Blog

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन


    भोपाल । मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना के अद्वितीय साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमारे वीर जवानों ने जिस बहादुरी और संकल्प का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत के शूरवीर सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए मातृभूमि की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का पराक्रम केवल सैन्य शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकजुटता, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान का भी प्रतीक है।

    उन्होंने आगे कहा कि देश के जवानों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश को अपने वीर सपूतों पर सदैव गर्व रहेगा।

    डॉ. यादव ने इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान देशवासियों के लिए अमिट स्मृति है और राष्ट्र उनकी वीरता को सदैव याद रखेगा।

  • मार्च में बनाएं घूमने का प्लान, सुकून और फ्रेशनेस देंगे ये खास डेस्टिनेशन

    मार्च में बनाएं घूमने का प्लान, सुकून और फ्रेशनेस देंगे ये खास डेस्टिनेशन


    नई दिल्ली । अगर आप रोजमर्रा की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं तो मार्च का महीना ट्रैवल के लिए बेहतरीन माना जाता है। न कड़ाके की ठंड न चिलचिलाती गर्मी हल्का सुहावना मौसम सफर को आरामदायक बना देता है। यही वजह है कि इस समय पहाड़ हरियाली और आध्यात्मिक स्थलों की खूबसूरती और भी निखर जाती है। अगर आप भी मन को तरोताजा करने और तनाव को पीछे छोड़ने का प्लान बना रहे हैं तो ये तीन जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

    कूर्ग भारत का स्कॉटलैंड

    कर्नाटक में बसा कूर्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। इसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। मार्च के महीने में यहां का मौसम बेहद खुशनुमा रहता है। चारों ओर फैले कॉफी के बागान धुंध से ढकी पहाड़ियां झरनों की कलकल ध्वनि और हरियाली से भरा वातावरण मन को सुकून देता है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं तो कूर्ग एक परफेक्ट चॉइस है। यहां एबी फॉल्स राजा सीट और दुबारे एलीफेंट कैंप जैसे दर्शनीय स्थल आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

    ऋषिकेश अध्यात्म और एडवेंचर का संगम

    उत्तराखंड का ऋषिकेश मार्च में और भी आकर्षक हो जाता है। वसंत ऋतु में यहां का मौसम सुहावना रहता है जिससे गंगा किनारे बिताया गया समय खास बन जाता है। सुबह की गंगा आरती और शांत वातावरण मन को गहरी शांति देता है। सिर्फ आध्यात्म ही नहीं रोमांच के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास है। रिवर राफ्टिंग बंजी जंपिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियां एडवेंचर का अलग ही अनुभव कराती हैं। अगर आप आध्यात्मिक सुकून और रोमांच दोनों चाहते हैं तो ऋषिकेश आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

    सिक्किम वादियों में सजा स्वर्ग
    पूर्वोत्तर भारत का सिक्किम मार्च में रंग-बिरंगे फूलों और साफ आसमान के साथ किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ बर्फ से ढकी चोटियां और शांत वातावरण यहां की पहचान हैं। गंगटोक त्सोमगो लेक और प्राचीन बौद्ध मठों की खूबसूरती यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। साफ हवा और प्राकृतिक नज़ारे तनाव को दूर कर मन को पूरी तरह रिफ्रेश कर देते हैं। अगर आपकी ट्रैवल लिस्ट में सिक्किम अब तक सिर्फ नाम भर था तो मार्च इसे सच में देखने का सही समय है।

  • नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित

    नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित


    मध्यप्रदेश में होली के त्योहार से पहले यात्रियों के लिए राहत और चिंता दोनों तरह की खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां रेलवे ने बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है, वहीं दूसरी ओर नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च को बस ऑपरेटरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इससे यात्रियों को यात्रा योजना बनाने में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    जानकारी के अनुसार, नई परिवहन नीति के विरोध में प्रदेश के बस ऑपरेटर्स 2 मार्च को बस सेवा बंद रखेंगे। कई बसों पर हड़ताल संबंधी पर्चे भी चिपकाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से 2 मार्च को बस संचालन ठप रखने की बात कही गई है। होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले बस सेवा बंद होने की स्थिति में यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वाभाविक रूप से बस सेवा प्रभावित होने पर यात्रियों का रुख रेलवे की ओर बढ़ेगा, जिससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है।

    इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। भोपाल मंडल से रीवा, भोपाल और दानापुर के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। गाड़ी संख्या 02192/02191 एक-एक ट्रिप 28 फरवरी 2026 को संचालित करेगी। वहीं गाड़ी संख्या 02186/02185 नंबर की स्पेशल ट्रेन 2 और 3 मार्च 2026 को दो-दो ट्रिप चलेगी।

    इसके अलावा भोपाल-रीवा स्पेशल ट्रेन (01704/01703) 5 मार्च 2026 को एक ट्रिप करेगी। वहीं रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (01667/01668) 27 फरवरी और 2 मार्च को रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन 28 फरवरी और 3 मार्च को चलेगी। रेलवे के इस फैसले से त्योहार के दौरान घर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि बस हड़ताल और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ की संभावना को देखते हुए यात्रियों को समय रहते टिकट बुक कराने और वैकल्पिक यात्रा योजना तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे की वेबसाइट या अधिकृत काउंटर से अपडेट लेते रहना चाहिए।

    होली के अवसर पर हर वर्ष यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जाती है। ऐसे में बस सेवा बंद रहने और ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ के चलते यात्रा प्रबंधन प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकता है। फिलहाल रेलवे की ओर से की गई अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था को राहत भरा कदम माना जा रहा है, जबकि बस ऑपरेटरों की हड़ताल से परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ना तय है।

  • इंदौर में 'ग्रीन गोल्ड डे': दिनेश सहारा फाउंडेशन ने 1000 पौधों का किया रोपण, वॉकाथॉन से बढ़ाई पर्यावरण जागरूकता

    इंदौर में 'ग्रीन गोल्ड डे': दिनेश सहारा फाउंडेशन ने 1000 पौधों का किया रोपण, वॉकाथॉन से बढ़ाई पर्यावरण जागरूकता


    इंदौर में दिनेश सहारा फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘ग्रीन गोल्ड डे’ का आयोजन पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के संदेश को लेकर किया गया। यह कार्यक्रम न केवल प्रकृति के प्रति लोगों की जिम्मेदारी को उजागर करता है, बल्कि सनातन मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। इस खास मौके पर शहर के नागरिकों, युवाओं और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और हरित भविष्य के प्रति अपने संकल्प का प्रदर्शन किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत पितृ पर्वत पर वृक्षारोपण अभियान से हुई। यहां स्वयंसेवकों और प्रकृति प्रेमियों ने मिलकर 1,000 से अधिक पौधे लगाए। वृक्षारोपण के साथ ही गौ सेवा का आयोजन भी किया गया, जो न केवल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी इसकी अहमियत है। डॉ. दिनेश सहारा के साथ उनके परिवार के सदस्य सुरेश सहारा, नितेश सहारा और मनीष सहारा सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और इस पुनीत कार्य में हिस्सा लिया।

    शाम के समय ‘ग्रीन गोल्ड वॉकाथॉन’ का आयोजन किया गया, जो 3 किलोमीटर लंबी पदयात्रा थी। इस वॉकाथॉन में इंदौर के युवा, परिवार और बुजुर्ग भाग लेने के लिए उमड़े। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था। डॉ. दिनेश सहारा ने इस दौरान संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

    कार्यक्रम में समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इसमें रंजन नेगी, सुरेश एमजी, प्रियंशु कुमाथ, सुधींद्र मोहन शर्मा, डॉ. जगदीश यादव और पुनीत पांडे जैसे नाम शामिल थे। कार्यक्रम का समापन Walk to Heal, Sing to Feel थीम पर आधारित भजन क्लबिंग के साथ हुआ। सुरम्य भजनों ने उपस्थित लोगों को भक्ति और आत्मचिंतन के गहरे भाव से जोड़ा।

    अपने संबोधन में डॉ. दिनेश सहारा ने कहा कि हरा रंग केवल एक रंग नहीं, बल्कि जीवन की डोर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण, गौ सेवा और सामूहिक भजन ईश्वर और प्रकृति से जुड़ने के सरल माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्चा उत्सव सेवा और जीवन के संरक्षण में निहित है। डॉ. सहारा ने सभी से सतत विकास और आध्यात्मिक जागरूकता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

    ‘ग्रीन गोल्ड डे’ का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता को जोड़ने का अनूठा प्रयास माना जा रहा है। इंदौर के नागरिकों और युवा स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेकर एक संदेश दिया कि प्रकृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल एक दिन की नहीं बल्कि सतत प्रयासों से निभाई जा सकती है।

  • वल्लभ, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में GAD टीम की सख्त कार्रवाई, समय से न आने वाले अधिकारियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

    वल्लभ, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में GAD टीम की सख्त कार्रवाई, समय से न आने वाले अधिकारियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई


    मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख सरकारी भवन-वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन—में कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यालयीन समयपालन की जांच के लिए GAD की विशेष टीम तैनात की गई है। यह कदम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश पर लिया गया है, जो कार्यालयीन समय प्रबंधन को लेकर सख्त रवैया अपना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, टीम का उद्देश्य समय से कार्यालय में न पहुँचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करना और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया है कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तीनों भवनों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और किसी भी प्रकार की अनधिकृत अनुपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इस प्रक्रिया में GAD की टीम हर कार्यालय में तैनात रहेगी और समयपालन की स्थिति का विस्तृत ब्यौरा तैयार करेगी।

    सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता के लिहाज से यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही अधिकारियों को समय से कार्यालय आने की हिदायत दी थी। उनका कहना है कि पांच दिन के कार्य सप्ताह के बावजूद कई अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुँचते, जिससे प्रशासनिक काम प्रभावित होता है। इस कारण उन्होंने सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी कार्यालय समय पालन करें और कार्य सुचारू रूप से चले।

    यह निरीक्षण ऐसे समय पर किया जा रहा है जब मुख्यमंत्री राज्य के बाहर हैं। वे वर्तमान में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। आज सीएम भीलवाड़ा में उद्योगपतियों से मुलाकात कर निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेंगे, इसके बाद वे अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे और शाम को रायपुर लौटेंगे। इस दौरे के दौरान सचिवालयों में GAD टीम की तैनाती से यह संदेश स्पष्ट होता है कि समयपालन और प्रशासनिक अनुशासन को सख्ती से लागू किया जाएगा, भले ही मुख्यमंत्री दौरे पर हों।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अधिकारियों में समय पालन की भावना मजबूत होगी और कार्यालयीन कार्यों में बाधा कम होगी। वहीं, यह भी देखा जा रहा है कि ऐसे निरीक्षण से कर्मचारियों और अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ती है और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आती है। GAD की टीम आने-जाने का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगी और अनाधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में सुचारू संचालन सुनिश्चित करना और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में कोई कमी न रहने देना है। समयपालन और अनुशासन पर यह सख्त रुख मंत्रालयों में एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

  • सेवाधाम आश्रम में 51 दिन में 11 बच्चों की मौत, 50 से अधिक की हालत गंभीर; हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

    सेवाधाम आश्रम में 51 दिन में 11 बच्चों की मौत, 50 से अधिक की हालत गंभीर; हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान


    उज्जैन । अंबोदिया स्थित अंकित सेवाधाम आश्रम में बीते डेढ़ माह के भीतर 11 बच्चों की मौत ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। 20 नवंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच हुई इन मौतों में अधिकांश बच्चे बहु-दिव्यांग थे और 10 से 18 वर्ष की आयु वर्ग में आते थे। बच्चों को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल उज्जैन लाया गया था लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान बचाई नहीं जा सकी।

    इस मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास प्रमुख सचिव आयुक्त कलेक्टर उज्जैन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और आश्रम अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत ने आश्रम की निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

    शासकीय चरक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 2025 में 8 और जनवरी 2026 में 2 बच्चों की मौत हुई। सभी मामलों में पोस्टमॉर्टम शासकीय चरक भवन अस्पताल में थाना भैरवगढ़ पुलिस की मौजूदगी में कराया गया। अस्पताल के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया कि अधिकांश बच्चों में एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियां पाई गईं और कुछ को मृत अवस्था में लाया गया जबकि कुछ की इलाज के दौरान मौत हुई।

    अंकित सेवाधाम आश्रम में वर्तमान में लगभग 250 निराश्रित और दिव्यांग बच्चे रह रहे हैं जिनमें से 50 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने कहा कि आश्रम में आने वाले अधिकांश बच्चे पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं। कई बच्चे स्वयं चलने-उठने या भोजन करने में असमर्थ हैं।

    करीब 1.5 साल पहले इंदौर के युग पुरुष धाम आश्रम में बच्चों की मौत और बीमारी के मामलों के बाद प्रशासन ने उस आश्रम की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके बाद वहां रह रहे 86 दिव्यांग बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया गया जिनमें अधिकांश मृतक भी शामिल थे।

    सुधीर भाई गोयल ने कहा कि मृतक बच्चे पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। उनमें सांस लेने में कठिनाई खून की कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों का इलाज पहले से ही विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा था और उनकी गंभीर स्थिति के कारण उन्हें आश्रम में रखा गया।

    मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हाईकोर्ट ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत के नोटिस के बाद आश्रम और संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी और कड़ी करने की संभावना जताई जा रही है।

  • वजन घटाना हुआ आसान: तमन्ना भाटिया और फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह की टिप्स

    वजन घटाना हुआ आसान: तमन्ना भाटिया और फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह की टिप्स


    नई दिल्ली।बॉलीवुड एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की फिटनेस का राज उनके ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह ने अब सबके सामने साझा किया है। वजन घटाने की चाहत रखने वाले अक्सर भारी एक्सरसाइज और महंगी डाइट प्लान की ओर रुख करते हैं, लेकिन सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि वजन कम करने के लिए सबसे आसान तरीका रोज़मर्रा की थाली में संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो में बताया कि नई डाइट लेने की बजाय अपनी प्लेट स्ट्रक्चर को सही करना ज्यादा प्रभावी साबित होता है।

    सिद्धार्थ के अनुसार हर खाने की थाली में तीन मुख्य घटक होने चाहिए। पहला और सबसे अहम हिस्सा है पाम प्रोटीन। इसमें आप चिकन, पनीर, टोफू, दाल या अंडे शामिल कर सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि दिन के हर खाने में प्रोटीन का होना जरूरी है। बिना प्रोटीन के वजन घटाना मुश्किल है क्योंकि यह मसल्स को बनाए रखने और शरीर की चर्बी कम करने में मदद करता है।

    दूसरा हिस्सा है स्मार्ट कार्ब्स। आम धारणा है कि कार्ब्स खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन सिद्धार्थ इसे गलत मानते हैं। यदि कार्ब्स सही मात्रा और सही समय पर शामिल किए जाएं, तो यह वजन घटाने में सहायक हो सकते हैं। इसके लिए आप अपनी प्लेट में एक मुट्ठी रोटी, चावल या शकरकंद जैसी चीजें ले सकते हैं। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और आप दिनभर एक्टिव रहते हैं।

    तीसरा और महत्वपूर्ण हिस्सा है सब्जियां। हर प्लेट में कम से कम दो मुट्ठी हरी सब्जियों का होना जरूरी है। इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और बार-बार खाने की इच्छा को कम करती है। फाइबर का सेवन मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है और वजन घटाने की प्रक्रिया को तेज करता है।

    सिद्धार्थ सिंह बताते हैं कि कई बिजी प्रोफेशनल्स जो केवल 5 से 7 किलो वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें कार्ब्स पूरी तरह से हटाने की जरूरत नहीं है। असली फर्क संतुलित प्लेट स्ट्रक्चर से आता है। प्रोटीन, स्मार्ट कार्ब्स और हरी सब्जियों का सही अनुपात रखने से वजन घटाना सरल और स्वस्थ दोनों होता है।

    इसके अलावा सिद्धार्थ ने कहा कि छोटी-छोटी आदतें भी असर डालती हैं। खाने से पहले पानी पीना, धीमी गति से खाना, और रात के समय हल्का खाना शरीर को डिटॉक्स करने और वजन नियंत्रित करने में मदद करता है। इस तरीके को अपनाकर किसी भी व्यक्ति को अतिरिक्त मेहनत किए बिना फिटनेस और वजन में सुधार महसूस हो सकता है।

    वास्तव में, फिट रहने के लिए जरूरी नहीं कि आप महंगी डाइट प्लान या जिम में घंटों समय बिताएं। सही प्लेट स्ट्रक्चर, संतुलित भोजन और थोड़ी जागरूकता से वजन कम करना हर किसी के लिए संभव है। यदि आप भी वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आज ही अपनी प्लेट को संतुलित करने की शुरुआत करें और छोटे-छोटे बदलाव को जीवनशैली में शामिल करें।

  • विदेशी नागरिकों के आधार पर सख्ती: वीजा खत्म होते ही होगा निष्क्रिय, OCI और नेपाल-भूटान नागरिकों के लिए 10 साल तक वैध

    विदेशी नागरिकों के आधार पर सख्ती: वीजा खत्म होते ही होगा निष्क्रिय, OCI और नेपाल-भूटान नागरिकों के लिए 10 साल तक वैध


    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने विदेशियों के आधार कार्ड की वैधता को लेकर नए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब स्पष्ट कर दिया गया है कि भारत में वीजा लेकर रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों का आधार कार्ड उनकी कानूनी स्थिति और वीजा की अवधि से सीधे जुड़ा रहेगा। इसका मतलब यह है कि वीजा समाप्त होते ही आधार कार्ड स्वतः निष्क्रिय डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा जिससे फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर कड़ी रोक लगेगी।

    सरकार ने बताया कि ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्डधारक जिनका भारतीय मूल से संबंध है और जिन्हें लंबी अवधि तक रहने की विशेष अनुमति प्राप्त है उनके आधार कार्ड 10 वर्षों तक मान्य रहेंगे। 10 साल के बाद उन्हें आधार को नवीनीकरण या अपडेट करवाना होगा। इस प्रकार OCI कार्डधारकों को स्थायी रूप से आधार से जुड़े लाभों और सेवाओं का फायदा मिलता रहेगा।

    लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत में रह रहे अन्य विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड केवल उनके वीजा की अवधि तक ही वैध होंगे। इसी तरह टूरिस्ट बिजनेस स्टूडेंट और अन्य श्रेणी के वीजा पर आने वाले विदेशी नागरिकों का आधार कार्ड भी वीजा समाप्त होते ही निष्क्रिय कर दिया जाएगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। भारत के साथ विशेष संबंध वाले इन देशों के नागरिकों के आधार कार्ड 10 वर्षों तक वैध रहेंगे। यह प्रावधान उन सुविधाओं और लंबी अवधि के प्रवास को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है ताकि उनके लिए आधार से जुड़े लाभ जारी रह सकें।

    सरकार का कहना है कि पिछली कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए थे जहां वीजा समाप्त होने के बावजूद विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार बनवा लेते थे और देश में रहते थे। नई व्यवस्था के तहत अब आधार कार्ड की वैधता सीधे व्यक्ति की कानूनी स्थिति और वीजा अवधि से जुड़ी होगी। इससे सरकारी योजनाओं बैंकिंग सेवाओं और अन्य सुविधाओं में किसी भी तरह के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।

    विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आधार की निगरानी प्रणाली को और सख्त बनाया जाएगा। डिजिटल माध्यम और तकनीकी उपकरणों की मदद से वीजा समाप्त होते ही संबंधित आधार कार्ड स्वतः निष्क्रिय कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी विदेशी नागरिक केवल वैध आधार के माध्यम से ही सेवाओं का लाभ उठा सकें।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम न केवल सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि विदेशी नागरिकों और भारतीय नागरिकों के बीच पारदर्शिता और विश्वास को भी मजबूत करेगा। इससे फर्जी दस्तावेजों के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी और आधार प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहेगी।

  • शिवपुरी सुसाइड मिस्ट्री: 'रेप' के आरोपी प्रेमी के संग नाबालिग ने दुनिया को कहा अलविदा, गले में मंगलसूत्र और नीम के पेड़ पर मिले दो शव

    शिवपुरी सुसाइड मिस्ट्री: 'रेप' के आरोपी प्रेमी के संग नाबालिग ने दुनिया को कहा अलविदा, गले में मंगलसूत्र और नीम के पेड़ पर मिले दो शव


    शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने कानून और मानवीय भावनाओं के बीच के द्वंद्व को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक प्रेमी युगल के शव नीम के पेड़ से लटके हुए मिले हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में प्रेम, पुलिस केस और जेल की एक लंबी कहानी छिपी है। मृतक की पहचान 19 वर्षीय जितेंद्र धाकड़ और 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के रूप में हुई है। यह घटना केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि उस जटिलता का उदाहरण है जहाँ एक प्रेमिका ने ही पहले अपने प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

    घटनाक्रम की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब जितेंद्र उक्त नाबालिग लड़की को लेकर भाग गया था। परिजनों की शिकायत पर बदरवास पुलिस ने कार्रवाई की और 8 नवंबर 2025 को जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच और नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। कानूनी दस्तावेजों में जो शख्स एक अपराधी और बलात्कारी के रूप में दर्ज था, उसके लिए नाबालिग के मन में शायद कुछ और ही चल रहा था।

    11 फरवरी को जितेंद्र जमानत पर जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद दोनों ने फिर से संपर्क किया और बीते 24 फरवरी को वे एक बार फिर अपने-अपने घरों से रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए। परिजनों की तलाश और पुलिस की सक्रियता के बीच, बुधवार सुबह गुड़ा रोड स्थित एक खेत में नीम के पेड़ पर दोनों की लाशें फांसी के फंदे से लटकती पाई गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि मृत नाबालिग के गले में मंगलसूत्र मिला है, जो इस ओर इशारा करता है कि मरने से पहले या भागने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर विवाह कर लिया था।

    घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह वाकई सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे ‘ऑनर किलिंग’ जैसी कोई गहरी साजिश? पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं-लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस युवक को लड़की ने जेल भिजवाया था, उसी के साथ उसने मौत का रास्ता क्यों चुना। फिलहाल, पीएम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार है, जिसके बाद ही इस खौफनाक अंत की असली वजह साफ हो पाएगी।

  • सेवढ़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या, मुख्य आरोपी रवि बघेल गिरफ्तार

    सेवढ़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या, मुख्य आरोपी रवि बघेल गिरफ्तार


    दतिया/ सेवढ़ा। अंगद सरकार मंदिर के पास स्थित व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 17 फरवरी की यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा बताई जा रही है। हत्या के मुख्य आरोपी रवि बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने अखलेश यादव पर हमला करने के लिए मौका देख कर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

    घटना के समय क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। वारदात का तरीका और स्थान यह संकेत दे रहे थे कि हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। मंदिर परिसर के पास हत्या के दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई थी। पुलिस ने तुरंत ही क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

    पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना स्थल और साक्ष्यों को देखकर हमें शक हुआ कि यह किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा है। आरोपी की पहचान और उसके इरादों का पता लगाने के लिए तकनीकी और फील्ड साक्ष्यों का उपयोग किया गया। पुलिस ने लगातार दबिश दी और 25 फरवरी को पुख्ता सूचना मिलने पर रवि बघेल को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी के चलते की गई थी। उसने स्पष्ट किया कि उसका मकसद अखलेश यादव को रास्ते से हटाना था और मौका मिलते ही उसने पत्थर से हमला कर हत्या को अंजाम दिया। इस खुलासे के बाद इलाके में कुछ हद तक राहत महसूस की गई, क्योंकि मुख्य आरोपी अब पकड़ में आ चुका है।

    पुलिस फिलहाल यह भी जांच कर रही है कि इस हत्या में और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रवि बघेल के अलावा अन्य किसी की भूमिका है या नहीं, इसे लेकर छानबीन जारी है। सभी पहलुओं पर ध्यान देकर हम सुनिश्चित करेंगे कि न्याय के मार्ग में कोई बाधा न आए।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मामले से संबंधित किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें ताकि जांच में तेजी लाई जा सके। यह हत्या मामले ने एक बार फिर इस बात को स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत रंजिश कभी-कभी जानलेवा हो सकती है।