Blog

  • मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म

    मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। महीने के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के कई शहरों में तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया है।

    रविवार को रंगपंचमी के दिन रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और गर्मी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अगले 4 से 5 दिन तक मौसम का यही रुख रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर आगे देखने को मिल सकता है।

    कई शहरों में तापमान 36 डिग्री के पार
    रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में गर्मी का असर रहा। बड़े शहरों में उज्जैन का तापमान सबसे ज्यादा 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद ग्वालियर में 36.5 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। अन्य शहरों की बात करें तो रतलाम में पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। गुना और सागर में तापमान 37.4 डिग्री और श्योपुर में 37 डिग्री रहा। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी
    मौसम विभाग के अनुसार इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। प्रदेश के कई शहरों में सामान्य तापमान से 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव बताया जा रहा है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। साथ ही हवा में नमी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं प्रदेश में तापमान बढ़ा रही हैं।

    इस बार मार्च में ही तेज गर्मी के संकेत
    आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का दौर मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में भी 15 मार्च के बाद ही तापमान में तेज बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन इस बार ट्रेंड पहले ही बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही प्रदेश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच जाए। साथ ही अनुमान जताया जा रहा है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिलेगा, जो करीब 15 से 20 दिनों तक चल सकती है।

  • भारत के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने पर मध्य प्रदेश में मना जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    भारत के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने पर मध्य प्रदेश में मना जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    भारतीय क्रिकेट टीम के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने के बाद मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल है। राजधानी भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के सभी बड़े शहरों में जमकर आतिशबाजी की जा रही है और लोग सड़कों पर तिरंगा लेकर भारत-माता की जय के नारे लगाते हुए जगह-जगह डांस करते नजर आ रहे हैं।

    रविवार की रात अहमदाबाद में खेले गए टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया। इसके बाद भी भारतीय टीम लगातार दो बार टी–20 विश्व कप जीतने वाली टीम बनी। पहली बार किसी मेजबान टीम ने टी–20 विश्वकप जीता है। भारत ने तीसरी बार टी–20 विश्व कप जीता है।

    भारत के मैच जीतते ही मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में लोग तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। क्रिकेट प्रेमी आतिशबाजी क रहे हैं। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मना रहे हैं। कई जगहों पर लोग डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते नजर आ रहे हैं।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के राजवाड़ा पर जश्न मनाने पहुंचे हैं। वे अपनी कार की छत पर बैठकर तिरंगा लहरा रहे हैं। इस बीच, भारत की जीत पर बागेश्वर धाम के महंत कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जुनून और रणनीति के आगे पनौती कुछ भी नहीं।


    मुख्यमंत्री ने भारतीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रवासियों को बधाई

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट मुकाबला जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रवासियों को बधाई दी है। उन्होंने मैच देखने के बाद मैच के विजयी क्षण में उल्लास व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस विजय का हकदार था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर सर्वश्रेष्ठ थे और सर्वश्रेष्ठ हैं। वे वर्ल्ड चैम्पियन की तरह ही खेले, एक बार फिर यह सिद्ध हो गया है कि अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्र प्रेम के भाव के साथ खेलते हुए खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं। वर्ष 2024 में लगभग 2 वर्ष पूर्व भी भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हरा कर वर्ल्ड कप जीता था। आज न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने क्रिकेट के इतिहास में पुनः गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया है। यह बहुत हर्ष और गर्व का क्षण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में दर्शकों ने भी जिस राष्ट्र प्रेम का परिचय दिया और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन किया है वह बेमिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं को भी श्रेष्ठ खिलाड़ियों के चयन के लिए हार्दिक बधाई दी है। डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार, अभिषेक शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंडया, अर्शदीप, किशन, संजय सैमसन और टीम के सभी खिलाड़ियों ने अच्छे खेल के साथ सूझबूझ का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रिकेट सहित सभी खेलों और खिलाड़ियों का हौसला निरंतर बढ़ाया है। भारत के जांबाज, प्रतिभाशाली और राष्ट्र का मान बढ़ाने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों को पूरा राष्ट्र बधाई दे रहा है।


    ग्वालियर में जगमगाया शहर, होली पर दिखा दिवाली जैसा माहौल

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ग्वालियर में भी जबरदस्त जश्न देखने को मिल रहा है। शहर के कई इलाकों में क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए हैं और जोरदार आतिशबाजी के साथ जीत का उत्सव मना रहे हैं। रंग और खुशी के इस माहौल में होली के बीच दिवाली जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं, तिरंगा लहरा रहे हैं और “भारत माता की जय” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है।


    इटारसी में जश्न, सड़कों पर उतरे लोग, जमकर की आतिशबाजी

    भारत की टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत के साथ ही इटारसी शहर जश्न में डूब गया। जैसे ही मैच की आखिरी गेंद पर भारत की जीत तय हुई, पूरे शहर में “चक दे इंडिया” और “भारत माता की जय” के नारों की गूंज सुनाई देने लगी। क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई जगहों पर आतिशबाजी की गई और लोगों ने तिरंगा लहराते हुए टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। शहर में ऐसा माहौल बना मानो दिवाली समय से पहले ही मनाई जा रही हो।


    धार में कार में बैंड बजाकर चलती गाड़ी में युवाओं ने किया डांस

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद धार जिले के धामनोद में भी जश्न का माहौल बना हुआ है। क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतरकर टीम इंडिया की जीत का उत्सव मना रहे हैं। यहां युवाओं ने कार में बैंड बजाकर जश्न मनाया। चलती कार में ही युवाओं ने डांस करते हुए तिरंगा लहराया और भारत माता के जयकारे लगाए। ढोल-बैंड और आतिशबाजी के साथ धामनोद में देर रात तक जीत का जश्न जारी है और लोग टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी जाहिर कर रहे हैं।


    इंदौर के राजवाड़ा पर थिरके मंत्री विजयवर्गीय, लोगों के साथ मनाया जश्न

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद इंदौर के राजवाड़ा पर जश्न का माहौल बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी एकत्रित होकर ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए जीत का उत्सव मना रहे हैं। इस दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी राजवाड़ा पहुंचे। लोगों के साथ जश्न में शामिल हुए। मंत्री विजयवर्गीय ढोल की थाप पर जमकर थिरकते नजर आए।

    मैच खत्म होने से पहले ही राजवाड़ा पर भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। जैसे ही न्यूजीलैंड टीम के आखिरी बल्लेबाज़ का विकेट गिरा और जीत भारत के नाम हुई, वैसे ही शहर कुछ देर के लिए आतिशबाजी और पटाखों की गूंज से गूंज उठा। क्रिकेट प्रेमी टीवी स्क्रीन छोड़कर अपनी गाड़ियों से राजवाड़ा की ओर निकल पड़े। राजवाड़ा पर क्रिकेट दीवानों की भीड़ इकट्ठा हो गई। रंग-गुलाल, पटाखों के बीच ढोलकों की थाप पर क्रिकेट प्रेमी तिरंगे के साथ नाचे। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा राजवाड़ा गूंज रहा था।

    राजवाड़ा से जुड़ी गलियों में भीड़ ही भीड़ थी। भीड़ ज्यादा बढ़ी तो लोग अपनी गाड़ियां इधर-उधर रखकर राजवाड़ा पहुंचे। कोई अपनी कार की छत पर बैठकर नारे लगा रहा था तो कोई दोस्तों के कंधे पर बैठकर नाच रहा था। बड़ा ही अद्भुत नजारा था राजवाड़ा का। करीब एक घंटे तक राजवाड़ा भारतीय जीत के उल्लास का केंद्र बना रहा। भीड़ में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल हुए। कई परिवार अपने बच्चों के साथ तिरंगा हाथ में लिए जश्न मनाने पहुंचे। लोग नाचते-गाते अपनी खुशियां प्रकट कर रहे थे। कुछ देर बाद चौक पर मौजूद भीड़ को पुलिसकर्मियों ने शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों की ओर लौटने के लिए कहा।


    धीरेंद्र शास्त्री बोले- जुनून के आगे ‘पनौती’ कुछ भी नहीं

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टीम इंडिया को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों की शानदार रणनीति, कड़े परिश्रम और अटूट जुनून का परिणाम है। बागेश्वर महाराज ने ‘पनौती’ जैसे शब्दों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई भी दिन, मैदान या खिलाड़ी अशुभ नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब सही रणनीति, दृढ़ संकल्प और भगवान की कृपा साथ हो, तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने इस जीत को पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया और सभी क्रिकेट प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। उनके अनुसार टीम इंडिया की इस जीत ने पूरे देश में उत्साह और गौरव का माहौल बना दिया है।

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बाद छिंदवाड़ा में भी जश्न का माहौल बना हुआ है। शहर में क्रिकेट प्रेमी अलग-अलग अंदाज में टीम इंडिया की जीत का उत्सव मना रहे हैं। इसी दौरान कुछ युवाओं ने ट्रक के हॉर्न की आवाज को ही धुन बनाकर सड़क पर डांस करना शुरू कर दिया। ट्रक के लगातार बजते हॉर्न के बीच युवा झूमते नजर आए और आसपास मौजूद लोग भी इस अनोखे जश्न का आनंद लेते दिखाई दिए। पूरे इलाके में भारत की जीत को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है।

    भोपाल में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में महाकाल भक्त मंडल ने भारत की जीत की खुशी में जोरदार जश्न मनाया। कार्यक्रम के दौरान ढोल-नगाड़ों की धुन, रंग-गुलाल और आतिशबाजी के बीच माहौल होली और दीपावली जैसा नजर आया। महाकाल भक्त मंडल के विवेक साहू ने बताया कि भारतीय टीम की जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। इस खुशी में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के विश्वविजेता बनने के बाद धार जिले के बाग में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। टीम इंडिया की जीत की खुशी में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और जोरदार तरीके से जश्न मनाया। इस दौरान महिलाओं ने तिरंगा झंडा लहराते हुए भारत माता के जयकारे लगाए और एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। पूरे इलाके में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।

  • भारत बना टी20 विश्व कप चैंपियन, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार जीता खिताब

    भारत बना टी20 विश्व कप चैंपियन, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार जीता खिताब


    अहमदाबाद।
    भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इसके साथ ही भारत लगातार दो बार टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया। जसप्रीत बुमराह को उनके शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

    फाइनल में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 89 रन की शानदार पारी खेली, जो टी20 विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा। वहीं ईशान किशन ने 54 और अभिषेक शर्मा ने 52 रन का योगदान दिया। आखिर के ओवरों में शिवम दुबे ने 08 गेंदों पर 26 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। ओपनर बैट्समैन टिम सीफर्ट ने 52 और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 43 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सके। पूरी कीवी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 15 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल ने 3 ओवर में 27 रन खर्च कर 3 विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ भारत पहली ऐसी मेजबान टीम बन गया जिसने अपने घर में टी20 विश्व कप का खिताब जीता। साथ ही तीन बार टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई।

  • ग्वालियरः एसी ऑन करते ही व्यापारी के घर में लगी भीषण आग, पांच लोगों को बचाया, बहू की मौत

    ग्वालियरः एसी ऑन करते ही व्यापारी के घर में लगी भीषण आग, पांच लोगों को बचाया, बहू की मौत


    Gwalior
    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक व्यापारी के घर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही घर से तेज धुआं और लपटें उठने लगीं। उस समय घर के अंदर परिवार के छह लोग मौजूद थे। इनमें से पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि बहू की मौत हो गई।

    जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के सबसे व्यस्ततम बाजार दौलतगंज के बालाबाई के बाजार में रविवार शाम करीब चार बजे एक तीन मंजिला मकान में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खिड़कियां तोड़कर घर के अंदर पहुंचे। घटना में एक महिला की दम घुटने से मौत हो गई और मकान में रखा लाखों का सामान जल गया। मकान के अंदर दो बच्चों समेत कुछ लोग फंसे थे जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बचा लिया।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार घर में एयर कंडीशनर (एसी) ऑन किया गया था। इसी दौरान आग लग गई। धीरे-धीरे पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। आग बुझाने की कोशिश कर रही है। अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने बताया कि लगभग 35 से अधिक गाड़ियों का पानी आग बुझाने में अब तक लग चुका है।

    बताया जा रहा है कि मकान में व्यापारी परिवार के तीन भाई गिर्राज, दिनेश और हरिओम अग्रवाल एक साथ रहते हैं। आग लगने के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर थे। स्थानीय लोगों ने भी दमकलकर्मियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में मदद की। इस दौरान घर में धुआं भर जाने की वजह से अंकिता अग्रवाल (पत्नी सचिन अग्रवाल) का दम घुट गया। पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान अंकिता की मौत हो गई। मृतक के पिता अशोक अग्रवाल को हार्ट अटैक आया है। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही एसपी धर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्रीय विधायक सतीश सिकरवार और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां लगाई गईं। इसके अलावा टैंकरों से भी पानी की सप्लाई की गई। काफी मशक्कत के बाद कुछ हद तक आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। हालांकि ऊपरी मंजिलों पर फिर से लपटें अभी भी उठने लगी हैं।

    प्रशासन का कहना है कि एरिया बेहद कंजेस्टेड है। यहां प्रॉपर गाड़ियां नहीं जा पा रही हैं। जिसके कारण आग बुझाने में देरी हो रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

  • करीलाधाम देश का एकमात्र मंदिर जहां माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ हैं विराजमान

    करीलाधाम देश का एकमात्र मंदिर जहां माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ हैं विराजमान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि करीलाधाम श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अदभुत संगम है। इस पावन स्थल पर माता सीता अपने दोनों पुत्र लव-कुश के साथ विराजमान हैं। यह देश का एकमात्र अद्वितीय मंदिर है, जहाँ माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ पूजी जाती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अशोकनगर जिले के करीलाधाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित हैं। करीलाधाम लव-कुश की जन्मस्थली भी है, जो लव-कुश की बाल लीलाओं की साक्षी है। इस पवित्र स्थली के सम्पूर्ण विकास की योजना बनाई जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने करीलाधाम में माता जानकी के दर्शन भी किए और जिले को 115 करोड़ रुपये लागत के 50 विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसमें 57 करोड़ तीन लाख की लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और 58 करोड़ 32 लाख की लागत के 39 विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि माता सीता धैर्य, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं। जब हम नारी शक्ति की बात करते हैं तो माता सीता का ध्यान आता है। माता सीता ने यह संदेश दिया कि नारी का आत्म-सम्मान ही सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का भी विशेष स्नेह मिला है। यहाँ चित्रकूट में उन्होंने वनवास काल के 11 वर्ष बिताए। मध्य प्रदेश सरकार राम वन गमन वथ विकसित कर रही है। जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के श्रीचरण पड़े हैं, उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि करीलाधाम में आस्था के साथ श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। आज के दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति एवं पराक्रम की देवी हैं, उनका प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव-कुश की कहानी जुड़ती है।


    हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही आगामी लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार प्रतिमाह 1500 रुपये की राशि प्रदान कर रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 6-6 हजार रुपये की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दी जा रही है।


    जानकी मंदिर में की विधि-विधान से पूजा-अर्चना

    मुख्यमंत्री ने करीलाधाम में जानकी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही मंदिर परिसर में ढोल बजाकर शंखनाद किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली भी खेली। मुख्यमंत्री ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीलाधाम तक 10 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत किये जाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने करीलाधाम तीर्थ के संपूर्ण विकास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर समूह की महिलाओं से संवाद भी किया।


    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. अमिता सेठी, धार्मिक क्षेत्र में नैना शर्मा, खेल के क्षेत्र में पूनम रघुवंशी, पर्यावरण के क्षेत्र में विनीता साहू, स्वंयसिद्धा के क्षेत्र में गायत्री शर्मा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में छाया बैस तथा समाजसेवा के क्षेत्र में कुलविंदर कौर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी

    एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट के बीच टाटा की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया 10 से 18 मार्च तक नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। एयरलाइन का यह कदम मुश्किल हालात में कनेक्टिविटी बनाए रखने में सहायक होगा।

    एयर इंडिया ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयरलाइन 10 से 18 मार्च के बीच 9 रूट्स पर 78 एक्स्ट्रा फ्लाइट्स चलाएगी।

    कंपनी ने आगे लिखा, हम न्यूयॉर्क के जेएफके, लंदन के हीथ्रो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले के लिए एक्स्ट्रा कैपेसिटी लगा रहे हैं। एयर इंडिया इन मार्गो को जोड़ने वाले नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। इससे यूरोप, अमेरिका, मालदीव और श्रीलंका के लिए 17,660 सीटें बढ़ेंगी, यात्रियों को विश्वसनीय विकल्प मिलेंगे।

    एयर इंडिया के मुताबिक पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात में कई रूट्स पर उड़ानों की उपलब्धता कम हो गई है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों के जरिए यात्रियों को ज्यादा विकल्प और सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत भरा होगा जो अमेरिका और यूरोप की यात्रा करना चाहते हैं।

  • भारतीय पारंपरिक औषधि अमृतधारा सिर दर्द घबराहट और अपच में दे राहत..

    भारतीय पारंपरिक औषधि अमृतधारा सिर दर्द घबराहट और अपच में दे राहत..

    नई दिल्ली में स्वास्थ्य और पारंपरिक उपचार के क्षेत्र में अमृतधारा एक ऐसा नाम है जिसे सदियों से भारतीय घरों में प्रयोग किया जाता रहा है। यह औषधि खासतौर पर सिर दर्द, माइग्रेन, अचानक घबराहट, मतली और अपच जैसी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है। हालांकि आधुनिक जीवनशैली में यह पारंपरिक औषधि धीरे-धीरे भूलती जा रही है।

    अमृतधारा बेहद कम पदार्थों से बनाई जाती है और इसका प्रभाव काफी शक्तिशाली होता है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से तीन सत्वों का उपयोग किया जाता है -भीमसेनी कपूर, सत अजवाइन और सत पुदीना। ये तीक्ष्ण और सुगंधित द्रव्य मिलकर शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं और सिर दर्द, माइग्रेन, बेचैनी, सर्दी-जुकाम और अपच में राहत देते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार जब सिर में दर्द या माइग्रेन होता है, तो शरीर कमजोर महसूस करने लगता है और कभी-कभी घबराहट के कारण बीपी गिरने लगता है। ऐसे में अमृतधारा का प्रयोग सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है। यह केवल बाहरी उपयोग ही नहीं, बल्कि थोड़ी मात्रा में सेवन करने पर पेट और अपच की समस्या में भी आराम देता है।

    अमृतधारा बनाने की विधि भी बहुत आसान है। एक कांच की शीशी में कपूर सत्व, अजवाइन सत्व और पुदीना सत्व को मिलाकर शीशी तुरंत बंद कर दें। हल्के हाथ से शीशी को हिलाएं ताकि तीनों तत्व आपस में अच्छी तरह मिल जाएं और औषधि का निर्माण हो। ध्यान रखें कि इसे कान, नाक और आंख में डालने से बचें।

    इस औषधि का स्वाद तीखा लेकिन सुगंधित होता है। इसे लंबे समय तक खुला न रखें क्योंकि यह द्रव वाष्पित हो जाता है। सिर दर्द होने पर इसे सीधे माथे पर लगाएं। दांत दर्द में रुई की सहायता से प्रभावित जगह पर लगाना लाभकारी होता है। पेट या अपच की समस्या होने पर थोड़ी मात्रा में सेवन करें। साथ ही यदि मुख से दुर्गंध आती है तो पानी में मिलाकर कुल्ला करने से आराम मिलता है।

    विशेष सावधानी यह है कि गर्भवती महिलाएं और बच्चे इसे सेवन करने से पहले चिकित्सक से सलाह लें। अगर अमृतधारा लगाने पर जलन महसूस हो, तो इसका उपयोग बंद कर दें। यह पारंपरिक औषधि न केवल शरीर को ठंडक देती है, बल्कि ताजगी और राहत का अनुभव भी कराती है।

    अमृतधारा के नियमित और सही उपयोग से सिर दर्द, माइग्रेन और घबराहट जैसी परेशानियों में राहत पाई जा सकती है और यह भारतीय घरेलू उपचार की एक बहुमूल्य धरोहर है जिसे नई पीढ़ी को भी जानना और अपनाना चाहिए।

  • दिग्विजय सिंह ने रिटायरमेंट प्लान पर साझा किया मजाकिया वीडियो, किसानों के लिए उठाई बासमती चावल की जीआई टैग की मांग

    दिग्विजय सिंह ने रिटायरमेंट प्लान पर साझा किया मजाकिया वीडियो, किसानों के लिए उठाई बासमती चावल की जीआई टैग की मांग


    भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने महिला दिवस के मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों के साथ लंबे समय से भेदभाव होता रहा है और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उगाए जाने वाले बासमती चावल को एपीडा से जीआई टैग नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार जीआई टैग नहीं दिलाती है तो वे अनशन पर बैठने को भी तैयार हैं।

    दिग्विजय सिंह ने किसानों के हित में केंद्र सरकार को पत्र लिखने और संसद में उठाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर असंतोष जताया। उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर मालवा और महाकौशल क्षेत्र तक लगभग 14 जिलों में किसान उच्च गुणवत्ता वाले बासमती चावल का उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन जीआई टैग न मिलने के कारण उनका उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में उचित मूल्य नहीं पा रहा।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग प्रदान किया था, लेकिन 2016 में वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे वापस ले लिया। अब जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बासमती चावल को जीआई टैग मिल चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश के किसानों को वंचित रखा गया।

    इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने अपने रिटायरमेंट प्लान पर भी बात की। उन्होंने फेसबुक पर साझा किए गए एक वीडियो का जिक्र किया जिसमें 62 वर्षीय सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी भंजा बैंक से रिटायरमेंट लेने के बाद कार को घर बनाकर पूरे भारत की यात्रा पर निकले हैं। दिग्विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह देखकर प्रेरणा मिली और रिटायरमेंट के बाद की योजना पर भी सोचा।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे राज्यसभा के सेकंड टर्म के बाद तीसरे टर्म के लिए नहीं जाएंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कांग्रेस के लिए काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का काम जीवन के अंतिम क्षण तक करेंगे, लेकिन आगे का निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा।

    दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के बासमती किसानों को उचित मूल्य और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग बेहद जरूरी है, ताकि उनका उत्पाद पाकिस्तान और अन्य देशों के बासमती चावल के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को अब तक किसानों के हित में ठोस कदम नहीं उठाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और मंत्री मंडल से अपील की कि मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जल्द से जल्द जीआई टैग दिलवाया जाए और किसानों के आर्थिक नुकसान को रोका जाए।

  • भोपाल: मिलन स्वीट्स पर इनकम टैक्स की रेड, टैक्स चोरी के शक में दस्तावेज खंगाले, संचालक से पूछताछ जारी

    भोपाल: मिलन स्वीट्स पर इनकम टैक्स की रेड, टैक्स चोरी के शक में दस्तावेज खंगाले, संचालक से पूछताछ जारी


     

    भोपाल भोपाल के एमपी नगर स्थित प्रतिष्ठित मिलन स्वीट्स और रेस्टोरेंट पर रविवार सुबह इनकम टैक्स विभाग की टीम ने अचानक सर्वे कार्रवाई की, जिससे रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया। टीम ने टैक्स चोरी की आशंका को लेकर रेस्टोरेंट में मौजूद दस्तावेजों और रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले और संचालक से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, टीम इस जांच में कर चोरी के सबूत जुटाने में जुटी है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आईटी विभाग की टीम के आने के बाद रेस्टोरेंट में अफरातफरी का माहौल बन गया और भीड़ जमा हो गई। इनकम टैक्स विभाग का उद्देश्य इस कार्रवाई के माध्यम से कर से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की आर्थिक गड़बड़ी पर नज़र रखना है।

    गौरतलब है कि जून 2024 में भी मिलन स्वीट्स में भीषण आग लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां मौके पर आई थीं और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। इस घटना में रेस्टोरेंट को बड़ा नुकसान हुआ था, जिसमें मिठाइयां, अन्य खाद्य सामग्री और कई दस्तावेज जलकर खाक हो गए थे।

    इस बार की सर्वे कार्रवाई में आईटी टीम ने वही दस्तावेज और रिटर्न रिकॉर्ड खंगाले, जो पहले आग में नष्ट हो चुके थे, ताकि वित्तीय जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और सटीक हो सके। टीम रेस्टोरेंट संचालक से विस्तृत पूछताछ कर रही है और कर चोरी या किसी भी नियम उल्लंघन की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है।

    पुलिस भी इस कार्रवाई में सहयोग कर रही है ताकि किसी तरह की अफरातफरी या सुरक्षा संबंधी समस्या न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रतिष्ठित रेस्टोरेंटों में भी अगर टैक्स नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो विभाग कठोर कार्रवाई करेगा।

    इस मामले में कर विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार इन्वेस्टिगेशन और दस्तावेज़ जांच से न केवल कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि अन्य व्यापारियों के लिए भी नैतिक और कानूनी उदाहरण स्थापित होगा।

    यदि जांच में सबूत मिलते हैं, तो मिलन स्वीट्स संचालक के खिलाफ विभाग आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल, आईटी टीम पूरे रेस्टोरेंट में दस्तावेजों की पड़ताल और पूछताछ जारी रखे हुए है, ताकि सभी वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन हो सके और कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

  • इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता

    इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता


    इंदौर इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार को आयोजित जन्मदिन समारोह में संयोगितागंज क्षेत्र के तीन बदमाश भी मौजूद रहे। वीडियो में देखा गया कि हेड कॉन्स्टेबल को बदमाशों ने माला पहनाई और उनके साथ फोटो खिंचवाए।

    वीडियो वायरल होते ही मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। शनिवार रात इंदौर पुलिस कमिश्नर की मंजूरी से हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार को निलंबित कर दिया गया। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने साफ किया कि किसी भी पुलिसकर्मी का आपराधिक तत्वों के साथ सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, जन्मदिन समारोह में अक्रात, विकास और आयुष नामक व्यक्ति भी शामिल थे। ये तीनों संयोगितागंज क्षेत्र से हैं और इनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अक्रात और आयुष के पिता दीनू निगरानीशुदा बदमाश बताए जाते हैं, जबकि विकास पर भी नशा और मारपीट के करीब 10 मामले दर्ज हैं।

    घटना ने पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल मचा दी है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग किसी भी प्रकार के अनैतिक और आपराधिक संबंधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनके अपराध रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा।

    परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में यह घटना नागरिकों के बीच चिंता का विषय बन गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें, ताकि विभाग अपराध और अनुशासनहीनता पर नजर रख सके।

    हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का निलंबन इस बात का संदेश है कि पुलिस विभाग में भी नैतिक और कानूनी मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आगामी जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या अन्य अधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही।