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  • ग्लोबल एनर्जी वॉर में ईरान का मास्टरस्ट्रोक: अमेरिका और सहयोगियों के लिए हॉर्मुज पूरी तरह 'ब्लॉक', भारत-चीन के लिए खुली रहेगी तेल की सप्लाई।

    ग्लोबल एनर्जी वॉर में ईरान का मास्टरस्ट्रोक: अमेरिका और सहयोगियों के लिए हॉर्मुज पूरी तरह 'ब्लॉक', भारत-चीन के लिए खुली रहेगी तेल की सप्लाई।


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की विभीषिका के बीच ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’IRGC ने एक ऐसी घोषणा की है, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया की ऊर्जा जीवनरेखा माना जाने वाला ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’Strait of Hormuz अब केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के माध्यम से दी गई यह चेतावनी सीधे तौर पर उन देशों को निशाना बनाती है जो वर्तमान संघर्ष में ईरान के खिलाफ खड़े हैं। IRGC ने दो टूक कहा है कि यदि इन प्रतिबंधित देशों का कोई भी जहाज इस जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे निश्चित रूप से हमला करके नष्ट कर दिया जाएगा।

    हालाँकि, इस अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारत इस सख्त नाकेबंदी के दायरे से बाहर है। बुधवार को जहाँ केवल चीनी जहाजों को अनुमति देने की बात कही गई थी, वहीं अब नए ऐलान के बाद यह साफ हो गया है कि भारतीय तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों के लिए यह रास्ता सुरक्षित रहेगा। तेहरान का यह रुख भारत के साथ उसके पुराने और विश्वसनीय संबंधों को दर्शाता है। भारतीय अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुसार, इस छूट से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा काफी हद तक टल गया है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।

    ईरानी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए इस कार्रवाई को जायज ठहराया है। उनका कहना है कि युद्धकाल में इस्लामिक गणराज्य ईरान को अपनी सीमाओं से लगे जलमार्गों पर नियंत्रण करने का पूरा अधिकार है। यह कठोर फैसला अमेरिका और इजरायल द्वारा पिछले शनिवार को शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान के जवाब में लिया गया है। गौरतलब है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा वहन करता है। इसकी रणनीतिक अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फारस की खाड़ी के तमाम बंदरगाहों, जिनमें दुबई का जेबेल अली भी शामिल है, के लिए यह एकमात्र निकास मार्ग है।

    वर्तमान स्थिति की गंभीरता को समुद्री ट्रैकिंग वेबसाइटों पर साफ देखा जा सकता है। कुवैत और दुबई के तटों के पास सैकड़ों टैंकर और कमर्शियल जहाज लंगर डाले खड़े हैं, जो इस नाकेबंदी के कारण आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इतिहास में यह पहली बार है जब हॉर्मुज को वाणिज्यिक जहाजों के लिए इस तरह पूरी तरह बंद किया गया है। यहाँ तक कि 1980 के दशक के भीषण ईरान-इराक युद्ध के दौरान भी इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप नहीं हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नाकेबंदी से भले ही एशिया-यूरोप के मुख्य मार्गों पर तुरंत असर न पड़े, लेकिन खाड़ी क्षेत्र से होने वाली तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट और बढ़ सकता है। फिलहाल, भारत के लिए हॉर्मुज का यह ‘खुला दरवाजा’ एक बड़ी कूटनीतिक जीत और आर्थिक राहत का संकेत है।

  • सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दबिश देकर अजीत उपाध्याय प्रबुद्ध शुक्ला और एक अन्य आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। तीनों आरोपियों को पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई उस मामले में की गई है जिसमें एक युवक पर सरेआम जानलेवा हमला किया गया था। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने लगातार अलग अलग स्थानों पर दबिश दी और आखिरकार पेंच टाइगर रिजर्व इलाके में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार एक पिस्टल जिंदा कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी जिले के कुख्यात अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट धमकी अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को शहर में लाकर उनका जुलूस भी निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और आरोपियों को पैदल घुमाया गया ताकि अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास से बरामद हथियार कहां से आए और इनका इस्तेमाल किन किन घटनाओं में किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और उनके आपराधिक नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

  • ईरान में नेतृत्व का महासंग्राम: ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को बताया 'लाइटवेट', कहा- शांति के लिए अमेरिकी दखल जरूरी।

    ईरान में नेतृत्व का महासंग्राम: ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को बताया 'लाइटवेट', कहा- शांति के लिए अमेरिकी दखल जरूरी।


    नई दिल्ली । ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हालिया मृत्यु ने न केवल तेहरान में सत्ता का शून्य पैदा किया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक युद्ध को भी जन्म दे दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए ‘एक्सियोस’ को दिए एक इंटरव्यू में सनसनीखेज बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें मोजतबा खामेनेई, जो अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, बिल्कुल भी मंजूर नहीं हैं। ट्रंप ने मोजतबा को एक ‘लाइटवेट’हल्का खिलाड़ी करार देते हुए कहा कि वह ऐसे किसी भी व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे जो खामेनेई की पुरानी और कट्टरपंथी नीतियों को आगे बढ़ाए।

    ट्रंप का यह दावा केवल विरोध तक सीमित नहीं है; उन्होंने ईरान के अगले नेता की नियुक्ति में प्रत्यक्ष अमेरिकी भागीदारी की मांग की है। इसके लिए उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण दिया, जहाँ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारीजनवरी 2026 के बाद डेल्सी रोड्रिगेज के साथ ‘मैनेज्ड ट्रांजिशन’ किया गया था। ट्रंप का मानना है कि यदि ईरान में शांति और सौहार्द लाना है, तो वाशिंगटन को नेतृत्व चयन की प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान ने फिर से किसी कट्टरपंथी को अपना नेता चुना, तो अमेरिका को अगले पांच वर्षों के भीतर दोबारा युद्ध के मैदान में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

    दूसरी ओर, ईरान का आंतरिक ढांचा इस समय भारी दबाव में है। 88 सदस्यीय विशेषज्ञों का पैनलAssembly of Experts नया उत्तराधिकारी चुनने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। मोजतबा खामेनेई, जिनके ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्सIRGC के साथ बेहद गहरे और मजबूत रिश्ते हैं, फिलहाल मौलवी संगठन में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माने जा रहे हैं। हालांकि, ईरान का संविधान वंशानुगत शासन की अनुमति नहीं देता, लेकिन मोजतबा का प्रभाव उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे रखता है। ट्रंप के इस हस्तक्षेप ने अब ईरान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या एक संप्रभु राष्ट्र के सर्वोच्च धार्मिक नेता का चुनाव बाहरी शक्तियों के दबाव में हो सकता है।

    ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का भी मानना है कि ट्रंप का यह रुख ईरान के साथ भविष्य के परमाणु समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। फिलहाल, ईरान ने आधिकारिक रूप से नए नेता के नाम की घोषणा को टाल दिया है, लेकिन ट्रंप के इस ताजा बयान ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच पहले से ही जारी तनाव की आग में घी डालने का काम किया है। अब पूरी दुनिया की नजरें विशेषज्ञों के उस पैनल पर टिकी हैं, जिसे कानून के अनुसार जल्द ही नया उत्तराधिकारी घोषित करना है।

  • ईरान पर हमले के विरोध में सीनेट में हंगामा, पूर्व मरीन का टूटा हाथ; सांसद की भूमिका पर विवाद, VIDEO वायरल

    ईरान पर हमले के विरोध में सीनेट में हंगामा, पूर्व मरीन का टूटा हाथ; सांसद की भूमिका पर विवाद, VIDEO वायरल


    नई दिल्ली । अमेरिका में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच विरोध के स्वर भी तेज होते जा रहे हैं। इसी कड़ी में यूनाइटेड स्टेट्स सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति की सुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक पूर्व अमेरिकी मरीन ने ईरान पर हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पूर्व सैनिक का हाथ टूट गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अमेरिकी राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।

    घायल प्रदर्शनकारी की पहचान ब्रायन मैकगिनेस के रूप में हुई है जो वर्ष 2000 से 2004 तक यूनाइटेड स्टेट्स मरीन कॉर्प्स में सार्जेंट के पद पर तैनात रह चुके हैं। जानकारी के मुताबिक मैकगिनेस सीनेट की सुनवाई के दौरान अचानक खड़े हो गए और ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विरोध करने लगे। उन्होंने पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य भूमिका और इजरायल के समर्थन पर भी सवाल उठाए।

    स्थिति बिगड़ती देख यूएस कैपिटल पुलिस ने उन्हें हॉल से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान मैकगिनेस ने दरवाजे के फ्रेम को पकड़ लिया और बाहर जाने से इनकार कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी उन्हें हटाने की कोशिश कर रहे हैं और खींचतान के दौरान उनका हाथ दरवाजे में फंस जाता है। इसी अफरा-तफरी में उनका हाथ टूट जाता है। कमरे में मौजूद लोगों की आवाजें भी वीडियो में सुनाई देती हैं जहां कुछ लोग चिल्लाते हुए कहते हैं उसका हाथ… उसका हाथ… ओह माय गॉड! वहीं पुलिस अधिकारी लगातार उन्हें दरवाजा छोड़ने के लिए कहते हुए सुनाई देते हैं।

    इस घटना में एक अमेरिकी सांसद की भूमिका भी सामने आई है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारियों के साथ अमेरिकी सीनेटर टिम शीही भी प्रदर्शनकारी को बाहर निकालने में मदद करते नजर आ रहे हैं। हालांकि झड़प के दौरान उनका हाथ किस तरह टूटा इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

    हॉल से बाहर ले जाए जाने के दौरान मैकगिनेस जोर-जोर से चिल्लाते हुए कहते सुने गए कोई भी सैनिक इजरायल के लिए लड़ना नहीं चाहता। उनका यह बयान पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य नीतियों के विरोध को दर्शाता है और इसी वजह से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।

    घटना के बाद सीनेटर टिम शीही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कैपिटल पुलिस एक असंतुलित प्रदर्शनकारी को हटाने की कोशिश कर रही थी और वह केवल स्थिति को शांत करने में मदद कर रहे थे। उन्होंने लिखा कि यह व्यक्ति टकराव के इरादे से कैपिटल आया था और पुलिस अपनी ड्यूटी निभा रही थी। शीही ने उम्मीद जताई कि घायल व्यक्ति को उचित मदद मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।

    वीडियो सामने आने के बाद अमेरिका में ईरान नीति इजरायल के समर्थन और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर नई बहस छिड़ गई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना अमेरिकी राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और विदेश नीति को लेकर गहरी असहमति को भी उजागर करती है।

  • Gen Z' आंदोलन का असर: नेपाल चुनाव में पारंपरिक पार्टियों का अंत, बालेन शाह की RSP ने रचा इतिहास।

    Gen Z' आंदोलन का असर: नेपाल चुनाव में पारंपरिक पार्टियों का अंत, बालेन शाह की RSP ने रचा इतिहास।


    नई दिल्ली । नेपाल की सियासत में 5 मार्च 2026 का दिन एक ऐसी तारीख के रूप में दर्ज हो गया है, जिसने हिमालयी राष्ट्र के पूरे राजनीतिक मानचित्र को बदल कर रख दिया है। पिछले साल सितंबर 2025 में हुए ऐतिहासिक ‘जनरेशन जेड’ (Gen Z) आंदोलन की धमक अब मतपेटियों से निकल रही है। शुरुआती मतगणना के रुझान किसी बड़े राजनीतिक भूचाल से कम नहीं हैं। काठमांडू के पूर्व मेयर और रैपर बालेन शाह (बालेंद्र शाह) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) एक ऐसी प्रचंड सुनामी बनकर उभरी है, जिसमें नेपाल की पुरानी और पारंपरिक पार्टियों, विशेष रूप से वामपंथी धड़े का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है।

    इस चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल और दिलचस्प मुकाबला झापा-5 सीट पर देखने को मिल रहा है। यहाँ से आ रहे आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि देश की बदलती सोच का आईना भी हैं। चार बार के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, जिन्हें नेपाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ माना जाता था, अपने ही गढ़ में RSP के बालेन शाह से बुरी तरह पिछड़ते दिख रहे हैं। शुरुआती गिनती में जहाँ बालेन शाह ने 1,478 वोटों के साथ मजबूत बढ़त बनाई है, वहीं ओली महज 384 वोटों पर टिके हुए हैं। यह केवल एक सीट की हार-जीत नहीं है, बल्कि नेपाल के युवाओं द्वारा पुरानी व्यवस्था को नकारने का स्पष्ट संदेश है।

    काठमांडू के सभी 10 निर्वाचन क्षेत्रों में RSP का ‘क्लीन स्वीप’ होता दिख रहा है। पार्टी की युवा उम्मीदवार रंजू दर्शना ने काठमांडू-1 से भारी अंतर से जीत हासिल की है, उन्हें अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेपाली कांग्रेस के प्रबल थापा छेत्री से लगभग दोगुने वोट मिले हैं। इसी तरह बिराज भक्त श्रेष्ठ और गणेश पराजुली जैसे नए चेहरों ने भी अपनी सीटों पर जीत का परचम लहराया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 60% मतदान हुआ, जिसमें करीब 10 लाख नए युवा वोटरों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इन युवाओं ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और खराब गवर्नेंस के खिलाफ मतदान कर ‘घंटी’ (RSP का चुनाव चिह्न) को अपनी पहली पसंद बनाया है।

    दूसरी तरफ, वामपंथी दलों और नेपाली कांग्रेस के लिए ये नतीजे किसी दुःस्वप्न से कम नहीं हैं। पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ और केपी शर्मा ओली की पार्टियां अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाने में नाकाम रही हैं। यहाँ तक कि गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस भी RSP की आंधी के आगे बेबस नजर आ रही है। भारत ने भी नेपाल की इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नेपाल की जनता को इस ऐतिहासिक चुनाव के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए शांति और प्रगति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई है। मतगणना 9 मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है, लेकिन रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि नेपाल अब एक नए और युवा नेतृत्व की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है।

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच राहत: भारत में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल डीजल के दाम, कनाडा-ऑस्ट्रेलिया से LPG आयात की तैयारी

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच राहत: भारत में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल डीजल के दाम, कनाडा-ऑस्ट्रेलिया से LPG आयात की तैयारी

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है लेकिन भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे। छह दिन से जारी युद्ध के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 16 प्रतिशत बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है और ब्रेंट क्रूड लगभग 85.41 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है और घरेलू बाजार पर इसका तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।

    पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर तेजी से काम किया है। एलपीजी के मामले में भारत केवल कतर पर निर्भर नहीं है बल्कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों ने भी गैस की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है। सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर इन देशों से आयात बढ़ाकर किसी भी संभावित कमी को पूरा किया जा सकता है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भारत लगातार विभिन्न ऊर्जा उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

    दरअसल पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच कतर ने अस्थायी रूप से अपना गैस उत्पादन रोक दिया है जिसका असर वैश्विक आपूर्ति पर पड़ सकता है। वर्तमान में भारत लगभग 195 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस का आयात करता है जिसमें करीब 60 एमएमएससीएम यानी लगभग 30 प्रतिशत गैस कतर से आती है। सरकार का कहना है कि इस कमी को पूरा करने के लिए अन्य देशों से गैस आयात बढ़ाने की योजना तैयार है। यदि जरूरत पड़ी तो गैस कंपनियां उद्योगों को गैस आपूर्ति की प्राथमिकताओं में बदलाव कर सकती हैं लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीएनजी और सीएनजी जैसे घरेलू उपयोग वाले गैस उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। उद्योगों के पास वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध होते हैं इसलिए गैस की संभावित कमी की स्थिति में आपूर्ति का संतुलन बनाया जा सकता है। फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है जिससे आम उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत पड़े।

    ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि देश में फिलहाल करीब 50 दिनों के लिए तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसमें 25 दिनों के लिए कच्चे तेल का स्टॉक और लगभग 25 दिनों की जरूरत के हिसाब से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके अलावा भारत लगातार दूसरे देशों से भी तेल आपूर्ति को लेकर बातचीत कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

    ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की दी जा रही धमकी को लेकर भी सरकार ने कहा है कि इसका भारत पर सीमित असर पड़ेगा। भारत के कुल तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ही इस मार्ग से गुजरता है जबकि बाकी 60 प्रतिशत अन्य रास्तों से आता है। सरकार ने सुरक्षित मार्गों से आयात बढ़ाने की रणनीति भी तैयार कर ली है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध कुछ समय और चलता है तो कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं लेकिन संघर्ष थमते ही कीमतों में गिरावट की संभावना है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर्याप्त है। इस बीच भारत अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और ओपेक जैसे संगठनों के साथ भी आपूर्ति को लेकर लगातार बातचीत कर रहा है। साथ ही समुद्री परिवहन को सुरक्षित और सस्ता बनाए रखने के लिए अमेरिका की वित्तीय संस्था डीएफसी के साथ जहाजों के बीमा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा जारी है।

  • ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक ऊर्जा संकट: दुनिया भर में महंगी हुई रसोई गैस, जानें भारत पर क्या होगा असर?

    ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक ऊर्जा संकट: दुनिया भर में महंगी हुई रसोई गैस, जानें भारत पर क्या होगा असर?

    नई दिल्ली ।  पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने न केवल वैश्विक भू-राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है। मार्च 2026 की शुरुआत के साथ ही वैश्विक बाजार में रसोई गैस LPG की कीमतों में बड़ी हलचल देखी जा रही है। globalpetrolprices.com द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च 2026 तक दुनिया भर में एलपीजी की औसत कीमत 71.96 भारतीय रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गई है। यह उछाल मुख्य रूप से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष और लॉजिस्टिक बाधाओं का परिणाम माना जा रहा है।

    वैश्विक स्तर पर कीमतों का विश्लेषण करें तो यह अंतर स्पष्ट दिखाई देता है कि अमीर और ऊर्जा आयात करने वाले देशों में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अल्जीरिया, अंगोला, सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में हाल के दिनों में एलपीजी की दरों में वृद्धि दर्ज की गई है। इसके विपरीत, रूस और बेलारूस जैसे देशों में मामूली गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों तक सबकी पहुंच समान है, लेकिन विभिन्न देशों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स और दी जाने वाली सब्सिडी के कारण खुदरा कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर पैदा हो जाता है।

    भारतीय उपभोक्ताओं के लिए इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। जहां दुनिया भर के कई देशों में गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं भारत में फिलहाल एलपीजी की कीमतें 59.9 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई हैं। इंडियन ऑयल के ताजा डेटा के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर ₹853 में उपलब्ध है, जबकि मुंबई में यह ₹852.50 की दर से बिक रहा है। हालांकि, भौगोलिक स्थिति के कारण पटना में इसकी कीमत ₹951 और लखनऊ में ₹890.50 तक पहुंच गई है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों जैसे कारगिल में सिलेंडर ₹985.5 और पुलवामा में ₹969 में मिल रहा है।

    वाणिज्यिक मोर्चे पर भी कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 1768.50 रुपये और मुंबई में 1720 रुपये में मिल रहा है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 1929 रुपये है। लेकिन यह स्थिरता कितनी लंबी टिकेगी, यह हॉर्मुज जलमार्ग की स्थिति पर निर्भर करता है। जीरो कार्बन एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लंबा खिंचता है और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य Strait of Hormuz को अवरुद्ध कर दिया जाता है, तो पूरा एशिया ऊर्जा संकट की चपेट में आ सकता है।

    चूँकि एशिया के अधिकांश देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी जलमार्ग पर निर्भर हैं, इसलिए हॉर्मुज की नाकेबंदी कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल और गैस के दामों में होने वाला उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल सरकार की सब्सिडी नीतियों और स्टॉक प्रबंधन ने आम आदमी की जेब को सुरक्षित रखा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

  • US-Iran संघर्ष के बीच PM मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति से चर्चा, जानें किन मुद्दों पर हुई बात

    US-Iran संघर्ष के बीच PM मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति से चर्चा, जानें किन मुद्दों पर हुई बात


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष (US-Iran conflict) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) से टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत में पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति पर भारत और फ्रांस की साझा चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई, साथ ही संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक पश्चिम एशिया के कई नेताओं से बात की है। भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयासों को मजबूती से समर्थन दे रहा है, ताकि यह संघर्ष और व्यापक न हो सके।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की। हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा की। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए घनिष्ठ रूप से जुड़े रहेंगे और प्रयासों का समन्वय करेंगे।

    दरअसल, यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व का संघर्ष तेजी से फैल रहा है और अब यह भारत के निकटवर्ती क्षेत्रों तक पहुंच गया है। बुधवार को श्रीलंका के तट से कुछ दूर अंतरराष्ट्रीय जल में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो से नष्ट कर दिया। इस हमले में कम से कम 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई, जबकि श्रीलंका की नौसेना ने 32 लोगों को बचाया। जहाज में कुल 180 लोग सवार थे। बता दें कि यह ईरानी फ्रिगेट कुछ दिन पहले ही भारत में हुए अंतरराष्ट्रीय नौसेना अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद लौट रहा था।

    बता दें कि ईरान इजरायल और अमेरिका संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों से हुई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमलों की शुरूआत की, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। पिछले कुछ दिनों में दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर जारी है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने श्रीलंका तट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे ‘बिना किसी चेतावनी के अत्याचार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस मिसाल पर गहरा अफसोस होगा।

  • नेटफ्लिक्स पर सच्ची क्राइम कहानियों की डरावनी डॉक्यूमेंट्रीज: रहस्य, अपराध और रोमांच जो आपके रोंगटे खड़े कर दें!

    नेटफ्लिक्स पर सच्ची क्राइम कहानियों की डरावनी डॉक्यूमेंट्रीज: रहस्य, अपराध और रोमांच जो आपके रोंगटे खड़े कर दें!



    नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर सिर्फ़ कॉमेडी, थ्रिलर और एक्शन ही नहीं बल्कि ऐसी क्राइम डॉक्यूमेंट्री भी मौजूद हैं, जिन्हें देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये डॉक्यूमेंट्री सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं और अपराध, रहस्य, इंसानी मनोविज्ञान और न्याय प्रणाली के जटिल पहलुओं को पर्दे पर लाती हैं।

    हाउस ऑफ सीक्रेट्स: द बुराड़ी डेथ्स साल 2018 के दिल्ली बुराड़ी केस पर आधारित है, जिसमें एक ही परिवार के 11 सदस्यों की रहस्यमयी मौत हुई थी। इस मामले ने मानसिक स्वास्थ्य, परिवारिक दबाव और अंधविश्वास जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर किया।

    मर्डर इन कोर्टरूम तीन पार्ट्स की डॉक्यूमेंट्री है। इसमें अक्कू यादव की कहानी दिखाई गई है, जिसने नागपुर के कस्तूरबा नगर में महिलाओं को डराया, लेकिन कोर्ट में 200 महिलाओं द्वारा उस पर हमला करने की घटना ने केस को ऐतिहासिक मोड़ दिया।

    मुंबई माफिया: पुलिस वर्सेस द अंडरवर्ल्ड 1990 के दशक में मुंबई में डी-कंपनी (दाऊद इब्राहिम) के बढ़ते अपराध और उनसे निपटने के लिए पुलिस के ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की कहानी दिखाती है। यह डॉक्यूमेंट्री अंडरवर्ल्ड और कानून के बीच की जद्दोजहद को सस्पेंस और थ्रिलर के साथ पेश करती है।

    करी एंड साइनाइट 2023 में रिलीज़ हुई थी। इसमें जॉली जोसेफ पर अपने परिवार के छह सदस्यों को जहर देने का आरोप है। यह कहानी बेहद डार्क और सस्पेंस से भरी हुई है, जिसने दर्शकों को हिला दिया।

    क्राइम स्टोरीज इंडिया: डिटेक्टिव में बेंगलुरु पुलिस के वास्तविक इन्वेस्टिगेशन केस दिखाई गए हैं। हर एपिसोड में किडनैपिंग, मर्डर और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी घटनाओं की जांच को रियल तरीके से पेश किया गया है।

    द इंडियन मुखर्जी स्टोरी: बरिड द ट्रुथ में शीना बोरा मर्डर केस दिखाया गया है, जिसमें इंद्राणी मुखर्जी पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप था।

    सेक्शन 36 दिल्ली के नरेला इलाके पर आधारित क्राइम थ्रिलर है। इसमें विक्रांत मैसी मुख्य भूमिका में हैं और रियल लाइफ केस की कहानी को सस्पेंस और थ्रिलर के साथ पर्दे पर लाया गया है।

    इन डॉक्यूमेंट्रीज़ में दर्शकों को अपराध, न्याय, रहस्य और इंसानी मनोविज्ञान के ऐसे पहलू दिखाई देते हैं जो नेटफ्लिक्स पर देखने लायक सबसे डरावनी और सस्पेंस भरी कहानियों में शामिल हैं। ये सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं और हर एपिसोड में रोमांच, डर और रहस्य का अनुभव कराते हैं।

  • T20 World Cup: 34 छक्के, 39 चौके और 499 रन…., दूसरे सेमीफाइनल में बने कई रिकॉर्ड

    T20 World Cup: 34 छक्के, 39 चौके और 499 रन…., दूसरे सेमीफाइनल में बने कई रिकॉर्ड


    मुंबई।
    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) में गुरुवार (5 मार्च) को भारत और इंग्लैंड (India VS England) के बीच दूसरा सेमीफाइनल खेला गया. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुआ यह मुकाबला आखिरी ओवर तक गया, जहां भारतीय टीम ने सात रनों से रोमांचक जीत हासिल की. अब फाइनल में भारतीय टीम का सामना 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड से होगा. न्यूजीलैंड ने पहले सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराया था।

    भारत-इंग्लैंड के बीच मुकाबले में कुल 499 रन बने. टी20 विश्व कप के इतिहास में किसी मैच में बनाए गए ये सर्वाधिक रन रहे. इससे पहले टी20 विश्व कप 2016 में इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच हुए मुकाबले में कुल 459 रन बने थे. ओवरऑल टी20 इंटरनेशनल में ये दूसरा सबसे बड़ा हाईस्कोरिंग मुकाबला रहा. इस मामले में साउथ अफ्रीका vs वेस्टइंडीज मुकाबला टॉप पर है. साल 2023 में सेंचुरियन में खेले गए मैच में कुल 517 रन बने थे।


    मेन्स टी20 इंटरनेशनल मैच में सर्वाधिक रन

    517- साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज, सेंचुरियन, 2023
    499- भारत बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2026
    496- भारत बनाम न्यूजीलैंड, तिरुवनंतपुरम, 2026
    489- भारत बनाम वेस्टइंडीज, लॉडरहिल, 2016
    488- न्यूजीलैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, ऑकलैंड, 2018
    488- बुल्गारिया बनाम सर्बिया, सोफिया, 2022

    इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने 19 और इंग्लिश बैटर्स ने 15 छक्के लगाए. पहली बार किसी टी20 विश्व कप मैच में इतने छक्के लगे. मुकाबले में कुल 73 बाउंड्रीज (39 चौके और 34 छक्के) लगे, जो किसी टी20 विश्व कप मैच में सबसे अधिक हैं. 2016 में इसी मैदान पर इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच हुए मैच में 61 बाउंड्रीज लगे थे.


    टी20 विश्व कप मैच में सबसे अधिक छक्के

    34- भारत बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2026 सेमीफाइनल
    31- वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे, वानखेड़े, 2026
    30- नीदरलैंड्स बनाम आयरलैंड, सिलहट, 2014
    28- भारत बनाम जिम्बाब्वे, चेन्नई, 2026
    25- इंग्लैंड बनाम इटली, कोलकाता, 2026


    एक पारी में सबसे अधिक छक्के (टी20 विश्व कप)

    19- नीदरलैंड्स बनाम आयरलैंड, सिलहट, 2014
    19- वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे, वानखेड़े, 2026
    19- भारत बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े 2026
    17- भारत बनाम जिम्बाब्वे, चेन्नई, 2026
    16- ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत, ब्रिजटाउन, 2010

    इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने सेमीफाइनल में शानदार 105 रन बनाए. बेथेल टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में सर्वोच्च पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. बेथेल ने न्यूजीलैंड के फिन एलन का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने पहले सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 100 रन जड़े थे. बेथेल टी20 विश्व कप में शतक जड़ने वाले इंग्लैंड के चौथे बल्लेबाज हैं.


    टी20 विश्व कप के नॉकआउट मैचों में सर्वोच्च स्कोर

    105 – जैकब बेथेल बनाम भारत, वानखेड़े, 2026 सेमीफाइनल
    100*- फिन एलन बनाम साउथ अफ्रीका, कोलकाता, 2026 सेमीफाइनल
    96*- तिलकरत्ने दिलशान बनाम वेस्टइंडीज, द ओवल, 2009 सेमीफाइनल
    89*- विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज, मुंबई विश्व कप, 2016 सेमीफाइनल
    89- संजू सैमसन बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2026 सेमीफाइनल


    इंग्लैंड के लिए टी20 विश्व कप में शतक

    116*- एलेक्स हेल्स बनाम श्रीलंका, चटगांव, 2014
    105- जैकब बेथेल बनाम भारत, वानखेड़े, 2026
    101*- जोस बटलर बनाम श्रीलंका, शारजाह, 2021
    100 – हैरी ब्रूक बनाम पाकिस्तान, पल्लेकेले, 2026

    भारतीय टीम ने इस मुकाबले में 7 विकेट पर 253 रन बनाए. टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में किसी टीम का यह बेस्ट स्कोर रहा. साथ ही भारतीय टीम ने पांचवीं बार टी20 इंटरनेशनल में 250 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया है. भारतीय टीम की तरफ से मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में अब तक 88 छक्के लगे हैं, जो टी20 विश्व के एक संस्करण में सर्वाधिक हैं. संजू सैमसन अब टी20 विश्व कप के एक संस्करण में सबसे ज्यााद छक्के लगाने वाले भारतीय बन गए हैं. संजू ने मौजूदा विश्व कप में 16 छक्के लगाए हैं और वो पूर्व कप्तान रोहित शर्मा से आगे निकल चुके हैं.


    T20 विश्व कप के एक संस्करण में सबसे अधिक छक्के (भारतीय बैटर्स)

    16- संजू सैमसन (2026)
    15- रोहित शर्मा (2024)
    15- शिवम दुबे (2026)
    14- ईशान किशन (2026)
    14- हार्दिक पंड्या (2026)
    12- युवराज सिंह (2007)


    T20 विश्व कप के एक संस्करण में सर्वाधिक छक्के लगाने वाली टीम

    88 – भारत 2026 में
    76- वेस्टइंडीज, 2026
    72- साउथ अफ्रीका, 2026
    62- वेस्टइंडीज, 2024
    61- भारत, 2024


    मेन्स टी20 में सर्वाधिक बार 250 प्लस स्कोर

    6- भारत
    5- सनराइजर्स हैदराबाद
    3- वेस्टइंडीज
    3- जिम्बाब्वे
    3- सरे


    टी20 विश्व कप में सर्वोच्च स्कोर:

    260/6- श्रीलंका बनाम केन्या, जोहानिसबर्ग, 2007
    256/4- भारत बनाम जिम्बाब्वे, चेन्नई, 2026
    254/6- वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे, वानखेड़े, 2026
    253/7- भारत बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2026 सेमीफाइनल
    246/7- इंग्लैंड बनाम भारत, वानखेड़े, 2026 सेमीफाइनल