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  • कोलकाता रोजगार मेले में युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 188 नियुक्ति पत्र बांटकर सरकार ने बढ़ाया भरोसा

    कोलकाता रोजगार मेले में युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 188 नियुक्ति पत्र बांटकर सरकार ने बढ़ाया भरोसा

    नई दिल्ली । देशभर में आयोजित राष्ट्रीय रोजगार मेले के तहत शनिवार को कोलकाता में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली। सियालदह स्थित डॉ. बी.सी. रॉय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 188 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के चेहरों पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

    रोजगार मेले में रेलवे सहित विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि देश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के और अधिक अवसर तैयार किए जाएंगे ताकि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिल सके।

    रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बढ़ते नेटवर्क और नई परियोजनाओं को देखते हुए कर्मचारियों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विभागों में योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है। नियुक्ति पत्र पाने वाले कई युवाओं ने इसे अपने जीवन की नई शुरुआत बताया।

    कार्यक्रम में चयनित एक युवक ने कहा कि रेलवे के तकनीकी विभाग में चयन होना उसके लिए गर्व की बात है और वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। वहीं दूसरे चयनित उम्मीदवार ने कहा कि लंबे समय की तैयारी और संघर्ष के बाद यह सफलता मिली है, जिससे परिवार में भी खुशी का माहौल है।

    रोजगार मेले में शामिल युवाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें यह भरोसा मिलता है कि मेहनत करने वालों के लिए अवसर लगातार उपलब्ध हैं। कई चयनित उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए प्रेरणादायक अनुभव रहा।

    कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है और सरकारी विभागों में नई नियुक्तियां प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। रोजगार मेले के माध्यम से सरकार की कोशिश है कि युवाओं को समय पर अवसर मिले और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

    कोलकाता में आयोजित यह रोजगार मेला युवाओं के लिए उम्मीद और नए अवसरों का प्रतीक बनकर सामने आया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कई युवाओं ने इसे अपने सपनों को साकार करने वाला क्षण बताया। कार्यक्रम के अंत में चयनित उम्मीदवारों ने भविष्य में देश सेवा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संकल्प भी लिया।

  • भीषण गर्मी में बढ़ी पानी की मांग, 72 घंटे में 32 किमी तय कर पहुंचा पानी

    भीषण गर्मी में बढ़ी पानी की मांग, 72 घंटे में 32 किमी तय कर पहुंचा पानी


    मध्यप्रदेश । खरगोन जिले में भीषण गर्मी और गहराते जलसंकट के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए पहली बार खारक डैम से 0.5 एमसीएम पानी छोड़ा है। यह पानी करीब 72 घंटे में 32 किलोमीटर का लंबा और जंगली रास्ता तय कर शनिवार सुबह नगर पालिका के कुंदा बैराज तक पहुंच गया। पानी पहुंचने के बाद शहरवासियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

    दरअसल, खरगोन शहर में इन दिनों तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पेयजल की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जहां शहर में प्रतिदिन करीब 28 एमएलडी पानी की सप्लाई होती थी, वहीं अब मांग बढ़कर 32 एमएलडी तक पहुंच गई है। अतिरिक्त 4 एमएलडी पानी की जरूरत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी।

    स्थिति तब और गंभीर हो गई जब शहर की प्रमुख जल स्रोत कुंदा नदी पूरी तरह सूखने लगी और कुंदा बैराज में केवल सात दिन का पानी शेष रह गया। ऐसे में प्रशासन ने जल संकट गहराने से पहले ही खारक डैम से आरक्षित पानी छोड़ने का निर्णय लिया। जल संसाधन विभाग ने बुधवार को डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा था।

    पानी को सुरक्षित तरीके से बैराज तक पहुंचाने के लिए नगर पालिका की जल शाखा की टीम लगातार तीन दिन तक निगरानी करती रही। नदी के रास्ते में कई जगह मिट्टी और पत्थरों के कारण बहाव बाधित हो रहा था। ऐसे में टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से 12 अलग-अलग स्थानों पर अवरोध हटाए, ताकि पानी का प्रवाह लगातार बना रहे और वह बीच रास्ते में रुक न जाए।

    नगर पालिका सीएमओ कमला कौल ने बताया कि शहर में संभावित जलसंकट को देखते हुए पहले ही यह कदम उठाया गया। प्रशासन लगातार जल वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं, जल शाखा प्रभारी संजय सोलंकी ने कहा कि बैराज में पानी का स्तर तेजी से घट रहा था और इसी कारण खारक डैम से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया।

    अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल खारक डैम में नगर पालिका के लिए लगभग 7.5 एमसीएम पानी रिजर्व रखा गया है। जरूरत पड़ने पर आगे भी पानी छोड़ा जा सकता है। कुंदा बैराज तक पानी पहुंचने से अब शहर में पेयजल आपूर्ति कुछ समय तक सामान्य बनी रहने की उम्मीद है।

  • विहिप नेता ने भोजशाला में मंदिर होने का दावा दोहराया, बयान से बढ़ी चर्चा

    विहिप नेता ने भोजशाला में मंदिर होने का दावा दोहराया, बयान से बढ़ी चर्चा


    मध्यप्रदेश । धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक चर्चाओं के केंद्र में है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यहां लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है और शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला भी भोजशाला पहुंचे। उन्होंने मां वाग्देवी के दर्शन और पूजन कर अपनी आस्था व्यक्त की। भोजशाला परिसर में इन दिनों धार्मिक माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।

    भोजशाला पहुंचने के बाद हुकुमचंद सावला ने इसे केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिक्षा और आस्था का प्राचीन केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में यहां विभिन्न विद्याओं की शिक्षा दी जाती थी और यह स्थान मां सरस्वती यानी वाग्देवी का दिव्य मंदिर रहा है। सावला ने दावा किया कि भोजशाला की स्थापत्य शैली, पत्थरों पर बने चिह्न और संरचना स्वयं इस बात के प्रमाण हैं कि यह मूल रूप से मंदिर स्वरूप में निर्मित की गई थी।

    उन्होंने परिसर का निरीक्षण करते हुए कहा कि यहां मौजूद पत्थरों और दीवारों पर बने चिन्ह इतिहास की सच्चाई को दर्शाते हैं। सावला ने कहा कि जनभावनाओं और आस्था के अनुरूप भविष्य में यहां मां वाग्देवी का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद भोजशाला को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    उल्लेखनीय है कि धार की भोजशाला लंबे समय से ऐतिहासिक और धार्मिक विवाद का विषय रही है। विभिन्न पक्ष इसे लेकर अपने-अपने दावे करते रहे हैं। हाल ही में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यहां धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इसके बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

    भोजशाला में रोजाना पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन भी पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति न बने।

    हुकुमचंद सावला के दौरे और बयान के बाद भोजशाला एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक चर्चाओं का केंद्र बन गई है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और अधिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

  • वीडी सतीशन का दिल्ली दौरा बना सियासी हलचल का केंद्र, कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से कई अहम बैठकें

    वीडी सतीशन का दिल्ली दौरा बना सियासी हलचल का केंद्र, कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से कई अहम बैठकें


    नई दिल्ली । केरल में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन अपने पहले आधिकारिक दिल्ली दौरे पर पहुंचे हैं। सत्ता संभालने के बाद यह उनका पहला राष्ट्रीय राजधानी दौरा माना जा रहा है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

    मुख्यमंत्री सतीशन शुक्रवार देर रात दिल्ली पहुंचे, जहां केरल हाउस में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह स्वागत उनके हालिया चुनावी जीत और लंबे समय बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन का प्रतीक माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकातों का सिलसिला शुरू किया।

    अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में केवल औपचारिक बातचीत ही नहीं हुई बल्कि संगठनात्मक रणनीति और सरकार के आगामी कार्यों को लेकर भी गंभीर चर्चा की गई।

    बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सतीशन ने चुनावी अभियान के दौरान मिले सहयोग और समर्थन के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी साझा किया कि नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ेगी और जनता से किए गए वादों को किस तरह पूरा किया जाएगा। बंद कमरे में हुई इन बैठकों में राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और राजनीतिक संतुलन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

    इसके साथ ही केरल कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चा भी इस दौरे का अहम हिस्सा रही। संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना के बीच पार्टी नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर भी गहन मंथन हुआ। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पार्टी संगठन में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ेगा।

    सूत्रों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री सतीशन आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि इस संभावित बैठक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि यह मुलाकात होती है, तो यह राज्य और केंद्र के बीच सहयोग और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

    हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने लेफ्ट सरकार को पराजित कर केरल की सत्ता में वापसी की है। यह जीत राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है। ऐसे में नए मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा न केवल औपचारिक मुलाकातों का हिस्सा है, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

  • देवास में ट्रैफिक लापरवाही उजागर, हफ्तेभर में दूसरी बार टूटा सुरक्षा नेट

    देवास में ट्रैफिक लापरवाही उजागर, हफ्तेभर में दूसरी बार टूटा सुरक्षा नेट


    मध्यप्रदेश । देवास शहर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले एमजी तिराहे पर धूप से बचाव के लिए लगाया गया ग्रीन नेट शेड एक बार फिर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर का शिकार हो गया। शुक्रवार देर रात एक अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने तिराहे पर लगे शेड को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसका बड़ा हिस्सा उखड़कर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जब सड़क पर लोगों और वाहनों की आवाजाही बेहद कम थी। यदि यह घटना दिन के समय होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि दिनभर इस तिराहे पर भारी भीड़ रहती है और लोग धूप से बचने के लिए इसी शेड के नीचे खड़े रहते हैं।

    घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि तेज रफ्तार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सीधे ग्रीन नेट शेड से टकराता है और उसे तोड़ते हुए मौके से निकल जाता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर वाहन और उसके चालक की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले भी इसी एमजी तिराहे पर एक अन्य वाहन की टक्कर से यही ग्रीन नेट शेड टूट गया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का आरोप है कि तिराहे पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एमजी तिराहे पर स्पीड कंट्रोल के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। नागरिकों का कहना है कि यह तिराहा शहर का प्रमुख यातायात केंद्र है और यहां हर समय लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम बेहद जरूरी हैं।

  • समंदर में उतरा दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट, स्टारशिप टेस्ट के बाद स्पेसएक्स और नासा में जश्न का माहौल

    समंदर में उतरा दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट, स्टारशिप टेस्ट के बाद स्पेसएक्स और नासा में जश्न का माहौल


    नई दिल्ली । अंतरिक्ष तकनीक की दुनिया में एक बार फिर इतिहास रचते हुए Elon Musk की कंपनी SpaceX ने अपने महत्वाकांक्षी स्टारशिप V3 रॉकेट का सफल परीक्षण कर लिया है। दुनिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक रॉकेट सिस्टम माने जा रहे स्टारशिप के इस नए संस्करण ने अंतरिक्ष मिशनों की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। हालांकि परीक्षण के दौरान इंजन से जुड़ी तकनीकी समस्या सामने आई, लेकिन इसके बावजूद रॉकेट हिंद महासागर में सफलतापूर्वक उतरा, जिसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    स्टारशिप V3 का यह परीक्षण स्पेसएक्स के लिए बेहद अहम था क्योंकि यह इस सीरीज की नई पीढ़ी का पहला टेस्ट था। भारतीय समयानुसार सुबह लॉन्च किए गए इस रॉकेट ने उड़ान के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी चरण सफलतापूर्वक पूरे किए। मिशन के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने भी इस उपलब्धि की जमकर सराहना की और इसे भविष्य के चंद्रमा और मंगल मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

    स्टारशिप सिस्टम में ऊपरी हिस्से को स्पेसक्राफ्ट और निचले हिस्से को सुपर हेवी बूस्टर कहा जाता है। दोनों को मिलाकर “स्टारशिप” नाम दिया गया है। इसकी कुल ऊंचाई लगभग 403 फीट बताई जा रही है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली रॉकेट सिस्टम बनाती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह रीयूजेबल यानी दोबारा इस्तेमाल किया जा सकने वाला सिस्टम है, जिससे अंतरिक्ष मिशनों की लागत को काफी कम किया जा सकता है।

    नासा पहले ही घोषणा कर चुका है कि भविष्य के आर्टेमिस मिशन में स्टारशिप को ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसी तकनीक के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से इंसानों को दोबारा चांद पर भेजने की योजना पर काम कर रही नासा के लिए यह टेस्ट नई उम्मीद लेकर आया है।

    हालांकि मिशन के अंतिम चरण में रॉकेट समुद्र में उतरने के बाद तेज धमाके के साथ फट गया, लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक परीक्षण का मुख्य उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया। अंतरिक्ष विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के परीक्षण भविष्य में मानव मिशनों को सुरक्षित और अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    नासा अधिकारियों ने कहा कि स्टारशिप की टेस्टिंग के दौरान हॉट स्टेजिंग, ऑर्बिटल ऑपरेशन और बूस्टर प्रदर्शन जैसे कई महत्वपूर्ण लक्ष्य पूरे हुए हैं। एजेंसी का मानना है कि अगर यह तकनीक पूरी तरह सफल होती है तो आने वाले वर्षों में यही सिस्टम इंसानों को मंगल ग्रह तक पहुंचाने का आधार बन सकता है।

    इस उपलब्धि के बाद अंतरिक्ष जगत में उत्साह का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टारशिप की सफलता केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी मानव सभ्यता के अंतरिक्ष भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत है। आने वाले समय में यह तकनीक अंतरिक्ष यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता बना सकती है।

  • लू और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा

    लू और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिले में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। शनिवार को जिले का तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। तेज धूप और झुलसा देने वाली लू के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कें और बाजार सुनसान नजर आए। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं का असर इतना ज्यादा है कि दोपहर में बाजारों में भी सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल दिखाई नहीं दे रही। दुकानदारों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है।

    दिनभर चलने वाली लू के बाद रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। रात के समय भी गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे घरों में कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं। कई इलाकों में लोग रातभर गर्मी और उमस के कारण सो नहीं पा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

    भीषण गर्मी का असर सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई दे रहा है। बस स्टैंड, बाजार, चौराहे और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाके दोपहर के समय लगभग खाली नजर आ रहे हैं। लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को कपड़े से ढंककर बाहर निकल रहे हैं। कई लोग अपने साथ पानी की बोतल और ग्लूकोज रखकर चल रहे हैं ताकि लू से बचाव किया जा सके।

    मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में फिलहाल गिरावट की संभावना कम है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

    लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। सुबह और शाम के समय ही लोग बाजारों में खरीदारी के लिए निकल रहे हैं। दोपहर के समय शहर मानो थम सा जाता है। गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिखाई दे रहा है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

  • चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 मजदूरों की मौत, सैकड़ों लोग थे अंदर मौजूद

    चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 मजदूरों की मौत, सैकड़ों लोग थे अंदर मौजूद


    नई दिल्ली ।मध्य चीन के Shanxi province में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी है, जिसमें अब तक कम से कम 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब खदान के भीतर 247 मजदूर काम कर रहे थे और अचानक हुए धमाके ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विस्फोट से पहले खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन कुछ ही देर बाद जोरदार धमाका हो गया जिससे स्थिति बेहद गंभीर बन गई।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हादसा Qinyuan County क्षेत्र में स्थित खदान में हुआ, जो राजधानी बीजिंग से लगभग 520 किलोमीटर दूर है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि खदान के भीतर मौजूद कई मजदूरों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सका। राहत और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया, लेकिन अंदर फंसे लोगों को निकालने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    सरकारी एजेंसियों के अनुसार अब तक कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है और बचाव कार्य लगातार जारी है।

    इस घटना को पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र का सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और खनन उद्योग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने में जुटी हैं, जबकि विशेषज्ञों को आशंका है कि अंदर की परिस्थितियां अभी भी बेहद खतरनाक बनी हुई हैं।

    Xi Jinping ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लापता लोगों की खोज में कोई भी कोताही नहीं बरती जानी चाहिए और हादसे के कारणों की गहन जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

    सरकारी स्तर पर यह भी कहा गया है कि इस घटना से सीख लेकर खनन सुरक्षा नियमों को और सख्त बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को रोका जा सके। वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और सभी एजेंसियां मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं।

  • अंडरग्राउंड फिटिंग के तार काटकर चोरों ने दिया वारदात को अंजाम

    अंडरग्राउंड फिटिंग के तार काटकर चोरों ने दिया वारदात को अंजाम


    मध्यप्रदेश । शाजापुर शहर में इन दिनों बिजली तार चोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर चोरों ने निर्माणाधीन मकानों से लेकर शासकीय स्कूल तक को निशाना बनाते हुए अंडरग्राउंड बिजली फिटिंग के तार चोरी कर लिए। लगातार सामने आई तीन वारदातों ने पुलिस और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मामले में कोतवाली पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    पहली घटना 22 मई को शहर के सरदार पटेल हॉस्पिटल के पीछे स्थित एक निर्माणाधीन मकान में हुई। मकान मालिक अमित कुमार नायक ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अज्ञात बदमाश रात के समय मकान में घुसे और बिजली फिटिंग के लिए डाले गए तार काटकर चोरी कर ले गए। चोरी का पता सुबह काम पर पहुंचे लोगों को चला, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इसी दिन दूसरी वारदात विराज सिटी इलाके में सामने आई। यहां विजय कुमार गामी के निर्माणाधीन मकान को चोरों ने निशाना बनाया। बताया गया कि देर रात आरोपी मकान में घुसा और अंडरग्राउंड वायरिंग के बिजली तार काटकर उन्हें बोरी में भरने लगा। चोरी किए गए सामान की कीमत करीब 20 हजार रुपए बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने लक्ष्मीनगर निवासी सोनू खान को आरोपी बनाया है।

    लगातार हो रही चोरियों के बीच तीसरी घटना ने सभी को चौंका दिया। बदमाशों ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय महुपुरा में भी चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। स्कूल के ताले तोड़कर चोर अंदर घुसे और बिजली बोर्ड तथा वायरिंग को नुकसान पहुंचाते हुए तार चोरी कर ले गए। स्कूल प्रबंधन ने घटना की शिकायत पुलिस को सौंप दी है।

    तीन वारदातों के बाद सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने संदिग्ध सोनू खान को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अन्य घटनाओं में भी उसका हाथ है। पुलिस का मानना है कि चोरी की इन घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो निर्माणाधीन मकानों और कम सुरक्षा वाले सरकारी भवनों को निशाना बना रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से भय का माहौल बन गया है। खासकर निर्माणाधीन मकानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का फायदा चोर उठा रहे हैं। लोगों ने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और ऐसे इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।

  • विदिशा सड़क हादसे में मातम, खेत जा रहे किसानों और मजदूरों से भरी ट्रॉली पलटी

    विदिशा सड़क हादसे में मातम, खेत जा रहे किसानों और मजदूरों से भरी ट्रॉली पलटी


    मध्यप्रदेश । विदिशा जिले के कुरवाई थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। मूंग की फसल काटने जा रहे मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक किसान और एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई, जबकि बच्चों सहित 20 अन्य लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    यह हादसा सुबह करीब 6 बजे बीना रोड पर लायरा और मलियाखेड़ा गांव के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे, जो खेतों में मूंग की कटाई करने जा रहे थे। इनमें कई प्रवासी मजदूर भी शामिल थे। मजदूरों के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी ट्रॉली में मौजूद थे। अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि लोग ट्रॉली के नीचे दब गए और कई लोग दूर जाकर गिरे।

    घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। सूचना मिलते ही कुरवाई थाना प्रभारी आरके मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने मौके का मुआयना कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और ट्रैफिक व्यवस्था संभाली।

    सभी घायलों को तत्काल कुरवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 55 वर्षीय किसान ऋषभ साहू उर्फ ऋषि और 65 वर्षीय मजदूर दरबारी कौल को मृत घोषित कर दिया। दोनों शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    हादसे में घायल 20 वर्षीय दिव्या कोल और 35 वर्षीय रजनी कोल की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। वहीं अन्य 18 घायलों का इलाज कुरवाई अस्पताल में जारी है। घायलों में कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनके घायल होने से अस्पताल का माहौल बेहद भावुक हो गया।

    पुलिस प्रशासन अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह लगातार निगरानी बनाए हुए है। प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर-ट्रॉली के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है। हालांकि वाहन की गति, सड़क की स्थिति और तकनीकी खराबी जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर खेतों में काम के लिए असुरक्षित तरीके से मजदूरों को ढोने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में मजदूरों और बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाना आम बात है, लेकिन यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो रही है।