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  • बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशकों ने दिखाई समझदारी, अप्रैल में शेयर बाजार में आया भारी निवेश

    बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशकों ने दिखाई समझदारी, अप्रैल में शेयर बाजार में आया भारी निवेश

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में अप्रैल महीने के दौरान निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखाई दिया। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में बाजार में निवेश का स्तर मार्च की तुलना में काफी बेहतर रहा। खास बात यह रही कि निवेशकों ने इस दौरान एसआईपी के जरिए सबसे अधिक भरोसा लार्ज कैप कंपनियों पर जताया। बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशकों ने अनुशासित निवेश रणनीति अपनाते हुए बड़े और मजबूत शेयरों की ओर रुख किया।

    रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल महीने में भारतीय शेयर बाजार में कुल 73,639 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया। यह आंकड़ा मार्च के मुकाबले काफी अधिक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का झुकाव अब जोखिम कम करने और स्थिर रिटर्न पाने की दिशा में बढ़ रहा है। यही वजह है कि लार्ज कैप कंपनियों में निवेश लगातार बना हुआ है। हालांकि इन फंड्स के प्रदर्शन में गिरावट देखी गई, लेकिन फिर भी निवेशकों का भरोसा इन पर कायम रहा।

    निवेशकों ने इस दौरान खासतौर पर पीएसयू और बीएफएसआई सेक्टर के वैल्यू स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखाई। बैंकिंग, फाइनेंस और सरकारी कंपनियों से जुड़े शेयरों में निवेश बढ़ने से यह साफ संकेत मिला कि निवेशक अब सुरक्षित और स्थिर सेक्टरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दूसरी ओर टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों से निवेशकों ने दूरी बनाए रखी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक दबाव के कारण निवेशकों ने फिलहाल सावधानी बरतना बेहतर समझा।

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारतीय निवेशकों की एसआईपी संस्कृति पहले से अधिक परिपक्व होती जा रही है। बाजार में कमजोरी और गिरावट के बावजूद निवेशकों ने नियमित निवेश जारी रखा। यह संकेत देता है कि अब लोग अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय लंबी अवधि की रणनीति पर अधिक भरोसा कर रहे हैं। यही कारण है कि कमजोर प्रदर्शन वाले फंड्स में भी एसआईपी निवेश जारी रहा।

    अप्रैल महीने में इक्विटी निवेश रणनीतियों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। जहां पहले भारी निकासी हो रही थी, वहीं अब निवेश दोबारा तेजी से लौटता दिखाई दिया। विशेष रूप से आर्बिट्राज फंड्स में निवेश का स्तर काफी बढ़ा। माना जा रहा है कि संस्थागत निवेशकों ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए इन फंड्स में अधिक रुचि दिखाई।

    इसके अलावा फैक्टर आधारित निवेश श्रेणियों में ‘ग्रोथ’ कैटेगरी ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में सकारात्मक रिटर्न दर्ज किए गए और नए निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी। वहीं फोकस्ड फंड्स में निवेशकों की रुचि घटती नजर आई और इस श्रेणी में निकासी दर्ज की गई।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक व्यापक बाजार पूरी तरह मजबूत स्थिति में नहीं लौटता, तब तक निवेशक आक्रामक निवेश की बजाय संतुलित और अनुशासित रणनीति अपनाते रहेंगे। अप्रैल के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय निवेशक अब पहले की तुलना में ज्यादा जागरूक और धैर्यवान हो चुके हैं। यही परिपक्वता आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार को और अधिक स्थिरता प्रदान कर सकती है।

  • निवाली के खेड़ी में कृषक संगोष्ठी: प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर

    निवाली के खेड़ी में कृषक संगोष्ठी: प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर


    मध्यप्रदेश । बड़वानी जिले की निवाली तहसील के ग्राम खेड़ी में “कृषक कल्याण वर्ष 2026” के तहत रात्रि चौपाल सह कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभदायक बनाना रहा।

    कार्यक्रम में पानसेमल विधायक Shyam Barde और कलेक्टर Jayati Singh सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कलेक्टर ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और खेती से जुड़े सुझाव साझा किए।

    कलेक्टर ने अपने संबोधन में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS), उन्नत बीजों का उपयोग, मृदा परीक्षण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि अपनाने की अपील की, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो सके और मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे।

    कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि यंत्र और उन्नत मूंगफली बीज भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी, ताकि अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें।

    विधायक ने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। इस तरह के आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और वे बेहतर उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

    इस कृषक संगोष्ठी को ग्रामीण कृषि विकास और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों को सीधे प्रशासन और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिला।

  • धर्मेंद्र की याद में भावुक हुए बॉबी देओल, बोले- पापा के बिना जिंदगी में एक ऐसा खालीपन है जो कभी नहीं भर सकता

    धर्मेंद्र की याद में भावुक हुए बॉबी देओल, बोले- पापा के बिना जिंदगी में एक ऐसा खालीपन है जो कभी नहीं भर सकता


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल हाल ही में एक बातचीत के दौरान अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए बेहद भावुक नजर आए। बातचीत के दौरान उन्होंने खुलकर बताया कि पिता के जाने के बाद जिंदगी पहले जैसी नहीं रही और उनके बिना हर दिन एक गहरा खालीपन महसूस होता है। बॉबी की आंखों में अपने पिता की याद में आंसू साफ दिखाई दिए। उनका यह भावुक अंदाज देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ उनके पिता ही नहीं थे, बल्कि पूरे परिवार की ताकत और सबसे मजबूत सहारा थे।

    बॉबी देओल ने कहा कि उनके पिता एक ऐसे इंसान थे जिन्हें सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया प्यार करती थी। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्होंने लोगों के दिलों में अपने पिता के लिए खास सम्मान और अपनापन देखा था। आज भी जब वे कहीं जाते हैं तो लोग धर्मेंद्र को याद कर भावुक हो जाते हैं। बॉबी ने कहा कि उनके पिता की सादगी, प्यार और इंसानियत ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। उन्होंने माना कि जिंदगी में कई रिश्ते बनते हैं, लेकिन पिता जैसी जगह कोई नहीं ले सकता।

    बातचीत के दौरान परिवार और रिश्तों की अहमियत पर भी चर्चा हुई। बॉबी ने कहा कि पिता के जाने के बाद परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे का सहारा बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी हर पल उनकी कमी महसूस होती है। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र परिवार को हमेशा एकजुट रखने वाले इंसान थे और हर सदस्य से बेहद प्यार करते थे। उनके जाने के बाद घर का माहौल बदल गया है और कई बार छोटी-छोटी बातें भी उनकी याद दिला देती हैं।

    बॉबी देओल ने अपने पिता की सादगी को याद करते हुए कहा कि धर्मेंद्र को जिंदगी की छोटी-छोटी चीजों में खुशी मिलती थी। उन्हें परिवार के साथ समय बिताना, साधारण खाना खाना और लोगों से प्यार से बात करना बेहद पसंद था। यही वजह थी कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उन्हें दिल से सम्मान देता था। बॉबी ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें सिर्फ अभिनय ही नहीं बल्कि इंसानियत और रिश्तों की अहमियत भी सिखाई।

    उन्होंने यह भी कहा कि एक पिता का जाना सिर्फ परिवार के लिए ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों के लिए बड़ा नुकसान होता है जो उनसे जुड़े होते हैं। बॉबी ने स्वीकार किया कि समय के साथ इंसान खुद को संभालना सीख जाता है, लेकिन कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो जिंदगीभर साथ रहते हैं। उनके मुताबिक, पिता की यादें हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी और वही यादें उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती रहेंगी।

    बॉबी देओल का यह भावुक बयान सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। फैंस लगातार धर्मेंद्र को याद कर रहे हैं और बॉबी के प्रति अपना समर्थन जता रहे हैं। इस बातचीत ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि परिवार का रिश्ता कितना गहरा और अनमोल होता है, खासकर एक पिता और बेटे के बीच का संबंध जिंदगीभर इंसान के दिल में जिंदा रहता है।

  • भटके हुए जैन मुनि के मिलने पर भावुक हुए श्रद्धालु, आंसू छलक पड़े

    भटके हुए जैन मुनि के मिलने पर भावुक हुए श्रद्धालु, आंसू छलक पड़े

    मध्यप्रदेश । बड़वानी जिले में भीषण गर्मी के बीच एक दिगंबर जैन मुनि के 30 घंटे तक भटकने का मामला सामने आया। आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में दिगंबर जैन मुनि Vidambar Sagar Maharaj बिना आहार और जल के भटकते रहे, जिसके बाद पुलिस और समाजजनों की मदद से उन्हें सुरक्षित खोज लिया गया।

    मिली जानकारी के अनुसार मुनि महाराज 20 मई को महाराष्ट्र के शिरपुर से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर बड़वानी जिले के गवाड़ी पहुंचे थे। इसके बाद वे सेंधवा और जुलवानिया क्षेत्र की ओर विहार करते हुए आगे बढ़े। इसी दौरान मार्ग की गलत जानकारी और व्यवस्था में कमी के कारण वे दिशा भटक गए।

    रात के समय सुरक्षित स्थान न मिलने पर उन्होंने एक ढाबे के पास बगीचे में विश्राम किया, लेकिन अगले दिन सुबह से ही तेज धूप और लू में उनका कठिन विहार जारी रहा। लगातार बढ़ती गर्मी और जल–आहार की अनुपलब्धता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

    स्थानीय लोगों और जैन समाज के सदस्यों ने जब मुनि महाराज के लापता होने की सूचना पाई तो तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और जुलवानिया व आसपास के थाना क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया गया। करीब 6 घंटे की तलाश के बाद मुनि महाराज ठान फाटे के पास एक पुल के नीचे बैठे मिले।

    मुनि महाराज के मिलने पर उपस्थित समाजजनों और पुलिस टीम ने राहत की सांस ली। उन्हें तुरंत पेड़ की छांव में बैठाकर जल और आहार कराया गया। इस दृश्य को देखकर कई श्रद्धालु भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।

    स्थानीय समाजजनों ने कहा कि रास्तों की सही जानकारी और विहार व्यवस्था की कमी के कारण यह स्थिति बनी। अब जैन समाज की ओर से इस तरह के मामलों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने की बात कही जा रही है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर विहार करने वाले मुनियों को भविष्य में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

  • फिटनेस चिंता के बीच भी ब्राजील की सबसे बड़ी उम्मीद बने नेमार

    फिटनेस चिंता के बीच भी ब्राजील की सबसे बड़ी उम्मीद बने नेमार

    नई दिल्ली । ब्राजील के स्टार फुटबॉलर Neymar एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंबे समय से चोटों से जूझ रहे नेमार को फीफा विश्व कप 2026 के लिए ब्राजील की टीम में शामिल किया गया है। यह उनका चौथा विश्व कप होगा और संभवत: आखिरी भी। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या नेमार अपनी फिटनेस समस्याओं को पीछे छोड़कर ब्राजील को 24 साल बाद फिर विश्व चैंपियन बना पाएंगे।

    महज 18 साल की उम्र में 2010 में ब्राजील की राष्ट्रीय टीम से डेब्यू करने वाले नेमार ने बहुत कम समय में खुद को दुनिया के सबसे खतरनाक और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शामिल कर लिया था। उनकी तुलना फुटबॉल के दिग्गज Lionel Messi और Cristiano Ronaldo से होने लगी। शानदार ड्रिब्लिंग, तेज रफ्तार, बेहतरीन फिनिशिंग और आक्रामक खेल शैली ने उन्हें करोड़ों फैंस का पसंदीदा बना दिया।

    नेमार ने ब्राजील के लिए अब तक 128 मैचों में 79 गोल दागे हैं और वह टीम के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। 2016 ओलंपिक में उन्होंने ब्राजील को पहला फुटबॉल गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रचा था। इसके अलावा वे 2014, 2018 और 2022 फीफा विश्व कप में भी ब्राजील का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

    क्लब फुटबॉल में भी नेमार का करियर बेहद शानदार रहा। 2013 से 2017 तक वे FC Barcelona के लिए खेले, जहां उन्होंने कई बड़े खिताब जीते। इसके बाद 2017 में वे रिकॉर्ड ट्रांसफर फीस के साथ Paris Saint-Germain F.C. में शामिल हुए और फुटबॉल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने। 2023 में वे Al Hilal SFC पहुंचे, लेकिन चोटों के कारण वहां ज्यादा मैच नहीं खेल सके। फिलहाल वे अपने पुराने क्लब Santos FC के लिए खेल रहे हैं।

    हालांकि 2018 के बाद से चोटें नेमार के करियर की सबसे बड़ी दुश्मन बन गईं। अक्टूबर 2023 के बाद वे ब्राजील के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाए थे। यही वजह थी कि विश्व कप 2026 की टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने अनुभव और मैच विनिंग क्षमता को देखते हुए उन पर भरोसा जताया।

    ब्राजील अब तक रिकॉर्ड 5 बार फीफा विश्व कप जीत चुका है, लेकिन टीम ने आखिरी बार 2002 में खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में 2026 विश्व कप में नेमार के पास इतिहास रचने और अपने करियर को यादगार अंत देने का सुनहरा मौका होगा।

  • यात्री सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, परिवहन विभाग ने चलाया जांच अभियान

    यात्री सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, परिवहन विभाग ने चलाया जांच अभियान


    मध्यप्रदेश । खंडवा में लगातार सामने आ रहे बस हादसों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार को यात्री बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इंदौर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय के सामने हुई इस कार्रवाई में कई बसों में गंभीर खामियां सामने आईं। जांच के दौरान कुछ बसों में इमरजेंसी एग्जिट के सामने अतिरिक्त सीटें लगी मिलीं, जबकि कई बसों के इमरजेंसी गेट खराब हालत में पाए गए। अधिकारियों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया।

    अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने आने-जाने वाली यात्री बसों को रोककर उनकी गहन जांच की। कार्रवाई में 30 बसों के चालान बनाए गए और करीब 40 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह विशेष अभियान मध्यप्रदेश पुलिस और पुलिस परिवहन शोध संस्थान के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। खंडवा में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय, एआरटीओ दीपक मांझी और टीआई देवेंद्र सिंह परिहार की निगरानी में की गई। अधिकारियों के अनुसार 21 मई से 27 मई 2026 तक प्रदेशभर में यात्री बसों की विशेष चेकिंग की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

    चेकिंग के दौरान टीम ने बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा दस्तावेज, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, ड्राइवर के लाइसेंस और बैज की भी जांच की। इसके अलावा बसों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और तकनीकी सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी देखी गई। कई बसों की हेडलाइट, इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर में भी खामियां मिलीं।

    अधिकारियों ने विशेष रूप से इमरजेंसी गेट के सामने सीटें लगाए जाने को बेहद खतरनाक बताया। उनका कहना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यही इमरजेंसी गेट यात्रियों की जान बचाने का सबसे अहम रास्ता होता है। यदि वहां सीटें लगा दी जाएं या गेट खराब हो, तो हादसे के समय बड़ा नुकसान हो सकता है।

    ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय ने कहा कि हाल के महीनों में प्रदेश में हुई बस दुर्घटनाओं को देखते हुए अब यात्री सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बस चालकों को ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन न चलाने की सख्त हिदायत भी दी।

  • पटियाला से युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बांटे गए 188 नियुक्ति पत्र

    पटियाला से युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बांटे गए 188 नियुक्ति पत्र

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार की देशव्यापी रोजगार मुहिम के तहत पंजाब के पटियाला में आयोजित रोजगार मेले ने सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी। पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में आयोजित 19वें रोजगार मेले के दौरान 188 युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह, उम्मीद और खुशी से भरा दिखाई दिया। नौकरी पाने वाले युवाओं और उनके परिवारों के चेहरों पर संतोष और गर्व साफ झलक रहा था।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के नवनियुक्त उम्मीदवारों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ काम करने का संदेश दिया। रोजगार मेले में मौजूद उम्मीदवारों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को प्रेरणादायक बताया और इसे अपने करियर की नई शुरुआत के रूप में देखा।

    पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रिंसिपल चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें से 126 उम्मीदवारों को पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स के विभिन्न विभागों और ट्रेडों में नियुक्त किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। कई उम्मीदवारों ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की सिफारिश या आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ा और केवल योग्यता के आधार पर उनका चयन हुआ। युवाओं का कहना था कि इस प्रक्रिया ने सरकारी नौकरियों के प्रति उनका विश्वास और मजबूत किया है।

    रोजगार मेले में चयनित पश्चिम बंगाल की रितिका दत्ता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2024 में आवेदन किया था और अब उनका चयन पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में हुआ है। उन्होंने इस अवसर के लिए सरकार और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं उत्तर प्रदेश की शांति चतुर्वेदी ने बताया कि उनका चयन डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिला।

    उत्तर प्रदेश के ही विजय दुबे ने बताया कि उनका चयन जेई मैकेनिकल पद पर हुआ है और यह उनके लंबे इंतजार और मेहनत का परिणाम है। हिमाचल प्रदेश के योगेश ने भी चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी मिलने से उनके परिवार में उत्साह का माहौल है।

    रोजगार मेले के आयोजन को युवाओं के लिए सकारात्मक पहल माना जा रहा है। लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रोजगार की चुनौतियों के बीच ऐसे कार्यक्रम युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। पटियाला में आयोजित यह रोजगार मेला न केवल नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित रहा, बल्कि यह युवाओं के सपनों और उम्मीदों को नई दिशा देने वाला आयोजन भी बन गया।

  • शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने मचाई तबाही, मिल के आधे हिस्से तक पहुंचीं लपटें

    शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने मचाई तबाही, मिल के आधे हिस्से तक पहुंचीं लपटें


    मध्यप्रदेश । खरगोन जिले के सनावद स्थित अवंति सूत मिल में शुक्रवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में उसने मिल परिसर में रखी करीब 200 रूई की गठानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें मिल के आधे हिस्से तक पहुंच गईं और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।

    जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे मिल परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने जब तक स्थिति को समझा, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। रूई जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। हालात बिगड़ते देख तत्काल मिल की बिजली सप्लाई बंद की गई और दमकल विभाग को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही बड़वाह और ओंकारेश्वर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके साथ ही सनावद नगर परिषद का पानी का टैंकर भी आग बुझाने में लगाया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय प्रशासन की टीम ने लगातार करीब चार घंटे तक मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि शाम करीब 6 बजे तक परिसर से धुआं निकलता रहा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार केसी सोलंकी, सीएमओ राजेंद्र मिश्रा और नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी।

    मिल प्रबंधक धर्मेंद्र मित्तल ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के बाद आग ने अचानक तेजी पकड़ ली। शुरुआत में कर्मचारियों ने मिल के अगले हिस्से में लगी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें पीछे के हिस्से तक पहुंच चुकी थीं। उन्होंने बताया कि फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

    गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बड़ी मात्रा में सामग्री जलकर खाक हो गई। आग की इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • कोलकाता रोजगार मेले में युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 188 नियुक्ति पत्र बांटकर सरकार ने बढ़ाया भरोसा

    कोलकाता रोजगार मेले में युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 188 नियुक्ति पत्र बांटकर सरकार ने बढ़ाया भरोसा

    नई दिल्ली । देशभर में आयोजित राष्ट्रीय रोजगार मेले के तहत शनिवार को कोलकाता में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली। सियालदह स्थित डॉ. बी.सी. रॉय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 188 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के चेहरों पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

    रोजगार मेले में रेलवे सहित विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि देश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के और अधिक अवसर तैयार किए जाएंगे ताकि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिल सके।

    रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बढ़ते नेटवर्क और नई परियोजनाओं को देखते हुए कर्मचारियों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विभागों में योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है। नियुक्ति पत्र पाने वाले कई युवाओं ने इसे अपने जीवन की नई शुरुआत बताया।

    कार्यक्रम में चयनित एक युवक ने कहा कि रेलवे के तकनीकी विभाग में चयन होना उसके लिए गर्व की बात है और वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। वहीं दूसरे चयनित उम्मीदवार ने कहा कि लंबे समय की तैयारी और संघर्ष के बाद यह सफलता मिली है, जिससे परिवार में भी खुशी का माहौल है।

    रोजगार मेले में शामिल युवाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें यह भरोसा मिलता है कि मेहनत करने वालों के लिए अवसर लगातार उपलब्ध हैं। कई चयनित उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए प्रेरणादायक अनुभव रहा।

    कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है और सरकारी विभागों में नई नियुक्तियां प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। रोजगार मेले के माध्यम से सरकार की कोशिश है कि युवाओं को समय पर अवसर मिले और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

    कोलकाता में आयोजित यह रोजगार मेला युवाओं के लिए उम्मीद और नए अवसरों का प्रतीक बनकर सामने आया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कई युवाओं ने इसे अपने सपनों को साकार करने वाला क्षण बताया। कार्यक्रम के अंत में चयनित उम्मीदवारों ने भविष्य में देश सेवा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संकल्प भी लिया।

  • भीषण गर्मी में बढ़ी पानी की मांग, 72 घंटे में 32 किमी तय कर पहुंचा पानी

    भीषण गर्मी में बढ़ी पानी की मांग, 72 घंटे में 32 किमी तय कर पहुंचा पानी


    मध्यप्रदेश । खरगोन जिले में भीषण गर्मी और गहराते जलसंकट के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए पहली बार खारक डैम से 0.5 एमसीएम पानी छोड़ा है। यह पानी करीब 72 घंटे में 32 किलोमीटर का लंबा और जंगली रास्ता तय कर शनिवार सुबह नगर पालिका के कुंदा बैराज तक पहुंच गया। पानी पहुंचने के बाद शहरवासियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

    दरअसल, खरगोन शहर में इन दिनों तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पेयजल की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जहां शहर में प्रतिदिन करीब 28 एमएलडी पानी की सप्लाई होती थी, वहीं अब मांग बढ़कर 32 एमएलडी तक पहुंच गई है। अतिरिक्त 4 एमएलडी पानी की जरूरत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी।

    स्थिति तब और गंभीर हो गई जब शहर की प्रमुख जल स्रोत कुंदा नदी पूरी तरह सूखने लगी और कुंदा बैराज में केवल सात दिन का पानी शेष रह गया। ऐसे में प्रशासन ने जल संकट गहराने से पहले ही खारक डैम से आरक्षित पानी छोड़ने का निर्णय लिया। जल संसाधन विभाग ने बुधवार को डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा था।

    पानी को सुरक्षित तरीके से बैराज तक पहुंचाने के लिए नगर पालिका की जल शाखा की टीम लगातार तीन दिन तक निगरानी करती रही। नदी के रास्ते में कई जगह मिट्टी और पत्थरों के कारण बहाव बाधित हो रहा था। ऐसे में टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से 12 अलग-अलग स्थानों पर अवरोध हटाए, ताकि पानी का प्रवाह लगातार बना रहे और वह बीच रास्ते में रुक न जाए।

    नगर पालिका सीएमओ कमला कौल ने बताया कि शहर में संभावित जलसंकट को देखते हुए पहले ही यह कदम उठाया गया। प्रशासन लगातार जल वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं, जल शाखा प्रभारी संजय सोलंकी ने कहा कि बैराज में पानी का स्तर तेजी से घट रहा था और इसी कारण खारक डैम से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया।

    अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल खारक डैम में नगर पालिका के लिए लगभग 7.5 एमसीएम पानी रिजर्व रखा गया है। जरूरत पड़ने पर आगे भी पानी छोड़ा जा सकता है। कुंदा बैराज तक पानी पहुंचने से अब शहर में पेयजल आपूर्ति कुछ समय तक सामान्य बनी रहने की उम्मीद है।