ी, लेकिन अब पुलिस सुरक्षा के साथ वे फिर से अपने काम पर लौट आए हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी का झालमुड़ी खाने का वीडियो न सिर्फ चुनावी अभियान को यादगार बनाया, बल्कि झालमुड़ी जैसे पारंपरिक बंगाली स्ट्रीट फूड को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। विपक्ष ने इसे लेकर निशाना भी साधा। झारग्राम पुलिस का कहना है कि वे हर स्तर पर साहू की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इस मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

  • भीषण गर्मी के बीच जल्द दस्तक दे सकती है मॉनसून….. इस साल समय से पहले होगी एंट्री

    भीषण गर्मी के बीच जल्द दस्तक दे सकती है मॉनसून….. इस साल समय से पहले होगी एंट्री


    नई दिल्ली।
    केरल (Keral) में भारी बारिश (Heavy Rain) का दौर शुरू हो गया है। इससे संकेत मिलने लगे हैं कि भीषण गर्मी के बीच मॉनसून (Monsoon) की एंट्री जल्द ही हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर IMD यानी भारत मौसम विज्ञान ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा है। अनुमान लगाया जा रहा था कि केरल में मॉनसून (Monsoon) 26 मई तक दस्तक दे सकता है। इधर, राजधानी दिल्ली (Delhi) अभी तीन दिन तपने के लिए तैयार है।


    कहां पहुंचा मॉनसन

    IMD ने रविवार रात जानकारी दी है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण पश्चिम मॉनसून के अरब सागर के दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व, कोमोरिन इलाके, दक्षिण पूर्व और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बचे हुए हिस्सों में बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल है। हालांकि, केरल में मॉनसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है।


    केरल में येलो अलर्ट

    25 मई को पतनमतिट्टा, आलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड में येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, इसके अगले दिन यानी 26 मई को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, आलाप्पुझा और एर्नाकुलम में अलर्ट है। 27 मई को केवल तीन जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और आलाप्पुझा का नाम दिया गया है।

    अंत में 28 मई को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पतनमतिट्टा, आलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की को इस सूची में शामिल किया गया है। मौसम विभाग ने मानसून के 26 मई को राज्य में दस्तक देने का अनुमान जताया है। विभाग ने 28 मई से तीन जून के बीच केरल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का भी अनुमान जताया है।


    देश की सबसे गर्म जगह

    कई राज्यों में रविवार को भीषण गर्मी पड़ी जिनमें से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी 47.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। हालांकि, मौसम विभाग ने 29 मई से गर्मी से धीरे-धीरे राहत मिलने का अनुमान लगाया है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा, ‘अगले सात दिनों तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में तथा अगले 3-5 दिनों तक पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।’


    भयंकर गर्मी के आसार

    जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने लू की चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन से चार दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। यह भी अनुमान है कि 26 और 27 मई को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    हालांकि, आंध्र प्रदेश में मौसम की स्थिति इसके विपरीत है। कई जिलों में भीषण गर्मी पड़ रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार को चेतावनी जारी की कि अगले तीन दिनों तक भीषण लू चलने की आशंका है।

  • Budget Travel Guide: कम खर्च में गोवा और मनाली घूमने का पूरा प्लान

    Budget Travel Guide: कम खर्च में गोवा और मनाली घूमने का पूरा प्लान


    नई दिल्ली । भारत में घूमने के शौकीनों के लिए गोवा और मनाली दो ऐसे डेस्टिनेशन हैं, जिनका नाम आते ही बीच, पहाड़ और एडवेंचर की तस्वीरें सामने आ जाती हैं। लेकिन अक्सर लोग यह सोचकर ट्रिप टाल देते हैं कि यहां घूमना महंगा पड़ेगा। अगर सही प्लानिंग की जाए तो इन दोनों जगहों की यात्रा बहुत ही कम बजट में भी की जा सकती है।

    सबसे पहले बात करें ट्रैवल की, तो सस्ते सफर के लिए ट्रेन और बस सबसे बेहतर विकल्प हैं। गोवा जाने के लिए कोंकण रेलवे रूट काफी किफायती और सुंदर है, जबकि मनाली के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ से वोल्वो बसें आसानी से और कम दाम में मिल जाती हैं। अगर टिकट पहले से बुक कर ली जाए तो और भी सस्ते में सफर संभव है।

    रहने के लिए महंगे होटल्स की बजाय होस्टल, गेस्ट हाउस या बजट होमस्टे चुनना बेहतर होता है। गोवा में बीच के पास कई सस्ते हॉस्टल मिल जाते हैं, वहीं मनाली में वॉलनट और ओल्ड मनाली एरिया में बजट स्टे आसानी से मिल जाता है। ग्रुप में ट्रैवल करने पर रूम शेयरिंग से खर्च और कम हो जाता है।

    खाने-पीने के मामले में लोकल ढाबे और स्ट्रीट फूड सबसे किफायती विकल्प हैं। गोवा में सी-फूड और लोकल थाली काफी सस्ती मिलती है, जबकि मनाली में हिमाचली डिशेज जैसे धाम और राजमा चावल कम बजट में अच्छा खाना उपलब्ध कराते हैं। महंगे रेस्टोरेंट्स से बचना खर्च कम करने का सबसे आसान तरीका है।

    ट्रिप का सही समय चुनना भी बहुत जरूरी है। ऑफ-सीजन में यात्रा करने से होटल और ट्रैवल दोनों सस्ते मिलते हैं। गोवा में मॉनसून या ऑफ सीजन और मनाली में पीक सीजन के अलावा समय चुनना बजट ट्रिप को और आसान बनाता है।

    लोकल ट्रांसपोर्ट का उपयोग करना भी खर्च कम करता है। बाइक रेंट, लोकल बस और शेयर टैक्सी से घूमना काफी सस्ता पड़ता है। इसके अलावा पहले से एक रफ इटिनरेरी बनाकर चलना अनावश्यक खर्च से बचाता है।

    थोड़ी सी समझदारी और सही प्लानिंग के साथ गोवा की बीच लाइफ और मनाली की बर्फीली वादियों का मजा बिना ज्यादा पैसे खर्च किए भी लिया जा सकता है।

  • मलिहाबाद आंधी-बारिश से दशहरी आम की पैदावार 60% घटी, इस साल ₹100-120 किलो तक पहुंचेंगे दाम

    मलिहाबाद आंधी-बारिश से दशहरी आम की पैदावार 60% घटी, इस साल ₹100-120 किलो तक पहुंचेंगे दाम




    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र में इस साल मशहूर दशहरी आम की पैदावार पर मौसम की मार पड़ी है। आंधी और बेमौसम बारिश के कारण आम की फसल लगभग 60% तक कम हो गई है, जिससे बाजार में इस बार आम के दाम बढ़ने की संभावना है।

    किसानों के अनुसार इस बार केवल 40% पेड़ों पर ही फल आए हैं। पिछले साल जहां दशहरी आम 50-60 रुपए प्रति किलो तक बिकता था, वहीं इस साल इसके 100 से 120 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही आम का साइज भी सामान्य से छोटा रहने की संभावना है।

    किसानों को बड़ा नुकसान, एक्सपोर्ट पर भी असर
    मलिहाबाद के किसानों का कहना है कि इस बार उत्पादन कम होने के कारण वे विदेशों में आम निर्यात नहीं कर पाएंगे और केवल स्थानीय मंडियों में ही बिक्री करनी पड़ेगी। आमतौर पर यहां से 500 टन से अधिक आम दुबई, अमेरिका, जापान और अन्य देशों में भेजा जाता है, लेकिन इस बार निर्यात लगभग रुक गया है।

    किसानों का कहना है कि बागों में कई पेड़ों पर आम नहीं आए हैं। कुछ किसानों के अनुसार यह स्थिति हर साल रोटेशन के कारण भी होती है, जबकि कई बागों में रोग और मौसम की वजह से भी नुकसान हुआ है।

    ‘गोल्डन मैंगो’ बनाने के लिए विशेष पैकिंग
    कई बागों में आमों को विशेष लिफाफों से ढका जा रहा है, जिससे फल का रंग बेहतर आता है और बाजार में इसे ‘गोल्डन मैंगो’ के नाम से बेचा जाता है। हालांकि इससे लागत भी बढ़ गई है।

    वैज्ञानिकों ने बताई मौसम की वजह
    सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH) के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार बौर आने के समय कोहरा और उसके बाद हुई बेमौसम बारिश ने फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाया। फूलों में नमी बैठने और सड़न की वजह से उत्पादन में भारी गिरावट आई है।

    कुछ क्षेत्रों में बेहतर फसल
    हालांकि मलिहाबाद में नुकसान के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों जैसे मेरठ और अमरोहा में चौसा और लंगड़ा आम की अच्छी पैदावार दर्ज की गई है।

    कुल मिलाकर इस साल दशहरी आम की कम आपूर्ति के कारण बाजार में दाम बढ़ना तय माना जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को महंगा आम खरीदना पड़ सकता है और किसानों को मिश्रित नुकसान-लाभ की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

  • राहु-चंद्र की युति बिगाड़ सकती है मानसिक संतुलन, हर समय डर-उलझन और बेचैनी का बनता है कारण

    राहु-चंद्र की युति बिगाड़ सकती है मानसिक संतुलन, हर समय डर-उलझन और बेचैनी का बनता है कारण



    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक ग्रह माना गया है। माना जाता है कि अगर कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो जाए या राहु, शनि जैसे अशुभ ग्रहों के साथ युति बना ले, तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, डर, भ्रम, बेचैनी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आजकल बढ़ती एंजायटी और मानसिक अस्थिरता के पीछे कई बार ग्रहों की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है।

    विशेष रूप से राहु और चंद्रमा की युति को बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस योग में व्यक्ति हर समय किसी न किसी उलझन में फंसा रहता है। छोटे-छोटे फैसले लेना भी मुश्किल हो जाता है और मन लगातार नकारात्मक विचारों से घिरा रहता है। ऐसे लोगों में भौतिक सुख पाने की इच्छा तो अधिक होती है, लेकिन संतोष की कमी बनी रहती है। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखने के बावजूद अंदर बेचैनी बनी रहती है।

    ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों की कुंडली में राहु-चंद्र की युति होती है, उन्हें खुद को हमेशा व्यस्त रखना चाहिए। लंबे समय तक खाली रहने पर नकारात्मक सोच और तनाव तेजी से बढ़ सकता है। यही स्थिति धीरे-धीरे एंजायटी और डिप्रेशन का रूप भी ले सकती है।

    वहीं शनि और चंद्रमा की युति भी मानसिक बोझ और उदासी का कारण मानी जाती है। ऐसे लोगों को रात में डरावने सपने आना, बार-बार नींद टूटना, पुरानी बातें याद कर परेशान होना और हर छोटी बात को जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत हो सकती है। यदि यह योग कुंडली के अष्टम भाव में बन जाए तो व्यक्ति की इच्छाशक्ति कमजोर पड़ सकती है और जीवन में निराशा बढ़ सकती है।

    ज्योतिष में चंद्रमा और बुध को भी मानसिक स्थिति से जुड़ा ग्रह माना गया है। अगर इन ग्रहों पर राहु, केतु या शनि की अशुभ दृष्टि पड़ जाए, तो व्यक्ति बेहद संवेदनशील हो सकता है। वह छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने लगता है और धीरे-धीरे अकेलेपन की ओर बढ़ सकता है।

    मान्यताओं के अनुसार मानसिक तनाव कम करने के लिए भगवान शिव की उपासना लाभकारी मानी गई है। चंद्रमा का संबंध शिव से माना जाता है, इसलिए “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का नियमित जाप मन को शांत रखने में मदद कर सकता है। सोमवार का व्रत, शिवलिंग पर जल अर्पित करना और ध्यान लगाना भी सकारात्मक प्रभाव देने वाला माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सही दिनचर्या, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उपायों से मानसिक संतुलन बेहतर किया जा सकता है।

  • सोमवार को बाजार का मूड कैसा रहेगा? उतार-चढ़ाव के बीच ट्रेडिंग पर नजर

    सोमवार को बाजार का मूड कैसा रहेगा? उतार-चढ़ाव के बीच ट्रेडिंग पर नजर


    नई दिल्ली । सोमवार 25 मई को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर पूरे दिन वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर टिकी रहेगी। शुरुआती रुझानों के अनुसार बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिल सकती है, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में हलचल बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका के डाउ जोन्स, नैस्डैक और एशियाई बाजारों जैसे जापान और सिंगापुर के संकेतों पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो भारतीय बाजार में हल्की तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि कमजोर संकेतों की स्थिति में दबाव भी बन सकता है।

    इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर भारतीय कंपनियों के खर्च और निवेश पर पड़ सकता है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

    डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख भी बाजार के लिए बेहद अहम रहेगा। अगर FIIs लगातार खरीदारी करते हैं तो बाजार को मजबूती मिलेगी, वहीं बिकवाली की स्थिति में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।

    घरेलू स्तर पर भी निवेशकों की नजर बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन, सेक्टर आधारित रुझानों और आर्थिक नीतियों पर बनी रहेगी। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में खास हलचल देखने को मिल सकती है।

    विश्लेषकों का मानना है कि इस दिन बाजार में एकतरफा तेजी या गिरावट की बजाय उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

    कुल मिलाकर 25 मई का दिन शेयर बाजार के लिए “वोलैटाइल सेशन” साबित हो सकता है, जहां छोटे-छोटे ग्लोबल ट्रिगर्स भी बड़ी चाल तय कर सकते हैं।

  • किस राशि को सताती है सबसे ज्यादा गर्मी? जानिए अपना तत्व, शरीर पर असर और राहत के ज्योतिषीय उपाय

    किस राशि को सताती है सबसे ज्यादा गर्मी? जानिए अपना तत्व, शरीर पर असर और राहत के ज्योतिषीय उपाय



    नई दिल्ली। भीषण गर्मी और तेज धूप का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग तरीके से पड़ता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका संबंध केवल मौसम से नहीं बल्कि व्यक्ति की राशि और उसके तत्व से भी माना जाता है। मेडिकल ज्योतिष में राशियों के तत्व और प्रकृति के आधार पर शरीर की संवेदनशीलता, रोगों की प्रवृत्ति और मौसम का प्रभाव समझा जाता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मेष, सिंह और धनु अग्नि तत्व की राशियां हैं, जिनकी प्रकृति पित्त प्रधान मानी जाती है। यही कारण है कि इन राशियों के लोगों को गर्मी, लू, शरीर में जलन और त्वचा संबंधी परेशानियां ज्यादा प्रभावित करती हैं। वहीं वृष, कन्या और मकर पृथ्वी तत्व की राशियां हैं,
    जिनकी प्रकृति वायु प्रधान मानी जाती है। मिथुन, तुला और कुम्भ वायु तत्व से जुड़ी मिश्रित प्रकृति की राशियां हैं, जबकि कर्क, वृश्चिक और मीन जल तत्व की राशियां हैं, जिनमें कफ प्रकृति अधिक होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है तो गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो जाता है और वृष राशि में पहुंचते-पहुंचते तापमान चरम पर पहुंच जाता है। इस दौरान शरीर के जलीय तत्व तेजी से कम होने लगते हैं और पंचतत्वों से बने शरीर पर गर्मी का प्रभाव बढ़ जाता है।
    विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रमा जल तत्व और बुध त्वचा व हरियाली का कारक माना जाता है, इसलिए गर्मी से बचाव के लिए इन दोनों ग्रहों को मजबूत करना जरूरी माना गया है। कहा जाता है कि बुध को मजबूत करने के लिए खीरा, तरबूज, खरबूजा और अन्य जलयुक्त फलों का सेवन लाभकारी होता है, जबकि चंद्रमा को बलवान बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ज्योतिषीय मान्यता है कि यदि चंद्रमा और बुध मजबूत रहें तो व्यक्ति सूर्य की तेज तपिश को बेहतर तरीके से सहन कर सकता है।
    गर्मी और लू से बचने के लिए राशि के अनुसार पेय पदार्थों का सेवन, मंगल से जुड़ी वस्तुओं का दान, लाल रंग के कपड़ों से परहेज और सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है। धर्मशास्त्रों में सूर्योदय से पहले स्नान को स्वास्थ्यवर्धक बताया गया है, क्योंकि इस समय जल में सकारात्मक और ऊर्जावान तत्व अधिक सक्रिय माने जाते हैं, जो शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • काबा की सुरक्षा के लिए सऊदी हाई अलर्ट पर, मक्का-मदीना में तैनात हुआ एयर डिफेंस सिस्टम

    काबा की सुरक्षा के लिए सऊदी हाई अलर्ट पर, मक्का-मदीना में तैनात हुआ एयर डिफेंस सिस्टम



    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच सऊदी अरब ने हज 2026 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दी है। मक्का, मदीना और आसपास के पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम, स्पेशल सैन्य यूनिट्स और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात कर दी गई हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि हज के दौरान किसी भी मिसाइल, ड्रोन या हवाई खतरे को तुरंत मार गिराया जाएगा।

    सऊदी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी वीडियो में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और काउंटर ड्रोन सिस्टम ‘स्काईगार्ड’ की तैनाती दिखाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक एयर डिफेंस फोर्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है और मक्का-मदीना के एयरस्पेस पर 24 घंटे कड़ी निगरानी की जा रही है। सऊदी सरकार नहीं चाहती कि क्षेत्रीय तनाव का असर हज यात्रियों की सुरक्षा पर पड़े।

    दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर की दिशा में ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। हालांकि अब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चा चल रही है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं माना जा रहा।

    तनावपूर्ण माहौल के बावजूद इस बार हज यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सऊदी हज पासपोर्ट फोर्स के कमांडर सालेह अल-मुरब्बा के अनुसार अब तक 15 लाख 18 हजार से ज्यादा विदेशी जायरीन सऊदी पहुंच चुके हैं, जो पिछले साल के मुकाबले अधिक हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। हज की मुख्य रस्में 25 मई से 29 मई के बीच पूरी होंगी।

    सुरक्षा के साथ-साथ भीषण गर्मी भी इस बार बड़ी चुनौती बनी हुई है। मक्का और आसपास के इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने जायरीनों को छाता इस्तेमाल करने, ज्यादा पानी पीने और तेज धूप से बचने की सलाह दी है। मेडिकल टीमों, एंबुलेंस और अस्थायी क्लीनिकों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

  • सोमवार वास्तु उपाय: शिव कृपा और घर में सकारात्मक ऊर्जा पाने के आसान टिप्स

    सोमवार वास्तु उपाय: शिव कृपा और घर में सकारात्मक ऊर्जा पाने के आसान टिप्स


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति के लिए भी विशेष महत्व रखता है। माना जाता है कि यदि इस दिन कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाए जाएं, तो घर में सुख-समृद्धि, शांति और सौभाग्य का वास होता है।

    सोमवार के दिन घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य द्वार को साफ करें और वहां गंगाजल का छिड़काव करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। मुख्य दरवाजे पर स्वस्तिक या ॐ का चिन्ह बनाना भी शुभ माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को सबसे पवित्र स्थान माना गया है। सोमवार के दिन इस दिशा को विशेष रूप से स्वच्छ रखें और वहां भगवान शिव या शिवलिंग की तस्वीर स्थापित करें। इससे घर में मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है।

    सोमवार को घर में सफेद रंग का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन सफेद फूल, सफेद कपड़े या सफेद मिठाई का प्रयोग करना शुभ माना जाता है। साथ ही घर में दूध से बनी चीजों का दान या भगवान शिव को अर्पण करना भी अत्यंत लाभकारी होता है।

    इसके अलावा, घर में जल से भरा हुआ बर्तन या गंगाजल का कलश रखना भी सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। वास्तु के अनुसार जल तत्व का संतुलन जीवन में स्थिरता और समृद्धि लाता है।

    सोमवार के दिन घर में झगड़ा या नकारात्मक बातचीत से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिन वातावरण बहुत संवेदनशील माना जाता है। शांत मन से पूजा-पाठ करने और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से घर का माहौल सकारात्मक बनता है।

    वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोमवार को नियमित रूप से दीपक जलाकर घर के मंदिर में शिवजी की आराधना की जाए, तो घर में दरिद्रता दूर होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    कुल मिलाकर, सोमवार का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि वास्तु शास्त्र की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही दिशा, सही ऊर्जा और सकारात्मक विचारों के साथ किया गया छोटा सा प्रयास भी जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है।