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  • अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी: उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में लिखित-फिजिकल परीक्षा से मिल सकती है छूट

    अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी: उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में लिखित-फिजिकल परीक्षा से मिल सकती है छूट


    देहरादून। उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान हो सकता है। आने वाले समय में उन्हें राज्य की कुछ नौकरियों में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा से छूट देने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन को पत्र भेजकर पूर्व-अग्निवीरों को विशेष छूट देने के लिए आवश्यक नियमों में बदलाव की सिफारिश की है।

    गृह मंत्रालय ने नियमों में बदलाव का दिया सुझाव

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती के लिए मौजूदा नियमों में जरूरी संशोधन करने को कहा है। इसके तहत उन्हें लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता और शारीरिक मानक परीक्षा से भी छूट देने की सिफारिश की गई है।

    केंद्र का तर्क है कि अग्निवीर सेना में भर्ती से पहले ही कठोर चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण से गुजरते हैं। ऐसे युवाओं के पास अनुशासन, शारीरिक दक्षता और आवश्यक कौशल पहले से मौजूद होता है। इसलिए सरकारी सेवाओं में उनकी भर्ती के दौरान दोबारा इसी तरह की परीक्षाएं लेने की आवश्यकता कम हो सकती है।

    नागरिक सेवाओं और सुरक्षा बलों में तेजी से हो सकेगा समायोजन

    गृह मंत्रालय के मुताबिक, सेना से बाहर आने के बाद पूर्व-अग्निवीरों के पास अनुशासन और सुरक्षा क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव होता है। यदि राज्य भर्ती नियमों में आवश्यक छूट देते हैं, तो इन युवाओं को नागरिक सेवाओं और सुरक्षा बलों में तेजी से समायोजित किया जा सकता है।

    सूत्रों के अनुसार केंद्र के निर्देश के बाद उत्तराखंड में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्मिक विभाग दूसरे विभागों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। इसके लिए अग्निवीरों से संबंधित मौजूदा नियमावली में बदलाव किया जाएगा और इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।

    सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने बताया कि केंद्र की ओर से किए गए अनुरोध के बाद शासन स्तर पर नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    इन ग्रुप-C पदों पर पहले से मिल रहा आरक्षण

    उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों को कई ग्रुप-C पदों पर आरक्षण का लाभ मिल रहा है। इनमें पुलिस आरक्षी, उपनिरीक्षक, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, आबकारी सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे पद शामिल हैं।

    इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बटालियन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), वन्यजीव रक्षक और खनन रक्षक के पदों पर भी 20% आरक्षण का लाभ देने की व्यवस्था जल्द लागू करने पर जोर दिया है।

    केंद्र ने मांगा रिक्त पदों का पूरा ब्योरा

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती के लिए प्रस्तावित पदों की रिक्तियों का पूरा ब्योरा भी मांगा है। इसके लिए राज्य सरकार को एक तय प्रारूप दिया गया है।

    इसमें महीनेवार, पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों की जानकारी देनी होगी। नियमों में बदलाव और नई व्यवस्था लागू होने के बाद सेना से जल्द बाहर आने वाले अग्निवीरों के बैच को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • इंदौर में H1N1 से महिला की मौत, भोपाल में 6 केस के बावजूद जांच शुरू नहीं: अस्पतालों में बढ़े खांसी-बुखार के मरीज

    इंदौर में H1N1 से महिला की मौत, भोपाल में 6 केस के बावजूद जांच शुरू नहीं: अस्पतालों में बढ़े खांसी-बुखार के मरीज


    इंदौर । इंदौर में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण से उज्जैन की 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद मध्य प्रदेश में मौसमी वायरल संक्रमण और फ्लू को लेकर चिंता बढ़ गई है। राजधानी भोपाल में भी अब तक छह मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद यहां सरकारी स्तर पर एच1एन1 की नियमित जांच शुरू नहीं हो सकी है। गांधी मेडिकल कॉलेज में जांच किट उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों के सैंपल की जांच की व्यवस्था शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे समय में जब मौसम में बदलाव के साथ खांसी, बुखार, गले में खराश और सांस संबंधी परेशानियों वाले मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जांच व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

    भोपाल के बड़े अस्पतालों की ओपीडी में रोज करीब 10 हजार मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें गले में खराश, खांसी, बुखार, नाक बहने और कमजोरी जैसी शिकायतें हैं। डॉक्टरों के अनुसार इन लक्षणों के पीछे सामान्य वायरल संक्रमण के अलावा इंफ्लूएंजा ए, एच1एन1, इंफ्लूएंजा बी, एडिनोवायरस और अन्य रेस्पिरेटरी वायरस भी कारण हो सकते हैं। शुरुआती लक्षण काफी हद तक एक जैसे होने के कारण केवल सामान्य लक्षणों को देखकर संक्रमण की सही पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

    इंदौर में इलाज के दौरान एक महिला की मौत और भोपाल में पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद भी जांच किट का उपलब्ध नहीं होना चिंता का विषय है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति की एच1एन1 जांच कराना जरूरी नहीं होता। मरीज की स्थिति, लक्षणों की गंभीरता और संक्रमण के जोखिम को देखते हुए डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं। एम्स भोपाल में भी सामान्य तौर पर हर मरीज का टेस्ट नहीं किया जा रहा है, बल्कि संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल उनकी स्थिति के आधार पर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

    पल्मोनोलॉजिस्ट के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव, नमी और तापमान में उतार चढ़ाव के कारण वायरल और सांस से जुड़ी बीमारियां बढ़ सकती हैं। राहत की बात यह है कि इंफ्लूएंजा के अधिकांश मरीज सामान्य इलाज, आराम और डॉक्टर की सलाह से ठीक हो सकते हैं। लेकिन कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और फेफड़ों तक पहुंचने पर निमोनिया जैसी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। सांस लेने में परेशानी, शरीर में ऑक्सीजन की कमी, लगातार तेज बुखार या स्थिति तेजी से बिगड़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में अस्पताल में भर्ती करने और जरूरत पड़ने पर आईसीयू सपोर्ट की आवश्यकता हो सकती है।

    डॉक्टरों ने यह भी बताया है कि कई परिवारों में एक सदस्य के बीमार होने के दो या तीन दिन बाद दूसरे सदस्यों में भी खांसी, बुखार और गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसलिए संक्रमण के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। बीमार व्यक्ति को संभव हो तो घर पर आराम करना चाहिए, दूसरों के संपर्क में कम आना चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए। हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोना तथा आंख, नाक और मुंह को बार बार छूने से बचना भी संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है।

    विशेषज्ञों ने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीवायरल दवा लेने से भी सावधान किया है। हर मरीज की स्थिति अलग होती है और गलत दवा या अधूरा इलाज नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर यदि एंटीवायरल दवा लिखते हैं तो उसका पूरा कोर्स करना जरूरी है। पर्याप्त आराम, गुनगुना पानी और तरल पदार्थों का सेवन भी मददगार हो सकता है।

    एच1एन1 से बचाव के लिए इंफ्लूएंजा वैक्सीन भी उपलब्ध है। खासतौर पर उन लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद टीकाकरण पर विचार करना चाहिए जिनमें संक्रमण के गंभीर होने का खतरा अधिक है। फिलहाल सबसे जरूरी है कि खांसी, बुखार और सांस संबंधी लक्षणों को हल्के में न लिया जाए और हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह ली जाए।

  • सीलिंग कार्रवाई से भड़के भोपाल के व्यापारी, 170 प्रतिष्ठानों पर एक्शन के बाद कोलार रोड पर आंदोलन की तैयारी

    सीलिंग कार्रवाई से भड़के भोपाल के व्यापारी, 170 प्रतिष्ठानों पर एक्शन के बाद कोलार रोड पर आंदोलन की तैयारी


    भोपाल । भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण को लेकर चल रही सीलिंग कार्रवाई अब बड़ा विवाद बनती जा रही है। नगर निगम की लगातार कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने विरोध तेज कर दिया है। इसी क्रम में कोलार व्यापारी महासंघ ने बुधवार को कोलार रोड बंद रखने का आह्वान किया है। व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखकर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई का विरोध करेंगे और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी करेंगे। महासंघ की ओर से कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई है। हालांकि मेडिकल और पेट्रोल पंप जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया है।

    व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह से नगर निगम प्रतिष्ठानों को बंद करने की कार्रवाई कर रहा है उससे छोटे कारोबारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। कोलार व्यापारी महासंघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में व्यापारी परेशान हैं और अब उनके सामने विरोध प्रदर्शन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। मंगलवार को भी सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने अलग तरीके से प्रदर्शन किया था। कई व्यापारियों ने थाली और मंजीरा बजाकर अपनी नाराजगी जताई और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।

    दूसरी ओर नगर निगम ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। निगम लगातार तीसरे दिन भी प्रतिष्ठानों को बंद कराने की कार्रवाई करने की तैयारी में है। अब तक करीब 170 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। नगर निगम की कार्रवाई के साथ ही व्यापारी संगठनों का विरोध भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया और सीलिंग की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

    मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई सभी पर समान रूप से नहीं हो रही है और छोटे कारोबारियों को अधिक परेशान किया जा रहा है जबकि प्रभावशाली और बड़े लोगों के प्रतिष्ठानों को लेकर भी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इस संबंध में पूरी स्थिति की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाने की बात कही गई है।

    भोपाल में यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से भी जुड़ी हुई है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से गठित जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई गई और मामले में पहले दिए गए राहत आदेशों को भी लेकर स्थिति बदली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है और इससे पहले नगर निगम को कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट पेश करनी है।

    इसी कारण शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई को तेज किया गया है। नगर निगम मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे कर रहा है। नदी और तालाब किनारे बने भवन ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट क्षेत्र में स्थित निर्माण प्राथमिक जांच के दायरे में रखे गए हैं। अवैध मैरिज गार्डन और नियमों के विरुद्ध संचालित अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल में सीलिंग कार्रवाई और व्यापारियों के विरोध के बीच टकराव और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

  • 4 साल से नहीं कटवाए बाल-दाढ़ी, अब संकल्प तोड़ेंगे आगरा के उदय सिंह, जानिए क्‍या है वजह?

    4 साल से नहीं कटवाए बाल-दाढ़ी, अब संकल्प तोड़ेंगे आगरा के उदय सिंह, जानिए क्‍या है वजह?


    आगरा। चार साल पहले घर से चोरी हुई लाइसेंसी राइफल वापस मिलने का इंतजार कर रहे आगरा के उदय सिंह पिप्पल का अनोखा संकल्प आखिरकार पूरा हो गया। उन्होंने राइफल बरामद होने तक न बाल कटवाने और न दाढ़ी बनाने की ठान ली थी। चार साल तक उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला। अब पुलिस ने वही राइफल बरामद कर ली है, जिसके बाद उदय सिंह भी चार साल बाद अपना पुराना लुक अपनाने की तैयारी में हैं।

    राइफल के साथ सोना-चांदी और नकदी भी ले गए थे चोर
    दरअसल, 6 जून 2022 की रात बदमाश उदय सिंह पिप्पल के घर में घुसे थे। चोर उनकी लाइसेंसी राइफल और 20 कारतूस, करीब ढाई किलो चांदी, 22 तोला सोना और 4 लाख रुपए नकद चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर लिया था, लेकिन लाइसेंसी राइफल का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

    राइफल मिली तो बाल-दाढ़ी कटवाने का लिया था संकल्प
    राइफल चोरी होने के बाद उदय सिंह ने उसी दिन संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, वह न बाल कटवाएंगे और न दाढ़ी बनाएंगे। देखते ही देखते महीने बीतते गए और यह इंतजार चार साल लंबा हो गया। इस दौरान उदय सिंह अपने संकल्प पर कायम रहे। अब राइफल की बरामदगी के साथ उनका चार साल पुराना इंतजार भी खत्म हो गया है।

    25 हजार का इनामी बदमाश धौलपुर से गिरफ्तार
    थाना खैरागढ़ पुलिस, वेस्ट जोन एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश ध्रुव को धौलपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ध्रुव के खिलाफ अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। उसके कब्जे से लाइसेंसी राइफल, 315 बोर के दो जिंदा कारतूस, चोरी के 50 हजार रुपए और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

    चार साल पहले सैंया थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी यही राइफल
    पुलिस की जांच में सामने आया कि बरामद लाइसेंसी राइफल वही है, जो वर्ष 2022 में सैंया थाना क्षेत्र में पूर्व प्रधान के घर से चोरी हुई थी। यानी जिस राइफल के वापस आने का उदय सिंह चार साल से इंतजार कर रहे थे, आखिरकार वह पुलिस के हाथ लग गई। राइफल बरामद होने की खबर मिलते ही उदय सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने पुलिस, एसओजी और खैरागढ़ पुलिस टीम का आभार जताया।

    अब आईने के सामने बैठकर कटवाएंगे बाल-दाढ़ी
    डीसीपी वेस्ट आदित्य के मुताबिक, गिरफ्तार ध्रुव अपने साथियों के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र के गांवों के अलावा अलग-अलग जिलों और राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के दो अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

    चार साल पहले एक चोरी ने उदय सिंह की लाइसेंसी राइफल छीन ली थी। उसके बाद उन्होंने उसे वापस पाने तक बाल-दाढ़ी न कटवाने का संकल्प लिया। अब राइफल लौट आई है। ऐसे में उदय सिंह के लिए इंतजार सिर्फ उस पल का है, जब वह चार साल बाद आईने के सामने बैठकर बाल और दाढ़ी कटवाएंगे।

  • बुधवार का दिन है बेहद खास, गणेश पूजा से लेकर बुध देव के उपाय तक जानें सफलता और सुख पाने की पूरी विधि

    बुधवार का दिन है बेहद खास, गणेश पूजा से लेकर बुध देव के उपाय तक जानें सफलता और सुख पाने की पूरी विधि


    नई दिल्ली । बुधवार का दिन हिंदू धर्म में भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। सप्ताह के इस दिन की गई पूजा को बुद्धि विवेक ज्ञान व्यापार और करियर से जुड़ी उन्नति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश सभी विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं इसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा की जाती है। वहीं बुध ग्रह को बुद्धि वाणी तर्क व्यापार और संचार का कारक माना गया है। ऐसे में बुधवार के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है।

    बुधवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई कर भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाना चाहिए। पूजा में सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करते हुए उन्हें दूर्वा अर्पित की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति को दूर्वा अत्यंत प्रिय है इसलिए बुधवार की पूजा में इसका विशेष महत्व माना जाता है। इसके साथ ही भगवान को फूल फल और मोदक या लड्डू का भोग लगाया जा सकता है।

    पूजा के दौरान भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी क्षमता और समय के अनुसार गणेश मंत्रों का जाप कर सकते हैं। पूजा के समय मन को शांत रखकर परिवार की सुख-शांति और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए। मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान गणेश की आराधना करने से व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने की शक्ति और सही निर्णय लेने की बुद्धि मिलती है।

    बुधवार के दिन बुध ग्रह की शांति और शुभ प्रभाव के लिए भी कुछ धार्मिक उपाय किए जाते हैं। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा में हरे रंग के वस्त्र पहनना या हरी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को हरी मूंग हरी सब्जियां या अन्य उपयोगी वस्तुएं दान की जा सकती हैं। दान का उद्देश्य केवल ग्रहों की शांति नहीं बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और समाज में सकारात्मकता फैलाना भी होना चाहिए।

    धार्मिक परंपराओं में बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा विद्यार्थियों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। विद्यार्थी भगवान गणेश की पूजा कर एकाग्रता और ज्ञान की प्रार्थना कर सकते हैं जबकि व्यापारी अपने कार्यस्थल पर भगवान गणेश का स्मरण कर नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। माना जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं।

    बुधवार की पूजा में साफ-सफाई और सात्विकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा के दौरान किसी के प्रति क्रोध या नकारात्मक विचार रखने से बचना चाहिए। संभव हो तो इस दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करें और परिवार के साथ शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब व्यक्ति अपने व्यवहार में भी सत्य करुणा और सकारात्मकता को स्थान देता है।

    बुधवार का दिन केवल धार्मिक अनुष्ठान का अवसर नहीं बल्कि जीवन में बुद्धि विवेक और संतुलन को मजबूत करने का संदेश भी देता है। भगवान गणेश की पूजा व्यक्ति को हर चुनौती का सामना करने का साहस देती है जबकि बुध ग्रह से जुड़े उपाय सोच और संवाद को बेहतर बनाने की प्रेरणा देते हैं। इसलिए बुधवार को श्रद्धा के साथ पूजा और अच्छे कर्मों का संकल्प जीवन में सुख शांति और सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

  • पाकिस्‍तान में खाद्य सुरक्षा का संकट, रोटी-चावल तक के लिए मोहताज हो रहे पाकिस्तानी, देखें आकड़े

    पाकिस्‍तान में खाद्य सुरक्षा का संकट, रोटी-चावल तक के लिए मोहताज हो रहे पाकिस्तानी, देखें आकड़े


    नई दिल्ली। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में अब खाद्य असुरक्षा भी गंभीर होती जा रही है। पाकिस्तान सरकार के आंकड़े ही देश के बिगड़ते हालात की तस्वीर सामने रख रहे हैं। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (PBS) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में पाकिस्तानी परिवारों ने गेहूं, चावल, मीट, दूध और चाय समेत लगभग सभी प्रमुख खाद्य श्रेणियों का सेवन कम किया है। ग्रामीण ही नहीं, शहरी परिवार भी इसकी चपेट में हैं।

    2019 में 15.92% परिवार खाद्य असुरक्षित थे, 2025 में आंकड़ा 24.35%
    ‘पाकिस्तान टुडे’ की रिपोर्ट में PBS के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि पाकिस्तान में मध्यम से गंभीर खाद्य असुरक्षा वाले परिवारों की हिस्सेदारी 2019 में 15.92% थी, जो 2025 में बढ़कर 24.35% हो गई।

    वहीं, गंभीर खाद्य असुरक्षा से जूझने वाले परिवारों की हिस्सेदारी भी दोगुने से ज्यादा बढ़ी है। यह 2.37% से बढ़कर 5.04% हो गई। यानी अब करीब एक चौथाई पाकिस्तानी परिवार किसी न किसी स्तर पर भूख और कुपोषण का सामना कर रहे हैं।

    छोटी रोटियां, कम चावल और बच्चों के दूध में भी कटौती
    महंगाई बढ़ने के साथ पाकिस्तानी परिवारों की खाने की थाली भी सिकुड़ रही है। परिवार अब पहले की तुलना में कम मात्रा में चावल पका रहे हैं और छोटी रोटियां बना रहे हैं। मीट की खपत घट गई है, जबकि बच्चों को दिए जाने वाले दूध की मात्रा में भी कटौती की जा रही है।

    चाय जैसी रोजमर्रा की चीजों का सेवन भी कम हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से परिवारों को अपनी खरीदारी की मात्रा और भोजन की विविधता दोनों में कटौती करनी पड़ रही है।

    ग्रामीण इलाकों में हालात ज्यादा खराब
    PBS के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की खपत में गिरावट ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दर्ज की गई है। हालांकि ग्रामीण परिवारों पर इसका दबाव ज्यादा है। महंगे भोजन के कारण पौष्टिक आहार तक आम लोगों की पहुंच लगातार कम होती जा रही है।

    कृषि प्रधान देश, फिर भी खाद्य पदार्थों का शुद्ध आयातक
    पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को कृषि प्रधान माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद देश में खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और गुणवत्ता पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान कम से कम 2021 से खाद्य पदार्थों का शुद्ध आयातक बना हुआ है।

    यह स्थिति पाकिस्तान के लिए बड़ी चेतावनी मानी जा रही है। भोजन की मात्रा और गुणवत्ता में लगातार गिरावट का असर आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और पोषण पर पड़ सकता है। आर्थिक संकट के साथ बढ़ती खाद्य असुरक्षा अब पाकिस्तान के सामने एक और बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

  • MP में फर्जी IAS बनकर रुतबा दिखाने वाली तृप्ति राजपूत का नया वीडियो वायरल, बोलीं-हमारी हरकतें देखकर…

    MP में फर्जी IAS बनकर रुतबा दिखाने वाली तृप्ति राजपूत का नया वीडियो वायरल, बोलीं-हमारी हरकतें देखकर…


    भोपाल। मध्य प्रदेश में फर्जी IAS बनकर रुतबा दिखाने के आरोपों में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़ा एक और वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में है। वायरल वीडियो में तृप्ति अपनी दो सहेलियों के साथ नजर आ रही है। तीनों खुद को IAS अफसर बताते हुए बातचीत और मस्ती करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि वीडियो को विधानसभा परिसर के बाहर का बताया जा रहा था, लेकिन अब इसकी लोकेशन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

    वीडियो में बोली- हमारी हरकतें देखकर कोई नहीं कह सकता कि हम IAS हैं
    वीडियो में तृप्ति सिंह राजपूत कहती सुनाई दे रही है- “हमारी हरकतों को देखकर कोई कल्पना नहीं कर सकता कि हम तीनों IAS अफसर हैं… हां, हम थोड़े बेवकूफ हैं, मगर धीरे-धीरे प्रोग्रेस हो रही है।” इसके बाद उसकी एक सहेली कहती है- “हम दोनों प्रोग्रेस पर हैं, लेकिन यह हमारी सीनियर हैं।” इस पर तृप्ति जवाब देती है- “मैं भी प्रोग्रेस पर हूं, लेकिन मैं इन्हीं की उम्र की हूं।”

    विधानसभा PRO ने परिसर का वीडियो होने से किया इनकार
    वीडियो सामने आने के बाद इसे मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर के बाहर का बताया गया। हालांकि, विधानसभा के PRO महावीर जैन ने वीडियो को मध्यप्रदेश विधानसभा का होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि विधानसभा भवन में इस तरह के लाल पत्थर नहीं लगे हैं। ऐसे में वीडियो विधानसभा परिसर का नहीं माना जा सकता। अब पुलिस वायरल वीडियो में दिखाई दे रही जगह और उसकी वास्तविकता की जांच कर रही है।

    फर्जी IAS बन नौकरी लगवाने का झांसा देने का आरोप
    तृप्ति सिंह राजपूत पर फर्जी IAS बनकर लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देने और कथित तौर पर पैसे लेने के आरोप हैं। चंदेरी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तृप्ति सिंह और उसके भाई को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान भोपाल स्थित उसके घर से ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा कार, फर्जी दस्तावेज और कथित फर्जी CBI कार्ड सहित कई सामान मिलने की बात सामने आई थी।

    भोपाल में भी धोखाधड़ी की FIR
    तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल में भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की FIR दर्ज है। चंदेरी पुलिस भोपाल पहुंची थी और आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई थी। वहीं, वायरल वीडियो के संबंध में एडिशनल DCP अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि फर्जी IAS को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच चल रही है। वायरल वीडियो को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वीडियो कहां का है और उसमें दिखाई दे रही जगह की वास्तविकता क्या है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • होर्मुज पर अमेरिका का ‘टोटल कंट्रोल’! ट्रंप बोले- ईरान सिर्फ हार टाल रहा, बातचीत की जरूरत नहीं

    होर्मुज पर अमेरिका का ‘टोटल कंट्रोल’! ट्रंप बोले- ईरान सिर्फ हार टाल रहा, बातचीत की जरूरत नहीं


    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की शांति के बाद फिर सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था बिखर रही है। उनका यह बयान अमेरिकी हवाई हमलों के कुछ घंटे बाद आया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच जवाबी हमले और तेज हो गए हैं।

    ट्रंप बोले- बातचीत के लिए मजबूर नहीं कर रहे

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में एबीसी न्यूज की उस रिपोर्ट को खारिज किया, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि ईरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर करता है या नहीं। उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति ही अमेरिका के लिए बेहतर है, क्योंकि होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है।

    उन्होंने कहा कि घटनाक्रम एक तय नतीजे की ओर बढ़ रहा है। साथ ही ट्रंप ने ईरान की जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील भी की।

    ईरान हर बार खारिज करता रहा है दावा

    फरवरी में टकराव शुरू होने के बाद से ट्रंप कई बार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा कर चुके हैं। हालांकि, ईरान लगातार इन दावों को खारिज करता रहा है। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर भारी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

    इससे पहले सप्ताहांत में जुलाई के बाद पहली बार दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी। सोमवार को होर्मुज से निकल रहे दो तेल टैंकरों पर हमले की खबर भी सामने आई। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत करीब 4 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर पांच सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

    होर्मुज पर ईरान की पकड़ का दावा

    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। ईरान ने इसे जहाजों के लिए बंद कर रखा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि अमेरिकी हमलों के बाद जलमार्ग पर उसकी पकड़ और मजबूत होगी।

    ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल निर्यात को रोकने की कोशिश की गई तो वह दूसरे देशों को भी ऐसा करने की अनुमति नहीं देगा।

    ट्रंप ने युद्धविराम की संभावना भी नकारी

    ट्रंप ने नए युद्धविराम की संभावना को भी खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ईरान को समझौते के लिए पहले ही कई मौके दिए जा चुके हैं और अब किसी नए समझौते की जरूरत नहीं है।

    महीनों से जारी तनाव के बीच जून में हुआ समझौता भी ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को दोनों देशों के बीच टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा माना जा रहा है। ऐसे में ट्रंप के ताजा बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका है।

  • जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद

    जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में इसका असर दिखाई दे रहा है। भारी बारिश से कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं। सतना में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल पानी में डूब गए। हालात को देखते हुए सतना में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियां बंद रहेंगी।

    आज 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे में सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर बना वजह

    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से ट्रफ गुजर रही है, जबकि ऊपरी हिस्से में मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है।

    कल से भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन में बढ़ेगा असर

    2 सितंबर: पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है।

    3 सितंबर: सिस्टम आगे बढ़ेगा और भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में इसका असर रहेगा।

    4 सितंबर: पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का ज्यादा प्रभाव रहेगा। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होगी।

    5 सितंबर: इन संभागों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    डैमों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के अधिकांश डैमों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई डैम 70% तक भर चुके हैं और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी स्थिति बेहतर नहीं है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट खाली है। तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.8 इंच बारिश, सामान्य से 11% कम

    IMD के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 31.2 इंच (791.7 मिमी) के मुकाबले यह करीब 3.1 इंच कम है। प्रदेश में अब तक कुल 11% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 5% और पश्चिमी हिस्से में 16% बारिश कम हुई है।

    40 जिलों में 2 से 55% तक कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 2% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 53% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • आज का राशिफल 2 सितंबर 2026: मेहनत का मिलेगा फल या आएंगी चुनौतियां, पढ़ें मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल

    आज का राशिफल 2 सितंबर 2026: मेहनत का मिलेगा फल या आएंगी चुनौतियां, पढ़ें मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल


    नई दिल्ली । 2 सितंबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए नई उम्मीदों और नई चुनौतियों के संकेत लेकर आया है। ग्रहों की बदलती स्थिति का प्रभाव आज करियर व्यापार धन प्रेम संबंध और स्वास्थ्य पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। कुछ लोगों को लंबे समय से रुके कामों में सफलता मिलने की संभावना है जबकि कुछ जातकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा। आज का दिन मेहनत और धैर्य की परीक्षा भी ले सकता है इसलिए सोच समझकर कदम उठाना फायदेमंद रहेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी राशियों का आज का भविष्यफल।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य से बेहतर रहने के संकेत हैं लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

    वृषभ राशि वालों को आज धैर्य के साथ काम करने की जरूरत है। किसी महत्वपूर्ण काम में देरी हो सकती है लेकिन जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य से सहयोग मिलने से मुश्किल काम आसान हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। बातचीत के दौरान अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखें क्योंकि गलतफहमी परेशानी पैदा कर सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और पुराने निवेश से लाभ के संकेत मिल रहे हैं।

    कर्क राशि के जातकों को भावनाओं में बहकर फैसला लेने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आपकी मेहनत अच्छे परिणाम दे सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। धन से जुड़े मामलों में सोच समझकर निर्णय लेना बेहतर होगा।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं और आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। व्यापारियों को किसी नए संपर्क से फायदा हो सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी लेकिन अहंकार से दूरी रखना जरूरी होगा।

    कन्या राशि के जातकों को आज अपनी योजनाओं पर फोकस बनाए रखना होगा। मेहनत का परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है लेकिन धैर्य बनाए रखें। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट का ध्यान रखना जरूरी होगा। स्वास्थ्य के मामले में दिन सामान्य रह सकता है।

    तुला राशि के लिए आज का दिन संतुलन बनाए रखने का है। करियर में कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना पड़ सकता है। साझेदारी के कामों में लाभ की संभावना है। परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी रहेगी।

    वृश्चिक राशि वालों को आज चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन आत्मविश्वास से काम लेने पर सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सतर्क रहें। कोई पुराना विवाद बातचीत से सुलझ सकता है। धन की स्थिति सामान्य रहेगी और निवेश करते समय विशेषज्ञ की सलाह लेना उपयोगी होगा।

    धनु राशि के लिए दिन भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। शिक्षा और करियर से जुड़े लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। यात्रा के योग बन सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है।

    मकर राशि के जातकों को आज मेहनत के अनुसार परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां और व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। हालांकि स्वास्थ्य और आराम के लिए भी समय निकालना जरूरी होगा।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नए विचारों और नई योजनाओं का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मक सोच से फायदा मिलेगा। सामाजिक दायरा बढ़ सकता है और किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक रहेगी। धन के मामलों में संतुलन बनाए रखें।

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला हो सकता है। कुछ काम आसानी से पूरे होंगे जबकि कुछ मामलों में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। प्रेम संबंधों में खुलकर बातचीत करना गलतफहमियों को दूर कर सकता है।

    कुल मिलाकर 2 सितंबर का दिन मेहनत धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है। ग्रहों की चाल अवसर जरूर दे सकती है लेकिन सफलता के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना भी उतना ही जरूरी होगा।