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  • सतना में लूटकांड का खुलासा: हमला कर 8 हजार रुपए लूटने वाला आरोपी पकड़ा गया

    सतना में लूटकांड का खुलासा: हमला कर 8 हजार रुपए लूटने वाला आरोपी पकड़ा गया


    मध्य प्रदेश । सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ट्रक ड्राइवर और क्लीनर पर चाकू से हमला कर लूट करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने वारदात के दौरान दोनों को घायल कर 8 हजार रुपए नकद लूट लिए थे। पुलिस ने उसके पास से बाइक और लूटी गई रकम भी बरामद कर ली है।

    घटना 19 मई की रात बगहा बाइपास स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई थी। प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) निवासी ड्राइवर मुजीबुद्दीन और क्लीनर मोहम्मद राशिद ईंट से भरे ट्रक को लेकर सतना आए थे। अनलोडिंग न होने के कारण उन्होंने ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और केबिन में सो गए।

    रात के समय अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और सोते हुए ड्राइवर व क्लीनर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में दोनों घायल हो गए और बदमाश 8 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। घटना के बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी आधार पर संदिग्ध की पहचान शाहिद खान (25), निवासी उदयसागर थाना कोठी के रूप में हुई। पुलिस ने उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में आरोपी ने वारदात करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और लूटी गई नकदी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

  • भीषण गर्मी से सतना में हालात गंभीर, दोपहर में घर से न निकलने की सलाह

    भीषण गर्मी से सतना में हालात गंभीर, दोपहर में घर से न निकलने की सलाह


    मध्य प्रदेश । सतना जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को लू से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पिछले 10 दिनों से तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

    सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आम दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ देखने को मिली। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री रहा। हवा में नमी भी बेहद कम दर्ज की गई, जिससे गर्मी और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की तरफ से आ रही शुष्क और गर्म हवाएं (लू) इस भीषण गर्मी की मुख्य वजह हैं।

    रात के समय भी तापमान में खास गिरावट नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को लगातार असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पंखे, कूलर और एसी पर बढ़ती निर्भरता के चलते बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है।

    मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है। लोगों को सलाह दी गई है कि यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें, हल्के सूती कपड़े पहनें और नियमित अंतराल पर पानी या शीतल पेय का सेवन करते रहें।

    स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतें और बुजुर्गों व बच्चों को दोपहर की गर्मी से दूर रखें।

  • संदिग्ध फूड पॉइजनिंग: एक मौत और तीन लोग बीमार, जांच में जुटा प्रशासन

    संदिग्ध फूड पॉइजनिंग: एक मौत और तीन लोग बीमार, जांच में जुटा प्रशासन


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक में फूड पॉइजनिंग का दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसमें 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग जांच में जुट गया है।

    परिजनों के मुताबिक, 20 मई की रात परिवार ने घर में बनी करेले की सब्जी और रोटी खाई थी। इसके बाद सभी ने बेल का शरबत भी पिया। कुछ ही घंटों बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। सात साल के किशुन को तेज उल्टी-दस्त शुरू हुए और हालत इतनी बिगड़ गई कि सुबह अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

    परिवार के अन्य सदस्य दादा बाबूलाल दहिया, दादी शांति बाई और भाई शिवम भी उल्टी-दस्त और चक्कर की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से दो की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

    डॉक्टरों के अनुसार यह स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला है और सभी मरीजों में सीवियर डायरिया के लक्षण पाए गए हैं। वहीं प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि जहर किस वजह से फैला।

    जांच में तीन अलग-अलग संभावनाएं सामने आ रही हैं। पहली आशंका यह है कि घर के पीछे लगी बगिया में जिन करेले के पौधों पर हाल ही में कीटनाशक का छिड़काव किया गया था, उन्हीं सब्जियों का उपयोग खाना बनाने में किया गया। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह सबसे मजबूत वजह हो सकती है।

    दूसरी तरफ परिजनों का कहना है कि सब्जी खाने के बाद बेल का शरबत पीने के तुरंत बाद सभी की हालत बिगड़ी, जिससे शरबत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं गांव के कुछ लोग कुएं के दूषित पानी को भी संभावित कारण मान रहे हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती तौर पर इस थ्योरी को कम संभावना वाला बताया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएचई और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच चुकी है। कुएं के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और बचे हुए स्रोतों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, पानी उबालकर पीने और कीटनाशक लगे खेतों की सब्जियों का उपयोग तुरंत बंद करने की सलाह दी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण की पुष्टि हो सकेगी।

  • भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर मायावती का सरकार को संदेश, लोगों की परेशानी पर तुरंत कार्रवाई की अपील

    भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर मायावती का सरकार को संदेश, लोगों की परेशानी पर तुरंत कार्रवाई की अपील

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी और हीटवेव की स्थिति के बीच राज्य के कई हिस्सों में बिजली कटौती की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस स्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जहां बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है और सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

    मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या वाले राज्य में भीषण गर्मी के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है, लेकिन मौजूदा स्थिति में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिनके दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उनके अनुसार बिजली कटौती के कारण लोगों में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है, जो कई जगहों पर सार्वजनिक रूप से भी सामने आ रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस समस्या को केवल अस्थायी रूप से नहीं बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए और नए पावर प्लांट सहित अन्य संसाधनों पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो सके।

    प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की चेतावनी के बीच स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा जा रहा है कि लोग अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त सावधानी बरतें। इसके बावजूद बिजली कटौती ने स्थिति को और अधिक कठिन बना दिया है, क्योंकि पंखे और कूलर जैसे साधनों पर निर्भरता के कारण आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

    स्थानीय स्तर पर कई जगहों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। गर्मी और बिजली संकट के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और कई क्षेत्रों में लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन और नाराजगी भी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती बिजली मांग और उत्पादन के बीच संतुलन बिगड़ने से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे सुधारने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम जरूरी हैं।

    कुल मिलाकर, भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट ने जनता की परेशानियों को और बढ़ा दिया है, वहीं राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर आवाजें तेज हो रही हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए किस तरह के ठोस कदम उठाती है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके

  • शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए

    शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए


    मध्य प्रदेश । Sagar जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला शराब बेचने के संदेह में हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को डिजिटल ट्रांजेक्शन और लोकेशन के आधार पर दबोचा है।

    पुलिस के अनुसार, 8 मई की रात नीरज प्रजापति अपने साथी सूरज अहिरवार के साथ गढ़ाकोटा से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लात-घूंसों से की गई बेरहमी से पिटाई में नीरज गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सूरज किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। बाद में नीरज का शव बरेठा बाबा घाटी के पास सड़क किनारे मिला, जबकि सूरज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    घटना को हादसा दिखाने की कोशिश, पुलिस जांच में खुलासा
    आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया था। मामले में पहले ही हत्या का केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

    जांच के दौरान पुलिस ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य फरार चल रहे थे। अब मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भोपाल रोड जैसीनगर तिराहा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    डिजिटल सबूत और बैंक ट्रांजेक्शन से खुली फरारी की साजि
    गिरफ्तार आरोपी सत्यपाल लोधी ने पूछताछ में खुलासा किया कि घटना में वह और उसके साथी शामिल थे। उसने बताया कि हत्या के बाद सभी फरार हो गए थे और बचने के लिए पैसों का ट्रांजेक्शन किया गया था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान शराब कंपनी के खाते से आरोपी ने अपने साथियों के खातों में रकम ट्रांसफर की थी। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके अलावा मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन से भी अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं।

    पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
    तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

  • अदालत सख्त रुख में: गोपाल राय को नोटिस, सोशल मीडिया सामग्री पर न्यायिक कार्यवाही तेज

    अदालत सख्त रुख में: गोपाल राय को नोटिस, सोशल मीडिया सामग्री पर न्यायिक कार्यवाही तेज


    नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय और एक खोजी पत्रकार को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एक आपराधिक अवमानना याचिका के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर न्यायपालिका से संबंधित आपत्तिजनक और अवमाननापूर्ण सामग्री प्रसारित की गई, जो न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के खिलाफ थी।

    मामला कथित आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार केस से संबंधित बताया जा रहा है, जिसने राजनीतिक और कानूनी हलकों में नई बहस को जन्म दिया है। याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक टिप्पणियों के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और न्यायालय की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।

    यह याचिका अशोक चैतन्य की ओर से दायर की गई थी, जिसमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ भी अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि इन दोनों नेताओं को पहले ही एक स्वतः संज्ञान मामले में नोटिस जारी किया जा चुका है, जो पहले से ही न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।

    न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि सभी संबंधित मामलों को एक साथ सुना जाएगा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है और नए पक्षकारों को अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई संबंधित सामग्री को सुरक्षित रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहुरा को अमीकस क्यूरी नियुक्त किया है, जिन्हें मामले में सहायता प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह नियुक्ति अदालत को मामले की निष्पक्ष और विस्तृत समीक्षा में सहायता करने के उद्देश्य से की गई है।

    याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि जब आबकारी नीति केस में कुछ आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से राहत मिली थी, तब केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी। यह मामला न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में सूचीबद्ध हुआ, जिसके बाद उन पर कथित रूप से पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप सोशल मीडिया पर लगाए गए।

    अदालत ने पूर्व में दिए गए अपने आदेशों में यह भी टिप्पणी की थी कि न्यायपालिका के खिलाफ समन्वित अभियान चलाना न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना जा सकता है, हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि रचनात्मक और सीमित आलोचना की अनुमति लोकतांत्रिक व्यवस्था में बनी रहती है।

    बाद में न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने स्वयं को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया, जिसके बाद केस को दूसरी पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायपालिका की गरिमा के बीच संतुलन को लेकर चर्चा को तेज कर दिया है।

  • 18 जून को राज्यसभा चुनाव, 24 सीटें खाली होने से बदलेगा सियासी गणित, कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त

    18 जून को राज्यसभा चुनाव, 24 सीटें खाली होने से बदलेगा सियासी गणित, कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त


    नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा संसदीय फेरबदल देखने को मिलने वाला है, क्योंकि राज्यसभा की कई महत्वपूर्ण सीटों पर चुनावी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 10 राज्यों की कुल 24 राज्यसभा सीटों पर आगामी जून में मतदान कराया जाएगा, जिससे उच्च सदन की राजनीतिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव संभव हैं।

    इन सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया 18 जून को मतदान के साथ पूरी होगी। इससे पहले नामांकन, जांच और नाम वापसी की औपचारिक प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार संपन्न की जाएगी। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई वरिष्ठ और अनुभवी सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिससे संसद के ऊपरी सदन में नई राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत होगी।

     जिन प्रमुख सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इनके अलावा विभिन्न दलों के कई अन्य सांसद भी इस सूची में हैं, जिनका राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो रहा है। यह स्थिति राजनीतिक दलों के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे आने वाले समय में सदन की संख्या और शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है।

    राज्यों के हिसाब से देखें तो गुजरात, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में चार-चार सीटों पर चुनाव होगा, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटें खाली हो रही हैं। झारखंड में दो सीटों पर चुनाव होगा, वहीं अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और मेघालय में एक-एक सीट पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन सभी राज्यों में राजनीतिक दल अपने-अपने गणित को साधने में जुट गए हैं।

     इस चुनावी प्रक्रिया का सबसे बड़ा असर उन राज्यों में देखने को मिलेगा जहां विधानसभा में सीटों का संतुलन बेहद करीबी मुकाबले का है। ऐसे राज्यों में छोटे राजनीतिक अंतर भी राज्यसभा सीटों के नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से सभी प्रमुख दलों ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं बल्कि विधायकों के माध्यम से होते हैं, इसलिए विधानसभा की संख्या ही अंतिम परिणाम तय करती है। यही कारण है कि हर पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने और क्रॉस वोटिंग से बचाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

     राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसमें हर दो वर्ष में लगभग एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनकी जगह नए सदस्य चुने जाते हैं। इस प्रक्रिया से सदन में निरंतरता बनी रहती है, लेकिन राजनीतिक संतुलन समय-समय पर बदलता रहता है। वर्तमान चुनाव भी इसी बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

    कुल मिलाकर 24 सीटों पर होने वाला यह चुनाव न केवल संख्या का खेल है, बल्कि आने वाले समय में संसद के भीतर राजनीतिक समीकरणों और दलों की ताकत को भी प्रभावित करेगा। सभी प्रमुख दल अब इन सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए अंतिम रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

  • सागर में बड़ी चोरी: गहनों और नकदी से भरी पेटी लेकर फरार हुए चोर

    सागर में बड़ी चोरी: गहनों और नकदी से भरी पेटी लेकर फरार हुए चोर


    मध्य प्रदेश । Sagar जिले के देवरी क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है, जहां चोर एक घर की छत के रास्ते अंदर घुसे और गहनों व नकदी से भरी पेटी लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    देवरी के लक्ष्मी वार्ड में रहने वाले अनिल लखेरा के घर गुरुवार रात यह घटना हुई। परिवार रोज की तरह घर में सो रहा था, इसी दौरान चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। चोरों ने कमरे में रखी तख्त के नीचे से गहनों से भरी पेटी और एक गुल्लक उठाई और बिना किसी आहट के फरार हो गए।

    छत पर ले जाकर पेटी तोड़ी, गहने और नकदी लेकर भागे
    चोरों ने घर से चोरी की गई पेटी को छत पर ले जाकर खोला और उसमें रखे गहने और नकदी निकाल ली। इसके बाद खाली पेटी और गुल्लक को छत पर ही छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोग जागे तो सामान बिखरा देख हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
     
    लाखों के गहने और नकदी चोरी
    पीड़ित परिवार के अनुसार पेटी में सोने-चांदी के कई कीमती गहने रखे थे, जिनमें सोने की दो माला, हार, अंगूठी, झुमकी, टॉप्स, चैन, करधोनी, पायल सहित करीब डेढ़ लाख रुपए नकद शामिल थे। इसके अलावा बेटी की गुल्लक में भी लगभग 1500 रुपए थे, जिन्हें भी चोर ले गए।

    पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी
    घटना की सूचना पर पुलिस के साथ एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने खाली पेटी को जब्त कर लिया है और आसपास के क्षेत्र में जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।

  • देशी कट्टे से गोली चलने पर युवक की मौत, एक ही गली के थे आरोपी और मृतक

    देशी कट्टे से गोली चलने पर युवक की मौत, एक ही गली के थे आरोपी और मृतक


    मध्य प्रदेश । सागर जिले में आपसी वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद एक बार फिर खूनी संघर्ष में बदल गया, जहां देशी कट्टे से गोली मारकर एक युवक की हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    Sagar के मोतीनगर थाना क्षेत्र के विवेकानंद वार्ड स्थित गयादीन चौराहे पर गुरुवार देर रात यह वारदात हुई। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच मयंक साहू और यश सोनी के बीच पहले से चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    बताया गया कि विवाद के दौरान यश सोनी ने 315 बोर का देशी कट्टा निकालकर मयंक साहू पर बेहद नजदीक से फायर कर दिया। गोली सीधे चेहरे के पास नाक के किनारे लगी, जिससे मयंक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तुरंत उसे भाग्योदय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई बनी मौत की वजह
    पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक मयंक साहू और आरोपी यश सोनी के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों एक ही गली के रहने वाले थे और क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने की लड़ाई कई बार टकराव का कारण बन चुकी थी।

    सूत्रों के अनुसार, यश सोनी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उस पर पहले भी अड़ीबाजी और लूटपाट जैसे मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद को एक पुराने पारिवारिक और आपसी रंजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई, संदिग्ध हिरासत में
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे असली कारण की पुष्टि जांच और गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगी।

    इलाके में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
    घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

  • Suzlon Energy को मिला बड़ा विंड एनर्जी ऑर्डर, शेयर में तेजी, ऑर्डर बुक और मजबूत हुई

    Suzlon Energy को मिला बड़ा विंड एनर्जी ऑर्डर, शेयर में तेजी, ऑर्डर बुक और मजबूत हुई


    नई दिल्ली। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी सुजलॉन एनर्जी एक बार फिर बाजार में चर्चा का केंद्र बन गई है। कंपनी को हाल ही में सनश्योर एनर्जी से 195 मेगावाट क्षमता वाले विंड एनर्जी उपकरणों की सप्लाई और इंस्टॉलेशन का नया ऑर्डर मिला है। इस खबर के सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में हल्की लेकिन स्पष्ट तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर इस स्टॉक की ओर बढ़ी है।

    बाजार में यह भी ध्यान देने योग्य रहा कि सुजलॉन एनर्जी का स्टॉक अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर से करीब 28 प्रतिशत नीचे चल रहा था, ऐसे में इस नए ऑर्डर ने निवेशकों के बीच सकारात्मक संकेत दिए हैं। ट्रेडिंग के दौरान शेयर ने इंट्राडे स्तर पर मजबूती दिखाते हुए लगभग 53 रुपये से ऊपर का स्तर छुआ। यह तेजी संकेत देती है कि बाजार फिलहाल कंपनी के दीर्घकालिक ऑर्डर पाइपलाइन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में उसकी मजबूत पकड़ को लेकर आशावादी नजर आ रहा है।

    कंपनी को मिले इस नए ऑर्डर के तहत 65 विंड टर्बाइन जनरेटर की सप्लाई और इंस्टॉलेशन किया जाएगा। प्रत्येक टरबाइन की क्षमता 3 मेगावाट निर्धारित की गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट को कर्नाटक के बीजापुर जिले में स्थापित किया जाएगा, जो राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस ऑर्डर के जुड़ने के बाद कंपनी की 3 मेगावाट टर्बाइन प्लेटफॉर्म से कुल बिक्री लगभग 9 गीगावाट तक पहुंच चुकी है, जो कंपनी की तकनीकी और व्यावसायिक क्षमता को मजबूत दर्शाती है।

    सुजलॉन एनर्जी की मौजूदा ऑर्डर बुक में भी लगातार सुधार देखा जा रहा है। विशेष रूप से कर्नाटक राज्य कंपनी के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में उभर रहा है, जहां कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 2 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा, कंपनी कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है, जिनमें कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए कुल 664 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट शामिल हैं। यह दर्शाता है कि कंपनी केवल सरकारी या बड़े प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी उसकी पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।

    कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के अनुसार, देश में विंड एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासकर उन कंपनियों के बीच जो चौबीसों घंटे स्थिर और स्वच्छ ऊर्जा की तलाश में हैं। बड़े औद्योगिक ग्राहक अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के बजाय रिन्यूएबल विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे इस सेक्टर में ग्रोथ के नए अवसर बन रहे हैं।

    सनश्योर एनर्जी, जो इस ऑर्डर देने वाली कंपनी है, भारत में एक प्रमुख स्वतंत्र बिजली उत्पादक के रूप में काम करती है। कंपनी की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी और यह विभिन्न कॉरपोरेट ग्राहकों को लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध कराती है। यह मॉडल उद्योगों को स्थिर और स्वच्छ ऊर्जा सुनिश्चित करने में मदद करता है।

    कुल मिलाकर, सुजलॉन एनर्जी को मिला यह नया ऑर्डर कंपनी के लिए केवल एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं बल्कि बाजार में उसके भविष्य को लेकर भरोसे का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले समय में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग के बीच कंपनी की स्थिति और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।