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  • इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा पर कांग्रेस, जीतू पटवारी दो दिन में तय करेंगे 200 किमी का सफर

    इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा पर कांग्रेस, जीतू पटवारी दो दिन में तय करेंगे 200 किमी का सफर


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अब सड़क पर उतरने जा रही है। कांग्रेस ने 14 जुलाई से इंदौर से भोपाल तक करीब 200 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन आयोजित करने का फैसला किया है। इस दो दिवसीय यात्रा का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी स्वयं साइकिल चलाकर करेंगे। पार्टी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों और युवाओं की आवाज को प्रदेश सरकार तक पहुंचाना तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग को मजबूती देना है।

    साइक्लोथॉन की शुरुआत 14 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के समीप आरएनटी मार्ग से होगी। यह क्षेत्र शहर का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र माना जाता है। कांग्रेस यहां से छात्रों के बीच संवाद करते हुए यात्रा की शुरुआत करेगी और नीट यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।

    यात्रा इंदौर से देवास, सीहोर होते हुए भोपाल पहुंचेगी। कांग्रेस के अनुसार रास्ते में पड़ने वाले प्रत्येक जिले से लगभग 500 साइकिल यात्री इस अभियान से जुड़ेंगे। इंदौर, देवास, सीहोर और भोपाल को मिलाकर करीब दो हजार से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर से भोपाल तक लगातार साथ चलने वाले स्थायी साइकिल यात्रियों की अलग सूची तैयार की जा रही है जिसमें साइकिल रेसिंग ग्रुप और फिटनेस क्लब के सदस्य भी शामिल होंगे।

    पहले दिन की यात्रा सीहोर जिले के आष्टा स्थित गोकुलधाम मैरिज गार्डन में रात्रि विश्राम के साथ समाप्त होगी। इसके बाद 15 जुलाई की सुबह कोठरी कस्बे से दोबारा यात्रा शुरू होगी और भोपाल पहुंचकर इसका समापन किया जाएगा। हालांकि समापन स्थल को लेकर प्रशासन और कांग्रेस के बीच सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस व्यापमं चौराहा या अन्य प्रमुख स्थानों पर कार्यक्रम करना चाहती है जबकि प्रशासन ने मोतिया तालाब क्षेत्र की अनुमति दी है। पार्टी का कहना है कि वहां अस्पताल होने के कारण यातायात और मरीजों को परेशानी हो सकती है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि देश की आजादी के 80 वर्ष बाद अब ऐसा मॉडल विकसित होना चाहिए जिसमें प्रत्येक बच्चे को केजी से पीजी तक मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। उनका कहना है कि शिक्षा केवल सुविधा नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए और नीट जैसी परीक्षाओं में सामने आने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए।

    पटवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी पेपर लीक या भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं तब सत्ता पक्ष के लोगों के नाम चर्चा में आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि छात्रों, अभिभावकों और युवाओं की चिंताओं को सामने लाने के लिए निकाली जा रही है।

    अपने भाई को हिरासत में लिए जाने के सवाल पर पटवारी ने कहा कि विपक्ष की राजनीति आसान नहीं होती और सरकार यदि अपनी ताकत का दुरुपयोग करती है तो भी कांग्रेस जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और कानून पर उसका विश्वास कायम है।

  • थार हटाने को कहा तो छीन ली लाइसेंसी रिवॉल्वर, भोपाल में किसान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन आरोपी गिरफ्तार

    थार हटाने को कहा तो छीन ली लाइसेंसी रिवॉल्वर, भोपाल में किसान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली । भोपाल के मिसरोद इलाके में मामूली विवाद ने उस समय खूनी रूप ले लिया जब रास्ते में खड़ी थार हटाने के लिए हॉर्न बजाने पर तीन युवकों ने एक किसान पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले किसान के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उसी से दो गोलियां चला दीं। एक गोली किसान के पैर को चीरते हुए निकल गई जबकि दूसरी निशाने से चूक गई। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जिसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    घटना शनिवार देर रात मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित सागर रॉयल होम्स सोसाइटी की है। घायल किसान की पहचान 33 वर्षीय हरीश कुमार राय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार हरीश देर रात अपने घर लौट रहे थे। जब वह सोसाइटी के मुख्य गेट पर पहुंचे तो वहां एक थार वाहन खड़ा मिला जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। उन्होंने वाहन हटाने के लिए कई बार हॉर्न बजाया लेकिन थार में बैठे युवकों ने रास्ता खाली नहीं किया। इसके बाद हरीश दूसरे गेट से अंदर जाकर अपनी गाड़ी पार्क करने लगे।

    कुछ ही देर बाद थार में सवार तीनों युवक भी पार्किंग में पहुंच गए और वाहन हटाने की बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने किसान के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार युवकों ने डंडों से हमला किया और इसी दौरान हरीश की लाइसेंसी रिवॉल्वर छीन ली। इसके बाद आरोपियों ने उसी रिवॉल्वर से दो फायर किए। एक गोली हरीश के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी जिससे पैर में फ्रैक्चर हो गया जबकि दूसरी गोली किसी को नहीं लगी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घटनास्थल से दो खाली कारतूस बरामद किए गए। सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात स्पष्ट रूप से दिखाई देने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने हर्षित पटेल 21 वर्ष अनुभव चौबे 19 वर्ष और लोकेश रघुवंशी 24 वर्ष के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं घायल किसान का अस्पताल में उपचार जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर सड़क पर होने वाले छोटे विवादों के खतरनाक रूप लेने की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। महज रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाने जैसी सामान्य बात पर हिंसा और फायरिंग तक पहुंच जाना चिंता का विषय है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • रोमांस से लेकर क्राइम और हॉरर तक सब कुछ, इस सप्ताह OTT पर मिलेगा मनोरंजन का फुल डोज

    रोमांस से लेकर क्राइम और हॉरर तक सब कुछ, इस सप्ताह OTT पर मिलेगा मनोरंजन का फुल डोज


    नई दिल्ली । ओटीटी दर्शकों के लिए 13 से 19 जुलाई का सप्ताह मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। इस पूरे सप्ताह नेटफ्लिक्स जियो हॉटस्टार और प्राइम वीडियो जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म पर कुल 13 नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। खास बात यह है कि इस बार कंटेंट की विविधता दर्शकों को हर तरह का मनोरंजन देने वाली है। रोमांटिक ड्रामा से लेकर क्राइम डॉक्यूसीरीज एक्शन एडवेंचर कॉमेडी हॉरर और साइकोलॉजिकल थ्रिलर तक लगभग हर जॉनर की नई पेशकश इस सप्ताह ओटीटी पर दस्तक देगी।

    इस सप्ताह सबसे ज्यादा हलचल नेटफ्लिक्स पर देखने को मिलेगी जहां अकेले आठ नई फिल्में और सीरीज रिलीज होंगी। इनमें जापानी एक्शन फिल्म गोल्डन कामुय अबाशिरी प्रिजन रेड साइकोलॉजिकल एडवेंचर ड्रामा सकर पंच जर्मन फिल्म 23000 लाइव्स इंडोनेशियन ड्रामा मी बिफोर मी और लोकप्रिय हॉलीवुड सीरीज यंग शेल्डन का छठा सीजन प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा क्वारंटाइन 2 टर्मिनल डिजायर और द मैप ऑफ लॉन्गिंग भी दर्शकों के लिए नई कहानी और अलग अनुभव लेकर आएंगी।

    जियो हॉटस्टार भी इस सप्ताह दो बड़ी रिलीज के साथ दर्शकों को आकर्षित करेगा। रोमांटिक पीरियड ड्रामा वुथरिंग हाइट्स क्लासिक उपन्यास पर आधारित एक भव्य प्रस्तुति है जिसमें भावनाओं और रिश्तों की गहराई देखने को मिलेगी। वहीं तमिल रियलिटी डेटिंग शो सेकेंड लव आधुनिक रिश्तों की नई कहानी लेकर आएगा जिसमें पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ नए जीवनसाथी की तलाश दिखाई जाएगी। इसके अलावा रेडी ऑर नॉट 2 हेयर आई कम भी कॉमेडी और हॉरर का शानदार मिश्रण पेश करेगी।

    प्राइम वीडियो पर भी इस सप्ताह दो अलग तरह की कहानियां रिलीज होंगी। मर्डर 101 एक ऐसी डॉक्यूसीरीज है जो वर्षों पुराने हत्या के रहस्य की जांच को नए नजरिए से सामने लाती है। वहीं राइड एंड डाई एक्शन और कॉमेडी से भरपूर कहानी है जिसमें दो दोस्तों की जिंदगी एक खतरनाक मिशन के बाद पूरी तरह बदल जाती है और उनके सामने कई अप्रत्याशित चुनौतियां आ खड़ी होती हैं।

    इस सप्ताह की खास बात यह है कि अलग अलग देशों की फिल्में और सीरीज भी भारतीय दर्शकों के लिए उपलब्ध होंगी। जापान जर्मनी अमेरिका और इंडोनेशिया की कहानियां अब हिंदी सहित कई भाषाओं में देखने को मिलेंगी जिससे वैश्विक कंटेंट का दायरा और भी बड़ा हो जाएगा। यही वजह है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि दुनिया भर की कहानियों को एक साथ देखने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके हैं।

    यदि आप रोमांस पसंद करते हैं तो वुथरिंग हाइट्स और डिजायर आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। एक्शन प्रेमियों के लिए गोल्डन कामुय और रेडी ऑर नॉट 2 खास रहेंगे। वहीं सस्पेंस और क्राइम पसंद करने वाले दर्शकों के लिए मर्डर 101 और क्वारंटाइन 2 बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। कुल मिलाकर यह सप्ताह ओटीटी दर्शकों के लिए नई कहानियों नए किरदारों और भरपूर मनोरंजन का शानदार पैकेज लेकर आया है। घर बैठे अलग अलग जॉनर का आनंद लेने वालों के लिए यह पूरा सप्ताह किसी फिल्मी उत्सव से कम नहीं होगा।

  • महज 25 मिनट में लिख दिया गया था बॉलीवुड का यह अमर गीत, किशोर कुमार और लता की आवाज ने बना दिया सदाबहार

    महज 25 मिनट में लिख दिया गया था बॉलीवुड का यह अमर गीत, किशोर कुमार और लता की आवाज ने बना दिया सदाबहार


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर में कई ऐसे गीत बने जिन्होंने समय की सीमाओं को पार करते हुए पीढ़ियों के दिलों में अपनी जगह बनाई। इन्हीं अमर गीतों में शामिल है फिल्म आन मिलो सजना का लोकप्रिय गीत अच्छा तो हम चलते हैं। यह गीत सिर्फ अपनी मधुर धुन और भावपूर्ण शब्दों की वजह से ही नहीं बल्कि इसके बनने की अनोखी कहानी के कारण भी आज तक याद किया जाता है। कहा जाता है कि इस गीत की शुरुआत महज चार साधारण शब्दों से हुई और पूरा गीत केवल 25 मिनट में तैयार हो गया।

    साल 1971 में रिलीज हुई फिल्म आन मिलो सजना में राजेश खन्ना और आशा पारेख की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। फिल्म के इस गीत को महान गायक किशोर कुमार और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी जबकि इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे और संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की मशहूर जोड़ी ने तैयार किया। गीत में प्रेम और बिछड़ने की भावनाओं को बेहद सहज और खूबसूरत अंदाज में पिरोया गया है जिसकी वजह से यह आज भी लोगों की पसंदीदा प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है।

    इस गीत के निर्माण से जुड़ा किस्सा भी कम रोचक नहीं है। बताया जाता है कि आनंद बख्शी और संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल पूरे दिन इस बात पर विचार करते रहे कि फिल्म की धुन पर कौन से शब्द सबसे उपयुक्त बैठेंगे। घंटों की मेहनत के बावजूद कोई संतोषजनक पंक्तियां नहीं बन सकीं। जैसे ही शाम होने लगी तो लक्ष्मीकांत ने बातचीत के दौरान सहज अंदाज में कहा अच्छा तो हम चलते हैं। इस पर आनंद बख्शी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया फिर कब मिलोगे। सामने से उत्तर आया जब तुम कहोगे। बस यही साधारण बातचीत गीत की पहली पंक्तियां बन गई।

    कहा जाता है कि इन चार शब्दों ने आनंद बख्शी की रचनात्मकता को नई दिशा दी और उन्होंने तुरंत लक्ष्मीकांत को रुकने के लिए कहा। इसके बाद महज 25 मिनट के भीतर पूरा गीत तैयार हो गया। यही वजह है कि यह गीत आज भी इस बात का उदाहरण माना जाता है कि कई बार सबसे यादगार रचनाएं अचानक और सहज रूप से जन्म लेती हैं।

    जब यह गीत रिकॉर्ड हुआ तो किशोर कुमार और लता मंगेशकर की जादुई आवाज ने इसमें ऐसी मिठास घोल दी कि यह रिलीज होते ही लोगों की जुबान पर चढ़ गया। राजेश खन्ना और आशा पारेख पर फिल्माया गया यह गीत प्रेम और विदाई के भावों को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। इसकी धुन सरल है लेकिन दिल को छू लेने वाली है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई।

    आज भी शादी समारोहों से लेकर रेडियो और संगीत कार्यक्रमों तक यह गीत उतने ही उत्साह के साथ सुना जाता है जितना पांच दशक पहले सुना जाता था। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि महान संगीत केवल लंबे समय की योजना से नहीं बल्कि रचनात्मक सोच और सही पल में जन्मे विचारों से भी तैयार हो सकता है। अच्छा तो हम चलते हैं सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की उस सुनहरी विरासत का हिस्सा है जिसे समय कभी पुराना नहीं कर सकता।

  • 24 हजार करोड़ कमाने वाली Avatar पर लगा भारतीय फिल्म की कहानी अपनाने का दावा, जानिए पूरा मामला

    24 हजार करोड़ कमाने वाली Avatar पर लगा भारतीय फिल्म की कहानी अपनाने का दावा, जानिए पूरा मामला


    नई दिल्ली । अक्सर बॉलीवुड फिल्मों पर हॉलीवुड या दक्षिण भारतीय फिल्मों की कहानी कॉपी करने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन अब एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। अभिनेता और कॉमेडियन राजीव ठाकुर ने एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया की सबसे सफल फिल्मों में शामिल Avatar की कहानी भारतीय फिल्म ठिकाना से काफी मिलती है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग दोनों फिल्मों की कहानी की तुलना करने लगे हैं।

    राजीव ठाकुर ने बातचीत के दौरान कहा कि हमेशा भारतीय फिल्मों पर कहानी चुराने के आरोप लगाए जाते हैं लेकिन कभी यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या विदेशी फिल्मों ने भी भारतीय सिनेमा से प्रेरणा ली है। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई ठिकाना फिल्म की कहानी ध्यान से देखे तो उसे Avatar की कहानी से कई समानताएं दिखाई देंगी। हालांकि उन्होंने यह भी नहीं कहा कि उनके पास इस बात का कोई आधिकारिक प्रमाण है बल्कि उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत राय और कहानी की समानता के आधार पर रखा।

    राजीव ठाकुर के अनुसार ठिकाना की कहानी में एक पुलिस अधिकारी अपराधियों के बीच अपनी पहचान छिपाकर पहुंचता है। वहां वह उस समुदाय का विश्वास जीतता है और उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है। बाद में जब उसी समुदाय पर हमला होने की स्थिति बनती है तो वह उनके पक्ष में खड़ा होकर संघर्ष करता है। उनका कहना है कि Avatar में भी मुख्य किरदार दूसरी दुनिया में जाकर वहां के लोगों के साथ जुड़ता है और अंत में उन्हीं की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ता है। इसी आधार पर उन्होंने दोनों फिल्मों के कथानक में समानता होने का दावा किया।

    हालांकि फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी दो फिल्मों में कुछ कथानक या पात्रों की समानता मिल जाना यह साबित नहीं करता कि एक फिल्म दूसरी की कॉपी है। साहित्य और सिनेमा में नायक का किसी नए समाज में जाना वहां के लोगों का विश्वास जीतना और अंत में उनके लिए संघर्ष करना जैसी संरचनाएं लंबे समय से अलग अलग कहानियों में इस्तेमाल होती रही हैं। इसलिए केवल कहानी के कुछ हिस्सों के आधार पर कॉपी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता।

    जेम्स कैमरून के निर्देशन में बनी Avatar वर्ष 2009 में रिलीज हुई थी और यह दुनिया की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई की और आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के नए मानक स्थापित किए। वहीं ठिकाना अपने समय की चर्चित हिंदी फिल्मों में शामिल रही थी लेकिन दोनों फिल्मों के बीच किसी आधिकारिक स्तर पर कहानी की समानता या कॉपीराइट विवाद कभी सामने नहीं आया।

    फिलहाल राजीव ठाकुर का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन इसे तथ्य के बजाय एक व्यक्तिगत दावा माना जा रहा है। जब तक किसी आधिकारिक पक्ष या कानूनी दस्तावेज के जरिए इसकी पुष्टि नहीं होती तब तक यह कहना सही नहीं होगा कि Avatar की कहानी वास्तव में भारतीय फिल्म से ली गई थी। फिर भी इस बयान ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि प्रेरणा और कॉपी के बीच की सीमा आखिर कहां तय होती है।

  • फराह से लेकर रितेश और कंटेस्टेंट्स तक लॉकअप के हर एपिसोड और हर हफ्ते की फीस ने चौंकाया

    फराह से लेकर रितेश और कंटेस्टेंट्स तक लॉकअप के हर एपिसोड और हर हफ्ते की फीस ने चौंकाया


    नई दिल्ली । नेटफ्लिक्स का चर्चित रियलिटी शो लॉकअप इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। शो में मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया की दुनिया के कई चर्चित चेहरे एक साथ नजर आ रहे हैं जिसकी वजह से दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। शो में होने वाले टास्क भावनात्मक खुलासे और कंटेस्टेंट्स के बीच होने वाले टकराव के साथ साथ अब उनकी फीस भी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। अलग अलग मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शो के होस्ट और प्रतियोगियों को हर एपिसोड और हर सप्ताह के हिसाब से लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अब तक मेकर्स की ओर से नहीं की गई है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान को लॉकअप के हर एपिसोड के लिए करीब 15 से 25 लाख रुपये की फीस मिल रही है। वहीं अभिनेता रितेश देशमुख कथित तौर पर प्रति एपिसोड 30 से 40 लाख रुपये तक का मेहनताना ले रहे हैं। दोनों की मौजूदगी शो की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है और दर्शकों को उनका अंदाज काफी पसंद आ रहा है।

    शो में वाइल्ड कार्ड एंट्री के तौर पर पहुंचीं टीवी अभिनेत्री शिल्पा शिंदे भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें हर सप्ताह करीब 15 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। जेल में एंट्री लेते ही उन्होंने अपने बेबाक अंदाज और तीखे तेवर से माहौल बदल दिया जिससे शो में नया रोमांच देखने को मिला।

    लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री शिवांगी जोशी भी लॉकअप का अहम चेहरा बनी हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें हर सप्ताह लगभग 10 से 12 लाख रुपये मिल रहे हैं। अपनी सादगी और मजबूत व्यक्तित्व की वजह से वह दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं।

    टीवी के चर्चित अभिनेता राम कपूर भी इस शो का हिस्सा हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्हें हर सप्ताह 15 से 20 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। हाल ही में उन्होंने अपने जीवन से जुड़ा एक बेहद भावुक अनुभव साझा किया जिसने दर्शकों के साथ साथ शो की होस्ट फराह खान को भी भावुक कर दिया। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हुई।

    टीवी अभिनेता धीरज धूपर कथित तौर पर शो के सबसे अधिक फीस पाने वाले प्रतियोगियों में शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें हर सप्ताह करीब 25 लाख रुपये मिल रहे हैं। वहीं लोकप्रिय अभिनेता हर्षद चोपड़ा को प्रति सप्ताह 12 से 15 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। दोनों कलाकारों की मजबूत फैन फॉलोइंग शो की लोकप्रियता बढ़ाने में मदद कर रही है।

    हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन सभी फीस से जुड़े आंकड़े अलग अलग मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। नेटफ्लिक्स या शो के निर्माताओं ने अब तक किसी भी कलाकार की फीस को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। ऐसे में इन रकमों को अंतिम या प्रमाणित आंकड़ा नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद दर्शकों के बीच यह जानने की उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर उनके पसंदीदा सितारे इस चर्चित रियलिटी शो के लिए कितना मेहनताना ले रहे हैं।

  • देशभर में कल मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या…. जानें स्नान-दान और पूजन का मुहूर्त

    देशभर में कल मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या…. जानें स्नान-दान और पूजन का मुहूर्त


    नई दिल्ली।
    हिंदू धर्म में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (Ashadh Amavasya 2026) तिथि का विशेष महत्व है. इस वर्ष आषाढ़ अमावस्या (Ashadh Amavasya 2026) पर मंगलवार का संयोग होने के कारण इसे भौमवती अमावस्या (Bhaumvati Amavasya) भी कहा जा रहा है, जो इसके महत्व को दोगुना कर देता है. इस बार आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई को मनाई जाएगी. पितरों के तर्पण, कालसर्प दोष निवारण, मंगल दोष की शांति और दान-पुण्य के लिए यह दिन बेहद उत्तम माना गया है।


    आषाढ़ अमावस्या तिथि (Ashadh Amavasya Date)

    द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या की तिथि 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। इस दिन स्नान व दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।


    आषाढ़ अमावस्या पूजन विधि (Ashadh Amavasya Pujan Vidhi)

    सुबह सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय या गंगाजल मिले हुए पानी से स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें. फिर, तांबे के पात्र में पानी, गंगाजल, काले तिल, दूध और कुशा लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का तर्पण करें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाएं. भौमवती अमावस्या होने के कारण इस दिन हनुमान जी और मंगल देव की विशेष पूजा करें. हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करना शुभ रहेगा. पितरों के निमित्त घर में सात्विक भोजन बनाएं. अग्नि में गाय के कंडे (उपले) पर घी, गुड़ और भोजन का भोग लगाएं. भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कौए, कुत्ते, चींटियों और ब्राह्मण के लिए निकालें. मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर पितर कौए या अन्य रूपों में आकर अन्न ग्रहण करते हैं।


    इस दिन क्या दान करें?

    अमावस्या तिथि पर किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है. इस दिन अन्न और जल जैसे गेहूं, चावल, सत्तू, या मौसमी फल. काले तिल, छाता, चप्पल या सूती वस्त्र जैसे चीजें दान की जा सकती हैं।

    आषाढ़ अमावस्या का महत्व
    – पितृ दोष से मुक्तिः-
    जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए आषाढ़ अमावस्या पर पिंड दान, तर्पण और अन्नदान करना अमोघ उपाय माना गया है. इससे अतृप्त पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

    – ग्रह दोष शांति :- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या के स्वामी शनि देव हैं. इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है. साथ ही, मंगलवार का संयोग होने से राहू-केतु और मंगल के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है.

  • काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद का हल मध्यस्थता से निकालने का प्रयास… कल लगेगी विशेष लोक अदालत

    काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद का हल मध्यस्थता से निकालने का प्रयास… कल लगेगी विशेष लोक अदालत


    वाराणसी।
    वाराणसी (Varanasi) के काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) और ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शीर्ष अदालत ने मामले को सीधे निर्णय देने के बजाय विशेष लोक अदालत और मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्षों (हिंदू और मुस्लिम) को बातचीत से समाधान निकालने का निर्देश दिया है। इस संबंध में 14 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित केंद्र में मध्यस्थता की तारीख तय की गई है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के वादी और अधिवक्ता शामिल होंगे।

    इसके बाद, आगामी 21 से 23 अगस्त तक तीन दिनों की विशेष लोक अदालत लगेगी, जहां दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट को पूरी उम्मीद है कि इस बातचीत से कोई न कोई सकारात्मक रास्ता जरूर निकलेगा। मामले से जुड़े अधिवक्ता पंडित सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि ज्ञानवापी से संबंधित लंबित मुकदमों के मध्यस्थता से समाधान के संबंध में जिला स्तर पर नोटिस जारी किया गया है। ज्ञानवापी से जुड़ी सात पत्रावलियों के संबंध में नौ जुलाई को सभी पक्षों को सूचना दी गई थी। अब 14 जुलाई को दोनों पक्षों को बुलाया गया है।

    अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि तीन महीने तक चले एएसआई सर्वे में मंदिर के अवशेष मिलने की बात सामने आई है और उनका पक्ष है कि मस्जिद का निर्माण मंदिर के ढांचे पर किया गया। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर पक्ष को सौंप दिया जाता है तो वे दूसरे पक्ष पर किसी प्रकार की सजा या जुर्माने की मांग नहीं करेंगे। हालांकि, यदि समाधान नहीं निकलता है तो मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।


    दोनों पक्षों का क्या दावा

    ज्ञानवापी विवाद में हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद की जगह पर पहले एक प्राचीन और मूल काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित था। मुगल बादशाह औरंगजेब ने 1669 में इस मंदिर को तुड़वा दिया था और उसके अवशेषों पर ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण कराया था। मुस्लिम पक्ष मंदिर सौंपने के लिए तैयार होता है तो इस मध्यस्थता को सफल माना जाएगा। एसआई सर्वे के दौरान मंदिर से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह भूमि वक्फ बोर्ड की है और यहां सदियों से नमाज पढ़ी जा रही है। अगर सहमति से किसी निष्कर्ष तक पहुंचते हैं। उसके आधार पर अदालत आगे का आदेश पारित कर सकती है।


    डेढ़ वर्ष बाद समाधान की ओर बढ़ा ज्ञानवापी केस
    वाराणसी। ज्ञानवापी विवाद के समाधान के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता केंद्र में 14 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मध्यस्थता केंद्र प्रभारी जज राजीव मुकुल पांडेय की अध्यक्षता में हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्षों की बैठक होने जा रही है। इससे ज्ञानवापी मुकदमे में सरगर्मी बढ़ेगी।

    याचिकाकर्ता अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसम्बर 2024 को ज्ञानवापी को लेकर नया मुकदमा दाखिल और स्वीकार करने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट की तीन मेंबर वाली बेंच ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट (विशेष प्रावधानों) 1991 की कुछ धाराओं की वैधता पर सवाल उठाने वाली छह याचिकाओं पर सुनवाई की थी।

    बेंच ने कहा था कि हम इस कानून के दायरे, उसकी शक्तियों और ढांचे को जांच रहे हैं। ऐसे में यही उचित होगा कि बाकी सभी अदालतें अपने हाथ रोक लें। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से याचिकाओं पर चार हफ्ते में अपना पक्ष रखने को कहा था। केंद्र के जवाब दाखिल करने तक खंडपीठ ने सुनवाई से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पुराने मुकदमों में सुनवाई जारी रहेगी।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट से लेकर सेशन कोर्ट की विभिन्न अदालतों में लम्बित ज्ञानवापी के केसों में सुनवाई धीमी पड़ गई। आदेश के दृष्टिगत कई मामलों में अगली सुनवाई कई तिथियों से नहीं हो पा रही है। सुप्रीम कोर्ट की नई पहल के बाद करीब डेढ़ वर्ष बाद समाधान की नई संभावना दिखने लगी है।


    मध्यस्थता केंद्र में वादी-प्रतिवादी और अधिवक्ता सहित 30 लोग रहेंगे

    मध्यस्थता केंद्र में ज्ञानवापी के चार मुकदमों से जुड़े सभी वादी-प्रतिवादी और अधिवक्ता मौजूद रहेंगे। सुनवाई केंद्र प्रभारी जज की अध्यक्षता में होगी। निगरानी के लिए जिला जज भी शामिल हो सकते हैं।

    सभी पक्षकार और अधिवक्ता के हिसाब से तकरीबन 30 से ज्यादा लोग वार्ता में शामिल हो सकते हैं। इनमें वादी सोहनलाल आर्या, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास, शैलेंद्र पाठक व्यास के अलावा वादी अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन, सुधीर त्रिपाठी, सुभाष नंदन चतुर्वेदी, जिला प्रशासन की ओर से विशेष अधिवक्ता राजेश मिश्र के साथ ही एएसआई और प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और ईएसआई के भी अधिवक्ता के रहने की संभावना है। वहीं, प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया के अधिवक्ताओं ने नोटिस मिलने से इनकार किया है।

    मुफ्ती-ए-बनारस मौ. अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि कोर्ट के इस आदेश के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। कोर्ट ने अगर ऐसा कहा है तो हमारी कमेटी इस पर बैठकर विचार करेगी। हम लोग आपसी सहमति के बाद ही कुछ कह सकते हैं।

    वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी के अनुसार मध्यस्थता केंद्र से कोई नोटिस या सूचना नहीं मिली है। मेरा मुकदमा सिविल जज सीनियर डिविजन की कोर्ट में विचाराधीन है। यह 1991 के ज्ञानवापी के मूलवाद से जुड़ा है। इसमें ज्ञानवापी के धार्मिक स्ट्रक्चर का निर्धारण होना है।

    अधिवक्ता एवं पक्षकार मुख्तार अहमद अंसारी इस मामले को विशेष लोक अदालत में नहीं भेजा जाना चाहिए। अगर ऐसा हो रहा है तो यह मुस्लिम समाज पर दबाव बनाना है। जब प्लसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो जल्दीबाजी क्यों? सुप्रीम कोर्ट पहले इस एक्ट का निस्तारण कर दे। फिर, इस तरह की पहल होनी चाहिए।

  • टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में

    टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में


    नई दिल्ली । टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।
    टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।

  • उत्तराखंड समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी…. अन्य हिस्सों में कमजोर पड़ा मॉनसून

    उत्तराखंड समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी…. अन्य हिस्सों में कमजोर पड़ा मॉनसून


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में मॉनसून (Monsoon) की गतिविधियां अभी कमजोर हैं, लेकिन उत्तराखंड, हिमाचल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश (Heavy rain) की चेतावनी है. वहीं, राजस्थान में धूल भरी तेज आंधी चलने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तराखंड (Uttarakhand) में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 2-3 दिनों में पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4-5 दिन बाद बारिश होने की संभावना है. हालांकि, अगले 5-6 दिनों में उत्तर-पश्चिम, पश्चिम मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कमजोर मॉनसून और कम बारिश का अनुमान है।


    उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट

    उत्तराखंड में IMD ने भारी से बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. राज्य में बीते दिन भी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है. उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से 126 सड़कें बंद हैं, जिसमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. यमुनोत्री राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित है. स्याना चट्टी में भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हुआ है।


    राजस्थान में धूल भरी हवाएं

    मौसम विभाग (IMD) के अपने पूर्वानुमान ने बताया कि अगले 5-6 दिनों में पूर्वी राजस्थान में सूखा रहेगा. हालांकि, 13 से 15 जुलाई के बीच शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश हो सकती है. जबकि पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलने और धूल भरी आंधी आने की चेतावनी है.


    पश्चिम बंगाल में भारी बारिश

    पश्चिम बंगाल में बीते दिन अच्छी बारिश दर्ज की गई है. कोचबिहार जिले के पुंडिबारी में सबसे ज्यादा 89 मिमी बारिश हुई. IMD ने 14 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उप-हिमालयी इलाकों और दक्षिणी जिलों (बांकुरा, बर्दवान, नदिया, मुर्शिदाबाद आदि) में भारी बारिश की संभावना है।


    ओडिशा में चार दिन बारिश का अलर्ट

    ओडिशा में अगले चार दिन तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. सोमवार को बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, केवझर, मयूरभंज, कालाहांडी, कंधमाल और रायगड़ा जिलों में भारी बारिश हो सकती है. IMD ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. IMD के मुताबिक, इस मॉनसून सीजन में ओडिशा में अब तक 348.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 8% ज्यादा है।


    दिल्ली और यूपी के मौसम की जानकारी

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया जा रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 7 दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 35-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26-28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    वहीं, उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिन बारिश की संभावना नहीं है.लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ साफ मौसम रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इस सीजन में अब तक मॉनसून सामान्य से 17% कम रहा है. 1 जून से 12 जुलाई तक 158.8 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 190.9 मिमी है।


    हिमाचल में भी हल्की से मध्यम बारिश

    हिमाचल प्रदेश में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं, मनाली में 45 मिमी, सराहन में 38.5 मिमी, रोहड़ू में 25 मिमी और शिमला में 19 मिमी बारिश हुई है।