Blog

  • PM मोदी के इजरायल दौरे पर PM नेतन्याहू ने भारतीय लुक में किया डिनर होस्ट, सबको किया चौंका

    PM मोदी के इजरायल दौरे पर PM नेतन्याहू ने भारतीय लुक में किया डिनर होस्ट, सबको किया चौंका


    नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi इस समय दो दिवसीय दौरे पर इजरायल में हैं। इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी Sara Netanyahu ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान नेतन्याहू ने मोदी के लिए रात्रि भोज भी होस्ट किया जिसमें उन्होंने पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर सभी को चौंका दिया।

    नेतन्याहू ने खुद इस पल की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और लिखा हमारे संयुक्त रात्रिभोज से पहले मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर चौंका दिया।

    इससे पहले एयरपोर्ट पर नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इस दौरान सारा नेतन्याहू और पीएम मोदी के सैफरन रंग के कपड़े मैच करने पर सभी ने ठहाके लगाए और मुस्कुराते हुए इस पल का आनंद लिया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली संसद को संबोधित किया और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। संसद में मोदी के भाषण के दौरान सांसद खड़े होकर उनका अभिवादन किया और स्पीकर ने हिंदी में उनका स्वागत किया।

    संसद में संबोधन के दौरान पीएम नेतन्याहू ने कहा नरेंद्र मेरे प्यारे दोस्त मैं आपके यहां आने से बहुत-बहुत खुश हूं। आप मेरे भाई से कम नहीं हैं। पिछली बार हमने मेडिटेरेनियन कोस्ट पर समय बिताया था और तब से हमारे सहयोग और समझ ने नए आयाम हासिल किए हैं।इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की साथ ही यह रंगीन और दोस्ताना पल भारत-इजरायल संबंधों में एक यादगार क्षण बन गया।

  • महाकाल के दरबार में भारतीय क्रिकेटर: कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल ने की भस्म आरती, कहा मिलती है सकारात्मक ऊर्जा

    महाकाल के दरबार में भारतीय क्रिकेटर: कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल ने की भस्म आरती, कहा मिलती है सकारात्मक ऊर्जा


    उज्जैन । धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आम भक्तों के साथ साथ देश विदेश की चर्चित हस्तियां भी बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रही हैं। इसी क्रम में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल मंगलवार तड़के महाकाल मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने भगवान महाकालेश्वर की प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर पूजा अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    सुबह ब्रह्ममुहूर्त में होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दौरान दोनों क्रिकेटरों ने पूरे विधि विधान से दर्शन किए। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग के समक्ष उन्होंने ध्यान लगाया और नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। भस्म आरती के आध्यात्मिक वातावरण और मंत्रोच्चार के बीच दोनों खिलाड़ी श्रद्धा में लीन दिखाई दिए।

    भस्म आरती के उपरांत मंदिर समिति की ओर से दोनों खिलाड़ियों का पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। उन्हें प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी क्रिकेटरों की एक झलक पाने के लिए उत्साह दिखाया हालांकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही।

    इस अवसर पर कर्ण शर्मा ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उन्हें बार बार उज्जैन आने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा जब भी बाबा बुलाते हैं मैं दर्शन के लिए जरूर आता हूं। यहां आकर मन को शांति मिलती है और मंदिर की व्यवस्थाएं भी अत्यंत सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने भस्म आरती को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बताते हुए कहा कि इस आरती में शामिल होना किसी भी श्रद्धालु के लिए विशेष सौभाग्य की बात है।

    वहीं सिद्धार्थ कौल ने भी बाबा महाकाल के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भस्म आरती के दौरान जो आध्यात्मिक वातावरण बनता है वह मन और आत्मा को एक अलग शक्ति देता है। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार बाबा महाकाल की भस्म आरती में जरूर शामिल होना चाहिए कौल ने कहा।

    उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है। देश विदेश से श्रद्धालु इस अनूठी आरती के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। क्रिकेटरों की इस आध्यात्मिक यात्रा ने एक बार फिर यह साबित किया कि खेल जगत की हस्तियां भी अपनी आस्था से गहराई से जुड़ी हैं और महत्वपूर्ण अवसरों पर ईश्वर का आशीर्वाद लेना नहीं भूलतीं।

  • वीर सावरकर की वीरता और समर्पण: अमित शाह सहित मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का सम्मान

    वीर सावरकर की वीरता और समर्पण: अमित शाह सहित मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का सम्मान


    नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण हर राष्ट्रप्रेमी के लिए राष्ट्रप्रथम का ज्योति स्तंभ बना रहेगा। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि स्वातंत्र्यवीर सावरकर आजादी के आंदोलन के उन नायकों में थे जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से स्वतंत्रता व सांस्कृतिक स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया।

    सावरकर ने क्रांतिकारी विचारों से स्वतंत्रता आंदोलन को वैचारिक आधार दिया और देश से लेकर इंग्लैंड तक अपने साहसी अभियानों से युवाओं को प्रेरित किया। उनके त्याग समर्पण और वीरता की गाथाएं अनंत काल तक राष्ट्रप्रेमियों के लिए प्रेरणा स्तंभ बनी रहेंगी।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उन्हें ओजस्वी क्रांतिकारी और तेजस्वी विचारक बताते हुए लिखा कि उनका संघर्ष भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने वीर सावरकर को प्रखर क्रांतिकारी एवं दूरदर्शी चिंतक बताया जिनके त्याग और राष्ट्रनिष्ठ चिंतन देशवासियों के लिए कर्तव्यबोध और आत्मसम्मान की प्रेरणा है।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने उन्हें मां भारती के अमर सपूत और महान विचारक बताते हुए उनके जीवन को साहस और धैर्य का पर्याय बताया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि वीर सावरकर का त्याग और तप हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने लिखा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र के प्रति अनन्य निष्ठा की अमर गाथा है जिसने जनता में स्वाभिमान का भाव जागृत किया। केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chauhan और Manohar Lal ने भी वीर सावरकर के त्याग साहस और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अदम्य योगदान को कोटिशः नमन अर्पित किया।इस प्रकार स्वातंत्र्यवीर वीर सावरकर का बहुआयामी व्यक्तित्व-साहस साहित्य समाज सुधार और राष्ट्रभक्ति-देशभर में आज भी प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा और आदर्श बना हुआ है।

  • होली पर यात्रियों को राहत: पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

    होली पर यात्रियों को राहत: पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनें


    भोपाल । होली के रंगों से पहले यात्रियों के लिए राहत की खुशखबरी आई है। मध्यप्रदेश सहित आसपास के राज्यों में यात्रा करने वाले रेल यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इन विशेष ट्रेनों के चलने से रीवा, भोपाल और दानापुर रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी और त्योहार के दौरान कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

    रेलवे प्रशासन के अनुसार, होली पर्व पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 02192/02191 का संचालन 28 फरवरी 2026 को एक-एक ट्रिप के रूप में किया जाएगा। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में चलेगी और कम समय में गंतव्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुपरफास्ट श्रेणी में संचालित होगी। इस सेवा से रीवा और भोपाल के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।

    इसके अलावा गाड़ी संख्या 02186/02185 स्पेशल ट्रेन 2 और 3 मार्च 2026 को दो-दो ट्रिप संचालित की जाएगी। यह ट्रेन भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि होली के आसपास के दिनों में सबसे अधिक दबाव इसी रूट पर रहता है, ऐसे में अतिरिक्त ट्रिप यात्रियों के लिए राहत साबित होंगी।

    इसी क्रम में भोपाल-रीवा स्पेशल ट्रेन (01704/01703) 5 मार्च 2026 को एक ट्रिप करेगी। यह सेवा उन यात्रियों के लिए उपयोगी होगी जो त्योहार के बाद वापसी की योजना बना रहे हैं। एक अतिरिक्त फेरे से प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    दानापुर रूट पर यात्रा करने वालों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (01667/01668) 27 फरवरी और 2 मार्च 2026 को रवाना होगी। वहीं वापसी दिशा में यही ट्रेन 28 फरवरी और 3 मार्च को संचालित की जाएगी। इस स्पेशल सेवा से बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि त्योहार के समय इस रूट पर भारी भीड़ रहती है।

    रेलवे मंडल के अधिकारियों ने बताया कि सभी स्पेशल ट्रेनों में आरक्षित श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे और यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे समय रहते आरक्षण कराएं और यात्रा से पूर्व ट्रेन के समय एवं स्टॉपेज की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से प्राप्त करें। होली के अवसर पर चलाई जा रही इन चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों से हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। त्योहार के दौरान सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे का यह कदम सराहनीय माना जा रहा है।

  • 27 फरवरी को आमलकी/रंगभरी एकादशी: जानें व्रत, पूजा और शुभ मुहूर्त..

    27 फरवरी को आमलकी/रंगभरी एकादशी: जानें व्रत, पूजा और शुभ मुहूर्त..


    नई दिल्ली। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि इस साल 27 फरवरी को पड़ रही है। इसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन का धार्मिक महत्व विशेष है क्योंकि मान्यता है कि नारायण के साथ-साथ महादेव से भी इसका गहरा संबंध है।

    आमलकी एकादशी का व्रत भक्ति भाव से रखने पर सभी पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है। आंवले के वृक्ष में नारायण का निवास माना जाता है, इसलिए इस दिन आंवले की पूजा करना अत्यंत फलदायी है। भक्त इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी आराधना करते हैं।

    रंगभरी एकादशी का संबंध शिव और पार्वती से भी है। धार्मिक मान्यता है कि विवाह के बाद भगवान शिव पहली बार माता पार्वती के साथ काशी आए थे और माता पार्वती का गौना इसी दिन हुआ था। यही कारण है कि इस दिन से रंगों के पर्व होली का जश्न भी शुरू माना जाता है।

    दृक पंचांग के अनुसार, 27 फरवरी की एकादशी तिथि रात 10:32 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी शुरू होगी। नक्षत्र की स्थिति के अनुसार आर्द्रा नक्षत्र सुबह 10:48 बजे तक रहेगा, उसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा। योग आयुष्मान शाम 7:44 बजे तक रहेगा। करण वणिज सुबह 11:31 बजे तक रहेगा और उसके बाद विष्टि करण रहेगा।

    शुभ योगों की बात करें तो सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 10:48 बजे से अगले दिन 6:47 बजे तक रहेगा, वहीं रवि योग सुबह 6:48 बजे से 10:48 बजे तक रहेगा। सूर्योदय शुक्रवार को 6:48 बजे और सूर्यास्त 6:20 बजे होगा।

    शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं: ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:09 बजे से 5:59 बजे तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से 12:57 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:29 बजे से 3:15 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:17 बजे से 6:42 बजे तक रहेगा।

    अशुभ समय में राहुकाल सुबह 11:08 बजे से 12:34 बजे तक, यमगण्ड दोपहर 3:27 बजे से 4:53 बजे तक, गुलिक काल सुबह 8:15 बजे से 9:41 बजे तक और दुर्मुहूर्त सुबह 9:07 बजे से 9:53 बजे तक रहेगा। भद्रा दोपहर 11:31 बजे से रात 10:32 बजे तक रहेगी।इस प्रकार 27 फरवरी की आमलकी या रंगभरी एकादशी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है और इस दिन के शुभ मुहूर्त और व्रत पालन से जीवन में समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • होली पर 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और भद्रा काल का साया, जानें होलिका दहन का सही मुहूर्त

    होली पर 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और भद्रा काल का साया, जानें होलिका दहन का सही मुहूर्त


    नई दिल्ली । इस साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन यानी 3 मार्च 2026 को भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण और इसका सूतक काल शुभ कार्यों पर प्रभाव डालते हैं जिससे होलिका दहन की तारीख पर भी भ्रम पैदा हो गया है। इस साल चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे होगी और शाम 6:46 बजे समाप्त होगी। ग्रहण का सूतक काल इससे लगभग 9 घंटे पहले सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे पूजा-पाठ नहीं किया जाएगा और बुजुर्गों बीमारों और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर भोजन भी वर्जित माना जाएगा। इस दिन भारत में ब्लड मून भी दिखाई देगा जो इसे और भी विशेष बना देगा।

    फाल्गुन पूर्णिमा तिथि और स्नान-दान

    पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 2 मार्च की शाम 5:15 बजे से शुरू होकर 3 मार्च दोपहर 4:33 बजे तक रहेगी। स्नान-दान के लिए पूर्णिमा तिथि 3 मार्च को मानी जाएगी जबकि पूर्णिमा व्रत 2 मार्च को रखना उचित होगा।

    होलिका दहन और भद्रा काल

    धर्म-शास्त्र के अनुसार होलिका दहन के लिए तीन चीजें जरूरी हैं: पूर्णिमा तिथि रात्रि काल और भद्रा मुक्त समय। इस साल अगर 3 मार्च को पूर्णिमा मानें तो चंद्र ग्रहण और उसके सूतक काल के कारण होलिका दहन नहीं किया जा सकता। वहीं 2 मार्च को रात में होलिका दहन करने पर भद्रा काल खेल बिगाड़ रहा है। भद्रा काल 2 मार्च की शाम 5:15 बजे से 3 मार्च की तड़के 4:46 बजे तक रहेगा।

    उत्तम मुहूर्त
    शास्त्रों के अनुसार इस स्थिति में होलिका दहन मध्य रात्रि से पूर्व कर लेना ही सर्वोत्तम माना गया है। इस साल 2 मार्च की रात 12:50 बजे से 2:38 बजे तक का समय सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 3 मार्च या 4 मार्च को होली खेलना या धुलैंडी मनाना उचित होगा। Disclaimer यह खबर केवल जागरूक करने के उद्देश्‍य से लिखी गई है। हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते है।
  • पीएम मोदी का इजरायल दौरा, नेतन्याहू बोले-भारत-इजरायल पर फिल्म बने तो हिट होगी

    पीएम मोदी का इजरायल दौरा, नेतन्याहू बोले-भारत-इजरायल पर फिल्म बने तो हिट होगी


    नई दिल्ली से रिपोर्ट: प्रधानमंत्री Narendra Modi इजरायल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। स्वागत के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने गर्मजोशी से उन्हें अभिवादन किया और कहा कि अगर भारत-इजरायल भाईचारे पर कोई बॉलीवुड फिल्म बने तो वह जबरदस्त हिट साबित होगी।

    यह बयान दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को उजागर करता है। इजरायल में बॉलीवुड की लोकप्रियता को देखते हुए नेतन्याहू ने 2018 में भारत दौरे के दौरान भी इस जुड़ाव पर जोर दिया था।

    पीएम मोदी की यह यात्रा उनके 2017 के ऐतिहासिक दौरे के बाद दूसरी है। इस दौरे के दौरान दोनों नेता सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं।

    भारत और इजरायल के बीच फिल्म सह-निर्माण समझौता 2018 में हुआ था, जब नेतन्याहू भारत आए थे। इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। समझौते के तहत सह-निर्मित फिल्मों को दोनों देशों में राष्ट्रीय उत्पादन का दर्जा मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, पटकथा लेखन, प्रतिभा और वितरण में सहयोग संभव हुआ।

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से दोनों देशों के रचनात्मक, तकनीकी, वित्तीय और मार्केटिंग संसाधनों का साझा उपयोग किया जा सकता है। सह-निर्मित फिल्में दोनों देशों के फिल्म समारोहों में घरेलू फिल्म की तरह भाग ले सकती हैं और निर्माण तथा पोस्ट-प्रोडक्शन में प्रोत्साहन भी मिलता है।

    यह समझौता कलाकारों और तकनीकी कर्मियों के बीच रोजगार सृजन में सहायक साबित हो रहा है। इससे कला-संस्कृति का आदान-प्रदान बढ़ा है और दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना मजबूत हुई है।

    2018 में भारत यात्रा के दौरान ‘शालोम बॉलीवुड’ कार्यक्रम में नेतन्याहू ने Amitabh Bachchan और Imtiaz Ali समेत अन्य सितारों से मुलाकात की थी। उन्होंने इजरायल में बॉलीवुड फिल्मों के लिए न्योता भी दिया था और वादा किया कि वहां बॉलीवुड फिल्में बढ़ेंगी।

    सुरक्षा, कृषि, ऊर्जा, विज्ञान और फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ फिल्म उद्योग में यह समझौता भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जा रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और सांस्कृतिक, तकनीकी तथा आर्थिक सहयोग में भी विस्तार हुआ है।

  • 4 राज्यों में 5 राज्यसभा सीट जीत सकती है कांग्रेस, इन उम्मीदवारों को मिल सकता है मौका

    4 राज्यों में 5 राज्यसभा सीट जीत सकती है कांग्रेस, इन उम्मीदवारों को मिल सकता है मौका


    नई दिल्ली। दस राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनावों में 37 सीटों के लिए दावेदारी तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चुनौती कांग्रेस के सामने है क्योंकि उसके पास सीटें कम और दावेदार अधिक हैं। पार्टी को इस चुनाव में कुल पांच से छह सीटों की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को छत्तीसगढ़ हिमाचल प्रदेश हरियाणा और तेलंगाना में कुल पांच सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा सहयोगी दलों के साथ तालमेल के जरिए तमिलनाडु में भी एक सीट पर दावेदारी संभव है।

    राज्यवार स्थिति

    छत्तीसगढ़: सत्ता से बाहर होने के कारण कांग्रेस को यहां दो की बजाय केवल एक सीट मिल सकती है। आदिवासी नेता फूलो देवी नेताम को मौका मिलने की संभावना है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव भी इस सीट के दावेदार हैं। हिमाचल प्रदेश: पार्टी सत्ता में होने के कारण यहां एक सीट जीतने की स्थिति में है। पिछली बार क्रॉस वोटिंग के कारण हार हुई थी। इस बार पार्टी स्थानीय नेता प्रतिभा सिंह को मैदान में उतार सकती है।

    हरियाणा: पार्टी को एक सीट मिलने की संभावना है। उम्मीदवार चयन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अहम भूमिका रहेगी। इसके लिए पूर्व सांसद राजबब्बर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान पर विचार चल रहा है। तेलंगाना: कांग्रेस सत्ता में है और यहां दो सीटें जीतने की संभावना है। इसके तहत उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के लिए वादा पूरा किया जा सकता है। इसके साथ अभिषेक मनु सिंघवी को दोबारा राज्यसभा भेजने पर विचार है।

    तमिलनाडु: कांग्रेस ने डीएमके के साथ एक सीट पर चर्चा की है। सकारात्मक संकेत मिलने पर यहां भी पार्टी एक प्रत्याशी घोषित कर सकती है। असम: पार्टी अकेले कोई सीट जीतने में सक्षम नहीं है। एआईयूडीएफ का समर्थन मिलने पर एक सीट मिल सकती है लेकिन विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस अभी सावधानी बरत रही है।  कुल मिलाकर कांग्रेस के लिए इस बार का राज्यसभा चुनाव संतुलन बनाने और सहयोगियों के साथ तालमेल साधने की चुनौती लेकर आया है।

  • NCERT किताब विवाद: सुप्रीम कोर्ट में न्यायपालिका पर अध्याय पर गुस्सा, सीजेआई सूर्यकांत ने डायरेक्टर को नोटिस जारी किया

    NCERT किताब विवाद: सुप्रीम कोर्ट में न्यायपालिका पर अध्याय पर गुस्सा, सीजेआई सूर्यकांत ने डायरेक्टर को नोटिस जारी किया


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग NCERT की कक्षा 8 की किताब में न्यायपालिका पर जोड़ दिए गए अध्याय के विवाद पर सुनवाई गुरुवार को जारी रही। इस मामले में सीजेआई D.Y. Chandrachud / Surya Kant की बेंच के सामने एसजी Tushar Mehta ने बिना शर्त माफी मांगी।

    सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादित अध्याय को “कैलकुलेटेड मूव” बताते हुए कहा कि इससे भारतीय न्यायपालिका की प्रतिष्ठा पर गंभीर चोट लगी है। सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की, आज न्यायपालिका लहूलुहान है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया तो आम जनता और युवाओं के मन में न्यायपालिका की पवित्रता प्रभावित होगी।

    तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि किताब की 32 प्रतियां बाजार में चली गई थीं, जिन्हें वापस लिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे अध्याय की टीम दोबारा समीक्षा करेगी। सीजेआई ने कहा कि यह मामूली मामला नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की संस्थागत स्थिति को चुनौती देने वाला कदम है।

    सुप्रीम कोर्ट ने NCERT के डायरेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं कि क्या यह सोची-समझी चाल थी या संयोग, लेकिन न्यायपालिका पर भ्रष्टाचार का चित्रण संवैधानिक रूप से अनुचित है। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने डिजिटल युग में हजारों प्रतियों के प्रसार को ध्यान में रखते हुए जांच की आवश्यकता बताई।

    सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने संविधान निर्माताओं की मेहनत का उल्लेख किया और कहा कि तीनों स्तंभों की स्वायत्तता सुनिश्चित करने में गहरी सजगता बरती गई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की सामग्री युवाओं तक पहुंचती रही तो न्यायिक पद की पवित्रता खतरे में पड़ जाएगी।

    सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि पूरे तंत्र की व्यापक समस्याओं का कोई जिक्र नहीं था, केवल एक व्यक्ति को चुन लिया गया। वहीं कपिल सिब्बल ने पूछा कि राजनेताओं और नौकरशाही का क्या जिक्र है। न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखने और पाठ्यपुस्तक में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से NCERT पर गहन समीक्षा और जवाब देने का निर्देश दिया।

    इस सुनवाई में यह भी तय किया गया कि भविष्य में इस तरह की गलतियों से बचने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। SC ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ पब्लिक रिप्रेसेंटेशन के लिए नहीं बल्कि न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और संस्थागत मूल्य के लिए भी जरूरी है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने माना रूह अफजा को फ्रूट ड्रिंक, टैक्स विवाद खत्म, जाने क्‍या दिया फैसला?

    सुप्रीम कोर्ट ने माना रूह अफजा को फ्रूट ड्रिंक, टैक्स विवाद खत्म, जाने क्‍या दिया फैसला?


    नई दिल्ली। भारत में गर्मियों का लोकप्रिय पेय रूह अफ़जा अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्पष्ट रूप से फ्रूट ड्रिंक के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है। लंबे समय से चल रही टैक्स विवाद में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रूह अफ़जा को सिर्फ इसलिए उच्च टैक्स वाले ब्रैकेट में नहीं रखा जा सकता क्योंकि इसे शरबत के रूप में बेचा जाता है।

    जस्टिस बीवी नागरत्ना और आर महादेवन की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि रूह अफ़जा फलों से बनाया जाता है और इसे केवल पानी में मिलाकर पीया जाता है। इसलिए इसे टैक्स कानून के तहत फ्रूट ड्रिंक माना जाएगा।

    विवाद की जड़

    यह मामला हमदर्द वक्फ लैबोरेटरीज की अपील पर सुना गया। सवाल यह था कि रूह अफ़जा, जिसमें केवल 10% फ्रूट जूस होता है और जिसे इनवर्ट शुगर सिरप व हर्बल डिस्टिलेट के साथ मिलाया जाता है, कानूनी रूप से फ्रूट ड्रिंक कहलाया जा सकता है या नहीं।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट और टैक्स अधिकारियों के 2018 के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। इन फैसलों में रूह अफ़जा को उत्तर प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट के तहत 12.5% टैक्सेबल अनक्लासिफाइड आइटम के रूप में देखा गया था।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रूह अफ़जा UPVAT एक्ट की शेड्यूल II पार्ट A की एंट्री 103 के तहत फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फ्रूट प्रोडक्ट के रूप में आएगा। इस श्रेणी पर 1 जनवरी 2008 से 31 मार्च 2012 तक 4% रियायती VAT दर लागू होती थी।

    मामले में अधिकारियों ने फूड सेफ्टी रेगुलेशन का हवाला देते हुए कहा था कि फ्रूट सिरप में कम से कम 25% फ्रूट जूस होना चाहिए। चूंकि रूह अफ़जा में केवल 10% जूस होता है, इसलिए इसे नॉन-फ्रूट सिरप बताया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि फूड सेफ्टी कानून टैक्सिंग कानून की व्याख्या को नियंत्रित नहीं कर सकता।