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  • हीरो नंबर 1 की वापसी तय गोविंदा ने नई फिल्म रूपा का किया ऐलान नई एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार के साथ आएंगे नजर

    हीरो नंबर 1 की वापसी तय गोविंदा ने नई फिल्म रूपा का किया ऐलान नई एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार के साथ आएंगे नजर


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 के नाम से मशहूर गोविंदा ने आखिरकार अपने प्रशंसकों को वह खुशखबरी दे दी जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। कई वर्षों तक बड़े पर्दे से दूर रहने के बाद गोविंदा अब एक बार फिर फिल्मों में वापसी करने जा रहे हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी नई फिल्म रूपा का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस फिल्म में वह सिर्फ मुख्य अभिनेता के रूप में ही नहीं बल्कि निर्माता की जिम्मेदारी भी संभालते नजर आएंगे। उनके साथ इस फिल्म में नई अभिनेत्री रानी स्वर्णकार बॉलीवुड में कदम रखेंगी।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंदा ने अपने फिल्मी सफर के उतार चढ़ाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनके करियर में कई ऐसे मौके आए जब उन्हें नजरअंदाज किया गया और लोगों ने यह तक कह दिया कि अब उनकी वापसी संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। गोविंदा ने कहा कि उन्होंने एक नई शुरुआत करने का फैसला किया है और उन्हें विश्वास है कि उनकी नई फिल्म दर्शकों का दिल जीतने में सफल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह फिल्म खासतौर पर युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है और उन्हें उम्मीद है कि थिएटर में इसे देखने वाले दर्शकों को एक नया अनुभव मिलेगा।

    गोविंदा ने बातचीत के दौरान अपनी जिंदगी में अंक 14 के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह न्यूमरोलॉजी में विश्वास करते हैं और 14 हमेशा उनके लिए बेहद शुभ साबित हुआ है। उनके अनुसार 14 वर्ष की उम्र से ही उनकी जिंदगी में इस अंक का खास महत्व रहा है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने सिर्फ एक सप्ताह में 14 फिल्में साइन की थीं और इसके बाद करीब 14 वर्षों तक लगातार सुपरस्टारडम का दौर देखा। बाद में वह 14वीं लोकसभा के सदस्य भी बने। उन्होंने अपने संघर्ष के वर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि हर कठिन दौर के बाद उन्हें नई शुरुआत करने का मौका मिला और अब एक बार फिर वह उसी विश्वास के साथ फिल्मों में लौट रहे हैं।

    गोविंदा ने यह भी कहा कि इस बार उन्होंने ज्यादा इंतजार नहीं किया और तय कर लिया कि अब फिर से अभिनय की दुनिया में सक्रिय होना है। उन्होंने भगवान का आशीर्वाद मिलने की बात कहते हुए उम्मीद जताई कि फिल्म रूपा उनके करियर का नया अध्याय साबित होगी। उनके प्रशंसकों के लिए भी यह वापसी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि लंबे समय से दर्शक उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे थे।

    हाल ही में गोविंदा अपनी पत्नी सुनीता आहूजा का समर्थन करने के लिए रियलिटी शो लॉकअप 2 में भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी चिरपरिचित कॉमिक टाइमिंग से सभी का मनोरंजन किया। शो के दौरान फराह खान के साथ उनकी मजेदार नोकझोंक और सुनीता आहूजा को लेकर किए गए हास्यपूर्ण संवाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहे। इससे साफ है कि गोविंदा आज भी अपनी सहज हास्य शैली और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का मनोरंजन करने का हुनर रखते हैं।

    अब फिल्म रूपा के जरिए गोविंदा की वापसी पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है तो एक बार फिर बॉलीवुड को अपना चहेता हीरो नंबर 1 पुराने अंदाज में बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा।

  • आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

    आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट


    मध्य प्रदेश। 14 जुलाई को देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के आसार हैं और मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है। उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। गरज चमक और तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि सुबह और शाम के समय प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है।

    महाराष्ट्र गुजरात गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मुंबई और आसपास के इलाकों में बीच बीच में तेज वर्षा के कारण जलभराव और यातायात पर असर पड़ सकता है। पश्चिमी तट पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना बनी हुई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

    कुल मिलाकर 14 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बादलों के नाम रहने वाला है। जहां एक ओर बारिश गर्मी से राहत देगी वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम में नहीं थी भाड़े की भीड़…. आयोजक बोले… माफी मांगे राहुल गांधी और खरगे

    मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम में नहीं थी भाड़े की भीड़…. आयोजक बोले… माफी मांगे राहुल गांधी और खरगे


    नई दिल्ली।
    ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न (Melbourne, Australia) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के स्वागत के लिए आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ (Melbourne Meets Modi) कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) को एक खुला खत लिखा है. इस खत में उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तरफ से लगाए गए उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है, जिसमें कार्यक्रम में शामिल लोगों को ‘पेड क्राउड’ यानी पैसे देकर जुटाई गई भीड़ बताया गया था. आयोजकों ने दोनों नेताओं से यह आरोप वापस लेने के साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

    यह खुला खत उन कम्युनिटी वॉलंटियर्स की तरफ से जारी किया गया है, जिन्होंने 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में हुए कार्यक्रम के लिए सिडनी से मेलबर्न तक ‘मोदी एयरवेज’ नाम की चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम किया था. आयोजकों का साफ कहना है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के आने-जाने और रहने का खर्च बीजेपी, भारत सरकार या ऑस्ट्रेलिया सरकार ने नहीं उठाया था. उन्होंने बताया कि सभी लोगों ने अपना खर्च खुद उठाया, जबकि कुछ लोग सामुदायिक सहयोग से इस कार्यक्रम में पहुंचे थे।

    आयोजकों में से एक, अमित कारंत ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ऐसी टिप्पणी बेहद निराशाजनक है. उनके मुताबिक सिडनी, एडिलेड, पर्थ और ब्रिस्बेन समेत ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों से लोग अपनी मर्जी से मेलबर्न पहुंचे थे. किसी भी सरकारी एजेंसी या राजनीतिक दल ने उनके आने-जाने पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया. यह पूरी व्यवस्था स्थानीय वॉलंटियर्स ने आपस में मिलकर संभाली थी।

    आयोजकों का कहना है कि कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने कार्यक्रम को ‘प्रायोजित’ बताकर वहां पहुंचे हजारों भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की ईमानदारी और उनकी स्वतंत्र सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस चार्टर्ड फ्लाइट से सफर करने वालों में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक, वहां के पक्के निवासी, कामकाजी पेशेवर, कारोबारी, छात्र और बुजुर्ग शामिल थे.

    खत में लिखा गया है कि इन लोगों को भाड़े की राजनीतिक भीड़ कहना सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना नहीं है, बल्कि यह उन हजारों प्रवासियों की गरिमा का अपमान है. ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय किसी एक राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ा है. वहां कांग्रेस को पसंद करने वाले लोग भी हैं, बीजेपी को चाहने वाले भी और ऐसे भी कई लोग हैं जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।


    महीनों की कड़ी मेहनत पर कांग्रेस ने फेरा पानी

    आयोजकों ने बताया कि इस चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम करने में महीनों की प्लानिंग लगी थी, जिसके लिए यात्रियों से तालमेल बिठाने से लेकर कागजी कार्रवाई तक पर दिन-रात काम किया गया. कई वॉलंटियर्स ने अपने बिजनेस समेत परिवारों को छोड़कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरा योगदान दिया. इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के सामने तीन बड़ी मांगें रखी हैं. पहली, ये कि सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया जाए कि इस फ्लाइट के लिए बीजेपी या भारत सरकार ने कोई फंडिंग नहीं की थी. दूसरी, ‘पेड क्राउड’ वाले आरोप वापस लिए जाएं. वहीं, तीसरी मांग यह है कि सभी वॉलंटियर्स, यात्रियों सहित पूरे भारतीय समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगी जाए।


    मार्वल स्टेडियम में जुटे थे 30 हजार लोग

    मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में 9 जुलाई को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोग शामिल हुए थे. इस दौरान पीएम मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन भी मंच पर मौजूद थीं. आयोजकों ने साफ कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन भारत की घरेलू राजनीति के चक्कर में विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

  • Survey: एथेनॉल मिक्स E 20 पेट्रोल से सहज नहीं लोग…. NDA के 53% वोटर्स भी हिचक रहे

    Survey: एथेनॉल मिक्स E 20 पेट्रोल से सहज नहीं लोग…. NDA के 53% वोटर्स भी हिचक रहे


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिक्स E20 पेट्रोल (E20 Ethanol-Blended Petrol) को बढ़ावा दे रही है. सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी, प्रदूषण कम होगा और गन्ना किसानों को फायदा मिलेगा. हालांकि, C-Voter के हालिया सर्वे से सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोग अभी भी E20 पेट्रोल को लेकर सहज नहीं हैं. सर्वे के मुताबिक, आधे से अधिक लोग न केवल E20 पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, बल्कि उन्हें यह भी डर है कि इससे उनकी गाड़ी की माइलेज कम हो सकती है और इंजन को नुकसान पहुंच सकता है।


    NDA समर्थकों में भी E20 को लेकर हिचक

    सर्वे में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सत्ता पर काबिज NDA के समर्थकों में भी E20 पेट्रोल को लेकर उत्साह नहीं दिखा. सर्वे के अनुसार, 52.5 प्रतिशत NDA समर्थकों ने कहा कि वे अपनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहेंगे. केवल 18.1 प्रतिशत लोगों ने इसका समर्थन किया, जबकि 29.5 प्रतिशत लोग अभी भी इस मुद्दे पर फैसला नहीं कर पाए हैं. विपक्षी दलों के समर्थकों में E20 के प्रति विरोध और ज्यादा देखने को मिला।


    E20 से बचने का महंगा रास्ता चुन रहे लोग, 5 गुना बढ़ी प्रीमियम पेट्रोल की मांग

    57.9 प्रतिशत विपक्षी समर्थकों ने कहा कि वे अपनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल नहीं डलवाना चाहते. वहीं, अन्य राजनीतिक दलों के समर्थकों में भी 55 प्रतिशत लोगों ने इसे अस्वीकार किया. कुल मिलाकर 55.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे E20 पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, जबकि केवल 17.1 प्रतिशत लोगों ने इसका समर्थन किया।


    गडकरी के बयान के बाद बढ़ी चर्चा

    यह सर्वे ऐसे समय सामने आया है जब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल के विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा था कि वे ऐसा एक भी व्यक्ति सामने लाएं जिसकी गाड़ी को एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से नुकसान हुआ हो. इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उनके पास ऐसे छह लोग हैं, जिनकी गाड़ियों पर E20 का प्रतिकूल असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि वे मीडिया के सामने आने से पहले गडकरी से मिलना चाहते हैं।

    सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि E20 पूरी तरह सुरक्षित है और विशेषज्ञों की राय भी इसी के पक्ष में है. दूसरी ओर, कई वाहन मालिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज कम हो जाती है और खासकर E10 या उससे पुराने मानकों के लिए बनी गाड़ियों में इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।


    सरकार की नीति को भी सीमित समर्थन

    सर्वे में केवल E20 पेट्रोल ही नहीं, बल्कि एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी पर भी लोगों की राय ली गई. इसमें 52 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की सरकारी पॉलिसी का समर्थन नहीं करते. इसके मुकाबले सिर्फ 22 प्रतिशत लोगों ने इस नीति का समर्थन किया, जबकि बाकी लोग असमंजस में रहे. NDA समर्थकों में भी 48.2 प्रतिशत लोगों ने इस नीति का विरोध किया. केवल 24.4 प्रतिशत लोगों ने इसका समर्थन किया, जबकि 27.4 प्रतिशत लोग निर्णय नहीं ले सके।


    माइलेज घटने और इंजन खराब होने की चिंता

    सर्वे के अनुसार, लोगों की सबसे बड़ी चिंता वाहन की परफॉर्मेंस को लेकर है. 52.8 प्रतिशत लोगों का मानना है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों की माइलेज कम हो जाती है. NDA समर्थकों में 51.2 प्रतिशत और विपक्षी समर्थकों में 55.4 प्रतिशत लोगों ने भी यही चिंता जताई. इंजन को नुकसान पहुंचने को लेकर भी लोगों की आशंकाएं काफी मजबूत हैं. 54.2 प्रतिशत लोगों का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल अधिकांश वाहनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. NDA समर्थकों में यह आंकड़ा 49.9 प्रतिशत रहा, जबकि विपक्षी समर्थकों में 60.2 प्रतिशत लोगों ने ऐसा माना।

    इसके अलावा 14.3 प्रतिशत लोगों का मानना है कि E20 केवल कुछ विशेष प्रकार के वाहनों को नुकसान पहुंचा सकता है. वहीं, केवल 10.9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इससे वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता।


    पुराने वाहनों के मालिकों की चिंता

    सर्वे में यह भी सामने आया कि 56.3 प्रतिशत लोगों का मानना है कि E20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाना पुराने वाहनों के मालिकों के साथ अन्याय होगा. NDA समर्थकों में 49.2 प्रतिशत और विपक्षी समर्थकों में 65.8 प्रतिशत लोगों ने इस राय से सहमति जताई।


    लोग चाहते हैं विकल्प मिले

    हालांकि E20 को लेकर विरोध काफी अधिक है, लेकिन सर्वे में एक बात पर लगभग सभी वर्गों में सहमति दिखाई दी. 75.9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि बाजार में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल और सामान्य पेट्रोल दोनों उपलब्ध रहने चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत और वाहन के अनुसार विकल्प चुन सकें. NDA समर्थकों में भी 72.4 प्रतिशत लोगों ने इस मांग का समर्थन किया. इसी तरह 74.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यदि E20 पेट्रोल बेचा जाता है तो इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम होनी चाहिए. NDA समर्थकों में 75.6 प्रतिशत लोगों ने भी यही राय दी।

    हालांकि कीमत कम होने पर भी लोगों का भरोसा पूरी तरह नहीं बनता दिखा. केवल 40.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अगर E20 सस्ता होगा तो वे इसका इस्तेमाल करेंगे, जबकि 40.4 प्रतिशत लोगों ने साफ कहा कि कम कीमत होने के बावजूद वे इसे नहीं अपनाएंगे।


    सरकार के दावे पर बंटी राय

    केंद्र सरकार का कहना है कि E20 नीति से भारत का कच्चे तेल का आयात कम होगा. इस दावे पर 37.2 प्रतिशत लोगों ने पूरी तरह सहमति जताई, जबकि 19.5 प्रतिशत लोगों ने आंशिक सहमति व्यक्त की. दूसरी ओर, 17.1 प्रतिशत लोगों ने इस दावे से पूरी तरह असहमति जताई और 14.1 प्रतिशत लोगों ने आंशिक असहमति व्यक्त की. जब लोगों से पूछा गया कि सरकार E20 पेट्रोल को बढ़ावा क्यों दे रही है, तो 27.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है. 21.3 प्रतिशत लोगों का मानना था कि सरकार गन्ना किसानों को लाभ पहुंचाना चाहती है, जबकि 11 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इसका प्रमुख उद्देश्य प्रदूषण कम करना है।


    कैसे हुआ सर्वे?

    यह सर्वे C-Voter ने 8 और 9 जुलाई के बीच Computer Assisted Telephone Interviewing (CATI) पद्धति से कराया. इसमें देशभर के 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के 1,641 लोगों से बातचीत की गई. C-Voter के अनुसार, सर्वे के आंकड़ों को जनगणना और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के आधार पर देश की जनसांख्यिकीय संरचना के अनुरूप वेटेज दिया गया. सर्वे का मार्जिन ऑफ एरर मैक्रो स्तर पर ±3 प्रतिशत और माइक्रो स्तर पर ±5 प्रतिशत बताया गया है।

  • MP: प्रयागराज महाकुंभ में वायरल दंपति को HC से राहत…. अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक

    MP: प्रयागराज महाकुंभ में वायरल दंपति को HC से राहत…. अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) ने सोमवार को 2025 के प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh) के दौरान चर्चा में आए एक दंपति को बड़ी राहत दी है. अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।

    जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया. अदालत ने कहा कि खरगोन जिले के महेश्वर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

    दंपति ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर महेश्वर नगर परिषद की ओर से युवती का जन्म प्रमाण पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि अंतरधार्मिक विवाह के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना युवती का जन्म प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया. इसके बाद बदले हुए रिकॉर्ड के आधार पर उसके पति के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई।

    एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण), धारा 81 (विवाह का झांसा देकर धोखाधड़ी या यौन संबंध), धारा 83 (नाबालिग लड़की को बहलाना-फुसलाना) और धारा 87 (अपहरण), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

    इससे पहले पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. अब दंपति ने हाईकोर्ट का रुख किया है।


    याचिका में युवती को नाबालिग बताया गया

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि युवती को विवाह के समय नाबालिग साबित करने के लिए उसके जन्म संबंधी रिकॉर्ड में आपराधिक साजिश के तहत छेड़छाड़ की गई. दंपति का कहना है कि उन्होंने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में विवाह किया था।

    याचिका के अनुसार, युवती की वास्तविक जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 है. यही तिथि महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज है. इसके बावजूद विवाह के बाद उसके परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए जन्म प्रमाण पत्र निरस्त करा दिया।


    “लव जिहाद” से जोड़ा गया मामला

    दंपति ने यह भी आरोप लगाया है कि बदले हुए दस्तावेजों के आधार पर पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. साथ ही उनके अंतरधार्मिक विवाह को “लव जिहाद” से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जिससे उनकी सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है।

    हाईकोर्ट ने फिलहाल दंपति को अंतरिम राहत देते हुए राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।

  • बिहार-बंगाल समेत पूर्वोत्तर में आज भारी बारिश का अलर्ट… अन्य हिस्सों में साफ रहेगा मौसम

    बिहार-बंगाल समेत पूर्वोत्तर में आज भारी बारिश का अलर्ट… अन्य हिस्सों में साफ रहेगा मौसम


    नई दिल्ली।
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार, 14 जुलाई को पूर्वोत्तर भारत (Northeast India), बिहार (Bihar) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में एक और दिन भारी बारिश (Heavy rain) का अनुमान लगाया है. वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने की उम्मीद है।

    मौसम का यह पैटर्न दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में चल रहे ठहराव को दिखाता है, जिसमें मॉनसून ट्रफ हिमालय की तलहटी के करीब खिसक रही है. नतीजतन, भारी बारिश की गतिविधियां देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में केंद्रित हो गई हैं, जबकि अन्य बड़े हिस्सों में बारिश कमजोर पड़ गई है।

    IMD के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।

    सबसे अधिक बारिश मेघालय में होने की उम्मीद जताई जा रही है, जहां कुछ जगहों पर 20 सेमी से अधिक बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश की संभावना है.

    यह अनुमान पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के बाद लगाया गया है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत ज़्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश हुई है. अरुणाचल प्रदेश, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी 7 से 11 सेमी के बीच भारी बारिश की सूचना मिली है.

    IMD ने इस लगातार बारिश का कारण कई सक्रिय मौसम प्रणालियों को बताया है, जिनमें श्री गंगानगर से मणिपुर तक फैली मॉनसून ट्रफ, दक्षिण बांग्लादेश, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पूर्वी बांग्लादेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन, और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली एक ट्रफ शामिल हैं. मध्य पाकिस्तान के ऊपर बना एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) भी उत्तरी भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है.

  • टाटा कैपिटल की गोल्ड लोन बिजनेस में धमाकेदार एंट्री…. ₹318 करोड़ की डील की तैयारी!

    टाटा कैपिटल की गोल्ड लोन बिजनेस में धमाकेदार एंट्री…. ₹318 करोड़ की डील की तैयारी!


    नई दिल्ली।
    देश की दिग्गज गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) टाटा कैपिटल (Tata Capital) ने तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन बिजनेस (Gold Loan Business) में धमाकेदार एंट्री कर ली है। कंपनी ने केरल की गोल्ड लोन कंपनी योगलोन्स (Yogakshemam Loans) में 88.6% हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। इस डील की कुल कीमत 318 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इसके साथ ही टाटा कैपिटल (Tata Capital) ने कंपनी के विस्तार के लिए करीब 93 करोड़ रुपये का नया निवेश भी करने का फैसला किया है। इस अधिग्रहण के बाद योगलोन्स, टाटा कैपिटल की सहायक (Subsidiary) कंपनी बन जाएगी।

    यह डील ऐसे समय में हुआ है, जब भारत में गोल्ड लोन की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती महंगाई, आसान लोन प्रक्रिया और सोने की ऊंची कीमतों के कारण लोग तेजी से गोल्ड लोन का विकल्प अपना रहे हैं। ऐसे में टाटा कैपिटल (Tata Capital) का यह कदम उसके रिटेल लोन कारोबार को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।


    योगलोंस कौन है और क्यों है खास?

    योगलोंस (Yogloans) दक्षिण भारत की एक तेजी से बढ़ती गोल्ड लोन NBFC है। कंपनी के 162 ब्रांच केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में फैले हुए हैं। 31 मार्च तक कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 708 करोड़ रुपये था और यह लगभग 32,000 ग्राहकों को सेवाएं दे रही थी।

    इस कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका अनुभवी प्रबंधन है। योगलोंस (Yogloans) के प्रमोटर उन्नीकृष्णन इडिचारम वीटिल पहले मनप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) के डिप्टी CEO रह चुके हैं। टाटा कैपिटल (Tata Capital) ने साफ किया है कि अधिग्रहण के बाद भी वही कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे, जिससे ग्राहकों और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।


    टाटा कैपिटल को क्या होगा फायदा?

    टाटा कैपिटल (Tata Capital) का कुल नेट AUM 2.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। अभी तक कंपनी का फोकस रिटेल लोन, SME लोन और कॉर्पोरेट लोन पर था। अब गोल्ड लोन जुड़ने से उसका रिटेल पोर्टफोलियो और मजबूत होगा।

    कंपनी के MD और CEO राजीव सभरवाल के अनुसार, गोल्ड लोन एक सुरक्षित (Secured) लेंडिंग बिजनेस है, जिसमें तेजी से ग्रोथ की संभावना है। इससे कंपनी का लोन पोर्टफोलियो और अधिक विविध (Diversified) बनेगा और भविष्य में कम जोखिम के साथ बेहतर कमाई का अवसर मिलेगा।


    भारत में क्यों बढ़ रहा है गोल्ड लोन का कारोबार?

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, मई के अंत तक NBFC का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 69% बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे साफ है कि यह सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और आसान लोन उपलब्ध होने से ग्राहक भी इस विकल्प को पसंद कर रहे हैं।

    ब्रोकरेज फर्म IIFL Capital का मानना है कि योगलोंस (Yogloans) का लोन बुक भविष्य में करीब 5% Return on Assets (RoA) दे सकता है, जबकि टाटा कैपिटल (Tata Capital) का अनुमानित RoA करीब 2.2% है, यानी यह अधिग्रहण कंपनी की कमाई और मुनाफे दोनों को मजबूत कर सकता है।


    क्या मुथूट फाइनेंस और मनप्पुरम को मिलेगी चुनौती?

    अब तक भारत के गोल्ड लोन बाजार में मुथूट फाइनेंस और मनप्पुरम फाइनेंस जैसी कंपनियों का दबदबा रहा है। लेकिन टाटा ग्रुप (Tata Group) जैसे बड़े और भरोसेमंद ब्रांड की एंट्री से इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। मजबूत वित्तीय स्थिति, बड़ा ग्राहक आधार और तकनीकी क्षमता के दम पर टाटा कैपिटल (Tata Capital) आने वाले सालों में गोल्ड लोन मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश करेगी।

    टाटा कैपिटल (Tata Capital) का योगलोंस (Yogloans) में निवेश सिर्फ एक अधिग्रहण नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीति है। यदि कंपनी इस कारोबार का सफलतापूर्वक विस्तार करती है, तो आने वाले समय में यह टाटा कैपिटल (Tata Capital) के लिए कमाई का एक बड़ा इंजन बन सकता है।

  • दाग धब्बों से लेकर ग्लोइंग स्किन तक रोज़मेरी बन सकती है आपकी ब्यूटी रूटीन की सबसे खास साथी

    दाग धब्बों से लेकर ग्लोइंग स्किन तक रोज़मेरी बन सकती है आपकी ब्यूटी रूटीन की सबसे खास साथी


    नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने की चाहत हर किसी की होती है। इसके लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार प्राकृतिक चीजें भी त्वचा की देखभाल में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। ऐसी ही एक औषधीय जड़ी बूटी है रोज़मेरी जिसे लंबे समय से बालों और त्वचा की देखभाल में उपयोग किया जाता रहा है। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार माने जाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार रोज़मेरी में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को बाहरी प्रदूषण और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायता कर सकते हैं। फ्री रेडिकल्स त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर समय से पहले झुर्रियां और बेजानपन पैदा कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर रोज़मेरी त्वचा को लंबे समय तक तरोताजा बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।

    जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है उनके लिए भी रोज़मेरी लाभदायक मानी जाती है। यह त्वचा पर बनने वाले अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है जिससे रोमछिद्रों के बंद होने की संभावना कम होती है। इसके कारण मुंहासों और ब्लैकहेड्स की समस्या में भी राहत मिल सकती है। हालांकि किसी भी नए उत्पाद या घरेलू नुस्खे का उपयोग करने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।

    रोज़मेरी में मौजूद प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को साफ रखने में भी मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि कई स्किन केयर प्रोडक्ट में रोज़मेरी एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल किया जाता है। नियमित और संतुलित उपयोग से त्वचा अधिक ताजगी भरी और साफ नजर आ सकती है। हालांकि गंभीर त्वचा रोग या संक्रमण की स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

    रोज़मेरी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। रोज़मेरी का पानी फेस मिस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा एलोवेरा जेल में कुछ बूंदें रोज़मेरी ऑयल की मिलाकर लगाने से त्वचा को नमी और ताजगी मिल सकती है। ध्यान रहे कि एसेंशियल ऑयल को कभी भी सीधे त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेशा किसी कैरियर ऑयल या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

    स्वस्थ त्वचा केवल बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद और तनाव मुक्त जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। यदि रोज़मेरी के साथ पौष्टिक भोजन नियमित व्यायाम और सही स्किन केयर रूटीन अपनाया जाए तो त्वचा की प्राकृतिक चमक लंबे समय तक बरकरार रह सकती है। प्राकृतिक उपाय धीरे धीरे असर दिखाते हैं इसलिए धैर्य और नियमितता बनाए रखना भी जरूरी है।

    रोज़मेरी को अपनी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाने से पहले यदि आपकी त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या रहती है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा। सही तरीके से और सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया गया रोज़मेरी त्वचा की देखभाल के लिए एक उपयोगी प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है।

  • अब तक सिर्फ 1.97 करोड़ ITR दाखिल, डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद नहीं… कहीं भारी न पड़ जाए 31 जुलाई का इंतजार!

    अब तक सिर्फ 1.97 करोड़ ITR दाखिल, डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद नहीं… कहीं भारी न पड़ जाए 31 जुलाई का इंतजार!


    नई दिल्ली।
    अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return- ITR) दाखिल नहीं किया है और सोच रहे हैं कि पिछले साल की तरह इस बार भी सरकार अंतिम तारीख बढ़ा देगी, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए 31 जुलाई ITR फाइल करने की आखिरी तारीख है। हालांकि, अब तक केवल करीब 1.97 करोड़ ITR ही दाखिल हुए हैं, जबकि पिछले दो वर्षों में कुल 7 करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल हुए थे। धीमी रफ्तार को देखकर कई लोग डेडलाइन (Deadline) बढ़ने की उम्मीद लगा रहे हैं, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि इस बार ऐसा होने की संभावना बेहद कम है।

    पिछले साल सरकार ने ITR फाइल करने की अंतिम तारीख इसलिए बढ़ाई थी, क्योंकि आयकर विभाग ने ITR फॉर्म और ऑनलाइन फाइलिंग यूटिलिटी जारी करने में देरी की थी। इसके कारण करदाताओं के पास रिटर्न दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा था। लेकिन, इस साल स्थिति पूरी तरह अलग है। अधिकांश ITR फॉर्म, ऑनलाइन यूटिलिटी, फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और TIS (Taxpayer Information Summary) पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स के पास समय की कमी का कोई बड़ा कारण नहीं है।

    एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कोई बड़ा तकनीकी व्यवधान या आयकर पोर्टल पर गंभीर समस्या नहीं आती, तो सरकार के पास डेडलाइन बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं होगा। इसलिए केवल उम्मीद के भरोसे बैठना महंगा साबित हो सकता है।

    अगर कोई करदाता 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करता है, तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे पहले इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ सकती है। अगर टैक्स बकाया है, तो उस पर ब्याज भी देना होगा। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में कैपिटल लॉस या बिजनेस लॉस को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ भी नहीं मिलेगा, यानी देरी सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य की टैक्स प्लानिंग पर भी असर डाल सकती है।

    टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि जल्दी ITR फाइल करने के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आपको टैक्स रिफंड मिलना है, तो वह जल्दी प्रोसेस हो जाएगा। इसके अलावा अगर रिटर्न में कोई गलती रह जाती है, तो उसे समय रहते सुधारा भी जा सकता है। आखिरी दिनों में पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट धीमी पड़ने या तकनीकी दिक्कतें आने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे फाइलिंग में परेशानी हो सकती है।

    ITR दाखिल करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। सबसे पहले फॉर्म 16, बैंक इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, कैपिटल गेन स्टेटमेंट, अन्य आय से जुड़े दस्तावेज और टैक्स कटौती की पूरी जानकारी एकत्र कर लें। इसके बाद फॉर्म 26AS, AIS और TIS में दर्ज जानकारी का मिलान करें ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके। साथ ही यह भी जांच लें कि इस बार आपके लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) बेहतर है या नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime)। सिर्फ पिछले साल चुने गए विकल्प के आधार पर निर्णय लेना सही नहीं होगा।

    इस बार ITR की अंतिम तारीख बढ़ने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। इसलिए आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करना ही समझदारी होगी। इससे न केवल जुर्माने और ब्याज से बचा जा सकेगा, बल्कि रिफंड भी जल्दी मिलेगा और किसी संभावित टैक्स नोटिस की आशंका भी कम हो जाएगी। अगर आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, तो 31 जुलाई से पहले यह काम पूरा करना आपके लिए सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।

  • जब मोहम्मद रफी की आवाज ने रचा इतिहास इस एक गीत ने दिलाया जिंदगी का पहला और आखिरी नेशनल अवॉर्ड

    जब मोहम्मद रफी की आवाज ने रचा इतिहास इस एक गीत ने दिलाया जिंदगी का पहला और आखिरी नेशनल अवॉर्ड


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की बात जब भी होती है तो मोहम्मद रफी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनकी आवाज में ऐसी मिठास ऐसी गहराई और ऐसा दर्द था जिसने करोड़ों लोगों के दिलों में हमेशा के लिए जगह बना ली। चार दशक से ज्यादा लंबे अपने शानदार करियर में उन्होंने हजारों गीत गाए और हर तरह की भावनाओं को अपनी गायकी से जीवंत कर दिया। रोमांस हो भक्ति हो देशभक्ति हो या फिर बिछड़ने का दर्द रफी साहब की आवाज हर एहसास को श्रोताओं तक पूरी सच्चाई के साथ पहुंचाती थी। यही वजह है कि आज भी उनके गीत उतने ही पसंद किए जाते हैं जितने अपने दौर में हुआ करते थे।

    मोहम्मद रफी को अपने करियर में कई सम्मान मिले लेकिन एक उपलब्धि ऐसी रही जिसने उनके नाम को भारतीय संगीत इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज कर दिया। यह उपलब्धि थी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार यानी नेशनल अवॉर्ड। खास बात यह रही कि उन्हें यह सम्मान अपने पूरे करियर में केवल एक बार मिला और वह भी एक ऐसे गीत के लिए जो आज भी लोगों की जुबान पर रहता है।

    साल 1977 में रिलीज हुई फिल्म हम किसी से कम नहीं उस दौर की सबसे चर्चित म्यूजिकल फिल्मों में शामिल थी। फिल्म में ऋषि कपूर और तारिक खान मुख्य भूमिका में नजर आए थे। आरडी बर्मन के संगीत से सजी इस फिल्म के लगभग सभी गीत सुपरहिट साबित हुए। बचना ऐ हसीनों चांद मेरा दिल है अगर दुश्मन जमाना और हमको तो यारा तेरी यारी जैसे गीतों ने फिल्म को जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई। लेकिन इन सभी गीतों के बीच एक ऐसा गाना था जिसने लोगों के दिलों को सबसे ज्यादा छुआ और वह था क्या हुआ तेरा वादा।

    यह गीत सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं बल्कि टूटे हुए प्यार के दर्द की ऐसी अभिव्यक्ति बन गया जिसे हर पीढ़ी ने अपनाया। पर्दे पर अभिनेता तारिक खान की भावनाओं को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज से ऐसा जीवन दिया कि हर श्रोता इस गीत से जुड़ गया। उनकी आवाज में दर्द की गहराई और भावनाओं की सच्चाई इतनी प्रभावशाली थी कि यह गीत सुनने वालों की आंखें नम कर देता था।

    इसी गीत के लिए मोहम्मद रफी को सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का नेशनल अवॉर्ड मिला। यही उनके जीवन का पहला और आखिरी राष्ट्रीय सम्मान साबित हुआ। इतना ही नहीं इसी गीत के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला जबकि गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी को सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किया गया। इस गीत ने उस दौर के कई दिग्गज गायकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई और संगीत प्रेमियों के दिलों में स्थायी स्थान हासिल किया।

    फिल्म हम किसी से कम नहीं उस वर्ष की सबसे सफल फिल्मों में शामिल रही। अमिताभ बच्चन की कई बड़ी फिल्मों के बीच भी इस फिल्म ने अपने संगीत के दम पर अलग पहचान बनाई। आरडी बर्मन की धुनें और मोहम्मद रफी की जादुई आवाज ने इसे हिंदी फिल्म संगीत की अमर धरोहर बना दिया। आज भी जब क्या हुआ तेरा वादा सुनाई देता है तो यह सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि मोहम्मद रफी की महान गायकी और भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत की याद ताजा कर देता है। यही कारण है कि यह गीत और उससे जुड़ा यह राष्ट्रीय सम्मान हमेशा संगीत प्रेमियों के लिए खास बना रहेगा।