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  • युद्ध की आहट से बाजार में भूचाल, एक दिन में अरबपतियों की दौलत से उड़े 35 अरब डॉलर

    युद्ध की आहट से बाजार में भूचाल, एक दिन में अरबपतियों की दौलत से उड़े 35 अरब डॉलर


    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran–United States–Israel के बीच टकराव की आशंका का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखा। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे दुनिया के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 35 अरब डॉलर की कमी आ गई।

    बाजार में गिरावट के चलते Dow Jones Industrial Average 739 अंक टूट गया। वहीं S&P 500 में 1.52% और Nasdaq Composite में 1.78% की गिरावट दर्ज की गई।

    इस गिरावट का सीधा असर अरबपतियों की दौलत पर पड़ा।

    एलन मस्क को सबसे बड़ा नुकसान

    दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Musk को सबसे बड़ा झटका लगा। उनकी संपत्ति में 9.20 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ घटकर करीब 660 अरब डॉलर रह गया।

    इसके बाद Larry Page की संपत्ति में 4.11 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ 261 अरब डॉलर रह गया। वहीं Sergey Brin की संपत्ति 3.80 अरब डॉलर घटकर करीब 243 अरब डॉलर रह गई।

    बेजोस और जुकरबर्ग को भी झटका

    Jeff Bezos को गुरुवार को 2.83 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे उनकी कुल संपत्ति 234 अरब डॉलर रह गई।
    वहीं Mark Zuckerberg की संपत्ति में 5.74 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और उनका नेटवर्थ करीब 226 अरब डॉलर रह गया।

    एलिसन और अर्नाल्ट की दौलत भी घटी

    Larry Ellison की संपत्ति में 4.58 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ करीब 210 अरब डॉलर रह गया।
    फ्रांस के उद्योगपति Bernard Arnault ने भी 2.39 अरब डॉलर गंवाए और उनकी संपत्ति घटकर लगभग 162 अरब डॉलर रह गई।

    जिम वॉल्टन को फायदा, बफेट पीछे

    Jensen Huang की संपत्ति में भी 2.30 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ 152 अरब डॉलर रह गया।

    हालांकि Jim Walton ऐसे इकलौते अरबपति रहे जिनकी संपत्ति में 1.58 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ बढ़कर 159 अरब डॉलर हो गया और उन्होंने Warren Buffett को पीछे छोड़ते हुए अमीरों की सूची में 9वां स्थान हासिल कर लिया।
    वहीं बफेट को भी 579 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और उनकी कुल संपत्ति करीब 147 अरब डॉलर रह गई।

    भारत के अरबपतियों को फायदा

    वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद भारत के दो बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में बढ़त दर्ज की गई। Mukesh Ambani को 64.5 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ और उनकी संपत्ति बढ़कर 92.4 अरब डॉलर हो गई। वे दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं।

    वहीं Gautam Adani की संपत्ति में 1.84 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और उनका नेटवर्थ 77.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि इस उछाल के बावजूद वे अभी टॉप-20 अरबपतियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में बाजार और अरबपतियों की संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • संभावना सेठ का दावा, सलमान ने स्टेज पर कहा- 100% काम दूंगा, बाद में बोला- मैं…

    संभावना सेठ का दावा, सलमान ने स्टेज पर कहा- 100% काम दूंगा, बाद में बोला- मैं…

    मुंबई। संभावना सेठ ने सलमान खान के साथ अपनी एक मुलाकात का किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि सलमान खान ने ‘बिग बॉस 4’ के स्टेज पर उनकी तारीफ की थी। इतना ही नहीं, सलमान ने ये भी कहा था कि वह उन्हें 100% काम देंगे। हालांकि, शो खत्म होने के बाद चीजें बदल गईं। वह सलमान खान से मिलने गईं और रोते हुए बाहर आईं। पढ़िए सलमान ने उन्हें क्या जवाब दिया था।
    संभावना सेठ ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘बिग बॉस सीजन 4 में सलमान खान की एंट्री हुई थी तो सारे सीजन (1,2 और 3) के पॉपुलर कंटेस्टेंट्स को परफॉर्म करने के लिए बुलाया गया था। मुझे याद है, मैं अपनी परफॉर्मेंस के बाद जाकर बैठ गई थी। सब एक-दूसरे की तारीफ कर रहे थे और मैं अकेले एक कोने में बैठी हुई थी। तभी अचानक सलमान जी ने कहा, इस लड़की ने कमाल कर दिया।’
    संभावना ने आगे कहा, ‘फिर मेरा दोस्त रवि किशन मुझे सलमान जी के पास लेकर गया। रवि किशन ने सलमान जी से कहा, ये संभावना हैं। ये भोजपुरी की आन बान शान हैं। बहुत अच्छा डांस करती हैं। सलमान जी ने कहा, हां! मैं अभी इनका डांस देखा। मैंने मौके का फायदा उठाया और सलमान जी से कहा, सर अगर आपको ठीक लगे तो मुझे फिल्म में…। सलमान जी ने कहा, हां! हां! 100%। उनका 100% मेरे लिए सपने जैसा था। मुझे लगा कि अब तो मैं फाड़ दूंगी। उन्होंने मुझे अपना पर्सनल नंबर भी दिया।’
    संभावना बोलीं, ‘इसके बाद मुझे दोबारा स्टेज पर बुलाया गया। मेकर्स ने कहा कि हमें बिग बॉस वाली संभावना चाहिए। आपको सलमान के सामने वैसे ही जवाब देना है जैसे आप बिग बॉस में देती थीं। मैंने मेकर्स के हिसाब से चीजें कीं, लेकिन शायद सलमान जी को वो बात पसंद नहीं आई। मुझे लगता है कि सलमान जी को वैसे लड़कियां पसंद नहीं हैं जो थोड़ा उठकर ज्यादा बात करें। ऐसा मेरा सोचना है।’
    संभावना ने आगे बताया, ‘फिर मैं शो के खत्म होने के बाद सलमान जी से मिलने गई। मुझे सलमान जी बहुत इरिटेटेड लग रहे थे। उन्होंने मुझसे बहुत अच्छे से बात की, लेकिन वो मुझे बिल्कुल अलग लग रहे थे। वैसे नहीं लग रहे थे जैसे स्टेज पर थे। अब वो मुझसे चिढ़े हुए थे या थक गए थे, मुझे नहीं पता। तो मैंने पूछा कि आपने कहा कि आप फिल्म में मुझे…। सलमान जी बोले, संभावना तुम्हें थोड़ा वजन कम करना पड़ेगा और मैं लोगों को प्रमोट नहीं करता हूं।’
    संभावना बोलीं, ‘मेरा तो दिल टूट गया। मैं रोते-रोते घर गई हूं। मैं सलमान खान की आज भी बहुत बड़ी फैन हूं, लेकिन मैं टूट गई थी। मेरे पापा-मम्मी जिंदा थे तब। मैं बहुत कोशिश कर रही थी कि कुछ बड़ा मिल जाए तो मैं पापा-मम्मी को सरप्राइज दूं।’ यह कहते-कहते संभावना भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
    बता दें, संभावना सेठ ‘बिग बॉस सीजन 2’ का हिस्सा थीं। इस सीजन को शिल्पा शेट्टी ने होस्ट किया था और आशुतोष कौशिक इस सीजन के विनर बने थे।
  • ट्रंप के बयान पर भड़की Iran national football team, FIFA World Cup में भागीदारी को लेकर दिया पलटवार

    ट्रंप के बयान पर भड़की Iran national football team, FIFA World Cup में भागीदारी को लेकर दिया पलटवार


    नई दिल्ली। ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुरक्षा कारणों से ईरान को फीफा विश्व कप में हिस्सा नहीं लेना चाहिए। ईरान की टीम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि कोई भी देश उन्हें FIFA World Cup से बाहर नहीं कर सकता, क्योंकि यह टूर्नामेंट किसी एक देश का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्था FIFA द्वारा आयोजित किया जाता है।

    टीम ने सुरक्षा की जिम्मेदारी मेजबान पर डाली
    ईरान की टीम ने कहा कि यदि मेजबान देश सभी टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो इसके लिए उसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। टीम के बयान में कहा गया कि विश्व कप एक ऐतिहासिक और वैश्विक खेल आयोजन है, जिसमें भाग लेने का अधिकार उन टीमों को होता है जिन्होंने क्वालिफिकेशन हासिल किया है।

    लगातार चौथे विश्व कप के लिए क्वालिफाई
    ईरान की टीम ने पिछले साल एशियाई क्वालिफायर के तीसरे दौर में ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर लगातार चौथी बार विश्व कप के लिए जगह बनाई है।

    2026 FIFA World Cup का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक United States, Mexico और Canada में होना है, जहां ईरान को अपने मैच अमेरिका में खेलने हैं।

    फीफा अध्यक्ष का बयान
    फीफा अध्यक्ष Gianni Infantino ने भी कहा कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से हुई थी और अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें भरोसा दिलाया कि विश्व कप में ईरान की टीम का स्वागत किया जाएगा।

    ईरान के खेल मंत्री ने जताई चिंता
    हालांकि ईरान के खेल मंत्री Ahmad Donyamali ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के एयरस्ट्राइक के बाद देश में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान के लिए विश्व कप में हिस्सा लेना मुश्किल हो सकता है। उनके अनुसार हाल के महीनों में हुए संघर्षों में हजारों लोगों की मौत हुई है, जिससे देश में असुरक्षा का माहौल बन गया है।

  • मिडिल ईस्ट में बढ़ा राजनीतिक टकराव, Benjamin Netanyahu ने Mojtaba Khamenei को आईआरजीसी की कठपुतली बताया

    मिडिल ईस्ट में बढ़ा राजनीतिक टकराव, Benjamin Netanyahu ने Mojtaba Khamenei को आईआरजीसी की कठपुतली बताया


    नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने ईरान की मौजूदा स्थिति और संभावित राजनीतिक बदलाव पर बयान दिया। नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें यह निश्चित नहीं था कि हमलों के बाद ईरान की जनता इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ खड़ी हो जाएगी या नहीं।

    मोजतबा खामेनेई पर आरोप
    नेतन्याहू ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजी) की कठपुतली बताई। उनका कहना था कि खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते और असल ताकत आईआरजी के पास है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई जनता रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे उनके बारे में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    ईरान में सत्ता परिवर्तन पर बयान
    इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि बाहरी ताकतें बना सकती हैं, लेकिन किसी देश में सत्ता परिवर्तन अंततः उसी देश के लोगों द्वारा ही संभव होता है। उन्होंने कहा, “आप किसी को पानी तक ले जा सकते हैं, लेकिन उसे पीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। नेतन्याहू के अनुसार इजरायल के हवाई हमले और सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे हालात बनाना है, जिससे ईरान की जनता को विरोध के लिए जगह मिल सके।

    आईआर जेब और बासिज पर हमले का दावा
    नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की सेना ईरान की सैन्य ताकतों को घुमा रही है, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और उनके सहयोगी मिलिशिया बासिज शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इन संगठनों के ठिकानों और चेकपॉइंट्स पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।

    परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता
    नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। उनके अनुसार ईरान ने हाल के महीनों में अपने परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को फिर से तेज किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को घुमाया है और एक महत्वपूर्ण परमाणु वैज्ञानिक को भी मार गिराया है।

    मोजतबा पर हमले के सवाल पर प्रतिक्रिया
    जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या इजरायली मोजतबा खामेनेई को भी घुमाया जा सकता है, तो नेतन्याहू ने कहा कि वह “किसी भी आतंकवादी संगठन के नेता के लिए जीवन बीमा नीतियां नहीं लेंगे।

  • पीएम मोदी की नेतृत्व शैली की तारीफ, Tony Abbott बोले- उन्होंने सत्ता का घमंड खुद से दूर रखा

    पीएम मोदी की नेतृत्व शैली की तारीफ, Tony Abbott बोले- उन्होंने सत्ता का घमंड खुद से दूर रखा


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि दस साल से ज़्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने खुद को “सत्ता के अहंकार” से दूर रखा है। एबॉट ने यह टिप्पणी भारत में आयोजित मनमोहन सिंह सम्मेलन रायसीना डायलॉग के 11वें संस्करण के संदर्भ में की। उन्होंने कहा कि यह मंच आज वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण संवाद का केंद्र बन चुका है।

    रायसीना डायलॉग की बढ़ती वैश्विक अहमियत
    टोनी एबॉट ने कहा कि 2016 से हर साल मार्च में नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग आयोजित किया जाता है। यह विचार भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से बताया गया, जो लंबे समय तक भारत के विदेश मंत्री रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस राजनीतिक नेताओं, सैन्य अधिकारियों, उद्योगपतियों, पत्रकारों और थिंक टैंक के कार्यकर्ताओं को वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करता है। एबॉट के अनुसार इस कॉन्फ्रेंस में कई वजहों से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना मीटिंग से भी अलग है, क्योंकि यह केवल होस्ट सरकार की तारीफ तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खुली चर्चा को बढ़ावा देता है।

    मोदी के नेतृत्व की शैली की तारीफ
    एबॉट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं, लेकिन इसके बावजूद वे दूसरों की बात सुनने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने बताया कि रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अक्सर मुख्य अतिथि को सुनते हैं और खुद भाषण देने से भी परहेज करते हैं। यह नेतृत्व की विनम्र शैली का उदाहरण है।

    लोकतंत्र को लेकर आलोचनाओं को गलत बताया
    टोनी एबॉट ने उन अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं को भी खारिज किया जिनमें कहा जाता है कि भारत में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र मीडिया और मजबूत न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का खतरा नहीं हो सकता। एबॉट ने यह भी कहा कि रायसीना डायलॉग जैसे मंच इस बात का प्रमाण हैं कि भारत में खुली बहस और विचारों का हेरफेर-तत्व संभव है।

  • रील नहीं रियल कॉलेज कैंपस: देहरादून के जंगलों से लेकर मुंबई के सेंट जेवियर्स तक, जब फिल्मी सितारों ने यहाँ ली क्लासेज

    रील नहीं रियल कॉलेज कैंपस: देहरादून के जंगलों से लेकर मुंबई के सेंट जेवियर्स तक, जब फिल्मी सितारों ने यहाँ ली क्लासेज

    नई दिल्ली।  बॉलीवुड फिल्मों में कॉलेज लाइफ की अपनी एक अलग ही चमक होती है। दोस्ती, मस्ती और पहली बार प्यार का अहसास-ये सभी भावनाएं तब और भी जीवंत हो जाती हैं जब उन्हें किसी खूबसूरत कॉलेज कैंपस में फिल्माया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि कई बड़े बजट की फिल्मों ने इसके लिए कृत्रिम सेट बनाने के बजाय भारत के असली और गौरवशाली कॉलेजों को चुना है।

    इस फेहरिस्त में सबसे पहला नाम आता है आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा की डेब्यू फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ का। फिल्म में जिस ‘सेंट टेरेसा’ कॉलेज को दिखाया गया है, वह असल में देहरादून का ऐतिहासिक फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट FRI है। इसकी वास्तुकला इतनी भव्य है कि यह पहली नजर में किसी विदेशी कॉलेज जैसा आभास देती है। वहीं, सुशांत सिंह राजपूत और श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘छिछोरे’ ने दर्शकों की यादें ताजा कर दीं। इस फिल्म की शूटिंग असल में IIT बॉम्बे के हॉस्टल्स और कैंपस में की गई थी, जिससे फिल्म की कहानी को और भी प्रामाणिकता मिली।

    इम्तियाज अली की मास्टरपीस फिल्म ‘रॉकस्टार’ में रणबीर कपूर का जो कॉलेज दिखाया गया है, वह दिल्ली का मशहूर सेंट स्टीफन कॉलेज है। रणबीर के ‘जनार्दन जाखड़’ बनने का सफर इसी कैंपस की गलियों से शुरू हुआ था। दूसरी तरफ, ‘3 इडियट्स’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म, जिसने भारतीय शिक्षा प्रणाली पर गहरी चोट की, उसकी शूटिंग बेंगलुरु के इम्पीरियल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग IIM-B में हुई थी। फिल्म की अधिकांश शूटिंग इसी कैंपस में की गई, जिसने कहानी के हर मोड़ को यादगार बना दिया।

    युवा पीढ़ी के उभरते सितारे खुशी कपूर और इब्राहिम अली खान की फिल्म ‘नादानियां’ के लिए भी पुणे की मशहूर फ्लेम यूनिवर्सिटी को चुना गया। वहीं, साल 2008 की रोमांटिक हिट ‘जाने तू या जाने ना’ में जय और अदिति के कॉलेज की यादें आज भी प्रशंसकों के जेहन में ताजा हैं, जिसकी शूटिंग मुंबई के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई थी। इसी कड़ी में चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित फिल्म ‘2 स्टेट्स’ का जिक्र भी जरूरी है। आलिया भट्ट और अर्जुन कपूर की इस प्रेम कहानी को IIM अहमदाबाद के कैंपस में फिल्माया गया, जो फिल्म की संस्कृति और माहौल को पूरी तरह से मेल खाता था। इन असली कॉलेजों की वजह से ही ये फिल्में दर्शकों को खुद से जुड़ी हुई महसूस हुईं।

  • अमेरिका-इजरायल हमले को लेकर नया दावा, Donald Trump बोले- Mojtaba Khamenei घायल हो सकते हैं

    अमेरिका-इजरायल हमले को लेकर नया दावा, Donald Trump बोले- Mojtaba Khamenei घायल हो सकते हैं


    नई दिल्ली। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में वे घायल हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि मोजतबा खामेनेई ज़िंदा हैं, लेकिन उन्हें चोटें आई हैं। हालांकि उनकी स्थिति को लेकर अभी भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    हमले में अली खामेनेई की मौत का दावा
    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमले के पहले ही दिन ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। सुप्रीम लीडर बनने के बाद से मोजतबा पब्लिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

    झिग ने क्या कहा
    डोनाल्ड झिग ने कहा कि उन्हें लगता है कि मोजतबा खामेनेई जीवित हैं, लेकिन वे घायल हो सकते हैं। इससे पहले ईरान के सरकारी मीडिया में भी यह बताया गया था कि उन्हें हल्की चोटें आई हैं।

    चोटों को लेकर क्या सामने आया
    साइप्रस में ईरान के राजदूत अलीरेजा सलारियन ने बताया कि मोजतबा खामेनेई के पैरों और हाथों में चोट लगने की जानकारी मिली है। उनके अनुसार संभव है कि उनका इलाज अस्पताल में चल रहा हो। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है और चेहरे पर भी चोट के निशान हैं, खासकर बाईं आंख के आसपास।

    परिवार को भी भारी नुकसान
    रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में अली खामेनेई के परिवार को भी बड़ा नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि मोजतबा की पत्नी, उनकी मां और परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी हमले में मारे गए। हालांकि इन आंदोलनों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    जनता रूप से नहीं आए नजर
    मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद से अब तक जनता रूप से नहीं देखा गया है। उनकी ओर से जारी पहला संदेश भी ईरानी टीवी एंकर द्वारा दायर किया गया था।

  • भारत-चिली संबंधों पर जोर, Narendra Modi ने José Antonio Kast को दी शुभकामनाएं

    भारत-चिली संबंधों पर जोर, Narendra Modi ने José Antonio Kast को दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिली के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जोस एंटोनियो कास्ट को पदभार संभालने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की और भारत तथा चिली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि चिली के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर जोस एंटोनियो कास्ट को हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि वह भारत और चिली के बीच मित्रतापूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने तथा व्यापार, तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहराई करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।

    वालपराइसो में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
    जोस एंटोनियो कास्ट ने बुधवार को चिली के तटीय शहर वालपराइसो में स्थित नेशनल कांग्रेस बिल्डिंग में एक औपचारिक समारोह में राष्ट्रपति पद की शपथ ली। 60 वर्षीय नेता ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हॉल ऑफ ऑनर में पदभार ग्रहण किया।

    समारोह में पूर्व राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने उत्तराधिकारी को ‘पियोचा डी ओ’हिगिंस’ के बाद, जो चिली के राष्ट्रपति पद के अधिकार और सत्ता का पारंपरिक प्रतीक माना जाता है।

    विदेशी प्रतिनिधियों के लिए आयोजित हुआ विशेष भोज
    शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति कलाकारों ने पास के शहर विना डेल मार में स्थित सेरो कैस्टिलो प्रेसिडेंशियल पैलेस में विदेशी प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष भोज का आयोजन किया। यह कार्यक्रम चिली में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह की पारंपरिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। इस समारोह में कई देशों के प्रमुख नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें फेलिप VI, जेवियर मिली, जोस राउल मुलिनो, रोड्रिगो चावेस और सैंटियागो पेना सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और राजनयिक मौजूद थे।

    जर्मन मूल के परिवार से आते हैं कलाकार
    जोस एंटोनियो कलाकार सीनेटर से वकील हैं और जर्मन मूल के परिवार से आते हैं। उन्होंने चिली की प्रतिष्ठित पोंटिफिकल कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ चिली से कानून की पढ़ाई की। छात्र जीवन के दौरान ही उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी और वे जयमे गुजमान द्वारा शुरू किए गए ग्रेमियल आंदोलन से जुड़े।

    बाद में उन्होंने दक्षिणपंथी राजनीतिक दल इंडिपेंडेंट डेमोक्रेटिक यूनियन (यूपीएम) के साथ लगभग दो दशक तक काम किया। इस दौरान वे पहले नगरपालिका परिषद के सदस्य रहे और बाद में 2002 से 2018 तक चिली की संसद में सांसद के रूप में कार्य किया।

    रिपब्लिकन पार्टी बनाकर अलग पहचान बनाई
    2019 में जाति ने रिपब्लिकन पार्टी की स्थापना की और एक मजबूत कंजर्वेटिव राजनीतिक मंच की वकालत की। वे सुरक्षा, कार्मिक इमिग्रेशन नियमों और पारंपरिक सामाजिक मूल्यों को लेकर अपने सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं।

    राष्ट्रपति बनने से पहले जाति ने 2017 और 2021 के चुनावों में भी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि तीसरे प्रयास में उन्होंने जीत हासिल की। पिछले साल दिसंबर में हुए रनऑफ चुनाव में उन्होंने वामपंथी उम्मीदवार जीननेट जारा को हराकर राष्ट्रपति पद पर कब्जा किया और अब चिली के नए राष्ट्रपति के रूप में देश की कमान संभाल ली है।

  • लोकमत अवार्ड्स में छाया आमिर-गौरी का एलिगेंट लुक: कैमरों को भूल पार्टनर की बातों में खोए दिखे सुपरस्टार, देखें वायरल मोमेंट

    लोकमत अवार्ड्स में छाया आमिर-गौरी का एलिगेंट लुक: कैमरों को भूल पार्टनर की बातों में खोए दिखे सुपरस्टार, देखें वायरल मोमेंट


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी निजी जिंदगी और नए रिश्ते को लेकर चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं। हाल ही में मुंबई में आयोजित ‘लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर अवार्ड्स’ की शाम उस वक्त और भी हसीन हो गई, जब आमिर खान अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ रेड कार्पेट पर उतरे। अपने रिश्ते को जगजाहिर करने के बाद से ही यह कपल अक्सर साथ देखा जाता है, लेकिन इस अवार्ड्स नाइट में उनकी केमिस्ट्री ने न केवल पैपराजी का ध्यान खींचा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी फैंस को दीवाना बना दिया है।

    इस इवेंट का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आमिर और गौरी एक-दूसरे का हाथ थामे वेन्यू के अंदर प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। रेड कार्पेट पर चलते हुए दोनों बेहद शालीन और एलिगेंट लग रहे थे। हालांकि, जिस बात ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था आमिर खान का अपनी लेडी लव के प्रति समर्पण। कार्यक्रम के दौरान जब फोटोग्राफर्स ने बार-बार आमिर से कैमरे की ओर देखकर पोज देने की गुजारिश की, तब भी आमिर का ध्यान पूरी तरह से गौरी पर ही केंद्रित था। वे अपनी पार्टनर के साथ बातचीत में इतने मशरूफ थे कि उन्होंने कैमरों की चमक को भी नजरअंदाज कर दिया। कुछ पल के लिए उन्होंने लेंस की ओर देखा जरूर, लेकिन तुरंत ही अपनी नजरें वापस गौरी की ओर मोड़ लीं।

    लुक की बात करें तो आमिर खान ने हमेशा की तरह सादगी को तरजीह दी। उन्होंने क्लासिक ब्लैक टी-शर्ट के साथ डार्क ब्लू डेनिम जींस पहनी थी और ब्लैक चश्मे के साथ अपने लुक को कूल और स्टाइलिश बनाया था। वहीं, गौरी स्प्रैट आइवरी रंग के बेहद खूबसूरत कुर्ता सेट में नजर आईं, जिसके बॉर्डर पर फ्लोरल डिटेलिंग थी। मिनिमल एक्सेसरीज और सॉफ्ट वेवी बालों के साथ गौरी का लुक आमिर के सादे अंदाज को बखूबी पूरक बना रहा था। दोनों की यह सादगी और एक-दूसरे के प्रति जुड़ाव लोगों को काफी पसंद आ रहा है।

    आपको बता दें कि आमिर खान ने पिछले साल अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर गौरी स्प्रैट को दुनिया से मिलवाकर सबको चौंका दिया था। मुंबई में मीडिया के साथ एक निजी बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया था कि वे गौरी को पिछले 25 सालों से जानते हैं, लेकिन डेढ़ साल पहले दोबारा मिलने के बाद उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। आमिर ने बताया था कि यह सब बहुत अचानक और स्वाभाविक तरीके से हुआ। अब अवार्ड्स शो में उनकी यह बॉन्डिंग साफ बयां कर रही है कि आमिर अपनी जिंदगी के इस नए अध्याय में बेहद खुश और सुकून में हैं।

  • Vata Dosha वालों के लिए औषधि समान है यह आहार, दूर होगा सूखापन और कमजोरी

    Vata Dosha वालों के लिए औषधि समान है यह आहार, दूर होगा सूखापन और कमजोरी


    नई दिल्ली। आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर तीन मुख्य दोषों से मिलकर बना होता है-Vata Dosha, Pitta Dosha और Kapha Dosha। इन तीनों दोषों का संतुलन ही स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन का आधार माना जाता है। यदि इनमें से किसी एक दोष का असंतुलन हो जाए तो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।
    आयुर्वेद के अनुसार वात दोष मुख्य रूप से वायु और आकाश तत्वों से मिलकर बना होता है। जिन लोगों में यह प्रवृत्ति अधिक होती है, वे अक्सर दुबले-पतले, कमजोर और त्वचा में रूखेपन की समस्या से ग्रस्त दिखाई देते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर थकान, सूखापन और ऊर्जा की कमी महसूस होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण गलत खान-पान और शरीर की प्रकृति के अनुसार आहार न लेना होता है।

    साबुत अनाज से मिलती है ताकत और संतुलन
    वात दोष वाले लोगों को अपने भोजन में साबुत अनाज को विशेष रूप से शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने के साथ-साथ उसमें चिकनाई भी प्रदान करते हैं, जिससे शरीर का सूखापन कम होता है। आयुर्वेद के अनुसार ऐसे लोगों को भारी और पोषण देने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में ताकत बनी रहे और वात दोष संतुलित रहे। नियमित रूप से साबुत अनाज का सेवन करने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और कमजोरी दूर होती है।

    घी और दूध से मिलता है गहरा पोषण
    वात प्रवृत्ति वाले लोगों के लिए Ghee और Milk बेहद लाभकारी माने जाते हैं। ये दोनों खाद्य पदार्थ शरीर को पोषण देने के साथ-साथ आवश्यक चिकनाई भी प्रदान करते हैं।
    घी त्वचा और शरीर के ऊतकों को गहराई से पोषण देता है और सूखेपन को कम करने में मदद करता है। वहीं दूध शरीर को ताकत देने के साथ-साथ वात और पित्त दोष को नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है।

    सूखे मेवे और बीज से मिलती है ऊर्जा
    वात दोष वाले लोगों को अपने आहार में सूखे मेवे और मगज के बीज भी शामिल करने चाहिए। इनमें प्राकृतिक तेल, गर्माहट और भरपूर पोषण मौजूद होता है।
    बादाम, काजू, अखरोट जैसे सूखे मेवे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और ओज यानी शरीर की प्राकृतिक शक्ति को बढ़ाते हैं। इनका नियमित सेवन शरीर की कमजोरी को दूर करने और वात संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है।

    बासी भोजन से करें परहेज
    आयुर्वेद के अनुसार वात प्रवृत्ति वाले लोगों को बासी भोजन से बचना चाहिए। लंबे समय तक रखा हुआ भोजन शरीर में वात और कफ दोष को असंतुलित कर सकता है।
    इसलिए हमेशा ताजा और गर्म भोजन का सेवन करना बेहतर माना जाता है। ताजा भोजन शरीर को अधिक पोषण देता है और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखता है।

    मीठे और रसीले फलों का सेवन है फायदेमंद
    वात दोष को संतुलित रखने के लिए मीठे और रसीले फलों का सेवन भी बेहद लाभकारी माना जाता है। आहार में Mango, Banana, Papaya, Grapes और Apple जैसे फलों को शामिल किया जा सकता है। ये फल शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज प्रदान करते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और सूखेपन की समस्या भी कम होती है।

    आयुर्वेद के अनुसार यदि व्यक्ति अपनी शरीर प्रकृति को समझकर भोजन का चयन करता है, तो वह कई बीमारियों से बच सकता है और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकता है। सही आहार और संतुलित जीवनशैली ही वात दोष को नियंत्रित रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।