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  • OPEC+ ने बढ़ाया तेल उत्पादन, अब सबसे बड़ा सवाल खरीदारों का; भारत-चीन की मांग पर टिकी वैश्विक बाजार की दिशा

    OPEC+ ने बढ़ाया तेल उत्पादन, अब सबसे बड़ा सवाल खरीदारों का; भारत-चीन की मांग पर टिकी वैश्विक बाजार की दिशा


    नई दिल्ली ।
    वैश्विक ऊर्जा बाजार एक बार फिर महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। OPEC+ देशों ने अगस्त से कच्चे तेल के उत्पादन में बढ़ोतरी का फैसला लेकर यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता और बढ़ सकती है। हालांकि उत्पादन बढ़ाने के इस निर्णय के साथ सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि अतिरिक्त तेल की खपत आखिर कौन करेगा और क्या वैश्विक मांग इतनी मजबूत है कि बढ़ी हुई सप्लाई को आसानी से समाहित किया जा सके।

    OPEC+ के प्रमुख सदस्य देशों ने अगस्त से प्रतिदिन लगभग 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त उत्पादन पर सहमति बनाई है। अप्रैल से शुरू हुई उत्पादन वृद्धि को मिलाकर अब कुल बढ़ोतरी करीब आठ लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच चुकी है। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और ऊर्जा बाजार को स्थिरता देना माना जा रहा है।

    उत्पादन बढ़ाने की योजना की सफलता काफी हद तक पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगी। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव के कारण इस मार्ग से तेल परिवहन प्रभावित हुआ था, जिससे निर्यात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। हालांकि हालात में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं और यदि यह मार्ग पूरी तरह सामान्य बना रहता है तो तेल निर्यात भी पहले की तुलना में तेज हो सकता है।

    बाजार में बढ़ती सप्लाई की संभावना का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। हाल के सप्ताहों में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी आई है और दरें युद्ध-पूर्व स्तर के आसपास पहुंच गई हैं। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों को भविष्य में पर्याप्त आपूर्ति मिलने का भरोसा है। यदि आने वाले समय में अतिरिक्त उत्पादन लगातार बाजार में पहुंचता है तो कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

    अब सबसे अधिक ध्यान दुनिया के दो बड़े तेल आयातक देशों भारत और चीन पर है। चीन लंबे समय से अपनी खरीद रणनीति के लिए जाना जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है तो वहां आयात की गति धीमी कर दी जाती है, जबकि कीमतों में गिरावट आने पर बड़े पैमाने पर खरीद कर रणनीतिक भंडार बढ़ाया जाता है। हाल के महीनों में चीन का आयात अपेक्षाकृत कमजोर रहा है, लेकिन यदि कीमतें कम बनी रहती हैं तो उसकी रिफाइनरियां दोबारा सक्रिय होकर खरीद बढ़ा सकती हैं।

    भारत के लिए भी यह फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है। देश अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 90 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ने और कीमतों में नरमी आने से आयात लागत कम हो सकती है। इससे पेट्रोलियम कंपनियों के खर्च पर सकारात्मक असर पड़ सकता है और ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में तेल बाजार की दिशा केवल उत्पादन बढ़ने से तय नहीं होगी, बल्कि वास्तविक मांग, वैश्विक आर्थिक गतिविधियों, समुद्री व्यापार की स्थिति और प्रमुख आयातक देशों की खरीद रणनीति भी अहम भूमिका निभाएगी। यदि भारत और चीन अपेक्षित स्तर पर खरीद बढ़ाते हैं तो अतिरिक्त उत्पादन को आसानी से बाजार मिल सकता है। वहीं मांग कमजोर रहने की स्थिति में वैश्विक तेल बाजार में अधिक आपूर्ति का दबाव बढ़ सकता है, जिससे कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।

  • इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर

    इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर


    नई दिल्ली । इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार वैष्णवी अग्रवाल की शिकायत पर नया बेसरा निवासी सादिक उस्मान गनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सादिक अक्सर क्षेत्र में विवाद करता है। रविवार रात करीब नौ बजे वह घर के बाहर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर वैष्णवी के पति और अन्य लोग बाहर आए तथा उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सादिक ने वैष्णवी के पति के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद दंपती गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरी ओर सादिक गनी की पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वैष्णवी अग्रवाल और उनके पति कालूसिंह अग्रवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार कालूसिंह ने डंडे से हमला किया जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला का यह भी आरोप है कि जब उनके पति सादिक बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • बाजार में लौटा निवेशकों का भरोसा, चौथे दिन भी जारी रही तेजी; बैंकिंग सेक्टर की मजबूती से सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल

    बाजार में लौटा निवेशकों का भरोसा, चौथे दिन भी जारी रही तेजी; बैंकिंग सेक्टर की मजबूती से सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल

    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। लगातार चौथे सत्र में बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, जिससे निवेशकों का विश्वास और मजबूत होता नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,350 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग शेयरों का रहा, जहां निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कई प्रमुख बैंकों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

    कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों का रुझान मजबूत बना रहा। बेहतर मानसून की संभावनाओं, घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सुधार और विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने बाजार के माहौल को सकारात्मक बनाए रखा। शुरुआती सत्र में प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज होने से यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।

    बैंकिंग सेक्टर ने बाजार की तेजी में अहम भूमिका निभाई। कई प्रमुख निजी बैंकों के शेयरों में उल्लेखनीय खरीदारी देखने को मिली, जिससे बैंकिंग सूचकांक में अच्छी मजबूती आई। वित्तीय क्षेत्र के अलावा रक्षा, दूरसंचार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। इन क्षेत्रों में आई मजबूती ने बाजार को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    हालांकि सभी क्षेत्रों में तेजी का माहौल नहीं रहा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कुछ प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे आईटी सूचकांक पर दबाव बना। इसके अलावा कुछ ऑटो, पेंट और एविएशन कंपनियों के शेयर भी शुरुआती कारोबार में कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इसके बावजूद बाजार की समग्र दिशा सकारात्मक बनी रही और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।

    व्यापक बाजार में भी सकारात्मक संकेत देखने को मिले। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में सीमित लेकिन स्थिर बढ़त दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि केवल बड़ी कंपनियों तक ही खरीदारी सीमित नहीं रही, बल्कि निवेशकों ने मध्यम और छोटी कंपनियों में भी निवेश करना जारी रखा। व्यापक भागीदारी को बाजार की मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

    विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर स्तर पर खुला। मुद्रा बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की अनुपस्थिति ने भी निवेशकों को राहत दी। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली, जिसे आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ऊर्जा लागत में कमी का प्रभाव आने वाले समय में कई उद्योगों के परिचालन खर्च पर भी पड़ सकता है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहते हैं और विदेशी निवेशकों का निवेश जारी रहता है, तो घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख आगे भी कायम रह सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए रखनी होगी।

    लगातार चौथे दिन दर्ज हुई यह तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार में फिलहाल निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक संकेतों और कॉरपोरेट प्रदर्शन के आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय होगी, लेकिन फिलहाल शुरुआती रुझान निवेशकों के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।

  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर बड़ा ऐलान, इंदौर में इस प्रमुख सड़क का नाम होगा उनके नाम पर

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर बड़ा ऐलान, इंदौर में इस प्रमुख सड़क का नाम होगा उनके नाम पर


    नई दिल्ली । भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और देश की एकता एवं अखंडता के प्रबल समर्थक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर इंदौर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। विजय नगर चौराहे पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों ने माल्यार्पण कर उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, सांस्कृतिक गौरव, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी देश को मजबूत और संगठित बनाने की प्रेरणा देते हैं।

    इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि एमआर-4 मास्टर प्लान के तहत शास्त्री ब्रिज के नीचे से बाणगंगा रेलवे क्रॉसिंग तक जाने वाली सड़क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्र के प्रति उनके योगदान और बलिदान को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

    कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

    श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, पार्षद कमल वाघेला सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

  • खजराना गणेश मंदिर में तेज़ी से विकास कार्य, डेढ़ फीट नीचे होगा सभामंडप, लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा होगी दोगुनी

    खजराना गणेश मंदिर में तेज़ी से विकास कार्य, डेढ़ फीट नीचे होगा सभामंडप, लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा होगी दोगुनी


    इंदौर इंदौर का विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए बड़े बदलावों से गुजर रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर दर्शन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मंदिर परिसर में व्यापक विकास कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का उद्देश्य यह है कि भविष्य में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारु और व्यवस्थित बनी रहे।

    मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। अब गर्भगृह के बाहर स्थित सभामंडप को लगभग डेढ़ फीट नीचे किया जा रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ सामान्य श्रद्धालुओं को मिलेगा। अभी तक सभामंडप में विशेष पूजन, वीआईपी दर्शन या नवविवाहित दंपतियों के धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पीछे खड़े श्रद्धालुओं का दृश्य बाधित हो जाता था, जिससे भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती थी।

    मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार सभामंडप का स्तर नीचे किए जाने से लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को बिना किसी अवरोध के सीधे भगवान गणेश के दर्शन हो सकेंगे। इससे मंदिर में आने वाले प्रत्येक भक्त को बेहतर धार्मिक अनुभव मिलेगा और भीड़ प्रबंधन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

    मंदिर परिसर के लिए तैयार मास्टर प्लान के तहत केवल सभामंडप ही नहीं बल्कि कई अन्य विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं। आने वाले समय में यहां आधुनिक दर्शन हॉल का निर्माण भी किया जाएगा। इस हॉल के बनने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इससे त्योहारों और विशेष अवसरों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में भी आसानी होगी।

    सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के इंदौर स्थित खजराना गणेश मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन अभी से सभी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है। यही कारण है कि मंदिर की आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।

    खजराना गणेश मंदिर देशभर के प्रमुख गणेश मंदिरों में शामिल है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और बुधवार के दिन यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में किए जा रहे ये विकास कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इन सुधारों के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले से कहीं अधिक सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिलेगा।

  • सिर्फ 5 रुपए भेजे और गंवा दिए ₹1.08 लाख, ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने साइबर ठगों का नया खेल

    सिर्फ 5 रुपए भेजे और गंवा दिए ₹1.08 लाख, ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने साइबर ठगों का नया खेल


    नई दिल्ली । इंदौर में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक दवा व्यापारी और उनकी पत्नी को एक लाख आठ हजार रुपए का चूना लगा दिया। ठगों ने ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने पहले महज 5 रुपए ट्रांसफर करवाए और इसके कुछ ही मिनटों बाद दोनों के बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पूरी रकम निकाल ली। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़ित निर्मल नवलानी गोपाल कॉलोनी के निवासी हैं और दवा व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म की सदस्यता ले रखी थी। चार जून को उन्होंने जियो हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन बंद कराने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा। सर्च में मिले नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का कस्टमर सपोर्ट अधिकारी बताया और सदस्यता बंद कराने की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया।

    बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर 5 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा। व्यापारी ने अपने गूगल पे के माध्यम से यह राशि भेज दी। इसके कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल असामान्य तरीके से काम करने लगा और स्क्रीन बंद हो गई। जब मोबाइल दोबारा चालू किया तो बैंक खाते से लगातार रकम निकलने के संदेश आने लगे।

    सबसे पहले उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 8 हजार और फिर 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद उनकी पत्नी शारदा के खाते से भी 20 हजार और 30 हजार रुपए के दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर दिए गए। इस तरह कुल 1 लाख 8 हजार रुपए साइबर ठगों के खाते में पहुंच गए।

    ठगी का अहसास होते ही व्यापारी ने तुरंत बैंक से संपर्क कर दोनों खातों को फ्रीज कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में मामले को जूनी इंदौर थाने भेजा गया जहां पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जांच एजेंसियां बैंक खातों ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

    यह मामला एक बार फिर बताता है कि गूगल पर दिखाई देने वाला हर कस्टमर केयर नंबर असली नहीं होता। साइबर अपराधी फर्जी नंबर और नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। किसी भी सेवा से जुड़ी सहायता लेने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ही कस्टमर सपोर्ट नंबर की पुष्टि करनी चाहिए। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने बैंक विवरण साझा करने या छोटी से छोटी राशि ट्रांसफर करने से भी बचना चाहिए क्योंकि यही साइबर ठगी की शुरुआत बन सकती है।

  • महिला की मर्जी सर्वोपरि, गर्भ रखना या गिराना उसका अधिकार; इंदौर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

    महिला की मर्जी सर्वोपरि, गर्भ रखना या गिराना उसका अधिकार; इंदौर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि कानून में निर्धारित समय सीमा के भीतर गर्भावस्था को जारी रखना है या समाप्त करना इसका अंतिम निर्णय महिला का होगा। अदालत ने कहा कि गर्भपात के लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है क्योंकि महिला की शारीरिक स्वायत्तता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार हैं।

    यह मामला इंदौर संभाग के एक विवाहित दंपती से जुड़ा है जिनकी शादी को करीब दो वर्ष हुए थे। वैवाहिक जीवन के दौरान दोनों के बीच लगातार विवाद बढ़ते गए और इसी दौरान महिला गर्भवती हो गई। जब गर्भावस्था लगभग 13 सप्ताह की थी तब दंपती अलग रहने लगे। महिला ने अदालत को बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में वह गर्भ जारी नहीं रखना चाहती क्योंकि इससे उसके मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

    महिला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भपात की अनुमति मांगी। याचिका में कहा गया कि पति के साथ वैवाहिक संबंध समाप्त करने का निर्णय लगभग तय हो चुका था लेकिन बाद में पति अपने रुख से पीछे हट गया। ऐसे में गर्भावस्था को जारी रखना उसके लिए मानसिक तनाव और भावनात्मक पीड़ा का कारण बन रहा है।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पति को नोटिस जारी किया था लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। राज्य सरकार की ओर से भी याचिका का विरोध नहीं किया गया। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया।

    अपने आदेश में हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले एक्स बनाम प्रिंसिपल सेक्रेटरी हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक महिला को अपनी शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन संबंधी निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने कहा कि अवांछित गर्भावस्था का मानसिक और शारीरिक प्रभाव सबसे अधिक महिला पर पड़ता है इसलिए अंतिम निर्णय भी उसी का होना चाहिए।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की गर्भावस्था मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 में निर्धारित समय सीमा के भीतर थी। इसलिए अधिकृत चिकित्सक कानून के अनुसार गर्भसमापन की प्रक्रिया कर सकते हैं। न्यायालय ने यह भी माना कि पति पत्नी का अलग रहना वैवाहिक संबंधों में गंभीर विवाद या तलाक जैसी परिस्थितियां गर्भपात की अनुमति देने के लिए वैध आधार हो सकती हैं।

    फैसले में अदालत ने कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। महिला की गरिमा मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही न्यायालय ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि गर्भपात की पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पूरी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ की जाए।

  • एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट

    एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है क्योंकि कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर दमोह बैतूल देवास आलीराजपुर उमरिया सिवनी छिंदवाड़ा और अनूपपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम उज्जैन धार शाजापुर सीहोर विदिशा गुना नर्मदापुरम नरसिंहपुर जबलपुर मंडला बालाघाट डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल ग्वालियर मुरैना दतिया शिवपुरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली खंडवा खरगोन हरदा और अन्य कई जिलों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    बालाघाट जिले से सोमवार सुबह सामने आए वीडियो ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। किरनापुर और लांजी के बीच बहने वाली बाघ नदी में तेज बहाव के कारण कार जेसीबी और लोडर जैसी मशीनें पानी में बहती दिखाई दीं। बताया जा रहा है कि यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 150 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि निर्माण कंपनी की ओर से घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा में लगभग 3 इंच बारिश हुई जबकि उज्जैन और बालाघाट में सवा दो इंच तथा उमरिया और खजुराहो में करीब 2 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। टीकमगढ़ सिवनी श्योपुर ग्वालियर भोपाल मंडला और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    बारिश के बीच पांढुर्णा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं सीहोर में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। कई शहरों में बाजारों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 163.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम है। हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश हुई है जबकि पूर्वी हिस्से में अब भी बारिश का आंकड़ा औसत से कम बना हुआ है। विभाग का मानना है कि जुलाई में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा तथा इसी महीने प्रदेश में कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होने की संभावना है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी नालों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।

  • गरुड़ पुराण के अनुसार इन तीन विशेष आदतों वाले लोगों के पास नहीं आते यमदूत, सीधे विष्णुदूत कराते हैं उत्तम लोकों की यात्रा

    गरुड़ पुराण के अनुसार इन तीन विशेष आदतों वाले लोगों के पास नहीं आते यमदूत, सीधे विष्णुदूत कराते हैं उत्तम लोकों की यात्रा

    नई दिल्ली । सनातन धर्म ग्रंथों और पौराणिक शास्त्रों में मृत्यु तथा उसके बाद आत्मा की यात्रा को लेकर बेहद गूढ़ और विस्तृत नियम बताए गए हैं। विशेषकर ‘गरुड़ पुराण’ में इंसानी जीवन के अंतिम समय और कर्मों के आधार पर मिलने वाली गतियों का गहन विश्लेषण मिलता है। सामान्य मान्यताओं के अनुसार, जब किसी भी जीवित प्राणी का अंत समय निकट आता है, तो यमराज के दूत अर्थात यमदूत उसकी आत्मा को लेने के लिए पृथ्वी लोक पर आते हैं। गरुड़ पुराण में यमदूतों के स्वरूप को अत्यंत भयानक और पाप कर्म करने वालों के प्रति बेहद क्रूर बताया गया है। परंतु, इसी महापुराण में कुछ ऐसे गोपनीय नियमों का भी उल्लेख मिलता है, जो यह स्पष्ट करते हैं कि तीन विशेष श्रेणी के मनुष्यों के समीप आने की हिम्मत स्वयं यमदूत भी नहीं कर पाते हैं। इन पुण्य आत्माओं को कभी भी यमलोक की यातनाएं नहीं सहनी पड़तीं, बल्कि उनके स्वागत के लिए साक्षात वैकुंठ धाम से भगवान विष्णु के दिव्य पार्षद अवतरित होते हैं।

    मध्य प्रदेश । पौराणिक गरुड़ पुराण के आधिकारिक सिद्धांतों के अनुसार, इस विशिष्ट सूची में पहला स्थान उन परम भक्तों का आता है जो अपना संपूर्ण जीवन ईश्वर की आराधना, नाम सिमरन और आध्यात्मिक चेतना में व्यतीत करते हैं। ऐसे जातकों के मन से मृत्यु का भय पूरी तरह समाप्त हो जाता है। जब इन सांसारिक सासों का अंतिम दौर आता है, तो यमदूत दूर ही रहते हैं और वैकुंठ से आए शांत व चतुर्भुज रूप धारी विष्णुदूत अत्यंत आदरपूर्वक इन पवित्र आत्माओं को अपने दिव्य विमान में बैठाकर परमधाम ले जाते हैं। दूसरी श्रेणी में उन उदारवादी लोगों को रखा गया है जो सदैव निस्वार्थ भाव से दीन-दुखियों, बेसहारा पशु-पक्षियों और बीमारों की सेवा में तत्पर रहते हैं। शास्त्रों के मुताबिक, भूखे को अन्न और प्यासे को पानी देना सबसे बड़ा मानवीय धर्म है। इस प्रकार निरंतर संचित होने वाले पुण्यों के कारण यमराज के दूत ऐसे परोपकारी इंसानों को स्पर्श तक नहीं करते, क्योंकि उनका अधिकार क्षेत्र केवल दूसरों को प्रताड़ित करने वाले अपराधियों तक ही सीमित होता है।

    इसके अतिरिक्त, तीसरी श्रेणी में उन धर्मनिष्ठ मनुष्यों का विस्तार से वर्णन किया गया है जो जीवन की अत्यंत विषम परिस्थितियों में भी सत्य, ईमानदारी और न्याय का मार्ग कभी नहीं छोड़ते। अपने माता-पिता की निश्छल सेवा करने वाले और किसी भी जीव का दिल न दुखाने वाले साफ दिल के इंसानों को तपस्वियों के समतुल्य माना गया है। ऐसे सदाचारी लोगों को मृत्यु काल के दौरान तनिक भी शारीरिक या मानसिक कष्ट की अनुभूति नहीं होती है। यमदूत ऐसे महापुरुषों को दूर से ही नमन करते हैं और उनके प्राण बिना किसी पीड़ा के स्वतः ही शरीर त्याग देते हैं, जिसके पश्चात उन्हें सीधे मोक्ष अथवा उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है।

    गरुड़ पुराण की ये अमूल्य और कल्याणकारी बातें आधुनिक मानव समाज को अपने आचरण व कर्मों को सुधारने का एक बड़ा संदेश देती हैं। शास्त्र यह प्रमाणित करते हैं कि मृत्यु अपरिवर्तनीय सत्य है, परंतु उससे भयभीत होने के स्थान पर यदि मनुष्य लोभ, मोह, ईर्ष्या और छल-कपट से दूरी बना ले, तो उसका अंत समय स्वतः ही सुधर जाता है। बुरे कर्मों में लिप्त रहने वालों के लिए जहां यमदूतों की कठोर यातनाएं निश्चित हैं, वहीं सात्विक और धार्मिक जीवन जीने वाले पुण्यात्माओं को अंततः ईश्वर के चरणों में शाश्वत स्थान प्राप्त होता है।

  • राहु-केतु के बीच बना बंधक योग! 18 जुलाई तक मौसम राजनीति और वैश्विक घटनाओं में उथल-पुथल के संकेत

    राहु-केतु के बीच बना बंधक योग! 18 जुलाई तक मौसम राजनीति और वैश्विक घटनाओं में उथल-पुथल के संकेत


    नई दिल्ली । राहु और केतु के बीच एक बार फिर सभी प्रमुख ग्रहों के आ जाने से ज्योतिष में वर्णित बंधक योग सक्रिय हो गया है। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार यह योग 18 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। उनका कहना है कि इस अवधि में देश और दुनिया के कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम प्रभावित हो सकते हैं। मौसम में असंतुलन राजनीतिक गतिविधियों में तेजी व्यापारिक उतार-चढ़ाव और न्याय व्यवस्था से जुड़े मामलों में हलचल देखने को मिल सकती है।

    ज्योतिषाचार्य के अनुसार शुक्रवार को चंद्रमा के कुंभ राशि में प्रवेश करने के साथ ही यह योग दोबारा सक्रिय हुआ। इससे पहले 24 जून को इसका प्रभाव समाप्त हुआ था। वर्तमान ग्रह स्थिति में सूर्य चंद्रमा मंगल बुध गुरु शुक्र और शनि सभी राहु और केतु के बीच स्थित हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार ऐसी स्थिति में ग्रहों की शुभ ऊर्जा कमजोर पड़ती है और कई क्षेत्रों में अस्थिरता का वातावरण बन सकता है।

    मौसम के संबंध में उनका कहना है कि इस अवधि में खंडवृष्टि के योग बन रहे हैं। इसका अर्थ है कि कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है जबकि कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना रहेगी। इससे कृषि और जनजीवन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। मौसम के इस असंतुलन का असर कई राज्यों में अलग-अलग रूप में दिखाई देने की संभावना जताई गई है।

    राजनीतिक दृष्टि से भी यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रहों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश राजस्थान और दिल्ली सहित कुछ राज्यों में राजनीतिक हलचल बढ़ने के संकेत बताए गए हैं। सत्ता और संगठन स्तर पर फेरबदल विस्तार या नए राजनीतिक समीकरण बनने जैसी परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनावपूर्ण घटनाओं या कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की गई है।

    व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी इस योग का असर पड़ने की बात कही गई है। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेश से जुड़े फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण निर्णय या चर्चित घटनाएं सामने आ सकती हैं।

    ज्योतिषाचार्य का यह भी दावा है कि 18 जुलाई तक जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं की कुंडली में कालसर्प दोष बनने की स्थिति रह सकती है। उनके अनुसार जब चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेगा तब यह बंधक योग समाप्त हो जाएगा और ग्रहों की स्थिति सामान्य होने लगेगी।

    हालांकि यह सभी आकलन पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनकी वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इन्हें भविष्यवाणी के बजाय ज्योतिषीय दृष्टिकोण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।